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राज्यपाल डेका बोले- डिजिटल एडिक्शन आज हर दूसरे नशे से ज्यादा खतरनाक, ICFAI यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में हुए शामिल

डिजिटल एडिक्शन आज किसी भी अन्य एडिक्शन से अधिक खतरनाक – राज्यपाल  डेका आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में राज्यपाल हुए शामिल 19 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल तथा 16 विद्यार्थियों को सिल्वर मेडल से सम्मानित 504 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गई रायपुर,   राज्यपाल रमेन डेका आज आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में वर्ष 2025 एवं वर्ष 2026 शैक्षणिक सत्र  के विद्यार्थियों को विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पदक प्रदान किए गए,  जिनमें 19 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल तथा 16 विद्यार्थियों को सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया शामिल हैं। स्नातकोत्तर एवं स्नातक स्तर पर कुल 504 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गई विद्यार्थियों को तकनीक का सदुपयोग करते हुए इसके दुष्प्रभावों से बचने सलाह         राज्यपाल डेका ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप इंटरनेट युग के विद्यार्थी हैं, जबकि हम उस दौर के विद्यार्थी हैं, जब शिक्षा चाक ,पेंसिल पुस्तकों और गुरुओं के माध्यम से प्राप्त करते थे। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज बहुत जरूरी है, लेकिन इसका उपयोग उतना ही होना चाहिए, जितना मानव समाज के हित में आवश्यक है। आज डिजिटल एडिक्शन किसी भी अन्य एडिक्शन से अधिक खतरनाक हो गया है। विद्यार्थियों को तकनीक का सदुपयोग करते हुए इसके दुष्प्रभावों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यूक्लियर एनर्जी, क्लाइमेट चेंज और माइक्रो प्लास्टिक आज दुनिया के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। 21वीं सदी में विकास के साथ उसके दूसरे पहलुओं पर भी ध्यान देना होगा और सतत विकास को प्राथमिकता देनी होगी। विद्यार्थियों पढ़ाई और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रहें         राज्यपाल ने विद्यार्थियों को भगवत गीता के कर्मयोग का संदेश देते हुए कहा कि कर्म ही जीवन है। हमें इस बात की चिंता किए बिना कि दूसरे हमारे बारे में क्या सोचते हैं, अपने कर्म, पढ़ाई और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपका ज्ञान कोई आपसे नहीं छीन सकता। अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनें और सही रास्ते पर आगे बढ़ें। विद्यार्थियों को अपने जीवन का रोडमैप तैयार कर योजनाबद्ध ढंग से सफलता की ओर आगे बढ़ना चाहिए        डेका ने कहा कि विद्यार्थियों ने ज्ञान और डिग्री इसलिए हासिल की है कि उसका उपयोग मानव समाज के हित में हो। विज्ञान, तकनीक और इनोवेशन का उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लौह अयस्क प्रचुर मात्रा में है और यह देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। अब छत्तीसगढ़ को एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत और 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने में समाज के प्रत्येक वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को अपने जीवन का रोडमैप तैयार कर योजनाबद्ध ढंग से सफलता की ओर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने तथा मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।        समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य एवं डिफेंस साइंटिस्ट डॉ. वी. सतीश रेड्डी तथा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रोफेसर आर.पी. कौशिक ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। स्वागत भाषण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. शिव दयाल पांडे ने दिया और विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की शासी परिषद एवं कार्य परिषद के सदस्य, अधिष्ठाता, प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं एवं उनके पालक उपस्थित थे।

रांची समेत छह शहरों में बनेंगे कैंसर रेडिएशन सेंटर, डे-केयर सुविधा होगी बहाल

रांची  कैंसर मरीजों के इलाज के लिए राज्य में छह जगहों पर रेडिएशन सेंटर की स्थापना होगी। साथ ही डे-केयर की सुविधा बहाल होगी। रांची सदर अस्पताल के अलावा धनबाद, जमशदेपुर, पलामू, हजारीबाग तथा दुमका स्थिति मेडिकल कालेजों में पीपीपी माडल पर इन सुविधाओं को बहाल किया जाएगा। इसे लेकर शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें इस योजना पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव ने जिला स्तर पर कैंसर मरीजों को कीमोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने जिला अस्पतालों एवं मेडिकल कालेजों में उपलब्ध संसाधनों, मशीनों, मानवबल और आवश्यक खर्च का आकलन कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में रेडिएशन उपचार के लिए आधुनिक लीनैक मशीन की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रेडिएशन के लिए मशीन के साथ रेडिएशन विशेषज्ञ, टेक्नीशियन और रेडियो फिजिसिस्ट जैसे प्रशिक्षित मानवबल की आवश्यकता होती है। राज्य में रेडियो फिजिसिस्ट की कमी को इस क्षेत्र की प्रमुख चुनौती माना गया। मशीन के खराब होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था और रखरखाव की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। तय हुआ कि डे-केयर और रेडिएशन सेंटर की व्यवस्था अलग-अलग होगी। डे-केयर सेंटर में चिकित्सा पदाधिकारी के माध्यम से सेवाएं संचालित करने तथा रेडिएशन सेंटर के लिए विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षित तकनीकी मानवबल की व्यवस्था की जाएगी बिहार में संचालित डे-केयर माडल का भी बैठक में संदर्भ लिया गया, जहां चिकित्सा पदाधिकारी को प्रशिक्षण देकर डे-केयर सेवा संचालित की जाती है। रेडिएशन सेंटर व डे-केयर सेंटरों में आयुष्मान और अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के कार्डधारियों को संबंधित योजना के निर्धारित पैकेज और दर के अनुसार उपचार मिलेगा। वहीं, अन्य मरीजों के लिए सीजीएचएस की निर्धारित दरों को आधार बनाने पर सहमति बनी। पूरी योजना की निगरानी के लिए विभागीय स्तर पर समिति गठित की जाएगी। अपर सचिव सह झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में समिति प्रस्ताव, संसाधनों के आकलन, टेंडर प्रक्रिया और संचालन व्यवस्था की निगरानी करेगी। विभाग की ओर से भारत सरकार के बीजीएफ कार्यक्रम के तहत भी प्रस्ताव भेजकर आवश्यक स्वीकृति लेने की तैयारी की जा रही है। बैठक में विभाग की विशेष सचिव डा. नेहा अरोड़ा, झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक शशि प्रकाश सिंह, सदर अस्पताल क उपाधीक्षक डाॅ. विमलेश कुमार सिंह आदि उपस्थित थे। दो समूह में मेडिकल कालेजों को रखने पर विचार प्रस्तावित रेडिएशन सेंटर के लिए मेडिकल कालेजों को दो समूह रखने पर विचार किया गया। पहले समूह में जमशेदपुर, धनबाद और दुमका तथा दूसरे समूह में रांची, हजारीबाग और पलामू को सम्मिलित करने का प्रस्ताव है। रिम्स, रांची से होगी डे-केयर सेंटरों की निगरानी बैठक में कैंसर डे-केयर सेंटरों की केंद्रीकृत निगरानी के लिए रिम्स में कंट्रोल एवं कमांड सेंटर विकसित करने की संभावना पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा रांची, जमशेदपुर और धनबाद में पैट स्कैन की सुविधा के विस्तार तथा इसे पीपीपी मोड पर संचालित करने की संभावनाओं की भी समीक्षा की गई।  

हरियाणा ट्रांसफर नीति पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, शिक्षकों को मिलेगा लाभ

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार की शिक्षक स्थानांतरण नीति के तहत अनुभव अंकों की गणना को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पीजीटी शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन शिक्षकों को किसी आदेश या वैधानिक प्रक्रिया के तहत पूर्व प्रभाव से नोशनल सेवा (भले ही कोई कर्मचारी किसी निश्चित समयावधि के लिए वास्तविक रूप से (फिजिकली) नौकरी पर उपस्थित या कार्यरत नहीं था, फिर भी रिकॉर्ड और गणना के उद्देश्य से उसे उस अवधि के लिए सेवा में माना जाता है) का लाभ मिला है, उस सेवा अवधि को स्थानांतरण के लिए अनुभव की गणना से बाहर नहीं किया जा सकता ऐसे शिक्षकों को उनकी मान्य नोशनल सेवा अवधि के आधार पर भी अनुभव अंक दिए जाएंगे। इससे स्थानांतरण प्रक्रिया में उनकी मेरिट और पसंद के पद मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी।विभाग दूसरे लाभ दे रहा था, ट्रांसफर में अनुभव अंक रोक दिएमामला परविंद्र कुमार समेत दर्जन भर पीजीटी शिक्षकों से जुड़ा है। शिक्षकों का कहना था कि विभाग उनकी नोशनल सेवा को एसीपी, वरिष्ठता, नोशनल वेतन निर्धारण सहित अन्य सेवा लाभों के लिए मान्यता दे रहा है, लेकिन शिक्षक स्थानांतरण अभियान में अनुभव अंक देने के लिए केवल वास्तविक नियुक्ति तिथि को आधार बना रहा है। जगबीर मलिक ने खटखटाया अदालत का दरवाजा इससे उनकी सेवा अवधि कम मानी जा रही थी और उन्हें स्थानांतरण प्रक्रिया में नुकसान उठाना पड़ रहा था।इसके खिलाफ शिक्षकों ने अधिवक्ता जगबीर मलिक के माध्यम से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई के दौरान शिक्षा विभाग की ओर से अदालत को बताया कि इसी तरह का विवाद पहले भी हाईकोर्ट की एकल और दो सदस्यीय पीठ के समक्ष आ चुका है और संबंधित याचिका खारिज की जा चुकी है। हालांकि, याचिकाकर्ताओं की ओर से नए तथ्यों और कानूनी पहलुओं को अदालत के सामने रखा गया। अधिवक्ता जगबीर मलिक ने सर्वोच्च न्यायालय के भारत सरकार बनाम के बी राजोरिया मामले में दिए गए फैसले का हवाला देते हुए दलील दी कि नोशनल सेवा से जुड़े कानूनी सिद्धांत को केवल वास्तविक नियुक्ति तिथि तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता। अदालत ने दोनों पक्षों की सुनी दलीलें अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पीजीटी शिक्षकों के पक्ष में फैसला सुनाया। जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की एकल पीठ के इस फैसले से उन शिक्षकों को राहत मिली है, जिन्हें नोशनल सेवा अवधि का लाभ तो दिया गया, लेकिन स्थानांतरण के लिए उसी अवधि के अनुभव अंक नहीं दिए जा रहे थे। दूसरे कर्मचारियों के लिए भी खुला राहत का रास्तायह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि समान प्रकृति के मामले में कृषि विकास अधिकारी की याचिका और उसके बाद दायर एलपीए पहले खारिज हो चुके थे। इसके बावजूद सर्वोच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण फैसले और नए कानूनी पहलुओं के आधार पर पीजीटी शिक्षकों को राहत मिल गई। माना जा रहा है कि इस निर्णय के बाद नोशनल सेवा के बावजूद अनुभव अंकों से वंचित अन्य कर्मचारी भी अपने अधिकारों के लिए हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल पर बिहार में सेवा संकल्प, हर घर जलेगा आशीर्वाद का दीया

 पटना PM Narendra Modi Birthday: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नेक संवाद में सरकार के सभी मंत्रियों की बैठक चल रही है। मुख्‍यमंत्री की अध्‍यक्षता में चल रही बैठक में 17 सितंबर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जन्मतिथि पर शुरू होने वाले महीने भर के सेवा संकल्प अभियान को लेकर मंत्रियों से विचार-विमर्श कर रहे हैं। 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्‍य में अभ‍ियान विदित हो कि मुख्यमंत्री पद से लेकर संसदीय जीवन में प्रधानमंत्री पद पर नरेन्द्र मोदी के लगातार काम करते हुए 17 सितंबर को 25 वर्ष पूर हो रहे हैं। इसे लेकर सरकार ने अभियान चलाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने अभियान के सभी 13 प्रमुख घटकों की विभागवार तैयारियां पर चर्चा की। अभियान की शुरुआत 17 सितंबर की संध्या को 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम से होगी, जिसके तहत राज्य के प्रत्येक घर तथा हर जिले के कम-से-कम 10 प्रमुख व प्रतीकात्मक सार्वजनिक स्थलों पर सामूहिक दीप प्रज्वलन कराया जाएगा। इसके लिए जीविका, नगर निकायों और जन वितरण प्रणाली के माध्यम से लाभार्थियों तक दीया पहुंचाया जाएगा। वहीं, 17 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों में 'सेवा चित्र' के अंतर्गत 'विकसित भारत संकल्प' विषय पर चित्रकला व भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। स्कूलों में अभिभावक-शिक्षक बैठक भी आयोजन किया जाएगा। जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से 'सेवा स्मरण' के तहत पिछले 25 वर्षों के सेवा कार्यों और योजनाओं पर आधारित 18-20 नाट्य टोलियां गठित की जाएंगी। स्‍कूल-कॉलेजों से लेकर पंचायत तक में नुक्‍कड़ नाटक स्कूलों, कालेजों और पंचायतों में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत करेंगी। दो अक्टूबर को विशेष मंचन करेंगी। इसके साथ ही 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक 'आंगन का मिलन' कार्यक्रम के तहत सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर तीन दिवसीय आयोजन होगा। इसमें आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं का सम्मान, लाभार्थी माताओं से संवाद और बच्चों की मनोरंजक गतिविधियों के साथ-साथ पोषण व स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। सरकारी योजनाओं से लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को उजागर करने के लिए 'कहानी बदलाव की' घटक के अंतर्गत वास्तविक रील्स व लघु वीडियो का संकलन कर जिला और राज्य स्तरीय डिजिटल डेटा-बैंक तैयार किया जाएगा। इसके अलावा, 'सेवा ज्योति यात्रा' के माध्यम से राज्य व जिलों में पदयात्रा, साइकिल और बाइक रैलियां निकाली जाएंगी, जिनमें 'मेरा युवा भारत' के स्वयंसेवक भाग लेंगे और समापन पर 'विकसित भारत 2047' का सामूहिक संकल्प लिया जाएगा।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक कारीगरी को मिलेगा नया बाजार

लखनऊ  योगी सरकार के निर्देश पर स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक कारीगरी को नया बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आगरा, वाराणसी और लखनऊ में आधुनिक पीएम यूनिटी मॉल का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इन मॉल का उद्देश्य पारंपरिक उद्योगों, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को एक ही स्थान पर प्रदर्शित और विपणन करने के लिए स्थायी मंच उपलब्ध कराना है, जिससे कारीगरों, महिलाओं और युवाओं को बड़े बाजार से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों के ओडीओपी और जीआई-टैग उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। परंपरागत उद्योगों को मिलेगी संजीवनी ग्रामीण क्षेत्रों में दम तोड़ रहे परंपरागत उद्योगों को फिर से खड़ा करने के लिए सरकार की ओर से बढ़ाया गया यह कदम न सिर्फ शिल्पकारों की आजीविका को मजबूत कर रहा है, बल्कि स्थानीय उत्पादों को “स्वदेशी की नई ताकत” के रूप में स्थापित भी कर रहा है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना पीएम यूनिटी मॉल राज्यों में स्थानीय उत्पादों की बिक्री, प्रदर्शन और ब्रांडिंग का बड़ा केंद्र बनकर उभर रही है। आगरा में 128 करोड़ से बन रहा पीएम यूनिटी मॉल आगरा के शिल्पग्राम क्षेत्र में लगभग 11.53 एकड़ भूमि पर करीब 128.85 करोड़ रुपये की लागत से पीएम यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है। बेसमेंट की खुदाई, फाउंडेशन की पीसीसी, आरसीसी, बेसमेंट फ्लोर के कॉलम एवं रिटेनिंग बाल की आरसीसी का कार्य 100% तक पूर्ण हो चुका है। यहां ब्रज क्षेत्र, आगरा, फिरोजाबाद और आसपास के जिलों के हस्तशिल्प व पारंपरिक उत्पादों को ब्रांडिंग के साथ देश-विदेश के बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था होगी। 6 फ्लोर के मॉल में कुल 135 दुकानें होगी। यह मॉल नवंबर 2026 तक पूरी होने की संभावना है। वाराणसी में काशी की विरासत को मिलेगा नया मंच वाराणसी के गंगानगर कॉलोनी में करीब 154.71 करोड़ रुपये की लागत से 1.46 एकड़ क्षेत्र में यूनिटी मॉल बनाया जा रहा है। डी-वाल और छत की स्लैब की ढलाई का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि बेसमेंट 3 में फाउंडेशन का कार्य प्रगति पर है। यहां बनारसी साड़ी, जरी-जरदोजी, लकड़ी के खिलौने, रुद्राक्ष और अन्य पारंपरिक उत्पादों को प्रदर्शित और बिक्री के लिए विशेष स्थान मिलेगा। 6 फ्लोर के मॉल में कुल 111 दुकानें होगी। यह मॉल दिसंबर 2026 तक पूरी होने की संभावना है। लखनऊ में अवध शिल्पग्राम में बनेगा मॉल लखनऊ के अवध शिल्पग्राम में लगभग 4.86 एकड़ क्षेत्र में 64 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना अक्टूबर 2026 तक पूरी होने की संभावना है। अभी यहां दुकानों में फिनिशिंग एवं एडमिन ब्लॉक के स्ट्रक्चर का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि ब्रिक वर्क और लिफ्ट का कार्य प्रगति पर है। यहां चिकनकारी, जरी-जरदोजी और अवध क्षेत्र के अन्य प्रसिद्ध उत्पादों को बड़ा बाजार मिलेगा। 6 फ्लोर के मॉल में कुल 139 दुकानें होगी। इस मॉल के आगामी अक्टूबर तक पूरी होने की संभावना है। कारीगरों और स्थानीय उद्योग को मिलेगा बड़ा लाभ यूनिटी मॉल बनने से प्रदेश के 75 जिलों के उत्पादों को एक ही मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय कारीगरों की आय बढ़ेगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही यह पहल स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और पर्यटन को भी प्रोत्साहित करेगी।

प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर ग्राम पंचायतों और नगर निकायों में जलेगा ‘आशीर्वाद का दीया’

 लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ न कोई वंश परंपरा थी और न ही उन्हें कोई विरासत वंशानुगत रूप से मिली थी। उनके पास तप, साधना, संघर्ष और देश के लिए कुछ कर गुजरने की चाहत थी। आज उनकी साधना और तप का लाभ पूरे देश को योग्य नेतृत्व के रूप में मिल रहा है। सात अक्तूबर को गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर देश के प्रधानमंत्री के रूप में शासन प्रमुख के तौर पर नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस यात्रा के प्रति कृतज्ञता जताने के लिए प्रदेश सरकार और भाजपा संगठन मिलकर 17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक प्रदेशव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाएंगे।   भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री ने अभियान की कार्ययोजना साझा करते हुए कहा कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री का जन्मदिन प्रदेशभर में ‘सेवा दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन हर ग्राम पंचायत, नगर निकाय और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया जाएगा। इसके जरिये प्रदेश की जनता प्रधानमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना करेगी। अस्पतालों में फल वितरण के साथ रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे। भाजपा और युवा मोर्चा के कार्यकर्ता भी सेवा कार्यक्रमों में भाग लेंगे।   मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की बड़नगर से काशी तक की यात्रा को भी अभियान से जोड़ा गया है। बड़नगर से काशी के लिए 10 और काशी से बड़नगर के लिए 10 यात्राएं निकाली जाएंगी। बड़नगर का जल लेकर यात्राएं काशी आएंगी, जबकि उत्तर प्रदेश की 10 नदियों का पवित्र जल लेकर यात्राएं बड़नगर जाएंगी। सभी यात्राएं 17 सितंबर को शुरू होंगी और सात अक्तूबर को अपने गंतव्य तक पहुंचेंगी। यात्रा मार्ग पर हर दिन चार स्थानों पर चौपाल और जनसंवाद के कार्यक्रम होंगे।   वंचित पात्रों तक योजनाएं पहुंचाएगा ‘सेवा सेतु’ अभियान के तहत सरकारी योजनाओं से अब तक वंचित पात्र लोगों को लाभ दिलाने के लिए ‘सेवा सेतु’ शिविर लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि 29-30 सितंबर से 10 अक्तूबर के बीच प्रत्येक विकासखंड और जिला मुख्यालय के नगर निकाय में छह से सात दिन तक शिविर लगाने की योजना है। इनमें स्वास्थ्य योजनाओं के साथ पेंशन, आवास, शौचालय, राशन कार्ड समेत विभिन्न योजनाओं के लिए पात्र लोगों का पंजीकरण कराया जाएगा।   योगी ने कहा कि पंजीकरण के बाद दो-तीन दिन के भीतर सत्यापन कर संबंधित कार्ड अथवा योजना का लाभ उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। प्रदेश में 826 विकासखंड और 762 नगर निकाय हैं। जरूरत पड़ी तो अभियान दो चरणों में चलाया जाएगा। प्रयास यह रहेगा कि पात्र व्यक्ति केवल आवेदन देकर वापस न जाए, बल्कि शिविर के दौरान ही उसे संबंधित योजना से जोड़ दिया जाए। जनप्रतिनिधि भी इन शिविरों में मौजूद रहेंगे।   बच्चों और युवाओं के बीच होंगी तीन प्रतियोगिताएं सेवा संकल्प अभियान में बच्चों और युवाओं की भागीदारी के लिए तीन स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। कक्षा पांच से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए चित्रकला और नौवीं से 12वीं तक के लिए निबंध लेखन प्रतियोगिता होगी। विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।   इन प्रतियोगिताओं की थीम ‘आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लिए आत्मनिर्भर और विकसित उत्तर प्रदेश’ होगी। गांव, विकासखंड और जिला स्तर पर चयनित विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। सात अक्तूबर को प्रदेश स्तर पर होने वाले आयोजन में चयनित बच्चों को पुरस्कार भी दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं इस कार्यक्रम में शामिल होकर विद्यार्थियों को सम्मानित करेंगे।   मलिन बस्ती से देवालय तक ‘सेवा मेरा योगदान’ मुख्यमंत्री ने बताया कि 17 सितंबर से 17 अक्तूबर के बीच ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम भी चलेगा। मलिन बस्तियों, घाटों, देवालयों और अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता एवं सेवा के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मंत्री, जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और आम लोग इनमें भाग लेंगे।   अभियान के साथ ‘एक पेड़ मां के नाम’, रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर, मतदाता जागरूकता, वोकल फॉर लोकल, गोसेवा और युवाओं की करियर काउंसलिंग जैसे कार्यक्रम भी जोड़े जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान से प्रेरित होकर लोग इन कार्यक्रमों में अपना सेवा योगदान देंगे।   स्टार्टअप और तकनीकी छात्रों के लिए इनोवेशन चैलेंज आईटीआई, पॉलिटेक्निक, तकनीकी संस्थानों, विश्वविद्यालयों और स्टार्टअप को जोड़कर ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ भी आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल 120 स्टार्टअप कार्यरत थे, जबकि अब इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो गई है। अटल टिंकरिंग लैब, इनक्यूबेटर सेंटर के साथ ड्रोन, रोबोटिक्स और स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़े विद्यार्थियों और युवाओं को भी इसमें शामिल किया जाएगा।   प्रदेश में ‘राष्ट्र के रंग, सेवा के रंग और राष्ट्र के संग’ थीम पर रंगोली प्रतियोगिताएं भी होंगी। अलग-अलग स्थानों पर रंगोली के माध्यम से देश की प्रमुख उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। पंचायत और नगर निकाय के जनप्रतिनिधियों के साथ ‘सुशासन सेवा संवाद’ का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।   राजीव गांधी के बयान का जिक्र कर कांग्रेस पर हमला मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए कांग्रेस पर भी निशाना साधा। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस कथन का उल्लेख किया, जिसमें दिल्ली से भेजे गए सौ रुपये में केवल 15 रुपये गरीब तक पहुंचने की बात कही गई थी। योगी ने कहा कि यह उस समय की व्यवस्था की लाचारी और बेचारगी को प्रदर्शित करता था। जनधन खातों और डीबीटी के बाद अब दिल्ली से सौ रुपये भेजे जाते हैं तो पूरे सौ रुपये लाभार्थी के खाते में पहुंचते हैं।   उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ‘फ्रेजाइल फाइव’ से निकलकर दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में पहुंचा। हाईवे, एक्सप्रेसवे, रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट और वाटरवे के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम हुआ है। वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें नए भारत की पहचान बनी हैं। एम्स की संख्या बढ़ने के साथ आईआईटी, आईआईएम और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों का भी विस्तार हुआ है।   ‘2014 के बाद गुलामी की मानसिकता से बाहर निकला भारत’ योगी ने देश की विरासत के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा। सोमनाथ मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के वहां आयोजित … Read more

बांदा मंडल के छात्रों को बड़ी सौगात, 7 सर्वोदय विद्यालयों में शुरू होगा कौशल प्रशिक्षण

बांदा  जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर है। अब यहां पढ़ने वाले छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ रोजगारपरक हुनर का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत इसकी तैयारी पूरी कर ली है। इस योजना से मंडल के सात विद्यालयों में अध्ययनरत 5123 छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा। मंडल में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित कुल सात जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय संचालित हैं। इसमें बांदा जिले में दो, चित्रकूट में तीन, जबकि हमीरपुर और महोबा में एक-एक विद्यालय संचालित है। ये सभी आवासीय विद्यालय हैं, जहां मुख्य रूप से अनुसूचित जाति वर्ग के गरीब मेधावी छात्रों को निशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाती है। अभी तक इन विद्यालयों में केवल अकादमिक शिक्षा यानी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई ही कराई जाती थी। अब सरकार ने इन छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए बड़ी पहल की है। स्किल इंडिया मिशन को बढ़ावा देते हुए इन विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा नौ से 12 तक के छात्रों को उनकी स्कूली पढ़ाई के साथ ही कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन सेक्टरों में मिलेगा प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के जिला समन्वयक के अनुसार छात्रों को उनकी रुचि के आधार पर विभिन्न रोजगारपरक सेक्टरों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें प्रमुख रूप से अपैरल सेक्टर, आईटी-आईटीईएस, रिटेल मैनेजमेंट, ब्यूटी एंड वेलनेस, इलेक्ट्रानिक्स व आटोमोबाइल जैसे सेक्टर शामिल हैं। छात्रों को तीन माह से लेकर छह माह तक का सर्टिफिकेट कोर्स कराया जाएगा, ताकि इंटरमीडिएट पास करते ही उनके हाथ में डिग्री के साथ-साथ हुनर का प्रमाण पत्र भी हो। निश्शुल्क मिलेगा प्रशिक्षण, सरकार उठाएगी खर्च प्रशिक्षण का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। इसके लिए विद्यालयों में ही प्रशिक्षकों की तैनाती की जाएगी। सप्ताह में दो दिन प्रैक्टिकल क्लास भी आयोजित की जाएगी। प्रशिक्षण के बाद छात्रों का मूल्यांकन कर उन्हें उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और नेशनल स्किल डेवलपमेंट कारपोरेशन (एनएसडीसी) का संयुक्त प्रमाण पत्र दिया जाएगा, जो पूरे देश में मान्य होगा। रोजगार से सीधा जुड़ाव होगा इस योजना का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति के मेधावी लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार के लिए भटकना न पड़े। अक्सर देखा जाता है कि सर्वोदय विद्यालयों के छात्र इंटर के बाद उच्च शिक्षा के लिए संसाधनों के अभाव में रोजगार की तलाश में लग जाते हैं। हुनर प्रशिक्षण मिलने से वे स्वरोजगार शुरू कर सकेंगे या फिर निजी कंपनियों में सीधे नौकरी पा सकेंगे। शासन से इस संबंध में दिशा-निर्देश प्राप्त हो गए हैं। जल्द ही विद्यालयवार छात्रों का पंजीकरण शुरू कर ट्रेड का आवंटन किया जाएगा। प्रत्येक विद्यालय में एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया जाएगा जो कौशल प्रशिक्षण की मानिटरिंग करेगा। -अभिषेक चौधरी, जिला समाज कल्याण अधिकारी  

PM मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन पर भव्य आयोजन, 17 सितंबर को जलेंगे एक लाख दीप

रायपुर. भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि प्रधानमंत्री के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन के लिए 17 सितंबर को पूरे प्रदेश में 36 लाख ‘आशीर्वाद के दीये’ जलाए जाएंगे। प्रत्येक मतदान केंद्र पर कम से कम 100 दीये जलाने का लक्ष्य रखा गया है। व्यापक जनांदोलन बनेगा यह अभियान शर्मा ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि यह अभियान केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा और राष्ट्र निर्माण का व्यापक जनांदोलन बनेगा। इसमें हर गांव, शहर, बूथ और परिवार की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। प्रत्येक बूथ पर हर परिवार दीप जलाकर प्रधानमंत्री मोदी के सेवा समर्पण के प्रति आभार प्रकट करेगा और ‘विकसित भारत 2047’ का संकल्प लेगा। सात अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर विशेष मशाल स्थापित की जाएगी और प्रमुख चौकों पर बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी, जिससे प्रधानमंत्री सभी जिला केंद्रों को संबोधित करेंगे। वडनगर से वाराणसी तक युवाओं की विशेष यात्रा इस दौरान युवाओं की एक विशेष यात्रा प्रधानमंत्री के जन्मस्थान वडनगर से उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी तक निकाली जाएगी। ‘वडनगर से वाराणसी’ कार्यक्रम में 250 बाइकों पर 500 यात्री वडनगर में हाटकेश्वर महादेव का अभिषेक करेंगे। ‘सेवा मेरा योगदान’ अभियान में होगी आम जन की भागीदारी ‘सेवा मेरा योगदान’ अभियान में भाजपा कार्यकर्ता और आम नागरिक प्रशासनिक एवं सामाजिक स्तर पर सेवा गतिविधियों में भाग लेंगे। उप मुख्यमंत्री ने ‘सेवा के रंग’ रंगोली प्रतियोगिता, ड्राइंग एवं भाषण प्रतियोगिताओं, और नमो सेवा गाथा कार्यक्रम की जानकारी दी। सीएम-पीएम रहते हुए मोदी की कहानियां सुनाएंगे जनसेवक महाकुंभ कार्यक्रम के तहत सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का सम्मेलन होगा। मोदी के सीएम और पीएम रहते ‘25 साल की 25 कहानियां’ कार्यक्रम में देश के बड़े बदलावों को प्रस्तुत किया जाएगा। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान में 25 प्रमुख सेवा गतिविधियों की सूची जारी की जाएगी, जिनमें नागरिक स्वेच्छा से कार्य चुनकर सुधार करेंगे। पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, उपाध्यक्ष जी. वेंकट, मंत्री अमित साहू, अंबिकेश केशरी, और भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकारिहा भी उपस्थित रहे।  

PM मोदी के 25 साल के सेवा-संकल्प को नमन, ‘सेवा संकल्प अभियान’ आभार का प्रकटीकरण: CM डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी के सेवा और जिम्मेदारी के 25 वर्षों के प्रति आभार का प्रकटीकरण है सेवा संकल्प अभियान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 17 सितम्बर को आ रहे जन्मदिवस पर उज्जैन स्थित महाकाल महालोक सहित संपूर्ण प्रदेश में 58 लाख आशीर्वाद के दीपक प्रज्जवलित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक मोदी ने गरीब, किसान, युवा, महिला और वंचित वर्ग को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का काम किया है। प्रदेशवासियों द्वारा किया जा रहा है यह दीप प्रज्ज्वलन प्रधानमंत्री मोदी के सेवा और जिम्मेदारी के 25 वर्षों के प्रति आभार का प्रकटीकरण है। वस्तुत: हम ऐसे व्यक्तित्व की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा यात्रा का स्मरण कर रहे हैं, जिन्होंने जीवन को पद नहीं, सेवा का माध्यम माना। प्रधानमंत्री मोदी की सात अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुई यह सेवा यात्रा आज एक ऐतिहासिक पड़ाव पर पहुंच रही है। इस क्रम में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में सेवा को राजनैतिक संस्कार बनाने के संकल्प के रूप में सेवा संकल्प अभियान का आयोजन किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने गरीब कल्याण को शासन संचालन के केन्द्र में रखा प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में गरीब कल्याण को शासन संचालन के केन्द्र में रखा। करोड़ों लोगों को मुफ्त राशन, करोड़ों परिवारों को आवास, शौचालय, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिला। इससे पहले मोदी गुजरात के लंबे समय तक निर्वाचित मुख्यमंत्री रहे। कृषि, उद्योग और निवेश के साथ शासन में गति और परिणाम पर विशेष ध्यान, उनकी कार्यशैली की पहचान रही। भारत बना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। जिस भारत को कभी आर्थिक कमजोरी के रूप में देखा जाता था, वही भारत आज विश्व मंच पर आत्मविश्वास के साथ अपनी भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा को मजबूती मिली है। आतंकवाद और नक्सलवाद के विरूद्ध निर्णायक कार्रवाई की गई है। परिणामस्वरूप देशवासियों के मन में सुरक्षा और आत्मविश्वास की भावना मजबूत हुई है। स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे अभियानों ने युवाओं को नई दिशा, नई ऊर्जा और नए अवसर प्रदान किए हैं। आत्मनिर्भर भारत का संकल्प मजबूत हुआ प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आरंभ किए गए स्वच्छ भारत अभियान ने देश में जनभागीदारी की एक नई संस्कृति की रचना की। प्रधानमंत्री आवास योजना ने करोड़ों परिवारों के लिए पक्के घर के आकांक्षा को नई गति दी और जल जीवन मिशन ने घर-घर नल से जल पहुंचाने के संकल्प को आगे बढ़ाया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में 35 वर्षों के अंतराल के बाद शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दी। आयुष्मान भारत ने गरीब परिवारों को गंभीर बीमारी के आर्थिक बोझ से सुरक्षा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महिलाओं के सशक्तिकरण के क्षेत्र में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ से लेकर लाड़ली बहना, लखपति दीदी और नारी शक्ति वंदन अधिनियम तक महत्वपूर्ण पहल हुई। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ऊर्जा के क्षेत्र में भारत ने विविधीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से लाखों परिवारों को रूफटॉप सोलर से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। रक्षा क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर भारत का संकल्प मजबूत हुआ है। 'सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास' को धरातल पर उतार रही राज्य सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रधानमंत्री मोदी के 'सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास' के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। प्रदेश में 85 हजार से अधिक युवाओं की शासकीय सेवाओं में नियुक्तियां की गई हैं। आने वाले समय में प्रतिवर्ष एक लाख से अधिक युवाओं को सार्वजनिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का संकल्प है। प्रदेश में संचालित "लाड़ली बहना" योजना ने महिलाओं के आर्थिक आत्मविश्वास और परिवार में उनके निर्णयकारी स्थान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत किए गए नवाचारों के सुखद परिणाम सामने आ रहे हैं। किसानों को ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के भू-अर्जन पर बाजार दर पर चार गुना मुआवजा देने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश में सिंचाई क्षमता का लगतार विस्तार किया रहा है। मध्यप्रदेश एक वर्ष में सर्वाधिक निवेश लाने वाला देश का तीसरा राज्य बना मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर प्रदेश में जल्द ही समान नागरिक संहिता लागू होगी। मध्यप्रदेश नए नियमों के तहत वक्फ बोर्ड का गठन करने वाला देश का पहला राज्य बना है। प्रदेश में लाल सलाम को आखिरी सलाम कह दिया है, यह बड़ी उपलब्धि है। मध्यप्रदेश एक वर्ष में सर्वाधिक निवेश लाने वाला देश का तीसरा प्रदेश बन गया है। अब तक लगभग 34 लाख करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, बड़ी उपलब्धि यह भी है कि लगभग 15 लाख करोड़ के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। रीवा, दतिया और सतना हवाई अड्डे के लोकार्पण के बाद प्रदेश में हवाई अड्डो की संख्या आठ हो गई है। वर्षों से लंबित केन-बेतवा लिंक परियोजना के भूमि-पूजन और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के लिए मध्यप्रदेश, राजस्थान और केन्द्र सरकार के बीच हुए त्रिपक्षीय समझौते ने सिंचाई सुविधा के विस्तार के नए द्वार खोले हैं। प्रदेश में दो मेट्रोपॉलिटिन क्षेत्र क्रमश: इंदौर-उज्जैन-देवास-धार और भोपाल-सीहोर-रायसेन-विदिशा-ब्यावरा आकार लेने की ओर अग्रसर हैं। नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश वर्ष 2030 तक 50 प्रतिशत ऊर्जा खपत नवकरणीय स्त्रोतों से करने के लक्ष्य पर कार्य कर रहा है। मध्यप्रदेश सरकार महाकाल महालोक, ओंकारेश्वर, ओरछा, चित्रकूट, अमरकंटक, सांची और खजुराहो का विकास भारत की सभ्यता और संस्कृति के जीवंत केन्द्रों के रूप में कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री डॉ. यादव, प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की सेवा यात्रा से प्रेरणा लेते हुए विकसित भारत के साथ विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश को विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सेवा और सुशासन के संकल्प के साथ निरंतर कार्य जारी है।  

छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को नई उड़ान, CM साय बोले- संसाधनों और अवसरों की नहीं होगी कमी

खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए संसाधनों और अवसरों की नहीं होगी कमी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रदेश में खेल अधोसंरचना का तेजी से हो रहा विस्तार, रायपुर में 60 करोड़ रुपए की लागत से बन रही आर्चरी अकादमी जशपुर के पंडरापाठ में 20–25 करोड़ रुपए की लागत से आर्चरी अकादमी, वनांचल की प्रतिभाओं को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण शासन और छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के बीच बेहतर समन्वय के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी को दी जाएगी विशेष जिम्मेदारी बस्तर और सरगुजा ओलंपिक से दूरस्थ अंचलों की प्रतिभाओं को मिल रहा बड़ा मंच, खेल उत्कर्ष मिशन से प्रतिभाओं को तराशने पर जोर 40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को दिलाने के लिए शासन स्तर पर किए जाएंगे प्रयास रायपुर   छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। प्रदेश के गांवों, वनांचलों और दूरस्थ क्षेत्रों में अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं। आवश्यकता है कि उनकी समय पर पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधन और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं। राज्य सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। प्रदेश में खेल अधोसंरचना का विस्तार करने के साथ खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए संसाधनों और अवसरों की कमी नहीं होने दी जाएगी।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित न्यू सर्किट हाउस में आयोजित छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की एग्जीक्यूटिव बॉडी मीटिंग एवं जनरल काउंसिल मीटिंग को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता और पदक तक सीमित नहीं हैं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं। प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराना और उन्हें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के अनुरूप तैयार करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए खेल अधोसंरचना के विकास के साथ प्रशिक्षण और प्रतिभा चयन की व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के विभिन्न खेल संघों को उद्योग समूहों से जोड़ने की पहल में तेजी लाने की बात कही। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अनेक बड़े उद्योग समूह कार्यरत हैं। इन समूहों के सहयोग को खेलों के विकास से जोड़ा जाए तो खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, प्रतियोगिताओं के आयोजन और खेल अधोसंरचना के विस्तार में महत्वपूर्ण सहायता मिल सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने उद्योग जगत और खेल गतिविधियों के बीच बेहतर समन्वय के सकारात्मक परिणामों को करीब से देखा है। यदि अलग-अलग उद्योग समूह विभिन्न खेलों और खेल संघों के साथ जुड़कर सहयोग करें, तो प्रदेश में खेलों के विकास के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। उन्होंने इस दिशा में सुनियोजित ढंग से पहल करने को कहा।               मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ और राज्य शासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। खेल संघों से जुड़े विषयों, उनकी आवश्यकताओं और शासन स्तर पर जरूरी प्रक्रियाओं को अधिक सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय के एक वरिष्ठ अधिकारी को विशेष रूप से छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के साथ समन्वय की जिम्मेदारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे खेल संघों की आवश्यकताओं और विभिन्न प्रस्तावों पर शासन स्तर पर प्रभावी समन्वय सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने कहा कि खेलों के विकास से जुड़े विषयों का समयबद्ध समाधान हो और खिलाड़ियों को योजनाओं तथा सुविधाओं का पूरा लाभ मिले, इसके लिए शासन और खेल संगठनों के बीच निरंतर संवाद आवश्यक है। रायपुर में 60 करोड़ रुपए की लागत से बन रही आर्चरी अकादमी मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित करने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। रायपुर, रायगढ़ और कुनकुरी में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है। रायपुर में लगभग 60 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक आर्चरी अकादमी का निर्माण भी किया जा रहा है। इन सुविधाओं के विकसित होने से प्रदेश के खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और अभ्यास की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसी खेल अधोसंरचना तैयार करने का प्रयास है, जहां प्रतिभाशाली खिलाड़ी आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ प्रशिक्षकों और आवश्यक संसाधनों के साथ अपनी क्षमता को निखार सकें। इससे प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी। पंडरापाठ में बनेगी आर्चरी अकादमी, वनांचल की नैसर्गिक प्रतिभाओं को मिलेगा अवसर मुख्यमंत्री साय ने जशपुर अंचल में तीरंदाजी की समृद्ध परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के युवाओं में तीरंदाजी की नैसर्गिक प्रतिभा है। विशेष रूप से पहाड़ी कोरवा समुदाय में यह खेल जीवन और परंपरा से गहराई से जुड़ा हुआ है। इन प्रतिभाओं को आधुनिक प्रशिक्षण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर बड़े खेल मंचों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि जशपुर के पंडरापाठ में लगभग 20 से 25 करोड़ रुपए की लागत से आर्चरी अकादमी की स्थापना की जा रही है। अकादमी के माध्यम से जशपुर सहित आसपास के वनांचल के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपने क्षेत्र में ही आधुनिक प्रशिक्षण की सुविधा मिलेगी। इससे ग्रामीण और जनजातीय अंचलों की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त होगा। बस्तर और सरगुजा ओलंपिक से सामने आ रही नई प्रतिभाएं मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर और सरगुजा जैसे अंचलों में खेल प्रतिभाओं की अपार संभावनाएं हैं। बस्तर ओलंपिक ने दूरस्थ क्षेत्रों के हजारों युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का बड़ा मंच उपलब्ध कराया है। राज्य सरकार बस्तर ओलंपिक का आयोजन प्रत्येक वर्ष करेगी। सरगुजा ओलंपिक के माध्यम से भी क्षेत्र की प्रतिभाओं को आगे आने के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति और विकास के नए वातावरण के बीच खेलों को भी नई गति देने का समय है। क्षेत्र के युवाओं में खेलों के प्रति स्वाभाविक रुचि और असाधारण क्षमता है। उन्हें उचित प्रशिक्षण, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराकर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किए जा सकते हैं। खेल युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने … Read more