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वीटा घी हुआ महंगा: रोजमर्रा के बजट पर पड़ेगा असर, देखें नई कीमत

चंडीगढ़  हरियाणा डेयरी डेवलपमेंट कोऑपरेटिव फेडरेशन ने वीटा घी की दरों में तत्काल 20 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि की है। सीजीएम मैनेजिंग डायरेक्टर ने बताया कि घी के सभी प्रकारों और पैकिंग में एक्स फैक्ट्री रेट में प्रति लीटर 20 रुपए की वृद्धि की गई है। यह वृद्धि एमपीसीएस को होने वाली बिक्री सहित सभी बिक्री पर लागू होगी। वीटा घी की कीमतों में हाल ही में बढ़ोतरी हुई है, जो 22 सितंबर को जीएसटी में कटौती के बाद पहले घटाई गई कीमतों के बाद की गई है।एक लीटर घी का पैक अब 630 का है, जो पहले 610 था, जबकि 15 लीटर के टिन की कीमत में 290 की वृद्धि हुई है, जिससे यह लगभग जीएसटी कटौती से पहले के स्तर पर पहुंच गया है।  

रोजगार को बढ़ावा: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र

अमृतसर  रोजगार के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, पीएसपीसीएल (पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के नवनियुक्त उम्मीदवारों को आज नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान सम्मानित किया गया। यह समारोह अमृतसर के मेडिकल कॉलेज में बने ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान स्वयं शामिल हुए। इस अवसर पर 'आप' सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार अब तक विभिन्न विभागों में 56 हजार 856 भर्तियां कर चुकी है। इन 2200 नवनियुक्त कर्मचारियों की भर्ती के साथ यह आंकड़ा बढ़कर 59,962 हजार हो गया है। इस दौरान, मुख्यमंत्री मान ने कहा कि आज सरकार के दौरान 59,962 नौकरियां दी गई हैं। जो बिना किसी नकद राशि और सिफारिश के दी गई हैं। उन्होंने कहा कि आप लोगों ने सुबह उठकर मेहनत की है और कड़ी मेहनत करके आज यह मुकाम हासिल किया है। मुख्यमंत्री मान ने युवाओं से कहा कि सीखने की कोई उम्र या स्थान नहीं होता, इसलिए आपको हमेशा सीखते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज आपको खुश देखकर उन्हें भी खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि आप लोग इस नौकरी का इस्तेमाल बदनामी के लिए नहीं करेंगे, बल्कि अपने परिवार और देश का नाम रोशन करेंगे। इस मौके पर पीएसपीसीएल में चयनित नवनियुक्त युवाओं ने कहा कि उन्हें बिना किसी पैसे और सिफारिश के नौकरी मिली है। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल का धन्यवाद किया और वादा किया कि वे अपनी ड्यूटी पूरी ईमानदारी से निभाएंगे। 

सड़क सुरक्षा पर सख्ती: राजस्थान में ओवरस्पीडिंग पर दर्ज होगी FIR, ड्रिंक एंड ड्राइव मामले बढ़े 8%

जयपुर राजस्थान में इस साल सितंबर तक ड्रिंक एंड ड्राइव (शराब पीकर गाड़ी चलाने) के मामलों में करीब 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह खुलासा पुलिस मुख्यालय के आधिकारिक आंकड़ों से हुआ है। यह डेटा उस समय सामने आया है जब महज दो दिनों में दो अलग-अलग सड़क हादसों में 28 लोगों की मौत हो गई। पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, 2024 में 40,715 मामले सामने आए थे, जिनमें ड्राइवर शराब के नशे में वाहन चलाते पकड़े गए थे, जबकि 2025 में सितंबर तक यह आंकड़ा 43,788 तक पहुँच गया है। अधिकारियों के मुताबिक, सबसे ज्यादा मामले जयपुर और जोधपुर जिलों से दर्ज हुए हैं। सोमवार 3 नवंबर दोपहर जयपुर के हरमाड़ा इलाके में लोहे की मंडी के पास तेज रफ्तार डंपर ने 17 वाहनों को कुचल दिया, जिससे 12 लोगों की मौत हो गई और 10 घायल हुए। डीसीपी (पश्चिम) हनुमान प्रसाद मीणा ने बताया, “दुर्घटना दोपहर करीब 1 बजे हुई। प्राथमिक जांच में ड्राइवर शराब के नशे में पाया गया। उसे हिरासत में लेकर वाहन जब्त कर लिया गया है।” हरमाड़ा थाना अधिकारी उदय सिंह ने बताया कि डंपर पहले एक बाइक से टकराया और लोगों ने उसका पीछा किया। इसके बाद ड्राइवर ने रफ्तार बढ़ाई और लगभग 300 मीटर तक कई वाहनों को टक्कर मारता चला गया। एनसीआरबी रिपोर्ट में चिंताजनक स्थिति नवीनतम एनसीआरबी रिपोर्ट (2023) के अनुसार, राजस्थान देश में सातवें स्थान पर है जहाँ सबसे ज्यादा 24,694 सड़क हादसे दर्ज हुए। इनमें से 7,179 हादसे राष्ट्रीय राजमार्गों पर हुए और 4,172 लोगों की मौत हुई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, “सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता की कमी, खराब सड़कें, वाहनों की स्थिति की जांच का अभाव और ब्लैक स्पॉट सुधार में सुस्ती— ये मुख्य कारण हैं जिन पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।” विशेषज्ञों ने की परिवहन विभाग की आलोचना जयपुर स्थित मुस्कान फाउंडेशन की कार्यकारी निदेशक नेहा खल्लर ने कहा, “हर बार हादसे के बाद पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगता है, जबकि सड़क सुरक्षा नीति बनाने और लागू करने की जिम्मेदारी परिवहन विभाग, पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई की होती है।” उन्होंने बताया कि राज्य में केवल दो वाहन फिटनेस सेंटर हैं, जो पूरे राजस्थान की निगरानी के लिए अपर्याप्त हैं। “राज्य में व्यावसायिक वाहनों के लिए टेस्टिंग ट्रैक तक नहीं है, फिर भी लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं। ऐसे ड्राइवर कभी प्रशिक्षित नहीं हो पाते,” उन्होंने कहा। नेहा खल्लर ने यह भी बताया कि राजस्थान की कुल सड़क लंबाई का मात्र 11% हिस्सा राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों का है, लेकिन 60% हादसे इन्हीं पर होते हैं। बावजूद इसके, सरकार की ट्रैफिक जागरूकता मुहिम ज्यादातर शहरों तक सीमित हैं। उन्होंने हाल ही में जयपुर के हरमाड़ा हादसे का हवाला देते हुए कहा, “ड्राइवर दोषी जरूर था, लेकिन राज्य में ब्रेद एनालाइज़र टेस्ट सही तरीके से लागू नहीं हुए हैं। उस ड्राइवर के खिलाफ पिछले दो महीनों में तीन बड़े चालान दर्ज थे, फिर भी उसका लाइसेंस रद्द क्यों नहीं किया गया?” जयपुर में ओवरस्पीडिंग पर 3 के खिलाफ एफआईआर जयपुर यातायात पुलिस ने ओवरस्पीडिंग के तीन मामलों में वाहन मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई शहर में सुरक्षित और सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने तथा सड़क हादसों पर रोक लगाने के उद्देश्य से की गई है। पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल के निर्देश पर यातायात पुलिस ने आईटीएमएस कैमरों में दर्ज तेज रफ्तार वाहनों की फुटेज के आधार पर यह कार्रवाई की। मालवीय नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 125, 281 और मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 183, 184 के तहत तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस के अनुसार, एफआईआर दर्ज वाहनों में RJ60CE0209 (103 किमी/घं.), RJ45CY3139 (119 किमी/घं.) और RJ60SY7327 (113 किमी/घं.) शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इन वाहन चालकों ने जानबूझकर लापरवाही से वाहन चलाकर मानव जीवन को खतरे में डाला।

क्रांति गौड़ को मिला सम्मान, मुख्यमंत्री ने किया बड़ा ऐलान — पिता की होगी पुलिस विभाग में वापसी

भोपाल  भारत को विश्व विजेता बनाने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी क्रांति गौड़ को भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सम्मानित किया। सीएम हाउस में समारोह का आयोजन हुआ है। इस आयोजन में क्रांति गौड़ के पिता मुन्ना सिंह, मां नीलम गौड़ और कोच राजीव बिल्थरे भी मौजूद थें। सीएम मोहन यादव ने क्रांति को मोमेंटो दिया और शॉल ओढ़ाई। समारोह में सीएम मोहन ने की बड़ी घोषणा समारोह में सीएम मोहन यादव ने दो घोणणाएं की। मुख्यमंत्री ने कहा कि, सस्पेंड चल रहे क्रांति गौड़ के पिता मुन्ना सिंह की पुलिस में बहाली होगी। इसके साथ ही क्रांति के गृह निवास छतरपुर में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विश्व स्तरिय स्टेडियम बनाया जाएगा। इस दौरान सीएम के साथ खेल मंत्री विश्वास सारंग भी मौजूद थें। उन्होंने क्रांति के माता-पिता और कोच का सम्मान किया। जनजातिय गौरव दिवस पर बड़ा कार्यक्रम सीएम मोहन यादव ने समारोह में जानकारी देते हुए कहा कि, 15 नवंबर को जनजातिय गौरव दिवस पर क्रांति के सम्मान में बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। क्रांति कुछ देर में भोपाल से छतरपुर के गुलगंज जाएंगी। यहां वे चौपरिया सरकार मंदिर में दर्शन करेंगी। वहीं शाम 4 बजे क्रांति अपने गृह ग्राम घुवारा पहुंचेंगी, जहां तुलादान के बाद स्वागत जुलूस निकाला जाएगा।

उपमुख्यमंत्री देवड़ा: जीएसटी सुधारों से म.प्र. में आजीविका के नए मौके और राजस्व वृद्धि

आजीविका के नये मौके और राजस्व संग्रहण बढ़ा : उप मुख्यमंत्री देवड़ा जीएसटी सुधारों का म.प्र. में हुआ व्यापक प्रभाव उत्पादों की कीमतें 6 से 10 प्रतिशत तक कम हुई भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में लागू किए गए नए जीएसटी सुधारों का मध्यप्रदेश के व्यापार, उद्योग और एमएसएमई सेक्टर पर व्यापक सकारात्मक प्रभाव नजर आने लगा है। इन सुधारों से राज्य के विभिन्न उत्पादों में 6 से 10 प्रतिशत तक कीमतों की कमी दर्ज की गई है। इससे न केवल उद्योगों की लागत घटी है, बल्कि रोजगार, विकास और आजीविका के नए अवसर भी तेजी से बढ़े हैं। राज्य ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के सितम्बर माह तक निर्धारित लक्ष्य ₹8,212 करोड़ के विरुद्ध ₹8,293.01 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया, जो लक्ष्य से 0.99 प्रतिशत अधिक है। वर्तमान वर्ष में सितम्बर 2025 तक प्राप्त राजस्व, गत वर्ष की तुलना में 16.88 प्रतिशत अधिक है। यह संकेत है कि जीएसटी सुधारों ने राज्य की आर्थिक गतिविधियों को गति दी है। उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि- “प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में किए गए जीएसटी सुधारों ने व्यापार जगत, उद्योगों और कारीगरों के लिए नई ऊर्जा दी है। कर दरों में की गई कमी से उत्पाद सस्ते हुए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को राहत और व्यापारियों को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिला है। इन सुधारों से आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में मध्यप्रदेश अग्रसर हो रहा है।” उद्योग, हस्तशिल्प और कारीगरी पर जीएसटी सुधारों का प्रभाव इंदौर नमकीन उद्योग इंदौर सेंव, लौंग सेंव, मिक्सचर और चिवड़ा जैसे उत्पादों का जीआई टैग प्राप्त केंद्र इंदौर, लगभग 1 लाख प्रत्यक्ष और 2.5 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार देता है। इसका निर्यात मध्य पूर्व, ब्रिटेन और अमेरिका तक होता है। नमकीन पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% करने से उत्पादों में 6-7% तक सस्ती होने की प्रवृत्ति देखी गई है। इससे घरेलू बिक्री में वृद्धि और निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार हुआ है। कृषि मशीनरी मध्यप्रदेश, भारत का दूसरा सबसे बड़ा सोयाबीन उत्पादक राज्य होने के साथ कृषि-मशीनीकरण का प्रमुख केंद्र भी है। इंदौर, भोपाल, देवास, ग्वालियर, उज्जैन और विदिशा में एमएसएमई क्लस्टर द्वारा सीड ड्रिल, थ्रेशर, हार्वेस्टर और सिंचाई पंप बनाए जाते हैं। यहां लगभग 25,000 श्रमिक प्रत्यक्ष और 60,000 लोग अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं। ट्रैक्टर, पंप और उपकरणों पर जीएसटी 12/18% से घटाकर 5% करने से उपकरणों की लागत में 7-13% तक की गिरावट आने की उम्मीद है। माहेश्वरी साड़ियां खरगोन जिले का महेश्वरी हथकरघा क्षेत्र 2,600 करघों पर लगभग 8,000 बुनकरों को रोजगार देता है, जिनमें महिलाएं मुख्य भूमिका निभाती हैं। विशिष्ट उलटी किनारी (बुगड़ी) वाली माहेश्वरी साड़ियां 2010 से जीआई टैग प्राप्त हैं और यूरोप व अमेरिका तक निर्यात होती हैं। वस्त्र उत्पादों पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% करने से ये साड़ियां लगभग 6% सस्ती होने की उम्मीद है, जिससे घरेलू और निर्यात दोनों बाजारों में मांग बढ़ेगी। गोंड चित्रकलाएं मंडला, डिंडोरी, उमरिया और सिवनी में बनने वाली गोंड चित्रकलाएं 2015 से जीआई टैग प्राप्त हैं। ये लोककथाओं और पौराणिक कथाओं पर आधारित होती हैं। जीएसटी 12% से घटाकर 5% करने से इन कलाकृतियों में लगभग 6% कीमत कमी आई है, जिससे कलाकारों को ई-कॉमर्स और निर्यात बाजारों में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिला है। लकड़ी के लाख के खिलौने मुख्य रूप से बुधनी (सीहोर), उज्जैन और ग्वालियर में तैयार यह पारंपरिक शिल्प 2,000-2,500 कारीगरों को रोजगार देता है। जीएसटी 12% से घटाकर 5% करने से कीमतों में 6% तक कमी आई है, जिससे ये पर्यावरण-अनुकूल खिलौने प्लास्टिक के विकल्प के रूप में लोकप्रिय हो रहे हैं। जापान और यूरोप जैसे निर्यात बाजारों में इनकी मांग बढ़ी है। टेराकोटा और मिट्टी के शिल्प मंडला, बैतूल, उज्जैन और टीकमगढ़ में 5,000-6,000 ग्रामीण कारीगर, ज्यादातर महिलाएं, टेराकोटा खिलौनों और सजावटी वस्तुओं का निर्माण करती हैं। जीएसटी 12% से घटाकर 5% करने से ये उत्पाद लगभग 6% सस्ते हुए हैं, जिससे त्योहारी सीजन में बिक्री में वृद्धि हुई है। बेल मेटल और डोकरा शिल्प बैतूल और बालाघाट के आदिवासी क्षेत्रों में 5,000 कारीगर डोकरा कला में कार्यरत हैं। जीएसटी 12% से घटाकर 5% करने से उत्पादों की कीमत में 6% की कमी आई है, जिससे मशीन निर्मित मूर्तियों के मुकाबले यह शिल्प फिर से लोकप्रिय हुआ है। लाख के बर्तन और बेल धातु शिल्प टीकमगढ़, झाबुआ और अलीराजपुर में 5,000-6,000 कारीगर लाख के बर्तन और बेल धातु की वस्तुएं बनाते हैं। बेल धातु पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% और लाख के बर्तनों पर 12% से घटाकर 5% करने से कीमतों में 6-10% की कमी आई है, जिससे घरेलू मेलों में बिक्री और निर्यात दोनों में बढ़ोतरी हुई है। बांस और बेंत के हस्तशिल्प बालाघाट, मंडला और डिंडोरी में हजारों जनजातीय परिवार बांस-बेंत के शिल्प में लगे हैं। लगभग 12,000 प्रत्यक्ष और 25,000 अप्रत्यक्ष महिला कारीगरों को काम मिला है। जीएसटी 12% से घटाकर 5% करने से इन उत्पादों में 6% की कीमत कमी आई है, जिससे इको-फ्रेंडली उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहन मिला है। पीतल के बर्तन टीकमगढ़, छतरपुर और बैतूल के पीतल उद्योगों में वंशानुगत कारीगर पारंपरिक बर्तन और दीपक बनाते हैं। जीएसटी 12% से घटाकर 5% करने से कीमतों में लगभग 6% की कमी आई है, जिससे कारीगरों को स्टील और एल्यूमिनियम से प्रतिस्पर्धा में राहत मिली है। सीमेंट उद्योग सतना, कटनी, दमोह और रीवा जैसे केंद्रों के कारण मध्यप्रदेश भारत का सबसे बड़ा सीमेंट उत्पादक है। यहां लगभग 50,000 प्रत्यक्ष और 2 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार हैं। जीएसटी 28% से घटाकर 18% करने से प्रति 50 किलो बैग में ₹25-30 की कीमत कमी हुई है। इससे निर्माण और आवास क्षेत्र को बढ़ावा मिला है। बलुआ पत्थर उद्योग ग्वालियर, शिवपुरी और टीकमगढ़ के केंद्रों में 25,000-30,000 श्रमिक कार्यरत हैं। जीएसटी 28% से घटाकर 18% करने से स्लैब और टाइल्स 8% सस्ती हुई हैं, जिससे निर्माण और निर्यात को बढ़ावा मिला है। चमड़े के जूते उद्योग देवास, इंदौर और ग्वालियर के क्लस्टर में 40,000 प्रत्यक्ष और 1.2 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार हैं। ₹2,500 तक के जूतों पर जीएसटी 18% से घटाकर 5% करने से 11% कीमत कमी हुई है, जिससे कारीगरों की आमदनी बढ़ी है और जूता उद्योग को नई प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिली है। जीएसटी सुव्यवस्थीकरण से मध्यप्रदेश को घरेलू स्नैक्स, साड़ियां, आदिवासी शिल्प, सीमेंट, बलुआ पत्थर और … Read more

ट्रेनिंग के दौरान जवानों को मिलेगी गीता से जीवन की सीख, नेक जीवन जीने में मदद मिलेगी

भोपाल  रामचरितमानस के बाद, मध्य प्रदेश पुलिस की ट्रेनिंग विंग ने अपने सभी सेंटरों को अपने रंगरूटों के लिए भगवद गीता पाठ सेशन आयोजित करने का निर्देश दिया है, क्योंकि इससे उन्हें "नेक" जीवन जीने में मदद मिलेगी। यह निर्देश एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (ट्रेनिंग) राजा बाबू सिंह ने राज्य के सभी आठ ट्रेनिंग स्कूलों के सुपरिटेंडेंट को जारी किया है। इन सेंटरों में जुलाई से लगभग 4,000 युवा लड़के और लड़कियां नौ महीने की कांस्टेबल ट्रेनिंग ले रहे हैं। सिंह ने जुलाई में ट्रेनिंग सेशन का उद्घाटन करते समय इन संस्थानों में रामचरितमानस का पाठ करने का निर्देश दिया था, और कहा था कि इससे उनमें अनुशासन आएगा। रामचरितमानस में भगवान राम के गुणों और जंगल में उनके 14 साल के वनवास का वर्णन है। 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी सिंह ने ट्रेनिंग स्कूल के डायरेक्टरों से कहा कि अगर संभव हो तो भगवान कृष्ण के चल रहे पवित्र महीने (अगहन कृष्ण) के दौरान भगवद गीता का कम से कम एक अध्याय पढ़ना शुरू करें। उन्होंने निर्देश दिया कि यह ट्रेनी के रोज़ाना के मेडिटेशन सेशन से ठीक पहले किया जा सकता है। ADG ने ट्रेनिंग स्कूलों को अपने संदेश में कहा, "भगवद गीता हमारा शाश्वत ग्रंथ है। इसका नियमित पाठ निश्चित रूप से हमारे ट्रेनी को एक नेक जीवन जीने में मार्गदर्शन करेगा, और उनका जीवन बेहतर होगा।" यह अधिकारी, लगभग 2019 में ग्वालियर रेंज के पुलिस प्रमुख के रूप में काम करते हुए, इसी तरह का एक अभियान शुरू किया था और कई स्थानीय जेल कैदियों और अन्य लोगों को भगवद गीता की प्रतियां बांटी थीं।

RJD पर बरसे अमित शाह, बोले—बिहार में फिर नहीं आने देंगे जंगलराज

पटना बिहार के चुनावी मैदान में आज गृह मंत्री अमित शाह ने जमुई में लोगों के अंदर जोश भरने का काम किया। शाह ने मंच से कहा कि एक वक्त था जब जमुई लाल खून और लाल आतंक से सना हुआ था। यही वो जमीन थी जहां नक्सलवादियों ने अपना ठिकाना बनाया था। मगर आज, मोदी जी की सरकार ने बिहार से नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म कर दिया है। शाह ने रैली को संबोधित करते हुए जनता से कहा कि अगर आपसे जरा भी गलती हुई और आप कमल छाप या तीर छाप से जरा भी इधर-उधर गए तो फिर से जंगलराज आने वाला है। जमुई को जंगलराज चाहिए क्या? कल ही चुनाव का पहला चरण समाप्त हुआ है। लालू-राहुल की पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया है। जमुई में भी उनका खाता नहीं खुलना चाहिए। यहां की सभी चारों सीटें आपको NDA के खाते में डालनी हैं। आरजेडी पर खूब बरसे अमित शाह रैली को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, “कभी गया, औरंगाबाद और जमुई में नक्सलियों का राज चलता था। उन्होंने 150 साथियों के साथ धनबाद-पटना एक्सप्रेस को हाईजैक किया था और तीन यात्रियों की हत्या कर दी थी। मगर आज हालात बदल चुके हैं, चोरमारा गांव, जो मुंगेर-जमुई बॉर्डर पर है, 25 साल बाद नक्सलमुक्त हुआ है।” उन्होंने कहा, “पहले बिहार में ऐसे जिले थे जहां तीन बजे तक ही मतदान होता था, डर के माहौल में। अब शाम पांच बजे तक वोटिंग चल रही है, क्योंकि डर खत्म हो गया है।” अमित शाह ने लालू-राबड़ी राज पर भी जमकर हमला बोला। शाह ने कहा बोले, “उन दिनों बारात जाती थी तो उगाही के लिए कट्टा लेकर लोग पहुंचते थे। अपहरण, फिरौती और बीस से ज्यादा नरसंहार होता था, यही था उस दौर का बिहार। उसी जंगलराज ने बिहार की फैक्ट्रियां और कारोबार बंद करवा दिए और राज्य को गरीबी की तरफ धकेला।”

वंदे मातरम् हमारे चरित्र की धड़कन – मुख्य सचिव रस्तोगी का संबोधन

चंडीगढ़  राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने का स्मरणोत्सव आज पूरे हरियाणा में पूरी गरिमा और शालीनता से मनाया गया। चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। रस्तोगी ने कहा कि अपने ही देश में पराधीनता की पीड़ा कितनी कष्टदायी होती है, इसकी कल्पना ही बड़ी मुश्किल है। सन 1857 में स्वतंत्रता के पहले संग्राम का बिगुल बजा और प्रबुद्ध नागरिकों ने अंग्रेजों के अत्याचारों के खिलाफ बोलना शुरू किया। उन्होंने कहा कि गीत-संगीत, राग-रागनी की हमारे देश में एक लंबी परंपरा रही है। ऐसा ही एक गीत है-वंदे मातरम्। इस अमर गीत ने अंग्रेजी शासन के अत्याचारों से ग्रस्त और त्रस्त जनमानस को उद्वेलित कर जन-जन में देशभक्ति की ज्योति प्रज्वलित की, राष्ट्रीय चेतना को स्वर प्रदान किया और भारत के स्वाधीनता संग्राम को दिशा दी उन्होंने कहा कि आज पूरा देश बड़े ही गर्व और गौरव के साथ ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहा है। उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, यह भारत माता की आराधना है, हमारे राष्ट्रीय चरित्र की आत्मा है। मुख्य सचिव ने कहा कि जो देश-प्रदेश अपने इतिहास को याद नहीं रखते, उनका अस्तित्व भी ज्यादा समय तक नहीं रहता। इसलिए हमें अपने देश के गौरवशाली इतिहास को, इसकी अमूल्य धरोहर को निरंतर स्मरण रखना है। हमारे महापुरुषों और स्वतंत्रता सेनानियों के दिखलाए मार्ग पर चलना है। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर इस अमर गीत के रचयिता बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के जीवन पर आधारित एक प्रदर्शनी भी लगाई गई है। इसमें उनके जीवन के जुड़े प्रसंगों का उल्लेख किया गया है। उन्होंने उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों का आह्वान किया कि वे इस प्रदर्शनी को जरूर देखें और इससे कुछ न कुछ सीखकर जाएं। उन्होंने राष्ट्रीय गीत को हिन्दी में भी उच्चारण किया।   एक ही बयान में अभय, बिश्नोई और श्रुति चौधरी पर बरसीं गीता भुक्कल' कार्यक्रम के शुरुआत में मुख्य सचिव और कई वरिष्ठ अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर भारत माता के चरणों में पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने राष्ट्रीय गीत गाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों ने मिलकर ‘वंदे मातरम्’ गाया। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान के साथ-साथ राज्य गीत ‘जय जय जय हरियाणा’ भी गाया गया। इससे पूर्व, सूचना, जन सम्पर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक के. मकरंद पांडुरंग ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और कार्यक्रम के अंत में उन्हें ‘वंदे मातरम्’ गीत का चित्र भेंट किया। कार्यक्रम में गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डाॅ. सुमिता मिश्रा, स्वास्थ्य एवं परिवार विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, सहकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेन्द्र कुमार, नगर एवं ग्राम आयोजना तथा शहरी सम्पदा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अपूर्व कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह, ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव श्यामल मिश्रा, सभी के लिए आवास विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाइन, सूचना, जन सम्पर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के आयुक्त एवं सचिव डाॅ. अमित कुमार अग्रवाल, वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव रजनीकांथन, मानव संसाधन विभाग के आयुक्त एवं सचिव पी.सी. मीणा, खेल विभाग के प्रधान सचिव नवदीप सिंह विर्क, धरोहर एवं पर्यटन विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती कला रामचंद्रन कार्मिक, प्रशिक्षण एवं संसदीय मामले विभाग के विशेष सचिव डाॅ. आदित्य दहिया, महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक श्रीमती प्रियंका सोनी और सचिवालय स्थापना के अतिरिक्त सचिव सम्वर्तक सिंह खंगवाल समेत हरियाणा सिविल सचिवालय के कर्मचारी तथा सीआईएसएफ के अधिकारी और जवान भी मौजूद रहे।

गौरव का पल: विश्व कप जीतकर लौटीं पंजाब की बेटियां, मोहाली में हुआ शानदार अभिनंदन

चंडीगढ़  महिला क्रिकेट में भारत के लिए पहला विश्व कप जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय टीम की दो पंजाबी खिलाड़ियों, हरलीन देओल और अमनजोत कौर का आज वतन वापसी पर पंजाब सरकार द्वारा यहां शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गर्मजोशी से शानदार स्वागत किया गया. मंत्रियों और विधायकों ने बढ़ाया बेटियों का मान इस अवसर पर पंजाब सरकार की ओर से वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर विशेष रूप से खिलाड़ियों का स्वागत करने के लिए हवाई अड्डे पहुंचे. उनके साथ विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा, जिला योजना बोर्ड की चेयरपर्सन प्रभजोत कौर, जसवंत कौर और पार्षद सरबजीत सिंह समाणा भी मौजूद रहे. हवाई अड्डे पर जश्न का माहौल देखने को मिला, जहां पंजाब सरकार, जिला प्रशासन और खेल विभाग द्वारा ढोल की थाप और फूलों के हार पहनाकर विजेता बेटियों का सम्मान किया गया. सरकार द्वारा विशेष सम्मान का ऐलान गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पहले ही वीडियो कॉल के जरिए टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर, हरलीन देओल और अमनजोत कौर को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी थी. हरपाल सिंह चीमा और मीत हेयर ने कहा कि हमारी इन बेटियों ने न सिर्फ पंजाब, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है. उन्होंने घोषणा की कि कप्तान हरमनप्रीत कौर के पंजाब लौटने के बाद पंजाब सरकार द्वारा तीनों खिलाड़ियों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा.

नक्सली के मारे जाने की आशंका, बालाघाट में सर्च अभियान हुआ तेज

बालाघाट  मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के रूपझर थाना क्षेत्र के कटेझिरिया जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ का मामला सामने आया। इस ताजा मुठभेड़ ने एक बार फिर इस इलाके में नक्सली गतिविधियों की मौजूदगी को साबित कर दिया है। एनकाउंटर के बाद सर्चिंग में सुरक्षाबलों को जंगल में खून से सने जूते और नक्सलियों के रोजाना इस्तेमाल वाला पिट्ठू बैग मिला है। इससे संभावना जताई जा रही है कि मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया या गंभीर रूप से घायल हुआ है। जंगल में लगातार सर्च ऑपरेशन बालाघाट एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि 2-3 नवंबर की दरमियानी रात नक्सलियों की सूचना पर सुरक्षाबल की टीम तलाशी अभियान चला रही थी। तभी हॉकफोर्स, सीआरपीएफ, कोबरा और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम पर माओवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की। सुरक्षाबलों ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। अंधेरे का फायदा उठाकर भागे नक्सली अंधेरा और घना जंगल होने का फायदा उठाकर नक्सली फायरिंग करते हुए सुरक्षाबलों की पकड़ से भाग निकले। इसके बाद से सुरक्षाबलों की टीम पानी भरे इलाकों, खड़ी पहाड़ियों और घने जंगलों में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। जहां खून से सना जूता बरामद हुआ है। उसके पास से राइफल और बड़ी मात्रा में नक्सली सामग्रियां जब्त की गई। इसके साथ ही सुरक्षाबलों ने नक्सलियों की गतिविधि की जानकारी जुटाना शुरू कर दी है। लगातार जारी है नक्सल विरोधी अभियान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के निर्देश पर नक्सल मुक्त मिशन के तहत पूरे देश में नक्सल विरोधी अभियान लगातार जारी है। इसके चलते कई नक्सली लगातार सरेंडर कर रहे हैं। कुछ दिन पहले 3 राज्यों में वांटेड दुर्दांत नक्सली ने सरेंडर किया था। उस पर 14 लाख रुपए का इनाम घोषित था।