samacharsecretary.com

राज्यपाल ने रानी लक्ष्मी बाई के बलिदान दिवस पर उन्हें नमन किया

राज्यपाल ने रानी लक्ष्मी बाई के बलिदान दिवस पर उन्हें नमन किया रायपुर,  राज्यपाल रमेन डेका ने आज यहां लोकभवन में वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई के बलिदान दिवस पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।   लोक भवन में उपस्थित लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर प्रसन्ना एवं लोक भवन  के अन्य अधिकारियों कर्मचारियों ने भी रानी लक्ष्मीबाई को श्रद्धांजलि दी।

राज्यपाल रमेन डेका ने किया लोकसभा अध्यक्ष बिड़ला का आत्मीय स्वागत

राज्यपाल रमेन डेका ने किया लोकसभा अध्यक्ष बिड़ला का आत्मीय स्वागत रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका ने आज लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के लोकभवन आगमन पर उनका आत्मीय स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह,केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी बिरला का स्वागत किया।

सिवानी से आत्मनिर्भरता का नया अध्याय, मुख्यमंत्री ने की विकास योजनाओं की घोषणा

हिसार  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सिवानी से आत्मनिर्भरता, स्वाभिमान, रोजगार और समृद्धि का नया अध्याय जुड़ गया है। आज ‘खादी रोजगार उत्सव’ के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का वोकल फार लोकल और विकसित भारत-2047 का संकल्प धरातल पर उतरता दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बुधवार को सिवानी में आयोजित खादी रोजगार उत्सव कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस दौरान पूर्व मंत्री जेपी दलाल की बहल को उपमंडल बनाने और सिवानी को हिसार में शामिल करने की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर आगामी समय में उचित कार्रवाई की जाएगी। खादी ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष मनोज गोयल ने मुख्यमंत्री को चरखे का स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आनलाइन बटन दबाकर मधुमक्खी पालन के लिए 2350 बी बाक्स भी वितरित किए। मुख्यमंत्री ने क्या कहा? मुख्यमंत्री ने कहा कि खादी आजादी के आंदोलन से ही करोड़ों भारतीयों के श्रम, सम्मान और स्वाभिमान का परिचायक है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी खादी स्वदेशी का प्रतीक था। इसने बिना किसी हथियार के ब्रिटिश हुकूमत की आर्थिक बुनियाद को हिलाकर रख दिया था। वर्तमान में प्रधानमंत्री ने हमें ‘खादी फार नेशन, खादी फार फैशन और खादी फार ट्रांसफार्मेशन’ का मंत्र दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत हरियाणा के 972 कारीगरों को तीन हजार 645 मशीनें एवं टूल किट्स प्रदान की गई है। इनमें विद्युत चालित चाक, बी-बाक्स एवं बी-कालोनी, सिलाई मशीनें, टर्नवुड टूलकिट, फुटवियर निर्माण मशीनें, चरखे और दोना-पत्तल निर्माण मशीनें शामिल हैं। ये मशीनें गांवों में नई आर्थिक क्रांति का आधार बनेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने वाले युवाओं और पारंपरिक कारीगरों को 504 करोड़ 68 लाख रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी भी दी गई है। बढ़ गया खादी का कारोबार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2013-14 में खादी एवं ग्रामोद्योग का कुल कारोबार लगभग 31 हजार करोड़ रुपये था, जो आज बढ़कर एक लाख 87 हजार करोड़ रुपये हो गया है। पिछले 12 सालों में देशभर में खादी और ग्रामोद्योग के माध्यम से लगभग दो करोड़ रोजगार पैदा हुए हैं। केवीआइसी अध्यक्ष मनोज गोयल ने कहा कि पीएमईजीपी के तहत 22,259 नई इकाइयों के लिए 504.68 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी का आनलाइन संवितरण किया गया है। पूर्व मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि भिवानी जिले की जनता ने सदैव आपका साथ दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने उनके अनुरोध पर लोहारू की दशकों से खाली पड़ी नहरों में टेल तक पूरा पानी पहुंचाया। किसान गरीब सहित हर वर्ग के हित में नीतियां लागू की। इस मौके पर बवानी खेड़ा के विधायक कपूर सिंह बाल्मीकि, विधायक बाढ़डा उमेद पातुवास, नलवा के विधायक रणधीर पनिहार, महेंद्रगढ़ के विधायक कंवर सिंह यादव, भाजपा जिला अध्यक्ष वीरेंद्र कौशिक, डीसी साहिल गुप्ता, सिवानी नगरपालिका की चेयरपर्सन वंदना केडिया, खादी ग्रामोद्योग के वित्तीय सलाहकार जे सरवनन, रवि महमिया और टोनी बराला सहित अन्य मौजूद रहे। मशीनें व टूल्स किए वितरित मुख्यमंत्री ने सोनीपत जिला से आई नेहा, अंजली, ऋतु और रोहतक निवासी सुदेश व पिंकी को फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग मशीनें वितरित की। इसी प्रकार रोहतक निवासी साधना, गुंजन शर्मा, मोनिका, ज्योति व नीलम को सिलाई मशीन और भिवानी जिला से झुम्पा निवासी राजेश देवी, ऊषा रानी, छाकली देवी व प्रमिला को चरखा वितरित किया। शहद उत्पादन के लिए फतेहाबाद निवासी कुलदीप सिंह, भीम सिंह, राजेंद्र कुमार, पवन कुमार, कुलवंत और कुरुक्षेत्र निवासी मुनीष को उपकरण वितरित किए। मुख्यमंत्री ने की ये घोषणाएं     – गांव गुरेरा, किकराल, नलोई, देवसर, ढाणी रामजस, ढाणी किशनलाल, ढाणी मिठ्ठी में जगमग योजना लागू करने की घोषणा। तीन करोड़ 28 लाख रुपए का खर्च आएगा     – लोहारू शहर में छह करोड़ 85 लाख की लागत से एक कम्युनिटी सेंटर बनाया जाएगा।     – सिवानी के राजकीय महाविद्यालय में एक करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से मल्टीपर्पस हाल का निर्माण होगा।     – सिवानी सिंचाई मंडल की मंढोली डिस्ट्रीब्यूटरी शहरयारपुर व खरकड़ी माइनर की चार करोड़ की लागत से री-माडलिंग।     – लोहारू सिंचाई मंडल में कासनी, झांझड़ा, बहल, पातवान, सौरा , बड़दु चैना माइनर की री-माडलिंग के लिए आठ करोड़ छह लाख रुपए की राशि खर्च।     – सिवानी में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए मेडिकल सुविधा शुरू करने की घोषणा।     – किकराल रोड हाईवे बाईपास, सिवानी में ओवरब्रिज का निर्माण करने की घोषणा।     – सिवानी के नागरिक अस्पताल में चार करोड़ रुपए की लागत से पोस्टमार्टम की सुविधा     – 12 करोड़ 22 लाख रुपए की लागत से बहल बस स्टैंड का निर्माण।     – सिवानी नगरपालिका के लिए नए भवन का निर्माण।     – लोहारू विधानसभा क्षेत्र के सड़क तंत्र को मजबूत करने के लिए लोक निर्माण एवं सड़क निर्माण विभाग की 391.25 किलोमीटर की 120 सड़कों की मरम्मत व मार्केटिंग बोर्ड की 141.68 किलोमीटर की सड़कों की मरम्मत।     – लोहारू विधानसभा के खेतों के 25 किलोमीटर के रास्तों को पक्का किया जाएगा।  

ब्लैक फिल्म, हूटर और मॉडिफाइड वाहनों पर राजस्थान पुलिस का बड़ा शिकंजा

जयपुर राजस्थान की सड़कों पर सुगम, सुरक्षित और नियमबद्ध यातायात व्यवस्था कायम करने के लिए पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर शुरू हुआ महा-अभियान हर दिन नए रिकॉर्ड बना रहा है। महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा के कड़े निर्देशों के बाद प्रदेश के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल मुस्तैद है। इस पूरे अभियान की कमान महानिदेशक पुलिस यातायात श्री अनिल पालीवाल और अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस यातायात डॉ. बी.एल. मीणा संभाल रहे हैं, जिनके सुपरविजन में जिला पुलिस और ट्रैफिक टीमें सुबह से देर रात तक काली फिल्म, अवैध हूटर और मॉडिफाइड चेसिस वाले वाहनों को खंगाल रही हैं। समेकित आंकड़ों पर नजर डालें तो 4 जून से 16 जून 2026 तक के 13 दिनों के भीतर राजस्थान पुलिस ने कुल 1,10,206 वाहनों के खिलाफ सख्त दंडात्मक और विधिक कार्रवाई की है। इनमें ब्लैक फिल्म, नियम विरुद्ध नंबर प्लेट, वाहन की अवैध संरचना परिवर्तन, अनाधिकृत लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर, स्ट्रोब लाइट, हूटर, प्रेशर हॉर्न तथा वाहनों पर अनाधिकृत शब्द एवं चिन्ह लगाने वालों के खिलाफ सख्त प्रवर्तन किया गया। अभियान के तहत 16 जून को अकेले 7,328 वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। ब्लैक फिल्म और नियम विरुद्ध नंबर प्लेट पर सबसे अधिक कार्रवाई 4 जून से 16 जून तक अभियान के दौरान वाहनों के शीशों पर लगी ब्लैक फिल्म के विरुद्ध सर्वाधिक 41,982 कार्रवाई की गई। इसके अलावा नियम विरुद्ध नंबर प्लेट एवं पंजीयन चिन्ह के 28,462, वाहनों पर अनाधिकृत शब्द, चिन्ह एवं लेखन के 15,156, वाहन की संरचना (बॉडी/चेसिस) में अवैध परिवर्तन के 10,606, अनाधिकृत लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर, स्ट्रोब लाइट एवं हूटर के 8,066 तथा प्रेशर हॉर्न/एयर हॉर्न के 5,934 मामलों में कार्रवाई की गई। 16 जून को 7,328 वाहनों पर कार्रवाई अभियान के तहत 16 जून को प्रदेशभर में कुल 7,328 वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इनमें वाहन की संरचना में अवैध परिवर्तन के 736, अनाधिकृत लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर, स्ट्रोब लाइट एवं हूटर के 638, प्रेशर हॉर्न/एयर हॉर्न के 435, ब्लैक फिल्म के 2,565, वाहनों पर अनाधिकृत शब्द, चिन्ह एवं लेखन के 1,037 तथा नियम विरुद्ध नंबर प्लेट एवं पंजीयन चिन्ह के 1,917 मामलों में चालान बनाए गए। जयपुर पश्चिम में सर्वाधिक कार्रवाई 16 जून को जिला स्तर पर जयपुर पश्चिम में सर्वाधिक 487 कार्रवाई दर्ज की गई। इसके बाद जयपुर ग्रामीण में 337, जयपुर यातायात में 294, चित्तौड़गढ़ में 289, धौलपुर में 276, बांसवाड़ा में 261, भीलवाड़ा में 250 तथा निवाड़ी में 249 कार्रवाई की गई। वहीं ब्लैक फिल्म के विरुद्ध सर्वाधिक 186 कार्रवाई जयपुर यातायात में तथा नियम विरुद्ध नंबर प्लेट के सर्वाधिक 132-132 प्रकरण जयपुर पश्चिम और बारां में दर्ज किए गए। नियमों की पालना ही सुरक्षित यात्रा की कुंजी डीजी ट्रैफिक श्री पालीवाल ने आमजन से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पूर्णतः पालन करें तथा वाहनों में किसी भी प्रकार की अवैध मॉडिफिकेशन, ब्लैक फिल्म, अनाधिकृत लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर, प्रेशर हॉर्न एवं नियम विरुद्ध नंबर प्लेट का उपयोग नहीं करें। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, अनुशासित यातायात व्यवस्था स्थापित करने तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

सहरसा, पूर्णिया, कैमूर में उद्योगों को बढ़ावा, खिलाड़ियों को मिलेगी बेहतर नौकरी

पटना सम्राट चौधरी कैबिनेट ने बिहार के विकास के लिए कई एजेंडों पर अपनी मुहर लगाई है। बिहार की तीन जिलों सहरसा, पूर्णिया और कैमूर में अब औद्योगिक क्षेत्र बनाए जाएंगे। सहरसा औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए वनगांव और देवनागोपाल मौजा में करीब 420.63 एकड़ भूमि अधिग्रहण के लिए 88.01 करोड़ रुपये खर्च की स्वीकृति दी है। इस भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा। इसी प्रकार पूर्णिया 1.25 अरब की लागत पर औद्योगिक क्षेत्र के लिए जमीन का अधिग्रहण करने का प्रस्ताव स्वीकृत। राज्य कैबिनेट ने बुधवार को इसकी मंजूरी दी। केन्द्र सरकार की ओर से प्रस्तावित वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे के समीप कैमूर जिला में अंचल चांद और चैनपुर में 781.18 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इस पर दो अरब तीस करोड़ 64 लाख 95 हजार नौ रुपये खर्च होंगे। बैठक के बाद कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर सहमति प्रदान की गई है। इसके तहत राज्य के सभी कार्य विभागों के लिपिकों का अब एक संवर्ग होगा। इसमें पथ निर्माण विभाग, पीएचईडी, भवन निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, योजना एवं विकास विभाग और नगर विकास एवं आवास विभाग शामिल हैं। पथ निर्माण विभाग के अंतर्गत मूल कोटि के पद (शोध सहायक) पर चयन परीक्षा बीपीएससी के स्थान पर बिहार तकनीकी सेवा आयोग के स्तर से ली जाएगी। वहीं, जल संसाधन विभाग के 217 विभागीय निरीक्षण भवन आधुनिक गेस्ट हाउस और ईको-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित होंगे। मंत्रिमंडल ने प्रस्ताव स्वीकृत कर दिया है। इसके तहत बांधों, बराजों और जलाशयों के पास स्थित भवनों को पर्यटकों के लिए आधुनिक आवासीय सुविधाओं से लैस किया जाएगा। विधानसभा निदेशक राजीव कुमार की संविदा अवधि बढ़ी विधानसभा के निदेशक राजीव कुमार की संविदा अवधि बढ़ा दी गयी है। उनकी संविदा अवधि 30 जून 2026 को समाप्त होने वाली थी। इसका विस्तार एक जुलाई 2026 से 30 जून 2027 तक किया गया है। वित्त विभाग में भविष्य निधि निदेशालय के सहायक आयुक्त राजीव कुमार के खिलाफ सेवाच्युति (जो सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता नहीं होगी) का दंड लगाया गया है। संविदा अभियंताओं को बोनस अंक का फायदा अब सिर्फ एक बार मिलेगा मंत्रिमंडल ने अभियंत्रण सेवा भर्ती नियमावली में संशोधन किया है। अभी संविदा पर कार्यरत सहायक अभियंताओं को नियमित भर्ती परीक्षा में बोनस अंक दिये जाते हैं। इसके कारण कई अभियंता एक से अधिक विभागों में चयनित हो जाते थे, जबकि वे अंततः केवल एक विभाग में ही नियुक्ति लेते थे। इससे अन्य विभागों की सीटें खाली रह जाती थीं और दूसरे अभ्यर्थियों के अवसर कम हो जाते थे। नई व्यवस्था के तहत यदि कोई संविदा सहायक अभियंता अधिमानता अंक का लाभ लेकर किसी एक विभाग में चयनित हो जाता है, तो भविष्य में उसे दोबारा इस लाभ का अधिकार नहीं होगा। हालांकि वह सामान्य अभ्यर्थी के रूप में अन्य भर्ती प्रक्रियाओं में भाग ले सकेगा। यह नियम उन भर्ती प्रक्रियाओं पर भी लागू होगा जो वर्तमान में चल रही हैं। आशुलिपिक की उम्रसीमा अब 18 वर्ष मंत्रिमंडल ने बिहार नागरिक सुरक्षा क्षेत्रीय आशुलिपिक संवर्ग नियमावली में संशोधन को मंजूरी दे दी। अब इंटरमीडिएट उत्तीर्ण 18 वर्ष के युवा भी आशुलिपिक पद पर सीधी भर्ती के लिए पात्र होंगे। आपदा प्रबंधन विभाग के नागरिक सुरक्षा निदेशालय के प्रस्ताव को राज्यमंत्रिपरिषद ने सहमति दे दी। इसके तहत आशुलिपिक पद पर सीधी नियुक्ति के लिए न्यूनतम आयु सीमा 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दी गई है। शोध सहायक भर्ती में इंटरव्यू खत्म मंत्रिमंडल ने पथ निर्माण विभाग में शोध सहायक पद की भर्ती प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए नियमों में संशोधन को मंजूरी दी है। अब इस पद पर चयन के लिए 100 अंकों का इंटरव्यू नहीं होगा। साथ ही न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता और प्रतियोगिता परीक्षा के विषयों का पुनर्निर्धारण किया जाएगा, ताकि जल संसाधन की नियमावली के अनुरूप एकरूपता स्थापित हो सके। खिलाड़ियों को उच्च वेतनमान की नौकरी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेलों में पदक जीतने और भाग लेने वाले राज्य के खिलाड़ियों को उच्च वेतनमान स्तर की नौकरी दी जाएगी। इसको लेकर बिहार उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति (संशोधन) नियमावली, 2026 की मंजूरी राज्य कैबिनेट ने दे दी है। नई नियमावली के तहत ओलंपिक खेलों में पदक जीतने वाले, ओलंपिक में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले, क्रिकेट के किसी भी प्रारूप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले तथा एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को वेतन स्तर-09 (ग्रेड पे 5400 रुपये) में नियुक्ति की जाएगी। इसी प्रकार, एशियाई खेल एवं राष्ट्रमंडल खेलों में शामिल खेल विधाओं के किसी भी प्रारूप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों तथा रजत एवं कांस्य पदक विजेता खिलाड़ियों को वेतन स्तर-07 (ग्रेड पे 4600 रुपये) में नियुक्ति दी जाएगी। खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य और उनके सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। पत्थर भूखंडों की ई-नीलामी होगी राज्य में चिह्नत पत्थर भूखंडों की ई-नीलामी प्रक्रिया को तेज करने के लिए राज्य खनन निगम लिमिटेड को खनन योजना तैयार कराने और पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त करने के लिए नामित किया गया है। खनन निगम नीलामी से पहले आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करेगा। नीलामी के बाद खनन योजना और पर्यावरणीय स्वीकृति सफल बोलीदाता को हस्तांतरित की जाएगी। पांच प्रमुख नदियों के गाद का अध्ययन अपर मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य की प्रमुख पांच नदियों सोन, किऊल, फल्गू, मोरहर और चानन का पुनर्भरण अध्ययन किया जाएगा। इन नदियों में बालू के जमा होने के स्थिति का अध्ययन किया जाएगा। यह कार्य सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (सीएमपीडीआई) से कराया जाएगा, जिस पर दो करोड़ 32 लाख रुपये खर्च होंगे।

भीषण गर्मी से बेहाल उत्तर प्रदेश, 20-25 जून के बीच मानसून की दस्तक के आसार

लखनऊ यूपी में भीषण गर्मी और बार-बार आंधी के कारण मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि अभी मौसम में बदलाव नहीं हुआ है। उमस भरी गर्मी और धूल भरी आंधी तो कई इलाकों में चल रही है लेकिन फिर भी मॉनसून आने में अभी समय बताया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अभी गर्मी से राहत मिलने में और कुछ दिन लगेंगे। कई इलाकों में तापमान 45 के पार होने को है। वहीं, अभी तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों को मानसून में रुकावट का डर मानसून तो लगातार प्रगति कर रहा है लेकिन बारिश कम हो रही है। बिहार तक पहुंचे मानसून के 20-25 जून के बीच यूपी में दाखिल होने की संभावना है। पहले स्पेल में अच्छी बारिश की भी संभावना जताई जा रही है लेकिन विशेषज्ञ मानसून पॉज से डर रहे हैं। यदि मानसून की गति लगातार नहीं बनी रहती है और बीच-बीच लंबा गैप आता है तो स्थितियां प्रतिकूल हो सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की अब तक प्रगति ठीक है, लेकिन सेटेलाइट थ्री डी एस से जो तस्वीरें मिली हैं उसके अध्ययन से मानसून के भविष्य को लेकर चिंता जताई जा रही है। पश्चिमी जेट स्ट्रीम अपने सामान्य रास्ते पर नहीं है बल्कि नीचे दक्षिणी क्षेत्र की ओर है। जो बादल अब तक के मानसून से दिखने चाहिए थे वह नजर नहीं आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जेट स्ट्रीम के नीचे खिसकने से पूर्वी हवाएं आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। इससे जो बादलों के बनने की प्रक्रिया है वह उतनी गति वाली नहीं है जितनी अपेक्षित है। मौसम विशेषज्ञ अल नीनो का खतरा लंबे समय से बता रहे हैं। यदि ऐसा होता है तो बारिश प्रभावित होगी और मानसून पाज की स्थिति स्वतः बन जाएगी। सीएसए मौसम कृषि तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा का कहना है कि अभी से कुछ कहना जल्दबाजी होगी। मानसून की रफ्तार बनी हुई है। उम्मीद है कि यूपी और कानपुर तक यह समय से पहुंचेगा। इसके बाद का लंबा समय मानसून का है जिसके दौरान स्थितियां स्पष्ट होंगी। मानसून के पहले फिर तपी संगमनगरी, प्रदेश में रही सबसे गर्म एक तरफ जहां लोग बेसब्री से मानसून का इंतजार कर रहे हैं वहीं बुधवार को प्रयागराज प्रदेश में फिर सबसे गर्म जिला रहा। बुधवार को सुबह से ही तेज धूप व लू के थपेड़ों ने लोगों को झुलसाना शुरू कर दिया। लोग सिर से पांव तक खुद को ढंककर बाहर निकले। हालांकि दोपहर साढ़े तीन बजे के बाद बादल छाने लगे। लगभग चार बजे धूल भरी आंधी चली जबकि यमुनापार के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। इससे शाम को तपिश से थोड़ी राहत मिली। बुधवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान रहा। इससे पहले जिले का 46.4 डिग्री सेल्सियस तापमान 28 मई को रिकॉर्ड किया गया था। हालांकि जून का यह सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान है। मंगलवार की रात का न्यूनतम तापमान 29.5 सेल्सियस रहा, जबकि सोमवार की रात का न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। यानी 24 घंटे में रात के न्यूनतम तापमान में 0.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गयी। रात के तापमान में वृद्धि होने से पंखा, कूलर भी बेअसर रहे। मौसम विभाग के अनुसार 18 से 21 जून तक हीट वेव चलने के आसार हैं।

Punjab Weather Update: बारिश और तेज हवाओं की दस्तक, अगले 5 दिनों तक मौसम विभाग का अलर्ट

अमृतसर  पंजाब में आज से फिर मौसम के मिजाज बिगड़ेंगे। एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम विभाग ने वीरवार से पांच दिन के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके तहत बिजली चमकने, 40 से 50 किलोमीटर की गति से तेज हवाएं चलने और बारिश के आसार हैं। इससे आने वाले दिनों में तापमान में 3 से 4 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक इसके बाद 23 जून से पंजाब में मौसम शुष्क हो जाएगा। पंजाब में बुधवार को मौसम शुष्क रहने के कारण तापमान में 2 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। इससे अब यह सामान्य के नजदीक हो गया है। सबसे अधिक 39 डिग्री का पारा बठिंडा का दर्ज किया गया। पंजाब के न्यूनतम तापमान में 0.3 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। यह भी सामान्य के पास दर्ज किया गया। सबसे कम 22.6 डिग्री का न्यूनतम पारा बठिंडा का दर्ज किया गया।  अमृतसर का अधिकतम पारा 37.1 डिग्री, लुधियाना का 37.5 डिग्री, पटियाला का 38.8 डिग्री, पठानकोट का 38.2 डिग्री, फिरोजपुर का 36.8 डिग्री, एसबीएस नगर का 35.5 डिग्री, फाजिल्का का 35.6 डिग्री, होशियारपुर का 35.5 डिग्री और रूपनगर का 38.1 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 26.4 डिग्री, लुधियाना का 27.4 डिग्री, पटियाला का 26.2 डिग्री, पठानकोट का 24.2 डिग्री, फाजिल्का का 23.5 डिग्री, फिरोजपुर का 25.7 डिग्री, होशियारपुर का 23.9 डिग्री और रूपनगर का 24.0 डिग्री दर्ज किया गया। 

महाराणा प्रताप की वीरता आज भी देश की प्रेरणा, CM डॉ. मोहन यादव बोले- राष्ट्र गौरव के अमर प्रतीक हैं वीर शिरोमणि

महाराणा प्रताप राष्ट्र गौरव के अमर प्रतीक, उनका अदम्य साहस हर पीढ़ी के लिए प्रेरक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल में हो रही वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप लोक की स्थापना, लोकार्पण जल्द ही समाज के युवाओं को पार्थ योजना से पुलिस एवं सेना में भर्ती के लिए व्यवस्थित प्रशिक्षण दिलायेगी सरकार स्कूली कक्षाओं में पढ़ाई जायेगी महाराणा प्रताप की जीवनी महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती पर हुआ राज्य स्तरीय समारोह मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समारोह में सहभागिता कर महाराणा प्रताप को अर्पित किए श्रद्धासुमन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का जीवन वीरता, शौर्य, पराक्रम, त्याग का प्रतीक है। उनका नाम स्मरण करते ही मन श्रद्धा से भर जाता है। महाराणा प्रताप ने तमाम कठिनाइयों के बीच भी 'राष्ट्र प्रथम' को सर्वोपरि रखा। समाज का हर वर्ग देश की अस्मिता और आत्म सम्मान के लिए महाराणा प्रताप को एक आदर्श व्यक्तित्व के रूप में देखता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि महाराणा प्रताप सिर्फ़ एक राजा नहीं, स्वाभिमान, साहस और राष्ट्रभक्ति के अनुपम प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि साहस और वीरता मनुष्य का आभूषण है। यह पराक्रमी राजा का नैसर्गिक गुण होता है। महाराणा प्रताप वीरता के पर्याय हैं। उन्होंने जीवन में अनेक कष्ट सहे, पर अपने लक्ष्य से कभी भी विचलित नहीं हुए। उनका जीवन आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती के अवसर पर भोपाल के महाराणा प्रताप नगर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में यह उद्गार व्यक्त किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिसोदिया-राजपूत-क्षत्रिय समुदाय द्वारा आयोजित इस सामाजिक कार्यक्रम में सहभागिता कर महान योद्धा महाराणा प्रताप को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाज के प्रतिभाशाली डाक्टर, युवाओं, खिलाड़ियों और समाजसेवियों को मंच से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड का गठन किया है और आज इसी बोर्ड के माध्यम से यह राज्य स्तरीय कार्यक्रम किया गया है। हमारी सरकार महापुरुषों की विरासत को संरक्षित करते हुए इसे और आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने सेना और पुलिस बल में युवाओं की भर्ती के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग के माध्यम से "पार्थ योजना" की शुरुआत की है। इसके अंतर्गत तैयारी कर रहे युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रदेश के अधिकांश जिले इस योजना के दायरे में ले लिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि क्षत्रिय समाज के सभी युवाओं को भी इसी योजना में पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए व्यवस्थित प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इसके अतिरिक्त इंटर्नशिप की व्यवस्था और समायोजन के लिए भी प्रभावी पहल की जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाराणा प्रताप लोक निर्माण का शेष कार्य तेजी से पूरा कराकर इसका बहुत जल्द लोकार्पण किया जाएगा। म.प्र.पर्यटन विकास निगम और महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड के समन्वय से सरकार महाराणा प्रताप के स्वर्णिम अतीत को दुनिया के सामने लाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश इकलौता राज्य है, जिसने महाराणा प्रताप की जयंती पर अवकाश घोषित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप की जीवनी अब स्कूलों में पढ़ाई जायेगी। हम महाराणा प्रताप के जीवन के प्रेरक प्रसंगों को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने जा रहे हैं। इससे हमारी भावी पीढ़ी महाराणा की वीरता और देशभक्ति से प्रेरणा लेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया के सभी देशों में अपना अग्रणी स्थान बना रहा है। हमारी सरकार विरासत से विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ते हुए भारत के गौरवशाली अतीत को दुनिया के सामने लाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप अद्वितीय वीरता, शौर्य, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति के प्रेरणा स्त्रोत हैं। आज इस जयंती समारोह में महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड के बैनर तले संपूर्ण क्षत्रिय समाज एक मंच पर आया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अत्यंत बलशाली महाराणा प्रताप का कवच 72 किलो और भाला 80 किलोग्राम वजनी था। यह उनके अद्भुत व्यक्तित्व का परिचायक है। उन्होंने हर युद्ध में महान शौर्य दिखाया। महाराणा प्रताप के घोड़े "चेतक" के साथ उनके लगाव की कहानियां सुनकर मन रोमांचित हो जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने सम्राट विक्रमादित्य शोध पीठ की स्थापना कर विक्रमादित्य महानाट्य के माध्यम से उनके उत्कृष्ट जीवन से दुनिया का परिचय कराया है। युवाओं को सम्राट विक्रमादित्य पर शोक के लिए फैलोशिप प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही उज्जैन में मां क्षिप्रा के किनारे शहीद दुर्गादास राठौर का भव्य संग्रहालय भी तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमें गुलामी की मानसिकता से मुक्ति का जो संकल्प दिया है, उसकी प्रेरणा हमें महाराणा प्रताप से ही मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराणा प्रताप के संघर्षमय जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मातृभूमि, संस्कृति और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए जीवनभर संघर्ष किया , परंतु विकट विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने आत्मसम्मान से कोई समझौता नहीं किया। इतिहास गवाह है कि महाराणा प्रताप को जीवन के कठिनतम समय में घास की रोटियां तक खानी पड़ीं, तब भी उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वियों के सामने कभी सिर नहीं झुकाया। अपने नाम के अनुरूप वे सचमुच प्रतापी थे। उनका गौरवशाली व्यक्तित्व भारतीय इतिहास के स्वर्णिम अध्यायों में सदैव अमर रहेगा। मुख्यमंत्री ने देश-प्रदेश के युवाओं से महाराणा प्रताप के आदर्शों को अपनाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। समारोह में पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड का गठन एक प्रकार से प्रदेश में शौर्य की स्थापना करने जैसा है। कुछ व्यक्तित्व समय, युग और जाति के साथ नहीं बंधते हैं। वे सदैव मानव कल्याण, स्वाभिमान और देश के कल्याण के लिए होते हैं। महाराणा प्रताप ने कल्याण बोर्ड बनाकर एक महान वीर के गुणों से परिचित कराने का प्रशंसनीय कार्य किया है। देश के कई राज्य मध्यप्रदेश की योजनाओं का अनुसरण कर रहे हैं। महाराणा प्रताप के समान ही … Read more

दूसरी पत्नी के हक में हाईकोर्ट, ब्याज सहित बकाया फैमिली पेंशन देने के आदेश

चंडीगढ़ पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पारिवारिक पेंशन को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मृत सरकारी कर्मचारी की दूसरी पत्नी को पूरी पेंशन से वंचित नहीं किया जा सकता। यह तब लागू होगा जब वह एकमात्र जीवित और पात्र दावेदार हो। हाईकोर्ट ने कहा कि केवल दूसरी पत्नी होने के आधार पर विधवा को 50 फीसदी पेंशन तक सीमित करना नियमों की गलत व्याख्या है। जस्टिस नमित कुमार ने गुरदासपुर निवासी एक महिला की याचिका स्वीकार की। उन्होंने 25 मई 2022 के उस आदेश को रद्द किया जिसमें महिला को 50 फीसदी पेंशन का हकदार माना गया था। अदालत ने संबंधित विभाग को महिला को पूर्ण पारिवारिक पेंशन जारी करने का निर्देश दिया। साथ ही बकाया राशि ब्याज सहित देने का भी आदेश दिया गया। याचिकाकर्ता के पति पंजाब सरकार में जिला कोषागार अधिकारी थे। उनका निधन 14 नवंबर 2011 को हुआ था। पहली पत्नी का निधन 6 नवंबर 1980 को हो चुका था। याचिकाकर्ता से विवाह 30 मई 1992 को हुआ था। पेंशन स्वीकृति में त्रुटि  पति की मृत्यु के बाद महालेखाकार कार्यालय ने 3 अगस्त 2015 को पेंशन भुगतान आदेश जारी किया। इस आदेश में याचिकाकर्ता को केवल 50 फीसदी पारिवारिक पेंशन स्वीकृत की गई थी। इसके पीछे तर्क दिया गया कि वह मृत कर्मचारी की दूसरी पत्नी हैं। हाईकोर्ट ने पाया कि कर्मचारी की मृत्यु के समय याचिकाकर्ता ही एकमात्र जीवित पत्नी थीं। हाईकोर्ट का तर्क अदालत ने कहा कि एक से अधिक जीवित विधवाओं के बीच पेंशन बंटवारे का नियम यहां लागू नहीं होता। विभाग की गलत व्याख्या से पेंशन का एक हिस्सा बिना लाभार्थी के अटका रह जाता। यह पारिवारिक पेंशन योजना की मूल भावना के विपरीत है। हाईकोर्ट ने दोहराया कि एकमात्र पात्र दावेदार होने पर दूसरी पत्नी को पूर्ण पेंशन मिलेगी। 

Bata Carry Bag Case: 6 रुपये के बैग पर उपभोक्ता आयोग सख्त, कंपनी पर लगा 10 हजार रुपये का जुर्माना

 नई दिल्ली आप मॉल या शोरूम में सामान खरीदने के लिए जाते हैं, तो कैश काउंटर पर बिल बनाते समय एम्प्लाई आपसे कैरी बैग के लिए पूछता है. कुछ जगह ये फ्री में, तो कुछ जगह 5-6 रुपये के आसपास का पड़ता है और आपके ऊपर निर्भर करता है कि इसे लेना है या फिर नहीं. लेकिन इस पेपर कैरी बैग के चक्कर में मशहूर शू-कंपनी बाटा (Bata) को 10,000 रुपये देने पड़े. ये पूरा मामला 2023 का है, जिस लेकर कोर्ट ने बिना किसी नोटिस के ही अपना फैसला सुना दिया।  दरअसल, एक 6 रुपये के पेपर कैरी बैग को लेकर हुए उपभोक्ता विवाद के चलते फुटवियर कंपनी बाटा इंडिया को एक ग्राहक को मुआवजे और मुकदमेबाजी की लागत के रूप में 10,000 रुपये का भुगतान करना पड़ रहा है।  2023 का ये है पूरा मामला साउथ दिल्ली जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (DCDRC) ने दिल्ली की रहने वालीं प्रीति अग्रवाल के पक्ष में अपना फैसला सुनाया है. उन्होंने बाटा इंडिया पर आरोप लगाया था कि मई 2023 में Bata Store से 1,499 रुपये कीमत के जूते खरीदते समय उनसे कैरी बैग के लिए अतिरिक्त शुल्क लिया गया था, जबकि उन्हें पहले से इसकी सूचना नहीं दी गई थी।  शिकायत के अनुसार, प्रीति अग्रवाल को 6 रुपये के अतिरिक्त शुल्क के बारे में बिलिंग काउंटर पर पहुंचने पर ही जानकारी मिली. उन्होंने तर्क दिया कि स्टोर के अंदर कहीं भी कोई नोटिस नहीं लगा था, जिसमें ग्राहकों को यह बताया गया हो कि उन्हें कैरी बैग के लिए अलग से भुगतान करना होगा. उन्होंने आगे दावा किया कि खरीदारी करने के बाद ग्राहकों से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वे जूतों के डिब्बे अपने हाथों में लेकर चलें।  नोटिस न चिपकाना पड़ा बाटा को भारी इस पूरे मामले में चेयरमैन मोनिका ए. श्रीवास्तव और सदस्य किरण कौशा की अध्यक्षता वाली आयोग ने पाया कि खुदरा विक्रेताओं को सादा, बिना ब्रांड वाले कैरी बैग के लिए ग्राहकों से शुल्क लेने की कानूनी अनुमति है. हालांकि, उपभोक्ताओं को दुकान के अंदर प्रमुख नोटिस लगाकर पहले से सूचित किया जाना चाहिए. शिकायतकर्ता द्वारा पेश की गई तस्वीरों की जांच करने पर आयोग को संबंधित दुकान पर ऐसा कोई नोटिस नजर नहीं आया।  आयोग ने कहा कि नोटिस न होने के कारण ग्राहक को खरीदारी पूरी करने से पहले सोच-समझकर निर्णय लेने का अवसर ही नहीं मिला. आदेश सुनाते हुए कहा गया कि बाटा मुफ्त में कैरी बैग उपलब्ध कराने के लिए बाध्य नहीं था, फिर भी वह कैरी बैग रेट के को प्रदर्शित करने के संबंध में NCDRC के निर्देशों का अनुपालन करने में विफल रही।  चंडीगढ़, जयपुर में भी आए थे मामले रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये पहला मामला नहीं है, बल्कि इससे पहले भी कई मामलों में चंडीगढ़ और जयपुर के उपभोक्ता मंचों ने कंपनी के ब्रांडिंग वाले बैग के लिए ग्राहकों से पेमेंट लेने के लिए बाटा को फटकार लगाई थी. यह कहते हुए कि ग्राहक को उस चीज के लिए पेमेंट करने को मजबूर नहीं किया जाना चाहिए, जो प्रभावी रूप से ब्रांड के लिए एक विज्ञापन के रूप में काम करती है।     Bata ने शिकायत को बताया गलत हालांकि, Bata India की ओर से इस शिकायत को खारिज करते हुए तर्क दिया गया कि पेपर कैरी बैग एक अलग उत्पाद था, जिस पर एमआरपी अंकित थी. कंपनी ने दावा किया कि ये कैरी बैग ग्राहक की सहमति प्राप्त करने के बाद ही दिया गया था और इसका शुल्क अंतिम बिल में दर्शाया गया था।