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रायपुर में मुख्यमंत्री से मिले CAIT प्रतिनिधि, स्वदेशी संकल्प यात्रा में शामिल होने का दिया निमंत्रण

रायपुर : मुख्यमंत्री से CAIT प्रतिनिधियों की सौजन्य मुलाकात, स्वदेशी संकल्प यात्रा में शामिल होने का दिया आमंत्रण रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से  विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के प्रतिनिधियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री साय को कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स एवं स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में देशभर में संचालित स्वदेशी संकल्प यात्रा के अंतर्गत 20 दिसंबर को दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने CAIT के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए आमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया और स्वदेशी विचारधारा को मजबूती देने वाले ऐसे आयोजनों की सराहना की। उल्लेखनीय है कि स्वदेशी संकल्प यात्रा दुर्ग शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए नगर भ्रमण करेगी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य सशक्त स्वदेशी, वोकल फॉर लोकल, स्थानीय व्यापार को सशक्त बनाना तथा स्वदेशी उद्यमिता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना है। इस अवसर पर कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया ट्रेडर्स के अध्यक्ष प्रकाश सांखला, यात्रा संयोजक संजय चौबे सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

टाटा समूह का बड़ा कदम: उत्तर प्रदेश में ईवी उत्पादन में करेगा विस्तार

टाटा समूह उत्तर प्रदेश में ईवी उत्पादन को देगा विस्तार लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के बीच सोमवार को हुई बैठक में उत्तर प्रदेश में टाटा समूह की संचालित परियोजनाओं तथा भविष्य के निवेश प्रस्तावों पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक के दौरान एन. चंद्रशेखरन ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि टाटा मोटर्स द्वारा प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की मैन्युफैक्चरिंग को विस्तार दिया जा रहा है और ईवी के नए मॉडलों के विकास पर भी कार्य प्रगति पर है। इसके साथ ही उन्होंने ऊर्जा अवसंरचना एवं औद्योगिक विकास से जुड़ी टाटा समूह की प्रमुख पहलों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि टाटा पावर प्रयागराज के बारा प्लांट में 1,900 मेगावाट क्षमता की थर्मल इकाई का संचालन कर रहा है, जो प्रदेश की ऊर्जा आवश्यकताओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। समानांतर रूप से उत्तर प्रदेश में सोलर पावर परियोजनाओं के विकास को भी गति दी जा रही है। मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान टाटा सन्स के चेयरमैन ने प्रदेश में ईवी विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक बसों सहित अन्य ईवी वाहनों की मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार किया जा रहा है, जिससे एक ओर ईवी क्षेत्र में टाटा समूह की उपस्थिति और सुदृढ़ होगी, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। बैठक में टाटा पावर द्वारा प्रदेश में संचालित एवं प्रस्तावित ऊर्जा परियोजनाओं की समग्र रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई। टाटा पावर सोलर द्वारा उत्तर प्रदेश में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया जा रहा है। इसके तहत प्रयागराज और बांदा में 50-50 मेगावाट क्षमता की दो सोलर परियोजनाएं संचालित हैं। साथ ही प्रदेश के सभी 75 जनपदों में सोलर रूफटॉप परियोजनाओं के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो मुख्यमंत्री की सतत विकास की अवधारणा के अनुरूप कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

यातायात में क्रांति: MP में 460 करोड़ से 7 ब्रिज-बायपास का निर्माण, जाम होगा खत्म

मुरैना  मुरैना शहर सहित अंबाह, पोरसा कस्बों में भारी यातायात और ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात पाने के लिए 460 करोड़ रुपए की लागत से 7 पुल और 27 किमी लंबे तीन बायपास एनएचएआई बनवा रही है। मुरैना-भिंड राष्ट्रीय राजमार्ग (Morena-Bhind Highway NH-552) पर निर्माणाधीन 6.6 किमी लंबे अंबाह बायपास का करीब 75 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। बायपास के चालू होते ही भारी वाहनो का बड़ा हिस्सा शहर में प्रवेश किए बिना बाहर से ही गुजर जाएगा, जिससे बाजार, स्कूल-कॉलेज क्षेत्र और प्रमुख चौराहों पर जाम व दुर्घटनाओ में कमी आएगी। (mp news) ट्रैफिक दबाव घटेगा लोनिवि के अनुसार निर्माण कार्य निर्धारित समय से तेज गति से चल रहा है और लक्ष्य रखा गया है कि अगस्त-सितंबर 2026 तक बायपास को पूरी तरह यातायात के लिए खोल दिया जाए। शहरवासी इसे सुरक्षित आवागमन और विकास की दिशा में एक अहम उपलब्धि मान रहे है। बायपास शुरू होने से शहरों में ट्रैफिक दबाव घटेगा और आमजन को सुगम आवागमन मिलेगा।   संरचना लगभग तैयार, फिनिशिंग कार्य जारी बायपास निर्माण का ढांचा अब स्पष्ट दिखाई देने लगा है। मिट्टी भराई, लेवलिंग, सबग्रेड, जीएसबी और डीबीएम की अधिकांश परते तैयार हो चुकी है। कई स्थानों पर पुलिया और कलवर्ट बनकर तैयार है। डायवर्सन पर खतरे, 90 डिग्री मोड़ बने चिंता एक ओर बायपास निर्माण (Bypaas Road) से राहत की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर निर्माणाधीन पुलों के नीचे बनाए गए डायवर्सन यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं। कई स्थानों पर डायवर्सन 90 डिग्री के तीखे मोड़ पर बने हैं, जिससे आमने-सामने से वाहनों के टकराने की स्थिति बन रही है। धूल का गुबार इतना अधिक है कि चार पहिया वाहनों को दिन में भी हेडलाइट जलानी पड़ रही है। नियमों के अनुसार धूल नियंत्रण के लिए लगातार पानी का छिड़‌काव होना चाहिए, लेकिन अधिकांश स्थानों पर यह नहीं किया जा रहा है।   आवश्यक निर्देश दिए बायपास के पूर्ण होने के बाद शहर को ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिलेगी। निर्माण कार्य में यदि कहीं भी कोई अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित इंजीनियर और ठेकेदार को आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं। – रामनिवास सिकरवार, एसडीएम अंबाह अंबाह बायपास की तेज रफ्तार एनएच-552 पर मुरैना, अंबाह और पोरसा में करीब 27 किमी लंबे तीन बायपास और 7 पुलों का निर्माणपूरी परियोजना पर लगभग 460 करोड़ रुपए खर्च। तीनों बायपास में अंबाह बायपास की प्रगति सबसे तेज है। इंजीनियरों के मुताबिक समतल भू-भाग और भूमि उपलब्धता में कम अड्चन आने से यहां काम में आई तेजी।   

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट में टाटा संस के चेयरमैन ने यूपी में होटल श्रृंखला विस्तार का प्रस्ताव रखा

उत्तर प्रदेश में टूरिज्म बूम: टाटा समूह के ताज, विवांता और सिलेक्शन्स ब्रांड के होटल्स के बड़े विस्तार की तैयारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट में टाटा संस के चेयरमैन ने यूपी में होटल श्रृंखला विस्तार का प्रस्ताव रखा टाटा समूह के 30 होटल का निर्माण कार्य जारी, 30 नए पर भी हो रहा विचार नोएडा में खुलेगा टाटा समूह का 'स्टेट ऑफ आर्ट' सिग्नेचर होटल 2027 तक पूरा हो जाएगा अयोध्या में 'म्यूजियम ऑफ टेम्पल' के पहले चरण का निर्माण मथुरा-वृंदावन में विभिन्न प्राचीन कुंडों के जीर्णोद्धार में भी सहयोग करेगा टाटा समूह लखनऊ उत्तर प्रदेश में वैश्विक एवं घरेलू पर्यटन के तीव्र विस्तार को दृष्टिगत रखते हुए राज्य के पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में बड़े निवेश की मजबूत तस्वीर उभर रही है। इसी क्रम में टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हुई बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश में समूह की संचालित एवं प्रस्तावित होटल श्रृंखला के विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह विस्तार प्रदेश में लगातार बढ़ते पर्यटक आगमन, धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि तथा कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के व्यापक विकास को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित किया गया है। बैठक के दौरान टाटा संस के चेयरमैन ने मुख्यमंत्री को बताया कि ताज, सिलेक्शन्स और विवांता जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड्स के 30 होटलों का निर्माण कार्य प्रदेश में वर्तमान में प्रगति पर है। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री को इन परियोजनाओं की प्रगति से भी अवगत कराया। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश में 1900 लक्ज़री होटल रूम्स बढ़ जाएंगे। इसके अतिरिक्त, 2026 तक 30 नए होटल निर्माण की योजना पर भी कार्य चल रहा है। मुख्यमंत्री से हुई बैठक में एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि नोएडा में टाटा समूह का एक स्टेट ऑफ आर्ट सिग्नेचर होटल भी प्रस्तावित है। जिससे उत्तर प्रदेश भारत के सबसे तेज गति से विकास करने वाले हॉस्पिटैलिटी मार्केट के रूप में उभर कर आएगा।  इसके अतिरिक्त, टाटा समूह के सहयोग से अयोध्या में प्रस्तावित ‘म्यूज़ियम ऑफ टेम्पल’ परियोजना के निर्माण कार्य के पहले चरण को जनवरी 2027 तक पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया गया। इस संग्रहालय में अत्याधुनिक तकनीक आधारित डिस्प्ले विकसित किए जा रहे हैं, जो देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए एक विशिष्ट आकर्षण केंद्र होंगे। यह भी तय हुआ कि मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में मानसी गंगा कुंड, श्याम कुंड, राधा कुंड, अष्टकाशी कुंड, नारी सेमरी कुंड, गरुड़ गोविंद कुंड, कृष्ण कुंड सहित आठ प्रमुख कुंडों के जीर्णोद्धार तथा प्रदेश के प्रमुख गंगा घाटों की स्वच्छता एवं संरक्षण के कार्यों में भी टाटा समूह द्वारा सहयोग प्रदान किया जाएगा। टाटा समूह की यह सहभागिता उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम सिद्ध होगी।

नए साल पर रेलवे का बड़ा फैसला: 25 ट्रेनों की टाइमिंग बदली, देखें नई सूची

भोपाल  भारतीय रेलवे नए साल यानी 1 जनवरी 2026 से ट्रेनों के समय में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। जिसमें भोपाल रेल मंडल की कुल 25 ट्रेनों के समय में बदलाव किया जाएगा, जिससे कई ट्रेनों के मार्ग और गति में बदलाव देखने को मिलेगा। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने पहले से ही समय-सारणी जारी कर दी है। देखें ये है टाइम टेबल 12185 रानी कमलापति–रीवा एक्सप्रेस पहले रात 10:00 बजे प्रस्थान करती थी, अब रात 9:55 बजे करेगी। 22145 भोपाल–रीवा एक्सप्रेस पहले 11:05 PM बजे रात में प्रस्थान करती थी अब 11:00 PM पर करेगी 19324 भोपाल–डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस पहले 5:00 PM और अब 5:10 PM 14814 भोपाल–जोधपुर एक्सप्रेस पहले: 4:55 PM अब 4:40 PM 12197 भोपाल–ग्वालियर एक्सप्रेस पहले 3:15 PM अब: 3:10 PM 19712 भोपाल–जयपुर एक्सप्रेस पहले 4:35 PM अब 4:30 PM 22172 रानी कमलापति–पुणे एक्सप्रेस पहले 3:50 PM अब 3:40 PM 01665 रानी कमलापति–अगरतल्ला स्पेशल पहले 3:40 PM अब 3:20 PM गंतव्य स्टेशन पर पहुंचने का भी समय बदला 12185 रानी कमलापति–रीवा पहले 8:00 AM अब 7:55 AM 11272 भोपाल–इटारसी पहले 12:30 PM अब: 1:15 PM 11602 कटनी–बीना पहले 7:05 PM अब: 8:00 PM 18236 बिलासपुर–भोपाल पहले 5:18 PM अब 5:00 PM 51884 ग्वालियर–बीना पहले 4:25 PM अब: 4:20 PM 11603 कोटा–बीना पहले 4:55 PM अब 4:50 PM इटारसी स्टेशन और अन्य मध्यवर्ती स्टेशनों में समय में बदलाव 18234 बिलासपुर–इंदौर पहले 1:25 AM / 1:40 AM और अब 1:35 AM / 1:40 AM 12577 दरभंगा–मैसूर पहले 12:35 PM / 12:45 PM और अब 12:20 PM / 12:30 PM 22351 सहरसा–बेंगलुरु पहले 12:35 PM / 12:45 PM और अब 12:20 PM / 12:30 PM 22353 पटना–बेंगलुरु पहले 12:35 PM / 12:45 PM और अब 12:20 PM / 12:30 PM 22642 निजामुद्दीन–कन्याकुमारी पहले 12:35 PM / 12:45 PM और अब 12:20 PM / 12:30 PM   संत हिरदाराम नगर स्टेशन से जाने वाली ट्रेनों में बदलाव 17606 भगत की कोठी–कचीगुड़ा पहले 4:30 PM / 4:35 PM और 4:25 PM / 4:30 PM 18234 बिलासपुर–इंदौर पहले 4:28 AM / 4:30 AM और 4:53 AM / 4:55 AM 19339 दाहोद–भोपाल पहले 3:20 PM / 3:22 PM और 3:30 PM / 3:32 PM बीना स्टेशन 12185 रानी कमलापति–रीवा, पहले 12:30 AM / 12:35 AM और अब: 12:25 AM / 12:30 AM रूठियाई स्टेशन 14814 भोपाल–जोधपुर, पहले: 11:15 PM / 11:20 PM और अब 11:25 PM / 11:30 PM  

तानसेन समारोह-2025: विश्वविख्यात संगीतज्ञ पं. राजा काले एवं पं. तरुण भट्टाचार्य तानसेन अलंकरण से विभूषित

तानसेन समारोह-2025 कला व संस्कृति के संरक्षण के साथ प्रदेश सरकार विकास पथ पर अग्रसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विश्वविख्यात संगीतज्ञ पं. राजा काले एवं पं. तरुण भट्टाचार्य तानसेन अलंकरण से विभूषित साधना परमार्थिक संस्थान समिति मण्डलेश्वर एवं रागायन संगीत समिति ग्वालियर को मिला राजा मानसिंह तोमर सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव के वर्चुअल मुख्य आतिथ्य में 101वे तानसेन संगीत समारोह का भव्य शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा भारतीय शास्त्रीय संगीत के शिखर पुरुष थे तानसेन संस्कृति मंत्री लोधी ने की कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं ऊर्जा मंत्री तोमर बतौर विशिष्ट अतिथि हुए शामिल ग्वालियर संगीतधानी ग्वालियर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के वर्चुअल मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुए तानसेन समारोह में शास्त्रीय संगीत के प्रख्यात गायक पं. राजा काले मुम्बई को वर्ष 2024 एवं विश्व विख्यात संतूर वादक पं. तरुण भट्टाचार्य कोलकाता को वर्ष 2025 के तानसेन अलंकरण से विभूषित किया गया। इसी तरह मण्डलेश्वर की साधना परमार्थिक संस्थान समिति को वर्ष 2024 एवं ग्वालियर की रागायन संगीत समिति को वर्ष 2025 के राजा मानसिंह तोमर सम्मान से अलंकृत किया गया। साधना परमार्थिक संस्था की ओर से श्रीमती प्रेरणा कोल्हटकर एवं रागायन संस्था की ओर से महंत रामसेवकदास जी महाराज ने सम्मान प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी सम्मानित मूर्धन्य संगीत साधकों को बधाई एवं शुभकामनायें दीं। साथ ही कहा कि मध्यप्रदेश सरकार कला, संस्कृति का संरक्षण करते हुए विकास के पथ पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में सांस्कृतिक अभ्युदय हो रहा है। ऐतिहासिक ग्वालियर दुर्ग से पूरी दुनिया को शून्य का परिचय करा रहे “चतुर्भुज मंदिर” की थीम पर तानसेन समाधि परिसर में बने भव्य एवं आकर्षक मंच पर सोमवार की सांध्य बेला में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के वर्चुअल मुख्य आतिथ्य में शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में देश एवं दुनिया के सर्वाधिक प्रतिष्ठित महोत्सव तानसेन समारोह का भव्य शुभारंभ हुआ। समारोह की अध्यक्षता संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने की। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर एवं विधायक मोहन सिंह राठौर बतौर विशिष्ट अतिथि मंचासीन थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि संगीत की नगरी ग्वालियर में आयोजित होने वाला तानसेन संगीत समारोह प्रदेश व देश का सबसे प्रतिष्ठित समारोह है। संगीत सम्राट तानसेन भारतीय शास्त्रीय संगीत के शिखर पुरुष थे। तानसेन की सुर और तान ने ग्वालियर को दुनिया में अलग पहचान दिलाई। गान महिर्षि तानसेन ने अपने गुरू स्वामी हरिदास जी के साधिन्य में संगीत की बारीकियां सीखकर ध्रुपद गायिकी सहित शास्त्रीय संगीत को नए आयाम दिए। तानसेन की ख्याति ऐसी थी कि उन्हें अकबर ने अपने नवरत्नों में शामिल किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैदिक काल से शास्त्रीय संगीत हमारे जीवन और संस्कृति का हिस्सा रहा है। सामवेद इसका साक्षी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में कला व संस्कृति को नए आयाम मिल रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी अद्वितीय छाप छोड़ रहा है। आज पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है। वैभवशाली सांस्कृतिक परंपरा की सतत यात्रा है तानसेन समारोह – संस्कृति मंत्री लोधी संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा कि तानसेन समारोह उस वैभवशाली सांस्कृतिक परंपरा की सतत यात्रा है, जिसमें पिछले 101 वर्षों से संगीत की आत्मा, रागों की अनुभूति और स्वर की साधना एक सामूहिक तपस्या बनकर प्रवाहमान हो रही है। यह समारोह हमें याद दिलाता है कि संगीत हमारी परंपरा, हमारी जड़ों व हमारी आत्मा का संवाद है। उन्होंने कहा हमारे लिए खुशी की बात है कि ग्वालियर की पुण्य धरा पर आयोजित तानसेन समारोह में आने का अवसर मिला है। तानसेन महोत्सव में जब संगीत के सुर गूंजते हैं तब हम केवल आनंदित ही नहीं होते बल्कि हमें भारतीयता, विवेक और आध्यात्मिक शक्ति का आभास भी होता है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी मान्यता है कि स्वर ही ब्रम्ह है और ब्रम्ह ही सत्य है। इसी सत्य को तानसेन ने अपने जीवन, तप और संगीत के स्वरों में मूर्तरूप प्रदान किया। मंत्री लोधी ने इस अवसर पर तानसेन अलंकरण व राजा मानसिंह तोमर सम्मान से विभूषित साधकों का मध्यप्रदेश सरकार की ओर से हार्दिक स्वागत व अभिनंदन कर उन्हें बधाई दी। ग्वालियरवासियों के लिये आज गौरव का दिन : ऊर्जा मंत्री तोमर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि ग्वालियरवासियों के लिये आज गौरव का दिन है। खुशी की बात है कि ग्वालियर की धरा पर देश व दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित समारोहों में से एक तानसेन समारोह का आयोजन हो रहा है। उन्होंने सम्मानित कलाकारों का अभिनंदन किया और बधाई दी। कार्यक्रम में विधायक मोहन सिंह राठौर ने भी विचार व्यक्त किए। तानसेन अलंकरण से विभूषित प्रख्यात शास्त्रीय गायक पं. राजा काले ने ग्वालियर घराने के मूर्धन्य संगीतज्ञ एवं अपने गुरू राजा भैया पूछवाले को याद किया। साथ ही ग्वालियर घराने की भाव सौंदर्य युक्त गायिकी को यह सम्मान समर्पित किया। उन्होंने तानसेन अलंकरण प्रदान करने के लिये मध्यप्रदेश सरकार के प्रति आभार भी जताया। इनकी रही मौजूदगी शुभारंभ समारोह में अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला भी शामिल हुए। यहां मुख्य मंच पर संभाग आयुक्त मनोज खत्री, कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय, संस्कृति संचालक एन पी नामदेव व उस्ताद अलाउद्दीन खाँ संगीत, कला अकादमी प्रकाश सिंह ठाकुर एवं दीपक शर्मा मंचासीन थे। सम्मान राशि, प्रशस्ति पत्र व शॉल-श्रीफल भेंट कर किया सम्मान राष्ट्रीय तानसेन अलंकरण के रूप में ब्रम्हनाद के दोनों शीर्षस्थ साधकों को आयकर मुक्त पाँच – पाँच लाख रूपए की सम्मान राशि, प्रशस्ति पट्टिका व शॉल-श्रीफल भेंट किए गए। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा संगीत सम्राट तानसेन के नाम से स्थापित यह सम्मान भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में सर्वोच्च राष्ट्रीय संगीत सम्मान है। इसी तरह संगीत एवं कला के संरक्षण व संवर्धन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहीं दोनों संस्थाओं को भी पाँच – पाँच लाख रूपए की सम्मान राशि, प्रशस्ति पट्टिका व शॉल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की वर्चुअल मौजूदगी में आरंभ में अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर इस साल के तानसेन समारोह का शुभारंभ किया। कलाकारों के सम्मान में प्रशस्ति वाचन संस्कृति संचालक एन पी नामदेव ने किया। अंत में निदेशक अलाउद्दीन खाँ … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- नक्सल-मुक्त मध्यप्रदेश, अब विकास को मिलेगी नई रफ्तार

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने लगभग 35 साल नक्सलवाद का दंश झेला। यह एक बड़ी चुनौती थी, पर राज्य सरकार की पुनर्वास नीति और नक्सल विरोधी अभियान में शामिल जवानों की प्रतिबद्धता से 11 दिसंबर 2025 को नक्सलवाद प्रदेश के नक्शे से पूरी तरह मिटा दिया गया। यह दिन प्रदेश में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश की धरती से नक्सलवाद को समूल खत्म करना हमारी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है। नक्सलवाद और लाल आतंक देश के हर हिस्से में विकास आधारित गतिविधियों में बाधक था। इससे आम नागरिकों में इसके कारण भय का माहौल होता था। ऐसे में नक्सलियों और नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंकना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही। पुलिस के अधिकारी-कर्मचारियों ने बालाघाट में अंतिम दो नक्सलियों का आत्मसमर्पण कराया और मध्यप्रदेश ने लाल सलाम को आखिरी सलाम कर दिया। अब इससे प्रभावित क्षेत्रों में विकास को एक नई दिशा और एक नई रफ्तार मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में विकास को गति देने के लिए मध्यप्रदेश में दशकों से चली आ रही नक्सलवाद की समस्या से खत्म करना अति आवश्यक था। मध्यप्रदेश ने केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह द्वारा देश से नक्सलवाद के खात्मे के लिए तय डेडलाइन से करीब साढ़े तीन महीने पहले ही यह ऐतिहासिल उपलब्धि हासिल कर ली है। नक्सलवादियों के एमएमसी जोन (महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़) में 42 दिन में 42 नक्सलवादियों ने समर्पण कर विकास की धारा से जुड़ना स्वीकार किया है। वहीं, प्रदेश में वर्ष 2025 में 10 हार्डकोर माओवादियों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस सफलता का श्रेय राज्य के बहादुर पुलिस अधिकारी और केंद्रीय सुरक्षाबलों को दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों के पुनर्वास के लिए विशेष योजना बनाई है। साथ ही प्रदेश में अब एक ऐसा तंत्र भी विकसित किया जाएगा, जिससे दोबारा मध्यप्रदेश की धरती पर नक्सलवादी या अन्य अतिवादी मूवमेंट खड़े न हो पाएं। इसके लिए सभी पड़ोसी राज्यों के साथ भी जरूरी समन्वय किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में वर्ष 1988-90 से नक्सली गतिविधियों की शुरुआत हुई थी। नक्सलियों ने आम नागरिकों को डरा-धमकाकर परेशान किया और सरकार के विकास कार्यों में भी रुकावटें डालीं। नक्सली पुलिस की बसों को भी आग के हवाले कर देते थे। नक्सलियों ने विपक्षी दल की सरकार में मंत्री रहे श्री लिखीराम कावरे की बालाघाट जिले में उनके घर से निकालकर सरेआम हत्या कर दी थी। प्रदेश में 35 सालों के लंबे समय तक नक्सलियों से संघर्ष जारी रहा, जिसमें कई आम नागरिक और पुलिस व सुरक्षाबलों के जवानों को अपने प्राण गंवाने पड़े। नक्सलवाद उन्मूलन अभियान के कुछ प्रमुख तथ्य     मध्यप्रदेश में वर्ष 1988 से 1990 के बीच नक्सल गतिविधियों की शुरुआत हुई थी। प्रदेश में मंडला, डिंडौरी और बालाघाट नक्सल प्रभावित जिले रहे।     राज्य सरकार ने नक्सल प्रभावित जिले बालाघाट, मंडला और डिंडौरी के लिए विशेष सहयोगी  दस्ते के 850 पद स्वीकृत किए।     नक्सलियों को हथियार डालकर जीवन से जुड़ने का अवसर देने के लिए राज्य सरकार ने 'पुनर्वास  से पुनर्जीवन' अभियान प्रारंभ किया।     सरकार की इसी पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर दिसंबर 2025 में करीब 2.36 करोड़ रुपए की इनामी राशि वाले 10 नक्सलियों ने पुलिस लाईन, बालाघाट में सरेंडर कर दिया।     11 दिसंबर 2025 को मध्यप्रदेश ने 35 वर्षों से चले आ रहे लाल आतंक को समाप्त कर नक्सल मुक्त बनने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।     वर्ष 2025 में नक्सल विरोधी अभियानों में 16 मुठभेड़ों/एक्सचेंज ऑफ फायर में 13 हार्डकोर नक्सली मारे गए और एक की गिरफ्तारी हुई।     जून 2025 में बालाघाट में हुई मुठभेड़ में 4 नक्सली मारे गए, इनमें 3 महिलाएं शामिल थीं। इनके  कब्जे से ऑटोमैटिक हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद भी बरामद किया गया।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट पहुंचकर नक्सलियों का खात्मा करने वाले पुलिस के सिपाहियों और अधिकारियों को पदोन्नति देकर सम्मानित किया।     नक्सल विरोधी अभियान में राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों ने अदम्य साहस और वीरता का प्रदर्शन कर नक्सलवाद की दशकों से चली आ रही समस्या का सफाया कर दिया।  

इनकम टैक्स रिटर्न भरने का अलर्ट: डेडलाइन मिस की तो देना होगा जुर्माना

भोपाल  वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए आयकर रिटर्न भरने में जो लोग चूक गए है, उनके लिए 31 दिसंबर आखिरी मौका है। आइटीआर में गलती हो गई है तो इसे सुधारा जा सकता है। इस तारीख तक ब्याज और लेट फीस के साथ विवरणी प्रस्तुत की जा सकती है। इसके बाद 25 प्रतिशत अतिरिक्त कर के साथ ही करदाता आयकर विवरणी प्रस्तुत कर पाएंगे। आयकर नियमों के अनुसार जो करदाता पूर्व में आयकर विवरणी प्रस्तुत नहीं कर पाए है वह इस तारीख तक ब्याज एवं लेट फीस के साथ विवरणी प्रस्तुत कर सकते है। 31 दिसंबर है आखिरी तारीख विभाग द्वारा करदाताओं को मैसेज और ईमेल के द्वारा भी विवरणी प्रस्तुत करने के लिए बताया जा रहा है। साथ ही जिन करदाताओं के बड़े वित्तीय लेनदेन किए है उनकी जानकारी विभाग के पास है। ऐसे करदाताओं को भी विवरणी प्रस्तुत करने के लिए सूचना दी जा रही है। इस बारे में टैक्स ला बार एसोसिएशन, भोपाल के अध्यक्ष एडवोकेट मृदुल आर्य बताते है कि पूर्व में 31 मार्च तक आयकर विवरणी प्रस्तुत की जा सकती थी परंतु अब सरकार ने इसे 31 दिसंबर तक सीमित कर दिया है।   टैक्सपेयर्स को भेजे जा रहे है मैसेज साथ ही जिन टैक्सपेयर्स ने फर्जी कटौती और छूट के लिए दावे किए हैं, उनसे अपने आईटीआर अपडेट करने की अपील की गई है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने इस सिलसिले में गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और धर्मार्थ संस्थानों से संबंधित गलत दावों के लिए टैक्सपेयर्स को टेक्स्ट मैसेज और ईमेल के जरिए आगाह करना शुरू कर दिया है। रुक सकता है रिफंड आयकर नियमों के अनुसार, आप अपना रिटर्न आसानी से भर सकते हैं। हालांकि, हर रिटर्न को दोबारा फाइल नहीं किया जा सकता इसलिए नियमों को समझना बेहद जरूरी है, वरना आपका रिफंड रुक सकता है और जुर्माना भी लग सकता है।  

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के आगमन को लेकर सुरक्षा सख्त, 25 दिसंबर को कई मार्ग बंद

ग्वालियर  केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के प्रस्तावित ग्वालियर दौरे को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस महकमे ने व्यापक सुरक्षा व यातायात व्यवस्था की रूपरेखा तैयार कर ली है। 25 दिसंबर को प्रस्तावित इस वीआईपी विजिट के दौरान शहर में चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था रहेगी और कई प्रमुख मार्गो पर यातायात डायवर्ट किया जाएगा। हालांकि, केंद्रीय गृहमंत्रालय से अभी औपचारिक कार्यक्रम जारी होना शेष है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जानकारी के अनुसार केंद्रीय गृहमंत्री वायुसेना के विशेष विमान से ग्वालियर एयरबेस पर पहुंचेंगे और वहां से सीधे मेला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। एयरबेस से कार्यक्रम स्थल तक पूरे मार्ग पर जमीन से लेकर हाइराइज इमारतों तक सुरक्षा निगरानी की जाएगी। गृहमंत्री के आगमन से पहले शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यह रहेगा वीआईपी रूट एयरबेस से निकलने के बाद वीआईपी काफिला एयरपोर्ट तिराहा, दीनदयालनगर, पिंटो पार्क, गोला का मंदिर, दूध डेयरी, भाऊसाहब पोतनीस एनक्लेव के सामने से होते हुए मेला मैदान पहुंचेगा।   -भिंड से ग्वालियर आने वाले वाहन बरेठा चौकी, बड़ागांव, हुरावली मार्ग से शहर में प्रवेश करेंगे। -मुरैना से आने वाला यातायात चार शहर का नाका से शहर में प्रवेश करेगा और वापसी भी इसी मार्ग से होगी। -मुरार से भिंड जाने वाले वाहन सात नंबर चौराहा, बरेठा चौकी मार्ग का उपयोग करेंगे। -वीआईपी विजिट के दौरान गोला का मंदिर चौराहा, सात नंबर चौराहा और सूर्य नमस्कार तिराहा से मेला मैदान की ओर जाने वाले मार्ग पर सामान्य वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। सीएम विजिट की तैयारी, डायवर्ट होगा यातायात शहर में तानसेन समारोह में शामिल लिए डा.मोहन यादव सोमवार को ग्वालियर आ सकते हैं। उनके प्रवास को देखते हुए शहर की यातायात व्यवस्था को बदला गया है। यातायात पुलिस अधिकारियों का कहना है सीएम डॉ. मोहन यादव के शहर आगमन के दौरान भारी वाहनों की शहर में एंट्री बंद रहेगी। -रेलवे स्टेशन से हजीरा जाने वाले वाहन तानसेन रोड से नए आरओबी होकर रेसकोर्स रोड से गोला का मंदिर के रास्ते जाएंगे। -पुरानी छावनी से रेलवे स्टेशन आने वाले संजयनगर पुल से बिरलानगर होकर रेलवे स्टेशन आएंगे। -चार शहर का नाका से हजीरा आने वाले वाहन घोड़ा चौक होकर आएंगे। घासमंडी, किलागेट से हजीरा जाने वाले वाहन सेवानगर, रमटापुरा पुल, तानसेन नगर से लोको होकर जाएंगे। सेवानगर, किलागेट से हजीरा से मल्लगढ़ा जाने के लिए किलागेट से वाहन बाबा कपूर, काशीनरेश की गली से सागरताल होकर जाएंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 17 दिसम्बर को करेंगे मेले का शुभारंभ

"समृद्ध वन खुशहाल जन थीम पर होगा मेला 200 आयुर्वेदिक चिकित्सक एवं विशेषज्ञ देंगे नि:शुल्क चिकित्सा परामर्श मेले में होंगे 350 स्टॉल भोपाल  अंतर्राष्ट्रीय वन मेला अपने आप में एक अनूठा आयोजन है। मेले में लघु वनोपज एवं औषधीय पौधों के क्षेत्र की गतिविधियों, उत्पादों एवं अवसरों को प्रदर्शित करने एवं इससे जुड़े संग्राहकों, उत्पादकों, व्यापारियों, उद्यमियों, वैज्ञानिकों, प्रशासकों और नीति निर्धारकों के बीच संवाद स्थापित करने के लिये व्यापक मंच उपलब्ध होता है। वन राज्य मंत्री श्री दिलीप सिंह अहिरवार पलाश होटल में वन मेले की पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। वन मंत्री श्री अहिरवार ने बताया कि मेले का शुभारंभ 17 दिसम्बर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। उन्होंने कहा कि 'समृद्ध वन खुशहाल वन' की थीम पर अंतर्राष्ट्रीय वन मेला 17 से 23 दिसम्बर तक लाल परेड मैदान में लगेगा। मेले में 350 स्टॉल लगाये जा रहे हैं। मेले में प्रदेश के जिला यूनियन, वन, वन धन केन्द्र, जड़ी-बूटी संग्राहक, उत्पादक, आयुर्वेदिक औषधि निर्माता, परम्परागत भोजन सामग्री के निर्माता एवं विक्रेतागण अपने उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय करेंगे। मेले में 10 शासकीय स्टॉल, 24 अन्य राज्यों के स्टॉल, 16 प्रदर्शनी के स्टॉल, 136 प्रायवेट स्टॉल, 26 फूड स्टॉल, जिनमें अलीराजपुर का दालपुनिया, बाँधवगढ़ की गोंडी व्यंजन का स्वाद मिलेगा। इसके अलावा 50 ओपीडी स्टॉल और एक किड्स जोन भी होगा। वन मंत्री श्री अहिरवार ने कहा कि 200 आयुर्वेदिक पद्धति के चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों द्वारा मेले में नि:शुल्क चिकित्सीय परामर्श प्रदान किया जायेगा। उन्होंने बताया कि मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में ऑर्केस्ट्रा, नुक्कड़ नाटक, लोक नृत्य, स्कूली छात्र-छात्राओं के लिये चित्रकला, फैंसी ड्रेस और गायन के कार्यक्रम होंगे। इसके अलावा 17 दिसम्बर को शाम परम्परागत नृत्य डिण्डोरी की प्रस्तुति, 18 दिसम्बर की शाम ऑर्केस्ट्रा अंचल शर्मा ग्रुप की प्रस्तुति, 19 दिसम्बर की शाम विरासत सूफी की म्यूजिकल प्रस्तुति, 20 दिसम्बर को एक शाम वन विभाग के नाम (फॉरेस्ट मेलोडी) द्वारा सरगम म्यूजिकल ग्रुप, 21 दिसम्बर की शाम ख्याति प्राप्त सिंगर श्री नीरज श्रीधर, बॉम्बे वाइकिंग्स की म्यूजिकल प्रस्तुति, 22 दिसम्बर की शाम मानसरोवर द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम और 23 दिसम्बर की शाम परम्परागत नृत्य, झाबुआ की प्रस्तुति होगी। वन मंत्री श्री अहिरवार ने बताया कि वन मेले में 19 एवं 20 दिसम्बर को अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का भी आयोजन किया जायेगा। इसमें देश के 17, नेपाल के 2 एवं भूटान के एक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। कार्यशाला आईआईएफएम के समन्वय से आयोजित होगी। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक बर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री व्ही.एन. अम्बाडे और प्रबंध संचालक राज्य वनोपज संघ डॉ. समिता राजौरा उपस्थित रहे।