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उद्योगों को भूमि आबंटन पत्र और उद्यम क्रांति योजना के युवाओं को होगा ऋण वितरण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार 13 अक्टूबर को होटल ताज फ्रंट में एमएसएमई सम्मेलन 2025 में शामिल होंगे। सम्मेलन एमएसएमई के विकास एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। सम्मेलन में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य काश्यप विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एमएसएमई विकास नीति के अंतर्गत प्रदेश के 48 जिलों की 700 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को सिगंल क्लिक के माध्यम से ₹200 करोड़ से अधिक की अनुदान राशि अंतरित करेंगे। इसी तरह स्टार्टअप नीति 2025 के अंतर्गत प्रदेश के 80 से अधिक स्टार्टअप को ₹1 करोड़ से अधिक की सहायता राशि का वितरण भी किया जाएगा। सम्मेलन दोपहर डेढ़ बजे प्रारंभ होगा। इस दौरान स्टार्टअप और निर्यात प्रोत्साहन पर दो विषयगत सत्र होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बालाघाट और टीकमगढ़ के उद्यमियों और उद्योग संघों से वर्चुअली संवाद करेंगे। उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र कुमार सिंह भी उपस्थित रहेंगे। औद्योगिक भूखंड आशय पत्र और उद्यम क्रांति ऋण वितरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव एमएसएमई विभाग के आधिपत्य के औद्योगिक क्षेत्रों में विभिन्न उद्यमों को 200 से अधिक भूखण्डों के आवंटन का आशय पत्र वितरित करेंगे। मुख्यमंत्री ₹113.78 करोड़ की लागत के 03 नवीन औद्योगिक क्षेत्रों का वर्चुअली शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा सेवा पखवाड़ा अंतर्गत अभियान चलाया जाकर मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना अंतर्गत 350 से अधिक हितग्राहियों को ऋण उपलब्ध कराया गया है। कार्यक्रम में 100 से अधिक हितग्राहियों को हितलाभ वितरण भी किया जाएगा। सम्मेलन में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग एवं ओएनडीसी के मध्य समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होंगे। 7.57 करोड़ रूपये की परियोजना लागत के तीन नवीन कार्यालय भवनों का शिलान्यास किया जाएगा। विभाग की एमएसएमई और स्टार्टअप गतिविधियों के अंतर्गत उद्यमियों व स्टार्टअप द्वारा अपने अनुभव भी साझा किये जाएंगे। शाम को विशेष रूप से स्वदेशी एवं स्वावलंबन पर विशेष परिचर्चा सत्र भी होगा।  

मानसून के बाद अब सर्दी ने मचाई दस्तक, जानें कब आएगी असली ठंड!

ग्वालियर मानसून ने इस बार अंचल में सात दिन पहले दस्तक दी थी। इसी तरह अब ठंड ने भी कुछ समय से पहले आ गई है। लोगों को गुलाबी सर्दी का एहसास सुबह शाम में होना शुरू हो गया है। साथ ही रात व दिन का तापमान भी कम हो रहा है। केंद्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की माने तो इस बार दिसंबर व जनवरी माह में कड़ाके की सर्दी पड़ सकती है। इसकी वजह यह है कि यह ला नीना के असर की वजह से होगा। यानि इस बार कड़ाके की ठंड के लिए तैयार रहना होगा। यहां बता दें कि ला नीना प्रशांत महासागर में होने वाली समुद्री सतह के तापमान में असामान्य ठंडक की स्थिति है, जिसके कारण भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में औसत से अधिक ठंडे पानी और तेज़ पूर्वी हवाएं होती हैं।   केंद्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने तो पूरे देश को लेकर संभावना व्यक्त है, लेकिन अंचल सर्दी व गर्मी के लिहाज से संवेदनशील है। यहां पर सर्दी के दिनों के सर्दी भी अधिक पड़ती है और गर्मी के दिनों में गर्मी भी। चूंकि उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाएं शहर व जिले में जल्द पहुंचती हैं और अधिक ठंडा करती हैं। ऐसे में अंचल में और अधिक कड़ाके की ठंड पड़ने का अंदेशा है। कितना कम हो जाता है तापमान अंचल में सर्दियाें में न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता हैं। हालांकि पिछले कुछ सालों में यह तापमान 0.4 और 05 तक ही गिरा है। लेकिन दिसंबर 1961 को तापमान 0.4 डिग्री सेल्सियस तक चला गया था। इसलिए ला नीना इफेक्ट की वजह से अंचल में ठंड में न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड तोड़ सकता है। स्थानीय मौसम वैज्ञानिक हुकुम सिंह के मुताबिक यदि आगामी दिनों में पश्चिमी विक्षोभ जैसे सिस्टम अधिक नहीं बने तो फिर ठंड अधिक पड़ सकती है। लगातार कम हो रहा है रात का तापमान, बढ़ रही है ठंड ग्वालियर अंचल के रात के तापमान में लगातार कमी हो रही है। हालांकि तापमान धीमी गति से गिर रहा है। लेकिन इससे ठंड बढ़ रही है। तापमान में गिरावट पिछले चार दिन से हो रही है। शनिवार को न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। हालांकि शुक्रवार की तुलना में 0.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि दिन में धूप निकलने की वजह से तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। दिन का तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस रहा। यह कल के मुकाबले 0.2 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। मौसम विभाग की माने वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर सक्रिय है। इसका प्रभाव खत्म होते ही अंचल में और तेजी से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। यहां बता दें कि शुक्रवार को करीब बीस साल में पहली बार अक्टूबर माह में सबसे कम तापमान दर्ज किया गया था।

त्योहारों पर यात्रा मुश्किल! रेलवे ने कैंसिल की कई स्पेशल ट्रेनें

लखनऊ उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल में वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी जंक्शन पर इंजीनियरिंग कार्य के चलते 29 नवंबर से 4 जनवरी तक मेगा ब्लॉक लगाया जाएगा। इस अवधि में कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। रेलवे ने छह स्पेशल ट्रेनों को रद्द करने और आठ ट्रेनों का रूट परिवर्तन करने की घोषणा की है। ये स्पेशल ट्रेनें रहेंगी रद्द 05559 रक्सौल–उधना स्पेशल – 29 नवंबर से 3 जनवरी तक 05560 उधना–रक्सौल स्पेशल – 30 नवंबर से 4 जनवरी तक 09043 बांद्रा–बढ़नी स्पेशल – 30 नवंबर से 4 जनवरी तक 09044 बढ़नी–बांद्रा स्पेशल – 1 दिसंबर से 5 जनवरी तक 07075 हैदराबाद–गोरखपुर स्पेशल – 28 नवंबर से 2 जनवरी तक 07076 गोरखपुर–हैदराबाद स्पेशल – 30 नवंबर से 4 जनवरी तक कानपुर–इटावा होकर चलेंगी ये ट्रेनें 09466 दरभंगा–अहमदाबाद स्पेशल – 1 दिसंबर से 5 जनवरी तक 09064 अहमदाबाद–दरभंगा स्पेशल – 28 नवंबर से 2 जनवरी तक 11123 ग्वालियर–बरौनी एक्सप्रेस – 25 नवंबर से 8 जनवरी तक 11124 बरौनी–ग्वालियर एक्सप्रेस – 24 नवंबर से 7 जनवरी तक 04137 ग्वालियर–बरौनी स्पेशल – 26 नवंबर से 7 जनवरी तक 04138 बरौनी–ग्वालियर स्पेशल – 24 नवंबर से 5 जनवरी तक गोंविंदपुरी–भीमसेन–ओहान–सतना होकर चलेंगी ये ट्रेनें 06529 सर एम. विश्वेश्वरैय्या टर्मिनल बेंगलुरु–गोमतीनगर स्पेशल – 24 नवंबर से 5 जनवरी तक 06530 गोमतीनगर–सर एम विश्वेश्वरैय्या टर्मिनल बेंगलुरु स्पेशल – 28 नवंबर से 2 जनवरी तक।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई: पट्टा फर्जीवाड़े में शामिल तीन आरोपी हिरासत में

कांकेर कांकेर में चारामा पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर शासकीय भूमि पर अवैध रूप से वन अधिकार पट्टा लेने के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में ग्राम पंचायत मयाना की पूर्व सरपंच का पति जीवन ठाकुर, उसका पुत्र नीरज पोया और ग्राम के पूर्व में रहे सरपंच शोप सिंह शामिल हैं। मिली जानकारी के अनुसार  मयाना के ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व चारामा के पास शिकायत दर्ज कराई कि कुछ लोगों ने धोखाधड़ी कर सरकारी जमीन पर अवैध रूप से वन अधिकार पट्टा प्राप्त कर लिया है। शिकायत की जांच के दौरान यह साबित हुआ कि आरोपियों ने कूट रचना और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से वन अधिकार मान्यता पत्र बनवाया और शासन को ₹5,17,773 की आर्थिक हानि पहुंचाई। पुलिस ने आरोपी जीवन ठाकुर, शोप सिंह और नीरज पोया को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। बताते चले कि यह फर्जीवाड़ा ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच के कार्यकाल में किया गया था। इस दौरान सरकारी जमीन पर अवैध रूप से पट्टा जारी कर कुछ व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले को लेकर पहले भी कलेक्टर को शिकायत किया गया था, इसको लेकर गांव में कई बार विवाद और तनाव की स्थिति बनी रहती थी।

चार साल में पूरी करेंगे 3500 KM की नर्मदा यात्रा, हाथ से चलकर करेंगे साधना

डिंडौरी  मां नर्मदा की असाधारण परिक्रमा धर्मपुरी महाराज ने अमरकंटक से दशहरा पर्व के दिन से शुरू की है। धर्मपुरी महाराज की परिक्रमा इसलिए असाधारण है क्योंकि सभी लोग पैर से चलकर मां नर्मदा की परिक्रमा करते हैं, जबकि धर्मपुरी महाराज हाथों के बल से चलकर 3500 किलोमीटर की परिक्रमा करने का संकल्प लिया है। मां नर्मदा के यूं तो भक्त निराले हैं। अलग-अलग तरीके से कठिन साधना करने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं, लेकिन ऊबड खाबड भरे मार्ग में इस तरह की साधना चर्चा की विषय बनी हुई है। बताया गया कि यह कठिन परिक्रमा लगभग चार वर्ष में पूरी होगी। महाराज जी अभी तक लगभग 30 किलोमीटर से अधिक की यात्रा कर चुके हैं। वे एक दिन में लगभग तीन किलोमीटर की परिक्रमा कर रहे हैं। उनके साथ उनके शिष्य भी परिक्रमा में साथ चल रहे हैं। डिंडौरी जिले के करंजिया विकासखंड निवासी में महाराजश्री ने हाथ के सहारे परिक्रमा शुरू कर दी है।   परिक्रमा को बताया तपस्या के साथ समर्पण गौरतलब है कि मां नर्मदा की हजारों लोग पैदल परिक्रमा करते हैं, तो कुछ दंडवत होकर भी इस कठिन यात्रा को पूरा करते हैं। कुछ लोग वाहनों से भी परिक्रमा करते हैं, लेकिन धरमपुरी महाराज हाथों के बल चलकर मां नर्मदा की परिक्रमा करने के बड़े संकल्प में जुटे हुए हैं। आस्था का ऐसा अद्भुत और दुर्लभ नजारा शायद ही लोगों ने कभी देखा होगा। धर्मपुरी महाराज ने अपना यह संकल्प अमरकंटक से शुरू किया है। उन्होंने बताया कि यह सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि तपस्या के साथ समर्पण भी है। अदभुत परिक्रमा देखकर लोग भी हैरत में उन्होंने बताया कि वे अपने शरीर की सीमाओं को पार कर अध्यात्म के शिखर पर पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। उनकी अदभुत परिक्रमा देखकर लोग भी हैरत में हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि अपने जीवनकाल में उन्होंने कई संत देखे हैं, लेकिन इस तरह की परिक्रमा का संकल्प करके परिक्रमा पथ पर हाथों के बल चलते पहली बार किसी संत को देखा है। गौरतलब है कि डिंडौरी से अमरकंटक मुख्य मार्ग में टू-लेन सडक का कार्य चल रहा है। ऐसे में ऊबड खाबड़ मार्ग से गुजरना सभी के लिए चुनौती बनी हुई है।

नक्सलियों की धमाके की योजना नाकाम, नारायणपुर में प्रेशर-कुकर बम जब्त

जगदलपुर दंतेवाड़ा जिले के बारसूर इलाके में जवानों को नुकसान पहुंचाने के लिए आईईडी लगाने वाले छह नक्सलियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से आईईडी भी जब्त किया था। घटना के 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि नारायणपुर पुलिस ने थाना कोहकामेटा क्षेत्र के ग्राम कोडलियार बिचपारा के जंगलों से तीन नग कुकर बम बरामद किए, जिन्हें बाद में नष्ट कर दिया गया। बताया जा रहा है कि नारायणपुर जिले में सर्चिंग पर निकले जवानों ने एक बार फिर नक्सलियों के नापाक मंसूबों को विफल कर दिया। सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के लिए नक्सलियों ने पांच-पांच किलो वजनी ती नग कमांड कुकर आईईडी बम लगाए थे। नक्सलियों ने ये कुकर बम नारायणपुर जिले के थाना कोहकामेटा क्षेत्र के ग्राम कोडलियार बिचपारा और नीचेपारा के बीच के जंगलों में लगाए थे। सर्चिंग के दौरान जवानों को तीन नग कुकर कमांड आईईडी बरामद हुए। सभी आईईडी का वजन पांच-पांच किलोग्राम बताया गया। सुरक्षा बल की बीडीएस टीम ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए सभी बमों को नष्ट कर दिया। इसके अलावा, शनिवार को नक्सलियों की सूचना पर दंतेवाड़ा जिले के बारसूर क्षेत्र में पुलिस बल भेजा गया था, जहां से पांच पुरुष नक्सलियों के साथ एक महिला नक्सली को भी गिरफ्तार किया गया। उनके पास से भी आईईडी बरामद किए गए हैं।

दस साल बाद पकड़े गए पूर्व सरपंच और पूर्व सचिव, 78 लाख रुपये गबन का मामला

भीलवाड़ा पुलिस थाना शाहपुरा ने 78 लाख रुपये की सरकारी राशि के गबन के मामले में एक दशक से फरार चल रहे तत्कालीन ग्राम सेवक एवं सरपंच को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देश पर थाना प्रभारी सुरेशचंद के निर्देशन में गठित विशेष टीम द्वारा की गई। आरोपी दस वर्ष से फरार थे तथा एक आरोपी पर 5 हजार का इनाम भी घोषित किया गया है। पूर्व सरपंच गणपत खटीक का पारिवारिक सदस्य वर्तमान में ढीकोला में सरपंच हैं तथा वो भाजपा से जुड़े हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शाहपुरा पंचायत समिति की फुलियाखुर्द पंचायत के तत्कालीन ग्राम सेवक एवं पदेन सचिव श्यामलाल जाट पुत्र छीतरमल जाट निवासी जाटों का मोहल्ला माण्डल तथा तत्कालीन सरपंच गणपतलाल खटीक पुत्र मागीलाल खटीक निवासी कल्याणपुरा ढिकोला शामिल हैं। श्यामलाल जाट पर पुलिस ने 5 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। दोनों आरोपियों को पुलिस ने क्रमशः कोटड़ी और ढिकोला क्षेत्र से गिरफ्तार किया। एएसपी राजेश आर्य ने बताया कि यह प्रकरण वर्ष 2016 का है, जब तत्कालीन शाहपुरा के पंचायत प्रसार अधिकारी की रिपोर्ट पर ग्राम पंचायत फुलिया खुर्द के रिकॉर्ड की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई थी। जांच के दौरान यह पाया गया कि वर्ष 2010 से 2015 तक का रिकॉर्ड अधूरा था तथा इस अवधि में ग्राम पंचायत के विभिन्न खातों में कुल ₹83,98,700 जमा हुए थे, जिनमें से ₹78,60,973 की राशि निकाली गई, परंतु उसका कोई लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं था। नये पंचायत चुनाव के बाद हुई शिकायत पर की जांच में तत्कालीन सरपंच गणपतलाल खटीक और ग्राम सेवक श्यामलाल जाट पर सरकारी धन के गबन का आरोप सिद्ध हुआ। प्रकरण संख्या 53/2016 धारा 409 भादंसं के अंतर्गत शाहपुरा थाने में मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ की गई। दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार स्थान बदलते रहे। श्यामलाल जाट वर्तमान में ग्राम पंचायत बन का खेड़ा, पंचायत समिति कोटड़ी में पदस्थ था और पिछले कई वर्षों से फरार चल रहा था। शाहपुरा थाना पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी कोटड़ी सर्किल में दिखाई दिया है। इस पर गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे दबोच लिया।पूछताछ में उसके साथी तत्कालीन सरपंच गणपतलाल खटीक का नाम सामने आया, जिसे भी पुलिस ने ढिकोला क्षेत्र से गिरफ्तार किया। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने शाहपुरा थाना पुलिस टीम की तत्परता और सतर्कता की सराहना की है। उन्होंने कहा कि फरार अपराधियों की धरपकड़ और गंभीर अपराधों के आरोपियों को न्याय के कटघरे में लाना पुलिस की प्राथमिकता है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है तथा शेष गबन राशि की वसूली और अन्य संबंधित व्यक्तियों की संलिप्तता की जांच की जा रही है।

राजस्थान में ठंड का जोर, जानें कब तक जारी रहेगा असर और मिलेगी राहत

सीकर राजस्थान में पिछले चार-पांच दिनों से उत्तरी हवाओं के सक्रिय रहने के कारण सुबह और रात के समय लोगों को गुलाबी सर्दी का एहसास हो रहा है। आज सुबह भी कई जगहों पर इस गुलाबी सर्दी का असर देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार, कल से राजस्थान में इन उत्तरी हवाओं का प्रभाव कम हो जाएगा। इससे मौसम में ठंडक भी घटेगी और लोगों को गुलाबी सर्दी से थोड़ी राहत मिलेगी। इसके साथ ही, राजस्थान में एक सप्ताह तक मौसम साफ रहने की संभावना जताई गई है। इस दौरान न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी भी दर्ज की जाएगी। पिछले 24 घंटे में राजस्थान का सबसे ठंडा क्षेत्र उदयपुर का डबोक एयरपोर्ट रहा, जहाँ न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अतिरिक्त, पिलानी में 16.6 डिग्री, सीकर में 16.7 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। सबसे अधिक तापमान की बात करें तो जैसलमेर में 35.3, जोधपुर में 33.8, चित्तौड़गढ़ में 33, और फलोदी में 34.4 डिग्री अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। राजस्थान में गुलाबी सर्दी के प्रभाव की बात करें तो शेखावाटी और मेवाड़ क्षेत्रों में इसका असर अधिक है। वहीं, हाड़ौती और मरुस्थलीय इलाके, जैसे जैसलमेर और जोधपुर, में गुलाबी सर्दी का असर अपेक्षाकृत कम देखा गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा- भगवान श्रीराम ने संबंधों को जाति, वर्ग या रूप से नहीं, हृदय की शुद्धता से जोड़ा

महर्षि वाल्मीकि की वाणी से जो रामायण निकली वह केवल ग्रंथ नहीं भारत की है आत्मा  सामाजिक समरसता ही राष्ट्र की सच्ची शक्ति सफाईकर्मियों का कल्याण हमारी जिम्मेदारी, सरकार है आपके साथ मानस भवन में मनाया गया महर्षि वाल्मीकि जयंती प्रकटोत्सव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि महर्षि वाल्मीकि ने श्रीराम के चरित्र 'रामायण' के रूप में मानवता को अनुपम उपहार दिया है। महार्षि वाल्मीकि की वाणी से जो रामायण निकली वह केवल ग्रंथ नहीं भारत की आत्मा है। उनकी रामायण में समरसता केवल एक विचार नहीं, बल्कि जीता-जागता संदेश है। उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन के माध्यम से दिखाया कि ईश्वर की दृष्टि में सब समान हैं। भगवान श्रीराम ने निषादराज को मित्र बनाया, शबरी माता के झूठे बेर प्रेम से खाए, श्री हनुमान और वानर सेना को परिवार की तरह गले लगाया और धर्म युद्ध में सबको साथ लेकर चले। मुख्यमंत्री ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का आचरण हमें सिखाता है कि सच्ची समरसता वही है, जहां सबमें परमात्मा का अंश देखा जाए। उनका जीवन इसी भावना का मूर्त रूप है। भगवान श्रीराम के चरित्र को शब्दों में पिरोने वाले आदि कवि महर्षि वाल्मीकि अजर-अमर रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती प्रकटोत्सव के अवसर पर भोपाल के मानस भवन में ‘समरसता सम्मेलन’ को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव और राज्यसभा सांसद एवं पीठाधीश्वर श्री क्षेत्र वाल्मीकि धाम, उज्जैन श्री बालयोगी उमेशनाथ महाराज ने दीप प्रज्ज्वलन कर सम्मेलन का विधिवत् शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि समाज के सतत् विकास की पहली जरूरत सामाजिक समरसता है, जो साहचर्य और भाईचारे की भावना से जन्म लेती है। समरसता केवल एक विचार नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा है। जब समाज आपसी सौहार्द, प्रेम और अपनत्व की भावना से मिल-जुलकर चलता है, तभी कोई राष्ट्र सशक्त और समृद्ध बनता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सच्ची समरसता वहीं है, जहां सबमें परमात्मा का अंश देखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति को अनादिकाल से अविरल करने में महर्षि वाल्मीकि जी के योगदान को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने रामायण जैसी अमर कृति के माध्यम से न केवल मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन का चित्रण किया, बल्कि उस समय की सामाजिक व्यवस्था और मानवीय मूल्यों को भी प्रतिबिंबित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम का उलटा नाम निरंतर जपते-जपते वाल्मीकि महर्षि हो गए। डाकू रत्नाकर से ज्ञानी वाल्मीकि बनने तक की उनकी संघर्ष यात्रा तपस्या और आत्मसुधार की मिसाल है। महर्षि वाल्मीकि ने केवल श्रीराम का चरित्र नहीं लिखा, बल्कि उन्होंने मानवता का लेखन किया। रामायण सिर्फ एक ग्रंथ नहीं, सेवा, समरसता और करुणा का उत्तम उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने पिता-पुत्र संबंधों से लेकर अनुसूईया माता, शबरी माता, निषादराज, हनुमान, बाली-सुग्रीव जैसे चरित्रों के माध्यम से समाज में करुणा, निष्ठा, सेवा, सामाजिक समरसता, समानता और आत्मीयता का संदेश मंत्र दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि और उनकी रामायण आज एक-दूसरे के पर्याय बन चुके हैं। रामायण ने न केवल राम कथा को अमर किया, बल्कि भारतीय संस्कृति के आदर्शों को भी अमरत्व प्रदान किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता भारतीयों के लिए कोई बाध्यता नहीं, बल्कि यह हमारी आत्मा में, हमारे संस्कारों में और हमारे जीवनधारा में रक्त की तरह प्रवाहित होती है। उन्होंने कहा कि हम सुधरेंगे तो जग सुधरेगा, हमारे साधु-संतों, ऋषि-मुनियों, महर्षि-मनीषियों ने यही सिखाया है। यही वाक्य समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को वाल्मीकि समाजजनों ने सभी सफाईकर्मियों को नियमित करने सहित समाज विकास से जुड़ी अन्य मांगें प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी सफाईकर्मियों और स्वच्छता मित्रों का समग्र कल्याण हमारी जिम्मेदारी है। हमारा प्रयास है कि वाल्मीकि समाज के बच्चे पढ़-लिखकर उद्योगपति, डॉक्टर, इंजीनियर, वकील और बड़े अधिकारी बनें। सरकार इन्हें हर जरूरी प्रोत्साहन देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर घड़ी आपके साथ है, वाल्मीकि समाज के विकास और कल्याण में हम कोई कमी नहीं रखेंगे। राज्यसभा सांसद एवं पीठाधीश्वर श्री क्षेत्र वाल्मीकि धाम उज्जैन श्री बालयोगी उमेशनाथ महाराज ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने पवित्र ग्रंथ ‘रामायण’ की रचना की, जिसके माध्यम से उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन को जन-जन तक पहुँचाया। भगवान श्रीराम ने केवट को गले लगाकर और शबरी के झूठे बेर खाकर सामाजिक समरसता का उच्चतम उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भी सामाजिक समरसता के भाव को सशक्त रूप से आगे बढ़ा रहे हैं। उनके द्वारा शुरू किया गया ‘स्वच्छ भारत मिशन’ इसका जीवंत प्रमाण है, जिसमें उन्होंने स्वयं झाड़ू उठाकर स्वच्छता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सामाजिक समरसता के इस भाव को निरंतर गति प्रदान कर रहे हैं। वे समाज के हर वर्ग की छोटी से छोटी समस्या का समाधान पूर्ण पारदर्शिता और निष्ठा के साथ कर रहे हैं, जो सामाजिक एकता और समरसता भाव को और भी सुदृढ़ करता है। सम्मेलन के आरंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अखिल भारतीय वाल्मीकि सनातन धर्मसभा एवं मध्यप्रदेश वाल्मीकि एकता संघ द्वारा महर्षि वाल्मीकि जी का चित्र, रामायण एवं अभिनंदन पत्र भेंटकर आत्मीय स्वागत किया। सम्मेलन के मुख्यमंत्री डॉ. यादव वाल्मीकि समाज के नागरिकों के साथ सहभोज भी किया। स्वागत उद्बोधन में श्री सुनील वाल्मीकि ने आयोजन की रूपरेखा के बारे में बताया।  

बेटों ने पिता के अपमान का बदला लेने उठाया हिंसक कदम, कांग्रेस नेता पर हमला

भीलवाड़ा शहर में शनिवार शाम मेन मार्केट में एक भयंकर घटना ने हड़कंप मचा दिया, जब कुछ बदमाशों ने कांग्रेस नेता और पूर्व सरपंच हरफूल जाट पर तलवार, सरिए और गोली से हमला कर दिया। घटना के कुछ ही घंटों में पुलिस ने भाजपा नेता और पूर्व सरपंच बालूलाल आचार्य, उनके दोनों बेटे गोपाल व अक्षय आचार्य और एक साथी मनीष को गिरफ्तार कर लिया। हमले में हरफूल गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस जांच में यह सामने आया कि हमले की जड़ एक पुरानी रंजिश थी। लगभग तीन महीने पहले हरफूल जाट ने हलेड़ गांव में सार्वजनिक रूप से बालूलाल आचार्य को थप्पड़ मारा था, जिसका वीडियो वायरल हो गया था। अपमान का बदला लेने के लिए बालूलाल के बेटों ने यह हमला प्लान किया। शनिवार शाम करीब 7 बजे हरफूल जाट मेन मार्केट में पहुंचे ही थे कि गोपाल, अक्षय और मनीष हथियारों से लैस होकर वहां पहुंचे। उन्होंने तलवार और सरिए से उन पर हमला कर दिया और फायरिंग भी की। स्थानीय लोगों के बीच-बचाव करने पर हमलावर भाग गए। घटना की सूचना मिलते ही सीओ सिटी मनीष बड़गुर्जर और कोतवाल गजेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे, जहां पुलिस ने तलवार और लाठी बरामद की। इसके बाद एसपी धर्मेंद्र सिंह ने विशेष जांच टीम का गठन किया। टीम ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपियों का पीछा किया और देर रात चारों को गिरफ्तार किया। हमलावर पुलिस से बचने की कोशिश में गिर गए और पैर फ्रैक्चर कर लिया, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। पूछताछ में गोपाल और अक्षय ने कबूल किया कि उनके पिता के साथ हुए थप्पड़ ने उन्हें मानसिक रूप से झकझोर दिया था और उन्होंने बदला लेने का मन बना लिया था। उल्लेखनीय है कि 2 जुलाई को तेज बारिश के बाद बालूलाल आचार्य हलेड़ गांव निरीक्षण के लिए गए थे, तब कांग्रेस नेता हरफूल जाट ने उन्हें थप्पड़ मारा और भीड़ ने भी उन पर हमला किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। अब तीन महीने बाद इस पुरानी रंजिश ने हिंसक रूप ले लिया, जिसका परिणाम ये वारदात रही। पुलिस ने चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है। घायल हरफूल जाट की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। एसपी धर्मेंद्र सिंह ने कहा- किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं है। हमलावरों को सख्त सजा दिलाई जाएगी। भीलवाड़ा में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।