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योगी सरकार में यूपी बन रहा देश का टैलेंट पावरहाउस

स्कूल से यूपीएससी तक नई उड़ान, योगी सरकार में ‘टैलेंट हब’ बना उत्तर प्रदेश  योगी सरकार में यूपी बन रहा देश का टैलेंट पावरहाउस  2017 के बाद संरचनात्मक सुधारों, डिजिटल हस्तक्षेप और अवसरों के विस्तार से बदली तस्वीर  छोटे जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों तक दिख रहा असर – मेरठ, गोरखपुर, कानपुर, मुजफ्फरनगर, रायबरेली, मिर्जापुर, फतेहपुर, गाजीपुर, अंबेडकरनगर, कौशांबी जैसे जिलों से भी बड़ी संख्या में सफल हुए उम्मीदवार – यूपीएससी से लेकर एनईईटी-जेईई तक बढ़ी पकड़, समाज के अंतिम पायदान तक अवसरों का विस्तार – वर्ष 2021 में श्रुति शर्मा, 2023 में आदित्य श्रीवास्तव और 2024 में शक्ति दुबे ने पाई यूपीएससी में ऑल इंडिया रैंक वन लखनऊ  उत्तर प्रदेश अब केवल जनसंख्या का सबसे बड़ा राज्य नहीं, बल्कि शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में देश का उभरता हुआ टैलेंट पावरहाउस बन चुका है। स्कूलों की मजबूत होती बुनियाद से लेकर यूपीएससी, एनईईटी और जेईई जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं में लगातार बढ़ती सफलता यह दर्शा रही है कि प्रदेश में शिक्षा अब पढ़ाई के साथ-साथ परिणाम और प्रतिस्पर्धा केंद्रित मॉडल में बदल चुकी है। वर्ष 2017 के बाद योगी सरकार के संरचनात्मक सुधारों, डिजिटल हस्तक्षेप और अवसरों के विस्तार ने इस परिवर्तन को गति दी है। स्कूलों के आधारभूत ढांचे, शिक्षक प्रशिक्षण, डिजिटल संसाधनों, छात्रवृत्ति और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मार्गदर्शन जैसे क्षेत्रों में हुए ठोस सुधारों ने शिक्षा व्यवस्था को जमीनी स्तर से बदल दिया है। 2017 से 2026: सुधार, विस्तार और परिणाम से बनी नई शैक्षिक संस्कृति वर्ष 2017 से 2026 के बीच उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में परिवर्तन एक सतत और योजनाबद्ध प्रक्रिया के रूप में उभरकर सामने आया है। 2017 में अनुशासन और पारदर्शिता को केंद्र में रखकर सुधारों की नींव रखी गई, जिसे 2018 में इंफ्रास्ट्रक्चर सुदृढ़ीकरण और कायाकल्प अभियानों ने जमीनी मजबूती दी। 2019 से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का दायरा व्यापक हुआ, जबकि 2020 में कोविड काल ने डिजिटल शिक्षा की आवश्यकता और उसकी भूमिका को निर्णायक बना दिया। इसके बाद 2021 से 2024 तक यूपीएससी, पीसीएस, बैंकिंग, रक्षा तथा एनईईटी-जेईई जैसी परीक्षाओं में उत्तर प्रदेश की निरंतर और मजबूत उपस्थिति ने इस बदलाव को परिणामों के रूप में स्थापित किया। 2025 में छात्रवृत्ति, कोचिंग सहायता और उच्च शिक्षा सुधारों का प्रभाव और स्पष्ट हुआ, जबकि 2026 तक इन सभी प्रयासों का संचयी प्रभाव एक ऐसी नई शैक्षिक संस्कृति के रूप में सामने आया, जिसमें अवसरों का विस्तार, गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा तीनों का संतुलित विकास दिखाई देता है। मजबूत बुनियाद से बदली तस्वीर ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से सरकारी विद्यालयों में शौचालय, पेयजल, बिजली, फर्नीचर और पुस्तकालय जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया, जिससे प्रारंभिक शिक्षा का स्तर बेहतर हुआ और छात्रों की उपस्थिति तथा सीखने की गुणवत्ता में सुधार आया। इसके साथ ही डिजिटल शिक्षा और मॉनिटरिंग सिस्टम ने शिक्षा को पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाया है। अब छात्रों की प्रगति का आकलन डेटा के आधार पर किया जा रहा है, जिससे जवाबदेही और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि हुई है। राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में बढ़ती पकड़ उत्तर प्रदेश के छात्रों ने हाल के वर्षों में यूपीएससी सहित विभिन्न राष्ट्रीय परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। वर्ष 2021 में श्रुति शर्मा, 2023 में आदित्य श्रीवास्तव और 2024 में शक्ति दुबे ने यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त कर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया। इसके साथ ही यूपीपीएससी, एसएससी, बैंकिंग, रेलवे, रक्षा सेवाओं के साथ-साथ एनईईटी और जेईई जैसी परीक्षाओं में भी प्रदेश के छात्र लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। छोटे जिलों से उभर रही नई प्रतिभा जहां पहले सफलता प्रयागराज, लखनऊ और वाराणसी जैसे शहरों तक सीमित थी, वहीं अब मेरठ, गोरखपुर, कानपुर, मुजफ्फरनगर, रायबरेली, मिर्जापुर, फतेहपुर, गाजीपुर, अंबेडकरनगर और कौशांबी जैसे जिलों से भी बड़ी संख्या में सफल उम्मीदवार सामने आ रहे हैं। यह बदलाव दर्शाता है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की प्रतिभा भी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच रही है। समाज के अंतिम पायदान पर हर वर्ग तक पहुंचा अवसर मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को निःशुल्क कोचिंग, मार्गदर्शन और मेंटोरशिप दी जा रही है, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचा है। उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार से छात्रों को राज्य के भीतर ही बेहतर अवसर मिल रहे हैं, जिससे प्रतिभा का स्थानीय स्तर पर संरक्षण भी सुनिश्चित हुआ है।

आरटीई: शत-प्रतिशत नामांकन लक्ष्य पूरा करने के लिए योगी सरकार ने 25 अप्रैल तक दिए सख्त निर्देश

आरटीई: शत-प्रतिशत नामांकन को लेकर योगी सरकार सख्त, 25 अप्रैल तक हर हाल में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश 1,95,740 आवंटनों के सापेक्ष अब तक मात्र 1,08,866 बच्चों के प्रवेश पर सख्त हुई योगी सरकार – महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने सभी जिलाधिकारियों और बीएसए को 25 अप्रैल तक हर हाल में सभी पात्र बच्चों का नामांकन सुनिश्चित कराने के दिये निर्देश – लापरवाही या शिथिलता पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी, जिम्मेदार अधिकारी सीधे जवाबदेही में होंगे लखनऊ  शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के अंतर्गत वर्ष 2026-27 में आवंटित गरीब बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित कराने के लिए योगी सरकार अब एक्शन मोड में आ गई है। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा मोनिका रानी ने सभी जिलाधिकारियों और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट और कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा है कि 25 अप्रैल 2026 तक हर हाल में सभी पात्र बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जाए, इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आरटीई के अंतर्गत 1,95,740 आवंटनों के सापेक्ष अब तक मात्र 1,08,866 बच्चों का ही प्रवेश कराया जा सका है, जिस पर सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया है। शेष बच्चों के नामांकन को लेकर अब फील्ड स्तर पर तेज और निर्णायक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। निर्देश में कहा गया है कि जिन बच्चों का अब तक प्रवेश नहीं हुआ है, उनकी सूची तैयार कर तत्काल प्रभाव से नामांकन कराया जाए। संबंधित विद्यालयों से समन्वय स्थापित कर प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी न होने दी जाए। योगी सरकार ने इस पूरे अभियान की सख्त मॉनिटरिंग के निर्देश देते हुए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग को प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा करने को कहा है। समयबद्ध लक्ष्य हासिल करने के लिए अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा। सरकार ने साफ कर दिया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता मिलने पर कड़ी कार्रवाई तय है और जिम्मेदार सीधे कार्रवाई की जद में आएंगे।

राजधानी में 24 से 26 अप्रैल तक राष्ट्र कवि दिनकर की कालजयी रचना रश्मिरथी पर कार्यक्रम आयोजित किये जायेगे

राजधानी में 24 से 26 अप्रैल तक राष्ट्र कवि दिनकर की कालजयी रचना रश्मिरथी पर कार्यक्रम आयोजित किये जायेगे इसी श्रृंखला में भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी, बाल गंगाधर तिलक, स्वामी विवेकानन्द के जीवन संवाद तथा कविताओं पर आधारित नृत्य नाटिकाएं प्रस्तुत की जायेगी-जयवीर सिंह यह आयोजन महापुरूषांे के कृतित्व एवं व्यक्तित्व से युवा पीढ़ी को जोड़ने  का एक प्रयास-शाही लखनऊ राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्य तिथि के अवसर पर उनकी कालजयी रचना रश्मिरथी के 75 वर्ष पूरा होने पर राजधानी लखनऊ में भव्य रश्मिरथी पर्व का आयोजन 24 से 26 अप्रैल, 2026 तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में किया जा रहा है। इस तीन दिवसीय आयोजन के दौरान साहित्य, विरासत और राष्ट्र चेतना का अनूठा संगम दर्शकों को देखने को मिलेगा।  यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने आज मीडिया सेंटर लोकभवन मंे आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान दी। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही भी उपस्थित थे। पर्यटन मंत्री ने कहा कि इस रश्मिरथी के साथ-साथ स्वामी विवेकानन्द, बाल गंगाधर तिलक और भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी जी के कृतित्व एवं व्यक्तित्व तथा काव्य पर आधारित नाट्य का मंचन एवं नृत्य नाटिकायंे प्रस्तुत की जायेगी। श्री जयवीर सिंह ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य युवा पीढ़ी को राष्ट्र नायकों, लेखकों तथा साहित्यकारों के कृतित्व एवं व्यक्तित्व से जोड़ना है। इसके साथ राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को स्मरण करते हुए उनको श्रद्धांजली भी देना है। लखनऊ में आयोेेेेजित आयोजन मंे जनपद मऊ निवासी तथा मुम्बई के प्रख्यात रंगकर्मी मुजीब खान के नेतृत्व में नाटक का मंचन किया जायेगा। शिमला की प्रसिद्ध कत्थक कलाकार पूनम शर्मा के निर्देशन में अटल स्वरांजलि नामक संगीतमय नृत्य नाटिका प्रस्तुत की जायेगी, जो अटल जी की प्रसिद्ध कविताओं पर आधारित होगी।  राष्ट्र कवि दिनकर की रचनाएं आजादी के दौरान भारतीयों के मन में जोश और स्वाभिमान का संचार करती थी, उनकी ओजस्वी वाणी ने देशवासियों को आजादी के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा दी। स्वतंत्रता के बाद भी राज्यसभा सदस्य के रूप में अपनी सेवायें दी तथा अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान की। उनकी प्रमुख रचनाओं में रश्मिरथी, हुंकार, कुरूक्षेत्र, उर्वशी, परशुराम की प्रतिक्षा और संस्कृत के चार अध्याय आदि शामिल हैं।  यह आयोजन न केवल दिनकर जी की साहित्यिक विरासत को सम्मान देने का अवसर है, बल्कि नई पीढ़ी को उनके विचारों और मूल्यों से जोड़ने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि रश्मिरथी पर्व के जरिए समाज में राष्ट्र चेतना, स्वाभिमान और अपने सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता लाना है। इसके साथ ही विद्यालयों के बच्चों को भी जोड़ा जायेगा। नाटक के दौरान मीडिया बन्धुओं के लिए सीट आरक्षित की जायेगी। नाट्य मंचन के माध्यम से गांव देहात, विश्वविद्यालय के छात्रों तक राष्ट्र नायकांे के बारे में संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जायेगा। कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि राष्ट्र कवि दिनकर के व्यक्तित्व को नये सिरे से समझने की जरूरत है। उन्होंने समाज सुधारक के रूप में भी कार्य किया। इसके साथ साहित्य साधना के माध्यम से देशवासियों में आजादी के लिए हुंकार भरी। उन्होंने कहा कि लखनऊ में आयोजित इस कार्यक्रम की श्रृंखला में और भी महापुरूषों के जीवन पर मंचन होगा। इसके साथ ही विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रयास किया जायेगा। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य श्री अमृत अभिजात ने आयोजन के महत्व एवं पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने महापुरूषों के योगदान पर नृत्य नाटिकाओं का मंचन करने का आदेश दिया था। इसी कड़ी में राष्ट्र कवि दिनकर के जीवन एवं रचनाओं पर आधारित कार्यक्रम का आयोजन करने का निर्णय लिया।  

विश्व पृथ्वी दिवस पर INTACH की राष्ट्रीय पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित

विश्व पृथ्वी दिवस पर INTACH की राष्ट्रीय पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित ला मार्टिनियर कॉलेज में जीवन का वृक्ष थीम पर 85 छात्रों ने दिखाई रचनात्मकता प्रकृति संरक्षण का संदेश देकर युवा पीढ़ी को बनाया पर्यावरण का प्रहरी लखनऊ  विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर INTACH लखनऊ चैप्टर द्वारा अखिल भारतीय पोस्टर प्रतियोगिता जीवन का वृक्ष के शहरी चरण का आयोजन ला मार्टिनियर कॉलेज में किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य कक्षा 7 से 9 तक के छात्रों में भारत की समृद्ध प्राकृतिक विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाना, पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करना तथा रचनात्मक प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना था। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न प्रमुख विद्यालयों के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। छात्रों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व से कराया गया अवगत कार्यक्रम की शुरुआत प्रकृति एवं विरासत भ्रमण से हुई, जिसका नेतृत्व जाने-माने विशेषज्ञ मोहम्मद अहसन (पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक उत्तर प्रदेश) तथा ए.के. श्रीवास्तव (रेलवे के पूर्व एजीएम एवं लखनऊ के प्रसिद्ध इतिहासकार) ने किया। इस दौरान छात्रों को प्रकृति, पेड़-पौधों और पर्यावरण संरक्षण के महत्व से अवगत कराया गया। मोहम्मद अहसन ने अपने संबोधन में कहा कि पृथ्वी को सुरक्षित रखने के लिए हर नागरिक को जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से पेड़ लगाने, जल संरक्षण करने और जैव विविधता बचाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। प्रमुख विद्यालयों के छात्रों ने की भागीदारी भ्रमण के बाद पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें शहर भर के प्रमुख विद्यालयों के छात्रों ने भागीदारी की। इनमें सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल, सिटी मॉन्टेसरी स्कूल की विभिन्न शाखाएं, आर्मी पब्लिक स्कूल, स्टडी हॉल स्कूल, लखनऊ पब्लिक कॉलेज, राजकुमार अकादमी, मॉडर्न अकादमी, विद्यास्थली कनार इंटर कॉलेज, जागृति लोरेटो विद्यालय, होर्नर कॉलेज और ला मार्टिनियर कॉलेज सहित कई संस्थान शामिल रहे। प्रतियोगिता में लगभग 85 छात्रों ने हिस्सा लिया। छात्रों ने प्रस्तुत किया शानदार चित्रांकन  छात्रों ने अपने पोस्टरों में क्षेत्र के मूल पेड़ों और झाड़ियों को केंद्र में रखते हुए शानदार चित्रांकन प्रस्तुत किया। किसी ने पत्तियों और फूलों की संरचना दिखाई तो किसी ने फलों, छाल और उनसे जुड़े जीव-जंतुओं का चित्रण किया। कई पोस्टरों में पक्षियों, तितलियों, मधुमक्खियों और अन्य जीवों के माध्यम से प्रकृति के संतुलन को दर्शाया गया। हर पोस्टर के साथ प्रभावशाली नारे भी लिखे गए, जिनमें पर्यावरण बचाने का संदेश प्रमुखता से उभरा। 200 शब्दों का लेख भी किया प्रस्तुत विशेष बात यह रही कि प्रत्येक प्रतिभागी ने अपने पोस्टर के साथ 200 शब्दों का लेख भी प्रस्तुत किया। इसमें संबंधित पौधे की विशेषताएं, उपयोगिता, पारिस्थितिक महत्व और संरक्षण की आवश्यकता पर विस्तार से जानकारी दी गई। इससे विद्यार्थियों में शोध, लेखन और जागरूकता का समन्वय देखने को मिला। प्रतियोगिता के पोस्टरों का मूल्यांकन अब अखिल भारतीय स्तर पर किया जाएगा। इसमें 100 क्षेत्रीय विजेताओं और 10 राष्ट्रीय विजेताओं की घोषणा बाद में की जाएगी।

डिजिटल ट्रैकिंग से परिषदीय शिक्षा में बदलाव, 67 हजार स्कूल जुड़े स्टूडेंट रिपोर्ट कार्ड सिस्टम से

डिजिटल ट्रैकिंग से बदली परिषदीय शिक्षा की तस्वीर, स्टूडेंट रिपोर्ट कार्ड सिस्टम से जुड़े 67 हजार स्कूल योगी सरकार की सख्त मॉनिटरिंग का असर, रिपोर्ट कार्ड डाउनलोड में तेज रफ्तार बागपत, गाजियाबाद, सहारनपुर और सिद्धार्थनगर ने हासिल की 100 प्रतिशत उपलब्धि 01 लाख 06 हजार से अधिक विद्यालयों का हुआ आकलन, 63 प्रतिशत विद्यालयों ने अपनाया डिजिटल मूल्यांकन रियल-टाइम रिपोर्ट कार्ड से बढ़ी जवाबदेही, डेटा आधारित शिक्षा मॉडल की ओर बड़ा कदम परिषदीय शिक्षा अब पारंपरिक ढांचे से आगे, डिजिटल और परिणाम आधारित मॉडल की ओर अग्रसर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था ‘डिजिटल गवर्नेंस’ और ‘रिजल्ट आधारित मॉनिटरिंग’ के नए मानक स्थापित कर रही योगी सरकार लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की परिषदीय शिक्षा व्यवस्था तेजी से डिजिटल, पारदर्शी और परिणामोन्मुख मॉडल की ओर बढ़ रही है। निपुण विद्यालय मूल्यांकन के अंतर्गत प्रदेश के 01 लाख 06 हजार से अधिक विद्यालयों का आकलन किया गया, जिनमें से 67 हजार 200 (21 अप्रैल तक) से अधिक विद्यालयों ने विद्यार्थियों के रिपोर्ट कार्ड डाउनलोड कर नई डिजिटल व्यवस्था को अपनाया है। यह कुल का लगभग 63 प्रतिशत है, जो राज्य में डिजिटल शिक्षा की तेजी से बढ़ती स्वीकार्यता को पुष्ट कर रहा है। यह उपलब्धि बेसिक शिक्षा विभाग की तकनीकी प्रगति का मजबूत संकेत हैं। शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता स्थापित करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। डिजिटल रिपोर्ट कार्ड डाउनलोड सिस्टम के माध्यम से अब छात्रों की प्रगति का आकलन अधिक सटीक और त्वरित तरीके से संभव हो रहा है, जिससे अभिभावकों और शिक्षकों के बीच संवाद भी सशक्त हुआ है। अभिभावकों को घर बैठे बच्चों की प्रगति की पूरी जानकारी डिजिटल रिपोर्ट कार्ड प्रणाली के अन्तर्गत अब विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन को पूरी तरह तकनीकी प्लेटफॉर्म पर दर्ज और साझा किया जा रहा है, जिससे पारंपरिक कागजी प्रक्रिया की जगह पारदर्शी, तेज और प्रभावी व्यवस्था विकसित हुई है। इस प्रणाली में छात्रों के अंक, ग्रेड, उपस्थिति और समग्र प्रगति का डेटा ऑनलाइन उपलब्ध रहता है, जिसे अभिभावक कभी भी देख सकते हैं। इससे विद्यालयों और बेसिक शिक्षा विभाग को वास्तविक समय में मूल्यांकन और निगरानी करने में सुविधा भी मिल रही है। 'डिजिटल गवर्नेंस’ और ‘रिजल्ट आधारित मॉनिटरिंग’ के नए मानक स्थापित कर रही है योगी सरकार योगी सरकार के नेतृत्व में प्रदेश की परिषदीय शिक्षा व्यवस्था ‘डिजिटल गवर्नेंस’ और ‘रिजल्ट आधारित मॉनिटरिंग’ के नए मानक स्थापित कर रही है। तकनीक के व्यापक उपयोग पर विशेष जोर का ही परिणाम है कि विद्यालयों में डिजिटल प्लेटफॉर्म की स्वीकार्यता तेजी से बढ़ी है। शिक्षा अब डेटा-आधारित और परिणामोन्मुखी बन रही है। रिपोर्ट कार्ड डाउनलोड में टॉप प्रदर्शन करने वाले जनपद स्टूडेंट रिपोर्ट कार्ड डाउनलोड के मामले में कई जनपदों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। बागपत, गाजियाबाद, सहारनपुर और सिद्धार्थनगर ने 100 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा संत कबीर नगर (97%), फिरोजाबाद (94%), फतेहपुर (94%), अंबेडकर नगर (93%), चंदौली (91%) और मऊ (90%) ने भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले अन्य जनपद जालौन (88%), कुशीनगर (87%), कानपुर देहात (86%), गौतम बुद्ध नगर (86%), कासगंज (85%), पीलीभीत (84%), अमेठी (84%), गोंडा (83%), एटा (82%), सुल्तानपुर और हापुड़ (81%) ने उपलब्धि हासिल की है।

लखनऊ में 24 अप्रैल को आयोजित होगी ‘जोनल कान्फ्रेन्स-2026’

लखनऊ में 24 अप्रैल को आयोजित होगी 'जोनल कान्फ्रेन्स-2026' केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में जुटेंगे कई राज्यों के कृषि मंत्री उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत के राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल लखनऊ लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी स्थित 'द सेंट्रम होटल' में आगामी 24 अप्रैल, 2026 को 'जोनल कान्फ्रेन्स-2026' का आयोजन किया जाना है। इस सम्मेलन की अध्यक्षता भारत सरकार के माननीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री द्वारा की जाएगी। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा करना और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है। इस जोनल कान्फ्रेन्स में उत्तर प्रदेश के साथ-साथ उत्तराखण्ड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर के माननीय कृषि मंत्रीगण प्रतिभाग करेंगे। इसके अतिरिक्त केन्द्र शासित प्रदेश चण्डीगढ़ एवं लद्दाख के प्रशासक तथा भारत सरकार के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी इस सम्मेलन का हिस्सा बनेंगे। यह कार्यक्रम 24 अप्रैल को सुबह 9:30 बजे से प्रारम्भ होकर सायं 7:30 बजे तक प्रस्तावित है। पूरे दिन चलने वाले इस आयोजन में विभिन्न सत्रों के माध्यम से कृषि विकास और किसानों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं और चुनौतियों पर विस्तार से संवाद किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान प्रेस कान्फ्रेन्स और मीडिया ब्रीफिंग के माध्यम से महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी भी साझा की जाएगी।

योगी सरकार का कदम: मद्यनिषेध विभाग को मिला नया बल, संगठित तरीके से नशामुक्ति अभियान को मिली गति

योगी सरकार में मद्यनिषेध विभाग को नई ताकत, संगठित ढांचे से तेज हुआ नशामुक्ति अभियान 7 क्षेत्रीय मुख्यालयों से 75 जिलों तक पहुंचा जनजागरण, समाजोत्थान मिशन को मिली रफ्तार लखनऊ उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के नेतृत्व में मद्यनिषेध विभाग को अधिक संगठित, सक्रिय और जनकेंद्रित स्वरूप देने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। प्रदेश में नशे की प्रवृत्ति, शराब सेवन और मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों को चुनौती मानते हुए सरकार ने विभागीय ढांचे को मजबूत किया है। साथ ही जनजागरूकता अभियानों को गांव से शहर तक विस्तार दिया गया है। परिणामस्वरूप मद्यनिषेध विभाग केवल औपचारिक प्रशासनिक इकाई न रहकर समाज में चेतना जगाने वाला प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण परिवारों को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता कार्यक्रम, संवाद अभियान, रैलियां और सामाजिक सहभागिता आधारित गतिविधियां लगातार चलाई जा रही हैं, जिससे प्रदेश में नशामुक्त समाज की अवधारणा को मजबूती मिल रही है। नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक कर रही सरकार  योगी सरकार के कार्यकाल में विभाग द्वारा विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, युवा मंचों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। वहीं नुक्कड़ नाटक, रैली, शपथ अभियान, पोस्टर प्रतियोगिता, सेमिनार और जनसंवाद कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य समाज को नशे की बुराइयों से बचाकर स्वस्थ और सक्षम बनाना है। इसी कारण मद्यनिषेध विभाग को सामाजिक उत्थान से जोड़कर देखा जा रहा है। महिलाओं, युवाओं और ग्रामीण परिवारों को नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में स्थापित 7 क्षेत्रीय मुख्यालय  मद्यनिषेध विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान समय में विभाग के 7 क्षेत्रीय मुख्यालय स्थापित हैं, जिनमें लखनऊ, आगरा, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ और मुरादाबाद शामिल हैं। इन क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से 75 जनपदों में मद्यनिषेध संबंधी योजनाओं, जागरूकता कार्यक्रमों और प्रचार अभियानों का संचालन किया जा रहा है। यह सुव्यवस्थित नेटवर्क प्रदेश के हर हिस्से तक सरकार की नशामुक्ति नीति पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यालय स्तर पर तैनात हैं राज्य मद्यनिषेध अधिकारी अधिकारियों ने बताया कि विभागीय कार्यों के संचालन के लिए 7 क्षेत्रीय मद्यनिषेध एवं समाजोत्थान अधिकारी, 6 उप क्षेत्रीय अधिकारी, 27 जिला मद्यनिषेध एवं समाजोत्थान अधिकारी तथा 7 प्राविधिक पर्यवेक्षक तैनात हैं। इनके साथ कार्यालयी स्टाफ, वाहन चालक और सहायक कर्मचारियों की भी व्यवस्था की गई है, जिससे विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से हो सके। मुख्यालय स्तर पर भी राज्य मद्यनिषेध अधिकारी, उप राज्य मद्यनिषेध अधिकारी, लेखाकार, लिपिक वर्ग और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति कर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत किया गया है। इससे योजनाओं की निगरानी, बजट प्रबंधन, समीक्षा और फील्ड स्तर तक निर्देशों के प्रभावी पालन में मदद मिली है।

मिर्जापुर हादसा: ट्रक की ब्रेक फेल, बोलेरो को टक्कर मारने के बाद 9 लोगों की जलकर मौत

मिर्जापुर  उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में बुधवार रात हुआ एक भीषण सड़क हादसा कई परिवारों के लिए कभी न भरने वाला जख्म छोड़ गया। रीवा-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ड्रमंडगंज घाटी की ढलान पर तेज रफ्तार और ब्रेक फेल ट्रक ने ऐसा कहर बरपाया कि देखते ही देखते चार वाहन आपस में टकरा गए और एक बोलेरो आग का गोला बन गई। इस दर्दनाक हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से 9 लोग बोलेरो में जिंदा जल गए। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मौके पर चीख-पुकार मच गई और लोग मदद के लिए दौड़े, लेकिन आग इतनी तेज थी कि किसी को बचाया नहीं जा सका। इस भीषण सड़क हादसे पर सीएम योगी ने दुख जताया है। ब्रेक फेल ट्रक बना हादसे की वजह पुलिस के मुताबिक हादसा ड्रमंडगंज घाटी के पास रात करीब 8:30 बजे हुआ। मध्य प्रदेश से चना लादकर आ रहा एक ट्रक ढलान पर अचानक ब्रेक फेल होने के कारण बेकाबू हो गया। तेज रफ्तार ट्रक ने सामने चल रही बोलेरो को टक्कर मार दी और उसे धकेलते हुए आगे चल रहे गिट्टी से भरे ट्रक में दे मारा। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक अन्य ट्रक ने भी संतुलन खो दिया और वह आगे चल रही कार से टकरा गया। कुछ ही पलों में सड़क पर मलबा, आग और चीख-पुकार का भयावह दृश्य फैल गया। 9 लोग जिंदा जले टक्कर के तुरंत बाद बोलेरो में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि उसमें सवार लोग बाहर निकलने का मौका नहीं पा सके। बोलेरो में मौजूद 9 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। इसके अलावा एक कार सवार व्यक्ति और एक ट्रक चालक ने भी इस हादसे में दम तोड़ दिया। कुल 11 मौतों ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। मैहर धाम से लौट रहे थे श्रद्धालु पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के अनुसार बोलेरो सवार सभी लोग प्रयागराज के मांडा क्षेत्र के हाटा गांव के रहने वाले थे। ये लोग मैहर धाम से दर्शन कर वापस लौट रहे थे। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बोलेरो में कुल कितने लोग सवार थे, लेकिन मृतकों की संख्या और स्थिति ने पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बना दिया है। रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी पुलिस और फायर टीम घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। आग पर काबू पाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय लोगों ने भी राहत और बचाव कार्य में सहयोग किया, लेकिन आग की तीव्रता के चलते बोलेरो सवारों को बचाया नहीं जा सका। मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी पहुंचे और हालात का जायजा लिया। फिलहाल पुलिस शवों की पहचान कराने और पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। आधे घंटे बाद बचाव टीम पहुंची स्थानीय लोगों के अनुसार, फायर ब्रिगेड को सूचना देने के करीब आधे घंटे बाद टीम मौके पर पहुंची. तब तक आग पूरी तरह विकराल रूप ले चुकी थी और सभी लोग जलकर दम तोड़ चुके थे. घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।  हादसे में मरने वालों में बोलेरो सवार 9 लोग शामिल हैं, जो मैहर से दर्शन कर लौट रहे थे. इनमें एक ही परिवार के मां, बेटा और बेटी के अलावा दूसरे परिवार के मां-बेटे की भी मौत हुई है. इसके अलावा एक अन्य कार सवार व्यक्ति की भी जलकर मौत हो गई, जबकि ट्रक का खलासी केबिन में फंसने के कारण जान गंवा बैठा. इस तरह कुल 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।  शव बुरी तरह झुलस चुके थे मृतकों की पहचान में काफी दिक्कतें आईं, क्योंकि शव बुरी तरह झुलस चुके थे. बाद में परिजनों ने घटनास्थल और पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर अपने प्रियजनों की पहचान की. हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है, वहीं परिजन अपने प्रियजनों के शव लेकर घर लौट रहे हैं. बोलेरो में सवार वीना सिंह, इनका बेटा पीयूष सिंह, बेटी सोनम की मौत हुई है. वहीं, पंकज सिंह, वंदना सिंह और शिव सिंह की भी मौत हुई है. ये सभी मिर्जापुर के रहने वाले थे। 

UP बोर्ड कक्षा 10वीं और 12वीं के 53 लाख छात्रों का रिजल्ट आज शाम 4 बजे घोषित होगा

लखनऊ  उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) 10वीं और 12वीं कक्षा का रिजल्ट आज 23 अप्रैल को शाम 4 बजे जारी करेगा. रिजल्ट घोषित होने के बाद परीक्षा में शामिल छात्र आधिकारिक वेबसाइट – upsmp.edu और upresults.nic.in पर जाकर अपना परिणाम देख और मार्कशीट डाउनलोड कर सकेंगे. इसके लिए छात्रों को अपने लॉगिन डिटेल्स जैसे रोल नंबर आदि दर्ज करने होंगे।  आज खत्म हो जाएगा 53 लाख छात्रों का इंतजार एशिया के सबसे बड़े बोर्ड में शामिल यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं का रिजल्ट आज , शाम 4 बजे जारी करेगा. रिजल्ट यूपी बोर्ड मुख्यालय से घोषित किया जाएगा. इस साल बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च के बीच कराई गई थीं और इन्हें केवल 15 कार्य दिवसों में पूरा कर लिया गया. इस साल कक्षा 10वीं-12वीं की परीक्षा में कुल 53 लाख 37 हजार 778 छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे, जिनमें हाईस्कूल के 27 लाख 61 हजार 696 और इंटरमीडिएट के 25 लाख 76 हजार 82 विद्यार्थी थे. वहीं, परीक्षा को नकलविहीन, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए बोर्ड ने सख्त इंतजाम किए थे. इसके अलावा, इस बार पूरे प्रदेश में 8033 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।  52 लाख छात्रों का आज  होगा इंतजार खत्म  यूपी बोर्ड के 52 लाख से ज्यादा छात्र रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. पहले ऐसे कहा जा रहा था कि  रिजल्ट 25 अप्रैल को जारी होगा, लेकिन बोर्ड की ओर से आधिकारिक तारीख का ऐलान कर दिया गया है. रिजल्ट के साथ ही बोर्ड टॉपर्स की लिस्ट भी जारी कर सकता है. सचिव भगवती सिंह की तरफ से रिजल्ट की तारीख बताई गई है. पिछले साल के रिजल्ट की बात करें तो हाई स्कूल में 90.11 प्रतिशत छात्र पास हुए, वहीं इंटरमीडिएट परीक्षा में 81.15 फीसदी छात्रों ने बाजी मारी।  फेल होने पर परेशान न हो छात्र  यदि कोई छात्र एक या दो विषयों में न्यूनतम 33% अंक प्राप्त करने में विफल रहता है, तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है. यूपी बोर्ड ऐसे छात्रों के लिए कंपार्टमेंट परीक्षा का आयोजन करेगा. इसकी सूचना रिजल्ट घोषित होने के तुरंत बाद दी जाएगी. इसके अलावा, छात्र अपनी कॉपियों की स्क्रूटनी के लिए भी ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।  डिजीलॉकर पर मिलेगा रिजल्ट  यूपी बोर्ड इस साल भी छात्रों को डिजिलॉकर के माध्यम से डिजिटल मार्कशीट उपलब्ध कराएगा. छात्र अपना आधार नंबर और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर उपयोग कर डिजिलॉकर अकाउंट बना सकते हैं. रिजल्ट के कुछ घंटों बाद ही डिजिटल मार्कशीट वहां अपलोड कर दी जाएगी, जो कि भविष्य के एडमिशन और अन्य सरकारी कार्यों के लिए पूरी तरह से वैध मानी जाएगी।  UP Board 10th-12th Result 2026: कहां देख सकेंगे यूपी बोर्ड कक्षा 10वीं-12वीं रिजल्ट? यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं के नतीजे जारी होने के बाद छात्र अपना रिजल्ट ऑनलाइन आसानी से देख सकेंगे. इसके लिए बोर्ड ने कई आधिकारिक वेबसाइट उपलब्ध कराई हैं, जहां से छात्र बिना किसी परेशानी के अपना परिणाम चेक कर सकते हैं. रिजल्ट देखने के लिए छात्र इन वेबसाइट्स का इस्तेमाल कर सकते हैं: – upmsp.edu.in – upresults.nic.in – results.upmsp.edu.in – results.digilocker.gov.in UP Board 10th-12th Result 2026: कैसे चेक करें यूपी बोर्ड 10वीं-12वीं रिजल्ट 2026? UP Board 10th-12th Result 2026 LIVE: अगर आप यूपी बोर्ड का रिजल्ट देखना चाहते हैं, तो ये आसान स्टेप्स फॉलो करें: 1. सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in पर जाएं।  2. वेबसाइट के होमपेज पर आपको 10वीं (हाईस्कूल) और 12वीं (इंटरमीडिएट) रिजल्ट 2026 का लिंक दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।  3. इसके बाद एक नया पेज खुलेगा, जहां आपको अपना रोल नंबर भरना होगा. रोल नंबर डालने के बाद सबमिट बटन पर क्लिक करें।  4. जैसे ही आप सबमिट करेंगे, आपका रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा।  5. अब आप अपनी मार्कशीट को ध्यान से देख सकते हैं, उसे डाउनलोड कर लें और भविष्य के लिए उसका प्रिंट आउट भी निकालकर रख लें। 

जोरासांको में गरजे सीएम योगी, बोले- “योगी जी बुलडोजर लाओ, हम तुम्हारे साथ हैं”, 4 मई को बंगाल में भगवा लहराएगा

योगी जी बुलडोजर लाओ, हम तुम्हारे साथ हैं जोरासांको में गरजे सीएम योगी- 4 मई को बंगाल में लहराएगा भगवा पहले चरण में 80 फीसदी सीटें जीत रही भाजपा, कोई माई का लाल बंगाल की अस्मिता से खिलवाड़ नहीं कर सकता: सीएम योगी मुख्यमंत्री ने कहा, बंगाल की पहचान काबा से नहीं, मां कालीबाड़ी से, बंगाल का अस्तित्व मिटाना चाहते हैं बुआ-भतीजा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने जोरासांको से भाजपा उम्मीदवार विजय ओझा, मानिकतला से तापस रॉय, चौरंगी से संतोष पाठक, श्यामपुकुर से पूर्णिमा चक्रवर्ती, बेलेघाटा से पार्थ चौधरी और एंटाली से प्रियंका टिबरेवाल के लिए जनता से वोट मांगा कोलकाता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को ममता बनर्जी को ललकारते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में 4 मई को भगवा लहराएगा। उन्होंने इशारों में ममता व अभिषेक बनर्जी पर प्रहार करते हुए कहा कि बुआ-भतीजा बंगाल का अस्तित्व मिटाना चाहते हैं। कोलकाता का मेयर कहता है कि यहां ऊर्दू चलेगी। कोई माई का लाल बंगाल की अस्मिता से खिलवाड़ नहीं कर सकता। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि टीएमसी के जो लोग बंगाली अस्मिता से खिलवाड़ कर रहे हैं, उन्हें बता दो कि बंगाल की पहचान काबा से नहीं, मां कालीबाड़ी से है। सीएम योगी जोरासांको विधानसभा क्षेत्र में विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। यहां आए अधिसंख्य लोग हाथ में पोस्टर लिए हुए थे, जिस पर लिखा था- “योगी जी बुलडोजर लाओ, हम तुम्हारे साथ हैं।”  4 मई को बंगाल में लहराया जाएगा भगवा ध्वज  सीएम योगी ने कहा कि 23 अप्रैल को पहले चरण का चुनाव होना है। परिवर्तन के प्रति लोगों के हृदय का उद्गार स्पष्ट दिखाई दे रहा है। पहले चरण में 80 फीसदी सीटें भाजपा जीतने जा रही हैं। जब 4 मई को परिणाम आएंगे तो बंगाल में भगवा ध्वज लहराया जाएगा। बंगाल का अंधकार समाप्त होगा, बंगाल फिर से ‘सोनार बांग्ला’ बनकर अपनी पहचान स्थापित करेगा। सीएम ने बड़ा बाजार को सबसे समृद्धतम व्यापारिक क्षेत्र बताते हुए कहा कि व्यापार, साहित्य, कला, सांस्कृतिक परंपरा व पौराणिक कालीबाड़ी मंदिर के लिए भी यह क्षेत्र जाना जाता है। हमें बंगाल की अस्मिता को बचाना है और कठमुल्लापन को बढ़ावा देने वालों को हर हाल में रोकना है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि लोकतंत्र ने आपको जो ताकत दी है, अपने वोट के जरिए उसका सही इस्तेमाल कीजिए। रवींद्र नाथ ठाकुर व भारत माता की जगह टीएमसी के गुंडों ने लगा दिया ममता दीदी का फोटो  सीएम योगी ने कहा कि भारत निर्माण में बंगाल की धऱा पर जन्मे महापुरुषों के तप, त्याग, बलिदान व पुरुषार्थ का भी अतुलनीय योगदान रहा। बंगाल ने हर सम-विषम परिस्थितियों में भारत को संबल दिया। यह गुरुदेव रवींद्र नाथ टैगोर की ठाकुरबाड़ी का क्षेत्र है। साहित्य के लिए पहले भारतीय के रूप में गुरुदेव की गीतांजलि को नोबल पुरस्कार मिला। गुरुदेव के हैरिटेज परिसर में जहां रवींद्र नाथ ठाकुर व भारत माता की प्रतिमा-फोटो लगनी चाहिए थी, वहां टीएमसी के गुंडों ने जबरन कब्जा कर ममता दीदी का फोटो लगा दिया। यह भारतीयता व बंगाल की अस्मिता का अपमान है। बेरोजगारी के अंधकार में भटक रही ज्ञान की धरा बंगाल सीएम योगी ने कहा, बंगाल की भूमि उर्वर व प्रचुर जल-संसाधनों वाली है। यहां के नौजवान प्रतिभाशाली, किसान मेहनतकश और उद्यमी-व्यापारी परिश्रमी-पुरुषार्थी हैं। कभी पूरा देश रोजगार के लिए बंगाल आता था, लेकिन पहले कांग्रेस ने इसे लूटा, फिर कम्युनिस्टों ने नोचा और 15 वर्ष से टीएमसी के गुंडे बंगाल को कंगाल बनाने के सारे यत्न कर रहे हैं। ज्ञान की धरा बंगाल बेरोजगारी के अंधकार में भटक रही है। 10 वर्ष में 7000 से बड़े उद्योग, हजारों एमएसएमई यूनिट बंद हो गईं, 30 लाख से अधिक नौजवान बेरोजगार हुए, फिर भी ममता दीदी के कानों में जू नहीं रेंग रही।  रामराज्य के नए युग में जी रहे उत्तर प्रदेश के नागरिक  सीएम योगी ने बंगाल की दुर्दशा बताते हुए कहा कि यहां धड़ल्ले से गोहत्या हो रही है। भगवान राम के नाम से ममता दीदी को चिढ़ है। वह दुर्गापूजा की अनुमति नहीं देतीं, शोभायात्रा प्रतिबंधित करती हैं। दुर्गापूजा के समय कर्फ्यू लगता है। टीएमसी के गुंडे व्यापारियों से टैक्स वसूलते हैं। 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में भी ऐसी ही अराजकता, दंगा, कर्फ्यू व उपद्रव था। टीएमसी की सहयोगी सपा के लोग गुंडा टैक्स वसूलते थे। राम का नाम लेने पर गोली-डंडा चलता था, पर आज यूपी में उपद्रव नहीं हो सकता। अब वहां रामनवमी, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, कांवड़ यात्रा, दुर्गा पूजा, सरस्वती पूजन आदि का उत्सव होता है। यूपी के लोग रामराज्य के नए युग में जी रहे हैं। नो कर्फ्यू-नो दंगा, यूपी में सब चंगा है। वहां कोई माफिया सिर उठाता है तो बुलडोजर उसकी हड्डी-पसली तोड़कर हाइवे बना देता है, गरीबों के आवास बना देता है।   हमने अयोध्या, काशी, मथुरा व प्रयागराज को संवारा, लेकिन टीएमसी के गुंडे रवींद्र नाथ ठाकुर की पैतृक भूमि पर कब्जा कर रहे सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस व सपा सरकार के समय माफिया ने सरकार, गरीबों व व्यापारियों की जिन संपत्तियों पर कब्जा किया था,  हमने वो सारी संपत्तियां वापस कराईं। माफिया की अवैध जमीनों पर गरीबों के लिए आवास बनाए। अयोध्या, काशी, मथुरा और प्रयागराज महाकुम्भ में पूरी दुनिया आई थी। विरासत के प्रति सम्मान का यह भाव तभी होता है, जब डबल इंजन सरकार होती है। हमने अयोध्या, काशी, मथुरा व प्रयागराज को संवारा-सजाया है। बंगाल में रवींद्र नाथ ठाकुर की पैतृक भूमि पर टीएमसी के गुंडे कब्जा कर रहे हैं, लेकिन यूपी में ऐसा करने वाले माफिया की सात पुश्तों की प्रॉपर्टी जब्त कर सरकार गरीबों के आवास बना देगी।  जनसभा में मुख्यमंत्री ने मतदाताओं से जोरासांको से भाजपा उम्मीदवार विजय ओझा, मानिकतला से तापस रॉय, चौरंगी से संतोष पाठक, श्यामपुकुर से पूर्णिमा चक्रवर्ती, बेलेघाटा से पार्थ चौधरी, एंटाली से प्रियंका टिबरेवाल को भारी मतों से जिताने की अपील की।