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प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश में चीता प्रोजेक्ट को मिली ऐतिहासिक सफलता का किया उल्लेख

वन्यजीव संरक्षण से प्रदेश में वन पर्यटन को मिलेगी नई दिशा और गति: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश में चीता प्रोजेक्ट को मिली ऐतिहासिक सफलता का किया उल्लेख मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी वन्यजीव सप्ताह-2026 की बधाई भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश में चीतों के सफल पुनर्स्थापन के लिए किए जा रहे सामूहिक प्रयासों की सराहना की गई है। प्रधानमंत्री मोदी से मिली यह सराहना हम सभी को नई ऊर्जा और उत्साह प्रदान करने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों और वन संरक्षण से जुड़े सभी मैदानी साथियों को एक अक्टूबर से प्रारंभ हुए वन्यजीव सप्ताह-2026 की बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को 'एक्स' पर कहा कि मध्यप्रदेश के लिए यह गौरव का विषय है कि 'प्रोजेक्ट चीता' की सफलता ने वन्यजीव संरक्षण के हमारे संकल्प को और भी मजबूत किया है। सच्चे अर्थों में हमारे वनकर्मियों, अधिकारियों, वैज्ञानिकों और स्थानीय समुदायों के समर्पित प्रयासों को इसका श्रेय जाता है। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर वन्यजीवों के सुरक्षित आवास और प्रकृति के संतुलन के संरक्षण में अपना योगदान दें। इससे वन्यजीव संरक्षण के साथ ही प्रदेश में वन पर्यटन को भी नई दिशा और गति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा वन्यजीव सप्ताह के संदर्भ में 30 सितम्बर को एक संदेश जारी किया गया है। इस संदेश में उन्होंने कहा है कि पिछले एक दशक में भारत ने वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रोजेक्ट चीता की सफलता इसका उल्लेखनीय उदाहरण है। इसके साथ ही, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, गैंडे, घड़ियाल, स्लॉथ बियर, नदी डॉल्फिन और हिम तेंदुए जैसी प्रजातियों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयास हमारे संरक्षण कार्यों के व्यापक होते दायरे का प्रमाण हैं। संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) के माध्यम से बिग कैट प्रजातियों के संरक्षण में वैश्विक सहयोग को आगे बढ़ाने में नेतृत्वकारी भूमिका निभा रहा है। यह मंच बाघ, शेर, तेंदुआ और जगुआर जैसी प्रमुख बिग कैट प्रजातियों के संरक्षण से जुड़े हमारे अनुभवों को अन्य देशों के साथ साझा करने और उनसे सीखने का अवसर प्रदान करता है। वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन और प्रकृति के संतुलन के लिए उनके आवासों का आपस में जुड़ा होना आवश्यक है। केन्द्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर वन्यजीव कॉरिडोरों की पहचान और उनके संरक्षण पर निरंतर कार्य कर रही है। हमारी संरक्षण यात्रा को अग्रिम पंक्ति के वनकर्मियों, वैज्ञानिकों और संरक्षणकर्मियों के समर्पण तथा स्थानीय समुदायों की अमूल्य भागीदारी से शक्ति मिलती है। वन्यजीवों के संरक्षण के साथ मानव और वन्यजीवों के बीच सह-अस्तित्व भी आवश्यक है। इस दिशा में समय पर सूचना और त्वरित प्रतिक्रिया, बेहतर निगरानी, वैज्ञानिक प्रबंधन, स्थानीय स्तर पर जागरूकता और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में देशवासियों से अपील की है कि सरकार के प्रयासों के साथ-साथ हम सभी अपने-अपने स्तर पर वन्यजीवों और उनके आवासों की रक्षा में योगदान दें। जब जंगल और वन्यजीव सुरक्षित रहेंगे, तो प्रकृति का संतुलन भी बना रहेगा। यही हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे मूल्यवान विरासत होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी सभी से वन्यजीवों के संरक्षण में सहयोग देने का आहवान किया है।  

अखिलेश ने तिजोरी भरने के लिए बनाया था एक्सप्रेसवे: चौधरी भूपेंद्र सिंह

अखिलेश के खिलाफ मंत्रियों ने खोला मोर्चा, चौधरी भूपेंद्र सिंह और राजभर ने गिनाए पुराने कारनामे अखिलेश ने तिजोरी भरने के लिए बनाया था एक्सप्रेसवे: चौधरी भूपेंद्र सिंह सपा राज में पत्रकार को जिंदा जलाया गया था, अखिलेश पर चौधरी भूपेंद्र का तीखा प्रहार पीडीए मतलब परिवार, दौलतमंद और अपराधी: ओम प्रकाश राजभर ‘लोकतंत्र की देते हैं दुहाई और इमरजेंसी वाली कांग्रेस से करते हैं गलबहियां’: भूपेंद्र और राजभर लखनऊ,   समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान, लोकतंत्र की रक्षा, एक्सप्रेसवे निर्माण और पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर दिए गए बयानों पर उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह और ओम प्रकाश राजभर ने कड़ा पलटवार किया है। दोनों नेताओं ने अखिलेश यादव के बयानों को उनके पुराने राजनीतिक फैसलों और सपा सरकार के कार्यकाल की याद दिलाते हुए आड़े हाथ लिया। लोकतंत्र की दुहाई पर चौधरी भूपेंद्र सिंह का निशाना चौधरी भूपेंद्र सिंह ने अखिलेश यादव द्वारा लोकतंत्र सेनानियों को 51 हजार सम्मान राशि देने के ऐलान पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र की बात करने वालों को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। उन्होंने कहा कि अखिलेश एक तरफ इमरजेंसी का रोना रोते हैं, वहीं दूसरी तरफ उसी कांग्रेस के साथ गलबहियां कर चुनाव लड़ रहे हैं, जिसने देश पर तानाशाही थोपकर इमरजेंसी लगाने का ऐतिहासिक पाप किया था। एक्सप्रेसवे के मुद्दे पर घेरा अखिलेश यादव के एक्सप्रेसवे संबंधी दावों पर चौधरी भूपेंद्र सिंह ने सपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि सपा कार्यकाल के दौरान सड़क और एक्सप्रेसवे निर्माण में हुई संगठित लूट जगजाहिर है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश के कार्यकाल में केवल एक एक्सप्रेसवे बना, जिसमें भारी भ्रष्टाचार हुआ। निजी और पारिवारिक तिजोरी भरने के लिए एक्सप्रेसवे का रूट जानबूझकर बदला गया था, और सपा इस खुली धांधली से मुंह नहीं मोड़ सकती। 'सपा राज में पत्रकार को जिंदा जलाया गया था' पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा के दावों पर पलटवार करते हुए चौधरी भूपेंद्र सिंह ने शाहजहांपुर में पत्रकार को जिंदा जलाए जाने की घटना याद दिलाई। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में एक मंत्री के खिलाफ स्टोरी करने पर पत्रकार को जिंदा जला दिया गया और बाद में अस्पताल में भी उसकी जान लेने की कोशिश हुई। उन्होंने आगे कहा कि जब अखिलेश यादव को प्रेस वार्ता में किसी पत्रकार का सवाल पसंद नहीं आता, तो वे उसकी जाति पूछने लगते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पत्रकारों को धमकाने, सपा कार्यकर्ताओं द्वारा मारपीट करने और 'मुर्दाबाद' के उस मामले में अखिलेश की मौजूदगी और उनके इशारे पर पत्रकारों से बर्बरता की गई थी। राजभर बोले- अखिलेश की किसी बात का भरोसा नहीं कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव की राजनीतिक विश्वसनीयता पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2017 में कांग्रेस के साथ गठबंधन की विफलता के बाद खुद अखिलेश ने इसे अपनी 'सबसे बड़ी भूल' करार दिया था। इसके बाद मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में जाकर जनता से कांग्रेस को वोट न देने की अपील की और उसे धोखेबाज बताया। राजभर ने उत्तराखंड उपचुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां सपा के 2,200 वोट काटने की वजह से ही कांग्रेस मामूली अंतर से हारी थी। इमरजेंसी के इतिहास पर राजभर का वार इमरजेंसी का जिक्र करते हुए ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि रायबरेली से राज नारायण के चुनाव मामले में अदालत द्वारा इंदिरा गांधी को 6 साल के लिए अयोग्य ठहराए जाने के बाद कांग्रेस ने देश में इमरजेंसी थोपी थी। लाखों नेताओं, कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को सलाखों के पीछे डाला गया। राजभर ने सवाल उठाया कि उसी कांग्रेस के साथ खड़े होकर अखिलेश किस मुंह से लोकतंत्र सेनानियों को पेंशन और सम्मान देने की बात कर रहे हैं। PDA मतलब परिवार, दौलतमंद और अपराधी अखिलेश के 'पीडीए' (PDA) फार्मूले की धज्जियां उड़ाते हुए राजभर ने कहा कि इनके PDA का असली अर्थ है- 'P' से परिवार, 'D' से धनी राम यानी दौलतमंद, और 'A' से अपराधी। राजभर ने सवाल उठाया कि जिन निष्ठावान कार्यकर्ताओं ने खून-पसीना बहाकर, लाठियां खाकर सपा को सींचा, उनके हक को दरकिनार कर केवल धनकुबेरों और अपराधियों को तरजीह दी जा रही है। मुस्लिम व अन्य वर्गों के प्रतिनिधित्व पर सवाल राजभर ने सपा के भीतर मुस्लिम प्रतिनिधित्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुसलमानों के एकतरफा वोट से सपा विधायक जीतते हैं, लेकिन जब राज्यसभा भेजने की बात आती है तो मुसलमानों को नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्हें केवल वोट बैंक और गुलाम बनाकर रखा गया है। उन्होंने यह भी पूछा कि PDA में पंडित और सामान्य वर्ग की हिस्सेदारी कहां है? एक बार किसी को भेजा गया, उसके बाद उन्हें भी दरकिनार कर दिया गया। डिंपल यादव के निर्विरोध चुनाव पर उठाए सवाल राजभर ने डिंपल यादव के पूर्व में हुए निर्विरोध चुनाव का उल्लेख करते हुए गंभीर आरोप लगाया कि उस समय विरोधी प्रत्याशियों को कथित तौर पर अगवा कर जबरन पर्चे वापस कराए गए थे। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का सरोकार न तो पिछड़ों से है, न दलितों से, न मुसलमानों से और न ही सामान्य वर्ग से, उनकी राजनीति केवल परिवार और निजी स्वार्थ तक सीमित है।

लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी ने वीर पुलिसकर्मियों को विभिन्न वीरता पदकों से किया सम्मानित

वीरता पदक पाकर बोले पुलिसकर्मी- अत्याधुनिक संसाधनों से मजबूत हुई पुलिसिंग, जनता में बढ़ा सुरक्षा का भरोसा लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी ने वीर पुलिसकर्मियों को विभिन्न वीरता पदकों से किया सम्मानित अशोक कुमार मीणा को गैलेंट्री मेडल, अमित श्रीवास्तव को राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री वीरता पदक कुलदीप कुमार बोले- तकनीक के इस्तेमाल से बदली पुलिसिंग, जीरो टॉलरेंस नीति का दिख रहा असर घनश्याम यादव ने मुख्यमंत्री के हाथों पदक मिलने को बताया गौरव का क्षण लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में वीर पुलिसकर्मियों को विभिन्न वीरता पदकों से सम्मानित किया। पदक प्राप्त करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने इसे अपने और परिवार के लिए गौरव का क्षण बताया। पुलिसकर्मियों ने एक स्वर में कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश की पुलिसिंग में व्यापक बदलाव आया है और अत्याधुनिक संसाधनों व तकनीक के इस्तेमाल से पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ी है। अपराधियों में पुलिस का डर बढ़ा हरदोई के पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा को गैलेंट्री मेडल से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गर्व का पल है। पुलिसिंग में काफी बदलाव आया है और अपराधियों में पुलिस का डर बढ़ा है। ऋतुल कुमार वर्मा को राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया गया है।  उन्होंने कहा कि करीब 15-16 वर्षों की सेवा में उन्होंने पुलिसिंग का बदलता स्वरूप देखा है और वर्तमान में पहले से बेहतर माहौल है। मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान मिलना गौरव की बात एसटीएफ वाराणसी यूनिट के इंस्पेक्टर अमित श्रीवास्तव को राष्ट्रपति वीरता पदक और मुख्यमंत्री वीरता पदक से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि सम्मान उनके और परिवार के लिए खुशी का क्षण है। पुलिस को कार्य करने की स्वतंत्रता मिलने और प्रभावी कार्रवाई का परिणाम है कि अपराध में कमी आई है और अपराधियों में भय का माहौल बना है। इसी क्रम में संभल में सीओ के पद पर तैनात कुलदीप कुमार को राष्ट्रपति वीरता पदक मिला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान मिलना गौरव की बात है। पुलिस ने समय के साथ खुद को बदला है और तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा है।  आज यूपी पुलिस देश में नंबर वन कुलदीप कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री जी की जीरो टॉलरेंस नीति का नतीजा है कि यूपी पुलिस आज देश की नंबर वन पुलिस है। एसटीएफ मुख्यालय लखनऊ के इंस्पेक्टर घनश्याम यादव को मुख्यमंत्री वीरता पदक से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि जिन मुख्यमंत्री को अब तक टीवी और अखबारों में देखते थे, उनके हाथों से पदक मिलना उनके लिए बेहद गर्व का क्षण है। एसटीएफ में तैनात अंगद सिंह यादव को गैलेंट्री पदक मिला। उन्होंने कहा कि अच्छे कार्य के लिए मिला यह सम्मान उनके और परिवार के लिए गर्व का विषय है। जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पुलिस अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।  पुलिस की कार्रवाई से अपराधियों में डर मुख्यमंत्री वीरता पदक से सम्मानित धर्मेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई से अपराधियों में डर और जनता में सुरक्षा की भावना बढ़ी है। पुलिस सुधारों पर भी काम हो रहा है और पुलिसकर्मियों की आवास समेत मूलभूत सुविधाओं में सुधार किया गया है। उपनिरीक्षक अजय वर्मा को मुख्यमंत्री वीरता पदक से सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक संसाधनों के आने से पुलिसिंग बेहतर हुई है और पुलिसकर्मी अधिक प्रभावी ढंग से अपना कार्य कर पा रहे हैं।

बारिश के बाद पानी की सुरक्षा पर जोर, धमतरी में 3,110 जल बहिनियां मैदान में

जल जीवन मिशन से 'सुरक्षित छत्तीसगढ़'  धमतरी में बारिश के बाद पेयजल सुरक्षा का महाअभियान, 3,110 जल बहिनियां संभाल रहीं मोर्चा ​रायपुर       मानसून के अंतिम दौर में भारी बारिश के बाद जलजनित बीमारियों के खतरे को देखते हुए धमतरी जिले में पेयजल स्रोतों की स्वच्छता और गुणवत्ता की निगरानी के लिए व्यापक अभियान शुरू किया गया है। 'स्रोत से घर तक सुरक्षित पानी और हर बूंद में भरोसा' के संकल्प के साथ जिला प्रशासन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) जल जीवन मिशन के तहत पानी की शुद्धता, क्लोरीनेशन और टंकियों की नियमित सफाई सुनिश्चित कर रहे हैं।        ​कलेक्टर के निर्देशानुसार संचालित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बारिश के बाद जलभराव के कारण होने वाली बीमारियों जैसे डायरिया, हैजा, टाइफाइड और हेपेटाइटिस-ए व ई की रोकथाम करना है। ​ग्रामीण जल सुरक्षा का मजबूत ढांचा        धमतरी जिले में सुरक्षित जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक विशाल और सुदृढ़ अधोसंरचना निरंतर कार्यरत है। जिले में पेयजल के लिए कुल 16,024 स्रोत उपलब्ध हैं, जिनमें 9,981 हैंडपंप, 718 नल-जल योजनाएं और 2 वृहद समूह जल प्रदाय योजनाएं शामिल हैं, जो दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक पानी पहुंचा रही हैं। पानी के सुरक्षित भंडारण के लिए जिले भर में 548 जल टंकियां बनाई गई हैं। इसके साथ ही, जलापूर्ति को पूरी तरह कीटाणुरहित और सुरक्षित बनाने के लिए 529 आधुनिक क्लोरिनेटर मशीनें स्थापित की गई हैं, जो नमक और पानी के घोल से इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया द्वारा सक्रिय क्लोरीन तैयार कर पानी को सूक्ष्मजीवों और हानिकारक जीवाणुओं से मुक्त रखती हैं। ​3,110 'जल बहिनियां' बनीं गांव-गांव की पहरेदार       ​पेयजल की गुणवत्ता जांच में जनभागीदारी का अनूठा मॉडल प्रस्तुत करते हुए जिले के 623 गांवों में फील्ड टेस्ट किट (FTK) वितरित की गई है। प्रत्येक गांव से 5-5 महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया है। इस प्रकार 3,110 प्रशिक्षित 'जल बहिनियां' प्राथमिक स्तर पर पानी की नियमित जांच कर रही हैं। यदि जांच में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो विभागीय अमला तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई करता है। ​हर सप्ताह 120 घरों और 15 टंकियों के पानी का लैब टेस्ट       ​जांच व्यवस्था को केवल जलस्रोत तक सीमित न रखते हुए उपभोक्ता के घर तक विस्तारित किया गया है। जिले के चारों विकासखंडों—कुरूद, मगरलोड, धमतरी और नगरी से हर सप्ताह 30-30 यानी कुल 120 घरेलू जल नमूनों का प्रयोगशाला परीक्षण कराया जा रहा है। इसके अलावा हर हफ्ते 15 जल टंकियों की भी विशेष निगरानी की जा रही है। ​       ​जिला प्रशासन एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने नागरिकों से पेयजल स्रोतों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है। पानी के रंग, गंध या स्वाद में किसी भी तरह का असामान्य बदलाव दिखने पर तुरंत ग्राम पंचायत या PHE विभाग को सूचित करने का आग्रह किया गया है, ताकि समय रहते त्वरित कार्रवाई की जा सके।

MSP पर धान-ज्वार-बाजरा खरीदी के लिए 1 लाख से ज्यादा किसानों ने कराया पंजीयन

समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिये एक लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन : मंत्री राजपूत 10 अक्टूबर तक होगा पंजीयन भोपाल खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिये पंजीयन प्रक्रिया जारी है। अभी तक एक लाख से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है। किसान 10 अक्टूबर तक पंजीयन करा सकते हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से आग्रह किया है कि निर्धारित समय में पंजीयन करा लें, जिससे किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो। उन्होंने बताया है कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। प्रदेश में 1100 से अधिक पंजीयन केन्द्र बनाये गये हैं। जबलपुर संभाग में 5 लाख 40 हजार 79, नर्मदापुरम में 9 हजार 436, भोपाल में 4 हजार 244, रीवा में 26 हजार 730, शहडोल में 9 हजार 710 और सागर संभाग में 4 हजार 766 किसानों ने पंजीयन कराया है। पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत एवं तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर की गई है। पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। प्रति पंजीयन के लिये 50 रूपये से अधिक शुल्क नहीं लिया जाएगा। किसान पंजीयन के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज़ एवं किसान के आधार कार्ड एवं अन्य फोटो पहचान पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकार्ड रखा जाना अनिवार्य होगा। सिकमी/बटाईदार/कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन सहकारी संस्था ‌द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों पर उपलब्ध होगी। इस श्रेणी के शत-प्रतिशत किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा। उपार्जित फसल के भुगतान के लिये बैंक खाता किसान द्वारा समर्थन मूल्य पर विक्रय उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान करने में किसी कारण से समस्या उत्पन्न होने पर किसान ‌द्वारा पंजीयन में उपलब्ध कराये गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा। किसान पंजीयन के समय किसान को बैंक खाता नंबर और IFSC कोड की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। अक्रियाशील बैंक खाते, संयुक्त बैंक खाते एवं फिनो, एयरटेल, पेटीएम, बैंक खाते पंजीयन में मान्य नहीं होंगे। पंजीयन व्यवस्था में बेहतर सेवा प्राप्त करने के लिए यह जरूरी होगा कि किसान अपने आधार नंबर से बैंक खाता और मोबाईल नंबर को लिंक कराकर उसे अपडेट रखें। सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि जिला और तहसील स्तर पर स्थापित आधार पंजीयन केन्द्रों को क्रियाशील रखा जाए जिससे किसान वहां जाकर आसानी से अपना मोबाईल नंबर एवं बायोमेट्रिक अपडेट करा सके।  इस कार्य के लिए पोस्ट ऑफिस में संचालित आधार सुविधा केन्द्र का भी उपयोग किया जा सकता है। आधार नंबर से बैंक खाता लिंक कराने के लिए बैंकों के साथ भी समन्वय आवश्यक होगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते के सत्यापन के लिये पंजीयन के दौरान ही एक रूपये का ट्रांजेक्शन मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन/जेआईटी पोर्टल के माध्यम से कराया जाएगा। आधार नंबर का वेरिफिकेशन पंजीयन कराने और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। वेरीफिकेशन आधार नंबर से लिंक मोबाईल नंबर पर प्राप्त ओटीपी से या बायोमेट्रिक डिवाईस से किया जा सकेगा। किसान का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा जबकि किसान के भू-अभिलेख के खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। भू-अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा। सत्यापन होने की स्थिति में ही उक्त पंजीयन मान्य होगा। किसानों को करें एसएमएस विगत रबी एवं खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस से सूचित करने के निर्देश दिये गये हैं। गांव में डोडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने तथा समिति/ मंडी स्तर पर बैनर लगवाने के निर्देश भी दिये गये हैं। किसान पंजीयन की सभी प्रक्रियाएँ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये हैं।  

हरियाणा के पर्यटन स्थलों का होगा कायाकल्प, PDP मॉडल पर बनेगा प्लान

चंडीगढ़. दिल्ली-एनसीआर के 428 करोड़ घरेलू पर्यटन बाजार पर हरियाणा की नजर टिकी हुई है। हरियाणा सरकार प्रदेश को देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में स्थापित करने के लिए चुनिंदा पर्यटन स्थलों और परिसरों को पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर विकसित करेगी। निजी निवेश, तकनीक और विशेषज्ञता के जरिए इन स्थलों पर बेहतर आवास, खान-पान, मनरंजन, आयोजन और साहसिक गतिविधियों जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सरकार की प्राथमिकता पर्यटन विकास के साथ प्रदेश की प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखना है। पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने नई दिल्ली में आयोजित एसोचैम स्वरा राष्ट्रीय पर्यटन सम्मेलन में हरियाणा के पर्यटन विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश पर्यटन को निवेश, रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और विरासत संरक्षण से जोड़कर आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने होटल समूहों, टूर आपरेटरों, स्टार्टअप, तकनीकी कंपनियों और स्थानीय उद्यमियों से पर्यटन क्षेत्र में निवेश और भागीदारी का आह्वान किया।

सुखबीर बादल से AAP ने पूछा सवाल, बहरीन से बीवी लाने और गाड़ी देने का मामला

चंडीगढ़. आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के जनरल सेक्रेटरी और मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने शिरोमणि अकाली दल (बादल) के नेताओं सुखबीर सिंह बादल, हरसिमरत कौर बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया पर निशाना साधा है. उन्होंने इसी के साथ शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी की श्री आनंदपुर साहिब में एसजीपीसी की सराय में रह रही एक बहरीन की महिला के आरोपों पर लगातार चुप्पी पर भी सवाल उठाया. बलतेज पन्नू ने कहा कि वह इस मामले पर पहले ही करीब चार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुके हैं, लेकिन सिख समुदाय के उठाए गए सवालों का अभी तक जवाब नहीं मिला है. बलतेज पन्नू ने कहा, “हरसिमरत कौर बादल महिलाओं के मुद्दों पर प्रोग्राम और रैलियों में हिस्सा ले रही हैं, लेकिन एक महिला के महीनों तक एसजीपीसी की साड़ी में रहने से जुड़े आरोपों पर पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं. वह इन सवालों का जवाब क्यों नहीं दे रही हैं? जब एक महिला के साथ हुए बर्ताव और एसजीपीसी के रिसोर्स के इस्तेमाल पर सवाल उठ रहे हैं, तो चुप्पी क्यों है?” इन सवालों का जवाब कब देंगे? हरजिंदर सिंह धामी पर सवाल उठाते हुए बलतेज पन्नू ने कहा, “धामी साहब ने मीडिया का सामना करने के बजाय एक वीडियो भी जारी किया है. आज जब पटियाला में मीडिया ने उनसे सवाल पूछे तो उन्होंने फिर कहा कि वह इस मामले पर कुछ नहीं कहेंगे क्योंकि वह वहां किसी और काम से आए थे. हरजिंदर सिंह धामी कब प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और इन सवालों का जवाब देंगे?” आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज ने कहा, “यह कोई साधारण राजनीतिक विवाद नहीं है. एक एसजीपीसी संगठन, एसजीपीसी के रिसोर्स और जिस तरह से एक महिला को महीनों तक वहां रखा गया, उस पर सवाल उठाए जा रहे हैं. सिख समुदाय को सवाल पूछने और साफ जवाब पाने का पूरा हक है.” उन्होंने कहा, “महिला ने कहा है कि उसने हरजिंदर सिंह धामी और सुखबीर सिंह बादल को सब कुछ बता दिया था. क्या यह कमेटी हरजिंदर सिंह धामी से पूछताछ करेगी? क्या यह सुखबीर सिंह बादल से पूछताछ करेगी? क्या यह जांच करेगी कि उन्हें क्या पता था, उन्हें कब पता चला और क्या कार्रवाई की गई?” रिपोर्ट देने के लिए 15 दिन का समय दिया आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज ने कहा, “अगर एसजीपीसी सच में बिना किसी भेदभाव के जांच चाहती है, तो यह काम अनुभवी लोगों को देना चाहिए. किसी रिटायर्ड सिख जज या रिटायर्ड सीनियर पुलिस अधिकारी से जांच करने को कहा जा सकता था. ये जूनियर मेंबर न तो कानून के माहिर हैं और न ही प्रशासन के. बिना किसी स्वतंत्र और अनुभवी जांच के, सीनियर लोगों से जुड़े मामले में सही जांच कैसे हो सकती है?” बलतेज पन्नू ने कहा कि एसजीपीसी ने जांच कमेटी को अपनी रिपोर्ट देने के लिए 15 दिन का समय दिया है, लेकिन सवाल उठाया कि क्या यह कदम सिर्फ मामले को ठंडे बस्ते में डालने के लिए उठाया गया है. उन्होंने कहा कि एसजीपीसी ने कमेटी को 15 दिन का समय दिया है. क्या यह सोचा जा रहा है कि 10 या 15 दिन बाद मामला पीछे छूट जाएगा और लोग इसे भूल जाएंगे? लोग इस मुद्दे को नहीं भूलेंगे. पूरी दुनिया में सिख समुदाय इस बारे में बात कर रहा है और पंजाबी मीडिया चैनलों द्वार भी इस मुद्दे पर चर्चा की जा रही हैं. “15 दिन बाद भी सवाल कायम रहेंगे. 10 दिन बाद भी रहेंगे और 10 महीने बाद भी रहेंगे जब तक सही जवाब नहीं मिल जाते. ₹1 लाख एक बहरीन की महिला के अकाउंट में ट्रांसफर बलतेज पन्नू ने मामले में नया खुलासा करते हुए कहा, 23 जुलाई, 2026 को पंजाब नेशनल बैंक में एसजीपीसी सेक्रेटरी के नाम पर खोले गए अकाउंट से ₹1 लाख एक बहरीन की महिला के अकाउंट में ट्रांसफर किए गए थे. यह ₹1 लाख क्यों ट्रांसफर किए गए? यह किस मकसद से दिए गए थे? इस पेमेंट को किसने मंज़ूरी दी? यह पैसा किस हेड में ट्रांसफर किया गया? एसजीपीसी को इन सवालों के जवाब देने चाहिए.”बलतेज पन्नू ने पूछा, “क्या इससे बड़ा कोई सबूत हो सकता है? एफआईआर खुद एक बड़ा सबूत थी, लेकिन किसी ने उन सवालों के जवाब नहीं दिए. अब यह एसजीपीसी के अकाउंट से उस महिला के अकाउंट में ट्रांसफर है जिसने आरोप लगाया था. यह ₹1 लाख क्यों ट्रांसफर किए गए? यह किस मकसद के लिए दिए गए थे?” बलतेज पन्नू ने कहा, “यह सिर्फ़ एक ट्रांसफर है. बाकी पेमेंट का क्या? कैश खर्च का क्या? उसके रहने, खाने, घूमने और दूसरी सुविधाओं पर हुए खर्च का क्या? गाड़ी एसजीपीसी ने दी थी, उसका फ्यूल एसजीपीसी ने दिया था, ड्राइवर को एसजीपीसी ने दिया था और सेवादार एसजीपीसी के कर्मचारी थे. इसके अलावा, अगर उसे पर्सनल खर्च के लिए भी पैसे दिए जा रहे थे, तो उन आठ महीनों के पूरे खर्च का हिसाब दिया जाना चाहिए.” दुनिया भर की सिख कम्युनिटी का योगदान बलतेज पन्नू ने कहा, “ये संस्थाएं कुर्बानियों से बनी हैं. दुनिया भर की सिख कम्युनिटी इनमें अपना योगदान देती है. वे इसलिए योगदान नहीं देते कि आप एक महिला को एसजीपीसी सराय में ले आएं, उसे आठ महीने तक वहां रखें, उसे परेशान करें और कम्युनिटी को कोई यह भी न बताए कि उसे वहां क्यों और किस मकसद से रखा गया था. सिख कम्युनिटी को यह जानने का हक है कि उसकी संस्थाएं कैसे चल रही हैं. उसे यह जानने का हक है कि उसका पैसा कैसे खर्च हो रहा है. किसी को भी कम्युनिटी के योगदान को पर्सनल या राजनीतिक रिसोर्स के तौर पर इस्तेमाल करने का हक नहीं है.” बलतेज पन्नू ने सवाल किया, “11 साल से एसजीपीसी के चुनाव क्यों नहीं हुए? सिख संगत को अपने प्रतिनिधि चुनने से क्यों दूर रखा जा रहा है? ये वो सवाल हैं जो सिख संगत और सिख बुद्धिजीवियों को पूछने चाहिए,”

अमित जोगी का नया अंदाज, राजनीति के बाद अब सिंगिंग में आजमा रहे हाथ

रायपुर. जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी) प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी इन दिनों सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं क्योंकि जल्द ही उनका एक गाना रिलीज होने जा रहा है। उन्होंने इससे जुड़ी झलक शेयर की है, जिसमें वह कौअे की आवाज निकालते हुए नजर आ रहे हैं। अमित जोगी ने अपने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी है। उन्होने अपने फेसबुक पर लिखा कि एक शॉर्ट फिल्म लॉन्च करने गया था… और वहाँ पहुँचकर खुद एक गीत रिकॉर्ड कर बैठा! Gaurav R Music में हुई इस recording session की ये छोटी-सी झलक। कुछ बातें शब्दों में नहीं कही जातीं… उन्हें बस गा दिया जाता है। पूरा गीत आ रहा है गांधी जयंती पर। तब तक… ज्ञात होकि छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे और जेसीसीजे अध्यक्ष अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के सरेंडर करने और उम्र कैद के फैसले पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अमित जोगी को फिलहाल सरेंडर करने की जरूरत नहीं होगी। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 2 अप्रैल 2026 को वर्ष 2007 में दिए गए निचली अदालत का फैसला पलटते हुए जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी को धारा 302 और 120-बी के तहत हत्या की साजिश का दोषी करार दिया था और उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हाई कोर्ट ने जोगी को तीन हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का आदेश भी दिया था, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल स्थगित कर दिया है। बता दें कि 4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हाई-प्रोफाइल मामले में 2007 में रायपुर की विशेष अदालत ने अमित जोगी को बरी कर दिया था, लेकिन रामावतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।

CM डॉ. यादव ने PM मोदी से की मुलाकात, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए किया आमंत्रित

प्रधानमंत्री मोदी से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की आत्मीय भेंट ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए किया आमंत्रित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आत्मीय भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। प्रधानमंत्री मोदी को मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में जारी विकास कार्यों, जनकल्याणकारी पहलों, उपलब्धियों, निवेश और प्रदेश की प्रगति से जुड़े विभिन्न विषयों की जानकारी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2027 में मध्यप्रदेश में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए प्रधानमंत्री मोदी को आमंत्रित किया। उन्होंने प्रदेश में निवेश के लिए तैयार किए जा रहे अनुकूल वातावरण, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में प्रारंभ की गई ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के संबंध में भी प्रधानमंत्री मोदी को अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 17 सितंबर से प्रदेश में संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत प्रदेशभर में आयोजित की जा रही विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों की जानकारी भी प्रधानमंत्री मोदी को दी। उन्होंने अभियान के माध्यम से जनभागीदारी, सेवा और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न आयोजनों के बारे में अवगत कराया।  

CM डॉ. यादव ने दिए आदर्श गौशाला जल्द तैयार करने के निर्देश, विभागीय योजनाओं पर चर्चा

भोपाल में आदर्श गौ शाला स्थापित करने के कार्य को शीघ्र पूर्ण करें: मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभागों की योजनाओं पर हुई चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं पर चर्चा की। इन विभागों में नगरीय विकास एवं आवास, खनिज, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को हुई बैठक में विभागों के अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति और कार्यों की जानकारी प्राप्त की और जरूरी दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नगरीय विकास और आवास विभाग द्वारा प्रदेश के नगरों के साथ ही राजधानी भोपाल के विकास में नए आयाम जोड़े जाएं। ग्वालियर, इंदौर और उज्जैन में बड़ी आदर्श गौशालाओं के संचालन में सफलता मिली है। इसी तरह भोपाल में इस मॉडल पर आदर्श गौ-शाला स्थापित करने के कार्य को गति प्रदान करते हुए अच्छे परिणाम प्राप्त करने के प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंगरौली को आदर्श जिला बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाज के प्रतिष्ठित नागरिकों से भी चर्चा की जाए। नई टाउनशिप विकसित होने से आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी और सभी वर्ग लाभान्वित होंगे। खनिज विभाग के अधिकारियों ने सिंगरौली जिले में माइनिंग सेक्टर की नई संभावनाओं और भविष्य में जिले के समग्र विकास की रूपरेखा प्रस्तुत की। बैठक में बताया गया कि सिंगरौली में अधोसंरचना विकास के कार्य हो रहे हैं। सिंगरौली विकास प्राधिकरण की गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है। निजी क्षेत्र में आईटी पार्क स्थापना को प्रोत्साहित करें सूचना प्रौद्योगिकी विभाग से संबंधित चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि निजी क्षेत्र में भी आईटी पार्क स्थापना को प्रोत्साहित किया जाए। जबलपुर के उद्यमी सेमीकंडक्टर क्षेत्र में कार्य के इच्छुक हैं। इस नाते उन्हें मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया जाए। इसके अलावा टेक्नीकल यूनिवर्सिटी को एक महत्वपूर्ण कौशल विकास केंद्र की पहचान देने के प्रयास किए जाएं। बैठक में बताया गया कि मध्यप्रदेश जल जीवन मिशन के कार्यों में अग्रणी है। प्रदेश के 83 लाख से अधिक परिवारों को नल से जल मिल रहा है। गत दो वर्ष में इस कार्य में अच्छी सफलता मिली है। प्रदेश की 38 हजार 403 जल प्रदाय संरचनाओं को जियो टैग किया गया है।