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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- दो बूंद जिंदगी की, दो बूंद स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण की

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तीन दिवसीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान का किया शुभारंभ बच्चों को पिलाई पोलियो रोधी दवा प्रदेश के 18 चयनित जिलों में 39.19 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो रोधी दवा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पोलियो की दो बूंदें न सिर्फ किसी बच्चे को जीवनभर के लिए सुरक्षित करती हैं, बल्कि यह एक स्वस्थ, सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र के निर्माण की नींव भी हैं। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी बच्चा पोलियो रोधी खुराक पीने से वंचित न रह जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पोलियो जैसी बीमारी एक बच्चे को आजीवन पराश्रित बना सकती है, इसलिए इसका पूर्णतः उन्मूलन हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 18 जिलों में चलाए जा रहे इस तीन दिवसीय अभियान में 64 हजार से अधिक वैक्सीनेटर्स 24 हजार से अधिक पल्स पोलियो बूथों के माध्यम से दवा पिलायेंगे। साथ ही अनिवार्य रूप से घर-घर जाकर भी बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई जाएगी, जिससे हर बच्चा पोलियो से सुरक्षित होकर ताउम्र स्वस्थ रह सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 18 चयनित जिलों में लक्षित आयु वर्ग के 39 लाख 19 हजार से अधिक बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार की सुबह मुख्यमंत्री निवास में तीन दिवसीय (12 से 14 अक्टूबर) पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 12 छोटे बच्चों को पोलियो रोधी दवा की दो-दो बूंदें पिलाकर टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सभी हर बार अपने छोटे बच्चों को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाते रहे, तभी पोलियो के विरुद्ध हमारी जीत आगे भी जारी रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘स्वस्थ और सशक्त भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में मध्यप्रदेश दृढ़तापूर्वक आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जनसहभागिता को इस अभियान की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि हर घर से सहयोग मिलेगा, तो हमारा प्रदेश निश्चित ही 'पूर्णत: पोलियो मुक्त मध्यप्रदेश’ बनेगा। कार्यक्रम में नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव, राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. सौरभ पुरोहित सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। इन 18 जिलों में पिलाई जाएगी पोलियो की दवा रविवार को प्रारंभ हुए अभियान में इन 18 जिलों में पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। 12 से 14 अक्टूबर तक प्रदेश के अनूपपुर, बैतूल, भिंड, भोपाल, छिंदवाड़ा, दतिया, देवास, ग्वालियर, नर्मदापुरम, जबलपुर, कटनी, खण्डवा, खरगौन, मंडला, मंदसौर, मुरैना, नरसिंहपुर एवं नीमच जिले में पल्स पोलियो अभियान के तहत छोटे बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई जाएगी।  

गोमती केवल नदी नहीं, सांस्कृतिक चेतना और जीवनधारा की प्रतीक : मुख्यमंत्री

  ‘गोमती नदी पुनर्जीवन मिशन’ बनेगा आस्था, पर्यावरण और विकास के संगम का प्रतीक, मुख्यमंत्री ने जनता से की सहभागिता की अपील सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर कड़ाई से लागू होगा प्रतिबंध, सीवर सिस्टम को चोक करने में इसकी बड़ी भूमिका भूतपूर्व सैनिकों, विशेषज्ञों सहित विभिन्न सरकारी विभाग एकजुट होकर करेंगे काम, लखनऊ में मंडलायुक्त को समन्वय की जिम्मेदारी लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘स्वच्छ, अविरल और निर्मल गोमती’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए ‘गोमती नदी पुनर्जीवन मिशन’ की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीलीभीत से गाजीपुर तक प्रवाहित गोमती केवल एक नदी नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक विरासत और जीवनधारा की प्रतीक है। गोमती का पुनर्जीवन केवल जल शुद्धिकरण का नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और पर्यावरण के पुनर्संवर्धन का व्यापक अभियान है। यह मिशन पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और भावी पीढ़ियों के प्रति हमारी साझा प्रतिज्ञा का प्रतीक बनेगा। टेरिटोरियल आर्मी की पहल पर आयोजित इस बैठक में बैठक में मेजर जनरल सलिल सेठ, ब्रिगेडियर नवतेज सिंह सोहल, ब्रिगेडियर सी. माधवाल, कर्नल अरविन्द एस. प्रसाद, ले. कर्नल सचिन राणा, ले.कर्नल सौरभ मेहरोत्रा, मेजर के.एस. नेगी, प्रो. (डॉ.) वेंकटेश दत्ता, ले. कर्नल हेम लोहुमी, एस.एम. (सेवानिवृत्त) के साथ-साथ शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही। बैठक में मुख्यमंत्री ने मिशन की विस्तृत कार्ययोजना पर चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक परियोजना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की सहभागिता से चलने वाली एक जन-आंदोलनात्मक पहल होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोमती में एक भी बूंद सीवरेज न गिरे, इसके लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक रणनीति तैयार की जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि नदी किनारे बसे अवैध बस्तियों में घुसपैठियों की पहचान कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाए, ताकि गोमती के तटों पर स्वच्छता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित की जा सकें। उन्होंने कहा कि मिशन का दायरा पीलीभीत से गाजीपुर तक गोमती नदी के संपूर्ण प्रवाह क्षेत्र को कवर करेगा, जिससे गोमती अपने पूरे विस्तार में स्वच्छ, अविरल और निर्मल रूप पुनः प्राप्त कर सके। मुख्यमंत्री ने मिशन के अंतर्गत नगरीय सीवेज का 95 प्रतिशत से अधिक अवरोधन, नदी प्रदूषण को न्यूनतम स्तर तक लाना और नदी तटीय पारिस्थितिकी का पुनरुद्धार का लक्ष्य निर्धारित किया। बैठक में यह जानकारी दी गई कि गोमती में गिरने वाले 39 प्रमुख नालों में से 13 अब भी बिना उपचारित हैं। वर्तमान में छह एसटीपी 605 एमएलडी की कुल क्षमता के साथ संचालित हैं। इन्हें पूर्ण रूप से प्रभावी बनाने हेतु नालों को एसटीपी तक मोड़ने, नए संयंत्र स्थापित करने और पुराने संयंत्रों के उन्नयन की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मिशन केवल प्रदूषण नियंत्रण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नदी के जैविक, सांस्कृतिक और सौंदर्यात्मक पुनर्जीवन का माध्यम बनेगा। कार्ययोजना के अंतर्गत लखनऊ में इकाना वेटलैंड और साजन झील जैसे नए वेटलैंड विकसित किए जाएंगे। नदी किनारे के अवैध अतिक्रमणों को हटाने, घाटों के सौंदर्यीकरण, और तटीय हरियाली बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर सख्ती से प्रतिबंध लागू किया जाएगा, क्योंकि सीवर सिस्टम को चोक करने और प्रदूषण बढ़ाने में इसकी बड़ी भूमिका है। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के अंतर्गत इसी वर्ष जनवरी में गठित गोमती टास्क फोर्स में राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के परियोजना निदेशक, सिंचाई विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जल निगम, लखनऊ नगर निगम, लखनऊ विकास प्राधिकरण तथा अन्य संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। इनमें बीबीएयू लखनऊ के प्रो. (डा.) वेंकटेश दत्ता और अतुल्य गंगा ट्रस्ट के सह-संस्थापक ले. कर्नल देवेंद्र चौधरी (सेवानिवृत्त) प्रमुख रूप से सम्मिलित हैं। यह टास्क फोर्स शासन और समाज के बीच एक सशक्त सेतु के रूप में कार्य कर रही है। बैठक में बताया गया कि गोमती टास्क फोर्स द्वारा अब तक नदी तटों पर पैदल और नौका गश्त, एक हजार टन से अधिक जलकुंभी की सफाई, नालों का सर्वेक्षण कर प्रदूषण स्रोतों की पहचान, तथा 100 से अधिक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से 70,000 से ज्यादा नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। ‘नदी योग अभियान’ के अंतर्गत 21 अप्रैल से 21 जून 2025 तक पाँच प्रमुख घाटों पर प्रतिदिन योग, घाट-सफाई और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें 50,000 से अधिक नागरिकों ने भाग लिया और 300 टन से अधिक जलकुंभी हटाई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोमती का जल जीवन का आधार है, और इसे स्वच्छ, अविरल तथा निर्मल बनाए रखना उत्तर प्रदेश की नैतिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि टास्क फोर्स की मासिक बैठकें नियमित रूप से आयोजित हों, त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाए और हर स्तर पर पारदर्शिता व जनसहभागिता सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गोमती पुनर्जीवन मिशन के लिए आवश्यक संसाधनों; जैसे ट्रैक बोट, फ्लोटिंग बैरियर, एक्सकेवेटर और अन्य उपकरण की उपलब्धता में सरकार किसी प्रकार की कमी नहीं रहने देगी। उन्होंने कहा कि यह मिशन केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता की सहभागिता से संचालित एक संकल्प यात्रा बनेगा। इसके लिए जनप्रतिनिधियों के मार्गदर्शन में शैक्षणिक व अन्य सामाजिक संस्थानों की सक्रिय भागीदारी से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए जाएं, ताकि यह मिशन एक जनांदोलन का स्वरूप ग्रहण कर सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब समाज और शासन साथ कदम बढ़ाएँगे, तभी गोमती अपनी स्वाभाविक निर्मलता और जीवनदायिनी धारा पुनः प्राप्त कर सकेगी।

डिजिटल यूपी: योगी सरकार के नेतृत्व में प्रदेश बना नया आईटी हब

आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग उत्तर प्रदेश को आईटी हब बनाने की दिशा में कर रहा ठोस प्रयास माइक्रोसॉफ्ट इंडिया, पेटीएम, टीसीएस , मैक इंडिया जैसी दिग्गज कंपनियों ने प्रदेश में किया निवेश सेक्टर में ₹5,584 करोड़ का निवेश और 53,000 रोजगार के अवसर हुए सृजित लखनऊ,  कुछ साल पहले तक उत्तर प्रदेश का नाम सुनते ही लोग कृषि और पारंपरिक उद्योगों की बात करते थे। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदृष्टि और सशक्त नीतियों ने अब यह धारणा बदल दी। आज लखनऊ, कानपुर और नोएडा जैसे शहरों में आईटी पार्क्स की जगमगाहट नई कहानी कह रही है। यूपी अब सिर्फ भारत का हृदय नहीं, बल्कि डिजिटल भारत का मस्तिष्क भी बनने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि सूचना प्रौद्योगिकी केवल तकनीक नहीं, यह परिवर्तन की शक्ति है। सीएम योगी के इसी सूत्रवाक्य को आगे बढ़ते हुए प्रदेश के आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग ने हर युवा को अवसर देने और उत्तर प्रदेश को भारत का सबसे बड़ा आईटी हब बनाने की दिशा में ठोस प्रयास प्रारंभ किए हैं। 15 हजार करोड़ से 75 हजार करोड़ तक बढ़ा यूपी का आईटी निर्यात 2015 में जहां प्रदेश का आईटी निर्यात केवल ₹15,000 करोड़ था, वहीं आज यह आंकड़ा ₹75,000 करोड़ से अधिक पहुंच चुका है। यह केवल एक आर्थिक उपलब्धि नहीं, बल्कि उन हजारों युवाओं की मेहनत और योगी सरकार के तकनीकी विजन की सफलता का प्रतीक है। योगी सरकार की सूचना प्रौद्योगिकी नीति 2017-2022 ने निवेशकों के लिए दरवाज़े खोले हैं। माइक्रोसॉफ्ट इंडिया, पेटीएम, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, मैक इंडिया जैसी दिग्गज कंपनियों ने प्रदेश में निवेश कर भरोसे की नई मिसाल कायम की। परिणामस्वरूप ₹5,584 करोड़ का निवेश और 53,000 रोजगार अवसर सृजित हुए। नई आईटी एवं आईटी जनित सेवा नीति-2022 के तहत दो नई परियोजनाओं को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किया गया है, जिनसे 900 युवाओं को रोजगार मिलेगा। वहीं ₹48 करोड़ से अधिक निवेश वाली तीन परियोजनाएं मंज़ूरी के इंतज़ार में हैं। आईटी को मिला उद्योग का दर्जा, बदला निवेश का माहौल योगी सरकार ने आईटी और आईटीईएस क्षेत्र को “उद्योग का दर्जा” देकर इतिहास रच दिया। अब आईटी कंपनियों को औद्योगिक श्रेणी की भूमि औद्योगिक दरों पर मिल रही है। इस फैसले से निवेशक आत्मविश्वास के साथ उत्तर प्रदेश को अपना ठिकाना बना रहे हैं। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के सहयोग से नोएडा, मेरठ, लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और आगरा में आईटी पार्क्स और एसटीपीआई केंद्र संचालित हो रहे हैं। अब यही रौशनी वाराणसी, बरेली और गोरखपुर की ओर बढ़ रही है, जहां नए केंद्र बन रहे हैं। इससे न केवल रोजगार बढ़ेगा, बल्कि छोटे शहर भी डिजिटल अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा में शामिल होंगे। ‘युवा यूपी’ का नया चेहरा कानपुर की दीप्ति हो या गोरखपुर के आर्यन — इन युवाओं ने कभी सोचा भी नहीं था कि अपने ही शहर में बड़ी आईटी कंपनियों के साथ काम करने का मौका मिलेगा। योगी सरकार की नीति ने उनकी यह इच्छा पूरी की है। आज ये युवा अपनी प्रतिभा से न सिर्फ अपनी पहचान बना रहे हैं, बल्कि प्रदेश को नई पहचान भी दे रहे हैं। प्रदेश सरकार ने आईटी और आईटीईएस परियोजनाओं के लिए एक डेडीकेटेड ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया है, जिससे आवेदन, स्वीकृति और प्रोत्साहन की प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी हो गई है।

गर्भवती महिला और शिशु की मौत, रीवा अस्पताल में लापरवाही पर परिजन भड़के

रीवा संजय गांधी अस्पताल में एक बार फिर बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसमें एक गर्भवती महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। सतना से रेफर होकर आई दीपा गुप्ता पत्नी राजकुमार गुप्ता 36 वर्ष के परिजनों ने डॉक्टरों पर दो दिनों तक इलाज न करने और मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। गत शनिवार को घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के गेट पर शव रखकर हंगामा किया। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि महिला की हालत पहले से ही गंभीर थी। 2 दिन भर्ती रखा, इलाज नहीं किया दीपा गुप्ता की मां ने रोते हुए बताया कि वे अपनी बेटी को सतना जिला अस्पताल से रेफर कराने के बाद यहां लाए थे। परिजनों का आरोप है कि यहां दीपा को दो दिनों तक वॉर्ड में सिर्फ लिटाकर रखा गया और कोई सही इलाज नहीं किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान अस्पताल में दीपा की मां के साथ मारपीट की गई और उसे एक खाली इंजेक्शन भी लगा दिया गया। परिजनों के मुताबिक, समय पर इलाज न मिलने के कारण ही दीपा और उसके अजन्मे बच्चे की मौत हुई है।   अस्पताल की सफाई- महिला को पीलिया था, हालत गंभीर थी इस पूरे मामले में अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को निराधार बताया है। सीएमओ डॉ यत्नेश त्रिपाठी ने बताया कि महिला को जब सतना से यहां लाया गया था, तब उसे पीलिया था और उसे यूरिन भी नहीं आ रहा था। उसकी हालत बेहद गंभीर थी। ऑपरेशन कर बच्चे को निकाला गया, लेकिन महिला का ब्लड प्रेशर काफी बढ़ गया था, जिसके बाद उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। अस्पताल ने मारपीट के आरोप को भी पूरी तरह गलत बताया है।

सीएम योगी ने पत्रकारों को दी लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर प्रदेशभर में होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी

 राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले आयोजन का हिस्सा बनेंगे यूपी के खिलाड़ी, कलाकार और युवा प्रदेश की हर लोकसभा क्षेत्र में विधानसभा से होते हुए तीन दिवसीय 8 से 10 किलोमीटर की निकाली जाएगी पद यात्रा स्थानीय स्तर पर आयोजित की जाएगी निबंध, वाद-विवाद प्रतियोगिता, संगोष्ठी और नुक्कड़ नाटक लखनऊ, भारत रत्न, लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर प्रदेश भर में 31 अक्टूबर को रन फॉर यूनिटी का आयोजन किया जाएगा। सरकार और भारतीय जनता पार्टी मिलकर इसे भव्य-दिव्य बनाएगी। वहीं 31 अक्टूबर से 26 नवंबर के बीच सरदार @150 यूनिटी मार्च आयोजित किया जाएगा। इसका हिस्सा प्रदेश के हर जनपद के खिलाड़ी, कलाकार समेत पांच-पांच युवा बनेंगे। ये सभी युवा लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जन्म भूमि से लेकर केवड़िया गुजरात तक की 150 किलोमीटर की यात्रा से जुड़ेंगे। इन सभी को चार प्रमुख केंद्र होते हुए सरदार साहब की पावन जन्मभूमि तक बस द्वारा पहुंचाया जाएगा। इसके बाद यहां से सभी 150 किलोमीटर की पद यात्रा में शामिल होंगे। इस राष्ट्रीय पद यात्रा में सरदार साहब की जन्मभूमि करमसद से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी केवड़िया तक की यात्रा गुजरात में आयोजित होगी। यह राष्ट्रीय पद यात्रा होगी, जिसमें हजारों युवा अभियान का हिस्सा बनेंगे। सभी युवा जन जागरण अभियान के विभिन्न कार्यक्रमों को आगे बढ़ाएंगे। यह जानकारी रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेसवार्ता में पत्रकारों को दी। स्थानीय स्तर पर आयोजित किये जाएंगे विभिन्न कार्यक्रम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश की हर लोकसभा क्षेत्र में तीन दिवसीय 8 से 10 किलोमीटर की पदयात्रा निकाली जाएगी, जो सभी विधानसभा से होकर गुजरेगी। पद यात्रा से पहले स्थानीय स्तर पर आम जनमानस में जागरूकता पैदा करने के लिए कई कार्यक्रम भी आयोजित किये जाएंगे। इसमें भारत की एकता और अखंडता में सरदार साहब के योगदान पर निबंध, वाद-विवाद प्रतियोगिता, सरदार वल्लभ भाई पटेल के जीवन पर आधारित संगोष्ठी, नुक्कड़ नाटक आदि होंगे। इसके अलावा युवाओं के लिए नशा मुक्त भारत शपथ ग्रहण कार्यक्रम, विभिन्न क्षेत्रों में वोकल फॉर लोकल और लोकल फॉर ग्लोबल अभियान का आयोजन होगा। योग और स्वास्थ्य से संबंधित शिविर भी लगेगा। पूरे प्रदेश में विशेष स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा। इसके अलावा पद यात्रा के दौरान स्थानीय कमेटियों, विभिन्न समाजसेवी संगठनों, सांस्कृतिक संगठनों द्वारा सरदार साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण-श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। लौह पुरुष के सामने नहीं चली जूनागढ़ के नवाब और हैदराबाद के नजाम की सीएम योगी ने बताया कि अखंड भारत से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए सरदार वल्लभ भाई पटेल से जुड़े, राष्ट्रीयता से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किये जाएंगे। कार्यक्रमों को मंत्री, सांसद, विधायक समेत सभी कार्यकर्ताओं द्वारा माई भारत, एनसीसी, एनएसएस आदि के द्वारा अभियान को सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि  31 अक्टूबर (वल्लभ भाई पटेल की जयंती) से 26 नवंबर (संविधान दिवस) तक वृहद कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी होने के साथ ही अखंड भारत के शिल्पी भी हैं। अखंड भारत का जो स्वरूप हमें आज दिखाई देता है, इसके शिल्पी के रूप में पूरा भारत लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल का स्मरण करता है, उनके प्रति सदैव कृतज्ञता ज्ञापित करता है। देश के अंदर सैकड़ों रियासतों को भारत गणराज्य का हिस्सा बनाने और फिर भारत के वर्तमान स्वरूप को उन्होंने उस समय जिस दूरदर्शिता और सूझ-बूझ के साथ लागू किया था, आज वह भारत हम सबको देखने को मिलता है। हर व्यक्ति जानता है कि उस समय कुछ रियासतें ऐसी भी थीं, जिसमें (जूनागढ़ का नवाब और हैदराबाद का निजाम) आदि मनमानापन करना चाहते थे, लेकिन लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के सामने उनकी एक न चली। अंततः लौह पुरुष के दृढ़ निश्चय के सामने उन्हें भारत छोड़ना पड़ा। ये दोनों रियासतें भी भारत का हिस्सा बनीं। वर्ष 2014 से लौह पुरुष की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाता है देश सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरा देश 2014 से लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाता है। भारतीय जनता पार्टी 2014 से ही 'रन फॉर यूनिटी' आयोजित कर रही है। भारत रत्न, लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर देश और प्रदेशभर में 31 अक्टूबर को 'रन फॉर यूनिटी' का आयोजन किया जाएगा।

तेजस्वी यादव पर बरसे पूर्व विधायक — RJD से दिया इस्तीफा, कहा अब पार्टी में मेरी जगह नहीं रही

बिहार बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक उठा पटक का दौर जारी है। इसी बीच राजद को एक बड़ा झटका लगा है। नवादा से दो बार के विधायक रहे प्रकाश वीर ने राजद पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इसके पीछे का कारण उन्होंने तेजस्वी यादव से मनमुटाव को बताया है। नवादा विधायक प्रकाश वीर ने इस्तीफा देने को लेकर कहा कि तेजस्वी यादव ने यात्रा के दौरान उन्हें नहीं बुलाया था, जिस बात का उन्हें बुरा लगा था। इसके बाद से ही प्रकाश वीर ने पार्टी छोड़ने का मन बना लिया था। प्रकाश वीर के इसकी जानकारी ट्वीट कर दी।   विधायक के पद से इस्तीफा देने के बाद आरजेडी नेता ने कहा, "मैंने विधायक पद से त्यागपत्र दे दिया है। वह (आरजेडी नेता तेजस्वी यादव) एक बार नवादा में यात्रा के लिए गए थे, लेकिन उन्होंने हमें आमंत्रित नहीं किया, इसलिए हम नहीं गए। भीड़ में से किसी ने चिल्लाया, 'तेजस्वी भैया, प्रकाश वीर को हटाओ', इससे मेरे आत्मसम्मान को ठेस पहुंची। अब आरजेडी में वापस जाने का कोई सवाल ही नहीं है।" समझना है बिहार की राजनीति तो भूलकर भी मिस न करें ये सीरीज बता दें कि प्रकाश वीर के अब जेडीयू में जाने की संभावना जतायी जा रही है। हालांकि इसे लेकर उन्होंने कहा कि इसका फैसला क्षेत्र की जनता करेगी। उन्होंने कहा कि जनता के लिए कुछ भी करेंगे। वहीं शुक्रवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भी प्रेस वार्ता के दौरान कहा भी था राजद में जल्द की भगदड़ मचने वाली है। जिसके हाज 2 बार के विधायक रादज के पुराने नेता रहे प्रकाश वीर के पार्टी छोड़ने से दिलीप जायसवाल की बात सच होती नजर आ रही है। वहीं अब देखना यह है कि आने वाले समय में ऐसी और कोई घटना हो सकती है क्या।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव एमएसएमई सम्मेलन करेंगे शुभारंभ

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार 13 अक्टूबर को होटल ताज भोपाल में एमएसएमई सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे। सम्मेलन में उद्यमियों और स्टार्टअप को अनुदान तथा सहायता राशि का सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरण किया जाएगा। सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य कुमार काश्यप उपस्थित रहेंगे। वर्चुअली कार्यक्रम से प्रदेश के सभी जिले भी जुड़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 औद्योगिक क्षेत्रों, 3 नवीन कार्यालय भवनों की वर्चुअली आधारशिला रखेंगे। सम्मेलन में एमएसएमई एवं ओएनडीसी के मध्य एमओयू किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव "मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना'' के हितग्राहियों को हितलाभ वितरण करेंगे। साथ ही उद्यमियों को औद्योगिक क्षेत्रों में भूखण्ड वितरण भी करेंगे। सम्मेलन में नव उद्यमी और स्टार्टअप्स अपने अनुभव साझा करेंगे।

जाति प्रमाण पत्र मामले में खंडवा के विधायक कंचन तन्वे को न्यायालय ने दिया समर्थन

जबलपुर हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने खंडवा से भाजपा विधायक कंचन तन्वे को राहत प्रदान की है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता का वह आवेदन निरस्त कर दिया है, जिसमें विधायक के जाति प्रमाण पत्र की वैधता की सत्यता परखने के लिए राजस्व रिकार्ड तलब किए जाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि याचिकाकर्ता को उक्त आवेदन पूर्व में पेश करना था। जब मामले में मुद्दे तय हो गए और आवेदक ने अपनी गवाही समाप्त कर दी, तब उक्त आवेदन स्वीकार नहीं किया जा सकता। उक्त मत के साथ न्यायालय ने आवेदन निरस्त कर मामले की अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद निर्धारित कर दी। याचिका खंडवा के आंबेडकर वार्ड निवासी कुंदन मालवीय की ओर से दायर की गई है।   आवेदक का कहना है कि तन्वे वर्ष 2023 में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित खंडवा सीट से भाजपा की उम्मीदवार थी। आरोप है कि अनावेदिका ने जो जाति प्रमाण पत्र पेश किया है, वह वैध नहीं, क्योंकि उक्त जाति प्रमाण पत्र का कोई प्रकरण क्रमांक नहीं है, न ही उसकी शासकीय कार्यालय में कोई फाइल है। इतना ही नहीं उक्त प्रमाण पत्र में पिता की जगह पति का नाम दर्ज है। याचिका में मांग की गई कि झूठा जाति प्रमाण पत्र पेश करने पर निर्वाचन शून्य घोषित किया जाना चाहिए। मामले में पूर्व में हुई गवाही के बाद आवेदक की ओर से जाति प्रमाण पत्र की सत्यता के लिए राजस्व रिकार्ड तलब किए जाने का आवेदन पेश किया गया था।

Diwali 2025 तारीख फिक्स: इस दिन करें मां लक्ष्मी की आराधना, मिलेगा अधिक फल

ग्वालियर इस वर्ष में कार्तिक अमावस्या पर श्रीमहालक्ष्मी के पूजन और दीपदान को लेकर भ्रम की स्थिति है। भ्रम का कारण सोमवार व मंगलवार को अमावस्या तिथि का होना है। ज्योतिष विद्वानों ने इस भ्रम की स्थिति को दूर करते हुए 20 अक्टूबर सोमवार को श्रीमहालक्ष्मी पूजन को श्रेष्ठ फलदायी होने के साथ शास्त्र सम्मत बताया है। ज्योतिषाचार्य पं रवि शर्मा ने बताया कि इस दिन प्रदोष काल में अमावस्या की उपस्थिति केवल 14 मिनट की है। यह अवधि एक घटिका (24 मिनट) से भी बहुत कम है। पूजा के कर्मकाल के लिए इतनी अल्पअवधि को केवल 'स्पर्श मात्र' ले सकते हैं। यह दीपावली हेतु पर्याप्त आधार प्रदान करने योग्य नहीं।   धर्मसिंधु का निर्णय सूत्र जब ऐसी स्थिति उत्पन्न हो कि एक दिन पूर्ण व्याप्ति हो और दूसरे दिन न हो, तो धर्मसिंधु का निम्नलिखित सूत्र निर्णय को अंतिम रूप देता है: पूर्वत्रैवप्रदोषव्याप्तौलक्ष्मीपूजादौपूर्वा अभ्यंगस्नानादौपरा॥ अर्थात यदि केवल पूर्व पहले दिन ही प्रदोष काल में अमावस्या की व्याप्ति हो, तो लक्ष्मी पूजन आदि पूर्व पहले दिन ही करना चाहिए। अभ्यंग स्नान आदि अगले दिन किया जा सकता है। 20 अक्टूबर को 'पूर्वत्रैव प्रदोषव्याप्ति' (केवल पहले दिन प्रदोष व्याप्ति) है, अगले दिन केवल स्पर्श मात्र है इसलिए लक्ष्मी पूजन इसी दिन होगा। उपरोक्त सभी शास्त्रीय प्रमाणों, तर्कों और पंचांग के गणितीय विश्लेषण से यह निर्विवाद रूप से सिद्ध होता है कि दीपावली का मुख्य पर्व, लक्ष्मी-गणेश पूजन और दीपदान 20 अक्टूबर, सोमवार को ही करना शुभ, मंगलकारी और शास्त्र सम्मत है। 21 अक्टूबर को प्रदोष काल में अमावस्या की व्याप्ति एक घटिका भी न होने के कारण उसे लक्ष्मी पूजन के लिए ग्रहण नहीं किया जा सकता। वह दिन अमावस्या के स्नान दान और श्राद्ध कर्मों के लिए मान्य होगा। 20 अक्टूबर, सोमवार सूर्यास्त: लगभग पांच बजकर 42 मिनट प्रदोष काल का आरंभ: पांच बजकर 42 मिनट से अमावस्या तिथि का आरंभ पांच बजकर 45 मिनट से इस दिन प्रदोष काल के आरंभ से लेकर संपूर्ण रात्रि तक अमावस्या तिथि की अखंड और संपूर्ण व्याप्ति है। यह लक्ष्मी पूजन के लिए सबसे आदर्श और शास्त्र सम्मत स्थिति है। 21 अक्टूबर , मंगलवार सूर्यास्त: लगभग पांच बजकर 41 मिनट से प्रदोष काल: आरंभ पांच बजकर 41 मिनट से अमावस्या तिथि की समाप्ति पांच बजकर 55 मिनट पर इस दिन प्रदोष काल में अमावस्या की उपस्थिति केवल 14 मिनट की है। यह अवधि एक घटिका (24 मिनट) से भी बहुत कम है। पूजा के कर्मकाल के लिए इतनी अल्प अवधि को केवल 'स्पर्श मात्र' ले सकते हैं। यह दीपावली हेतु पर्याप्त आधार प्रदान करने योग्य नहीं।

नवंबर में नगर निगम उपचुनाव: जानें कौन बदल सकता है दिल्ली का सियासी समीकरण

नई दिल्ली आठ माह से रिक्त पड़ी निगम की सीटों पर जल्द ही उप चुनाव की घोषणा होगी। राज्य चुनाव आयोग की तैयारियां अंतिम दौर में है। सबकुछ ठीक रहा तो अगले माह के तीसरे या चौथे सप्ताह में चुनावों को संपन्न करा लिया जाएगा। इसी बीच चुनाव आयोग ने तय किया है कि 12 निगम की सीटों पर उप चुनाव में नामांकन की तारीख तक मतदाता सूची को ही मान्य माना जाएगा। त्योहारों, परीक्षाओं और कानून व्यवस्था की गहन समीक्षा के बाद तारीखों की घोषणा की जाएगी। चूंकि दीपावली और भैया दूज और छठ पर्व इसी माह संपन्न हो जाएंगे और अगले माह बिहार विधानसभा चुनाव भी है। इसलिए पूरी संभावना है कि निगम के उप चुनाव की तारीख नंवबर के आखिरी सप्ताह में हों। दिल्ली राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार उप चुनावों की तैयारी के लिए जिला-निर्वाचन अधिकारी, चुनाव पर्यवेक्षक, निर्वाचन अधिकारी, सहायक निर्वाचन अधिकारी के रूप में दिल्ली सरकार और नगर निगम के अधिकारियों को नियुक्त किया जा चुका है। साथ ही, जल्द ही व्यय पर्यवेक्षकों को भी नियुक्त करेगा। आईटी के कर्मचारियों का भी प्रशिक्षण भी जारी है। आयोग ने कहा कि नागरिकों की सुविधा के लिए निगम चुनाव दिल्ली एप के माध्यम से दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों व्हीलचेयर के लिए ऑनलाइन अनुरोध, मतदान केंद्र तक पिकअप व ड्राॅप जैसी सुविधाएं प्रदान करेगा।   चुनाव से संबंधित मंजूरी के लिए सिंगल विंडो सिस्टम भी शुरू किया जाएगा। आयोग ने बताया कि उप चुनावों के लिए विभिन्न विभागों के साथ बैठकें की जा रही है। शनिवार को पुलिस आयुक्त के साथ भी इसको लेकर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बैठक हुई। अब जल्द ही मुख्य सचिव के साथ बैठक होगी ताकि जल्द से जल्द उप चुनाव हो सके। भाजपा और आप के लिए परीक्षा, कांग्रेस के लिए वापसी का मौका दिल्ली नगर निगम की 250 कुल सीटों में से 11 सीटें विधानसभा चुनाव में पार्षदों के विधायक बनने से रिक्त हुई थी जबकि एक सीट पार्षद के सांसद बनने से वर्ष 2024 से रिक्त हैं। ऐसे में कुल 12 सीटों में भाजपा के पास 9 जबकि आप के पास तीन सीटें थी। इसलिए इस चुनाव में भाजपा और आप की अग्निपरीक्षा होगी। जबकि कांग्रेस के पास अपनी वापसी का मौका है। इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी भी अगर चुनाव में जाती है तो उसका का भी यह लिटमस टेस्ट होगा। जिन 12 सीटों पर चुनाव होना हैं उसमें शालीमार बाग बी सीट सीएम रेखा गुप्ता की सीट भी है। वह विधायक बनने से पूर्व इसी सीट से पार्षद थीं।   किन सीटों पर मजूबूत है भाजपा मुंडका, शालीमार बाग, द्वारका बी, ग्रेटर कैलाश, नारायणा, ढिचाऊं कलां किन सीटों पर 'आप' है मजबूत चांदनी महल, चांदनी चौक, दक्षिणपुरी किन सीटों पर हो सकता है कड़ा मुकाबला विनोद नगर, संगम विहार, अशोक विहार भाजपा को और मजबूत स्थिति बनाने का है मौका दिल्ली नगर निगम की सत्ता पर फिलहाल भाजपा काबिज है लेकिन 12 सीटों पर उप चुनाव से उसकी स्थित और मजबूत हो सकती है। क्योंकि नौ सीटें तो पहले ही भाजपा जीती थी ऐसे में नौ सीटों पर फिर से चुनाव जीतती है तो उसकी स्थिति निगम में और मजबूत हो जाएगी। इसका फायदा उससे अगले वर्ष स्थायी समिति सदस्य के लिए रिक्त होने वाले पदों के चुनाव में भी हो सकता है। क्योंकि 18 में नौ सदस्य अगले वर्ष सेवानिवृत्त ड्रा के माध्यम से हो जाएंगे। पुनः चुनाव होने पर जोन और सदन में उसे लाभ होगा। 238 में से 99 सीटें आप के पास हैं जबकि 115 भाजपा की है और कांग्रेस के पास आठ सीटें हैं। इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी के पास 16 सीटें हैं।