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हनी ट्रैप में फंसी महिला, मुरादाबाद में यूपी पुलिस सिपाही समेत 3 लोगों को हिरासत में लिया गया

मुरादाबाद  उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने हनी ट्रैप गैंग का पर्दाफाश किया है। इस गैंग में शामिल लोगों में से एक यूपी पुलिस का सिपाही, एक महिला और उसका साथी शामिल हैं। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि चौथा आरोपी फरार है जिसकी तलाश जारी है। क्या है मामला? पुलिस के मुताबिक, यह गैंग पहले लोगों को जाल में फंसाता था, फिर महिला के साथ आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करता था। इसी तरह का मामला संभल जिले के रहने वाले एक युवक के साथ हुआ। पीड़ित युवक ने बताया कि गैंग ने महिला के जरिए उसे फंसाया, फिर उसकी आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड की गई। इसके बाद गैंग ने धमकी देना शुरू कर दिया कि अगर पैसे नहीं दिए तो वीडियो को वायरल कर देंगे या फर्जी रेप केस में फंसा देंगे। ₹35,000 वसूल चुके थे, मांगे थे और 5 लाख ब्लैकमेलिंग के दौरान आरोपियों ने पीड़ित से अब तक ₹35,000 अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए थे। इसके बाद वे 5 लाख रुपए की और डिमांड कर रहे थे और लगातार धमकियां दे रहे थे। तीन गिरफ्तार, एक फरार पीड़ित की शिकायत के बाद कटघर थाना पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार लोगों के नाम हैं रिजवान — यूपी पुलिस का कांस्टेबल, जो यूपी-112 सेवा में तैनात था। फैजल — आरोपी का साथी। एक महिला — जो गैंग का मुख्य मोहरा थी, लोगों को फंसाने के लिए इस्तेमाल होती थी। चौथा आरोपी फरार है, जिसे पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।   पुलिस ने क्या कहा? एसपी सिटी मुरादाबाद कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि यह पूरा मामला एक सुनियोजित साजिश थी, जिसमें एक सिस्टम के अंदर का आदमी यानी पुलिसकर्मी भी शामिल था। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और अब इस मामले की गहराई से जांच की जा रही है।  

लंबित राजस्व मामलों पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सख्त, राजस्व प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण अनिवार्य

रजत महोत्सव की तैयारियों और विकास योजनाओं की प्रगति की गहराई से समीक्षा राजस्व मामलों में लापरवाही नहीं चलेगी, राजस्व अधिकारियों कर्मचारियों पर होगी नजर रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  नया रायपुर स्थित महानदी भवन मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर्स की बैठक लेकर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की।    इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य के सभी जिलों में विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को कई जरूरी दिशा-निर्देश दिए। राज्य में बढ़ते लंबित राजस्व प्रकरणों पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सख्त रुख अपनाते हुए आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर्स को स्पष्ट निर्देश दिए कि अब "पेशी पर पेशी" का दौर खत्म हो— सभी राजस्व प्रकरणों का निराकरण शासन द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर ही किया जाए। मुख्यमंत्री श्री साय ने जिलेवार समीक्षा करते हुए नामांतरण, अविवादित व विवादित बंटवारे, अभिलेख दुरूस्ती, त्रुटि सुधार, भू-अर्जन, सीमांकन, और डायवर्सन से संबंधित प्रकरणों की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली।  हितग्राहियों को नहीं हो अनावश्यक परेशानी मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि बार-बार पेशी पर बुलाने से जनता को न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि उनका समय और श्रम भी व्यर्थ जाता है। इससे सरकारी सिस्टम के प्रति लोगों का भरोसा भी कम होता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पेशियों में कमी लाएं और प्रकरणों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें। ई-कोर्ट में दर्ज हों सभी मामले मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह ने निर्देश दिए कि सभी राजस्व प्रकरणों को ई-कोर्ट में दर्ज किया जाए, जिससे उनकी मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग आसान हो सके। साथ ही रिकॉर्ड दुरुस्तीकरण और त्रुटि सुधार के मामलों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। तहसील स्तर पर पटवारियों के माध्यम से एक विशेष अभियान चलाकर रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों और अधोसंरचना परियोजनाओं में भू-अर्जन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्गों की परियोजनाओं पर खास जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों और भारतमाला परियोजना की तीव्र और निर्बाध गति के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया जरूरी है।उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि भू-अर्जन और मुआवजा वितरण के लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करें।  बस्तर संभाग को सुरक्षा के साथ विकास कार्यों को तेज करने के निर्देश बस्तर संभाग के नारायणपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर में सड़क, रेल और मोबाइल टॉवर जैसी परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन और मुआवजा वितरण कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए।  सख्ती के साथ सुधार की पहल मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार अब राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। एक जिम्मेदार शासन प्रणाली का निर्माण तभी संभव है जब जनता के साथ न्याय समय पर हो। इसलिए प्रत्येक अधिकारी सुनिश्चित करें कि प्रकरणों का निपटारा देरी के बिना, न्यायसंगत ढंग से हो। किसान पंजीयन व डिजिटल फसल सर्वे पर विशेष फोकस मुख्यमंत्री ने किसान पंजीयन की प्रक्रिया में भी तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि शीघ्र ही सभी पात्र किसानों का पंजीयन पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को डिजिटल फसल सर्वे को गंभीरता से लेने और समय पर पूर्ण करने को कहा। रजत महोत्सव की जोरदार तैयारियां, 25 वर्षों की विकास यात्रा होगी प्रदर्शित छत्तीसगढ़ के निर्माण की 25वीं वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए 15 अगस्त से रजत महोत्सव की शुरुआत हुई है, जो 25 सप्ताह तक चलेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में आयोजन कर रजत महोत्सव को जनभागीदारी का उत्सव बनाएं। कार्यक्रमों का विवरण पोर्टल पर अपलोड किया जाए और प्रचार-प्रसार को गति दी जाए।  सेवा पखवाड़ा से जुड़ेगा रजत महोत्सव मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि 17 सितंबर से लेकर 2 अक्टूबर तक राज्य में ‘सेवा पखवाड़ा’ मनाया जाएगा जो  छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का हिस्सा होगा। इस दौरान रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य कैंप, राजस्व कैम्प जैसे जनसेवा के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस अवसर को राज्य के हर नागरिक से जोड़कर जनसंपर्क को और मजबूत किया जाए। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, श्री पी दयानंद, वित्त सचिव श्री मुकेश बंसल, पीसीसीएफ श्री सुनील मिश्रा, लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री कमलप्रीत सिंह, राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले, , संस्कृति विभाग के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य के साथ अन्य विभागों के सचिव, आयुक्त एवं संचालक उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव : जिला स्तरीय यश यात्रा- विरासत के 25 वर्ष का हुआ शुभारंभ

छत्तीसगढ़ राज्य पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की सौगात- श्री भईया लाल राजवाड़े महोत्सव-गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी पर केंद्रित होगी-कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी कोरिया प्रदेश में आयोजित छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव अंतर्गत आज कोरिया जिले में जिला स्तरीय यश यात्रा- विरासत के 25 वर्ष का शुभारंभ जिला पंचायत ऑडिटोरियम परिसर में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक श्री भईया लाल राजवाड़े रहे। श्री राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की सौगात है। यहां प्राकृतिक संसाधनों की भरमार है, जिनका लाभ यहां के निवासियों तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में राज्य ने विकास के नए प्रतिमान गढ़े हैं और सड़कों, बिजली, पानी, शिक्षा व स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है। कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी ने बताया कि रजत जयंती समारोह 15 अगस्त से प्रारंभ होकर मार्च 2026 तक चलेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार इस महोत्सव की मुख्य टैगलाइन ‘ज्ञान’ अर्थात गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी पर केंद्रित होगी। उन्होंने कहा कि 25 वर्षों में कोरिया ने जो यात्रा शुरु की उसका साक्षी आप सब हैं।पहले यहाँ कई विभागों के कार्यालय नहीं रहे होंगे, लेकिन अब शासकीय संस्थानों व विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उल्लेखनीय प्रगति की है। आडिटोरियम परीसर में विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी, विधायक श्री राजवाड़े ने अवलोकन किया साथ ही उन्होंने इस प्रदर्शनी को सराहा। जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने स्वागत भाषण में छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों व इतिहास पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, वहीं स्वामी आत्मानन्द अंग्रेजी माध्यम स्कूल, महलपारा की कक्षा बारहवीं की छात्रा उन्नति जायसवाल और कक्षा दसवीं के छात्र कुणाल दुबे ने विगत 25 बरस की छत्तीसगढ़ यात्रा को धाराप्रवाह अंग्रेजी में जानकारी देकर सभी को प्रभावित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री मोहित राम पैकरा, उपाध्यक्ष श्रीमती वंदना राजवाड़े, जिला पंचायत सदस्य, जनपद व नगरीय निकाय प्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

बारिश ने बदला मौसम, नोएडा में सुहानी राहत

नोएडा  नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मंगलवार की सुबह से ही झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया, जिससे मौसम सुहावना हो गया है। बीते कई दिनों से उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को आखिरकार राहत मिली है। सुबह से ही बादलों की आवाजाही बनी हुई थी और देखते ही देखते कई इलाकों में तेज बारिश शुरू हो गई। अचानक मौसम में आए इस बदलाव से जहां तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, बारिश के कारण नोएडा के सेक्टर-18, सेक्टर-62, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, परी चौक और दादरी रोड जैसे इलाकों में सड़कों पर पानी भरने की खबरें भी सामने आ रही हैं। हालांकि, हल्की ट्रैफिक दिक्कतों के बावजूद लोग मौसम का खूब आनंद ले रहे हैं। पार्कों और खुले मैदानों में बच्चे बारिश का लुत्फ उठाते नजर आए। वहीं दफ्तर जाने वाले कई लोगों को थोड़ी असुविधा का सामना करना पड़ा, क्योंकि अचानक हुई बारिश में कई लोग इसमें फंस गए। मौसम विभाग ने पहले ही इस हफ्ते एनसीआर और आसपास के इलाकों में बारिश की संभावना जताई थी। विभाग के अनुसार, अगले दो-तीन दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा और बीच-बीच में हल्की से तेज बारिश जारी रह सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बारिश से जहां किसानों को फायदा मिलेगा, वहीं लगातार बनी हुई उमस से भी निजात मिलेगी। लोगों का कहना है कि बीते कई दिनों से गर्मी और नमी के चलते हालत खराब हो गई थी। घरों के अंदर भी पंखे और कूलर बेअसर साबित हो रहे थे। लेकिन मंगलवार को हुई झमाझम बारिश ने पूरे माहौल को बदल दिया। मौसम ठंडा हो गया और हवा में ताजगी का अहसास होने लगा। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में भी मौसम ऐसा ही बना रहेगा।  

ईजी रजिस्ट्रेशन प्रणाली में बड़ा बदलाव, पंजाब सरकार ने उठाया कदम

जालंधर  पंजाब सरकार ने ईजी रजिस्ट्रेशन प्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए प्रॉपर्टी की रजिस्ट्रेशन, पावर ऑफ अटॉर्नी, तबदील मलकियत सहित अन्य दस्तावेजों की अप्रूवल के लिए मिलने वाले ऑनलाइन अप्वाइंटमैंट स्लॉट को घटाकर 225 से केवल 82 कर दिया है। अब किसी भी तहसील व सब-तहसील में एक दिन में 82 से अधिक ऑनलाइन अपॉइंटमैंट बुक नहीं किए जा सकेंगे। आज से ही यह नया नियम लागू हो गया। सब-रजिस्ट्रार जालंधर-1 और सब-रजिस्ट्रार जालंधर-2 कार्यालय में केवल 82-82 अप्वाइंटमैंट स्लॉट ही खुले, जबकि इससे पहले 225 स्लॉट तक उपलब्ध हुआ करते थे। फर्स्ट इन–फर्स्ट आऊट (फीफो) पॉलिसी लागू सरकार ने इस फैसले के साथ ‘पहले आओ-पहले पाओ’ (फीफो) की पॉलिसी भी लागू कर दी है। इसके तहत अब कोई भी आवेदक तभी अपना काम निपटा सकेगा जब उससे पहले जमा हुई फाइल का निपटारा हो चुका होगा। पहले जहां सब-रजिस्ट्रार किसी भी फाइल को रैंडमली खोलकर अप्रूव कर देते थे, वहीं अब उन्हें सीरियल वाइज काम करना होगा। यानी जब तक पहले नंबर की फाइल की जांच पूरी कर अप्रूवल/ऑब्जैक्शन का फैसला नहीं हो जाता, तब तक अगली फाइल खुल ही नहीं पाएगी। अब नया नियम लागू होने के बाद रैंडम अप्रूवल की प्रथा खत्म हो गई है।   इजी रजिस्ट्रेशन लागू होने के बाद से अप्वाइंटमैंट घटे पंजाब सरकार ने विगत महीने ही ईजी रजिस्ट्रेशन सिस्टम लागू किया था, जिसके बाद से सब-रजिस्ट्रार दफ्तरों में अपॉइंटमेंट लेने वालों की संख्या में पहले ही भारी गिरावट दर्ज की जा रही थी। पिछले महीने के आंकड़े बताते हैं कि सब-रजिस्ट्रार जालंधर-1 और जालंधर-2 में प्रतिदिन केवल 80-90 के करीब अप्वाइंटमैंट ही दर्ज हो रही थीं। ऐसे में सरकार द्वारा 82 स्लॉट फिक्स करने का फैसला जनता को राहत देने की बजाय और परेशानी भी खड़ी कर सकता है। जनता हुई परेशान नए नियम लागू होने के पहले ही दिन आम लोग और अर्जीनवीस (डीड राइटर) खासे परेशान दिखाई दिए। कई लोग बार-बार सब-रजिस्ट्रार के सामने चक्कर काटते दिखे। जिनके दस्तावेज पूरी तरह दुरुस्त थे, उनका भी काम तुरंत निपट नहीं सका। लोगों का कहना था कि सरकार ने ईजी रजिस्ट्रेशन लागू कर अनावश्यक परेशानियां खड़ी कर दी हैं। गौतम कपूर आवेदक ने बताया कि उसके सारे डाक्यूमैंट बिल्कुल सही हैं लेकिन फिर भी अप्रूवल के लिए कई दिन लग रहे हैं। अगर सब सही है तो तुरंत अप्रूवल क्यों नहीं दिया जा सकता? अर्जीनवीसों का कहना है कि रैंडम सिस्टम खत्म होने से काम की स्पीड बहुत धीमी हो जाएगी। सीरियल वाइज करने में दिनों का इंतजार करना पड़ेगा। सरकारी तर्क और हकीकत सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता और भ्रष्टाचार रोकने के लिए उठाया गया है। पहले कई बार शिकायतें आती थीं कि रैंडम सिस्टम में कुछ फाइलों को प्राथमिकता देकर जल्दी अप्रूवल मिल जाता था। अब सीरियल वाइज जांच होने से हर आवेदक की फाइल क्रमानुसार देखी जाएगी और पक्षपात की संभावना कम होगी। लेकिन हकीकत यह है कि इससे आम जनता की परेशानियां और बढ़ गई हैं।

टोल प्लाजा पर सैनिक की पिटाई महंगी पड़ी, 20 लाख जुर्माना ठोका गया, लाइसेंस भी गया

मेरठ मेरठ जिले में ड्यूटी पर जा रहे सेना के एक जवान से टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने कथित तौर पर मारपीट कर दी। यह घटना रविवार को सरूरपुर इलाके के भूनी टोल प्लाजा पर उस वक्त हुई, जब गोटका गांव के निवासी कपिल छुट्टी के बाद ड्यूटी पर लौट रहे थे।टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतार थी और जल्दी निकलने को लेकर कपिल की टोलकर्मियों से कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर टोलकर्मियों ने कपिल से मारपीट शुरू कर दी। इस मारपीट के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया। सैकड़ों लोगों ने टोल प्लाजा पर हंगामा करना शुरू कर दिया, तोड़फोड़ और नारेबाजी कर दी। अब इस मामले में टोल का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही भारी जुर्माना भी लगाया गया है।  लोगों ने किया जमकर हंगामा  बता दें कि इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। मामले में सैकड़ों लोगों ने सोमवार को टोल प्लाजा पर हंगामा करना शुरू कर दिया, तोड़फोड़ और नारेबाजी कर दी। जानकारी पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों शांत कराने की कोशिश की। लेकिन, गांव वाले मानने को भी तैयार नहीं थे। हंगामा कर रहे ग्रामीण टोल वसूली एजेंसी को बर्खास्त करने की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि देश की सुरक्षा में तैनात जवान के साथ इस तरह मारपीट होना बेहद शर्मनाक है। टोल प्लाजा पर 20 लाख रुपए का जुर्माना  आरोप है कि टोलकर्मियों ने जवान का आईडी कार्ड छीन लिया और लाठी-डंडों से उसकी पिटाई कर दी। जवान घायल हुआ और उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज जारी है। इसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। वहीं, मामले में कार्रवाई करते हुए टोल का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही उस पर टोल प्लाजा पर 20 लाख रुपए का जुर्माना भी लगा है। 

गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल में इंडोक्राइनोलॉजी विभाग की स्थापना एवं 20 नवीन पदों के सृजन का निर्णय

मेक इन इंडिया के तहत भोपाल जिले में EMC 2.0 परियोजना की स्थापना की स्वीकृति निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल में इंडोक्राइनोलॉजी विभाग की स्थापना एवं 20 नवीन पदों के सृजन का निर्णय मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 अनुमोदित नगरीय निकायों में "गीता भवन" स्थापना योजना स्वीकृत मुरैना जिले में कैलारस कारखाना को MSME विभाग को हस्तांतरित किये जाने का निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार की इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफेक्चरिंग क्लस्टर्स (EMC) 2.0 परियोजना अंतर्गत सामान्य सुविधाओं (CFC) के साथ विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के विकास के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन तथा विनिर्माण (ESDM) क्षेत्र के संवर्धन को बढ़ावा दिये जाने के लिए भोपाल की तहसील बैरसिया के ग्राम बांदीखेड़ी में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर की स्थापना किये जाने का निर्णय लिया गया है। परियोजना के लिए उपलब्ध 210.21 एकड़ भूमि पर परियोजना लागत 371 करोड़ 95 लाख रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति जारी की गयी है। इसमें से राशि 146 करोड़ 63 लाख रूपये केन्द्रांश एवं 225 करोड़ 32 लाख रूपये राज्यांश होगा। भारत सरकार की प्राथमिकता के अनुसार डिजिटल इंडिया एवं मेक इन इंडिया की अवधारणा को साकार करने में EMC 2.0 इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स (EMCs) योजना की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। EMC 2.0 योजना, सामान्य सुविधा केंद्रों (सीएफसी) की स्थापना में भी सहयोगी होगी। उन्हें ऐसे क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में मौजूदा विनिर्माण इकाइयां स्थित हैं, जिनके अंतर्गत सामान्य तकनीकी बुनियादी ढांचे के उन्नयन और ईएमसी, औद्योगिक क्षेत्रों/पाकों/औद्योगिक गलियारों में इकाइयों के लिए सामान्य सुविधाएं प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। EMC 2.0 परियोजना से इलेक्ट्रॉनिक उद्योग के लिए एक मजबूत बुनियादी ढांचा आधार तैयार होगा। इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ईएसडीएम) क्षेत्र में नए निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। निर्माण इकाइयों में रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। निर्माण इकाईयों द्वारा भुगतान किए जाने के फलस्वरूप करों के रूप में शासकीय राजस्व में वृद्धि होगी। उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में मदद मिलेगी, साथ ही नवाचार को गति और देश के आर्थिक विकास को उत्प्रेरकता प्राप्त होगी। 5 नवीन शासकीय आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय के लिए 1570 पदों की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदापुरम, मुरैना, बालाघाट, शहडोल और सागर में नवीन शासकीय आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय और वैलनेस सेंटर खोलने के लिए 1570 पदों की स्वीकृति दी गई है। इनमें 715 नियमित पद एवं 855 पद आउटसोर्स के माध्यम से भरे जायेंगे। प्रदेश में संभाग स्तर पर एक आयुर्वेदिक मैडिकल कालेज की स्थापना होगी, जिससे आयुर्वेद उपचार एवं वैलनेस इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा। राष्ट्रीय आयुष मिशन के फण्ड से नर्मदापुरम, मुरैना, बालाघाट, शहडोल और सागर में नवीन शासकीय आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय शासकीय पद्धति से खोले जाने हैं। इनमें महाविद्यालय भवन, 100 बैड चिकित्सालय परिसर, 100 सीटर बालक एवं बालिका छात्रावास भवन, आवासीय भवन और फार्मेसी भवनों का निर्माण भारतीय चिकित्सा पद्धति के निर्धारित मापदण्ड अनुसार किया जाएगा। संबंधित जिले में शासकीय भूमि आबंटित की जा चुकी है। राष्ट्रीय मिशन अंतर्गत प्रत्येक आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय के लिए 70 करोड़ रूपये के मान से 350 करोड़ रूपये का 60:40 के अनुपात में प्रावधान किया गया है। गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल में इंडोक्राइनोलॉजी विभाग की स्थापना एवं 20 नवीन पदों के सृजन का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल के अंतर्गत इंडोक्राइनोलॉजी विभाग की स्थापना एवं 20 नवीन पदों के सृजन का निर्णय लिया गया है। विभाग के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न संवर्गों के कुल 20 नवीन पदों का सृजन किया जाएगा। इनमें प्राध्यापक का 1, सहायक प्राध्यापक का 1, सीनियर रेसीडेंट के 2, जूनियर रेसीडेंट के 2, सीनियर नर्सिंग ऑफीसर के 2 और नर्सिंग ऑफीसर के 12 पद शामिल हैं। साथ ही 1 डायटीशियन को आउटसोर्स आधार पर निश्चित वेतनमान पर नियुक्त किया जायेगा। इस निर्णय से राज्य में हार्मोन संबंधी रोगों के निदान एवं उपचार में उच्च गुणवत्ता की विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी तथा सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक मजबूती मिलेगी। साथ ही चिकित्सा शिक्षा व प्रशिक्षण का विस्तार होगा। इंडोक्राइनोलॉजी के क्षेत्र में शोध और नवाचार को बढ़ावा भी मिलेगा। जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत संचालित महाविद्यालयीन छात्रावासों में 12 माह के लिए शिष्यवृत्ति दिये जाने की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत संचालित महाविद्यालयीन छात्रावासों में मैस संचालन के लिये 10 माह के स्थान पर 12 माह के लिए शिष्यवृत्ति दिये जाने का निर्णय लिया गया है। यह शिष्यवृत्ति छात्रावासों में विद्यार्थियों की उपस्थिति के आधार पर दी जायेगी। वर्तमान में छात्र को 1650 रूपये प्रतिमाह और छात्राओं को 1700 रूपये प्रतिमाह शिष्यवृत्ति दी जाती है। मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 का अनुमोदन किया गया है। अनुमोदन अनुसार प्रचलित नियम मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 1977 के वर्तमान परिप्रेक्ष्य में परिवर्तन की आवश्यकता के दृष्टिगत नवीन अवकाश नियम मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 तैयार किया गया है। नवीन अवकाश नियम 2025 के नवीन प्रावधानों में महिला शासकीय सेवक सेरोगेट / कमीशनिंग मां को भी प्रसूति अवकाश की पात्रता होगी। अवकाश विभागों के शैक्षणिक संवर्ग को एक वर्ष में 10 दिवस के अर्जित अवकाश की पात्रता होगी। दत्तक संतान ग्रहण करने के लिये शासकीय सेवकों को कुल 15 दिवस के पितृत्व अवकाश की पात्रता होगी। इसके साथ ही संतान पालन अवकाश की पात्रता एकल पुरुष शासकीय सेवक को भी होगी। अर्धवेतन अवकाश को अवकाश खाता में अग्रिम रूप से जमा किया जायेगा। यह अवकाश 01 जनवरी को 10 दिवस एवं 01 जुलाई को पुनः 10 दिवस के मान से अवकाश लेखे में अंकित किया जायेगा। अर्जित अवकाश की एक बार प्राप्त करने की अधिकतम अवधि 120 दिन से बढ़ायी जाकर 180 दिवस की गयी है। दिव्यांग अथवा गंभीर अस्वस्थ शासकीय सेवक के अवकाश आवेदन प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को सुलभ बनाया गया है, अब परिवार के सदस्य भी आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। अवकाश स्वीकृत करने के अधिकारों का प्रत्यायोजन के संबंध में नियमों में भी प्रावधान किये गये है। नियम के प्रकाशन एवं अन्य अनुवर्ती कार्यवाही के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है। मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 के प्रभावशील होने से राज्य के कोष पर … Read more

छत्तीसगढ़ कैबिनेट विस्तार: कल हो सकता है तीन मंत्रियों का शपथ ग्रहण

रायपुर  इंतजार की घड़ियां खत्म होने वाली हैं। जल्द ही छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल का विस्तार होने वाला है। संभवत: कल यानी बुधवार को साय कैबिनेट का विस्तार हो सकता है। सीएम विष्णुदेव साय ने इस संबंध में पहले ही संकेत दिये थे। वहीं बीजेपी हाईकमान से भी हरी झंडी मिल चुकी है। ऐसे में प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। शपथ ग्रहण समारोह के लिए छत्तीसगढ़ मंडपम में तैयारियां शुरू हो गई हैं। सियासी गलियारे में इस बात की चर्चा है कि 21 अगस्त से पहले मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। तीन नये मंत्री बनाये जा सकते हैं। साय मंत्रिमंडल का विस्तार करीब-करीब तय हो गया है। दुर्ग संभाग से दुर्ग विधायक विधायक गजेंद्र यादव, सरगुजा संभाग से अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल और रायपुर संभाग से आरंग विधायक और सतनामी समाज के गुरु खुशवंत साहेब नए मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। हाल ही में सीएम साय ने मीडिया से चर्चा में कहा था कि इंतजार करिए, जल्द ही विस्तार होगा। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार उनके विदेश दौरे से पहले भी हो भी सकता है। सीएम साय 22 अगस्त से पहले विदेश दौरे पर जा रहे हैं। बता दें कि सीएम साय ने हाल ही में दिल्ली से आने के बाद संकेत दिया था कि इंतजार खत्म होने वाला है।  CM के विदेश दौरे से पहले शपथ ग्रहण की तैयारी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 21 अगस्त को जापान और दक्षिण कोरिया के दौरे पर रवाना होंगे। इससे पहले शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी चल रही है। मंत्रिमंडल विस्तार पर सीएम साय ने कहा था कि इंतजार करते रहिए, हो सकता है। बीजेपी में इस फॉर्मूले की चर्चा बीजेपी संगठन के नेताओं के अनुसार, सामाजिक और भौगोलिक संतुलन को प्राथमिक महत्व दिया जाएगा। माना जा रहा है कि एक मंत्री सामान्य वर्ग से, दूसरा अनुसूचित जनजाति वर्ग से और तीसरा पिछड़ा वर्ग से लिया जा सकता है। इसी के साथ बिलासपुर, सरगुजा और दुर्ग संभाग से एक-एक मंत्री बनाए जाने की बात कही जा रही है। कैबिनेट में तीन नए चेहरे जुड़ेंगे बीजेपी संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार, संगठन विस्तार के दौरान तीन नेताओं को मंत्री पद की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसमें सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता दी जाएगी। अनुमान है कि एक मंत्री सामान्य वर्ग से, दूसरा अनुसूचित जनजाति से और तीसरा पिछड़ा वर्ग से चुना जा सकता है। ये हैं संभावित नाम     दुर्ग संभाग से विधायक गजेंद्र यादव     सरगुजा संभाग से अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल      रायपुर संभाग से आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। बड़ी बात ये है कि ये तीनों विधायक कभी भी मंत्री नहीं रहे हैं। पहली बार मंत्री बन सकते हैं।  फेरबदल हुआ तो ये नाम भी संभावित यदि उपरोक्त नामों में कुछ फेरबदल हुआ तो अमर अग्रवाल बिलासपुर संभाग से, राजेश मूणत रायपुर संभाग से, अजय चंद्राकर रायपुर संभाग से, किरण सिंहदेव बस्तर संभाग से नये मंत्री हो बन सकते हैं। हरियाणा की तर्ज पर हो सकता है साय कैबिनेट का विस्तार हरियाणा की विधानसभा में भी 90 विधायक हैं। हरियाणा में बीजेपी सरकार में मुख्यमंत्री समेत 14 मंत्री हैं। लिहाजा, हरियाणा के फॉर्मूले को छत्तीसगढ़ में भी लागू करते हुए 3 और मंत्री बनाए जा सकते हैं। हालांकि, छत्तीसगढ़ में राज्य बनने के बाद से 13 मंत्री ही बनते आए हैं, जबकि नियम के तहत विधयकों की संख्या के 15 प्रतिशत ही मंत्री बन सकते है। इस नियम के तहत 90 विधायकों में 13।5 मंत्री बन सकते हैं। इसलिए मुख्यमंत्री समेत 14 मंत्री भी हो सकते हैं। इन नामों पर चल रही चर्चा वहीं अगर नामों की बात करें तो दुर्ग विधायक गजेन्द्र यादव, रायपुर आरंग विधायक गुरु खुशवंत, बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल, अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल का नाम चर्चा में है. वहीं गोमती साय, पुरंदर मिश्रा के अलावा बस्तर से विक्रम उसेंडी, लता उसेंडी और नीलकंठ टेकाम के नाम भी चर्चा में है. मंथन का दौर चल रहा है. नामों पर एक राय बनाने की कोशिश जारी है. अब देखना होगा सरकार किन पर मुहर लगाती है. पुराने मंत्रियों की कुर्सी सुरक्षित बीजेपी संगठन के अनुसार, नए मंत्रियों की कैबिनेट में एंट्री होगी, लेकिन मौजूदा मंत्रियों के विभाग या पद में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इसका मतलब है कि वर्तमान टीम से किसी को बाहर नहीं किया जाएगा। हालांकि पिछले कुछ समय से राजनीतिक हलकों में लक्ष्मी राजवाड़े, दयालदास बघेल और टंकराम वर्मा को लेकर अटकलें चल रही थीं, लेकिन अब ऐसे संकेत दिखाई नहीं दे रहे हैं। क्षेत्रीय और जातिगत समीकरण के आधार पर होगा मंत्रिमंडल का विस्तार साय कैबिनेट में अभी मुख्यमंत्री समेत 11 मंत्री हैं। सबसे ज्यादा सरगुजा संभाग से मंत्री हैं। रायपुर दुर्ग और बस्तर संभाग से मात्र एक-एक मंत्री हैं। इसलिए रायपुर से राजेश मूणत और अजय चंद्राकर का नाम चर्चा में है। वहीं, बस्तर से केदार कश्यप अकेले मंत्री हैं, ऐसे में बस्तर से प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव का नाम भी सामने आ रहा है। बिलासपुर से रमन सरकार में मंत्री रहे अमर अग्रवाल का नाम चर्चा में है। इसके अलावा यादव समाज को प्रतिनिधित्व देने दुर्ग से गजेंद्र यादव, रायपुर से बीजेपी विधायक खूशवंत साहेब के नाम की चर्चा भी तेज है। साय कैबिनेट में मुख्यमंत्री सेत 12 मंत्री थे, लेकिन लोकसभा का चुनाव जीतने के बाद शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद से मुख्यमंत्री साय 10 मंत्रियों के साथ काम कर रहे हैं। साय कैबिनेट के वर्तमान में मंत्री 1 विष्णुदेव साय,  मुख्यमंत्री 2 अरुण साव, उप मुख्यमंत्री 3 विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री 4 ओपी चौधरी, वित्त मंत्री 5 मंत्री केदार कश्यप, वन मंत्री 6 दयाल दास बघेल, खाद्य मंत्री 7 टंकराम वर्मा, खेल मंत्री 8 लखन लाल देवांगन, उद्योग मंत्री 9 श्याम बिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य मंत्री  10 रामविचार नेताम, आदिम जाति कल्याण मंत्री 11 लक्ष्मी राजवाड़े, महिला बाल विकास मंत्री संसदीय सचिवों की नियुक्ति पर भी लग सकती है मुहर अगस्त महीने में ही बीजेपी संसदीय सचिव और रिक्त निगम मंडल के अध्यक्षों की भी नियुक्त कर सकती है। इस नियुक्ति में सीनियर और जूनियर का औसत देखने को … Read more

इस एक्सप्रेस के समय-सारणी में हुआ बदलाव, रेल यात्रियों के लिए अहम खबर

फिरोजपुर रेलवे द्वारा ट्रेन संख्या 12484/12483 अमृतसर-तिरुवनंतपुरम-अमृतसर एक्सप्रेस (साप्ताहिक) का संचालन दिनांक 21.10.2025 से गैर-मानसून समय सारणी के अनुसार करने का निर्णय लिया है। ट्रेन संख्या 12484 (अमृतसर-तिरुवनंतपुरम एक्सप्रेस) अमृतसर से प्रत्येक रविवार को सुबह 05:55 बजे प्रस्थान करेगी और एक दिन बाद मंगलवार को 12:30 बजे तिरुवनंतपुरम नॉर्थ पहुंचेगी। ट्रेन संख्या 12483 (तिरुवनंतपुरम-अमृतसर एक्सप्रेस) तिरुवनंतपुरम नॉर्थ से प्रत्येक बुधवार को सुबह 09:10 बजे प्रस्थान करेगी और एक दिन बाद शुक्रवार को 13:50 बजे अमृतसर पहुंचेगी। प्रमुख ठहराव (दोनों दिशाओं में) पनवेल, रोहा, चिपलून, रत्नागिरी, मडगांव, उडुपी, टोकुर तथा मंगलुरु। परमदीप सिंह सैनी वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उत्तर रेलवे फिरोजपुर ने यात्रियों से अनुरोध है कि वह यात्रा से पूर्व अपने गंतव्य के लिए समय-सारणी की अधतन जानकारी प्राप्त कर यात्रा की योजना बनाएं।

23 अगस्त को हमीरपुर में सिक्योरिटी गार्ड और सुपरवाइजर पदों के लिए इंटरव्यू

हमीरपुर एसआईएस इंडिया लिमिटेड आरटीए हमीरपुर द्वारा सिक्योरिटी गार्ड और सुपरवाइजर के 70 पदों पर भर्ती के लिए 23 अगस्त को सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक जिला रोजगार कार्यालय हमीरपुर में साक्षात्कार लिए जाएंगे। जिला रोजगार अधिकारी सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि इन पदों के लिए 19 वर्ष से 40 वर्ष तक के पुरुष उम्मीदवार भर्ती किए जाएंगे। दसवीं फेल या दसवीं पास अथवा इससे अधिक शैक्षणिक योग्यता वाले उम्मीदवार, जिनकी लंबाई कम से कम 168 सेंटीमीटर और वजन 54 से 95 किलोग्राम के बीच हो, इन पदों के लिए पात्र हैं। चयनित उम्मीदवारों को मौके पर ही ऑफर लैटर प्रदान किए जाएंगे तथा उन्हें 17,500 रुपये से लेकर 22 हजार रुपये तक मासिक वेतन एवं अन्य सुविधाएं दी जाएंगी।   जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि अगर कोई युवा उपरोक्त योग्यता रखता है और उसका नाम किसी भी रोजगार कार्यालय में पंजीकृत है तो वह अपने मूल प्रमाण पत्रों तथा हिमाचली प्रमाण पत्र के साथ साक्षात्कार में भाग ले सकता है। भर्ती के संबंध में अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार कार्यालय के दूरभाष नंबर 01972-222318 या कंपनी के मोबाइल नंबर 85580-62252 पर भी संपर्क किया जा सकता है।