samacharsecretary.com

दहल उठता पंजाब! विस्फोट से पहले ही 3 आतंकी गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार बरामद

लुधियाना  पंजाब को दहलाने की साजिश को पुलिस के नाकाम कर दिया है। लुधियाना शहर में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने वाले पाकिस्तान के ISI एजेंसी के साथ लिंक रखने वाले 3 आतंकीयो को हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार करने में थाना जोधेवाल की पुलिस ने सफलता हासिल की गई है। जानकारी देते हुए थाना प्रभारी दलबीर सिंह ने बताया कि उनकी पुलिस टीम ने शिवपुरी रोड पर 3 आतंकियों को हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया गया है उन्होंने बताया कि उक्त आरोपियों की पहचान कुलदीप सिंह, परविंदर सिंह और रमणीक सिंह के रूप में की गई है जबकि उनके 2 साथी शेखर और अजय अभी तक फरार है। उन्होंने बताया कि आरोपी यह हैड ग्रेनेड जेल में बंद कैदी के कहने से लेकर आए हैं, जिसे बाद में लुधियाना से जालंधर नेशनल हाईवे के नजदीक किसी जगह छुपाना था। थाना प्रभारी ने बताया कि फिलहाल पुलिस उक्त मामले की जांच कर रही है। 

ED कोर्ट का आदेश: चैतन्य को नहीं मिली जमानत, इन्वेस्टिगेशन प्रभावित होने की चिंता

रायपुर  पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे की जमानत याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय के कोर्ट में 24 अक्टूबर को सुनवाई हुई थी. जिसके बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था.  ईडी कोर्ट ने चैतन्य बघेल की जमानत याचिका को खारिज कर दिया. एक बार फिर से चैतन्य बघेल को बेल नहीं मिल पाई. चैतन्य बघेल पिछले 100 दिनों से रायपुर के सेंट्रल जेल में बंद हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने शराब घोटाला मामले में चैतन्य बघेल को 18 जुलाई को भिलाई के निवास से गिरफ्तार किया था. चैतन्य बघेल को नहीं मिली जमानत: प्रवर्तन निदेशालय के अधिवक्ता सौरभ कुमार पांडेय ने बताया कि "प्रवर्तन निदेशालय अपनी जांच कर रहा था और यह जांच मुख्य रूप से शराब घोटाला से जुड़े हुए मामले में हो रहा था. जांच के दौरान ऐसे प्रमाण मिले जिसमें ऐसा लगा कि शराब घोटाला मामले में चैतन्य बघेल की मुख्य भूमिका रही है. प्रत्यक्ष रूप से चैतन्य बघेल इससे लाभ लेने के साथ बहुत सारा पैसा का हैंडलिंग भी किया है. हैंडलिंग करने वाले पैसा लगभग 1000 करोड़ के आसपास है. शराब घोटाला के लगभग 20 करोड़ के लगभग लाभ चैतन्य बघेल ने लिया है. इसी भूमिका को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था. 24 अक्टूबर को हुई सुनवाई के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे सोमवार को सुनाया गया । ED की स्पेशल कोर्ट ने कहा कि चैतन्य बघेल की रिहाई से जांच प्रभावित हो सकती है, इसलिए उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती। चैतन्य बघेल ने इससे पहले हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी थी, लेकिन किसी भी स्तर पर राहत नहीं मिल सकी। 17 अक्टूबर को हाई कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी को वैध बताया था, जिसके बाद यह याचिका विशेष अदालत में दायर की गई थी। चैतन्य बघेल मनी लॉन्ड्रिंग केस में 101 दिन से जेल में बंद है। चैतन्य को 16.70 करोड़ रुपए मिले- ED दरअसल, शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चैतन्य बघेल को भी आरोपी बनाया है। आरोप है कि शराब घोटाले की रकम से चैतन्य को 16.70 करोड़ रुपए मिले हैं। शराब घोटाले से मिले ब्लैक मनी को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में इन्वेस्ट किया गया। ED के मुताबिक चैतन्य बघेल ने ब्लैक मनी को वाइट करने के लिए फर्जी निवेश दिखाया है। साथ ही सिंडिकेट के साथ मिलकर 1000 करोड़ रुपए की हैंडलिंग (हेराफेरी) की गई है। ED ने चैतन्य बघेल को मनी लॉन्ड्रिंग केस में जुलाई में गिरफ्तार किया था। बर्थडे के दिन चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी चैतन्य के वकीलों ने अदालत में इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया, लेकिन कोर्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया। गौरतलब है कि 18 जुलाई को ईडी ने उनके भिलाई स्थित घर से जन्मदिन के दिन उन्हें गिरफ्तार किया था। ईडी के अनुसार, कुल घोटाले में करीब 1,000 करोड़ रुपए को विभिन्न चैनलों के जरिए सफेद किया गया है। चैतन्य के प्रोजेक्ट में 13-15 करोड़ इन्वेस्ट ED ने अपनी जांच में पाया कि, चैतन्य बघेल के विट्ठल ग्रीन प्रोजेक्ट (बघेल डेवलपर्स) में घोटाले के पैसे को इन्वेस्ट किया गया है। इस प्रोजेक्ट से जुड़े अकाउंटेंट के ठिकानों पर छापेमारी कर ED ने रिकॉर्ड जब्त किए थे। प्रोजेक्ट के कंसल्टेंट राजेन्द्र जैन ने बताया कि, इस प्रोजेक्ट में वास्तविक खर्च 13-15 करोड़ था। जबकि रिकॉर्ड में 7.14 करोड़ ही दिखाया गया। जब्त डिजिटल डिवाइसेस से पता चला कि, बघेल की कंपनी ने एक ठेकेदार को 4.2 करोड़ कैश पेमेंट किया, जो रिकॉर्ड में नहीं दिखाया गया। फर्जी फ्लैट खरीदी के जरिए पैसों की हेराफेरी ED ने अपनी जांच में पाया है कि त्रिलोक सिंह ढिल्लो ने 19 फ्लैट खरीदने के लिए 5 करोड़ बघेल डेवलपर्स को ट्रांसफर किए। ढिल्लन ने ये फ्लैट अपने कर्मचारियों के नाम पर खरीदे लेकिन पेमेंट त्रिलोक ढिल्लो ने खुद दिया। ED ने जब ढिल्लन के कर्मचारियों से पूछताछ की तो कर्मचारियों ने बताया कि, ये फ्लैट की खरीदी उन्हीं के नाम पर हुई, लेकिन पैसे ढिल्लो ने दिए। ये सारा ट्रांजेक्शन 19 अक्टूबर 2020 को एक ही दिन हुआ। ED ने कहा कि ब्लैक को लीगल करने के लिए यह एक पूर्व-योजना के तहत किया गया लेन-देन था। इसका मकसद पैसे को छिपाकर चैतन्य बघेल तक पहुंचाना था।

मान सरकार का मास्टरस्ट्रोक! पंजाब में बड़े बदलाव की तैयारी पूरी

चंडीगढ़  पंचायत समिति और जिला परिषद चुनाव की पूरी प्रक्रिया 5 दिसंबर तक पूरी कर ली जाएगी। पंजाब सरकार ने इन चुनावों में हो रही देरी के खिलाफ दायर एक याचिका की सुनवाई के दौरान पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को यह जानकारी दी है। इस मामले में लुधियाना निवासी बेअंत कुमार किंगर ने याचिका दायर कर कहा है कि राज्य में 150 पंचायत समितियों और 21 जिला परिषदों का कार्यकाल समाप्त हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि ऐसी स्थिति संविधान के अनुच्छेद 243-ई (3) का सीधा उल्लंघन है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पंचायतों का चुनाव उनके कार्यकाल समाप्त होने से पहले या उनके भंग होने की स्थिति में 6 महीने के भीतर होना चाहिए। चुनाव न होने से लोकतांत्रिक ढांचा प्रभावित हो रहा है और स्थानीय शासन में बाधा आ रही है। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश शील नागू ने चुनावों में देरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह संवैधानिक नियमों के विरुद्ध है। सरकार को कार्यकाल समाप्त होने से पहले चुनाव करा लेने चाहिए थे। इस पर सरकार ने बताया कि राज्य में बाढ़ के कारण चुनाव में देरी हुई है। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि कई जगहों पर कार्यकाल समाप्त हुए एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है। राज्य सरकार द्वारा चुनावों संबंधी अधिसूचना प्रस्तुत करने के बाद, हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई नवंबर के अंतिम सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दी। हाईकोर्ट ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सरकार द्वारा दी गई समय-सीमा का ईमानदारी से पालन किया जाए ताकि ग्रामीण स्तर पर जनप्रतिनिधियों की भागीदारी और विकास कार्यों में कोई बाधा न आए। मामले की अगली सुनवाई के दौरान चुनाव प्रक्रिया की प्रगति का विवरण अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। 

बड़ा फेरबदल: हरियाणा के 9 IAS अफसरों के पदस्थापन, श्यामल मिश्रा को मिली नई जिम्मेदारी

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने राज्य प्रशासनिक ढांचे में बड़ा फेरबदल करते हुए 9 आईएएस अफसरों के तबादले किए हैं। इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से आदेश जारी किए गए। 1996 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्यामल मिश्रा को नई दिल्ली स्थित ट्रेड फेयर अथॉरिटी ऑफ हरियाणा का मुख्य प्रशासक (Chief Administrator) नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। मिश्रा इससे पहले उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। वहीं, 2006 बैच के आईएएस अधिकारी जे. गणेशन को फरीदाबाद और गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (FMDA और GMDA) का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बनाया गया है। साथ ही, उन्हें हाउसिंग फॉर ऑल हरियाणा के डायरेक्टर, हरियाणा हाउसिंग बोर्ड के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर और स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) के CEO के रूप में भी अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। सूत्रों के अनुसार, यह फेरबदल प्रशासनिक कार्यकुशलता को बढ़ाने और विकास परियोजनाओं की गति तेज करने के उद्देश्य से किया गया है। फरीदाबाद-गुरुग्राम क्षेत्र में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की कई परियोजनाएँ फिलहाल निर्माणाधीन हैं, जिन पर अब जे. गणेशन की अगुवाई में काम तेज होने की उम्मीद है। बाकी सात आईएएस अधिकारियों को भी विभिन्न विभागों और जिलों में नई जिम्मेदारियाँ दी गई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सरकार प्रशासनिक स्तर पर और भी बदलाव कर सकती है, ताकि 2026 के विकास लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जा सके।

मतदाता सूची अपडेट: छत्तीसगढ़ में SIR की तैयारी पूरी, फरवरी तक रहेगी खुली प्रक्रिया

रायपुर  बिहार में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआइआर) का काम पूरा होने के बाद चुनाव आयोग ने सोमवार को उत्तर प्रदेश, बंगाल, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ सहित 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआइआर के दूसरे चरण की घोषणा की। यहां एसआइआर का काम मंगलवार यानी आज 28 अक्टूबर से शुरू हो जाएगा और सात फरवरी तक चलेगा। प्रदेश में राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) की तैयारी पूरी कर ली गई है। केंद्रीय निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मंगलवार से प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। प्रदेश में 2 करोड़ 12 लाख 30 हजार मतदाता हैं। प्रदेश में पंचायत चुनाव में निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने 1 जनवरी 2025 की तिथि में मतदाताओं की संख्या 2 करोड़ 11 लाख 5,391 बताई थी। इसमें 1 करोड़ 4 लाख 27,834 पुरुष, 1 करोड़ 6 लाख 76,821 महिला और 736 तृतीय जेंडर मतदाता शामिल हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों का कहना है कि एसआईआर को लेकर पुरानी और वर्तमान लिस्ट का मिलान किया जा चुका है। प्रदेश के सभी जिलों में एसआईआर एक साथ लागू किया जाएगा। सर्वे को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है। एसआईआर में नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे और लिस्ट में सामने आने वाली गलतियों को सुधारा जाएगा। बीएलओ घर-घर जाकर 2003 की लिस्ट से मिलान करेंगे और कमियों को दूर करेंगे। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने किया निर्णय का स्वागत उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने केंद्रीय निर्वाचन आयोग के एसआईआर के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि नियमानुसार जो पात्र और देश के नागरिक हो, उनके ही नाम मतदाता सूची में होने चाहिए। एसआईआर का निर्णय स्वागत योग्य है। भूपेश बघेल ने सरकार पर साधा निशाना पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केद्रीय निर्वाचन आयोग और राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए अवैध प्रवासियों की पहचान पर स्पष्टता की मांग की है। दिल्ली रवाना होने से पहले सोमवार को राजधानी के स्वामी विवेकानंद विमानतल पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि एसआईआर की घोषणा हो गई है, लेकिन चुनाव आयोग को बताना चाहिए कि बिहार में कितने बांग्लादेशी चिन्हित किए गए और उनमें से कितने की सूची केंद्र सरकार को दी गई है। इनमें कितने लोग बाहर हुए हैं क्योंकि एसआईआर से विदेशी नागरिक भगाने की बात कही गई थी। केंद्रीय गृह मंत्रालय अभी तक यह नहीं बता पाया है कि छत्तीसगढ़ में कितने पाकिस्तानी हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने निर्देश दिया था कि तीन दिनों के भीतर जितने भी पाकिस्तानी हैं, उन्हें बाहर किया जाए। लेकिन, राज्य सरकार अभी तक पाकिस्तानी लोगों की पहचान नहीं कर पाई है। 12 राज्यों में करीब 51 करोड़ मतदाता जिन 12 राज्यों में दूसरे चरण में एसआइआर का काम होने जा रहा है, उनमें मतदाता की संख्या करीब 51 करोड़ है। इनमें सबसे अधिक 15.44 करोड़ मतदाता अकेले उत्तर प्रदेश में है, जबकि बंगाल में 7.66 करोड़, तमिलनाडु में 6.41 करोड़, मध्य प्रदेश में 5.74 करोड़, राजस्थान में 5.48 करोड़ व छत्तीसगढ़ में 2.12 करोड़ मतदाता हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ने इस दौरान साफ किया है कि जिन 12 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में एसआइआर की घोषणा की गई है, उन सभी राज्यों की मतदाता सूची में तत्काल प्रभाव से फेरबदल पर रोक लगा दी है। इस बीच इनमें न तो कोई नाम जोड़ा जा सकेगा और न ही हटाया जा सकेगा। एसआइआर के दौरान प्रत्येक मतदाता को एक यूनिक फॉर्म दिया जाएगा। इसमें पुराना पता, फोटो आदि छपा हुआ होगा। यदि मतदाता उस पते पर नहीं रह रहा है तो वह उसमें संशोधन कर सकता है। आयोग ने इस दौरान मतदाताओं को सुझाव दिया है कि गणना फार्म में अपने रंगीन फोटो लगाएं ताकि जो पहचान पत्र जारी किए जाने हैं, उनमें चेहरे उभरकर सामने आ सकें। इन 12 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेश में होगा एसआइआर उत्तर प्रदेश, बंगाल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, राजस्थान, केरल, गुजरात, गोवा, पुडुचेरी, लक्षद्वीप और अंडमान निकोबार। इनमें से बंगाल, तमिलनाडु, केरल व पुडुचेरी में अगले साल यानी 2026 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, गुजरात, गोवा में 2027 में विधानसभा होने हैं। यह रहेगा मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्यक्रम     गणना पत्रों की छपाई व बीएलओ को प्रशिक्षण: 28 अक्टूबर से तीन नवंबर तक।     घर-घर जाकर पुनरीक्षण का काम- चार नवंबर से चार दिसंबर तक।     मतदाता सूची के मसौदे का प्रकाशन- नौ दिसंबर दावे और आपत्तियों का समय- नौ दिसंबर से आठ जनवरी 2026 तक।     दस्तावेजों की जांच के लिए नोटिस, सुनवाई, सत्यापन : नौ दिसंबर से 31 जनवरी 2026 तक ।     अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन- सात फरवरी 2026। अब तक आठ बार एसआइआर मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण का काम देश में कोई पहली बार नहीं हो रहा है। 1951 से 2004 तक यह आठ बार हो चुका है। अंतिम बार यह 21 साल पहले 2002 से 2004 के बीच देश के अधिकांश राज्यों में हुआ था। आयोग ने कहा कि एसआइआर का यह काम राजनीतिक दलों की ओर से लगातार मतदाता सूची की गडबड़ियों को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बाद शुरू किया गया है। इसके जरिए मतदाता सूची को पूरी तरह से शुद्ध और पारदर्शी बनाने का लक्ष्य है। आखिर, एसआइआर क्यों जरूरी? आयोग ने बताया कि एसआइआर क्यों जरूरी है? उसके मुताबिक, बदलते शहरीकरण में लोगों का तेजी से विस्थापन हो रहा है। यह इसकी एक बड़ी वजह है। दूसरा इसके चलते काफी लोगों के मतदाता सूची में दो-दो जगह नाम दर्ज हैं। तीसरा मतदाता सूची में मतदाताओं के मृत होने के बाद भी नामों का हटाया नहीं जाना है। चौथी वजह देश के तमाम हिस्सों में गलत तरीके से घुसपैठ करके बड़ी संख्या में लोगों ने मतदाता सूची में गलत तरीके से नाम जुड़वा लिया है। एसआइआर के दौरान इन सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच हो सकेगी। सभी राज्य सरकारें सहयोग के लिए प्रतिबद्ध, किसी दल से कोई मनमुटाव नहीं बंगाल में एसआइआर को लेकर सत्ताधारी दलों की ओर से की जा रही विरोधी टिप्पणियों से जुड़े सवाल पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश ने कहा कि एसआइआर एक संवैधानिक प्रक्रिया है। संविधान के तहत … Read more

सिंहस्थ से पहले उज्जैन को मिलेगा विज्ञान की सौगात, इंटरनेशनल पैरामीटर्स वाली लैब होगी तैयार

उज्जैन  उज्जैन अब प्रदेश के हेल्थ सेक्टर में नई पहचान बनाने जा रहा है। शहर में इंटरनेशनल पैरामीटर्स वाली फूड एंड ड्रग टेस्टिंग लैब की स्थापना की तैयारी जोरों पर है। यह अत्याधुनिक लैब लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जाएगी, जिसका निर्माण कार्य मार्च 2026 से शुरू होने की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार, इस लैब में खाद्य पदार्थों, दवाओं और पेय पदार्थों की गुणवत्ता की जांच अंतरराष्ट्रीय मानकों (International Standards) के अनुसार की जाएगी। इससे प्रदेश को सुरक्षित खाद्य एवं औषधि आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। फूड एंड ड्रग विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अब तक प्रदेश में कई नमूने जांच के लिए भोपाल या दिल्ली भेजने पड़ते थे, जिससे रिपोर्ट आने में काफी समय लगता था। उज्जैन में इस नई सुविधा के शुरू होने से पूरे मालवा क्षेत्र को त्वरित जांच सेवा उपलब्ध हो सकेगी। यह लैब अत्याधुनिक उपकरणों, हाई-स्पीड एनालाइज़र, और डिजिटल रिपोर्टिंग सिस्टम से सुसज्जित होगी। इसमें प्रशिक्षित वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम कार्य करेगी। परियोजना का उद्देश्य सिंहस्थ 2028 से पहले इस लैब को पूरी तरह संचालन में लाना है ताकि आयोजन के दौरान खाद्य और दवा सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके। इस परियोजना से उज्जैन को औद्योगिक और स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है। स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि यह लैब न केवल उज्जैन बल्कि आसपास के जिलों के लिए भी एक रीजनल रेफरेंस सेंटर के रूप में काम करेगी। भोपाल लैब में होती थी जांच, रिपोर्ट आने में लगते थे महीनों अब तक प्रदेश भर से जहरीली कफ सिरप के अलावा कई दवाइयों, मिलावटी खाद्य सामग्री के जो सैंपल लिए जाते थे. उनकी जांच भोपाल स्थित राज्य प्रयोगशाला के जरिए होती थी. जिसमें जांच रिपोर्ट आने में सप्ताह से लेकर कई महीने तक लग जाते थे. ऐसी स्थिति में ना तो मिलावटखोरों पर प्रभावी कार्रवाई हो पाती थी, ना ही समय रहते मिलावट पर ही अंकुश लगा पता था. यही वजह है कि लंबे समय से राज्य सरकार अब इंदौर में एक समानांतर लैब स्थापित करने के प्रयासों में थी. फूड एंड ड्रग लैब का सीएम ने किया शुभारंभ 5 साल पहले कमलनाथ सरकार द्वारा चलाए गए शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के दौरान इंदौर में जिस फूड एंड ड्रग लैब की आधारशिला रखी गई थी. उसका शुभारंभ सोमवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा किया गया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने मिलावटखोरों को चेतावनी देते हुए कहा अब "लैब से तत्काल रिपोर्ट प्राप्त होगी. जिसके आधार पर मिलावट करने वाले लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा सकेगी." मिलावटी दवाई और खाद्य उत्पादों की होगी जांच वहीं स्वास्थ्य राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया "मध्य प्रदेश में अब फूड एंड ड्रग की जांच के तमाम संसाधनों के अपग्रेड होने के साथ मिलावटी दवाई के अलावा खानपान में मिलावट की जांच क्षमता में 200% वृद्धि हुई है. इंदौर की लैब तैयार हो जाने से 6000 की तुलना में अब करीब 20,000 जांच हो सकेगी. इसके अलावा अब जल्द से जल्द जहरीली सिरप और अन्य मिलावटी सामग्री की रिपोर्ट भी तत्काल प्राप्त हो जाएगी. मध्य प्रदेश में होगी औषधी प्रयोगशालाएं स्थापित उन्होंने कहा 8 करोड़ रुपए की लागत से मध्य प्रदेश की दूसरी आधुनिक लैब स्थापित किए जाने के बाद जल्द ही संभाग स्तर पर खाद एवं औषधी प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएगी. जिसमें ग्वालियर जबलपुर के बाद उज्जैन में सेहत के लिहाज से एक आधुनिक लैब स्थापित होगी. जहां इंटरनेशनल पैरामीटर के हिसाब से इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलप होगा. इसके अलावा मध्य प्रदेश में होने वाले तमाम टेस्ट अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतर सके इसके लिए भी प्रयास हो रहे हैं.

भोपाल, चंबल-ग्वालियर, इंदौर और उज्जैन संभाग में झमाझम बारिश की चेतावनी, IMD अलर्ट जारी

भोपाल  सर्दी की शुरुआत में छाए बादलों का बरसना जारी है। सोमवार को प्रदेश के श्योपुर और शिवपुरी में बादल जमकर बरसे। श्योपुर में शाम साढ़े पांच बजे तक 56 मिलीमीटर और शिवपुरी में 34 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा प्रदेश के चंबल-ग्वालियर, इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में भी कहीं तेज-कहीं हल्की बारिश हुई। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, एक-दो दिन बाद प्रदेश के छह जिलों में अलग-अलग जगह बनीं मौसम प्रणालियों के असर से भारी वर्षा हो सकती है। उधर, इस बदले मौसम का असर अधिकतम और न्यूनतम तापमान पर भी साफ नजर आ रहा है। सबसे कम तापमान श्योपुर में प्रदेश में दिन के तापमान में सबसे अधिक गिरावट श्योपुर में दर्ज हुई। यहां अधिकतम तापमान सामान्य से 11.4 डिग्री सेल्सियस कम रहकर 22.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं रात के तापमान में एक से दो डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बारिश के पांच सिस्टम बने हुए हैं। इनमें से तीन सिस्टम काफी मजबूत हैं, जिनमें बंगाल की खाड़ी में चक्रवात, अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र और एक पश्चिमी विक्षोभ का होना शामिल हैं। इन सिस्टम की वजह से हवाओं के साथ नमी के साथ प्रदेश में बादल आ रहे हैं। भारी बारिश का अलर्ट इसके असर से 29 और 30 अक्टूबर को खासतौर पर प्रदेश के छह जिलों सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर और सिंगरौली में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उधर, राजधानी की बात करें तो यहां हल्की बारिश होने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, प्रदेश में अगले चौबीस घंटों के दौरान चंबल-ग्वालियर, इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में कहीं तेज और कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। चार बड़े शहरों में तापमान की स्थिति (डिग्री सेल्सियस में): भोपाल — अधिकतम 30.4, न्यूनतम 20.4 इंदौर — अधिकतम 29.8, न्यूनतम 20.2 ग्वालियर — अधिकतम 23.4, न्यूनतम 21.6 जबलपुर — अधिकतम 31.8, न्यूनतम 20.5   

छतबीड़ जू हादसा: इलेक्ट्रिक वाहनों में लगी आग से मचा हड़कंप, 19 ई-कारें जलकर राख

मोहाली  जीरकपुर स्थित महेंद्र चौधरी जूलॉजिकल पार्क (छतबीड़ जू) में मंगलवार सुबह उस समय अफरातफरी मच गई जब पर्यटकों को घुमाने के लिए उपयोग में आने वाली इलेक्ट्रॉनिक फेरी गाड़ियों में अचानक आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग ने भयावह रूप ले लिया और 19 ई-वाहन पूरी तरह जलकर राख हो गए। घटना सुबह करीब 7 से 8 बजे के बीच की बताई जा रही है। चिड़ियाघर कर्मचारियों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही मोहाली, डेराबस्सी और जीरकपुर से दमकल दल मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन आग से लाखों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच जारी है, और एहतियातन पर्यटकों की एंट्री अस्थायी रूप से रोक दी गई है। चिड़ियाघर प्रशासन का कहना है कि प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी या चार्जिंग पॉइंट से शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है।

महाराष्ट्र सीएम की पत्नी का भजन वायरल, दिग्विजय सिंह ने तारीफ की; 4.5 मिलियन व्यूज में चार दिन में पार

भोपाल / मुंबई  एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता की तारीफ की है। अमृता फडणवीस द्वारा गाए गए गीत 'कोई बोले राम-राम, कोई खुदा' को शेयर करते हुए दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा- धन्यवाद अमृता फडणवीस जी, आपके श्रीमुख से गुरु नानक जी के शब्दों पर गाए हुए “शब्द” सुने। बहुत अच्छा लगा। अमृता फडणवीस अपनी लाइफ स्टाइल, मॉडलिंग प्रोजेक्ट और सिंगिंग को लेकर चर्चाओं में रहती है। उनका नया भजन "कोई बोले राम राम, कोई खुदा" हाल ही में टी-सीरीज के आधिकारिक यू-ट्यूब चैनल पर रिलीज हुआ है। इसको अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। 24 अक्टूबर को रिलीज हुए इस भजन को अब तक 45 लाख 86 हजार से ज्यादा लोग देख चुके हैं। प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर हैशटैग #AmrutaFadnavisSong ट्रेंड किया है। कई मशहूर हस्तियों ने भी उनकी तारीफ की है। बता दें कि अमृता के फेसबुक पर 2.1 मिलियन, इंस्टाग्राम पर 1.5 मिलियन, ट्विटर पर 2 लाख 38 हजार और यू-ट्यूब पर 62 हजार फॉलोअर हैं। बैंक में कैशियर बनकर की थी करियर की शुरुआत अमृता फडणवीस का जन्म 9 अप्रैल 1979 को महाराष्ट्र के नागपुर में हुआ था। नागपुर के ही जीएस कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद पुणे में सिंबायोसिस से एमबीए (फाइनेंस) की डिग्री ली। 2003 में एक्सिस बैंक में एग्जीक्यूटिव कैशियर के रूप में करियर की शुरुआत हुई। फिलहाल इसी बैंक में ट्रांजेक्शन बैंकिंग डिपार्टमेंट की वाइस प्रेसिडेंट हैं। अमृता की शादी साल 2005 में देवेंद्र फडणवीस से हुई थी। अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों के साथ-साथ उन्होंने सामुदायिक गतिविधियों में भी भाग लिया। महिला सशक्तिकरण के लिए अलग-अलग कार्यक्रमों के माध्यम से काम भी किया। आज अमृता फडणवीस एक सफल बैंकर, कलाकार और समाजसेवी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। इसके अलावा वे बीते कुछ सालों में शौकिया तौर पर गाने भी गा रही हैं। महाशिवरात्रि पर रिलीज किया था एक और गीत अमृता ने इसी साल महाशिवरात्रि पर खुद का लिखा गीत "देवाधिदेव तू महादेव" रिलीज किया था। इसे फेमस सिंगर शंकर महादेवन ने गाया था जबकि अमृता ने इसमें एक्ट किया था। दोस्त के घर अमृता से मिले थे देवेंद्र फडणवीस नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट, नागपुर के CEO शैलेश जोगलेकर ने एक इंटरव्यू में बताया था कि 2005 से वह, अमृता और देवेंद्र दोनों के कॉमन फ्रेंड हैं। अमृता रानाडे फडणवीस पेशे से बैंकर, एक्ट्रेस और सिंगर हैं। उनके माता-पिता नागपुर में डॉक्टर हैं। 2005 में एक दिन उनके घर पर ही अमृता और देवेंद्र की पहली मुलाकात हुई थी। तब देवेंद्र फडणवीस दूसरी बार विधायक बने थे। अमृता अपने घर पर बोलकर आई थीं कि वह आधे घंटे में आ जाएंगी। हालांकि, देवेंद्र से मिलने के बाद उनकी मुलाकात करीब डेढ़ घंटे तक चली थी। पहली ही मुलाकात में दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे। कुछ समय बाद देवेंद्र और अमृता की मां ने मिलकर शादी तय की। 17 नवंबर 2005 को दोनों की अरेंज मैरिज हुई। दोनों की एक बेटी है, जिसका नाम दिविजा फडणवीस है। मुख्यमंत्री पति से गाना सुनती हैं अमृता एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में अमृता ने कहा था, 'देवेंद्र के साथ मुलाकात से पहले मैं घबराई हुई थी। मुझे टेंशन और प्रेशर महसूस हो रहा था। मैं सोच रही थी कि देवेंद्र किस टाइप के इंसान होंगे। नेताओं को लेकर मेरे दिमाग में नकारात्मक छवि थी, लेकिन उनसे मिलकर मुझे लगा कि वह सच्चे इंसान और डाउन टु अर्थ हैं। अमृता ने बताया कि उन्हें देवेंद्र से गाना सुनना पसंद है। अक्सर फ्री होने पर वो पति से गाना सुनती हैं।

बड़ी कार्रवाई: बुरहानपुर में आरोपी शिक्षक को निलंबित, विवादित मामला बच्चों को नमाज सिखाने का

बुरहानपुर  बुरहानपुर जिले में सूर्य नमस्कार से पहले स्कूली बच्चों को नमाज कराने का मामला सामने आया है. शिकायत मिलने पर शनिवार को जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) संतोष सिंह सोलंकी खुद स्कूल पहुंचे थे. उन्होंने बच्चों से पूरे मामले की जानकारी ली. मामला देवरी के एक सरकारी स्कूल का है. 5वीं की छात्राओं ने बताया कि उन्हें सूर्य नमस्कार से पहले नमाज की स्टेप्स कराई जाती थी. उन्होंने स्टेप्स करके भी दिखाए.  शुक्रवार को हिंदू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष अजीत परदेसी भी स्कूल पहुंचे थे. वहां छात्राओं ने टीचर पर नमाज के स्टेप कराने के आरोप लगाए थे. वहीं इसे लेकर पालकों ने भी आक्रोश जताते हुए कार्रवाई की मांग की थी. पंचनामा बनाया गया था बताया गया है कि दीपावली के अवकाश के दौरान कुछ बच्चों ने जब घर में वह प्रक्रिया दोहराई तो माता-पिता ने पूछा। बच्चों ने बताया कि जबूर अहमद रोजाना योगासन से पहले उन्हें इसका अभ्यास कराता है। इसके बाद करीब दो दर्जन अभिभावक स्कूल पहुंच गए और विरोध दर्ज कराया। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी संतोष सिंह सोलंकी को सूचना दी। मामला गंभीर होने से डीईओ स्कूल पहुंचे और पंचनामा बनाया। एक पालक ने कहा, ''मेरे बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं. दीपावली की छुट्टी के दौरान बच्चों ने यह बात घर पर बताई. इसके बाद स्कूल में आकर शिकायत की. इसके बाद जनशिक्षक स्कूल पहुंचे और डीईओ को मामले की जानकारी दी. अपर कलेक्टर बुरहानपुर वीर सिंह चौहान ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि बच्चों के बयानों के बाद डीईओ ने आरोपी शिक्षक जबूर अहमद तड़वी को निलंबित कर दिया है.  शिक्षक ने क्या कहा इस बीच जानकारी लगने पर हिंदू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष अजीत परदेसी, बजरंग दल के दीपक पवार सहित अन्य पदाधिकारी भी स्कूल पहुंचे और विरोध दर्ज कराया था। इधर, शिक्षक जुबेर अहमद तड़वी का कहना था कि मुझ पर लगाए गए आरोप निराधार हैं।