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PWD सचिव ने सड़क परियोजनाओं का लिया जायजा, अधिकारियों को काम तेज करने के निर्देश

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने सड़कों का काम देखा अधिकारियों की बैठक लेकर काम में तेजी लाने के दिए निर्देश, कहा गुणवत्ता और समय-सीमा में पूर्णता सर्वोच्च प्राथमिकता रायपुर लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज बिलासपुर में नेहरू चौक से दर्रीघाट तक बन रहे 10 किमी फोरलेन सड़क के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार को कार्यों में तेजी लाते हुए इसे जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों की बैठक लेकर बिलासपुर जिले में महत्वपूर्ण सड़कों और भवनों के निर्माण की प्रगति की भी समीक्षा की। लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंताओं और अनुविभागीय अधिकारियों से कहा कि हर कार्य के विभिन्न चरणों के लिए समय-सीमा निर्धारित कर कार्यों में तेजी लाएं। कार्यों की रोज मॉनिटरिंग कर तथा ठेकेदारों से समन्वय बनाकर समय-सीमा में काम पूरा कराएं। उन्होंने निविदा स्वीकृति के एक माह के भीतर हर हाल में काम प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। बिलासपुर के कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, जिला पंचायत के सीईओ श्री संदीप अग्रवाल, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, मुख्य अभियंता श्री आर.के. रात्रे और अधीक्षण अभियंता श्री के.पी. संत भी बैठक में मौजूद थे। श्री बंसल ने कहा कि विभाग के कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बैठक में कोनी-मोपका बायपास, जयरामनगर रेलवे ओवरब्रिज, जयरामनगर-सीपत रोड बायपास, उच्च न्यायालय में ऑडिटोरियम, नए जेल भवन और बोदरी में न्यायालयीन प्रकरणों में ओआईसी के लिए बनने वाले विश्राम भवन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्यों की भी जानकारी ली। विभागीय सचिव ने नेहरू चौक से दर्रीघाट सड़क के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को सड़कों को साफ, सुंदर और सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने डिवाइडर्स के दीवारों और ग्रिल्स का रंग-रोगन कराने को कहा।

छत्तीसगढ़ की बेटी ने बढ़ाया मान, डॉ. पल्लवी दुबे ने नेफ्रोलॉजी कोर्स में पाई ऑल इंडिया रैंक-1

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की बेटी डॉ. पल्लवी दुबे ने चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए नेफ्रोलॉजी सुपर स्पेशलिटी कोर्स में ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के बाद उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित भी किया गया है। डॉ. पल्लवी दुबे वर्तमान में बेंगलुरु के मनिपाल हॉस्पिटल में किडनी रोग विशेषज्ञ (नेफ्रोलॉजिस्ट) के रूप में सेवाएं दे रही हैं। नई दिल्ली में बीते शनिवार को आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्‌डा ने उन्हें गोल्ड मेडल और नेशनल सर्टिफिकेट ऑफ ऑनर प्रदान कर सम्मानित किया। रायपुर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राकेश दुबे और डॉ. रुचि दुबे की पुत्री डॉ. पल्लवी ने अपनी प्रारंभिक चिकित्सा शिक्षा में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक हासिल करने के बाद उन्होंने अहमदाबाद के बीजे मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और एमडी मेडिसीन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने मनिपाल हॉस्पिटल, बेंगलुरु से नेफ्रोलॉजी में सुपर स्पेशलिटी की पढ़ाई की और अब इसी क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।

Census 2026: पटियाला में पहले चरण की शुरुआत, आंकड़े जुटाने का काम तेज

पटियाला पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला के परिसर के चार निर्धारित ब्लॉकों में भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन जनगणना 2027 का पहला चरण (घर सूचीकरण कार्य) औपचारिक रूप से शुरू किया गया। विश्वविद्यालय के डीन अकादमिक मामलों के प्रो. जसविंदर सिंह बराड़ और रजिस्ट्रार डॉ. देविंदर पाल सिंह सिद्धू ने इस कार्य में शामिल विश्वविद्यालय कर्मचारियों को पहचान पत्र और नियुक्ति पत्र वितरित कर इस कार्य की औपचारिक शुरुआत आज पटियाला में की। डीन अकादमिक मामलों के प्रो. जसविंदर सिंह बराड़ ने इस अवसर पर कहा कि एक उच्च शिक्षा संस्थान के रूप में उनकी जिम्मेदारी है कि इस कार्य में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। उन्होंने कहा कि इस कार्य के माध्यम से एकत्र किए जाने वाले आंकड़े अगले दशक की नीतियां बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। रजिस्ट्रार डॉ. देविंदर पाल सिंह सिद्धू ने कहा कि पहली बार जनगणना का कार्य मोबाइल एप्लिकेशनों और डिजिटल पोर्टलों के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे इस कार्य को अधिक सुव्यवस्थित ढंग से पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने विश्वविद्यालय के सभी अधिकारियों, शोधार्थियों और कर्मचारियों से गणनाकर्मियों को पूरा सहयोग देने और सही जानकारी उपलब्ध करवाने की अपील की। विशेष सिविल चार्ज अधिकारी इंजीनियर मनप्रीत सिंह बुढ़ैल ने इस अवसर पर जनगणना के इतिहास में पहली बार अपनाई जा रही डिजिटल प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। इस अवसर पर लखविंदर सिंह को सुपरवाइजर तथा रमनप्रीत कौर, बिंदू बाला, कुलजीत सिंह और राज किशोर को गणनाकर्मी (एन्यूमरेटर) नियुक्त किया गया।

उच्च शिक्षण और पॉलीटेक्निक शिक्षकों के लिए बड़ा मौका, मिलेगा 50 हजार का राष्ट्रीय पुरस्कार

 लखनऊ  राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। शिक्षक पांच जुलाई तक वेबसाइट www.awards.gov.in पर आनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इस पुरस्कार के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों और पालिटेक्निक संस्थानों के शिक्षकों से आवेदन मांगे गए हैं। श्रेणी-एक में उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षक और श्रेणी-दो में पालिटेक्निक संस्थानों के शिक्षक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया स्व-नामांकन आधारित है। इसमें पूर्व या वर्तमान कुलपति, निदेशक, प्राचार्य और शिक्षक भी आवेदन कर सकेंगे। आवेदन करने वाले शिक्षकों को अपनी करियर प्रोफाइल के साथ दो से तीन मिनट का वीडियो क्लिप और उसका यूट्यूब लिंक भी भेजना होगा। उच्च शिक्षा संस्थानों के शिक्षकों के लिए 25 और पालिटेक्निक संस्थानों के शिक्षकों के लिए 10 पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं। आवेदन करने के लिए शिक्षक के पास कम से कम पांच वर्ष का पूर्णकालिक शिक्षण अनुभव होना जरूरी है। आवेदन के समय शिक्षक की आयु 55 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। चयन प्रक्रिया में टीचिंग-लर्निंग इफेक्टिवनेस, आउटरीच गतिविधियां, रिसर्च एंड इनोवेशन और फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम को आधार बनाया जाएगा। चयनित शिक्षकों को मेडल, प्रमाणपत्र और 50 हजार रुपये की नकद राशि प्रदान की जाएगी। पुरस्कार पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर दिए जाएंगे।  

सम्राट कैबिनेट की नई भूमि नीति मंजूर, किसानों को बाजार दर से कई गुना ज्यादा भुगतान

पटना बिहार के लोगों को जमीन अधिग्रहण में अब और ज्यादा मुआवजा मिलेगा। भूमि अधिग्रहण से संबंधित नई नीति को सम्राट कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। इसके तहत राज्य सरकार अगर आपकी जमीन लेगी तो अब 10 फीसदी अतिरिक्त शुल्क प्रोत्साहन राशि के रूप में देगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस मीटिंग में कुल 27 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक के बाद विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सम्राट कैबिनेट ने बिहार रैयती भूमि क्रय नीति, 2026 को मंजूरी दी है। लोकहित की परियोजनाओं के लिए आपसी सहमति के आधार पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से यह नीति लाई गई है। इसके तहत शहरी क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण के दौरान भूमि का मूल्य बाजार मूल्य अथवा सर्किल दर (एमवीआर), जो भी अधिक होगा, उसके दोगुने के आधार पर मुआवजा निर्धारित किया जाएगा। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में यह दाम बाजार मूल्य अथवा सर्किल दर, जो भी अधिक होगी, उसके चार गुना के बराबर होगा। इसके अतिरिक्त 10 प्रतिशत राशि प्रोत्साहन के रूप में दी जाएगी। सरकार द्वारा खरीदी जाने वाली जमीन पर स्टांप और पंजीयन शुल्क भी नहीं लगेगा। 11 नई सेटेलाइट टाउनशिप परियोजना में होगी आसानी बिहार के 11 प्रमुख शहरों के आसपास नई सेटेलाइट टाउनशिप विकसित की जा रही है। चिह्नित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर फिलहाल रोक लगाई गई है। माना जा रहा है कि इन टाउनशिप को विकसित करने के लिए जमीन का अधिग्रहण नई नीति के आधार पर किया जाएगा। पिछले दिनों राज्य सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया था कि किसी भी रैयत (जमीन मालिक) का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, दरभंगा, छपरा, सोनपुर समेत 11 शहरों में विकसित होने वाली सेटेलाइट टाउनशिप के अधिकतर चिह्नित क्षेत्र ग्रामीण इलाकों में हैं। ऐसे में सम्राट सरकार की नई नीति का फायदा किसानों को मिलेगा। राज्य सरकार की ओर से पूर्व में स्पष्ट किया गया था कि नई टाउनशिप में जमीन मालिकों को भी हिस्सेदारी दी जाएगी। अगर जो रैयत हिस्सेदारी नहीं चाहते, उन्हें बाजार मूल्य से कहीं ज्यादा मुआवजा दिया जाएगा। इसी क्रम में नई नीति लाई गई है। इसके अलावा विभिन्न परियोजनाओं को लागू करने में भी सरकार को आसानी होगी। 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि के जरिए प्रशासनिक अधिकारी को जमीन मालिकों को तैयार भूमि अधिग्रहण के लिए और सहजता से तैयार कर सकेंगे।

हरियाणा बोर्ड के नए चेयरमैन बने शंकर लाल धूपड़, नई शिक्षा नीति लागू करना पहली प्राथमिकता

भिवानी. वरिष्ठ भाजपा नेता शंकर लाल धूपड़ को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। मंगलवार देर रात उनकी नियुक्ति और डा. पवन कुमार को रिलीव करने के आदेश जारी किए गए। जिसके बाद बुधवार को नवनियुक्त चेयरमैन शंकर लाल धूपड़ ने स्वजन और भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं के बीच हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड चेयरमैन का कार्यभार संभाला। कार्यभार संभालते हुए उन्होंने कहा कि भारत सरकार की नई शिक्षा नीति को पूर्णरूपेण लागू करना मेरी प्राथमिकता होगी। इससे पूर्व उन्होंने बोर्ड की लाबी में स्थापित मां सरस्वती की पूजा की। बोर्ड अध्यक्ष शंकर लाल धूपड़ का पूर्व बोर्ड अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार, बोर्ड अधिकारियों/कर्मचारियों, बीजेपी कार्यकर्ताओं व समाजसेवियों ने फूलों के गुलदस्ते देकर स्वागत किया गया। कार्यग्रहण उपरांत धूपड़ ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। बोर्ड की कार्यप्रणाली को अधिकाधिक सुदृढ़ किया जाएगा शिक्षा-परीक्षा को सुधारवादी कदमों को और अधिक गति देते हुए बोर्ड की कार्यप्रणाली को अधिकाधिक सुदृढ़ किया जाएगा। वे शिक्षा बोर्ड के उन सभी क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव के हिमायती व पैरोकार रहे हैं, जिनसे शिक्षा जगत का बहुआयामी विकास हो। उन्होंने कहा कि शिक्षा-परीक्षा में गुणात्मक सुधार, परीक्षाओं में नकल पर अंकुश लगाने तथा शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली को और अधिक उत्तरदायी, त्वरित, पारदर्शी व विद्यार्थियों/शिक्षकों के लिए संतुष्टिपूर्ण बनाने के लिए सत्त व सार्थक प्रयास किए जाएंगे। उनका मानना है कि शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति को गुणवान, सुशील, ज्ञानवान, समाज व देश के प्रति समर्पित बनाया जा सकता है। शंकर लाल धूपड़ ने अपनी नियुक्ति के लिए केन्द्रीय मंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, शिक्षा मंत्री महीपाल सिंह ढांडा, प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने उन पर जो विश्वास जताया है वह उसे सार्थक सिद्ध करेंगे तथा बोर्ड सचिव व अधिकारियों के साथ मिलकर बोर्ड को उच्च मुकाम पर ले जाएंगे। शंकर लाल धूपड़ मूल रूप से जिला भिवानी के रहने वाले है जो कि पेशे से वकील है। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा भिवानी में पूरी करने के बाद जयपुर विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई की। उनकी राजनीतिक शुरूआत 1975 में हुई तथा वे लगभग 04 वर्षों तक जिला भिवानी के बीजेपी के जिलाध्यक्ष भी रहे हैं।

लू से राहत के बाद मौसम का कहर, पश्चिम यूपी में तेज तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी

लखनऊ यूपी में पुरवा ने लू पर ब्रेक लगाई मगर तपिश का तेवर बरकरार है। बुधवार को पूरे दिन और उसके बाद कई जिलों में तपिश का असर बना रहा। गुरुवार की सुबह से मौसम में बदलाव देखने को भी मिल रहा है। धूप का असर काफी कम है। अब 100 की रफ्तार से तूफान का अलर्ट मौसम विभाग ने जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार वेस्ट यूपी में सौ किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं और मध्यम से भारी बारिश होगी। आंधी-तूफान के साथ बारिश-ओलावृष्टि का यह दौर 31 मई तक चल सकता है। मौसम के इस बदलाव से अधिकतम तापमान में छह से आठ डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। एक जून से एक बार फिर तापमान में छह से सात डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी का क्रम शुरू हेागा। यह चेतावनी मौसम विभाग की है। उत्तर भारत में पहाड़ों से लेकर मैदानों तक मौसम का मिजाज बदलने जा रहा है। मौसम विभाग ने दिल्ली-हरियाणा सहित वेस्ट यूपी में 80-90 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से तूफानी हवा चलने की चेतावनी दी है। कुछ समय के लिए यह गति सौ किमी प्रतिघंटा तक भी पहुंच सकती है। कुछ हिस्सों में यह गति इससे भी ऊपर जा सकती है। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान मध्यम से भारी बारिश के आसार हैं। यह स्थिति आज देर रात से शुक्रवार सुबह या फिर शुक्रवार देर शाम के बाद बन सकती हैं। मौसम गतिविधियां 29 मई को चरम पर रह सकती हैं। पूर्वी यूपी में बादल आज रात से ही गरजेंगे, कल से भिगोएंगे वाराणसी। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी यूपी में गुरुवार देर रात चमक और गरज के साथ बादलों के धमकने, कहीं-कहीं छींटे पड़ने का पूर्वानुमान है। 29, 30 एवं 31 मई को आंधी-पानी, बिजली गिरने और कहीं-कहीं ओलावृष्टि के आसार हैं। मौसम का यह मिजाज बनारस के अलावा आसपास के जिलों में भी दिख सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, आंधी-पानी, तेज बारिश और वज्रपात की दृष्टि से 29 मई का दिन अधिक संवेदनशील है। उस दिन उस दिन जनसामान्य को विशेष ऐहतियात बरतने की सलाह दी गई है। 31 मई के बाद आसमान साफ होगा, गर्मी फिर प्रचंड रूप ले सकती है। मंगलवार रात में बनी पुरवा की रफ्तार बुधवार सुबह तक रही। उसके बाद धीमी पड़ गई। इसके चलते माहौल में उमस और तपिश का स्तर बढ़ गया। अधिकतम तापमान में कमी रहने के बाद भी बुधवार देर शाम तक लोग राहत का अनुभव नहीं कर पा रहे थे। भीड़ भरे इलाकों, रेल एवं बस स्टेशनों और अस्पतालों में पहुंचे लोग अधिक परेशान नजर आए। बुधवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 1.3 डिग्री ज्यादा 41.7 और न्यूनतम तापमानसामान्य से 2.5 डिग्री ज्यादा 28.5 डिग्री सेल्सियस रहा। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने भी कहा कि गुरुवार देर रात से मेघगर्जन और शुक्र एवं शनि को आंधी-बारिश का संकेत है। तपिश के बीच वायु प्रदूषण बढ़ा भीषण गर्मी के बीच पूरब से पश्चिम तक हवा लगातार प्रदूषित दिख रही है। पिछले दस दिन से वाराणसी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) सामान्य स्तर से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। इस प्रदूषण ने खासकर सांस और हृदय रोगियों की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार को शहर का औसत एक्यूआई 106 था। एक दिन पहले 186 तक पहुंच गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी और तेज धूप के कारण वातावरण में धूल के महीन कण अधिक सक्रिय हो जाते हैं। देश में तीसरा, प्रदेश का सबसे प्रदूषित मेरठ बुधवार को मेरठ देश का तीसरा और प्रदेश का सबसे प्रदूषित शहर दर्ज हुआ। मेरठ का एक्यूआई 283 दर्ज हुआ जो प्रदेश में सर्वाधिक है। एक्यूआई 300 के साथ श्रीगंगानगर देश का सबसे प्रदूषित शहर रिकॉर्ड किया गया। बुधवार को मेरठ में दिन-रात के तापमान क्रमश: 43.2 एवं 27.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुए जो सामान्य से 3.9 एवं 2.9 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज हुए।

मां को अस्पताल ले जा रहे थे, रास्ते में बनी मौत की गाड़ी: अजमेर हादसे से गांव में मातम

अजमेर राजस्थान के अजमेर जिले में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में पूर्व सरपंच सहित एक ही परिवार के 4 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसा बोराड़ा थाना क्षेत्र के श्रीरामपुरा गांव में सुबह करीब 5:30 बजे हुआ, जब एक स्कॉर्पियो गाड़ी में अचानक आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि वाहन में सवार लोग बाहर नहीं निकल सके। पूर्व सरपंच, मां, पत्नी और भांजी की मौत पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अगरवाला ने बताया कि हादसे में पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी, उनकी मां एवं पूर्व सरपंच पूसी देवी, पत्नी सुरज्ञान देवी और भांजी महिमा की मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में शोक की लहर फैल गई। सीने में दर्द होने पर मां को ले जा रहे थे अस्पताल जानकारी के मुताबिक पूसी देवी के सीने में दर्द की शिकायत होने पर परिवार उन्हें अस्पताल लेकर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में स्कॉर्पियो में अचानक आग लग गई। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की जताई जा रही है, हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। जिला परिषद सदस्य थीं सुरज्ञान देवी हादसे में जान गंवाने वाली सुरज्ञान देवी जिला परिषद सदस्य थीं। एक साथ परिवार के चार लोगों की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू कराया। पुलिस कर रही हादसे की जांच पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया है। वाहन में आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए एफएसएल टीम की मदद ली जा रही है। शुरुआती जांच में मामला हादसा माना जा रहा है।

तेज तूफान और ओलावृष्टि से बिहार बेहाल, आम-लीची की फसल तबाह; CM ने किया मुआवजे का ऐलान

पटना   उत्तर और पूर्व बिहार के कई जिलों में मंगलवार और बुधवार को आई तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई है। इस दौरान आठ लोगों की मौत हो गई। फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। जगह-जगह पोल गिरने और तार टूटने से बिजली आपूर्ति भी चरमरा गई। मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण और पश्चिम चंपारण जिलों में पेड़ और घर गिरने से दबकर दो बच्चों और एक बुजुर्ग महिला समेत चार की जान चली गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। वहीं पूर्वी बिहार में चार लोगों की मौत हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस घटना की शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से आम और लीची के बगीचों में भारी नुकसान हुआ है। पेड़ों से बड़ी संख्या में फल टूटकर गिर गए, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि इस बारिश ने कुछ फसलों के लिए राहत भी दी है। हरी सब्जियों, गन्ना और मूंग की फसल को पर्याप्त नमी मिलने से फायदा पहुंचा है। उधर,भागलपुर शहर में दर्जनों जगहों पर पेड़ और बिजली के पोल व तार गिर गए। इससे बुधवार को जिले के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति ठप रही। स्थिति को देखते हुए साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के एमडी राहुल कुमार खुद भागलपुर पहुचे। वहीं, पेड़ गिरने से भागलपुर-बौंसी मुख्य मार्ग पर काफी देर आवागमन बंद रहा। शाहकुंड के दरियापुर-हरथापुर सड़क पर बना एक पुराना पुल ध्वस्त हो गया। उधर, दरभंगा में आंधी से जगह-जगह पेड़ उखड़ गए और कुछ घरों की छतों पर लगे सोलर पैनल हवा में उड़ गए। मधुबनी में पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हो गया। कई होर्डिंग और बैनर उड़ गए। मुजफ्फरपुर समेत आस पास के जिलों में तेज हवा से फसलों को नुकसान हुआ। लीची के पके और तैया फल हवा के झोंकों से झड़ गए। आम की फसल की भी क्षति हुई। सीएम ने जताया शोक, परिजनों को मिलेंगे चार-चार लाख प्राकृतिक आपदा में राज्य के निवासी की मौत पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शोक जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी है कि सरकार उनके सुख दुख में साथ है। सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों के लिए चार-चार लाख रुपए के मुआवजे का ऐलान किया गया है। सीएम ने आम जनों से यह अपील भी किया है कि मौसम के खतरों से सावधान रहें। मौसम विभाग की चेतावनी पर ध्यान दें और उसी के अनुसार अपनी दैनिक गतिविधियां तय करें।

रेड अलर्ट जारी! तीन दिन झमाझम बारिश के आसार, लुधियाना में बदला मौसम

 पटियाला चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा में पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी के बीच गुरुवार सुबह लोगों को बड़ी राहत मिली। शहर में सुबह से बादल छाए रहे। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पहले ही ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए गुरुवार से शनिवार तक बारिश, तेज आंधी, ओलावृष्टि और तूफान की चेतावनी दी थी। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज बदल गया है। माैसम विभाग के अनुसार, आने वाले तीन दिन कई जगहों पर 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलेगी। ओलावृष्टि के साथ प्री-मानसून की भारी बारिश का अलर्ट जारी हुआ है। इससे पंजाब के तापमान में 6 से 8 डिग्री तक की बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि, वीरवार को कुछ स्थानों पर हीट वेव भी चल सकती है। बुधवार को तापमान में 1.4 डिग्री की वृद्धि हुई, जो सामान्य से 4.1 डिग्री ऊपर था। फरीदकोट में सर्वाधिक 46.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। गुरदासपुर में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा। अमृतसर का अधिकतम पारा 44.1 डिग्री दर्ज हुआ। लुधियाना का 43.8 डिग्री, पटियाला का 44.8 डिग्री, पठानकोट का 41.6 डिग्री, फाजिल्का का 43.8 डिग्री, फिरोजपुर का 42.2 डिग्री, एसबीएस नगर का 41.5 डिग्री, होशियारपुर का 41.3 डिग्री और रूपनगर का 42.7 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 23.1 डिग्री, लुधियाना का न्यूनतम पारा 25.8 डिग्री, पटियाला का 25.3 डिग्री, पठानकोट का 22.6 डिग्री, बठिंडा का 26.7 डिग्री, फाजिल्का का 25.0 डिग्री, फिरोजपुर का 23.5 डिग्री दर्ज किया गया। गर्म रातों ने दिए मौसम बदलने के संकेत मौसम विभाग के अनुसार रात के तापमान में अचानक बढ़ोतरी तूफानी और नमी वाले मौसम का संकेत है। चंडीगढ़ में गुरुवार को न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो बुधवार रात के मुकाबले 3.1 डिग्री अधिक है। पंजाब और हरियाणा में भी न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रहा। हरियाणा के चरखी दादरी में रात का तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पंजाब के बठिंडा में न्यूनतम तापमान 28.3 डिग्री सेल्सियस रहा।   बुधवार को पारा 46 डिग्री के पार गुरुवार से पहले बुधवार इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। पंजाब के फरीदकोट में अधिकतम तापमान 46.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि हरियाणा के रोहतक में पारा 46.6 डिग्री तक पहुंच गया। चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। शुक्रवार को सबसे ज्यादा खतरा IMD के विशेष बुलेटिन के अनुसार शुक्रवार को मौसम सबसे ज्यादा खराब रह सकता है। विभाग ने पंजाब और हरियाणा के कई इलाकों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और झोंकों की गति 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही गरज-चमक, ओलावृष्टि और भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पंजाब के गुरदासपुर और पठानकोट तथा हरियाणा के अंबाला और यमुनानगर के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। ट्राईसिटी का अगले पांच दिन का मौसम     गुरुवार: आंशिक बादल, गरज-चमक के साथ बारिश संभव, अधिकतम 41°C     शुक्रवार: बारिश और तेज तूफान की संभावना, अधिकतम 40°C     शनिवार: गरज-चमक और बारिश जारी, अधिकतम 39°C     रविवार: हल्की राहत, अधिकतम 36°C     सोमवार: मौसम साफ रहने की संभावना, तापमान फिर बढ़ सकता है