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मुख्यमंत्री ने लिया निर्णय, फायर सर्विस विभाग में 98 राजपत्रित और लगभग 922 अराजपत्रित नए पद सृजित होने का रास्ता साफ

केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल दुर्घटनाओं तथा सुपर हाईराइज बिल्डिंग जैसी परिस्थितियों से निपटने हेतु स्पेशलाइज्ड यूनिट गठित हो: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने लिया निर्णय, फायर सर्विस विभाग में 98 राजपत्रित और लगभग 922 अराजपत्रित नए पद सृजित होने का रास्ता साफ जनसंख्या, औद्योगिक विस्तार और शहरीकरण की गति को देखते हुए फायर सर्विस को अधिक सशक्त और आधुनिक बनाया जाए: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने अग्निशमन विभाग के विभागीय कैडर रिव्यू की आवश्यकता जताई मुख्यमंत्री ने फायर सर्विस को अत्याधुनिक उपकरणों से लैस करने के दिए निर्देश प्रत्येक जनपद में अकाउंट कैडर की स्थापना और प्रशिक्षण संस्थान में नए पदों से प्रशासनिक दक्षता व प्रशिक्षण गुणवत्ता में होगा सुधार एक्सप्रेस-वे पर हर 100 किमी पर छोटी फायर चौकी स्थापित की जाए: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश में बढ़ती जनसंख्या, औद्योगिक विस्तार और शहरीकरण की गति को देखते हुए अग्निशमन विभाग की संरचना को अधिक सशक्त, आधुनिक तथा जनसुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि फायर सर्विस को केवल आग बुझाने तक सीमित न रखकर इसे आपदा प्रबंधन, रेस्क्यू ऑपरेशन और आपात सेवाओं के समेकित स्वरूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री गुरुवार को अग्निशमन विभाग की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने विभागीय कैडर रिव्यू की आवश्यकता जताते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक रीजन में स्पेशलाइज्ड यूनिट गठित की जाए, जो केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल दुर्घटनाओं तथा सुपर हाईराइज बिल्डिंग जैसी परिस्थितियों से निपटने में सक्षम हों। मुख्यमंत्री ने फायर सर्विस को अत्याधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित जनशक्ति से सुसज्जित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में विभाग में नए पदों के सृजन पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग की प्रशासनिक क्षमता और वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाने के लिए प्रत्येक जनपद में अकाउंट कैडर स्थापित किया जाए। साथ ही, राज्य अग्निशमन प्रशिक्षण महाविद्यालय में अतिरिक्त पद सृजित कर प्रशिक्षण एवं अनुसंधान की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जाए। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद विभाग में राजपत्रित संवर्ग के 98 तथा अराजपत्रित संवर्ग के लगभग 922 नए पद सृजित होने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इससे जनपद, रीजनल और मुख्यालय स्तर पर फायर सर्विस की कार्यक्षमता और जनसेवा क्षमता को नई मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिले में फायर एवं आपात सेवाओं की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। एक्सप्रेस-वे पर बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक 100 किलोमीटर की दूरी पर फायर टेंडर सहित एक छोटी फायर चौकी स्थापित की जाए, ताकि दुर्घटना की स्थिति में गोल्डन ऑवर के भीतर राहत व बचाव कार्य प्रारंभ किया जा सके। बैठक में बताया गया कि नई ऑपरेशनल इकाइयों के रूप में कुशीनगर, आजमगढ़, श्रावस्ती, कानपुर नगर, अयोध्या, अलीगढ़, मुरादाबाद, चित्रकूट और सोनभद्र एयरपोर्ट पर अग्निशमन सेवाओं की समुचित जनशक्ति पहले ही तैनात की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फायर सर्विस जनता के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा से सीधे जुड़ा हुआ विभाग है। इसकी संरचना ऐसी होनी चाहिए, जो हर परिस्थिति में त्वरित, कुशल और उत्तरदायी प्रतिक्रिया देने में सक्षम हो। उन्होंने कहा कि विभाग के पुनर्गठन की प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरी की जाए, ताकि इसका लाभ शीघ्र जनता तक पहुँच सके।

घर में लगी आग, उद्योगपति की दम घुटने से मौत; पत्नी और बच्चे अस्पताल में भर्ती

इंदौर  इंदौर के देवास नाका क्षेत्र में आज तड़के सुबह चार बजे एक पेंट हाउस में आग लगने से इंदौर के उद्योगपति प्रवेश अग्रवाल की दम घुटने से मौत हो गई। आग के समय वे अपने परिवार के साथ कमरे में सो रहे थे। कमरे में धुआँ भर जाने के कारण वे बाहर नहीं निकल पाए। पत्नी और दो बेटियां भी प्रभावित फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने प्रवेश को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। प्रवेश अग्रवाल ऑटोमोबाइल शोरूम के मालिक थे और जिले में उनके तीन से अधिक शोरूम हैं। पेंट हाउस महिंद्रा शोरूम के ऊपर स्थित था। इस हादसे में प्रवेश की पत्नी और बेटियां सौम्या व मायरा भी प्रभावित हुईं। तीनों को सांस लेने में परेशानी के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ताजा अपडेट के मुताबिक, पत्नी श्वेता की हालत गंभीर है। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। प्रवेश अग्रवाल ग्वालियर के रहने वाले थे और उनके भाई मुकेश अग्रवाल सहित परिवार के कई सदस्य वहीं रहते हैं। वे महाराष्ट्र और गुजरात में भी कई ऑटोमोबाइल एजेंसी चलाते थे। इसके साथ ही देवास क्षेत्र में भी वे राजनीतिक रूप से सक्रिय थे। कमल नाथ ने जताया शोक पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता कमल नाथ ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर लिखा, इंदौर में आग लगने की दुर्घटना में कांग्रेस नेता प्रवेश अग्रवाल के निधन और उनकी पत्नी के गंभीर रूप से अस्वस्थ होने का समाचार सुनकर अत्यंत पीड़ा हुई। अग्रवाल कांग्रेस के सच्चे सिपाही थे। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे। परिवार के अन्य सदस्यों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना है। ओम शांति। प्रवेश ने देवास से महापौर पद के लिए दावेदारी की थी प्रवेश अग्रवाल ने देवास से 2022 में महापौर चुनाव में दावेदारी की थी। पत्नी श्वेता का नाम दौड़ में था। इसके बाद 2023 में विधानसभा चुनाव में दावेदारी की थी। नर्मदे युवा सेना के बैनर तले बड़ा कार्यक्रम किया था। 2027-28 में सम्भावित चुनावों को देखते हुए फिर से सक्रिय हुए थे। वे देवास में ऑफिस संचालित कर राजनीति करते थे। उनकी स्थानीय युवाओं की टीम थी। शुरुआत में उनके कमल नाथ समर्थक सज्जन वर्मा, मनोज राजानी से मतभेद हुए, बाद में साथ आ गए। 1 सितंबर को जन्मदिन मनाया था। तलवार से केक काटने के मामले में पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज की थी। बेटी को बचाने गए थे आग लगने के बाद कमरे से इंटर करके उन्होंने पत्नी और एक बेटी को बाहर निकाल दिया था। गार्ड उन्हें ले गए। फिर वे अपनी दूसरी बेटी को बचाने के लिए फिर कमरे में गए। इस दौरान बेटी को तो कमरे से बाहर निकाल दिया, लेकिन तब तक काफी धुआं प्रवेश की सांसों में भर चुका था। प्रवेश अग्रवाल राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय थे शोरूम में तैनात गार्ड ने बताया कि आग सबसे पहले किचन वाले हिस्से में लगी थी। आग शार्ट सर्किट या पटाखों की वजह से लगी, इसकी जांच की जा रही है। प्रवेश अग्रवाल राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय थे। उन्होंने नर्मदा सेना की स्थापना की थी। उनके निधन से शहर में शोक की लहर फैल गई है। देवास विधानसभा सीट से कर चुके थे दावेदारी प्रवेश कांग्रेस पार्टी से जुड़े थे और पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के करीबी माने जाते थे। उन्होंने पिछले विधानसभा चुनाव में देवास लोकसभा क्षेत्र से टिकट मांगा था। इसके अलावा प्रवेश अपनी पत्नी के लिए नगर निगम चुनाव में मेयर का टिकट मांग चुके थे। उनके निधन पर कांग्रेस ने शोक जताया है।  

MP के ग्वालियर-जबलपुर समेत कई जिलों में बारिश जारी, अरब सागर के लो प्रेशर ने बढ़ाई ठंडक

भोपाल  दक्षिण-पूर्वी अरब सागर में बना निम्न दबाव क्षेत्र अब सक्रिय हो गया है, जिसका असर मध्यप्रदेश के दक्षिणी इलाकों तक पहुंच गया है। बीते 24 घंटों में ग्वालियर, जबलपुर सहित करीब दर्जन भर जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक देखने को मिली। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक इसी तरह के मौसम बने रहने की संभावना जताई है। पिछले 24 घंटों में ग्वालियर, सागर, छतरपुर, नर्मदापुरम, हरदा, बुरहानपुर, रायसेन, बैतूल, जबलपुर, सिवनी, रीवा और छिंदवाड़ा में हल्की वर्षा दर्ज की गई। जबलपुर में तो दिवाली की रात करीब तीन-चौथाई इंच बारिश हुई। इधर, मैहर जिले के अरगट गांव में बुधवार शाम आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक महिला और एक किसान की मौत हो गई। वहीं, अन्य दो किसान घायल हो गए। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, यह सिस्टम आगे बढ़ रहा है। इस वजह से प्रदेश में भी असर देखने को मिल सकता है। इसकी वजह से प्रदेश में मौसम बदला हुआ है। वहीं, उत्तरी हिस्से में दो साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) और वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भी सक्रिय है। अगले चार दिन किन जिलों में दिखेगा असर मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार से रविवार तक दक्षिणी जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है। गुरुवार को बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, पांढुर्णा और बालाघाट में बूंदाबांदी व आंधी की संभावना है। जबकि 24 से 26 अक्टूबर तक इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग में प्रभाव दिखेगा। सिस्टम धीरे-धीरे उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा मौसम विज्ञान केंद्र की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि यह सिस्टम धीरे-धीरे उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की बारिश व आंधी की स्थिति बन सकती है। साथ ही, उत्तरी भागों में दो चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हैं, जिससे मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। अक्टूबर में रहेगा यही ट्रेंड हल्की बारिश और बादलों के बीच प्रदेश में दिन का तापमान बढ़ा है, जबकि रात का पारा गिरा है। भोपाल में 18.2°, इंदौर में 20.8°, उज्जैन में 21.5°, ग्वालियर में 22.2° और जबलपुर में 22.1° रिकॉर्ड किया गया। नरसिंहपुर, नौगांव, टीकमगढ़, धार, खंडवा, पचमढ़ी और राजगढ़ सहित कई शहरों में तापमान 20° से नीचे रहा। वहीं बुधवार को दतिया, गुना, खंडवा, जबलपुर, सागर, सतना और उमरिया में अधिकतम तापमान 32° से ऊपर दर्ज हुआ।मौसम विभाग का कहना है कि अक्टूबर में यही मिश्रित मौसम रहेगा, जबकि नवंबर के दूसरे सप्ताह से ठंड तेजी से बढ़ने लगेगी। चार दिन इन जिलों में दिखेगा असर मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 दिन तक सिस्टम का दक्षिणी जिलों में असर देखने को मिल सकता है। गुरुवार को बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, पांढुर्णा और बालाघाट में बूंदाबांदी, आंधी और गरज-चमक वाला मौसम रह सकता है। 24, 25 और 26 अक्टूबर को इंदौर, नर्मदापुरम, जबलपुर संभाग में असर दिखाई देगा। इससे पहले 24 घंटे के दौरान ग्वालियर, सागर, छतरपुर, नर्मदापुरम, हरदा, बुरहानपुर, रायसेन, बैतूल, जबलपुर, सिवनी, रीवा और छिंदवाड़ा में हल्की बारिश हुई। जबलपुर में दिवाली की रात भी पौन इंच पानी गिर गया था। दिन का तापमान बढ़ा, रात का घटा हल्की बारिश, गरज-चमक और आंधी के बीच प्रदेश में रातें ठंडी भी हो गई है, लेकिन दिन गर्म है। मौसम विभाग के अनुसार, अक्टूबर में ऐसा ही मौसम रहेगा। नवंबर के दूसरे सप्ताह से तेज ठंड का दौर शुरू हो जाएगा। इससे पहले बुधवार को कई शहरों में दिन का तापमान बढ़ गया, जबकि रात के पारे में गिरावट हुई। मंगलवार-बुधवार की रात भोपाल में 18.2 डिग्री, इंदौर में 20.8 डिग्री, उज्जैन में 21.5 डिग्री, ग्वालियर में 22.2 डिग्री और जबलपुर में 22.1 डिग्री रहा। नरसिंहपुर, नौगांव, टीकमगढ़, मलाजखंड, धार, खंडवा, खरगोन, पचमढ़ी, राजगढ़, शिवपुरी में पारा 20 डिग्री से नीचे रहा। वहीं, बुधवार को दिन में दतिया, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, खंडवा, खरगोन, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, मंडला, सागर, सतना, उमरिया में पारा 32 डिग्री के पार रहा। नवंबर-जनवरी में पड़ेगी कड़ाके की सर्दी मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर से कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो जाता है, जो जनवरी तक रहता है। इस बार फरवरी तक ठंड का असर रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले सर्दियों के मौसम में 2010 के बाद सबसे भीषण ठंड का अहसास हो सकता है। सर्दियों के दौरान इस बार सामान्य से ज्यादा बारिश देखने को मिल सकती है, उत्तर-पश्चिम भारत के इलाकों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ अधिक संख्या में प्रभावित करेंगे। आईएमडी ने भी जल्द ही ला-नीना परिस्थितियां विकसित होने की पुष्टि की है। पूरे एमपी से विदा हो चुका है मानसून मौसम विभाग के अनुसार, पूरे प्रदेश से मानसून विदा हो गया है। इस साल मानसून 3 महीने 28 दिन एक्टिव रहा। 16 जून को प्रदेश में मानसून की एंट्री हुई थी और 13 अक्टूबर को वापसी की। बावजूद बारिश का दौर बना रहेगा। इस बार प्रदेश में मानसून की 'हैप्पी एंडिंग' रही। भोपाल, ग्वालियर समेत 30 जिले ऐसे रहे, जहां 'बहुत ज्यादा' बारिश दर्ज की गई। ओवरऑल सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला गुना है। जहां पूरे सीजन 65.7 इंच पानी गिर गया, जबकि श्योपुर में 216.3% बारिश हुई। एक्सपर्ट की माने तो अच्छी बारिश होने से न सिर्फ पेयजल बल्कि सिंचाई के लिए भी भरपूर पानी है। भू-जल स्तर भी बढ़ा रहेगा। हालांकि, शाजापुर ऐसा जिला है, जहां सबसे कम 28.9 इंच (81.1%) ही बारिश हुई है। मानसूनी सीजन में मौसम विभाग ने प्रदेश में 106 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान जताया था, लेकिन 15 प्रतिशत पानी ज्यादा गिर गया। ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में दोगुनी बारिश हो गई। इंदौर, ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर संभाग के 50 जिलों में कोटा फुल रहा। वहीं, भोपाल, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग के 4 जिले- उज्जैन, शाजापुर, बैतूल और सीहोर में 81.1 से 98.6 प्रतिशत बारिश हुई। इन जिलों में कोटा पूरा नहीं हो पाया। हालांकि, इनमें से तीन जिले- उज्जैन, सीहोर और बैतूल में आंकड़ा 94% से ज्यादा ही है। इस वजह से ये सामान्य बारिश के आसपास ही है, लेकिन शाजापुर 'बारिश की भारी कमी' की कैटेगरी में है। यहां कोटे का 81 प्रतिशत पानी ही गिरा। इस बार फरवरी तक … Read more

मरवाही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का दौरा, विधायक प्रणव मरपच्ची के परिवार से मुलाकात

रायपुर  छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज गौरेला-पेंड्रा- मरवाही जिले के मरवाही के दौरे पर रहेंगे। वे मरवाही विधायक प्रणव मरपच्ची की माता के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने उनके गृहग्राम ऐठी पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदना प्रकट करेंगे। कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री दोपहर 1 बजे रायपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होंगे और करीब 2 बजे मरवाही के ऐठी गांव पहुंचेंगे। वहां वे लगभग 50 मिनट तक रुककर विधायक प्रणव मरपच्ची व उनके परिजनों से भेंट करेंगे। इसके बाद दोपहर 2:55 बजे रायपुर के लिए वापसी करेंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए मरवाही प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। ऐठी गांव में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। प्रशासनिक अधिकारी सुबह से ही गांव में मौजूद हैं और दौरे की तैयारियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं। 

छठ की छुट्टियों में ट्रेनों में भारी भीड़, जगह न मिलने से यात्री परेशान

पटना   छठ पूजा का त्यौहार है, ऐसे में तमाम कामगार मजदूर छठ पूजा के लिए बिहार अपने घर को जा रहे हैं. लोग स्पेशल ट्रेनों की जगह रेगुलर चलने वाली ट्रेनों से यात्रा कर रहे हैं. रेगुलर चलने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ है, लोग गेट पर और टॉयलेट तक में बैठे हुए हैं. घर पहुंचने के लिए लोग रातभर खड़े होकर यात्रा कर रहे हैं, बैठने तक की जगह नहीं है. ट्रेनों में भीड़ को लेकर DDU जंक्शन से  ग्राउंड रिपोर्ट. दरअसल, रेलवे के दावों के इतर जमीनी हकीकत कुछ और है. ट्रेनों में बिहार जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ है. कोई 15 से 20 घंटे खड़े होकर, तो कोई टॉयलेट या फर्स पर बैठ कर यात्रा करने को मजबूर है. कमोबेश हर रेगुलर ट्रेन का यही हाल है. गेट पर लटककर जा रहे हैं घर यात्री विकास सिंह ने  बातचीत में बताया कि वह बनारस से आ रहे हैं और दिलदारनगर जा रहे हैं. वह बनारस रहकर पढ़ाई करते हैं. उन्होंने बताया कि ट्रेन में भीड़ बहुत अधिक है. इसकी वजह से गेट पर लटककर जा रहे हैं. बनारस स्टेशन पर भी भीड़ थी. इसलिए यहां ऑटो से डीडीयू जंक्शन आए, ताकि भीड़ कम हो, लेकिन यहां भी भीड़ वैसे ही है. वहीं उन्होंने बताया कि एक तो ट्रेन लेट है, दूसरा बैठने को भी जगह नहीं है. छठ पूजा मेंयूपी-बिहार के लोग घर जाते हैं. रेलवे को इस पर ध्यान देना चाहिए. भीड़ की वजह से कहीं किसी यात्री के साथ हादसा न हो जाए. स्पेशल ट्रेनें और चलानी चाहिए. टॉयलेट में भी घुसे हुए हैं लोग एक और यात्री इम्तियाज अहमद ने तचीत में बताया कि हम मध्य प्रदेश से आ रहे हैं, लेकिन यहां आए तो देखा  बनारस में भी भीड़ थी और डीडीयू जंक्शन पर भी भीड़ है. ट्रेन भी बहुत लेट चल रही है. हम कई घंटों से खड़े होकर आ रहे हैं. हम सभी यात्रियों का बुरा हाल है. सभी डब्बे खचाखच भरे हुए हैं. लोग एक दूसरे के ऊपर बैठे हुए हैं. टॉयलेट में भी लोग घुसे हुए हैं. जैसे तैसे लोग छठ पूजा पर घर पहुंचना चाहते हैं. हादसे की बढ़ गई है आशंका  बता दें कि छठ पूजा जैसे बड़े पर्व पर रेलवे की सीमित व्यवस्था यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन रही है. भीड़ के चलते हादसे की आशंका भी बढ़ गई है. जरूरत है कि रेलवे प्रशासन अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाए और भीड़ प्रबंधन पर ठोस कदम उठाए, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और सुगमता से अपने घर पहुंच सकें.  

महागठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में तय हुआ, तेजस्वी यादव CM उम्मीदवार और मुकेश सहनी उपमुख्यमंत्री

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन ने बड़ा ऐलान करते हुए तेजस्वी यादव को अपना मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित कर दिया है. पटना के होटल मौर्य में हुई इस अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस, वामदलों और अन्य सहयोगी दलों ने मिलकर यह फैसला किया कि आगामी विधानसभा चुनाव तेजस्वी यादव के नेतृत्व में लड़ा जाएगा. कांग्रेस के सीनियर लीडर अशोक गहलोत ने ऐलान करते हुए कहा कि तेजस्वी यादव ही महागठबंधन के मुख्यमंत्री के चेहरा होंगे. बिहार चुनाव से पहले महागठबंधन ने गुरुवार को पटना के होटल मौर्य में बहुप्रतीक्षित प्रेस कांफ्रेंस कर बिहार की जनता को बड़ा संदेश दिया. इस संयुक्त प्रेस वार्ता में महागठबंधन के सभी प्रमुख नेताओं ने भाग लिया और अपनी-अपनी बात रखी. इस दौरान पूर्व सीएम और कांग्रेस के सीनियर लीडर अशोक गहलोत ने ऐलान करते हुए कहा कि बिहार में महागठबंधन तेजस्वी यादव के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे और वे मुख्यमंत्री के चेहरे होंगे. बिहार चुनाव के पहले चरण से पहले सीटों के बंटवारे को लेकर जारी मतभेदों के बीच, महागठबंधन ने आज एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. महागठबंधन तेजस्वी यादव को अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर घोषित कर दिया है. कांग्रेस के सीनियर नेता अशोक गहलोत ने महागठबंधन के जीतने पर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर तेजस्वी यादव और मुकेश सहनी के नाम का ऐलान किया है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में अशोक गहलोत, मुकेश सहनी, दीपांकर भट्टाचार्य समेत अन्य नेताओं ने भाग लिया. VIP के अध्यक्ष मुकेश सहनी ने कहा कि साढ़े तीन साल से इस दिन का इंतजार था और उन्होंने शपथ ली थी कि बीजेपी को तोड़ने का अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक लक्ष्य पूरा नहीं होता. वहीं CPIML के जेनरल सचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि NDA सरकार को लग रहा था कि बिहार में अब कुछ नहीं होगा, लेकिन महागठबंधन के साथ पूरे बिहार के युवा, महिला और गरीब ने संकल्प लिया है कि इस बार सरकार बदली जाएगी. अशोक गहलोत ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि देश में ध्रुवीकरण बढ़ गया है और आलोचना करने पर लोगों को जेल में डाल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के कामकाज पर भी सवाल उठते हैं और PM से लेकर गृह मंत्री तक धनबल के आधार पर राजनीति कर रहे हैं. अन्य नेताओं ने भी महागठबंधन की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि यह गठबंधन पूरी तरह से मजबूत है और जनता बदलाव चाहती है। राहुल गांधी और खगड़े द्वारा करवाए गए सर्वे के बाद यह निर्णय लिया गया कि तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में जनता के सामने जाएंगे. प्रेस कांफ्रेंस में यह भी साफ किया गया कि बिहार में महागठबंधन एनडीए के खिलाफ मजबूती से खड़ा है और जनता के हित के लिए लड़ाई लड़ रहा है. सभी दलों ने जनता से अपील की कि वे गठबंधन को समर्थन दें और इस चुनाव में बदलाव का संकल्प पूरा करें. तेजस्वी यादव ने कहा, "हम लोग को बिहार बनाने का काम करना है. हम आदरणीय लालू जी, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सभी महागठबंधन के साथियों का धन्यवाद देते हैं. जो विश्वास आप लोगों ने हम पर जताया है, उस उम्मीद पर हम जरूर खरे उतरेंगे." – अशोक गहलोत ने कहा कि डिप्टी सीएम चेहरे के तौर पर मुकेश सहनी होंगे. – अशोक गहलोत ने सीएम फेस का ऐलान करते हुए कहा, "सबकी राय लेकर हमने तय किया है कि इस बार के चुनाव में तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री का चेहरा होंगे." – अशोक गहलोत ने कहा, "देश के जो हालात हैं, उससे चिंतित होना जरूरी है. देश किस दिशा में जा रहा है, कोई नहीं जानता. देश में बेरोजगारी है. हम सब की जिम्मेदारी बनती है, कि ऐसे वक्त में देश क्या चाहता है, हर बात का ख्याल रखा जाए. किसान, मजदूर, आम आदमी, छात्र और युवा सभी के लिए हालात वही हैं. जब ऐसा होता है, तो लोग बदलाव चाहते हैं और इस बार बदलाव होगा. जिस तरह से पब्लिक ने रिस्पॉन्स दिया, पूरे देश ने देखा." इससे पहले महागठबंधन में सीएम फेस को लेकर तनाव की बाते सामने आई थीं. हालांकि, बुधवार को अशोक गहलोत को पटना पहुंचे, उन्होंने लालू यादव और तेजस्वी यादव से मुलाकात की. मीटिंग के बाद उन्होंने कहा कि गठबंधन एकजुट है और चुनाव के लिए तैयार है. – वीआईपी के प्रवक्त ने बताया कि आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिर्फ मुख्यमंत्री के चेहरे का ऐलान होगा. आज उपमुख्यमंत्री के चेहरे पर किसी तरह का ऐलान नहीं होने वाला है. – पटना में महागठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए आरजेडी नेता तेजस्वी यादव होटल पहुंचे. – महागठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए बने पोस्टर में सिर्फ तेजस्वी यादव की तस्वीर लगाई गई है. इस पर पप्पू यादव ने कहा, "किसी और नहीं, राहुल गांधी की फोटो पर ही वोट पड़ेंगे." – पप्पू यादव ने कहा, "जब तक सीट वापस न हो, तब तक गठबंधन को कोई कदम नहीं उठाना चाहिए. सामूहिक गठबंधन के साथ चुनाव लड़ना चाहिए." – बिहार बीजेपी चीफ दिलीप जायसवाल ने कहा, "आपसी मतभेद चल रहा है, एक दूसरे को नीचा दिखाने का काम कर रहे हैं. ऑफिस में बैठकर दिखा रहे हैं कि हम सब एक हैं. ये लोग सरकार नहीं चला सकते हैं. कांग्रेस और RJD की दोस्ती संभव नहीं है." गहलोत ने सुलझाई महागठबंधन की गुत्थी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने बुधवार को आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव से मुलाकात की. बातचीत के दौरान कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु भी मौजूद थे, जिन्हें बातचीत में आई रुकावट के लिए जिम्मेदार माना जा रहा था. मुख्य विवाद तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाने को लेकर था. कांग्रेस पहले इस पर सहमत नहीं थी, जबकि आरजेडी का पूरा प्रचार अभियान ‘तेजस्वी सरकार’ पर केंद्रित था. सूत्रों के मुताबिक अब कांग्रेस इस मुद्दे पर झुक गई है. कांग्रेस ने सीटों के निष्पक्ष बंटवारे पर भी जोर दिया. मतभेद के चलते कई सीटों पर महागठबंधन के घटक दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें लगभग छह सीटों पर कांग्रेस-आरजेडी, चार पर भाकपा-कांग्रेस और दो पर वीआईपी-आरजेडी के बीच टकराव देखने को … Read more

मोहन यादव बोले—गाय का दूध बीमारियों से सुरक्षा कवच, फिर खुद को अंडे खाने पर क्यों मजबूर करते हो?

इंदौर  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अंडों को पौष्टिक आहार के रूप में प्रचारित किए जाने पर तीखा सवाल उठाया और जनता को गाय का दूध पीने की सलाह दी. इस बयान से राज्य में स्कूली बच्चों के भोजन में अंडों को शामिल करने के पुराने राजनीतिक विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है.  CM यादव इंदौर शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर हातोद स्थित गौशाला में 'गोवर्धन पूजा' कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य और पौष्टिकता को लेकर गाय के महत्व पर जोर दिया. मुख्यमंत्री ने कहा, "जिसके घर में गाय होती है, उसके बच्चों समेत परिवार के सभी सदस्य स्वस्थ रहते हैं. यह ईश्वर की लीला है."  इसके बाद मुख्यमंत्री ने देश में अंडों की खपत को बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल होने वाले प्रसिद्ध विज्ञापन जिंगल "संडे हो या मंडे, रोज खाओ अंडे" पर सीधे निशाना साधा. CM यादव ने कहा, "क्यों संडे हो या मंडे… ये बेकार की बातें हैं. खुद को अंडे खाने के लिए क्यों मजबूर करते हो? जो अंडे-डंडे खाना चाहते हैं, उन्हें अंडे खिलाते रहो." उन्होंने दृढ़ता से कहा, "गाय का दूध पियो और खुश रहो."  मुख्यमंत्री ने आगे स्पष्ट किया कि  गाय का दूध अमृत है. उसमें सबसे अधिक पोषक तत्व होते हैं. गाय के दूध के सेवन से बीमारियां दूर होती हैं और व्यक्ति स्वयं को स्वस्थ और आनंदित पाता है. गौ-माता दोहरा पोषण करती है. वह अपने बछड़े के पालन के साथ-साथ मानव जाति का भी पोषण करती हैं हर युग में हर आश्रम में गौ-माता पाली जाती थी और जगह-जगह गौ-पालन होता था. परम्परागत रूप से घरों में पहली रोटी गाय के लिये बनाई जाती है. स्कूली बच्चों के लिए पौष्टिक आहार के रूप में अंडों को बढ़ावा देना मध्य प्रदेश में लंबे समय से विवाद का विषय रहा है. साल 2019 में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने कुपोषण से निपटने के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को अंडे परोसने के प्रस्ताव पर विचार किया था.  BJP के नेताओं ने उस समय इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया था और सरकार पर लोगों की धार्मिक मान्यताओं की अवहेलना करने का आरोप लगाया था.   मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस दौरान गौ-संरक्षण के लिए राज्य सरकार की योजनाओं पर भी बात की. उन्होंने कहा कि बीमार और लावारिस गायों की सुरक्षा के लिए मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में 10 हजार से ज्यादा पशुओं को रखने की क्षमता वाली गौशालाएं बनाई जा रही हैं.

बिहार चुनाव से पहले सिग्मा गैंग पर बड़ी कार्रवाई, डीजीपी बोले—दहशत फैलाने की फिराक में था सरगना रंजन पाठक

नई दिल्ली दिल्ली के रोहिणी में बिहार और दिल्ली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में चार कुख्यात अपराधी मारे गए, जिनमें मोस्ट वांटेड गैंगस्टर रंजन पाठक भी शामिल था. डीजीपी बिहार ने 'आजतक' को बताया कि यह गैंग चुनाव में दहशत फैलाने की साजिश रच रहा था. रंजन पाठक और उसका गैंग सिग्मा एंड कंपनी पिछले छह वर्षों में बिहार के सीतामढ़ी और आसपास के इलाकों में कई बड़े अपराधों को अंजाम दे चुका था. डीजीपी बिहार ने फोन पर बताया कि यह गैंग चुनाव के दौरान बड़ी वारदातों को अंजाम देने की फिराक में था. रंजन पाठक और उसके साथी कॉन्ट्रैक्ट किलर के रूप में काम करते थे. इनके खिलाफ सीतामढ़ी पुलिस लंबे समय से तलाश में थी.  डीजीपी ने कहा कि रंजन और उसका गैंग लगातार 5 बड़े हत्याकांड अंजाम देकर इलाके में दहशत फैलाता रहा. हर हत्याकांड के बाद लोगों में दहशत और आक्रोश पैदा होता था, जिससे स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौती बढ़ गई थी. यह गैंग सिग्मा एंड कंपनी के नाम से जाना जाता था. हाल के दिनों में इस गैंग ने गणेश शर्मा की हत्या की थी. गणेश शर्मा उस इलाके के ब्रह्मर्षि समाज के जिला अध्यक्ष थे, उनकी हत्या से समाज में तनाव फैल गया था. डीजीपी बिहार ने कहा कि जानकारी मिली थी कि यह गैंग मर्डर के बाद दिल्ली में जाकर छिप जाता है. इसी इनपुट के आधार पर बिहार पुलिस ने दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के साथ संपर्क किया और ऑपरेशन को अंजाम दिया. रंजन पाठक और उसका गैंग लंबे समय से बिहार पुलिस के लिए गंभीर चुनौती बन चुका था. एनकाउंटर के दौरान चार जवानों की बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी गोली बता दें कि पुलिस के इनपुट मिला था कि गैंग दिल्ली में मौजूद है. इसके बाद दिल्ली और बिहार पुलिस ने  22 और 23 अक्टूबर की दरमियानी रात लगभग 2:20 बजे बताए गए स्थान पर पहुंचकर चेकिंग शुरू की. यह बहादुर शाह मार्ग पर डॉक्टर अंबेडकर चौक से पंसाली चौक तक यह घटना हुई. पुलिस ने बदमाशों का पीछा किया. इस दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच जबरदस्त गोलीबारी हुई, जिसमें चारों बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गए. इसके बाद उन्हें तुरंत इलाज के लिए रोहिणी स्थित डॉ. बीएसए अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. एनकाउंटर के दौरान दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर अरविंद, SI मनीष और SI नवीन समेत 4 जवानों की बुलेट प्रूफ जैकेट में गोली लगी है. जानकारी के मुताबिक, 22 और 23 अक्टूबर की दरम्यानी रात करीब 2:20 बजे दिल्ली के रोहिणी स्थित बहादुर शाह मार्ग पर डॉक्टर अंबेडकर चौक और पंसाली चौक के बीच यह मुठभेड़ हुई. पुलिस टीम को इलाके में अपराधियों के मूवमेंट की सूचना मिली थी. इसके बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और बिहार पुलिस की विशेष टीम ने संयुक्त रूप से ऑपरेशन चलाया. मुठभेड़ के बाद सभी आरोपियों को रोहिणी स्थित डॉ. बीएसए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने बताया कि मारे गए अपराधी बिहार में कई हत्या, लूट और फिरौती के मामलों में वॉन्टेड थे. बिहार के डीजीपी विनय कुमार के मुताबिक, इन बदमाशों के पास से AK 47 सहित कई घातक हथियार बरामद हुए हैं. यह गैंग बिहार-नेपाल में कई वारदात को अंजाम दे चुका है. बिहार में वारदात को अंजाम देने के बाद ये सभी नेपाल में छुप जाते थे. कौन था रंजन पाठक? 25 वर्षीय रंजन पाठक बिहार के सीतामढ़ी जिले के सुरसंड थाना क्षेत्र के मलहई गांव का रहने वाला था. वह लंबे समय से फरार चल रहा था और उस पर पहले 25,000, बाद में 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था. रंजन पाठक ‘सिग्मा’ नाम के एक कुख्यात गिरोह का सरगना था, जिसने बिहार के सीमावर्ती जिलों सीतामढ़ी, शिवहर और मधुबनी में दहशत फैला रखी थी. सिग्मा गैंग बिहार का एक उभरता हुआ आपराधिक गिरोह था, जो तस्करी, सुपारी किलिंग और फिरौती जैसे मामलों में सक्रिय था. पुलिस के अनुसार, यह गैंग पिछले कुछ वर्षों से नेपाल की सीमा के पार भी सक्रिय था. गिरोह के सदस्य अक्सर नेपाल भाग जाते थे, जिससे उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता था. इस गैंग ने सीतामढ़ी जिले में कई बड़ी हत्याओं को अंजाम दिया था. इनमें सबसे चर्चित ब्रह्मर्षि सेना के पूर्व जिलाध्यक्ष गणेश शर्मा की हत्या है. इसके अलावा मदन कुशवाहा और आदित्य सिंह की हत्या में भी रंजन पाठक और उसके साथियों का नाम सामने आया था. इन घटनाओं के बाद से यह गिरोह पुलिस के रडार पर था. एनकाउंटर में मारे गए कौन-कौन अपराधी दिल्ली पुलिस ने जिन चार अपराधियों को एनकाउंटर में मारा, उनकी पहचान इस प्रकार हुई… रंजन पाठक, पिता मनोज पाठक, निवासी मलहई, थाना सुरसंड, जिला सीतामढ़ी, बिहार (25 वर्ष) बिमलेश महतो उर्फ बिमलेश साहनी, पिता सुखला देवी, निवासी रतनपुर, थाना बजपट्टी, जिला सीतामढ़ी, बिहार (25 वर्ष) मनीष पाठक, पिता अरविंद पाठक, निवासी मलहई, थाना सुरसंड, जिला सीतामढ़ी, बिहार (33 वर्ष) अमन ठाकुर, पिता संजीव ठाकुर, निवासी शेरपुर, करावल नगर, दिल्ली (21 वर्ष) पुलिस सूत्रों के अनुसार, ये चारों कई गंभीर आपराधिक मामलों में फरार और वांछित थे. इन पर हत्या, लूट, अपहरण और रंगदारी जैसे दर्जनों केस दर्ज थे. क्या है क्राइम कुंडली? बिहार पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि सिग्मा गैंग का नेटवर्क केवल सीतामढ़ी तक सीमित नहीं था. यह गिरोह नेपाल के जनकपुर और विराटनगर तक सक्रिय था. नेपाल में इनके ठिकाने थे, जहां से ये अपराध की योजना बनाते थे और बिहार में वारदात अंजाम देकर वापस नेपाल भाग जाते थे. हाल के महीनों में, पुलिस ने इनके कई ठिकानों पर छापे मारे थे लेकिन गैंग का सरगना रंजन पाठक बार-बार बच निकलता था. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बताया कि उन्हें बिहार पुलिस से इनपुट मिला था कि रंजन पाठक और उसके साथी दिल्ली में फर्जी पहचान के साथ छिपे हुए हैं और किसी बड़ी वारदात की तैयारी में हैं. जैसे ही टीम ने इन्हें रोकने की कोशिश की, अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने कार्रवाई की. फिलहाल एनकाउंटर की जांच जारी है और पुलिस यह पता लगा रही है कि रंजन पाठक दिल्ली में किसके संपर्क में था और क्या … Read more

सीएम निवास में भाई दूज के अवसर पर 250 रुपए का शगुन, सीएम ने श्रीकृष्ण-सुभद्रा के स्नेह को याद किया

भोपाल  मध्य प्रदेश की 1.26 करोड़ महिलाओं के खाते में भाई दूज के शगुन का पैसा आएगा? मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की 29वीं किस्त के तौर पर महिलाओं के खाते में 1250-1250 रुपये तो आ चुके हैं, लेकिन उन्हें रक्षाबंधन और भाई दूज के मौके पर मिलने वाले 250 रुपये के शगुन का इंतजार है। आज गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास में भाई दूज का कार्यक्रम है, जिसमें लाडली बहनें शामिल होंगी। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने लाडली बहनों को दिए संदेश में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और सुभद्रा का रिश्ता भाई-बहन के प्रेम और संरक्षण की सबसे सुंदर मिसाल है , जिस प्रकार श्रीकृष्ण ने हर परिस्थिति में बहन सुभद्रा की सुरक्षा और सम्मान का ध्यान रखा, उसी भावना से हमारी सरकार भी प्रदेश की हर लाड़ली बहन के सुख, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की साथी है। श्रीकृष्ण और सुभद्रा का संबंध इस बात की याद दिलाता है कि भाई का स्नेह केवल वचन निभाना ही नहीं, कर्म से निभाई जाने वाली जिम्मेदारी भी है। हमारी सरकार इसी दृष्टि से सांस्कृतिक परंपरा को निभाते हुए आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे लिये बहनों की खुशी, उनकी सुरक्षा और आत्मविश्वास सर्वोपरि है। यह राशि ट्रांसफर करने के पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण और सुभद्रा का रिश्ता भाई-बहन के प्रेम और संरक्षण की सबसे सुंदर मिसाल है, जिस प्रकार श्रीकृष्ण ने हर परिस्थिति में बहन सुभद्रा की सुरक्षा और सम्मान का ध्यान रखा, उसी भावना से हमारी सरकार भी प्रदेश की हर लाड़ली बहन के सुख, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की साथी है। श्रीकृष्ण और सुभद्रा का संबंध इस बात की याद दिलाता है कि भाई का स्नेह केवल वचन निभाना ही नहीं, कर्म से निभाई जाने वाली जिम्मेदारी भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को भाईदूज के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में आयोजित होने वाले भाईदूज कार्यक्रम में सम्मलित होने वाली लाड़ली बहनों को यह संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाईदूज का पर्व भारतीय संस्कृति में प्रेम, स्नेह और जिम्मेदारी का प्रतीक है। यह केवल एक त्यौहार नहीं बल्कि उस रिश्ते का उत्सव है, जिसमें भाई अपनी बहन के सुख-दुख, सुरक्षा और सम्मान का वचन निभाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहनों की मुस्कान ही समाज की समृद्धि का आधार है। लाड़ली बहनों के खाते में जमा हुए 44917.92 करोड़ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की लाड़ली बहनें केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं, बल्कि परिवार और समाज की आत्मा हैं। अब तक इस योजना के अंतर्गत 44,917.92 करोड़ रुपए सीधे बहनों के खातों में भेजे जा चुके हैं। मुख्यमंत्री निवास पर आने वाली लाड़ली बहनों का मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया जाएगा। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर और प्रदेश अध्यक्ष बीजेपी हेमंत खण्डेलवाल भी उपस्थित रहेंगे।

प्रदेश के 23.81 लाख से अधिक किसानों को 1802 करोड़ रुपए की राहत राशि वितरित

किसानों को राहत राशि देने में कोई कमी नहीं करेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के 23.81 लाख से अधिक किसानों को 1802 करोड़ रुपए की राहत राशि वितरित अतिवृष्टि, बाढ़, पीला मोजैक, कीट व्याधि से फसल क्षति और प्राकृतिक आपदा प्रभावित किसानों को दी गई राहत राशि गत वर्ष की तुलना में तीन गुना राहत राशि का हुआ वितरण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस साल अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण किसानों की फसल को नुकसान हुआ। पीला मोजैक और कीट प्रकोप ने भी किसानों को परेशानी में डाला। इसी तरह बारिश के कारण जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति से भी किसानों को पीड़ा हुई। ऐसे कठिन हालातों में सरकार ने किसानों को संबल देने में कोई कमी नहीं रखी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि अतिवृष्टि, बाढ़, कीट प्रकोप से फसल/ मकान क्षति की परेशानियों से जूझ रहे प्रदेश के 23 लाख 81 हजार से अधिक प्रभावित किसानों को अब तक लगभग 1802 करोड़ रुपए की राहत राशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि आरबीसी 6(4) के तहत दी गई इस राहत राशि से किसानों को फिर से खड़ा होने में बेहद मदद मिली है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह राशि गत वित्त वर्ष 2024-25 में बांटी गई 660.57 करोड़ रुपए राहत राशि से करीब तीन गुना अधिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अन्नदाता किसानों के लिए सरकार के खजाने में धन की कोई कमी नहीं है। प्रदेश के हर जरूरतमंद किसान को तत्परतापूर्वक सरकार का साथ, सहयोग और संबल दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2021-22 में 1590.74 करोड़ रुपए, वित्त वर्ष 2022-23 में 726.15 करोड़ रुपए और वित्त वर्ष 2023-24 में 758.62 करोड़ रुपए राहत राशि सरकार द्वारा वितरित की गई थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि अतिवृष्टि /बाढ़ एवं पीला मोजैक/कीट व्याधि से फसल हानि के लिए 23 लाख 81 हजार 104 प्रभावित किसानों को 1623.51 करोड़ रुपए राहत राशि दी गई है। प्राकृतिक आपदा से हुई विभिन्न प्रकार की क्षतियों की पूर्ति के लिए राहत के रूप में 178.45 करोड़ रुपए वितरित किए गए हैं। इस प्रकार प्रदेश में अतिवृष्टि/बाढ़, पीला मोजैक/ कीट व्याधि से फसल हानि और विभिन्न प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को लगभग 1802 करोड़ रुपए की राहत राशि सरकार द्वारा वितरित की जा चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि अतिवृष्टि हो या बाढ़, कीट व्याधि हो या कोई और प्राकृतिक आपदा, किसान हर मौसम में फसल नुकसानी का जोखिम उठाते हैं। फसल नुकसानी हुई, तो घर की साल भर की अर्थव्यवस्था बिगड़ जाती है। हमारी सरकार किसानों को ऐसे हालात में कभी अकेला नहीं रहने देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की हर कठिनाई में सरकार उनके साथ है। हमारी सरकार किसानों की सरकार है। किसानों का दु:ख पूरे प्रदेश का दु:ख है और किसानों के सुख से ही प्रदेश का सुख है। किसानों को हर जरूरी मदद और राहत राशि देने में हम कभी कोई कमी नहीं करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए सभी कदम उठाए हैं। हमारी सरकार ने किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी, बिजली, शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण, फसलों पर समर्थन मूल्य और फसल बीमा की राशि का समय पर अंतरण किया है। इससे प्रदेश के किसान भाइयों के मन में एक नया विश्वास, एक नई उम्मीद जागी है।