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स्वच्छ हवा की दिशा में बड़ा संदेश: प्रदूषण से निपटने को सरकार का साझा संकल्प — सीएम रेखा गुप्ता

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को राजधानी में बढ़ते प्रदूषण पर अपनी सरकार की रणनीति को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी सरकार जमीन पर रहकर और दिल्ली के भीतर ही समाधान तलाशते हुए प्रदूषण की चुनौती से निपट रही है। उन्होंने बताया कि प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार की नहीं, बल्कि नागरिकों की भी साझा जिम्मेदारी है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अल्पकालिक और दीर्घकालिक, दोनों तरह के उपायों पर समान रूप से काम कर रही है, ताकि प्रदूषण की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके। उन्होंने पिछले कुछ महीनों में उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए बताया कि बुनियादी ढांचे के उन्नयन से लेकर स्वच्छ ऊर्जा तक की पहुंच सुनिश्चित करने पर लगातार काम किया जा रहा है। रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि प्रदूषण के खिलाफ किसी भी मोर्चे को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मेरी दिल्ली, मेरी जिम्मेदारी सिर्फ एक नारा नहीं है, बल्कि यह कार्य करने और उसे पूरा करने की हमारी दैनिक प्रतिबद्धता है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से भी अपील की कि वे सरकार के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाएं, ताकि राजधानी को स्वच्छ और स्वस्थ बनाया जा सके।  

कानन पेंडारी जू से आई दुखद खबर, बाघिन रागिनी का निधन

बिलासपुर बिलासपुर के कानन पेंडारी जूलॉजिकल पार्क की 22 साल की बाधिन रागिनी ने दम तोड़ दिया है. रागिनी वर्ष 2018 में रायपुर के नंदन वन जंगल सफारी से एक्सचेंज के तहत कानन पेंडारी लाई गई थी. रागिनी को असम के काजीरंगा नेशनल पार्क से रेस्क्यू किया गया था. वह उम्रदराज हो चुकी थी और पिछले सात वर्षों से पार्क के अस्पताल परिसर के केज में रखी गई थी. जू प्रशासन के अनुसार, जब रागिनी को 11 अगस्त 2018 को नंदन वन जंगल सफारी, रायपुर से कानन पेंडारी लाया गया था, तब जांच में सामने आया कि उसके के-नाइन दांत नहीं थे. इसी कारण वह कच्चा मटन नहीं खा पाती थी, और उसे रोजाना 5 से 6 किलो बारीक कीमा बनाकर दिया जाता था. पशु चिकित्सकों की सतत निगरानी और विशेष देखभाल के चलते रागिनी सात साल तक जीवित रही. वह ऑस्टियोपोरोसिस नामक बीमारी से भी पीड़ित थी, जिसमें हड्डियों की संरचना प्रभावित हो जाती है. मृत्यु के बाद जिला स्तर की पशु चिकित्सक समिति ने पोस्टमार्टम किया. इस दौरान जू प्रशासन और नेचर क्लब बिलासपुर के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे. गौरतलब है कि काजीरंगा क्षेत्र में रागिनी और उसके तीन साथी बाघों ने लंबे समय तक आतंक फैला रखा था. रेस्क्यू के बाद तीन बाघों को गुवाहाटी जू भेजा गया, जबकि रागिनी को छत्तीसगढ़ लाया गया था. उसके साथ लाए गए बाघ शिवा की वर्तमान उम्र करीब 15 वर्ष बताई जा रही है. इस तरह कानन पेंडारी जूलॉजिकल पार्क ने एक उम्रदराज और दुर्लभ बाधिन को खो दिया है. बाघ आकाश और शेर भीम ने तोड़ा था दम इससे पहले कानन पेंडारी जू के एक बाघ और शेर की मौत हुई थी. 5 मार्च, 2025 को शेर भीम की मौत हुई थी. वहीं 21 अप्रैल, 2025 में बाघ आकाश की तबियत बिगड़ने से मृत्यु हो गई थी.

दिल्ली में 17 दिसंबर को भू-स्थानिक पारिस्थितिकी तंत्र पर राष्ट्रीय कार्यशाला

नई दिल्ली नई दिल्ली स्थित यशोभूमि में भू-स्थानिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने काे लेकर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयाेजन 17 दिसंबर को हाेगा। इसका उद्धघाटन केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व मुख्य अतिथि डॉ. जितेंद्र सिंह होंगे। यह आयोजन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत भारतीय सर्वेक्षण एजेंसी करेगी, जिसका विषय भू-स्थानिक मिशन: विकसित भारत का एक प्रवर्तक है।  कार्यशाला का उद्देश्य भारत के भू-स्थानिक मिशन को गति देना और विभिन्न क्षेत्रों के नीति निर्माता, प्रौद्योगिकीविद, उद्योग जगत के नेता और संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ भारत के भू-स्थानिक भविष्य को आकार देने वाले नवाचारों पर विचार-विमर्श करेंगे। कार्यशाला में कई सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसमें हितधारकों को उभरते अवसरों पर विचार करने, भू-स्थानिक प्रथाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने और विभिन्न क्षेत्रों में भविष्य के लिए तैयार प्रौद्योगिकियों को अपनाने में तेजी लाने में मदद मिलेगी। यह कार्यक्रम विकसित भारत 2047 की राष्ट्रीय परिकल्पना को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।  

रूसे जलाशय में लौटी दुर्लभ Steppe Gull, 5 वर्षों बाद दर्ज हुई खास मौजूदगी

खैरागढ़ मैकाल पर्वत श्रृंखला से घिरे खैरागढ़ के जंगलों ने एक बार फिर अपनी समृद्ध जैव विविधता का प्रमाण दिया है। करीब पांच वर्षों के अंतराल के बाद खैरागढ़ स्थित रूसे जलाशय में दुर्लभ प्रवासी पक्षी स्टेपे गल (Steppe Gull) की मौजूदगी दर्ज की गई है। पक्षी विज्ञानी प्रतीक ठाकुर ने इसे अपने कैमरे में रिकॉर्ड किया है। पक्षी विज्ञानी और विशेषज्ञों द्वारा इसकी पहचान की पुष्टि के बाद यह घटना छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे मध्य भारत के लिए एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है। स्टेपे गल मूल रूप से पूर्वी यूरोप, दक्षिणी रूस और मध्य एशिया की स्टेपी क्षेत्रों में प्रजनन करता है। सर्दियों के मौसम में यह हजारों किलोमीटर की उड़ान भरकर पश्चिम एशिया और दक्षिण एशिया तक पहुंचता है। भारत में इसकी उपस्थिति अत्यंत दुर्लभ मानी जाती है और वह भी अधिकतर समुद्री तटों तक सीमित रहती है। ऐसे में छत्तीसगढ़ जैसे आंतरिक वन क्षेत्र के रूसे जलाशय में इसका दिखना वैज्ञानिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी प्रवासी गल का आंतरिक भू-भाग के जलाशय में ठहरना इस बात का संकेत होता है कि वहां जल गुणवत्ता, भोजन उपलब्धता और प्राकृतिक शांति का संतुलन बना हुआ है। यही कारण है कि स्टेपे गल जैसे संवेदनशील प्रवासी पक्षी इस क्षेत्र को अस्थायी आश्रय के रूप में चुन रहे हैं। रूसे जलाशय पहले से ही अपनी जैव विविधता के लिए जाना जाता रहा है। यह छत्तीसगढ़ का एकमात्र ऐसा क्षेत्र है, जहां हर वर्ष कॉमन क्रेन जैसे दुर्लभ पक्षियों की नियमित उपस्थिति दर्ज होती है। इसके अलावा जलपक्षियों और प्रवासी पक्षियों की कई प्रजातियां यहां देखी जाती रही हैं, जो खैरागढ़ को पक्षी विज्ञान के मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाती हैं। पर्यावरणविदों का मानना है कि स्टेपे गल की मौजूदगी इस बात की पुष्टि करती है कि रूसे जलाशय अब केवल एक जलस्रोत नहीं, बल्कि प्रवासी और संभावित रूप से संकटग्रस्त पक्षियों के लिए सुरक्षित ठिकाने के रूप में विकसित हो रहा है। यदि इस क्षेत्र में अवैध शिकार, अतिक्रमण और अनियंत्रित मानवीय गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा गया, तो खैरागढ़ भविष्य में मध्य भारत के प्रमुख पक्षी क्षेत्रों में शामिल हो सकता है। विशेषज्ञ यह भी सुझाव दे रहे हैं कि संरक्षण को प्राथमिकता में रखते हुए यहां बर्ड टूरिज्म की संभावनाओं को विकसित किया जाए। इससे न सिर्फ जैव विविधता के संरक्षण को बल मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और पर्यावरणीय जागरूकता को भी बढ़ावा मिलेगा। रूसे जलाशय में स्टेपे गल की यह दुर्लभ उपस्थिति खैरागढ़ के लिए एक मजबूत संदेश है, यदि प्रकृति को संरक्षण और सम्मान दिया जाए, तो वह स्वयं अपनी पहचान और समृद्धि लौटाकर देती है।

हांसी को बड़ी सौगात: CM सैनी करेंगे 288 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण, जिला बनने की अटकलें तेज

हांसी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हांसी को देंगे 288 करोड़ रुपए लागत की पांच बड़ी विकास परियोजना की सौगात दे सकते हैं। आज विकास रैली में मुख्यमंत्री 288 करोड रुपए लागत की पांच विकास परियोजना का उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे। इनमें 10 करोड़ 84 लाख रुपए लागत का मल्टीपरपज हॉल, 200 करोड़ रुपए लागत से बनने वाली पुलिस लाइन , 61 करोड़ 44 लाख रुपए लागत की बरवाला ब्रांच से हांसी शहर के लिए पानी प्रबंधन परियोजना का शिलान्यास तथा डंडेरी गांव में नवनिर्मित 33 के. वी. बिजली सब स्टेशन व लोहारी राघो गांव में 8 करोड़ 44 लाख रुपए लागत से बने इतनी ही क्षमता के बिजली सब स्टेशन का उद्घाटन करेंगे।  

धनबाद में तीन मंजिला बिल्डिंग में लगी आग, 2 लोगों की गई जान

धनबाद झारखंड के धनबाद जिले में एक तीन मंजिला इमारत में आग लगने से एक बुजुर्ग महिला समेत एक ही परिवार के दो सदस्यों की जलने से मौत हो गई जबकि दो अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार रात सेराइढेला पुलिस थाना क्षेत्र के विकास नगर की है। दमकल कर्मियों ने बाद में आग पर काबू पा लिया और अन्य निवासियों को सुरक्षित निकाल लिया गया। सेराइढेला पुलिस थाना प्रभारी मंजीत कुमार ने बताया, "इमारत से दो जले हुए शव बरामद किए गए और दो अन्य घायल लोगों को शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया है।" पुलिस थाना प्रभारी मंजीत कुमार ने बताया कि मृतकों की पहचान चिंता देवी (70) और प्रशांत कुमार (22) के रूप में हुई है। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि आग लगने का सटीक कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है लेकिन प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट इसका कारण प्रतीत होता है। उन्होंने कहा, "हालांकि, यह भी दावा किया गया है कि आग कमरे को गर्म रखने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हीटर से लगी। मामले की आगे जांच चल रही है।"  

वाहन छोड़ने के नाम पर प्रधान आरक्षक ने मांगे 80 हजार, SP की सख्त कार्रवाई

जांजगीर-चांपा जिले में पुलिस महकमे की छवि को धूमिल करने वाला एक मामला सामने आया है, जहां गाड़ी छुड़वाने के नाम पर अवैध उगाही के आरोप में एक प्रधान आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक ने की है। मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी मड़वा निवासी टी. आर. साहू ने अपनी गाड़ी किसी अन्य व्यक्ति के पास गिरवी रखी थी। उसी गाड़ी को दिलाने के नाम पर प्रधान आरक्षक विनोद दिवाकर ने 80 हजार रुपये की मांग की थी। जिसके बाद प्रार्थी ने पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडे से इसकी शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने तत्काल प्रधान आरक्षक को निलंबित कर दिया और जांच की पूरी जिम्मेदारी डीएसपी योगिता खापर्डे को सौंप दी है। प्रधान आरक्षक (प्र.आर. 138) विनोद दिवाकर को निलंबन के बाद रक्षित केंद्र जांजगीर-चांपा में संबद्ध किया गया है। नियमों के अनुसार निलंबन अवधि में उन्हें निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

छत बचाने सड़क पर उतरे 250 परिवार, रेलवे नोटिस के खिलाफ मुख्य चौक पर प्रदर्शन

 कोरबा शहर के इंदिरा नगर बस्ती के 250 परिवारों के सिर से छत छिनने का संकट मंडरा रहा है. घर खाली करने के लिए रेलवे ने परिवारों को नोटिस जारी किया. रेलवे प्रबंधन के खिलाफ आक्रोशित लोगों ने मंगलवार को मुख्य चौक (पवन टॉकिज फाटक के पास) पर धरने पर बैठे. इस दौरान काफी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं. धरने के बाद मचा हड़कप प्रदर्शन से चौक के चारों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं है. सोमवार को रेलवे अधिकारियों ने इन घरों पर खाली कराने के लिए निशान लगाए. मुआवजा इसके विरोध में सोमवार को भी बड़ी संख्या में लोगों ने स्टेशन परिसर में प्रदर्शन किया था. उन्होंने मंगलवार को शहर के मुख्य चौक पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया. विस्थापन और मुआवजे की मांग प्रदर्शनकारियों की मांग है कि उन्हें विस्थापन और मुआवजा तत्काल दिया जाए. मांगें पूरी नहीं होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. जिन घरों को हटाने का नोटिस दिया गया है, उन्हें पहले रहने के लिए वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराई जाए. आश्वासन के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन नायब तहसीलदार दीपक पटेल ने बताया कि बस्तीवासियों ने ज्ञापन सौंपा है. उनकी मांग है कि विस्थापन और मुआवजा के बाद रेलवे कार्रवाई करें. इस संबंध में जिला प्रशासन के समक्ष बातें रखेंगे. फिलहाल अभी किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं होगी. कार्रवाई से पहले जिला प्रशासन को सूचना रेलवे द्वारा दी जाएगी. वार्ड पार्षद तामेश अग्रवाल ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया जहां जिला प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त किया गया है. अगर मांगे पूरे नहीं होने पर आने वाले दिनों में कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा.

रेलूराम परिवार हत्याकांड में नया मोड़: दोनों अपराधियों की रिहाई के बाद भतीजे ने प्रशासन से सुरक्षा की गुहार

हिसार घरेलू राम हत्याकांड मामले में ही मनाने के दोनों अपराधियों को दो महीने की अंतरिम ज़मानत दी गई है। रेलूराम पूनिया के भतीजे जितेंद्र ने कहा कि सोनिया व संजीव ने 2001 वे जो हत्या नहीं की थी उन्हें फाँसी की सजा सुनाई गई थी। देरी होने की वजह से इनकी फाँसी की सज़ा टाल दी गई थी अब इन्हें दो महीने की रिहाई दी गई है। जेल से बाहर आने के बाद एक बार फिर किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं जिसका हमें डर है। हमारे परिवार के ऊपर ये हमला कर सकते हैं। जितेंद्र ने कहा कि अब हम सुप्रीम कोर्ट में जाएंगे हम प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हैं कि हमें सुरक्षा प्रदान की जाए। उन्होंने बताया कि कल हमारे घर के पास लोगों से भरी हुई दो गाड़ियां आयी थी जिसमें हथियार रखे हुए थे। हिसार के पुलिस अधीक्षक से मिलकर हम सुरक्षा की माँग करेंगे। एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल ने बताया कि प्रभुवाला ग्राम हत्याकांड मामला 23 अगस्त 2001 का है जिसमें तत्कालीन विधायक रेलु राम की बेटी व दामाद ने रेलु राम उनकी पत्नी सहित आठ लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस केस की सुनवाई हिसार की ट्रायल कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गई थी जहाँ उन्होंने उन्हें फाँसी की सजा सुनाई गई थी। संजीव पर सोनिया ने अपनी फाँसी के लिए दया याचिका दाख़िल की थी जिसे तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल का प्रणब मुखर्जी ने ख़ारिज कर दिया था। दया याचिका में देरी होने को कारण मानते हुए सुप्रीम कोर्टने फाँसी को उम्रक़ैद में बदल दिया था।  लाल बहादुर कोवान ने बताया कि दोनों अपराधियों ने जेल में रहते हुए भी अनेक अपराध किए हैं इसकी वजह से इनके ऊपर एफ़आइआर भी दर्ज की गई थी। 2024 में दोनों ही अपराधियों ने हाईकोर्ट में प्रीमैच्योर रिहाई के लिए पिटीशन दायर की थी। ।उसमें अब दोनों को दो महीने की अंतरिम ज़मानत दी गई है। अब परिवार की तरफ़ से सुप्रीम कोर्ट में SLP डालने की तैयारी की जा रही है। एडवोकेट लाल बहादुर को वाल ने कहा कि परिवार की तरफ़ से बताया गया है कि कुछ संदिग्ध लोग हथियारों के साथ दो गाड़ियों में बैठकर घर तक पहुँचे थे।यह एक बड़ा गंभीर मामला है और उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी दोनों अपराधियों को दो महीने की अंतरिम ज़मानत मिली हैं।दो महीने बाद पाँच लोगों की कमेटी फ़ैसला लेगी कि इन्हें पूर्ण रिहाई दी जाए या नहीं। उन्होंने कहा कि रेल व हत्याकांड मामले को लेकर लोगों में 2001 में भी रोष था और आज भी रोष है।

गुरुघर परिसर में हंगामा, निहंग सिंहों के बीच हुआ पंगा, मचा तनाव

फतेहगढ़ साहिब कल देर रात गुरुद्वारा श्री ज्योति सरूप साहिब के पास कुछ निहंग सिंहों पर हरियाणा पुलिस के एक SPO की गाड़ी में तोड़फोड़ और मारपीट करने का आरोप लगा है, जिसकी मौके पर पहुंची पुलिस जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, उक्त कर्मचारी की गाड़ी निहंग सिंह से टकरा गई थी, जिसके बाद यह झगड़ा शुरू हुआ। हरियाणा पुलिस के SPO के पद पर तैनात मोहन लाल नाम के जवान ने बताया कि वह अपने बेटे और भाई के साथ यहां से गुजर रहा था, तभी एक निहंग सिंह साइड में गिर गया, जिसके बाद उसके साथी निहंगों ने उस पर हमला कर दिया और जहां उसकी गाड़ी में बुरी तरह तोड़फोड़ की, वहीं उसे गंभीर चोटें भी पहुंचाईं। उसने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस बीच, मौके पर पहुंचे फतेहगढ़ साहिब थाने के SHO इंदरजीत सिंह ने बताया कि मोहन लाल की गाड़ी यहां खड़ी थी और उसे डंडों आदि से नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि यह घटना एक निहंग सिंह को गाड़ी से टक्कर लगने के बाद हुई। जांच चल रही है और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।