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स्केटिंग ग्राउंड बना युवाओं के सपनों का रनवे, खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री को कहा- धन्यवाद

लखनऊ.  राजधानी के जनेश्वर मिश्र पार्क में तैयार हुए अत्याधुनिक स्केटिंग ग्राउंड ने अब सिर्फ एक खेल सुविधा नहीं, बल्कि हजारों बच्चों और युवाओं के सपनों को नई दिशा दे दी है। इस पहल के लिए खिलाड़ियों, अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति गहरा आभार जताया है। खिलाड़ियों द्वारा मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में इस परियोजना को “दूरदर्शी और युवा-केंद्रित नेतृत्व का परिणाम” बताया गया है। पत्र में कहा गया कि जहां पहले बच्चे सड़कों पर जोखिम उठाकर अभ्यास करते थे, वहीं अब उन्हें सुरक्षित, आधुनिक और प्रेरणादायक वातावरण मिल रहा है। बच्चों के शब्दों में भावनाओं की झलक साफ दिखी। उन्होंने कहा कि आपने हमें सड़कों से निकालकर स्टेडियम तक पहुंचाया है, अब हमारा लक्ष्य स्टेडियम से अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुंचना है। यह कथन न केवल खुशी का इजहार है, बल्कि प्रदेश में उभरती खेल प्रतिभाओं की नई उड़ान का संकेत भी है। खिलाड़ियों ने 16 जुलाई 2022 की उस मुलाकात को भी याद किया, जब उन्होंने अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखी थीं। उनका कहना है कि उस दिन मिला आश्वासन आज जमीन पर उतरा दिखाई दे रहा है। एक ऐसा स्केटिंग ग्राउंड, जो वचनबद्धता और संवेदनशील शासन का प्रतीक बन गया है। इस पहल को खेल अवसंरचना के विस्तार से कहीं आगे देखा जा रहा है। यह युवाओं के आत्मविश्वास, ऊर्जा और भविष्य निर्माण का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। “युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति” के संकल्प को साकार करते हुए यह कदम उत्तर प्रदेश को खेल प्रतिभाओं का मजबूत केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। कोच अंजनी कुशवाहा के साथ-साथ आद्विका चौरसिया, श्रुति श्रीवास्तव, नफीसा नवाज, वृद्धि कश्यप, सुजैन नवाज, प्रीत मिश्रा, अव्याना सिंह, सिद्धि ऋषिता चतुर्वेदी, सांविका, अजान खान, समायरा, आयमान के. काकोर, शिवाय पाठक, शाहजैब नवाज, हैदर नवाज, गोत्रा देशपांडे, आश्चर्य खरे, राघवन श्रीवास्तव, निखिल यादव, एशन राज सिंह और निर्मल तंवर भाटी समेत कई खिलाड़ियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।

योगी सरकार का बड़ा कदम: ‘संध्या संवाद’ से और धार पाएगा विकास का विजन

लखनऊ.  योगी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से देवीपाटन मंडल में ग्राम पंचायत स्तर पर “संध्या संवाद कार्यक्रम” की अभिनव पहल की जा रही है। इसकी शुरुआत 8 मई को श्रावस्ती की एक ग्राम पंचायत से की जाएगी। इस दौरान ग्राम पंचायत में “संध्या संवाद कार्यक्रम” के तहत देवीपाटन मंडलायुक्त द्वारा ग्रामीणों के साथ खुली चौपाल में उनकी समस्याओं को सुना जाएगा और मौके पर मौजूद अधिकारियों द्वारा समस्या का तत्काल समाधान किया जाएगा। इसके अलावा योगी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित लोगों को लाभ देने के लिए मंडलायुक्त के निर्देश पर ग्राम पंचायत में शिविर भी लगाया जाएगा, जहां तत्काल योजनाओं को लाभ दिया जाएगा।  “संध्या संवाद कार्यक्रम” में ग्रामीणों से स्थापित किया जाएगा सीधा संवाद  देवीपाटन मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के मंत्र को प्रभावी रूप से धरातल पर उतारने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर “संध्या संवाद कार्यक्रम” का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हमेशा प्रयास रहा है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका वास्तविक लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए प्रदेश में समय-समय पर विभिन्न जनसंपर्क और जनसुनवाई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है। ऐसे में सीएम योगी की मंशा के अनुरूप देवीपाटन मंडल के चार जिलों गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती और बलरामपुर में ग्राम पंचायत स्तर पर “संध्या संवाद कार्यक्रम” का आयोजन किया जाएगा। इसकी शुरुआत 8 मई को श्रावस्ती में चयनित ग्राम पंचायत स्तर पर मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल की अगुवाई में “संध्या संवाद कार्यक्रम” के तहत खुली चौपाल आयोजित की जाएगी। संवाद कार्यक्रम में ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा। ग्रामीण अपनी समस्याएं, सुझाव और अनुभव सीधे प्रशासन के सामने रख सकेंगे। इससे न केवल समस्याओं का त्वरित समाधान संभव होगा, बल्कि योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं की भी पहचान की जा सकेगी। एक दिवसीय विशेष शिविर में सरकारी योजनाओं का मौके पर ही दिया जाएगा लाभ मंडलायुक्त ने बताया कि चयनित ग्राम में एक दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन भी किया जाएगा, जहां पात्र व्यक्तियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मौके पर ही प्रदान किया जाएगा। लाभार्थियों को उसी दिन प्रमाणपत्र वितरित किए जाएंगे, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में योजनाओं का पारदर्शी तरीके से वितरण किया जाए। इसके अलावा श्रावस्ती में 8 मई को सुबह 10 बजे से 12 बजे तक जनसुनवाई की जाएगी। इसके बाद दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक विभिन्न विभागों के कर्मचारियों और पेंशनरों, विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों की विभागीय और पेंशन संबंधी समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा। वहीं दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक जिले में निर्मित एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। इस दौरान मंडलायुक्त द्वारा स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी आवश्यक अभिलेखों के साथ मौके पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गये हैं ताकि कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। वहीं, शाम 5 बजे से 7 बजे के बीच श्रावस्ती की चयनित ग्राम पंचायत में “संध्या संवाद” का आयोजन किया जाएगा।  

सीएम योगी के हाथों सम्मान पाकर अभिलाषा बोलीं- ‘डॉक्टर बनना है सपना’

लखनऊ.  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 1 मई को आयोजित 'श्रमवीर गौरव समारोह-2026' प्रदेश के श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बन गया। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्कृष्ट कार्य के लिए 5 श्रमिकों और अटल आवासीय विद्यालय के कक्षा 10 के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया। इन छात्र-छात्राओं को प्रमाणपत्र के साथ-साथ टैबलेट भी दिया गया। मुख्यमंत्री से सम्मान पाकर भावुक हुए मुन्नालाल ने कहा कि हम चाहते हैं कि 2027 में फिर से योगी सरकार बने, क्योंकि इससे अच्छी सरकार अभी तक हमें नहीं मिली है। कई जनकल्याणकारी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कार्यक्रम में 5 चयनित श्रमिकों को प्रमाणपत्र और टूलकिट प्रदान कर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान पाकर श्रमिकों के चेहरे भी खुशी से खिल उठे। सीतापुर के मुन्नालाल ने बताया कि पहले दिक्कत ही दिक्कत थी, अंधेरे में रहते थे, मिट्टी के तेल वाली डिबरी जलाकर काम चलाते थे। योगी जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद से हमारे घर में लाइट आ गई है। आवास और गैस सिलेंडर का कनेक्शन भी मिला। साथ ही होली और दिवाली पर फ्री में गैस सिलेंडर मिलता है।  समय से मिल रही मजदूरी तो हालात हुए बेहतर  बरेली के रहने वाले आकाश को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया है। आकाश ओमैक्स मेट्रो सिटी कल्ली पश्चिम रायबरेली रोड लख़नऊ में मिस्त्री के साथ हेल्पर के रूप में काम करते हैं। आकाश ने बताया कि अब उन्हें समय से मजदूरी मिलती है, जिससे परिवार का भरण-पोषण सुचारु रूप से हो पा रहा है और आर्थिक स्थिति में भी सुधार हुआ है।  महिला श्रमिकों ने सुविधाएं देने के लिए जताया आभार लखनऊ की महिला श्रमिक प्यारी और सरस्वती ने भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि अब उन्हें काम के साथ-साथ सभी आवश्यक सुविधाएं और समय पर भुगतान मिल रहा है, जिससे जीवन पहले की तुलना में काफी बेहतर हुआ है। छात्र-छात्राओं ने सम्मान पाकर गर्व व्यक्त किया समारोह में अटल आवासीय स्कूल के कक्षा 10 के 10 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया है। छात्रों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों सम्मान पाकर गर्व व्यक्त किया है। छात्रा अभिलाषा ने कहा कि मुख्यमंत्री जी से सम्मान पाकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। हमारे विद्यालय में पढ़ाई का स्तर बहुत अच्छा है और सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। आज हमें जो सम्मान मिला है, वह हमारे लिए गर्व की बात है। मैं आगे चलकर डॉक्टर बनना चाहती हूं। मुख्यमंत्री जी का मैं दिल से धन्यवाद करती हूं। अटल आवासीय विद्यालय आगरा के छात्र गणेश कुमार ने कहा कि मैंने कभी सोचा नहीं था कि मुख्यमंत्री जी के हाथों सम्मानित होने का मौका मिलेगा। आज यह सम्मान पाकर मुझे बेहद गर्व हो रहा है। हमारे विद्यालय में पढ़ाई, खेल और स्मार्ट क्लासेज जैसी सभी नेशनल लेवल की सुविधाएं उपलब्ध हैं। मैं आगे चलकर आईपीएस बनना चाहता हूं।  प्रिंसिपल बोले- सम्मान से बढ़ा उत्साह अटल आवासीय विद्यालय प्रयागराज के प्रिंसिपल डॉ. गोपाल कांत मिश्रा ने कहा कि यह सम्मान न केवल शिक्षकों का उत्साह बढ़ाता है, बल्कि छात्रों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि श्रमिकों के बच्चों में मेहनत करने की अद्भुत क्षमता होती है और यही इन विद्यालयों की सबसे बड़ी ताकत है।

सीएम योगी का श्रमिकों के लिए मेगा प्लान: ग्रेटर नोएडा में अस्पताल, स्कूल और सुविधा केंद्र का शिलान्यास

लखनऊ.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ‘श्रमवीर गौरव समारोह 2026’ के दौरान श्रमिक कल्याण एवं आधारभूत संरचना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और उन्हें आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रेटर नोएडा के विभिन्न सेक्टरों में श्रमिक सुविधा केंद्रों के निर्माण का बटन दबाकर शिलान्यास किया। इन केंद्रों के निर्माण से श्रमिकों को एक ही स्थान पर आवश्यक सेवाएं और सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इसके साथ ही ईएसआईसी अस्पताल, ग्रेटर नोएडा के लिए भूमि आवंटन पत्र प्रदान किया गया। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने क्षेत्रीय निदेशक ईएसआईसी कालीचरण झा को यह आवंटन पत्र सौंपा। 7.2 एकड़ भूमि पर बनने वाला यह 300 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल क्षेत्र के श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगा। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने सीएम कंपोजिट विद्यालय, जेवर के निर्माण का भी शिलान्यास किया। इस विद्यालय के निर्माण से क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे। प्रतिभा और परिश्रम का सम्मान श्रमवीर गौरव समारोह 2026 के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में अटल आवासीय विद्यालयों के मेधावी छात्र-छात्राओं, प्रधानाचार्यों और श्रमिकों को सम्मानित किया गया। सीबीएसई 10वीं के पहले ही बैच में 100% परीक्षा परिणाम हासिल करने वाले प्रयागराज और वाराणसी के अटल आवासीय विद्यालयों ने इतिहास रच दिया। इस उपलब्धि पर प्रयागराज के प्रधानाचार्य डॉ. गोपालकांत मिश्रा और वाराणसी के प्रधानाचार्य श्री सत्येंद्र प्रसाद सिंह को सम्मानित किया गया। वहीं, कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए टैबलेट वितरित किए गए। सम्मानित छात्राओं में वाराणसी की श्वेता, आजमगढ़ की अंशिका यादव, बस्ती की सृष्टि गुप्ता, लखनऊ की रीत मौर्या और अयोध्या की अभिलाषा शामिल रहीं। वहीं छात्र वर्ग में आजमगढ़ के संगम यादव, वाराणसी के हर्ष कुशवाहा, प्रयागराज के हर्षित, आगरा के गणेश कुमार और मुरादाबाद के उदय प्रताप को प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने पर सम्मानित किया गया। समारोह में श्रमिकों के योगदान को भी विशेष रूप से सराहा गया। मुन्नालाल, पंचम, आकाश, प्यारी और सरस्वती को प्रमाण पत्र और टूलकिट प्रदान कर सम्मानित किया गया।

योगी सरकार में महिला सुरक्षा: दावों से आगे, ज़मीन पर दिख रहा बड़ा बदलाव

लखनऊ.  उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 से पहले महिला सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा रहा। इससे पहले महिला अपराध के चलते यूपी का नाम देश ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छाया रहता था। वहीं बीते 9 वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए बड़े कम उठाए हैं। इससे प्रदेशभर की बहन-बेटियों में सुरक्षा का भाव देखने को मिल रहा है। योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में महिला अपराधों पर अंकुश लगना शुरू हुआ। इसके साथ ही अपराधियों में भय देखने को मिल रहा है। योगी सरकार में महिला अपराध से जुड़े मामलों की सुनवाई भी तेजी से की जा रही है, ताकि कोई अपराधी बच न पाए। इस सरकार में महिला सुरक्षा केवल दावा नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर दिखने वाला बदलाव भी है। इसके उदाहरण के तौर पर बीट पुलिसिंग, मिशन शक्ति, पिंक बूथ, एंटी रोमियो स्क्वाड, फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसे कई अहम प्रयास को देखा जा सकता है। 9 साल में 218 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए गए सपा सरकार के 5 वर्षों के शासन में एक भी फास्ट ट्रैक पॉक्सो कोर्ट नहीं बना, जबकि पॉक्सो एक्ट 2012 में ही लागू हो गया था। योगी सरकार में फास्ट ट्रैक कोर्ट और पॉक्सो विशेष न्यायालयों ने महिलाओं और बच्चियों को तेजी से न्याय दिलाया। योगी सरकार के 9 वर्षों में 218 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (एफटीएसटी) बनाए गए, जिनके जरिए बलात्कार और पॉक्सो मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है। वहीं 75 जिलों में स्थापित पॉक्सो विशेष न्यायालय के जरिए 6 महीने में निर्णय का लक्ष्य रखा गया है। योगी सरकार में 2017 से ऑपरेशन शक्ति के जरिए छेड़छाड़ रोकने के लिए विशेष पुलिस अभियान जारी है। वहीं वर्ष 2020 से मिशन शक्ति के तहत महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से जुड़ा एकीकृत अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 40 हजार पुलिसकर्मियों को अपराध रोकने के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया। 5 करोड़ शिकायतों का निवारण किया महिला हेल्पलाइन 1090 के जरिए 5 करोड़ से ज्यादा बहन-बेटियों की शिकायतों का निवारण किया गया है। साथ ही यही से एफआईआर दर्ज कराने की भी सुविधा दी गई। योगी सरकार में पहली बार महिला पुलिस थानों की स्थापना की गई। हर जिले में कम से कम एक महिला पुलिस थाना संचालित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 में जिम्मेदारी संभालते ही छेड़खानी रोकने के लिए एंटी रोमियो स्क्वाड का गठन किया। आंकड़ों के मुताबिक फरवरी 2026 तक इन टीमों ने करोड़ों लोगों की चेकिंग की और हजारों की संख्या में मनचलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की। महिलाओं की सुरक्षा के लिए इसी सरकार में पिंक बूथ और आउटपोस्ट की शुरूआत की गई। इसके तहत 2500 से ज्यादा पिंक बूथ बनाए गए। साथ ही पिंक पेट्रोलिंग (दोपहिया और चौपहिया वाहनों से) की शुरुआत की गई। दूसरी तरफ सेफ सिटी प्रोजेक्ट के जरिए लखनऊ समेत कई जिलों को हजारों सीसीटीवी कैमरों की निगरानी से जोड़ा गया, ताकि महिलाओं की सुरक्षा के लिए ऑनलाइन निगरानी भी सुनिश्चित की जा सके। अभियोजन में आया सुधार योगी सरकार की मंशा है कि महिलाओं से जुड़े अपराध की सिर्फ रिपोर्ट ही न हो बल्कि उन पर कार्रवाई और सजा भी सुनिश्चित हो। जहां वर्ष 2012 में चार्जशीट दर 58.3 प्रतिशत थी, वो 2022 में बढ़कर 76.2 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इसमें लगातार सुधार किया जा रहा है। दोषसिद्धि दर 17.2 प्रतिशत से बढ़कर 27.8 प्रतिशत हो गई।  सपा शासन में न्यायालयों में महिलाओं के प्रति अपराधों के औसतन 78 प्रतिशत मामले लंबित रहते थे। योगी सरकार फास्ट ट्रैक और पॉक्सो कोर्ट के माध्यम से इसे 65 प्रतिशत तक ला चुकी है। योगी सरकार में महिलाओं के लिए कई अहम कदम उठाए गए। इससे पीड़िता खुद को दोषी नहीं समझती, बल्कि बिना डरे अपराध के खिलाफ आवाज उठा रही हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार का साथ और भरोसा मिल रहा है।

गंगा एक्सप्रेसवे पर खुशखबरी: योगी सरकार ने 15 दिन का टोल माफ किया

लखनऊ.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनहित में बड़ा निर्णय लेते हुए गंगा एक्सप्रेसवे को कमर्शियल ऑपरेशन डेट (सीओडी) से 15 दिनों तक टोल-फ्री रखने की घोषणा की है। इस फैसले के तहत प्रदेश की जनता बिना किसी शुल्क के यूपी के सबसे लंबे व अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे का अनुभव कर सकेगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) ने तत्काल कार्रवाई करते हुए परियोजना के कन्सेशनैयर्स आईआरबी इन्फ्रास्ट्रक्चर और अदाणी इन्फ्रास्ट्रक्चर को 15 दिनों तक टोल कलेक्शन स्थगित रखने के निर्देश जारी कर दिए हैं। यूपीडा द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस अवधि में यात्रियों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। सीओडी के साथ लागू हुआ फैसला यह निर्णय उस समय लिया गया है, जब इंडिपेंडेंट इंजीनियर द्वारा कंसेशन एग्रीमेंट के अनुच्छेद 14.3.1 के तहत प्रोविजनल सर्टिफिकेट जारी किया गया, जिससे एक्सप्रेसवे की कमर्शियल ऑपरेशन डेट निर्धारित हो गई। इसके साथ ही एक्सप्रेसवे आम जनता के उपयोग के लिए पूरी तरह तैयार माना गया। जनता को मिलेगा ‘फ्री राइड एक्सपीरियंस’ योगी सरकार का उद्देश्य है कि शुरुआती चरण में अधिक से अधिक लोग इस अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे का अनुभव कर सकें। 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर बिना टोल के यात्रा करने का अवसर लोगों को इसकी गुणवत्ता, गति और जन-सुविधाओं से सीधे रूबरू कराएगा। यह पहल न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि एक्सप्रेसवे के प्रति जनविश्वास को भी मजबूत करेगी। पीपीपी मॉडल पर विकसित, 27 साल का कंसेशन पीरियड गंगा एक्सप्रेसवे को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत डीबीएफओटी (टोल) मॉडल पर विकसित किया गया है। इसके तहत कन्सेशनैयर्स को 27 वर्षों तक टोल वसूली का अधिकार दिया गया है। हालांकि, 15 दिन की इस टोल छूट से होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई राज्य सरकार अथवा यूपीडा द्वारा कंसेशन एग्रीमेंट के प्रावधानों के अनुसार की जाएगी। मेंटेनेंस पर सख्त निर्देश यूपीडा ने स्पष्ट किया है कि टोल-फ्री अवधि के दौरान भी ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस से संबंधित सभी मानकों का सख्ती से पालन किया जाएगा। अनुच्छेद 17 सहित कंसेशन एग्रीमेंट के अन्य प्रावधानों के तहत सड़क की गुणवत्ता, सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट और सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। विकास, कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा मेरठ से प्रयागराज तक फैला यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के 12 जनपदों को जोड़ता है और इसे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है। 15 दिन की यह टोल छूट न केवल आमजन को राहत देगी, बल्कि इस मेगा प्रोजेक्ट के प्रति सकारात्मक माहौल भी तैयार करेगी। इस फैसले को प्रदेश सरकार की ‘जनहित प्रथम’ नीति के रूप में देखा जा रहा है, जो राज्य में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के साथ-साथ नागरिकों को ‘फील गुड’ कराने को भी प्राथमिकता देती है।

जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए रिश्वत की मांग पर एंटी करप्शन का कारगर एक्शन

  गोंडा उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में बभनजोत ब्लॉक परिसर में गुरुवार को एक पीड़ित की शिकायत पर पहुंची एंटी करप्शन की टीम ने घंटो मशक्कत के बाद एक पंचायत सचिव को दस हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पकड़ने के बाद आरोपी को मनकापुर कोतवाली लाया गया, जहां उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई के बाद ब्लाक में हडकंप मचा रहा। लोग आरोपी पंचायत सचिव के बारे में ही चर्चा करते नजर आए। गुरुवार को एंटी करप्शन देवीपाटन मंडल की टीम सुबह ही ब्लाक पर पहुंच गई और अपना जाल बिछाना शुरु कर दिया। एंटी करप्शन के जाल में ग्राम पंचायत सचिव उमेश कुमार भारती फंस गए और जन्म प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए। टीम द्वारा आरोपी ग्राम पंचायत सचिव की जेब से रिश्वत के पैसे निकालते और पूरी कार्रवाई का एक वीडियो भी सामने आया है। गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन टीम सचिव को सीधे मनकापुर कोतवाली ले गई, जहां उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया। पीड़ित ने एंटी करप्शन में कई थी शिकायत बताया जाता है कि खोडारे थाना क्षेत्र के कोल्हीगरीब निवासी अजमल पुत्र मोहम्मद अख्तर ने शिकायत की थी कि उनके मित्र अजहरुद्दीन के तीन बच्चे महमुदुद्दीन, समसू निशा खान और फरहीन खान के जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए सचिव उमेश कुमार भारती लगातार 10 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहे हैं । बिना रूपये के प्रमाण नहीं दे रहे थे। एंटी करप्शन देवीपाटन मंडल थाने के प्रभारी धनंजय सिंह ने बताया कि सचिव को मनकापुर कोतवाली लाकर मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन्होंने बताया कि उमेश कुमार भारती जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए रिश्वत ले रहे थे। रिश्वत के मामले में पेशकार को गिरफ्तार कर लिया गया वहीं हमीरपुर में नक्शा दुरुस्तीकरण के नाम पर सेवानिवृत्त फौजी से 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए उप संचालक चकबंदी न्यायालय के पेशकार को गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई बांदा से आई एंटी करप्शन टीम ने की। पेशकार को कार्यालय के अंदर से दबोचकर टीम अपने साथ बांदा ले गई। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। हरियाणा के फतेहाबाद निवासी सेवानिवृत्त फौजी धर्मवीर सिंह ने बताया कि उन्होंने करीब एक साल पूर्व सरीला तहसील के कुपरा गांव में साढ़े 13 बीघा जमीन खरीदी थी। इसका नक्शा दुरुस्त कराने को लेकर उन्होंने उपसंचालक चकबंदी न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। छह माह से वह बराबर चक्कर लगा रहे थे।

गोमती नदी पर बने दो नए पुल, 212 मीटर लंबे सेतु से गांवों को मिलेगा फायदा

 लखनऊ  आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पीएम टेक्सटाइल तक जाने वाले मार्ग, सेतु से जुड़े सभी काम को कराने के निर्देश शासन ने कार्यदायी संस्था को दिए थे। इसमें सेतु निगम ने तो गोमती नदी के ऊपर सेतु बनाने का काम समय से पूरा कर लिया। वहीं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) आउटर रिंग रोड के नीचे से दो लेन के अंडरपास को चार लेन करने का काम भी कर रहा है। इस काम को पंद्रह जुलाई 2026 तक खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। दस करोड़ की लागत से बनाए जा रहे अंडरपास को, जो 18 मीटर है, उसे बढ़ाकर 36 मीटर किया जा रहा है। फोर लेन से भी अधिक यह चौड़ा होगा। भविष्य की योजनाओं को देखते हुए प्राधिकरण इसे बनवा रहा है। खासबात है कि दिसंबर 2026 तक प्रोजेक्ट पूरा करवाने के लिए शासन लगा हुआ है, इस अंडरपास से जुड़े काम को जल्द करवाने के लिए एनएचएआइ को भी दस करोड़ की धनराशि प्रदेश सरकार द्वारा दी गई है। आईआईएम रोड से पीएम टेक्सटाइल तक करीब 14.28 किमी. सड़क बनाई जानी है। इसमें छह किमी. की सड़क का चौड़ीकरण लोक निर्माण विभाग करवा चुका है। बाकी आठ किमी. की सड़क का काम अभी तक नहीं शुरू हो पाया है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जमीन अधिगृहण का काम चल रहा है। खातेदार ज्यादा होने के कारण शासन यहां भी मुआवजे की प्रकिया पूरी नहीं करवा पाया है। वहीं दिसंबर तक फोर लेन सड़क लोक निर्माण विभाग को बनाकर देना है। क्योंकि विधानसभा चुनाव से पहले पीएम टेक्सटाइल पार्क का उद्घाटन करने की तैयारी है। सेतु निगम ने 212 मीटर के दो पुलों को निर्धारित समय से पहले बनाकर किया तैयार उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम ने पीएम टेक्सटाइल पार्क को कनेक्ट करने वाले पुल से जुड़ा काम निर्धारित अवधि से तीन से चार माह पहले ही खत्म कर लिया था। गोमती नदी के ऊपर से यह सेतु पीएम टेक्सटाइल पार्क को जोड़ने के लिए बनाया गया है। इस सेतु के बनने से सबसे अधिक लाभ एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को होगा। खास बात है कि एक सेतु से लोग चढ़ सकेंगे और दूसरे सेतु से उतर सकेंगे। अगल-बगल बने प्रत्येक सेतु की लंबाई 212 मीटर रखी गई है। इन सेतु के बन जाने से मलिहाबाद के अटारी गांव में बन रहे प्रधानमंत्री टेक्सटाइल पार्क तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा। वर्तमान में लोगों को अटारी तक पहुंचने के लिए जेहटा गांव का रास्ता अपनाना पड़ता है। पुल से नौ किमी. दूरी पर है पीएम टेक्सटाइल पार्क रैथा सेतु से पीएम टेक्सटाइल पार्क मात्र नौ किमी. की दूरी पर है। उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम इस प्रोजेक्ट पर करीब 44.11 करोड़ खर्च करके इसे बनाया है। सेतु निगम के अभियंता बताते हैं कि पीएम टेक्स्टाइल पार्क बनने की घोषणा हाेने के चंद सप्ताह में ही इस सेतु का खाका तैयार कर लिया गया था। यह सेतु रैथा गांव से उठेगा और कोलवा गांव में उतरेगा।  

हिंदूवादी नेताओं की हत्या और घरों पर ग्रेनेड हमले की साजिश रचने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

लखनऊ पाकिस्तानी अपराधी शहजाद भट्टी और आईएसआई के संपर्क में रहने वाले संदिग्ध आतंकी भारत में बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले थे। इन्होंने पांच हिंदूवादी नेताओं की गला रेतकर हत्या करने की साजिश रची थी। इन नेताओं के घरों पर ग्रेनेड से हमला करने की भी तैयारी में थे। एटीएस की जांच में इसका खुलासा हुआ है। अब एटीएस शुक्रवार से आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर और गहनता से पूछताछ करेगी। एटीएस ने 23 अप्रैल को नोएडा से बागपत के तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्लाह अली खान व एटा के समीर को गिरफ्तार किया था। वर्तमान में तुषार मेरठ और समीर दिल्ली में रह रहा था। ये दोनों पाकिस्तानी अपराधी शजहाद भट्टी और आईएसआई एजेंट मेजर हमीद, मेजर इकबाल, मेजर अनवर, मोहम्मद हमाद बरकाती व आबिद जट के संपर्क में थे। उनके इशारे पर भारत में आतंकी वारदातों को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे। एटीएस की जांच में सामने आया कि आरोपियों को शहजाद भट्टी ने हिंदूवादी नेता दक्ष चौधरी, अभिषेक ठाकुर, पिंकी चौधरी, युद्धि राणा और गौरव राजपूत की हत्या करने का टास्क दिया था। ये टास्क शहजाद ने आबिद जट के माध्यम से दिया था। ये भी कहा गया था कि इन सभी के घरों पर ग्रेनेड भी फेंकने हैं जिससे दहशत फैल सके। तीन लाख में करनी थीं पांच हत्याएं पाकिस्तानी हैंडलर्स ने तुषार और समीर को इन सभी की हत्या करने के लिए तीन लाख रुपये देने का वादा किया था। साथ ही उन्होंने दोनों को आश्वासन दिया था कि पासपोर्ट बनवाकर दुबई भेजा जाएगा। वहीं पर सेटल कर दिया जाएगा जिससे भारत की जांच एजेंसी उन तक नहीं पहुंच पाएंगी। एक्स मुस्लिमों को कॉन्फ्रेंस कॉल पर दी थी धमकी एटीएस की जांच में पता चला कि तुषार और समीर ने एक्स मुस्लिम इमरोज आलम, अंजली आर्या, समीर व सलीम वास्तिक को व्हाट्सएप व अन्य सोशल मीडिया के जरिये कॉल की थी। कॉल में कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये शहजाद भट्टी भी जुड़ा था। उसने इन सभी को धमकी दी थी। इससे संबंधित कॉल रिकॉर्डिंग भी मिली हैं। छह दिन की मिली कस्टडी रिमांड आतंकी साजिश की तह तक पहुंचने के लिए एटीएस ने आरोपियों की रिमांड मांगी थी। एनआईए की विशेष अदालत में अर्जी दी थी। बृहस्पतिवार को अर्जी पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश नीतू पाठक ने आरोपियों की छह दिन की कस्टडी रिमांड मंजूर की।  

यूपी सरकार की पहल: श्रमिक कल्याण योजनाओं का लोकार्पण और मुफ्त राशन उपलब्ध

लखनऊ राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को श्रमवीर गौरव समारोह 2026 का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्रमिक कल्याण की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। इस मौके पर सीएम ने श्रमिकों को प्रमाणपत्र और टूल किट देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित हुआ। इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि अटल आवासीय छात्रों को मेरिट सूची में स्थान हासिल करने पर बधाई। प्रधानाचार्यों को भी शुभकामनाएं। हमारा श्रमिक किसी भी मौसम में काम करता है। वह न रुकता है, न थकता है, न डिगता है। आपके पसीने की बूंद से धरती माता सोना उगलता है। जो श्रमिक दूसरे के घरों में इज्जत घर बनाते थे, उनकी इज्जत सड़कों पर दिखती थी। जो दूसरे के लिए अन्न उपजाते थे, उनके बच्चे खाने को परेशान थे। जो बड़े बड़े अस्पताल बनाते थे, उन्हें ही इलाज नहीं मिलता था। आज ऐसा नहीं है। श्रमिक भी सरकारी एजेंडे का हिस्सा बन सकता है, ये तभी संभव है जब संवेदनशील सरकार बनती है। आज भी फ्री में राशन उपलब्ध कराया जा रहा सीएम ने आगे कहा कि कोरोना कालखंड में सारे विपक्षी रातनेता रजाई तानकर घरों में छिप गए थे। उस समय केवल और केवल डबल इंजन सरकार थी। हम लोगों ने एक साथ 14 हजार बसें भेजीं। हमने कहा यहां पर कहीं का भी श्रमिक आए सबको फ्री में रहना और खाना देंगे। आज कोरोना के बाद भी सबको फ्री में राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। पीएम मोदी ने श्रमिकों के लिए सामाजिक गारंटी की व्यवस्था की। उन्होंने कहा कि यूपी में श्रम एवं सेवायोजन मंत्रालय द्वारा बेहतर काम किया गया। आज गोरखपुर में 200 श्रमिकों के बेटियों की शादी खुद मंत्री उपस्थित रहकर उनकी आवभगत करेंगे। विधायक के घर की शादी में जाएं या न जाएं, लेकिन श्रमिकों की बेटियों की शादी में मंत्री खुद जा रहे हैं। आज यूपी के लोगों को यूपी के अंदर ही काम मिल रहा है। 9 वर्षों में 18 हजार से अधिक नए उद्योग लगे। 65 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। आज यूपी भारत का ग्रोथ इंजन बनकर खड़ा है। काम के बदले दाम देना पड़ेगा सीएम ने कहा कि पहले लोग काम करा लेते थे, पैसे देने के समय टरका देते थे। लेकिन, हमने कहा कि काम कराओगे तो काम के बदले दाम देना पड़ेगा। यदि कोई दाम देने में हीलाहवाली करेगा तो उसका इलाज सरकार करेगी। 80 लाख के आसपास लोगों को पांच लाख तक के निशुल्क इलाज की व्यवस्था की है। हमने अभी उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों का कुछ मानदेय बढ़ाया है। दुर्घटना में मृतक श्रमिकों के लिए पांच लाख का बीमा कवर देने जा रहे हैं। सबकी इज्जत की पूरी ठेकेदारी सरकार की- ब्रजेश पाठक डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि आज प्रदेश हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने देशी अंदाज में लोगों से संवाद किया। कहा कि आज पहिले से अच्छी व्यवस्था है कि नहीं। काम करै के बाद जौन गारी गुप्ता करत रहे, आज उईं डेरात हैं कि नहीं? तुम्हार इज्जत की पूरी ठेकेदारी सरकार की है। कौनो दिक्कत होए तो हमका लिख भेजेएव। पीएम मोदी ने श्रमिकों के पैर धोकर सम्मानित किया डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि पहली बार 2019 के अर्द्ध कुंभ में पीएम मोदी ने खुद जमीन पर बैठकर श्रमिकों को कुर्सी पर बैठाकर उनके पैर धोकर सम्मानित किया। यह दृश्य हृदय को द्रवित करने वाला था। इसी तरह काशी विश्वनाथ धाम के शुभारंभ में पीएम मोदी ने गंगा स्नान करके सबसे पहले श्रमिकों का सम्मान किया। आप सबका बेहतर करना ही डबल इंजन की सरकार का प्रयास है। इस मौके पर मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि भाजपा सरकार ने श्रमिकों की जीवन बदला है। ये बात दुनिया में चर्चा का विषय है। सरकार का सपना है कि आज मजदूर का बेटा मजदूर ही नहीं बनेगा। मजदूर का बेटा डॉक्टर बनेगा, इंजीनियर बनेगा, अधिकारी बनेगा। अटल आवासीय विद्यालय में बच्चे बेहतर शिक्षा ले रहे हैं। प्रदेश के श्रमिकों को बाहर न जाना पड़े, यहीं पर उन्हें काम मिले ये प्रयास जारी है।