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काशी में महिला शक्ति का प्रदर्शन,नरेंद्र मोदी करेंगे जनसभा को संबोधित, मंच पर होंगी 44 महिलाएं

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दो दिवसीय दौरे पर आएंगे। इस दौरान बरेका मैदान में आयोजित जनसभा में महिला शक्ति की झलक दिखेगी जहां मंच पर 44 महिलाएं मौजूद रहेंगी और करीब 25 हजार महिलाओं के जुटने की उम्मीद की गई है। काशी में ये महिलाओं का अब तक का सबसे बड़ा जुटान होगा। इस सम्मेलन की कमान महिलाएं संभालेंगी। यहां तक कि सुरक्षा व्यवस्था में भी महिला पुलिसकर्मी तैनात रहेंगी। मंच पर आनंदीबेन पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य सहित 23 पार्षद और 19 ग्राम प्रधान समेत कुल 44 महिलाएं मौजूद रहेंगी। इनके अलावा वहां प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष समेत चार पुरुष होंगे। कार्यक्रम की शुरुआत जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य के स्वागत भाषण से होगी। इसके बाद योगी आदित्यनाथ जनसभा को संबोधित करेंगे। फिर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का भाषण होगा और अंत में प्रधानमंत्री काशी से देशभर की महिलाओं को संबोधित करेंगे। बंगाल चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से ठीक एक दिन पहले ये पीएम की बड़ी सभा होगी। साथ ही उप्र में विधानसभा चुनाव और पंचायत चुनाव के पहले इस जुटान को अहम माना जा रहा है। जनसभा के बाद पार्टी स्तर की एक अहम बैठक भी हो सकती है, जिसमें संगठन और आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की रणनीति पर प्रधानमंत्री जरूरी फैसले कर सकते हैं। ये बंगाल के बाद उप्र में राजनीतिक शिफ्ट को लेकर भी अहम दौरा हो सकता है। प्रधानमंत्री के स्वागत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्हें जीआई टैग वाली गुलाबी मीनाकारी से बना शिव मंदिर भेंट करेंगे। अगले दिन श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के दौरान उन्हें डमरू भी भेंट किया जाएगा। इसके अलावा देर शाम प्रधानमंत्री शहर की प्रमुख परियोजनाओं का भी निरीक्षण कर सकते हैं। वह रोपवे प्रोजेक्ट और नमो घाट का दौरा कर सकते हैं, जिसके लिए प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। बरेका से काशी विश्वनाथ तक होगा रोड शो, पांच जगह पर भाजपा करेगी स्वागत भाजपा ने पीएम के स्वागत की खास तैयारियां की हैं। पीएम मोदी बरेका से काशी विश्वनाथ मंदिर तक सड़क मार्ग से जाएंगे। यहां पर 5 स्थानों गुलाब की पंखुड़ियों से पुष्पवर्षा कर स्वागत किया जाएगा। भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में प्रमुख चौराहों और यात्रा मार्ग को झंडे, बैनर व पोस्टरों से सजाया गया है। हजारों होर्डिंग्स और कटआउट भी लगाए गए हैं। काशी क्षेत्र के मीडिया प्रभारी नवरतन राठी ने बताया कि बरेका के प्रत्येक सेक्टर में कूलर, पेयजल व बैठने की समुचित व्यवस्था की गई है। बरेका में आयोजित जन आक्रोश महिला सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाएं ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंचेंगी। स्थानीय महिलाएं पैदल और दूर-दराज की महिलाएं वाहनों के काफिले के साथ जुलूस की शक्ल में कार्यक्रम स्थल तक आएंगी।

एक ही दिन बड़े बेटे की वर्दी और छोटे बेटे की तिरंगे में लिपटी लाश, दिल दहला देने वाली घटना

 बागपत उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया है. यह कहानी सिर्फ एक परिवार के दर्द की नहीं, बल्कि उस विडंबना की भी है, जिसमें खुशियां और गम एक ही दिन, एक ही घर में टकरा गए. जिस दिन एक बेटे ने अपने सपनों को साकार करते हुए पुलिस सेवा में कदम रखा, उसी दिन दूसरे बेटे ने देश सेवा करते हुए अपनी जान गंवा दी।  बागपत जिले के छपरौली क्षेत्र के लूम्ब गांव के निवासी अग्निवीर सोहित चौहान की अरुणाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान दर्दनाक मौत हो गई. जानकारी के अनुसार, रविवार को आए बर्फीले तूफान के दौरान एक पेड़ अचानक गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आकर सोहित गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसा इतना भयानक था कि उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया. इस घटना ने न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे गांव को शोक में डुबो दिया।  सोहित 2023 में अग्निवीर के तहत हुआ था भर्ती सोहित चौहान वर्ष 2023 में अग्निवीर योजना के तहत भारतीय सेना की 3 ग्रेनेडियर यूनिट में भर्ती हुए थे. वह अपने परिवार के सबसे छोटे सदस्य थे. परिवार में माता-पिता, एक बड़ा भाई और एक बहन है. आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाले सोहित ने कठिन परिश्रम और लगन के दम पर सेना में जगह बनाई थी. उनके परिवार को उन पर गर्व था और गांव के युवाओं के लिए वे प्रेरणा बन चुके थे।  लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. जिस दिन सोहित की मौत की खबर आई, उसी दिन उनके बड़े भाई मोहित चौहान उत्तर प्रदेश पुलिस में शामिल हो रहे थे. उस दिन उनकी पासिंग आउट परेड थी, जिसे देखने के लिए उनके पिता मोहर सिंह भी गए हुए थे. घर में जश्न का माहौल था, हर कोई खुश था कि परिवार का एक बेटा पुलिस में भर्ती हो गया है. लेकिन इसी खुशी के बीच अचानक आई दुखद खबर ने सब कुछ बदल दिया।  जैसे ही परिवार को सोहित की मौत की सूचना मिली, खुशी का माहौल मातम में बदल गया. पिता, जो बड़े बेटे की सफलता पर गर्व महसूस कर रहे थे, अचानक छोटे बेटे की मौत की खबर सुनकर टूट गए।. मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. एक ही दिन में परिवार ने जीवन का सबसे बड़ा सुख और सबसे बड़ा दुख दोनों देख लिया।  सोहित की अंतिम विदाई में हर आंख हुई नम जब सोहित चौहान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. गांव की गलियों, सड़कों और घरों की छतों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. हर कोई अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचा. अंतिम संस्कार के दौरान सेना के जवानों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ सोहित को विदाई दी. उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और सलामी दी गई.यह दृश्य इतना भावुक कर देने वाला था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखों से आंसू छलक पड़े. गांव के बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक, सभी ने अपने इस वीर बेटे को नम आंखों से विदा किया।  इस दुखद घटना के बाद कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी परिवार से मिलने पहुंचे. उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया. स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि सोहित चौहान को शहीद का दर्जा दिया जाए और उनके परिवार को उचित मुआवजा तथा पेंशन दी जाए. ग्रामीणों का कहना है कि सोहित ने देश सेवा करते हुए अपनी जान गंवाई है, इसलिए उन्हें पूरा सम्मान मिलना चाहिए।  सांसद बोले परिवार देश परिवार के साथ सोहित के पिता मोहर सिंह ने बताया कि उनका बेटा बहुत मेहनती और जिम्मेदार था. वह परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारना चाहता था और इसी उद्देश्य से सेना में भर्ती हुआ था. उन्होंने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है, लेकिन उसका इस तरह चले जाना असहनीय है. उन्होंने सरकार से मांग की कि उनके परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए ताकि वे आगे का जीवन सम्मानपूर्वक जी सकें. वहीं दुख की इस घड़ी में परिवार से मिलने पहुंचे सांसद राजकुमार सांगवान ने कहा कि सोहित के परिवार के साथ पूरा देश खड़ा है. सरकार उनके साथ है. जो भी मदद होगी हर संभव मदद दिलाई जाएगी. उनकी अंतिम यात्रा में हर दल का आदमी शामिल हुआ. उनका योगदान देश याद  रखेगा। 

पंजाब CM की कैबिनेट मीटिंग आज, सीएम रिहायश पर दोपहर 3:30 बजे लेंगे कई अहम फैसले

चंडीगढ़  पंजाब सीएम भगवंत मान ने आज (28 अप्रैल) अहम कैबिनेट मीटिंग बुला ली है। मीटिंग दोपहर साढ़े 3 बजे होगी। कैबिनेट संबंधी एजेंडा जारी नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि बैठक टेबल एजेंडा पर होगी। इस दौरान जहां कई फैसले लिए जा सकते हैं.. सीएम कुछ दिन पहले ही विदेश दौरा कर आए पंजाब सीएम कुछ दिन पहले ही विदेश दौरे पर जाकर आए है। इस दौरान उन्होंने पंजाब में कई कंपनियों को निवेश करने का न्योता दिया है। इसके अलावा मोहाली समेत कई इलाकों में इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के प्रस्ताव भी मीटिंग में आने की संभावना है। क्योंकि अब इलेक्शन के लिए कुछ ही समय शेष रह गया है। ऐसे में सरकार की कोशिश है कि तुरंत इलाके में निवेश को बढाया जाए।  

मैथिली ठाकुर का पप्पू यादव पर गुस्सा: ‘उसे कभी माफ नहीं कर पाऊंगी’

पटना  बिहार की राजनीति में महिलाओं के सम्मान को लेकर एक नई जंग छिड़ गई है। पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव द्वारा महिलाओं की राजनीति को लेकर दी गई अमर्यादित टिप्पणी पर भाजपा की विधायक मैथिली ठाकुर ने मोर्चा खोल दिया है। रविवार को गया सर्किट हाउस में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अलीनगर विधायक ने पप्पू यादव के बयान को घिनौना करार देते हुए कहा कि इस कृत्य के लिए वह उन्हें कभी माफ नहीं कर पाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीति में महिलाओं के संघर्ष को बिस्तर जैसे शब्दों से तौलना पूरी नारी जाति का अपमान है। "पप्पू यादव के अपने घर में भी महिला नेत्री हैं" विधायक मैथिली ठाकुर ने पप्पू यादव को उनके परिवार की याद दिलाते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "पप्पू यादव जी को यह शोभा नहीं देता, क्योंकि उनके अपने परिवार में भी महिला राजनीति में सक्रिय रही हैं। उनकी पत्नी रंजीत रंजन सांसद हैं। फिर भी उन्होंने ऐसा बयान देकर करोड़ों महिलाओं की अस्मिता को ठेस पहुंचाई है।" मैथिली ठाकुर ने सवाल किया कि क्या वह अपनी पार्टी और परिवार की महिलाओं के बारे में भी यही राय रखते हैं? उन्होंने कहा कि इस तरह की अभद्र टिप्पणी केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि पूरे समाज के नैतिक मूल्यों पर चोट है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मैथिली ठाकुर हुई भावुक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मैथिली ठाकुर भावुक भी हुईं। उन्होंने अपने निजी जीवन का उदाहरण देते हुए कहा, "मेरे पिता ने मुझे पूरी समझदारी और भरोसे के साथ राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया। हर परिवार अपनी परंपराओं और मूल्यों के आधार पर निर्णय लेता है। आज की महिलाएं अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर पंचायत से लेकर संसद तक पहुँच रही हैं, लेकिन पप्पू यादव जैसे नेता उनकी सफलता को 'नेताओं के बिस्तर' से जोड़कर उनकी मेहनत पर पानी फेरना चाहते हैं।" उन्होंने कहा कि ऐसे बयान देने वालों को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए, हालांकि यह कृत्य माफी के लायक भी नहीं है। विधायक मैथिली ठाकुर ने केवल विवाद पर ही नहीं, बल्कि विकास के मुद्दों पर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल खोखले नारों के पीछे नहीं भागता, बल्कि वह धरातल पर होने वाले कार्यों को देख रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एनडीए सरकार में महिलाओं की भूमिका बढ़ी है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 'नारी शक्ति' को जो सम्मान मिला है, उसे ऐसे विवादित बयानों से धूमिल नहीं किया जा सकता।

पंजाब में गर्मी से राहत, 30 अप्रैल तक ओरेंज अलर्ट, 1 मई से पारा फिर चढ़ेगा

 अमृतसर पंजाब में अप्रैल महीने में गर्मी चरम तक पहुंच चुकी है। कई जिलों में तापमान 41 डिग्री के पार हो चुका है। लेकिन अब इससे राहत मिलती दिख रही है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के एक्टिव होने के बाद पंजाब के कई इलाकों में बादल छा गए हैं, जबकि अबोहर व फाजिल्का के कुछ गांवों में बारिश भी देखने को मिली है। मौसम विभाग के अनुसार गर्मी से ये राहत 30 अप्रैल तक रहेगी। इस दौरान बारिश के कारण राज्य के अधिकतर जिलों का तापमान 5 डिग्री तक गिरेगा। लेकिन ये राहत कुछ समय के लिए ही है। 1 मई से दोबारा गर्मी जोर पकड़ने लगेगी। मात्र दो दिनों 1 व 2 मई को पारा 2 से 3 डिग्री तक बढ़ जाएगा। आज से मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। मौसम विभाग ने पांच दिनों के लिए जिलावार चेतावनी जारी की है, जिसमें कहीं आंधी और बारिश तो कहीं लू और गर्म रातों का खतरा बताया गया है। मालवा के कई इलाकों में आज होगी बारिश 28 अप्रैल: इस दिन हालात बदलते नजर आएंगे। अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, नवांशहर, होशियारपुर और गुरदासपुर में आंधी, बिजली और तेज हवाओं की संभावना है। वहीं लुधियाना, पटियाला, संगरूर, मानसा और बठिंडा में तेज गर्मी के साथ लू का असर दिख सकता है। इन जिलों के लिए विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 29 अप्रैल: गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन और कपूरथला में मौसम कुछ हद तक सक्रिय रहेगा और आंधी व बारिश की संभावना बनी रहेगी। वहीं फाजिल्का, फिरोजपुर, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा और मानसा में मौसम सामान्य रहने के संकेत हैं। अन्य जिलों में हल्की चेतावनी जारी की गई है। 30 अप्रैल: इस दिन उत्तरी जिलों जैसे गुरदासपुर, होशियारपुर और पठानकोट में हल्की चेतावनी जारी है। जबकि दक्षिणी और मध्य जिलों जैसे लुधियाना, संगरूर, बठिंडा, मानसा, फाजिल्का, मुक्तसर और मोगा में किसी प्रकार की चेतावनी नहीं है और मौसम सामान्य रहने की संभावना है। 1 मई: इस दिन पूरे पंजाब में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। सभी जिलों में किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है। 60 किमी की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं मौसम विभाग के अनुसार, 28 और 29 अप्रैल को आंधी और तेज हवाओं की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। वहीं कुछ जिलों में लू और गर्म रातों का असर भी देखने को मिल सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों और लू से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पिएं। किसानों को भी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है।

Ganga Expressway: उद्योगों की रफ्तार बढ़ेगी, नए खरीदार मिलेंगे, पर्यटन और व्यापार को मिलेगा फायदा

मेरठ  गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से मेरठ के उद्यमी उत्साहित हैं। मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच दूरी और समय दोनों कम करेगा। इससे न सिर्फ लोगों का सफर आसान होगा, बल्कि किसानों, व्यापारियों और उद्योगों के लिए नए अवसर भी पैदा होंगे। कृषि उत्पादों की तेज आपूर्ति और नए बाजारों तक पहुंच हो सकेगी। मेरठ के धातु व खेल उत्पाद, फूड प्रोसेसिंग, गैस रेगुलेटर उद्योग के लिए नए अवसर पैदा होंगे। आइआइए मेरठ मंडल चैप्टर के अध्यक्ष तनुज गुप्ता का कहना है कि गंगा एक्सप्रेसवे पर्यटन, यातायात, व्यापार, उद्योग समेत सभी क्षेत्रों के लिए लाभकारी साबित होगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश के बाजारों तक पहुंच आसान हो जाएगी। माल ढुलाई में लगने वाले समय और खर्च दोनों कम हो जाएगा। मेरठ की 50 से अधिक गैस रेगुलेटर इकाई, 30 से अधिक धातु उत्पाद इकाई, 80 से अधिक फूड प्रोसेसिंग इकाई, खेल सामग्री, वस्त्र, कृषि आधारित सामग्री को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा। बड़ी मात्रा में पूर्वी उत्तर प्रदेश में मेरठ से गैस रेगुलेटर की आपूर्ति होती है। सिकंदराबाद और गुलावठी क्षेत्र से औद्योगिक निर्माण के लिए लोहे के पार्ट्स, केमिकल और पैकेजिंग सामग्री व हरदोई से खेल उद्योग के लिए लकड़ी की आपूर्ति आसानी से हो सकेगी। आइआइए मेरठ चैप्टर के अध्यक्ष अंकित सिंघल का कहना है कि गंगा एक्सप्रेसवे पर्यटन, यातायात, व्यापार, उद्योग समेत सभी क्षेत्रों के लिए लाभकारी साबित होगा। पेपर उद्योग से संबंधित सामग्री, खेल उत्पाद, रबर उत्पाद, खाद, स्टील आदि उत्पादों को नया बाजार मिलेगा। मेरठ आने वाले कृषि अपशिष्ट बगास व फल, सब्जी और फूल समेत विभिन्न सामग्री आसानी से मेरठ पहुंच जाएगी। परतापुर औद्योगिक क्षेत्र एसोसिएशन के अध्यक्ष निपुण जैन ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से माल ढुलाई में लगने वाले समय और खर्च दोनों कम हो जाएंगे। विशेष रूप से खेल सामग्री, वस्त्र, कृषि आधारित सामग्री और खाद्य सामग्री (पैक्ड अचार) को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से नए बाजार के द्वार खुलेंगे। आइआइए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनुराग अग्रवाल ने बताया कि मेरठ के खेल उत्पाद की पूर्वी उप्र में भारी मात्रा में मांग है। खेल उत्पाद इकाइयों को लाभ मिलेगा। सब्जी मंडी एसोसिसेशन नवीन मंडी स्थल के अध्यक्ष पंडित ब्रजभूषण शर्मा का कहना है कि प्रयागराज से भिंडी व काशीफल, हरदोई से जवा मिर्च, बैंगन, शाहजहांपुर से बैंगन, खीरा व लौकी, बदायूं से मिर्च, संभल से आलू व फूलगोभी, बुलंदशहर से टमाटर व गोभी की आपूर्ति हो रही है। सर्दी के दौरान पूर्वी उप्र से बड़ी मात्रा में सब्जियों से भरे ट्रक यहां आते हैं। प्रतापगढ़ के आंवला की यहां काफी मांग है। फल सब्जी एसोसिएशन के अध्यक्ष इरशाद का कहना है कि बदायूं और प्रयागराज के अमरूद की यहां काफी डिमांड रहती है। बड़ी मात्रा में अमरूद वहां से यहां आता है। अब पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच व्यापारिक आदान-प्रदान आसान हो जाएगा।

परंपरागत खेती छोड़ फूलों की खेती अपनाई, कम लागत में मिला ज्यादा मुनाफा

रायपुर, परंपरागत खेती (गेहूं-धान) की तुलना में फूलों की खेती कम लागत में 3-4 गुना तक अधिक मुनाफा दे रही है। गेंदा, गुलाब और गुलदाउदी जैसे फूलों की 12 महीने मांग होने से किसान हर सीजन में बंपर कमाई कर रहे हैं। कम पूंजी से शुरू होकर, यह व्यवसाय प्रति हेक्टेयर लाखों रुपये का शुद्ध लाभ  दे रहा है, जिससे किसान आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रहे हैं।  शादी, पार्टी, त्यौहार और धार्मिक आयोजनों में फूलों की मांग साल भर बनी रहती है, जिससे अच्छी कीमतें मिलती हैं।            राज्य शासन की योजनाओं का लाभ लेकर रायगढ़ जिले के किसान अब परंपरागत खेती से आगे बढ़ते हुए उद्यानिकी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। इसी कड़ी में लैलूंगा विकासखंड के ग्राम गमेकेरा निवासी किसान  ईश्वरचरण पैकरा ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन से फूलों की खेती अपनाकर अपनी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि की है। किसान की सफलता आज सबके लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।          पैकरा पहले परंपरागत रूप से धान की खेती किया करते थे, जिसमें मेहनत के मुकाबले आय सीमित थी। वर्ष 2025-26 में उन्होंने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में 0.400 हेक्टेयर भूमि पर गेंदा फूल की खेती शुरू की। विभाग द्वारा तकनीकी सहयोग एवं आवश्यक मार्गदर्शन मिलने से उन्होंने वैज्ञानिक पद्धति से खेती की, जिसका परिणाम बेहद सकारात्मक रहा। जहां पहले धान की खेती से उन्हें लगभग 11 क्विंटल उत्पादन मिलता था और सीमित आय होती थी, वहीं फूलों की खेती से उन्हें करीब 38 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। इस उत्पादन से उनकी कुल आमदनी लगभग 3 लाख 4 हजार रुपये तक पहुंच गई। लागत निकालने के बाद उन्हें लगभग 2 लाख 59 हजार रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ, जो पारंपरिक खेती की तुलना में कई गुना अधिक है।           फूलों की खेती में सफलता मिलने के बाद  पैकरा का आत्मविश्वास बढ़ा है। वे बताते हैं कि कम समय में अधिक लाभ मिलने के कारण अब वे इस खेती को और विस्तार देने की योजना बना रहे हैं। उनके खेत में खिले गेंदा फूलों की रंगीन पंक्तियां आज उनकी मेहनत और सफलता की कहानी बयां करती हैं। उनकी इस उपलब्धि को देखकर गांव के अन्य किसान भी अब उद्यानिकी फसलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं और विभाग से संपर्क कर फूलों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। इस प्रकार राज्य शासन की योजनाएं न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक हो रही हैं, बल्कि कृषि के स्वरूप में भी सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।

चंद्रयान-2 ने रीवा के सौरभ को ISRO में वैज्ञानिक बनने की प्रेरणा दी

रीवा  कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों, तो छोटे से गांव की मिट्टी भी आसमान छूने का हौसला दे देती है। ऐसा ही कर दिखाया है रीवा जिले की जवा तहसील के गांव पुरौना के होनहार युवा सौरभ द्विवेदी ने, जिनका चयन देश की प्रतिष्ठित अंतरिक्ष संस्था इसरो (ISRO) में वैज्ञानिक पद पर हुआ है। साधारण परिवार से आने वाले सौरभ ने यह साबित कर दिया कि सफलता संसाधनों की मोहताज नहीं, बल्कि मेहनत, लगन और सपनों की उड़ान पर टिकी होती है। उनके पिता शैलेन्द्र द्विवेदी एक शिक्षक हैं, जिन्होंने बेटे को शुरू से ही शिक्षा का महत्व समझाया, वहीं मां गीता द्विवेदी ने हर मुश्किल घड़ी में उनका हौसला बढ़ाया।  आईआईटी दिल्ली से एमटेक किया सौरभ की शुरुआती पढ़ाई शासकीय मार्तण्ड उत्कृष्ट क्रमांक-एक विद्यालय से हुई। इसके बाद उन्होंने भोपाल से बीटेक और देश के शीर्ष संस्थान आईआईटी दिल्ली से एमटेक की पढ़ाई पूरी की। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कभी अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया। चंद्रयान- दो  के प्रक्षेपण से मिली थी प्रेरणा सौरभ बताते हैं कि उनका सपना तब आकार लेने लगा, जब उन्होंने चंद्रयान-दो  के प्रक्षेपण को देखा। उसी पल उन्होंने ठान लिया था कि एक दिन वे भी देश के अंतरिक्ष मिशनों का हिस्सा बनेंगे और आज उनकी मेहनत रंग लाई है। पुरौना गांव में जश्न का माहौल यह सफलता सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा है। सौरभ अब भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र में वैज्ञानिक के रूप में देश की अंतरिक्ष उपलब्धियों में योगदान देंगे और रीवा जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेंगे। गांव पुरौना से लेकर पूरे रीवा जिले तक खुशी और गर्व का माहौल है। हर कोई सौरभ की इस उपलब्धि को सलाम कर रहा है। 

भोपाल की ट्रेनों में सस्ते एसी कोच की शुरुआत, अब कम किराए में मिलेगा एसी यात्रा का मजा

भोपाल  यात्रियों की सुविधा के लिए भोपाल रेल मंडल ने बड़ी कवायद की है। गर्मी के मौसम में मंडल ने सुरक्षित और ठंडक से भरा सफर कराने की पहल की है। इसके लिए ट्रेनों में इकोनॉमी एसी कोच लगाए जा रहे हैं। भोपाल रेल मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार इन कोचों में यात्रियों को कम किराए में एसी का आरामदायक सफर करने की सुविधा मिलेगी। इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल सकेगी। समर सीजन में हमेशा की तरह इस बार भी ट्रेनों में जबर्दस्त भीड़ चल रही है। भीषण गर्मी के कारण लोग एसी में यात्रा करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। इससे खासतौर पर एसी थ्री कोच में लंबी वेटिंग चल रही है। ऐसे में यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। एसी का सस्ता विकल्प उपलब्ध कराने के लिए भोपाल रेल मंडल ने ट्रेनों में इकोनॉमी एसी कोच लगाने का निर्णय लिया यात्रियों को लंबी वेटिंग से निजात दिलाने और एसी का सस्ता विकल्प उपलब्ध कराने के लिए भोपाल रेल मंडल ने ट्रेनों में इकोनॉमी एसी कोच लगाने का निर्णय लिया है। भोपाल रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए दस ट्रेनों में एसी इकोनॉमी कोच लगाए जाएंगे। रेल यात्रियों को जून से ये सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। मई के महीने में पहले ही 5 ट्रेनों में एसी इकोनॉमी के एक्सट्रा कोच लगाने का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। रेलवे का मानना है कि एसी इकॉनॉमी कोच के जुडऩे से ज्यादा यात्रियों को कम किराए में एसी सुविधा मिल सकेगी। रेलवे से संबंधित एक गंभीर वारदात इधर रेलवे से संबंधित एक गंभीर वारदात भी सामने आई है। हरदा जिले में टिमरनी के पास 5 मवेशियों को चुराकर रेलवे ट्रैक पर बांध दिया जिससे ट्रेन से कटने पर उनकी मौत हो गई। छिदगांव मेल के गंजालेश्वर आश्रम से चोरों ने शनिवार रात को पांच गोवंश को चुराकर रेलवे ट्रैक पर बांध दिया। ट्रेन की चपेट में आने से सभी की मौत हो गई। रविवार सुबह छिदगांव मेल में ट्रैक के पास मवेशियों के शव और रस्सी के टुकड़े मिले। जानकारी लगते ही विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के कार्यकर्ता सुबह मौके पर पहुंचे और छिदगांव मेल में हाइवे किनारे पर पांच घंटे तक प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। इस बीच टिमरनी एसडीएम संजीव कुमार नागू, टिमरनी थाना प्रभारी मुकेश गौड़ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं व ग्रामीणों को समझाइश दी। जल्द ही आरोपियों की तलाश कर गिरफ़्तारी का विश्वास दिलाया। बजरंग दल के विकास शर्मा ने कहा कि पुलिस को आरोपियों की गिरफ़्तारी के लिए 30 अप्रेल का समय दिया है। आरोपी नहीं पकड़े गए तो आंदोलन करेंगे। इस मामले में रेलवे ने भी नियमानुसार कार्यवाही शुरु कर दी है।

निगम की नई पहल: नैनो एरेटर तकनीक से तालाबों में पानी की गुणवत्ता में सुधार, 10 दिन में असर दिखा

उज्जैन  शहर के तालाबों की बिगड़ती स्थिति को सुधारने के लिए नगर निगम ने नैनो डिफ्यूजर सॉफ्ट एरेटर तकनीक का प्रयोग शुरू किया है। इसकी शुरुआत क्षीरसागर तालाब से की गई है, जहां 10 दिनों से यह तकनीक काम कर रही है। अधिकारियों द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और शुरुआती निरीक्षण में पानी की गुणवत्ता में सुधार देखा गया है। नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने हाल ही में स्थल निरीक्षण किया, जिसमें पानी पहले की तुलना में साफ नजर आया। शहर में शिप्रा नदी के साथ-साथ सप्त सागर का धार्मिक और पर्यावरणीय महत्व है, लेकिन जल प्रवाह नहीं होने से तालाबों का पानी अक्सर दूषित हो जाता है। इससे मछलियों और अन्य जलीय जीवों की मृत्यु होती है। गर्मी में बदबू के कारण आसपास रहना भी मुश्किल हो जाता है। क्षीरसागर में बड़ी संख्या में मछलियां हैं, लेकिन ऑक्सीजन की कमी के कारण उनकी मौत की घटनाएं सामने आती रही हैं। इस समस्या के समाधान के लिए निगम ने यह तकनीक शुरू की है। सफल होने पर इसे शहर के अन्य तालाबों में भी लागू किया जा सकेगा। यह कार्य पर्यावरणविद एसपीएस रंधावा और उनकी टीम की देखरेख में किया जा रहा है। कैसे काम करती है तकनीक नैनो डिफ्यूजर सॉफ्ट एरेटर तकनीक के तहत तालाब में ऐसे उपकरण लगाए जाते हैं जो पानी के भीतर बेहद छोटे-छोटे हवा के बुलबुले छोड़ते हैं। ये नैनो बुलबुले पानी में घुलकर ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाते हैं, जिससे गंदगी फैलाने वाले बैक्टीरिया खत्म होते हैं और पानी धीरे-धीरे साफ व पारदर्शी बनने लगता है। फाउंटेन से अलग क्यों है तालाबों में पहले से लगे फव्वारे मुख्य रूप से सतह पर ही असर करते हैं और सजावटी होते हैं। नैनो एरेटर तकनीक पानी की गहराई तक पहुंचकर वास्तविक सफाई करती है और लंबे समय तक प्रभाव बनाए रखती है। इसके मुख्य फायदे पानी की गुणवत्ता में सुधार बदबू और गंदगी में कमी मछलियों और जलीय जीवों को बेहतर वातावरण मिलने से उनकी मौत नहीं होगी। किनारे पर जमने वाली काई (ग्रीन लेयर) पर नियंत्रण।