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भोपाल में मतदाता सूची सुधार कार्य में चूक, चार बीएलओ निलंबित

भोपाल  मतदाता सूची अपग्रेड करने के काम में लापरवाही बरतने वाले चार बीएलओ को भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने निलंबित कर दिया है। गोविंदपुरा एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव ने निलंबन का प्रस्ताव भेजा था। बीएलओ को पहले नोटिस दिए गए थे, लेकिन सही जवाब नहीं मिलने पर यह कार्रवाई की गई। अब अन्य बीएलओ पर भी कार्रवाई हो सकती है। एसडीएम ने 77 बीएलओ और 4 सुपरवाइजरों को नोटिस दिए थे। बीएलओ पर कार्रवाई स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (विशेष गहन पुनरीक्षण-2025) के तहत भोपाल में भी पुनरीक्षण की कार्रवाई की जा रही है। जिसके अंतर्गत मतदाता सूची का अपडेशन नए तरीके से किया जा रहा है। जिसमें साल 2003 की मतदाता सूची से 2025 की मतदाता सूची का मिलान किया जा रहा है। जो मतदाता 2003 की मतदाता सूची में थे। वह और उनके परिवार स्वतः ही 2025 की मतदाता सूची में शामिल हो जाएंगे। अन्य मतदाताओं का भौतिक सत्यापन बीएलओ डोर टू-डोर सर्वे के जरिए करेंगे। इस संबंध में समस्त मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज दिखाने के बाद ही उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा। इसी काम में बीएलओ पर कार्रवाई की गई है। इन्हें किया निलंबित मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के तहत बीएलओ शेरसिंह सिकरवार, विवेकानंद मुखर्जी, शंभू सिंह रघुवंशी और रोशनी प्रजापति पर कार्रवाई हुई है। साथ ही कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी सिंह ने जिले के सभी बीएलओ और बीएलओ सुपरवाइजरों को निर्देशित किया है कि निर्वाचन कार्य में लापरवाही करने पर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मजदूरों की तबीयत बिगड़ी: दूषित पानी ने मंडी में मचाया हड़कंप, 38 अस्पताल में

चंडीगढ़  अनाज मंडी में दूषित दर्जन पानी पीने से एक के बाद एक दर्जन मजदूरों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। सभी ने उल्टी व दस्त की एक समान शिकायत की। देखते ही देखते मध्य रात्रि जब मजदूरों की तबीयत बिगड़ने के मामलों की संख्या बढ़ी तो मंडी प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल गए। सिविल अस्पताल के एडिशनल एस.एम.ओ. डा. कुलदीप राज ने बताया कि वर्तमान में सिविल अस्पताल में डायरिया के 38 मजदूर भर्ती हैं। तबीयत ज्यादा बिगड़ने की वजह से एक मजदूर को कुरुक्षेत्र के एल.एन. जे. पी. अस्पताल में रैफर किया गया है। सिविल अस्पताल में भर्ती मजदूर अरविंद, प्रवेश, राहुल व मलखान ने बताया कि दूषित पानी पीने की वजह उन्हें रात को दस्त और उल्टियां हुई। तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कर लिया गया।  अनाज मंडी एसोसिएशन के प्रधान स्वर्णजीत सिंह कालड़ा ने बताया कि दूषित पानी पीने की वजह से अनाज मंडी में 100 से अधिक मजदूर बीमार हैं। ऐसे में सिविल अस्पताल के अलावा कुछ मजदूर प्राइवेट अस्पतालों से इलाज करवा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अनाज मंडी में गोदाम के सामने पिछले 8 महीने से सीवरेज व पानी का पाइप लीक है। इस बारे मार्कीट कमेटी को कई बार शिकायत भी दी जा चुकी है लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की। उधर, स्वास्थ्य विभाग सहित उपमंडल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए है। कुरुक्षेत्र के डिप्टी सिविल सर्जन डा. प्रदीप की अगुवाई में एस.एम.ओ. डा. कीर्ति शर्मा व एडिशनल एस.एम.ओ. डा. कुलदीप राज ने अपनी पूरी टीम के साथ शाहाबाद अनाज मंडी का दौरा किया व मैडीकल कैंप लगाकर मजदूरों की जांच करके उन्हें दवाइयां भी दी गई।

राज्यपाल पटेल ने राजभवन में किया कन्या-पूजन

राज्यपाल  पटेल ने राजभवन में किया कन्या-पूजन कन्याओं को उपहार प्रदान किए और प्रदेश की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल महानवरात्रि पर्व पर राजभवन परिसर स्थित मंदिर में कन्या पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कन्याओं को तिलक लगाकर मिष्ठान और उपहार भेंट किए। राज्यपाल  पटेल ने माँ दुर्गा की विधिवत पूजा-अर्चना की। प्रदेश और देश के विकास और निवासियों के सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। इस अवसर पर राज्यपाल के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी  अरविंद पुरोहित, नियंत्रक हाउसहोल्ड मती शिल्पी दिवाकर सहित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।                                             

दुर्गा नवमी पर CM हेमंत ने किया संदेश साझा, मां भगवती से की सुख-समृद्धि की कामना

रांची देश भर में आज यानी बुधवार को दुर्गा नवमी मनाई जा रही है। वहीं, इस अवसर पर सीएम हेमंत सोरेन ने झारखंड वासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। सीएम हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥ महानवमी के शुभ और पावन अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं और जोहार। शक्ति, श्रद्धा, आराधना और सद्भाव का अखंड प्रतीक है यह पावन पर्व। इस शुभ अवसर पर मां सभी को सुख, शांति, समृद्धि और स्वस्थ जीवन प्रदान कर, सभी की मनोकामना पूर्ण करें। जय मां जगत जननी! बता दें कि नवमी एक पर्व है जो मुख्य रूप से दो महत्वपूर्ण घटनाओं के उपलक्ष्य में मनाया जाता है: राम नवमी, जो हिंदू भगवान राम के जन्म का प्रतीक है और चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है, तथा अन्य कई नवमियों का अपना महत्व होता है। रामनवमी मनाने का उद्देश्य भगवान राम के प्रति भक्ति व्यक्त करना और उनके जीवन से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करना है, जिसके लिए भक्त मंदिर जाते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं और पवित्र ग्रंथों का पाठ करते हैं।  

CM भगवंत मान का तोहफ़ा: हज़ारों युवाओं को मिलेगा रोज़गार

पटियाला मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज राजपुरा में एक नई पशु फीड फैक्ट्री का उद्घाटन किया। यह फैक्ट्री विदेशी कंपनी डी. होज़ द्वारा खोली गई है। कंपनी ने पंजाब में भारत का सबसे बड़ा प्लांट खोला है। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि इस फैक्ट्री से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कई लोगों को रोजगार मिलेगा। इस दौरान कंपनी के मालिक ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को नीदरलैंड आने का न्योता दिया गया। मुख्यमंत्री मान ने इस न्योते को स्वीकार करते हुए कहा कि जब भी उन्हें समय मिलेगा, वे जरूर आएंगे और अपने साथ कुछ किसान भाइयों को भी ले जाएंगे, जो नए तरीके से कुछ करना चाहते हैं। 

टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्क में फिर गुलजार, पन्ना सफारी का शुभारंभ, पर्यटकों में उत्साह

पन्ना   मध्यप्रदेश में वाइल्ड लाइफ के बीच रोमांचक पलों की सैर आज से शुरू हो गई है। अकेले सतपुड़ा और चूरणा को छोड़कर… एमपी के बाकी सभी टाइगर रिजर्व खुल चुके हैं। मानसून में छुट्टी पर रहे जंगलों की सैर करने का मजा आपको भी लेना है, तो बता दें कि यहां आने से पहले एडवांस बुकिंग जरूर करवा लें। नहीं तो आपको बेरंग लौटना पड़ सकता है। बता दें कि पहले ही दिन एमपी के टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्क में हजारों की संख्या में टूरिस्ट पहुंचे हैं। सतपुड़ा के लिए अभी और इंतजार कोर जोन 10 अक्र्टूबर तक बंद रहेगा। तेज बारिश से मढ़ई, चूरना की सड़कें खराब हो गई हैं। फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा ने निरीक्षण के बाद यह निर्णय लिया। अगले 15 दिन की बुकिंग फुल एमपी के 10 टाइगर रिजर्व (tiger reserve mp) में अक्टूबर के अगले 15 दिन बुकिंग लगभग फुल (Advance booking full) है। इन टाइगर रिजर्व में पहले ही दिन 7 हजार से ज्यादा टूरिस्ट ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। वहीं पुराने छह टाइगर रिजर्व में यह संख्या 5 हजार से भी ज्यादा है। दशहरा-दिवाली के अवकाश के कारण लोग अक्टूबर के पहले ही पखवाड़े की बुकिंग करवा चुके हैं। खासतौर पर बांधवगढ़, कान्हा और पेंच के साथ ही पन्ना में भी पूरे महीने आपको टिकट नहीं मिलने वाली। सुबह रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर नरेश यादव ने विधिवत फीता काटकर और पर्यटकों का तिलक कर जिप्सियों को प्रवेश दिया। इसके साथ ही गेट आम पर्यटकों के लिए खोल दिए गए। बरसाती मौसम में सुरक्षा कारणों से रिजर्व का कोर ज़ोन बंद रखा जाता है। अब मौसम साफ होने के बाद पर्यटक यहां बाघ, तेंदुआ, चिंकारा और कई दुर्लभ पक्षियों का दीदार कर सकेंगे। हर साल मानसून सीजन के दौरान टाइगर रिजर्व का कोर ज़ोन बंद रहता है। अक्टूबर की शुरुआत से सैलानियों को एक बार फिर रोमांचक सफारी का मौका मिल रहा है। पन्ना टाइगर रिजर्व के सहायक क्षेत्र संचालक मोहित सूद ने बताया कि इस बार भी अच्छे पर्यटक सीजन की उम्मीद है। उन्होंने जानकारी दी कि टाइगर रिजर्व की बुकिंग फरवरी 2026 तक के लिए अभी से शुरू हो चुकी है। मोहित सूद ने आगे बताया कि टाइगर रिजर्व के सुंदर जंगल, यहां से निकलने वाली केन नदी और यहां पाए जाने वाले वन्यजीव पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। इसके साथ ही पीटीआर के बाघों की अठखेलियां देखने भी पर्यटक पन्ना टाइगर रिजर्व आते हैं। सहायक क्षेत्र संचालक ने यह भी बताया कि पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में बोरादोह नामक एक पॉइंट पर पर्यटकों के लिए वोटिंग की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने कहा कि कई बार लोगों को वोटिंग के दौरान ही बाघों सहित अन्य वन्यजीवों के दीदार हो चुके हैं। वाइल्डलाइफ लवर्स को क्यों अट्रेक्ट कर रहा एमपी? बता दें कि मध्यप्रदेश टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या 785 है, जो देश में सबसे ज्यादा है। लेकिन हाल ही में वन विभाग ने यह कहते हुए चौंका दिया है कि यह संख्या बढ़ी है और वर्तमान में यहां 1000 के आसपास टाइगर हैं। सफारी की सैर और टाइगर का दीदार हुआ महंगा इस बार टूरिस्ट को जंगलों की सैर (tiger safari) और टाइगर के दीदार करना थोड़ा महंगा पड़ेगा। दरअसल विभाग ने 10% तक शुल्क बढ़ाया है। जिसके बाद 300 रुपए तक की अधिकतम वृद्धि देखने को मिली है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में अभी भारतीय टूरिस्ट को प्रीमियम डे का शुल्क 3050 रुपए है, इसमें 10% की वृद्धि की जाए तो यह 3050 से बढ़कर 3355 हो जाएगा। जिप्सी का शुल्क तीन हजार रुपए और जी-वन गाइड का शुल्क 600 रुपए देना होता है, अब इसके लिए भी आपको 6650 रुपए चुकाने होंगे। वहीं यदि आप जी-टू गाइड लेते हैं, तो उसे 600 रुपए के बजाय 480 रुपए देते होते हैं। होटल भी नहीं खाली टूरिस्ट की भीड़ से आबाद हुए टाइगर रिजर्व के आसपास के क्षेत्रों में सभी होटल एडवांस बुक हैं। ऐसे में आपका यहां बिना एडवांस बुकिंग के आना आपके लिए निराशा का सबब बन सकता है। जानें बुकिंग की क्या है स्थिति? -बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक से 15 अक्टूबर तक की बुकिंग फुल है। 147 वाहनों से करीब 800 टूरिस्ट सफारी करने को तैयार बैठे हैं। -पन्ना टाइगर रिजर्व में तीनों गेट की बुकिंग भी आज से 30 अक्टूबर तक फुल हो चुकी है। पहले दिन करीब 510 टूरिस्ट पार्क के अंदर जाने की अनुमति ले चुके हैं। – पेंच टाइगर रिजर्व में एक से 5 अक्टूबर तक एडवांस बुकिंग फुल हो चुकी है। एक दिन में करीब 500 टूरिस्ट के आने का अनुमान है। – कान्हा टाइगर रिजर्व में एक सप्ताह की बुकिंग फुल है। पहले दिन यहां 20 हजार टूरिस्ट पहुंचेंगे। वहीं यहां पर आज से 7 अक्टूबर तक वन्य संरक्षण सप्ताह भी शुरू हो गया है। – संजय टाइगर रिजर्व में भी इस सप्ताह की बुकिंग फुल हो चुकी हैं। यहां टूरिस्ट के लिए नौ वाहन हैं, जिनसे करीब 40 टूरिस्ट सफारी का मजा ले सकेंगे। कैसे पहुंचे? टाइगर रिजर्व/नेशनल पार्क (Tiger reserve in MP) पहुंचने नजदीकी एयरपोर्ट भोपाल, जबलपुर, बनारस, प्रयागराज, नागपुर हैं। रेलवे स्टेशन नर्मदापुरम, शहडोल, सिवनी, दमोह, मंडला फोर्ट, त्यौहारी, मड़वास, नागपुर हैं। वहीं आप बस या प्राइवेट टैक्सी के माध्यम से भी सड़क मार्ग से यहां पहुंच सकते हैं। ये जानवर देख सकते हैं बाघ, चीते (कूनो में), तेंदुआ, हाथी, बायसन, चीतल, हिरण, बारहसिंघा, गौर, भालू, सांभर, चौसिंगा, चिंकारा के साथ ही विलुप्त प्रजाति के पक्षी भी। 10 टाइगर रिजर्व (tiger reserve mp) – संजय दुबरी, सीधी – पन्ना, पन्ना, छतरपुर – सतपुड़ा, नर्मदापुरम – कान्हा, मंडला-बालाघाट – बांधवगढ़, शहडोल – पेंच, सिवनी-छिंदवाड़ा – वीरांगना दुर्गावती, दमोह – डॉ. विष्णु वाकणकर (रातापानी), भोपाल सीहोर, रायसेन – माधव- शिवपुरी – नौरादेही- सागर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व उमरिया जिले के लगभग 1536 वर्ग किमी में फैला है। पार्क प्रबंधन ने सफारी टिकट दर में 10% और गाइड चार्ज में 65% की बढ़ोत्तरी की है। नजदीकी एयरपोर्ट जबलपुर है। निजी वाहन से पहुंच सकते हैं। निकटतम रेलवे स्टेशन उमरिया है। कान्हा टाइगर रिजर्व मंडला-बालाघाट जिले में लगभग 2,051.74 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। नजदीकी एयरपोर्ट जबलपुर और निकटतम रेलवे स्टेशन चिरईडोंगरी है। पेंच टाइगर रिजर्व कुछ … Read more

राष्ट्रीय कीर्तिमान: बालोद में पिछले दो वर्षों से नहीं हुआ कोई बाल विवाह

बालोद छत्तीसगढ़ के बालोद जिले ने राष्ट्रीय पटल पर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह देश में पहला बाल विवाह मुक्त जिला बन गया है। ऐसा जिला प्रशासन के प्रयासों और आम जनता के सहयोग से संभव हो पाया है। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 27 अगस्त 2024 को बाल विवाह मुक्त नामक राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत की थी जिसके तहत बालोद जिले ने यह उपलब्धि हासिल की। यहां जिले की सभी 436 ग्राम पंचायत और नव नगरीय निकायों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए हैं। पिछले दो वर्षों में बालोद जिले से एक भी बाल विवाह का मामले सामने नहीं आया है। बालोद एक राष्ट्रीय उदाहरण बनकर सामने आया है। विधिक प्रक्रिया और सत्यापन आपको बता दें कि सरकारी आंकड़ों के हिसाब से पिछले दो वर्षों में बालोद जिले से बाल विवाह का एक भी मामला सामने नहीं आया। राष्ट्रीय स्तर पर विधिक प्रक्रिया और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पूरे जिले को बाल विवाह मुक्त घोषित किया गया। इस उपलब्धि के साथ बालोद ने पूरे देश के सामने एक मिसाल पेश की है। बालोद एक विकासशील जिला होने के साथ एक बेहतरीन उदाहरण बनता जा रहा है साक्षरता और समझदारी में भी। कलेक्टर ने कही ये बात बालोद जिले की इस उपलब्धि से प्रशासनिक और जनप्रतिनिधियों सहित आम जनता में खुशी है। जिला कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि यह सफलता प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और समुदाय की सामूहिक भागीदारी का परिणाम है। उन्होंने सभी पंचायतों व नगरीय निकायों के सहयोग के लिए आभार जताया। वहीं भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष चेमन देशमुख ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार और प्रशासन के बेहतरीन सहयोग और आम जनता की जागरूकता से यह काम संभव हो पाया है सभी जिलेवासी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र में बैठे हमारे प्रधानमंत्री जी ने जिस तरह का सपना बालोद, छत्तीसगढ़ या पूरे देश के लिए देखा है उसी दिशा में हमारा देश आगे बढ़ रहा है। यह गर्व की बात है कि बाल विवाह मुक्त भारत अभियान में बालोद ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है।

छात्राओं को सजा देने पर मचा बवाल: नवरात्र उपवास के कारण देर से आईं थीं स्कूल

हाथरस  यूपी के हाथरस में सासनी ब्लाक के संविलियन विद्यालय समामई में छात्राओं ने नवरात्र व्रत व पूजा करने में देरी से स्कूल पहुंचने पर शिक्षक द्वारा मुर्गा बनाए जाने का आरोप लगाया है। सूचना पर पहुंचे बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने स्कूल में हंगामा काटा और शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बच्चों का वीडियो वायरल होने पर कोतवाली सासनी पुलिस भी स्कूल पहुंच गई। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है। वहीं, बीएसए ने प्रकरण की जांच खंड शिक्षा अधिकारी सासनी को सौंपी है। सासनी कोतवाली क्षेत्र के गांव समामई स्थित कंपोजिट विद्यालय की कुछ छात्राओं ने मंगलवार को आरोप लगाया कि शिक्षक पुष्पेंद्र कुमार ने छात्राओं को क्लास रूम में मुर्गा बना दिया। वायरल वीडियो में छात्राओं का कहना था कि देरी से आने पर उनको मुर्गा बनाने के साथ डंडे भी लगाए गए। वीडियो में छात्रा का कहना है कि उन्होंने शिक्षक को व्रत के बारे में जानकारी नहीं दी। वहीं, घटना की जानकारी पर स्कूल पहुंचे बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। विद्यालय परिसर में जय श्री राम के नारे लगाए। विद्यालय में मौजूद अध्यापक से पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की नोकझोंक हो गई। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। इधर, हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आ गया। बजरंग दल का कहना है कि बुधवार को बीएसए से मिलकर शिकायत की जाएगी। मौके पर तहसीलदार, खंड शिक्षा अधिकारी और पुलिस भी पहुंच गई थी। दूसरी ओर शिक्षक पुष्पेंद्र कुमार का कहना है कि जो बच्चे आरोप लगा रहे हैं वो नियमित स्कूल नहीं आते और स्कूल का काम भी पूरा नहीं करते। जबकि विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को समय समय पर सम्मानित किया जाता है। मुर्गा बनाने व पूजा न करने के जो आरोप लगाए गए हैं वो पूरी तरह निराधार हैं। हाथरस बीएसए स्वाती भारती ने बताया कि कंपोजिट विद्यालय समामई का प्रकरण संज्ञान में आया है। पूरे मामले की विस्तृत जांच किए जाने के निर्देश खंड शिक्षा अधिकारी सासनी को दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया किसूचना मिलने पर पुलिस स्कूल पहुंची थी। फिलहाल किसी बच्चे के परिजनों ने कोई शिकायत नही की है। इंस्पेक्टर खुद वहाँ पहुँचे थे। अगर कोई शिकायत आती है तो जांच कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। बजरंग दल विभाग संयोजक हर्षित गौड़ ने बताया कि कार्यकर्ताओं ने सूचना दी थी कि स्कूल में व्रत रखने पर बच्चियों को मुर्गा बनाया गया है। इसलिए पदाधिकारियो के साथ विद्यालय पहुंचा था। वहां बच्चियों ने मुर्गा बनाने के बारे में बताया है। शिक्षक अभद्र टिप्पणी करता है।  

यूपी में सांप्रदायिक दंगे शून्य, योगी सरकार की कानून व्यवस्था बनी मिसाल

योगी सरकार की सख्ती से यूपी में सांप्रदायिक हिंसा पूरी तरह खत्म  यूपी में सांप्रदायिक दंगे शून्य, योगी सरकार की कानून व्यवस्था बनी मिसाल  NCRB रिपोर्ट के अनुसार, पूरे देश के मुकाबले यूपी में अपराध एक चौथाई कम – 2017 के बाद यूपी अब शांति व सामाजिक सद्भाव का बन चुका है गढ़  – विभिन्न अपराध श्रेणियों में भी यूपी में दर्ज की गई उल्लेखनीय कमी  – अपराध में कमी योगी सरकार की सख्त नीतियों और त्वरित कार्रवाई का परिणाम  लखनऊ राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की 'क्राइम इन इंडिया 2023' रिपोर्ट ने उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार की कानून-व्यवस्था की सराहना की है। NCRB के आंकड़े के मुताबिक 2023 में यूपी में सांप्रदायिक एवं धार्मिक दंगों की संख्या शून्य रही है। योगी से पहले यूपी में ऐसा कभी नहीं हुआ। यही नहीं पूरे देश के मुकाबले यूपी में अपराध एक चौथाई कम है। देश के सबसे बड़े राज्य में कुल अपराध दर राष्ट्रीय औसत से 25% कम रही, जो 448.3 के मुकाबले 335.3 रही। एनसीआरबी के आंकड़े साबित करते हैं कि 2017 के बाद यूपी अब शांति व सामाजिक सद्भाव का गढ़ बन चुका है।   सांप्रदायिक दंगों पर जीरो टॉलरेंस की नीति बनी कारगर एनसीआरबी रिपोर्ट में यूपी में सांप्रदायिक दंगों की संख्या शून्य बताई गई, जो 2017 से प्रदेश में चली आ रही जीरो टॉलरेंस नीति का जीवंत उदाहरण है। वहीं दूसरी ओर 2012-2017 के बीच पांच वर्षों की बात करें तो ये आंकड़े भयावह हैं। आंकड़ों के अनुसार 815 दंगे हुए, जिनमें 192 लोगों की जान गई, जबकि 2007-2011 में 616 घटनाओं में 121 मौतें हुईं। इसके विपरीत, 2017 के बाद यूपी में कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ। बरेली और बहराइच में दो हिंसक झड़पें हुईं, लेकिन योगी सरकार ने 24 घंटे के भीतर शांति बहाल कर स्थिति को नियंत्रित किया। बरेली की घटना पर त्वरित कार्रवाई ने कानून-व्यवस्था को और मजबूती प्रदान की है।  सख्त कानून व्यवस्था ने अपराधों पर लगाया लगाम  सीएम योगी की सख्त नीतियों की वजह से राज्य में अपराध पर लगाम लगा है एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, यूपी में विभिन्न अपराध श्रेणियों में राष्ट्रीय औसत से उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। बलवा के मामलों में भारत में 39,260 मामले (क्राइम रेट 2.8) के मुकाबले यूपी में 3,160 मामले (क्राइम रेट 1.3) रहे, जो राष्ट्रीय औसत से आधी से भी कम है और यूपी को देश में 20वें स्थान पर है। वहीं फिरौती के लिए अपहरण के मामले देश में 615 घटनाएं हुई जिसकी तुलना में यूपी में मात्र 16 घटनाओं के साथ देश में 36वें स्थान पर है। डकैती (IPC 395) के मामलों में भारत में 3,792 (क्राइम रेट 0.3) के मुकाबले यूपी में 73 मामले दर्ज हुए, जो इसे 'नियर जीरो' क्राइम रेट की श्रेणी में लाता है। बड़ी जनसंख्या के बावजूद यह कमी योगी सरकार की सख्त नीतियों और त्वरित कार्रवाई का परिणाम है। शांति और सुरक्षा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही योगी सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पारदर्शी शासन, सख्त कानूनी कार्रवाई ने अपराधों पर अंकुश लगाने में कामयाब हुई है। एनसीआरबी की रिपोर्ट योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का परिणाम है। यूपी में शांति और सुरक्षा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही योगी सरकार की यह उपलब्धि न केवल यूपी के लिए गर्व का विषय है, बल्कि अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा है।

दशहरा-दीवाली पर योगी सरकार का गिफ्ट, UPSRTC की AC बसों में 10% तक किराया कम

दशहरा-दीपावली पर योगी सरकार का तोहफा, यूपीएसआरटीसी की एसी बसों में 10% तक कम होगा किराया एसी बसों में सफर होगा सस्ता, जनरथ, पिंक, शताब्दी और वोल्वो बसों पर छूट लागू अधिक यात्रियों को आकर्षित करने के लिए चालक-परिचालकों को काउंसलिंग के जरिए किया जा रहा प्रेरित यात्री सुविधाओं को बढ़ावा देने का योगी सरकार का संकल्प लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेशवासियों को दशहरा और दीपावली पर तोहफ़ा दिया है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (UPSRTC) द्वारा संचालित सभी वातानुकूलित बसों के किराए में की गई लगभग 10% की कमी को अग्रिम आदेशों तक जारी रखा जाएगा। यात्री सुविधाओं को बढ़ावा देने का संकल्प परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि योगी सरकार जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस निर्णय से यात्रियों को कम किराए में आरामदायक सफ़र की सुविधा मिलेगी। यह छूट जनरथ, पिंक, शताब्दी, वोल्वो, वातानुकूलित शयनयान जैसी सेवाओं पर लागू होगी। हालांकि, 01 जनवरी 2024 के बाद पंजीकृत नई वातानुकूलित बसों पर यह छूट लागू नहीं होगी। किराया संरचना (वातानुकूलित बस सेवाएं) ▪️3*2 बस सेवा – ₹1.45 प्रति किलोमीटर ▪️2*2 बस सेवा – ₹1.60 प्रति किलोमीटर ▪️हाई एंड (वोल्वो) बसें – ₹2.30 प्रति किलोमीटर ▪️वातानुकूलित शयनयान – ₹2.10 प्रति किलोमीटर निगम की आय और सेवाओं पर ध्यान परिवहन मंत्री ने निर्देश दिए कि निगम की सकल आय पर असर न पड़े इसके लिए बसों पर तैनात चालक-परिचालकों को प्रेरित कर अधिक यात्रियों को आकर्षित करने हेतु विशेष काउंसिलिंग की जाएगी।