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हमें किसी की जमीन नहीं चाहिए, लेकिन अपनी रक्षा करेंगे: राजनाथ सिंह

महू  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- हमें किसी की जमीन नहीं चाहिए लेकिन अपनी जमीन की रक्षा के लिए हम किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। जब हम आगे की ओर देखते हैं, तो हमें याद रखना चाहिए कि भारत के सामने चुनौतियां बड़ीं हैं. उन्होंने कहा- देश की रक्षा केवल सीमा पर तैनात सैनिकों द्वारा ही नहीं की जाती, बल्कि नई तकनीक विकसित करने वाले वैज्ञानिकों, हथियार प्रणाली बनाने वाले उद्योगपतियों और अगली पीढ़ी को युद्ध के लिए तैयार करने वाले शिक्षकों द्वारा भी की जाती है। राजनाथ ने यह बात महू में आयोजित रण संवाद 2025 के दूसरे दिन बुधवार को कही। उन्होंने कहा- हमें अपनी एकता, अपनी स्पष्ट नीयत और पूरी प्रतिबद्धता के साथ इस देश को आगे ले जाना है। इसी आत्मविश्वास के साथ हम 2047 की ओर पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेंगे। भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। रणनीति को मजबूत करेगा रण संवाद रक्षा मंत्री राजनाथ ने कहा- मैं कहना चाहूंगा कि आज का 'रण संवाद' सिर्फ विचारों का आदान-प्रदान नहीं है बल्कि सुरक्षा, नीति-निर्माण और तीनों सेनाओं के विभिन्न पहलुओं को समझने का एक अवसर है। यहां होने वाली चर्चाएं हमें यह सोचने का अवसर देंगी कि हम भारत को कैसे और अधिक सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बना सकते हैं। ये न केवल रक्षा रणनीति को मजबूत करेंगी बल्कि एक दीर्घकालिक दृष्टिकोण बनाने में भी मददगार साबित होंगी। युद्ध का स्वरूप बदल रहा है आधुनिक दौर में युद्ध अब सिर्फ जमीन, समुद्र और आकाश तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि अंतरिक्ष और साइबर स्पेस तक फैल चुके हैं। सैटेलाइट सिस्टम, एंटी-सैटेलाइट हथियार और स्पेस कमांड सेंटर अब शक्ति के नए साधन बन गए हैं। आज साइबर वॉरफेयर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन और सैटेलाइट आधारित निगरानी युद्ध की नई दिशा तय कर रहे हैं। नॉन-लीनियर और मल्टी-डोमेन वारफेयर की चुनौती आज के समय में युद्ध का कोई तयशुदा स्वरूप नहीं है। यह युग नॉन-लीनियर और मल्टी-डोमेन वारफेयर का है। ऐसे में हमें अपनी रणनीति को लचीला और समयानुकूल बनाना होगा। किसी निश्चित युद्ध नीति पर आंख मूंदकर भरोसा करना अब संभव नहीं है। संवाद है भारत की परंपरा वैश्विक माहौल में संवाद की कमी ही टकराव और शत्रुता का बड़ा कारण बनती है। युद्धकाल में भी संवाद के रास्ते खुले रखना जरूरी है। भारतीय परंपरा में युद्ध और संवाद हमेशा एक-दूसरे से जुड़े रहे हैं। युद्ध से पहले संवाद हमारी संस्कृति का हिस्सा रहा है। रणनीतिक-कूटनीतिक दृष्टिकोण को नई दिशा मिलेगी रण संवाद केवल अकादमिक अभ्यास नहीं, बल्कि भारत की सामरिक और कूटनीतिक सोच को परिष्कृत करने वाला मंच है। यहां से निकलने वाले विचार भविष्य में भारत की रक्षा रणनीति को मजबूत करेंगे और दीर्घकालिक कूटनीति को दिशा देंगे। लेफ्टिनेंट जनरल हरजीत सिंह शाही ने कहा कि रण संवाद यानी युद्ध पर संवाद, एक प्लेटफॉर्म है। जिसका उद्देश्य युद्ध कला और युद्ध संचालन की ट्रेनिंग है। यह इस विश्वास पर आधारित है कि जो लोग युद्ध की योजना बनाते हैं, प्रशिक्षण देते हैं और उसको अंजाम देते हैं, उन्हें युद्ध के प्रमाणों की सामूहिक जिम्मेदारी उठानी है। ये सेमिनार ऐसा मंच उपलब्ध कराता है, जहां यूनिफॉर्म लर्नर, स्कॉलर्स, टेक्नोलॉजिस्ट, पॉलिसी मेकर, इंडस्ट्री और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर विचार विमर्श करते हैं। इस साल के सेमिनार का थीम है- इम्पैक्ट ऑफ टेक्नोलॉजी ऑफ वॉर फेयर। दो सब थीम भी हैं। एक- इमरजिंग टैक्नोलॉजी इन्टरेक्ट ऑफ फ्यूचर वॉर…दूसरी- जिस पर आज चर्चा हो रही है रिफॉर्म इन ट्रेनिंग कैटेलाइज टेक्नोलॉजिकल एंड डेवलपमेंट। इसमें ट्रेनिंग इनिशिएटिव ऑफ सिस्टम, इनडिकेटर एक्सरसाइजेज एंड टेक्नोलॉजी पर विचार-विमर्श करेंगे। पहले दिन सीडीएस ने कहा था- ऑपरेशन सिंदूर जारी है रण संवाद 2025 के पहले दिन मंगलवार को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने कहा था- भले ही भारत शांतिप्रिय देश है, लेकिन हम शांतिवादी नहीं हैं। दुश्मन गलतफहमी में न रहे। देश की सेनाएं युद्ध के लिए हमेशा तैयार हैं। सीडीएस चौहान ने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है। ऑपरेशन सिंदूर एक आधुनिक संघर्ष था, जिससे हमने कई सबक सीखे। उनमें से ज्यादातर पर अमल चल रहा है।

खजराना गणेश का भव्य श्रृंगार, सीहोर में 10 दिवसीय मेला और उज्जैन में भोग

उज्जैन/सीहोर/इंदौर  प्रदेश भर में आज से 10 दिवसीय गणेश उत्सव शुरू हो गया है। इस बार चित्रा नक्षत्र, भाद्रपद चतुर्थी और बुधवार के खास संयोग में गणेश जी विराजमान होंगे।उज्जैन का चिंतामण गणेश मंदिर देश का एकमात्र मंदिर है, जहां एक साथ तीन स्वरूप चिंतामन, इच्छामन और सिद्धि विनायक के दर्शन होते हैं। भगवान को एक लाख लड्डुओं का भोग लगाया गया। इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में भगवान का 5 किलो सोने के आभूषणों से श्रृंगार किया गया है। आभूषणों की कीमत करीब 5 करोड़ रुपए है। सीहोर के विक्रमादित्य कालीन चिंतामन सिद्ध गणेश मंदिर में उल्टा स्वास्तिक बनाकर मनोकामना मांगते हैं। ग्वालियर के अर्जी वाले गणेश जी को राजस्थान से आए मोटी बूंदी के लड्‌डू का ही भोग लगता है। गणेश चतुर्थी के अवसर पर हम आपको प्रदेश के प्रसिद्ध गणेश मंदिरों से रूबरू कराएंगे। बताएंगे कि क्या रहेगा आरती का समय, कब मंदिर खुलेंगे और कब बंद होंगे पट। विश्व प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी पर आस्था का जन सैलाब उमड़ा. मंदिर प्रशासन के मुताबिक इस बार गणेश चतुर्थी के पहले दिन 5 लाख से ज्यादा भक्त खजराना गणेश के दर्शन कर सकते हैं. पहला दिन 24 घंटे मंदिर का पट भक्तों के दर्शन के लिए खुला रहेगा.  खजराना गणेश का गणेश चतुर्थी के पहले दिन 5 करोड़ के गहनों से होगा मनमोहक श्रृंगार किया गया. प्रशासन का दावा है कि 5 लाख श्रद्धालु बुधवार को खजराना गणेश के दर्शन कर सकते हैं. विश्व प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर का लगभग 300 साल पुराना इतिहास है. बिग बी अमिताभ बच्चन, अभिनेत्री सारा अली खान, क्रिकेटर रोहित शर्मा हर साल खजराना गणेश के दर्शन के लिए इंदौर आते हैं. वृंदावन के फूलों से खजराना गणेश के गर्भ ग्रह को सजाया गया है. पूरा मंदिर विदेशी फूलों से डेकोरेट किया गया है. सुबह से मंदिर में भक्तों का तांता लगा हुआ है. 24 घंटे गर्भ गृह का पट खजराना गणेश के दर्शन के लिए भक्तों के लिए आज खुले रहेंगे.  खजराना गणेश मंदिर, खजराना गणेश मंदिर इंदौर, खजराना गणेश मंदिर मध्य प्रदेश, खजराना गणेश मंदिर के दर्शन, खजराना गणेश मंदिर कहां है, गणेश चतुर्थी  देश के अमीर मंदिरों में से एक है इंदौर का खजराना गणेश मंदिर. लगभग 5 करोड़ रुपये के सोने और हीरे से बना मुकुट खजराना गणेश के सिर पर है. खजाना गणेश का गर्भ गृह चांदी से चमक रहा है.  सोने हीरे और नवरत्न से खजराना गणेश का मनमोहक श्रृंगार किया गया है. बुद्धि, समृद्धि और विघ्नहर्ता के देवता भगवान गणेश का दर्शन करने के लिए इंदौर में आस्था का जनसैलाब उमड़ रड़ा. सुबह से ही खजराना गणेश मंदिर में भक्तों की लगी लंबी-लंबी कतार देखने को मिल रही है. रात 12 बजे से खजराना गणेश मंदिर के पट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए. खजराना गणेश मंदिर का निर्माण होलकर वंश की महारानी देवी अहिल्याबाई होल्कर ने 1735 में करवाया था. उन्होंने औरंगजेब के हमलों से बचाने के लिए कुएं में छिपाकर रखी गई मूर्ति को बावड़ी से बाहर निकालकर मंदिर स्थापित करवाया था. यह मंदिर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करने के लिए प्रसिद्ध है. यहां बुधवार और रविवार को भक्तों की भारी भीड़ रहती है. मंदिर का प्रबंधन भट्ट परिवार करता है, जिसने मूर्ति की खोज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.एक कथा के अनुसार औरंगजेब के आक्रमण के दौरान भगवान गणेश की मूर्ति को तत्कालीन पुजारियों को एक कुएं में सुरक्षित छिपा दिया गया था. फिलहाल जो अब बावड़ी बन चुका हैं और आज भी खजराना गणेश मंदिर के परिसर में हैं. कहते हैं कि पंडित मंगल भट्ट को सपने में भगवान गणेश ने दर्शन दिए और मूर्ति को कुएं से निकालकर उसे स्थापित करने का आदेश दिया था.  

सुशासन एक्सप्रेस रथ घर-घर पहुंच रही शासन की सेवाएं- मुख्यमंत्री

रायपुर : विष्णु के सुशासन में ग्रामीणों की समस्याओं का हो रहा त्वरित निराकरण सुशासन एक्सप्रेस रथ घर-घर पहुंच रही शासन की सेवाएं- मुख्यमंत्री  रायपुर जिला प्रशासन द्वारा सुशासन को लेकर की जा रही अभिनव पहल रायपुर रायपुर जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री के निर्देश में आम जनता को शासन की योजनाओं और सेवाओं को घर के समीप पहुंचाने की दिशा में “सुशासन एक्सप्रेस” नाम से एक अभिनव और अनुकरणीय पहल शुरू की गई है, जो जनसमस्याओं के त्वरित निदान मॉडल के रूप में स्थापित हुई है। इसका शुभारंभ 29 मई को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के तहत ग्राम भैंसा में आयोजित समाधान शिविर में किया था। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में प्रारंभ की गई इस पहल के माध्यम से हजारों ग्रामीणों को शासन की दो दर्जन से अधिक सेवाओं का लाभ सहजता से मिलने लगा है।  ग्रामीणों ने कहा अब घर के समीप ही मिल रही है सुविधा ग्राम पंचायत संकरी के युवा उत्तम साहू के लिए खुशी का क्षण था जब घर बैठे ही उन्हें लर्निंग लाइसेंस मिल गई, जो उनके गांव में आए सुशासन रथ से मिली। उत्तम कहते हैं कि उनके घर में अन्य सदस्यों ने लाइसेंस बनाया तो गांव के बाहर जाना पड़ा था और समय भी लगा था, अब कुछ दिन पहले गांव में कोटवार ने हांका लगाया तो सुशासन रथ आने की जानकारी मिली। मैंने वहां जा कर आवेदन किया। प्रक्रिया पूरी हुई और मुझे लाइसेंस मिल गया। सांकरा के रहने वाले राजेश कुमार यादव भी बड़े प्रफुल्लित हैं  कि उनका राशन कार्ड बन गया, इसके लिए बार-बार पंचायत कार्यालय में जाना नहीं पड़ा  उन्होंने सुशासन रथ में आवेदन दिया, प्रक्रिया पूरी होने के बाद राशन कार्ड बन गया। उत्तम और राजेश मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहते हैं कि अब जिला प्रशासन रायपुर द्वारा उनके घर के समीप ही शासकीय सेवाएं मिल रही हैं जिसके लिए उन्हें अलग से समय निकाल कर जाना पड़ता था, कई बार कागजात अपूर्ण होने पर दुबारा भी जाना पड़ता था।  67 हजार से अधिक आवेदनों का त्वरित निराकरण सुशासन एक्सप्रेस के माध्यम से अब तक कुल 75,864 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 67,788 आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जा चुका है। शेष लंबित आवेदनों की कार्यवाही भी प्राथमिकता से की जा रही है। सुशासन एक्सप्रेस के माध्यम से अब तक जरूरतमंद 15,741 आवेदकों को आय प्रमाण पत्र, 5741 को जाति प्रमाण पत्र, 4273 को निवास प्रमाण पत्र, 7536 को आयुष्मान भारत कार्ड, 6014 को राशन कार्ड, 8269 को ड्राइविंग लाइसेंस, 1306 को किसान क्रेडिट कार्ड, 2051 को नरेगा जॉब कार्ड, 577 को जन्म प्रमाण पत्र, 50 को मृत्यु प्रमाण पत्र, 4093 श्रमिकों को श्रम कार्ड, 5070 लोगों को आधार कार्ड, 883 को किसान किताब, 814 पात्र आवेदकों को पेंशन, 1346 एचएसआरपी का लाभ देेने के साथ ही महिला एवं बाल विकास, पुलिस, आवास सहित अन्य योजनाओं से भी बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित हो रहे हैं।  गांव में ही लग रहा ‘वन-स्टॉप कैंप किसी भी गांव में सुशासन एक्सप्रेस पहुंचने से तीन दिन पहले सूचना जारी की जाती है। मौके पर पटवारी, पंचायत सचिव, स्वास्थ्य टीम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आधार व आयुष्मान कार्ड बनाने वाले कर्मचारी और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहते हैं। इस तरह गांव में ही छोटा ‘वन-स्टॉप शिविर’ तैयार हो जाता है। प्रथम चरण- पूर्ण, अब सुशासन एक्सप्रेस दूसरे चरण में  प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार-2025 के सकारात्मक परिणाम को देखते हुए जिला प्रशासन रायपुर ने इसी तर्ज पर सुशासन एक्सप्रेस की शुरूआत की, जिसका उद्देश्य शासकीय अमले का एक साथ गांवों में पहुंचकर उनकी समस्याओं और आवेदनों का तत्परता से निराकरण करना है। सुशासन एक्सप्रेस के प्रथम चरण की शुरूआत अभनपुर, आरंग, धरसींवा और तिल्दा विकासखण्ड के गांवों से हुई। उक्त चारों विकासखण्डों की 300 से अधिक ग्राम पंचायतों में तथा नगर पंचायत आरंग के 17 वार्डों में सुशासन एक्सप्रेस के माध्यम से समस्याओं और आवेदनों का तत्परता से निराकरण किया गया। प्रथम चरण की सफलता के बाद अब जिला प्रशासन ने इसका दूसरा चरण भी प्रारंभ कर दिया है, जिसमें अभनपुर, धरसींवा एवं तिल्दा विकासखंड के ग्रामीण इलाके शामिल है, जहां सुशासन एक्सप्रेस निर्धारित तिथियों में पहुंच रही है। सुशासन एक्सप्रेस के साथ गांव-गांव में पहुंचकर विभिन्न विभागों का मैदानी अमला लोगों की समस्याओं और आवेदनों का निराकरण कर रहा है।  नाम मात्र खर्च में बड़ा बदलाव कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने बताया कि जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए सुशासन एक्सप्रेस संचालित करने के आइडिया को मूर्तरूप देने के लिए कंडम हो चुकी चार एंबुलेंस को जिला प्रशासन द्वारा मरम्मत कराकर इन्हें सुशासन एक्सप्रेस में परिवर्तित किया गया। नाम मात्र खर्च में तैयार किए गए इन मोबाइल सेवा वैन ने ग्रामीण अंचलों में सुशासन की नई राह प्रशस्त की है। रायपुर जिले की सुशासन एक्सप्रेस की सफलता वास्तव में शासन-प्रशासन की इच्छाशक्ति, नवाचार और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति पहुंचाने की दिशा में एक अनुकरणीय मॉडल है।

भाषाई एकता का केंद्र बनेगा मध्य प्रदेश, परमार बोले- पूरे देश में जाएगा संदेश

हिंदी भाषी मप्र से, देश भर में गुंजायमान होगा "भाषाई एकात्मता" का संदेश: उच्च शिक्षा मंत्री परमार प्रदेश के प्रत्येक विश्वविद्यालय में सिखाई जाएगी भारतीय भाषा : मंत्री परमार उच्च शिक्षा मंत्री ने मंत्रालय में समस्त सार्वजनिक विश्वविद्यालयों की समीक्षा की भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में मंत्रालय स्थित सभाकक्ष में, प्रदेश के समस्त सार्वजनिक विश्वविद्यालयों की समीक्षा बैठक हुई। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि देश के हृदय प्रदेश की संज्ञा से सुशोभित हिंदी भाषी मध्यप्रदेश, भारत की अनेकता में एकता की संस्कृति को चरितार्थ करते हुए एक नई पहल करने जा रहा है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में देश की सभी प्रमुख भाषाओं को सिखाने के लिए कोर्स कराए जाएंगे ताकि प्रदेश का युवा देश के किसी भी राज्य या क्षेत्र में जाए तो वहां के निवासियों से सहजता से संवाद कर सकें और एकरूप हो सकें। परमार ने कहा कि हम इस नवाचार के माध्यम से सभी भाषाओं के प्रति अपना प्रेम संदेश भी प्रेषित करना चाहते हैं। परमार ने कहा कि भारत अलग- अलग भाषाओं और बोलियों का देश है लेकिन इसकी आत्मा एक है। हमारा यह नवाचार, देश भर में भाषाई एकात्मता का संदेश देगा। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग अंतर्गत 17 सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में, देश की विभिन्न भारतीय भाषाओं को सिखाने के लिए सर्टिफिकेट एवं डिप्लोमा कोर्स अथवा क्रेडिट के साथ सामान्य पाठ्यक्रम में सम्मिलित करके, प्रारंभ किए जाने को लेकर व्यापक कार्ययोजना के साथ क्रियान्वयन करें। परमार ने कहा कि समस्त विश्वविद्यालयों को भारतीय भाषाओं को सिखाने के लिए, भाषाएं आबंटित की गई हैं। प्रत्येक विश्वविद्यालय आवंटित भाषाओं को सिखाने के लिए कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वयन करेंगे। इससे प्रदेश के विश्वविद्यालयों से, पूरे देश में भाषाई सौहार्दता का संदेश जाएगा। भाषाएं जोड़ने का काम करती हैं, तोड़ने का नहीं; यह व्यापक संदेश प्रदेश के उच्च शैक्षणिक संस्थानों से देश भर में गुंजायमान होगा। मंत्री परमार ने कहा कि प्रदेश की उच्च शिक्षा को लेकर धारणाओं मे परिवर्तन आना चाहिए, इसके लिए सभी विश्वविद्यालयों को उच्च शिक्षा को गुणवत्ता पूर्ण बनाने के लिए निरंतर क्रियाशील रहना होगा। परमार ने समस्त विश्वविद्यालयों से रिक्त पदों की अद्यतन जानकारी प्राप्त की और विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक पदों में भर्ती की प्रक्रिया, रोस्टर के पालन के साथ नियमानुरूप शीघ्र करने के निर्देश दिए। परमार ने कहा कि विश्वविद्यालय को इकाई मानकर, रोस्टर का निर्धारण कर पदपूर्ति की प्रकिया पूर्ण करें और पदपूर्ति के लिए सभी विश्वविद्यालय शीघ्र विज्ञापन जारी करें। परमार ने नकल पर नकेल कसने के लिए, उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन एवं डिजिटल सिक्योरिटी पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। परमार ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय परीक्षा एवं मूल्यांकन की पारदर्शिता के लिए डिजिटल मूल्यांकन को बढ़ावा दें और मेधावी विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं को अपने पोर्टल पर सार्वजनिक उपलब्ध कराए ताकि इससे अन्य विद्यार्थी प्रोत्साहित हों। परमार ने विश्वविद्यालय परिसर को विद्यार्थी केन्द्रित एवं आकर्षक बनाने को भी कहा। विद्यार्थियों की अंकसूची एवं डिग्री की उपलब्धता, डिजिलॉकर में सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए। बैठक में मंत्री परमार ने समस्त विश्वविद्यालयों के विविध कार्यों, गतिविधियों, संस्थागत आवश्यकताओं एवं कार्ययोजनाओं पर बिंदुवार विस्तृत चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में विश्वविद्यालयों के रिक्त पदों पर भर्ती, उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन एवं डिजिटल सिक्योरिटी, भारतीय भाषा का अध्ययन एवं क्रेडिट से जोड़ना, अपार/स्वयं/समर्थ पोर्टल पर प्रगति, विभिन्न परियोजनाओं (वर्ल्ड बैंक/रुसा/राज्य) के अंतर्गत निर्माण कार्य, सेंटर फॉर एक्सीलेंस के अनुदान व्यय, विश्वविद्यालय परिसर को विद्यार्थी केंद्रित एवं आकर्षक बनाने की कार्ययोजना, छात्रावासों को सुविधायुक्त बनाए जाने की कार्ययोजना, सुदृढ़ वित्तीय एवं लेखांकन प्रणाली अपनाया जाना, भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की गतिविधियां एवं मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी पुस्तक सहायता केंद्र में पुस्तकों की उपलब्धता एवं विक्रय को लेकर व्यापक विमर्श हुआ। बैठक में भाषाओं को सिखाने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाकर, कोर्स सिलेबस एवं शेष प्रक्रिया निर्धारित करने के लिए चार विवि के कुलगुरुओं की एक समिति का गठन किया गया। बैठक में विश्वविद्यालयों को सिखाए जाने को लेकर भारतीय भाषाएं आबंटित की गई। इसमें बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल को तमिल, जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर को कन्नड़, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इन्दौर को मराठी एवं तेलगू, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर को तेलगू एवं पंजाबी, अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा को सिंधी और गुजराती, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन को मलयालम,सिंधी और असमिया, महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय छतरपुर को गुजराती, राजा शंकरशाह विश्वविद्यालय छिन्दवाड़ा को तमिल और मराठी, पंडित शंम्भूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय शहडोल को बांग्ला, क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय खरगौन को गुजराती, महात्मा गाँधी विश्वविद्यालय चित्रकूट को उड़िया और महर्षि पाणिनी विश्वविद्यालय उज्जैन को उड़िया भाषा सिखाने के लिए भाषा का आवंटन किया गया है। ये विश्वविद्यालय, उक्त आवंटित भाषा सिखाने के लिए क्रियान्वयन करेंगे। बैठक में विभिन्न विश्वविद्यालय के कुलगुरुओं ने उच्च शिक्षा में गुणात्मक वृद्धि के लिए आवश्यक एवं महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा एवं सभी सार्वजनिक विश्वविद्यालयों के कुलगुरू एवं कुलसचिव सहित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।  

राहुल फाजिलपुरिया को निशाना बनाने पहुंचे शूटरों का एनकाउंटर, 4 गोली से घायल

 गुरुग्राम बॉलीवुड सिंगर राहुल फाजिलपुरिया की हत्या करने गुरुग्राम आए 5 शूटरों की STF के साथ बुधवार को मुठभेड़ हो गई. जिसके बाद पांचों शॉर्प शूटरों को गिरफ्तार कर लिया गया. बताया जाता है कि विदेश में बैठे गैंगस्टरों ने राहुल फाजिलपुरिया की हत्या के किए शूटर भेजे थे. आपको बता दें कि इससे पहले भी एक बार राहुल पर जानलेवा हमला हो चुका है. जबकि राहुल के फाइनेंसर की हत्या पहले ही की जा चुकी है. इसी बीच बुधवार को STF और क्राइम ब्रांच गुरुग्राम को सूचना मिली थी कि राहुल फाजिलपुरिया की विदेश में बैठे गैंगस्टर दीपक नांदल और रोहित सिरधानिया हत्या की साजिश को अंजाम देने वाले हैं. इसी सूचना पर गुरुग्राम STF और गुरुग्राम पुलिस की आधा दर्जन क्राइम यूनिट्स के तमाम अधिकारियों ने पटौदी रोड के वजीरपुर इलाके में ट्रैप लगाया. जहां बिना नंबर प्लेट के इनोवा कार पर टीम को शक हुआ. टीम ने जैसे ही उसे रोकने की कोशिश की, वैसे ही इनोवा में बैठे हथियारबंद बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी. दोनों तरफ से हुई फायरिंग में चार बदमाशों को पैरों में गोली लगी. जिसके बाद 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया. एसटीएफ गुरुग्राम के डीएसपी प्रितपाल सिंह ने फोन पर हुई बातचीत में एनकाउंटर पर बयान दिया. जिसके मुताबिक गिरफ्तार सभी बदमाश विदेश में बैठे गैंगस्टर रोहित सिरधानिया और दीपक नांदल के शार्प शूटर हैं. जिनकी पहचान झज्जर के रहने वाले विनोद पहलवान, सोनीपत के रहने वाले पदम उर्फ राजा, शुभम उर्फ काला, गौतम उर्फ गोगी और आशीष उर्फ आशु के रूप में हुई है. गिरफ्तार किए गए शूटरों में से 4 को पैरों में गोलियां लगी हैं. जिन्हें गुरुग्राम के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. फिलहाल मामले में सभी से पूछताछ की जा रही है. एसटीएफ ने दावा किया है कि पूछताछ में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं. 

दुर्गवासियों के लिए खुशखबरी: महाराजा चैक से बोरसी तक बनेगा फोरलेन रोड

फोरलेन प्रोजेक्ट की सौगात, दुर्ग को मिली नई सुविधा – मंत्री गजेन्द्र यादव निर्माण हेतु 23.96 करोड़ की स्वीकृति रायपुर दुर्ग शहर विधानसभा क्षेत्र में एक और फोरलेन सड़क बनाने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुर्गवासियों को सौगात दी है। केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव के प्रयास से 2024-25 के बजट में स्वीकृत कार्य को प्रारंभ करने शासन ने 23.96 करोड़ की राशि की स्वीकृति मिली है। महाराजा चैक से बोरसी तक 1.80 किलोमीटर सड़क चैड़ीकरण के साथ-साथ जल निकासी व्यवस्था, डिवाइडर, स्ट्रीट लाइट आदि को भी दुरूस्त किया जाएगा। इस सड़क के चैड़ीकरण होने से यहां से गुजरने वाले हजारों वाहनों का यातायात सुगम होगा। वहीं शहर के भीतरी क्षेत्र में लंबे समय से बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने में उपयोगी होगा। उतई और पाटन क्षेत्र के रहवासियों को भी इस सड़क चैड़ीकरण से राहत मिलेगी। गौरतलब है कि क्षेत्र के नागरिक इस सड़क के चैड़ीकरण की मांग बरसों से कर रहे थे, उनकी लंबित मांग को प्रदेश के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव ने गंभीरता से लिया और इंजीनियरों की टीम के साथ मौके का निरीक्षण कर प्रस्ताव तैयार कराया और 23.96 करोड़ रुपये की स्वीकृति दिलाई। केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि दुर्ग शहर के सतत विकास और नागरिकों की सुविधा हमारी पहली प्राथमिकता है। महाराजा चैक से बोरसी मार्ग का फोरलेन कार्य पूरा होने के बाद यहां ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों का समय बचेगा। इससे न केवल दुर्ग शहर के नागरिकों को राहत मिलेगी बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को भी सुगम यातायात का लाभ प्राप्त होगा।

अम्बिकापुर में बढ़ा APK फ्रॉड का खतरा, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

अम्बिकापुर : ट्रेंडिंग APK फ्रॉड से रहें सतर्क, सरगुजा पुलिस की चेतावनी अम्बिकापुर में बढ़ा APK फ्रॉड का खतरा, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी ऑनलाइन धोखाधड़ी पर कसा शिकंजा, सरगुजा पुलिस ने दी सतर्क रहने की सलाह अम्बिकापुर डिजिटल दुनिया ने जहाँ हमारे काम को आसान बना दिया है, वहीं साइबर फ्रॉड का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। नकली मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से लोगों को ठगा जा रहा है और उनकी निजी एवं बैंकिंग जानकारी चोरी की जा रही है।सरगुजा पुलिस ने आम नागरिकों को साइबर ठगों से सतर्क रहने की अपील की है। हाल के दिनों में साइबर अपराधी लोकप्रिय मोबाइल एप्लिकेशन के नकली “APK“ फाइल्स के जरिए लोगों के मोबाइल फोन में वायरस और मालवेयर इंस्टॉल कर बैंकिंग डिटेल्स,UPI पिन और व्यक्तिगत जानकारी चुरा रहे हैं। इससे कई लोगों के बैंक खातों को खाली किया जा रहा है। पुलिस द्वारा चिन्हित 7 प्रमुख फ्रॉड ऐप 1.Gas Connection APK Fraud – नकली गैस कनेक्शन ऐप के जरिए पैसे की ठगी। 2.Online Car Rental APK Fraud – कार बुकिंग के नाम पर एडवांस पेमेंट लेकर ठगी। 3. E-SIM Activation APK Fraud – नकली ऐप से ई-सिम एक्टिवेशन के जरिए मोबाइल डेटा एक्सेस। 4.Hospital Appointment APK Fraud – अस्पताल अपॉइंटमेंट के नाम पर डेटा चोरी और पेमेंट फ्रॉड। 5. Banking APK Fraud – बैंकिंग सर्विसेज के नाम पर बने APK से UPI/नेट बैंकिंग की जानकारी चोरी। 6.Wedding Invitation APK Fraud – शादी का निमंत्रण बताकर भेजे गए APK से मोबाइल हैक। 7.Traffic Challan/Vahan Parivahan APK Fraud – फर्जी चालान ऐप्स से भुगतान के नाम पर ठगी। पुलिस के बचाव उपाय किसी भी अज्ञात लिंक, व्हाट्सएप या ईमेल से ऐप डाउनलोड न करें। केवल Google Play Store या Apple App Store से ही ऐप इंस्टॉल करें। किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले URL को ध्यान से जांचें। बैंकिंग, गैस, कार रेंटल, अस्पताल या सरकारी सेवाओं से जुड़े कार्य के लिए केवल ऑफिशियल वेबसाइट या ऐप का उपयोग करें। मोबाइल में एंटीवायरस और सिक्योरिटी अपडेट हमेशा सक्रिय रखें। ठगी होने पर कहां शिकायत करें?“ ठगी का शिकार होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या   www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

राज्य सरकार की बड़ी घोषणा: खेलों के बुनियादी ढांचे को मिलेगा नया आयाम

रायपुर : राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, खेलों के लिए बुनियादी ढांचा होगा सुदृढ़ राज्य सरकार की बड़ी घोषणा: खेलों के बुनियादी ढांचे को मिलेगा नया आयाम रायपुर से संदेश: खिलाड़ियों के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार करेगी सरकार धमतरी और कुरूद को मल्टीपर्पज इंडोर स्पोर्ट्स की सौगात रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बार फिर खेल सुविधाओं में इजाफा करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है। खिलाड़ियों को आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने, खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उत्कृष्ट प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए सरकार सतत प्रयासरत है। इसी कड़ी में धमतरी और कुरूद में इंडोर बैडमिंटन हॉल / मल्टीपर्पज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण हेतु प्रशासनिक स्वीकृति मिली है। क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत खेल बुनियादी ढांचे का विस्तार और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में राज्य सरकार कई महत्त्वपूर्ण पहल कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास, प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन योजनाओं पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 1 से 3 करोड़ रुपये तक की पुरस्कार राशि देने की योजना सरकार की प्रतिबद्धता का परिचायक है। यह पहल न केवल खिलाड़ियों के मनोबल को ऊँचा करती है बल्कि आने वाली नई पीढ़ी को भी खेलों की ओर प्रेरित करती है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के तहत मैदानों का उन्नयन, उच्च स्तरीय उपकरणों की उपलब्धता, खेल क्लबों को आर्थिक सहायता और पारंपरिक खेलों के आयोजन जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। कलेक्टर धमतरी ने बताया कि जिले के धमतरी और कुरूद में इंडोर बैडमिंटन हॉल / मल्टीपर्पज स्पोर्ट्स हॉल के प्रोजेक्ट के लिए लगभग 5-5 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यहां खिलाड़ियों के लिए विभिन्न इनडोर खेलों की आधुनिक सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिनमें बैडमिंटन, टेबल टेनिस, कैरम, शतरंज, लूडो एवं साँप-सीढ़ी, डार्ट बोर्ड, स्नूकर, तीरंदाजी, योग कक्ष, स्क्वॉश, बास्केटबॉल,  पिकलबॉल प्रमुख हैं। सबसे अहम यह है कि इन खेलों के लिए आवश्यक उपकरण और संरचनाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होंगी। इतना ही नहीं स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में न केवल खेल सुविधाएं बल्कि खिलाड़ियों और दर्शकों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक प्रावधान किए जाएंगे। इनमें खिलाड़ियों के आराम और तैयारी के लिए प्लेयर रूम, दर्शकों और प्रतिभागियों के लिए सुव्यवस्थित स्पोर्ट्स हॉल वेटिंग एरिया, आकस्मिक चिकित्सा सुविधा के लिए फर्स्ट एड रूम, महिला एवं पुरुषों के लिए अलग शौचालय शामिल हैं। इन प्रावधानों से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। धमतरी और कुरूद के आसपास के क्षेत्रों में अनेक युवा खेलों में सक्रिय हैं, लेकिन पर्याप्त संसाधन और प्रशिक्षण केंद्र न होने के कारण वे अपनी प्रतिभा को राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक नहीं पहुँचा पाते। इन इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्सों के निर्माण से स्थानीय खिलाड़ियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिलेगा और वे अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे। धमतरी और कुरूद के मल्टीपर्पज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, खेल के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होंगे। आने वाले समय में धमतरी और कुरूद के खिलाड़ी न केवल राज्य बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगे।

नवा रायपुर में आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का जीवंत संग्रहालय जल्द होगा तैयार

राज्योत्सव पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे संग्रहालय का उदघाटन प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने किया निरीक्षण  संग्रहालय होगा आदिवासी गौरव, शौर्य एवं बलिदान का प्रतीक  रायपुर आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, परिसर में निर्माणाधीन शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का निरीक्षण कर अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि संग्रहालय निर्माण का कार्य लगभग पूर्णतः की ओर है। अंतिम फिनिशिंग एवं रंग रोगन का कार्य चल रहा हैं। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी स्वंत्रंता संग्राम सेनानियों पर बन रहे इस जीवंत संग्रहलय का उदघाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर रजत जयंती एवं जनजातीय गौरव दिवस के  मौके पर किया जाना प्रस्तावित है।   प्रमुख सचिव बोरा ने इसकी तैयारी के लिए निर्माण कार्य में लगे अधिकारियों की बैठक ली एवम आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संग्रहालय के निर्माण कार्य में लगने वाली प्रत्येक सामग्री उच्च गुणवत्तायुक्त एवं सभी मानकों पर खरी उतरनी चाहिए। साथ ही संग्रहालय के निर्माण में किसी भी प्रकार की कोई वित्तीय अनियमितता ना हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।  उल्लेखनीय है कि शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय में स्वतंत्रता आंदोलन के समय छत्तीसगढ़ में हुए विभिन्न आदिवासी विद्रोहों जैसे हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्टनम विद्रोह, परलकोट विद्रोह, तारापुर विद्रोह, लिंगागिरी विद्रोह, कोई विद्रोह, मेरिया विद्रोह, मुरिया विद्रोह, रानी चैरिस विद्रोह, भूमकाल विद्रोह, सोनाखान विद्रोह, झण्डा सत्याग्रह एवं जंगल सत्याग्रह के वीर आदिवासी नायकों के संघर्ष (1923, 1920) एवं शौर्य के दृश्य का जीवंत प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निश्चित ही यह संग्रहालय सभी वर्ग के लोगों के लिए एक आकर्षण का केन्द्र एवं प्रेरणास्रोत के रूप में बनकर उभरेगा। उल्लेखनीय है संग्रहालय निर्माण का कार्य आगामी माह के 30 सितंबर तक पूरा किए जाने का लक्ष्य है। प्रमुख सचिव  बोरा ने कहा कि संग्रहालय के फर्श पर भी ट्राईबल कलाकारों की आट्र्स को अंकित किए जाने के निर्देश दिए गए। म्यूजियम में अन्य मूर्तियों के साथ-साथ भगवान बिरसा मुंडा एवं रानी गाइडल्यू की मूर्ति लगाने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि संग्रहालय में डिजिटाइजेशन का कार्य तय समय पर पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने  संग्रहालय में खुलने वाली सोवेनियर शॉप को गढ़ कलेवा अथवा ट्रायफेड या अन्य किसी प्रतिष्ठित संस्था को ट्राईबल उत्पाद के अनिवार्य रूप से विक्रय किए जाने की शर्त के साथ दिए जाने के निर्देश दिए।  बैठक में आयुक्त डॉक्टर सारांश मित्तर, छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी निगम के संचालक जगदीश कुमार सोनकर, संचालक टीआरटीआई श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, संयुक्त सचिव बी.के. राजपूत, अपर संचालक जितेन्द्र गुप्ता, उपायुक्त श्रीमती गायत्री नेताम, कार्यपालन यंत्री त्रिदीप चकवर्ती सहित निर्माण एजेंसी के ठेकेदार, क्यूरेटर, इंजीनियर्स एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

सितंबर में मिलेगी ‘लाड़ली बहना’ की 28वीं किस्त, जानें पूरी जानकारी

भोपाल मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। एमपी की सबसे चर्चित योजनाओं में से एक लाड़ली बहना योजना की 28वीं किस्त का महिलाओं को बेसब्री से इंतजार है। जानकारी के लिए बता दें कि लाड़ली बहना योजना के तहत आने वाली महिलाओं को हर महीने 1250 रुपये की राशि दी जाती है। ये राशि जल्द ही 1500 रुपये होने वाली है। सीएम मोहन यादव ने एक कार्यक्रम में ऐलान किया था कि दीवाली के दो दिन बाद यानी भाईदूज से लाडली बहनों को 1500 रुपये हर महीने दिए जाएंगे। कब आएगी 28वीं किस्त लाड़ली बहनों को योजना की 27वीं किस्त रक्षाबंधन से पहले 7 अगस्त को जारी की गई थी। जिसके तहत 1.27 करोड़ हितग्राही महिलाओं के खाते में 1500 रुपये जारी किए गए थे। जिसमें रक्षाबंधन का शगुन भी शामिल था। वहीं 28वीं किस्त के लिए इतंजार कर रही महिलाओं को बता दें कि हर महीने योजना की राशि 10 से 15 तारीख के बीच जारी होती है। इस बार भी इन्हीं तारीखों के बीच राशि जारी की जाएगी।   इस महीने से मिलेंगे 1500 रूपये मध्यप्रदेश के महिला एवं बाल विकास विभाग के ऑफिसियल एक्स अकाउंट पर भी सीएम के ऐलान का वीडियो शेयर करते हुए इस बात की जानकारी दी गई है। इस बार दीपावली 18 अक्टूबर को है यानी की दो महीने बाद लाड़ली बहना योजना की किस्त में 250 रूपये की बढ़ोत्तरी कर दी जाएगी।