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Encounter Update: मारी गई नक्सली लीडर रूपी का अंतिम संस्कार, ‘हिडमा सांग’ के साथ दी गई विदाई

जगदलपुर. कांकेर के जंगलों में हुई सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारी गई नक्सली कमांडर रूपी का अंतिम संस्कार विवादों में घिर गया है. रूपी का तेलंगाना के मेडक जिले में अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान कुछ लोग लाल झंडे लेकर नाचते एक शहीद के तौर पर ‘रूपी’ को अंतिम विदाई देते हुए विवादित ‘हिडमा गाना’ गाते नजर आ रहे हैं, इस पूरे घटनाक्रम ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं. बता दें कि सुरक्षा बलों ने 13 अप्रैल को कांकेर जिले के छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के माचपल्ली, आरामझोरा और हिडूर के जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया था. जैसे ही जवान जंगल के अंदर पहुंचे, नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी. इसके जवाब में सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभाला और दोनों तरफ से तेज गोलीबारी हुई. मुठभेड़ के बाद हालात शांत होने पर इलाके की तलाशी ली गई, जिसमें एक महिला नक्सली का शव बरामद हुआ. मुठभेड़ में मारी गई महिला नक्सली की पहचान रूपी के रूप में हुई है, जो एसीएम (एरिया कमेटी मेंबर) रैंक की कमांडर थी. लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की वांटेड सूची में शामिल रूपी बस्तर क्षेत्र में सक्रिय आखिरी तेलुगू महिला नक्सली कैडर मानी जा रही थी. वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद महिला नक्सली के अंतिम संस्कार के लिए तेलंगाना के मेडक जिले ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार के दौरान का वीडियो अब सामने आया है, जिसमें कुछ लोग लाल झंडे लेकर नाचते और विवादित गीत बजाते दिखाई दे रहे हैं. यह उसी तरह का मंजर था, जब हिडमा को अंतिम विदाई दी गई थी.

मुख्यमंत्री ने जनगणना 2027 के तहत ऑनलाइन स्व-गणना कर राज्य स्तरीय अभियान का किया शुभारंभ

देश और राज्य के भविष्य की दिशा तय करने का आधार है जनगणना : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री ने जनगणना 2027 के तहत ऑनलाइन स्व-गणना कर राज्य स्तरीय अभियान का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री ने जनगणना के महाभियान में नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील जनगणना के सटीक आंकड़े आगामी वर्षों की योजनाएं तैयार करने में होती है मददगार रायपुर    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में जनगणना 2027 के तहत ऑनलाइन स्व-गणना कर जनगणना अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर नागरिकों को इस राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया।             मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भारत में विश्व का सबसे बड़ा जनगणना अभियान संचालित हो रहा है और छत्तीसगढ़ में भी आज से ऑनलाइन स्व-गणना की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि नागरिक 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के बीच ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार से संबंधित जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस बार जनगणना को आधुनिक और डिजिटल स्वरूप दिया गया है, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुलभ हो सके।            मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि देश और राज्य के भविष्य की दिशा तय करने का आधार है। इन आंकड़ों के आधार पर सरकार आने वाले वर्षों की योजनाएं तैयार करती है, ताकि विकास का लाभ हर वर्ग तक प्रभावी रूप से पहुंच सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 मई 2026 से जनगणना का पहला चरण शुरू होगा, जिसमें मकान सूचीकरण और गणना का कार्य किया जाएगा। 30 मई तक प्रगणक घर-घर जाकर आवासीय और गैर-आवासीय भवनों, उनकी स्थिति, उपयोग तथा बुनियादी सुविधाओं जैसे पेयजल, शौचालय, बिजली, रसोई गैस, इंटरनेट और संचार व्यवस्था से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह करते हुए कहा कि जब भी प्रगणक घर आएं, तो उन्हें सही, स्पष्ट और पूर्ण जानकारी दें, क्योंकि प्रत्येक जानकारी राज्य के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि जनगणना के दौरान दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय एवं नीतिगत उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा।             मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है और “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” के संकल्प को साकार करने में जनगणना की महत्वपूर्ण भूमिका है। सही आंकड़े ही बेहतर योजना और प्रभावी विकास की नींव रखते हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों से इस महाअभियान को जनभागीदारी का उत्सव बनाने और सक्रिय सहयोग देने की अपील की।          इस दौरान अपर मुख्य सचिव तथा जनगणना के नोडल मनोज कुमार पिंगुआ,  कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव कुमार सिंह, संचालक जनगणना कार्तिकेय गोयल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

CM मोहन यादव ने कहा: ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम सदी का सबसे क्रांतिकारी कदम’

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को देश की शताब्दी की सबसे बड़ी घटना बताया है. उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय ऐतिहासिक और क्रांतिकारी है, जिससे पूरे देश में उत्साह का माहौल है. उन्होंने कहा कि यह वह समय है जब देश की बहनों को राजनीति में बराबरी का अवसर मिलने जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह बड़ा निर्णय लिया गया है और सरकार इसका स्वागत करती है।  विपक्ष की आपत्तियों पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस को इस बिल का समर्थन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी पहले महिला आरक्षण लागू करने की बात कही थी और अब जब सरकार इसे आगे बढ़ा रही है तो सभी को इसका समर्थन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी दलों को पत्र लिखकर समर्थन की अपील की है, इसलिए विपक्ष को राजनीतिक विरोध छोड़कर इसे लागू कराने में सहयोग करना चाहिए।  33% महिला आरक्षण पर विपक्ष से समर्थन की अपील राहुल गांधी के इस आरोप पर कि ओबीसी, दलित और आदिवासी महिलाओं का हिस्सा छीना जा रहा है, मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरी तरह गलत धारणा है. उन्होंने कहा कि सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के सिद्धांत पर काम कर रही है और सभी वर्गों को साथ लेकर चल रही है. उन्होंने कहा कि संसद में इस पर चर्चा का पूरा अवसर है और विपक्ष को अपनी बात वहीं रखनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी वर्ग के साथ अन्याय नहीं कर रही है।  दक्षिण भारत और छोटे राज्यों के साथ अन्याय के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल राजनीतिक भय और भ्रम है. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों का समाधान संसद के फ्लोर पर चर्चा से ही होगा और सभी को मिलकर इस ऐतिहासिक बिल को पास कराना चाहिए।  उन्होंने कहा कि नारी शक्ति को आगे बढ़ाने के लिए सरकार पहले भी कई कदम उठा चुकी है, जैसे ट्रिपल तलाक के खिलाफ कानून और अन्य योजनाएं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने का काम किया है, चाहे वह स्टार्टअप हो या सशस्त्र बल. मोहन यादव ने यह भी कहा कि देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का सर्वोच्च पद पर पहुंचना भी इस दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।  OBC-दलित महिलाओं के अधिकार पर बोले CM उन्होंने कहा कि यह अधिनियम वास्तव में शताब्दी की सबसे बड़ी घटना है और यह महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगा. मध्यप्रदेश की तैयारी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार है और प्रदेश में नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा भी मनाया जा रहा है। 

कोयला सिंडिकेट पर ईडी की चार्जशीट, गुंडा टैक्स से चल रहा था 650 करोड़ का खेल

रांची प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमाओं के बीच चल रही कोयला तस्करी और मनी लाउंड्रिंग के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। ईडी ने इस मामले में विशेष अदालत के समक्ष अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) दाखिल की है, जिसमें 650 करोड़ रुपये से अधिक की मनी लाउंड्रिंग का जिक्र किया है। यह काली कमाई पिछले पांच वर्षों में जबरन वसूली और गुंडा टैक्स से की गई है। ईडी की जांच में यह बात प्रमुखता से सामने आई है कि इस सिंडिकेट का जाल झारखंड तक फैला हुआ था। ईडी के अनुसार, सिंडिकेट न केवल बंगाल के दुर्गापुर-आसनसोल क्षेत्र में सक्रिय था, बल्कि झारखंड से पश्चिम बंगाल में अवैध रूप से लाए गए कोयले के कारोबार में भी संलिप्त था। झारखंड से होने वाली इस अवैध तस्करी को संरक्षण देने के लिए सिंडिकेट ने कई सरकारी अधिकारियों और राजनीतिक रसूखदारों को घूस के रूप में मोटी रकम पहुंचाई थी। सिंडिकेट वैध डिलीवरी ऑर्डर (डीओ) धारकों, ट्रांसपोर्टरों और खरीदारों से जबरन वसूली करता था। इसे जीटी (गुंडा टैक्स) या रंगदारी टैक्स कहा जाता था। जीटी नहीं देने पर उठाव व परिवहन रोक दिया जाता था ईडी ने पाया है कि यह वसूली ₹275 प्रति टन से लेकर ₹1,500 प्रति टन तक की जाती थी। यह कोयले के वास्तविक मूल्य का लगभग 20-25 प्रतिशत हिस्सा था। जो व्यापारी यह टैक्स नहीं देते थे, उन्हें कोयला उठाने और परिवहन करने से रोक दिया जाता था। इस दबाव के कारण भारी मात्रा में कोयला खदानों में ही पड़ा रहा, जिससे ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) को भी भारी वित्तीय नुकसान हुआ। उगाही की गई रकम को कई प्रोप्राइटरशिप फर्मों और मुखौटा कंपनियों के जरिए घुमाया जाता था, ताकि कमाई को वैध दिखाया जा सके। लाला पैड के जरिए होती थी वसूली ईडी ने जांच में पाया था कि गुंडा टैक्स व अवैध कोयला संचालन के लिए लाला पैड का इस्तेमाल किया जाता था। आप सांसद अशोक मित्तल के ठिकानों पर ईडी के छापे जालंधर/चंडीगढ़। ईडी ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल से जुड़े शैक्षणिक संस्थानों पर छापेमारी की। ईडी ने यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत इन शैक्षणिक संस्थानों के कुछ विदेशी वित्तीय लेनदेन की जांच के तहत की। अधिकारियों ने बताया कि जालंधर, उसके आसपास के इलाकों और गुरुग्राम में लगभग 10 स्थानों पर तलाशी ली गई। इसमें फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी परिसर और गुरुग्राम में स्थित टेट्र कॉलेज ऑफ बिजनेस तथा मास्टर्स यूनियन कॉलेज ऑफ बिजनेस नामक दो शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं। आप ने हाल ही में राघव चड्ढा को हटाकर मित्तल को राज्यसभा में पार्टी का उपनेता नियुक्त किया था। वह फगवाड़ा में स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति भी हैं। उनके बेटे प्रथम मित्तल ने गुरुग्राम स्थित शिक्षण संस्थानों की स्थापना की।

Haryana Politics: CM नायब सैनी की पत्नी का ‘शेर’ वाला बयान वायरल, चर्चा तेज

करनाल. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पत्नी सुमन सैनी ने बुधवार को करनाल में आयोजित नारी शक्ति वंदन पदयात्रा कार्यक्रम के दौरान अपने हल्के-फुल्के लेकिन चर्चित बयान से माहौल को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचीं सुमन सैनी से मंच संचालक ने अनौपचारिक अंदाज में सवाल किया कि घर में किसकी चलती है? इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया जहां चलाने की बात होती है, वहां 100 प्रतिशत चलती है और जहां चलानी नहीं होती, वहां चुप भी रहना पड़ता है, क्योंकि जंगल में शेर एक ही होता है। नारी शक्ति वंदन पदयात्रा में बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष सुमन सैनी ने पैदल चलकर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया। जबकि कुछ देर के लिए उन्होंने हेलमेट पहनकर स्कूटी भी चलाई। हरियाणा बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष सुमन सैनी ने कहा नारी शक्ति वंदन पदयात्रा सिर्फ एक पद यात्रा नहीं है बल्कि यह महिलाओं के सम्मान, अधिकार और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए एक जन आंदोलन है। यह सिर्फ एक कानून नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को नीति की लाभार्थी से नीति की निर्माता बनाने की ओर एक मजबूत कदम है।

हेमंत सोरेन कैबिनेट का बड़ा फैसला, भवन नियमितीकरण और खनन नियमों में बदलाव

रांची झारखंड में अनधिकृत रूप से बनाए गए भवन अब नियमित किए जाएंगे। इसके लिए सरकार ने नियमितीकरण नियमावली 2025 को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में इस पर सहमति दी गई। बैठक में 53 प्रस्तावों को हरी झंडी मिली। कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने बैठक के बाद बताया कि अनधिकृत रूप से बनाए गए भवनों को नियमित करने को लेकर 2019 की नियमावली में संशोधन किया है। इसके अनुसार, 10 मीटर ऊंचाई तक के जी-प्लस टू भवनों को नियमित किया जा सकेगा। इसका अधिकतम क्षेत्रफल 300 वर्ग मीटर होगा। वहीं, आवासीय भवनों के लिए 10000 और व्यावसायिक भवनों के लिए 20000 की राशि देनी होगी। पेनाल्टी तीन किस्तों में देनी होगी। 60 दिनों में आवेदन जरूरी राज्य सरकार ने अनधिकृत रूप से निर्मित भवनों के नियमितीकरण को लेकर नए प्रावधान लागू किए हैं। इसके तहत अब ऐसे सभी भवनों के मालिकों को नियमितीकरण के लिए अनिवार्य रूप से आवेदन करना होगा। यह आवेदन अधिसूचना जारी होने की तिथि से 60 दिनों के भीतर ऑनलाइन करना अनिवार्य होगा। यह आवेदन संबंधित सक्षम प्राधिकरण या अधिकृत अधिकारी के समक्ष निर्धारित प्रारूप में जमा करना होगा। अनधिकृत निर्माण के मामलों में भवन का पूरा निर्मित क्षेत्र साइट प्लान के साथ प्रस्तुत करना होगा। छात्रों के लिए प्रतियोगिताएं होंगी राज्य में रोबोटिक फेस्टिवल आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इसमें प्रतिभागियों को किसी भी प्रकार का रोबोट बनाने की स्वतंत्रता होगी। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार पांच लाख, द्वितीय पुरस्कार तीन लाख और तृतीय पुरस्कार दो लाख रुपये तय किया गया है। वहीं, स्कूल, आईटीआई और पॉलिटेक्निक के छात्रों के लिए उभरती तकनीक और विज्ञान पर क्विज आयोजित होगी। यह तीन चरणों में होगी। पहले चरण में आठवीं से 10वीं, दूसरे में 11वीं-12वीं व आईटीआई और तीसरे चरण में पॉलिटेक्निक के छात्र शामिल होंगे। रोबोटिक्स और बायोटेक्नोलॉजी से जुड़े क्विज में प्रथम पुरस्कार 50 हजारे, द्वितीय 30 हजार और तृतीय 20 हजार रुपये रखा गया है। बालू और लघु खनिज खनन के नियमों में बदलाव कैबिनेट की बैठक में झारखंड लघु खनिज रियायत (संशोधन) नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई। इसमें लघु खनिजों के लिए 100, 150 और 200 हेक्टेयर की क्षेत्र सीमा निर्धारित की गई है। बालू व पत्थर की लीज की अवधि 10 वर्षों के लिए होगी, जबकि ग्रेनाइट व अन्य लघु खनिजों की लीज की अवधि 30 वर्षों के लिए होगी। यह भी प्रावधान किया गया है कि आवेदन प्रक्रिया के 120 दिनों में एलओआई दिया जाएगा। पर्यावरण स्वीकृति के 30 दिनों में सीटीओ दिया जायेगा। खदानों का आवंटन ई-नीलामी के जरिये होगा। राज्य में बालू और लघु खनिजों के खनन को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए सरकार ने ऐसा किया है। नई नियमावली का मुख्य उद्देश्य पुरानी नियमावलियों में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करना और राजस्व संग्रह को गति देना है।

Border Security Upgrade: भारत-पाक सीमा पर स्मार्ट फेंसिंग शुरू, 24 घंटे निगरानी से घुसपैठ पर लगेगी लगाम

गुरदासपुर. भारत और पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय सीमा पर (स्मार्ट फेंसिंग) एंटी-कट एंटी-रेस्ट कंटीली तारें तेजी से लगाई जा रही हैं। इसका उद्देश्य सीमा पार से होने वाली देश विरोधी गतिविधियों पर रोकना है। इस कंटीली तार को काटना मुश्किल है और इसमें जंग लगना भी मुश्किल है। इसकी ऊंचाई 12 फीट की गई है। इस तार में से कोई मोटी वस्तु आर पार नहीं जा सकती है। केंद्र सरकार की ओर से पंजाब की सीमाओं को पूरी तरह से सुरक्षित करने के उद्देश्य से पिछले समय से अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्मार्ट फेंसिग कंटीली तार लगाई जा रही है। बीएसएफ के सूत्रों के अनुसार आने वाले समय में इस स्मार्ट फेंसिंग पर पीटीजैड कैमरे, सीसीटीवी कैमरे, ग्राउंड सेंसिंग सिस्टम भी लगाए जाएंगे। गांव रोसे, चंदू वडाला आदि गांवों के किसान जागीर सिंह, कुलबीर सिंह, गुरबख्श सिंह व बलविंदर सिंह ने कहा कि पिछले दिनों कंटीली तारें अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब 150 गज करीब चले जाने से उनकी सैकड़ों एकड़ जमीन तार से बाहर आ गई है। इससे समय की बचत हो रही है। वहीं, फसल कटाई के समय उन्हें बड़े पैमाने पर मजदूरों के लिए गेट पास बनाने पड़ते थे। अब कंटीली तार के आगे जमीन का एरिया कम होने से कम मजदूर लेने पड़ते हैं। इसके अलावा उन्हें जंगली जानवरों से भी राहत मिली है। गांव रोसे के सरपंच बोले- एक्वायर जमीन का मुआवजा दें गांव रोसे के सरपंच व बार्डर एरिया संघर्ष कमेटी के नेता प्रभशरण सिंह रोसे ने कहा कि उनकी जमीन पर कंटीली तार लगाने के लिए 44 x 44 फीट और आइबी के लिए 12 फीट जमीन दो बार एक्वायर की गई, लेकिन उनकी जमीन का एक भी पैसा मुआवजे के तौर पर नहीं मिला। उन्होंने कहा कि किसानों ने इस बारे में कोर्ट में केस किया है। उन्होंने कहा कि आइबी के लिए केंद्र सरकार ने जो जमीन एक्वायर की थी, उसका पैसा पंजाब सरकार को जारी कर दिया गया, लेकिन किसानों को एक्वायर की गई जमीन का मुआवजा नहीं मिला। उन्होंने मांग की है कि पंजाब सरकार और केंद्र सरकार उन्हें मुआवजा दें।

भोपाल की हाई-प्रोफाइल लड़कियां रील्स से नशा बेचने का तरीका सीख रही थीं, VIP स्टाइल में पुलिस को चकमा

भोपाल  राजधानी भोपाल में क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस ने नशा तस्करी के एक ऐसे गिरोह को दबोचा है, जो लग्जरी और सादगी के मुखौटे के पीछे काला कारोबार कर रहा था। भोपाल पुलिस ने दो युवतियों और उनके एक पुरुष साथी को ओडिशा से गांजा लाकर भोपाल में बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया है। ये आरोपी एसी फर्स्ट क्लास में वीआईपी बनकर सफर करते थे, क्योंकि उन्हें पता था कि पुलिस महिलाओं और रईस दिखने वाले यात्रियों की तलाशी कम ही लेती है। पुलिस ने इनके पास से करीब 6.285 किलो गांजा और मोटरसाइकिल बरामद की है। रील्स ने दिखाया रास्ता पकड़ी गई युवतियों में से एक M.Com की छात्रा है जो कॉल सेंटर में काम करती है, जबकि दूसरी 10वीं पास है और एक दुकान पर काम करती थी। उनका साथी प्रॉपर्टी डीलर है। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि उन्हें ओडिशा से सस्ते गांजे की तस्करी का आईडिया सोशल मीडिया रील्स, विज्ञापनों और खबरों से मिला था। उन्होंने देखा कि ओडिशा में गांजा 4,000–5,000 रुपये प्रति किलो मिल जाता है, जबकि भोपाल में इसे 40,000 रुपये तक में बेचा जा सकता है। तस्करों ने पुलिस की मानसिकता को हथियार बनाया था, उन्हें लगा कि अमीर दिखने वालों पर हाथ नहीं डाला जाएगा। पर अपराधियों का हर हाई फाई तरीका पुलिस के रडार पर है। जांच अधिकारी विदेशी टूरिस्ट का हुलिया बनाकर करते थे सफर इन युवतियों का तस्करी का तरीका बेहद शातिर था। ये महंगे कपड़े पहनती थीं और उनके पास मौजूद बैग विदेशी पर्यटकों जैसे होते थे। वे जानबूझकर एसी फर्स्ट क्लास में टिकट बुक कराती थीं। उन्हें पता था कि पुलिस आमतौर पर एसी कोच के यात्रियों, खासकर महिलाओं पर शक नहीं करती। इसी एलीट क्लास की आड़ में वे भारी मात्रा में गांजा छिपाकर भोपाल लाती थीं। लेकिन एक ग्राहक द्वारा पुलिस मुखबिर को दी गई सूचना ने इनके इस सफर का अंत कर दिया।    

मध्य प्रदेश में बाल विवाह का मामला, 9 साल के दूल्हे और 8 साल की दुल्हन पर ऐक्शन, पंडित और टेंट संचालक गिरफ्तार

राजगढ़  मध्य प्रदेश के राजगढ़ में बाल विवाह का मामला सामने आया है। यहां 8 साल की बच्ची की शादी 9 साल के लड़के के साथ की गई। शादी से पहले सारी रस्में पूरी की गईं। इसमें दूल्हा-दुल्हन को मेहंदी लगी, हल्दी लगी और घोड़ी चढ़ने की भी रस्में पूी की गईं। शादी का वीडियो रिकॉर्ड कर किसी ने सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत ऐक्शन लिया और राजगढ़ के भोजपुर थाने में केस दर्ज कर लिया गया। प्रशासन से बोला झूठ मामला राजगढ़ के भोजपुर पुलिस थाना क्षेत्र का है। बाल विवाह की जानकारी पुलिस को एक दिन पहले ही लग गई थी। जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जानकारी लेनी चाही तो परिवार ने झूठ बोल दिया। परिजनों ने बताया कि बच्चों की शादी नहीं हो रही है बल्कि बालिग लड़के-लड़कियों की शादी हो रही है। इसके लिए बकायदा परिजनों ने दूसरे बालिग लड़के-लडकी को पेश कर दिया। इसके बाद प्रशासन की टीम चली गई और विधि-विधान से नाबालिग बच्चों की शादी कर दी गई। घटना की जानकारी मिलने पर खिलचीपुर के एसडीओपी धर्मराज नागर थाना के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और महिला एवं बाल विकास अधिकारी की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया। इस कार्रवाई में पुलिस ने बच्चों के माता-पिता, टेंट संचालक, पंडित के साथ ही घोड़ी वाले का नाम भी शामिल है। 9 साल की बच्ची की भी हुई सगाई इसी तरह का मामला रागजगढ़ के करनवास में भी सामने आया है। करनवास में 9 साल की बच्ची की सगाई एक सामूहिक विवाह में कर दी गई। आगामी 26 अप्रैल को बच्ची की शादी भी तय की गई थी। मिली जानकारी के अनुसार, सगाई की जानकारी बच्ची के परिजनों को भी नहीं दी गई थी। इस दौरान शादी का समय करीब आते ही किसी बात को लेकर विवाद हो गया तो मामला पुलिस तक पहुंचा। अब पुलिस ने एक्शन शुरू कर दिया है।

Women Empowerment: ‘नारी शक्ति सम्मान’ सीजन-4 शुरू, समाज में योगदान देने वाली महिलाओं को मिला सम्मान

रायपुर. राजधानी रायपुर में आयोजित ‘आज की नारी: नारी शक्ति सम्मान अवॉर्ड शो सीजन-04’ सिर्फ एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की एक सशक्त पहल के रूप में उभरकर सामने आया। इस भव्य कार्यक्रम ने समाज में महिलाओं की भूमिका और उनकी उपलब्धियों को नई पहचान देने का कार्य किया। फाउंडेशन की संस्थापक एवं निदेशक उषा शर्मा ने संबोधन में उषा शर्मा ने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल सम्मान देना नहीं, बल्कि हर महिला को यह एहसास दिलाना है कि वह सक्षम है, आत्मनिर्भर है और अपने सपनों को साकार कर सकती है।” उन्होंने आगे बताया कि न्यू उड़ान जनसेवा फाउंडेशन निरंतर ऐसे मंच तैयार कर रहा है, जहां महिलाओं को पहचान, अवसर और प्रोत्साहन मिल सके। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दीपिका चिखलिया और विशेष अतिथि के रूप में कांची सिंह की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा बढ़ाई। दोनों अतिथियों ने भी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर गृहिणियों से लेकर प्रोफेशनल महिलाओं तक, समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रही महिलाओं को सम्मानित किया गया। यह मंच उन अनसुनी कहानियों को सामने लाने का माध्यम बना, जो अक्सर समाज की नजरों से दूर रह जाती हैं। कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सम्मान समारोह ने माहौल को उत्साह और प्रेरणा से भर दिया। हर पल नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक बनकर सामने आया। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि न्यू उड़ान जनसेवा फाउंडेशन आगे भी इसी तरह महिलाओं के सशक्तिकरण और उत्थान के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।