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मुख्यमंत्री ने नालंदा परिसर निर्माण कार्य का लिया जायजा, कार्य की गुणवत्ता और गति पर दिया जोर

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज बलरामपुर जिला मुख्यालय में 4 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन नालंदा परिसर का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए, क्योंकि यह परिसर जिले के विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने परिसर में उपयोग की जा रही निर्माण सामग्री, कार्य की प्रगति तथा प्रस्तावित सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और गुणवत्ता के सभी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी प्रभावी ढंग से कर सकें। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नालंदा परिसर में आधुनिक ई-लाइब्रेरी, प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकें, समृद्ध अध्ययन सामग्री एवं पत्र-पत्रिकाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे युवाओं को एक समग्र और अनुकूल अध्ययन वातावरण मिल सकेगा। उन्होंने निर्देशित किया कि कार्य में तेजी लाते हुए परिसर को शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि जिले के विद्यार्थियों को इसका लाभ जल्द से जल्द मिल सके। उन्होंने निरीक्षण के दौरान परिसर में प्रस्तावित अन्य सुविधाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए और कहा कि नालंदा परिसर राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके तहत युवाओं को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।  मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह परिसर जिले के विद्यार्थियों के लिए ज्ञान और अवसर का एक सशक्त केंद्र बनेगा तथा उनके भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

प्रेमिका के इनकार से आहत युवक का हाई-वोल्टेज ड्रामा, 120 फीट ऊंचे टावर पर चढ़कर मचाया हंगामा

इटारसी रविवार को आदिवासी विकासखंड केसला के ग्राम जामुनडोल गांव के निवासी एक प्रेमी युवक ने अपनी प्रेमिका से हुए विवाद के बाद हाईवोल्टेज ड्रामा कर पूरे प्रशासन को हिलाकर रख दिया। प्रेमी युवक ने लोगों को 1975 के दशक में आई चर्चित फिल्म शोले के किरदार वीरू की याद दिला दी, जिसमें वीरू यानी धर्मेंद्र अपनी प्रेमिका बसंती (हेमा मालिनी) से शादी की जिद में एक पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। केसला थाना प्रभारी मदन पवार के अनुसार रविवार सुबह गांव का युवक कमल पुत्र संतोष धुर्वे प्रेम प्रसंग में प्रेमिका से हुए विवाद में 125 केवी हाईटेंशन लाइन के करीब 120 फीट ऊंचे एनटीपीसी के टॉवर पर चढ़ गया था। ग्रामीणों से मिली सूचना के बाद केसला पुलिस, एनटीपीसी और एसडीईआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। करीब 5 घंटे की मशक्कत और प्रेमिका से बातचीत कराने के बाद टीम ने युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया। पांच घंटे चले इस घटनाक्रम की वजह से मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई थी।

स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने राज्य सरकार सदैव तत्पर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य शासन स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। राज्य में 10 हजार स्टार्टअप धारकों ने अपना पंजीयन कराया है। स्टार्टअप शुरू करने वालों को राज्य सरकार प्रतिमाह स्टाइफंड भी दे रही है। प्रदेश में चारों ओर उद्योगों का फैलाव हो, इसके लिए लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। बाहर की कम्पनियों को निवेश के लिए औद्योगिक समिट के माध्यम से प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे युवाओं को रोजगार मिले और प्रदेश विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ता रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर जिले के महू में एक निजी कॉलेज में आयोजित प्लेसमेंट प्रोग्राम में युवाओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉलेज के उन युवाओं को प्लेसमेंट के प्रमाण-पत्र वितरित किए, जिनका प्लेसमेंट विभिन्न कम्पनियों में हुआ। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, विधायक सु उषा ठाकुर, कॉलेज के सेक्रेटरी  सुनील बंसल और  शरद त्रिवेदी विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को आह्वान किया कि यदि हम किसी विषय को मन लगाकर गहराई से पढ़ते हैं, तो उसकी याददाश्त लम्बे समय तक बनी रहती है। अत: एकाग्रचित होकर अध्ययन करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षक बनकर विद्यार्थियों से प्रश्न किए, तो वहीं विद्यार्थियों ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव से प्रश्न किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से विज्ञान और राजनीति से जुड़े प्रश्न किए, तो वहीं विद्यार्थियों ने उद्योग और नवाचार को लेकर प्रश्न किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केवल पाठ्यक्रम तक ही विद्यार्थी स्वयं को सीमित न रखें, वह आगे भी अपना मनन और चिंतन जारी रखे। नये-नये नवाचार करें और स्वयं को भी परखें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टार्टअप, गुरूत्वाकर्षण, ब्रह्माण्ड, नवाचार, निवेश आदि को विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने सुशीला देवी बंसल कॉलेज परिसर में आयोजित विज्ञान परियोजना प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभिन्न वैज्ञानिक मॉडलों और प्रोजेक्ट के बारे में विद्यार्थियों से जानकारी प्राप्त की। साथ ही सामूहिक चित्र भी खिंचवाये। कार्यक्रम में कॉलेज के सचिव  सुनील बंसल ने बताया कि संस्था के इंदौर के अलावा भोपाल और मंडीदीप में भी कॉलेज है। अधिकांश विद्यार्थियों का प्लेसमेंट मध्यप्रदेश की कम्पनियों में ही हुआ है। इसका श्रेय राज्य सरकार को जाता है कि यहाँ लगातार नये उद्योग खुल रहे है और प्रदेश दिनों-दिन विकसित हो रहा है।  

शिक्षा में बड़ा बदलाव: मॉडल संस्कृति स्कूलों से फीस हटाने की योजना तैयार

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य के सभी 1638 मॉडल संस्कृति स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए निशुल्क शिक्षा लागू करने की तैयारी है। शिक्षा विभाग ने दाखिला शुल्क और मासिक फीस पूरी तरह समाप्त करने का प्रस्ताव तैयार करके सरकार को मंजूरी के लिए भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही आगामी शैक्षणिक सत्र 2027-28 से बिना किसी शुल्क के प्रवेश और पढ़ाई की सुविधा मिलेगी। अब तक ली जाती है फीस इन स्कूलों में पहली से पांचवीं तक प्रवेश के लिए 500 रुपये व छठी से 12वीं तक 1000 रुपये शुल्क लिया जाता है। कक्षा के अनुसार हर महीने 200 रुपये से 500 रुपये तक फीस भी देनी पड़ती है। सेकेंडरी मॉडल संस्कृति स्कूल चल रहे हैं। इन स्कूलों में आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति और भाषा पर विशेष ध्यान दिया जाता है। फीस समाप्त होने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ा लाभ मिलेगा। मॉडल संस्कृति स्कूलों की है अलग पहचान हरियाणा में मॉडल संस्कृति स्कूल योजना की शुरुआत वर्ष 2020 में की गई थी। ये स्कूल सामान्य सरकारी स्कूलों की तुलना में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था, बेहतर आधारभूत सुविधाओं और भारतीय संस्कृति आधारित पाठ्यक्रम के लिए खास माने जाते हैं। यहां स्मार्ट कक्षाएं, अंग्रेजी माध्यम शिक्षा, गतिविधि आधारित पढ़ाई और भाषा-संस्कृति पर विशेष जोर दिया जाता है। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अनुशासन और संस्कार भी दिए जाते हैं। इन स्कूलों में पढ़ाने के लिए सरकारी शिक्षकों को भी टेस्ट पास करना पड़ता है।

यूपी में मौसम का कहर: 5 दिन तक बारिश के साथ तेज हवाएं और वज्रपात का अलर्ट, IMD ने दी चेतावनी

उतर प्रदेश उत्तर भारत में कई राज्यों में बारिश और आंधी का दौर चल रहा है। उत्तराखंड समेत तमाम राज्यों में तेज बारिश से मौसम बदला हुआ नजर आ रहा। उत्तर प्रदेश में पांच दिनों तक यानी कि तीन से सात मई और दिल्ली में तीन से पांच मई तक बारिश, आंधी, बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने बताया है कि तीन से पांच मई के दौरान उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वोत्तर भारत में गरज, बिजली कड़कने और तेज हवाओं जिनकी स्पीड 60 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है के साथ काफी भारी बारिश होने वाली है। इसमें से कुछ जगहों पर बहुत भारी बरसात होगी। इसके अलावा, तीन से पांच मई के दौरान उत्तर पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में छिटपुट से बिखरी हुई गरज, बारिश, बिजली कड़कने और 60 की स्पीड से हवाएं, व ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है। इस हफ्ते के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, केरल, माहे में छिटपुट से लेकर बिखरी हुई बारिश, बिजली कड़कने की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय में तीन और चार मई को, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में तीन से पांच मई के दौरान, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। इसके अलावा, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश में पांच से सात मई के दौरान, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में छह मई को बिजली गिरने की चेतावनी है। यूपी, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हर जगह होगी बारिश उत्तर भारत के लिए मौसम विभाग ने कहा, 'तीन से पांच मई के दौरान, जम्मू कश्मीर में, तीन से सात मई के दौरान हिमाचल प्रदेश, तीन से आठ मई के दौरान उत्तराखंड में गरज, बिजली कड़कने और तेज हवाओं के साथ कहीं-कहीं बारिश और बर्फबारी होने वाली है। तीन से छह मई को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली में बारिश, बिजली कड़कने की संभावना है। इसके अलावा, 50 की स्पीड से हवाएं भी चलेंगी। तीन से सात मई के दौरान उत्तर प्रदेश में, तीन मई और पांच से सात मई के दौरान राजस्थान में गरज, बिजली कड़कने और आंधी के साथ मध्यम स्तर की बारिश होगी। चार मई को राजस्थान में, चार और पांच मई को पंजाब हरियाणा, चंडीगढ़ में गरज के साथ तेज हवाओं जिनकी स्पीड 70 किमी तक हो सकती है, की संभावना है। तीन और चार मई को जम्मू कश्मीर, तीन से पांच मई के दौरान हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में, तीन और चार मई को उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं ओले गिरने वाले हैं। बिहार-झारखंड में भी बारिश का अलर्ट चार मई को राजस्थान में धूलभरी आंधी चलने की भी संभावना है। इसके अलावा, चार मई को उत्तराखंड में भारी बारिश होगी। पूर्वी भारत के लिए IMD के अनुसार, छह और सात मई को पश्चिम बंगाल, सिक्किम में गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। छह से नौ मई के दौरान बिहार, ओडिशा, तीन, छह और सात मई को झारखंड में गरज, बिजली और तेज हवाओं की संभावना है। तीन से पांच मई के दौरान पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार और ओडिशा में, चार और पांच मई को झारखंड में तूफानी हवाओं के साथ आंधी चलने की संभावना है।  

झारखंड में ट्रेन देरी पर सियासत गरम: हेमंत सोरेन ने रेल मंत्री को घेरा

 सरायकेला सरायकेला-खरसावां के चांडिल-टाटा रेल सेक्शन में ट्रेनों की लगातार हो रही लेट-लतीफी के मुद्दे को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उठाया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर सीधे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को संबोधित करते हुए इस स्थिति को पूरी तरह ‘अस्वीकार्य’ बताया है. मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की है कि पिछले दो वर्षों से इस महत्वपूर्ण रेल खंड पर यात्री ट्रेनें घंटों विलंब से चल रही हैं, जिससे आम जनता का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. मालगाड़ियों और पैसेंजर ट्रेनों के बीच भेदभाव का आरोप मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रेलवे की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए लिखा कि एक ही ट्रैक पर यात्री ट्रेनों को घंटों रोक कर रखा जाता है, जबकि मालगाड़ियों की आवाजाही बिना किसी बाधा के निर्बाध रूप से जारी रहती है. उन्होंने तीखा सवाल पूछते हुए एक्स पर लिखा कि क्या रेलवे के हिसाब से झारखंड के लोगों का समय भी उतना ही मूल्यवान है, जितना देश की अर्थव्यवस्था के लिए माल परिवहन?” आम जनता और श्रमिकों पर पड़ रहा बुरा असर ट्रेनों के समय पर न चलने के कारण सबसे अधिक परेशानी उन श्रमिकों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को हो रही है जो प्रतिदिन रोजगार और शिक्षा के लिए इस रेल खंड का उपयोग करते हैं. सीएम ने कहा कि यह केवल परिचालन से जुड़ा एक तकनीकी मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश के नागरिकों की सुविधा और उनकी गरिमा से जुड़ा प्रश्न है. हजारों यात्रियों को घंटों स्टेशन पर इंतजार करना पड़ता है, जिससे उनके काम के घंटे और शिक्षा दोनों प्रभावित हो रहे हैं. रेल मंत्री से तत्काल समाधान का आग्रह हेमंत सोरेन ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मांग की है कि चांडिल-टाटा सेक्शन में यात्री ट्रेनों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए. इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र में लंबित रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को एक निश्चित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया है. सीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि झारखंड के नागरिकों की सुविधा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और रेलवे को ट्रेन लेट होने की समस्या का तत्काल स्थायी समाधान सुनिश्चित करना चाहिए.

राजद की सीट बचाने की चुनौती, एनडीए 8–9 सीटों पर बढ़त के दावे में

पटना राज्य में होने वाले 9 विधान परिषद सदस्यों (एमएलसी) के चुनाव में क्या महागठबंधन तोड़फोड़ के जरिए नया गुल खिलाएगा? क्या कुछ समीकरण ऐसा बनेगा जिसके सहारे महागठबंधन के विधायक राजद के दो एमएलसी की पारी खत्म होने के बरक्स दो एमएलसी की सीटें हासिल कर सकें? क्या कुछ गणित बनने की संभावना है? क्या विपक्ष के बचे 16 विधायक अपने वोट का बलिदान करेंगे या फिर समीकरण की जद में कोई खेल रच पाएंगे? ऐसे कई सवाल एमएलसी की 9 सीटों के लिए होने वाले चुनाव के संदर्भ में उठने लगे हैं। राजद के लिए खोने का चुनाव ! जून 2026 में होने वाले बिहार विधान परिषद के आगामी चुनावों में राष्ट्रीय जनता दल के मौजूदा 2 एमएलसी मोहम्मद फारुक और सुनील कुमार सिंह का कार्यकाल समाप्त होने वाला है। 9 सीटों के होने वाले चुनाव के संदर्भ में माना जा रहा है कि एक सीट के लिए 25 विधायक की जरूरत होगी। वैसे में राजद के हिस्से में केवल एक सीट बचाने की क्षमता है। ऐसा इसलिए कि राजद के पास एक्यूरेट 25 विधायक हैं। लेकिन इन 25 विधायकों के अलावा विपक्ष के 16 विधायक शेष रह जाएंगे। अब सवाल उठता है कि राजद का हाल कहीं राज्यसभा चुनाव वाला न हो जाए? 41 विधायकों के रहते राजद के एडी सिंह चुनाव हार गए और एनडीए राज्यसभा की सभी पांचों सीटें जीत गई। एनडीए के निशाने पर 9 MLC सीटें? तोड़फोड़ के जरिए जीत के आदी हो चुके एनडीए के रणनीतिकार क्या कुछ राज्यसभा वाला गेम खेलने की रणनीति पर काम कर रहे हैं? वैसे अभी तक के गणित के अनुसार एनडीए आठ सीटों पर जीत के प्रति आश्वस्त है। एनडीए सूत्रों के अनुसार विधायकों की संख्या के अनुरूप वह विधान परिषद की रिक्त हो रही आठ सीटों का हकदार है। एक एमएलसी के लिए लगभग 25 विधायकों के वोट की जरूरत पड़ेगी। इस जोड़ से 8 एमएलसी की सीटें जीतने के लिए 200 विधायकों की जरूरत पड़ेगी। एनडीए के पास फिर भी 2 शेष रह जाएंगे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तीन-तीन एमएलसी सीटें जदयू और बीजेपी के हिस्से आएंगी। एक सीट लोजपा और एक सीट रालोमो के हिस्से में जाने की बात कही जा रही है। क्या 9 वीं सीट को लेकर मचेगा धमाल? राज्यसभा चुनाव में सेंधमारी करने में सफल एनडीए के रणनीतिकार क्या कोई गुल खिला सकते हैं। राजद की बात करें तो राज्यसभा चुनाव में एक विधायक बागी हो गए थे। कांग्रेस के तीन विधायकों ने भी अलग राह पकड़ी थी। क्या एआईएमआईएम के 5, कांग्रेस के छह, वाम दल के तीन बसपा के एक और आईपी गुप्ता कुल 16 विधायकों की भूमिका में कुछ उलट पुलट की संभावना है? या एनडीए किसी धनपशु के बहाने 9 वीं सीट के लिए कोई बाजी खेल जाए? क्या राजद को समर्थन देने वाले एआईएमआईएम को वादे के अनुसार एमएलसी की एक सीट देगी या फिर दूसरी सीट का गणित उलझाने के लिए एआईएमआईएम कोई उम्मीदवार खड़ा करेगा? ऐसे कई अनुत्तरित सवाल हैं। राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं कब कौन किसका साथ दे, कौन साथ छोड़ दे, कोई नहीं कह सकता है!  

तोमर ने उप नगर ग्वालियर के वार्ड 17, 6 और 7 में किया सफाई व्यवस्था का निरीक्षण

भोपाल ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने रविवार को उप नगर ग्वालियर के वार्ड 17, 6 तथा 7 में विभिन्न गली-मोहल्लों की सफाई, सीवर, स्ट्रीट लाइट, कचरा प्रबंधन तथा अन्य समस्याओं के निराकरण के लिए स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वच्छता, स्वास्थ्य और जनसुविधा से जुड़ी क्षेत्रवासियों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित अधिकारियों को शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण सुधार कार्य सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने हिदायत दी कि सीवर की सफाई, कचरा संग्रहण और सड़कों के रखरखाव के कार्य में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाए, लापरवाही बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। ऊर्जा मंत्री  तोमर ने आमजन की सीवर, पानी, बिजली तथा सड़क से सम्बन्धित समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्वालियर विधानसभा मेरा परिवार है और परिवार को कोई भी असुविधा न हो मूलभूत सुविधाओ में जो कमी है, उसको तुरंत दुरस्त किया जाए। उन्होंने रविवार की सुबह 6 बजे उप नगर ग्वालियर के वार्ड 17 स्थित विभिन्न गली, मोहल्लों में पेयजलापूर्ति, सीवर सफाई, बिजली व्यवस्था सहित अन्य समस्याओं के सम्बन्ध में स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद किया। उप नगर ग्वालियर के वार्ड 06 स्थित जहाँगीर कटरा,मेवाती मोहल्ला, लधेडी, जगना पुरा, हथियापौर तथा वार्ड 7 के कृष्ण नगर में भी पहुंचे तथा यहां चल रही सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के सम्बन्ध में स्थानीय नागरिकों से जानकारी ली। उन्होंने लोगों से पूछा कि उन्हें राशन मिल रहा है, पेंशन मिल रही है, आयुष्मान कार्ड बन गया है। इसके जबाव में लोगों अपनी सहमति जताई। उन्होंने बहनों तथा बुजुर्ग माताओं से बातचीत कि और उनसे कुशलक्षेम पूछी। ऊर्जा मंत्री  तोमर ने कहा कि हर कदम पर एक ही भावना रहनी चाहिए, हम बदलेंगे, तो हमारा ग्वालियर बदलेगा। यह राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि एक संकल्प है, अपने शहर, अपनी पीढ़ी और अपनों के भविष्य के लिए। उन्होंने आव्हान किया कि ग्वालियर को स्वच्छ, स्वस्थ और नशा मुक्त बनाने के अपने संकल्प को जनसहभागिता के साथ सफलता की सीढ़ी तक पहुंचाना है। स्वच्छता, स्वास्थ्य और जनसुविधा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जनता की सेवा और समस्याओं का समयबद्ध समाधान आपके सेवक की प्राथमिकता है।  

रसोई गैस किल्लत से स्ट्रीट फूड महंगा, रेट में 10–12% तक बढ़ोतरी

पटना  बिहार की राजधानी पटना में होटल, ढाबा और स्ट्रीट फूड व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। मार्च महीने की शुरुआत से ही व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर अब शहर की रसोई पर दिखने लगा है। होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं की मुश्किलें बढ़ गई है। कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में बढ़ने से कोयला-लकड़ी के सहारे रेस्टोरेंट होटल होने लगे हैं। जो होटल, रेस्टोरेंट ईरान-अमेरिका जंग शुरू होने के पहले से व्यावसायिक गैस सिलेंडर का उठाव कर रहे थे। इनको भी उनके पूर्व की मांग का 70% ही आपूर्ति की जा रही है। मतलब 30% सिलेंडर के बदले उन्हें वैकल्पिक ऊर्जा साधनों लकड़ी- कोयला भट्टी, इंडक्शन का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। पॉकेट पर सीधा वार, खानपान की नई कीमतें गैस की कीमत बढ़ने से 5 रुपए की रोटी 7 रुपए की हो गई है। छोटी दुकानों में 10 रुपए का समोसा अब 15 से 20 रुपए पीस मिल रहा है। एलपीजी की कीमत बढ़ने और नहीं मिलने से स्ट्रीट वेंडरों पर दोहरी मार पड़ी है। चाय की कीमतों में इजाफा हुआ है। चाउमीन वाले 5 से 10 कीमत बढ़ा दिए हैं। इनका कहना है कि ब्लैक में खरीदना नहीं चाहते और गैस खत्म होने के बाद नया सिलेंडर मिलने तक दुकान बंद करनी पड़ती है।     रोटी: पहले 5 रुपए में मिलने वाली रोटी अब 7 रुपए की     समोसा: 10 रुपए वाला समोसा अब बाजार में 15-20 रुपए की     चाय: 10 रुपए से बढ़कर 15-20 रुपए तक पहुंच गई     चाउमीन: दाम में 5-10 रुपए तक का इजाफा देखा जा रहाकु     खाने-पीने की चीजों में औसतन 10-12 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी छोटे कारोबारियों की हालत को और भी खराब इस क्राइसिस से छोटे कारोबारियों की हालत तो और भी खराब है। एक चाय विक्रेता ने बताया कि चाय की कीमत पहले ही दस रुपए से बढ़कर 15 रुपए की गई। कुछ दुकानदार 20 रुपए भी कर रहे हैं। लेकिन इससे ग्राहकों की संख्या में कमी आने लगी है। अगर ग्राहकों की संख्या में कमी आई तो कारोबार समेटने या कोई दूसरा रोजगार करने पर विचार करेंगे। इससे खाने-पीने के सामानों की कीमतों में कम से कम 10 से 12 प्रतिशत तक इजाफा तय है। मिठाइयों से लेकर रेस्टोरेंटों के मैन्यू की कीमतों, हॉस्टल के मेस के मैन्यू से लेकर स्ट्रीट फूड तक सब कुछ महंगा लग रहा है। कोयले की मांग बढ़ने से कीमत में इजाफा एलपीजी किल्लत से कोयले की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। 18 से 20 रुपए किलो बिकने वाला कोयला की कीमत 30 से 40 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। अच्छे और गुणवत्ता वाले कोयले की कीमत इससे भी अधिक लगाई जा रही है। कोयले को लेकर दुकानदार कोयले के थोक व्यापारियों के यहां एडवांस बुकिंग तक करने लगे है। लकड़ी के कोयले की कीमत 40 से 50 रुपए किलो के बीच पहुंच गई है। स्ट्रीट वेंडरों के रोजी-रोजगार पर असर पटना के ढाबों और स्ट्रीट वेंडरों के पास पांच किलोग्राम के छोटा गैर सब्सिडी प्राप्त गैस सिलेंडरों के साथ-साथ घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर है। स्ट्रीट वेंडरों द्वारा घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग करना अवैध है। लेकिन, पटना की छोटी दुकानों में सड़कों पर घरेलू गैस सिलेंडरों का धड़ल्ले से उपयोग हो रहा है। कंकड़बाग में चाउमिन विक्रेता ने बताया कि छोटा गैस सिलेंडर महंगा भी पड़ता है। इसमें वैसा ताव नहीं मिलता है जैसा ताव 14.2 किलोग्राम गैस सिलेंडर में मिलता है। इसलिए हम मजबूरी में घरेलू गैस सिलेंडर का ही उपयोग ठेला पर कर रहे है। ईरान-अमेरिका युद्ध के पहले पटना में लगभग 5 हजार व्यावसायिक गैस सिलेंडर की खपत थी। ये फिलहाल 3000-3500 के बीच रह गई है। ईरान-अमेरिका युद्ध का साइड इफेक्ट बिहार एलपीजी वितरक संघ के महासचिव रामनरेश सिन्हा के मुताबिक ईरान-अमेरिका युद्ध के पहले पटना में लगभग 5 हजार व्यावसायिक गैस सिलेंडर की खपत थी। ये फिलहाल 3000-3500 के बीच रह गई है। पटना के होटलों- रेस्टोरेंटों में एक बार फिर से लकड़ी, कोयला की खपत में इजाफा हो गया है। पटना के रेस्टोरेंट कोयले और लकड़ी का इस्तेमाल करने लगे हैं।  

दिनदहाड़े वारदात: गेहूं लदा ट्रक उड़ा ले गया चोर, लाखों का अनाज गायब

कुरुक्षेत्र. कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा की अनाज मंडी से गेहूं से भरा ट्रक चोरी होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ट्रक में करीब 438 कट्टे गेहूं के लोड थे, जिसकी कीमत लगभग साढ़े 5 लाख रुपये बताई जा रही है। चोर सुबह-सुबह आढ़ती की दुकान के सामने से ही ट्रक लेकर फरार हो गया। जानकारी के अनुसार आढ़ती नरेश कुमार की मंडी में दुकान नंबर 88 है। गेहूं सीजन के चलते उन्होंने सफाई, तुलाई और ढुलाई के लिए लेबर लगा रखी थी। 2 मई की रात लेबर ने ट्रांसपोर्टर के ट्रक (HR55H-4229) में 438 कट्टे गेहूं लोड किए थे। उस समय ट्रक चालक कमल लाल भी मौके पर मौजूद था। सुबह करीब 7 बजे जब आढ़ती दुकान पर पहुंचे तो ट्रक मौके से गायब मिला। शुरुआत में उन्होंने सोचा कि ड्राइवर ट्रक को वजन कराने ले गया होगा, लेकिन करीब एक घंटे बाद भी वजन नहीं हुआ तो उन्होंने ड्राइवर कमल को फोन किया। ड्राइवर ने बताया कि वह रात को ट्रक लोड होने के बाद अपने घर यमुनानगर चला गया था और सुबह आकर ट्रक लेकर जाने वाला था। इस पर आढ़ती को शक हुआ और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। नरेश कुमार के अनुसार, सुबह करीब साढ़े 6 बजे के आसपास किसी अज्ञात व्यक्ति ने ट्रक चोरी कर लिया। ट्रक में लोड गेहूं की कीमत करीब साढ़े 5 लाख रुपये है। घटना की सूचना ट्रांसपोर्टर को भी दे दी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस द्वारा मार्केट कमेटी कार्यालय के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपी का सुराग लगाया जा सके। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और जल्द ही आरोपी को पकड़ने का दावा कर रही है।