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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायक व बांकुड़ा से भाजपा प्रत्याशी नीलाद्रि शेखर दाना के लिए किया रोड शो

बुलडोजर बाबा' को देख बोला बंगाल, देखो-देखो शेर आया   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायक व बांकुड़ा से भाजपा प्रत्याशी नीलाद्रि शेखर दाना के लिए किया रोड शो बंगाल ने सीएम योगी को सिर आंखों पर बिठाया तो उन्होंने भी हाथ जोड़कर किया अभिवादन  पूरे रोड-शो के दौरान सड़कों पर गूंजा- ‘एक ही नारा-एक ही नाम, जय श्रीराम-जय श्रीराम’  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शानदार रोड शो के लिए जताया बंगालवासियों का आभार बांकुड़ा  पश्चिम बंगाल की सड़कों पर शनिवार को 'बुलडोजर बाबा' का जबरदस्त क्रेज दिखा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने बीच पाकर स्थानीय नागरिकों का जोश देखते ही बनता था। जनता ने उनका जोरदार स्वागत किया। सीएम योगी को देख गगनभेदी नारों के बीच बंगालवासी बोल उठे, ‘देखो-देखो, कौन आया, शेर आया-शेर आया। योगी जी सुस्वागतम!’ उत्तर प्रदेश के इस शेर को बंगाल के मतदाताओं ने भी विश्वास दिलाया कि 4 मई, 'दीदी' गई। सीएम योगी ने इस शानदार रोड शो के लिए स्थानीय लोगों के प्रति आभार जताया।  बंगाल की जनता के स्वागत से अभिभूत मुख्यमंत्री ने रोड शो में विधायक व बांकुड़ा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी नीलाद्रि शेखर दाना के लिए जनसमर्थन मांगा तो ‘एक ही नारा-एक ही नाम, जय श्रीराम-जय श्रीराम, हर-हर महादेव’ की गूंज से गुंजायमान बांकुड़ा की सड़कों पर उतरे मतदाताओं ने उन्हें आश्वस्त किया कि विधानसभा क्षेत्र में कमल ही खिलेगा। पूरे रोड-शो के दौरान सड़कों पर ‘योगी-योगी’ की गूंज सुनाई देती रही।  जनसैलाब से आई 'मन की आवाज', 4 मई-'दीदी' गई  बंगाल की सड़कों पर स्थानीय नागरिकों ने शनिवार को 'बुलडोजर बाबा' का अभूतपूर्व स्वागत किया। भगवा रंग की पगड़ी पहने सीएम योगी की एक झलक पाने को सड़क के दोनों और जनसैलाब उमड़ पड़ा। उन्हें अपने बीच देखकर मतदाताओं के मनोभाव भी जुबां पर आ गए। जगह-जगह से गूंज सुनाई देने लगी- 4 मई, ‘दीदी’ गई। अंधकार छंटेगा-कमल खिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हाथ हिलाकर, हाथ जोड़कर बंगालवासियों का ह्रदय से अभिवादन किया। छतों पर खड़ी महिलाओं-बच्चों ने हाथ जोड़कर प्रणाम किया सीएम योगी को देखने के लिए महिलाएं व बच्चे भी रोड के दोनों तरफ मकानों की छतों पर खड़े थे। जैसे ही सीएम का काफिला उनके सामने से गुजरता, तमाम महिलाएं व बच्चे हाथ जोड़कर 'बुलडोजर बाबा' को प्रणाम करते, सीएम ने भी हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन किया। रास्ते व  छतों पर खड़े लोग अपने मोबाइल में सीएम योगी की फोटो भी लेते रहे। आमार सोनार बांग्ला, टीएमसी मुक्तो बांग्ला सीएम योगी ने रोड-शो के समापन पर मतदाताओं से संवाद किया और इतने भव्य स्वागत के लिए जनता का आभार भी जताया। उन्होंने कहा कि आमार सोनार बांग्ला,  अब टीएमसी मुक्तो बांग्ला (हमारा सोने जैसा बंगाल, अब टीएमसी मुक्त बंगाल)। समूचे बंगाल का उत्साह बता रहा है कि 4 मई को बंगाल में भाजपा का कमल खिलेगा। बंगाल भारत की कल्चरल कैपिटल के रूप में जानी जाती है, लेकिन कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस व कम्युनिस्टों ने इस पहचान को मिटाया है। मुख्यमंत्री ने भाजपा का अर्थ भी बताया, कहा-भाजपा मतलब सुरक्षा, नौजवान को रोजगार, किसान को उपज का अच्छा दाम, बहन-बेटी को सुरक्षा, विरासत का संरक्षण और विकास के लिए डबल इंजन की स्पीड।

लगभग 10 हजार पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और निवेशकों ने लिया महोत्सव में भाग

विभाग में अतुलनीय योगदान देने वाले सेवारत एवं सेवानिवृत्त अधिकारियों व कर्मचारियों को किया गया सम्मानित लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास विभाग ने अपने स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने पर 'दुग्ध स्वर्ण महोत्सव 2026' के रूप में धूमधाम से मनाया। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित दो-दिवसीय 'दुग्ध स्वर्ण महोत्सव' के दूसरे दिन समापन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में विभाग के 50 वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विभाग के नाम भेजे गए शुभकामना सन्देश को पढ़कर सुनाया गया। जिसमें उन्होंने दुग्ध विकास को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया। महोत्सव में प्रदेश के लगभग 10 हजार पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और निवेशकों ने भाग लिया, जबकि लाखों अन्य लोग वेबकास्टिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम से जुड़े। महोत्सव के समापन अवसर पर विशेषज्ञों द्वारा 'स्वदेशी नस्ल के गौ-पालन' और 'नवीनतम डेयरी टेक्नोलॉजी' पर विस्तृत चर्चा की गई, ताकि उत्तर प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य बनाए रखा जा सके। कार्यक्रम के दौरान अपर प्रमुख सचिव मुकेश कुमार मेश्राम  ने वर्तमान परिदृश्य में स्वदेशी नस्ल के गोपालन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी साझा की। साथ ही दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. द्वारा प्रदेश को दुग्ध उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य बनाये रखने के संकल्प और प्रदेश सरकार के प्रयासों से दुग्ध उत्पादकों को अवगत कराया। प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में डेयरी क्षेत्र का महत्वपूर्ण स्थान है, जो राज्य के सकल मूल्यवर्धन में ₹1.72 लाख करोड़ का योगदान दे रहा है। तो वहीं नन्द बाबा दुग्ध मिशन के तहत अब तक 10 हजार से अधिक लाभार्थियों को ₹84 करोड़ की धनराशि सीधे डीबीटी के माध्यम से भेजी गई है। विभाग द्वारा अब तक ₹25 हजार करोड़ से अधिक के 796 एमओयू निष्पादित किए गए, जिनसे लगभग 60 हजार रोजगार सृजित होंगे। इसके अलावा ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 5.0 के तहत ₹2 हजार करोड़ की 72 परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं। कार्यक्रम के दौरान ₹3 हजार करोड़ से अधिक के 59 नए एमओयू साइन किए गए, जिनमें आनन्दा डेयरी, ज्ञान और परम डेयरी जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं, जिससे 13 हजार नए रोजगार पैदा होंगे। प्रदेश में 4 हजार से अधिक नई प्रारंभिक दुग्ध सहकारी समितियां गठित की गई हैं, जिससे लगभग 1.50 लाख दुग्ध उत्पादक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। विभाग में अतुलनीय योगदान देने वाले सेवारत एवं सेवानिवृत्त अधिकारियों व कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। साथ ही, सफल दुग्ध उत्पादकों ने अपनी सफलता की गाथा भी साझा की।

गोंडा-अयोध्या यात्रा होगी सरल: 114 पीपों से बना ढेमवाघाट पुल तैयार

 गोंडा चार साल से गोंडा व अयोध्या के बीच मुसीबत बने ढेमवाघाट पर पीपा पुल बनकर तैयार हो गया है। नदी के बीच में 114 पीपों से दो पुल बनाए गए हैं, जिनमें एक पुल से यात्री गोंडा से अयोध्या जा सकेेंगे जबकि, दूसरे पुल यात्री अयोध्या से गोंडा जिले में प्रवेश कर सकेंगे। इससे गोंडा व अयोध्या जिले की माझा क्षेत्र की करीब 50 हजार आबादी को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। तरबगंज की लाइफाइलन कहे जाने वाले ढेमवाघाट पुल का निर्माण वर्ष 2016 में हुआ था। 120 करोड़ की लागत से सरयू नदी पर बना 1132 मीटर लंबा पुल अयोध्या के सोहावल स्थित लखनऊ हाईवे से नवाबगंज को जोड़ रहा था, जो 2022 में सरयू नदी में उफान से कटान की चपेट में आ गया। पहले पुल को जोड़ रही डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क (एप्रोच मार्ग) कटी,जिसके बाद पुल पर आवागमन बंद हो गया। वर्ष 2024 में नदी फिर तेवर में आई तो ढेमवाघाट को जोड़ने वाली अन्य प्रमुख सड़कें भी कट गईं। 2023 में इसके पुनर्निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी ने 42 करोड़ रुपये मांगा, जो शासन में स्वीकृत नहीं हुआ। यही नहीं, बचा 150 मीटर हिस्सा भी बह गया। चार वर्षों से क्षतिग्रस्त सड़क के पुनर्निर्माण में नदी का रुख अड़ंगा बना है। बनने पर भी यह कैसे सुरक्षित रहेगा। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की इस समस्या का उत्तर खोज रही है, लेकिन वह निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है। एप्रोच मार्ग कट जाने से गोंडा के नवाबगंज अन्य क्षेत्रों के चार पहिया वाहनों को अयोध्या होते हुए फैजाबाद जाना पड़ता था जबकि अयोध्या के सोहावल समेत अन्य लोगों को नवाबगंज व अयोध्या होते हुए आना जाना पड़ता है। कैसरगंज सांसद करन भूषण सिंह ने मुख्यमंत्री से पीपा पुल निर्माण की मांग की थी। इसके बाद दो करोड़ 16 लाख रुपये से 400 मीटर लंबे पुल बनाने की स्वीकृति शासन ने दी थी, जो अब बन गया है। लोक निर्माण खंड द्वितीय के प्रभारी अधिशासी अभियंता पीके त्रिपाठी ने बताया कि ढेमवाघाट पर पुल निर्माण पूरा हो गया है,जो गोंडा के साथ अयोध्या के लोगों के आवागमन को आसान बनाएगा।

प्रदेशभर में सख्त निगरानी के बीच परीक्षा सकुशल सम्पन्न

6 जनपदों में दो पालियों में शांतिपूर्ण व नकलविहीन परीक्षा लखनऊ उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा सहायक आचार्य (विज्ञापन संख्या-51) के अंतर्गत 17 विषयों की लिखित पुनर्परीक्षा प्रदेश के 53 परीक्षा केंद्रों पर सफलतापूर्वक सम्पन्न कराई गई। परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण, नकलविहीन और निर्धारित समय पर आयोजित की गई। इस पुनर्परीक्षा में कुल 19,718 अभ्यर्थी शामिल हुए। इनमें 41.35% महिला और 58.65% पुरुष अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई, जो परीक्षा के प्रति अभ्यर्थियों की गंभीरता और उत्साह को दर्शाता है। 6 प्रमुख जनपदों में दो पालियों में आयोजन यह परीक्षा प्रदेश के 6 प्रमुख जनपदों, आगरा, मेरठ, लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर और वाराणसी में आयोजित की गई। प्रथम पाली सुबह 09:30 बजे से 11:30 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 02:30 बजे से 04:30 बजे तक आयोजित हुई, जिसमें अभ्यर्थियों की व्यापक भागीदारी देखने को मिली। 17 विषयों की हुई परीक्षा पुनर्परीक्षा में एशियन कल्चर, म्यूजिक तबला, फिजिकल एजुकेशन, उर्दू, इंग्लिश, सोशियोलॉजी, केमिस्ट्री, एजुकेशन, जूलॉजी, बॉटनी, एग्रीकल्चरल इकोनॉमिक्स, हिंदी, लॉ, एनिमल हसबेंड्री एंड डेयरींग, म्यूजिक वोकल, फिलॉसफी और एंथ्रोपोलॉजी सहित कुल 17 विषय शामिल रहे। एआई इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम से सघन निगरानी परीक्षा की पारदर्शिता और शुचिता सुनिश्चित करने के लिए आयोग में स्थापित एआई इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से सभी केंद्रों की लाइव निगरानी की गई। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार, सचिव, परीक्षा नियंत्रक और उपसचिव की मौजूदगी में एआई कैमरों के जरिए परीक्षार्थियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई। एआई आधारित निगरानी और सख्त प्रशासनिक व्यवस्था के चलते यह परीक्षा पारदर्शिता और निष्पक्षता का उदाहरण बनी है। आयोग द्वारा अपनाई गई तकनीकी व्यवस्था भविष्य की परीक्षाओं के लिए भी एक मॉडल के रूप में देखी जा रही है। लखनऊ केंद्र पर आग की घटना, त्वरित कार्रवाई से स्थिति नियंत्रित लखनऊ के गोमतीनगर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में प्रथम पाली से पहले प्राचार्य कक्ष में एसी वायरिंग में आग लगने की सूचना मिली। हालांकि प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत आग पर काबू पा लिया और नोडल अधिकारी व आयोग के प्रेक्षक की मौजूदगी में परीक्षा केंद्र को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत संचालित कर परीक्षा सकुशल सम्पन्न कराई गई। नकलविहीन और व्यवस्थित परीक्षा संचालन प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा नकलविहीन, शुचितापूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुई। इसमें संबंधित जिला प्रशासन के अधिकारियों का सक्रिय सहयोग भी देखने को मिला।

लैंडिंग में गड़बड़ी से हादसा: यूपी में ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट रनवे से भटका, पायलट सुरक्षित

अलीगढ़ अलीगढ़ एयरपोर्ट पर शनिवार को बड़ा हादसा होने से बच गया। फ्लाइंग एकेडमी का विमान रनवे पर सेंटर लाइन से हटने पर दुघर्टनाग्रस्त हो गया। हादसा लैंडिंग के दौरान हुआ। विमान को महिला ट्रेनी पायलट लैंडिंग करा रही थीं। हादसे में पायलट भी बाल-बाल बचीं। एयरपोर्ट अथॉरिटी के अफसर मामले की जांच कर रहे हैं। धनीपुर स्थित अलीगढ़ एयरपोर्ट पर दो फ्लाइंग एकेडमी चेतक व पायनियर संचालित है। इनके द्वारा पायलटों को विमान उड़ाने की ट्रेनिंग दी जाती है। देशभर के बच्चे यहां ट्रेनिंग ले रहे हैं। शनिवार को भी रोजाना की तरह ही पायनियर एकेडमी के विद्यार्थी विमान उड़ा रहे थे। करीब साढ़े नौ बजे सेशना-152 विमान को उड़ाकर वापसी करते हुए महाराष्ट्र के नागपुर की महिला ट्रेनी पायलट लैंडिंग कर रही थीं। इसी दौरान रनवे के सेंटर लाइन से विमान करीब एक मीटर तक हटते हुए दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में महिला ट्रेनी पायलट भी बाल-बाल बची। हादसे की जानकारी मिलते ही पायनिर कंपनी के अधिकारी घटना स्थल पर पहुंच गए। कुछ ही देर बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी के डायरेक्टर सत्यव्रत सारस्वत ने घटना स्थल का निरीक्षण करते हुए महिला ट्रेनी पायल से बात की। क्या होता है सोलो पायलट सोलो पायलट वह पायलट है, जो विमान को अकेले उड़ाता है, बिना किसी अन्य पायलट या यात्री के यह एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण चरण है, जो पायलट को विमान संचालन में आत्मनिर्भर बनाता है और खुद को तनावपूर्ण स्थितियों से निपटने में मदद करता है। 12 एयरक्राफ्ट से 100 प्रशिक्षु ले रहे ट्रेनिंग धनीपुर एयर पोर्ट पर पायनियर के अलावा चेतक फ्लाइंग क्लब रजिस्टर्ड हैं। फिलहाल चेतक और पायनियर फ्लाइंग क्लब में 100 प्रशिक्षु हैं। दोनों क्लब के पास 12 एयर क्राफ्ट हैं। पूर्व में भी हो चुके हैं हादसे ​अलीगढ़ एयरपोर्ट पर प्रशिक्षण विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी पायनियर एविएशन कंपनी के विमान यहां हादसों का शिकार हो चुके हैं। मई 2025 में भी पायनियर का विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। क्या बोले जिम्मेदार एयरपोर्ट अथॉरिटी डायरेक्टर सत्यव्रत सारस्वत ने बताया, सुबह के समय सूचना आई थी कि एयरपोर्ट के रनवे पर कुछ हुआ है। मौके पर जाकर देखा गया था एक ट्रेनी विमान रनवे की सेंटर लाइन से अलग गया था। हालांकि विमान व पायलट दोनों सुरक्षित हैं। प्रभारी एयरपोर्ट अतुल गुप्ता का कहना है कि एयरपोर्ट प्रशासन द्वारा घटना की जानकारी दी गई थी। विमान व ट्रेनी पायलट दोनों ही सुरक्षित बताए गए हैं। प्रशासन द्वारा मामले में जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है। वहीं पायनियर फ्लाइंग क्लब अधिकारी अनिल कुमार का कहना है कि बताया, रनवे पर ही विमान रहा था। सेन्टर लाइन से दो-तीन मीटर तक इधर-उधर ट्रेनी विमान रह सकता है। सबकुछ सामान्य है।  

बंगाल की धरती पर गरजे सीएम योगी- ममता बनर्जी सिंहासन खाली करो, बीजेपी आ रही है

कूच बिहार/जलपाईगुड़ी.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में फिर गरजे। माथाभांगा व धुपगुड़ी विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित जनसभाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक पर लोकसभा में विपक्षी दलों के रुख की भर्त्सना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों के पैरोकारों ने यह संशोधन विधेयक पास नहीं होने दिया। यह देश की आधी आबादी का अपमान है, माता-बहनें इसे किसी रूप में बर्दाश्त नहीं करेंगी। सीएम योगी ने पश्चिम बंगाल की मौजूदा अराजक स्थिति के लिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को दोषी ठहराते हुए ऐलान किया कि ममता बनर्जी सिंहासन खाली करो, बीजेपी आ रही है। अब बंगालवासियों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। आधी आबादी को हक नहीं देना चाहते विपक्षी दल  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहन-बेटियों के लिए लोकसभा व विधानसभाओं में 33 फीसदी आरक्षण 2029 में लागू करने का संशोधन विधेयक संसद में प्रस्तुत किया, लेकिन कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, सपा व वामपंथियों ने इसे पास नहीं होने दिया। ये लोग आधी आबादी को उसका हक नहीं देना चाहते, लेकिन बांग्लादेशी घुसपैठियों की पैरोकारी करते हैं। बंगाल में मुसलमानों का नाम मतदाता सूची में चढ़े और वे गरीबों के हक पर डकैती डाल सकें,  तृणमूल सरकार का यही काम है। आखिर यह कब तक चलेगा। नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को गिराने से आधी आबादी का अपमान हुआ है। देश की बहन-बेटियां इसे कतई स्वीकार नहीं कर सकती हैं।  देश ने संसद में देखा मां के साथ तृणमूल का व्यवहार  सीएम योगी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस मां, माटी व मानुष की बात करती थी। देश-दुनिया ने संसद में मां के साथ उनके व्यवहार को देखा। बंगाल में माटी की स्थिति यह है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों द्वारा यहां के राजवंशियों व नागरिकों का हक छीना जा रहा है। मानुष टीएमसी की गुंडागर्दी से भयभीत है। उपज का दाम नहीं मिलने से किसान पलायन करने को विवश है। यूपी में आलू का दाम 15 से 20 रुपए है और यहां एक से डेढ़ रुपए। टीएमसी के 15 वर्ष के कार्यकाल में 7000 से अधिक बड़े कारखाने बंद हुए। यूपी में हमने तीन करोड़ नौजवानों को रोजगार दिया, लेकिन बंगाल में 30 लाख नौजवान बेरोजगार हुए। धान व मछली उत्पादन में लगातार गिरावट आ रही है। केंद्र सरकार विकास के लिए जो पैसा देती है, वह जरूरतमंदों तक नहीं पहुंचता। यह पैसा तृणमूल के गुंडे व बांग्लादेशी घुसपैठिए खा जाते हैं। सैंड माफिया, बागान माफिया सभी आपके हक पर डकैती डाल रहे हैं। ममता दीदी को हिंदुओं व जय श्रीराम से चिढ़ टीएमसी प्रमुख पर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ममता दीदी को हिंदुओं व जय श्रीराम के उद्घोष से चिढ़ है। जिस तरह उन्होंने संसद में आधी आबादी को मिलने वाले हक का विरोध किया। ऐसे ही उन्होंने सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल के दौरान भी किया था। इस एक्ट में मोदी जी ने बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों में प्रताड़ित होकर भारत आने वाले हिंदू, जैन, सिख आदि को भारत की नागरिकता देने व जमीन का अधिकार देने का प्रावधान किया है। अभी पिछले सप्ताह ही उत्तर प्रदेश के अंदर 1056 ऐसे परिवारों को भूमि अधिकार दिया गया है, नागरिकता दी गई है, जिन्हें पूर्वी बंगाल से निकाला गया था। कांग्रेस, कम्युनिस्ट दलों व टीएमसी ने सीएए का विरोध किया, लेकिन हमारी सरकार दुनिया के किसी भी कोने में हिंदुओं के साथ मजबूती के साथ खड़ी रहेगी। उनकी सुरक्षा करेगी। मुसलमानों के अलावा किसी के बारे में नहीं सोचती टीएमसी मुख्यमंत्री ने टीएमसी को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि उसे मुस्लिम तुष्टिकरण से फुर्सत ही नहीं है। वह मुसलमानों के अलावा किसी के बारे में नहीं सोचती। बंगाल में आज ‘जय श्रीराम’ का नारा नहीं लगा सकते, क्योंकि सरकार आप पर अत्याचार करेगी, टीएमसी के गुंडे हमला बोल देते हैं। दुर्गापूजा से पहले उपद्रव हो जाता है। सरकार दुर्गापूजा व विसर्जन की अनुमति नहीं देती, गोहत्या कराती है और आमजन को प्रताड़ित करती है। 2017 से पहले यही स्थिति उत्तर प्रदेश में भी थी। वहां भी त्योहारों से पहले दंगे होते थे, महीनों कर्फ्यू रहता था। जय श्रीराम बोलने पर टीएमसी की पार्टनर सपा व कांग्रेस हमला कराती थीं और पुलिस से पिटवाती थीं। जुमे के दिन सड़कें जाम हो जाती थीं। सुबह 5 बजे से लोग मस्जिदों की आवाज से परेशान रहते थे। अब यूपी में अजान की आवाज केवल मस्जिद तक  सीएम योगी ने कहा कि अब यूपी में डबल इंजन सरकार के कारण ‘नो कर्फ्यू, नो दंगा, सब चंगा’ है। कोई माफिया या दंगाई दिखता है तो बुलडोजर उसकी हड्डी-पसली तोड़कर एक्सप्रेसवे बना देता है। यूपी में माफियाओं की संपत्ति को कब्जे में लेकर गरीबों के आवास बना दिए गए हैं। शुक्रवार या किसी अन्य मौके पर भी सड़क पर नमाज नहीं पढ़ी जाती। अजान की आवाज सिर्फ मस्जिद में सुनाई देती है। लव-लैंड जेहाद नहीं हो सकता। बंगाल के पास भी यह अंतिम अवसर है। हम उद्घोष करते हैं- गो माता को कटने और हिंदुओं को बंटने नहीं देंगे। बंगाल को मौलाना, मौलवियों के फतवों की धरती नहीं बनने देना है। इसे घुसपैठियों या काबा की नहीं, बल्कि मां काली, मां दुर्गा और मां सिद्धेश्वरी की धरती के रूप में स्थापित करना होगा। हमने यूपी में यह कर के दिखाया है, डबल इंजन सरकार आने पर बंगाल में भी कर के दिखाएंगे। कांवड़ यात्रा भी निकलेगी और दुर्गापूजा भी होगी सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले रामभक्तों पर गोली और डंडे चलते थे, लेकिन कांग्रेस, सपा, टीएमसी, डीएमके अयोध्या में श्रीराम मंदिर बनने से नहीं रोक पाए। डबल इंजन की स्पीड बुलेट की तरह है और इसके आगे ये सब पंक्चर हो गए। अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बन गया। यूपी में गाजियाबाद से हरिद्वार, प्रयागराज से काशी, अयोध्या से गोरखपुर, बरेली समेत अनेक स्थानों पर ‘हर-हर महादेव’ उद्घोष के साथ निकलने वाली कांवड़ यात्राओं में चार-चार करोड़ शिवभक्त आते हैं। 2017 के पहले यह यात्रा नहीं निकलते दी जाती थी। सपा, कांग्रेस व टीएमसी वाले कहते थे कि इससे धर्म निरपेक्षता खतरे में पड़ जाएगी, दंगे हो जाएंगे। 2017 में भी इन्होंने यही कहा था, तब मैंने कहा कि यहां दुर्गापूजा होगी और कांवड़ … Read more

योगी सरकार ने खोले दरवाजे, हर अपवंचित बच्चे को मिल रहा शिक्षा का अधिकार

लखनऊ.  जिन घरों में कभी अच्छी शिक्षा एक सपना थी, वहां अब उम्मीद ने दस्तक दे दी है। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के अंतर्गत योगी सरकार ने एक बार फिर यह साबित किया है कि नीतियां कागजों तक सीमित न रहकर जमीन पर बदलाव का माध्यम बन रहीं हैं। वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश में अब तक 1,03,439 बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जा चुका है, जिससे हजारों गरीब और वंचित परिवारों के सपनों को नई दिशा मिली है। आंकड़ों का यह शुरुआती रुझान संकेत दे रहा है कि आने वाले चरणों में यह संख्या और तेजी से बढ़ेगी, क्योंकि नामांकन प्रक्रिया अभी जारी रहेगी। राज्य के लखनऊ, वाराणसी, बुलंदशहर और बंदायू जनपद नामांकन में आगे हैं। आंकड़ों के अनुसार लखनऊ में 7,952, वाराणसी में 4,957, बुलंदशहर 4154 और बदायूं में 3599 बच्चों का नामांकन हुआ है। अभिभावकों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है और वे अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए आगे बढ़ रहे हैं। सरकार की इस पहल का सबसे बड़ा प्रभाव समाज के अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों पर पड़ा है। अब आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को भी निजी विद्यालयों में पढ़ाई के अवसर मिलने लगे हैं, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर की मजबूत नींव रखी जा रही है। यह कदम शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में भी एक परिवर्तनकारी पहल साबित हो रहा है। सरकार की पारदर्शी नीति से हो रहा संभव अपने अधिकारों, सुविधाओं या अवसरों से वंचित बच्चों की शिक्षा को लेकर गंभीर योगी सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाया है। ऑनलाइन आवेदन और चयन प्रणाली के माध्यम से पात्र बच्चों को बिना किसी भेदभाव के लाभ मिल रहा है। यही कारण है कि योजना के प्रति आमजन में विश्वास और सहभागिता लगातार बढ़ रही है। बेसिक शिक्षा विभाग का मानना है कि जुलाई तक चलने वाली नामांकन प्रक्रिया के दौरान और अधिक पात्र बच्चों को इस योजना से जोड़ा जा सकेगा। आरटीई नामांकन में टॉप 10 जनपद जनपद                        नामांकन लखनऊ                 7952 वाराणसी                4957 बुलंदशहर                4154 बदायूं                      3599 मुरादाबाद                3246 आगरा                     3086 कानपुर नगर            2476 गोरखपुर                  2352 अलीगढ़                  2320 गाजियाबाद             2209

15 अप्रैल तक अकेले लखनऊ में 3,133 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित, उत्तर प्रदेश का अव्वल प्रदर्शन

लखनऊ.  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए देशभर में सोलर इंस्टॉलेशन के मामले में शीर्ष स्थान प्राप्त कर लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य में चल रहे रुफटॉप सौर ऊर्जा के क्षेत्र में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत अभियान ने लखनऊ को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बना दिया है। उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा अभिकरण के निदेशक इंद्रजीत सिंह ने बताया कि पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना के अंतर्गत लखनऊ में अब तक 87,000 से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जो देश के किसी भी जिले में सबसे अधिक हैं। 15 अप्रैल तक लखनऊ में 3,133 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए गए। यह उपलब्धि लखनऊ को सोलर ऊर्जा अपनाने के मामले में देश का अग्रणी जिला बनाती है।  विशेषज्ञों के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में घरेलू गैस के स्थान पर इंडक्शन कुकटॉप के बढ़ते उपयोग तथा इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग के कारण बिजली की खपत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके साथ ही, बढ़ते बिजली बिल को नियंत्रित करने की इच्छा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता ने लोगों को तेजी से सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित किया है। रूफटॉप सोलर सिस्टम उपभोक्ताओं को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ प्रदान कर रहे हैं और उन्हें ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रहे हैं। केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकार की सोलर सब्सिडी और सरल आवेदन प्रक्रिया इस वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। साथ ही, डिस्कॉम और संबंधित एजेंसियों के सहयोग से इंस्टॉलेशन प्रक्रिया अधिक तेज और सुगम हो गई है। लखनऊ की यह उपलब्धि अन्य जिलों के लिए प्रेरणा बन रही है। उत्तर प्रदेश के अन्य शहर भी सोलर इंस्टॉलेशन में तेजी दिखा रहे हैं और राज्य देश के अग्रणी घरेलू रूफटॉप सोलर ऊर्जा केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।

अखिलेश यादव की चाय वाली दुकान पर रेड! खाद्य विभाग की कार्रवाई के बाद शटर डाउन

फतेपुर यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन सियासत अभी से तेज हो गई है। दो महीने पहले जिस दुकान पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने चाय पी थी, अब वहां खाद्य विभाग ने छापा मारा है। दुकानदार का आरोप है कि जब से सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उसके यहां चाय पी है तभी से उन्हें परेशान किया जा रहा है। कभी दबंग गाली-गलौज करके मारपीट करते हैं तो भी अधिकारी आए दिन आकर परेशान करते हैं और कई तरह के सवाल-जवाब करते हैं। दुकानदार ने अब चाय की दुकान को बंद कर दिया है। वजह कुछ भी हो लेकिन चाय की दुकान पर खाद्य विभाग की छापेमारी से सियासत गर्माने लगी है। सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के चौकी चौराहे स्थित एक चाय दुकान पर खाद्य विभाग ने छापेमारी की है। यह वही दुकान है जिसमें सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बीती 20 फरवरी को चाय पी थी। दुकानदार का आरोप है कि जब से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनकी दुकान में चाय पी है। उसके बाद से उनके साथ चीजें ठीक नहीं हो रही है। 15 अप्रैल को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने चौकी चौराहा स्थित शेषमणी यादव की चाय दुकान पर पहुंचकर निरीक्षण किया और चाय पत्ती का नमूना जांच के लिए भेज दिया। इसके बाद यह चर्चा तेज हो गई कि सपा प्रमुख को चाय पिलाने के चलते दुकानदार को निशाना बनाया गया है, जिससे राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। अफसरों ने दुकानदार के आरोपों को किया खारिज मामला सुर्खियों में आने के बाद सहायक आयुक्त खाद्य राजेश दीक्षित ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए बताया कि यह कार्रवाई एक अप्रैल को आईजीआरएस पोर्टल पर मिली शिकायत के आधार पर की गई थी। उन्होंने बताया कि दुकान का लाइसेंस वर्ष 2028 तक वैध है और विभाग के पास सीधे दुकान सीज करने का प्रावधान भी नहीं है। साथ ही उसी दिन अन्य स्थानों पर भी नियमित जांच अभियान चलाया गया था। बतादें कि 20 फरवरी को अखिलेश यादव जिले में आए थे। यहां उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों के यहां आयोजित शादी कार्यक्रमो में हिस्सा लिया था। चौकी चौराहे से निकलते हुए चाय दुकान में चाय पी थी। इसकी तस्वीरें भी उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर साक्षा की थी। दुकानदार ने बंद क चाय की दुकान, बेटे ने फेसबुक पर लिखी पोस्ट खाद्य विभाग की छापेमारी से परेशान होकर दुकानदार ने चाय क दुकान को बंद कर दिया। इसके बाद उसके बेटे आर्यन ने फेसबुक पर एक भावनात्मक पोस्ट लिखी। जिसमें उसने कहा, मैं आज से अपनी चाय की दुकान बंद कर रहा हूं। मैं एक गरीब फैमिली से हूं। मैं आप सभी से यह कहना चाहता हूं कि जब से हमारी दुकान में यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव जी ने चाय पी है तब से आए दिन दबंगों द्वरा हमारे साथ मारपीट, गाली-गलौज या फिर फूड सैंपल विभाग और अन्य विभाग के अधिकारी परेशान कर रहे हैं। इसी कारण सोशल मीडिया के माध्यम से मैं सारे पत्रकार भाइयों एवं हमारे जिले के कप्तान अंकल को यह बताना चाहता हूं कि मैं आज से अपनी चाय की दुकान बंद रहा हूं क्यों मैं एक गरीब फैमिली से हूं जो कि हम लोग लड़ाई झगड़ा करने वाले लोगों में से नहीं है और न ही हम किसी से लड़ाई कर पाएंगे। हमें इतना ज्यादा परेशान कर दिया गया है कि हम अपना गांव घर दुकान सब छोड़कर जा रहे हैं। आप सभी को धन्यवाद।  

बिजली संकट खत्म! योगी सरकार का बड़ा ऐलान—प्रदेश को मिलेगी 34 हजार मेगावॉट पावर

लखनऊ.  योगी सरकार ने प्रदेशवासियों को भीषण गर्मी में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां पूरी कर ली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर ऊर्जा विभाग ने इस वर्ष पीक डिमांड को ध्यान में रखते हुए लगभग 34,000 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने की रणनीति बनाई है। इसके लिए सभी नए थर्मल पावर प्लांट यूनिट्स को चालू कर दिया गया है। वहीं, पीक आवर्स में करीब 80 प्रतिशत बिजली की मांग पहले से किए गए एमओयू से पूरी की जाएगी। इसके अलावा अतिरिक्त मांग को बिजली एक्सचेंज के जरिये पूरा किया जाएगा। पीक डिमांड 33 हजार मेगावाट के पार जाने का अनुमान यूपीपीसीएल के एमडी पंकज कुमार ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी अप्रैल से सितंर के बीच बिजली की मांग बढ़ेगी। पिछले वर्षों की डिमांड को देखते हुए इस वर्ष जून में पीक डिमांड लगभग 33,375 मेगावाट तक पहुंच सकती है, जो अब तक के उच्चतम स्तरों में से एक होगी। मई और जुलाई में भी मांग 31 से 32 हजार मेगावाट के बीच रहने की संभावना है। इस बढ़ती मांग को देखते हुए विभाग ने अग्रिम तैयारी करते हुए उत्पादन और आपूर्ति के सभी स्रोतों को सक्रिय कर दिया है। वहीं पीक डिमांड को ध्यान में रखते हुए लगभग 34,000 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने की रणनीति तैयार कर ली गयी है। उन्होंने बताया कि सभी नए थर्मल पावर प्लांट यूनिट्स को चालू कर दिया गया है। घाटमपुर, खुर्जा, पनकी, ओबरा और जवाहरपुर जैसे प्रमुख परियोजनाओं से उत्पादन शुरू हो चुका है। इन परियोजनाओं के चालू होने से प्रदेश की उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वहीं घाटमपुर की तीसरी यूनिट 30 अप्रैल तक चालू हो जाएगी, जिससे बिजली आपूर्ति को और मजबूती मिलेगी। 80 प्रतिशत बिजली की मांग पहले से तय एमओयू से होगी पूरी एमडी ने बताया कि पीक आवर्स में करीब 80 प्रतिशत बिजली की मांग पहले से किए गए एमओयू (लॉन्ग टर्म टाई-अप) के जरिए पूरी की जाएगी। इससे अचानक मांग बढ़ने की स्थिति में भी स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। इसके साथ ही शेष मांग को पूरा करने के लिए बिजली एक्सचेंज प्लेटफॉर्म जैसे आईईएक्स, पीएक्सआईएल और एचपीएक्स की मदद ली जाएगी। इन प्लेटफॉर्म के माध्यम से जरूरत के समय अतिरिक्त बिजली खरीदी जाएगी। इससे न केवल मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बना रहेगा, बल्कि उपभोक्ताओं को कटौती से भी राहत मिलेगी। इसके अलावा कुछ राज्यों के साथ लगभग 4,663 मिलियन यूनिट (एमयू)बिजली की बैंकिंग व्यवस्था की गई है। ऐसे में जरूरत पड़ने पर अन्य राज्यों से बिजली ली जा सकेगी और बाद में वापस की जाएगी। यह व्यवस्था भी आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मॉनिटरिंग की गई तेज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में उच्च स्तरीय बैठक में बिजली आपूर्ति को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा था कि किसी भी स्थिति में उपभोक्ताओं को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने नियमित समीक्षा बैठकों के जरिए तैयारियों की निगरानी बढ़ा दी है। साथ ही ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को भी मजबूत किया जा रहा है, ताकि तकनीकी खराबियों के कारण बाधा न आए। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समान रूप से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिये। इसके लिए फीडर स्तर पर निगरानी बढ़ाई गई है और लाइन लॉस कम करने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। स्मार्ट मीटरिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम को भी तेजी से लागू किया जा रहा है।