नई दिल्ली ब्रिक्स समिट के दौरान दिल्ली और मेहमानों की सुरक्षा में एंटी-ड्रोन सिस्टम, एंटी-एयरक्राफ्ट गन, स्नाइपर और एंटी-सबोटाज टीमें लगाई गई हैं. अगले तीन से चार दिनों तक नई दिल्ली में ऊंची ऊंची बिल्डिगों पर अगर बंदूकधारी कमांडो दिख जाएं तो चौकिए नहीं. यही नहीं आपको एंटी ड्रोन सिस्टम, एंटी एयरक्राफ्ट गन भी दिख सकता है। दिल्ली में 11 से लेकर 13 दिसंबर तक 35 रूट और 11 होटल सुरक्षा घेरे में रहेंगे. भारत मंडपम और प्रतिनिधियों के ठहरने वाले होटलों पर मल्टी-लेयर सिक्योरिटी ग्रिड लगाया गया है। ब्रिक्स समिट का मुख्य कार्यक्रम भारत मंडपम में होगा. डीसीपी नई दिल्ली सचिन शर्मा बताया कि दिल्ली में 25 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी सिक्योरिटी में लगाए गए हैं. 100 से ज्यादा NSG कमांडो और एंटी-ड्रोन सिस्टम एक्टिवेट किए गए हैं। दिल्ली में एंटी-एयरक्राफ्ट गन, स्नाइपर और एंटी-सबोटाज टीमें एक्टिवेट कर दी गई हैं। करीब 30 वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, जिनमें DCP स्तर के अधिकारी शामिल हैं, सुरक्षा की निगरानी करेंगे। 1000 से ज्यादा दिल्ली पुलिस SWAT कमांडो भी तैनात किए गए हैं. शनिवार से कई सड़कों पर ट्रैफिक प्रतिबंध, 22 रूट पर पुलिस की विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है। एयरपोर्ट से होटल तक कड़ी निगरानी विदेशी मेहमानों के एयरपोर्ट पहुंचने से लेकर उनके होटल और कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने के दौरान सुरक्षा का खास ध्यान रखा जाएगा. भारत मंडपम और प्रमुख होटलों में एंट्री-एग्जिट की जांच, निगरानी, सर्विलांस और वेरिफिकेशन की व्यवस्था की गई है. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमों को भी तैयार रखा गया है। दिल्ली पुलिस ने आसपास के राज्यों के साथ भी सुरक्षा को लेकर समन्वय किया है, ताकि दूसरे राज्यों से आने-जाने वाले वाहनों और लोगों की आवाजाही पर नजर रखी जा सके। ड्रोन उड़ाने पर रोक समिट के दौरान सुरक्षा के लिहाज से तय इलाकों में ड्रोन या किसी भी तरह के अनधिकृत फ्लाइंग ऑब्जेक्ट को उड़ाने की अनुमति नहीं होगी. पुलिस ऐसे इलाकों में आसमान से होने वाली गतिविधियों पर भी नजर रखेगी। कंट्रोल रूम से होगी निगरानी वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान कमांड और कंट्रोल रूम से पूरे सुरक्षा इंतजाम की निगरानी की जाएगी. कैमरों और दूसरे निगरानी सिस्टम के जरिए रास्तों पर नजर रखी जाएगी. किसी जगह इमरजेंसी, एंबुलेंस की जरूरत या अचानक ट्रैफिक समस्या होने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने साफ किया है कि सभी रास्ते लगातार बंद नहीं रहेंगे. प्रतिबंध वीवीआईपी मूवमेंट के समय और जरूरत के मुताबिक ही लगाए जाएंगे. आम लोगों से अपील की गई है कि वे प्रभावित रास्तों से बचें और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें। VVIP काफिलों की आवाजाही के लिए 22 डायवर्जन पॉइंट और 35 से ज्यादा प्रमुख सड़कों को चिन्हित किया गया है। भारत मंडपम के 5 किलोमीटर के दायरे में मल्टी-लेयर सिक्योरिटी रहेगी. * दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती * NSG कमांडो और दूसरी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट * IB, SPG, NSG और दिल्ली पुलिस के जवान तैनात * करीब 7 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती BRICS सम्मेलन के दौरान सबसे बड़ी चुनौती होगी VVIP काफिलों की आवाजाही और आम ट्रैफिक के बीच तालमेल. इसके लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने करीब 35 प्रमुख सड़कों पर जरूरत के मुताबिक ट्रैफिक रोकने और डायवर्जन का प्लान तैयार किया है। इन रास्तों पर दिखेगा ट्रैफिक का असर सरदार पटेल मार्ग मदर टेरेसा क्रिसेंट तीन मूर्ति मार्ग अकबर रोड तेज जनवरी मार्ग राजेश पायलट मार्ग सुब्रमण्यम भारती मार्ग मथुरा रोड मोतीलाल नेहरू मार्ग डॉ. जाकिर हुसैन रोड जनपथ अशोका रोड बाराखंभा रोड टॉल्स्टॉय मार्ग नीति मार्ग एपीजे अब्दुल कलाम रोड प्रेस एन्क्लेव रोड लाल बहादुर शास्त्री मार्ग समेत कई प्रमुख सड़कें. VVIP मूवमेंट के दौरान ट्रैफिक को वैकल्पिक रास्तों पर डायवर्ट किया जाएगा. इसके लिए 22 प्रमुख डायवर्जन पॉइंट चिन्हित किए गए हैं। इनमें पटेल चौक, RML अस्पताल राउंडअबाउट, धौला कुआं, मोती बाग फ्लाईओवर, नीला गुंबद, ओबेरॉय फ्लाईओवर और मंडी हाउस जैसे महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं। मथुरा रोड और भारत मंडपम की तरफ जाने वाले वाहनों के लिए लोधी रोड और लोधी फ्लाईओवर जैसे वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं धौला कुआं और सरदार पटेल मार्ग की तरफ VVIP मूवमेंट के दौरान रिंग रोड, वंदे मातरम मार्ग और NH-48 जैसे वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल किया जा सकेग। BRICS सम्मेलन के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए करीब 5000 ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की तैयारी है. ये पुलिसकर्मी सिर्फ ट्रैफिक डायवर्जन नहीं संभालेंगे. बल्कि VVIP काफिलों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही भी सुनिश्चित करेंगे. इसके लिए इन चीजों की तैनाती की गई है। * GPS आधारित ट्रैकिंग * CCTV सर्विलांस * टेक्निकल मॉनिटरिंग * रियल टाइम कम्युनिकेशन * क्विक रिस्पॉन्स टीम * मेडिकल और फायर रिस्पॉन्स VVIP काफिले में शामिल वाहनों की लोकेशन और मूवमेंट पर GPS के जरिए नजर रखी जाएगी. किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सुरक्षा अलर्ट की स्थिति में क्विक रिस्पॉन्स टीमें तत्काल कार्रवाई करेंगी. इसके साथ फायर सर्विस, एंबुलेंस और मेडिकल इमरजेंसी रिस्पॉन्स को भी अलर्ट मोड पर रखा जाएगा। मेट्रो सेवा पर सामान्य तौर पर रोक नहीं दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि ट्रैफिक प्रतिबंधों का मतलब यह नहीं है कि सामान्य आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी. प्रभावित न होने वाले रास्तों पर सामान्य ट्रैफिक चलता रहेगा. मेट्रो सेवा पर भी सामान्य तौर पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा, हालांकि यात्रियों को संबंधित स्टेशनों और निकास की ताजा जानकारी पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।