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योगी सरकार के छह माह में एक लाख भर्ती के संकल्प में शिक्षा क्षेत्र की बड़ी हिस्सेदारी

एक लाख नौकरियों के लक्ष्य को मिली रफ्तार, शिक्षा में 17 हजार से अधिक पदों पर भर्ती योगी सरकार के छह माह में एक लाख भर्ती के संकल्प में शिक्षा क्षेत्र की बड़ी हिस्सेदारी भर्ती प्रक्रिया में प्राचार्य से लेकर सहायक अध्यापक तक के पद शामिल रोजगार के साथ ही प्रदेश के शिक्षण संस्थानों को भी उपलब्ध होगा आवश्यक मानव संसाधन लखनऊ,   प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार का मिशन रोजगार तेज गति से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छह माह में एक लाख सरकारी पदों पर भर्ती का संकल्प लिया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तेज की जा रही है। इसी क्रम में शिक्षा क्षेत्र में ही 17,059 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज की ओर से वर्ष 2026 में जारी भर्ती विज्ञापनों में उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा और बेसिक शिक्षा विभाग के महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। इन भर्तियों के जरिए बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी सेवा में आने का अवसर मिलेगा, साथ ही प्रदेश के शिक्षण संस्थानों को भी आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध होगा। उच्च शिक्षा में 2,047 पदों पर अवसर आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार के अनुसार, उच्च शिक्षा विभाग में प्राचार्य के 111 पद और सहायक आचार्य (असिस्टेंट प्रोफेसर) के 1,936 पद विज्ञापित किए गए हैं। सहायक आचार्य पदों के लिए परीक्षा 19 और 20 नवंबर 2026 को प्रस्तावित है। इस भर्ती से उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा। माध्यमिक शिक्षा में 3,504 पद उन्होंने बताया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक के 897 पद तथा प्रवक्ता (पीजीटी) के 2,607 पद शामिल हैं। सहायक अध्यापक पदों के लिए परीक्षा 3 और 4 दिसंबर 2026, जबकि प्रवक्ता पदों के लिए परीक्षा 15 और 16 दिसंबर 2026 को प्रस्तावित है। बेसिक शिक्षा में 11,508 पदों की बड़ी भर्ती शिक्षा क्षेत्र में प्रस्तावित भर्तियों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी बेसिक शिक्षा विभाग की है। यहां सहायक अध्यापक प्राथमिक शहरी (अर्बन) के 11,508 पद विज्ञापित किए गए हैं। इन पदों के लिए परीक्षा 3 और 4 दिसंबर 2026 को प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त बेसिक शिक्षा विभाग में विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (स्पेशल टीईटी) भी आयोजित की जा रही है। एक लाख भर्ती के लक्ष्य में शिक्षा क्षेत्र की अहम भूमिका शिक्षा विभाग के इन आंकड़ों को देखें तो अकेले विज्ञापित 17,059 पद एक लाख सरकारी नौकरियों के लक्ष्य का करीब 17 प्रतिशत हैं। इससे स्पष्ट है कि योगी सरकार के रोजगार मिशन में शिक्षा क्षेत्र को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इनमें 11,508 पद अकेले प्राथमिक शहरी सहायक अध्यापकों के, 2,607 प्रवक्ता, 1,936 सहायक आचार्य, 897 माध्यमिक सहायक अध्यापक और 111 प्राचार्य के पद हैं। यानी भर्ती प्रक्रिया में स्कूल शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक के विभिन्न स्तरों को कवर किया गया है। रोजगार के साथ शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती योगी सरकार की प्राथमिकता पारदर्शी चयन प्रक्रिया और समयबद्ध भर्ती के जरिए रिक्त पदों को भरने की है। शिक्षा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नियुक्तियां होने से एक ओर प्रदेश के युवाओं को सरकारी रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर स्कूलों, माध्यमिक शिक्षण संस्थानों और उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की उपलब्धता भी बढ़ेगी। मिशन रोजगार के तहत हो रही ये भर्तियां युवाओं के लिए सरकारी नौकरी के नए अवसर खोलने के साथ प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का भी काम करेंगी।

राजनीतिक विचार अलग थे, लेकिन भारतीय परंपराओं के प्रति गहरा सम्मान रखते थे पासवान: मुख्यमंत्री योगी

रामविलास पासवान को बिहार जैसा सम्मान देगा यूपी: मुख्यमंत्री योगी   लखनऊ में रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान रहे मौजूद   मुख्यमंत्री योगी ने चित्र पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि, हरे राम-हरे कृष्ण भजन से भक्तिमय हुआ माहौल   पिता के सामाजिक न्याय के मिशन को आगे बढ़ा रहे चिराग पासवान: मुख्यमंत्री योगी   दलितों और वंचितों को न्याय दिलाने के लिए रामविलास पासवान ने समर्पित किया जीवन   राजनीतिक विचार अलग थे, लेकिन भारतीय परंपराओं के प्रति गहरा सम्मान रखते थे पासवान: मुख्यमंत्री योगी   संसद में साथ बिताए दिनों को मुख्यमंत्री योगी ने किया याद, बोले- सहज व्यवहार से हर किसी का दिल जीत लेते थे    लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान की छठी पुण्यतिथि पर कहा कि उन्हें बिहार में जो सम्मान मिला है, वही सम्मान उत्तर प्रदेश में भी दिया जाएगा। रामविलास पासवान ने सामाजिक न्याय के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। दलितों और वंचितों को न्याय दिलाने तथा समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक स्थान दिलाने के लिए उन्होंने लंबा संघर्ष किया। उनके योगदान को उत्तर प्रदेश में भी पूरा सम्मान मिलेगा।   मुख्यमंत्री योगी गुरुवार को सुशांत गोल्फ सिटी स्थित दयाल बाग एन ईको रिजॉर्ट में आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की मौजूदगी में रामविलास पासवान के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि दी।   सामाजिक न्याय की लड़ाई को दिया जीवन मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि करीब 50 वर्ष पहले बिहार की राजनीति में एक युवा नेता के रूप में रामविलास पासवान का उदय हुआ था। वह दलितों और वंचितों की प्रखर आवाज बने। बिहार की जनता ने उन्हें भारी मतों से संसद पहुंचाया। उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सपनों का भारत बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया। समाज के वंचित वर्गों को न्याय और सम्मान दिलाना उनका संकल्प था।   उन्होंने कहा कि बिहार में रामविलास पासवान की पुण्यतिथि राष्ट्रीय समारोह के रूप में मनाई जा रही है। इसके लिए बिहार सरकार का आभार जताते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि रामविलास पासवान ने जो कहा, उसी के अनुरूप जीवन जिया। बिना किसी भेदभाव के सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाया।   भारतीय परंपराओं के प्रति थी गहरी श्रद्धा मुख्यमंत्री योगी ने संसद में रामविलास पासवान के साथ बिताए दिनों को याद किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक उनके साथ काम करने का अवसर मिला। राजनीतिक विचारों में अंतर हो सकता था, लेकिन भारतीय परंपराओं के प्रति उनके मन में उतनी ही श्रद्धा थी, जितनी दलितों और वंचितों को न्याय दिलाने की प्रतिबद्धता। वह चाहते थे कि समाज के प्रत्येक वर्ग को मुख्यधारा में सम्मानजनक स्थान मिले।   मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि रामविलास पासवान का व्यवहार बेहद सहज और स्नेहपूर्ण था। अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री मोदी के मंत्रिमंडल में काम करने के दौरान भी उनका यही स्वभाव रहा। सार्वजनिक कार्यक्रमों और चुनावी सभाओं में उनकी सदाशयता लोगों के हृदय को छू लेती थी।   पिता की विरासत को आगे बढ़ा रहे चिराग मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि रामविलास पासवान की भौतिक अनुपस्थिति आज भी महसूस होती है। उनकी स्मृतियां हमेशा साथ रहेंगी। संतोष इस बात का है कि उनके पुत्र चिराग पासवान पिता के मिशन को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री के रूप में वह विभिन्न मंचों से सामाजिक न्याय की आवाज उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी ने लखनऊ में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए चिराग पासवान का आभार व्यक्त किया।   भजनों के बीच दी गई भावपूर्ण श्रद्धांजलि श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री योगी के संबोधन के बाद हरे राम-हरे कृष्ण भजन का गायन हुआ। भजन की प्रस्तुति से कार्यक्रम स्थल का वातावरण भक्तिमय हो गया। उपस्थित लोगों ने रामविलास पासवान को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके योगदान को याद किया।   कार्यक्रम में ये रहे मौजूद श्रद्धांजलि सभा में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, रामविलास पासवान के परिवार के सदस्य, शुभचिंतक और अनुयायी मौजूद रहे।

एनडीए मतलब नौकरी देंगे अलायंस, पहले था प्रदेश डुबाओ अलायंस: मुख्यमंत्री योगी

 लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को नौकरियों के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी को घेरा। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश डुबाओ अलायंस था, अब एनडीए यानी नौकरी देंगे अलायंस की सरकार है। पहले नियुक्तियों पर एक परिवार का कब्जा था। नौकरी के लिए दो ही रास्ते थे, सैफई या सिफारिश। अब किसी की सिफारिश नहीं, केवल प्रतिभा और परिश्रम चलता है। उन्होंने कहा कि पहले यूपी की पहचान मर्डर से होती थी, अब खिलाड़ियों के मेडल से हो रही है।   मुख्यमंत्री योगी लोक भवन में पुलिस के कुशल खिलाड़ी कोटे से चयनित 470 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के बाद संबोधित कर रहे थे। इनमें नागरिक पुलिस के 43 उपनिरीक्षक, 295 आरक्षी और पीएसी के 132 आरक्षी शामिल हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से पूछा कि क्या भर्ती में किसी ने पैसे मांगे या सिफारिश करानी पड़ी। कहा कि यह नियुक्ति न सरकार की कृपा है, न उनकी अनुकंपा। यह खिलाड़ियों के पसीने और परिश्रम का परिणाम है।   सपा की नियुक्तियों पर मगरमच्छ वाली टिप्पणी मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले समाजवादी पार्टी ने प्रदेश में 10 लाख गुंडे पाले थे। वे बेटियों की सुरक्षा के लिए खतरा थे, दंगे कराते थे और गरीबों की जमीनों पर कब्जा करते थे। उनकी सरकार ने 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। उन्होंने कहा कि सपा आज युवाओं की नियुक्ति की बात करती है तो ऐसा लगता है, जैसे पानी में बैठा मगरमच्छ शांति का उपदेश दे रहा हो। पहले खनन, भर्ती और रिवर फ्रंट घोटालों की चर्चा होती थी। अब प्रदेश देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।   प्रमोशन रोकने वाले को ही टाल देंगे मुख्यमंत्री योगी ने खिलाड़ियों से कहा कि नियुक्ति अंतिम मंजिल नहीं, नए जीवन की शुरुआत है। नियमित अभ्यास और बेहतर प्रदर्शन से पदोन्नति के अवसर मिलेंगे। प्रमोशन कोई टाल नहीं सकता और जो टालेगा, उसे ही टाल देंगे। उन्होंने कहा कि पुरस्कार मंच से प्रशंसा करने पर नहीं मिलेगा। इसके लिए पसीना बहाना होगा। खिलाड़ियों से दिल खोलकर खेलने और नए रिकॉर्ड बनाने का आह्वान करते हुए उन्होंने नौकरी की चिंता न करने को कहा।   शराब और सपा से सावधान रहने की सलाह मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि युवाओं को दो चीजों से सावधान रहना चाहिए। पहली शराब और दूसरी सपा। दोनों ने प्रदेश को बर्बाद किया है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी नशे के खिलाफ अभियान के सबसे बड़े ब्रांड एंबेसडर बन सकते हैं। खिलाड़ियों का हाथ पोडियम पर होना चाहिए, पुड़िया पर नहीं। युवाओं के रील देखने में समय गंवाने पर कहा कि रील में लाइक्स मिलते हैं, लेकिन खेल के मैदान में लाइफ मिलती है।   हर खिलाड़ी को एक गांव से जोड़ने का सुझाव मुख्यमंत्री योगी ने पुलिस महानिदेशक को सुझाव दिया कि पुलिस में भर्ती कुशल खिलाड़ियों को एक-एक गांव गोद दिया जाए। वे सप्ताह में कम से कम एक दिन वहां खेल गतिविधियां संचालित करें। मिशन शक्ति के तहत महिला बीट पुलिस अधिकारियों के गांव जाने की व्यवस्था की तरह खिलाड़ियों को भी गांवों से जोड़ा जाए। उन्होंने खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास जारी रखने और वर्दी में भी अनुशासन, टीमवर्क तथा न्याय के प्रति प्रतिबद्ध रहने की सीख दी।   सात पदक विजेताओं को डिप्टी एसपी की नौकरी मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले खिलाड़ियों की सीधी भर्ती का नियम नहीं था। अब ओलंपिक, एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों के सात पदक विजेताओं को डिप्टी एसपी बनाया जा चुका है। इनमें हॉकी खिलाड़ी ललित उपाध्याय और राजकुमार पाल शामिल हैं। खिलाड़ियों को 200 करोड़ रुपये से अधिक प्रोत्साहन राशि दी गई है। करीब एक हजार खिलाड़ियों को पहले नियुक्ति मिल चुकी है और 555 अन्य की चयन प्रक्रिया चल रही है।   हर मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि भू-माफिया से 64 हजार हेक्टेयर भूमि मुक्त कराई गई। गांवों में खेल मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम और बड़े स्टेडियम विकसित किए जा रहे हैं। प्रत्येक मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज और खेल विशेष के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएंगे। प्रदेश में खेल विश्वविद्यालय भी शुरू हो चुका है। उन्होंने खेलो इंडिया, फिट इंडिया, सांसद खेलकूद प्रतियोगिता और यूपी की ग्रामीण खेल लीग का उल्लेख किया।   खेल अभी जारी है: केशव प्रसाद मौर्य उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि नियुक्ति मिलने से खिलाड़ियों का खेल समाप्त नहीं हुआ है। वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की कानून व्यवस्था ध्वस्त थी। आज बेहतर कानून व्यवस्था की देशभर में चर्चा है। पहले खिलाड़ियों को अपेक्षित अवसर नहीं मिलते थे। अब पदक जीतकर आने वाले खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरियों के अवसर हैं।   पुरस्कार राशि ढाई गुने से अधिक बढ़ी: गिरीश यादव खेल राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि ढाई गुने से अधिक बढ़ाई है। खेल नीति-2023 लागू करने के साथ आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों के लिए एकलव्य क्रीड़ा कोष बनाया गया। प्रत्येक मंडल में स्पोर्ट्स कॉलेज खोलने का निर्णय हुआ है। मेरठ में मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का निर्माण पूरा हो चुका है और लोकार्पण होना है।   खिलाड़ियों को 513 आउट ऑफ टर्न पदोन्नतियां: डीजीपी पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने बताया कि वर्ष 2022 से अब तक 950 कुशल खिलाड़ियों की भर्ती हो चुकी है। निरीक्षक और दलनायक पद पर 14, उपनिरीक्षक और प्लाटून कमांडर पद पर 59 तथा मुख्य आरक्षी पद पर 440 आउट ऑफ टर्न पदोन्नतियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि खेल से मिला अनुशासन और दबाव में निर्णय लेने की क्षमता पुलिस सेवा में उपयोगी होगी।   लघु फिल्म में दिखा गुड़िया का संघर्ष कार्यक्रम में खिलाड़ियों के संघर्ष पर आधारित लघु फिल्म दिखाई गई। इसमें भदोही के छेछुआ गांव की गुड़िया की कहानी भी थी, जिन्होंने 400 मीटर बाधा दौड़ में राष्ट्रीय पदक जीता है। नियुक्ति पाने वाले खिलाड़ियों ने खाकी पहनकर जनसेवा का संकल्प जताया।   कार्यक्रम में ये रहे मौजूद कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, खेल राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव, डीजीपी राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद, भर्ती बोर्ड के डीजी एसबी शिरोडकर, पीएसी के डीजी आलोक सिंह समेत वरिष्ठ अधिकारी और खिलाड़ियों के अभिभावक मौजूद रहे

योगी सरकार ने पिछले साढ़े नौ वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिकीकरण और तकनीक पर दिया जोर

योगी सरकार ने 17 हजार करोड़ से बदली यूपी की जेलों की सूरत  योगी सरकार ने पिछले साढ़े नौ वर्षों में इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिकीकरण और तकनीक पर दिया जोर पिछले नौ वर्षों में जेल विभाग के बजट में 215 फीसदी का इजाफा  वर्ष 2017-18 में 913 करोड़ से बढ़कर 2026-27 में 2,877 करोड़ हुआ बजट लखनऊ योगी सरकार ने पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश की जेल व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और बेहतर सुविधाओं से लैस करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कार्य किये हैं। इस दौरान जेलों के इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिकीकरण और नई तकनीक पर विशेष जोर दिया गया। इसके लिए योगी सरकार ने पिछले साढ़े नौ वर्षों में 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च की। इसमें सबसे अधिक धनराशि जेलों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च की गयी।  जेल विभाग के बजट में 215 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी डीजी, कारागार एवं सुधार सेवाएं पीसी मीना ने बताया कि योगी सरकार ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही जेलों की व्यवस्थाओं को भी समय के अनुरूप बनाने पर जोर दिया है। योगी सरकार के प्रयासों से प्रदेश की जेल व्यवस्था में एक ओर जहां क्षमता विस्तार हो रहा है, वहीं दूसरी ओर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक के जरिए सुरक्षा एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में जेल विभाग के लिए बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में जेल विभाग के लिए कुल 913.07 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था। इसके मुकाबले वित्तीय वर्ष 2026-27 में यह बढ़कर 2,877.58 करोड़ रुपये हो गया। इस अवधि में जेल विभाग के बजट में करीब 215 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2021-22 के बीच जेल विभाग के लिए कुल 5,494.41 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया जबकि वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक यह राशि बढ़कर 11,913.53 करोड़ रुपये हो गई। यह बढ़ोतरी योगी सरकार की ओर से जेलों के विकास और आधुनिकीकरण को दी जा रही प्राथमिकता को दर्शाती है। जेलों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर डीजी ने बताया कि योगी सरकार की ओर से प्रदेश में नई जेलों के निर्माण के साथ ही बंदी क्षमता बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। अमेठी में 176.12 करोड़, महोबा में 203.42 करोड़, हाथरस में 184.94 करोड़, कुशीनगर में 228.31 करोड़, जौनपुर में 179.79 करोड़, और हापुड़ में 190.08 करोड़ की लागत से जिला कारागार का निर्माण किया जा रहा है। नई जेलों के निर्माण के साथ ही प्रस्तावित कारागारों के लिए भूमि की खरीद की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। संभल में प्रस्तावित जेल के लिए शासन की ओर से 24.56 करोड़, शामली में 96.20 करोड़, बलिया में 24.12 करोड़, सहारनपुर में 50.87 करोड़, अमरोहा में 32.28 करोड़ और चंदौली में 34.27 करोड़ रुपये भूमि के लिए स्वीकृत किए गये हैं।

गन्ने की कमी ने बदली यूपी की शराब नीति, अब अनाज से बढ़ेगा देसी शराब का उत्पादन

लखनऊ  यूपी में गन्ने की कमी और शराब की बढ़ती मांग ने आबकारी विभाग को देसी शराब के उत्पादन का तरीका बदलने पर मजबूर कर दिया है। अब गन्ने के शीरे पर निर्भरता कम करते हुए अनाज से शराब का उत्पादन बढ़ाया जाएगा। इसके लिए पंजाब और हरियाणा जैसे कृषि प्रधान राज्यों से बड़े पैमाने पर अनाज खरीदने की तैयारी है। आबकारी विभाग ने इसके लिए सहमति दे दी है। अभी तक प्रदेश में देसी शराब के साथ अंग्रेजी रम के उत्पादन में बड़े पैमाने पर गन्ने के शीरे का इस्तेमाल होता रहा है। गन्ने की उपलब्धता कम होने से शीरे की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। दूसरी ओर शराब की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में उत्पादन प्रभावित न हो, इसके लिए आबकारी विभाग ने वैकल्पिक कच्चे माल के रूप में अनाज के इस्तेमाल पर जोर दिया है। पिछले दिनों मुख्यालय में हुई बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने माना कि गन्ने और शीरे की उपलब्धता पर पूरी तरह निर्भर रहने से शराब उत्पादन में दिक्कत आ सकती है। ऐसे में अनाज से बनने वाली शराब का उत्पादन बढ़ाना जरूरी है। इसके लिए पंजाब और हरियाणा समेत उन राज्यों से अनाज की खरीद बढ़ाई जाएगी । विभागीय स्तर पर अनाज आधारित शराब के उत्पादन को बढ़ावा देने की तैयारी शुरू कर दी गई है। जिला आबकारी अधिकारी सुशील कुमार मिश्र ने बताया कि गन्ने की कमी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। जिले में खुलेगा लो अल्कोहलिक ब्रिवरेज बार अगर आप ऐसी बीयर या शराब के शौकीन है कि पीने के बाद हल्का सुरूर तो हो, लेकिन नशे में झूमें नहीं तो अब आपको ऐसा बार मिलने जा रहा है। प्रयागराज के पहले लो अल्कोहलिक ब्रिवेजर बार को जिला बार समिति ने अनुमोदन दे दिया है। अनुमोदन मिलने के बाद होटल संचालक ने इसकी राशि भी जमा कर दी है, माना जा रहा है कि 10 दिन के भीतर यहां पर लोगों को पीने के लिए कम नशे वाली बीयर और वाइन मिलेगी। अब तक जिले में जो भी बार खुले हैं, उनमें हर प्रकार की अंग्रेजी शराब मिलती है। महानगरों में लो अल्कोहलिक ब्रिवरेज बार का चलन है। प्रयागराज जैसे शहर में अब तक किसी ने इसे खोलने का साहस नहीं जुटाया था। अब जबकि शहरीकरण बढ़ रहा है और मॉडर्न जीवनशैली को लोग अपना रहे हैं तो शहर में इसकी मांग उठने लगी थी। इसे देखते हुए सिविल लाइंस सुभाष चौराहे करीब स्थित सम्राट होटल में इस बार को खोला जा रहा है। अनाज से तैयार होती है व्हिस्की अब तक अनाज से मुख्य रूप से व्हिस्की ही तैयार की जाती है। हालांकि रम और देसी के लिए मुख्य रूप से गन्ने का रस ही इस्तेमाल किया जाता है। देसी शराब ही प्रदेश में सबसे ज्यादा मांग वाली शराब है। गन्ने का इस्तेमाल होने से देसी शराब का उत्पादन प्रभावित हो सकता हे। ऐसे में इसके विकल्प के रूप में अनाज के इस्तेमाल की तैयारी शुरू कर दी गई है।

वृंदावन के प्रेमानंद आश्रम में सुरक्षा बढ़ेगी? ट्रस्ट ने CO से पुलिस बल तैनात करने की मांग की

लखनऊ  यूपी के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम के बाहर बीते दिनों अपने बच्चों को खोजने पहुंचे परिजनों द्वारा धरना प्रदर्शन किए जाने से आश्रम परिकर नाखुश हैं। आश्रम द्वारा पुलिस को चिट्ठी लिखकर पुलिस बल तैनात करने की मांग की है। बता दें कि एक शिष्य की मौत के बाद से बीते कुछ दिनों से प्रेमानंद आश्रम चर्चा का विषय बना हुआ है। श्री हित राधा केलि कुंज ट्रस्ट द्वारा क्षेत्राधिकारी वृंदावन को दिये पत्र में कहा गया है कि पिछले कुछ दिनों से अपने बच्चों की तलाश में आने वाले लोगों द्वारा आश्रम के बाहर उपद्रव और अभद्रता की जा रही है। इसके अलावा आश्रम पर अनर्गल आरोप भी बिना किसी तथ्यों के लगाए जा रहे हैं। इससे आश्रम की शांति और गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। आश्रम के ट्रस्टी सलोनी शरण द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में कहा गया है कि इन घटनाओं से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि यह सब सुनियोजित ढंग से किया जा रहा है। आश्रम की छवि पर पड़ रहा विपरीत प्रभाव जिससे आश्रम की छवि पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। उनका कहना है कि आश्रम की शांति व्यवस्था बरकरार रखने के लिए नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाए, ताकि आश्रम के साधकों और भक्तों में असुरक्षा की भावना नहीं पैदा हो। उन्होंने सीओ वृंदावन से शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। प्रेमानंद महाराज की किडनी की सरकारी जांच की मांग इससे पहले श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं माता शाकुम्भरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने वृंदावन स्थित श्री राधा केलि कुंज आश्रम से जुड़ी वर्तमान घटनाओं और साधक दीपक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष पुनः जांच कराने और प्रेमानंद महाराज की किडनी की सरकारी चिकित्सकीय जांच कराने की मांग की है। सार्वजनिक की जाए प्रेमानंद महाराज की रिपोर्ट आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि उन्होंने 3 जुलाई 2024 को ही तत्कालीन जिलाधिकारी को पत्र भेजकर प्रेमानंद महाराज की दोनों किडनियों की सरकारी अस्पताल में चिकित्सकीय जांच कराने और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की थी। उनका कहना था कि यदि दोनों किडनियां खराब होने का दावा किया जा रहा है तो इसकी वास्तविकता सरकारी चिकित्सकीय जांच से सामने आनी चाहिए। आशुतोष महाराज ने कहा कि आज भी उनकी मांग वही है कि प्रेमानंद महाराज की किडनी संबंधी बीमारी के दावे की निष्पक्ष सरकारी चिकित्सकीय जांच कराई जाए।

UP Rabi Season: रबी उत्पादन में 30 लाख टन बढ़ोतरी का लक्ष्य, किसानों को मिलेंगे सस्ते बीज-उर्वरक

लखनऊ  कृषि विभाग इस बार रबी सत्र में फसलाें के उत्पादन में बढ़ोतरी की रणनीति पर काम करेगा। इस बार रबी फसलों के 510 लाख टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। बुधवार को राज्य स्तरीय रबी उत्पादकता गोष्ठी-2026 में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने इस लक्ष्य की घाेषणा की। उन्होंने अनुदानित बीज व उर्वरकों की अंतरराज्यीय तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाने और विभागीय पोर्टल के सर्वर को अधिक सुगम बनाने के भी निर्देश दिए। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित गोष्ठी में कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश की कृषि विकास दर आठ प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। पिछले वर्ष रबी सत्र में 480 लाख टन फसल उत्पादन हुआ था, इस बार इसमें 30 लाख टन की बढ़ोतरी का लक्ष्य है। दलहन-तिलहन उत्पादन में प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 50 लाख मिनीकिट निश्शुल्क वितरित किए जा रहे हैं। कृषि यंत्रों पर लगभग 350 करोड़ रुपये और बीजों पर 600 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। प्रमुख सचिव कृषि डा. एमकेएस सुन्दरम ने बताया कि रबी सत्र के लिए 15.50 लाख टन यूरिया और 6.25 लाख टन डीएपी का स्टाक किया गया है। वहीं पहली बार चना व मटर के बीजों पर 75 प्रतिशत का अनुदान दिया जा रहा है। इस दौरान प्रगतिशील किसानों को मिनीकिट, कृषि यंत्रों के स्वीकृति पत्र और फेरोमोन ट्रैप का सांकेतिक वितरण किया गया। कार्यक्रम में सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, गाेसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम गुप्ता, अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बीएल मीणा, अपर मुख्य सचिव पशुपालन मुकेश मेश्राम, कृषि निदेशक त्रयंबक मणि त्रिपाठी, सीजीएम नाबार्ड पंकज कुमार, आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता कुमार प्रशांत आदि उपस्थित रहे।

चेन्नई एयर शो से सबक, काशी में तीन स्तर पर इमरजेंसी रिस्पॉन्स की तैयारी; CM योगी ने दिए निर्देश

चेन्नई एयर शो से सबक, काशी में तीन स्तर पर इमरजेंसी रिस्पॉन्स   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखा गया तैयारियों का खाका, बोले- हमारे लिए स्टेट इवेंट   डिफेंस एक्सपो और महाकुंभ का दिया उदाहरण, उसी स्तर पर तैयारी के निर्देश   हवा, गंगा और जमीन पर आपात स्थिति से निपटने का अलग प्लान, एनडीआरएफ की ली जाएगी विशेषज्ञता   तीन कंट्रोल रूम से जुड़ेगा मेडिकल रिस्पॉन्स, अस्पतालों तक बनेगा ग्रीन कॉरिडोर   170 इमरजेंसी और 44 आईसीयू बेड चिह्नित, 97 एंबुलेंस और 23 ब्लड बैंक रहेंगे तैयार    लखनऊ  चेन्नई एयर शो में अक्टूबर 2024 में सामने आई स्थिति से सबक लेते हुए काशी में एयरफोर्स डे एरियल डिस्प्ले की तैयारी की जा रही है। यहां किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए हवा, गंगा और जमीन, तीनों स्तर पर अलग रिस्पॉन्स प्लान रहेगा। एनडीआरएफ की विशेषज्ञता भी ली जाएगी। तैयारियों का पूरा खाका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखा गया है। प्रजेंटेशन देखने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारे लिए स्टेट इवेंट है। उत्तर प्रदेश डिफेंस एक्सपो और महाकुंभ में अपनी शक्ति और तैयारी दिखा चुका है। उन्होंने उसी स्तर पर एयर शो की तैयारी करने के निर्देश दिए।   वाराणसी में 22, 24 और 25 अक्टूबर को एयरफोर्स डे एरियल डिस्प्ले प्रस्तावित है। तैयारियों के प्रजेंटेशन में चेन्नई एयर शो के दौरान भीड़ की स्थिति को अलग से रखा गया। इसके बाद काशी के लिए तैयार क्राउड मैनेजमेंट प्लान बताया गया है। इससे साफ है कि चेन्नई में सामने आई स्थिति को ध्यान में रखकर यहां आपात इंतजाम किए जा रहे हैं।    हवा में हादसा हो या गंगा में, पहले से तय रहेगा रिस्पॉन्स एयर शो के दौरान किसी आपात स्थिति में अलग-अलग विभागों को मौके पर व्यवस्था तय करने का इंतजार नहीं करना होगा। कार्ययोजना में हवा, पानी और जमीन पर होने वाली संभावित घटनाओं के लिए डिजास्टर मैनेजमेंट और कंटिंजेंसी प्लान बनाने की बात है। इसके लिए एनडीआरएफ की विशेषज्ञता ली जाएगी। यानी हवा में कोई आपात स्थिति बने, गंगा में घटना हो या जमीन पर अचानक हालात बिगड़ें, तीनों के लिए पहले से रिस्पॉन्स तय रहेगा।    इसके लिए एयरफोर्स, रेलवे, रोडवेज, जलमार्ग, जिला प्रशासन और पुलिस को आपस में जोड़ा जाएगा। कार्ययोजना में इन एजेंसियों के बीच समन्वय को प्रमुख जरूरत के रूप में रखा गया है। जरूरत पर दूसरे जिलों से मजिस्ट्रेट बुलाने और अतिरिक्त संसाधन जुटाने का भी प्रस्ताव है।    तीन कंट्रोल रूम, अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर इमरजेंसी में सूचना मिलने से मरीज को अस्पताल पहुंचाने तक का नेटवर्क भी तैयार किया जा रहा है। इसके लिए इंटीग्रेटेड, सीएमओ और इमरजेंसी लाइन के तीन कंट्रोल रूम होंगे। अस्पताल तक एंबुलेंस की निर्बाध आवाजाही के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाने की योजना है। सरकारी और निजी अस्पतालों में 170 इमरजेंसी और 44 आईसीयू बेड चिह्नित किए गए हैं।    मेडिकल बैकअप में आयोजन स्थल से 20 किमी के दायरे के सात सरकारी अस्पताल और 15 किमी के दायरे के सात निजी अस्पताल शामिल किए गए हैं। 23 ब्लड बैंक भी चिह्नित हैं। वाराणसी में 58 एंबुलेंस उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा दूसरे जिलों से 39 एंबुलेंस मंगाई जाएंगी। इस तरह जरूरत पड़ने पर 97 एंबुलेंस उपलब्ध होंगी।    21 समितियों को अलग-अलग जिम्मा एयर शो की तैयारियों के लिए 21 समितियां बनाई गई हैं। किसी समिति को घाट संभालने हैं तो किसी को कंट्रोल रूम और मेडिकल कवर। आयोजन स्थल, पीए सिस्टम, आमंत्रण और पास, स्वागत और आवास, परिवहन, वीडियोग्राफी-फोटोग्राफी और मीडिया प्रबंधन की जिम्मेदारी भी अलग-अलग बांटी गई है। नमो घाट से अस्सी और रविदास घाट तक के लिए एक घाट प्रबंधन समिति और रामनगर-डोमरी क्षेत्र के लिए दूसरी समिति बनाई गई है।    पक्षियों पर नजर रखने के लिए भी अलग कमेटी तैयारी में एक अलग ‘बर्ड कंट्रोल कमेटी’ भी बनाई गई है। एयर शो के दौरान पक्षियों से जुड़ी चुनौती पर यह समिति काम करेगी। सड़क और गंगा के रास्ते आवाजाही के लिए अलग ‘ट्रांसपोर्ट कमेटी (लैंड एंड रिवर)’ बनाई गई है। कंट्रोल रूम के संचालन और मेडिकल कवर की जिम्मेदारी भी अलग-अलग समितियों को दी गई है।

यूपी से रियाद-दुबई का सफर होगा आसान, लखनऊ एयरपोर्ट से बढ़ेंगी सीधी उड़ानें

लखनऊ यूपी से अरब देशों के लिए कनेक्टिविटी बढ़ेगी। दिसंबर अंत तक रियाद के लिए लखनऊ से सीधी तीन फ्लाइटें हो जाएंगी। दुबई सरकार की एयरलाइंस फ्लाई दुबई अपनी लो बजट ‘फ्लाई डील’ लेकर आ रही है। यह फ्लाइट दिसम्बर से शुरू होगी। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार इस बीच लखनऊ से रियाद जाने वाले यात्रियों का दबाव बढ़ा है। इसी को देखते हुए कनेक्टिविटी बढ़ रही है। अक्तूबर से एयर इंडिया की सहयोगी कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस भी रियाद के लिए नई फ्लाइटें शुरू करने जा रही है जो सप्ताह में तीन दिन दोनों एयरपोर्ट के बीच संचालित होगी। फ्लाई डील के सूत्रों ने बताया कि उनकी फ्लाइट दिसम्बर से शुरू होगी और किराया अपेक्षाकृत कम होगा। मौजूदा समय लखनऊ-रियाद के बीच फ्लाइनास की फ्लाइट संचालित हो रही है। फ्लाइटों के विंटर शेड्यूल के लिए कुछ दिन पहले विभिन्न एयरलाइंस ने सर्वे कराया था। रियाद-लखनऊ के बीच 350 यात्री रोज कर रहे यात्रा सूत्र ने बताया कि लखनऊ से रोजाना करीब 350 यात्री औसतन रियाद और वहां से लखनऊ के लिए यात्रा कर रहे हैं। इसके अलावा दिल्ली-मुम्बई हो कर जाने वाली कनेक्टिंग उड़ानों से करीब 200 से 250 यात्री आ-जा रहे हैं। ऐसे में यदि सीधी फ्लाइट मिलेगी तो यात्रियों के लिए आसानी होगी। अब घरेलू फ्लाइटें भी बढ़ेंगी एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार सर्दियों की समय सारिणी में कुछ घरेलू फ्लाइटें बढ़ने की उम्मीद है। पुणे और बेंगलुरू के फेरे बढ़ने के अलावा कुछ अन्य रूटों के लिए भी यात्रियों के दबाव को देखते हुए सर्वे हुआ है। लखनऊ एयरपोर्ट पर रनवे मेंटेनेंस की वजह से कुछ समय पूर्व फ्लाइटों में कटौती हुई थी। उसके बाद फ्लाइटों की संख्या 125 से 80 -85 के बीच आ गई थी। अब यह संख्या फिर से बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। लखनऊ आ रही फ्लाइट में लगा झटका, अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त वहीं, पटना से लखनऊ आ रही फ्लाइट आसमान में किसी चीज से टकराई और तेज झटका लगा। बुधवार की शाम लखनऊ आई इंडिगो के विमान का उतरने के बाद जांच में नोज क्षतिग्रस्त मिला। हादसे में विमान में सवार 170 यात्री बाल-बाल बच गए। टक्कर बादलों के बीच बर्फ के टुकड़ों से हुई या चिड़िया से, इसकी जांच शुरू हो गई है। विमान की नोज यानी अगला हिस्सा आगे से पिचक गया है। ऐसा लग रहा है मानो किसी बड़ी चीज से टक्कर हुई हो। इंडिगो ने तुरंत इसकी सूचना डीजीसीए को देते हुए विमान को ग्राउंड कर दिया। इस विमान को यहां से अहमदाबाद के लिए उड़ान भरनी थी। एयरलाइंस ने यात्रियों को फ्लाइट निरस्त होने की सूचना देते हुए दूसरी उड़ान से जाने या रिफंड कराने का विकल्प दिया। सूत्रों के अनुसार इंडिगो की उड़ान (6ई-925) पटना से लखनऊ के लिए रवाना हुई थी। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार पायलट ने एटीसी को बताया कि नीचे उतरते हुए करीब 17 हजार फुट की ऊंचाई पर बादलों के बीच कुछ हुआ। विमान को झटका लगने की भी बात सामने आ रही है। कुछ क्रू सदस्यों ने बिजली गिरने की बात कही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पर किया पोस्ट- गुरुवार को 470 खिलाड़ियों को प्रदान किए जाएंगे नियुक्ति-पत्र

2017 से पहले भर्तियों में प्रतिभा से अधिक सिफारिश-पहुंच की होती थी चर्चा: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'एक्स' पर किया पोस्ट- गुरुवार को 470 खिलाड़ियों को प्रदान किए जाएंगे नियुक्ति-पत्र  विभिन्न विभागों में अब तक 534 से अधिक खिलाड़ियों की हो चुकी सीधी भर्ती: सीएम उत्तर प्रदेश पुलिस में 866 अन्य खिलाड़ियों की भर्ती प्रक्रिया भी बढ़ रही आगे: मुख्यमंत्री लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में 2017 के बाद आई सकारात्मक खेल संस्कृति से युवाओं व नागरिकों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि मैदान में मेधा, उपलब्धि पर सम्मान और प्रतिभा को राष्ट्र सेवा का अवसर, यही 'नए उत्तर प्रदेश' की नई खेल संस्कृति है। मुख्यमंत्री ने 2017 के पहले खिलाड़ियों की अनदेखी व 2017 के बाद नई खेल नीति की भी चर्चा की।  गुरुवार को 470 खिलाड़ियों को दिए जाएंगे नियुक्ति-पत्र  मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट में लिखा कि इसी संस्कृति को आगे बढ़ाते हुए आज उत्तर प्रदेश पुलिस में कुशल खिलाड़ी कोटे के अंतर्गत चयनित 43 उप निरीक्षक (नागरिक पुलिस), 295 आरक्षी (नागरिक पुलिस) एवं 132 आरक्षी (पीएसी) सहित कुल 470 खिलाड़ियों को नियुक्ति-पत्र प्रदान किए जाएंगे। 2017 से पहले उपेक्षित था खेल कोटा मुख्यमंत्री ने लिखा कि आज खिलाड़ियों के लिए खुल रहे सरकारी सेवा के द्वार उस बदलाव की तस्वीर भी हैं, जो उत्तर प्रदेश ने वर्ष 2017 के बाद देखी है। इससे पहले खेल कोटा उपेक्षित था और भर्तियों में प्रतिभा से अधिक सिफारिश व पहुंच की चर्चा होती थी। डबल इंजन सरकार ने खिलाड़ियों को रोजगार और सुरक्षित भविष्य से जोड़ा मुख्यमंत्री ने बताया कि डबल इंजन सरकार ने खेल प्रतिभाओं को रोजगार व सुरक्षित भविष्य से जोड़ा है। इसी का परिणाम है कि विभिन्न विभागों में अब तक 534 से अधिक खिलाड़ियों की सीधी भर्ती हो चुकी है, जबकि उत्तर प्रदेश पुलिस में 866 अन्य खिलाड़ियों की भर्ती प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित खिलाड़ियों को उनके स्वर्णिम भविष्य हेतु अनंत शुभकामनाएं प्रेषित कीं।