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बिहार में गरजे सीएम नायब सैनी: कांग्रेस और इंडी गठबंधन कर रहे तुष्टिकरण की राजनीति

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बिहार चुनाव को लेकर कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन का घोषणा पत्र पूरे बिहार की जनता की आकांक्षाओं का नहीं, बल्कि केवल एक विशेष वर्ग के हितों का प्रतिनिधित्व करता है।   सैनी ने कहा, ‘इनके घोषणा पत्र में आम नागरिक की चिंता नहीं, बल्कि वोट बैंक की राजनीति झलकती है। ये जब भी वोट मांगते हैं तो एक वर्ग विशेष को साधने की कोशिश करते हैं। देशभर में कांग्रेस और आईएनडीआई गठबंधन को जनता ने नकार दिया है, और बिहार की जनता भी अब इनके झांसे में नहीं आने वाली है।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि महागठबंधन की नीतियां विकास और पारदर्शिता के बजाय भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता इस बार जाति और वर्ग की राजनीति से ऊपर उठकर विकास के मुद्दे पर मतदान करेगी।

इन्फेंट्री स्कूल महू में ड्रोन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तहत नई रिसर्च लैब स्थापित

 महू   ड्रोन तकनीक को भविष्य की युद्ध प्रणाली में निर्णायक भूमिका निभाने वाला माना जा रहा है। भारतीय सेना अब स्वदेशी ड्रोन टेक्नोलाजी को लेकर बड़ा कदम उठा रही है। सेना के ड्रोन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में मान्यता प्राप्त इन्फेंट्री स्कूल महू और आईआईटी कानपुर इनक्यूबेटेड डिफेंस ड्रोन निर्माता वीयू डायनेमिक्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच संयुक्त उपक्रम के तहत अत्याधुनिक ड्रोन रिसर्च लैबोरेटरी स्थापित की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में महू स्थित पाथ समूह का स्ट्रेटेजिक निवेश भी शामिल है। सेना की समस्याओं व आवश्यकताओं पर शोध कर होगा नवाचार समय के साथ-साथ युद्ध तकनीक, रणनीति और जरूरतें बदलती जा रही हैं। तकनीकी युग में युद्ध के दौरान ही कई बड़ी समस्याएं व चुनौतियां सामने आती हैं। इनको त्वरित रूप से हल करने के लिए भारतीय सेना का प्रतिष्ठित इन्फेंट्री स्कूल वर्तमान और भविष्य में होने वाले युद्ध की वास्तविक चुनौतियों से जुड़ी आवश्यकताओं और समस्याओं को वीयू डायनेमिक्स कंपनी के साथ साझा करेगा। इसके बाद दोनों की संयुक्त अनुसंधान टीम आवश्यकताओं व समस्यों के तकनीकी समाधान को लेकर शोध कर नवाचार करेंगे, फिर त्वरित विकास के माध्यम से भारतीय सेना की सामरिक क्षमताओं को बढ़ाने वाले ड्रोन समाधानों पर कार्य करेगी। यह होगी विशेषता     इस रिसर्च लैब में ऐसे ड्रोन सिस्टम विकसित किए जाएंगे जो संचार बाधित या जीपीएस जैम की स्थिति में भी मिशन पूरा करने में सक्षम हों।     आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के माध्यम से लक्ष्य की पहचान और सटीक हमला करने की क्षमता रखते हों।     इस लैब से विदेशी निर्भरता से मुक्त होकर पूर्ण रूप से स्वदेशी निर्मित तकनीकी समाधान प्रदान कर सकेंगे।     तेज प्रोटोटाइपिंग और परीक्षण के माध्यम से युद्ध में होने वाली वास्तविक जरूरतों को पूरा करेंगे।     इस प्रयोगशाला में एफपीवी अटैक ड्रोन, कमिकाजी प्लेटफार्म और लंबी दूरी वाले फिक्स्ड-विंग ड्रोन सहित कई सामरिक ड्रोन प्रणालियों के विकास पर कार्य होगा। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम यह पहल आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त बनाते हुए भारतीय सेना को भविष्य की युद्ध परिस्थितियों के लिए तैयार किए गए स्वदेशी ड्रोन समाधान उपलब्ध कराएगी। यह सहयोग देश की तीन प्रमुख शक्तियों के एकीकृत प्रयास के परिणाम हैं। इसमें भारतीय सेना का युद्ध अनुभव, भारतीय स्टार्टअप का नवाचार व भारतीय उद्योग की मजबूती शामिल है। जिससे भविष्य में होने वाले युद्ध व युद्ध संभावनाओं में भारत की निर्णायक बढ़त सुनिश्चित करेंगे। इसको लेकर महू की इन्फेंट्री स्कूल में समारोह आयोजित हुआ। जिसमें वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ वीयू डायनेमिक्स व पाथ समूह के प्रतिनिधि के बीच समझौता पत्र के लिए हस्ताक्षर किए।

माहू के प्रकोप से बालोद जिले के खेत बर्बाद, किसान चिंतित

बालोद बालोद जिले के गुण्डरदेही विधानसभा क्षेत्र के किसान इन दिनों एक विकट आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ग्राम परसाडीह में लगभग एक हजार एकड़ में बोई गई धान की फसल में से करीब 500 एकड़ फसल माहू नामक बीमारी के प्रकोप से पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। छोटे-बड़े सभी किसान इस अनपेक्षित आपदा से हताश हैं और अपनी तबाह हुई फसलों को देखकर फूट-फूट कर रो रहे हैं। किसानों की आंखों से आंसू ग्राम परसाडीह के किसान गोपाल साहू ने अपनी कर्ज और बर्बाद हुई फसल की व्यथा सुनाते हुए कहा कि वह छोटे किसान हैं और कर्ज लेकर खेती करते हैं। इस बार माहू बीमारी ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी कमाई का एकमात्र जरिया ही तबाह हो गया है। अपनी बर्बाद फसल के कारण वे सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं। एक अन्य किसान, सामंत साहू, जिन्होंने 25 एकड़ में खेती की थी, बताया कि उनकी केवल 10 एकड़ फसल ही सुरक्षित बची है, जबकि 15 एकड़ पूरी तरह से नष्ट हो गई है। उन्होंने अपनी फसलों पर लगभग ₹1,00,000 की दवाइयों का छिड़काव भी किया, लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ। माहू के प्रकोप से खेत अब पूरी तरह बंजर हो गए हैं और किसानों की उम्मीदें टूट चुकी हैं। इस विपदा से प्रभावित किसानों ने जिला प्रशासन के पास मुआवजे की मांग को लेकर आवेदन जमा किए हैं। किसानों की सरकार से काफी उम्मीदें हैं।

पंजाब में रियल एस्टेट को मिली रफ्तार, सरकार ने दी ‘स्टिल्ट-प्लस-4’ बिल्डिंग्स को हरी झंडी

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने शहरी क्षेत्रों में बनने वाले सभी नये आवासीय क्षेत्रों में स्टिल्ट-प्लस-4 मंजिलें बनाने की नीति को मंजूरी दे दी है। इस कदम से सरकार के लिए राज्य में अपार्टमेंट एक्ट लागू करने का रास्ता साफ हो जाएगा, जिससे लोग घरों में अलग-अलग फ्लोर खरीद सकेंगे। कैबिनेट द्वारा पंजाब एकीकृत भवन नियम, 2025 को मंजूरी दिए जाने के बाद, अब न्यूनतम 250 वर्ग गज के प्लॉट का मालिक स्टिल्ट-प्लस-चार मंजिलें बना सकता है। यह योजना केवल उन्हीं जगहों पर लागू होगी, जहां प्लॉट न्यूनतम 40 फीट चौड़ी सड़कों के किनारे स्थित हों। शुरुआत में सरकार ने इस योजना को सभी शहरी क्षेत्रों में लागू करने की योजना बनाई थी। हालांकि, हितधारकों से प्रतिक्रिया प्राप्त करने के बाद, मौजूदा नागरिक बुनियादी ढांचे पर अत्यधिक बोझ से बचने के लिए इस प्रावधान को शहर क्षेत्रों में नवनिर्मित लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों और सेक्टरों तक सीमित रखने का निर्णय लिया गया। इस फैसले से मोहाली, लुधियाना, जालंधर और अमृतसर जैसे शहरों में रियल एस्टेट को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। आवास मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने ट्रिब्यून को बताया कि पुराने और मौजूदा शहरी क्षेत्रों में, मालिक स्टिल्ट-प्लस-तीन मंजिलें बना सकते हैं, जबकि इमारत की अधिकतम ऊंचाई अब 11 मीटर के बजाय 13 मीटर तक की जा सकेगी। पड़ोसी राज्य हरियाणा द्वारा अपनाए गए नियमों के समान, नये नियमों के तहत नयी कॉलोनियों में स्टिल्ट-प्लस-चार मंजिल योजना के लिए ऊंचाई 15 मीटर से बढ़ाकर 21 मीटर कर दी गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य प्रमुख शहरों में आवास के दबाव को कम करना है।   एफएआर भी बढ़ाया सरकार ने आवासीय प्लॉटों के लिए ग्राउंड कवरेज में वृद्धि की भी अनुमति दी है, साथ ही फ्लोर एरिया रेशो (एफएआर) में 10 प्रतिशत की अतिरिक्त वृद्धि की अनुमति दी है। उदाहरण के लिए, 500 वर्ग गज के प्लॉट का मालिक अब 55 प्रतिशत की सीमा की तुलना में 65 प्रतिशत तक जमीन को कवर कर सकता है। हालांकि, यह शुल्क के आधार पर होगा। एफएआर में प्रत्येक 0.25 प्रतिशत की वृद्धि के लिए, कलेक्टर दर के 5 प्रतिशत के बराबर अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना होगा, जिसकी अधिकतम सीमा कलेक्टर दर के 25 प्रतिशत तक होगी।

सियासी हत्या का मामला: कटनी में BJP नेता की हत्या और आरोपियों का एनकाउंटर

कटनी   कटनी जिले के कैमोर में हिंदू संगठन और बीजेपी से जुड़े नेता नीलेश 'नीलू' रजक की गोली मारकर हत्या के बाद उपजा तनाव अब पुलिस की कड़ी कार्रवाई से शांत होता दिख रहा है. हत्या के दोनों आरोपी पुलिस एनकाउंटर में घायल हो गए हैं.एडिशनल एसपी संतोष डहरिया ने बताया कि हत्या के दोनों आरोपी अकरम खान और प्रिंस जोसफ को अलसुबह जिले के कजरवारा से पकड़ा गया. गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों ने पुलिस पर फायर किया. पुलिस की जवाबी फायरिंग में 4 गोलियां चलीं और दोनों आरोपी घायल हो गए. दोनों घायलों को तत्काल इलाज के लिए जबलपुर रेफर कर दिया गया है.  'लव जिहाद' और छेड़छाड़ का विरोध बनी हत्या की वजह इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे छेड़छाड़ और 'लव जिहाद' का विरोध मुख्य कारण बताया जा रहा है. एक महीने पहले कैमोर के DAV स्कूल में लड़की छेड़ने से मना करने पर अकरम और नीलेश में विवाद हुआ था. परिवार के अनुसार, तब कैमोर पुलिस ने उल्टा नीलेश पर मामला दर्ज कर दिया था और TI के सामने अकरम खान ने नीलेश को गोली मारने की धमकी दी थी. बिहार से लौटे संजय पाठक हत्या की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्रीय विधायक संजय पाठक (जो बिहार चुनाव प्रचार में थे) विशेष विमान से विजयराघवगढ़ हॉस्पिटल पहुंचे. पाठक ने जिला कलेक्टर और एसपी से मांग की थी कि अपराधियों की गिरफ्तारी, अवैध गतिविधियों पर अंकुश और संरक्षण देने वालों पर कार्यवाही होने तक मृतक का पोस्टमार्टम और दाह संस्कार नहीं किया जाएगा.  संजय पाठक ने एक समुदाय विशेष के लिए कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा, "हम इस्लामिक राष्ट्र बनने नहीं देंगे." स्थानीय लोगों के आक्रोश और विधायक की मांग के बाद देर शाम पुलिस अधीक्षक ने कैमोर टीआई अरविंद चौबे और प्रधान आरक्षक प्रेम शंकर पटेल को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है. खबर लिखे जाने तक विजयराघवगढ़ हॉस्पिटल में सैकड़ों लोग जमा थे और कटनी-विजयराघवगढ़ मार्ग पर चक्का जाम जारी था. हालात को देखते हुए आईजी और डीआईजी भी मौके पर नजर बनाए हुए थे.

केके रेलमार्ग पर बाधा: पत्थर गिरने से रुकीं यात्री ट्रेनें, यात्रियों को भारी दिक्कतें

 जगदलपुर चक्रवात 'मोंथा' के प्रभाव के चलते भारी बारिश ने छत्तीसगढ़ के रेल यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया है। मंगलवार शाम को केके रेल लाइन पर एक बड़ा पत्थर गिर जाने से यात्री ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारियों की टीम हरकत में आई और पत्थर हटाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया गया। जानकारी के मुताबिक, बारिश के कारण चिमड़ीपल्ली और बोर्रागुहालू स्टेशनों के बीच रेलवे ट्रैक पर एक विशाल पत्थर आ गिरा। रेलवे प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मजदूरों की एक टीम को मौके पर भेजा, जिन्होंने रात भर अथक प्रयास कर पत्थर को हटाने का कार्य पूरा किया। हालांकि, देर रात तक हुई मूसलाधार बारिश के कारण रेलवे ट्रैक पर मिट्टी भी जमा हो गई थी, जिसे हटाने का कार्य भी जारी रहा। इस कारण, केके रेल लाइन पर बुधवार को भी यात्री ट्रेनों का सामान्य आवागमन प्रभावित रहने की संभावना है।

साइबर सुरक्षा पर जोर: सीएम मोहन यादव ने रैली और मैराथन को किया उद्घाटन

भोपाल  मुख्यमंत्री ने साइबर जागरूकता रैली में भाग लिया. उन्होंने मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. डीजीपी कैलाश मकवाना समेत अन्य पुलिस अधिकारी भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल पेमेंट में भारत ने दुनियाभर में अपनी पहचान बनाई है, लेकिन हमें साइबर अपराधों को भी रोकना है. डिजिटल लेन-देन को छोड़ने का विकल्प नहीं है, इसलिए प्रधानमंत्री के आह्वान पर अक्टूबर माह में साइबर जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया. मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मां नर्मदा नदी में मगरमच्छ छोड़े जाएंगे. कल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस कार्य को अंजाम देंगे. मुख्यमंत्री ने बताया कि मां नर्मदा का वाहन मगरमच्छ है, और इससे पहले उन्होंने चंबल नदी में घड़ियाल छोड़े हैं. नर्मदा नदी में मगरमच्छों की संख्या बढ़ाने के लिए ये कदम उठाया जा रहा है. मध्य प्रदेश में सभी जीवों के संरक्षण का अभियान चल रहा है. बिहार दौरे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीए को बिहार में प्रचंड बहुमत मिलेगा. भाजपा के पक्ष में सभी मिलकर बिहार में प्रचार कर रहे हैं, जिससे एक बार फिर एनडीए की सरकार बनेगी. बिहार का मध्य प्रदेश से 2200 साल पुराना रिश्ता है. एनडीए की सरकार बनने के बाद बिहार ने चहुमुंखी प्रगति की है. इस दौरान प्रदेशभर में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यशालाएँ, व्याख्यान, स्कूल-कॉलेजों में सत्र और सोशल मीडिया अभियान चलाए गए। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अक्टूबर माह को “राष्ट्रीय साइबर जागरूकता माह” के रूप में मनाया जा रहा है। इस दौरान प्रदेशभर में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यशालाएँ, व्याख्यान, स्कूल-कॉलेजों में सत्र और सोशल मीडिया अभियान चलाए गए। इस अभियान के समापन पर भोपाल में “साइबर जागरूकता रन– 2025” का आयोजन किया जा रहा है। यह रन कल सुबह 8:00 बजे प्लेटिनम प्लाज़ा, अटल पथ से शुरू होगी और एपेक्स बैंक तिराहा होते हुए टी.टी. नगर स्टेडियम पर समाप्त होगी। सुरक्षित रहें – सतर्क रहें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस कार्यक्रम का फ्लैग ऑफ करेंगे। रन में पुलिस अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी, स्वयंसेवी संस्थाएँ और आम नागरिक शामिल होंगे। प्रतिभागियों के लिए ड्रेस कोड सफेद टी-शर्ट और लोअर निर्धारित है। रन के दौरान “सुरक्षित रहें – सतर्क रहें – साइबर अपराध से बचें” जैसे संदेशों वाले बैनर और पोस्टर प्रदर्शित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य नागरिकों को फिशिंग, ऑनलाइन धोखाधड़ी और डेटा चोरी जैसे साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक करना है। साइबर-सुरक्षित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा मध्यप्रदेश पुलिस का मानना है कि साइबर अपराध से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता है। यह आयोजन नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करेगा और साइबर-सुरक्षित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

लगातार बारिश से चित्तौड़गढ़ में बाढ़ जैसे हालात, घोसुण्डा बांध के दरवाजे खोले गए

चित्तौड़गढ़ चित्तौड़गढ़ जिले में रविवार देर रात से शुरू हुई बरसात का दौर मंगलवार दोपहर तक लगातार जारी रहा। लगातार हो रही बारिश ने मावठ का अहसास करा दिया है। चित्तौड़गढ़ मुख्यालय समेत आसपास के इलाकों में हुई जोरदार बारिश से खेतों में पानी भर गया, वहीं तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। पिछले 48 घंटे से सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए हैं। लगातार हो रही बारिश से जलाशयों में पानी की भारी आवक हुई है। घोसुण्डा बांध के दो गेट खोल दिए गए हैं, जिससे बेड़च नदी में तेज बहाव हो गया है। वहीं गंभीरी नदी में भी पानी की आवक बढ़ गई है। जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह समाप्त हुए पिछले 24 घंटों में गंगरार में सर्वाधिक 114 मिमी वर्षा दर्ज की गई। बड़ीसादड़ी में 105 मिमी, डूंगला में 88 मिमी, वागन बांध पर 100 मिमी, गंभीरी बांध पर 92 मिमी, बस्सी बांध पर 89 मिमी, चित्तौड़गढ़ में 68 मिमी, कपासन में 58 मिमी और भूपालसागर में 61 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। इस बरसात से जिले के कई तालाबों में पानी की आवक तेज हो गई है। खास बात यह है कि मानसून में सूखे पड़े तालाब अब छलकने लगे हैं। ठंडी हवाओं ने बढ़ाई सर्दी मावठ की बरसात से मौसम में ठंडक घुल गई है और तापमान में करीब 10 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। लोग छातों और रेनकोट में नजर आए, जबकि कई जगह लोग अलाव जलाकर ठंड से राहत लेते दिखे। मौसम विभाग ने 30 अक्टूबर तक येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने तेज हवाएं चलने, बिजली कड़कने और मेघ गर्जना की संभावना भी जताई है। किसानों को दोहरा नुकसान, अफीम की फसल पर खतरा लगातार दो दिन से हो रही बेमौसम बरसात ने खेती-किसानी पर प्रतिकूल असर डाला है। मवेशियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं जिले की प्रमुख नगदी फसल अफीम पर भी इसका विपरीत असर देखा जा रहा है। किसानों का कहना है कि कई किसानों ने दिवाली के आसपास बुवाई कर दी थी, जो अब बारिश से खराब हो गई है। अब बुवाई के लिए कम से कम पखवाड़ेभर का इंतजार करना पड़ेगा, जिससे किसानों को भारी नुकसान होगा। खेतों में पानी भर जाने से अफीम की फसल देरी से तैयार होगी। कृषि उप निदेशक शंकरलाल जाट ने बताया कि इस बरसात का किसानों पर अच्छा और बुरा दोनों असर पड़ेगा। जिन क्षेत्रों में गेहूं, चना और सरसों की बुवाई हो चुकी है, वहां सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ेगी, लेकिन जहां बुवाई बाकी है, वहां किसानों को कुछ दिन इंतजार करना होगा। बेगूं क्षेत्र में फसलों को नुकसान, औसत से अधिक बारिश बेगूं क्षेत्र में बेमौसम बरसात ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। खरीफ और रबी दोनों फसलों पर असर पड़ा है। खरीफ की फसलें खलिहान में पड़ी होने से भीगकर खराब हो गईं, जबकि रबी की बुवाई शुरू नहीं हो पाई है। मवेशियों के लिए चारे का संकट भी गहराया है। अब तक बेगूं क्षेत्र में 1091 मिमी वर्षा हो चुकी है, जो औसत से 300 मिमी अधिक है। कपासन में छलका गुलाब सागर, खुश हुए ग्रामीण कपासन क्षेत्र में मानसून के दौरान कम वर्षा से तालाब खाली पड़े थे, जिसके चलते ग्रामीणों ने आंदोलन तक किया था। लेकिन इस मावठ की बारिश से अब गुलाब सागर तालाब छलक गया है, जिससे क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है। राजेश्वर तालाब में भी पानी की भारी आवक हुई है और दोवनी पुलिया पर पानी बहने लगा है। बरसात से क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।  

इतिहास रचा! राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बनीं पहली भारतीय राष्ट्रपति जिन्होंने उड़ाया राफेल लड़ाकू विमान

अंबाला  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राफेल फाइटर जेट की सवारी की है। उन्होंने अंबाला के एयरफोर्स बेस से उड़ान भरी। इसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं। अहम बात यह है कि अंबाला एयरबेस से ही भारत के फाइटर जेट्स ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उड़ान भरी थी और पाकिस्तान एवं पीओके में घुसकर मार की थी। पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारत की ओर से ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया गया था और पाकिस्तान ने भी इसका जवाब देने की कोशिश की थी। इस दौरान अंबाला एयरबेस का भारत की ओर से इस्तेमाल किया गया था। राफेल विमान में चढ़ने से पहले राष्ट्रपति ने ‘जी-सूट’ पहना था। हाथ में हेलमेट लिए और धूप का चश्मा लगाए मुर्मू ने पायलट के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। पूर्वाह्न 11:27 बजे विमान के उड़ान भरने से पहले राष्ट्रपति ने विमान के अंदर से हाथ हिलाकर अभिवादन किया। आज सुबह वायुसेना स्टेशन पहुंचने पर राष्ट्रपति को औपचारिक ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ भी दिया गया। इससे पहले सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर मुर्मू ने 8 अप्रैल, 2023 को असम के तेजपुर वायुसेना स्टेशन में सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी और वह ऐसा करने वाली तीसरी राष्ट्रपति बनी थीं। अंबाला में ही भारतीय वायुसेना का हिस्सा बने थे राफेल जेट फ्रांसीसी एयरोस्पेस कंपनी दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित राफेल लड़ाकू विमान को सितंबर 2020 में अंबाला वायुसेना स्टेशन पर भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। पहले पांच राफेल विमानों को 17वें स्क्वाड्रन 'गोल्डन एरोज' में शामिल किया गया था। ये विमान 27 जुलाई, 2020 को फ्रांस से यहां पहुंचे थे। राफेल 2020 में अंबाला वायु सेना स्टेशन पर भारतीय वायु सेना के बेड़े में शामिल हुए। ये 17 स्क्वाड्रन 'गोल्डन एरो' का हिस्सा हैं। बता दें कि भारत ने 4 दिन चले ऑपरेशन में पाकिस्तान के कई आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था। पाकिस्तान के डीजीएमओ की मांग पर जंग को रोका गया था। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दावा करते हैं कि उनके दखल के बाद ही भारत और पाकिस्तान संघर्ष रोकने को राजी हुए थे।

जोधपुर हाईकोर्ट से आसाराम को जमानत मंजूर, बीमारी का हवाला देकर मिली राहत

जोधपुर जोधपुर हाईकोर्ट से बड़ा अपडेट सामने आया है। आसाराम बापू को जोधपुर हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके उपचार के लिए दायर की गई नियमित जमानत याचिका को मंजूर करते हुए उन्हें जमानत प्रदान कर दी है। यह राहत स्वास्थ्य कारणों के आधार पर दी गई है। मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच में हुई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आसाराम को इलाज के लिए जमानत देने का फैसला सुनाया। देवदत्त और यशपाल ने रखा था कोर्ट के सामने पक्ष यौन उत्पीड़न के आरोपी आसाराम का मामला लंबे समय से चर्चा में बना हुआ है। राजस्थान हाईकोर्ट से मिली छह माह की अंतरिम जमानत के बाद  अब आसाराम को छह माह जेल में नहीं रहना पड़ेगा। वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत, अधिवक्ता यशपा लसिंह राजपुरोहित ने आसाराम का पक्ष कोर्ट के समक्ष रखा था। उन्होंने अपनी दलील में  कहा था कि उपचार के लिए आसाराम को जेल से बाहर रहना जरूरी है। ऐसे में बिना कस्टडी के जमानत मिलने से आसाराम के उपचार में राहत मिलेगी। कोर्ट ने आसाराम की बीमारी अवस्था व पिछले 12 साल से जेल में होने पर ये राहत प्रदान की है। समर्थकों में खुशी की लहर सूत्रों के मुताबिक, कोर्ट का विस्तृत आदेश शीघ्र जारी किया जाएगा। बताया जा रहा है कि आसाराम लंबे समय से बीमार चल रहे हैं और उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते नियमित जमानत की मांग की थी। हाई कोर्ट के इस निर्णय के बाद आसाराम को राहत मिलने से समर्थकों में खुशी की लहर है।