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उमरिया में 4.8 डिग्री तापमान, मध्य प्रदेश के 24 शहरों में 10 डिग्री से कम पारा, ठिठुरते लोग

भोपाल  मध्य प्रदेश में दिसंबर की शुरुआत से ही ठंड ने जोर पकड़ा हुआ है, वहीं अब हाड़ कंपा देने वाली ठंड की एंट्री हो गई है. बर्फीली हवाओं ने प्रदेश पर ऐसा असर किया है कि शुक्रवार को पचमढ़ी हिल स्टेशन से ज्यादा ठंडा रीवा हो गया है. यहां रात का न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पचमढ़ी में तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस रहा. पहाड़ों पर बर्फबारी से बढ़ी ठिठुरन पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और उत्तरी हवाओं ने मध्य प्रदेश में ठिठुरन बढ़ा दी है. गुरुवार-शुक्रवार रात राजधानी भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर समेत 19 से ज्यादा शहरों का तापमान गोता लगाते हुए 10 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच गया था. मौसम विभाग के मुताबिक हिमाचल में वेस्टर्रन डिस्टर्बेंस की वजह से भारी बर्फबारी के आसार हैं, इसी वजह से उत्तरी हवाएं एमपी में भी ज्यादा ठंड ला रही हैं. मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी राज्य- हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के चलते बर्फबारी और बारिश होने की संभावना है। यहां से सर्द हवाएं भी एमपी में आ रही है। 7-8 दिसंबर को ठंड का असर और बढ़ेगा। शुक्रवार-शनिवार की रात में एमपी में पहली बार पारा 5 डिग्री से नीचे आ गया। उमरिया में सबसे कम 4.8 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़ में 5 डिग्री, रीवा में 5.4 डिग्री, छतरपुर के नौगांव में 5.7 डिग्री और खजुराहो में 6.4 डिग्री, रायसेन में 7.4 डिग्री, दमोह-सतना में 7.5 डिग्री, मंडला में 8 डिग्री, मलाजखंड में 8.1 डिग्री, दतिया में 8.3 डिग्री, गुना में 8.4 डिग्री, बैतूल में 8.5 डिग्री, सीधी में 8.6 डिग्री, छिंदवाड़ा में 8.8 डिग्री, धार में 9.1 डिग्री, श्योपुर, सिवनी-नरसिंहपुर में 9.4 डिग्री, सागर में 9.9 डिग्री रहा। बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में सबसे कम 6.2 डिग्री, भोपाल में 8.2 डिग्री, ग्वालियर में 7.6 डिग्री, उज्जैन में 10 डिग्री और जबलपुर में पारा 7.8 डिग्री दर्ज किया गया। दिसंबर में टूटेंगे ठंड के कई रिकॉर्ड मौसम विभाग के मुताबिक इसबार नवंबर में ही दिसंबर-जनवरी जैसे ठंड पड़ी, जिससे कई रिकॉर्ड टूटे हैं. 1941 के बाद पहली बार राजधानी भोपाल में नवंबर में इतनी तेज ठंड पड़ी. 1941 में जहां नवंबर में 6.1 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तामपान दर्ज किया गया था तो वहीं 17 नवंबर 2025 को यह 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग का मानना है कि अगर ठंड के ऐसे ही तेवर रहे, तो दिसंबर में भी कई रिकॉर्ड ध्वस्त हो सकते हैं. कहां कितना रहा न्यूनतम तापमान? मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर से आ रही हवाओं का सबसे ज्यादा असर ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग पर पड़ा है. वहीं पूरे प्रदेश में औसत तापमान 2 से 3 डिग्री तक नीचे गिर गया है. गुरुवार-शुक्रवार रात रीवा में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री, राजगढ़ में 6 डिग्री, पचमढ़ी में 6.7 डिग्री, चित्रकूट में 6.8 डिग्री, शिवपुरी में 7 डिग्री, उमरिया में 7.1 डिग्री, ग्वालियर में 7.5 डिग्री, नौगांव में 8.2 डिग्री, भोपाल में 8.2 डिग्री, सतना में 8.6 डिग्री, दमोह-खजुराहो में 9 डिग्री, गुना में 9.5 डिग्री, सीधी में 9.6 डिग्री, मलाजखंड में 9.7 डिग्री और जबलपुर व धार में तापमान 9.9 डिग्री सेल्सियस रहा. इस बार समय से पहले इतनी ठंड क्यों? मध्य प्रदेश में समय से पहले इतनी तेज ठंड के पीछे की वजह पहाड़ों पर बर्फबारी को बताया जा रहा है. भोपाल में सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने कहा, '' इस वर्ष उत्तरी राज्यों के पहाड़ी इलाकों में नवंबर की शुरुआत से ही बर्फबारी होने लगी थी. यही वजह है कि मध्य प्रदेश में जैसी ठंड दिसंबर के अंत और जनवरी में पड़ती थी, वैसी नवंबर से पड़ने लगी. दरअसल, उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाओं से ही प्रदेश में ज्यादा ठंड पड़ती है. नवंबर की शुरुआत में तेज ठंड के बाद आखिरी सप्ताह में हवा की दिशा बदलते ही तापमान बढ़ गया था, लेकिन दिसंबर में फिर ठंड ने जोर पकड़ा है.'' दिन में भी बढ़ा सर्दी का असर मध्य प्रदेश के ज्यादातर शहरों में रात के वक्त जहां हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ रही है, तो वहीं दिन में भी सर्दी का असर बरकरार है. शुक्रवार को नरसिंहपुर में दिन का अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस, बैतूल में 23.7 डिग्री, शिवपुरी में 24 डिग्री, धार में 24.4 डिग्री, नौगांव में 24.5 डिग्री, श्योपुर में 24.6 डिग्री और रीवा में 24.8 डिग्री रहा. वहीं बड़े शहर भोपाल, इंदौर, जबलपुर व ग्वालियर में भी दिन का अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस का आसपास रहा. पचमढ़ी से भी ठंडी रही रीवा की रात बीती रात रीवा प्रदेश में सबसे ठंडा इलाका रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी से भी कम रहा। भोपाल में पारा 8.2 डिग्री, ग्वालियर में 7.5 डिग्री, जबलपुर में 9.9 डिग्री, इंदौर में 11 डिग्री और उज्जैन में 11.7 डिग्री दर्ज हुआ। राजगढ़-कल्याणपुर में 6 डिग्री, पचमढ़ी 6.7, चित्रकूट 6.8, शिवपुरी 7, उमरिया 7.1, नौगांव 8.2, सतना 8.6, दमोह और खजुराहो में 9 डिग्री, गुना 9.5, सीधी 9.6, मलाजखंड 9.7 और धार में 9.9 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा। दिन के तापमान में भी गिरावट सर्द हवाओं का असर दिन में भी देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को पचमढ़ी और नरसिंहपुर में अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री दर्ज किया गया। बैतूल 23.7, शिवपुरी 24, धार-सिवनी 24.4, नौगांव 24.5, श्योपुर 24.6, रीवा 24.8 और टीकमगढ़ में तापमान 25 डिग्री के आसपास रहा। पांच प्रमुख शहरों में भोपाल का अधिकतम तापमान 25 डिग्री, इंदौर 24.8, ग्वालियर 25.6, जबलपुर 25.3 और उज्जैन में 26.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिसंबर में भी पड़ेगी कड़ी ठंड मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बार ठंड का दौर लंबा और अधिक प्रभावी रहेगा। भोपाल में नवंबर महीने की ठंड ने 84 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया, जबकि इंदौर में 25 वर्षों में सबसे ज्यादा ठंड दर्ज की गई। इसी तरह दिसंबर में भी ठंड नए रिकॉर्ड बना सकती है। नवंबर पहले ही बना चुका है रिकॉर्ड भोपाल में इस बार नवंबर में लगातार 15 दिन तक शीतलहर का असर रहा, जो साल 1931 के बाद सबसे लंबा दौर माना जा रहा है। 17 नवंबर की रात … Read more

रायपुर: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भटगांव विधानसभा क्षेत्र के धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया

रायपुर : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने भटगांव विधानसभा के धान खरीदी केंद्रों का किया निरीक्षण रायपुर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज भटगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सल्का और ग्राम बन्ना स्थित धान खरीदी केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने खरीद व्यवस्था, किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, तौल मशीनों, मापक उपकरणों और धान उपार्जन से जुड़ी प्रत्येक प्रक्रिया का सूक्ष्म निरीक्षण किया। इस दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने केंद्र में उपस्थित किसानों से संवाद स्थापित कर उनकी सुझाव और जरूरतों के बारे में जानकारी ली। किसानों ने बताया कि शासन की ओर से की गई व्यवस्थाएँ सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं तथा उन्हें धान बेचने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं आ रही है। मंत्री ने समर्थन मूल्य, तुलाई की गति, बारदाना उपलब्धता और परिवहन की स्थिति पर भी किसानों से विस्तृत फीडबैक प्राप्त किया। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के धान की समयबद्ध, पारदर्शी और व्यवस्थित खरीदी के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों की उपज का सही मूल्य दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीदी केंद्रों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की सतत मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में तुरंत कार्यवाही सुनिश्चित हो। निरीक्षण कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, किसान एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

रायपुर: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना के तहत सड़क निर्माण कार्यों का किया भूमिपूजन

रायपुर : सुगम आवागमन की दिशा में बड़ा कदम: मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना के तहत किया सड़क निर्माण कार्यों का भूमिपूजन रायपुर छत्तीसगढ़ में ग्रामीण संपर्क मार्गों को सुदृढ़ बनाने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी कड़ी में आज महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग की मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर जिले के ग्राम नवाटोला, तेलगवां, माडर में मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना अंतर्गत स्वीकृत सड़क निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों, पंच-सरपंचों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण इलाकों में आवागमन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि गांवों का हर मौसम में सुचारू रूप से विकास से जुड़ाव बना रहे। योजना के तहत कुल 0.90 किमी लंबाई की सीसी सड़कों एवं नाली निर्माण का कार्य स्वीकृत हुआ है। इनमें ओडगी नवाटोला मुख्य मार्ग से खालबहरा मार्ग तक 0.20 किमी सड़क, लागत 17.07 लाख रुपए,मेन रोड भंडारापारा से बगीचा मार्ग तक 0.20 किमी सड़क, लागत 17.07 लाख रुपए,देवलपारा से संतलाल तक 0.50 किमी सड़क, लागत 40.23 लाख रुपए शामिल है। इन निर्माण कार्यों पर कुल 74.37 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीणों को पक्की सड़क की सुविधा प्राप्त होगी, जिससे दैनिक आवागमन आसान होगा तथा छात्रों, किसानों और कामकाज के लिए आने-जाने वाले लोगों को विशेष लाभ मिलेगा। बारिश के मौसम में भी परिवहन व्यवस्था अब निर्बाध रहेगी। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री ग्राम गौरव पथ योजना गांवों में सतत विकास और मजबूत बुनियादी ढांचे की दिशा में राज्य सरकार की प्राथमिकता को दर्शाती है। आने वाले समय में ऐसे और भी कार्यों को गति दी जाएगी ताकि प्रत्येक गांव बेहतर सड़क सुविधा से जुड़ सके।

उप मुख्यमंत्री साव बनवाएंगे जी.ई. रोड पर बहुप्रतीक्षित फ्लाईओवर, 173 करोड़ किए मंजूर

डिप्टी सीएम साव ने दी राजधानी को बहुप्रतीक्षित फ्लाईओवर की मंजूरी उप मुख्यमंत्री साव बनवाएंगे जी.ई. रोड पर बहुप्रतीक्षित फ्लाईओवर, 173 करोड़ किए मंजूर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पी.टी.एस. चौक में फ्लाईओवर का प्रस्ताव अगले बजट में शामिल करने के दिए निर्देश रायपुर उप मुख्यमंत्री, लोक निर्माण तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव की पहल पर राजधानी रायपुर के यातायात को व्यवस्थित करने तथा रेलवे स्टेशन से एयरपोर्ट तक सुगम यातायात के लिए शहर के बीच कई फ्लाईओवर्स की कार्ययोजना को धरातल पर उतारा जा रहा है। उप मुख्यमंत्री श्री साव के अनुमोदन के बाद लोक निर्माण विभाग ने आज जी.ई. रोड पर बहुप्रतीक्षित गुरू तेगबहादुर उद्यान से तेलीबांधा में नेताजी सुभाष चौक से गुरूनानक चौक तक फ्लाईओवर के लिए 173 करोड़ रुपए की स्वीकृति दे दी है। इसके निर्माण से गुरू तेगबहादुर उद्यान से नेताजी सुभाष चौक से गुरूनानक चौक तक जी.ई. रोड पर शहर का यातायात सुगम हो जाएगा। इससे लोगों को काफी राहत मिलेगी।  रायपुर शहर के यातायात को व्यवस्थित करने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में इस फ्लाईओवर के निर्माण को शामिल किया गया था। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे इस फोरलेन (16.61 मीटर चौड़ा) फ्लाईओवर के निर्माण से शंकर नगर चौक, केनाल रोड क्रासिंग व गुरूनानक चौक में यातायात की समस्या से निजात मिलेगी। इस फ्लाईओवर से नगर घड़ी चौक से यातायात सीधे तेलीबांधा थाने तक पहुंच जाएगी तथा नगर घड़ी चौक का ट्रैफिक तेलीबांधा चौक से पहले बांयी ओर मुड़कर अटल एक्सप्रेस-वे से सीधे एयरपोर्ट तक पहुंच जाएगा।  एक्सप्रेस-वे के फुंडहर चौक में भी फ्लाईओवर प्रस्तावित है। फुंडहर चौक से आगे अटल एक्सप्रेस-वे को व्ही.आई.पी. रोड (एयरपोर्ट रोड) से जोड़ने के लिए राज्य शासन द्वारा पहले ही फ्लाईओव्हर निर्माण की स्वीकृति दी जा चुकी है। इसका निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के लिए कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने पी.टी.एस. चौक में फ्लाईओवर निर्माण का प्रस्ताव आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में शामिल करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं। इन फ्लाईओवर्स के निर्माण से रेलवे स्टेशन से एयरपोर्ट तक यातायात सुगम हो जाएगा।

ठिठुरन में इजाफा: 48 घंटों में छत्तीसगढ़ का पारा 1-3 डिग्री लुढ़कने का अनुमान

रायपुर छत्तीसगढ़ में ठिठुरन और बढ़ने वाली है। मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार अगले 48 घंटों में प्रदेश के न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। फिलहाल प्रदेश भर में मौसम शुष्क है और अगले दो दिनों तक किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। मौसम सारांश प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहा। छत्तीसगढ़ में गुरुवार को दर्ज सबसे अधिक अधिकतम तापमान 30.2°C दुर्ग में रहा। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 6.9°C अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया। वर्षा के सभी प्रमुख आंकड़े निरंक रहे। मौसम प्रणाली भी निरपेक्ष बताई गई है। आज का पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार, 5 दिसंबर को भी प्रदेश में शुष्क मौसम की स्थिति बनी रहेगी। कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। रायपुर का स्थानीय पूर्वानुमान राजधानी रायपुर में 5 दिसंबर को धुंध छाए रहने की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 28°C और 13°C के आसपास रहने की संभावना है।

8 दिसंबर को जन्म, मृत्यु और विवाह पंजीयन विषय पर विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला

भोपाल  आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय,मध्यप्रदेश एवं यूनिसेफ,मध्यप्रदेश के संयुक्त तत्वाधान में जन्म मृत्यु एवं विवाह पंजीयन के संबंध में प्रशिक्षण सह कार्यशाला 8 दिसम्बर को आयोजित होगी। आयुक्त एवं मुख्य रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) आर्थिक एवं सांख्यिकी, श्री विकास मिश्रा ने बताया कि कार्यशाला सुबह 10 बजे से आर.सी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी, भोपाल में होगी। आयुक्त एवं मुख्य रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) आर्थिक एवं सांख्यिकी श्री मिश्रा ने बताया कि बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र उसकी एक पहचान है जो उसकी जन्म दिनांक एवं जन्म के स्थान को दर्शाती है। अक्टूबर 2023 से जन्म प्रमाण पत्र एक मात्र दस्तावेज जो हर क्षेत्र में मान्य किया जायेगा, चाहे वह स्कूल में एडमिशन हो नौकरी हो पासपोर्ट बनवाना हो इत्यादि। मृत्यु प्रमाण पत्र किसी भी व्यक्ति की मृत्यु का प्रमाण है जो यह बतलाता है कि वह अब इस दुनिया में नहीं है एवं उससे जुड़े समस्त क्लेम आदि उसके उत्तराधिकारी को दिए जा सकते है, का एक प्रमाणिक दस्तावेज है। मध्यप्रदेश विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण नियम 2008 के अनुसार विवाह रजिस्ट्रेशन भी अनिवार्य है, जो दो नवदम्पति की शादी का प्रमाण होता है, जिसके अभाव में व्यक्ति को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है| इन दस्तावेजो की आवश्यकता एवं महत्ता को देखते हुए तथा इसकी उपलब्धता को आमजन तक पहुचाने एवं इसकी प्रक्रिया को सरल करने के सम्बन्ध में आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के द्वारा लगातार अथक प्रयास किये जा रहे है। इस सम्बन्ध में यूनिसेफ तथा आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय के संयुक्त तत्वाधान में जिला रजिस्ट्रार (ज.मृ.) रजिस्ट्रार(ज.मृ.)- शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, नगर पालिक निगम, चयनित खंड चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उप रजिस्ट्रार(ज.मृ.)- पंचायत सचिव इसके अतिरिक्त महिला बाल विकास विभाग से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम संगठन से चयनित महिला पदाधिकारी को भी इस कार्यशाला में आमंत्रित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जन-जन तक जन्म मृत्यु एवं विवाह प्रमाण पत्र का लाभ सुगमता से प्रदाय करना है।  

शिक्षकों के बिना पढ़ाई! DAVV में विजिटिंग फैकेल्टी के भरोसे अकादमिक व्यवस्था

इंदौर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में शिक्षकों का अभाव बना हुआ है। बरसों से रिक्त पदों पर शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई है। इनकी कमी अब विभागों में महूसस होने लगी है, क्योंकि वरिष्ठ प्राध्यापक लगातार सेवानिवृत्त हो रहे है। ऐसे में विभागों की शैक्षणिक, परीक्षा और रिजल्ट से जुड़े गतिविधियां प्रभावित होती है। विजिटिंग फैकेल्टी के भरोसे 90 फीसद विभाग टीके हुए है। इन दिनों जनवरी से शुरू होने वाले सेमेस्टर को लेकर तैयारी चल रही है। आधा दर्जन से ज्यादा विभागों ने विजिटिंग फैकल्टी के लिए आवेदन मांगवाएं है। अधिकारियों के मुताबिक कई विभागों में नियमित व सेल्फ फाइनेंस शिक्षकों के पद नहीं है।   हर साल विभागों को सालभर में दो मर्तबा विजिटिंग फैकेल्टी की भर्तियां करना पड़ती है। मई और दिसंबर में आवेदन मांगवाए जाते है। 11 महीने की अवधि रखी जाती है। इन दिनों वाणिज्य, सांख्यिकी, कम्प्यूटर साइंस, सोशल साइंस, फिजिक्स सहित अन्य विभागों ने विज्ञापन निकाला है। विभाग स्तर पर आवेदनों की स्क्रूटनी की जाएगी। उसके बाद उम्मीदवारों के लिए साक्षात्कार रखे जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक प्रत्येक विभाग की आवश्यकता अनुसार विजिटिंग फैकेल्टी रखी जाएगी। इन विभागों में पांच से लेकर आठ शिक्षकों को रखा जाएगा। 180 पद हैं अभी रिक्त विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में प्राध्यापक, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, रीडर व लेक्चरार के 450 से अधिक पद है। 270 पद पर शिक्षक कार्यरत है, जिसमें 112 प्रोफेसर, 54 रीडर, 43 लेक्चरार, 60 एसोसिएट व असिस्टेंट प्रोफेसर है। 2009 के बाद 2022 में रिक्त पदों के लिए विज्ञापन निकाला गया था। उस दौरान 45 सेल्फ फाइनेंस और 47 बैंकलाग पदों पर भर्तियां की गई। उसके बाद अभी 180 पद पर नियुक्तियां होना बाकी है। इन्हें भरने को लेकर अभी विश्वविद्यालय ने कोई प्रक्रिया नहीं शुरू की है।  

मध्यप्रदेश पुलिस के डायल-112 की त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया

मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 की संवेदनशील एवं त्वरित कार्यवाही तीन अलग-अलग घटनाओं के दौरान आत्महत्या का प्रयास कर रहे व्यक्तियों को समय रहते बचाया भोपाल  मध्यप्रदेश में डायल-112 की त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली लगातार आम जन की सुरक्षा और जीवन रक्षा में प्रभावी भूमिका निभा रही है। बीते दिनों रायसेन, देवास और छिंदवाड़ा जिलों में तीन अलग-अलग घटनाओं के दौरान आत्महत्या का प्रयास कर रहे व्यक्तियों को समय रहते बचाने में डायल-112 के पुलिसकर्मियों ने तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीयता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। रायसेन जिले के थाना कोतवाली क्षेत्र में मखनी गाँव में एक 35 वर्षीय व्यक्ति द्वारा स्वयं को कमरे में बंद कर आत्महत्या के उद्देश्‍य से फाँसी लगाने का प्रयास कर रहा था। जिसकी सूचना राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम, डायल-112 भोपाल में प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही डायल-112 वाहन घटना स्थल के लिए रवाना हुआ। आरक्षक संजय श्रीवास्तव एवं पायलेट रोहित कुमार ने मौके पर पहुँचकर स्थानीय लोगों की मदद से गेट तोड़ कर पीड़ित व्यक्ति को तत्काल फंदे से उतारा। डायल 112 जवानों ने पीड़ित व्यक्ति को एफआरव्ही वाहन से लेकर तत्काल जिला शासकीय चिकित्सालय रायसेन में भर्ती करवाया। दूसरी घटना देवास जिले के थाना भौंरासा क्षेत्र की है, जहाँ एक 21 वर्षीय महिला ने पारिवारिक विवाद के चलते आत्महत्या का प्रयास किया। यह सूचना प्राप्त होते ही आरक्षक अरुण रावत और पायलट अनुराग चौधरी मौके पर पहुँचे। उन्होंने समझाइश, संवाद और संवेदनशील व्यवहार के माध्यम से महिला को आत्मघाती कदम उठाने से रोका और उसे सुरक्षित थाना भौंरासा लाया गया। तीसरी घटना छिंदवाड़ा जिले के थाना अमरवाड़ा क्षेत्र में हुई, जहाँ 24 वर्षीय युवक ने अज्ञात कारणों से जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। सूचना प्राप्त होते ही सैनिक गेंदालाल यादव एवं पायलट उमेश पुरी गोस्वामी ने युवक को तुरंत सिविल अस्पताल अमरवाड़ा पहुँचाकर उपचार शुरू कराया। युवक का इलाज जारी है। डायल-112 की इन लगातार त्वरित और प्रभावी कार्रवाइयों ने यह सिद्ध किया है कि मध्यप्रदेश पुलिस की यह सेवा आपात पुलिस सहायता के साधन के साथ मानव जीवन की रक्षा करने वाली ‘जीवन-रेखा’ बनती जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस सभी नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव, अवसाद या संकट की स्थिति में स्वयं को नुकसान पहुँचाने के बजाय सहायता के लिए पुलिस या अपने निकटवर्ती लोगों से संपर्क करें।  

मध्यप्रदेश में 6 दिसंबर को मनाया जाएगा होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस

मध्यप्रदेश में 6 दिसंबर को ‍होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस का आयोजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे मुख्य अतिथि आपदा में वीरता दिखाने वाले जवानों को मिलेगा पहली बार प्रारंभ “मुख्यमंत्री अदम्य साहस पुरस्कार” भोपाल  मध्यप्रदेश में होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा संगठन का स्थापना दिवस 6 दिसंबर 2025 को पूरे उत्साह और सम्मान के साथ मनाया जाएगा। मुख्य कार्यक्रम का आयोजन जहांगीराबाद, भोपाल स्थित होमगार्ड्स परेड ग्राउंड में प्रातः 10 बजे से किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स, आपदा मित्र तथा बड़ी संख्या में होमगार्ड अधिकारी-सैनिक उपस्थित रहेंगे। ,होमगार्ड संगठन प्रतिवर्ष 6 दिसंबर को स्थापना दिवस मनाता है। यह कार्यक्रम राजधानी सहित प्रदेश के सभी जिलों में भी आयोजित किया जाता है। संगठन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ बाढ़, दुर्घटनाओं, आगजनी, प्राकृतिक आपदा और आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशासन का महत्वपूर्ण सहयोगी रहा है। संकट की घड़ी में फँसे लोगों की सहायता करने में होमगार्ड एवं सिविल डिफेंस ने सदैव अद्वितीय साहस और प्रतिबद्धता का परिचय दिया है। पहली बार मिलेगा मुख्‍यमंत्री अदम्‍य साहस पुरस्‍कार इस वर्ष राज्य शासन द्वारा पहली बार “मुख्यमंत्री अदम्य साहस पुरस्कार” प्रारंभ किया गया है। यह पुरस्कार उन होमगार्ड सैनिकों, एसडीईआरएफ सदस्यों और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स को प्रदान किया जाएगा, जिन्होंने आपदा के समय स्वयं की परवाह किए बिना नागरिकों की जान बचाई। मुख्यमंत्री चयनित बहादुर जवानों को राज्यस्तरीय समारोह में सम्मानित करेंगे। विभिन्न जिलों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर इंदौर, सिवनी, गुना, रतलाम, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा, छतरपुर, टीकमगढ़ और उज्जैन की कुल 10 टीमों को 51-51 हजार रूपए की राशि वितरित की जाएगी। मुख्‍यमंत्री को परेड की सलामी दी जाएगी कार्यक्रम के दौरान परेड द्वारा मुख्‍यमंत्री को सलामी दी जाएगी। इसके बाद परेड का निरीक्षण, मार्च-पास्ट एवं मुख्य अतिथि का उद्बोधन होगा। एसडीईआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमों द्वारा आपदा के दौरान किए जाने वाले रेस्क्यू कार्यों का लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया जाएगा। स्थापना दिवस पर होमगार्ड की सशस्त्र प्लाटून और सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की टुकड़ी भी मुख्यमंत्री को सलामी देगी। मेधावी छात्र-छात्राओं का होगा सम्‍मान स्थापना दिवस समारोह में होमगार्ड सैनिकों के मेधावी छात्र-छात्राओं को भी प्रशस्ति पत्र एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी में 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से लेकर डिप्लोमा, स्नातक, तकनीकी शिक्षा और स्नातकोत्तर में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कुल 10 मेधावी छात्रों को प्रोत्साहन राशि 5 हजार रूपए से 30 हजार रुपए तक प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम में होमगार्ड नागरिक सुरक्षा के अधिकारी सैनिकों और उनके परिजनों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यकम, खेल गतिविधि और महिलाओं संबंधी इवेंट भी आयोजित किए जाएंगे।  

14 एनर्जी स्टेशनों के साथ तैयार हो रहा भारत का सबसे लंबा ई-हाईवे दिल्ली-गुरुग्राम-जयपुर

नई दिल्ली देश में पहली बार सोलर, पवन, थर्मल और हाइड्रोजन स्रोतों से बिजली उत्पन्न कर ई-वाहनों को चार्ज करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए नेशनल हाईवे फॉर ईवी (NHEV) 3जी एनर्जी स्टेशन स्थापित करेगा। यह पहल दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम करने में मददगार साबित होगी और साथ ही बिजली की बचत भी सुनिश्चित करेगी। गुरुग्राम के ग्वाल पहाड़ी स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी (NISE) में शुक्रवार को एनएचईवी वर्किंग कमेटी की सातवीं बैठक आयोजित होगी। इस बैठक में दिल्ली-गुरुग्राम-जयपुर और दिल्ली-फरीदाबाद-आगरा कॉरिडोर पर पहले चरण में 14 अत्याधुनिक 3जी एनर्जी स्टेशनों का अंतिम रोडमैप तैयार किया जाएगा। इन चार्जिंग स्टेशनों पर 200 से 500 किलोवॉट तक के अल्ट्रा-फास्ट चार्जर लगाए जाएंगे, जिससे कोई भी इलेक्ट्रिक वाहन केवल 30 मिनट में 100 से 200 किलोमीटर तक चलने के लिए चार्ज हो सकेगा। नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से संचालित होने के कारण प्रत्येक स्टेशन से सालाना लगभग 8,000 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम होगा। तीन हजार 200 किलोवॉट क्षमता वाले हाइब्रिड सर्विस हब सोलर, पवन, थर्मल और हाइड्रोजन माइक्रो-इलेक्ट्रोलाइज़र से संचालित होंगे। भविष्य में इन्हें पूरी तरह हाइड्रोजन आधारित तकनीक में बदला जाएगा। दिल्ली-जयपुर और दिल्ली-आगरा को जोड़ने वाले विश्व के सबसे बड़े ईवी कॉरिडोर के निर्माण के लिए शुक्रवार की बैठक में विस्तृत योजना तैयार की जाएगी।  अभिजीत सिन्हा, निदेशक, एनएचईवी एनएचईवी का उद्देश्य देश के लगभग 5,000 किलोमीटर लंबे हाईवे को इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए उपयुक्त बनाना है। पहले चरण में यह पहल दिल्ली-गुरुग्राम-जयपुर और दिल्ली-फरीदाबाद-आगरा हाईवे पर शुरू की जाएगी। इस कदम से यात्रियों को यात्रा में आसानी और सुविधा प्राप्त होगी। दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए 5 ट्रक हब बनेंगे दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम करने के लिए एनएचईवी पांच बड़े इलेक्ट्रिक ट्रक चार्जिंग हब भी स्थापित करेगा। ये नए हब गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, नोएडा और गाजियाबाद में बनाए जाएंगे। वर्तमान में रोजाना लगभग 15,000 डीजल ट्रक राजधानी में प्रवेश करते हैं, जो वायु प्रदूषण का बड़ा कारण हैं। नई चार्जिंग सुविधाओं की मदद से 24 घंटे में करीब 10,000 इलेक्ट्रिक ट्रकों को चार्ज किया जा सकेगा। इससे डीजल ट्रकों का प्रवेश धीरे-धीरे कम होगा और दिल्ली की वायु गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार आएगा। इस पहल से नागरिकों को प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद है। गुरुग्राम होकर गुजरेगा विश्व का सबसे लंबा ई-हाईवे: वर्तमान में जर्मनी के बर्लिन में 109 किमी लंबा ई-हाईवे है। देश का पहला ई-हाईवे दिल्ली के इंडिया गेट से जयपुर के अलबर्ट पिंटो हॉल तक घोषित किया गया है। लगभग 280 किमी लंबा यह हाईवे पूरी तरह तैयार होने के बाद विश्व का सबसे लंबा ई-हाईवे बन जाएगा। पहले इसका प्रारंभिक बिंदु गुरुग्राम था, जिसे बाद में इंडिया गेट तक बढ़ाया गया। दिल्ली-गुरुग्राम-जयपुर और फिर दिल्ली-आगरा कॉरिडोर के पूरा होने पर यह हाईवे लगभग 500 किमी लंबा हो जाएगा। 3 प्वाइंट में समझें 3G चार्जिंग स्टेशन ग्रीन एनर्जी: ये चार्जिंग स्टेशन 100% नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) से संचालित होंगे। इसमें सोलर पैनल, पवन टरबाइन, हाइड्रोजन और स्टोरेज बैटरी से पावर जनरेट की जाएगी, और कोई ग्रिड कनेक्शन नहीं होगा। प्रत्येक स्टेशन से सालाना लगभग 8,000 टन CO₂ उत्सर्जन बचाया जा सकेगा, जिससे हाईवे पर चलने वाली ईवी वास्तविक रूप से शून्य उत्सर्जन (Zero Emission) वाली होंगी। यह भारत का पहला ऐसा प्रोजेक्ट है जो थर्मल पावर को पूरी तरह बायपास करेगा। गिगानटिक क्षमता: इस पहल के तहत 3.2 मेगावॉट क्षमता वाले विशाल चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। एक ही स्थान पर 60-120 kW फास्ट चार्जर, ट्रक और बस के लिए 600 kW पैंटोग्राफ, वायरलेस चार्जिंग पैड, बैटरी स्वैप सिस्टम और हाइड्रोजन डिस्पेंसर जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। चार 800 kWh के सब-स्टेशन मिलाकर कुल 3,200 kWh बिजली उत्पन्न की जाएगी, जिससे एक साथ लगभग 300 कारें या 50 ट्रक-बसे चार्ज हो सकेंगी। जेनरेशन नेक्स्ट: ये चार्जिंग स्टेशन 5G नेटवर्क, AI आधारित लोड मैनेजमेंट और जियो रूट प्लानिंग से लैस होंगे। वाहन अपने आप यह जानकारी देगा कि अगला 3G स्टेशन कहां है, कितनी चार्जिंग बची है और कितनी देर रुकना है। भविष्य में, 2047 तक इन स्टेशनों को 6.4 मेगावॉट क्षमता वाले 5G स्टेशन में अपग्रेड किया जाएगा। पर्यटन और लॉजिस्टिक्स को बूस्ट: यह प्रोजेक्ट भारत सरकार के ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस (EODB) पायलट का हिस्सा है, जो नेशनल हाईवे को ई-हाईवे (NHEV) में बदलने पर केंद्रित है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस पहल से इलेक्ट्रिक टैक्सी और टूरिस्ट बसों की संख्या बढ़ेगी। वर्तमान में अधिकांश लोग पेट्रोल-डीजल वाहन ही चुनते हैं क्योंकि चार्जिंग स्टेशन न मिलने का डर रहता है। अब हर 50 किमी पर चार्जिंग उपलब्ध होने से लोग EV से निश्चिंत होकर यात्रा कर सकेंगे। इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स कंपनियां भी इलेक्ट्रिक ट्रक चलाने की तैयारी कर रही हैं।