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मुख्यमंत्री ने कहा- यूपी की जनता ने 1985 से कांग्रेस को नकारा, देशभर में जनाधार खो चुकी है कांग्रेस

देश में अराजकता-अव्यवस्था का पर्याय बनी कांग्रेस: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा- यूपी की जनता ने 1985 से कांग्रेस को नकारा, देशभर में जनाधार खो चुकी है कांग्रेस हार छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं व न्यायपालिका को भी कठघरे में खड़ा कर रही कांग्रेस: सीएम योगी चुनाव जीत जाएं तो पुरुषार्थ, हार जाएं तो ईवीएम दोषी, भारत की जागरूक जनता स्वीकार नहीं करेगी अराजकता: सीएम योगी मुख्यमंत्री की चेतावनी- अराजकता और असंवैधानिक कृत्यों से कांग्रेस को बचा-खुचा जनसमर्थन भी गंवाना पड़ेगा गोरखपुर,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पिछले कई दिनों से देश की राजधानी दिल्ली में लगातार देखा जा रहा है कि कांग्रेस व इंडिया गठबंधन न केवल आम जन को परेशान, बल्कि अव्यवस्था व अराजकता पैदा कर देश की संवैधानिक संस्थाओं को भी कठघरे में खड़ा करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। पहचान का संकट खड़ा करने और भ्रष्ट मंसूबों के कारण कांग्रेस और उसके सहयोगी दल अपनी साख पूरी तरह खो चुके हैं और उनके इस गैर-राजनीतिक व्यवहार को देश की जनता भली-भांति देख रही है। चुनाव जीते तो पुरुषार्थ और हारने पर ईवीएम दोषी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों से बातचीत में सीएम योगी ने कहा, आश्चर्य है कि चुनाव जीतने पर इनका पुरुषार्थ और हारने पर ईवीएम और इलेक्शन कमीशन दोषी हो जाता है। न्यायालय अगर मेरिट के आधार पर कोई फैसला देता है, तो माननीय न्यायालय को भी कठघरे में खड़ा करने का कुत्सित प्रयास किया जाता है। तमाम प्रकार की धमकियां देने का प्रयास होता है। ऐसे ही तमाम अन्य संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करना, गाली-गलौच करना और अव्यवस्था फैलाना कांग्रेस की नियति का हिस्सा बन चुका है। कांग्रेस के लोग अपने नेतृत्व को बदलें मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को यह समझना चाहिए कि जनता उन्हें हर बार क्यों ठुकरा रही है। 1985 के बाद से यूपी में कांग्रेस फिर नहीं आ पाई। यूपी की जनता ने कांग्रेस को 41 वर्ष पहले ही विदा कर दिया था। देश के अन्य राज्यों में भी लोगों का कांग्रेस से मोहभंग हो चुका है और वे इससे मुक्ति पा चुके हैं। कांग्रेस के लोगों को चाहिए कि वे अपने अकर्मण्य, भ्रष्टाचारी और जनता का विश्वास खो चुके नेतृत्व को बदलें। भारत में अराजकता न फैलाने और भारत की संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करने का कुत्सित प्रयास न करें। अराजकता स्वीकार नहीं करेगी जनता सीएम योगी ने कहा कि भारत की जनता लोकतांत्रिक दृष्टि से बड़ी जागरूक है। वह इस अराजकता को स्वीकार नहीं करेगी। ऐसा नहीं है कि जनता बहुत दिनों और बहुत देर तक यह सब बर्दाश्त करेगी। अगर कांग्रेस व उनके सहयोगी दलों ने अपने असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक कृत्य बंद नहीं किए तो उन्हें बचा-खुचा जनाधार भी गंवाना पड़ेगा। युवाओं को गुमराह करने से बाज आए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस देश में अराजकता फैलाने से बाज आए। जनता-जनार्दन और युवाओं को गुमराह करने से बाज आए। मेरिट के आधार पर और मुद्दों पर चर्चा कर के स्वस्थ लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा बने। यह देश के लोकतंत्र और जनता के हित में भी होगा।

खुद को धरतीपुत्र और किसानपुत्र कहने वालों ने कुछ नहीं किया, योगी सरकार ने किसानों के लिए खोला खजाना : सूर्य प्रताप शाही

योगी सरकार ने किसानों के लिए मायावती-अखिलेश से तीन गुना ज्यादा बजट जारी किया : कृषि मंत्री खुद को धरतीपुत्र और किसानपुत्र कहने वालों ने कुछ नहीं किया, योगी सरकार ने किसानों के लिए खोला खजाना : सूर्य प्रताप शाही  कृषि मंत्री ने कहा-योगी सरकार ने किसानों को समय पर बीज, बिजली और पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की लखनऊ,   बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और चक्रवात से फसल क्षति से प्रभावित प्रदेश के नौ लाख से अधिक किसानों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राहत राशि सौंपी। गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि योगी सरकार ने किसानों के लिए खजाना खोल दिया है। उन्होंने कहा कि खुद को धरतीपुत्र और किसानपुत्र कहने वाली पिछली सरकारों ने किसानों के लिए अपेक्षित काम नहीं किया, जबकि योगी सरकार ने उनके मुकाबले तीन गुना से अधिक राशि खर्च की है। शाही ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट में 86 लाख किसानों के 36 हजार करोड़ रुपए के कर्ज माफ करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि वर्ष मायावती की सरकार ने किसानों पर 10,207 करोड़ रुपए और अखिलेश यादव सरकार ने करीब 12 हजार करोड़ रुपए खर्च किए, जबकि योगी सरकार अब तक किसानों पर ₹69,163 करोड़ खर्च कर चुकी है। कृषि मंत्री ने कहा कि योगी सरकार ने किसानों को समय पर बीज, बिजली और पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। पिछले वर्ष प्रदेश में रिकॉर्ड 752 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन हुआ। उन्होंने बताया कि पिछली सरकार के समय आपदा राहत के लिए केंद्र सरकार से मिले 3,200 करोड़ रुपए में से केवल 800 करोड़ रुपए वितरित किए गए थे। योगी सरकार बनने के बाद शेष राशि में से 1,200 करोड़ रुपए सात दिनों के भीतर किसानों के खातों में भेजे गए। शाही ने कहा कि गन्ना किसानों के हित में गन्ने का मूल्य बढ़ाकर ₹400 प्रति क्विंटल किया गया। पिछली सरकार ने पांच वर्षों में करीब ₹62 हजार करोड़ का गन्ना भुगतान किया था, जबकि योगी सरकार ने दस वर्षों में ₹3.25 लाख करोड़ का भुगतान किया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 105 चीनी मिलें 15 दिनों के भीतर भुगतान कर रही हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि वर्ष 2017-18 से अब तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को ₹6,125 करोड़ की क्षतिपूर्ति दी गई है। वर्ष 2025-26 में आपदा से प्रभावित 7.31 लाख किसानों को इस योजना के माध्यम से ₹812.76 करोड़ दिए गए। उन्होंने बताया कि इस वर्ष बीमा कराने वाले किसानों की संख्या पिछले वर्ष के लगभग 18 लाख से बढ़कर 23 से 24 लाख हो गई है। मुख्यमंत्री ने इनके सर्वे और क्षतिपूर्ति वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। शाही ने कहा कि जालौन में भी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत करीब ₹5 करोड़ किसानों को अंतरित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने किसानों के लिए ऐसे प्रयास किए होते तो उन्हें गरीबी और बदहाली का सामना नहीं करना पड़ता।

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में अब 425 रुपए प्रति क्विंटल की दर से होगी गन्ने की खरीदी

प्रदेश के चारो शक्कर कारखानों के 31,022 किसानों को मिलेगा 51.09 करोड़ रुपए का लाभ रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गन्ना बोनस की गणना का आधार 355 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 425 रूपए प्रति क्विंटल किए जाने से गन्ना किसानों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से लिए गए इस निर्णय से गन्ना किसानों को बढ़ी हुई दर से बोनस का लाभ मिलेगा। इस निर्णय के फलस्वरूप पेराई सत्र 2025-26 में भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित, राम्हेपुर, कवर्धा को गन्ना बेचने वाले 14,961 किसानों को लगभग 24.55 करोड़ रुपए की बोनस राशि प्राप्त होगी। पेराई सत्र 2025-26 के लिए बोनस गणना में एफआरपी 329.05 रुपए प्रति क्विंटल का आधार लिया गया है। बढ़ी हुई दर के अनुसार 425 रुपए में से एफआरपी घटाने पर किसानों को 95.95 रुपए प्रति क्विंटल की दर से बोनस मिलेगा। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने में पेराई सत्र 2025-26 के दौरान कुल 25,58,188 क्विंटल गन्ने की पेराई हुई। इस मात्रा पर 95.95 रुपए प्रति क्विंटल की दर से लगभग 24.55 करोड़ रुपए की बोनस राशि बनेगी, जिसका लाभ कारखाने को गन्ना आपूर्ति करने वाले किसानों को मिलेगा। नवरात्रि से पहले गन्ना उत्पादकों को प्रदेश सरकार ने दिया तोहफा  प्रदेश के चारों सहकारी शक्कर कारखानों में पेराई सत्र 2025-26 के दौरान कुल 53,25,120 क्विंटल गन्ने की पेराई हुई है। इस आधार पर प्रदेश के कुल 31,022 गन्ना विक्रेता किसानों को लगभग 51.09 करोड़ रुपए की बोनस राशि प्राप्त होगी। नवरात्रि से पहले राज्य सरकार के इस निर्णय से गन्ना किसानों में हर्ष व्याप्त है। इससे किसानों को आर्थिक संबल मिलेगा। बढ़ी हुई बोनस राशि से किसानों को खेती की लागत वहन करने, समय पर कृषि कार्य कराने तथा आगामी फसल की बेहतर तैयारी करने में सहायता मिलेगी। इस निर्णय से कबीरधाम जिले के गन्ना किसानों में खुशी का माहौल है। किसानों ने गन्ना बोनस की गणना का आधार बढ़ाने के निर्णय पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया है। बढ़ी हुई बोनस राशि से किसानों को खेती की लागत वहन करने और आगामी फसल की तैयारी में आर्थिक सहायता मिलेगी।  

सीएम बोले- किसानों का श्राप ले डूबा सपा को, ये जाति के नाम पर समाज को बांटेंगे, लेकिन जनता का पैसा नहीं बांटेंगे

सपा सरकार में बिजली नहीं, बिल आता था, अब अन्नदाता किसान का बिल नहीं आता, बिजली आती है: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और चक्रवात प्रभावित 9.18 लाख किसानों के खातों में अंतरित की 493 करोड़ रुपये की सहायता राशि सीएम बोले- किसानों का श्राप ले डूबा सपा को, ये जाति के नाम पर समाज को बांटेंगे, लेकिन जनता का पैसा नहीं बांटेंगे 15 अक्टूबर से अतिवृष्टि प्रभावित जिलों में धान और मोटे अनाज के क्रय केंद्र खोले जाएंगे: मुख्यमंत्री पहले किसान का पैसा बीच में डकार जाते थे सपाई, अब सीधे खाते में पहुंच रही सहायता राशि: सीएम योगी पहले दो, चार और 15 रुपये मुआवजा मिलता था, अब सीधे खातों में पहुंच रहे हजारों रुपये: मुख्यमंत्री आपदा प्रभावित किसानों को 8 से 10 दिन में राहत, जनहानि पर 24 घंटे में 4 लाख रुपये की सहायता: मुख्यमंत्री डिजिटल क्रॉप सर्वे के बाद डीबीटी से सीधे किसान के खाते में पहुंच रही मुआवजा राशि: सीएम योगी गोरखपुर,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर में बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि एवं चक्रवात से प्रभावित कृषकों को कृषि निवेश अनुदान राशि के रूप में डीबीटी के माध्यम से 493 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक सप्ताह में प्रदेश में बड़े पैमाने पर फसल को नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर जनहानि और पशुहानि भी हुई है। डबल इंजन की सरकार ने मात्र 8 से 10 दिन के अंदर अपने अन्नदाता किसानों को फसल, मकान और पशुधन की क्षति का मुआवजा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री ने 2017 के पहले की सपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि तब बिजली नहीं आती थी, लेकिन बिल आता था। अब स्थिति बदल गई है। अब अन्नदाता किसान का बिल नहीं आता, बल्कि बिजली आती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश के 9,18,091 कृषकों के खातों में 493 करोड़ रुपये सीधे भेजे जा रहे हैं। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में अन्नदाता किसानों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए सरकार के प्रयासों का हिस्सा है। इस वर्ष केवल बरसात के दौरान ही अब तक प्रदेश के आपदा प्रभावित किसानों और नागरिकों को लगभग 1,000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री आवास योजना से तत्काल आवास सीएम ने कहा कि अतिवृष्टि, चक्रवात और बाढ़ से जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 1.20 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराई गई है। यह राशि 493 करोड़ रुपये की फसल क्षति सहायता में शामिल नहीं है, बल्कि अलग से दी जा रही है। जिन लोगों के मकान पूरी तरह बह गए या नष्ट हो गए, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत तत्काल आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए भी नियमानुसार मुआवजा दिया जा रहा है। पशुहानि के मामलों में भी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। कोई जनहानि होती है तो संबंधित परिवार को 24 घंटे के अंदर चार लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर सीधे खाते में पहुंचा पैसा मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर जिन जनपदों की सर्वे रिपोर्ट सरकार को मिली, वहां किसानों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई गई है। यह राशि सीधे अन्नदाता किसान के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से पहुंच रही है। यह भी सुनिश्चित किया गया है कि सहायता राशि में कोई बिचौलिया न हो और पैसा सीधे किसान तक पहुंचे। अगर किसान को 25 हजार रुपये की सहायता स्वीकृत हुई, तो सीधे उसके खाते में पूरे 25 हजार रुपये ही जाएंगे। कभी 100 में से 15 रुपये ही पहुंचते थे जरूरतमंद तक सीएम ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय राजीव गांधी ने स्वयं कहा था कि सरकार 100 रुपये भेजती है, लेकिन जमीन पर पहुंचते-पहुंचते केवल 15 रुपये बचते हैं। कांग्रेस व सपा के लोग बीच में ही पैसा खा जाते थे। अब प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री द्वारा दी जाने वाली सहायता सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंचती है। बीच में कोई बिचौलिया सेंधमारी नहीं कर सकता। आज 493 करोड़ रुपये अन्नदाता किसानों को मुआवजे के रूप में दिए जा रहे हैं, ताकि उन्हें संकट की घड़ी में राहत मिल सके। सरकार किसानों के साथ हमेशा खड़ी है और हर प्रकार का सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। हुदहुद चक्रवात पर केंद्रीय सहायता के 3200 करोड़ में सिर्फ 800 करोड़ मिले थे किसानों को मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में हुदहुद चक्रवात के दौरान फसल को भारी नुकसान हुआ था। भारत सरकार ने उस समय 3,200 करोड़ रुपये भेजे थे, लेकिन किसानों तक केवल 800 करोड़ रुपये ही पहुंच पाए। शेष राशि किसानों तक नहीं पहुंची। 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने हुदहुद चक्रवात में किसानों को मिली सहायता की स्थिति की जांच कराई तो पता चला कि पूरा पैसा किसानों तक पहुंचा ही नहीं था। इसके बाद अलग से धनराशि की व्यवस्था कर प्रभावित किसानों को सहायता उपलब्ध कराई गई। सपा ने किसानों का पैसा खाया, किसानों का श्राप उसको ले डूबा। विपक्ष समाज को जाति के नाम पर बांटने का प्रयास करता है, लेकिन जनता का पैसा नहीं बांटता। बाढ़ से कटान रोकने और सड़कों की मरम्मत के लिए पर्याप्त धन सीएम ने प्रशासन को निर्देश दिया कि जहां बाढ़ के कारण कटान हुई है और जहां अब भी अतिवृष्टि की शिकायतें आ रही हैं, वहां तत्काल राहत और बचाव कार्य किए जाएं। बाढ़ से बचाव के लिए तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि के कारण क्षतिग्रस्त मार्गों और बाधित आवागमन को तत्काल चालू किया जाए। इसके लिए धनराशि जारी की जा चुकी है। आपदा, अतिवृष्टि या चक्रवात के कारण सड़क अथवा अन्य किसी प्रकार की क्षति होने पर धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। सिंचाई विभाग को कटान रोकने के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराया गया है। पीडब्ल्यूडी, नगर विकास, आवास और विकास प्राधिकरणों को भी क्षतिग्रस्त सड़कों और अन्य मरम्मत के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है। जैसे ही मौसम साफ हो, तत्काल काम शुरू कराया जाए और आवागमन में किसी प्रकार … Read more

जाति के नाम पर समाज को बांटते रहे सपाई, किसानों के खून-पसीने की कमाई पर डालते थे डकैती : मुख्यमंत्री योगी

किसानों का पैसा हजम कर गए सपाई, उसी का श्राप ले डूबा : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   मुख्यमंत्री योगी ने गोरखपुर से 9,18,091 किसानों के खातों में भेजे 493 करोड़ रुपये, आपदा प्रभावितों को सौंपे सहायता राशि के चेक   अतिवृष्टि, बाढ़ और चक्रवात से फसल क्षति पर महज 10 दिन में मुआवजा, इस वर्ष अब तक आपदा प्रभावितों को करीब एक हजार करोड़ की सहायता   जाति के नाम पर समाज को बांटते रहे सपाई, किसानों के खून-पसीने की कमाई पर डालते थे डकैती : मुख्यमंत्री योगी   हुदहुद चक्रवात में केंद्र ने भेजे 3200 करोड़, किसानों को सिर्फ 800 करोड़ बांट सकी थी सपा सरकार   कांग्रेस राज में 100 रुपये में सिर्फ 15 पहुंचते थे, अब बिना बिचौलियों के किसानों को मिल रही पूरी धनराशि   सपा सरकार में बिजली नहीं आती थी, केवल बिल आता था, अब किसानों को मुफ्त बिजली दे रही योगी सरकार   मुख्यमंत्री योगी ने मिशन शक्ति के छठे चरण की जागरूकता रैली को दिखाई हरी झंडी, स्कूटी से निकलीं महिला पुलिसकर्मी   गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपदा राहत वितरण को लेकर पिछली सरकारों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि किसानों का पैसा हजम करने वाले सपाइयों को उन्हीं का श्राप ले डूबा। वर्ष 2014 में हुदहुद चक्रवात के दौरान केंद्र सरकार ने 3200 करोड़ रुपये भेजे थे, लेकिन तत्कालीन सपा सरकार किसानों को महज 800 करोड़ रुपये ही बांट सकी। शेष धनराशि किसानों तक नहीं पहुंची। वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद इसकी पड़ताल कराई और अलग से धनराशि की व्यवस्था कर किसानों को बकाया मुआवजा दिलाया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सपाई जाति के नाम पर समाज को बांटते रहे, लेकिन किसानों के खून-पसीने की कमाई पर डकैती डालने से भी नहीं चूके। किसानों का पैसा हजम करने वालों को उन्हीं का श्राप ले डूबा।   सोमवार को योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र में मुख्यमंत्री योगी ने बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और चक्रवात से प्रभावित प्रदेश के 9,18,091 किसानों के खातों में रिमोट का बटन दबाकर 493 करोड़ रुपये कृषि निवेश अनुदान हस्तांतरित किए। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने महज आठ से दस दिन में किसानों को मुआवजा उपलब्ध कराया है। इस वर्ष बरसात के दौरान आपदा प्रभावित किसानों और नागरिकों को करीब एक हजार करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है।   कांग्रेस राज में 100 रुपये चलते थे, किसान तक पहुंचते थे 15 मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कांग्रेस के शासन में 100 रुपये भेजे जाते थे तो लाभार्थी तक महज 15 रुपये पहुंचते थे। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भी इसे स्वीकार किया था। बाकी पैसा कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के लोग हजम कर जाते थे। अब जिस किसान को 25 हजार रुपये स्वीकृत होते हैं, उसके खाते में पूरे 25 हजार पहुंचते हैं। न कोई बिचौलिया सेंध लगा सकता है और न किसी प्रकार की कटौती होती है।   जनहानि पर 24 घंटे में चार लाख, दुर्घटना पर पांच लाख की सहायता मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आपदा में जनहानि होने पर परिवार को 24 घंटे के भीतर चार लाख रुपये उपलब्ध कराने के निर्देश हैं। आकाशीय बिजली समेत दुर्घटना के मामलों में पात्र किसान, बटाईदार और उनके परिवारों को मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत पांच लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। पूरी तरह क्षतिग्रस्त आवासों के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना से 1.20 लाख रुपये अलग से दिए जा रहे हैं। आंशिक मकान क्षति और पशुहानि पर भी सहायता मिलेगी। पूर्व में 1,29,326 किसानों को फसल क्षति के लिए करीब 78 करोड़ रुपये तथा जनहानि, पशुहानि और मकान क्षति के मामलों में 225.93 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं।   सड़कों की मरम्मत और कटान रोकने के लिए धन की कमी नहीं मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ से कटान रोकने के कार्य तत्काल शुरू करें। सिंचाई विभाग को पर्याप्त धनराशि दी गई है। पीडब्ल्यूडी, नगर विकास विभाग और विकास प्राधिकरण मौसम साफ होते ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत शुरू कराएं। आपदा राहत और आवागमन बहाल करने के लिए जितना धन चाहिए, सरकार उपलब्ध कराएगी। आकाशीय बिजली से बचाव के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम और वर्षा मापने के लिए रेन गेज लगाए गए हैं। नागरिकों को मोबाइल पर मौसम संबंधी अलर्ट भी भेजे जा रहे हैं।   15 अक्टूबर से प्रभावित जिलों में खुलेंगे धान क्रय केंद्र मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जिन जिलों में अतिवृष्टि हुई है, वहां 15 अक्टूबर से धान, ज्वार, बाजरा और मक्का के क्रय केंद्र खोले जाएंगे। अन्य जिलों में सोमवार से खरीद शुरू हो रही है। किसानों की उपज खरीदने की कोई सीमा नहीं होगी। भुगतान सीधे खाते में पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि सरकार 86 लाख किसानों का 36 हजार करोड़ रुपये कर्ज माफ कर चुकी है। 16 लाख निजी नलकूपों की बिजली निशुल्क की गई है और 22 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को सौंपे सहायता राशि के चेक मुख्यमंत्री योगी ने कार्यक्रम में आपदा प्रभावित लाभार्थियों को सहायता राशि के प्रतीकात्मक चेक सौंपे। इनमें सदर क्षेत्र की रेशमा देवी, चंदन कुमार पासवान, इंद्रावती, सविता देवी, चुन्नी देवी और सीमा देवी, कैंपियरगंज के बहराइची, बेचन प्रसाद, जोकखन, संपत और परमहंस शामिल रहे। इसके अलावा सदर क्षेत्र के चंद्रप्रकाश द्विवेदी और धरणीधर तथा गोला क्षेत्र के गिरजापति त्रिपाठी, कमलेश, रामदरश, जनार्दन प्रसाद और राणा प्रताप सिंह को भी चेक प्रदान किए गए। सहायता राशि डीबीटी से सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी गई।   कृषि मंत्री बोले- किसानों के लिए खोला सरकार ने खजाना कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि योगी सरकार ने किसानों को प्राथमिकता दी है। अब तक कृषि क्षेत्र में 69,163 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। गन्ना मूल्य 280 से बढ़ाकर 400 रुपये प्रति क्विंटल किया गया। गन्ना किसानों को 3.25 लाख करोड़ रुपये का भुगतान हुआ है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से नौ वर्षों में 6,125 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दी गई है।   सांसद रवि किशन बोले- संकट में किसानों के साथ सरकार सांसद रवि किशन ने कहा कि पिछली सरकारों में किसान कर्ज और आर्थिक संकट से परेशान रहते थे। योगी सरकार ने कर्जमाफी, गन्ना भुगतान और आपदा … Read more

एक लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों को योजना का लाभ, विशेष वर्गों को प्राथमिकता

वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक एक लाख से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए 210 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 107.092 करोड़ रुपये की सहायता वितरित लखनऊ आर्थिक रूप से कमजोर ओबीसी परिवारों की बेटियों के विवाह में सहायता के लिए संचालित शादी अनुदान योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक एक लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 53 हजार से अधिक पात्र लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। योगी सरकार की इस पहल से जरूरतमंद परिवारों को बेटी के विवाह के दौरान होने वाले खर्च में राहत मिल रही है। सरकार का उद्देश्य पात्र परिवारों को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराकर बेटियों के सम्मानजनक विवाह में सहयोग देना है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के तहत 1 लाख 5 हजार पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए 210 करोड़ रुपये का वार्षिक लक्ष्य रखा गया है। अब तक योजना के अंतर्गत 1,09,697 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 53,546 लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जा चुका है। इन लाभार्थियों को कुल 107.092 करोड़ रुपये की धनराशि का भुगतान किया गया है। पात्र परिवारों को 20 हजार रुपये की मदद शादी अनुदान योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को बेटी के विवाह के लिए 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। योजना का लाभ उन परिवारों को मिलता है, जिनकी वार्षिक आय एक लाख रूपये तक है। विवाह के समय लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित की गई है। योजना की आवेदन प्रक्रिया में दिव्यांग, विधवा, दैवीय आपदा से प्रभावित और भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है। इससे योजना का लाभ उन परिवारों तक पहुंचाने पर विशेष जोर है, जिन्हें विवाह के खर्च को पूरा करने में अधिक आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से सहायता उपलब्ध कराना है। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटी का विवाह बड़ी आर्थिक जिम्मेदारी होती है। ऐसे में शादी अनुदान योजना उनके लिए आर्थिक संबल का माध्यम बन रही है। सरकार की इस पहल को जरूरतमंद परिवारों के लिए राहतकारी कदम माना जा रहा है, जिससे बेटियों के सम्मानजनक विवाह में सहयोग मिलने के साथ परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक दबाव भी कम हो रहा है। शादी अनुदान योजना से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशक अस्मिता लाल ने बताया कि योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 53,546 पात्र लाभार्थियों को 107.092 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को बेटी के विवाह के लिए 20 हजार रुपये प्रदान किए जाते हैं। सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में 1 लाख 5 हजार लाभार्थियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर ओबीसी परिवारों को विवाह के खर्च में राहत देना और पात्र परिवारों को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराना है।

गेस्ट हाउस कांड से लेकर अंबेडकर पर टिप्पणी तक, सपा का इतिहास दागदार: अमरपाल मौर्य

समाजवाद अब परिवारवाद में सिमट कर रह गया, प्रकाश पाल ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना चुनाव जीतने की हिम्मत खो चुके लोग 'कॉकरोचों' के सहारे राजनीति कर रहे हैं: प्रकाश पाल 2024 लोकसभा चुनाव में सपा की सीटें बढ़ीं तब अखिलेश के लिए ईवीएम मुद्दा नहीं था: भाजपा प्रवक्ता अंकुश त्रिपाठी सपा सरकार में महिलाओं के विरुद्ध अपराध के मामलों में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर था: भाजपा प्रवक्ता लखनऊ भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने समाजवादी पार्टी और उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरपाल मौर्य, राज्यसभा सांसद प्रकाश पाल और पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता डॉक्टर अंकुश त्रिपाठी ने अखिलेश और सपा की नीतियों, इतिहास और बयानों पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। अमरपाल मौर्य ने अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि जब-जब समाजवादी पार्टी की सरकार रही, तब-तब महापुरुषों का अपमान किया गया है। अमरपाल मौर्य ने सपा शासन की याद दिलाते हुए कहा कि तत्कालीन ताकतवर मंत्री आजम खान ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को भू-माफिया बताया था, लेकिन अखिलेश यादव ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की। अमरपाल ने सवाल उठाया कि अखिलेश किस मुंह से महापुरुषों के सम्मान की बात करते हैं। गेस्ट हाउस कांड और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के मुद्दे पर अमरपाल मौर्य ने कहा कि सपा शासन में उत्तर प्रदेश में दलित समाज की नेता मायावती के साथ गेस्ट हाउस कांड में चीरहरण की कोशिश की गई, जिसे पूरा देश और दुनिया जानती है। उन्होंने कहा कि सपा की नैतिकता तब कहां चली जाती है जब उनके खुद के नेता ऐसे कारनामों में शामिल होते हैं। चुनाव आयोग पर सपा का दोहरा मापदंड अमरपाल मौर्य ने चुनाव आयोग पर अखिलेश यादव द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर कहा कि जब सपा चुनाव जीत जाती है, तब उन्हें चुनाव आयोग बिल्कुल सही लगता है, लेकिन जब वे हार जाते हैं तो आयोग पर सवाल खड़ा करने लगते हैं। उन्होंने इसे समाजवादी पार्टी का दोहरा चरित्र और दोहरा मापदंड बताया। लोहिया जी की आत्मा रो रही होगी: प्रकाश पाल भाजपा से राज्यसभा सांसद प्रकाश पाल ने सपा के समाजवाद पर तंज कसते हुए कहा कि डॉ. राममनोहर लोहिया जी ने जिस समाजवाद को आगे बढ़ाया था, आज अखिलेश यादव के नेतृत्व में वह केवल एक परिवार तक सिमट कर रह गया है। उन्होंने कहा कि सपा आज समाजवादी नहीं, बल्कि परिवारवादी पार्टी बन चुकी है। स्वर्ग से लोहिया जी की आत्मा यह सब देखकर रो रही होगी। सपा और INDI गठबंधन को सच बोलने की चुनौती प्रकाश पाल ने अखिलेश यादव और विपक्षी गठबंधन के नेताओं को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि जो भी आरोप लगाने हैं, वे सच्चे मुद्दों पर आधारित हों। आरोप लगाकर भागना नहीं चाहिए। केवल झूठे बयानों से माहौल खराब करने की राजनीति बंद होनी चाहिए। दिल्ली में प्रदर्शन और कॉकरोच नाम पर तंज दिल्ली में हो रहे प्रदर्शनों और राहुल गांधी पर टिप्पणी करते हुए प्रकाश पाल ने कहा कि जिन लोगों में अब चुनाव लड़कर जीतने की हिम्मत नहीं बची है, वे कॉकरोचों के सहारे राजनीति करने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि कॉकरोच की तरह यदि ऐसे लोग खुद उलट जाएं तो सीधे भी नहीं हो पाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता महिला पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाओं को छुपाने और देश का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। लोकसभा के चुनाव में ईवीएम कोई मुद्दा नहीं था वहीं भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. अंकुश त्रिपाठी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूरा इंडी गठबंधन संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाकर भागने की राजनीति करता है। 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा की सीटें बढ़ीं तो अखिलेश यादव के लिए ईवीएम मुद्दा नहीं था और चुनाव आयोग निष्पक्ष एवं पारदर्शी संस्था था। त्रिपाठी ने कहा कि अब 2027 के विधानसभा चुनाव में हार दिखाई देने के कारण अखिलेश यादव पहले से ही बहाने तलाश रहे हैं और इसके लिए चुनाव आयोग को निशाना बना रहे हैं। सपा सरकार में महिला अपराध के मामलों में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर था डॉ. अंकुश त्रिपाठी ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव को घेरते हुए कहा कि उनके मुंह से महिला सम्मान की बात अच्छी नहीं लगती। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान महिलाओं के विरुद्ध अपराध के मामलों में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर रहा और इनकी सरकार में दुष्कर्म के आरोपी नेता मंत्री पद पर आसीन रहते थे। महापुरुषों  से सीख नहीं लेते अखिलेश भाजपा प्रवक्ता ने डॉ. राममनोहर लोहिया की जयंती पर अखिलेश यादव के बयानों को लेकर कहा कि विपक्षी नेता महापुरुषों की बातें तो करते हैं, लेकिन उनकी शिक्षाओं से सीख नहीं लेते। उन्होंने कहा कि जनता अखिलेश यादव की कथनी और करनी के अंतर को देख रही है और 2027 के विधानसभा चुनाव में इसका जवाब देगी।

योगी सरकार के प्रयासों से सिंचाई और पेयजल सुविधाओं को मिल रही मजबूती

खेतों तक पानी, घरों तक पेयजल: योगी सरकार की जल परियोजनाओं से बदलेगी तस्वीर   नहरों के पुनरुद्धार से 37 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को सिंचाई सुविधा, 42 हजार किसान लाभान्वित लखनऊ योगी सरकार में उत्तर प्रदेश में सिंचाई और पेयजल सुविधाओं के विस्तार के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। केन-बेतवा लिंक नहर परियोजना, मध्य गंगा स्टेज-2, कनहर सिंचाई परियोजना और नहरों के पुनरुद्धार जैसे कार्य प्रदेश में जल प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर लाखों किसानों को सिंचाई का लाभ मिलेगा, जबकि बड़ी आबादी को पेयजल की सुविधा प्राप्त होगी। जल शक्ति मंत्रालय, उत्तर प्रदेश के मुताबिक जल केन-बेतवा लिंक नहर परियोजना के निर्माण से झांसी, बांदा, महोबा और ललितपुर जिलों में 2.51 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र विकसित होगा। इससे करीब 3 लाख किसानों को सिंचाई सुविधा मिलने के साथ 21 लाख आबादी को पेयजल सुविधा प्राप्त होगी। बुंदेलखंड जैसे जल संकट से प्रभावित क्षेत्र के लिए यह परियोजना खेती को अधिक भरोसेमंद बनाने और ग्रामीण परिवारों की पानी संबंधी जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगी। सिंचाई की बेहतर उपलब्धता से किसानों को फसलों के लिए पानी जुटाने में सहूलियत मिलेगी और कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। मध्य गंगा स्टेज-2 का 97 प्रतिशत कार्य पूरा मध्य गंगा स्टेज-2 परियोजना का 97 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसके पूर्ण होने पर अमरोहा, संभल और मुरादाबाद में कुल 1.46 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता विकसित होगी व 4.10 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलेगा। वहीं, महाराजगंज में रोहिन नदी पर रोहिन बैराज का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इससे 5,386 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता विकसित होगी और 16 हजार किसानों को लाभ पहुंचेगा। 108 गांव को हजारों लोगों को फायदा कनहर सिंचाई परियोजना से उत्तर प्रदेश के अलावा झारखंड और छत्तीसगढ़ को भी लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। परियोजना पूरी होने पर 35,467 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता विकसित होगी। साथ ही दो लाख लोगों को पेयजल सुविधा मिलेगी और 108 गांवों के 53 हजार किसान लाभान्वित होंगे। नहरों के जरिए सिंचाई सुविधा हुई मजबूत प्रदेश में जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए नहरों के पुनरुद्धार पर भी काम जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों से 613 किलोमीटर लंबाई की 110  नहरों की खुदाई और गैप कार्यों को पूरा कर टेल तक पानी पहुंचाया गया। इससे 37,285 हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हुई और 42 हजार किसानों को लाभ मिला।

नारी शक्ति की मिसाल बनीं रजपुरा प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका पुष्पा यादव

मेरठ नवरात्र में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के बीच शक्ति के उस रूप को भी नमन करने का अवसर है, जो बिना किसी शोर के समाज की तकदीर बदलने में जुटा है। मां दुर्गा जहां सृजन, साहस और संकल्प की प्रतीक हैं, वहीं शिक्षा के मंदिर में इन्हीं मूल्यों को साकार कर रही हैं मेरठ के रजपुरा ब्लॉक स्थित रजपुरा प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका पुष्पा यादव। उन्होंने साबित किया है कि मां दुर्गा की भांति संकल्प मजबूत हो तो सरकारी स्कूल को भी रणभूमि बनाकर अशिक्षा रूपी दानव का संहार किया जा सकता है। मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प से सरकारी स्कूल भी बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने का केंद्र बन सकते हैं। योगी सरकार के ऑपरेशन कायाकल्प से मिली मदद और अपने निजी प्रयासों से पुष्पा यादव ने विद्यालय की तस्वीर बदलने के साथ गांव के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराया है। यहां बच्चे पढ़ाई के साथ खेल, योग, कला, संगीत और अंग्रेजी वार्तालाप जैसी गतिविधियों से भी अपनी प्रतिभा निखार रहे हैं। गांव की चौखट से शिक्षा के नए मुकाम तक ग्रामीण बच्चों को बेहतर शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना अपना संकल्प बना चुकीं पुष्पा यादव बताती हैं कि ऑपरेशन कायाकल्प के तहत मिली सुविधाओं का बेहतर उपयोग करने के साथ उन्होंने निजी संसाधनों से भी विद्यालय को संवारने में योगदान दिया। साफ-सफाई, बेहतर फर्नीचर और पढ़ाई के अनुकूल वातावरण तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया गया। उनका प्रयास है कि गांव के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के वे अवसर मिलें, जिनके लिए अभिभावक अक्सर निजी स्कूलों का रुख करते हैं। कॉन्वेंट जैसी सुविधाएं, सरकारी स्कूल में बढ़ा भरोसा विद्यालय में बच्चों को अंग्रेजी वार्तालाप में निपुण बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि उनका आत्मविश्वास बढ़े। गतिविधि आधारित शिक्षण से पढ़ाई को रुचिकर बनाया जा रहा है। कला, संगीत और पर्यावरण से जुड़ी गतिविधियों में भी बच्चों को भाग लेने के अवसर मिलते हैं। मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न आयोजन किए जाते हैं। बेहतर शैक्षणिक माहौल और सुविधाओं के जरिए विद्यालय बच्चों की प्रतिभा निखारने का केंद्र बन रहा है। वर्तमान में यहां करीब डेढ़ सौ बच्चे अध्ययनरत हैं। खेल और योग से निखर रहा बच्चों का व्यक्तित्व पुष्पा कहती हैं कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ शारीरिक गतिविधियां भी जरूरी हैं। इसी सोच के तहत विद्यालय में इंडोर और आउटडोर खेलों की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। खेलों से बच्चों में अनुशासन, सहयोग और टीम भावना विकसित होती है। प्रार्थना सभा के दौरान योगाभ्यास की व्यवस्था भी की है। इससे बच्चों को एकाग्रता और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कला और संगीत जैसी गतिविधियां उनकी रचनात्मकता को निखारती हैं। इस तरह विद्यालय में मानसिक और शारीरिक विकास पर समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है। पुस्तकालय में खुल रही ज्ञान की नई दुनिया बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए विद्यालय में पुस्तकालय की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसमें पुष्पा यादव के परिवार के सदस्य और मित्र भी निजी स्तर पर पुस्तकें उपलब्ध कराकर सहयोग कर रहे हैं। इन पुस्तकों के माध्यम से बच्चों को विज्ञान, इतिहास, भूगोल, विभिन्न धर्मों और महापुरुषों की जीवनियों के बारे में जानने का अवसर मिलता है। इससे विद्यार्थियों का ज्ञान पाठ्यक्रम से आगे बढ़ता है और उनमें नई चीजें जानने की जिज्ञासा विकसित होती है। पीटीएम से मजबूत हुआ अभिभावकों का भरोसा बच्चों की शिक्षा में अभिभावकों और शिक्षकों के बीच बेहतर तालमेल महत्वपूर्ण है। इसे ध्यान में रखते हुए पुष्पा यादव ने विद्यालय में अभिभावक-शिक्षक बैठक यानी पीटीएम की नियमित शुरुआत की। इन बैठकों में अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई और प्रगति की जानकारी मिलती है। शिक्षक भी बच्चों की जरूरतों और समस्याओं को समझकर समाधान की दिशा में काम कर सकते हैं। नियमित संवाद से विद्यालय और परिवार के बीच समन्वय मजबूत होता है और बच्चों की पढ़ाई में अभिभावकों की भागीदारी बढ़ती है। निजी प्रयासों से बढ़ा नामांकन, संवर रहा भविष्य विद्यालय में पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने के लिए बाल वाटिका बनाई गई है। इसके माध्यम से बच्चों को प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाया जाता है। साफ-सफाई, नैतिक शिक्षा और अच्छी आदतों पर भी जोर दिया जाता है, ताकि विद्यार्थी जिम्मेदार नागरिक बन सकें। पुष्पा यादव की पहल बताती है कि सरकारी योजनाओं का प्रभावी उपयोग, निजी प्रयास और बच्चों के प्रति समर्पण मिलकर विद्यालय की तस्वीर बदल सकते हैं। नवरात्र में मां दुर्गा की शक्ति और संकल्प का संदेश पुष्पा यादव के कार्यों में भी दिखाई देता है। उनकी पहल इस बात की मिसाल है कि समर्पित शिक्षिका का संकल्प न केवल विद्यालय, बल्कि पूरे समाज के भविष्य को रोशन कर सकता है।

सीएम योगी के विजन के अनुरूप गो आधारित उत्पादों को बाजार से जोड़ने की तैयारी

दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर से तैयार होंगे उत्पाद पूजा सामग्री से जैविक खाद और पर्यावरण अनुकूल वस्तुओं तक गो आधारित उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा लखनऊ उत्तर प्रदेश में गो आधारित उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और इनसे जुड़े रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में प्रदेश के सभी 75 जिलों में आउटलेट खोलने की योजना है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से गोपालकों, किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए नया माध्यम मिलेगा। इससे पशुपालन को केवल दूध उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय गोवंश से प्राप्त अन्य उपयोगी उत्पादों के व्यावसायिक इस्तेमाल की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर से अलग-अलग श्रेणियों के उत्पाद तैयार कर उसे आउटलेट के जरिए उपलब्ध कराया जाएगा। डेयरी उत्पादों के अलावा गोबर से जैविक खाद, हवन सामग्री, धूपबत्ती, अगरबत्ती, दीये, गोबर से गमले और सजावटी वस्तुएं भी तैयार की जाएंगी। सीएम योगी के विजन के अनुरूप गो आधारित पर्यावरण-अनुकूल वस्तुओं के निर्माण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐसे उत्पादों के लिए व्यवस्थित बाजार विकसित होने पर ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और बिक्री से जुड़े छोटे उद्यमों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। गोपालकों से ग्रामीण उद्यमियों तक खुलेंगे अवसरों के द्वार गो आधारित उत्पादों के कारोबार का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसमें अलग-अलग स्तर पर लोगों की भागीदारी होगी। गोपालक और किसान दूध, गोबर तथा अन्य उपलब्ध संसाधनों की आपूर्ति करेंगे, जबकि स्थानीय उद्यमी इनसे उपयोगी उत्पाद तैयार करने, उनकी पैकेजिंग और विपणन का काम संभाल सकते हैं। स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उत्पाद निर्माताओं के लिए भी इस क्षेत्र में अवसर विकसित किए जाएंगे। इससे स्थानीय स्तर पर तैयार वस्तुओं को व्यापक बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे व्यवसायों के विकास की संभावनाएं बनेंगी। पूजा सामग्री से घरेलू उपयोग की वस्तुओं तक विविधता उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि गो आधारित उत्पादों को व्यापक श्रेणियों में आउटलेट पर रखा जाएगा। पूजा-पाठ से संबंधित सामग्री में गोबर के उपले, हवन कप, धूपबत्ती, अगरबत्ती और दीये समेत तमाम उत्पाद शामिल किए जाएंगे। घरेलू उपयोग के लिए गोबर के गमले, सजावटी वस्तुएं और हस्तशिल्प तैयार किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त गो आधारित कच्चे माल से पर्यावरण-अनुकूल वस्तुएं भी तैयार की जाएंगी। पंचगव्य आधारित दैनिक आवश्यकताओं के उत्पाद भी बनाए जाएंगे। सभी जिलों में आउटलेट खोलने की योजना के तहत अलग-अलग क्षेत्रों में तैयार होने वाले उत्पादों को एक बाजार से जोड़ने की व्यवस्था स्थानीय उद्यमिता को भी बढ़ावा देगी।