samacharsecretary.com

तारापुर से सम्राट चौधरी की चुनौती, भाजपा ने डिप्टी CM को पुश्तैनी सीट से बाहर किया

पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए बीजेपी ने बड़ा दांव खेला है। पार्टी ने अपने कद्दावर नेता और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को तारापुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है। सम्राट तारापुर से 16 अक्टूबर को नामांकन करेंगे। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की कैंडिडेट लिस्ट अभी नहीं आई है। तारापुर सिर्फ एक चुनावी सीट नहीं, बल्कि सम्राट चौधरी के परिवार की राजनीतिक विरासत से जुड़ी भूमि है। उनके पिता शकुनी चौधरी यहां से कई बार विधायक रह चुके हैं, जबकि उनकी मां पार्वती देवी भी एक बार इसी सीट से विधानसभा पहुंची थीं। गौरतलब है कि सम्राट चौधरी मौजूदा वक्त में विधान परिषद के सदस्य हैं। सम्राट चौधरी की राजनीतिक यात्रा काफी दिलचस्प रही है। वे हमेशा से विधान परिषद के सदस्य नहीं रहे, बल्कि पहले राजद (RJD) से दो बार विधायक बन चुके हैं। भाजपा में आने से पहले वो दो बार राजद के विधायक बने हैं। खगड़िया जिले की परबत्ता सीट से सम्राट चौधरी पहली बार 2000 और दूसरी बार 2010 में विधानसभा पहुंचे थे। उनसे हारने और उनको हराने वाले जेडीयू नेता रामानंद प्रसाद सिंह भी परबत्ता से चार के विधायक रहे। रामानंद के बेटे संजीव सिंह 2020 में परबत्ता से जेडीयू के विधायक बने थे लेकिन अब तेजस्वी यादव के साथ हैं और अब राजद के टिकट पर लड़ेंगे। हाल ही में प्रशांत किशोर ने सम्राट चौधरी को घेरते हुए एक पुराना मामला उठाया। उन्होंने तारापुर हत्याकांड (1995) का जिक्र किया और उनकी उम्र और रिहाई पर सवाल उठाए। जानकार बताते हैं कि यह केस भी तारापुर के चुनावी माहौल से जुड़ा था, जब उनके पिता शकुनी चौधरी ने चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी। इस पुराने विवाद ने अब फिर से राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है, खासकर तब जब सम्राट खुद उसी सीट से ताल ठोकने जा रहे हैं।  

सुरक्षा बलों ने नाकाम किया नक्सलियों का प्लान, कर्रेगुट्टा में भारी हथियारों का जखीरा मिला

बीजापुर  छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सुरक्षाबलों को सर्च अभियान के दौरान बड़ी सफलता हाथ लगी है. ताड़पाला बेस कैम्प के पहाड़ी क्षेत्र में नक्सलियों के हथियारों का जखीरा मिला है. कार्रवाई में नुकसान पहुंचाने के लिए प्लांट किए गए 5 आईईडी को बरामद किया गया है. दरअसल, उसूर थाना अंतर्गत क्षेत्र ताड़पाला बेस कैम्प से कोबरा 206, केरिपु 229, 153 और 196 की संयुक्त टीम ने KGH Foothills क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया. इस दौरान दोपहर करीब 3 बजे नक्सलियों द्वारा छिपाए गए भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और बीजीएल बनाने की सामग्री बरामद किया गया. क्या-क्या हुआ बरामद ? 51 नग जिंदा बीजीएल 100 बंडल एचटी एल्युमिनियम तार स्टील पाइप 50 नग (बीजीएल निर्माण के लिए) भारी मात्रा में बिजली का तार 20 नग लोहे की शीट (बीजीएल निर्माण के लिए) 40 नग लोहे की प्लेट (बीजीएल निर्माण के लिए) 5 IED बरामद जवानों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से नक्सलियों द्वारा प्लांट किए गए 5 आईईडी भी बरमाद किए गए.  इसके बाद बीडीएस (बम डिस्पोजल स्क्वाड) टीम ने मौके पर आईडी को सुरक्षित रूप से डिफ्यूज कर दिया.

छत्तीसगढ़/नक्सल प्रभावित क्षेत्र: भाजपा कार्यकर्ता को उतारा मौत के घाट , पर्चा छोड़कर फरार

बीजापुर छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों ने एक बार फिर कायराना हरकत को अंजाम दिया है. नक्सलियों ने भाजपा कार्यकर्ता पूनम सत्यम की हत्या कर दी है. इस घटना की जिम्मेदारी भाकपा (माओवादी) की माड़ेड़ एरिया कमेटी ने ली है. बीजापुर एसपी डॉ. जितेंद्र ने मामले की पुष्टि की है. जानकारी के मुताबिक, घटना थाना इलमिडी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मुंजाल कांकेर की है. भाजपा कार्यकर्ता पूनम सत्यम काफी समय से नक्सलियों के निशाने पर था. उन्होंने कई बार चेतावनी भी दी थी. बताया जा रहा है कि सोमवार देर रात करीब 4 से 5 नक्सली सादे वर्दी में पूनम के घर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने अपने पास रखे रस्सी से गला घोंटकर भाजपा कार्यकर्ता की हत्या कर दी. वारदात के बाद नक्सलियों ने शव के पास पर्चा फेंका है. इसमें मद्देड एरिया कमेटी ने इस वारदात की जिम्मेदारी ली है. एसपी ने की पुष्टि बीजापुर एसपी डॉ.जितेंद्र ने घटना की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि घटनास्थल के लिए बल रवाना कर दिया गया है. क्षेत्र में सर्चिंग जारी है. भाजपा कार्यकर्ता की हत्या मामले पर गृहमंत्री शर्मा का बयान नक्सलियों द्वारा भाजपा कार्यकर्ता की हत्या की घटना की गृहमंत्री विजय शर्मा ने कड़ी निंदा की और उन्होंने कहा कि बस्तर की जनता ने स्पष्ट कह दिया है कि नक्सलवाद समाप्त होना चाहिए. बड़े नक्सलियों के समूह भी नक्सवाद को खत्म करना तय कर लिया है. गृहमंत्री शर्मा ने बताया कि लगभग सालभर पहले नक्सली महिला ने गढ़चिरौली (छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा) में आत्मसमर्पण किया था. इसके बाद उसके पति ने भी सरेंडर कर मुख्यधारा को अपना लिया. इस वक्त बस्तर में बहुत सारी गतिविधियां चल रही है. आने वाले समय में मुख्यधारा में शामिल होने वालों का स्वागत किया जाएगा. उन्हें सरकारी नीति के तहत व्यवस्थाएं दी जाएगी. और जो इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, उनसे निपटने के लिए सुरक्षाबल के जवान पूरी ताकत से जुटें हैं.

गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगी सरकार का बड़ा कदम

यूपी में 'काऊ टूरिज्म' की संभावनाएं तलशेगी योगी सरकार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई पहचान  गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगी सरकार का बड़ा कदम दीपावली पर गोबर से बने दीपों और मूर्तियों के उपयोग को मिलेगा बढ़ावा  हर जिले में बनेगी एक आदर्श गोशाला, उन्हें बनाया जाएगा पर्यटन स्थल  गाय आधारित उत्पादों से बढ़ेगा स्वरोजगार, महिला स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा सहयोग – मुख्यमंत्री के निर्देश पर विभागों को मिली कार्ययोजना बनाने की जिम्मेदारी – आत्मनिर्भर गोशालाओं के जरिए “वोकल फॉर लोकल” को मिलेगा बल लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। प्रदेश की सभी गोशालाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार ने यह भी तय किया है कि प्रत्येक जनपद में एक आदर्श गोशाला स्थापित की जाएगी, जिसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत 'काऊ टूरिज्म' की संभावनाओं को भी तलाशा जाएगा, जिससे गोशालाएं न केवल आत्मनिर्भर बन सकें बल्कि स्थानीय लोगों को भी रोजगार और आय का साधन उपलब्ध हो सके। सरकार की मंशा है कि गाय से प्राप्त पदार्थों, गोबर, गोमूत्र, दूध, घी और मूत्रजनित उत्पादों के व्यावसायिक उपयोग को बढ़ावा देकर राज्य की गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाए। इस दिशा में महिला स्वयं सहायता समूहों को भी जोड़ा जाएगा, ताकि स्थानीय स्तर पर गोबर से बने उत्पादों का उत्पादन और विपणन किया जा सके। इसके तहत सरकार ने निर्देश दिए हैं कि दीपावली पर्व पर गाय के गोबर से बने दीपों, मूर्तियों और अन्य उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए और इनके प्रचार-प्रसार के लिए जनमानस में जागरूकता अभियान चलाया जाए।  पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह के अनुसार दीपावली के अवसर पर गोबर से बने दीप, मूर्तियां और सजावटी सामग्री के उपयोग को लेकर बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन उत्पादों की बाजारों में उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी ताकि आम नागरिक भी इनका उपयोग कर ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा दे सकें।  प्रमुख सचिव पशुधन एवं दुग्ध विकास मुकेश मेश्राम के अनुसार अधिकारियों को निर्देशित किया कि गोशालाओं में गोबर और गोमूत्र के व्यवसायिक उपयोग के लिए स्थानीय स्तर पर योजनाएं तैयार की जाएं। उनके अनुसार, गोशालाओं की आत्मनिर्भरता के साथ-साथ यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शुरू की गई इस योजना से उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश में न केवल गोवंश संरक्षण को नई गति मिलेगी, बल्कि गौ-आधारित उत्पादों के माध्यम से स्वदेशी उद्योगों को भी नई पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में ‘सुशासन संवाद’, जिलों के नवाचारों पर हुई गहन चर्चा

रायपुर,   मंत्रालय महानदी भवन के पंचम तल स्थित ऑडिटोरियम में आज मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में ‘सुशासन संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, मुख्य सचिव  विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, विभागीय सचिव, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ सहित राज्य के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।   नवाचार जनसेवा के केंद्र में हो – मुख्यमत्री साय मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नवाचार ऐसे हों जो दीर्घकालिक रूप से व्यवहारिक हों, नागरिकों की सुविधा बढ़ाएं, और शासन की फ्लैगशिप योजनाओं को सहयोग दें। राज्य सरकार नवाचारों का स्वागत करती है, परंतु यह ध्यान रखना आवश्यक है कि बुनियादी प्रशासनिक कार्य इससे प्रभावित न हों।  उन्होंने कहा कि नवाचार तुगलकी प्रयोग न बनें, बल्कि नागरिक जीवन को सरल बनाने का माध्यम बनें। स्थायी और व्यावहारिक नवाचारों पर जोर मुख्यमंत्री साय ने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि जो भी नवाचार हों, उनमें लोगों की राय अवश्य शामिल की जाए और उनके प्रभाव का फीडबैक लिया जाए। उन्होंने कहा कि कई बार जिले में किए गए नवाचार आने वाले अधिकारियों की प्राथमिकता में नहीं रहते, इसलिए इनकी स्थायित्व और उपयोगिता पर विशेष ध्यान दिया जाए। नवाचार का उद्देश्य जनता की सेवा और पारदर्शिता में वृद्धि होना चाहिए। लोक सेवा गारंटी अधिनियम पर सख्त रुख मुख्यमंत्री साय ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम को सरकार की सबसे महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी सेवाएं निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण ढंग से दी जाएं और यदि देरी होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा में यह देखा जाएगा कि कितने मामलों का समय पर निराकरण हुआ और कितने अधिकारियों पर कार्रवाई की गई। कार्यालयीन अनुशासन और स्वच्छता पर विशेष बल सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा आरंभ किए गए ‘पुराने दस्तावेज हटाओ’ अभियान की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यालयों में वर्षों पुराने अनुपयोगी फाइलें न केवल जगह घेरती हैं, बल्कि नागरिकों में गलत छवि भी बनाती हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी कलेक्टर अपने कार्यालयों को व्यवस्थित करें ताकि पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ सके। ई-ऑफिस प्रणाली का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करें मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम ई-ऑफिस प्रणाली है। उन्होंने सभी विभागों को निर्धारित समय सीमा में इसे पूरी तरह लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मैनुअल प्रक्रिया पर निर्भरता घटाना आवश्यक है और सभी लंबित फाइलों को डिजिटल माध्यम में लाना होगा ताकि पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित हो सके। ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा मुख्यमंत्री ने कहा कि आज डिजिटल गवर्नेंस का युग है। सभी कलेक्टर सुनिश्चित करें कि ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर अधिकाधिक सेवाएं उपलब्ध हों और जनता ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठा सके। उन्होंने निर्देश दिया कि नागरिकों में डिजिटल सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक सेवा को डिजिटल करना ही पारदर्शी शासन की दिशा में सबसे बड़ा कदम है। शिकायतों के समाधान में पारदर्शी व्यवस्था मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनता की शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी निराकरण प्रशासन की जिम्मेदारी है। सभी कलेक्टर शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सूचीबद्ध करें और डिजिटल माध्यम में उनके समाधान की स्थिति उपलब्ध कराएं। इससे नागरिकों का भरोसा बढ़ेगा और भ्रष्टाचार की संभावनाएं समाप्त होंगी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में मैनुअल गवर्नेंस से भ्रष्टाचार बढ़ा, जबकि डिजिटल प्रणाली जवाबदेही सुनिश्चित करती है। फील्ड विजिट और निरीक्षण की स्थायी प्रणाली बने मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केवल आकस्मिक निरीक्षण से प्रशासन नहीं सुधरता। फील्ड विजिट को स्थायी प्रक्रिया के रूप में अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि जैसे पानी की गहराई का अंदाजा पानी में उतरे बिना नहीं होता, वैसे ही योजनाओं की सच्चाई फील्ड में जाकर ही पता चलती है। नियमित निरीक्षण से न केवल सुधार होता है बल्कि आंकड़ों की बाजीगरी पर भी नियंत्रण रहता है। मुख्य सचिव विकास शील ने कहा कि ब्यूरोक्रेसी को ट्रांसफॉर्म करने का समय आ गया है। नई कार्य संस्कृति और तकनीक को अपनाए बिना सुशासन संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि जनता में विश्वास बढ़ाना है, तो उच्चाधिकारियों को खुद उदाहरण प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने कहा कि जब हम स्वयं समय पर दफ्तर पहुंचेंगे, तभी नीचे तक अनुशासन की संस्कृति बनेगी। जिलों के नवाचारों की प्रस्तुति और कॉफी टेबल बुक का विमोचन कार्यक्रम में रायपुर, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, जशपुर और उदंती वन अभयारण्य के नवाचारों की विस्तृत प्रस्तुति दी गई। मुख्यमंत्री ने जिलों में हो रहे नवाचारों पर आधारित ‘कॉफी टेबल बुक’ का विमोचन किया और अधिकारियों को सराहा जिन्होंने जमीनी स्तर पर योजनाओं को परिणाममुखी बनाया। कार्यक्रम के दौरान ‘जशप्योर’ ब्रांड के स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों की सफलता का उल्लेख किया गया। महुआ को सुपरफूड के रूप में स्थापित करने वाला भारत का पहला ‘महुआ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ जशपुर में संचालित है। जशप्योर उत्पाद अब पाँच राज्यों में बिक रहे हैं और विक्रय में 300 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। नारायणपुर जिले के 'डेटा प्लेटफॉर्म’ द्वारा नक्सल गतिविधियों की ट्रैकिंग और दंतेवाड़ा में ब्लॉकचेन तकनीक से 7 लाख भूमि अभिलेखों के डिजिटाइजेशन को मुख्यमंत्री ने अत्यंत सराहनीय बताया। उन्होंने अबूझमाड़ और दंतेवाड़ा में प्रशासन के हाई-टेक सिस्टम की प्रशंसा करते हुए कहा कि यही आधुनिक छत्तीसगढ़ की दिशा है। सुशासन संवाद में रायपुर जिले में जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त पहल ‘टीम प्रहरी’ के कार्यों पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। इस पहल के तहत अवैध अतिक्रमणों को हटाने, यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। नारायणपुर जिले में ‘इंटिफाई’ डेटा मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुतिकरण दिया गया, जिसके माध्यम से नक्सल गतिविधियों की प्रभावी ट्रैकिंग की जा रही है तथा शासकीय योजनाओं से संबंधित सभी आंकड़ों को एक ही प्लेटफॉर्म पर एकत्रित किया गया है। वहीं दंतेवाड़ा जिले में ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग करते हुए 7 लाख भूमि अभिलेखों का डिजिटाइजेशन किया गया है, जिससे भूमि संबंधी मामलों में पारदर्शिता और त्वरित समाधान सुनिश्चित हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन कोई एक दिन का लक्ष्य नहीं, बल्कि निरंतर सुधार की प्रक्रिया है। इसके लिए हर अधिकारी को अपने … Read more

एक तरफ NDA तैयार, दूसरी तरफ महागठबंधन में सीटों को लेकर खींचतान जारी

पटना बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख (17 अक्टूबर) में अब केवल चार दिन शेष हैं, लेकिन राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेतृत्व वाले विपक्षी महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर गतिरोध गहराता जा रहा है। दूसरी ओर, सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपनी सीट-बंटवारा रणनीति को अंतिम रूप दे दिया है, हालांकि दोनों पक्षों ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। महागठबंधन में सीट बंटवारे पर तनाव महागठबंधन की बातचीत में मुख्य विवाद आरजेडी और कांग्रेस के बीच सीटों की संख्या को लेकर है। विपक्षी खेमे के सूत्रों के अनुसार, आरजेडी अपने प्रमुख सहयोगी कांग्रेस को 243 सदस्यीय विधानसभा में 55 से अधिक सीटें देने के मूड में नहीं है, जबकि कांग्रेस कम से कम 60 सीटों की मांग कर रही है। कांग्रेस ने पहले ही 90 से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवारों की छंटनी कर ली है और सीट बंटवारे पर सहमति बनने का इंतजार कर रही है। सोमवार को बिहार के लिए एआईसीसी प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने पत्रकारों से कहा, "सीट बंटवारे के अंतिम रूप लेने के बाद उम्मीदवारों की सूची जारी की जाएगी। हमारा प्रयास है कि बिहार के लोगों के लिए एक अच्छी सरकार बने। गठबंधन को कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और बिहार को इसका लाभ मिलना चाहिए।" तेजस्वी और कांग्रेस नेताओं की बैठक महागठबंधन में शामिल आरजेडी, कांग्रेस, वामपंथी दल, मुकेश साहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) और अन्य सहयोगी दलों ने अपनी बातचीत को तेज कर दिया है। सोमवार शाम को आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और कृष्णा अल्लावरु के साथ बंद कमरे में चर्चा की। इससे पहले, तेजस्वी ने बिहार कांग्रेस प्रमुख राजेश राम और पार्टी नेता शकील अहमद खान के साथ प्रारंभिक विचार-विमर्श किया था। पटना में, आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद की पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास के बाहर टिकट के दावेदारों की भीड़ लगी रही। लालू ने कुछ उम्मीदवारों को पार्टी के चुनाव चिह्न सौंपे, लेकिन सीट बंटवारे की औपचारिक घोषणा अभी बाकी है। वहीं, वामपंथी दलों, विशेष रूप से सीपीआई (एमएल) लिबरेशन ने कुछ चुनिंदा सीटों पर अपने उम्मीदवारों को पार्टी चिह्न जारी करना शुरू कर दिया है। महागठबंधन में जल्द समझौते की उम्मीद महागठबंधन के कुछ नेताओं का मानना है कि अगले एक-दो दिनों में सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय हो सकता है। कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने कहा, “हमें अपने नेताओं मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव पर पूरा भरोसा है। हम उनसे अनुरोध करते हैं कि वे जल्द से जल्द सीट बंटवारे को अंतिम रूप दें और इसकी घोषणा करें।” एनडीए ने सीट बंटवारे को दिया अंतिम रूप दूसरी ओर, एनडीए ने अपनी सीट-बंटवारा रणनीति को अंतिम रूप दे दिया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जनता दल (यूनाइटेड) (जेडी(यू)) दोनों 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे, जबकि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) को 29 सीटें दी गई हैं। इसके अलावा, जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) को छह-छह सीटें आवंटित की गई हैं। राज्य बीजेपी प्रमुख दिलीप जायसवाल ने कहा कि एनडीए के सभी पांच सहयोगी दलों द्वारा मंगलवार तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा किए जाने की संभावना है और दोनों चरणों के लिए नामांकन इस सप्ताह पूरा कर लिया जाएगा। चुनाव की तारीखें चुनाव आयोग के अनुसार, बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को 121 सीटों पर होगा, जिसके लिए नामांकन की अंतिम तारीख 17 अक्टूबर है। दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को 122 सीटों पर होगा, और परिणाम 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। जैसे-जैसे नामांकन की समय सीमा नजदीक आ रही है, बिहार की सियासी गर्मी बढ़ती जा रही है। महागठबंधन के लिए समय की कमी एक बड़ी चुनौती है, जबकि एनडीए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है। अब यह देखना बाकी है कि विपक्षी गठबंधन कब तक अपने मतभेदों को सुलझा पाता है और अपने उम्मीदवारों की घोषणा करता है।

राहुल-खरगे से नहीं हुई बात, कांग्रेस ने कसा शिकंजा – विपक्षी गठबंधन में दरार?

पटना  बिहार चुनाव के लिए आज से नॉमिनेशन का आगाज है. एनडीए ने सीट शेयरिंग का फॉर्मूला दे दिया, मगर महागठबंधन अब भी सीट शेयरिंग में उलझा है. सीट शेयरिंग को लेकर राजद और कांग्रेस के बीच तलवार खींचती चली जा रही है. दोनों के स्टैंड से दरार बढ़ती ही जा रही है. एक तरफ राजद नेता तेजस्वी यादव राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मिले बिना दिल्ली से पटना लौट आए. वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने अपनी मर्जी से 76 उम्मीदवार तय कर राजद को आंख दिखा दी है. उधर राजद ने तो सिंबल भी बांटना शुरू कर दिया है. सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस अब सीट शेयरिंग का इंतजार नहीं करेगी और जल्द ही टिकट वितरण शुरू करने की तैयारी में है. यह सब तब हो रहा है, जहब पहले से ही सीटों की संख्या पर पेच फंसा हुआ है. उधर मनोज झा और इमरान प्रतापगढ़ी के शायराना अंदाज वाले पोस्ट से पता चल रहा है कि कांग्रेस और राजद के बीच सीटों पर बात नहीं बन पा रही है. दोनों में कुछ सीटों को लेकर झगड़ा चल रहा है. इसके कारण ही सीटों का बंटवारा अब तक नहीं हो पाया है. क्यों हो रही खींचतान? दरअसल, तेजस्वी यादव सोमवार को दिल्ली पहुंचे थे. उनका मकसद कांग्रेस के टॉप नेतृत्व से सीट बंटवारे पर अंतिम सहमति बनाना था. लेकिन सूत्रों के मुताबिक, तेजस्वी की राहुल गांधी और खरगे से मुलाकात नहीं हो सकी. तेजस्वी बगैर मिले ही पटना लौट गए. सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस की अधिक सीटों की डिमांड राजद मानने के मूड में नहीं है. उधर सूत्रों का कहना है कि तेजस्वी के पटना पहुंचने से पहले ही लालू यादव ने कुछ कैंडिडेट को सिंबल बांटना शुरू कर दिया था. यह सब तब हो रहा है जब बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अब तक महागठबंधन में सीटों का बंटवारा नहीं हो पाया है. कांग्रेस ने अलग लड़ने की कर ली तैयारी? हालांकि, लालू यादव के बेट और राजद की कमान संभाल रहे तेजस्वी ने पटना लौटते ही कहा कि हम सब मिलकर लड़ेंगे और एक दो दिन में सीटों का ऐलान हो जाएगा. हालांकि, इसके बाद ही कांग्रेस की ओर से यह बात सामने आई कि उसने 76 कैंडिडेट की लिस्ट तैयार कर ली है. कांग्रेस ने अपनी रणनीति तेज कर दी है. पार्टी ने 76 उम्मीदवारों की आंतरिक लिस्ट तैयार कर ली है और जल्द ही उन्हें टिकट देने की प्रक्रिया शुरू करेगी. कांग्रेस का कहना है कि अब वह और इंतजार नहीं कर सकती है. यह कदम महागठबंधन में दरार का स्पष्ट संकेत है, क्योंकि पहले सीट शेयरिंग फाइनल होने के बाद ही कैंडिडेट्स अनाउंस करने की परंपरा रही है. मगर दोनों तरफ से कुछ कैंडिडेट्स को सिंबल देने की बात सामने आ चुकी है. कहां फंसा है पेच सूत्रों की मानें तो महागठबंधन में दरार की मुख्य वजह सीटों का बंटवारा है. राजद को लग रहा कि कांग्रेस औकात से अधिक सीट मांग रही है. कांग्रेस को लगता है कि राजद उसे कम सीट दे रही है. कांग्रेस राहुल गांधी की यात्रा में जुटी भीड़ से उत्साहित है. 2020 के चुनाव में कांग्रेस ने 70 सीटों पर लड़ाई लड़ी थी, लेकिन इस बार राजद उसे 55 से 60 सीटें ही देना चाहती है. जबकि कांग्रेस 70 सीटों से कम पर मानने को तैयार नहीं है. यही वजह है कि कांग्रेस ने 76 कैंडिडेट की लिस्ट तैयार कर ली है. इसके अलावा, वीआईपी के मुकेश सहनी की सीटों को लेकर भी पेच हैं. कुल मिलाकर महागठबंधन में अभी पेच ही पेच नजर आ रहा है.  

CPI-ML ने सीट बंटवारे से पहले ही बांटे सिंबल, लिस्ट में सुशांत सिंह राजपूत की बहन भी

पटना महागठबंधन सीट बंटवारे की घोषणा अब तक नहीं हुई है लेकिन, भाकपा माले ने अपने आठ निवर्तमान विधायकों को दोबारा चुनाव लड़ने की हरी झंडी दे दी। इतना ही नहीं उन्हें सिंबल भी थमा दिया है। आज से यह सभी अपना नामांकन पर्चा दाखिल करेंगे। इनमें पालीगंज से संदीप सौरव दरौली से सत्यदेव राम, दरौंदा से अमरनाथ यादव, जीरा देवी से अमरजीत कुशवाहा, फुलवारी से गोपाल रविदास, दीघा से दिव्या गौतम, डुमरांव से अजीत कुशवाहा घोसी से रामबली यादव शामिल हैं। माले की ओर से इसकी पुष्टि भी कर दी गई है।  जानिए कौन हैं दिव्या गौतम दिव्या गौतम का नाम इस बार सबसे अधिक चर्चा में है। क्योंकि वह दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की ममेरी बहन हैं और छात्र नेत्री भी रह चुकी हैं। उन्होंने 2012 में AISA की ओर से पटना विश्वविद्यालय का छात्र संघ चुनाव भी लड़ा था। वह दूसरे स्थान पर रही थीं। इतना ही नहीं उन्होंने बिहार लोक सेवा आयोग की ओर से ली जाने वाली प्रशासनिक सेवा परीक्षा भी पास की है। किसी कारणवश उन्होंने पटना विमेंस कॉलेज में पढ़ने का अवसर चुना। दिव्या मूल रूप से खगड़िया जिले के चौथम प्रखंड की पूर्वी बैरन पंचायत निवासी हैं। अब इस बार दीघा विधानसभा से भाजपा वाले ने उन्हें उम्मीदवार बनाया है। महागठबंधन में सीट बंटवारे की घोषणा आज बता दें कि महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर जो पेज फंसा हुआ था वह लगभग खत्म हो चुका है। राजद और कांग्रेस के बीच सारी बात फाइनल हो चुकी है मुकेश सहनी को भी तेजस्वी यादव ने लगभग मना लिया है। सूत्र बता रहे हैं कि सभी घटक दलों की सहमति के बाद महागठबंधन ने सीट बंटवारे का फार्मूला करीब करीब तय कर लिया है। संभावना है कि आज शाम तक सीटों का एलान भी कर दिया जाए। इधर, वामदल में भाकपा माले को 19 सीट, सीपीआईएम को छह, सीपीआई को चार मिलने की बात सामने आ रही है। इसीलिए वामदल ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है।

विश्वविद्यालयों में पढ़ाए जाएं अधिक से अधिक रोजगारपरक एवं बहुउद्देश्यीय कोर्सेस : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विश्वस्तरीय बनें उच्च शिक्षा के सभी संस्थान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विश्वविद्यालयों में पढ़ाए जाएं अधिक से अधिक रोजगारपरक एवं बहुउद्देश्यीय कोर्सेस अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय में अगले सत्र से प्रारंभ करें कृषि संकाय विश्वविद्यालयों में रोजगारपरक विषय प्रारंभ करने संबंधी बैठक में दिए निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की उच्च शिक्षा गतिविधियों की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के सभी यूनिवर्सिटी कैंपस एवं अन्य उच्च शिक्षण संस्थान विश्वस्तरीय बनाए जाएं। यह सभी संस्थान आईआईटी, आईआईएम और अन्य राष्ट्रीय संस्थानों की तर्ज पर विकसित किए जाएं। सिर्फ सैद्धांतिक ज्ञान नहीं, सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में रोजगारपरक एवं बहुउद्देश्यीय विषय एवं कोर्सेस प्रारंभ किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय में उच्च शिक्षा विभाग और प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में रोजगारपरक नवीन विषय प्रारंभ करने के संबंध में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उच्च शिक्षा, आयुष, तकनीकी शिक्षा मंत्री  इंदर सिंह परमार, पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  लखन पटेल, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री  नरेन्द्र शिवाजी पटेल, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  अनुपम राजन, प्रमुख सचिव पशुपालन  उमाकांत उमराव, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  संदीप यादव, प्रमुख सचिव खेल एवं युवक कल्याण  मनीष सिंह सहित प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलगुरू, उच्च शिक्षाविद् एवं विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में अगले सत्र से कृषि संकाय और सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन में बीटेक में डेयरी टेक्नॉलाजी का पाठ्यक्रम प्रारंभ किया गया है। विद्यार्थियों में इन कोर्सेस का प्रचार करें जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थी इस विषय की पढ़ाई के लिए आगे आएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विमानन क्षेत्र में बड़ा स्कोप है, इसलिए विश्वविद्यालयों में इसके पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि पाणिनी संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय, उज्जैन में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का भी समग्र अध्ययन कराया जाए। इसके लिए इस विश्वविद्यालय को आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय बनाने पर भी गंभीरता से विचार कर निर्णय के लिए रखा जाए। उन्होंने कहा कि पाणिनी विश्वविद्यालय को आयुर्वेद विश्वविद्यालय बनाने से इस विश्वविद्यालय का परिधि क्षेत्र बढ़ेगा और प्रदेश के करीब 50 से अधिक आयुर्वेदिक महाविद्यालय इसके दायरे में आ जाएंगे। यह एक बड़ा कदम होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये कि विश्वविद्यालयों में सभी प्रकार की भर्तियों को टाईम-फ्रेम में लाएं और जल्द से जल्द सभी प्रकार की भर्तियां एवं नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली जाएं। इस पर अपर मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों की पूर्ति के लिए विज्ञापन जारी कर दिए गए हैं। वर्तमान में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के 364 पद भरे हुए हैं और इन्हीं श्रेणी के 1585 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया प्रचलित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नर्सिंग एवं पैरामेडिकल महाविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी ली। अपर मख्य सचिव  राजन ने बताया कि सत्र 2025-26 में नर्सिंग कॉउंसिल द्वारा प्रवेश प्रकिया आरम्भ कर दी गई है। पैरामेडिकल कॉउंसिल द्वारा सत्र 2025-26 की मान्यता संबंधी प्रक्रिया एक माह में प्रारम्भ करने की बात कही गई है। नर्सिंग एवं पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों को एनओसी उच्च शिक्षा विभाग के संचालनालय स्तर पर एवं मान्यता क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों द्वारा प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि झाबुआ में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए ग्राम कल्याणपुरा में 70 एकड़ भूमि उच्च शिक्षा विभाग के माध्यम से लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को आवंटित की जा चुकी है। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर द्वारा जिला अस्पताल झाबुआ में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के टीचिंग हास्पिटल के रूप में अनुमति देने के लिए आवेदन कर दिया गया है। सभी विश्वविद्यालय अगले पांच साल का रोड-मैप तैयार करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलगुरूओं को निर्देशित किया कि वे सभी अपने विश्वविद्यालयों का अगले पांच साल का रोड-मैप तैयार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी कुलगुरू अपने विश्वविद्यालयों में कृषि, उद्यानिकी, फ्लोरीकल्चर, टूरिज्म, माइनिंग, विमानन, दुग्ध उत्पादन के प्रोत्साहन के लिए पशुपालन (एनिमल हस्बेंड्री) जैसे रोजगारपरक विषय एवं डिग्री पाठ्यक्रम प्रारंभ करें। उन्होंने कहा विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को ज्ञान देने के अलावा उनकी उद्यमशीलता को भी प्रोत्साहित करें। कृषि विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर प्रवृत करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय यह बताएं कि उन्होंने कितने रोजगारपरक विषय खोले हैं, उनमें कितने विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया और विश्वविद्यालयों ने अपने स्तर पर कितने विद्यार्थियों को रोजगार/प्लेसमेंट उपलब्ध कराए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय अपने-अपने क्षेत्र में स्थापित औद्योगिक प्रक्षेत्रों की जरूरतों को समझें और उनकी जरूरत के अनुसार अपने यहां नए-नए एडवांस कोर्सेस प्रारंभ करें। इससे विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर ही अध्ययन के साथ-साथ रोजगार भी मिल सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के सभी यूनिवर्सिटी कैंपस एवं अन्य उच्च शिक्षण संस्थान विश्वस्तरीय बनाए जाएं। यह सभी संस्थान आईआईटी, आईआईएम और अन्य राष्ट्रीय संस्थानों की तर्ज पर विकसित किए जाएं। सिर्फ सैद्धांतिक ज्ञान नहीं, सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में रोजगारपरक एवं बहुउद्देश्यीय विषय एवं कोर्सेस प्रारंभ किए जाएं। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा  अनुपम राजन ने बताया कि देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर में बीबीए एविएशन का तीन वर्षीय पाठ्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसमें करीब 30 बच्चों ने प्रवेश लिया है। इसके अतिरिक्त बीएसी एविएशन पाठ्यक्रम बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल, जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन और चित्रकूट विश्वविद्यालय, चित्रकूट में प्रारंभ किया गया है। अपर मुख्य सचिव  राजन ने बताया कि प्रदेश के सभी शासकीय महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में 384 शोध केंद्र संचालित हैं। सौ नए शोध केंद्रो की स्थापना की जानी है। सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में भारतीय ज्ञान परम्परा प्रकोष्ठ की स्थापना कर दी गई है। शासकीय महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों का भ्रमण कराने की योजना को महाविद्यालयों के वार्षिक कैलेण्डर में नियमित गतिविधि के रूप में शामिल कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि नैक की तर्ज पर राज्य स्तरीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (सैक) का गठन हो गया है। वर्तमान वित्त वर्ष से प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों एवं शासकीय स्वशासी महाविद्यालयों में उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन का कार्य प्रारंभ कराया जा रहा है। विश्वविद्यालयों में सभी रिक्त पदों पर भर्ती एवं … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदान करेंगे स्वच्छता सम्मान

भोपाल  नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा आज भोपाल के रवीन्द्र भवन हंसध्वनि सभागार में 5वां राज्य स्तरीय स्वच्छता सम्मान समारोह एवं कार्यशाला “स्वच्छता समग्र” का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दोपहर 1 बजे समारोह में उल्लेखनीय कार्य करने वाले नगरीय निकायों को स्वच्छता सम्मान प्रदान करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव अमृत योजना के अंतर्गत 5 हजार 364 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करेंगे। इन कार्यों में जल-प्रदाय, सीवरेज परियोजनाएं, हरित क्षेत्र विकास और मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास के विभिन्न कार्य शामिल हैं। समारोह में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय एवं राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी भी मौजूद रहेंगी। आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री संकेत भोंडवे ने बताया कि कार्यक्रम में स्वच्छता पखवाड़ा पर आधारित विशेष फिल्म एवं स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 के डिजिटल पोस्टर का लोकार्पण भी किया जायेगा। कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे, स्वच्छ भारत मिशन एवं प्रदेश के शहरी विकास के रोडमेप की रूपरेखा प्रस्तुत करेंगे। कार्यशाला के विषय कार्यशाला में सुबह 9 बजे से समानान्तर सत्र के रूप में चर्चा होगी। आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री भोंडवे का प्रारंभिक उद्धबोधन प्रदेश में लीगेसी वेस्ट, वायु गुणवत्ता और शहरी स्वच्छता की चुनौतियां विषय पर होगा। कार्यशाला में समानान्तर सत्र होंगे। इनमें प्रमुख रूप से नर्मदा बेसिन, धार्मिक और पर्यटन महत्व के शहरों में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन की चुनौतियां विषय रहेगा। इस सत्र में महापौर उज्जैन श्री मुकेश टटवाल, जबलपुर महापौर श्री जगत बहादुर सिंह, एमडी पर्यटन विकास निगम श्री इलैया राजा और डारेक्टर रेंस्पांसिबल ट्यूरिज्म मिशन श्री डीपी सिंह शामिल होंगे। एक अन्य सत्र में शहरों में लीगेसी अपशिष्ट की वर्तमान स्थिति एवं चुनौती विषय पर इंदौर महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, छिंदवाड़ा महापौर श्री विक्रम सिंह अहाके, ग्वालियर महापौर श्रीमती शोभा सिकरवार, आयुक्त नगर निगम इंदौर श्री दिलीप कुमार यादव, आयुक्त ग्वालियर श्री संघ प्रिय और सचिव मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड विचार व्यक्त करेंगे। समानान्तर सत्र में ही शहरों की कार्य योजना का प्रस्तुतिकरण, शहरों की सफाई, सौंदर्यीकरण और छोटे शहरों में विकास की संभावनाएं विषय पर महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय, आयुक्त उज्जैन श्री अभिलाष मिश्रा, आयुक्त भोपाल श्रीमती संस्कृति जैन, आयुक्त सागर श्री राजकुमार खत्री अपने विचार व्यक्त करेंगे। सफाई मित्रों से संवाद नगरीय निकायों में कार्यरत सफाई मित्रों की कुशलता वृद्धि के संबंध में नगर निगम महापौर, आयुक्तों और संबंधित विषय-विशेषज्ञों के बीच संवाद होगा। इस सत्र में सफाई मित्रों को राज्य शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने पर चर्चा होगी।