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मुख्यमंत्री मोहन यादव का संकल्प: विजन-2047 के साथ मध्य प्रदेश को बनाएंगे विकास का टीम लीडर

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रवींद्र भवन में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि “विजन-2047 को लेकर हमारा लक्ष्य आगामी 25 वर्षों का रोडमैप तैयार करना है, जिससे मध्यप्रदेश देश के विकास का टीम लीडर बन सके। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश 69 वर्ष पूरे कर चुका है और अब 70वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। वर्ष 1956 में मध्यभारत, मालवा-चंबल, सेंट्रल प्रोविंस-बरार, महाकौशल और विंध्य को मिलाकर मध्यप्रदेश का गठन हुआ था। मुख्यमंत्री ने कहा कि “देश के दिल” के रूप में मध्यप्रदेश का हृदय मजबूत और संपन्न होगा तो पूरा देश स्वस्थ रहेगा। डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पहले से 8 एयरपोर्ट हैं और 9वें एयरपोर्ट का शिलान्यास एयरपोर्ट अथॉरिटी के विपिन कुमार ने किया है। मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जिसने सभी सेक्टरों में एक साथ हवाई सेवा शुरू करने के लिए एमओयू किए हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में देश के सबसे ज्यादा टाइगर और लेपर्ड हैं। विकास के क्षेत्र में प्रदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘एमपी ई-सेवा पोर्टल’ और ‘इन्वेस्ट एमपी-3 पोर्टल’ का लोकार्पण किया। साथ ही सिंहस्थ-2028 की तैयारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि 30 किलोमीटर के घाट क्षेत्र में 24 घंटे के भीतर 5 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से 6 लाख करोड़ रुपए के एमओयू हुए हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भोपाल में हुई जीआईएस के दौरान 24 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इनमें से 8.44 लाख करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी मिल चुकी है, जिससे 6 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। एमएसएमई क्षेत्र में 23,853 करोड़ के निवेश से लगभग 8 लाख लोगों को रोजगार मिला है। दो साल में 60 हजार सरकारी पदों पर नियुक्तियां दी गई हैं। डॉ. यादव ने कहा कि “मध्यप्रदेश नदियों का मायका है, थोड़ा पानी दूसरे राज्यों में भी चला जाए तो कोई आपत्ति नहीं। जल का बंटवारा सिर्फ राज्यों के बीच नहीं, बल्कि हमारे करोड़ों किसानों के लिए है।” उन्होंने बताया कि आदिवासी अंचलों में कपास किसानों के उत्थान के लिए पीएम मित्रा पार्क का लोकार्पण किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का हर एक रुपया जनता के हित में उपयोग होना चाहिए। अंत में उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश की सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में एक स्टेडियम और एक हेलीपैड का निर्माण चरणबद्ध रूप से किया जाएगा, जिससे खेल और कनेक्टिविटी दोनों को बढ़ावा मिल सके।

भोपाल : 20 सालों में बना देश का अग्रणी राज्य

भोपाल . डॉ. मोहन यादव। मध्यप्रदेश आज अपनी स्थापना के 70वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। एक नवंबर 1956 को अस्तित्व में आये मध्यप्रदेश में विकास की नई यात्रा विगत दो दशकों से आरंभ हुई, जो प्रदेश को देश में अग्रणी राज्य बनाने की संभावनाओं तक पहुंच गई है। यह सुखद संयोग है कि आज देवउठनी ग्यारस के पावन अवसर पर राज्योत्सव का आयोजन किया जा रहा है। हमारे तीज, त्यौहार और परंपराएं हमारी संस्कृति का आधार हैं। उत्सव के आनंद से ही भविष्य निर्माण के भाव निर्मित होते हैं। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि प्रदेश में सभी त्यौहारों को व्यापक स्वरूप में मनाया जा रहा है। अपने त्यौहारों का सांस्कृतिक संदर्भ ही हमें पुरातन से नूतन की प्रेरणा देता है। हमारे लिए गर्व की बात है कि भारत का ह्दय मध्यप्रदेश वन, जल, अन्न, खनिज, शिल्प, कला, संस्कृति, उत्सव और परंपराओं से समृद्ध है। हमें मां नर्मदा, चंबल, पार्वती, शिप्रा नदियों का सान्निध्य और बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त है। यह भगवान परशुराम की जन्मस्थली, भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षास्थली और आदि शंकराचार्य जी की तपोस्थली है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने चित्रकूट में लंबा समय व्यतीत किया है। इतिहास प्रसिद्ध राजा नल, भर्तृहरि, विक्रमादित्य की जन्म स्थली भी मध्यप्रदेश रही है। सम्राट विक्रमादित्य ने ही शकों के आतंक से भारत को मुक्त किया था। संसार की पहली वैज्ञानिक कालगणना "विक्रम संवत्" का आरंभ भी मध्यप्रदेश के उज्जैन से हुआ था। मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि हम अपने ऐतिहासिक गौरव की दिव्यता और प्राकृतिक भव्यता के साथ विरासत से विकास की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भारत को विश्व में सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए विकसित भारत निर्माण का संकल्प दिया है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हमारा देश विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री जी के इस संकल्प को साकार करने और विकसित भारत निर्माण के लिए मध्यप्रदेश में निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश में उद्योग वर्ष मनाने के साथ राज्योत्सव की थीम 'उद्योग और रोज़गार' रखी गई है। इसमें प्रदेश के सतत विकास, सांस्कृतिक समृद्धि और जनभागीदारी का भाव है। यशस्वी प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से हमें निवेश और औद्योगिक विकास की यात्रा को परिणाम में बदलने का अवसर प्राप्त हो रहा है। विविधता से समृद्ध मध्यप्रदेश के हर क्षेत्र की अपनी विशेषता, क्षमता और दक्षता है, जिसमें अनंत संभावनाएं हैं। इसी को केन्द्र में रखकर हमने प्रदेश में रीजनल इन्वेस्टर्स समिट का नवाचार किया। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि प्रदेश के हर क्षेत्र का कौशल और उद्योग इसमें शामिल हुआ है। व्यापार को सरल बनाने और निवेशकों से सीधे संवाद के लिए हमने मार्च 2024 से उज्जैन से निवेश यात्रा शुरू की और फिर जबलपुर, ग्वालियर, सागर, रीवा, शहडोल, नर्मदापुरम, मुंबई, कोयंबटूर, बेंगलुरु, पुणे, दिल्ली, यूके, जर्मनी, जापान, दुबई तक इसे विस्तार दिया। विभिन्न सम्मेलनों, राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय रोड-शो के माध्यम से मध्यप्रदेश के निवेश में कई गुना वृद्धि हुई है। निवेशकों को एक सक्षम, सरल और सुरक्षित वातावरण प्रदान किया गया है। प्रदेश में इनोवेशन हब, स्टार्टअप पॉलिसी, फंडिंग सपोर्ट और इन्क्यूबेशन नेटवर्क स्थापित कर देश की स्टार्टअप क्रांति को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है। मुझे यह बताते हुए खुशी है कि मध्यप्रदेश ने पिछले एक वर्ष में औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां प्राप्त की हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों ने प्रदेश में निवेश के प्रति गहरी रुचि दिखाई है। खनिज कॉन्क्लेव में प्रदेश को 56 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले, जो खनिज नीति और प्रशासनिक सरलता का परिणाम हैं। आईटी पार्क, इलेक्ट्रॉनिक निर्माण इकाइयां और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भी निवेश को प्रोत्साहन मिला है। मुझे यह बताते हुए हर्ष है कि प्रदेश एक ऐसे परिवर्तनकाल से गुजर रहा है जहां निवेश, नवाचार और रोज़गार आधार स्तंभ हैं। लगभग दो वर्षों में प्रदेश ने उद्योग, कृषि, दुग्ध उत्पादन, पर्यावरण, ऊर्जा और सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियाँ अर्जित की हैं। भारत के समग्र विकास के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने हमें गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी (GYAN) के सम्मान का मंत्र दिया है। विकास के इन आधार स्तंभ के अनुरूप प्रदेश विकास और कल्याण के लिए युवा शक्ति, गरीब कल्याण, किसान कल्याण और नारी सशक्तिकरण मिशन के तहत कार्य किया जा रहा है। गरीब कल्याण मिशन में स्वरोज़गार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, आवास, शिक्षा एवं स्वास्थ्य की सुविधा आदि की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश कौशल विकास मिशन और स्टार्टअप नीति 2025 ने युवाओं को जॉब सीकर से जॉब क्रिएटर में परिवर्तित किया है। कौशल विकास मिशन के माध्यम से युवाओं को उद्योग-आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। रोज़गार मेले, अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम और डिजिटल स्किल सर्टिफिकेशन जैसे प्रयास युवाओं को रोज़गार से जोड़ रहे हैं। रोज़गार सृजन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। शासकीय और निजी क्षेत्रों में युवाओं के लिए स्थायी, कुशल और सम्मानजनक अवसर उपलब्ध किये जा रहे हैं। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने शासकीय भर्ती का कैलेण्डर जारी किया और उसके अनुरूप भर्ती प्रक्रिया भी आरंभ हो गई है। कृषि क्षेत्र को नवाचार के साथ सशक्त बनाने की दिशा में एक नई क्रांति का सूत्रपात हुआ है। प्रदेश सरकार ने ड्रोन आधारित फसल निरीक्षण, स्मार्ट सिंचाई प्रणाली और कृषि उत्पाद मूल्य संवर्धन पर विशेष फोकस किया है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और मुख्यमंत्री खेत-तालाब योजना सहित अन्य प्रयासों से किसानों के लिए सिंचाई क्षेत्र बढ़ाने का लगातार प्रयत्न किया जा रहा है। केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना से प्रदेश के किसानों को सिंचाई और पानी की सुविधा व्यापक स्तर पर उपलब्ध होगी। प्रदेश में सिंचाई का रकबा 52 लाख हेक्टेयर से अधिक हो चुका है। इसे दोगुना करने का लक्ष्य है। आगामी 3 वर्षों में सिंचाई क्षेत्र का रकबा 100 लाख हेक्टेयर करने की योजना है। कृषि उपज का प्रत्यक्ष भुगतान, ऑनलाइन मंडी व्यवस्था और जैविक खेती के प्रोत्साहन ने अन्नदाताओं की आय में वृद्धि की है। मध्यप्रदेश गेहूं, सोयाबीन, चना और मसालों के उत्पादन में अग्रणी प्रदेश हैं। महिला सशक्तिकरण को आर्थिक स्वावलंबन से जोड़ने की दिशा में नारी शक्ति मिशन परिवर्तनकारी सिद्ध हो रहा है। लाड़ली बहना योजना … Read more

दुमका में दिल दहला देने वाला मर्डर! नींद में मौत के घाट उतारा दुकानदार

दुमका झारखंड के दुमका जिले में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कारीकादर गांव में अज्ञात हमलावरों ने धारदार हथियार से वार कर एक नाश्ता दुकानदार की निर्मम हत्या कर दी। इस घटना ने पूरे गांव को दहशत का माहौल कायम कर दिया है।   मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान कारीकादर गांव निवासी 38 वर्षीय लखन मंडल के रूप में हुई है। वह बीते कई वर्षों से गांव के बाहर सड़क किनारे नाश्ते की दुकान चलाकर अपने परिवार का गुजर-बसर करता था। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार की रात लखन मंडल अपनी दुकान के बाहर खाट पर सोया हुआ था। तभी अज्ञात हमलावरों ने उस पर कुल्हाड़ी से हमला कर उसकी हत्या कर दी। शुक्रवार की सुबह जब उसकी पत्नी लीलावती मंडल दुकान पहुंची तो उसने अपने पति को खून से लथपथ मृत अवस्था में देखा। यह द्दश्य देखकर वह जोर-जोर से चीख पड़ी और पड़ोसी ग्रामीण मौके पर पहुंचे। इधर घटना की सूचना मिलते ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) विजय महतो के नेतृत्व में पुलिस टीम गांव पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमाटर्म के लिए भेज दिया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पुरानी रंजिश के चलते लखन मंडल की हत्या किए जाने की आशंका है। मृतक की पत्नी लीलावती मंडल ने पुलिस को दिए बयान में पड़ोसी गांव चैनपुर के कालीचरण राय, लालचरण राय समेत चार लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। बताया गया कि ये सभी संदिग्ध घटना के बाद से गांव छोड़कर फरार हैं।        पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद कर ली है। साथ ही मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य सबूतों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। एसडीपीओ विजय महतो ने बताया कि पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।  

राजस्थान के अलवर में हाईटेक कार हुई फेल, ई-रिक्शे ने दिखाई ताकत — सोशल मीडिया पर VIDEO छाया

अलवर में बीच सड़क बंद हुई 15 लाख की EV कार, ई-रिक्शे ने खींचकर पहुंचाया घर — VIDEO वायरल राजस्थान के अलवर में हाईटेक कार हुई फेल, ई-रिक्शे ने दिखाई ताकत — सोशल मीडिया पर VIDEO छाया 15 लाख की इलेक्ट्रिक कार बनी मज़ाक का कारण, ई-रिक्शे ने खींचकर पहुंचाया घर अलवर राजस्थान के अलवर का एक वीडियो वायरल हो रहा है. जहां कुछ दिन पहले खरीदी गई एक टाटा नेक्सन ईवी कार बीच रास्ते बंद हो गई. जिससे सड़क पर जाम लग गया. आनन-फानन में कार मालिक ने ई-रिक्शे वाले को बुलाया. जिसके बाद डेढ़ लाख रुपए के ई-रिक्शे ने रस्सी से खींचकर कार को घर तक पहुंचाया. ई-रिक्शे द्वारा कार को खींचने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.  दरअसल सरकार ईवी कारों को प्रमोट कर रही है. कार कंपनियां भी तेजी से ईवी कार बना रही हैं. आए दिन बाजार में नई गाड़ियां लॉन्च भी हो रही हैं. लेकिन ईवी कारों के लिए अभी पर्याप्त चार्जिंग के स्टेशन नहीं हैं. साथ ही इनके चार्जिंग के लिए कंपनियों की तरफ से पर्याप्त व्यवस्था भी नहीं की गई है. जिसके चलते कार चालक व आम आदमी परेशान होता है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है वीडियो  अलवर के काला कुआं क्षेत्र में रहने वाले व्यापारी सुभाष अग्रवाल की टाटा नेक्सन ईवी की चार्जिंग खत्म हो गई. ऐसे में ज्योति राव फूले सर्किल पर कार बीच रास्ते में खड़ी हो गई. इससे सड़क पर जाम लगने लगा और वाहन चालकों को आने-जाने में परेशानी होने लगी. जिसके बाद मजबूरी में सुभाष अग्रवाल ने एक ई-रिक्शा बुक किया. जिसके बाद मौके पर पहुंचे ई-रिक्शा ने गाड़ी को रस्सी से खींचकर घर पहुंचाया. इस दौरान रास्ते में लोगों ने ई-रिक्शा द्वारा कार खींचने का वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. यह वीडियो अब देश भर में तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो ने ईवी गाड़ियों की पोल खोल कर रख दी.  

‘मोंथा’ तूफान ने झारखंड में मचाई तबाही, खेतों में डूबा किसानों का पसीना

रांची  चक्रवाती तूफान मोंथा ने झारखंड में तबाही मचाई हुई है। राज्य में तीसरे दिन भी बारिश से जनजीवन ठप रहा। बारिश से खेत डूब गए। इसके अलावा बिजली भी बाधित रही। बारिश से धान की फसलें पूरी तरह बर्बाद पाकुड़ की बात करें तो यहां बीते शुक्रवार की शाम से शुरू हुई मूसलाधार बारिश रात भर जारी रही और बूंदाबांदी अभी भी जारी है। आसमान में घने काले बादल छाए हुए हैं। बारिश इतनी तेज थी कि जिले के कई इलाकों में जनजीवन पूरी तरह ठप पड़ गया। लगातार हो रही बारिश से धान की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। खेतों में पानी भर जाने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। केवल धान ही नहीं, बल्कि सरसों की खेती को भी इस तूफान का असर झेलना पड़ा है। किसानों में चिंता का माहौल तेज हवा और बारिश से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। कई जगहों पर धान की फसलें खेतों में गिर गई हैं। इससे किसानों में चिंता का माहौल है। किसानों का कहना है कि अगले एक सप्ताह में धान की कटाई शुरू होने वाली थी, लेकिन अचानक आए इस मौसम बदलाव ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया।  

पंजाब के गांवों में खुशखबरी! CM मान ने दी बड़ी सौगात, अब हर गांव में मिलेगा ये फायदा

चंडीगढ़ पंजाब सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने और युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए एक बड़ी पहल की है। इसके तहत राज्य के हर गांव में अत्याधुनिक स्टेडियम बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पहले चरण में 3,083 स्टेडियमों का निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे ग्रामीण स्तर पर खेलों के लिए बुनियादी ढांचा मजबूत होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य न केवल खेल सुविधाएं प्रदान करना है, बल्कि पंजाब के युवाओं को नशे की लत से बचाना भी है। उन्होंने कहा कि नई खेल नीति से खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। पंजाब सरकार के खेल विभाग के अनुसार, हर स्टेडियम में आधुनिक खेल उपकरण, ट्रैक और कोचिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही, गांवों के बच्चों और युवाओं को अपने घर के पास ही खेलों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। 

पंजाब यूनिवर्सिटी को लेकर केंद्र का बड़ा फैसला जारी, छात्रों और स्टाफ पर पड़ेगा असर

चंडीगढ़ पंजाब यूनिवर्सिटी को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, केंद्र सरकार ने पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत 59 साल पुरानी सीनेट और सिंडिकेट को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। इस संबंध में केंद्र सरकार की ओर से आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। अब यूनिवर्सिटी का संचालन वाइस चांसलर की अध्यक्षता में बने एक “बोर्ड ऑफ गवर्नर्स” द्वारा किया जाएगा। इस बोर्ड में केंद्र सरकार, यूजीसी (UGC) और चंडीगढ़ प्रशासन के प्रतिनिधि शामिल होंगे। केंद्र सरकार के आदेशों के बाद अब यूनिवर्सिटी में सीनेट चुनाव नहीं होंगे और ग्रेजुएट वोटरों को कोई प्रतिनिधित्व नहीं मिलेगा। पहले 91 सदस्यीय सीनेट और 15 सदस्यीय सिंडिकेट यूनिवर्सिटी की नीतियां और बजट तय करते थे, लेकिन अब यह सभी शक्तियां नए गठित बोर्ड ऑफ गवर्नर्स को सौंप दी जाएंगी।   

किन्नर विधायक को ठहरने नहीं दिया! — MP के गेस्ट हाउस में SDM की हरकत पर मचा बवाल

दतिया  यह किसी विडंबना से कम नहीं कि जिस अखिल भारतीय किन्नर महासम्मेलन की वे मुख्य अतिथि थीं, उसी सम्मेलन में शामिल होने आईं देश की पहली किन्नर विधायक शबनम मौसी को ठहरने की जगह नहीं मिली। शबनम मौसी को दतिया के रेस्ट हाउस में ठहरने की अनुमति नहीं दी गई, जिसके चलते उन्हें कई घंटे असुविधा झेलनी पड़ी। जानकारी के अनुसार, शबनम मौसी 22 से 31 अक्टूबर तक रामजी वाटिका में आयोजित किन्नर महासम्मेलन में शामिल होने दतिया पहुंचीं थीं। उन्होंने एसडीएम संतोष तिवारी से विश्राम गृह में रुकने की अनुमति मांगी, लेकिन एसडीएम ने अधिकृत लेटर पैड पर आवेदन की मांग की। शबनम मौसी ने बताया कि वे पूर्व विधायक हैं और वर्तमान में उनके पास कोई अधिकृत लेटर पैड नहीं है। उन्होंने सादे कागज पर हस्ताक्षर सहित आवेदन देने की बात कही, लेकिन अनुमति नहीं दी गई। कई घंटे तक प्रयासों के बावजूद जब रेस्ट हाउस में प्रवेश नहीं मिला, तब स्थानीय कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती के हस्तक्षेप के बाद उन्हें रेस्ट हाउस में ठहरने की अनुमति दी गई। गौरतलब है कि शबनम मौसी वर्ष 2000 में मध्य प्रदेश के शहडोल से देश की पहली किन्नर विधायक चुनी गई थीं। वे सामाजिक समानता और तीसरे लिंग के अधिकारों की आवाज़ बनकर लंबे समय से सक्रिय हैं। इस पूरे प्रकरण पर एसडीएम संतोष तिवारी का कहना है कि शबनम मौसी द्वारा विधिवत लेटर पैड या पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया था। ऐसे में नियमों के तहत रेस्ट हाउस खुलवाना संभव नहीं था। बाद में जानकारी मिलने पर उन्हें ठहरने की अनुमति दे दी गई।  

जनरल द्विवेदी बोले सतना में: ऑपरेशन सिंदूर जारी, धार्मिक स्थलों पर हमले से हमेशा बचते हैं

सतना  थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी शनिवार को सतना के कृष्ण नगर स्थित सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहुंचे. यहां पर वह छात्र-छात्राओं के परिचर्चा कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान उनका विद्यालय प्रबंधन द्वारा शॉल, श्रीफल और मोमेंटो देकर सम्मान किया गया. जनरल उपेंद्र द्विवेदी इसी विद्यालय के पूर्व छात्र भी हैं. यहां उन्होंने कक्षा चौथी तक पढ़ाई की. उनकी यादें इस विद्यालय से जुड़ी हैं. स्कूल पहुंचकर अपने बचपन को याद किया थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर को बड़ा और कामयाब अभियान बताया. उन्होंने विद्यालय में अध्ययन करने का अनुभव साझा किया. इसके साथ ही सतनावासियों के लिए संदेश दिया "आप चाहे वर्दी में हों या सिविल ड्रेस में हों, राष्ट्रप्रेम और देश निर्माण के लिए लगातार कार्य करते रहिए. विकसित भारत में हम सबको साथ मिलकर मेहनत करनी है. तब जाकर विकसित भारत का सपना 2047 में साकार हो सकेगा. " ऑपरेशन सिंदूर से देश एकजुट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा "ऑपरेशन सिंदूर का नाम ही पूरे देश को एक साथ जोड़ देता है. भारतीय संस्कृति में सिंदूर का बहुत महत्व है. जब बहन या बेटी सिंदूर लगाती है तो वह हमेशा अपने सैनिकों को याद करती है. जो सरहद पर दिन-रात तैनात रहते हैं. ऑपरेशन सिंदूर इसलिए सफल हुआ, क्योंकि हमने सैद्धांतिक और टेक्निकल कंबाइंड करके लड़ाई की. इस दौरान हमने ये भी तय किया कि किसी नागरिक का नुकसान न हो. केवल आतंकियों के खिलाफ ये मुहिम थी."  आर्मी चीफ बोले- ऑपरेशन सिंदूर ने देश को बांधा आर्मी चीफ उपेंद्र द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कहा, इस अभियान ने पूरे देश को एक सूत्र में बांधा। सिद्धांत और तकनीक के संयोजन से मिशन सफल हुआ। पाकिस्तान को साफ संदेश दिया कि हम धर्म युद्ध के अनुयायी हैं और आगे भी यही नीति अपनाएंगे। 'स्कूल से मिली निर्णय लेने की क्षमता' उन्होंने कहा कि स्कूल के दिनों में सीखी निर्णय क्षमता ने उन्हें सेना में कई सफलताएं दिलाईं। चौथी कक्षा में यहीं से निर्णय लेने की क्षमता मिली, इसी ने ऑपरेशन सिंदूर में निर्णायक सफलता दिलाई। उन्होंने आगे बताया कि यह वही स्कूल है, जिसने उनके व्यक्तित्व और राष्ट्र सेवा के संकल्प को मजबूत किया। आर्मी चीफ ने छात्रों को सफलता का मंत्र दिया जनरल द्विवेदी ने छात्रों से कहा, सफलता की नींव विद्यार्थी जीवन में ही रखी जाती है। उन्होंने सफलता का मंत्र Three-A (Attitude, Adaptibility, Ability) बताया। उन्होंने कहा कि Attitude से सकारात्मक दृष्टिकोण और पॉजिटिविटी आती है। Adaptibility से आप अपने अंदर समय के साथ बदलाव ला सकते हैं और Ability आपको हर क्षेत्र में सफलता दिलाएगी। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम करने वाला ही भविष्य में देश का निर्माण करता है। आप वर्दी में हों या सिविल ड्रेस में, राष्ट्र सेवा में अपना योगदान दें। यह देश हमारा है। जब हम सब मिलकर काम करेंगे तभी 2047 का विकसित भारत बनेगा। सरस्वती स्कूल के अनुभव शेयर किए अपने स्कूल सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अध्ययन करने के अनुभव के बारे में जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बताया "जब आप बालक होते हैं और छोटे होते हैं तो आप उस उम्र में जो भी सीखते हैं, वह आपके साथ जिंदगी भर रहता है. यह स्कूल किस तरीके से आगे बढ़ गया है, यहां से कितने आईपीएस, आईएएस, फौजी और कितने डॉक्टर और इंजीनियर निकले हैं, ये सब देख रहे हैं." वहीं, थल सेनाध्यक्ष के दौरे को देखते हुए सेना की टीमों ने डॉग स्क्वाड सहित अत्याधुनिक मशीनरी के साथ सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. इस दौरान उनके बारे में महापौर योगेश ताम्रकार ने भी उन्हें सहपाठी बताया. 

वाम-दल एकजुट: भाकपा (माले) ने JMM को दिया समर्थन, दीपंकर भट्टाचार्य का BJP पर तीखा वार

घाटशिला झारखंड के घाटशिला (अनुसूचित जनजाति) विधानसभा क्षेत्र के लिए हो रहे उपचुनाव में भाकपा (माले) की केंद्रीय कमेटी ने झामुमो उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की है। पार्टी महासचिव कॉमरेड दीपंकर भट्टाचार्य ने विश्वास व्यक्त किया है कि भाजपा को घाटशिला में करारी हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन एकजुट होकर इस चुनाव में झामुमो के साथ खड़ा है। भट्टाचार्य ने उम्मीद जाहिर की है कि झामुमो उम्मीद्वार सोमेश सोरेन विजय होकर घाटशिला की जनता की आकांक्षाओं को पूरी करेंगे। भाकपा माले के विधायक कॉ अरूप चटर्जी और कॉ चंद्रदेव महतो लगातार घाटशिला की जनता से संपर्क बनाए हुए हैं और शीघ्र ही वहां उनका प्रचार-अभियान शुरू होने वाला है। झारखंड और बिहार में भाजपा लिए कोई जगह खाली नहीं भाकपा माले ने झारखंड की जनता को सतर्क करते हुए कहा कि सावधानी हटी, दुर्घटना घटी। भाकपा माले ने कहा कि भाजपा को झारखंड में अलग-थलग किए बगैर झारखंडियों के जल-जंगल-जमीन और रोजगार के संघर्ष को अपने मुकाम पर नहीं पहुंचाया जा सकता है। झारखंड की जनता अभी भी भाजपा के डबल इंजन राज में व्याप्त भ्रष्टाचार, कॉरपोरेट लूट, किसानों की जमीन की छिनतई, भुखमरी और बेरोजगारी को भूले नहीं हैं। भाकपा माले ने कहा कि वर्तमान उपचुनाव में भाजपा को करारी शिकस्त देकर दिल्ली में मोदी सरकार को यह संदेश दे दिया जाए कि झारखंड और बिहार में भाजपा लिए कोई जगह खाली नहीं है।