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जनता की जेब पर फिर बोझ, पंजाब में दोबारा महंगे हुए पेट्रोल-डीजल

लुधियाना. पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। बीते 15 मई को तेल कंपनियों द्वारा दाम बढ़ाए गए थे और अब कुछ ही दिनों बाद दोबारा कीमतों में इजाफा होने से आम जनता, ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और उद्योग जगत की चिंता बढ़ गई है। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। नई कीमतों के अनुसार पेट्रोल का रेट पहले 101.30 रुपये प्रति लीटर था, जिसे बढ़ाकर अब 102.16 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं डीजल की कीमत 91.04 रुपये से बढ़कर 91.93 रुपये प्रति लीटर हो गई है। लगातार दूसरी बार हुई बढ़ोतरी से वाहन चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ना तय माना जा रहा है। कुबेर पेट्रो के राजू शर्मा ने बताया कि तेल कंपनियों की ओर से जारी नई दरों को तुरंत लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ रहा है। इसी कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बदलाव हो रहा है। दूसरी ओर, बढ़ते ईंधन दामों का असर रोजमर्रा की वस्तुओं और परिवहन खर्च पर भी पड़ने की संभावना जताई जा रही है। ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि डीजल महंगा होने से माल ढुलाई की लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर बाजार में वस्तुओं की कीमतों पर दिखाई दे सकता है। उद्योगों और व्यापार से जुड़े लोगों का मानना है कि पहले से ही बढ़ती लागत और आर्थिक दबाव के बीच ईंधन की बढ़ती कीमतें कारोबार के लिए नई चुनौती बन रही हैं।

छुट्टियों में भी जारी रहेगा न्यायिक कामकाज, बिलासपुर हाईकोर्ट में वेकेशन बेंच शुरू

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सोमवार से ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हो गया है. अवकाश में जरूरी मामलों की सुनवाई वेकेशन बेंच में शुरू शुरू हो गई है. मंगलवार को पहली बार वेकेशन बेंच में सुनवाई शुरू हो रही है. हाईकोर्ट में समर वेकेशन शुरू हो चुका है. इसके बाद भी आवश्यक मामलों की सुनवाई करने चीफ जस्टिस के निर्देश पर अलग से व्यवस्था की गई है. हर सप्ताह अलग से बेंच निर्धारित किया गया है. इनमें अवकाश के दौरान सामने आने वाले महत्वपूर्ण मुकदमों की सुनवाई की जाएगी. मंगलवार को जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की डिवीजन बेंच में आवश्यक रिट मामलों, फेमिली मैटर और अपराधिक मामलों की सुनवाई होगी. इसी प्रकार जस्टिस एनके व्यास और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की सिंगल वेकेशन बेंच भी रखी गई है. हाईकोर्ट प्रशासन ने नया रोस्टर जारी कर दिया है, जो 7 मई से प्रभावी है। नई व्यवस्था के तहत विभिन्न मामलों की सुनवाई के लिए चार डिवीजन बेंच और 14 सिंगल बेंच गठित की गई हैं। 7 मई से लागू हुआ नया रोस्टर हाईकोर्ट द्वारा जारी नई सूची के अनुसार अब अलग-अलग प्रकार के मामलों की सुनवाई तय बेंचों द्वारा की जाएगी। समर वेकेशन से पहले लंबित मामलों के प्रभावी निपटारे और कार्यों के बेहतर संचालन को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया गया है। पहली डिवीजन बेंच संभालेगी जनहित याचिकाएं मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की प्रथम डिवीजन बेंच को जनहित याचिकाओं, हेबियस कॉर्पस, रिट अपील और अन्य विशेष मामलों की सुनवाई की जिम्मेदारी दी गई है। यह बेंच महत्वपूर्ण संवैधानिक और सार्वजनिक हित से जुड़े मामलों पर सुनवाई करेगी। दूसरी बेंच में होगी आपराधिक मामलों की सुनवाई जस्टिस संजय के अग्रवाल और जस्टिस संजय जायसवाल की डिवीजन बेंच आपराधिक मामलों और अल्ट्रा वायर्स से जुड़े प्रकरणों की सुनवाई करेगी। इस बेंच के पास गंभीर आपराधिक और कानूनी वैधता से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी रहेगी। कैदी अपीलों के लिए अलग बेंच गठित तीसरी डिवीजन बेंच में जस्टिस संजय अग्रवाल और जस्टिस एनके व्यास को कैदी अपीलों से संबंधित मामलों की सुनवाई सौंपी गई है। जेलों से जुड़े अपील मामलों और सजा संबंधी याचिकाओं की सुनवाई इसी बेंच में होगी। वैवाहिक, टैक्स और सेवा मामलों के लिए चौथी बेंच जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू और जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की चौथी डिवीजन बेंच वैवाहिक अपील, टैक्स और सेवा संबंधी मामलों की सुनवाई करेगी। कर्मचारियों और पारिवारिक विवादों से जुड़े प्रकरण इसी बेंच में सुने जाएंगे। 14 सिंगल बेंच भी करेंगी नियमित सुनवाई नई व्यवस्था में मुख्य न्यायाधीश की विशेष बेंच सहित कुल 14 सिंगल बेंच भी गठित की गई हैं। ये बेंच विभिन्न श्रेणी के मामलों की नियमित सुनवाई करेंगी, जिससे मामलों के तेजी से निपटारे में मदद मिलने की उम्मीद है। न्यायिक कार्यों में आएगी तेजी हाईकोर्ट के नए रोस्टर से न्यायिक कार्यों के बेहतर संचालन और लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। समर वेकेशन से पहले यह बदलाव कोर्ट की कार्यप्रणाली को व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वकीलों और पक्षकारों के लिए अहम अपडेट नए रोस्टर लागू होने के बाद अब अधिवक्ताओं और पक्षकारों को अपने मामलों की सुनवाई के लिए निर्धारित बेंच के अनुसार तैयारी करनी होगी। कोर्ट प्रशासन ने सभी संबंधित पक्षों को नई व्यवस्था की जानकारी दे दी है।

तरबूज कांड पर बढ़ा हड़कंप, मौत के मामले में भोपाल तक सक्रिय हुई एजेंसियां

 भोपाल / श्योपुर मध्य प्रदेश के श्योपुर में तरबूज खाने के बाद ड्राइवर पिता की मौत और बेटे की तबियत बिगड़ने के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। मामला अब राजधानी भोपाल तक पहुंच गया है। शहर के खातौली तिराहे के पास किराये के मकान में किराये से रहने वाले इंद्र सिंह परिहार और उनके पुत्र विनोद परिहार की संदिग्ध परिस्थितियों में तबीयत बिगडने और कोटा रेफर के दौरान इंद्र सिंह की मौत के मामले में फिलहाल पुलिस जांच कर रही है। अब इस मामले में पशुपालन विभाग ने भी अपनी जांच शुरू कर दी है। रविवार को पशुपालन विभाग ने भी चार सदस्यीय टीम गठित कर पोल्ट्री फार्म से सेंपल लिए है। पशुपालन विभाग पहुंची पोल्ट्री फार्म, भोपाल भेजे सैंपल सुभाष बाबू दोहरे उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने बताया कि, तीन पशु चिकित्सक सहित चार सदस्यीय टीम गठित कर पोल्ट्री फार्म से सेंपल लिया गया है। टीम द्वारा लिए गए सेंपल को जांच हेतु भोपाल भी भेजा जा चुका है। जहां से जांच उपरांत आने वाले रिपोर्ट के आधार पर ही विधि अनुसार कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने बताया कि, गठित टीम पोल्ट्री फार्म की सतत निगरानी व देखरेख करेगी। सुभाष बाबू दोहरे ने बताया कि, टीम के सदस्य डॉ. सचिन उपाध्याय ने जानकारी दी है कि, यहां साफ-सफाई पाई गई है साथ ही मुर्गियों में भी ऐसे कोई लक्षण नहीं पाए गए जिससे किसी प्रकार की आशंका व्यक्त की जा सके। डॉक्टरों ने बताया था संभाविक कारण हालांकि इंद्र सिंह की मौत और विनोद की गंभीर हालत का वास्तविक कारण अभी सामने नहीं आया है, लेकिन आशंक व्यक्त की जा रही है कि कोई बर्ड संक्रमण भी हो सकता है, क्योंकि ये दोनों पोल्ट्री फार्म पर काम करते थे। वहीं दूसरी ओ किसी केमिकल का भी दुष्प्रभाव होने की आशंका व्यक्ति की जा रही है, लेकिन चिकित्सक साफ तौर पर रहे है कि तरबूज खाने से मौत होने जैसी स्थितियां कहीं से नजर नहीं आ रही है। वहीं पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में प्रारंभिक रूप से पाया गया है कि गला चोक होने से इंद्र सिंह की मौत हुई है। विनोद की हालत अभी स्थिर मृतक इंद्रसिंह के पुत्र विनोद का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है और आईसीयू में वेंटीलेटर पर है। दो दिन बाद भी हालत अभी स्थिर है। चिकित्सकों का कहना है कि विनोद की हालत पहले जैसी ही है। तरबूज खाने के बाद अचानक बिगड़ी तबियत बता दें कि, 15 मई शुक्रवार को सुबह 5 बजे इंद्र सिंह व उनके पुत्र विनोद की सुबह अचानक तबीयत खराब हो गई थी, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया था। लेकिन इंद्र सिंह की रेफर के दौरान मौत हो गई थी वहीं बेटा विनोद का उपचार अभी जारी है। बताया गया है कि, मृतक इंद्र सिंह अपने परिवार के साथ पोल्ट्री फार्म में काम करते थे। ऐसे में बर्ड संक्रमण की आशंकाओं के बीच इस मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। 

महिलाओं के सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस, मंत्री भूरिया ने योजनाओं की प्रगति पर की चर्चा

भोपाल महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में महिला सशक्तिकरण योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये गठित मंत्रि-परिषद समिति की बैठक हुई। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह उपस्थित थी। नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीतमी प्रतिमा बागरी बैठक में वर्चुवली शामिल हुईं। समिति द्वारा प्रमुख राज्य प्रवर्तित योजनाओं तथा महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त करने वर्तमान परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिकता एवं योजनाओं में अपेक्षित बदलाव पर विस्तृत चर्चा की गई।  

लू के थपेड़ों से पंजाब बेहाल, बठिंडा में पारा 47 डिग्री पार; मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

पटियाला  पंजाब में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। लू चलने से सोमवार को भीषण गर्मी रही। इससे राज्य के तापमान में 2.3 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। पारा अब सामान्य से 3.1 डिग्री ऊपर पहुंच गया है। 47 डिग्री के तापमान के साथ बठिंडा राज्य में सबसे गर्म रहा। मौसम विभाग ने मंगलवार को फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा और संगरूर में लू चलने का अलर्ट जारी किया है। बुधवार से लू पूरे पंजाब को अपनी चपेट में ले लेगी। विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री की वृद्धि दर्ज की जा सकती है। सोमवार को पटियाला का पारा 44 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से 4.5 डिग्री ऊपर रहा। पटियाला में लू की स्थिति रही। अमृतसर का अधिकतम पारा 42.0 डिग्री, लुधियाना का 42.2 डिग्री, पटियाला का 44.0 डिग्री, पठानकोट का 40.9 डिग्री, फाजिल्का का 42.6 डिग्री, फिरोजपुर का 42.0 डिग्री, एसबीएस नगर का 39.9 डिग्री, गुरदासपुर का 42.0 डिग्री, होशियारपुर का 40.0 डिग्री और रूपनगर का 42.3 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं पंजाब के न्यूनतम तपमान में 0.3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। यह फिलहाल सामान्य के नजदीक बना है। सबसे कम 20.4 डिग्री का न्यूनतम पारा पठानकोट का दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 24.7 डिग्री, लुधियाना का 25.0 डिग्री, पटियाला का 26.0 डिग्री, बठिंडा का 20.3 डिग्री, फिरोजपुर का 22.7 डिग्री, होशियारपुर का 21.1 डिग्री और रूपनगर का 20.9 डिग्री दर्ज किया गया।  मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान में 19 मई से 22 मई तक लू चलने की चेतावनी दी गई है। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ाएंगी, वहीं रात के तापमान में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम दिखाई दे रही है। मौसम विभाग के स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 19 मई को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दिन दोपहर और शाम के समय तेज सतही हवाओं के साथ हीट वेव की स्थिति बनी रहेगी। विभाग ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि दोपहर के समय बिना जरूरत घर से बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। 20 मई को भी गर्मी से राहत मिलने के कोई संकेत नहीं हैं। इस दिन अधिकतम तापमान 44 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने दोपहर और शाम के समय हीट वेव जारी रहने की चेतावनी दी है। लगातार गर्म हवाएं चलने से लोगों को लू के थपेड़ों का सामना करना पड़ेगा। 21 मई को तापमान में मामूली गिरावट के बावजूद गर्मी का असर बरकरार रहेगा। अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। विभाग के मुताबिक इस दिन भी दोपहर और शाम के समय हीट वेव की स्थिति बनी रहेगी। आर्द्रता 50 प्रतिशत से 35 प्रतिशत तक रह सकती है, जिससे उमस भी लोगों की परेशानी बढ़ाएगी। 22 मई को भी हालात लगभग समान बने रहेंगे। मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जारी किया है। पूरे दिन गर्म हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि 23 मई से मौसम में कुछ बदलाव देखने को मिल सकता है और आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना जताई गई है। तेज हवाओं के कारण फिलहाल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है और स्थिति अभी गंभीर श्रेणी में नहीं पहुंची है। बावजूद इसके विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि लगातार पानी पीते रहें, धूप में निकलने से बचें और शरीर को हाइड्रेट रखें ताकि लू और डिहाइड्रेशन से बचाव किया जा सके।   

पेट्रोल पर लगी लिमिट, बाइक चालकों को मिल रहा सिर्फ 100-200 रुपये का तेल

 रांची  राजधानी रांची में पेट्रोल-डीजल की किल्लत लगातार गहराती जा रही है। शहर के 50 प्रतिशत से अधिक पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल उपलब्ध नहीं होने से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। जो पंप खुले हैं, वहां भी सीमित मात्रा में पेट्रोल दिया जा रहा है। कहीं बाइक चालकों को 100 रुपये का पेट्रोल मिल रहा है तो कहीं 200 रुपये तक ही तेल दिया जा रहा है। कोकर स्थित एक पेट्रोल पंप पर बाइक सवारों को केवल 100 रुपये का पेट्रोल दिया जा रहा है, जबकि सिरमटोली क्षेत्र के पंपों पर 200 रुपये तक की सीमा तय कर दी गई है। अधिकांश पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की भारी किल्लत ऐसे में लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बूटी मोड़ से कोकर तक 4 पेट्रोल पंप में से एक भी पेट्रोल पंप पर सोमवार को पेट्रोल नहीं मिला। स्थिति केवल शहर तक सीमित नहीं है। हाईवे और ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर भी पेट्रोल की भारी किल्लत बनी हुई है। ग्रामीण इलाकों के लोग अब पेट्रोल लेने के लिए शहर का रुख कर रहे हैं, जिससे शहर के पंपों पर और अधिक दबाव बढ़ गया है। इधर, प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद कुछ पेट्रोल पंपों पर डब्बा और गैलन में पेट्रोल-डीजल दिए जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। इससे जमाखोरी और कालाबाजारी की आशंका बढ़ गई है। नो हेलमेट, नो पेट्रोल नियम की उड़ रही धज्जियां वहीं “नो हेलमेट, नो पेट्रोल” नियम भी केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहा है। शहर के कई पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट पहने वाहन चालकों को भी खुलेआम पेट्रोल दिया जा रहा है। नियमों की अनदेखी को लेकर लोगों ने प्रशासन से सख्ती बढ़ाने की मांग की है।  

जब सरकार ने सुनी मिट्टी की पुकार, गोड़बहाल के गेट से फिर बह निकली उम्मीद की जल

जब सरकार ने सुनी मिट्टी की पुकार, गोड़बहाल के गेट से फिर बह निकली उम्मीद की जल *सुशासन तिहार—जहां शिकायतें फाइलों में नहीं, खेतों तक पहुंचकर होती  हैं समाधान * रायपुर  महासमुंद के पिथौरा विकासखंड के परसापाली गांव में शाम होते ही खेतों के किनारे बुजुर्ग किसान रामलाल यादव अक्सर गोड़बहाल जलाशय की तरफ टकटकी लगाकर देखते रहते थे।  सालों से यही जलाशय पोटापारा और परसापाली के खेतों की प्यास बुझाता आया था। पर इस बार बरसात से पहले ही उसका मुख्य गेट जर्जर होकर जवाब दे गया। गेट से पानी रिसता रहता, खेतों तक पानी पहुंचता ही नहीं। बीज पड़े रहे, मगर सिंचाई न होने से फसल का सपना अधूरा रह जाता। “साहब, बीज बो दिए, पर पानी नहीं पहुंचा तो सब मेहनत मिट्टी में मिल जाएगी,”— यही दर्द लेकर रामलाल और गांव के दर्जनों किसान सुशासन तिहार के समाधान शिविर में पहुंचे। मंच पर उनकी बात सुनी गई, कागजों में दर्ज हुई, और सबसे बड़ी बात—भूली नहीं गई। शिकायत सुनते ही कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने उसी वक्त जल संसाधन विभाग को निर्देश भेजे। अगली सुबह कार्यपालन अभियंता अजय खरे अपनी टीम के साथ गोड़बहाल पहुंचे। टूटे गेट को देखा, औजार मंगवाए और प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत शुरू कर दी। तीन दिन बाद जब गेट फिर से मजबूत होकर खड़ा हुआ, तो गांव में जैसे त्योहार जैसा माहौल हो गया। पानी का पहला प्रवाह जब नहरों में उतरा, तो खेतों की सूखी मिट्टी ने जैसे राहत की सांस ली। रामलाल की आंखें भर आईं।  “सालों से यही शिकायत करते आए, पर इस बार  मुख्य मंत्री श्री विष्णुदेव की सरकार सरकार ने सच में सुनी। सुशासन तिहार ने हमारी आवाज को सीधे अफसरों तक पहुंचा दिया। अब  गोड़बहाल से निकलने वाला पानी सिर्फ खेतों को नहीं सींच रहा, वो किसानों के भरोसे को भी सींच रहा है।  राज्य सरकार के लिए ये सिर्फ एक गेट की मरम्मत नहीं है। ये इस बात का सबूत है कि जब शासन ग्रामीणों की मांग को प्राथमिकता देता है, तो फसलों के साथ-साथ उम्मीदें भी फिर से लहलहा उठती हैं।

कोलियारी समाधान शिविर में दूर हुईं ग्रामीणों की समस्याएं

कोलियारी समाधान शिविर में दूर हुईं ग्रामीणों की समस्याएं ​ ​रायपुर           छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना “सुशासन तिहार 2026” के तहत जनपद पंचायत नारायणपुर के ग्राम कोलियारी में आयोजित समाधान शिविर सफल रहा। आम जनता की समस्याओं को उनके घर-द्वार पर ही सुलझाने के उद्देश्य से लगाए गए इस शिविर में प्रशासन द्वारा मौके पर ही कई आवेदनों का त्वरित निराकरण कर ग्रामीणों को बड़ी राहत दी गई।      ​गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा 1 मई से 10 जून 2026 तक प्रदेशभर में 'सुशासन तिहार' का व्यापक जन-समस्या निवारण अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य शासकीय सेवाओं को सीधे जनता तक पहुँचाना और उनकी शिकायतों का ऑन-स्पॉट समाधान सुनिश्चित करना है। ​विभिन्न विभागों को मिले 176 आवेदन, पंचायत विभाग अव्वल       ​कोलियारी के इस शिविर में विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 176 आवेदन दर्ज किए गए। आंकड़ों के लिहाज से सबसे अधिक 58 आवेदन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को प्राप्त हुए। इसके बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में 41, कृषि विभाग में 17 और विद्युत विभाग में 13 आवेदन जमा किए गए। ​इसी तरह ​ऊर्जा/क्रेडा के 9,पीएमई के 8, मत्स्य व परिवहन के  6-6, PMGSY (आरईएस) के 5,​जल संसाधन के 3,उद्योग, राजस्व व आदिम जाति कल्याण के 2-2,​महिला एवं बाल विकास, वन, शिक्षा व सहकारिता के 1-1 आवेदन प्राप्त हुए। ​स्वास्थ्य के लिए स्वेच्छानुदान और बुजुर्गों को डिजिटल राहत    ​शिविर में संवेदनशील पहल करते हुए गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 21 हितग्राहियों को 5-5 हजार रुपये कुल 1 लाख रुपये की स्वेच्छानुदान राशि का चेक प्रदान किया गया। इसके साथ ही डिजिटल कनेक्टिविटी को सुगम बनाते हुए खाद्य विभाग द्वारा मौके पर ही वरिष्ठ नागरिकों (सीनियर सिटीजन) का ई-केवाईसी (e-KYC) सफलतापूर्वक पूरा किया गया। ​खुशहाली की चाबी और 'गोद भराई' की रस्म     ​शिविर में न केवल समस्याओं का समाधान हुआ, बल्कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी सीधे तौर पर हितग्राहियों को सौंपा गया। जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में ​04 हितग्राहियों को उनके सपनों के 'प्रधानमंत्री आवास' की चाबियां सौंपी गईं। इसी तरह ​02 परिवारों को नए राशन कार्ड वितरण के साथ-साथ ​5 गर्भवती माताओं की पारंपरिक रूप से 'गोद भराई' की रस्म संपन्न कराई गई। ​एक ही छत के नीचे समाधान से खिले ग्रामीणों के चेहरे      ​दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे ग्रामीणों ने इस बात पर बेहद संतोष जताया कि उन्हें एक ही छत के नीचे सभी विभागों की सेवाएं और अधिकारी मिल गए, जिससे उनके समय और पैसे दोनों की बचत हुई। शिविर में उपस्थित अधिकारियों ने लोगों को शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की बारीकियों से अवगत कराया और उन्हें पात्रता अनुसार लाभ लेने की प्रक्रिया समझाई। ​इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के जिला व जनपद स्तर के आला अधिकारी-कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे।

करमाटांड़ में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, फर्जी सिम और साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा

 जामताड़ा झारखंड के जामताड़ा में साइबर अपराधियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह के प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया. छापेमारी दल ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के ग्राम बरमुंडी और अन्य स्थानों पर छापेमारी कर साइबर अपराध करते हुए चार अपराधियों को गिरफ्तार किया. वहीं अलग कार्रवाई में फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले एक अन्य आरोपी मुजाहिद अंसारी को कालाझरिया स्थित पेट्रोल पंप के पास से गिरफ्तार किया गया. इस मामले में क्रमशः साइबर अपराध थाना कांड संख्या 27/2026 एवं 28/2026 दर्ज किया गया है. दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता 2023, आईटी एक्ट तथा टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है. गिरफ्तार आरोपी रिजवान अंसारी, बसीर अंसारी, सकलैन अंसारी, सफाउद्दीन अंसारी शामिल हैं. ये सभी आरोपी करमाटांड़ थाना क्षेत्र के बरमुंडी गांव का है. वहीं मुजाहिद अंसारी कर्माटांड़ थाना क्षेत्र के मटटांड़ गांव का रहने वाला है. ऐसे करते थे साइबर ठगी एसपी ने बताया कि आरोपी गूगल से क्रेडिट और डेबिट कार्ड धारकों का मोबाइल नंबर निकालते थे. इसके बाद ग्राहकों को कॉल कर उनका बैंक खाता या कार्ड बंद होने की बात कहकर मोबाइल में स्क्रीन शेयरिंग ऐप इंस्टॉल करवाते थे. फिर कार्ड डिटेल और गोपनीय जानकारी हासिल कर साइबर ठगी की घटना को अंजाम देते थे. वहीं गिरफ्तार एक अन्य आरोपी मुजाहिद अंसारी फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराकर साइबर अपराधियों की मदद करता था. पहले भी दर्ज है मामला गिरफ्तार आरोपी रिजवान अंसारी पूर्व में भी साइबर अपराध थाना जामताड़ा में मामला दर्ज है. बताया कि प्रारंभिक जांच में साइबर अपराधियों का कार्यक्षेत्र महाराष्ट्र, गुजरात एवं पश्चिम बंगाल तक फैला होने की जानकारी मिली है. पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है. जप्त किए गए सामान     05 मोबाइल फोन     06 सिम कार्ड     03 एटीएम कार्ड     01 पैन कार्ड     01 आधार कार्ड     01 मोटरसाइकिल  

अमरनाथ यात्रा से पहले बड़ी राहत, यूपी-बिहार समेत कई राज्यों के यात्रियों को फायदा

लखनऊ यूपी-बिहार, उत्तराखंड से जम्मू, कटरा और अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर है। रावी नदी पर क्षतिग्रस्त हुए रेलवे पुल का मरम्मत कार्य रिकॉर्ड आठ माह में पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही करीब नौ महीने से रद चल रही जम्मू और कटरा रूट की ट्रेनों के दोबारा संचालन का रास्ता साफ हो गया है। 26 अगस्त 2025 को आई भीषण बाढ़ के चलते रावी नदी पर बने रेलवे पुल को भारी नुकसान पहुंचा था। पुल की स्थिति को देखते हुए रेलवे ने सुरक्षा कारणों से जम्मू और कटरा जाने वाली करीब 20 ट्रेनों का संचालन रोक दिया था। पुल की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर कराया गया। करीब आठ महीने तक लगातार चले निर्माण और तकनीकी परीक्षण के बाद पुल को पूरी तरह सुरक्षित घोषित कर दिया गया है। इसके बाद रेलवे ने चरणबद्ध तरीके से ट्रेनों के संचालन की तैयारी शुरू कर दी है। फिलहाल जम्मू और कटरा रूट की कई प्रमुख ट्रेनें अस्थायी रूप से रद चल रही हैं। ट्रेन संख्या 12207 काठगोदाम-जम्मूतवी एक्सप्रेस दो जून तक और 12208 जम्मूतवी-काठगोदाम एक्सप्रेस 31 मई तक निरस्त रहेगी। इसी तरह 14611 गाजीपुर सिटी-श्री माता वैष्णोदेवी कटरा एक्सप्रेस 29 मई तक तथा 14612 श्री माता वैष्णोदेवी कटरा-गाजीपुर सिटी एक्सप्रेस 28 मई तक रद है। वहीं, 22431 सबदरगंज-शहीद कैप्टन तुषार महाजन एक्सप्रेस 13 जून और 22432 शहीद कैप्टन तुषार महाजन-सबदरगंज एक्सप्रेस 14 जून तक निरस्त रहेगी। रेलवे सूत्रों का कहना है कि पुल की मरम्मत पूरी होने के बाद जल्द इन ट्रेनों का नियमित संचालन शुरू कर दिया जाएगा। ट्रेनों के दोबारा चलने से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार समेत कई राज्यों के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। गर्मी की छुट्टियों और आगामी अमरनाथ यात्रा को देखते हुए यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। इन ट्रेनों को किया गया था रद ट्रेन नंबर, ट्रेन नाम रद तिथि 12207 काठगोदाम – जम्मू तवी गरीब रथ एक्सप्रेस काठगोदाम (KGM) जम्मू तवी (JAT) 02-06-2026 12208 जम्मू तवी – काठगोदाम गरीब रथ एक्सप्रेस जम्मू तवी (JAT) काठगोदाम (KGM) 31-05-2026 12209 कानपुर सेंट्रल – काठगोदाम गरीब रथ एक्सप्रेस कानपुर सेंट्रल (CNB) काठगोदाम (KGM) 02-06-2026 12210 काठगोदाम – कानपुर सेंट्रल गरीब रथ एक्सप्रेस काठगोदाम (KGM) कानपुर सेंट्रल (CNB) 01-06-2026 12265 दिल्ली सराय रोहिल्ला – जम्मू तवी दुरंतो एक्सप्रेस दिल्ली सराय रोहिल्ला (DEE) जम्मू तवी (JAT) 14-06-2026 12266 जम्मू तवी – दिल्ली सराय रोहिल्ला दुरंतो एक्सप्रेस जम्मू तवी (JAT) दिल्ली सराय रोहिल्ला (DEE) 15-06-2026 14503 कालका – श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा एक्सप्रेस कालका (KLK) श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा (SVDK) 12-06-2026 14504 श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा – कालका एक्सप्रेस श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा (SVDK) कालका (KLK) 13-06-2026 14611 गाजीपुर सिटी – श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा एक्सप्रेस गाजीपुर सिटी (GCT) श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा (SVDK) 29-05-2026 14612 श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा – गाजीपुर सिटी एक्सप्रेस श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा (SVDK) गाजीपुर सिटी (GCT) 28-05-2026 19107 भावनगर टर्मिनस – उधमपुर जन्मभूमि एक्सप्रेस भावनगर टर्मिनस (BVC) उधमपुर / म्याड़ता (UHP/MCTM) 31-05-2026 19108 उधमपुर – भावनगर टर्मिनस जन्मभूमि एक्सप्रेस उधमपुर / म्याड़ता (MCTM/UHP) भावनगर टर्मिनस (BVC) 01-06-2026 22401 दिल्ली सराय रोहिल्ला – उधमपुर एसी एक्सप्रेस दिल्ली सराय रोहिल्ला (DEE) उधमपुर / म्याड़ता (UHP/MCTM) 13-06-2026 22402 उधमपुर – दिल्ली सराय रोहिल्ला एसी एक्सप्रेस उधमपुर / म्याड़ता (MCTM/UHP) दिल्ली सराय रोहिल्ला (DEE) 14-06-2026 22431 प्रयागराज – उधमपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस प्रयागराज जंक्शन (PRYJ) उधमपुर / म्याड़ता (UHP/MCTM) 13-06-2026 22432 उधमपुर – प्रयागराज सुपरफास्ट एक्सप्रेस उधमपुर / म्याड़ता (MCTM/UHP) प्रयागराज जंक्शन (PRYJ) 14-06-2026 22705 तिरुपति – जम्मू तवी हमसफर एक्सप्रेस तिरुपति (TPTY) जम्मू तवी (JAT) 26-05-2026 22706 जम्मू तवी – तिरुपति हमसफर एक्सप्रेस जम्मू तवी (JAT) तिरुपति (TPTY) 29-05-2026 26405* कामाख्या – वैष्णो देवी कटड़ा स्पेशल एक्सप्रेस कामाख्या (KYQ) श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा (SVDK) 15-06-2026 26406* वैष्णो देवी कटड़ा – कामाख्या स्पेशल एक्सप्रेस श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा (SVDK) कामाख्या (KYQ) 15-06-26