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प्रयागराज माघ मेले के दौरान रेलवे का बड़ा कदम, कई ट्रेनों को मिलेगा अस्थाई ठहराव—यहां देखें टाइम शेड्यूल

 चंदौली संगम नगरी प्रयागराज में आयोजित माघ मेले में एक तरफ जहां श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ हो रही है तो वहीं, दूसरी तरफ श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भारतीय रेलवे भी अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर रहा है. इसी क्रम में भारतीय रेलवे द्वारा माघ मेला के दौरान श्रद्धालु यात्रियों की होने वाली अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के प्रयाग स्टेशन पर कई ट्रेनों का 02 मिनट का अस्थाई ठहराव 01 जनवरी से 20 फरवरी, 2026 तक दिए जाने का फैसला किया है. पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने इस संदर्भ में बताया कि संगम नगरी प्रयागराज में माघ मेला के दौरान पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लखनऊ मंडल के प्रयाग स्टेशन पर कई ट्रेनों का अस्थाई ठहराव दिया जा रहा है. ताकि श्रद्धालुओं को संगम नगरी पहुंचने में सुविधा मिल सके.  देखें ट्रेनों की लिस्ट: > गाड़ी संख्या 20941 बांद्रा टर्मिनस-गाजीपुर सिटी एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 01.58 बजे पहुंचकर 02.00 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या12382 नई दिल्ली-हावड़ा एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 02.13 बजे पहुंचकर 02.15 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या12669 चेन्नई-छपरा एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 02.28 बजे पहुंचकर 02.30 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 22434 आनन्द विहार टर्मिनस-गाजीपुर सिटी एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 04.28 बजे पहुंचकर  04.30 बजे छूटेगी. श्रद्धालुओं का स्मार्ट साथी बनेगा 'मेला रेल सेवा' ऐप, मिलेगी हर मदद > गाड़ी संख्या12165 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 04.43 बजे पहुंचकर 04.45 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 11055 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 09.03 बजे पहुंचकर 09.05 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 11059 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-छपरा एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 09.03 बजे पहुंचकर 09.05 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 18205 दुर्ग-नौतनवा एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 11.18 बजे पहुंचकर 11.20 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 22550 प्रयागराज जं0-गोरखपुर एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 15.28 बजे पहुंचकर 15.30 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 11071 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-बलिया एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 16.28 बजे पहुंचकर 16.30 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 22584 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-छपरा एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 18.34 बजे पहुंचकर 18.36 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 22468 गांधीनगर कैपिटल-वाराणसी एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 20.48 बजे पहुंचकर 20.50 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 22613 रामेश्वरम-अयोध्या कैण्ट एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 22.56 बजे पहुंचकर 22.58 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 22969 ओखा-वाराणसी एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 23.23 बजे पहुंचकर 23.25 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 14231 प्रयागराज संगम-बस्ती एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 05.07 बजे पहुंचकर 05.09 बजे छूटेगी. >  गाड़ी संख्या 22549 गोरखपुर-प्रयागराज जं0 एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 22.58 बजे पहुंचकर 13.00 बजे छूटेगी. > गाड़ी संख्या 14232 बस्ती-प्रयागराज संगम एक्सप्रेस प्रयाग स्टेशन पर 09.36 बजे पहुंचकर 09.38 बजे छूटेगी.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री/राज्यपाल कल्याण सिंह की 94वीं जयंती पर अर्पित किए श्रद्धासुमन

अपने नाम को उत्तर प्रदेश के ‘कल्याण’ के साथ जोड़कर सार्थक करते रहे ‘बाबू जीः’ मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री/राज्यपाल कल्याण सिंह की 94वीं जयंती पर अर्पित किए श्रद्धासुमन   सुशासन, विकास, राष्ट्रवादी मिशन को बढ़ाने के लिए हमेशा जाना जाएगा ‘बाबू जी’ का कार्यकालः सीएम योगी  कल्याण सिंह जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पाठशाला में पढ़ा राष्ट्रवाद का पाठः मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री/राज्यपाल कल्याण सिंह की 94वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल्याण सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और कहा कि ‘बाबू जी’ अपने नाम को उत्तर प्रदेश के ‘कल्याण’ के साथ जोड़कर सार्थक करते रहे। उतर प्रदेश में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री थे कल्याण सिंह  मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘बाबू जी’ उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के पहले मुख्यमंत्री थे। 1991 में जब उन्होंने उत्तर प्रदेश की बागडोर संभाली, तब यहां अव्यवस्था, अराजकता, गुंडागर्दी थी और आतंकी गतिविधियां सिर उठा रही थीं। गांवों, गरीबों, किसानों, नौजवानों, महिलाओं को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा था। एक ओर कुव्यवस्था थी तो दूसरी ओर 500 वर्षों की गुलामी को दूर करने के लिए हिंदू समाज छटपटा रहा था।  ‘बाबू जी’ का कार्य देख प्रदेशवासियों को हुआ विश्वास- सुशासन की ओर चलकर विकास के नए सोपान को चुनेगा यूपी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उन्होंने पहली बार भाजपा की  सरकार की कमान अपने हाथ में ली थी। जब उन्होंने कार्य शुरू किया तो कुछ ही महीने में प्रदेशवासियों के मन में यह विश्वास सुदृढ़ होने लग गया था कि उत्तर प्रदेश सुशासन की ओर चलकर विकास के नए सोपान को चुनेगा, लेकिन उन्हें अस्थिर करने की साजिशें होने लगी। अव्यवस्था फैलानी शुरू हो गईं।  सुशासन, विकास, राष्ट्रवादी मिशन को बढ़ाने के लिए हमेशा जाना जाएगा ‘बाबू जी’ का कार्यकाल मुख्यमंत्री ने कहा कि जब राम जन्मभूमि आंदोलन चरम की ओर बढ़ा तो रामभक्तों, पूज्य संतों की भावना का सम्मान करते हुए अपने आराध्य प्रभु श्रीराम के प्रति उन्होंने सत्ता को बलिदान करने में संकोच नहीं किया। उनकी सरकार गई, लेकिन गुलामी के ढांचे को हटाने के जिस प्रण के साथ राम भक्त आगे बढ़े थे, उन्होंने सारी जिम्मेदारी अपने ऊपर लेकर प्रभु राम के प्रति कर्तव्यों का निर्वहन करने में तनिक भी देर नहीं लगाई। बाबू जी का कार्यकाल यूपी सरकार के सुशासन, विकास, राष्ट्रवादी मिशन को बढ़ाने के लिए हमेशा जाना जाएगा।  कल्याण सिंह जी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पाठशाला में पढ़ा राष्ट्रवाद का पाठ  सीएम योगी ने कहा कि आज हर भारतवासी बाबू जी को याद करता है। उनका जन्म किसान परिवार में हुआ। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पाठशाला में राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ा। आजीवन उसे जीवन का मंत्र बनाया और उस मिशन के लिए समर्पित होकर लगातार कार्य करते रहे और अपने नाम को उत्तर प्रदेश के ‘कल्याण’ के साथ जोड़कर सार्थक करते रहे। विधायक, मंत्री, सांसद, मुख्यमंत्री व राज्यपाल के रूप में उनकी सेवाएं देशवासियों के लिए सदैव स्मरणीय रहेंगी।  इस दौरान स्व. कल्याण सिंह के पुत्र व पूर्व सांसद राजवीर सिंह, भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह, सांसद सतीश गौतम, मुकेश राजपूत, कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी, स्व. कल्याण सिंह के पौत्र व बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह समेत अनेक लोग मौजूद रहे।

संभल में बिजली विभाग की छापेमारी, अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन सील

संभल   जहां संभल में बीते दिन रविवार को मस्जिद से लेकर मदरसे पर सुबह से लेकर शाम तक कार्रवाई चली तो आज संभल में पुलिस और प्रशासन ने बिजली चोरी के खिलाफ बड़ा एक्शन शुरू किया है. राय सत्ती थाना क्षेत्र में आज सुबह 5 बजे से व्यापक छापेमारी की जा रही है. इस कार्रवाई में बिजली विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हैं. डीएम राजेंद्र पेंसिया और एसपी केके विश्नोई की अगुवाई में भारी पुलिस बल तैनात है. प्रशासन का कहना है कि छापेमारी के दायरे में धार्मिक स्थल भी आ सकते हैं और बिजली चोरी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस मामले से जुड़ी पल-पल की अपडेट पढ़ने के लिए लाइव से जुड़े रहे… बिजली चोरी करके कई ई-रिक्शा बैटरी को किया जा रहा चार्ज, JE ने पकड़ा संभल में बिजली विभाग की टीम ने राय सत्ती इलाके में अवैध रूप से चल रहे ई रिक्शा बैटरी चार्जिंग स्टेशन को पकड़ा है. जहां पर अवैध रूप से बिजली चोरी करके कई ई-रिक्शा बैटरी चार्जिंग की जा रही थी. बिजली विभाग ने इस जगह से कई चार्जिंग इक्विपमेंट बरामद करते हुए इसे सील कर दिया. बिजली विभाग के JE दीपक कुमार से बातचीत करते हुए न्यूज18 इंडिया ने पूरी जानकारी ली है. यह घर किसका है इसके बारे में बिजली विभाग को भी जानकारी नहीं मिल पाई थी लेकिन उनका कहना था कि उन्होंने यहां पर बाहर से एक बिजली के पोल से आई हुई बड़ी केबल को पकड़ा था जो एक बड़े हॉल के कमरे से आ रही थी और यहां पर ई रिक्शा को गुपचुप तरीके से चार्ज किया जा रहा है. हम इसे सील कर रहे हैं.  संभल में बिजली चोरी पर सख्त कार्रवाई, डीएम बोले- डेढ़ करोड़ का लाइन लास रोका गया संभल में बिजली चोरी के मामले को लेकर डीएम ने बताया कि रायसत्ती और सराय तरीन में छापेमारी के दौरान कई अवैध कनेक्शन पकड़े गए. पिछले एक साल में संभल प्रशासन ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये के लाइन लास को रोकने में सफलता हासिल की है. अभियान में मुस्तफा मस्जिद में बिजली चोरी पकड़ी गई, वहीं कुछ ई-रिक्शे अवैध रूप से चार्जिंग कर रहे थे. इसके अलावा डेरी में भी अवैध कनेक्शन का खुलासा हुआ. सांसद बर्क के इलाके रायसत्ती-नखासा में बिजली चोरी पर प्रशासन ने मारा छापा संभल में बिजली चोरी के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू कर दिया है. सांसद जियाउर्रहमान बर्क के ग्रहक्षेत्र रायसत्ती और नखासा से शुरू हुए अभियान में डीएम और एसपी के नेतृत्व में अधिकारी और कर्मचारी घर-घर और दुकानों में बिजली चोरी की जांच कर रहे हैं. अब कार्रवाई सराय तरीन इलाके में भी पहुंच चुकी है, जहां नबाबखेल मोहल्ले में टीमें सक्रिय हैं और प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है.  रायसत्ती और सराय तरीन के बाद अब किन इलाकों में होगी छापेमारी, बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता हिमांशु वार्ष्णेय ने बताया संभल जिले में बिजली चोरी के खिलाफ प्रशासन और बिजली विभाग की कार्रवाई जारी है. बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता हिमांशु वार्ष्णेय ने बताया कि आज रायसत्ती इलाके में दूध के एक बड़े कारोबार के परिसर में अवैध कनेक्शन पकड़ा गया. इसके अलावा सराय तरीन और अन्य क्षेत्रों में भी टीमों ने सर्च ऑपरेशन किया. इस अभियान में डीएम और एसपी की मौजूदगी रही, और सात टीमों ने मिलकर छापेमारी की. अभी कुछ इलाके और हैं जिन्हें चिन्हित किया जाना है. उन्होंने कहा कि आज तीन से चार प्रमुख क्षेत्रों में सर्च किया गया और अब तक 5-6 घरों में अवैध बिजली कनेक्शन पाए गए हैं. हिमांशु वार्ष्णेय ने बताया कि पिछले एक साल में चलाए गए अभियान के चलते लोगों में जागरूकता बढ़ी है. अब लोग मीटर और स्मार्ट मीटर लगवा रहे हैं और बिजली का बिल समय पर भर रहे हैं. प्रशासन का कहना है कि बिजली चोरी पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और इससे बिजली के सही उपयोग में काफी सुधार आएगा. : सराय तरीन में बिजली चोरी पर बड़ी कार्रवाई, डीएम-एसपी की मौजूदगी में हो रही चेकिंग राय सत्ती के बाद अब सराय तरीन इलाके में बिजली चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है. डीएम और एसपी की मौजूदगी में बिजली विभाग की टीमें घर-घर जाकर बिजली चोरी की जांच कर रही हैं. करीब 60-70 गाड़ियों से अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे हैं. सराय तरीन के नबाबखेल मोहल्ले में चल रही इस चेकिंग से इलाके में हड़कंप मच गया है. अधिकारियों ने बताया कि अवैध कनेक्शन और कटिया डालकर बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन की इस पैनी नजर के चलते इलाके के लोग भी पुलिस और बिजली विभाग की कार्रवाई को गंभीरता से देख रहे हैं.  

चोरी और अपराध पर नियंत्रण की कोशिश, झांसी के सर्राफा व्यापारियों ने लिया फेस-रिवीलिंग नियम लागू करने का निर्णय

 झांसी  झांसी के सीपरी बाजार के सर्राफा व्यापारियों ने सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों के बीच बढ़ रही चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए नया नियम लागू किया है. सर्राफा व्यापार मंडल ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि अब किसी भी नकाबपोश ग्राहक को आभूषण नहीं बेचे जाएंगे.  पुलिस की सहमति से दुकानों के अंदर और बाहर पोस्टर लगाकर ग्राहकों से चेहरा खोलकर प्रवेश करने का आग्रह किया गया है. यह फैसला सुरक्षा की दृष्टि से लिया गया है क्योंकि नकाब की आड़ में होने वाली वारदातों में आरोपियों की पहचान करना मुश्किल होता है. अब दुकानदारों ने स्पष्ट कर दिया है कि चेहरा ढका होने पर बिक्री नहीं की जाएगी. चाहे बुर्का हो या घूंघट, चेहरा दिखाना अनिवार्य व्यापार मंडल के अध्यक्ष उदय सोनी के मुताबिक, सोने-चांदी के भाव बढ़ने के साथ ही आपराधिक गतिविधियां भी तेज हुई हैं. इसी कारण व्यापारियों ने तय किया है कि कोई भी ग्राहक चाहे वह बुर्के में हो या घूंघट में, उसे चेहरा खोलकर ही खरीदारी करनी होगी. यदि कोई ग्राहक सम्मानपूर्वक आग्रह करने के बाद भी चेहरा नहीं खोलता है, तो उसे जेवर नहीं दिखाए जाएंगे. व्यापारियों का मानना है कि सुरक्षा बिक्री से ज्यादा महत्वपूर्ण है. सुरक्षा के लिए उठाया कड़ा कदम महिला ज्वेलर ममता ने बताया कि दुकानों पर पोस्टर लगाकर ग्राहकों को जागरूक किया जा रहा है. नकाब की आड़ में होने वाली घटनाओं से बचने के लिए यह कड़ा रुख अपनाना जरूरी हो गया था. व्यापारियों का कहना है कि अक्सर नकाबपोश लोग वारदातों को अंजाम देकर आसानी से निकल जाते हैं और सीसीटीवी कैमरों में भी उनकी पहचान नहीं हो पाती. अब बिना पहचान सुनिश्चित किए कोई भी लेनदेन नहीं किया जाएगा.  

OpenAI उतरेगा हार्डवेयर की दुनिया में, ‘Gumdrop’ बन सकता है iPhone का विकल्प

OpenAI अपना पहला हार्डवेयर डिवाइस "Gumdrop" लॉन्च करने की तैयारी में है, जो iPhone का विकल्प बन सकता है। पेन के आकार का यह स्क्रीन-रहित गैजेट Apple के पूर्व डिजाइन चीफ जोनी आइव द्वारा डिजाइन किया जा रहा है। Foxconn द्वारा निर्मित यह डिवाइस 2026-27 में लॉन्च हो सकता है। कैमरा और माइक्रोफोन से लैस Gumdrop हस्तलिखित नोट्स को डिजिटल टेक्स्ट में बदल सकेगा और OpenAI के AI मॉडल्स को चला सकेगा। जेब या गले में पहनने योग्य यह iPod Shuffle साइज का गैजेट AI-आधारित प्रोडक्टिविटी के जरिए स्मार्टफोन्स को रिप्लेस करने का लक्ष्य रखता है। अब वो दिन दूर नहीं जब आपके फोन की जगह कोई दूसरा डिवाइस ले लेगा। दरअसल रिपोर्ट्स के मुताबिक, (REF.) OpenAI अपना पहला डिवाइस लॉन्च कर सकता है। इसे आप अपनी जेब में रख पाएंगे और गले में भी पहन सकेंगे। आकार में यह डिवाइस पेन की तरह का होगा। इस डिवाइस पर Apple के पूर्व चीफ डिजाइन ऑफिसर जोनी आइव काम कर रहे हैं, जिनका मकसद OpenAI को आपके iPhone की जगह लेने के लिए तैयार करना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह डिवाइस एक छोटा गैजेट होगा, जो कि शक्तिशाली एआई से लैस होगा। यह डिवाइस बिना किसी स्क्रीन के आएगा और बावजूद इसके हर जरूरत को पूरा कर सकेगा। चलिए OpenAI के इस अपकमिंग डिवाइस के बारे में जानते हैं। कहां तैयार हो रहा और कब आएगा? ताइवान की इकोनॉमिक डेली की रिपोर्ट के मुताबिक, OpenAI पहले इस डिवाइस को चीन की Luxshare कंपनी से बनवाने की सोच रही थी लेकिन अमेरिका में चीन की सप्लाई चेन को लेकर चिंताओं के कारण अब OpenAI ने इसके लिए Foxconn को चुना है। यह डिवाइस या तो वियतनाम में बनेगा या अमेरिका में, और 2026-27 के दौरान लॉन्च हो सकता है। गौर करने वाली बात है कि Foxconn पहले से ही OpenAI का मुख्य मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर है और AI डेटा सेंटर्स को डिजाइन करने से लेकर उन्हें तैयार करने तक का काम संभालता है। ऐसे में नए कंज्यूमर डिवाइस के लिए भी Foxconn को चुनना समझदारी भरा फैसला लगता है। Gumdrop नाम का यह पेन क्या-क्या कर सकेगा? इस डिवाइस का इंटरनल कोडनेम "Gumdrop" है और यह एक स्मार्ट पेन की तरह काम करेगा। इसका साइज iPod Shuffle जितना होगा लेकिन इसमें कोई डेडिकेटेड स्क्रीन नहीं होगी। यह डिवाइस कैमरा और माइक्रोफोन जैसे सेंसर्स की मदद से अपने आसपास की चीजों को समझ सकेगा। सबसे खास बात यह है कि यह OpenAI के AI मॉडल्स को खुद अपने अंदर चला सकेगा, और जब ज्यादा पावर चाहिए होगी तो क्लाउड से मदद ले लेगा। यह आपके हाथ से लिखे नोट्स को टेक्स्ट में बदलकर तुरंत ChatGPT में अपलोड कर देगा। यानी आप जो पेन से लिखेंगे, वे डिजिटल हो जाएगा। बिना स्क्रीन लेगा iPhone की जगह? यह डिवाइस दूसरे डिवाइसेस से बात कर सकेगा, बिल्कुल वैसे जैसे आज हम अपने स्मार्टफोन से करते हैं। इसे वियरेबल की तरह नहीं बनाया जाएगा, लेकिन आप इसे जेब में रख या गले में पहन पाएंगे। यह डिवाइस AI-आधारित प्रोडक्टिविटी का इस्तेमाल करके iPhone को रिप्लेस करने की कोशिश करेगा। OpenAI का मानना है कि भविष्य में लोगों को बड़ी स्क्रीन की जरूरत नहीं होगी, बल्कि एक छोटा, स्मार्ट और तेज डिवाइस काफी होगा जो AI की ताकत से सब कुछ कर दे। यह पेन जैसा गैजेट उस सपने को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

योगी सरकार की दिव्यांग सशक्तिकरण नीति को मिला नया आयाम

विश्वविद्यालय के ब्रेल प्रेस से प्रकाशित यूजी एवं पीजी स्तर के 54 पाठ्यक्रमों की एनईपी आधारित 4000 से अधिक शैक्षणिक ब्रेल पुस्तकें उपलब्ध ब्रेल पुस्तकों का सुव्यवस्थित पुस्तकालय स्थापित करने वाला उत्तर प्रदेश का पहला राज्य विश्वविद्यालय बना लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समावेशी शिक्षा और दिव्यांग सशक्तिकरण की नीति को धरातल पर उतारते हुए डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में प्रदेश के पहले राज्य विश्वविद्यालय स्तरीय ब्रेल पुस्तकालय अनुभाग का शुभारंभ किया गया। मुख्य अतिथि कुलपति आचार्य संजय सिंह ने स्वामी विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय के प्रथम तल पर स्थापित इस अत्याधुनिक ब्रेल पुस्तकालय का उद्घाटन किया। इससे पूर्व कुलपति ने विश्वविद्यालय के ब्रेल प्रेस परिसर में ब्रेल लिपि के जनक लुई ब्रेल की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। इसके पश्चात फीता काटकर ब्रेल पुस्तकालय अनुभाग का विधिवत उद्घाटन किया गया। दृष्टि दिव्यांगों को मिलेगा कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति द्वारा दृष्टि दिव्यांग विद्यार्थियों का हाथ पकड़कर दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर उन्होंने दृष्टि दिव्यांग विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया और विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए कि उन्हें आधुनिक कंप्यूटर प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि ब्रेल लिपि दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए शिक्षा का सशक्त माध्यम है, जो उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ती है। 54 उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों की 4000 से अधिक ब्रेल पुस्तकें प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि ब्रेल पुस्तकालय में विश्वविद्यालय के ब्रेल प्रेस से प्रकाशित यूजी एवं पीजी स्तर के 54 पाठ्यक्रमों की एनईपी आधारित 4000 से अधिक शैक्षणिक ब्रेल पुस्तकें उपलब्ध हैं। यह प्रदेश का पहला ऐसा राज्य विश्वविद्यालय है, जहां इतनी बड़ी संख्या में ब्रेल पुस्तकों का सुव्यवस्थित पुस्तकालय अनुभाग विकसित किया गया है। पुस्तकालय में 150 से अधिक विद्यार्थियों के बैठकर अध्ययन करने की सुविधा वाला रीडिंग रूम भी तैयार किया गया है। 10 हजार ब्रेल पुस्तकों का लक्ष्य प्रवक्ता एवं पुस्तकालय प्रभारी प्रो. यशवंत वीरोदय ने बताया कि इस वर्ष ब्रेल पुस्तकों की संख्या बढ़ाकर 10 हजार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यहां शैक्षणिक पुस्तकों के साथ-साथ नोवेल, नाटक, महापुरुषों की जीवनियां और साहित्यिक कृतियां भी उपलब्ध हैं। बाहरी दृष्टि दिव्यांग भी ले सकेंगे सुविधा उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सबको शिक्षा की भावना के अनुरूप यह पुस्तकालय केवल विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बाहरी दृष्टि दिव्यांग भी सदस्यता लेकर यहां अध्ययन कर सकेंगे। इसके लिए विशेष, आकस्मिक और कॉर्पोरेट सदस्यता की व्यवस्था की गई है। विशेष सदस्यता विद्वानों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और अन्य लखनऊ के निवासियों को मिलेगी। इसके लिए सदस्यता फॉर्म के साथ दो आवासीय प्रमाण देने होंगे। पुनर्वास विवि के अतिथि प्रवक्ता, सेवानिवृत्त अध्यापक, कर्मचारी पुस्तकालय शुल्क जमा कर विशेष सदस्य हो सकेंगे। आकस्मिक सदस्यता एक बार में छह माह तक दी जा सकेगी। इसके तहत राशि का भुगतान कर पुस्तकालय संसाधनों का लाभ उठा सकते हैं। अनियमित सदस्यों को कोई पुस्तक जारी नहीं की जाएगी। कॉर्पोरेट सदस्यता के लिए वार्षिक सदस्यता शुल्क जमा कर लखनऊ का कोई भी संगठन पुस्तकालय का सदस्य बन सकेगा। इसके तहत संगठन छह पुस्तकालय टिकटों के हकदार होंगे। यह सुविधा संगठन अपने कार्यरत कर्मचारियों को देगा। दृष्टि दिव्यांगों ने जताया आभार ब्रेल शोध छात्र अजय कुमार द्विवेदी, रोहित, राम सकल, मनोज और अजय सहित अन्य दृष्टि दिव्यांग विद्यार्थियों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लुई ब्रेल ने उन्हें पढ़ने की लिपि दी, जबकि विश्वविद्यालय ने सम्मानजनक व्यवस्था और अवसर प्रदान किया।

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए पूरी हुई श्रीअन्न की खरीद

बाजरा की हुई 2.13 लाख मीट्रिक टन खरीद, ज्वार की खरीद रही 43,562 मीट्रिक टन और मक्का की खरीद रही 13,209 मीट्रिक टन ज्वार (मालदांडी) 3749, ज्वार (हाईब्रिड) 3699 रुपये, बाजरा 2775 और मक्का की 2400 रुपये प्रति कुंतल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर हुई खरीद लखनऊ खरीफ विपणन वर्ष (2025-26) में ‘श्रीअन्न’ के किसानों ने बाजार की बजाय सरकारी खरीद को प्राथमिकता दी। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष श्री अन्न (बाजरा, ज्वार व मक्का) की सरकारी खरीद अधिक रही। इसके एवज में किसानों को अधिक भुगतान भी किया गया। योगी सरकार की पारदर्शी नीतियों की बदौलत किसानों का झुकाव सरकारी खरीद पर अधिक रहा। इस वर्ष बाजरा की खरीद 2.13 लाख, ज्वार की 43,562 व मक्का की 12,208 मीट्रिक टन रही। पहली अक्टूबर से शुरू हुई ‘श्रीअन्न’ की खरीद पूरी हो गई। बाजरा की खरीद 33, मक्का 25 व ज्वार की खरीद 11 जनपदों में हुई। ज्वार का न्यूनतम समर्थन मूल्य (मालदांडी) 3749, ज्वार (हाईब्रिड) 3699 रुपये, बाजरा का 2775 व मक्का का 2400 रुपये प्रति कुंतल न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया था। बाजरा (2025-26)- खरीद 33 जनपद में ही हुई 90513 किसानों ने पंजीकरण कराया 54,253 किसानों से 2.13 लाख मीट्रिक टन खरीद 598.04 करोड़ रुपये का किया गया भुगतान (2024-25) 19,030 किसानों से 1.01 लाख मीट्रिक टन खरीद हुई थी किसानों को किया गया था लगभग 268 करोड़ रुपये का भुगतान ज्वार- (2025-26)- 11 जनपदों में हुई खरीद 20307 किसानों ने पंजीकरण कराया 13,454 किसानों से 43,562 मीट्रिक टन खरीद 162 करोड़ रुपये का किया गया भुगतान मक्का- (2025-26)- 25 जनपदों में हुई खरीद 7106 किसानों ने पंजीकरण कराया 3445 किसानों से 13,209 मीट्रिक टन खरीद 31.96 करोड़ रुपये का किया गया भुगतान यह भी जानें 25 जनपदों में हुई मक्का खरीद   मक्का खरीद 25 जनपदों (बदायूं,  बुलंदशहर, हरदोई, उन्नाव, मैनपुरी, आगरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर नगर-देहात, कन्नौज, औरैया, इटावा, बहराइच, गोंडा, बलिया, जौनपुर, फर्रुखाबाद, मीरजापुर, सोनभद्र, देवरिया व ललितपुर) में हुई।    बाजरा खरीद वाले 33 जनपद बदायूं,  बुलंदशहर, आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी, अलीगढ़, कासगंज, हाथरस, एटा, बरेली,  शाहजहांपुर, संभल, रामपुर, अमरोहा, कानपुर नगर-देहात, फर्रुखाबाद, औरैया, कन्नौज, इटावा, जालौन, हमीरपुर, चित्रकूट, गाजीपुर, जौनपुर, प्रयागराज, फतेहपुर, कौशांबी, मीरजापुर, बलिया, हरदोई व उन्नाव समेत 33 जनपदों में बाजरा खरीद हुई।   11 जनपदों में चली ज्वार खरीद बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, कानपुर नगर-देहात, फतेहपुर, उन्नाव, हरदोई, मीरजापुर व जालौन में ज्वार की खरीद चल रही।

दिन-रात बेखौफ फर्राटा भरती हैं ट्रेनर दीदी और 60 सहेलियां, सेफ मोबिलिटी से बन रहीं लखपति

सीएम योगी के विजन से बदला यूपी का माहौल, महिला सशक्तिकरण को मिल रही नई रफ्तार आत्मनिर्भर बनीं गोरखपुर की मंशा देवी, दूसरे ब्लॉकों की महिलाओं को भी बनाया आत्मनिर्भर स्वयं सहायता समूह से जुड़कर एक वर्ष में मंशा देवी बनीं लखपति दीदी, अब 26 जनवरी को पीएम मोदी से करेंगीं मुलाक़ात लखनऊ उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण अब सिर्फ नारा नहीं, बल्कि हकीकत बन चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से गोरखपुर की मंशा देवी ने न केवल खुद को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि 60 से अधिक महिलाओं को भी रोजगार और सम्मानजनक आजीविका से जोड़ा है। स्वयं सहायता समूह से जुड़कर एक वर्ष में वे लखपति दीदी बन गई हैं। अब मंशादेवी 26 जनवरी को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगी। कभी सीमित आय में जीवन चलाने वाली मंशा देवी आज ई-रिक्शा ट्रेनर के रूप में दिन-रात बेखौफ फर्राटा भर रही हैं और दूसरी महिलाओं को भी आत्मविश्वास की चाबी थमा रही हैं। ऐसे बदली जिंदगी की दिशा स्वयं सहायता समूह से जुड़कर समूह सखी के रूप में काम करने वाली मंशा देवी के पास पहले कोई विशेष आय का जरिया नहीं था। सेफ मोबिलिटी कार्यक्रम से जुड़ने के बाद उनकी जिंदगी की दिशा बदल गई। आज उनकी मासिक आय 20 से 30 हजार रुपये तक पहुंच चुकी है। जिससे साल भर में करीब ढाई से तीन लाख रुपए तक की आय होती है। सेफ मोबिलिटी कार्यक्रम राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक दीपा रंजन के निर्देशन में डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स एवं आजीविका मिशन के बीच हुए एक अनुबंध के अन्तर्गत चल रहा है। सुरक्षित परिवहन के माहौल ने महिलाओं के लिए खोली नई राह मंशादेवी ने ब्रह्मपुर ब्लॉक सहित गोरखपुर जिले की 60 से अधिक महिलाओं को ड्राइविंग, लाइसेंस और उद्यमिता का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया है। सरकारी योजनाओं से मिले मजबूत वित्तीय सहयोग और सुरक्षित परिवहन के माहौल ने महिलाओं के लिए नई राह खोली है। सड़कों पर आत्मविश्वास और स्वाभिमान के साथ ई-रिक्शा चलाती ये महिलाएं प्रदेश में बदले सामाजिक-आर्थिक वातावरण की गवाही दे रही हैं। गांव की दूसरी महिलाओं को भी ट्रेंड करना शुरु किया एक समय आय का कोई साधन नहीं था। तभी मंशा देवी को सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चलाई जा रही योजनाओं का पता चला। सेफ मोबिलिटी प्रोग्राम के जरिए अब उन्हें स्थाई आय होने लगी है। अब मंशादेवी को प्रतिदिन 800 से हजार रुपए की आमदनी हो रही है। मंशा देवी ने अपने गांव की दूसरी महिलाओं को भी ट्रेंड करना शुरु किया। धीरे धीरे जिले के अन्य ब्लॉकों की करीब 60 महिलाओं को समूह से जोड़का ट्रेनिंग दी, जिसके जरिए अब सभी महिलाएं निश्चित आय से अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। अपने साथ पूरे समाज को आगे बढ़ा सकती हैं ग्रामीण महिलाएं मंशा देवी को मुद्रा योजना से 1.25 लाख रुपए और ब्लॉक स्तर से एक लाख रुपए की सहायता मिली। जिसके बाद उनके काम ने रफ्तार पकड़ी। उनके समूह की 60 अन्य महिलाएं सुरक्षित माहौल में अब दिन-रात आत्मविश्वास के साथ ई-रिक्शा चला रही हैं। मोबिलिटी प्रोग्राम के जरिए महिला सुरक्षा, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता एक साथ आगे बढ़ रहे हैं। मंशा देवी की यह यात्रा समूह सखी से ई-रिक्शा ट्रेनर बनने तक इस बात का प्रमाण है कि सही नीति, प्रशिक्षण और अवसर मिलें तो ग्रामीण महिलाएं न केवल खुद को, बल्कि पूरे समाज को आगे बढ़ा सकती हैं।

वर्ष 2026 में राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सहायक आचार्य के 1112 पदों पर होगी तैनाती

कॉलेजों में आचार्य के 44 पदों और प्रवक्ता फॉर्मेसी के 11 पदों पर होगी भर्ती लखनऊ योगी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में लगातार ठोस और दूरदर्शी कदम उठा रही है। इसी कड़ी में वर्ष 2026 में राजकीय मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण और तकनीकी पदों पर बड़े पैमाने पर भर्ती की जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राजकीय मेडिकल कॉलेज में सहायक आचार्य, आचार्य एवं प्रवक्ता (फार्मेसी) के पदों पर भर्ती की जाएगी। इन पदों पर करीब 1,200 से अभ्यर्थियों काे सरकारी नौकरी की सौगात मिलेगी। याेगी सरकार के इस कदम से न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य शिक्षा व्यवस्था भी और मजबूत होगी। वहीं, योगी सरकार जल्द ही लोक सेवा आयोग, प्रयागराज से चयनित 1,230 नर्सिंग अधिकारियों (महिला/पुरुष) के नियुक्ति पत्रों का वितरण करेगी। राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सहायक आचार्य, आचार्य और प्रवक्ता फार्मेसी के पदों पर होगी भर्ती अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अमित कुमार घोष ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभाग में खाली पदों पर नियुक्ति करने के निर्देश दिये थे ताकि प्रदेश के ज्यादा से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी मिल सके। इसी के तहत चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सहायक आचार्य, आचार्य एवं प्रवक्ता (फार्मेसी) के पदों का अधियाचन लोक सेवा आयोग, प्रयागराज के माध्यम से चयन कराने के लिए भेजा गया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही इन पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा। राजकीय मेडिकल कॉलेजों के करीब 12 सौ पदों क्रमश: सहायक आचार्य के 1,112 पदों, आचार्य के 44 पदों और प्रवक्ता (फार्मेसी) के 11 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा नर्सिंग कैडर को सशक्त करने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही लोक सेवा आयोग, प्रयागराज से चयनित 1,230 नर्सिंग अधिकारियों (महिला एवं पुरुष) को नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे। इससे प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूती मिलेगी। भर्ती से शोध गतिविधियों में होगा इजाफा, छात्रों को मिलेगा बेहतर मार्गदर्शन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि प्रदेश में मेडिकल एजुकेशन को केवल डिग्री देने तक ही सीमित न रखा जाए, बल्कि उसे गुणवत्ता, शोध और व्यावहारिक प्रशिक्षण से जोड़ा जाए। इसी के तहत पिछले पौने नौ वर्षों में प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। जहां पहले कुछ गिने-चुने जिलों तक मेडिकल शिक्षा सीमित थी, वहीं, आज लगभग हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का लक्ष्य पूरा हो चुका है। नए कॉलेजों के संचालन के लिए योग्य शिक्षकों और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। यह भर्ती उसी दिशा में बड़ा कदम है। राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सहायक आचार्य, आचार्य और फार्मेसी प्रवक्ताओं की नियुक्ति से मेडिकल छात्रों को बेहतर मार्गदर्शन, शोध गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और चिकित्सा शिक्षा का स्तर राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो सकेगा। इससे भविष्य में प्रदेश को कुशल डॉक्टर, फार्मासिस्ट और स्वास्थ्य विशेषज्ञ मिलेंगे, जो आम जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान करेंगे।

72वीं सीनियर नेशनल वालीबॉल चैंपियनशिप के शुभारंभ अवसर पर बोले उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक

प्रधानमंत्री जी ने खिलाड़ियों में किया नई ऊर्जा का संचार, 2014 के बाद खेलों के विकास के लिए पीएम मोदी ने बहाई नई गंगाः उप मुख्यमंत्री वाराणसी  उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 72वीं सीनियर नेशनल वालीबॉल चैंपियनशिप के शुभारंभ अवसर पर खिलाड़ियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने खिलाड़ियों में नई ऊर्जा का संचार किया है। जिस देश में खिलाड़ी आगे होते हैं, वह देश सर्वोच्च शिखर की तरफ अग्रसर होता है। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि मैदान में खेल भावना से खेलना चाहिए, क्योंकि मैदान में उतरने वाला हर खिलाड़ी जीतता है और मैदान के बाहर गले मिलकर नई चुनौतियों के लिए फिर तैयार हो जाता है। 2014 के बाद खेलों के विकास के लिए पीएम मोदी ने बहाई नई गंगा उप मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद देश में खेलों के विकास के लिए पीएम मोदी ने नई गंगा बहाई। सभी खेलों का कई गुना बजट बढ़ाया गया। पहले खेल में सिर्फ औपचारिकता होती थी। उप मुख्यमंत्री ने केंद्र-प्रदेश में विकास की योजनाओं का भी जिक्र किया और कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा, बोले-कांग्रेस सरकार में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भी भ्रष्टाचार का दाग लगा। अब पीएम मोदी खिलाड़ियों में जज्बा भरते हैं। ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, एशियन गेम्स या किसी बड़ी प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने और लौटकर आने वाले खिलाड़ियों से पीएम मोदी स्वयं बात करते हैं और दुनिया को संदेश देते हैं कि यह खिलाड़ी हमारे परिवार के सदस्य हैं। इनके सम्मान में कोई कसर बाकी नहीं रखी जाएगी। प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को उच्च पदों पर दे रही सीधी तैनाती श्री पाठक ने कहा कि प्रदेश सरकार में भी खेल के बजट को कई गुना बढ़ाई गई। मेरठ में मेजर ध्यान चंद के नाम पर विश्वविद्यालय बनाया गया। प्रदेश सरकार द्वारा उच्च पदों पर खिलाड़ियों को सीधी तैनाती भी दी जा रही है। पूरी दुनिया में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रतियोगिता के विजयी खिलाड़ियों के चयन से ही देश की टीम बनेगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत माता का परचम फहराएगी।