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एमपी में नए साल का जश्न: महिला क्रिकेट टीम ने महाकाल के दर्शन किए, मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालु की भीड़

भोपाल  मध्यप्रदेश में 2025 की विदाई और 2026 का स्वागत धूमधाम से हुआ। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में लोग रातभर उत्सव मनाते रहे। पचमढ़ी और मांडू में भी खुशी का माहौल देखने को मिल रहा है। रात 12 बजे हैप्पी न्यू ईयर की आवाज सुनाई दी। नए साल के पहले दिन गुरुवार, 1 जनवरी को प्रदेशभर में धार्मिक माहौल बना हुआ है। पचमढ़ी में सूर्य को अर्ध्य देने के बाद योग किया गया। वहीं, उज्जैन में महाकाल मंदिर में लाखों श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे हैं। उज्जैन का महाकाल मंदिर बना श्रद्धालुओं का प्रमुख केंद्र नए साल पर उज्जैन के महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई है। भस्मारती में श्रद्धालु सुबह से ही शामिल होने लगे थे। हजारों लोग मंदिर के बाहर खड़े होकर भस्मारती देख रहे थे। मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता बुधवार से ही लगना शुरू हो गया था। नए साल के पहले दिन सुबह 4 बजे से भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह 9 बजे तक करीब 80 हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। सुरक्षा के लिए मंदिर में ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। शहर के सभी होटल भी पूरी तरह से भरे हुए हैं। दिल्ली के मंदिरों में भक्तों की भीड़ दिल्ली में झंडेवालान मंदिर और कालकाजी मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालु पहुंचे। झंडेवालान मंदिर में मां दुर्गा के दर्शन के लिए लोग लाइन में खड़े होकर इंतजार करते दिखे हैं। इसी तरह कालकाजी मंदिर में भी भक्तों ने देवी के सामने सिर झुकाकर नए साल की खुशियां मांगी है। लोधी रोड स्थित साई बाबा मंदिर में भी सुबह की आरती में काफी लोग शामिल हुए। मुंबई में सिद्धिविनायक मंदिर रहा केंद्र मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में नए साल के पहले दिन हजारों श्रद्धालु जुटे। गणपति बप्पा के दर्शन के लिए लोग रात से ही लाइन लगाने लगे थे। मंदिर ट्रस्ट ने विशेष इंतजाम किए हैं, ताकि भीड़ को संभाला जा सके। सुबह की पहली आरती में शामिल होने वालों की संख्या बहुत ज्यादा थी। भक्तों ने प्रसाद चढ़ाया, घंटियां बजाईं और मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना की। उज्जैन में महाकालेश्वर की भस्म आरती मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर में सुबह की भस्म आरती का नजारा अद्भुत दिखा। लाखों भक्त बाबा महाकाल के दर्शन के लिए जुटे। भस्म आरती के दौरान मंदिर में पूरा वातावरण भक्ति से भर गया। लोग दूर से आए हैं, ताकि नए साल की शुरुआत महाकाल के चरणों में करें। मंदिर प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की थी। वाराणसी में काशी विश्वनाथ की मंगला आरती वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर में भी सुबह की मंगला आरती में भक्तों की भारी भीड़ है। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए लोग घंटों इंतजार करते रहे। आसपास के घाटों पर भी गंगा आरती हुई, जहां लोग नए साल की शुभकामनाएं देते दिखे। महिला क्रिकेट टीम ने किए महाकाल के दर्शन मध्यप्रदेश में नए साल के पहले दिन मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में सुबह 9 बजे तक करीब एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। विश्वकप विजेता महिला क्रिकेट टीम की सदस्य भी बाबा का आशीर्वाद लेने पहुंची। इससे पहले 2025 की विदाई और 2026 के वेलकम के लिए रात में ग्रैंड सेलिब्रेशन हुआ। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर-जबलपुर हो या उज्जैन, पचमढ़ी, मांडू। देर रात तक पूरा प्रदेश जश्न में डूबा रहा। रात ठीक 12 बजे हैप्पी न्यू ईयर गूंज उठा। ओंकारेश्वर, ओरछा और अन्य प्रमुख मंदिरों में उमड़ी भीड़ उज्जैन के अलावा, ओंकारेश्वर, ओरछा, मैहर, नलखेड़ा और देवास के मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। खासकर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग का फूलों से सजा गर्भगृह श्रद्धालुओं का ध्यान खींच रहा है। ओंकारेश्वर में सुबह 5 बजे मंगला आरती के बाद दर्शन शुरू हुए। श्रद्धालु लंबी कतारों में लगकर भगवान के दर्शन कर रहे हैं। चिंतामन गणेश मंदिर में भी श्रद्धालुओं का उत्साह सीहोर के प्राचीन चिंतामन गणेश मंदिर में भी नए साल पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही है। यह मंदिर पेशवा कालीन श्री गणेश धाम है। इस बार विशेष व्यवस्था के तहत श्रद्धालु कतार में लगकर दर्शन कर रहे हैं। कोहरे और ठंड के बावजूद लोग बड़ी संख्या में भगवान गणेश के दर्शन करने पहुंचे हैं। दमोह में भगवान जागेश्वरनाथ के दर्शन दमोह जिले के जागेश्वरनाथ धाम बांदकपुर में नए साल पर श्रद्धालु पहुंचे हैं। यहां भगवान जागेश्वरनाथ को 13वें ज्योतिर्लिंग के रूप में पूजा जाता है। खास बात यह है कि यहां दर्शन करने से यात्रा का फल मिलता है। इसी कारण श्रद्धालु सालभर इस पवित्र स्थल पर आते रहते हैं। गुना में हनुमान टेकरी मंदिर में श्रद्धालुओं का उमड़ा हुजूम गुना के हनुमान टेकरी मंदिर में भी नए साल पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही है। यहां सुबह 7 बजे भगवान बजरंग बली की आरती हुई। इसके साथ ही, दिनभर यहां एक लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के दर्शन करने की संभावना जताई जा रही है। आनंद की नगरी मांडू में भी नए साल का जश्न एमपी की सिटी ऑफ जॉय मांडू में भी नए साल का जश्न धूमधाम से मनाया जा रहा है। रात में नाच-गाना और कैंप फायर जैसी गतिविधियों के साथ आनंद की नगरी में उत्सव का माहौल था। मांडू के रानी रूपमती होटल पर आदिवासी संस्कृति की विशेष झलक देखने को मिल रही है। इंदौर, भोपाल और अन्य मंदिरों में भी भीड़ इंदौर के खजराना और बड़ा गणपति मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। वहीं, भोपाल के भोजपुर मंदिर, बिड़ला मंदिर, सीहोर के चिंतामन गणेश मंदिर समेत ओरछा और नलखेड़ा के मंदिरों में भी श्रद्धालु बड़े धूमधाम से दर्शन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने इंदौर के अस्पतालों में पहुँचकर दूषित जल से बीमार मरीजों का जाना हालचाल

घबराने की जरुरत नहीं है राज्य शासन आपके साथ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने इंदौर के अस्पतालों में पहुँचकर दूषित जल से बीमार मरीजों का जाना हालचाल मुख्यमंत्री इन्दौर के भागीरथपुरा के प्रभावितों और परिजनों से मिले मुख्यमत्री ने कलेक्टर वर्मा को नि:शुल्क चिकित्सा उपलब्ध कराने के दिये निर्देश इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन्दौर के भागीरथपुरा में दूषित जल पीने से पीड़ित और प्रभावितों से मिलकर भरोसा दिलाते हुए कहा कि चिंता न करें, सब कुछ अब ठीक होगा। आप सभी पूर्णत: स्वस्थ होकर अपने घर सकुशल पहुँचेंगे। यहाँ आपको बेहतर से बेहतर उपचार नि:शुल्क दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर को निर्देशित किया कि सभी प्रभावितों का नि:शुल्क उपचार सुनिश्चित किया जाये साथ ही इसकी निगरानी भी हो। यह सुनिश्चित किया जाये कि प्रभावितों को किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभावितों और उनके परिजनों से कहा कि राज्य शासन आपके साथ है। उन्होंने प्रभावितों तथा परिजनों के जीवन निर्वाह, कामकाज आदि के बारे में भी जाना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सा विशेषज्ञ और अस्पताल स्टॉफ से भी चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने अधिकरियों और चिकित्सकों को निर्देश दिये कि वे अस्पताल में भर्ती प्रभावितों के उपचार में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं रखें। प्रभावितों को बेहतर से बेहतर सुविधाएँ, नि:शुल्क दवायें, इंजेक्शन, जाँच और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाये। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने अधिकारियों को कहा कि यह सुनिश्चित करें कि नागरिकों को शुद्ध पेयजल मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में भागीरथपुरा में हुई घटना के प्रभावितों से मिलने 31 दिसम्बर की शाम को परदेशीपुरा स्थित वर्मा अस्पताल, नंदानगर स्थित बीमा अस्पताल,एमआईजी चौराहा स्थित डीएनएस अस्पताल, रेसकोर्स रोड़ स्थित शैल्बी अस्पताल, एम.वाय.अस्पताल सहित विभिन्न अस्पतालों में पहुँचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभावितों से अस्पताल में उपलब्ध कराए जा रहे उपचार तथा अस्पताल में भर्ती होने के पूर्व निर्मित हुई स्थितियों के बारे में और उनके कामकाज आदि के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों और प्रशासनिक अधिकारियों से चिकित्सा व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की। इस मौके पर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्पमित्र भार्गव, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, गोलू शुक्ला, अतिरिक्त मुख्य सचिव नगरीय प्रशासन संजय दुबे, अतिरिक्त मुख्य सचिव सीएम सचिवालय नीरज मण्डलोई, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाडे़, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव,एमआईसी सदस्य बबलू शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।  

CG News: सरपंच ने रेप करने की कोशिश की

बिलासपुर.  न्यायधानी बिलासपुर में घर में घुसकर महिला के साथ छेड़खानी का गंभीर मामला सामने आया है। गांव के सरपंच पर यह आरोप लगाया गया है। घटना से आहत पीड़िता ने जहर का सेवन कर लिया, जिसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मामला जिले के पचपेड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम सुलौनी का है। पीड़िता का पति और परिवार बाहर गए हुए थे, महिला घर में अकेली सो रही थी। इसी दौरान गांव के सरपंच, धनेश साहू, घर में घुसकर उससे छेड़खानी करने लगे। आरोप है कि सरपंच ने पीड़िता के साथ अश्लील हरकत की। घबराई हुई पीड़िता चिल्लाते हुए घर से बाहर निकली। शोर सुनकर आसपास के लोग पहुंचे और उन्होंने आरोपी को घर से भागते हुए देखा। घटना से आहत पीड़िता ने जहर खा लिया, जिसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।  

दिल्ली-NCR के उपभोक्ताओं को न्यू ईयर तोहफा, PNG गैस हुई सस्ती

नई दिल्ली  दिल्ली-एनसीआर के घरेलू उपभोक्ताओं के लिए नए साल का तोहफा देते हुए इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की कीमतों में कटौती की घोषणा की है। कंपनी ने बताया कि नए साल की शुरुआत से पीएनजी के दाम 70 पैसे प्रति मानक घनमीटर (SCM) कम हो जाएंगे। इस कटौती के बाद दिल्ली में नई कीमत 47.89 रुपये और गुरुग्राम में 46.70 रुपये प्रति एससीएम होगी जबकि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के उपभोक्ताओं को अब 47.76 रुपये प्रति एससीएम का भुगतान करना होगा।   न्यू ईयर पर कम किए दाम देश की सबसे बड़ी सिटी गैस रिटेलर इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) दिल्ली-एनसीआर में पाइप सप्लाई के जरिए प्राकृतिक गैस का वितरण करती है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने दिल्ली-एनसीआर के अपने उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत देते हुए पाइप के जरिये घरों में आपूर्ति की जाने वाली (पीएनजी) की कीमतों में नए साल पर कटौती की घोषणा की। दिल्ली में कितनी कीमत? कंपनी ने बुधवार को बताया कि नये साल से वह दिल्ली-एनसीआर में पीएनजी की कीमतों में 70 पैसे प्रति मानक घनमीटर (एससीएम) कम करेगी। कटौती के बाद दिल्ली के उपभोक्ताओं को पीएनजी की नई कीमत 47.89 रुपये प्रति एससीएम होगी। एनसीआर के शहरों में कितना देना होगा कीमतों में कटौती के बाद गुरुग्राम में पीएनजी की कीमत 46.70 रुपये प्रति एससीएम होगी। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में पीएनजी की कीमतें 47.76 रुपये प्रति एससीएम होगी। कंपनी ने नए साल का स्वागत करते हुए स्वच्छ ईंधन को आम लोगों के बजट के दायरे में लाने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई है। PNGRB के ऐलान के बाद पहल कंपनी ने बताया कि कीमतों में यह पहल पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) की ओर से हाल ही में गैस पाइपलाइन शुल्क व्यवस्था में किए गए बदलाव के बाद की गई है। बता दें कि प्राकृतिक गैस का उपयोग बिजली उत्पादन, उर्वरक विनिर्माण, वाहन ईंधन और और घरेलू रसोई में किया जाता है। टैरिफ में किए थे बदलाव कीमतों में यह कमी सेक्टर रेगुलेटर पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (PNGRB) की ओर से पाइपलाइन टैरिफ में हाल ही में किए गए बदलाव के बाद सामने आई है। पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड ने बीते 16 दिसंबर को पीएनजी के लिए एक तर्कसंगत टैरिफ स्ट्रक्चर की घोषणा की थी। जारी बयान में कहा गया है कि 1 जनवरी से प्रभावी संशोधित टैरिफ से नेचुरल गैस ट्रांसपोर्टेशन के उपभोक्ताओं बड़ी राहत मिलेगी।

बुरहानपुर जल आवर्धन योजना से बदल रही तस्वीर

भोपाल  ताप्ती नदी आधारित ‘‘जल आवर्धन योजना’’ से बुरहानपुर शहर को एक आधुनिक, सुरक्षित और भरोसेमंद जल आपूर्ति प्रणाली मिली है। परियोजना का क्रियान्वयन मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड और नगरपालिक निगम बुरहानपुर द्वारा किया गया है। बुरहानपुर शहर में बढ़ती जनसंख्या और बदलती जीवन शैली के बीच सुरक्षित पेयजल की आवश्यकता पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। बुरहानपुर शहर की जल वितरण अधोसंरचना पुरानी हो गई थी, जिससे जलापूर्ति ट्यूबवेलों लीकेज, गंदगी की मिलावट का खतरा था। गिरता भूजल स्तर जल की भविष्य की सुचारू उपलब्धता संकट था। 50 एमएलडी क्षमता का आत्याधुनिक जलशोधन संयंत्र इन चुनौतियों को दूर करने के लिए ताप्ती नदी आधारित नई जलप्रदाय प्रणाली विकसित की गई है। इसके तहत एनीकट, इंटेकवेल और 50 एमएलडी क्षमता का अत्याधुनिक जलशोधन संयंत्र स्थापित किया गया है। जल शोधन संयंत्र में पानी को फिल्ट्रेशन क्लोरीनेशन और अन्य वैज्ञानिक प्रक्रियाओं से शुद्ध किया जाता है। स्काडा प्रणाली से गुणवत्ता और आपूर्ति की निरंतर निगरानी की जाती है। पानी की क्वालिटी की रोज़ाना मॉनिटरिंग के लिए डब्ल्यूटीपी में एक हाई-लेवल वॉटर टेस्टिंग लैब भी स्थापित की गई है। शुद्ध जल को 8 नए ओवरहेड टैंक और बेहतर पाइप नेटवर्क से शहर के प्रत्येक हिस्से तक पहुंचाया जा रहा है। 41 हजार घरों में मीटर युक्त नल कनेक्शन योजना के अंतर्गत पुराने और क्षतिग्रस्त पाइपों को हटाकर नया वितरण नेटवर्क बिछाया गया है। बुरहानपुर में लगभग 41 हजार घरों में मीटरयुक्त नल कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं, इससे लीकेज पर नियंत्रण हुआ है, जल के अपव्यय में कमी आई है और जल वितरण व्यवस्था अधिक सुचारु हुई है। वर्तमान में नगरवासियों को प्रति व्यक्ति लगभग 135 लीटर शुद्ध पेयजल प्रतिदिन मिल रहा है। बुरहानपुर में 275 ट्यूबवेल से जलापूर्ति की जा रही थी, नई प्रणाली से टैंकरों और ट्यूबवेल पर निर्भरता लगभग समाप्त हुई है। क्षेत्र में निरंतर गिरते भूजल स्तर के की समस्या का भी निराकरण होगा। योजना के क्रियान्वयन से लगभग 8 करोड़ की बचत होगी। अब तक नगर निगम द्वारा भूजल आधारित योजना के संचालन संधारण पर वार्षिक व्यय लगभग रूपये 10 से 12 करोड़ था। अब यह व्यय लगभग रूपये 4 करोड़ होगा। सतत सम्पर्क से संभव हुआ योजना का क्रियान्वयन प्रत्येक घर में पंजीकृत नल कनेक्शन सुरक्षित जल उपयोग, स्वच्छता, स्वास्थ्य और सामुदायिक जिम्मेदारी के प्रति स्थायी व्यवहार परिवर्तन की सोच के साथ, एमपीयूडीसी द्वारा व्यापक स्तर पर संपर्क किया गया। नवीन जल तंत्र में विश्वास को जगाना एक बड़ी चुनौती थी। इसके लिए घर-घर सर्वेक्षण, सामुदायिक परामर्श और फोकस समूह बैठकें और व्यापक सामाजिक आंकलन किया गया। परियोजना के पूर्ण होने के बाद जलजनित रोगों में भी गिरावट दर्ज की गई है। बुरहानपुर जल आवर्धन योजना ने शहर को सुरक्षित, स्वच्छ और सतत् जल आपूर्ति की मजबूत नींव दी है। यह पहल स्वास्थ्य के साथ पर्यावरण संरक्षण को मजबूती भी दे रही है।  

हरदा बना अंतर्राष्ट्रीय शतरंज का केंद्र, रैपिड चेस टूर्नामेंट का भव्य आयोजन

भोपाल  अंतर्राष्ट्रीय शतरंज टूर्नामेंट का भव्य आयोजन हरदा जिले में होने जा रहा है। यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट हरदा जिला शतरंज संगठन के तत्वाधान में इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के अनुरूप संपन्न होगा, जिसमें देश-प्रदेश सहित विभिन्न स्थानों के ख्याति प्राप्त और रेटेड खिलाड़ी अपने खेल का जौहर दिखाएंगे। इस टूर्नामेंट की तिथि शतरंज फेडरेशन द्वारा 24 जनवरी शनिवार निर्धारित की गई है। यह टूर्नामेंट कलेक्टर निवास के सामने, इंदौर रोड हरदा डिग्री कॉलेज में होगा, जिसमें देश-विदेश के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। यह इंटरनेशनल चेस टूर्नामेंट 24 जनवरी राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बालिकाओं को समर्पित रहेगा। इसमें बड़ी संख्या में बालिकाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए जिले एवं आसपास के विद्यालयों और महाविद्यालयों से संपर्क कर उन्हें प्रेरित किया जाएगा। साथ ही खिलाड़ियों के खेल स्तर को बेहतर बनाने हेतु पूर्व में प्रशिक्षण-सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन ने बताया कि शतरंज के शौकीनों और खिलाड़ियों के लिए यह एक बेहतरीन मौका है, जहां वे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं। टूर्नामेंट में कुल 1 लाख 51 हजार रुपये की इनामी राशि और ट्रॉफियां रखी गई है। यह एक रेपिड टूर्नामेंट होगा, जिसमें प्रत्येक खिलाड़ी को 15 मिनट और प्रति चाल 5 सेकंड का अतिरिक्त समय मिलेगा। उन्होंने बताया कि टूर्नामेंट के लिये ओपन श्रेणी हेतु 750 रुपये तथा हरदा के स्थानीय खिलाड़ियों के लिये 500 रूपये एन्ट्री फीस निर्धारित की गई है। जीएम/डब्ल्यूजीएम/डब्ल्यूआईएम खिताब धारकों और 2300 से ऊपर रेटेड खिलाड़ियों के लिए प्रवेश निःशुल्क है। इसके अलावा दिव्यांग खिलाड़ियों को एंट्री फीस में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इच्छुक खिलाड़ी ब्रोशर लिंक https://circlechess.com/brochure?id=49722 व पंजीकरण लिंक https://circlechess.com/registration?id=49722 के माध्यम से टूर्नामेंट के आयोजन के संबंध में जानकारी प्राप्त कर अपना पंजीयन करा सकते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा: पेयजल आपूर्ति में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी

शुद्ध पेयजल आपूर्ति हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता, लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भागीरथपुरा जलजनित घटना की पुनरावृत्ति रोकने के होंगे पूरे इंतजाम प्रभावित क्षेत्रों का नगरीय प्रशासन अपर मुख्य सचिव करेंगे भ्रमण, देंगे रिपोर्ट मुख्यमंत्री ने इंदौर में जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ की संयुक्त बैठक इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई जलजनित घटना के संबंध में जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आज इंदौर में समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना की पृष्ठभूमि, वर्तमान स्थिति और अब तक की गई व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली तथा स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस संबंध में लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थिति पर सतत निगरानी एवं त्वरित निर्णय सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे को इंदौर में ही तैनात रहने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि नगर निगम की आवश्यकता को देखते हुए पर्याप्त अमला और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि जलापूर्ति और सीवरेज व्यवस्था को मजबूत किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रारंभिक स्तर पर हुई लापरवाही की जांच की जा रही है। विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने घटना को दु:खद बताते हुए कहा कि इससे सबक लेकर भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए सरकार पूरी दृढ़ता से कदम उठाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में टैंकरों के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। जलापूर्ति पुनः प्रारंभ होने पर कहीं भी लीकेज या प्रदूषण की आशंका पाए जाने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के लगभग 60 प्रतिशत हिस्से में जलापूर्ति शुद्ध पाई गई है, जबकि शेष हिस्सों में पुरानी एवं क्षतिग्रस्त लाइनों के कारण समस्या सामने आई है, जिन्हें दुरुस्त किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, शासकीय एवं निजी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की तत्परता की सराहना की। उन्होंने कहा कि सभी के समन्वित प्रयासों से इस आपात स्थिति को नियंत्रित किया गया और प्रभावित नागरिकों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया गया है। बैठक में बताया गया कि शहर के भागीरथपुरा वार्ड क्रमांक में गंदे पानी की आपूर्ति की आशंका सामने आने के बाद त्वरित कार्रवाई की गई। बीते दो-तीन दिनों में लगभग 40 हजार से अधिक नागरिकों की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें 2 हजार 456 संदिग्ध मामलों में लक्षण पाए गए। इनमें से 212 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया गया, जिनमें 50 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि 162 मरीजों का उपचार जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वे स्वयं जनप्रतिनिधियों के साथ विभिन्न अस्पतालों में जाकर मरीजों से मिले हैं और अधिकांश मरीजों की स्थिति स्थिर है। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति रोकने के संबंध में अपने महत्वपूर्ण सुझाव भी दिये। बैठक में इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्थिति के संबंध में जानकारी दी। इस मौके पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट,सांसद शंकर लालवानी, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, गोलू शुक्ला, अपर मुख्य सचिव सीएम सचिवालय नीरज मण्डलोई, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाडे़, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव,एमआईसी मेम्बर अभिषेक शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित थे।  

रायपुर: धान खरीदी तिहार बना किसानों के लिए खुशहाली की वजह, पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ा भरोसा

रायपुर : धान खरीदी तिहार किसानों के लिए खुशियों और राहत की सौगात ऑनलाइन टोकन, पारदर्शी व्यवस्था और समयबद्ध भुगतान से बढ़ा किसानों का भरोसा रायपुर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत प्रदेशभर में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। शासन की इस किसान-हितैषी व्यवस्था ने खेतों में महीनों की मेहनत करने वाले अन्नदाताओं को आर्थिक संबल और आत्मविश्वास प्रदान किया है। मौसम की अनिश्चितताओं और कठिन परिश्रम के बीच तैयार की गई फसल का उचित मूल्य समय पर मिलने से किसानों के चेहरे पर संतोष और भरोसे की मुस्कान दिखाई दे रही है। प्रदेश के सभी धान उपार्जन केंद्रों में खरीदी की प्रक्रिया तेज, सुव्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से संचालित की जा रही है। ऑनलाइन एवं ऑफलाइन टोकन व्यवस्था, सरल प्रक्रिया और समयबद्ध भुगतान ने किसानों को अनावश्यक प्रतीक्षा और असुविधा से मुक्त किया है। डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग से खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और भरोसा दोनों बढ़े हैं। इसी क्रम में धान उपार्जन केंद्र पेंड्री पहुंचे किसान नरेश रात्रे ने 30.80 क्विंटल धान का विक्रय किया। उन्होंने बताया कि बीज, खाद, सिंचाई और श्रम पर आने वाली लागत के बाद जब उपज का उचित मूल्य समय पर मिल जाता है, तो किसान का मनोबल कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि केंद्र में नमी परीक्षण, तौल और टोकन वितरण की पूरी प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी और व्यवस्थित है। किसान रात्रे ने विशेष रूप से “तुंहर टोकन” मोबाइल ऐप की सराहना करते हुए कहा कि इस डिजिटल सुविधा ने भीड़, लंबी कतारों और अनावश्यक इंतजार की समस्या को समाप्त कर दिया है। घर बैठे ऑनलाइन टोकन बुक कर निर्धारित समय पर केंद्र पहुंचने से धान की खरीदी सुगमता से हो जाती है, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की यह व्यवस्था किसानों की मेहनत को सही सम्मान देने वाली है। धान उपार्जन केंद्रों पर छांव, पेयजल, शौचालय सहित सभी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता से किसानों को सम्मानजनक और सुविधाजनक वातावरण मिल रहा है। प्रदेशभर में जिला प्रशासन द्वारा धान खरीदी केंद्रों की सतत निगरानी की जा रही है। बेहतर प्रबंधन, डिजिटल प्रणाली और प्रशासनिक सक्रियता के कारण राज्य में धान खरीदी कार्य पूर्ण पारदर्शिता, गति और सुगमता के साथ संपन्न हो रहा है, जिससे किसान वर्ग में संतोष और विश्वास का वातावरण निर्मित हुआ है।

एक जनवरी को पदोन्नति का ऐलान, IAS-IPS और IFS अधिकारियों की खुलेगी किस्मत

भोपाल   एमपी कैडर के 71 आईएएस और 21 आईपीएस अफसरों को आज प्रमोशन मिलने वाला है। एक जनवरी 2026 से प्रमोट होने वाले इन अफसरों में जीएडी के सचिव एम सेलवेंद्रन का भी नाम है। जिन्हें प्रमुख सचिव पद पर प्रमोट किया जाएगा। सेलवेंद्रन पहले ही प्रमोशन की पात्रता रखते थे लेकिन डीओपीटी द्वारा प्रमुख सचिव के लिए 25 साल की सेवा की पात्रता तय करने के चलते उन्हें एक जनवरी से पदोन्नत किया जाएगा। दूसरी ओर आईपीएस अफसरों में अनंत कुमार सिंह या आशुतोष राय को एडीजी से डीजी पद पर प्रमोट करने का आदेश गृह विभाग जारी करेगा। इसी तरह आईएफएस अफसरों के भी प्रमोशन आदेश जारी होंगे। नए साल 2026 की शुरुआत मध्य प्रदेश के अफसरों के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आ रही है. प्रदेश कैडर के 71 आईएएस और 21 आईपीएस अधिकारियों को नए साल में प्रमोशन का गिफ्ट मिलने वाला है. इसके साथ ही आईएफएस अधिकारियों के प्रमोशन आदेश भी आज जारी होने की संभावना है. सभी प्रमोशन 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माने जाएंगे. जीएडी से लेकर गृह विभाग तक हलचल सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) और गृह विभाग ने प्रमोशन से जुड़ी प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है. नए साल के पहले ही दिन कई वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदल जाएंगी. एम. सेलवेंद्रन बनेंगे प्रमुख सचिव जीएडी सचिव एम. सेलवेंद्रन को प्रमुख सचिव पद पर प्रमोट किया जाएगा. यह प्रशासनिक स्तर पर एक अहम पदोन्नति मानी जा रही है. IPS में DG-ADG लेवल पर बड़ा फेरबदल आईपीएस कैडर में भी बड़े बदलाव तय माने जा रहे हैं. आईपीएस अधिकारियों अनंत कुमार सिंह या आशुतोष राय में से किसी एक को एडीजी से डीजी पद पर प्रमोट करने का आदेश गृह विभाग जारी कर सकता है. प्रमोद वर्मा बनेंगे ADG प्रमोद वर्मा, जो वर्तमान में जबलपुर रेंज के आईजी हैं, उन्हें प्रमोट कर एडीजी बनाया जाएगा. तीन नए IG, 13 बनेंगे DIG कई अफसरों की पदोन्नति रुकी आईएएस अफसरों में सचिव और अपर सचिव पद के लिए तरुण भटनागर, अनुराग चौधरी और संतोष कुमार वर्मा की पदोन्नति रुक गई है। इसके अलावा ऋषि गर्ग के विरुद्ध भी विभागीय जांच के चलते पदोन्नति रुकी है। इसलिए इन अधिकारियों के अलावा प्रमुख सचिव, सचिव, अपर सचिव, उप सचिव के पदों पर आईएएस अधिकारियों को पदोन्नति दी जाएगी। सामान्य प्रशासन विभाग शाम को इसके आदेश जारी करेगा। इसके साथ ही राज्य प्रशासनिक सेवा के अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर पद पर प्रमोट होने वाले अफसरों की भी वर्तमान पदस्थापना स्थल पर पदोन्नति की जा सकती है। इस प्रमोशन लिस्ट में: तीन आईपीएस अधिकारी आईजी के पद पर प्रमोट होंगे, इनमें 2008 बैच के ए. शियास और ललित शाक्यवार शामिल हैं. 1999 बैच के निरंजन वी. वायंगणकर को भी आईजी बनाया जाएगा. इसके अलावा 13 आईपीएस अधिकारी डीआईजी के पद पर प्रमोट होंगे. नए साल की शानदार शुरुआत कुल मिलाकर, नए साल की पहली तारीख एमपी के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के लिए नई जिम्मेदारियों और नई रैंक के साथ शुरू होने जा रही है. इसे अफसरों के लिए सरकार का बड़ा न्यू ईयर गिफ्ट माना जा रहा है. इन आईपीएस अफसरों को मिल सकता है प्रमोशन एक जनवरी से उच्च पद पर प्रमोट होने वाले अफसरों में जिन आईपीएस अफसरों को प्रमोशन मिल सकता है उसमें डीजी का एक पद है। अगर आज शाम तक अनंत कुमार सिंह की एमपी वापसी की सूचना गृह विभाग को मिल जाती है तो वे डीजी के पद पर प्रमोट हो जाएंगे अन्यथा एडीजी आजाक आशुतोष राय को डीजी के पद पर प्रमोट किया जाएगा। जबलपुर आईजी प्रमोद वर्मा को प्रमोट कर एडीजी बनाया जाएगा, उनकी पदस्थापना फिलहाल जबलपुर में ही रहेगी। उनके पास शहडोल आईजी रेंज का भी चार्ज है। तीन अधिकारी आईजी के पद पर प्रमोट होंगे। जिसमें 2008 बैच के ए शियास और ललित शाक्यवार शामिल हैं। इनके अलावा 1999 बैच के निरंजन वी वायंगणकर भी आठ साल की देरी से आईजी बनेंगे। हालांकि उनके बैच के अफसर अब एडीजी बन चुके हैं। 13 आईपीएस अधिकारी डीआईजी के पद पर प्रमोट होंगे एक जनवरी से मिलने वाली पदोन्नति में 13 आईपीएस अधिकारी डीआईजी बनेंगे। इसमें से कई अधिकारी वर्तमान में जिलों में एसपी के पद पर पदस्थ हैं। डीआईजी बनने वालों में वर्ष 2010 और वर्ष 2011 बैच के चार-चार और वर्ष 2012 बैच के पांच आईपीएस अफसर शामिल हैं। इन्हें डीआईजी बनाए जाने के बाद भी पदस्थापना यथावत रखने के संकेत हैं, क्योंकि चुनाव आयोग की एसआईआर कार्यवाही के चलते फिलहाल कलेक्टर, एसपी और अन्य अधिकारियों की पदस्थापना 21 फरवरी तक रुकी रहेगी। ये अफसर चुनाव आयोग की परमिशन से ही स्थानांतरित किए जा सकेंगे। खंडवा एसपी मनोज राय, भोपाल जोन-2 के डीसीपी विवेक सिंह, झाबुआ एसपी डॉ शिवदयाल, धार एसपी मयंक अवस्थी, रीवा एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान, भिंड एसपी असित यादव, एसआरपी भोपाल राहुल लोढ़ा और एसआरपी जबलपुर सिमाला प्रसाद प्रमोट होकर डीआईजी बनेंगे।

मध्य प्रदेश के 32 प्रमुख प्रशासनिक चेहरे 2026 में होंगे रिटायर, मुख्य सचिव और डीजीपी समेत कई IAS-IPS के नाम

भोपाल  मध्य प्रदेश प्रशासनिक गलियारे के लिए साल 2026 बड़े बदलावों वाला साबित होने वाला है। प्रदेश कैडर के 16 आईएएस और 16 आईपीएस अधिकारी अगले साल सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। इन प्रमुख नामों में प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन भी शामिल हैं, जो सितंबर 2026 में रिटायर होंगे। उन्हें दोबारा विस्तार नहीं मिला, तो सरकार को नए प्रशासनिक मुखिया की नियुक्ति करनी होगी। पदों के लिए मचेगी होड़ इतनी बड़ी संख्या में सीनियर अधिकारियों के रिटायर होने से सरकार के सामने एडीजी इंटेलिजेंस, आईजी लॉ एंड ऑर्डर और माध्यमिक शिक्षा मंडल जैसे अहम पदों के लिए नए चेहरों की तलाश की चुनौती होगी। साथ ही, मुख्य सचिव अनुराग जैन को यदि दोबारा विस्तार नहीं मिला, तो प्रशासनिक मुखिया का पद भी खाली हो जाएगा। गौरतलब है कि साल 2025 में भी 29 अधिकारी रिटायर हुए थे, जिनमें से मुख्य सचिव और डीजीपी को विशेष सेवा वृद्धि (एक्सटेंशन) दी गई थी। यह आईएएस हैं शामिल 16 वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अपनी सरकारी सेवाओं से सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। मार्च 2026 में माध्यमिक शिक्षा मंडल की चेयरमैन स्मिता भारद्वाज, अप्रैल में राजस्व विभाग के अपर सचिव संजय कुमार, मई में केंद्रीय अल्पसंख्यक आयोग की सचिव अलका उपाध्याय, जून के महीने में एमपी खादी ग्राम उद्योग बोर्ड के एमडी माल सिंह भयड़िया, अगस्त में खनिज साधन विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव और बालाघाट के अपर कलेक्टर जी.एस. धुर्वे, सितंबर में मुख्य सचिव अनुराग जैन और चंबल संभाग के कमिश्नर सुरेश कुमार रिटायर हो रहे हैं। अक्तूबर से दिसंबर तक ये IAS रिटायर होंगे अक्टूबर माह में लोकायुक्त संगठन की सचिव अरुणा गुप्ता और गृह मंत्रालय में पदस्थ आशीष श्रीवास्तव, नवंबर में राजस्व विभाग के अपर सचिव चंद्रशेखर वालिम्बे, कलेक्टर—शिवपुरी के रविंद्र कुमार चौधरी और शहडोल के केदार सिंह, दिसंबर 2026 में राजस्व मंडल के सचिव ललित दाहिमा और आयुष विभाग के अपर सचिव संजय कुमार मिश्रा, आर्कियोलॉजी विभाग की कमिश्नर उर्मिला शुक्ला भी इसी वर्ष सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों की सूची में शामिल हैं। रिटायर होने वाले आईपीएस की लिस्ट जनवरी: जगदीश डावर (एसपी, बड़वानी) फरवरी: अंशुमान सिंह (आईजी, लॉ एंड ऑर्डर) मार्च: हिमानी खन्ना (आईजी, सागर रेंज) अप्रैल: सविता सोहाने (डीआईजी, शहडोल) मई: महेश चंद्र जैन (डीआईजी, नारकोटिक्स, इंदौर) जून: संजीव शमी (स्पेशल डीजी, टेलीकॉम) और संजय तिवारी (आईजी, प्लानिंग) जुलाई: आलोक रंजन (डायरेक्टर, एनसीआरबी), अरविंद सक्सेना (आईजी, ग्वालियर रेंज) और शशिकांत शुक्ला (आईजी, एफएसएल) अगस्त: अजय कुमार शर्मा (चेयरमैन, पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन), आशुतोष राय (एडीजी, आजाक पीएचक्यू), ए. साई मनोहर (एडीजी, इंटेलिजेंस) और मिथलेश शुक्ला (आईजी, नर्मदापुरम) अक्टूबर: सोनाली मिश्रा (डीजी, रेलवे पुलिस बोर्ड) दिसंबर: कैलाश मकवाना (डीजीपी)