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महाकाल मंदिर के फूलों से स्टार्टअप की शुरुआत, छात्रों ने बनाई कमाई की नई राह

उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल को अर्पित होने वाले फूलों से कमाई का आइडिया मध्य प्रदेश, कर्नाटक और बिहार के युवा छात्र एवं छात्राओं ने एकसाथ मिलकर ढूंढ निकाला. उसे स्टार्टअप के तौर पर शुरू कर छात्र लाखों की कमाई करने लगे हैं. छात्र एवं छात्राएं वेस्टेज फूलों को रीसायकल कर इको फ्रेंडली हार्ड प्रोडक्ट बना रहे हैं और मार्केट में बेच कर मोटी कमाई कर रहे हैं. खास बात यह है छात्रों के इस स्टार्टअप से कई कम्पनियों ने छात्रों को ऑफर देना भी शुरू कर दिए हैं. अभी छात्रों ने वेस्टेज फूलों से कटोरी, प्लेट्स, मोमेंटो सहित 16 तरह के अलग-अलग हार्ड प्रोडक्ट बनाएं हैं. ये सभी छात्र उज्जैन में रहकर सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय से पढ़ाई कर रहे हैं. आइए इस रिपोर्ट में आपको छात्रों से भी मिलवाते हैं और उनके कामों को भी दिखाते हैं. कौन हैं ये पांच छात्र, जिन्होंने शुरू किया स्टार्टअप सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय पहुंचकर  छात्रों के बारे में पता किया तो स्टार्टअप टीम में खरगोन निवासी मृत्युंजय बड़ोले (उम्र 21 वर्ष) सब्जेक्ट बीएससी ऑनर्स बायो टेक्नोलॉजी तीसरा सेमेस्टर, दूसरी बालाघाट निवासी योजना राहंगडाले (उम्र 20 वर्ष ) जो बीएससी बॉटनी तीसरा सेमेस्टर की छात्रा हैं. तीसरे भभुआ बिहार निवासी यूगांक सिंह (उम्र 22 वर्ष) बीएससी ऑनर्स बायो टेक्नोलॉजी से चौथे सेमेस्टर के छात्र हैं. चौथे उज्जैन के तराना तहसील के निवासी तन्मय जैन (उम्र 27 वर्ष) बायो टेक्नोलॉजी से पीएचडी कर रहे हैं. पांचवी कोलकाता निवासी आहना चक्रवर्ती (उम्र 20 वर्ष) हैं जो बीएससी फोरेंसिक तीसरे सेमेस्टर की छात्रा हैं. फूलों को सुखाकर बनाते हैं खास प्रोडक्ट  छात्र एवं छात्राओं से चर्चा की. जिसमें मृत्युंजय बड़ोले ने बताया, ''हमने अभी तक 16 तरह के प्रोडक्ट बनाये हैं, जिसमें कटोरी, प्लेट्स शील्ड्स (मोमेंटो), लोगो, राखी, टेंपल, कॉस्टर्स, श्री चरण व अन्य आइटम शामिल हैं, जिसकी क्वालिटी अपने आप में बेहद खास है. 13 साल तक की वारंटी हम देते हैं की इनका कुछ नहीं बिगड़ेगा. कोई भी प्रोडक्ट टूटने पर हम वापस ले लेते हैं यानी उसे भी हम रिसायकल कर देते हैं. बस ग्राहक को तय कीमत चुकानी होगी.'' कैसे आया आईडिया? छात्रा योजना राहंगडाले ने कहा, ''हम जब उज्जैन आकर पढ़ाई कर रहे थे तब मंदिरों में दर्शन को भी गए तो वहां बड़ी मात्रा में फूलों को कचरा गाड़ी में जाते देखा, क्षिप्रा नदी दर्शन को गए तो वहां भी नदी में फूलों को डालते हुए व पड़ा हुआ देखा. तो विचार किया कि क्यों न भक्तों के भाव को सहेज कर रखा जाए. बस हम पांचों ने 2021 से रिसर्च करना शुरू कर दिया और आज रिजल्ट आपके सामने हैं.'' स्टार्टअप को नाम दिया 'प्रयास भावनाओं को सहेजने का' छात्रों ने बताया हमने 2021 से रिसर्च किया और 2024 तक काम किया. 2024 में हमने हमारे प्रोडक्ट को एग्जीबिशन में लांच किया. स्टार्टअप को नाम दिया निर्मल निर्माण "प्रयास भावनाओं को सहेजने का", ये पूरा काम हमने सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के कुलगुरु अर्पण भारद्वाज सर के निर्देशन में किया. 22 दिसंबर को हमने प्रोडक्ट्स को YOUNG ENTREPRENEURSHIP FORUM में लॉन्च किया. पहले दिन से इन्क्वायरी मिलने लगी. ऑटोमोबाइल सेक्टर से गाड़ियों के डैशबोर्ड के लिए ऑफर मिले, फंडिंग देने के लिए व्यपारियों ने हमसे संपर्क किया. गुजरात की एक कम्पनी से हमारा टायअप भी हो गया है. हम साथ में काम कर रहे हैं अब.'' स्टार्टअप के लिए मिल चुके हैं अवार्ड स्टार्टअप के लिए टीम को 22 दिसंबर 2024 को यंग एंटरप्रेन्योरशिप फोरम द्वारा डिस्ट्रिक्ट लेवल पर फर्स्ट प्राइज दिया गया था. जिसमें उन्हें 51000 रुपए का प्राइज मिला था. वहीं 12 जनवरी 2025 में भोपाल में पीपुल्स यूनिवर्सिटी में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी ने स्टेट लेवल पर फर्स्ट प्राइज दिया था. इसमें 11000 रुपए की राशि दी गई है. शुरुआत 15 से 20% प्रॉफिट के साथ की छात्राओं ने बताया, ''हमने 2024 से जब प्रोडक्ट बेचना शुरू किए तो अभी शुरुआत में ही साल भर में 2 लाख रेवेन्यू जेनेरेट किया है. 60 रुपए से 2200 रुपए तक के प्रोडक्ट हमने बनाए हैं और अभी 15 से 20% ही फायदा ले रहे हैं. हमारा ध्यान अभी खुद का प्रोडक्शन और प्रोडक्ट को मार्केट में ऑनलाइन बेचने पर है. अभी जो रेवेन्यू हमें मिला ये उज्जैन लोकल से ही मिला है. छात्रों ने बताया रेस्पॉन्स अच्छा मिल रहा है, देश दुनिया के मंदिरों से संपर्क कर आगे बढ़ेंगे.'' कैसे और कहां बना रहे ये प्रोडक्ट जानिए छात्र छात्राओं ने प्रोडक्ट की पूरी प्रोसेस बताई. उन्होंने कहा, ''शुरुआत हमने 1000 स्क्वायर फिट एरिया से की है. जिला प्रशासन के सहयोग से फूल मंदिरों से लेना शुरू किए. अभी सिर्फ महाकाल मंदिर से सप्ताह भर में 100 kg फूल लेते हैं, जिसमें सिर्फ ट्रांसपोर्ट खर्च आ रहा है. फूल लाकर 2 से 3 दिन के लिए सुखने को एक वेंटिलेशन रूम में रखते हैं पंखे या खुली हवा में. उसमें से प्लास्टिक और प्रसाद हटाते हैं, मटेरियल हटा कर फूल को धोते हैं. फिर धूप में सूखने के लिए 3 से 7 दिन तक रखते हैं. उसका पाउडर बनाते हैं, बोरे में कूट कर छानते हैं.'' 100 kg फूल में 5kg पाउडर निकलता है. फिर बाइनडर बनाते हैं (नीम बबूल के गोंद को तय टेम्परेचर में गर्म करके बाइनडर बनाते हैं). पाउडर Mix करके साँचा जो कि सिलिकॉन रबर का होता है उसमें डालते हैं, 12 मिनट में प्रोडक्ट बन जाता है. फिर साबुन के पानी में धुलने के लिए रखते हैं, फिनिशिंग और कलर करके तैयार करते हैं. छात्र छात्राओं का दावा है अभी तो जितने भी लोग इस कॉन्सेप्ट पर काम कर रहे हैं वो सिर्फ हार्ड मटेरियल को डीग्रेड (जैसे अगरबत्ती बनाना व अन्य) कर रहे हैं और हम हार्ड प्रोडक्ट बनाकर प्रिजर्वेशन करने का काम कर रहे हैं.

MP में 972 ई-बसेस का वितरण, 8 नगर निगमों में जल्द शुरू होगी इलेक्ट्रिक बस सेवा

भोपाल   मध्यप्रदेश के शहरी परिवहन को और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। केंद्रीय शहरी कार्य मंत्रालय ने प्रदेश के आठ नगर निगमों को कुल 972 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की मंजूरी प्रदान की है। इन बसों के संचालन से डीजल और पेट्रोल वाहनों से होने वाले प्रदूषण में कमी आएगी।  केंद्र से स्वीकृत ई-बसें भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सागर, देवास और सतना नगर निगमों को मिलेंगी। इनमें भोपाल को 195, इंदौर को 270, ग्वालियर को 100, जबलपुर को 200, उज्जैन को 100, सागर को 32, देवास को 55 और सतना को 20 बसें आवंटित की गई हैं। राज्य सरकार ने सभी नगर निगमों को बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन से संबंधित आवश्यक ढांचा निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक नगर निगम में चार्जिंग पॉइंट और परिचालन सुविधाओं का कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। केंद्र और राज्य दोनों खर्च वहन करेंगे  ई-बस परियोजना पर होने वाला खर्च केंद्र और राज्य सरकार संयुक्त रूप से वहन करेंगे। बुनियादी ढांचा निर्माण के लिए केंद्र सरकार 60 प्रतिशत और राज्य सरकार 40 प्रतिशत राशि प्रदान करेगी। वहीं चार्जिंग पॉइंट्स के निर्माण पर केंद्र सरकार 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता देगी। बसों का संचालन जल्द शुरू करने की तैयारी की जा रही है। यह सेवा आम नागरिकों को सस्ती, सुरक्षित और ईको फ्रेंडली परिवहन सुविधा उपलब्ध कराएगी। 

जयपुर हादसा: मल्टी स्टोरी बिल्डिंग की दीवार गिरने से 4 मजदूर घायल

जयपुर जयपुर में सोमवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। शहर के पन्नी गरान मोहल्ले में निर्माणाधीन मल्टी स्टोरी बिल्डिंग की दीवार अचानक गिर गई। हादसे के वक्त बेसमेंट में काम कर रहे चार मजदूर मलबे के नीचे दब गए। सूचना मिलते ही पुलिस, सिविल डिफेंस और SDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। अब तक एक मजदूर को बाहर निकालकर एसएमएस अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जबकि बाकी मजदूरों को निकालने का काम जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर करीब 2:30 बजे जोरदार आवाज के साथ दीवार और छत का हिस्सा ढह गया। कुछ ही सेकंड में पूरा इलाका धूल से भर गया। आसपास के लोगों ने शोर मचाया और तुरंत पुलिस को सूचना दी। हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुभाष चौक थाना पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। पुलिस ने लोगों को पीछे हटाकर रेस्क्यू टीम को काम करने के लिए जगह दिलाई। सुभाष चौक थाना प्रभारी किशन कुमार यादव ने बताया कि हादसा पन्नी गरान मोहल्ले में हुआ है। यहां तीन मंजिला बिल्डिंग का निर्माण कार्य चल रहा था। बेसमेंट के ऊपर एक छत डाली गई थी, जिसे दो हिस्सों में बांटने का काम किया जा रहा था। इसी दौरान छत और दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे नीचे काम कर रहे चार मजदूर मलबे में दब गए। माणक चौक थाना प्रभारी राकेश ख्यालिया ने बताया कि मलबे में दबे मजदूरों को निकालने के लिए सिविल डिफेंस और SDRF टीम को बुलाया गया। अब तक एक मजदूर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। घायल मजदूर को एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अन्य मजदूरों को निकालने का प्रयास लगातार जारी है। हादसे की खबर मिलते ही सिविल डिफेंस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची। जेसीबी और अन्य रेस्क्यू उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का काम किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बेसमेंट का हिस्सा काफी गहरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन चुनौतीपूर्ण हो गया है। मजदूरों को सुरक्षित निकालने के लिए पूरी सावधानी बरती जा रही है ताकि और कोई हिस्सा न गिरे। एसीपी (माणक चौक) प्रियांश कविया ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, निर्माण के दौरान दीवार पर अत्यधिक लोड पड़ने से वह गिर गई। फिलहाल मौके पर पुलिस, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीमें लगातार बचाव कार्य में जुटी हैं।

स्टेच्यू ऑफ यूनिटी केवड़िया में मनाया जाएगा मध्यप्रदेश दिवस, मुख्यमंत्री डॉ. यादव होंगे शामिल

भारत पर्व 2025 में मध्यप्रदेश की संस्कृति, पर्यटन और स्वाद का होगा अद्भुत संगम भोपाल भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर स्टेच्यू ऑफ यूनिटी केवड़िया गुजरात में 1 नवंबर से 15 नवंबर तक "भारत पर्व" का उत्साहपूर्वक आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विशिष्ट आतिथ्य में भारत पर्व 2025 के अंतर्गत मंगलवार, 11 नवंबर को गुजरात के केवड़िया में मध्यप्रदेश दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य “एक भारत श्रेष्ठ भारत” के ध्येय को दृष्टिगत रखते हुए देश की विविधता में एकता को प्रदर्शित करना है। संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने बताया कि भारत पर्व के अंतर्गत मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा लगभग 25 वर्गमीटर क्षेत्रफल में एक आकर्षक थीम पेवेलियन तैयार किया गया है, जिसमें राज्य की पर्यटन, संस्कृति और हस्तशिल्प विरासत को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया जा रहा है। पेवेलियन में सांची, खजुराहो, भीमबेटका, मांडू, ओरछा, उज्जैन और ओंकारेश्वर जैसे ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के साथ-साथ बांधवगढ़, कान्हा और पेंच जैसे प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यानों की झलक प्रस्तुत की जा रही है। साथ ही, राज्य के स्थानीय हस्तशिल्प और हस्तकला जैसे चंदेरी और महेश्वरी वस्त्र, बाघ प्रिंट, डोकरा कला, मिट्टी के बर्तन और गोंड पेंटिंग को भी प्रदर्शित किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि भारत पर्व हमारे देश की सांस्कृतिक एकता और विविधता का सुंदर उत्सव है। मध्यप्रदेश ‘भारत का हृदय’ है, और यहां की हर परंपरा, हर स्वाद, हर कला रूप हमारे देश की आत्मा को दर्शाता है। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के पर्यटन, हस्तशिल्प, व्यंजनों और संस्कृति की प्रस्तुति के माध्यम से हम देशभर के आगंतुकों को अतुलनीय मध्यप्रदेश की आत्मा से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। हमारी कोशिश है कि आगंतुक न केवल मध्यप्रदेश के स्वाद और संगीत का आनंद लें, बल्कि उसकी आत्मिक ऊर्जा और जीवंतता का भी अनुभव करें। स्टूडियो किचन में मध्यप्रदेश का स्वाद मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम (एमपीएसटीडीसी) द्वारा 11 नवंबर को स्टूडियो किचन की विशेष प्रस्तुति दी जा रही है, जिसमें प्रदेश के पारंपरिक और प्रादेशिक व्यंजन लाइव तैयार कर परोसे जाएंगे। यह प्रस्तुति फ्लेवर्स फ्रॉम द हार्ट ऑफ इंडिया की थीम पर आधारित है। बुंदेलखंड क्षेत्र का खट्टा–तीखा छाछ पर आधारित पेय सन्नाटा, डिंडोरी क्षेत्र का पारंपरिक सूप कंगनी दाल का शोरबा, मालवा का प्रसिद्ध स्नैक भुट्टे की कीस, चना बेसन से बना स्वादिष्ट नमकीन व्यंजन चंबल का थोपा, सीधी क्षेत्र का पारंपरिक नाश्ता बेड़ई धुमना आलू, बघेलखंड क्षेत्र का लोकप्रिय व्यंजन मटर का निमोना और सादी पूरी, शहडोल क्षेत्र की प्रसिद्ध मिठाई कुटकी की खीर आगंतुकों को परोसे जाएंगे। इन व्यंजनों के माध्यम से प्रदेश के विविध भौगोलिक और सांस्कृतिक स्वादों को प्रदर्शित किया जा रहा है। सांस्कृतिक प्रस्तुति – “अमृतस्य मध्यप्रदेश” संस्कृति विभाग की ओर से प्रसिद्ध नृत्य संयोजिका मैत्रीय पहाड़ी एवं समूह द्वारा “अमृतस्य मध्य प्रदेश” शीर्षक से एक भव्य नृत्य प्रस्तुति दी जाएगी। यह प्रस्तुति दर्शकों को मध्यप्रदेश की प्राचीन सभ्यता, भक्ति, प्रेम और प्रकृति की लय से जोड़ती है। इस नृत्यगाथा की शुरुआत भीमबेटका की गुफाओं से होती है, जहां मानव सभ्यता की प्रथम झलक दिखाई देती है। आगे खजुराहो के मंदिरों की मूर्तिकला, सांची के स्तूपों की शांति, और चित्रकूट की पवित्र भूमि के भावनात्मक दृश्यों को नृत्य के माध्यम से अभिव्यक्त किया गया है। उज्जैन और ओंकारेश्वर के ज्योतिर्लिंगों की दिव्यता, ग्वालियर किले की ऐतिहासिकता, मांडू की प्रेम गाथा और ओरछा के मंदिरों की भव्यता मंच पर जीवंत होती है। प्रकृति के साथ मनुष्य के संबंध को बांधवगढ़, कान्हा और पेंच के वनों तथा जबलपुर की संगमरमर चट्टानों के दृश्यों से दर्शाया गया है। पारंपरिक महेश्वरी, चंदेरी और बाग प्रिंट वस्त्रों में सजे कलाकार मंच पर राज्य की शिल्प विरासत का गौरव गान करते हैं। नर्मदा आरती के दृश्य के साथ यह यात्रा अपने आध्यात्मिक उत्कर्ष पर पहुंचती है।

कपिल मिश्रा पर जांच रोक, कोर्ट ने दिल्ली दंगों मामले में आदेश को किया खारिज

नई दिल्ली दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा को राऊज एवेन्यू कोर्ट से राहत मिली है. राऊज एवेन्यु  सेशन कोर्ट ने फरवरी 2020 में हुए दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में कपिल मिश्रा की भूमिका को जांच को लेकर दिए मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को रद्द किया है. इस आदेश को कपिल मिश्रा और दिल्ली पुलिस दोनों ने सेशन कोर्ट में चुनौती दी  थी.  क्या था मजिस्ट्रेट कोर्ट का आदेश 1 अप्रैल को एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट  वैभव चौरसिया ने कपिल मिश्रा के खिलाफ आगे जाँच करने का आदेश दिया था. कोर्ट ने यह आदेश  मोहम्मद इलियास नाम के शख्श की अर्जी पर दिया था जिसमे दिल्ली दंगों में कपिल मिश्रा समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी.मोहम्मद इलियास ने कोर्ट में दायर शिकायत में कहा था कि  उन्होंने 23 फरवरी 2020 को कपिल मिश्रा और उनके साथियों को कर्दमपुरी में मुस्लिम की रेहड़ी पटरी वालों की गाड़ियों को तोड़ते हुए भी देखा था. मौके पर  दिल्ली पुलिस के अधिकारी भी मौजूद थे. शिकायत के मुताबिक  कपिल मिश्रा ने प्रदर्शनकारियों को जगह खाली करने या परिणाम भुगतने की धमकी दी थी. एडिशनल चीफ जुडिशल मजिस्ट्रेट ने कहा था कि इस मामले में कोर्ट के सामने जो तथ्य रखें गए है, उसके मद्देनजर कर्दमपुरी इलाके में कपिल मिश्रा की मौजूदगी साबित हो रही है और ये संज्ञेय अपराध का मामला बनता है. मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कपिल मिश्रा के खिलाफ आगे जांच का आदेश दिया था. दिल्ली पुलिस का रुख मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को कपिल मिश्रा और दिल्ली पुलिस ने सेशन कोर्ट में चुनौती दी थी. दिल्ली पुलिस ने कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग का विरोध किया था. दिल्ली पुलिस का कहना था कि इस मामले में कपिल मिश्रा को फंसाने की साजिश हो रही है.सेशन कोर्ट ने कपिल मिश्रा और पुलिस की याचिका पर सुनवाई करते हुए निचली अदालत के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी. इसके चलते कपिल मिश्रा के खिलाफ जांच  अभी रुकी हुई थी. अब सेशन कोर्ट ने चूंकि इस आदेश को रद्द ही कर दिया है ,इसलिए अब साफ है कि उनकी भूमिका को लेकर कोई जांच नहीं होगी. 

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना एक महत्वाकांक्षी योजना, सतत निगरानी की आवश्यकता : मंत्री कुशवाह

उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की 2 वर्ष की उपलब्धियों की समीक्षा भोपाल उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना एक महत्वाकांक्षी योजना है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के व्यापक अवसर सृजित किए जा सकते है। मंत्री श्री कुशवाह ने विभाग की 2 वर्षो की उपलब्धियों की समीक्षा के दौरान पीएमएफएमई योजना की सतत निगरानी ने निर्देश अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि फरवरी 2026 तक योजना की शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति की जाए। मंत्री कुशवाह ने कहा कि उद्यानिकी गतिविधियाँ ग्रामीण अंचल से शहरों तक संचालित की जाती है। प्रदेश में उद्यानिकी उत्पादों को लगातार प्रोत्साहित किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिये कि बड़े शहरों के आसपास सब्जी के साथ साथ फूल उत्पादन के क्लस्टर भी विकसित किये जाये। मंत्री कुशवाह कहा कि शहरी क्षेत्रों में स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी और मेले भी आयोजित किये जाने चाहिए। उन्होंने एमपी एग्रो तथा उद्यानिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों को वितरित किये जाने वाले उपकरण व अन्य सामग्री का भौतिक सत्यापन कराये जाने के निर्देश भी दिये। आयुक्त उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण अरविन्द दुबे ने बताया कि प्रदेश में गत 2 वर्षो में उद्यानिकी क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज कराई है। इन 2 वर्षो में उद्यानिकी फसलों का रकबा में 2 लाख 43 हैक्टेयर तथा उत्पादन में लगभग 36 लाख मैट्रिक टन की वृद्धि दर्ज की गई है। संरक्षित खेती के तहत 1573 हैक्टेयर क्षेत्र का विस्तार किया गया है। आयुक्त दुबे ने बताया कि प्रदेश में उद्यानिकी विकास के लिये 3 सेक्टर आफ एक्सीलेंस मुरैना में आलू, छिंदवाड़ा में नीबूवार्गीय तथा हरदा में आम एवं सब्जी के विकसित किये जा रहे है। उन्होंने बताया कि पीएमएफएमई (PMFME) योजना में चालू वित्त वर्ष 2025-26 में 3 हजार 113 सूक्ष्म उद्यमियों को 108 करोड़ का अनुदान प्रदान किया जा चुका है। योजना की नियमित समीक्षा की जा रही है। एमपी एग्रो ने समीक्षा के दौरान प्रबंध संचालक श्री दुबे ने बताया कि गत तीन वर्षों में एमपी एग्रो का व्यापार 47 करोड़ से बढ़कर 386 करोड़ हो गया है। इसके और बेहतर करने के प्रयास किये जा रहे है। बैठक में विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

छात्र-पुलिस संघर्ष: पंजाब यूनिवर्सिटी में हुई जोरदार झड़प और लाठीचार्ज

चंडीगढ़ चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में सीनेट चुनावों के ऐलान की मांग कर रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान आज हालात तब बेकाबू हो गए, जब प्रदर्शनकारी छात्रों की पुलिस से हिंसक भिड़ंत हो गई। पुलिस ने यूनिवर्सिटी परिसर में प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रवेश को रोकने की कोशिश की तो छात्र हिंसक हो गए और पुलिस से भिड़ गए। छात्रों और पुलिस के बीच देखते ही देखते धक्का मुक्की शुरू हो गई। इसके बाद पुलिस ने छात्रों को काबू में करने के लिए उन पर लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान छात्रों ने जमकर उत्पात मचाया। ये झड़प और लाठीचार्ज ऐसे वक्त पर हुआ, जब प्रदर्शनकारी छात्रों का साथ देने के लिए सिख संगठनों और कृषि यूनियनों के कार्यकर्ताओं समेत अन्य लोग विश्वविद्यालय परिसर में घुसना चाह रहे थे। ये लोग भी काफी विलंब से चल रहे पीयू सीनेट चुनावों की तारीखों की मांग को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल होना चाहते थे। ‘पंजाब यूनिवर्सिटी बचाओ मोर्चा’ के बैनर तले छात्र विश्वविद्यालय के शासी निकाय सीनेट और सिंडिकेट के पुनर्गठन के फैसले को अब केंद्र द्वारा वापस लिए जाने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस और विद्यार्थियों के बीच धक्का-मुक्की इस दौरान विद्यार्थी और पुलिस के बीच बहस भी देखने को मिली। पुलिस के इंतजाम देखकर विद्यार्थियों ने समर्थकों से अपील की है कि पुलिस उन्हें जहां रोके, वहीं बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दें। पुलिस ने एक नंबर द्वार को बंद कर दिया है और दो तथा तीन नंबर के द्वार से भी कड़ी जांच के बाद ही जाने दिया जा रहा है। जब खबर आई कि पुलिस ने दो नंबर द्वार से कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है तो विद्यार्थी और भड़क उठे। वह गेट जबरन खोलकर यूनिवर्सिटी में घुस गये हैं। इस दौरान पुलिस और विद्यार्थियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। रविवार रात भी इस मुद्दे पर विद्यार्थियों ने हंगामा किया था। देर रात तक छात्र यूनिवर्सिटी के गेट पर धरने पर बैठे रहे। मामला बढ़ता देख वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कंवरपाल कौर को खुद ही स्थिति संभालनी पड़ी थी। विद्यार्थियों के प्रदर्शन को देखते हुए यूनिवर्सिटी में सोमवार और मंगलवार को अवकाश घोषित कर दिया गया है। यूनिवर्सिटी में 2000 पुलिस कर्मचारी तैनात सोमवार को सुबह से ही यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों भीड़ जुटनी शुरू हो गयी थी। विद्यार्थियों के आह्वान पर उनके समर्थन में किसान और कई राजनीतिक दल भी प्रदर्शन में शामिल हो गए। इसे देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने वहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और 2000 कर्मचारी तैनात किये हैं। पूरे शहर में 12 जगह नाकाबंदी की गयी है। यूनिवर्सिटी में सिर्फ उन्हीं को जाने की इजाजत है, जिनका कोई काम है। उसके लिए भी उनके पहचान पत्र देखे जा रहे हैं। विवाद सीनेट और सिंडिकेट भंग करने से शुरू हुआ बता दें कि यह विवाद पंजाब यूनिवर्सिटी में सीनेट और सिंडिकेट भंग करने से शुरू हुआ। इससे विद्यार्थी भड़क उठे, तो केंद्र सरकार ने यह अधिसूचना वापस ले ली थी। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने घटना की निंदा करते हुए कहा, " पंजाब विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अपने ही परिसर में प्रवेश करने से रोका जा रहा है। सुरक्षाकर्मियों द्वारा लड़कियों को धक्का दिया जा रहा है और उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। " राजा वडिंग ने कहा, " उनके पास वैध पहचान पत्र हैं – क्या यह लोकतंत्र है या छिपी हुई तानाशाही है? पंजाब विश्वविद्यालय में आज शांतिपूर्ण छात्रों पर पुलिस की बर्बरता की निंदा करने के लिए शब्द कम हैं। छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, क्योंकि उनका केंद्र सरकार पर से भरोसा उठ गया है जो पंजाब से विश्वविद्यालय छीनने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पंजाब के युवाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।

मॉडल की रहस्यमय मौत: शरीर पर चोट के निशान, पुलिस कर रही बॉयफ्रेंड से पूछताछ

भोपाल राजधानी भोपाल के भैंसाखेड़ी क्षेत्र में सोमवार सुबह 21 वर्षीय मॉडल की मौत होने का मामला सामने आया है। युवती को उसके दोस्त ने अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक मृतका की पहचान खुशबू अहिरवार के रूप में हुई है। वह पिछले कुछ वर्षों से भोपाल में मॉडलिंग कर रही थी। बैरागढ़ क्षेत्र के सहायक पुलिस आयुक्त आदित्य राज सिंह ने बताया कि खुशबू को उसका दोस्त कासिम और एक बस कंडक्टर अस्पताल लेकर पहुंचे थे। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी। जानकारी के अनुसार, खुशबू बीए फर्स्ट इयर के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। वह तीन साल से भोपल में रह रही थी। उसके प्राइवेट पार्ट और बॉडी पर चोटों के निशान मिले हैं। परिजनों ने लव जिहाद और हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि कासिम को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह मामला आत्महत्या, हादसा या कुछ और है। जानकारी सामने आई कि मॉडल गर्भवती थी। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में गर्भवती और उसके कॉम्प्लिकेशन की बात कही जा रही है। फूल पीएम रिपोर्ट मंगलवार को आएगी। जिसके बाद पूरी तरह से मौत का कारण साफ होने की बात कही जा रही है। 

नगरीय प्रशासन मंत्री विजयवर्गीय ने किया 33/11 के.वी. सब स्टेशन का लोकार्पण

  भोपाल नगरीय प्रशासन मंत्री एवं धार जिले के प्रभारी मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने धार जिले के बाग के अखाड़ा में रिवेम्प्ड डिस्ट्रिब्यूशन सेक्टर स्कीम आरडीएसएस अंतर्गत नए 33/11केवी सब स्टेशन का लोकार्पण किया। उन्होंने प्रदेश शासन को किसानों, ग्रामीणों समेत सभी वर्ग के लिए कल्याणकारी सरकार निरूपित किया। इस अवसर पर धार जिला पंचायत अध्यक्ष सरदार सिंह मईड़ा समेत अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के धार अधीक्षण यंत्री  आशीष आचार्य ने बताया कि करीब पौने तीन करोड़ की लागत के इस नए सब स्टेशन से अखाड़ा, महेशरा, सिरपानी, पिपरियापानी, डिलवानी समेत करीब 7 ग्रामों एवं अन्य फलियों के बिजली उपभोक्ताओ को फायदा मिलेगा। इस नए सब स्टेशन से आपूर्ति के बाद बाग सब स्टेशन पर लोड घटेगा। उन्होंने बताया कि धार जिले में आडीएएस अंतर्गत प्रत्येक बिजली संभाग में सब स्टेशन, केबल, ट्रांसफार्मर, पोल, कंडक्टर इत्यादि के कार्य बड़ी संख्या में हो रहे हैं।

राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतिभाओं को देखने का अवसर रीवा को मिलेगा : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

उप मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय भैयालाल शुक्ल स्मृति टेनिस बाल क्रिकेट प्रतियोगिता का किया शुभारंभ भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने विश्वविद्यालय स्टेडियम रीवा में आयोजित स्व. भैयालाल शुक्ल स्मृति टेनिस बाल क्रिकेट प्रतियोगिता का शुभारंभ सोमवार को किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि रीवा बड़े आयोजनों का केन्द्र बनता जा रहा है। समाजसेवी स्व. श्री भैयालाल शुक्ल की स्मृति में आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता में रीवावासियों को राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतिभाओं को देखने का अवसर मिलेगा। प्रतियोगिता लगातार 10वें वर्ष में सफलतापूर्वक आयोजित हो रही है। प्रतियोगिता के माध्यम से स्थानीय क्रिकेट खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा के जौहर दिखाने का अवसर मिल रहा है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में रीवा में सैनिक स्कूलों की राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। हमने कुछ दिनों पहले ही नौ सेना अध्यक्ष एडमिरल दिनेश त्रिपाठी और थल सेना अध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी का नागरिक अभिनंदन किया था। रीवा में 6 से 9 नवम्बर तक अखिल भारतीय साहित्य परिषद का अधिवेशन भी आयोजित किया गया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मेरे पूज्य पिताजी स्व. श्री भैयालाल शुक्ल से ही मुझे जनसेवा और समाज सेवा के संस्कार मिले हैं। उनके आशीर्वाद से ही मुझे जन-कल्याण और क्षेत्र के विकास के लिए प्रयास करने की शक्ति मिलती है। पूज्य पिताजी से मिले संस्कार, गौमाता और आमजनों से मिला आशीर्वाद सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन रीवा ही नहीं पूरे विन्ध्य के लिए ऐतिहासिक दिन बनने जा रहा है। आज से रीवा से दिल्ली के लिए 72 सीटर हवाई सेवा शुरू हो गई है। यह हवाई सेवा विन्ध्य के विकास की बड़ी छलांग साबित होगी। उप मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय भैयालाल शुक्ल के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रंद्धाजलि दी। इसके बाद उप मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता में शामिल खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया। प्रतियोगिता 10 से 16 नवम्बर तक राष्ट्रीय एकता मंच द्वारा आयोजित की जा रही है। इस अवसर पर रीवा नगर निगम अध्यक्ष व्यंकटेश पाण्डेय,  राजगोपाल मिश्रा चारी,   सतीश सिंह,  प्रकाश सोनी,  गौरव पाण्डेय,  अखिलेश शुक्ला,   अरूण मिश्रा तथा स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहे।