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राजस्थान में प्रशासनिक हलचल तेज, एक्शन मोड में CM भजनलाल शर्मा

जयपुर राजस्थान की प्रशासनिक मशीनरी एक बार फिर से पूरी रफ्तार पकड़ने जा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर राज्य सरकार ने आईएएस (IAS), आरएएस (RAS) और आरपीएस (RPS) अधिकारियों के तबादलों की तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। सीएमओ (मुख्यमंत्री कार्यालय) में कई चरणों की बैठकों और समीक्षा के बाद सूची को लगभग अंतिम रूप दे दिया गया है। सूत्रों के अनुसार आईएएस तबादला सूची किसी भी समय जारी हो सकती है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव स्तर से लेकर जिला कलेक्टरों तक कई पदों पर बदलाव की मंजूरी दे दी है। इस सूची में कई चौंकाने वाले नाम शामिल हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि कुछ वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को बुधवार देर शाम सीएमओ बुलाकर चर्चा की गई, जिसमें उन्हें संभावित तबादलों को लेकर संकेत दिए गए। राजस्थान में लंबे समय से कई जिलों में प्रशासनिक नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा थी। अब सीएम भजनलाल शर्मा के सख्त और तेज प्रशासनिक रुख के चलते इन अटकलों को बल मिला है। आरएएस (RAS) अधिकारियों की सूची भी तैयार है, जिसमें ज़िलास्तर और विभागीय पदों पर बड़ी संख्या में परिवर्तन की संभावना जताई जा रही है। वहीं, आरपीएस (RPS) अधिकारियों की सूची भी विचार-विमर्श के अंतिम चरण में है। जानकारी के अनुसार सरकार इस वीकेंड तक लगभग सभी तबादला सूचियां जारी कर सकती है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह तबादला अभियान राज्य की कार्यकुशलता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले 22 अक्टूबर (बुधवार) को सरकार ने 34 आईपीएस (IPS) अधिकारियों की तबादला सूची जारी की थी, जिसमें जयपुर पुलिस कमिश्नर सहित कई प्रमुख पदों पर फेरबदल हुआ था।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने हमीदिया अस्पताल में कार्बाइड गन प्रभावित बच्चों और युवाओं का हाल जाना

उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने हमीदिया अस्पताल में कार्बाइड गन से प्रभावित युवाओं एवं बच्चों का हाल जाना दोषियों पर होगी कठोर वैधानिक कार्रवाई भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने हमीदिया चिकित्सालय भोपाल पहुँचकर कार्बाइड गन से दुर्घटनाग्रस्त युवाओं और बच्चों का हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों से घायलों के स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी ली और उनके उपचार की सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। चिकित्सकों ने जानकारी दी कि दुर्घटना में घायल कुल 37 मरीजों में से 32 स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं, जबकि 5 मरीजों का उपचार अभी जारी है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि सभी मरीजों को सर्वोत्तम चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ को निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और निरंतर निगरानी रखी जाए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि अवैध रूप से पटाखा निर्माण या विस्फोटक सामग्री रखने वालों की सघन जांच की जा रही है। दोषियों पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल की डीन डॉ. कविता सिंह, अधीक्षक डॉ. सुनीत टंडन सहित वरिष्ठ चिकित्सकगण उपस्थित रहे।  

मोहन यादव का बयान: राहुल गांधी को डूब मरना चाहिए, बोले- PM मोदी ने बढ़ाया देश का मान

भोपाल /चंपारण शेरा बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष ताबड़तोड़ प्रचार कर रहे हैं। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार को पश्चिम चंपारण शेरा बाजार खेल मैदान में जनसभा को संबोधित किया।मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि, 'राहुल गांधी और कांग्रेस को डूब मरना चाहिए। विदेश में जाकर देश का अपमान करते हैं और सेना के पराक्रम पर सबूत मांगते हैं। प्रधानमंत्री के जरिए भाजपा ने राष्ट्रपति मुर्मू को देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचाया। महादलित आयोग भाजपा ने बनाया। ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा पीएम मोदी ने दिया।' कांग्रेस-राजद वादे करने वाली पार्टियां ऐसे नेता को जिताइए जो देश की सुरक्षा और सम्मान के लिए हमेशा खड़ा रहता है। कांग्रेस और राजद जैसी पार्टियां सिर्फ वादे करती हैं, जबकि भाजपा जनता के विश्वास और राष्ट्रहित के लिए काम करती है। 'नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनेगी सरकार' इधर, केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में फिर से सरकार बनेगी। 2005 से पहले बच्चे-बच्चियां स्कूल नहीं जाते थे। नीतीश कुमार के आने के बाद शिक्षा- व्यस्था में सुधार हुआ। आज मुख्यमंत्री साइकिल योजना से बच्चे ट्रिन-ट्रिन करते पढ़ने जाते हैं। लोगों को सड़क और बिजली मिली। सेना की बहादुरी पर सवाल क्यों उठाते हैं? मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राहुल गांधी पर तीखा तंज करते हुए कहा कि जब नेता सेना की बहादुरी पर सवाल उठाते हैं, तो ऐसे नेताओं को "डूब मरना चाहिए।" उनका कहना था कि देश की सुरक्षा में हमारी सेना का अहम योगदान है, और इसे सवालों के घेरे में लाना गलत है। खुर्शीद फिरोज पर संजय जायसवाल ने कसा तंज इस दौरान भाजपा सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने जदयू के पूर्व मंत्री खुर्शीद फिरोज अहमद पर तंज कसते हुए कहा कि 2020 में भाजपा ने चुनाव प्रचार हर जगह बड़े जोश और मजबूती से किया, लेकिन सिकटा विधानसभा क्षेत्र में प्रचार नहीं किया। उन्होंने कहा कि उस समय सिकटा से “नकामा लूटेरा” प्रत्याशी चुनाव में खड़ा था, जो सड़क तक को डकार जाता था। सांसद ने आगे कहा कि जनता अब ऐसे नेताओं की वास्तविक छवि को भली-भांति समझ चुकी है और विकास, रोजगार और जनहित के मुद्दों पर ध्यान दे रही है। महात्मा गांधी की कांग्रेस और आज की कांग्रेस में अंतर मोहन यादव ने कांग्रेस पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि महात्मा गांधी की कांग्रेस और आज की कांग्रेस में बहुत अंतर है। उनका कहना था कि महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कांग्रेस का नेतृत्व किया, लेकिन आज के नेताओं की न तो भाषा की समझ है, न ही शालीनता। बिहार का विकास और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का योगदान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बिहार के विकास को लेकर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की। उन्होंने कहा कि 2005 के बिहार और आज के बिहार में भारी अंतर है। आज बिहार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है, जो कि एनडीए और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में संभव हो सका है। विकास की नई ऊंचाइयों पर बिहार मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि बिहार में पिछले कुछ वर्षों में बड़े बदलाव आए हैं। आज के बिहार में लोग बेहतर जीवन स्तर का आनंद ले रहे हैं। उन्होंने उदाहरण के तौर पर बताया कि पहले गया से पटना पहुंचने में चार घंटे लगते थे, अब डेढ़ घंटे में सफर पूरा हो जाता है। एनडीए का योगदान बिहार चुनाव 2025 में चुनावी सभा में एनडीए सरकार के योगदान को भी प्रमुखता से बताया। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने इस बदलाव को विकासशील बिहार की पहचान बताया। उनका कहना था कि बिहार में हो रहे बदलाव प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों के कारण ही संभव हो पाए हैं।

CM डॉ. मोहन यादव बोले—बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए पोलियो की खुराक बेहद जरूरी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व पोलियो दिवस पर 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक दिलवाने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पोलियो मुक्त भारत का संकल्प जन-जन ने अपनी एकजुटता से सिद्ध किया है। विश्व पोलियो दिवस इस प्रतिबद्धता को निरंतर बनाए रखने के लिए हम सबको प्रेरित करता है। बच्चों के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्हें पोलियो की नियमित खुराक दिलाना जरूरी है।  

जिला प्रशासन हाईटेक बनेगा: मध्यप्रदेश में 60% से ज्यादा अफसरों को सीखनी होगी नई तकनीक

भोपाल  जिला प्रशासन का पूरा काम एप्लीकेशन व पोर्टल से शुरू किया गया, लेकिन अप्रशिक्षित कर्मचारियों की वजह से काम में दिक्कत आ रही। प्रशासन के विभिन्न विभागों ने अपने-अपने उच्चाधिकारियों को इसकी शिकायत की है। इसके बाद अब इन्हें प्रशिक्षित करने की कवायद शुरू की जा रही है। इनकी विशेष ट्रेनिंग होगी। बताया जा रहा है कि 60 फीसदी से ज्यादा प्रशासनिक अफसर- राजस्व अधिकारियों को हाईटेक तकनीक सीखने जरूरत है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रमसिंह ने कहा कि प्रशासन में ई-ऑफिस सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है। अब पूरा काम डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक ही हो रहा है। कर्मचारियों को जरूरी प्रशिक्षण तय किया जा रहा। इस तरह जिला प्रशासन अब पूरी तरह ऑनलाइन एमपी ई- डिस्ट्रीक्ट- विभिन्न प्रमाण पत्रों जैसे- आय, निवास, जाति प्रमाण पत्र और सरकारी सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन और ट्रैक करने के लिए है। एमपी भू-अभिलेख- जमीन के रिकॉर्ड, खसरा, खतौनी और भू-नक्शा देखने के लिए। स्मार्ट एप्लीशन फॉर रेवेन्यू एडमिनिस्ट्रेशन- इसके तहत डिजिटल फसल सर्वेक्षण और गिरदावरी निरीक्षण जैसे कार्य किए जाते हैं। इसलिए जरूरी -भू स्वामियों की जमीनों से जुड़े खसरे, नामांतरण, सीमांकन की प्रमाण पत्र सीधे वाट्सएप पर भेजे जाने लगे हैं। -सभी तरह के सर्टिफिकेट अब ऑनलाइन डिजिटली ही दिए जाने लगे हैं। ई-डिस्ट्रीक्ट से सीधे मोबाइल मैसेज, मेल व वॉट्सएप पर प्रति पहुंच रही है। -आने वाले दिनों में नोटिस समेत अन्य हर्जाना- जुर्माना ई-चालान की तरह डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक ही भेजे जाएंगे।

EWS आवास योजना 2025: हरियाणा सरकार की नई पहल, गरीबों के लिए बड़ा तोहफ़ा

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने राज्य के शहरी गरीबों और निम्न आय वर्ग के परिवारों को सस्ती और स्थायी छत देने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने नई ‘ईडब्ल्यूएस पॉलिसी-2025’ को लागू कर दिया है। इस नीति को प्रदेश के लाखों गरीब परिवारों के लिए आशा की किरण के तौर पर देखा जा रहा है। यह नीति उन लोगों के लिए बनाई गई है जो वर्षों से किराये के मकानों, झुग्गियों या अस्थायी कमरों में रहकर अपने घर का सपना देख रहे थे। अब यह सपना केवल ख्वाहिश नहीं रहेगा, बल्कि सरकार की गारंटी बनेगा। राज्य सरकार का कहना है कि यह नीति ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक ठोस कदम है। इसका उद्देश्य है कि आवास अब केवल अमीरों की पहुंच तक सीमित न रहे, बल्कि हर मेहनतकश, हर कर्मचारी और हर ज़रूरतमंद परिवार को भी अपना घर मिले। यह नीति हरियाणा टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग द्वारा तैयार की गई है और इसे लागू करने की ज़िम्मेदारी ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ विभाग को दी गई है। विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एसके सिंह की ओर से यह पॉलिसी जारी की है। नई ईडब्ल्यूएस नीति के तहत अब कोई भी रिहायशी कॉलोनी या हाउसिंग प्रोजेक्ट सिर्फ़ अमीरों के लिए नहीं होगा। सरकार ने आदेश दिया है कि हर लाइसेंस प्राप्त कॉलोनी में 20 प्रतिशत प्लॉट और हर ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी में 15 प्रतिशत फ्लैट आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए अनिवार्य रूप से सुरक्षित रखे जाएंगे। इससे शहरी इलाकों में गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार भी मुख्यधारा की कॉलोनियों का हिस्सा बन सकेंगे।   प्लॉट/फ्लैट के साइज व रेट भी तय सरकार ने यह भी तय किया है कि गरीबों को दिए जाने वाले घरों का आकार और दाम उनकी आय और जरूरत के अनुरूप हों। ईडब्ल्यूएस प्लॉट्स का साइज 50 से 125 वर्ग मीटर तक रहेगा। वहीं ईडब्ल्यूएस फ्लैट 200 से 400 वर्ग फुट के होंगे। ईडब्ल्यूएस EWS प्लॉट 600 प्रति वर्ग मीटर और फ्लैट 1.50 लाख या 750 प्रति वर्ग फुट के दर पर दिए जाएंगे। यह पहली बार है जब हरियाणा में गरीबों के लिए इतने सुलभ दामों पर घर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। हाउसिंग फॉर ऑल विभाग करेगा आवंटन ईडब्ल्यूएस नीति के तहत डेवलपर या बिल्डर को अपने हिस्से के प्लॉट और फ्लैट्स ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ विभाग को सौंपने होंगे। यह विभाग आगे इन घरों का निर्माण करवाएगा और पात्र लोगों को पारदर्शी प्रक्रिया से आवंटित करेगा। इसके लिए पहले पात्र लोगों से आवेदन मांगे जाएंगे। आवेदन आने के बाद ड्रा के जरिये प्लॉट और फ्लैट‌्स का आवंटन होगा। चयनित और प्रतीक्षा सूची दोनों सार्वजनिक रूप से जारी की जाएंगी ताकि कोई पक्षपात या गड़बड़ी न हो सके। 10 हजार होगी आवेदन फीस आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया है। इसके लिए 10 हजार रुपये आवेदन शुल्क तय किया है। अगर आवेदक को घर मिलता है, तो यह राशि अंतिम भुगतान में समायोजित होगी। अगर चयन नहीं होता, तो यह रकम दो महीने के भीतर बिना ब्याज लौटाई जाएगी। सरकार की ओर से ड्रॉ प्रक्रिया में छह महीने से अधिक देरी होती है, तो आवेदकों को भारतीय स्टेट बैंक की बचत ब्याज दर के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। इस प्रावधान से सरकार ने पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की है। पांच साल तक बेचने पर पाबंदी ईडब्ल्यूएस घर पाने वाले व्यक्ति को यह घर कम-से-कम पांच साल तक न बेचने या ट्रांसफर करने की शर्त माननी होगी। अगर कोई व्यक्ति यह नियम तोड़ता है तो उसे 100 प्रतिशत जुर्माना देना होगा। यानी जितने में घर मिला था, उतनी ही राशि दंड के रूप में देनी होगी। यह प्रावधान इसलिए रखा गया है ताकि यह योजना केवल असली ज़रूरतमंदों तक पहुंचे न कि निवेश या दलाली का साधन बने। रेंटल हाउसिंग स्कीम भी लागू हरियाणा सरकार ने इस नीति में ‘किराये पर आवास योजना’ (रेंटल हाउसिंग स्कीम) का प्रावधान भी जोड़ा है। इसके तहत कुछ ईडब्ल्यूएस यूनिट्स को किराये पर उपलब्ध कराया जाएगा। इससे फैक्टरी कर्मियों, प्रवासी मजदूरों, सफाई कर्मचारियों और निम्न आय वर्ग के परिवारों को कम किराये में सम्मानजनक आवास मिल सकेगा। अगर ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ विभाग डेवलपर को भुगतान में देरी करता है, तो उसे 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा। ‘एक व्यक्ति-एक घर’ का नियम पहले कई योजनाओं में एक ही व्यक्ति ने अलग-अलग जगहों से घर हासिल किए थे। नई नीति ने इस गड़बड़ी को रोकने के लिए सभी आवंटन को आधार कार्ड और परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) से जोड़ दिया है। ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ विभाग का डेटा अब शहरी स्थानीय निकाय विभाग के साथ साझा किया जाएगा ताकि पूरे राज्य में एक एकीकृत हाउसिंग डेटाबेस तैयार हो सके। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई व्यक्ति एक से अधिक सरकारी घर का लाभ न उठा सके।  

संजय पाठक नए विवाद में घिरे, जमीन मामले के चार आदिवासी कर्मचारी लापता

कटनी   मध्य प्रदेश के कटनी जिले की विजयराघवगढ़ सीट से बीजेपी विधायक संजय पाठक एक बार फिर विवादों में हैं। उन पर आदिवासियों के नाम पर जमीन खरीदने का गंभीर आरोप लगा है। जानकारी के अनुसार, कटनी, डिंडोरी, उमरिया, जबलपुर और सिवनी जिलों में आदिवासियों के नाम पर 1111 एकड़ जमीन खरीदी गई, लेकिन ये जमीनें कथित रूप से पाठक के चार आदिवासी कर्मचारियों के नाम पर दर्ज की गईं। अब इस मामले में नया मोड़ तब आया जब शिकायतकर्ता दिव्यांशु मिश्रा ‘अंशु’ ने दावा किया कि चारों आदिवासी कर्मचारी लापता जैसी स्थिति में हैं। आयोग की जांच शुरू शिकायत के बाद राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने चारों आदिवासियों से पूछताछ के लिए नोटिस भेजे, लेकिन कोई भी हाजिर नहीं हुआ। जानकारी के मुताबिक, नत्थू कोल, प्रहलाद कोल, राकेश सिंह गौड़ और रघुराज सिंह गौड़ के नाम नोटिस जारी किए गए थे। 14 अक्टूबर को नोटिस जारी हुआ और 16 अक्टूबर को पेश होने को कहा गया था, लेकिन चारों ही नहीं पहुंचे। परिजनों ने नोटिस लेने से किया इनकार जब प्रशासन की टीम प्रहलाद कोल के घर पहुंची तो उसकी बेटी ने बताया कि पिता बाहर गए हैं और मोबाइल बंद है। कुछ परिजनों ने नोटिस लेने से भी इनकार कर दिया। प्रशासन अब चारों के आमदनी के स्रोत, पहचान और बैंक डिटेल्स की जांच कर रहा है।

मोदी का बिहार में हमला: विपक्ष पर भविष्य को खतरे में डालने का आरोप

पटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर समस्तीपुर और बेगूसराय में जनसभा को संबोधित किया। दोनों जनसभाओं में उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। जंगलराज का कई बार जिक्र किया। साथ ही महागठबंधन पर भी खूब बात की। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन नहीं लठबंधन है। उनके लोग आपस में ही लड़ रहे हैं। लाठियां भांज रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि जब से बिहार चुनाव की घोषणा हुई है, तब से हम एक चीज साफ साफ देख रहे हैं कि एक तरफ एनडीए है। एक सूझबूझ से भरा हुआ नेतृत्व है। वहीं दूसरी तरफ लाठियां भांज रहा महालठबंधन हैं। यह लोग कैमरे पर आकर कुछ भी बोले लेकिन पीठ पीछे एक दूसरे की खाल खींज रहे हैं। इस महागठबंधन में अटक दल है, भटक दल है, लटक दल है, झटक दल है और पटक दल है। राजद बीते दो दशक में कोई चुनाव नहीं जीता है। लेकिन, अपने अहंकार में इनके लोग अटके हुए हैं। राजद ने झामुमो को इसी अहंकार में झटक दिया। बिहार में कांग्रेस को पटक दिया। वीआईपी को भटका दिया और वामदल को अटका दिया। पीएम ने बताया- सबसे ज्यादा भ्रष्ट परिवार कौन है? पीएम मोदी ने कहा कि एनडीए सरकार ने बिहार को जंगलराज से मुक्त करवाया। नौजवानों से मैं कहना चाहता हूं कि अक्टूबर 2005 में आपके माता-पिता ने आपके भविष्य के लिए बिहार को जंगलराज से मुक्त करवाया था। एनडीए सरकार को चुना था। आपको अपने वोट की ताकत समझनी है। आपके एक वोट से ही बिहार का भविष्य तय होगा। उन्होंने लालू परिवार पर हमला बोलते हुए कहा कि वह परिवार बिहार का सबसे ज्यादा भ्रष्ट परिवार है। इसके ज्यादातर सदस्य जमानत पर बाहर निकले हैं। यह लोग जमानत पर जीने को मजबूर हैं। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस का एक परिवार है, वह देश का सबसे भ्रष्ट परिवार है। इस परिवार के लोग भी जमानत हैं। लेकिन, अब बिहार ऐसे लोगों पर भरोसा नहीं करता है। इसलिए अब एक ही नारा गूंज रहा है, नई रफ्तार से चलेगा बिहार, जब फिर गूंजेगा एनडीए सरकार। 'राजद वालों ने केवल अपने बेटे-बेटियों का भविष्य बनाया' पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि राजद वालों ने केवल अपने बेटे-बेटियों का भविष्य बनाया। बिहार के लाखों नौजवानों का भविष्य बर्बाद कर दिया। एक समय था जब बेगूसराय देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में से एक था। 60 के दशक में यहां फैक्ट्रियां लगीं, रोजगार के अवसर बढ़े लेकिन फिर क्या हुआ? जंगलराज आ गया। फैक्ट्रियों पर ताला लगा दिया गया। जंगलराज ने बिहार के भविष्य को अधर में लटका दिया। जिस राजद ने बिहार को पलायन का अभिशाप दिया? उसके नेता आज बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। एनडीए सरकार के लिए विकास सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसलिए हमलोगों ने सबसे पहले बिहार को जंगलराज से मुक्त किया। 

इतिहास रच दिया BSF जवान शिवानी ने, 18 साल की मेहनत को 5 महीनों में किया सच!

चंडीगढ़  एएनआइ सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के छह दशक के इतिहास में एक अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल करते हुए एक युवा कांस्टेबल को बल में शामिल होने के मात्र पांच महीनों के भीतर बिना बारी के (आउट आफ टर्न) पदोन्नति मिली है। यह एक ऐसा मील का पत्थर है जो भारत के किसी भी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में पहले कभी नहीं देखा गया।  उत्तर प्रदेश में दादरी निवासी बढ़ई की बेटी शिवानी ने बीएसएफ में इतनी तेजी से पहचान हासिल करने वाली पहली महिला कांस्टेबल के रूप में इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है। 31 अगस्त से आठ सितंबर, 2025 तक ब्राजील में आयोजित 17वीं विश्व वुशु चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने की उल्लेखनीय उपलब्धि के बाद उन्हें हेड कांस्टेबल के पद पर पदोन्नत किया गया है। बहुत ही कम लोगों को मिलता है ऐसा दुर्लभ अवसर बीएसएफ शिवानी के असाधारण प्रदर्शन की सराहना करते हुए महानिदे ने कहा, वह बीएसएफ की एक उत्कृष्ट खिलाड़ी है। निश्चित रूप से यह दुर्लभ अवसर है जो बहुत कम लोगों को मिलता है। यह खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करता है। आउट आफ टर्न पदोन्नति के प्रविधान का लाभ उठाकर वे अपनी सेवा में उन्नति प्राप्त कर सकते हैं। यह न केवल उनके लिए, बल्कि उनके परिवारों और समग्र समाज के लिए भी लाभकारी   

26 से 29 अक्टूबर तक बारिश का दौर! कोटा और उदयपुर संभाग में IMD की चेतावनी

जयपुर दीपावली सप्ताह के बाद राजस्थान में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर के अनुसार दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। आईएमडी (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, 26 से 29 अक्टूबर के बीच कोटा और उदयपुर संभाग के कई इलाकों में बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। यह परिवर्तन अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के असर से हो रहा है, जिसका प्रभाव गुजरात के कुछ हिस्सों में भी देखने को मिल रहा है। तापमान में हल्की गिरावट जारी, सीकर सबसे सर्द पिछले 24 घंटों में राजस्थान का मौसम शुष्क रहा, लेकिन रातें ठंडी होने लगी हैं। 23 अक्टूबर को सीकर में न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। वहीं, बाड़मेर में अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में 1–2 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट संभव है। इससे सुबह और शाम की ठंडक बढ़ेगी। हालांकि, कोटा और उदयपुर संभाग में संभावित बारिश के कारण ठंड का असर कुछ दिनों के लिए धीमा पड़ सकता है। बीते 24 घंटों प्रदेश के तापमान की स्थिति इस प्रकार रही     अजमेर – अधिकतम तापमान: 32.8°C, न्यूनतम तापमान: 18.7°C     भीलवाड़ा – न्यूनतम तापमान: 18.0°C     वनस्थली – न्यूनतम तापमान: 16.7°C     अलवर – अधिकतम तापमान: 32.0°C, न्यूनतम तापमान: 19.5°C     जयपुर – अधिकतम तापमान: 32.7°C, न्यूनतम तापमान: 20.9°C     नागौर – अधिकतम तापमान: 33.5°C, न्यूनतम तापमान: 16.7°C     सीकर – अधिकतम तापमान: 32.0°C, न्यूनतम तापमान: 16.0°C     किशनगढ़ – अधिकतम तापमान: 33.1°C, न्यूनतम तापमान: 20.6°C     चित्तौड़गढ़ – अधिकतम तापमान: 34.7°C, न्यूनतम तापमान: 18.2°C     झुंझुनू – अधिकतम तापमान: 31.8°C, न्यूनतम तापमान: 19.1°C     बाड़मेर – अधिकतम तापमान: 37.3°C, न्यूनतम तापमान: 23.0°C     पाली  – न्यूनतम तापमान: 19.8°C     जैसलमेर – अधिकतम तापमान: 35.4°C, न्यूनतम तापमान: 20.0°C     जोधपुर शहर – अधिकतम तापमान: 34.6°C, न्यूनतम तापमान: 22.0°C     फलोदी – अधिकतम तापमान: 35.2°C, न्यूनतम तापमान: 21.6°C     बीकानेर – अधिकतम तापमान: 33.8°C, न्यूनतम तापमान: 21.8°C     चूरू – अधिकतम तापमान: 33.4°C, न्यूनतम तापमान: 18.8°C     श्रीगंगानगर – अधिकतम तापमान: 34.1°C, न्यूनतम तापमान: 18.5°C     नागौर  – अधिकतम तापमान: 32.8°C, न्यूनतम तापमान: 17.9°C     अंता बारां  – अधिकतम तापमान: 32.3°C, न्यूनतम तापमान: 19.3°C