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गढ़वा–पलामू क्षेत्र को बड़ी सौगात, 261 किमी रेल परियोजना से विकास को मिलेगी रफ्तार

जागरण (गढ़वा)  गढ़वा एवं पलामू प्रमंडल के लाखों लोगों के लिए बहुप्रतीक्षित बरवाडीह–गढ़वा रोड–रामानुजगंज–अंबिकापुर नई रेल लाइन परियोजना को केंद्र सरकार ने बड़ी सौगात दी है। रेल मंत्रालय द्वारा 26 मई 2026 को भारत के राजपत्र (संख्या-2568) में प्रकाशित अधिसूचना के माध्यम से 261.838 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना को झारखंड एवं छत्तीसगढ़ में 'विशेष रेल परियोजना' घोषित कर दिया गया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर द्वारा जारी अधिसूचना संख्या का.आ. 2660(अ) के अनुसार रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 2(37A) के तहत यह निर्णय लिया गया है। अधिसूचना के प्रकाशन के साथ ही यह प्रभावी हो गई है। परियोजना के अंतर्गत अंबिकापुर, रामानुजगंज, गढ़वा रोड तथा बरवाडीह के बीच नई सिंगल रेल लाइन का निर्माण किया जाएगा। निर्माण कार्य में आएगी तेजी विशेष रेल परियोजना का दर्जा मिलने से भूमि अधिग्रहण, वन एवं पर्यावरण स्वीकृति सहित विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी आने की संभावना बढ़ गई है। इससे लंबे समय से लंबित इस परियोजना के निर्माण कार्य में गति आने की उम्मीद जगी है। गढ़वा जिला अंतर्गत भंडरिया एवं बड़गड़ प्रखंड सहित गढ़वा जिले के लोगों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि रेल लाइन बनने से आवागमन की सुविधा बढ़ेगी, व्यापार एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। साथ ही झारखंड और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी। गौरतलब है कि बरवाडीह–अंबिकापुर रेल लाइन की मांग कई दशकों से उठती रही है। अब परियोजना को विशेष रेल परियोजना घोषित किए जाने के बाद लोगों को उम्मीद जगी है कि निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा और क्षेत्र का वर्षों पुराना रेल संपर्क का सपना साकार हो सकेगा। बरवाडीह–अंबिकापुर रेल परियोजना को विशेष रेल परियोजना घोषित किया जाना क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे परियोजना के कार्यान्वयन में तेजी आएगी और वर्षों से लंबित लोगों की मांग पूरी होने का मार्ग प्रशस्त होगा। यह निर्णय गढ़वा, पलामू और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। – आनंद प्रसाद सोनी, सांसद प्रतिनिधि बड़गड़। केंद्र सरकार का यह निर्णय क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी सौगात है। रेल लाइन बनने से आवागमन आसान होगा और व्यापार, शिक्षा तथा रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। इससे झारखंड और छत्तीसगढ़ के बीच संपर्क और मजबूत होगा तथा क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी। – कुंवर सिंह, सांसद प्रतिनिधि, भंडरिया। विशेष रेल परियोजना का दर्जा मिलने से बरवाडीह–अंबिकापुर रेल लाइन निर्माण का सपना अब साकार होता दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री एवं रेल मंत्रालय के इस निर्णय से क्षेत्र के लाखों लोगों को लाभ मिलेगा। यह परियोजना विकास, रोजगार और बेहतर परिवहन व्यवस्था का नया अध्याय लिखेगी। – बजरंग प्रसाद, भाजपा मंडल अध्यक्ष दशकों से क्षेत्र की जनता इस रेल परियोजना की प्रतीक्षा कर रही थी। विशेष रेल परियोजना घोषित होने से लोगों में नई उम्मीद जगी है कि अब निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होगा। यह रेल लाइन क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास के साथ-साथ युवाओं के लिए भी नए अवसर लेकर आएगी। – मनोज कुमार राज, सामाजिक कार्यकर्ता  

उदयपुर शिविर में लाभार्थियों को मिली सरकारी योजनाओं की सौगात

 उदयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को उदयपुर में शहरी सेवा शिविर का अवलोकन कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने उदयपुर विकास प्राधिकरण परिसर में आयोजित शिविर में उपस्थित लाभार्थियों से संवाद कर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं शिविर के संबंध में फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सरकारी सेवाओं का लाभ पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से प्रदेशभर में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक व्यक्ति को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सेवा शिविरों के माध्यम से पट्टा वितरण, नामांतरण, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित विभिन्न राजस्व एवं नागरिक सुविधाओं से जुड़े प्रकरणों का समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आवश्यक जांच अथवा प्रक्रिया के कारण अतिरिक्त समय लगने वाले प्रकरणों के निस्तारण के लिए फॉलोअप शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिविरों में आमजन से जुड़े छोटे से लेकर बड़े कार्यों को भी गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने अधिकारियोें से कहा कि शिविरों में आमजन की समस्याओं का समाधान हर हाल में किया जाए तथा इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, महिलाओं और वंचित वर्गों सहित सभी वर्गों को मूलभूत सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध हों। पार्क, सड़क, नाली, सीवरेज, बिजली तथा अन्य नगरीय सुविधाओं से संबंधित समस्याओं का भी प्राथमिकता से समाधान किया जाए। मुख्यमंत्री ने आमजन से आह्वान किया कि वे अपने आसपास के जरूरतमंद लोगों को शिविरों तक पहुंचाने में सहयोग करें, ताकि पात्र व्यक्ति योजनाओं और सेवाओं का लाभ सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों की सामूहिक भागीदारी से ही इन शिविरों की सार्थकता सुनिश्चित होगी मुख्यमंत्री ने शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई स्टॉल्स का अवलोकन करते हुए जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को पट्टे, प्रमाण पत्र, भवन निर्माण स्वीकृति एवं सहायता राशि के चेक तथा दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण भी प्रदान किए। लाभार्थियों ने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी पहल के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, विधायक ताराचंद जैन, फूल सिंह मीणा, उदयलाल डांगी, श्रीचंद कृपलानी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं आमजन उपस्थित रहे।

रोपवे यात्रियों के लिए राहतभरी खबर, झारखंड में सिंफर वैज्ञानिक कर रहे सुरक्षा का परीक्षण

धनबाद. जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में रोपवे में आयी खराबी से तकरीबन 300 सैलानी घंटों हवा में लटके रहे थे। पिछले माह हुई घटना से लोगों में रोपवे की सवारी को लेकर डर बने रहने की संभावना थी। उस डर को केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान-सिंफर(CIMFR) के विज्ञानी ने दूर करने की कोशिश की है। सिंफर के रोपवे टेस्टिंग विभाग के वरिष्ठ विज्ञानी डा. पीके मिश्रा ने देशभर के प्रमुख रोपवे का परीक्षण किया है। शेष बचे रोपवे की टेस्टिंग की प्रक्रिया अब भी जारी है। इन स्थानों की कर चुके रोप टेस्टिंग मैहर रोपवे, चंडी देवी रोपवे, नैनीताल रोपवे, उदयपुर के नीमच माता मंदिर रोपवे, दार्जिलिंग रोपवे, मध्यप्रदेश के देवास में चामुंडा देवी रोपवे, चित्रकूट के हनुमान धारा रोपवे, मनाली, धर्मशाला और मंडी रोपवे के साथ मध्यप्रदेश के भेड़ाघाट रोपवे की टेस्टिंग हो चुकी है। इनमें सबसे अधिक भीड़ मैहर रोपवे में होती है। इसे ध्यान में रख कर रोप परीक्षण किया गया है। हालांकि रोप की स्थिति सही पाई गई है। पिछले साल वैष्णोदेवी रोपवे के रोप का भी परीक्षण कर चुके हैं। वैष्णोदेवी रोपवे की फिर से परीक्षण को जाएंगे। रोप टेस्टिंग कर चुके सिंफर विज्ञानी ने ज्यादातर रोप की स्थिति सही पाया है। हालांकि इसके बावजूद रोपवे संचालक एजेंसी को सुरक्षा मानकों का ध्यान रख कर हर दिन क्लोज मानीटरिंग का सुझाव दिया है। रोपवे के साथ अन्य संवेदनशील स्थान व उपकरणों की नियमित जांच और आंशिक गड़बड़ी होने पर भी तत्काल सेवा रोक कर उसे ठीक करने की सिफारिश की है। क्या कहते हैं विज्ञानी डा. पीके मिश्रा ने बताया कि सिंफर रोप टेस्टिंग करता है। बीआइएस मानक के अनुसार उसके डायमीटर और घिसने वाली जगह का अध्ययन किया जाता है। डायमीटर में घिसाव या क्षरण आया हो तो बदलने का परामर्श दिया जाता है। अब तक जितने भी रोपवे टेस्टिंग की गई है उन्हें सुरक्षा मानकों की विशेष और हर दिन निगरानी का सुझाव दिया गया है।

ह्यूमन बम हमले की धमकी से लुधियाना में हड़कंप, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

लुधियाना. महानगर में एक बार फिर बम धमाके की धमकी मिलने से सनसनी फैल गई है। बुधवार को नगर निगम (MC) और डिप्टी कमिश्नर (DC) दफ्तर की आधिकारिक ईमेल आई.डी. पर आए एक धमकी भरे मेल के बाद प्रशासनिक हलकों और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। इस बार शातिर ईमेल भेजने वाले ने किसी लावारिस बैग या टाइमर बम की नहीं, बल्कि 'ह्यूमन बम' (मानव बम) के जरिए इन दफ्तरों को उड़ाने की खौफनाक धमकी दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईमेल भेजने वाले सिरफिरे ने लुधियाना मेयर के दफ्तर, नगर निगम कार्यालय, डी.सी. दफ्तर और शहर के व्यस्त रेलवे ट्रैक पर बम धमाके करने की चेतावनी दी है। जैसे ही इसकी भनक उच्च अधिकारियों को लगी, तुरंत पुलिस के आला अधिकारी और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं। चंडीगढ़ और दिल्ली तक की खुफिया एजेंसियां अलर्ट, खंगाले जा रहे डिजिटल फुटप्रिंट्स धमकी भरे ईमेल की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम की टीमें और देश की खुफिया एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गई हैं। इस मेल के ओरिजिन (कहाँ से भेजा गया) का पता लगाने और भेजने वाले शातिर को बेनकाब करने के लिए हाई-लेवल जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी पहलुओं, आई.पी. एड्रेस (IP Address) और डिजिटल फुटप्रिंट्स की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके। सर्च ऑपरेशन में नहीं मिला कुछ संदिग्ध, एडिशनल DCP बोले- घबराएं नहीं मामले की पुष्टि करते हुए एडिशनल डी.सी.पी. (ADCP) देव सिंह ने बताया कि बम की धमकी वाला ईमेल मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस की विशेष टीमों और बम निरोधक दस्ते ने तुरंत दोनों दफ्तरों के परिसरों की सघन चेकिंग की। पूरे इलाके को खंगालने के बाद पुलिस को वहां कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है। उन्होंने जनता से अपील की है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है, शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। पहले भी आ चुकी हैं फर्जी धमकियां, सिंगर दिलजीत दोसांझ का घर भी था निशाने पर  काबिलेगौर है कि लुधियाना में बम धमाकों की धमकी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे करीब तीन हफ्ते पहले भी एक ऐसा ही फर्जी ईमेल आया था, जिसमें लुधियाना के मेयर दफ्तर और मशहूर पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ के घर को बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी। हालांकि, लुधियाना में पिछले समय के दौरान आए ऐसे सभी बम थ्रेट ईमेल महज एक 'होक्स' (अफ़वाह या फर्जी कॉल) ही साबित हुए हैं। पुलिस का मानना है कि यह किसी शरारती तत्व का काम है, जिसे जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

रेत विवाद में हुई मौत पर मुख्यमंत्री साय का बड़ा बयान, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा

रायपुर. कोरिया जिले में रेत उत्खनन को लेकर हुए विवाद में भाजपा नेता भरत सिंह गहरवार और उनके करीबी वीरू सिंह गहरवार की हत्या के मामले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और पुलिस इसकी जांच कर रही है। इस मामले में आरोपी भी गिरफ्तार हुए हैं। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि मंगलवार को कोरिया जिले में रेत उत्खनन को लेकर भाजपा नेताओं के बीच विवाद हुआ था, जो रात में खूनी संघर्ष में बदल गया। इस दौरान फॉर्च्यूनर वाहन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई, जिसमें भाजपा नेता भरत सिंह गहरवार की मौके पर जलकर मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से झुलसे उनके रिश्तेदार वीरू सिंह की भी उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं इस घटना में तीन अन्य घायलों का अंबिकापुर अस्पताल में इलाज जारी है। इनमें से एक योगेन्द्र सिंह बोलने की स्थिति में है। दरअसल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर से सूरजपुर दौरे के लिए रवाना होने से पहले मीडिया से चर्चा करते हुए इस सनसनीखेज घटना पर प्रतिक्रिया दी। इसके अलावा उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर भी बयान दिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि वह सूरजपुर दौरे पर जा रहे हैं, जहां नवनिर्वाचित अध्यक्ष और पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। इसके अलावा गरियाबंद जिले में करीब 600 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा। चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन परियोजना के लिए केंद्र सरकार द्वारा राशि स्वीकृत किए जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बहुत आभार है। विधानसभा सत्र को लेकर विपक्ष पर बयान आगामी 13 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र को लेकर विपक्ष के आरोपों पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विपक्ष का काम है कहना, वे अपना धर्म निभाएंगे।

CM मोहन यादव ने स्व. कैलाश नाथ काटजू की जयंती पर दी श्रद्धांजलि, पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कैलाश नाथ काटजू की जयंती पर पुष्पांजलि की अर्पित विधानसभा के सेंट्रल हॉल में स्व. काटजू के चित्र पर किया माल्यार्पण नीट परीक्षा के निर्विघ्न संचालन के लिए राज्य सरकार केन्द्र के लगातार संपर्क में है भोपाल-इन्दौर सहित नीट के अधिक परीक्षा केन्द्रों वाले शहरों के लिए अतिरिक्त बसों का होगा संचालन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से की चर्चा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कैलाशनाथ काटजू की 139वीं जयंती पर विधानसभा स्थित सेंट्रल हॉल में उन्हें पुष्पांपजि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि स्व. काटजू का जन्म रतलाम जिले की जावरा तहसील में हुआ था। उन्होंने वर्ष 1957 से 1962 तक प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में दायित्वों का निर्वाहन किया। इसके बाद केंद्रीय स्तर पर रक्षा , कानून सहित कई मंत्रालय का कामकाज भी संभाला। स्व. काटजू विभिन्न राज्यों के राज्यपाल भी रहे। देश की आजादी से पहले भी उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी के रूप में अपनी क्षमता और योग्यता से स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया। मुख्यमंत्री के रूप में मध्यप्रदेश का नेतृत्व करने के साथ-साथ काटजू, पूर्व प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू के प्रमुख सहयोगी भी रहे। काटजू ने कई स्वशासी संस्थाओं को समृद्ध कर आगे बढ़ाया। प्रदेश के विकास में अपने दूरदर्शी नेतृत्व, उत्कृष्ट प्रशासनिक क्षमता और जनसेवा के प्रति समर्पण से उन्होंने प्रदेश तथा देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। पूर्व मुख्यमंत्री स्व. काटजू के आदर्श, विचार और उनका राष्ट्र सेवा का भाव हमें सदैव जनहित और लोककल्याण के कार्यों के लिए प्रेरित करता रहेगा। नीट परीक्षा के सुचारू और पारदर्शी आयोजन के लिए सभी व्यवस्थाओं पर है विशेष ध्यान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी नीट अभ्यर्थियों को पुन: परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नीट परीक्षा के निर्विघ्न संचालन के लिए राज्य सरकार लगातार केंद्र सरकार के संपर्क में है। परीक्षा के सुचारु और पारदर्शी आयोजन के लिए सभी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। व्यापक तैयारियों के साथ रोल नंबर वेरिफिकेशन भी सुनिश्चित किया जाएगा। नीट परीक्षा के लिए शहरों में अतिरिक्त फोर्स की तैनाती की गई है। परीक्षा केंद्रों पर रिफ्रेशमेंट सेंटर शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं। राज्य सरकार परीक्षार्थियों और अभिभावकों के आवागमन के लिए इंदौर, भोपाल सहित नीट के अधिक परीक्षा केंद्र वाले शहरों में अतिरिक्त बसों का संचालन कर रही है। परीक्षा केंद्रों पर पीने के पानी और अन्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। परीक्षार्थियों और अभिभावकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं।  

International Yoga Day 2026: गुरु नानक स्टेडियम में जुटेंगे 2000 योग साधक, भव्य आयोजन की तैयारी

अमृतसर पंजाब सरकार की स्वास्थ्य पहल सीएम की योगशाला के अंतर्गत 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पूरे प्रदेश में उत्साहपूर्वक मनाया जाएगा। इसी कड़ी में अमृतसर में जिला स्तरीय योग समारोह का आयोजन गुरु नानक स्टेडियम (गांधी ग्राउंड) में किया जाएगा।. इस संबंध में जिला स्तरीय कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा हेतु अतिरिक्त उपायुक्त (शहरी विकास) रुपिंदरपाल सिंह ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारियां निर्धारित कीं तथा सभी आवश्यक प्रबंध समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। एडीसी रुपिंदरपाल सिंह ने बताया कि 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को समर्पित यह जिला स्तरीय कार्यक्रम 21 जून को सुबह 6 बजे गुरु नानक स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में योग विशेषज्ञों द्वारा सामूहिक योगाभ्यास कराया जाएगा तथा योग से जुड़े विभिन्न प्रदर्शन और स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील एडीसी ने कहा कि योग केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का प्रभावी माध्यम है। नियमित योगाभ्यास से शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य बेहतर होता है तथा अनेक बीमारियों से बचाव संभव है। कार्यक्रम में आम नागरिकों, विद्यार्थियों, योग प्रशिक्षकों, स्वास्थ्य कर्मियों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों सहित लगभग 2000 लोगों के शामिल होने की संभावना है। जिला प्रशासन द्वारा कार्यक्रम के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं और व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। जागरूक समाज के निर्माण में योग की अहम भूमिका रुपिंदरपाल सिंह ने जिले के नागरिकों से अपील की कि वे 21 जून को प्रातः 5:45 बजे गुरु नानक स्टेडियम पहुंचकर इस आयोजन में भाग लें और योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस स्वस्थ एवं जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर है।  

NEET पुनर्परीक्षा के लिए सख्त इंतजाम, बायोमैट्रिक, CCTV और जैमर से लैस होंगे 283 परीक्षा केंद्र

इंदौर/ भोपाल   नीट पुनर्परीक्षा को लेकर मध्य प्रदेश में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं. परीक्षा के लिए इंदौर जिले में सर्वाधिक 57 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. जहां 23 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे. परीक्षा को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. तमाम सुविधा और संसाधनों की समीक्षा मुख्यमंत्री द्वारा की जा रही है. कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया, '' इंदौर में नीट परीक्षा के लिए सभी केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं, सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर तैयारियां की जा रही हैं।  सीएम मोहन के अधिकारियों को सख्त निर्देश मंगलवार को नीट परीक्षा की तैयारी को लेकर आयोजित वीडियो कन्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री डॉ. यादव भी शामिल हुए, सीएम मोहन ने नीट परीक्षा के समन्वयक उच्च शिक्षा विभाग को सभी परीक्षा केन्द्रों में लगाई जाने वाली बायोमैट्रिक मशीन, सीसीटीवी कैमरे और जैमर 19 जून को ही परीक्षा केन्द्रों में लगाने के निर्देश दिए हैं।  शासकीय वाहन से छात्र को परीक्षा केंद्र पहुचाने की सलाह मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों के निर्देश देते हुए कहा, " नीट परीक्षा के दिन अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन भी होने हैं, इन आयोजनों के कारण परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कोई कठिनाई न हो. यातायात का बेहतर नियोजन करें. सुनिश्चित करें कि सभी परीक्षार्थी तय समय से पहले केन्द्रों में पहुंच जायें. किसी परीक्षार्थी को यदि सेंटर तक पहुंचने में आवागमन के साधन की परेशानी आ रही है तो प्रशासन और पुलिस अधिकारी किसी शासकीय वाहन या खुद अपने वाहन से उन्हें परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने में सहयोग करें।  नीट के सभी केंद्रों पर अधिकारी की नियुक्ति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परीक्षा केंद्रों वाले सभी 30 जिलों के कलेक्टर्स और एसपी सहित अन्य अधिकारियों को वीसी से निर्देशित किया कि नीट परीक्षा की तैयारियों के लिए उपयोग में लाई गई एसओपी अब प्रदेश में होने वाली सभी परीक्षाओं में उपयोग की जाएगी. अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा एवं जनसंपर्क अनुपम राजन ने परीक्षा की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि नीट परीक्षा आयोजन के लिए जिलास्तरीय समन्वय समिति का गठन कर इनकी बैठकें भी कर ली गई है. नियंत्रण कक्ष की स्थापना कर जिला नोडल अधिकारी की नियुक्ति भी कर दी गई है. करीब 4 परीक्षा केन्द्रों पर एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है. इसके अलावा प्रत्येक परीक्षा केन्द्रों में सहायक उपनिरीक्षक स्तर के पुलिस अधिकारी की नियुक्ति की गई है।  2 बैंकों में रखे गए नीट के प्रश्नपत्र अपर मुख्य सचिव  राजन ने बताया, "नीट परीक्षा आयोजन के लिए संबंधित जिलों में सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किये गये हैं. परीक्षा के प्रश्नपत्र प्रदेश के 5 एयरपोर्ट के जरिए पहुंच चुके हैं. प्रश्न एनटीए द्वारा तय किए गए 2 अधिसूचित बैंकों में सुरक्षित रखे गए हैं. परीक्षा के दिन वाहनों की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की जाएगी. इन वाहनों की जानकारी शाम तक एनटीए को दे दी जाएगी।  नीट यूजी (अंडर ग्रेजुएट) परीक्षा 2026 मध्य प्रदेश में 30 जिलों के 283 परीक्षा केन्द्रों में होगी. यह परीक्षा इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, उज्जैन, सागर, छिंदवाड़ा, बैतूल, भिंड, बालाघाट, अशोकनगर, छतरपुर, रतलाम, बड़वानी, खरगौन, धार, खंडवा, नर्मदापुरम्, दमोह, दतिया, देवास, गुना, मंदसौर, मुरैना, नीमच, राजगढ़, सिंगरौली, विदिशा और सतना जिले में होगी। 

जेल में VIP सुविधाओं पर बड़ा एक्शन, गिरिबाला-समर्थ केस के बाद 25+ अधिकारियों का ट्रांसफर

भोपाल  जेल विभाग ने 20 से ज्यादा अधिकारियों की तबादला सूची जारी की है। जिसमें सबसे चर्चित नाम ग्वालियर के जेल अधीक्षक विदित सिरवैया का है। जिन्हें ग्वालियर से हटाकर सर्किल जेल शिवपुरी का प्रभारी अधीक्षक बनाया है। बता दें सिरवैया से रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। जिसमें ब्लैकमेलर ने जेल में वसूली और नशेबाजी का वीडियो भेजकर उनसे 5 लाख मांगे। रकम नहीं भेजने पर वीडियो वरिष्ठ अधिकारियों को भेजने की धमकी दी। जिस पर जेल अधीक्षक द्वारा ब्लैकमेलिंग की लिखित शिकायत बहोड़ापुर थाने में दर्ज करवाई गई। गिरिबाला, समर्थ सिंह जैसे हाईप्रोफाइल कैदियों का ध्यान रखने वाले अधीक्षक का भी ट्रांसफर वहीं परिवहन के करोड़पति आरक्षक सौरभ शर्मा और ट्विशा की सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह और समर्थ जैसे हाईप्रोफाइल बंदियों की जेल में देखरेख करने वाले कथित VIP ट्रीटमेंट देने वाले भोपाल जेल अधीक्षक का भी तबादला किया गया है। अधीक्षक राकेश भांगरे को केंद्रीय जेल ग्वालियर का प्रभारी अधीक्षक बनाया गया है। बता दें हाल ही में भांगरे पर पूर्व जज गिरिबाला और समर्थ को जेल के भीतर वीआईपी ट्रीटमेंट देने का आरोप लगा था। जेल विभाग में हुए प्रमुख ट्रांसफर की लिस्ट अधिकारी – वर्तमान पदस्थापना – नई पदस्थापना दिनेश नरगावे – जेल मुख्यालय, भोपाल केंद्रीय जेल, इंदौर अलका सोनकर – केंद्रीय जेल, इंदौर जेल मुख्यालय, भोपाल विदित सिरवैया – प्र. अधीक्षक, केंद्रीय जेल ग्वालियर – सर्किल जेल, शिवपुरी राकेश भांगरे – प्र. अधीक्षक, केंद्रीय जेल, भोपाल – केंद्रीय जेल, ग्वालियर रमेशचंद्र आर्य – प्र. अधीक्षक, सर्किल जेल शिवपुरी – केंद्रीय जेल, सागर देवेंद्र कुमार – सारस जिला जेल, उमरिया – जिला जेल, खण्डवा मानेंद्र सिंह परिहार- अधीक्षक, केंद्रीय जेल सागर – केंद्रीय जेल, भोपाल अदिति चतुर्वेदी- जिला जेल, खण्डवा – केंद्रीय जेल, नरसिंहपुर यशवंत मांझी – जिला जेल, नीमच – प्र. अधीक्षक, जिला जेल, मंदसौर दिलीप सिंह – जिला जेल, छतरपुर – जिला जेल, हरदा योगेंद्र परमार – केंद्रीय जेल, रीवा – केंद्रीय जेल, छतरपुर 16 जून रात 12 बजे तक होने थे ट्रांसफर बता दें कि नई तबादला नीति के तहत मध्य प्रदेश में 1 जून से तबादलों से रोक हटाते हुए तबादले शुरू किए गए थे। 1 जून से शुरू हुए इन तबादलों की अंतिम तारीख 15 जून थी। लेकिन कई विभाग में तबादलों पर अनुमोदन के बावजूद तबादला आदेश तय समय पर जारी नहीं हो पाए थे। सीएम डॉ. मोहन यादव ने गत दिवस मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में मंत्रियों की मांग के बाद 24 घंटे की अवधि और बढ़ाते हुए आदेश जारी किया। आदेश के मुताबिक जिन विभागों में अधिकारी कर्मचारी ज्यादा हैं और अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, ऐसे अधिकारियों कर्मचारियों के तबादले 16 जून रात 12 बजे तक करने की अनुमति मिली। इसके बाद जेल विभाग समेत सभी विभागों में रात 12 बजे तक ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी की गई है।

UP 112, मिशन शक्ति और गैंगस्टर एक्शन से बदली पुलिसिंग, सुरक्षा और विकास को मिला बल

लखनऊ यूपी जैसे बड़े स्टेट में लॉ एंड ऑर्डर का इम्पैक्ट हर घर, मार्केट, सड़क और रोज के कामकाज पर पड़ता है। अगर क्राइम बढ़ता है, तो लोगों का भरोसा कमजोर होता है। बिजनेसमैन देर तक दुकान खोलने में डर महसूस करता है। महिलाएं बाहर निकलने में अनसेफ महसूस करती हैं। किसान और छोटे कारोबारी भी अपनी रोज की मूवमेंट में डर महसूस करते हैं। इसलिए क्राइम पर कंट्रोल केवल पुलिस का मुद्दा नहीं, बल्कि सोसायटी और विकास दोनों से जुड़ा मुद्दा है। साल 2012 से 2017 के बीच UP में क्राइम और सिक्योरिटी को लेकर कई चिंताएं सामने आईं। हत्या, लूट, डकैती, दंगा, महिला सुरक्षा और ऑर्गनाइज्ड क्राइम जैसे मुद्दे लगातार चर्चा में रहे। UP पुलिस के Crime in UP 2016 डॉक्यूमेंट में भी 2012 से 2016 के बीच रिकॉर्ड हुए क्राइम में बढ़ोतरी दिखाई गई थी। इस दौर ने यह साफ कर दिया कि इतने बड़े प्रदेश को ऐसा पुलिस सिस्टम चाहिए, जो तेज भी हो और लोगों के करीब भी हो। बाद के सालों में इसी जरूरत को ध्यान में रखकर पुलिसिंग को ज्यादा टेक्नोलॉजी बेस्ड, आसान और रिस्पॉन्सिबल बनाने पर काम हुआ। UP 112 से तेज हेल्प, मिशन शक्ति से महिला सुरक्षा, ऑर्गनाइज्ड क्राइम पर सख्त एक्शन और टेक्नोलॉजी से मॉनिटरिंग जैसे स्टेप्स ने पुलिस सिस्टम को नई दिशा दी। अब गोल केवल इंसिडेंट के बाद एक्शन लेना नहीं रहा। गोल यह भी बना कि हेल्प समय पर पहुंचे, कंप्लेंट आसानी से हो और आम लोगों को भरोसेमंद माहौल मिले। क्राइम की चिंता, आम जीवन पर चोट जब क्राइम बढ़ता है, तो इम्पैक्ट केवल एक परिवार तक नहीं रहता। पूरा एरिया उसका असर महसूस करता है। मार्केट जल्दी बंद होने लगते हैं। रात में मूवमेंट कम हो जाती है। स्कूल, कॉलेज और काम पर जाने वाली महिलाओं और युवाओं के मन में डर बढ़ता है। कई बार डर इतना बढ़ता है कि लोग कंप्लेंट दर्ज कराने से भी बचते हैं। उन्हें लगता है कि कहीं परेशानी और न बढ़ जाए। इसलिए लॉ एंड ऑर्डर की असली ताकत केवल क्राइम के नंबर कम करने में नहीं है। असली ताकत लोगों के मन में भरोसा पैदा करने में है। जब परिवार सेफ महसूस करता है, तो बच्चे पढ़ाई के लिए बाहर निकलते हैं। जब बिजनेसमैन सेफ महसूस करता है, तो मार्केट देर तक चलता है। जब किसान सेफ महसूस करता है, तो वह अपनी फसल मंडी तक भरोसे के साथ ले जाता है। नई पुलिसिंग, जनता से मजबूत कनेक्टिंग उत्तर प्रदेश में बाद के सालों में पुलिसिंग को ज्यादा तेज, टेक्नोलॉजी बेस्ड और जनता के करीब बनाने पर जोर दिया गया। क्राइम पर सख्ती, माफिया पर एक्शन, गैंगस्टर एक्ट के तहत प्रॉपर्टी जब्ती, UP 112 और महिला सुरक्षा जैसे स्टेप्स इसी बदलाव का हिस्सा बने। इस बदलाव का गोल केवल क्रिमिनल्स पर एक्शन लेना नहीं था। गोल यह भी था कि कंप्लेंट जल्दी सुनी जाए, हेल्प समय पर पहुंचे और आम लोगों को लगे कि पुलिस उनके साथ खड़ी है। जब पुलिस सिस्टम लोगों तक आसानी से पहुंचता है, तो भरोसा बढ़ता है। जब भरोसा बढ़ता है, तो लोग कंप्लेंट करने से डरते नहीं। यही बदली पुलिसिंग का बड़ा इम्पैक्ट है। UP 112 से तेज हेल्प, संकट में मिला साथ किसी भी मुश्किल समय में सबसे जरूरी चीज होती है जल्दी हेल्प। सड़क हादसा हो, झगड़ा हो, महिला सुरक्षा से जुड़ी कंप्लेंट हो या कोई और इमरजेंसी हो, तेज पुलिस हेल्प लोगों को बड़ा सपोर्ट देती है। UP 112 इसी जरूरत को पूरा करने वाला सिस्टम है। इसका गोल पुलिस असिस्टेंस को जल्दी से लोगों तक पहुंचाना है। इससे हेल्प केवल बड़े शहरों तक लिमिटेड नहीं रही। गांवों, कस्बों और दूर के इलाकों तक भी इमरजेंसी पुलिस सर्विस पहुंचाने की कोशिश हुई। UP 112 के ऑफिशियल इंट्रोडक्शन डॉक्यूमेंट के अनुसार, इस सिस्टम ने लॉन्च के बाद 4.3 करोड़ से अधिक इंसिडेंट्स पर रिस्पॉन्स दिया। रोज औसतन 90,000 कॉल का जवाब दिया जाता है और करीब 19,500 इंसिडेंट्स पर एक्शन होता है। कॉल पर जवाब, हेल्प का साथ, UP 112 ने आसान की सुरक्षा की राह। यह बताता है कि पुलिस हेल्प अब केवल थाने पर निर्भर नहीं है। कंट्रोल रूम, व्हीकल नेटवर्क और टेक्नोलॉजी की मदद से पुलिसिंग अब प्रदेश स्तर पर जुड़कर काम कर रही है ऑर्गनाइज्ड क्राइम पर वार, भरोसे को आधार ऑर्गनाइज्ड क्राइम किसी भी स्टेट के लिए बड़ी चुनौती होता है। यह केवल एक क्रिमिनल या एक इंसिडेंट तक लिमिटेड नहीं रहता। इसमें जमीन कब्जा, रंगदारी, धमकी, अवैध कमाई और लोकल प्रेशर जैसे कई रूप शामिल होते हैं। ऐसे क्राइम से आम लोगों में डर बढ़ता है। बिजनेसमैन अपने काम को लेकर अनसेफ महसूस करता है। जमीन, बिजनेस और रोजमर्रा के फैसलों पर भी इसका इम्पैक्ट पड़ता है उत्तर प्रदेश में ऐसे क्राइम पर एक्शन के लिए गैंगस्टर एक्ट और प्रॉपर्टी जब्ती जैसे स्टेप्स अपनाए गए। India Code पर उपलब्ध कानून की धारा 14 में ऐसी प्रॉपर्टी जब्त करने का प्रावधान है, जो क्राइम से जुड़ी एक्टिविटीज से कमाई गई मानी जाए। इस तरह के एक्शन का मैसेज साफ है। क्राइम से कमाई गई प्रॉपर्टी सुरक्षित नहीं रहती। इससे क्रिमिनल्स पर फाइनेंशियल प्रेशर बनता है और लोकल लेवल पर डर का माहौल कम करने में मदद मिलती है। क्राइम पर वार, भरोसे को आधार, जनता को मिला सुरक्षित संसार। वीमेन सेफ्टी को सपोर्ट, सोसायटी का भरोसा मजबूत लॉ एंड ऑर्डर की मजबूती तब सबसे ज्यादा दिखती है, जब महिलाएं सेफ महसूस करें। बेटी स्कूल जाए, छात्रा कॉलेज जाए, महिला काम पर जाए या परिवार के साथ मार्केट जाए, हर जगह सुरक्षा का भरोसा जरूरी है। उत्तर प्रदेश पुलिस की महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन 18 अगस्त 2020 को स्थापित किया गया। यह संगठन महिलाओं और बच्चों से जुड़े क्राइम की रोकथाम और सेफ माहौल बनाने के लिए काम करता है। इसके तहत महिला पावर लाइन 1090, महिला सम्मान प्रकोष्ठ, मिशन शक्ति, सेफ सिटी प्रोजेक्ट और ITSSO जैसे कई प्रोग्राम शामिल हैं। मिशन शक्ति ने महिला सुरक्षा को केवल हेल्पलाइन तक लिमिटेड नहीं रखा। इसके जरिए गांवों, वार्डों, स्कूलों, कॉलेजों और पब्लिक प्लेसेज तक अवेयरनेस पहुंचाई गई। मिशन शक्ति 5.0 से जुड़े डिटेल्स के अनुसार, महिला बीट सिस्टम, गांव-गांव कनेक्ट और कंप्लेंट्स के जल्दी … Read more