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बिहार में बढ़ता बाढ़ का दायरा, 15 जिलों के 47 लाख लोग प्रभावित; राहत-बचाव कार्य तेज

पटना बिहार में बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ने के साथ प्रभावित आबादी का आंकड़ा 47 लाख के पार पहुंच गया है। राज्य के 15 जिलों के 88 प्रखंडों और 561 पंचायतों में 47 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इस बीच प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करने के साथ खाद्यान्न, पशु चारा, दवा एवं अन्य जरूरी सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने की चुनौती बढ़ती जा रही है। गंगा, गंडक, कोसी एवं सोन के कारण परेशानी बरकरार है। बाढ़ प्रभावितों के लिए सामुदायिक रसोई की संख्या बढ़ाकर 1194 कर दी गई है। इन रसोइयों के माध्यम से करीब 52 लाख लोगों को दो समय का भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार की ओर से जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी प्रभावित परिवार को भोजन की कमी नहीं होनी चाहिए। आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) की संख्या और बढ़ाने को भी कहा गया है। पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था पर बल बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में पशुधन भी प्रभावित हुआ है। ऐसे में प्रभावित इलाकों में हरा और सूखा चारा उपलब्ध कराने के साथ पशुओं के लिए आवश्यक दवाओं की व्यवस्था की जा रही है। डेयरी, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में चारा आपूर्ति की लगातार व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पशुओं में संक्रमण और बीमारी की आशंका को देखते हुए पशु चिकित्सा दलों को भी सक्रिय करने में निगरानी करने को कहा गया है। दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने का निर्देश बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने, प्रभावित आबादी के बीच चिकित्सा दल भेजने और बीमारियों की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। जलजमाव वाले क्षेत्रों में डायरिया, बुखार, त्वचा रोग और अन्य जलजनित बीमारियों को लेकर विशेष निगरानी की जा रही है। राहत सामग्री की आपूर्ति पर नजर सरकार ने प्रभावित परिवारों तक राशन और अन्य जरूरी सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था को भी मजबूत करने का निर्देश दिया है। जिन इलाकों में सड़क संपर्क बाधित है, वहां नाव समेत अन्य माध्यमों से राहत सामग्री पहुंचाने पर बल है। जिला प्रशासन को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए राहत कार्यों में तेजी लाने को कहा गया है। बाढ़ प्रभावित जिले बक्सर, भोजपुर, पटना, वैशाली, सारण, बेगूसराय, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, भागलपुर, मधेपुरा, समस्तीपुर एवं अरवल है।

फतेहपुर में नेटवर्क की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने टावर टेक्नीशियन को बनाया बंधक, 5 हिरासत में

फहतेपुर फतेहपुर जिले में बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के हरदौली गांव में नेटवर्क की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने गुरुवार शाम एक टावर कर्मी को टावर परिसर में ही खंभे से बांधकर बंधक बना लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि, ‘हिन्दुस्तान ’ इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। हरदौली गांव में करीब दो साल पहले एक टेलीकॉम कंपनी का टावर लगाया गया था। टावर शुरू होने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि मोबाइल नेटवर्क की समस्या दूर हो जाएगी। इसके बावजूद पिछले कुछ महीनों से गांव में नेटवर्क की समस्या बनी हुई है। महीनों से नेटवर्क नहीं आने से ग्रामीण परेशान ग्रामीणों के मुताबिक, न तो ठीक से कॉल हो पा रही है और न ही इंटरनेट चल रहा है। लंबे समय से समस्या से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा गुरुवार शाम फूट पड़ा। इसी दौरान टावर कर्मी के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और टावर परिसर में खंभे से बांधकर बंधक बना लिया। कोतवाल शैलेष सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। टेलीकॉम कर्मी को टावर से बांध दिया बताया जा रहा है कि नेटवर्क नहीं आने से नाराज ग्रामीणों ने टावर की देखरेख के लिए गांव पहुंचे टेलीकॉम कर्मी को पकड़कर टावर में ही बांध दिया। ग्रामीणों ने कर्मी से कहा कि जब तक अधिकारी मौके पर नहीं आएंगे, उसे नहीं छोड़ा जाएगा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और बंधक बनाए गए कर्मी को ग्रामीणों के कब्जे से छुड़ाकर थाने ले गई। पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच शुरू की। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि बिंदकी के एक गांव का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें टावर टेक्नीशियन को लोगों ने बंधक बना रखा था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 5G नेटवर्क नहीं मिलने से नाराज होकर ग्रामीणों ने यह कदम उठाया। मामले में केस दर्ज कर पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घटना के दौरान मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। इस बीच पूरे मामले का किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया।

चंडीगढ़ में मानसून की विदाई, अब सुहाने मौसम में घूमने का मिलेगा भरपूर मजा

चंडीगढ़. सड़कों के किनारे पेड़ों की वजह से हरियाली, चौक-चौराहे एक जैसे और स्मूथली ट्रैफिक मैनेजमेंट। चंडीगढ़ यानी स्मार्टसिटी में प्रवेश करते ही एक अलग तरह का अहसास होता है। सितंबर महीने में इस शहर में काफी कुछ बदला-बदला सा नजर आता है। शहर के मुख्य पर्यटन स्थल अपने सबसे खूबसूरत रूप में होते हैं। यह महीना मानसून की विदाई का होता है। वर्षा की वजह से इस समय पूरा शहर बारिश के बाद हरी-भरी चादर ओढ़ लेता है, जिससे आउटडोर एक्टिविटीज और घूमने का मजा दोगुना हो जाता है। टेम्प्रेचर 23 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की वजह से मौसम सुहावना होता है। मौसम अच्छा होने के कारण सेक्टर 17 की ओपन-एयर मार्केट में शाम बिताना, स्ट्रीट फूड का लुत्फ उठाना और लाइव म्यूजिकल फाउंटेन देखना बेहद सुखद होता है। इनडोर शॉपिंग के लिए आप एलांते मॉल भी जा सकते हैं। इस महीने ट्राईसिटी का एंटरटेनमेंट कैलेंडर भी लाइव म्यूजिक, कॉमेडी और लाइफस्टाइल प्रदर्शनियों से भरा हुआ है। यदि आपको होम डेकोर और आर्किटेक्चर में रुचि है, तो 25 सितंबर से सेक्टर-15 के परेड ग्राउंड में सबसे बड़ा इंटीरियर शो शुरू हो रहा है। त्योहारों और शादियों के सीजन की खरीदारी के लिए 12 से 14 सितंबर तक सेक्टर-35 स्थित किसान भवन में वेडिंग लाइफस्टाइल और होम डेकोर एग्जीबिशन का आयोजन किया जा रहा है। सुखना लेक: मानसून के बाद झील पानी से पूरी तरह भरी होती है। सुबह और शाम के समय सुहावनी हवाओं के बीच बोटिंग (शिकारा राइड) करना और शिवालिक की पहाड़ियों का नजारा देखना इस महीने सबसे खास अनुभव है। रॉक गार्डन: वेस्ट मटेरियल से बनी नेकचंद की जादुई दुनिया सितंबर की हल्की धूप और खिले मौसम में फोटोग्राफी के लिए बिल्कुल सटीक है। यहां के मानव निर्मित झरने इस समय पूरे वेग से बहते हैं। रोज गार्डन और लेजर वैली: एशिया का सबसे बड़ा जाकिर हुसैन रोज़ गार्डन और लेजर वैली बारिश के बाद पूरी तरह हरे-भरे हो जाते हैं, जो शांतिपूर्ण वॉक और पिकनिक के लिए बेहतरीन हैं।

जगदलपुर में पर्यावरण संरक्षण की पहल, नेशनल हाईवे किनारे लगाए जाएंगे 2700 पौधे

जगदलपुर. जगदलपुर में अब राष्ट्रीय राजमार्ग का किनारा सिर्फ आवागमन का रास्ता नहीं, बल्कि शहर की हरियाली की नई पहचान बनेगा। लालबाग के पास करीब 3 हजार मीटर लंबे हिस्से में 2700 पौधे रोपकर ग्रीन बेल्ट तैयार करने की शुरुआत की गई। नगर निगम, वन विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने संयुक्त रूप से यह अभियान चलाया। टेकोमा, बोगनवेलिया और कनेर जैसी प्रजातियों का चयन सड़क किनारे की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए किया गया है। इससे शहर के प्रवेश मार्ग को आकर्षक बनाने के साथ सड़क सुरक्षा में भी मदद मिलने की उम्मीद है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि हरियाली बढ़ाने के साथ शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाना भी सामूहिक जिम्मेदारी है। वन मंत्री केदार कश्यप ने व्यापक पौधरोपण को ग्लोबल वार्मिंग से मुकाबले का प्रभावी माध्यम बताया। महापौर संजय पांडे ने ‘ग्रीन बस्तर, क्लीन बस्तर’ की अवधारणा के तहत शहर को नया स्वरूप देने की बात कही। 

2030 के अंत तक प्रदेश के 75 प्रतिशत गांवों तक बसें पहुंचाना हमारा लक्ष्य: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का मंगल आरंभ 25 सितंबर से: मुख्यमंत्री डॉ. यादव 2030 के अंत तक प्रदेश के 75 प्रतिशत गांवों तक बसें पहुंचाना हमारा लक्ष्य देश की फाईनेस्ट पब्लिक ट्रांसपोर्ट मॉडल बनेगी मप्र की सुगम बस सेवा आधुनिक, सुरक्षित, भरोसेमंद, ग्रीन एंड डिजिटल मोबिलिटी वाली बस सेवा बनेगी प्रदेश की पहचान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में दो दिवसीय यात्री परिवहन विज़न समिट-2026 का किया शुभारंभ सार्वजनिक परिवहन तक आम नागरिकों की पहुँच को अधिक सुगम बनाने के लिए MPYPIL और Rapido के बीच हुआ एमओयू भोपाल और इंदौर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की जाएगी सेवा महिलाओं द्वारा संचालित ‘रैपिडो पिंक’ बाइक-टैक्सी सेवा को दिया जायेगा बढ़ावा यात्री परिवहन सेवा में नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए एमपी मोबिलिटी इनोवेशन चैलेंज-2026 का किया शुभारंभ स्मार्ट और ग्रीन मोबिलिटी की ओर मध्यप्रदेश के कदम : इंदौर समिट में कनेक्टिविटी और नवाचारों पर हुआ मंथन सार्वजनिक परिवहन के आधुनिकीकरण के लिए पीपीपी, आईटीएमएस और आधुनिक अधोसंरचना पर रहेगा फोकस प्रदेश में सुरक्षित, सुलभ, किफायती और तकनीक-सक्षम सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मिलेगी नई गति मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा से मजबूत होगी ग्रामीण, अंतर्जिला और अंतर्राज्यीय बस कनेक्टिविटी इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में इसी महीने 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा का मंगल आरंभ किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के नागरिकों को सुगम, सरल, सुरक्षित, आधुनिक और भरोसेमंद बस सेवा उपलब्ध कराना हमारा लक्ष्य है और इस लक्ष्य की पूर्ति में हम 25 सितम्बर से नया कदम बढ़ाने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में 5 लाख किलोमीटर का रोड़ नेटवर्क है। यहां 15 हजार से अधिक बसें चलाने का स्कोप है। हमारे नागरिकों के अलावा प्रदेश में हर साल करोड़ों की संख्या में आने वाले पर्यटकों और श्रृद्धालुओं द्वारा भी आवागमन के लिए बस का उपयोग किया जाता है। यह हमारे लिए चुनौती के साथ ही एक बड़ा अवसर भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निजी बस आपरेटर्स, बस निर्माता कंपनियों, इंडस्ट्री पार्टनर्स और स्टेकहोल्डर्स से अपील करते हुए कहा कि बदलते समय में मप्र में बढ़ते अवसरों को पहचाने और प्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बनने के लिए सरकार के साथ जुड़ें। प्रदेश में यात्रियों के हित में एक ऐसा फाईनेस्ट पब्लिक ट्रांसपोर्ट माडल तैयार करें, जो पूरे देश के लिए एक उदाहरण बने। मुख्यमंत्री डॉ यादव शुक्रवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत 'यात्री परिवहन विज़न समिट-2026 के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यात्री परिवहन विज़न समिट-2026 स्मारिका और मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा पुस्तिका का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन तक आम नागरिकों की पहुँच को अधिक सुगम बनाने और फर्स्ट और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के लिए MPYPIL और Rapido के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर कर आदान-प्रदान किया गया। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने MPYPIL की ‘लेट्स क्रिएट ए लोगो’ प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया। सासाराम (बिहार) के सुधाकर कुमार को 5 लाख रुपये राशि के प्रथम पुरस्कार, दिल्ली के चयन वोहरा को 2 लाख रुपये के द्वितीय सांत्वना पुरस्कार और भोपाल की सुगौरांगी शर्मा को 1 लाख रुपये राशि के तृतीय सांत्वना पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। प्रदेश में स्मार्ट, सुरक्षित, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार मोबिलिटी इकोसिस्टम के निर्माण में प्रदेश के नागरिकों, शोधकर्ताओं, शैक्षणिक संस्थानों और नवप्रवर्तकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रिमोट का बटन दबाकर 'एमपी मोबिलिटी इनोवेशन चैलेंज 2026' का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसके पूर्व सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में नवाचारों और आधुनिक तकनीकों पर केंद्रित विशेष प्रदर्शनी का शुभारंभ और अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का इंदौर के जनप्रतिनिधियों और बस ट्रांसपोर्ट संचालकों ने आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में 14 सितंबर को विघ्नहर्ता भगवान गणेश जी का आगमन होने जा रहा है। स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक ने गणेश स्थापना के माध्यम से देशवासियों को एकजुट किया था। इसी माह 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्मदिवस है। उनके नेतृत्व में पहले गुजरात और अब भारत ने विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उनकी दूरदर्शी सोच से पूरा भारत गौरवान्वित है। मोदी सर्वाधिक समय तक शासन करने वाले देश के इकलौते नेता हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देशभर से नक्सलवाद की समस्या खत्म हुई है। मध्यप्रदेश लाल सलाम को आखिरी सलाम करने वाला देश का पहला राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के दो शहरों भोपाल और इंदौर में मेट्रो दौड़ रही है। हमारे एयरपोर्ट विश्वस्तरीय हो गए हैं। लोक जीवन में लोक परिवहन का विशेष महत्व है। आज से 250 साल पहले देवी अहिल्याबाई ने अपनी दूरदृष्टि सोच के साथ मालवा से लेकर काशी और सनातन संस्कृति के चारों धामों में यात्रियों की सुविधा के लिए सभी तरह के प्रबंध किए थे। इंदौर की धरती से उन्होंने अपने संकल्प को आगे बढ़ाया। राज्य सरकार की मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा की शुरुआत से बाजार में अवसर बढ़ेंगे, जो हमें आगे बढ़ने का मौका देंगे। हमारी सरकार ने सभी वर्गों का ध्यान रखते हुए सुगम परिवहन बस सेवा की योजना तैयार की है। इसमें आधुनिक तकनीक को शामिल करते हुए यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। वहीं, परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों के हितों का भी ध्यान रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन से प्रदेश में ई-व्हीकल्स का संचालन प्रारंभ हो रहा है। अब हमारी धरती पर बने इलेक्ट्रिक व्हीकल इंजन देश-दुनिया में सप्लाई हो रहे हैं। आज एक विशेष एमओयू भी किया गया है, जिसके माध्यम से यात्रियों को टू-व्हीलर से सुगम परिवहन बस तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी के 12 साल के कार्यकाल में मध्यप्रदेश में सबसे तेज गति से 74 हजार किलोमीटर लंबे राजमार्गों का निर्माण हुआ है। दिल्ली-मुंबई सुपर एक्सप्रेसवे कॉरिडोर मध्यप्रदेश में 8 लेन होकर गुजरता है। मध्यप्रदेश भारत के मध्य में है। यहां से करीब 6 घंटे में दिल्ली और मुंबई पहुंच सकते हैं। आमजन के लिए सार्वजनिक सेवाओं में लोक परिवहन का खास महत्व है। प्रदेशभर में … Read more

यूपी में 681 सड़कों की बदलेगी सूरत, त्योहारों से पहले गड्ढामुक्त होंगे ये महत्वपूर्ण मार्ग

 लखनऊ यूपी में बारिश और बाढ़ के कारण खराब हुई सड़कों को लेकर योगी सरकार ने अब तेजी से काम करने की तैयारी शुरू कर दी है. आगामी त्योहारों को देखते हुए प्रदेश के 681 महत्वपूर्ण मार्ग चिन्हित किए गए हैं. इन सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर गड्ढामुक्त और आवागमन के लिए बेहतर बनाया जाएगा।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों को तत्काल ठीक कर मोटरेबल बनाया जाए. उन्होंने साफ कहा कि अभी बरसात पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, इसलिए जहां तत्काल मरम्मत जरूरी है, वहां काम किया जाए और बारिश समाप्त होने के बाद जरूरत के मुताबिक सड़क का स्थायी नवीनीकरण कराया जाए. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गड्ढामुक्ति अभियान सिर्फ गड्ढों में पैचवर्क करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए. सड़क की वास्तविक स्थिति का आकलन करके जरूरत के अनुसार मरम्मत और नवीनीकरण की कार्रवाई की जाए।  त्योहारों से पहले 681 मार्गों पर खास नजर आने वाले दिनों में प्रदेश में लगातार पर्व-त्योहार हैं. गणेश चतुर्थी, विश्वकर्मा पूजा, नवरात्रि, दीपावली, छठ पूजा और कार्तिक पूर्णिमा जैसे पर्वों के दौरान बड़ी संख्या में लोग एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते हैं. इसी को देखते हुए सरकार ने 681 महत्वपूर्ण मार्गों की पहचान की है. इन मार्गों पर त्योहारों से पहले जरूरी मरम्मत और नवीनीकरण का काम पूरा कराने पर जोर दिया जा रहा है. इन सड़कों पर भीड़ और वाहनों की आवाजाही अधिक रहने की संभावना है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पर्वों के दौरान लोगों को खराब सड़कों के कारण परेशानी नहीं होनी चाहिए।  बारिश अभी जारी, इसलिए दो स्तर पर होगा काम अधिकारियों का कहना है कि सरकार के सामने फिलहाल एक चुनौती यह भी है कि प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश अभी जारी है. ऐसे में किसी सड़क की पूरी तरह स्थायी मरम्मत करना हर जगह संभव नहीं है. इसी वजह से मुख्यमंत्री ने दो स्तर पर काम करने को कहा है. पहले चरण में बारिश से खराब सड़क को तुरंत आवागमन योग्य बनाया जाएगा. जहां गड्ढे हैं या सड़क का हिस्सा टूट गया है, वहां जरूरी मरम्मत की जाएगी. दूसरे चरण में बरसात समाप्त होने के बाद सड़क की स्थिति का दोबारा आकलन किया जाएगा. जहां ज्यादा नुकसान हुआ है, वहां स्थायी नवीनीकरण कराया जाएगा. इससे फिलहाल लोगों को आने-जाने में राहत मिलेगी और बाद में सड़क को स्थायी रूप से बेहतर किया जा सकेगा।  सिर्फ बारिश से ही नहीं टूटीं सड़कें समीक्षा बैठक में यह भी सामने आया कि प्रदेश में सड़कों के खराब होने की वजह केवल बारिश और बाढ़ नहीं है. कई जगह एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे और दूसरी निर्माणाधीन परियोजनाओं के चलते भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ी है. लगातार भारी वाहनों के चलने से भी कई सड़कों को नुकसान पहुंचा है. अब ऐसे मार्गों का विभागवार सर्वे कराया जा रहा है. सर्वे में जिन सड़कों को क्षतिग्रस्त पाया जाएगा, उन्हें चिन्हित करके संबंधित विभाग के लिए गड्ढामुक्ति का लक्ष्य तय किया जाएगा।  9 विभागों की 4.36 लाख किमी सड़कों की समीक्षा बैठक में प्रदेश के नौ विभागों के अधीन आने वाली सड़कों की स्थिति की समीक्षा की गई. अधिकारियों के मुताबिक इन विभागों के अधीन करीब 4.36 लाख किलोमीटर सड़कें हैं. मौजूदा गड्ढामुक्ति अभियान के तहत करीब 50 हजार किलोमीटर मार्गों को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है. अब तक करीब 5,751 किलोमीटर सड़कों पर गड्ढामुक्ति का काम पूरा होने की जानकारी बैठक में दी गई. बाकी सड़कों पर भी काम चल रहा है. इसके साथ ही बारिश और अन्य कारणों से क्षतिग्रस्त हुए नए मार्गों का सर्वे पूरा होने के बाद विभागवार लक्ष्य को अंतिम रूप दिया जाएगा।  30 हजार किमी सड़क के नवीनीकरण का लक्ष्य सरकार ने सिर्फ गड्ढे भरने का लक्ष्य नहीं रखा है. जहां सड़क की स्थिति ज्यादा खराब है, वहां नवीनीकरण और विशेष मरम्मत भी कराई जाएगी. बैठक में बताया गया कि करीब 30 हजार किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण का लक्ष्य रखा गया है. इसमें अब तक करीब 14 हजार किलोमीटर पर काम होने की जानकारी दी गई. इसी तरह करीब 5 हजार किलोमीटर मार्गों पर विशेष मरम्मत का लक्ष्य है. अब तक करीब 700 किलोमीटर पर विशेष मरम्मत का काम पूरा होने की बात कही गई।  स्कूल-अस्पताल वाली सड़कें पहले ठीक होंगी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि सड़क सुधार के लिए प्राथमिकता तय करते समय केवल सड़क की लंबाई नहीं देखी जाए, बल्कि वहां लोगों की जरूरत को भी ध्यान में रखा जाए. उन्होंने शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, मुख्य बाजारों, सरकारी कार्यालयों और अधिक आवाजाही वाले स्थानों तक पहुंचने वाली सड़कों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए. इसका मतलब साफ है कि जिस सड़क से रोजाना बड़ी संख्या में छात्र, मरीज, कर्मचारी और आम लोग गुजरते हैं, वहां मरम्मत का काम पहले कराया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी से सीधे जुड़ी है. इसलिए इसकी खराब स्थिति का असर सीधे लोगों पर पड़ता है. सड़कों की मरम्मत को लेकर अक्सर गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे हैं. इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने काम में तेजी के साथ गुणवत्ता का भी ध्यान रखने को कहा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़क की मरम्मत सिर्फ औपचारिकता के लिए न हो. जहां पैचवर्क से काम चल सकता है वहां उसे किया जाए, लेकिन जहां सड़क का व्यापक नवीनीकरण जरूरी है वहां स्थायी समाधान किया जाए. बारिश खत्म होने के बाद सड़कों की वास्तविक स्थिति के अनुसार आगे की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।  सभी विभाग मिलकर करेंगे काम सड़कें केवल लोक निर्माण विभाग के अधीन नहीं हैं. अलग-अलग क्षेत्रों में अलग विभागों की सड़कें हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया. बैठक में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, मंडी परिषद, पंचायती राज, सिंचाई, ग्राम्य विकास, नगर विकास, आवास एवं शहरी नियोजन तथा अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग की कार्ययोजनाओं की भी समीक्षा की गई। 

ग्रामीण स्वच्छता कर्मियों को हरियाणा सरकार का तोहफा, ज्यादा मानदेय के साथ मिलेंगी कई सुविधाएं

चंडीगढ़   हरियाणा सरकार की ओर से ग्रामीण सफाई कर्मियों के लिए कई वित्तीय और लाभकारी घोषणा की गई है। इनमें उनका मानदेय बढ़ाना, यूनिफॉर्म और धुलाई के लिए ज्यादा भत्ता देना, गांव से बाहर ड्यूटी करने पर मुआवजा देना और ड्यूटी के दौरान मौत होने पर परिवार के किसी सदस्य को नौकरी देना शामिल है। हरियाणा के विकास और पंचायत विभाग के निदेशक की ओर से 10 सितंबर को एक आधिकारिक मेमोरेंडम जारी करके इन फायदों की जानकारी दी गई। यह मेमोरेंडम राज्य भर के डिप्टी कमिश्नरों, जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और जिला व ब्लॉक स्तर के विकास और पंचायत अधिकारियों को भेजा गया था। इस फैसले के तहत, ग्रामीण सफाई कर्मियों को जनवरी 2026 से उनके मासिक मानदेय में 2,100 रुपये की बढ़ोतरी से मिलने वाला बकाया पैसा (एरियर) मिलेगा। मानदेय 16,000 रुपये से बढ़ाकर 18,100 रुपये कर दिया गया है, और 30 जून 2026 तक की अवधि के लिए बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा। सरकार ने अक्टूबर 2023 के लिए बकाया मानदेय जारी करने की भी मंजूरी दे दी है। यह उन सफाई कर्मियों के लिए है, जिन्हें हड़ताल के दौरान उस महीने का भुगतान नहीं मिला था। आदेश में ढांड में 48, फारुखनगर में 54, सिहमा में 25 और निजामपुर में 15 कर्मियों के नाम शामिल हैं, जिससे कुल संख्या 139 है। जो सफाई कर्मी अपने गांव से बाहर ड्यूटी करेंगे, उन्हें 200 रुपये प्रतिदिन का भत्ता मिलेगा। यह राशि संबंधित ब्लॉक विकास और पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) कार्यालय की ओर से ऐसी तैनाती के लिए छोटे-मोटे खर्चों से दी जाएगी। सरकार ने सालाना यूनिफॉर्म भत्ता भी 2,000 रुपये बढ़ा दिया है, जिससे यह 4,000 रुपये से बढ़कर 6,000 रुपये हो गया है। सालाना धुलाई भत्ता 500 रुपये बढ़ाकर 1,000 रुपये से 1,500 रुपये कर दिया गया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर ड्यूटी के दौरान किसी ग्रामीण सफाई कर्मी की मौत हो जाती है, तो परिवार के एक सदस्य को मानवीय आधार पर नौकरी दी जाएगी। निजी एजेंसियों की ओर से परिवारों के शोषण को रोकने के लिए, बीडीपीओ कार्यालयों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे मृत सफाई कर्मियों के परिवारों को ईपीएफ और ईएसआई डेथ-क्लेम से जुड़े कागजी काम पूरा करें। सरकार की ओर से यह भी निर्देश दिया गया है कि ग्रामीण सफाई कर्मियों का मासिक मानदेय हर महीने की सात तारीख तक दे दिया जाना चाहिए। देरी होने पर 2,500 रुपये का जुर्माना देना होगा।

चंडीगढ़ में आधी रात कार लूट की वारदात, पिस्टल के बल पर प्रॉपर्टी डीलर को बनाया निशाना

चंडीगढ़  मनीमाजरा के राजीव विहार में बुधवार देर रात पिस्टल की नोक पर प्राॅपर्टी डीलर से होंडा सिटी कार लूटने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान पंचकूला राजीव कॉलोनी निवासी 19 वर्षीय कृष्ण, रैला गांव निवासी 21 वर्षीय सोनू, चंडीगढ़ के सेक्टर-16 निवासी 24 वर्षीय संजू उर्फ कांचा के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटी गई होंडा सिटी कार भी बरामद कर ली है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। राजीव विहार निवासी 24 वर्षीय पुलकित शर्मा बुधवार रात करीब 12 बजे अपने घर के बाहर कार में बैठकर ऑनलाइन खाना आने का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान तीन बाइक और एक्टिवा पर सवार छह बदमाश वहां पहुंचे। दो बदमाशों ने अपने वाहन कार के आगे लगा दिए, जबकि अन्य ड्राइवर सीट की तरफ पहुंच गए। आरोपितों ने पुलकित से 10 हजार रुपये मांगे और कहा कि उन्हें नशा करना है। नकदी नहीं होने पर पुलकित ने गूगल-पे से भुगतान करने की बात कही, लेकिन आरोपित नहीं माने। इसके बाद उन्होंने उसके साथ हाथापाई की, कार की चाबी निकाल ली और हाथ में पहनी घड़ी उतरवा ली। उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया। पिस्टल तानकर कार लेकर फरार कुछ देर बहस के बाद आरोपितों ने पुलकित को कार से बाहर निकाल दिया। जाते समय उसका मोबाइल वापस कर दिया, लेकिन पिस्टल की नोक पर धमकाते हुए उसकी होंडा सिटी कार लूट ली। तीन बदमाश कार में सवार होकर फरार हुए, जबकि तीन अन्य बाइक और एक्टिवा से उनके पीछे निकल गए। पुलकित ने घर पहुंचकर अपने पिता संजीव को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। संजीव चंडीगढ़ से सटे कैंबवाला क्षेत्र में प्राॅपर्टी कारोबार करते हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद पुलकित भी पिता के साथ प्राॅपर्टी के काम में हाथ बंटा रहा है। पेट्रोल पंप पर 3,200 रुपये का तेल डलवाया कार लूटने के बाद आरोपित डप्पर स्थित अंबाला-चंडीगढ़ टोल प्लाजा के पास एक पेट्रोल पंप पर पहुंचे। वहां उन्होंने करीब 3,200 रुपये का तेल डलवाया, लेकिन बिना भुगतान किए कार लेकर फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने कार का नंबर फ्लैश कर हरियाणा पुलिस को सूचना दी। कार के अंबाला में देखे जाने की जानकारी भी पुलिस को मिली। ढकोली से दबोचे गए तीन आरोपित चंडीगढ़ पुलिस ने हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों में टीमें सक्रिय कर दी थीं। मनीमाजरा थाना पुलिस और डीसीसी की टीम ने कार्रवाई करते हुए ढकोली से कृष्ण, सोनू और संजू उर्फ कांचा को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से लूटी गई होंडा सिटी बरामद कर ली गई। पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और वारदात में इस्तेमाल वाहनों के बारे में जानकारी जुटा रही है।  

दिल्ली में ट्रैफिक पाबंदियों के बीच राहत, छात्रों के लिए 1 घंटे पहले शुरू होगी मेट्रो

नई दिल्ली  राष्ट्रीय राजधानी में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर जबरदस्त तैयारी की गई है। ऐसे में दिल्ली के कई रूट पर ट्रैफिक पाबंदियों के बीच छात्रों और आम लोगों की असुविधा न हो, इसके दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने बड़ा फैसला लिया है। डीएमआरसी ने कहा कि मेट्रो सेवाएं रविवार 13 सितंबर को सुबह 6 बजे से शुरू हो जाएंगी। डीएमआरसी ने 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए बताया कि परीक्षा देने जा रहे छात्रों और आम जनता की सुचारू और समय पर आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के कारण ट्रैफिक पाबंदियों के बीच, रविवार 13 सितंबर को सभी लाइनों पर मेट्रो ट्रेन सेवाएं सुबह 06:00 बजे से शुरू होंगी। डीएमआरसी ने क्यों लिया ये फैसला डीएमआरसी ने इस फैसले को लेकर कहा कि छात्रों और यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा की योजना उसी के अनुसार बनाएं। आम तौर पर दिल्ली के कई रूट जिनमें पिंक, मजेंटा और ग्रे लाइन पर रविवार को मेट्रो सेवाएं सुबह सात बजे शुरू होती हैं। हालांकि, इस रविवार मेट्रो सेवाएं सुबह 6 बजे से शुरू होंगी। 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन इस बार नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। इसे लेकर दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कई प्रमुख स्थान अगले तीन दिन तक बंद रहेंगे, जिनमें राष्ट्रपति भवन म्यूजियम और अमृत उद्यान भी शामिल हैं। राष्ट्रपति भवन म्यूजियम और अमृत उद्यान रहेंगे बंद अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति भवन म्यूजियम और अमृत उद्यान को शुक्रवार से रविवार तक विजिटर्स के लिए बंद रखा गया है। एक अधिकारी ने बयान में कहा कि शनिवार को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में 'चेंज ऑफ गार्ड' सेरेमनी भी नहीं होगी। यह कदम ब्रिक्स प्रतिनिधियों को होने वाली परेशानी को कम करने और शिखर सम्मेलन स्थल के आसपास आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगाकर सड़कों पर भीड़ कम करने की कोशिश का हिस्सा है। स्कूल, ऑफिस रहेंगे बंद, जानें ट्रैफिक एडवाइजरी दिल्ली सरकार ने पहले ही 11 सितंबर को अपने कार्यालयों में छुट्टी की घोषणा कर दी है। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने भी उस दिन केंद्र सरकार के कार्यालयों में छुट्टी की घोषणा करते हुए एक आधिकारिक सर्कुलर जारी किया है। शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की। इसमें बताया गया कि शिखर सम्मेलन के चलते दिल्ली के मुख्य रास्तों पर दोपहर 2 बजे से रात 8.30 बजे तक ट्रैफिक को डायवर्ट किया जाएगा और आवाजाही को नियंत्रित किया जाएगा। ब्रिक्स समिट, मेट्रो के इस्तेमाल की सलाह पुलिस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें, यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, खासकर मेट्रो का इस्तेमाल करें। तय डायवर्जन रूट और ट्रैफिक कर्मियों के निर्देशों का पालन करें। पुलिस ने कहा कि इमरजेंसी और जरूरी सेवाओं वाली गाड़ियों को निकलने में प्राथमिकता दी जाएगी। राजधानी में होने वाले ब्रिक्स समिट को लेकर फैली अटकलों के बीच दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी जारी की है। डीएमआरसी ने साफ किया है कि मेट्रो सेवा सामान्य रूप से जारी रहेगी। डीएमआरसी ने की है खास तैयारी डीएमआरसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि सेवा से जुड़ी जानकारी यात्रियों को सूचित की जाती है कि अगले आदेश तक सभी मेट्रो स्टेशन खुले रहेंगे। जब तक कोई विशेष घोषणा न की जाए, तब तक कामकाज सामान्य रूप से चलता रहेगा। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे आगे की जानकारी के लिए डीएमआरसी की वेबसाइट, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या 'दिल्ली मेट्रो सारथी' ऐप देखते रहें। यह जानकारी इस मामले पर कई सवाल मिलने के बाद जारी की जा रही है। क्या बंद रहेंगे मेट्रो स्टेशन? जानिए अपडेट दरअसल, ब्रिक्स समिट के दौरान सुरक्षा और ट्रैफिक पाबंदियों को लेकर लोगों में भ्रम था कि क्या मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे? इसे लेकर डीएमआरसी को यह स्पष्टीकरण देना पड़ा। इससे पहले डीएमआरसी ने एक अन्य एडवाइजरी में बताया था कि सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर स्थित दिल्ली मेट्रो म्यूजियम ब्रिक्स समिट के दौरान बंद रहेगा। डीएमआरसी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर स्थित दिल्ली मेट्रो म्यूजियम 11 से 13 सितंबर, 2026 (शुक्रवार से रविवार) तक बंद रहेगा। हम 15 सितंबर, 2026 (मंगलवार) को आप सभी का स्वागत करने के लिए वापस आएंगे, क्योंकि 14 सितंबर (सोमवार) को म्यूजियम की साप्ताहिक छुट्टी होती है। ब्रिक्स समिट को लेकर लिए गए कई अहम फैसले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी ब्रिक्स समिट को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने जनता को अदालतों में कामकाज और मामलों की तारीखों में बदलाव के बारे में जानकारी दी है, खासकर भारत मंडपम में ब्रिक्स समिट स्थल के पास स्थित अदालतों के लिए। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, 12 सितंबर को होने वाली नेशनल लोक अदालत अब 10 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी। निचली अदालतों में 11 और 12 सितंबर को छुट्टी रहेगी, इसलिए इन दो तारीखों पर सूचीबद्ध मामले अब 14 सितंबर को सुने जाएंगे।

गंगा के उफान के बीच ट्रैक्टर पर सवार हुईं CO हर्षा कोमल, बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचाया राहत का सामान

पटना बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. जिले की 86 से अधिक पंचायतें प्रभावित हैं. बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन की टीमें जुटी हैं. इसी बीच शाहकुंड प्रखंड की सर्किल ऑफिसर (CO) हर्षा कोमल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह ट्रैक्टर पर सवार होकर बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत सामग्री पहुंचाने जाती दिखाई दे रही हैं. शाहकुंड प्रखंड के कई इलाकों में बाढ़ का पानी भरा होने के कारण सामान्य वाहनों का आवागमन प्रभावित है. ऐसे में CO हर्षा कोमल अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ट्रैक्टर के जरिए प्रभावित गांवों तक पहुंचीं. ट्रैक्टर पर राहत सामग्री लेकर प्रशासन की टीम बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंची और जरूरतमंद लोगों को राहत सामग्री बांटी. शाहकुंड प्रखंड के खुलनी, पैरडो मोमिन्या माल, बेलथू, खैरा, मकंदपुर और दरियापुर पंचायत बाढ़ से अधिक प्रभावित हैं. इन इलाकों में गंगा नदी के पानी का असर देखने को मिल रहा है. कई जगहों पर जलभराव के कारण आवागमन ठप हो गया है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में भी मुश्किलें आ रही हैं. इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए शाहकुंड की CO हर्षा कोमल ट्रैक्टर के जरिए प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं. वायरल वीडियो में वह ट्रैक्टर पर बैठकर राहत सामग्री के साथ गांवों की ओर जाती दिखाई देती हैं. उनके साथ प्रशासन के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी हैं. प्रशासन के सामने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाना बड़ी चुनौती है. जिन गांवों तक कार नहीं पहुंच पा रही है, वहां ट्रैक्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है. CO हर्षा कोमल खुद प्रभावित गांवों का दौरा कर राहत वितरण की व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं. भागलपुर में गंगा नदी के उफान के कारण कई इलाकों में लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है. बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित जगहों तक पहुंचाने के साथ-साथ उनके लिए भोजन और अन्य चीजों की व्यवस्था की जा रही है. प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है.