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PM मोदी के 76वें जन्मदिन पर बिहार में सेवा संकल्प अभियान, सम्राट चौधरी ने जलाने को कहा एक दीया

पटना  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 76वां जन्मदिन मनाया जा रहा है। इस मौके पर देश भर में बीजेपी की ओर से एक माह का सेवा संकल्प अभयान आज से शुरू हो गया है जो 17 अक्टूबर तक चलेगा। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री को इस मौके पर हृदय से शुभकामनाएं दी है। वीडियो जारी करके सीएम ने कहा है कि समृद्ध बिहार के रास्ते विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को पूरा करने के लिए सब लोग मोदी जी को आशीर्वाद दें। सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर बयान जारी करके सम्राट चौधरी ने कहा कि नए भारत के शिल्पकार नरेंद्र मोदी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। विश्वकर्मा पूजा के पावन अवसर पर सभी बिहारवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ। आज का दिन विशेष है, क्योंकि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिवस है। उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र और देशसेवा के लिए समर्पित किया है। उनके दीर्घ राष्ट्रसेवा के सफर को नमन करते हुए उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना करता हूँ। एक दीया जलाएं सीएम ने कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक पूरे बिहार में ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। ‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत सभी प्रखंडों एवं विधानसभा क्षेत्रों में ‘सरकार आपके द्वार’ समाधान शिविर आयोजित कर नागरिकों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। वहीं मार्च 2027 तक ‘कायाकल्प अभियान’ के माध्यम से विकास कार्यों में तेजी, स्वच्छता तथा सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता एवं पहुंच को और प्रभावी बनाया जाएगा। आज एक दीप जलाकर नए भारत के शिल्पकार के स्वस्थ एवं सफल जीवन तथा विकसित भारत-समृद्ध बिहार के संकल्प को और मजबूत करें। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री को इस मौके पर हृदय से शुभकामनाएं दी है। वीडियो जारी करके सीएम ने कहा है कि समृद्ध बिहार के रास्ते विकसित भारत के निर्माण के संकल्प में सब लोग मोदी जी का सहयोग करें। वीडियो बयान में सीएम ने कहा कि मोदी जी ने अपना संपूर्ण जीवन जनता के सेवा में लगा दिया। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में हमारे देश ने विश्व के मंच पर अपनी एक अलग पहचान बनाई। राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ उन्होंने देश के गौरव, सम्मान और सामर्थ्य को दूर दूर तक पहुंचाया। आज उनके जन्मदिन पर सभी बिहार वासियों की ओर से जन्मदिन की शुभकामनाएं देता हुं। मंदिरों में हवन पूजन पीएम के जन्मदिन पर राज्य के विभिन्न जिलों में बीजेपी के कार्यकर्ताओं और मोदी समर्थकों की ओर से केक काटे जा रहे हैं और समाज कल्याण के विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। कई जिलो में इस मौके पर मंदिरों में पूजन हवन कर पीएम की लंबी उम्र और स्वस्थ्य जीवन की कामना की जा रही है। सीएम ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि आपके आशीर्वाद से मोदी जी को ताकत मिलेगी और देश के साथ बिहार को समृद्ध बनाने के लिए अधिक गति से काम करेंगे।

रूबी गुर्जर हत्याकांड: प्रेमी के साथ कॉल पर कनेक्ट थी रूबी, चीखें रिकॉर्ड होने के बाद छा गई खामोशी; पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

रूबी गुर्जर हत्याकांड:   प्रेमी के साथ कॉल पर कनेक्ट थी रूबी, चीखें रिकॉर्ड होने के बाद छा गई खामोशी; पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल मुरैना 10 सितंबर को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के घाट उतारी गई रूबी गुर्जर मामले में एक चौकाने वाला ऑडियो खुलासा सामने आया है। हरदोई (यूपी) निवासी रूबी के कथित प्रेमी अनुज सिंह के अनुसार, जब परिजन रूबी को मुरैना से गांव ले जा रहे थे, तब अनहोनी की आशंका के चलते रूबी ने उन्हें फोन पर कनेक्ट कर रखा था। गांव पहुंचने पर रूबी ने वाहन से उतरने से इनकार किया था, लेकिन साथ मौजूद महिलाओं द्वारा सुरक्षा का भरोसा देने पर वह उतरी। इसके कुछ ही देर बाद फोन पर रूबी की दर्दनाक चीखें सुनाई दीं और फिर अचानक सन्नाटा छा गया। माना जा रहा है कि फोन गिरने के बाद आरोपियों को कॉल चालू होने का पता चल गया था। मुरैना के एडवोकेट राकेश दुबे ने भी इस ऑडियो रिकॉर्डिंग की पुष्टि की है। इस वारदात के बाद अब नूराबाद थाना पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। घटना के समय ऑडियो रिकॉर्डिंग में जिन महिलाओं की आवाजें सुनाई दे रही हैं, उनके खिलाफ अब तक एफआईआर (FIR) दर्ज क्यों नहीं की गई? क्या पुलिस उन महिलाओं को बचाने का प्रयास कर रही है? रूबी ने नूराबाद पुलिस से लगाई थी गुहार  फोटो -नूराबाद थाने का फोटो लगाना है  गौरतलब है कि रूबी गुर्जर ने अपनी हत्या से कुछ ही दिन पूर्व, 24 अगस्त 2026 को 'वन स्टॉप सेंटर' के माध्यम से नूराबाद थाना पुलिस को आवेदन देकर सुरक्षा की गुहार लगाई थी। उसने पूर्व में अपने मकान मालिक सोहन राजपूत (न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी) पर ब्लैकमेलिंग, जबरदस्ती और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बावजूद समय पर सख्त कदम न उठाए जाने और अब ऑडियो में शामिल महिलाओं पर कार्रवाई न होने से पुलिस प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं।

सेवा संकल्प अभियान: रायगढ़ में 5 लाख दीपों से रोशन होगा शहर, 17 सितंबर से आगाज

रायपुर : सेवा संकल्प अभियान के तहत रायगढ़ में जलेंगे 5 लाख दीप 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया उत्सव’ से होगी अभियान की शुरुआत सिंदूर पार्क में 40 हजार से अधिक दीपों से जगमगाएगा रायगढ़ वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी मुख्य कार्यक्रम में होंगे शामिल रायपुर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन एवं राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ में आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत रायगढ़ जिले में व्यापक जनभागीदारी के साथ विभिन्न सेवा एवं जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जिले में 17 सितम्बर को ‘आशीर्वाद का दीया उत्सव’ के साथ अभियान की शुरुआत होगी। इस अवसर पर जिले में 5 लाख दीप प्रज्वलित करने का लक्ष्य रखा गया है। रायगढ़ शहर के सिंदूर पार्क में शाम 7 बजे 40 हजार से अधिक दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी इस मुख्य कार्यक्रम में शामिल होंगे। ‘आशीर्वाद का दीया’ जनभागीदारी, सेवा, सुशासन और जनकल्याण के प्रति विश्वास का प्रतीक होगा। शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राही सहित जिलेवासी अपने-अपने घरों में दीप प्रज्वलित करेंगे। नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में भी अधिक से अधिक घरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया जाएगा। यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति आभार एवं शुभकामनाओं के साथ ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक संकल्प को मजबूत करने का संदेश देगी। योजनाओं की जानकारी से लेकर सेवा गतिविधियों तक जनभागीदारी 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान के दौरान राज्य, जिला, विकासखंड, ग्राम एवं वार्ड स्तर पर विभिन्न विभागों द्वारा अनेक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान का प्रमुख उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पात्र नागरिकों तक पहुंचाना, उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाना तथा सेवा गतिविधियों में आमजन की भागीदारी बढ़ाना है। बच्चों और युवाओं की सहभागिता से ‘विकसित भारत’ की संकल्पना पर भाषण प्रतियोगिता, चित्रकला, नुक्कड़ नाटक सहित विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ‘नमो सेवा अनकही कहानियां’ के तहत जनकल्याणकारी योजनाओं से आए सकारात्मक बदलावों पर आधारित नाट्य प्रस्तुतियां विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायतों, सामुदायिक केंद्रों एवं सार्वजनिक स्थलों पर होंगी। ‘आंगन मिलन सेवा’ के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण, मातृ सहायता, टीकाकरण एवं सामुदायिक सेवा से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। वहीं ‘कहानी बदलाव की’ के तहत योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों की प्रेरक अनुभव एवं सफलता की कहानियां साझा की जाएंगी। रक्तदान, स्वच्छता, वृक्षारोपण और जल संरक्षण पर रहेगा जोर अभियान के दौरान रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य जागरूकता, योग एवं ध्यान, प्लास्टिक मुक्त अभियान, महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, वंचित बच्चों को शिक्षा सहयोग तथा कैरियर काउंसलिंग जैसी गतिविधियां आयोजित होंगी। वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिजिटल साक्षरता, अंगदान संकल्प और नशामुक्ति जागरूकता को भी अभियान से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही पोषण, सड़क सुरक्षा, जल संरक्षण, जल स्रोतों की सफाई, कचरा पृथक्करण एवं कंपोस्टिंग, साइबर सुरक्षा, फिट इंडिया, वीरगाथा एवं सैनिकों का सम्मान, दिव्यांगजन सहयोग, मतदाता जागरूकता एवं पंजीयन, वोकल फॉर लोकल तथा सहकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। ‘सेवा सेतु’ के माध्यम से मजबूत होगा नागरिकों और शासन के बीच संवाद सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘जल-जन सेवा संकल्प’, ‘सेवा सेतु अभियान’ और ‘सुशासन सेवा संवाद’ जैसी गतिविधियां भी आयोजित होंगी। इन पहलों के माध्यम से शासन की योजनाओं और सेवाओं को नागरिकों तक पहुंचाने के साथ ही आमजन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। अभियान को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप देने के लिए विभागीय अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, हितग्राहियों, युवाओं, महिलाओं और नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। ‘आशीर्वाद का दीया’ से शुरू होने वाला यह अभियान सेवा, सुशासन और जनभागीदारी के माध्यम से ‘विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।

किसानों का बड़ा ऐलान, मांगें नहीं मानीं तो 5 जगह जाम होंगे रेलवे ट्रैक

अमृतसर किसान मजदूर मोर्चा चैप्टर पंजाब ने आज रेल रोको आंदोलन का ऐलान किया है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि सरकार को दोपहर 12 बजे तक का अल्टीमेटम है। किसानों और मजदूरों की मांगों पर ठोस फैसला न होने पर रेल रोको आंदोलन शुरू होगा।  मोर्चे के अनुसार, पहले चरण में अमृतसर, गुरदासपुर, फिरोजपुर, मोगा, संगरूर और सुनाम सहित छह स्थानों पर रेल यातायात रोका जाएगा। पंजाब सरकार के मंत्रियों के घरों के बाहर चल रहे धरने भी जारी रहेंगे।  सरवन सिंह पंधेर इस समय अमृतसर के देवीदासपुरा रेलवे ट्रैक पर किसानों के साथ मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि रात के समय हुई भारी बारिश के बावजूद किसान रेलवे ट्रैक पर डटे हुए हैं। पंधेर ने कहा कि बारिश के कारण किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है, लेकिन अपनी मांगों को लेकर किसान पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं। पंधेर ने बताया कि करीब एक महीने पहले मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मांगों से अवगत कराया गया था। 31 अगस्त को डिप्टी कमिश्नर कार्यालयों के बाहर भी धरने दिए गए। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों से बातचीत नहीं की है। मोर्चे की मांगों में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, बिजली संशोधन अधिनियम और बीज संशोधन अधिनियम पर स्पष्टीकरण शामिल है। शंभू-खनौरी मोर्चे के दौरान हुए नुकसान का मुआवजा भी मांगा जा रहा है।   किसान नेताओं के अनुसार, इस दौरान करीब 3.77 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और सैकड़ों किसान घायल हुए। मूंग, मक्का और आलू समेत पांच फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी भी प्रमुख मांगों में से एक है।  CM मान को मांगों से अवगत कराया पंधेर ने बताया कि किसान मजदूर मोर्चा की ओर से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर अपनी मांगों से अवगत कराया गया था। इसके बाद 31 अगस्त को डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के सामने बड़ा एकत्रीकरण कर मांग पत्र भी दिया गया। इसके अलावा पिछले तीन दिनों से किसान पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों के घरों के बाहर धरना दे रहे हैं। मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं पंधेर का आरोप है कि इसके बावजूद सरकार की ओर से उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। किसान नेता ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान दोपहर 12 बजे से पहले किसानों की मांगों को लेकर कोई ठोस फैसला लेंगे। अगर ऐसा नहीं हुआ तो पांच स्थानों पर रेल यातायात रोका जाएगा। ये है किसान मजदूर मोर्चे की प्रमुख मांगें किसान मजदूर मोर्चे की प्रमुख मांगों में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, बिजली संशोधन अधिनियम और बीज संशोधन अधिनियम को लेकर स्पष्टीकरण शामिल है। इसके अलावा शंभू-खनौरी मोर्चे के दौरान हुए नुकसान का मुआवजा देने की मांग की जा रही है। इस दौरान करीब 3 करोड़ 77 लाख रुपए का नुकसान हुआ और सैकड़ों किसान घायल हुए। किसान नेता मूंग, मक्का और आलू समेत पांच फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग भी कर रहे हैं। साथ ही पंजाब में गिरते भूजल स्तर और नदी के पानी की सुरक्षा, लैंड पूलिंग नीति, भारतमाला परियोजना के तहत जमीन अधिग्रहण और चिप वाले बिजली मीटरों से जुड़े मुद्दे भी उनकी मांगों में शामिल हैं। इसके बाद 18 सितंबर की शाम बैठक कर आंदोलन की समीक्षा और आगे की रणनीति तय की जाएगी।

कानपुर में हैरान करने वाला मामला, तीन बच्चों की मां युवती संग घर से फरार

कानपुर कानपुर में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। महाराजपुर में एक महिला को युवती से प्रेम हो गया। प्रेम परवान चढ़ा तो दोनों एक साथ रहने को तैयार हो गईं। 11 दिन पहले दोनों अपने-अपने घरों से साथ निकल गईं। पुलिस ने बुधवार को उन्हें पनकी से बरामद किया है। दोनों ने साथ जीने और मरने की बात पुलिस को बतायी है। वह घर जाने को तैयार नहीं हैं। महाराजपुर के एक गांव निवासी 30 वर्षीय महिला के तीन बच्चे हैं। महिला छह सितंबर को महाराजपुर में अपने मायके से गायब हो गई। घरवालों ने महाराजपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस जांच कर रही थी, तभी जानकारी मिली कि महिला पनकी में किराए का कमरा लेकर रह रही है। पुलिस पनकी पहुंची तो महिला एक 25 वर्षीय युवती के साथ मिली। युवती भी महाराजपुर की है। तीन बच्चों की मां को युवती से हुआ प्यार, दोनों घर छोड़कर भागे पुलिस की जांच में सामने आया कि दोनों हिंदू हैं और दोनों के बीच समलैंगिक संबंध है। दोनों की दोस्ती एक साल पहले इंस्टाग्राम पर हुई थी। उसके बाद दोनों में बातचीत होने लगी। इसी बीच एक दूसरे से प्यार हो गया तो दोनों एक दूसरे के साथ रहने को तैयार हो गईं। महिला ससुराल से मायके पहुंची और वहां से गायब हो गई। सरसौल निवासी एक युवक की मदद से किराए का कमरा लिया। युवती भी दिल्ली से पहुंच गई। बुधवार रात महाराजपुर पुलिस दोनों को लेकर थाने पहुंची। । महाराजपुर थाना प्रभारी जनार्दन सिंह ने बताया समलैंगिक संबंधों का मामला सामने आया है। महिला और युवती दोनों बालिग हैं। पत्नी के मायके से नहीं लौटने पर पति ने सुसाइड किया वहीं दूसरी तरफ हरवंश मोहाल में पत्नी के मायके से नहीं लौटने के कारण मानसिक तनाव में पति ने आत्महत्या कर ली। दानाखोरी निवासी कुलदीप कश्यप उर्फ बॉबी प्राइवेट कर्मचारी थे। पिता कल्लू ने बताया कि चार साल पहले कुलदीप ने गोंडा की महक से प्रेम विवाह किया था। मंगलवार को विवाद के बाद बहू गोंडा चली गई। इसके बाद बेटा शराब पीकर घर लौटा। इसके बेटा कमरे में चला गया। बुधवार सुबह बेटे का शव फंदे से लटक रहा था। हरवंश मोहाल थाना प्रभारी ने बताया कि युवक ने आत्महत्या की है।

सरिया में विकास कार्यों की प्रगति पर मंथन, ओपी चौधरी ने अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश

रायपुर : सरिया क्षेत्र में विकास परियोजनाओं की कार्य प्रगति की हुई समीक्षा वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के साथ ऑनलाइन बैठक में दिए आवश्यक दिशा-निर्देश रायपुर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र के सरिया क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं की कार्य प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के साथ ऑनलाइन माध्यम से बैठक में जुड़कर क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। बैठक में विकास परियोजनाओं की प्रगति, कार्यों के क्रियान्वयन तथा निर्धारित समय-सीमा में उन्हें पूर्ण करने से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। वित्त मंत्री चौधरी ने विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों की सतत निगरानी करने तथा कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी न होने देने के निर्देश दिए। साथ ही जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की बात कही। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि क्षेत्र के विकास से जुड़े प्रत्येक कार्य का लाभ आम नागरिकों तक समय पर पहुंचे, यह शासन की प्राथमिकता है। विकास परियोजनाओं की नियमित समीक्षा और प्रभावी मॉनिटरिंग से कार्यों में गति एवं गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकती है।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने गौधन की सुरक्षा, देखभाल एवं संरक्षण के लिए ठोस व्यवस्था बनाने के निर्देश

रायपुर : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कबीरधाम के गौसेवकों एवं अधिकारियों की ली बैठक उप मुख्यमंत्री शर्मा ने गौधन की सुरक्षा, देखभाल एवं संरक्षण के लिए ठोस व्यवस्था बनाने के निर्देश उप मुख्यमंत्री शर्मा ने ग्राम सरेखा में गौशाला के लिए उपयुक्त स्थल चयन के निर्देश रायपुर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने  कबीरधाम जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिले में गौधन की सुरक्षा, समुचित देखभाल, संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों, गौसेवकों एवं पशुपालकों की बैठक ली। बैठक में जिले में गौधन के रखरखाव, उपचार, संरक्षण तथा दुर्घटना एवं आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।        उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि गौधन की सुरक्षा और उनकी समुचित देखभाल के लिए ऐसी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए, जो प्रभावी होने के साथ-साथ स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप भी हो। उन्होंने अधिकारियों को जिले में गौधन के लिए पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को ग्राम सरेखा में गौशाला निर्माण के लिए उपयुक्त स्थल का चयन करने को कहा, ताकि गौधन के संरक्षण और देखभाल के लिए व्यवस्थित सुविधा विकसित की जा सके।          बैठक में प्रमुख मार्गों पर दुर्घटनाओं से संबंधित विषय पर भी चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग सहित जिले के अन्य प्रमुख मार्गों पर दुर्घटना अथवा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने क्रेन, जेसीबी मशीन सहित अन्य जरूरी संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता रखने को कहा, ताकि दुर्घटना की स्थिति में तत्काल कार्रवाई कर स्थिति को सामान्य किया जा सके। गुजरात की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर कबीरधाम में लागू करने पर जोर        उप मुख्यमंत्री शर्मा ने गुजरात राज्य में गौधन की देखभाल और पशुधन प्रबंधन के लिए अपनाई गई व्यवस्थाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां की अच्छी व्यवस्थाओं का अध्ययन किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कबीरधाम की स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप वहां की उपयोगी व्यवस्थाओं को अपनाने की संभावनाओं पर कार्य किया जाए। उन्होंने गौसेवकों एवं गौ रक्षकों को गुजरात में पशुधन की देखभाल और प्रबंधन की व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन कराने के लिए भ्रमण कराने की बात भी कही। इससे गौसेवकों को वहां की कार्यप्रणाली को समझने और जिले में बेहतर व्यवस्था विकसित करने में सहयोग मिलेगा। समय पर उपचार के लिए पर्याप्त दवाइयों की उपलब्धता          शर्मा ने पशु चिकित्सा विभाग के उप संचालक को निर्देश दिए कि जिले में गौधन के समुचित उपचार के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाइयां एवं अन्य आवश्यक चिकित्सा सामग्री उपलब्ध रखी जाए। उन्होंने आवश्यकता के अनुसार पशु चिकित्सकों तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा, ताकि बीमार एवं घायल पशुओं को समय पर उपचार मिल सके। उन्होंने कहा कि गौधन की सुरक्षा एवं देखभाल के लिए प्रशासनिक व्यवस्था के साथ समाज की सहभागिता भी महत्वपूर्ण है। गौसेवकों, पशुपालकों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को गौसेवकों एवं पशुपालकों के साथ बैठक कर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप ठोस रणनीति एवं कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।          बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, अपर कलेक्टर नरेंद्र पैकरा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार, उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गौसेवक एवं पशुपालक उपस्थित थे।

ओवैसी को रामेश्वर शर्मा का दो टूक जवाब, बोले- ‘हैदराबाद तुम्हारे बाप का नहीं, भारत का है; मैं भी आऊंगा’

ओवैसी को रामेश्वर शर्मा का दो टूक जवाब: हैदराबाद तुम्हारे बाप का नहीं, भारत का है, मैं भी हैदराबाद आऊंगा भोपाल  काजी कैंप पर मिसाइल वाले बयान पर शुरू हुआ सियासी संग्राम अब भोपाल से हैदराबाद तक पहुंच गया है। AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी के "माई के लाल हो तो मिसाइल चलाओ" वाले चैलेंज पर BJP विधायक रामेश्वर शर्मा ने करारा पलटवार किया है और कहा है – "मैं भी हैदराबाद जाऊंगा।" रामेश्वर शर्मा ने कहा, "हैदराबाद तुम्हारे बाप का नहीं है, हैदराबाद भारत का हिस्सा है। बैरिस्टर हो तो बदतमीजी की भाषा छोड़ दो।"  क्या बोले रामेश्वर शर्मा? ओवैसी की चुनौती के बाद शर्मा ने कहा: "मैं अपने बयान पर आज भी कायम हूं। मैंने काजी कैंप बोला था तो इस्लामाबाद वाले काजी कैंप की बात की थी, भोपाल वाले की नहीं। भारत की सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल गिराई है, आतंकवाद पर कार्रवाई जारी रहेगी।"  उन्होंने आगे कहा, "अब तुम छाती पीटो या इस्लामाबाद से अपने तार जोड़ो, UCC लागू होकर रहेगा।"  शर्मा ने ओवैसी को नसीहत देते हुए कहा कि अगर उन्हें आपत्ति है तो वो कोर्ट जा सकते हैं, लेकिन "पांच बीवी और 25 बच्चों की फैक्ट्री अब नहीं चलेगी"। कल भोपाल में क्या हुआ था? 15 सितंबर को सेंट्रल लाइब्रेरी ग्राउंड में ओवैसी ने कहा था – "रामेश्वर शर्मा, तुम माई के लाल हो तो बताओ कब लॉन्च करोगे मिसाइल? मैं अकेला काजी कैंप में खड़ा मिलूंगा, शहीद होने को तैयार हूं।"  अब इस बयान के बाद लड़ाई आर-पार की हो गई है। एक तरफ ओवैसी काजी कैंप में डटे हैं, दूसरी तरफ रामेश्वर शर्मा हैदराबाद जाने की बात कह रहे हैं।

Jhiram Ghati Case: 13 साल बाद आया बड़ा फैसला, 10 दोषियों को मृत्युदंड; हाईकोर्ट में अपील के लिए 30 दिन

रायपुर  2013 में झीरम घाटी में कांग्रेस नेताओं समेत 29 लोगों की हत्या के मामले में जगदलपुर NIA कोर्ट ने 10 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। इनमें 2 महिला और 8 पुरुष शामिल हैं।25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर नक्सली हमला हुआ था। NIA के मुताबिक इस हमले में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, महेंद्र कर्मा और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल समेत 27 लोगों की मौत हुई थी। करीब 13 साल चली सुनवाई में 101 गवाहों के बयान और दस्तावेज दर्ज किए गए। यह सजा हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही लागू होगी। तब तक सभी दोषी केंद्रीय जेल जगदलपुर में रहेंगे। 30 दिन के अंदर हाईकोर्ट में अपील कर सकते हैं। अभियोजन पक्ष ने फांसी की मांग की थी, जबकि बचाव पक्ष ने दलील में सजा कम करने की मांग की थी। न्यायालय के फैसले का सम्मान, लेकिन न्याय की लड़ाई जारी झीरम नक्सली हमले के मामले में न्यायालय के फैसले के बाद पीड़ितों की प्रतिक्रिया सामने आई है. हमले में घायल हुए शिवनारायण द्विवेदी ने न्यायालय के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए इसका स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में इतनी बड़ी घटना को अंजाम देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए थी. द्विवेदी के मुताबिक, झीरम हमले में बड़े नेताओं समेत कई निर्दोष लोगों की हत्या हुई थी. वे खुद भी इस हमले में घायल हुए थे और आज भी उस घटना के पीड़ित हैं. उन्होंने कहा कि न्यायालय के फैसले का सम्मान है, लेकिन न्याय की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है।  क्या था झीरम घाटी हमला ? झीरम घाटी छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में दरभा इलाके के पास स्थित है। 25 मई 2013 को CPI (माओवादी) के सदस्यों ने कांग्रेस की ‘परिवर्तन यात्रा’ के काफिले पर हमला किया। NIA के रिकॉर्ड के मुताबिक हमला करीब शाम 4:15 बजे NH-221 के झीरम घाटी क्षेत्र में हुआ था। हमले में माओवादी दस्ते ने काफिले को निशाना बनाया। NIA के अनुसार 27 लोगों की मौके पर मौत हुई थी, जिनमें 10 पुलिसकर्मी शामिल थे और 38 लोग घायल हुए थे। सार्वजनिक रिपोर्टों में बाद में मृतकों की संख्या 29 बताई गई, जिसमें बाद में चोटों के कारण हुई मौतें भी शामिल हैं। हमला किसने किया था? जांच एजेंसी के अनुसार हमला CPI (Maoist) के सदस्यों ने किया था। NIA के मामले में इसी संगठन के सदस्यों पर काफिले पर हमले, हत्या और साजिश समेत विभिन्न अपराधों के आरोप लगाए गए। 2026 में हुई सुनवाई में 10 आरोपियों को दोषी ठहराया गया और 16 सितंबर को इन्हीं 10 को मृत्युदंड सुनाया गया। हालांकि आरोपपत्र में इससे अधिक लोगों के नाम आरोपी के तौर पर दर्ज थे और कुछ आरोपी फरार/वांछित बताए गए हैं। आखिर हमला क्यों किया गया था? हमले के उद्देश्य को लेकर जांच और सार्वजनिक रिपोर्टों में कांग्रेस के राजनीतिक नेतृत्व को निशाना बनाने की बात सामने आई है। खास तौर पर तत्कालीन कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा माओवादियों के निशाने पर बताए गए, क्योंकि वे माओवादी विरोधी सलवा जुडूम अभियान से जुड़े प्रमुख नेताओं में थे। हालांकि पूरे हमले के पीछे के उद्देश्य को एक ही कारण तक सीमित करना उचित नहीं होगा। उस समय बस्तर क्षेत्र में माओवादी हिंसा, सुरक्षा अभियानों और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर तनाव पहले से मौजूद था। कांग्रेस के कौन-कौन से बड़े नेता मारे गए? झीरम घाटी हमले में कांग्रेस के कई बड़े नेता मारे गए। इस हमले में कांग्रेस नेताओं, आम नागरिकों और 10 सुरक्षाकर्मियों समेत 29 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हुए थे। मारे गए लोगों में प्रमुख कांग्रेस नेताओं में… विद्या चरण शुक्ल – पूर्व केंद्रीय मंत्री, हमले में गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में उनकी मृत्यु हुई नंद कुमार पटेल – तत्कालीन छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश पटेल – नंद कुमार पटेल के बेटे महेंद्र कर्मा – कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष उदय मुदलियार – कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक इनके अलावा पार्टी कार्यकर्ता, आम नागरिक और सुरक्षाकर्मी भी हमले में मारे गए। उस दिन क्या हुआ था? कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले ‘परिवर्तन यात्रा’ निकाली थी। यात्रा के बाद नेताओं का काफिला बस्तर के रास्ते लौट रहा था। झीरम घाटी के पास माओवादियों ने काफिले को घेर लिया और हमला शुरू कर दिया। NIA के रिकॉर्ड के अनुसार हमले में हथियार और गोला-बारूद भी लूटा गया था। जांच में दो AK-47 राइफल, एक 9mm पिस्टल, हैंड ग्रेनेड और अन्य सामान के लूटे/गायब होने का उल्लेख है। जांच कैसे आगे बढ़ी? हमले के बाद मामला पहले छत्तीसगढ़ पुलिस ने दर्ज किया। केंद्र सरकार ने इसके बाद NIA को जांच सौंपी। साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार ने घटना की न्यायिक जांच के लिए तत्कालीन हाईकोर्ट जज न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में आयोग बनाया था। NIA की जांच के बाद मामला अदालत में पहुंचा और लंबे समय तक सुनवाई चलती रही। 5 सितंबर 2026 को विशेष NIA अदालत ने ट्रायल का सामना कर रहे 10 आरोपियों को दोषी ठहराया। 16 सितंबर 2026 को अदालत ने सभी 10 को मृत्युदंड सुनाया। झीरम घाटी हमला इतना महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है? झीरम घाटी हमला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें छत्तीसगढ़ कांग्रेस के एक बड़े हिस्से का नेतृत्व एक ही हमले में मारा गया था। घटना ने राज्य की राजनीति और माओवादी हिंसा के बीच संबंधों पर देशभर में चर्चा छेड़ दी थी। 13 साल बाद आया अदालत का फैसला अब इस मामले की कानूनी प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। मृत्युदंड के फैसले के बाद दोषियों के पास कानून के तहत उपलब्ध आगे की न्यायिक प्रक्रिया का रास्ता रहेगा। वे माओवादी जिन्हें आरोपी बनाया गया था, अब मिली फांसी झीरम घाटी के हमले को नक्सली संगठन के टॉप लीडरों ने प्लान किया है। जानकारी के अनुसार, झीरम घाटी हमले का मास्टरमाइंड हिडमा था। 25 मई 2013 को यह हमला हुआ था। माओवादियों ने बस्तर जिले के दरभा थाना क्षेत्र के झीरम घाटी इलाके में एक राष्ट्रीय राजमार्ग पर कांग्रेस की ‘परिवर्तन यात्रा’ पर घात लगाकर हमला किया था। हमला करने वाले सभी नक्सली संगठन के मेंबर थे। आरोपियों में जो शामिल थे, उनमें…     … Read more

मुख्यमंत्री ने कहा- पारंपरिक कारीगरों के हुनर को आधुनिक तकनीक और नए बाजार से जोड़ने का काम किया

यूपी में कारीगरी और हस्तशिल्प से तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री योगी ने भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर गोरखपुर के विश्वकर्मा पंचायत मंदिर में आयोजित विश्वकर्मा पूजनोत्सव कार्यक्रम को संबोधित किया   मुख्यमंत्री ने कहा- पारंपरिक कारीगरों के हुनर को आधुनिक तकनीक और नए बाजार से जोड़ने का काम किया   बोले मुख्यमंत्री- आजादी के बाद होती रही कारीगरों की उपेक्षा, पहली बार सरकार ने उनकी चिंता की   मुख्यमंत्री ने कहा- टूलकिट, प्रशिक्षण और सस्ते बैंक ऋण की सुविधा देकर कारीगरों को बनाया जा रहा स्वावलंबी   बोले मुख्यमंत्री- प्रधानमंत्री मोदी ने ‘पीएम विश्वकर्मा’ के जरिए कारीगरों और हस्तशिल्पियों को दिया मंच   विश्वकर्मा जयंती पर पंचायत मंदिर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी, प्रधानमंत्री मोदी के स्वस्थ और दीर्घ जीवन की कामना की  गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अलग-अलग कारीगरी और हस्तशिल्प से तीन करोड़ से अधिक लोग रोजगार प्राप्त कर रहे हैं और स्वावलंबन का जीवन जी रहे हैं। वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद प्रदेश सरकार ने परंपरागत कारीगरों और हस्तशिल्पियों को आगे बढ़ाने के लिए काम शुरू किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पारंपरिक कारीगरी को आधुनिक तकनीक और नए बाजार से जोड़ने के साथ उत्पादों की पैकेजिंग और डिजाइनिंग पर भी ध्यान दिया। इससे कारीगरों और हस्तशिल्पियों के लिए आगे बढ़ने का रास्ता खुला है।   मुख्यमंत्री योगी बुधवार को भगवान विश्वकर्मा की जयंती पर गोरखपुर के विश्वकर्मा पंचायत मंदिर में आयोजित विश्वकर्मा पूजनोत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज का दिन अत्यंत पवित्र है। एक ओर सृष्टि के शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती है तो दूसरी ओर नए भारत के शिल्पी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है।   मुख्यमंत्री योगी ने बाबा गोरखनाथ की धरती से प्रधानमंत्री मोदी को उत्तर प्रदेशवासियों की ओर से जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की नए भारत और विकसित भारत की संकल्पना को उनके नेतृत्व में 140 करोड़ भारतवासी साकार होते हुए देखेंगे। उन्होंने बाबा गोरखनाथ और भगवान विश्वकर्मा से प्रधानमंत्री मोदी के स्वस्थ और दीर्घ जीवन की कामना की।   कारीगरों का सम्मान करने वाला देश आगे बढ़ता है मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत की परंपरा में भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि के शिल्पी के देवता के रूप में पूजा जाता है। विशिष्ट कला, कारीगरी और हस्तशिल्प से जुड़े लोग विश्वकर्मा जयंती पर सृष्टि के शिल्पी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का मानना है कि जो देश अपने हस्तशिल्पियों और कारीगरों का सम्मान करता है, वह आगे बढ़ता है।   मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने नए भारत में कारीगरों और हस्तशिल्पियों को ‘पीएम विश्वकर्मा’ के रूप में एक मंच उपलब्ध कराया है। राजमिस्त्री, बढ़ई, हलवाई, सुनार सहित विभिन्न परंपरागत व्यवसायों से जुड़े कारीगर समाज के स्वावलंबन का आधार रहे हैं।   आजादी के बाद होती रही कारीगरों की उपेक्षा मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आजादी के बाद परंपरागत कारीगरों और हस्तशिल्पियों की निरंतर उपेक्षा हुई। पहली बार सरकार ने उनकी बात सुनी, उनकी जरूरतों को समझा और उनकी चिंता की। उन्हें टूलकिट उपलब्ध कराने के साथ प्रशिक्षण और बैंक से सस्ता ऋण दिलाने की व्यवस्था की गई। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार ने कारीगरों को आगे बढ़ाने का काम किया।   उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2017 में सरकार बनने के बाद इस दिशा में काम शुरू किया गया। आज प्रदेश में तीन करोड़ से अधिक लोग अलग-अलग कारीगरी और हस्तशिल्प के माध्यम से रोजगार प्राप्त कर रहे हैं और स्वावलंबन का जीवन व्यतीत कर रहे हैं।   तकनीक और नए बाजार से जोड़ी पारंपरिक कारीगरी मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि परंपरागत कारीगरी को समय के अनुरूप आगे बढ़ाने के लिए उसे आधुनिक तकनीक से जोड़ना जरूरी था। प्रधानमंत्री मोदी ने कारीगरों के हुनर को आधुनिक तकनीक और नए बाजार से जोड़ने के साथ उत्पादों की पैकेजिंग और डिजाइनिंग पर भी ध्यान दिया। इससे पारंपरिक कारीगरी को बदलते समय के अनुरूप आगे बढ़ाने का अवसर मिला।   मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत की परिकल्पना कारीगरों, हस्तशिल्पियों, युवा शक्ति और आधी आबादी नारी शक्ति के माध्यम से साकार होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के स्वस्थ और यशस्वी दीर्घ जीवन की कामना करते हुए कहा कि देश को लंबे समय तक उनका मार्गदर्शन प्राप्त हो।   हर वर्ष मंदिर आना मेरा सौभाग्य : मुख्यमंत्री योगी मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उन्हें प्रतिवर्ष विश्वकर्मा पंचायत मंदिर आने का अवसर मिलता है और यह उनका सौभाग्य है। उन्होंने मंदिर समिति के पदाधिकारियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि दशकों पहले जिस भावना के साथ मंदिर की व्यवस्था को आगे बढ़ाने का काम शुरू हुआ था, उसे आज भी लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। कारीगर और हस्तशिल्पी बिना किसी भेदभाव के इस अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं।   कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने भगवान विश्वकर्मा से संबंधित पुस्तक का विमोचन किया। विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह समेत अन्य लोगों ने उनका स्वागत किया। पार्षद ने मुख्यमंत्री योगी को पुष्पगुच्छ भेंट किया। मंदिर समिति के मंत्री श्याम बाबू शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी को स्मृति चिह्न प्रदान किया, जबकि रवि पांचाल ने अंगवस्त्र देकर उनका स्वागत किया।   कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश महामंत्री साकेत मिश्रा, क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, भाजपा महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता, विश्वकर्मा पंचायत मंदिर के अध्यक्ष विद्यानंद शर्मा, अनूप शर्मा, जयप्रकाश शर्मा, अजय कुमार विश्वकर्मा, गौरी शंकर शर्मा, रामविलास शर्मा और संजय शर्मा समेत विश्वकर्मा समाज से जुड़े लोग मौजूद रहे।