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योगी सरकार का महत्वपूर्ण कदम, प्रदेश में 5 नए स्पोर्ट्स स्टेडियम की शुरुआत होगी

योगी सरकार का बड़ा कदम: प्रदेश को जल्द मिलेंगे 5 नए स्पोर्ट्स स्टेडियम गाजीपुर, चंदौली, हापुड़, सम्भल और शामली में जारी है स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण स्टेडियम निर्माण और आधुनिक सुविधाओं से खिलाड़ियों को मिल रहा बड़ा मंच खेल व खिलाड़ियों को लगातार प्राथमिकता पर प्रोत्साहन दे रही है योगी सरकार लखनऊ  योगी सरकार खेल और खिलाड़ियों के विकास को लेकर लगातार ठोस कदम उठा रही है। प्रदेश को जल्द ही 5 नए स्पोर्ट्स स्टेडियम मिलने जा रहे हैं, जिससे खिलाड़ियों को अपने ही जिलों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। सरकार खेल विभाग के माध्यम से प्रदेश में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर लगातार विशेष जोर दे रही है। प्रदेश के 71 जिलों में इस समय 84 स्पोर्ट्स स्टेडियम संचालित हो रहे हैं, जबकि 5 नए स्टेडियम निर्माणाधीन हैं। जिसमें गाजीपुर में नवीन स्टेडियम का निर्माण (द्वितीय), चंदौली में स्पोर्ट्स स्टेडियम, हापुड़ में स्पोर्ट्स स्टेडियम, संभल में स्पोर्ट्स स्टेडियम, और शामली में स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है। इससे क्षेत्रीय स्तर पर खिलाड़ियों को बेहतर प्लेटफॉर्म मिल सकेगा।  हापुड़ के स्पोर्ट्स स्टेडियम का कार्य 70% पूरा वहीं निर्माण कार्य की प्रगति की बात करें तो गाजीपुर में नया स्टेडियम लगभग 99.9% पूरा हो चुका है, हालांकि जिलाधिकारी द्वारा बताई गई कुछ कमियों का निस्तारण अभी शेष है। हापुड़ में स्टेडियम का निर्माण करीब 70% पूरा हो चुका है, जबकि संभल में यह कार्य 26% और शामली में कार्य शुरू हो चुका है। चंदौली में स्टेडियम निर्माण के लिए फिलहाल टेंडर प्रक्रिया जारी है। निर्माण कार्य पूर्ण होने और हैंडओवर के बाद ही इनका लोकार्पण किया जाएगा। गाजीपुर को छोड़कर बाकी चार जनपदों में स्टेडियम निर्माण को वर्ष 2025-26 में स्वीकृति मिली है। यह परियोजनाएं प्रदेश में खेल अवसंरचना को नई दिशा देने का काम करेंगी। खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने पर योगी सरकार का फोकस योगी सरकार का फोकस सिर्फ स्टेडियम निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने पर भी है। खेल विभाग द्वारा स्टेडियम के साथ-साथ मल्टीपर्पज हॉल, स्विमिंग पूल, बैडमिंटन और टेनिस कोर्ट, वॉलीबॉल कोर्ट, जिम, हॉकी और फुटबॉल मैदान, एथलेटिक्स ट्रैक जैसी सुविधाएं विकसित की जा रहीं हैं। सरकार का मानना है कि बेहतर संसाधन और सुविधाएं मिलने से खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने में मदद मिलेगी। इससे प्रदेश के खिलाड़ी राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे और उत्तर प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। नए स्टेडियम बनने से खिलाड़ियों को अपने ही जिले में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं यूपी के खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह ने कहा कि प्रदेश में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं दी जा रहीं हैं। साथ ही प्रदेश में खेल अवसंरचना को सशक्त बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। सीएम योगी के मार्गदर्शन में 5 नए स्पोर्ट्स स्टेडियमों का निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है। इन स्टेडियमों के तैयार होने से खिलाड़ियों को अपने ही जनपद में आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण का अवसर प्राप्त होगा। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी राज्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।

शास्त्रीनगर में तनाव: दुकानों को बचाने महिलाएं, पुलिस तैनात

मेरठ मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में दुकानों और मकानों को बचाने के लिए महिलाओं का चल रहा धरना शुक्रवार को 15वें दिन भी जारी है। गुरुवार को हालांकि शासन के उच्चाधिकारियों के साथ हुई सकारात्मक वार्ता के बाद आंदोलनकारियों के तेवर कुछ नरम पड़ते नजर आए। महिलाओं ने सरकार पर भरोसा जताते हुए राहत की उम्मीद जताई है सात टीमों ने शुरू की नोटिस की कार्रवाई शुक्रवार सुबह आवास विकास परिषद की सात अलग-अलग टीमों ने सेंट्रल मार्केट क्षेत्र में पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। सबसे पहले आरटीओ रोड क्षेत्र की कई दुकानों को नोटिस दिए गए। कार्रवाई के दौरान विरोध की आशंका को देखते हुए सेक्टर-2 में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई के चलते बाजार क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। 14वें दिन भी जारी रहा महिलाओं का धरना सेंट्रल मार्केट में अपनी दुकानों और घरों को बचाने के लिए महिलाएं पिछले 14 दिनों से धरने पर बैठी हुई हैं। बुधवार को मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, आवास एवं विकास परिषद के चेयरमैन पी. गुरु प्रसाद और आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह ने व्यापारियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनी थीं। अधिकारियों ने व्यापारियों से जरूरी दस्तावेज भी एकत्र किए और समाधान का आश्वासन दिया। इसी के बाद धरना स्थल पर आंदोलनकारियों का रुख कुछ नरम दिखाई दिया। वहीं आज सुबह से महिलाएं फिर से धरने पर पहुंच गईं। सांसद अरुण गोविल के पहुंचने की चर्चा नोटिस की कार्रवाई और पुलिस तैनाती के बीच इलाके में अरुण गोविल के मौके पर पहुंचने की चर्चा भी तेज हो गई है। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बाजार क्षेत्र में लोग सांसद के आने की संभावना को लेकर चर्चा कर रहे हैं।  

3 लाख के लालच में टारगेट किलिंग की साजिश, नोएडा से दो आरोपी गिरफ्तार

 नोएडा उत्तर प्रदेश एटीएस ने नोएडा में एक बड़े ऑपरेशन के दौरान बागपत निवासी तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्लाह और दिल्ली के समीर खान को हिरासत में लिया है. इन दोनों युवकों को पाकिस्तानी हैंडलर्स और गैंगस्टर शहजाद भट्टी ने सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी बनाया था. गुरुवार को हुई इस गिरफ्तारी का मुख्य उद्देश्य राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ना और प्रभावशाली लोगों की हत्या करना था. आरोपियों ने पैसों के लालच में आकर संवेदनशील स्थानों की रेकी शुरू कर दी थी. पुलिस ने इनके पास से पिस्टल, कारतूस और चाकू बरामद कर गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया है. सोशल मीडिया पर बुना गया मौत का जाल एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश के मुताबिक, पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए भारतीय युवाओं को निशाना बना रहे थे. तुषार चौहान ने भट्टी का भरोसा जीतने के लिए कई आईडी बनाईं और सीधे संपर्क स्थापित किया. इन पाकिस्तानी हैंडलर्स ने युवाओं को उन लोगों को निशाना बनाने के लिए उकसाया जिन्होंने इस्लाम छोड़ दिया था. आरोपियों को आधुनिक हथियार मुहैया कराने और काम पूरा होने के बाद दुबई के रास्ते पाकिस्तान बुलाने का भी वादा किया गया था. 3 लाख का लालच और ग्रेनेड अटैक की तैयारी जांच में खुलासा हुआ कि शहजाद भट्टी ने तुषार को टारगेट किलिंग के लिए 3 लाख रुपये का लालच दिया था, जिसमें 50 हजार रुपये एडवांस तय थे. आरोपियों को हैंड ग्रेनेड से हमला करने का निर्देश मिला था। गिरफ्तार समीर खान को दीवारों पर 'TTH' यानी 'तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान' लिखने और नए लड़कों को भर्ती करने की जिम्मेदारी दी गई थी. इन लोगों ने पिछले कुछ महीनों में कई लोगों को फोन पर जान से मारने की धमकी दी, जिसमें पाकिस्तानी हैंडलर भी कॉन्फ्रेंस कॉल पर जुड़ते थे. यूपी के कई चर्चित चेहरे थे निशाने पर एटीएस की पूछताछ में पता चला है कि इनके निशाने पर यूपी के कई चर्चित लोग थे. पाकिस्तानी आईएसआई एजेंट इन्हें टारगेट देने वाले थे. पकड़े गए आरोपियों से अब गहन पूछताछ की जा रही है ताकि इनके पूरे नेटवर्क और अन्य साथियों का पता लगाया जा सके. पुलिस अब इनकी रिमांड लेकर यह जानने की कोशिश करेगी कि इन्हें हथियारों की सप्लाई कहां से होने वाली थी और इनके अगले निशाने कौन थे. पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और ISI के सीधे संपर्क में थे आरोपी पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आईएसआई के सीधे संपर्क में थे. तुषार ने भट्टी से प्रभावित होकर इस्लाम कबूला और इंस्टाग्राम के जरिए उससे जुड़ा. उसे संवेदनशील स्थानों की रेकी और प्रभावशाली लोगों पर ग्रेनेड हमले का टास्क मिला था. आरोपी PTT (पुश टू टॉक) और कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स से बात करते थे. इनके पास से बरामद पिस्टल और कारतूस भी पाकिस्तान से ही भेजे गए थे.  आरोपियों ने नेटवर्क विस्तार के लिए अन्य लड़कों को भी जोड़ा था.

29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेस-वे लोकार्पण कार्यक्रम: सुरक्षा व व्यवस्थाओं को लेकर दिए सख्त निर्देश

प्रधानमंत्री के प्रस्तावित आगमन की तैयारियों का सीएम योगी ने किया स्थलीय निरीक्षण 29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेस-वे लोकार्पण कार्यक्रम: सुरक्षा व व्यवस्थाओं को लेकर दिए सख्त निर्देश हेलीपैड, सभा स्थल, वीआईपी रूट व पार्किंग व्यवस्था का किया गहन निरीक्षण मल्टी-लेयर सुरक्षा, पुलिस-प्रशासन समन्वय और त्रुटिरहित आयोजन का निर्देश आमजन की सुविधा के लिए पेयजल, शौचालय, बिजली व यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश हरियाली के लिए पौधरोपण और आपात सेवाओं की उपलब्धता पर भी विशेष फोकस लखनऊ/हरदोई  हरदोई में 29 अप्रैल को प्रस्तावित प्रधानमंत्री के आगमन एवं गंगा एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को बिलग्राम तहसील के मल्लावां कट स्थित कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हेलीपैड, सभा स्थल, वीआईपी मार्ग, पार्किंग, बैरिकेडिंग, सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था सहित सभी तैयारियों का गहनता से जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री का कार्यक्रम पूरी तरह सुव्यवस्थित, सुरक्षित और गरिमामय ढंग से संपन्न कराया जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता पर रहे और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सभा स्थल का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री ने बैठने की समुचित व्यवस्था, पंडाल की गुणवत्ता, पेयजल उपलब्धता, स्वच्छता, शौचालय और निर्बाध विद्युत आपूर्ति को मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में आने वाले आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हों। यातायात प्रबंधन की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि कार्यक्रम के समय ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु बनी रहे। इसके लिए वैकल्पिक मार्गों का निर्धारण, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और स्पष्ट संकेतक (साइन बोर्ड) लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि आम नागरिकों को परेशानी न हो। मुख्यमंत्री ने हेलीपैड और वीआईपी मूवमेंट से जुड़ी व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया और सभी प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने आपातकालीन सेवाओं- एम्बुलेंस, अग्निशमन और चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली और निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जाए और जहां भी कमी हो, उसे तुरंत दूर किया जाए। इस अवसर पर मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने मानचित्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की और आश्वस्त किया कि सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी कर ली जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल और आसपास हरित वातावरण को बढ़ावा देने के लिए ‘हरि शंकरी’ प्रजाति के पौधों के रोपण के निर्देश भी दिए। अंत में उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम जनपद के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए सभी अधिकारी पूर्ण जिम्मेदारी, समन्वय और समर्पण के साथ कार्य करते हुए इसका सफल और गरिमामय आयोजन सुनिश्चित करें।

मौसम बारिश से जूझते गेहूं किसानों को डबल इंजन सरकार से मिली बड़ी राहत

बेमौसम बारिश से परेशान गेहूं किसानों को डबल इंजन सरकार ने दी बड़ी सुविधा रबी विपणन वर्ष 2026-27 प्रदेश सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार ने चमकविहीन एवं सिकुड़े गेहूं को खरीदने की अनुमति प्रदान की किसानों का 70 प्रतिशत तक चमकविहीन गेहूं तथा 20 प्रतिशत तक टूटे व सिकुड़ा गेहूं बिना कटौती सरकारी क्रय केन्द्रों पर खरीदा जायेगा सभी 18 मंडल के लिए शासन ने नामित किये नोडल अधिकारी   टोल-फ्री नम्बर 18001800150 पर समस्या बता सकते हैं किसान लखनऊ  मौसम की मार से परेशान किसानों को डबल इंजन सरकार ने बड़ी राहत दी है। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार ने निर्देश दिया है कि उत्तर प्रदेश के किसानों का अधिक से अधिक गेहूं एमएसपी पर खरीदा जाए तथा किसानों को लाभकारी मूल्य प्राप्त हो।  बता दें कि प्रदेश में बेमौसम वर्षा के कारण गेहूं की गुणवत्ता में कमी आई है। चमकविहीन होने के साथ गेहूं के दानों में सिकुड़न आ गयी है। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार के अनुरोध पर किसानों के हित में भारत सरकार ने चमकविहीन एवं सिकुड़े गेहूं को खरीदने की अनुमति प्रदान की है। अब किसानों का 70 प्रतिशत तक चमकविहीन गेहूं तथा 20 प्रतिशत तक टूटे व सिकुड़ा गेहूं सरकारी क्रय केन्द्रों पर बिना किसी कटौती के खरीदा जायेगा। जिन किसानों का नहीं हुआ सत्यापन, उनसे भी होगी खरीद किसानों के पंजीकरण में दर्ज विवरण का सत्यापन राजस्व एवं चकबन्दी विभाग द्वारा किया जा रहा है। अब नई व्यवस्था के अन्तर्गत जिन किसानों का उक्त विभागों द्वारा सत्यापन अभी तक नहीं हुआ है, उन किसानों का गेहूं भी क्रय केन्द्र प्रभारियों द्वारा किसानों के राजस्व/चकबन्दी अभिलेखों का मिलान करते हुए क्रय किया जायेगा।। 15 जून तक जारी रहेगी गेहूं की खरीद समस्त जनपदों के क्रय केन्द्रों पर 15 जून तक अनवरत रूप से गेहूं खरीद जारी रहेगी। किसानों के समस्त गेहूं की खरीद सुनिश्चित कराई जायेगी। भीड़ अधिक होने पर किसान अपनी सुविधानुसार क्रय केंद्र प्रभारी से टोकन प्राप्त कर लें और टोकन में दर्ज तिथि पर क्रय केंद्र लाकर गेहूं बिक्री करें। किसी भी असुविधा पर किसान  टोल-फ्री नम्बर 18001800150 पर सम्पर्क कर सकते हैं। सभी 18 मंडल के लिए नोडल अधिकारी नामित शासन ने प्रदेश के सभी 18 मंडल में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया है। नामित अधिकारी अपने सम्भाग का भ्रमण करते हुए किसानों से क्रय किए जा रहे गेहूं की व्यवस्था की समय-समय पर समीक्षा करेंगे। साथ ही बैठक करके गेहूं खरीद को सुचारु रूप से सम्पन्न कराएंगे।

सीएम योगी करेंगे रश्मिरथी पर्व का उद्घाटन, तीन दिवसीय आयोजन रहेगा दिनकर को समर्पित

सीएम योगी करेंगे रश्मिरथी पर्व का शुभारंभ, दिनकर को समर्पित होगा तीन दिवसीय आयोजन राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की स्मृति में 24 से 26 अप्रैल तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में भव्य आयोजन   आयोजन में साहित्य, राष्ट्रचिंतन, संस्कृति और प्रेरक विचारों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा   लखनऊ राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी कृति रश्मिरथी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर लखनऊ में तीन दिवसीय रश्मिरथी पर्व का आयोजन किया जा रहा है। 24 से 26 अप्रैल तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होने वाले इस भव्य साहित्यिक-सांस्कृतिक आयोजन का शुभारंभ शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। यह आयोजन राष्ट्रकवि दिनकर की स्मृतियों को समर्पित होगा, जिसमें साहित्य, राष्ट्रचिंतन, संस्कृति और प्रेरक विचारों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। 24 को होगा राष्ट्रीय परिसंवाद और रश्मिरथी नाटक 24 अप्रैल को उद्घाटन सत्र के साथ रश्मिरथी संवाद स्मारिका का लोकार्पण किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रीय परिसंवाद आयोजित होगा, जिसमें विद्वान दिनकर के साहित्य, राष्ट्रवाद और समकालीन प्रासंगिकता पर विचार रखेंगे। शाम को रश्मिरथी पर आधारित नाटक का मंचन किया जाएगा, जो आकर्षण का केंद्र रहेगा। 25 को होगा विवेकानंद के विचारों पर मंथन 25 अप्रैल को स्वामी विवेकानंद के सांस्कृतिक भारत निर्माण में योगदान विषय पर परिसंवाद होगा। इसमें युवाओं को आत्मविश्वास, राष्ट्रसेवा और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया जाएगा। सांस्कृतिक संध्या में विवेकानंद के जीवन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति भी होगी। 26 को दी जाएगी अटल और तिलक को श्रद्धांजलि 26 अप्रैल को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्र निर्माण में योगदान पर विशेष चर्चा होगी। इसके साथ अटल जी की कविताओं पर आधारित संगीतमय नृत्य नाटिका अटल स्वरांजलि तथा लोकमान्य तिलक पर आधारित नाटक का मंचन किया जाएगा। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यह आयोजन युवाओं को राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान, संघर्ष और सामाजिक समरसता की प्रेरणा देगा। रश्मिरथी पर्व के जरिए उत्तर प्रदेश एक बार फिर विकास के साथ विरासत के सम्मान का संदेश देगा।

प्रयागराज में आध्यात्मिक पर्यटन को मिली नई पहचान, योगी सरकार ने बढ़ाया विदेशी श्रद्धालुओं का विश्वास

योगी सरकार में विदेशी श्रद्धालुओं का बढ़ा भरोसा, प्रयागराज बना आध्यात्मिक पर्यटन का केंद्र एक साल में 20.53 लाख से ज्यादा विदेशी पर्यटक पहुंचे प्रयागराज, संगम नगरी की बढ़ी लोकप्रियता आस्था और संस्कृति का आकर्षण: यूपी में विदेशी मेहमानों की पहली पसंद बना प्रयागराज लखनऊ  उत्तर प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था, मजबूत बुनियादी ढांचे और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाली नीतियों के चलते विदेशी पर्यटकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण प्रयागराज के रूप में सामने आया है, जहां वर्ष 2025 में 20,53,918 से अधिक विदेशी श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे। यह आंकड़ा दर्शाता है कि संगम नगरी केवल देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के लोगों के लिए आस्था और संस्कृति का प्रमुख केंद्र बन चुकी है।  सबसे ज्यादा विदेशी पर्यटक संगम नगरी पहुंचे  प्रयागराज में 20,53,918, वाराणसी में 3,21,358, मथुरा में 1,42,134, अयोध्या में 65,487 विदेशी पर्यटक साल 2025 में पहुंचे। प्रयागराज सदियों से गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम के लिए प्रसिद्ध रहा है। यहां की धार्मिक मान्यताएं, प्राचीन मंदिर, घाट, आश्रम और आध्यात्मिक वातावरण विदेशी पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहे हैं। विदेशी श्रद्धालु संगम स्नान, पूजा-अर्चना, योग, ध्यान और भारतीय संस्कृति को करीब से समझने के लिए प्रयागराज पहुंच रहे हैं। खासतौर पर माघ मेला, कुम्भ और धार्मिक आयोजनों के दौरान यहां अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। योगी सरकार की नीतियों से बढ़ा विश्वास उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है, जिससे विदेशी पर्यटकों में विश्वास बढ़ा है। पर्यटन स्थलों पर पुलिस व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, साफ-सफाई, बेहतर सड़क संपर्क, एयरपोर्ट और रेलवे सुविधाओं में सुधार का सकारात्मक असर देखने को मिला है। प्रयागराज में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, घाटों के सुंदरीकरण, प्रकाश व्यवस्था और आधुनिक व्यवस्थाओं ने भी विदेशी मेहमानों को आकर्षित किया है। सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों के विकास और प्रचार-प्रसार से प्रदेश की छवि वैश्विक स्तर पर मजबूत हुई है। आध्यात्मिक पर्यटन का बनता वैश्विक केंद्र पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रयागराज केवल एक तीर्थ स्थल नहीं, बल्कि आध्यात्मिक पर्यटन का वैश्विक केंद्र बनकर उभर रहा है। यूरोप, अमेरिका, रूस, जापान, नेपाल, श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। विदेशी मेहमान भारतीय परंपराओं, सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक जीवन शैली से प्रभावित हो रहे हैं। वर्ष 2025 में 20 लाख से अधिक विदेशी पर्यटकों का आगमन इस बात का प्रमाण है कि प्रयागराज की पहचान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत हुई है। आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ने की संभावना है, जिससे प्रदेश के पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलेगा। धार्मिक आयोजनों में प्रयागराज ने रचा इतिहास प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025 ने दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में नया इतिहास रचा। 45 दिवसीय इस भव्य आयोजन में 65 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई। महाकुंभ 13 जनवरी 2025 से प्रारंभ हुआ और 144 वर्षों बाद बने विशेष संयोग के कारण देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु पहुंचे। प्रतिदिन औसतन एक करोड़ से ज्यादा लोगों की मौजूदगी दर्ज की गई। वहीं मात्र 33 दिनों में 50 करोड़ श्रद्धालुओं का आंकड़ा पार होना अपने आप में विश्व रिकॉर्ड है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 7-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू रही। साथ ही 300 से अधिक गोताखोर तैनात किए गए और 10 लाख से अधिक लोगों के ठहरने की विशेष व्यवस्था की गई थी।

काम में तेजी लाकर फोरलेन सड़क और रेल उपरिगामी पुल का निर्माण जल्द से जल्द करने के दिए निर्देश

गोरखपुर.  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को निर्माणाधीन डोमिनगढ़ माधोपुर बंधा से महेसरा पुल तक फोरलेन सड़क और डोमिनगढ़ में बन रहे रेल उपरिगामी पुल (आरओबी) का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राजघाट पुल से हाबर्ट बंधा होते हुए डोमिनगढ़, कोलिया, गाहासाढ़ बंधा होते हुए जंगल कौड़िया-कालेसर मार्ग तक फोरलेन सड़क के निर्माण की भी जानकारी ली। उन्होंने इन तीनों परियोजनाओं को सुगम यातायात और बाढ़ बचाव के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।  ईको पार्क सहित 1055 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण-शिलान्यास समारोह में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री डोमिनगढ़ माधोपुर बंधा से महेसरा पुल तक फोरलेन सड़क और डोमिनगढ़ रेल उपरिगामी पुल का निरीक्षण करने पहुंचे। सबसे पहले वह लालडिग्गी के आगे बंधे पर रुके। यहां उन्होंने फोरलेन सड़क परियोजना के ड्राइंग मैप का अवलोकन किया और कार्य प्रगति के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड दो के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि काम में और तेजी लाकर इसे जल्द से जल्द जनता को समर्पित करने की तैयारी करें।  इसके बाद सीएम योगी ने इसी मार्ग पर इलाहीबाग के पास बंधे पर रुककर निर्माण कार्य का जायजा लिया। उन्होंने लक्षित समय सितंबर 2026 की बजाय जुलाई 2026 तक ही फोरलेन का काम पूरा करने के लिए कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए। यहां मुख्यमंत्री ने नगर आयुक्त को निर्देशित करते हुए कहा कि महेसरा तक बनने वाले फोरलेन के अंतिम छोर को खूबसूरत बनाने में नगर निगम भी योगदान दे। उन्होंने कहा कि महेसरा में सड़क से सटी वाटर बॉडी के समीप की भूमि पर कचरा पड़ा रहता है। वहां भी ईको पार्क जैसा विकास किया जा सकता है। गोरखपुर में खड़ी हो रही विकास की नई श्रृंखला : मुख्यमंत्री फोरलेन सड़क का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री ने डोमिनगढ़ चौकी के पास जगतबेला-डोमिनगढ़ रेल सेक्शन पर रहमतनगर-माधोपुर रोड पर रेल उपरिगामी पुल की प्रगति की जानकारी ली। ड्राइंग मैप देखने के बाद उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। डोमिनगढ़ चौकी के पास स्वागत के लिए जुटे लोगों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर में जीवन सुगमता के लिए विकास की एक नई श्रृंखला खड़ी हो रही है। उन्होंने कहा कि हाबर्ट बंधा, डोमिनगढ़ बंधा पर फोरलेन सड़क और डोमिनगढ़ में रेल उपरिगामी पुल बन जाने से घुनघुनकोठा, जगतबेला और आसपास के लोगों को आवागमन में बड़ी सहूलियत हो जाएगी। फोरलेन के रूप में तटबंध सुदृढ़ हो जाने से बाढ़ से भी बचाव होगा। फोरलेन सड़क बन जाने से जंगल कौड़िया-कालेसर या फिर सोनौली मार्ग पर जाना बेहद सुगम हो जाएगा। सिटी के बाहर मिल जाएगी फोरलेन की बेहतरीन कनेक्टिविटी : सीएम योगी सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब सिटी के बाहर-बाहर फोरलेन की बेहतरीन कनेक्टिविटी मिल जाएगी। राजघाट, टीपीनगर से होते हुए नेपाल जाने वाले मार्ग पर जाने के लिए यात्रियों को शहर के अंदर जाने की जरूरत नहीं रहेगी। इस फोरलेन से सीधे महेसरा और फिर वहां से सोनौली मार्ग पर जाना आसान होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कार्यदायी संस्थाएं समय पर कार्य पूर्ण कर लेंगी और लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। महेसरा पुल तक जाएगी 10 किमी लंबी सड़क डोमिनगढ़ माधोपुर बंधा से बसियाडीह मंदिर होते हुए महेसरा पुल के पास गोरखपुर-सोनौली मार्ग तक 10.2 किमी लंबाई में 379.54 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन सड़क का निर्माण जारी है। इसकी कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड दो है। इस सड़क को सितंबर 2026 तक पूरा कराया जाना है। हालांकि मुख्यमंत्री ने इसे जुलाई तक ही पूरा करने के लिए निर्देशित किया है।  हाबर्ट बंधे से जंगल कौड़िया-कालेसर मार्ग की होगी कनेक्टिविटी इसी तरह राजघाट पुल से हाबर्ट बंधा होते हुए डोमिनगढ़, कोलिया, गाहासाढ़ बंधा होते हुए जंगल कौड़िया-कालेसर मार्ग तक फोरलेन सड़क का निर्माण हो रहा है। 4.07 किमी लंबे इस मार्ग को फोरलेन सड़क में तब्दील करने पर 195.21 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड दो के अनुसार 75 प्रतिशत से अधिक कार्य हो चुका है और इसे मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। 132 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा रेल उपरिगामी पुल जगतबेला-डोमिनगढ़ रेल सेक्शन पर रहमतनगर-माधोपुर रोड पर उपरिगामी पुल का निर्माण 132 करोड़ 60 लाख 78 हजार रुपये की लागत से किया जा रहा है। 755 मीटर लंबे इस पुल का निर्माण दिसंबर 2027 तक पूरा किया जाना है। इस पुल के बन जाने से टीपीनगर, कालेसर जंगल कौड़िया मार्ग से जोड़ते हुए रोहिन नदी के बाएं तट पर हाबर्ट तटबंध से माधोपुर तटबंध होते हुए मोहरीपुर का गोरखपुर-सोनौली मार्ग से सीधा संपर्क हो जाएगा। इससे सोनौली मार्ग पर जाने वाले यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी, समय व ईंधन की बचत भी होगी।

फार्मर रजिस्ट्री के लिए कम सैचुरेशन वाले गांवों पर फोकस, सभी भूमिधर किसानों का रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने के निर्देश

लखनऊ.  प्रदेश में जायद 2026 सीजन की तैयारियों के तहत सरकार ने फार्मर रजिस्ट्री को लेकर अभियान तेज कर दिया है। निर्देश दिए गए हैं कि 30 अप्रैल 2026 तक 100 प्रतिशत किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए विशेष रूप से उन गांवों पर फोकस किया जा रहा है जहां अब तक रजिस्ट्री का सैचुरेशन कम है। अभियान के तहत सभी भूमिधर किसानों को शामिल किया जाएगा, चाहे वे पीएम किसान योजना के लाभार्थी हों या नहीं। किसानों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिलों को व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें लाउडस्पीकर के माध्यम से घोषणाएं, स्थानीय समाचार पत्रों में विज्ञापन और ग्राम प्रधानों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि हर किसान तक जानकारी पहुंच सके और रजिस्ट्रेशन में तेजी आए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 15 मई 2026 से फार्मर आईडी अनिवार्य कर दी जाएगी। इसके बिना किसानों को सरकारी कृषि योजनाओं, उर्वरकों और बीज का लाभ नहीं मिल सकेगा। ऐसे में किसानों को समय रहते अपना पंजीकरण पूर्ण कराने की सलाह दी गई है। इसी क्रम में जायद 2026 के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे भी निर्धारित समयसीमा में संचालित किया जाएगा। इसके लिए 28 अप्रैल 2026 को जिला स्तरीय टीमों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि 1 मई से 31 मई 2026 तक पूरे प्रदेश में सर्वे अभियान चलाया जाएगा। इस सर्वे के माध्यम से फसलों का सटीक आंकलन कर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।

24 को लखनऊ में होगा उत्तर जोन का क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन

लखनऊ.  उत्तर जोन खेती का प्राण है। कृषि क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने अनेक सकारात्मक कदम उठाए हैं। यूपी के इस कदम के कारण केंद्रीय किसान कल्याण मंत्रालय के तत्वावधान में 24 अप्रैल (शुक्रवार) को सेंट्रम होटल में क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन (उत्तर जोन) होगा। इसमें 9 राज्यों (उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब व दिल्ली) के कृषि मंत्री, उद्यान मंत्री, प्रमुख सचिव, निदेशक, एफपीओ, प्रगतिशील किसान, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक, भारत सरकार के अधिकारी आदि रहेंगे। उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी व रामनाथ ठाकुर भी सम्मिलित होंगे।  यह जानकारी कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने दी। श्री शाही ने गुरुवार को लोकभवन में पत्रकारों से बातचीत में आयोजन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।   उन्होंने बताया कि इसमें कृषि ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड, एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड की प्रगति, राज्यों के किसानों, केंद्र के स्टार्टअप, एफपीओ, नाबार्ड, बैंकों, मिल मालिकों, प्रसंस्करण इकाइयों, बागवानी की संभावनाओं, दलहन आत्मनिर्भरता मिशन की प्रगति, बीज एजेंसियों, खरीद एजेंसियों, सिंचाई कंपनियों, राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन आदि पर चर्चा व समीक्षा भी होगी।  अपने बेहतर कार्यों के बारे में प्रस्तुतिकरण देंगे अन्य राज्य कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों के कल्याण व आमदनी को लेकर विभिन्न राज्यों ने बेहतर कार्य किया है। वे अपने कार्यों का प्रस्तुतिकरण देकर अन्य राज्यों को भी अवगत कराएंगे। उत्तर प्रदेश के अंदर गन्ने के साथ इंटरक्रॉपिंग शुरू कराई गई है। इसके साथ ही धान की सीधी बोआई (डीएसआर) विधि को लेकर भी प्रस्तुतिकरण होगा। भारत सरकार ने सर्वोत्तम पद्धति मानते हुए इसे किसानों के हित का भी बताया है। वहीं पंजाब सरकार ने धान के फसल विविधीकरण की पद्धति, हिमाचल व उत्तराखंड ने बागवानी के क्षेत्र में विशेष पद्धति अपनाई है। इसके साथ ही कृषि के क्षेत्र में अन्य राज्यों के विभिन्न सकारात्मक कार्यों की भी जानकारी आदान-प्रदान होगी।  किसानों को सामर्थ्यवान बनाने पर भी होगी विस्तृत चर्चा सम्मेलन में नकली कीटनाशकों, उर्वरकों की कालाबाजारी पर नियंत्रण, प्रभावी वितरण, इसके विकल्पों को बढ़ावा देने, संतुलित उपयोग, रासायनिक फर्टिलाइजर की जगह पर अल्टरनेटिव फर्टिलाइजर के प्रयोग को लेकर भी पर विस्तृत चर्चा व समीक्षा भी होगी। सम्मेलन में उत्तर जोन के लिए आगे क्या पॉलिसी बनाई जाए और इसके जरिए किसानों को कैसे सामर्थ्यवान व आर्थिक रूप से सक्षम बनाया जा सके, इस पर भी चर्चा होगी।  यूरिया की खपत कम कराने के लिए लगभग 40 हजार कुंतल ढेंचे का बीज कराएंगे उपलब्ध कृषि मंत्री ने एक सवाल के जवाब में बताया कि उत्तर प्रदेश में उर्वरक की कोई समस्या नहीं है। उत्तर प्रदेश में 20 लाख मीट्रिक टन से अधिक फर्टिलाइजर है। इसमें साढ़े 11 लाख एमटी यूरिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने तय किया है कि लगभग 40 हजार कुंतल ढेंचे का बीज किसानों को उपलब्ध कराएगी, जिससे यूरिया की 20 प्रतिशत खपत कम होगी।