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मुख्यमंत्री ने छोटे बच्चों को किडनी की बीमारी से बचाने के लिए व्यापक रणनीति बनाने की सलाह

क्रोनिक किडनी डिजीज का मुकाबला संतुलित और संयमित जीवन से संभव- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री ने छोटे बच्चों को किडनी की बीमारी से बचाने के लिए व्यापक रणनीति बनाने की सलाह उत्तर प्रदेश में इंसेफ्लाइटिस की बीमारी को हमने खत्म करके एक उदाहरण प्रस्तुत किया- मुख्यमंत्री  एसजीपीजीआई में इंडियन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी के 54वें वार्षिक अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री      लखनऊ:  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसजीपीजीआई में इंडियन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी के 54वें वार्षिक अधिवेशन में बोलते हुए कहा कि क्रोनिक किडनी डिजीज का मुकाबला संतुलित और संयमित जीवन से कर सकते हैं। छोटे बच्चे भी क्रोनिक किडनी डिजीज की चपेट में हैं, जिनको बचाने के लिए व्यापक रणनीति बनाने की सलाह मुख्यमंत्री ने दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने दो साल में उत्तर प्रदेश में इंसेफ्लाइटिस बीमारी के खत्म करके एक उत्तम उदाहरण प्रस्तुत किया है।  प्रदेश के अस्पतालों में धन की कमी नहीं, विश्वस्तरीय सुविधाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि एसजीपीजीआई अपनी स्थापना के समय से ही मानवता की सेवा कर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्ववर्ती सरकारों में प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र उपेक्षित था। अस्पतालों को धन की कमी से जूझना पड़ता था। हॉस्पिटल गंदगी और अव्यवस्था का पर्याय बन गए थे। 2017 के बाद हमने एसजीपीजीआई समेत प्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल को धन की कमी नहीं होने दी है। उत्तर प्रदेश में 1947 से लेकर 2017 तक केवल 17 मेडिकल कॉलेज थे लेकिन अब प्रदेश में 80 मेडिकल 25 करोड़ नागरिकों की सेवा कर रहे हैं।  कोरोना काल अस्पतालों ने करोड़ों मरीजों को बचाया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना काल में एसजीपीजीआई समेत सरकारी अस्पतालों की उत्कृष्ट सेवा को याद करते हुए कहा कि हमने संकट की घड़ी में कुशलता से काम किया था। उस समय तकनीक को चिकित्सा सेवा से जोड़ते हुए टेलीमेडिसिन का सहारा लेकर कोराना मरीजों को इलाज उपलब्ध कराया गया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने अकेले एक वर्ष में प्रदेश के नागरिकों के इलाज के लिए 1300 करोड़ रुपये उपलब्ध कराया। आज आयुष्मान भारत के अंतर्गत साढ़े 5 करोड़ गोल्डेन कार्ड बन चुके हैं। आयुष्मान कार्ड के तहत किडनी की बीमारी से ग्रस्त मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध करवाया जा रहा है।  नागरिकों की सेहत के लिए सरकार गंभीर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं है। हमारे पास अस्पतालों को वित्तीय सहायता करने के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है। पहले वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया था अब वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज है। हमने हर जिले के सरकारी अस्पताल में डायलिसिस की व्यवस्था की है। हम नागरिकों की सेहत से समझौता नहीं करने वाले हैं। हमारी सरकार मिलावटखोरों के खिलाफ समय समय पर अभियान चलाती रहती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार 34 जनपदों में नेचुरल फॉर्मिंग को बढ़ावा दे रही है। हम खेती में उर्वरक के प्रयोग को कम करने की दिशा में काम कर रह हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वांचल में 2017 से पहले इंसेप्लाइटिस से हजारों बच्चों की मौत हो जाती थी लेकिन हमने 2017 में सरकार बनने के बाद 2 साल में इस बीमारी को खत्म कर दिया।  चार दिवसीय कार्यशाला में किडनी रोग के इलाज पर चर्चा संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में इंडियन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी के 54वें वार्षिक अधिवेशन का गुरुवार को भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान 18 से 21 दिसंबर तक चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला ISNCON-2025 में किडनी रोगों के आधुनिक उपचार, अनुसंधान और तकनीकी नवाचारों पर व्यापक विमर्श किया जा रहा है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह तथा एसजीपीजीआई के निदेशक प्रोफेसर राधाकृष्ण धीमन भी मंच पर उपस्थित रहे। कार्यशाला के आयोजक सचिव प्रोफेसर नारायण प्रसाद ने बताया कि इस कार्यशाला में यूरोप, अमेरिका, नेपाल, बांग्लादेश, से भी विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धान खरीद की रफ्तार और तेज करने के दिए निर्देश

धान खरीद में नया रिकॉर्ड: 4 लाख से अधिक किसानों से खरीदा गया 25 लाख मीट्रिक टन धान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धान खरीद की रफ्तार और तेज करने के दिए निर्देश 4743 क्रय केंद्रों के माध्यम से खरीद, डीबीटी से सीधे किसानों के खातों में भुगतान लखनऊ योगी सरकार ने वर्ष 2025-26 में धान खरीद के मोर्चे पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में गुरुवार तक चार लाख से अधिक किसानों से लगभग 25 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद पूरी कर ली गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि धान खरीद की प्रक्रिया को और तेज किया जाए, ताकि एक भी पात्र किसान लाभ से वंचित न रहे। प्रदेश में धान खरीद के लिए अब तक 8,67,232 किसानों ने पंजीकरण करा लिया है। इनमें से 18 दिसंबर तक 4,08,740 किसानों से धान की खरीद पूरी हो चुकी है और उनके खातों में डीबीटी के माध्यम से भुगतान की प्रक्रिया भी तेजी से की जा रही है। 4743 धान क्रय केंद्र पर पारदर्शी खरीद योगी सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर में 4743 धान क्रय केंद्र स्थापित किए हैं। इन केंद्रों पर तौल, भुगतान और अन्य व्यवस्थाएं पूरी पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को क्रय केंद्रों पर किसी भी प्रकार की असुविधा न होने पाए। तौल और भुगतान में कोई देरी न की जाए और सभी केंद्र तय मानकों के अनुसार संचालित हों। योगी सरकार का किसानों की ‘आर्थिक समृद्धि’ पर विशेष जोर धान खरीद अभियान के जरिए योगी सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है अन्नदाता किसानों की आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित करना। एक ओर सरकार धान की निर्बाध खरीद कर रही है, तो दूसरी ओर डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में भुगतान किया जा रहा है। इस व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई है और किसानों को समय पर पैसा मिल रहा है।

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सपा सुप्रीमो पर किया कड़ा प्रहार

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पूरी तरह से दिग्भ्रमितः ब्रजेश पाठक उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सपा सुप्रीमो पर किया कड़ा प्रहार पीडीए सच में है पर्सनल डेवलपमेंट एसोसिएशनः उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक बोलेः कुर्सी की भूख अखिलेश को झूठ बोलने पर करती है मजबूर लखनऊ  उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर कड़ा प्रहार किया है। गुरुवार को उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव जिस पीडीए की चर्चा करते हैं, वह वास्तव में पर्सनल डेवलपमेंट एसोसिएशन है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के मुखिया पूरी तरह दिग्भ्रमित हो चुके हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव सच्चाई को देखकर भी सच नहीं कह सकते, क्योंकि कुर्सी की भूख उन्हें झूठ बोलने पर मजबूर करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार जनता को गुणवत्तापूर्ण जीवन देने के लिए प्रतिबद्ध है और उसी दिशा में लगातार तेजी से काम किया जा रहा है। डेवलप्ड स्टेट के रूप में तेजी से परिवर्तित हो रहा उत्तर प्रदेश ब्रजेश पाठक ने कहा कि अखिलेश यादव जब उत्तर प्रदेश के वर्तमान आंकड़ों को देखते होंगे, राउंड द क्लॉक बिजली आपूर्ति, बेहतर कनेक्टिविटी, जीवन स्तर में सुधार और सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवाएं, तो उन्हें निश्चित रूप से आश्चर्य होता होगा। स्वाभाविक है कि वे इन उपलब्धियों की तुलना अपने शासनकाल से करते होंगे, जब प्रदेश में टूटी सड़कें थीं, रात में अंधेरा रहता था, अस्पतालों को तबेला बना दिया गया था और स्कूलों में न बाउंड्री वॉल थी और न ही पढ़ाई का माहौल।उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश पूरी तरह बदल चुका है और एक डेवलप्ड स्टेट के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदूषण के आंकड़ों पर उठाए जा रहे सवालों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और आईआईटी द्वारा लगाए गए सेंसर से ही रीडिंग ली जाती है, जिनमें सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं होता। पुलिस और एसटीएफ ने सभी घटनाओं का किया निष्पक्ष अनावरण उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश की जनता भली-भांति जानती है कि उत्तर प्रदेश पुलिस और एसटीएफ ने हर घटना का निष्पक्ष और प्रभावी अनावरण किया है। एसटीएफ द्वारा कुख्यात अपराधियों को ढेर किया जा चुका है, जो संगठित माफिया गिरोह के रूप में प्रदेश में सक्रिय थे।उन्होंने कहा कि चाहे अतीक अहमद हो, मुख्तार अंसारी हो या बद्दो जैसे कुख्यात अपराधी, अंतरराज्यीय गैंग चलाने वाले माफियाओं का उत्तर प्रदेश से पूरी तरह सफाया हो चुका है। अब प्रदेश में कोई माफिया नहीं है। माफिया दुम दबाकर प्रदेश से भाग चुके हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि आप इसलिए पीड़ित हैं क्योंकि आप उन्हीं माफियाओं के समर्थक थे और उन्हीं के सहारे सत्ता चला रहे थे। आज उत्तर प्रदेश की जनता जागरूक है और उसने समाजवादी पार्टी के खाते को बंद कर दिया है। समाजवादी पार्टी को नहीं है कुछ भी कहने का अधिकार ब्रजेश पाठक ने पुलिस भर्ती और लेखपाल भर्ती का उल्लेख करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी को इन विषयों पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है। उन्हें पहले अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के कार्यकाल में भर्तियों में जातिवाद और भाई-भतीजावाद के गंभीर आरोप लगते थे। एसडीएम जैसे 86 पदों में से 56 नियुक्तियां एक ही जाति की थीं। उन्होंने कहा कि उनके शासनकाल में लेखपाल भर्ती के दौरान पर्ची सिस्टम चलता था, जबकि वर्तमान सरकार में 8,085 पदों पर पूरी तरह मेरिट और बुद्धि कौशल के आधार पर नियुक्तियां की गई हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इन भर्तियों पर सवाल उठाना उन हजारों युवाओं की मेधा और प्रतिभा पर सवाल उठाने जैसा है। केवल बयानवीर बनना है लक्ष्य ब्रजेश पाठक ने कहा कि वर्तमान सरकार ने अपने कार्यकाल में लाखों नौकरियों में निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती की है। एक भी भर्ती में गड़बड़ी नहीं हुई है और आरक्षण के सभी नियमों का पूर्ण पालन किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 68 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को भू माफियाओं से मुक्त कराया है। अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य केवल बयानबाजी करना रह गया है। एयर क्वालिटी इंडेक्स को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार इसे निर्धारित नहीं करती। यह मौसम विभाग और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों द्वारा तय किया जाता है। सरकार सभी मानकों के अनुरूप कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी मुख्यालयों पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। सभी जिलों को फोरलेन से जोड़ने का कार्य किया गया है। सर्वाधिक एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में हैं और निवेश के मामले में भी यूपी देश में अग्रणी है।

उर्वरक कालाबाजारी केवल आपूर्ति की समस्या नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा और किसान हितों से जुड़ा गंभीर अपराध

खाद माफिया पर एनएसएः खेती के साथ खिलवाड़ अब 'सामान्य अपराध' नहीं उर्वरक कालाबाजारी केवल आपूर्ति की समस्या नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा और किसान हितों से जुड़ा गंभीर अपराध कालाबाजारी की शिकायतों पर एफआईआर और सीधी प्रशासनिक कार्रवाई का प्रावधान सरप्राइज इंस्पेक्शन से तय हुई अफसरों की जवाबदेही, सभी जिलों में डेली स्टॉक रिपोर्टिंग सिस्टम लागू पिछले 2 वर्षों में 5,000 से ज्यादा खाद दुकानों का निरीक्षण किया गया, सैकड़ों लाइसेंस निलंबित और रद्द किये गये रबी सीजन 2025-26 में प्रदेश में यूरिया, डीएपी और एनपीके की कुल उपलब्धता 130 लाख मीट्रिक टन से अधिक लखनऊ  योगी सरकार खाद की कालाबाजारी को लेकर काफी सख्त है। योगी सरकार ने खाद की कालाबाजारी के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई करते हुए साफ संदेश दिया है कि खेती और किसान हितों से जुड़ा अपराध किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर खाद माफिया के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) जैसी कठोर कार्रवाई की जा रही है। योगी सरकार का मानना है कि उर्वरकों की कालाबाजारी केवल आपूर्ति या प्रशासनिक लापरवाही का मामला नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर खाद्य सुरक्षा, किसान की आजीविका और प्रदेश की अर्थव्यवस्था से जुड़ा गंभीर अपराध है। एफआईआर और सीधी प्रशासनिक कार्रवाई का प्रावधान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो लोग किसानों को संकट में डालकर मुनाफाखोरी कर रहे हैं, वे केवल कानून नहीं तोड़ रहे, बल्कि देश और प्रदेश की खाद्य सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे तत्वों को ‘सामान्य अपराधी’ मानकर नहीं छोड़ा जाएगा। जरूरत पड़ी तो उनके खिलाफ एनएसए जैसी कठोर धाराएं लगाई जाएंगी, ताकि वे लंबे समय तक समाज के लिए खतरा न बन सकें। योगी सरकार ने खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी और ओवररेटिंग की शिकायतों पर त्वरित एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। अब केवल नोटिस या चेतावनी देकर मामले को ठंडे बस्ते में नहीं डाला जाएगा। जिला प्रशासन को अधिकार दिया गया है कि वह मौके पर ही सख्त कार्रवाई करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान को खाद के लिए दर-दर भटकना पड़े, यह सरकार के लिए स्वीकार्य नहीं है। अगर कहीं भी कालाबाजारी की सूचना मिलती है, तो संबंधित अधिकारी सीधे हस्तक्षेप करेंगे और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। सरप्राइज इंस्पेक्शन से अफसरों की जवाबदेही हुई तय योगी सरकार ने खाद की आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सरप्राइज इंस्पेक्शन का तंत्र मजबूत किया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब केवल दुकानदार ही नहीं, बल्कि निगरानी में लापरवाही बरतने वाले अफसर भी जवाबदेह होंगे। औचक निरीक्षण के दौरान स्टॉक, बिक्री रजिस्टर, दर सूची और वितरण प्रक्रिया की गहन जांच की जा रही है। यदि किसी स्तर पर मिलीभगत या आंख मूंदने की शिकायत सामने आती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई तय है। योगी सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों में डेली स्टॉक रिपोर्टिंग सिस्टम लागू किया है। इसके तहत हर खाद दुकान और गोदाम को रोजाना उपलब्ध स्टॉक, बिक्री और शेष मात्रा की जानकारी ऑनलाइन अपलोड करनी होगी। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि किसी भी जिले या ब्लॉक में संभावित कमी का पहले ही आकलन किया जा सकेगा। ऐसे में तकनीक का इस्तेमाल कर खाद माफिया की हर चाल पर नजर रखी जा रही है और समय रहते कार्रवाई की जा रही है। दो वर्षों में 5,000 से अधिक दुकानों का निरीक्षण योगी सरकार की सख्ती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश भर में 5,000 से ज्यादा खाद दुकानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान अनियमितता पाए जाने पर सैकड़ों दुकानों के लाइसेंस निलंबित और रद्द किए गए। कई मामलों में भारी जुर्माना भी लगाया गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यह अभियान केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि इसका असर जमीनी स्तर पर किसानों को दिखना चाहिए। योगी सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि रबी सीजन 2025-26 के लिए प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार यूरिया, डीएपी और एनपीके की कुल उपलब्धता 130 लाख मीट्रिक टन से अधिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, तो कालाबाजारी का कोई औचित्य नहीं बनता। अगर फिर भी कहीं कृत्रिम संकट पैदा किया जाता है, तो यह साफ तौर पर आपराधिक साजिश मानी जाएगी। किसानों को भरोसा, माफिया को चेतावनी मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, ओवररेटिंग या जबरन टैगिंग की शिकायत तुरंत प्रशासन तक पहुंचाएं। सरकार उनके साथ खड़ी है और हर शिकायत पर कार्रवाई होगी। वहीं, खाद माफिया को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा गया है कि अब कानून का डंडा और भी सख्त होगा। खेती के साथ खिलवाड़ करने वालों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है।

बांदा में वृहद रोजगार मेले का हुआ आयोजन, सैकड़ो बेरोजगार अभ्यर्थियों का हुआ चयन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के मिशन रोजगार के तहत क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय ने किया रोजगार मेले का आयोजन प्रदेश और देश की कई कंपनियों मेले में लिया प्रतिभाग सैकड़ो पदों के लिए कंपनियों ने लिया अभ्यर्थियों का साक्षात्कार  बांदा  उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार के मिशन रोजगार के तहत गुरुवार को बांदा में सेवा नियोजन निदेशालय उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय द्वारा राजकीय इंटर कॉलेज मटौंध में एक दिवसीय बृहद रोजगार मेले का आयोजन किया गया। जिसमें लगभग 350 बेरोजगार अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया और यहां पर आई कई कंपनियों ने उनका साक्षात्कार लिया। जिसमें कुल 193 बेरोजगार अभ्यर्थियों का चयन किया गया। और सरकार के मिशन रोजगार के तहत इन सभी अभ्यर्थियों को अलग-अलग कंपनियों में नौकरी मिली। 5 कंपनियों ने 350 अभ्यर्थियों में 193 अभ्यर्थियों का किया चयन उक्त रोजगार मेले में 5 कंपनियों ने अभ्यर्थियों का चयन किया। जिसमें आमधन-ई प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने 12 अभ्यर्थियों का चयन किया, वहीं रिलायंस निप्पोन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने 37 अभ्यर्थियों का, एजुवेंटेड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने 16, सारा सिक्योरिटी सॉल्यूशन ने 128 व जीवितम कंपनी ने 23 अभ्यर्थियों का चयन किया। और कुल 193 बेरोजगार अभ्यर्थियों को इस रोजगार मेले में नौकरी मिली। बृहद रोजगार मेले का उद्घाटन जिला विद्यालय निरीक्षक बांदा दिनेश कुमार द्वारा किया गया एवं इस अवसर पर सहायक निदेशक सेवायोजन अहमद अंसारी, जिला सेवायोजन अधिकारी मोहित जायसवाल तथा राजकीय इंटर कॉलेज मटौंध की प्रधानाचार्य प्रियंका सिंह उपस्थित रहीं। इन लोगों के द्वारा चयनित हुए अभ्यर्थियों को बधाई दी गई और कहा कि सभी अभ्यर्थी अब अपने दायित्वों का सही से निर्वहन करें। वही इन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के मिशन रोजगार के तहत इस मेले का आयोजन कराया गया था। जिसका उद्देश्य सिर्फ इतना है कि उत्तर प्रदेश के युवाओं को नौकरियां मिल सके।

उत्तराखंड में दर्दनाक हादसा: कैंची धाम जा रही श्रद्धालुओं की स्कॉर्पियो खाई में पलटी, तीन की मौत

भवाली पीलीभीत से कैंची धाम दर्शन के लिए जा रही सैलानियों से भरी स्कॉर्पियो भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग में निगलाट के करीब अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। हादसे में तीन सैलानियों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हो गए। घायलों को पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू कर खाई से निकालकर भवाली सीएचसी ले जाया गया। कोतवाल प्रकाश सिंह मेहरा ने बताया कि हादसे में ऋषि पटेल (7) पुत्र राहुल पटेल निवासी बरेली एयरपोर्ट एयरफोर्स पीलीभीत रोड, इज्जतनगर, स्वाति (20) पुत्री भूपराम, अक्षय (20) पुत्र चंदन सिंह पटेल, ज्योति (25) पत्नी करन निवासी, करन (25) पुत्र जितेंद्र, राहुल पटेल (35) पुत्र भूपराम, गंगा देवी (56) पत्नी भूपराम, बृजेश कुमारी (26) पुत्री राहुल पटेल और नैंसी गंगवार (24) पुत्री जयपाल सिंह को अस्पताल पहुंचाया गया। सीएचसी के डॉक्टर रमेश कुमार ने बताया कि अस्पताल आने तक गंगा देवी, नैंसी गंगवार और बृजेश कुमारी ने दम तोड़ दिया। साथ ही पांचों घायलों को हल्द्वानी हायर सेंटर रेफर किया। 

उत्तर प्रदेश में हर माह सिलिकॉन वेफर्स की प्रोसेसिंग से बड़े पैमाने पर चिप उत्पादन संभव

20 हजार वेफर्स क्षमता वाली ओसैट यूनिट से उत्तर प्रदेश बनेगा सेमीकंडक्टर हब उत्तर प्रदेश में हर माह सिलिकॉन वेफर्स की प्रोसेसिंग से बड़े पैमाने पर चिप उत्पादन संभव उत्तर प्रदेश में डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स से मोबाइल, ऑटो और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को मिलेगा सपोर्ट ग्राउंड ब्रेकिंग सेरिमनी के बाद परियोजना पर तेजी से शुरू होगा काम लखनऊ  भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को उत्तर प्रदेश में एक नई गति और दिशा मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जिस आत्मनिर्भर और तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था का विजन लेकर आगे बढ़ रही है उसकी मजबूत झलक एचसीएल और फॉक्सकॉन की संयुक्त ओसैट यूनिट के रूप में धरातल पर आने वाली है। सबसे प्रमुख विशेषता इसकी 20,000 वेफर्स प्रति माह की उत्पादन क्षमता है। यही क्षमता इस परियोजना को राष्ट्रीय स्तर पर रणनीतिक महत्व प्रदान करती है, और भारत की सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता की दिशा में इसे एक बड़ा कदम बनाती है। अधिकारियों का कहना है कि जनवरी के मध्य में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरिमनी संभावित है, उसके बाद परियोजना पर तेजी से काम होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार यह कहते रहे हैं कि उत्तर प्रदेश को निवेश के लिए सबसे भरोसेमंद राज्य बनाना सरकार की प्राथमिकता है। बेहतर कानून-व्यवस्था मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश अनुकूल नीतियों का परिणाम है कि एचसीएल और फॉक्सकॉन जैसी वैश्विक कंपनियां राज्य में निवेश के लिए आगे आई हैं। इस साझेदारी से न केवल तकनीकी विशेषज्ञता आएगी बल्कि सेमीकंडक्टर स्किल डेवलपमेंट को भी बढ़ावा मिलेगा। यह परियोजना केवल एक औद्योगिक निवेश नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश को भविष्य की वैश्विक तकनीक से जोड़ने वाला रणनीतिक कदम है। एचसीएल ग्रुप की चेयरपर्सन रोशनी नादर मल्होत्रा का कहना है कि केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में जेवर एयरपोर्ट के पास यह इकाई स्थापित की जाएगी। करीब 3706 करोड़ रुपये के निवेश से बनने वाली यह यूनिट उत्तर प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग सुविधा होगी। इसमें हर माह 20,000 सिलिकॉन वेफर्स की प्रोसेसिंग की जाएगी जिनसे बड़े पैमाने पर सेमीकंडक्टर चिप्स तैयार होंगी। सेमीकंडक्टर उद्योग में वेफर को चिप निर्माण की आधारशिला माना जाता है। एक वेफर से चिप के आकार और तकनीक के अनुसार सैकड़ों से लेकर हजारों माइक्रोचिप्स तैयार की जाती है। ऐसे में 20,000 वेफर्स की मासिक क्षमता का अर्थ है कि यह यूनिट हर महीने लाखों से लेकर करोड़ों चिप्स के निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को अंजाम दे सकेगी। यह उत्पादन क्षमता भारत में डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स की बढ़ती घरेलू मांग को पूरा करने में निर्णायक साबित होगी। इस संयंत्र में मुख्य रूप से डिस्प्ले ड्राइवर चिप्स का निर्माण किया जाएगा जिनका उपयोग मोबाइल फोन, लैपटॉप, पर्सनल कंप्यूटर, ऑटोमोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में होता है। वर्तमान में भारत इन चिप्स के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। 20 हजार  वेफर्स की नियमित प्रोसेसिंग से घरेलू आपूर्ति श्रृंखला को भी मजबूती मिलेगी और आयात निर्भरता में भारी कमी आने की पूरी संभावना है। एचसीएल ग्रुप और फॉक्सकॉन की यह साझेदारी तकनीकी क्षमता और वैश्विक अनुभव का संगम मानी जा रही है। इससे सेमीकंडक्टर स्किल डेवलपमेंट पर भी फोकस किया जायेगा, जिससे की 20 हजार वेफर्स की इस उच्च क्षमता को संचालित करने के लिए कुशल मानव संसाधन को तैयार किया जा सके। सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विशेषज्ञों के अनुसार 20 हजार वेफर्स प्रति माह की यह क्षमता उत्तर प्रदेश को सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में मजबूत स्थान दिलाने के साथ भारत को वैश्विक चिप मैन्युफैक्चरिंग मानचित्र पर एक कदम आगे ले जाएगी।

झांसी का कृषि विज्ञान केंद्र गोद लिए गांव के किसानों को निःशुल्क दे रहा उन्नत गेहूं, गोभी और सरसों के बीज

गोद लिए दस गांव के चयनित किसानों को निःशुल्क बोरान उर्वरक भी कराया जा रहा उपलब्ध अधिक पैदावार वाले बीज और पौधे निःशुल्क देकर किसानों को कृषि उपज बढ़ाने में की जा रही मदद झांसी योगी सरकार कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से किसानों को उन्नत खेती और अधिक पैदावार के लिए प्रेरित कर रही है। झांसी के भरारी में स्थित कृषि विज्ञान केंद्र गोद लिए गए दस गांव के चयनित किसानों को उन्नत खेती के लिए न सिर्फ प्रेरित कर रहा है बल्कि उन्हें निशुल्क बीज और उर्वरक भी प्रदान कर रहा है। इन किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र में आमंत्रित कर कृषि वैज्ञानिक उन्नत और अधिक पैदावार के तौर तरीकों से भी परिचित करा रहे हैं। झांसी के कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से गोद लिए गए गांव के किसानों को गेहूं की नई प्रजाति करनवंदना का बीज प्रदान किया गया है, जिसकी पैदावार परंपरागत गेहूं की तुलना में काफी अधिक होती है। सरसों की राधिका नस्ल के बीज प्रदान किए गए हैं, जिसमें शाखाएं अधिक होती हैं। इससे पैदावार अधिक होती हैं। फूलगोभी के भी उन्नत किस्म के तैयार पौधे प्रदान किए हैं, जिन्हें कृषि विज्ञान केंद्र में तैयार किया गया है। इन किसानों को बोरान उर्वरक भी प्रदान किया गया है, जो खेतों की उर्वर क्षमता बढ़ाने में सहायक होता है। कृषि विज्ञान केंद्र झांसी के वैज्ञानिक डॉ आदित्य कुमार सिंह ने बताया कि किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र में आमंत्रित कर उन्हें बीज, पौधे और उर्वरक प्रदान किए गए हैं। इन किसानों को पैदावार बढ़ाने के तौर-तरीके प्रदान करने के साथ ही निरंतर मार्गदर्शन भी प्रदान किया जा रहा है। आधुनिक तरीकों को अपनाकर किसान खेती में पैदावार बढ़ा सकते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार अटल जयंती शताब्दी समापन समारोह के अवसर पर 25 दिसंबर को चलेगा अभियान

विशेष स्वच्छता अभियान की जिम्मेदारी स्थानीय नगर निकाय और पंचायती राज विभाग को सौंपी गई सार्वजनिक स्थलों, सड़कों, बाजारों, सरकारी भवनों, शिक्षण संस्थानों और ग्राम पंचायत परिसरों में चलाया जाएगा अभियान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वयंसेवी संगठनों, युवाओं और आम नागरिकों की रहेगी सक्रिय सहभागिता लखनऊ, भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई जी की जयंती के शताब्दी वर्ष के समापन अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें अनोखी और सार्थक श्रद्धांजलि देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार 25 दिसंबर को पूरे प्रदेश में विशेष और व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा, जिसके माध्यम से अटल जी के स्वच्छ, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने का संदेश दिया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई मंचों से कहा है कि अटल बिहारी वाजपेई जी केवल एक महान राजनेता ही नहीं, बल्कि सुशासन, राष्ट्रनिर्माण और सामाजिक चेतना के प्रतीक थे। ऐसे में यह स्वच्छता अभियान उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने, उनके विचारों और आदर्शों के प्रति सच्चा सम्मान होगा। नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में समन्वित अभियान इस प्रदेशव्यापी विशेष स्वच्छता अभियान की जिम्मेदारी स्थानीय नगर निकायों और पंचायती राज विभाग को सौंपी गई है। स्थानीय नगर निकाय प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों में अभियान को प्रभावी और सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करेंगे। वहीं, पंचायती राज विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान की कमान संभालेगा, जिससे गांव-गांव तक स्वच्छता का संदेश पहुंचे। इस अभियान के अंतर्गत सार्वजनिक स्थलों, सड़कों, बाजारों, सरकारी भवनों, शिक्षण संस्थानों और ग्राम पंचायत परिसरों में विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वयंसेवी संगठनों, युवाओं और आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। युवाओं और नागरिकों को प्रेरित करने पर जोर पूरे कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अटल बिहारी वाजपेई जी की जयंती पर स्वच्छता के प्रति सामूहिक संकल्प को मजबूत करना है। साथ ही, नई पीढ़ी और नागरिकों को अटल जी के जीवन मूल्यों, राष्ट्रप्रेम, लोकतांत्रिक मर्यादाओं और सेवा भावना से प्रेरित करना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है। जनपद और राज्य स्तर पर होंगे विविध आयोजन अटल जयंती शताब्दी समापन कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य और जनपद स्तर पर कई आयोजन किए जाएंगे। जनपद स्तर पर 18 से 22 दिसंबर के मध्य विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा, जिनमें निबंध लेखन, भाषण, चित्रकला, कविता पाठ आदि शामिल हैं। राज्य स्तर पर 25 दिसंबर को लखनऊ स्थित लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजेगी अटल जयंती संस्कृति विभाग के तत्वावधान में 25 दिसंबर की शाम 6 बजे से 8 बजे तक उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर लखनऊ में आयोजित काव्य पाठ प्रतियोगिता के विजेता कवि अपनी प्रस्तुतियां देंगे, जिससे अटल जी के कवि व्यक्तित्व को भी श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।

मार्च 2026 तक गोरखपुर में फोरलेन सड़कों से जुड़ी पांच महत्वपूर्ण परियोजनाएं हो जाएंगी पूर्ण

इसी अवधि तक चार ओवरब्रिज-फ्लाईओवर भी बनकर हो जाएंगे तैयार गोरखपुर, नए साल में गोरखपुर में फोरलेन सड़कों और फ्लाईओवर का विशाल संजाल नजर आएगा। मार्च 2026 तक फोरलेन सड़कों से जुड़ी पांच महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूर्ण हो जाएंगी। इसी अवधि तक चार ओवरब्रिज-फ्लाईओवर भी बनकर हो तैयार हो जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा की जा रही मॉनिटरिंग और समीक्षा से निर्माण कार्यों में तेजी आई है। अगले तीन-साढ़े तीन माह में पूरी होने वाली रोड कनेक्टिविटी से जुड़ी फोरलेन और ओवरब्रिज-फ्लाईओवर की परियोजनाओं से शहर के आंतरिक और वाह्य आवागमन को सुगम कर देंगी। देवरिया बाईपास इनमें सबसे पहले बनकर तैयार होने वाली फोरलेन सड़क होगी। देवरिया बाईपास रोड का फोरलेन में चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य मार्च 2023 में शुरू हुआ था और जनवरी 2026 के अंत तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है। कुल 9.50 किमी लंबी सड़क को फोरलेन में परिवर्तित करने में 399.24 करोड़ रुपये की लागत आएगी। वर्तमान में निर्माण कार्य की भौतिक प्रगति 95 फीसद है। पैडलेगंज से फिराक गोरखपुरी चौक होते हुए बेतियाहाता चौराहे तक 1.80 किमी सड़क को भी फोरलेन बनाने का तेजी से हो रहा है। 277.78 करोड़ रुपये की लागत वाली इस फोरलेन सड़क परियोजना के मार्च 2026 तक पूरी तरह बन जाने की उम्मीद है। 11.60 किमी की लंबाई में भटहट से बांसस्थान मार्ग को 689.35 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन बनाया जा रहा है। इसका निर्माण मार्च 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके पूरी तरह बन जाने से आयुष विश्वविद्यालय आने-जाने वालों की यात्रा काफी आसान हो जाएगी। नौसढ़ से पैडलेगंज की सड़क शहर की ऐसी पहली सड़क होगी जिसे सिक्सलेन में तब्दील किया जा रहा है। 5.10 किमी लंबे इस मार्ग पर करीब 94 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके निर्माण पर 297.29 करोड़ रुपये की लागत आएगी। कार्य मार्च 2026 तक पूरा किया जाना लक्षित है। जिला जेल बाईपास मार्ग को भी फोरलेन में चौड़ीकृत-सुदृढ़ीकृत करने का काम जारी है। 8.56 किमी लंबी इस सड़क को फोरलेन बनाने में 369.04 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। वर्तमान में निर्माण की भौतिक प्रगति 96 प्रतिशत है और मार्च 2026 तक इसे पूर्ण किया जाना है। इन सड़कों में से देवरिया बाईपास का निर्माण कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड द्वारा जबकि भटहट-बांसस्थान, नौसढ़-पैडलेगंज, जिला जेल बाईपास और पैडलेगंज-फिराक गोरखपुरी चौक मार्ग का लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड तीन द्वारा कराया जा रहा है। मार्च 2026 तक ये फ्लाईओवर व ओवरब्रिज बनकर हो जाएंगे तैयार -बरगदवा चौराहा से नकहा जंगल-मानीराम स्टेशनों के मध्य समपार संख्या 5ए पर ओवरब्रिज, लागत 152.19 करोड़ रुपये, पूर्ण करने का लक्ष्य जनवरी 2026, भौतिक प्रगति 97 प्रतिशत से अधिक। -चौरीचौरा-भोपा बाजार में समपार संख्या 147बी पर रेल ओवरब्रिज, लागत 49.22 करोड़ रुपये, पूर्ण करने का लक्ष्य फरवरी 2026, भौतिक प्रगति सेतु निगम भाग 98 प्रतिशत। -खजांची चौराहा पर फ्लाईओवर, लागत 96.50 करोड़ रुपये, पूर्ण करने का लक्ष्य जनवरी 2026, भौतिक प्रगति 98.84 प्रतिशत। -नौसढ़-पैडलेगंज मार्ग पर सिक्सलेन फ्लाईओवर तथा देवरिया बाईपास कनेक्टिंग फ्लाईओवर, लागत 429.49 करोड़ रुपये, पूर्ण करने का लक्ष्य जनवरी 2026, भौतिक प्रगति करीब 80 प्रतिशत।