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बांके बिहारी मंदिर में नई व्यवस्था लागू, अब बदली गई VIP एंट्री और दर्शन के समय

मथुरा वृंदावन स्थित प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर की अव्यवस्थाओं को सुधारने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी की चौथी बैठक वृंदावन में सम्पन्न हुई. यह बैठक माननीय न्यायमूर्ति सेवानिवृत्त माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद अशोक कुमार, सदस्य जिला और रिटायर्ड सत्र न्यायाधीश मुकेश मिश्रा आदि की अध्यक्षता में आयोजित की गई. इस बैठक में गोस्वामी समाज से चार नामित सदस्य मौजूद रहे जिनकी सहमति से वीआईपी दर्शन की पर्ची को बंद किए जाने पर सहमति हुई. इस बैठक में सबसे अहम फैसला यह लिया गया कि अब मंदिर में वीआईपी दर्शन के लिए जारी की जाने वाली विशेष पर्चियां पूरी तरह बंद कर दी जाएंगी. सभी श्रद्धालु एक ही कतार में समान रूप से दर्शन कर सकेंगे. साथ ही यह भी तय किया गया कि मंदिर में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वार निर्धारित होंगे. यानी प्रवेश केवल एक निर्धारित गेट से ही होगा और बाहर निकलने के लिए अलग गेट का उपयोग किया जाएगा. मंदिर के समय में भी बदलाव हुआ है. गर्मियों के समय मंदिर में सुबह 7:00 बजे से 7:15 बजे तक आरती होगी, 7:15 के बाद दर्शन शुरू किए जाएंगे और 12:30 बजे तक दर्शन होंगे. उसके बाद दोपहर में 12:30 बजे से 12:45 तक आरती होगी. शाम को मंदिर 4:15 से 9:30 तक दर्शन के लिए खोला जाएगा और रात 9:30 से 9:45 तक फिर से भगवान की आरती होगी. इसी तरह सर्दियों में सुबह 8:00 बजे से 8:15 तक मंदिर में आरती होगी और 8:15 से 1:30 बजे तक श्रद्धालुओं को दर्शन उपलब्ध कराए जाएंगे. वहीं दोपहर 01:30 बजे से 1:45 तक आरती होगी. शाम को 4:00 से 9:00 तक श्रद्धालुओं को मंदिर में दर्शन होंगे और रात 9:00 बजे से 9:15 तक आरती होगी. वहीं दर्शन के लिए लाइव स्ट्रीमिंग पर सभी ने सहमति जताई है इसके साथ ही बांके बिहारी मंदिर के पास कितनी चल अचल संपत्ति है इसके संबंध में 15 दिनों के भीतर विवरण प्राप्त कर समिति के समक्ष रखा जाएगा. 2013 से 2016 तक के समय का विशेष ऑडिट कराया जाएगा. वहीं बांके बिहारी मंदिर के गर्भ ग्रह के बगल में जो कमरा बंद है उसे खोलने की व्यवस्था एक कमेटी जिसमें ऑडिटर सिविल जज एससीएम वृंदावन क्षेत्र अधिकारी वृंदावन और गोस्वामी सदस्यों में से एक होगा. यह कमेटी बनाई गई है जो अपने समकक्ष कैमरा खुलवाएगी और सभी की वीडियोग्राफी कराई जाएगी. साथ ही उक्त की इन्वेंटरी बनाई जाएगी और संयुक्त हस्ताक्षर से समिति के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी.

भ्रष्टाचार के खिलाफ सीएम योगी सख्त, यूपी में SDM और दो अधिकारी निलंबित

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति' के तहत एक के बाद एक बड़ी कार्रवाइयां की जा रही हैं। हाल ही में राज्य सरकार ने मुजफ्फरनगर के SDM और दो राज्य कर अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। वहीं, गन्ना विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद गोपनीय जांच के आदेश दिए गए हैं। SDM जयेंद्र सिंह सस्पेंड, सरकारी जमीन के मामले में फंसे मुजफ्फरनगर के उप जिलाधिकारी (SDM) जयेंद्र सिंह पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी जमीन को गलत तरीके से संक्रमणीय (ट्रांसफरेबल) घोषित कर दिया और इससे कुछ प्रभावशाली लोगों को नाजायज फायदा पहुंचाया। शिकायतों की जांच के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया। अब उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू हो गई है। राज्य कर विभाग के दो अधिकारी भी सस्पेंड राज्य कर विभाग (वाणिज्य कर विभाग) में भी भ्रष्टाचार को लेकर दो बड़े अफसरों पर गाज गिरी है, जिनमें अरुण शंकर रॉय (अपर आयुक्त) – इन पर आरोप है कि इन्होंने बिल्डरों को गलत तरीके से टैक्स में छूट देकर बड़ा लाभ पहुंचाया। दूसरे सतीश कुमार – इन्हें रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। बताया जा रहा है कि एक स्टिंग ऑपरेशन में इनके खिलाफ पुख्ता सबूत मिले, जिसके बाद सस्पेंशन और गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू की गई। दोनों अफसरों के खिलाफ जांच पूरी होने तक उन्हें पद से हटा दिया गया है। गन्ना विभाग में रिश्वतखोरी, जांच के आदेश अब गन्ना विभाग में भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। जिन दो अफसरों के खिलाफ जांच शुरू हुई है, वे हैं रामकिशन (जिला गन्ना अधिकारी) संयुक्त गन्ना निदेशक। इन पर आरोप है कि इन्होंने ऑनलाइन माध्यम से रिश्वत ली, किसानों की योजनाओं में गड़बड़ी की। मुख्यमंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गोपनीय जांच के आदेश दिए हैं। जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक दोनों को पद से दूर रखने के निर्देश दिए गए हैं। सीएम योगी का सख्त संदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा है कि प्रदेश में सुशासन और पारदर्शिता हमारी प्राथमिकता है। जो भी अधिकारी जनता के साथ धोखा करेगा, उसे सख्त सजा दी जाएगी। भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को साफ चेतावनी दी है कि अब किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

टेक्नोलॉजी के सहारे आकार लेगा नया यूपी, एआई व डीप टेक सेक्टर बनेगा भविष्य की रीढ़

विकसित यूपी@2047 : यूपी का नया अवतार – AI से जुड़े कारोबार टेक्नोलॉजी के सहारे आकार लेगा नया यूपी, एआई व डीप टेक सेक्टर बनेगा भविष्य की रीढ़  यूपी बनेगा AI और डीप टेक का ग्लोबल हब : सीएम योगी का विजन – लखनऊ और कानपुर में बनेंगी अत्याधुनिक AI सिटी – सेमीकंडक्टर और ईवी मैन्युफैक्चरिंग में यूपी अग्रणी बनने की तैयारी – टियर-2 और टियर-3 शहरों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर – साइबर सिक्योरिटी और डेटा प्रोटेक्शन हब बनेगा यूपी – ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के लिए एनसीआर, लखनऊ और नोएडा शीर्ष गंतव्य – 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य लखनऊ  उत्तर प्रदेश अगले 22 वर्षों में देश और दुनिया के लिए एक टेक्नोलॉजी पॉवरहाउस के रूप में उभरने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन “विकसित यूपी @2047” प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डीप टेक्नोलॉजी और डिजिटल इनोवेशन का वैश्विक केंद्र बनाने का है। उनका मानना है कि तकनीक के सहारे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाकर न सिर्फ युवाओं को रोजगार मिलेगा बल्कि यूपी भारत के डिजिटल भविष्य की धुरी बनेगा। योगी सरकार का स्पष्ट मत है कि यूपी का नया अवतार तकनीक और नवाचार से ही बनेगा। साथ ही प्रदेश को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने का भी माध्यम बनेगा। बीते 8 सालों में डिजिटल बदलाव 2017 से पहले की तस्वीर बेहद निराशाजनक थी। साल 2015-16 में प्रदेश के विद्यालयों में कम्प्यूटर की उपलब्धता मात्र 13.3 प्रतिशत थी। लेकिन बीते साढ़े आठ सालों में इस स्थिति में ऐतिहासिक सुधार हुआ। 2023-24 तक यह आंकड़ा बढ़कर 40.2 प्रतिशत तक पहुंच गया। आज प्रदेश के 25,790 परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लासेज़, 880 ब्लॉक रिसोर्स सेंटरों में आईसीटी लैब्स और शिक्षकों के लिए 2.61 लाख से अधिक टैबलेट उपलब्ध हैं। वहीं स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत करीब 50 लाख युवाओं को टैबलेट-स्मार्टफोन वितरित किए गए हैं, जबकि 2 करोड़ युवाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य तय किया गया है। यह पहल डिजिटल शिक्षा और स्किल्ड वर्कफोर्स तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम है। 2030 तक डिजिटल प्रदेश का खाका मुख्यमंत्री योगी ने 2030 तक यूपी को टेक्नोलॉजी हब बनाने का रोडमैप तैयार किया है। इसमें कई महत्वाकांक्षी लक्ष्य शामिल हैं। लखनऊ और कानपुर में बनने वाली एआई सिटी प्रदेश को वैश्विक रिसर्च और इनोवेशन का हब बनाएगी। एनसीआर, लखनऊ और नोएडा को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) के लिए देश के शीर्ष गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही, हर मंडल में इनोवेशन इनक्यूबेटर स्थापित होंगे, जिससे जमीनी स्तर के युवाओं को अपने इनोवेशन को आगे ले जाने का मौका मिलेगा। इसके अलावा, यूपी सेमीकंडक्टर  के क्षेत्र में देश का अग्रणी केंद्र बनने की दिशा में काम कर रहा है। 2047 तक डीप टेक्नोलॉजी में वैश्विक नेतृत्व मुख्यमंत्री योगी का विजन है कि 2047 तक उत्तर प्रदेश डीप टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर पहचान बनाए। इसमें एआई, क्वांटम कम्प्यूटिंग, ब्लॉकचेन, एडवांस्ड रोबोटिक्स, बायोटेक्नोलॉजी और जीन एडिटिंग, नैनोटेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी और ग्रीन टेक जैसी तकनीकें शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इन सेक्टरों में महारथ हासिल करने से न केवल प्रदेश को रोजगार और निवेश मिलेगा, बल्कि यूपी भारत की डिजिटल क्रांति की धुरी बनेगा। रणनीतिक स्तंभ और फोकस एरिया योगी सरकार ने अपने विजन को तीन रणनीतिक स्तंभों पर आधारित किया है। इनमें एआई सिटी, ग्रीन आईटी और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी तथा स्पेस टेक्नोलॉजी शामिल है। इन स्तंभों को मजबूती देने के लिए प्रदेश का फोकस एआई और डीप टेक इनोवेशन, टियर-2 और टियर-3 शहरों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सिक्योरिटी एवं डेटा प्रोटेक्शन हब बनाने पर होगा। साथ ही, योगी सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट में पांच गुना वृद्धि हासिल की जाए। 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि एआई, डीप टेक्नोलॉजी और उभरते सेक्टर ही 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य तक पहुंचने की सबसे बड़ी ताकत बनेंगे। ‘विकसित यूपी @2047’ के तहत लखनऊ और कानपुर में बनने वाली एआई सिटी, सेमीकंडक्टर और ईवी मैन्युफैक्चरिंग हब, ग्लोबल डेटा सेंटर, इनोवेशन इनक्यूबेटर और साइबर सिक्योरिटी हब जैसे कदम प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, ब्लॉकचेन और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में निवेश और रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे, जिससे न सिर्फ युवाओं को ग्लोबल स्किल्स और रोजगार मिलेगा, बल्कि प्रदेश की जीडीपी को लगातार 16 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर पर बनाए रखने की मजबूती भी मिलेगी। यही विजन 2047 तक यूपी को 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की आधारशिला है।  

अखिलेश यादव का बड़ा दांव: मथुरा, आगरा और हाथरस के लिए अलग चुनावी घोषणा पत्र

लखनऊ  सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है कि उनकी सरकार में आगरा, हाथरस एवं मथुरा के विकास के लिए शुरू की गई तमाम योजनाएं भाजपा सरकार में अब बर्बाद हो गई हैं। समाजवादी पार्टी का 2027 के चुनावों में इन तीनों जनपदों का अलग घोषणा पत्र होगा, जिसमें नई विकास योजनाओं की घोषणा होगी।अखिलेश यादव ने आगरा, मथुरा और हाथरस के कार्यकर्ताओं की बैठक में अपना चुनावी प्लान बताया। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण के जन्म स्थान मथुरा की पवित्रता बनाए रखना है। भाजपा तो सिर्फ सत्ता का दुरुपयोग कर मथुरा की जनता को गुमराह कर रही है जबकि सच्चाई यह है कि मथुरा में विकास कार्य समाजवादी सरकार में ही हुए थे। चुनाव 2027 की तैयारी में अभी से जुट जाने का आह्वान करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि कार्यकर्ता भाजपा की साजिशों से सावधान रहें। जनता 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने का मन बना चुकी है, बस प्रत्येक कार्यकर्ता को सक्रिय, सतर्क और सावधान रहना होगा। सपा प्रमुख ने कहा कि पीडीए पंचायतों से समाज में जाग्रति हुई है और लोगों को उसकी ताकत का एहसास भी हुआ है। पीडीए की ताकत से भाजपा घबड़ाई हुई है। उसे चुनाव में हार का डर दिखने लगा है। मतदाता सूची में कोई गड़बड़ी न हो, इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। वोट बनवाने, वोट डलवाने के साथ इस पर भी निगाह रखनी है कि अपने लोगों को वोट कटने न पाए। भाजपा मतदाता सूची में हेरफेर करके और मतदान में धांधली करने की साज़िश करती है। कार्यकर्ताओं को जनता के दुख दर्द में हमेशा साथ रहना चाहिए। एकजुट होकर परस्पर सहयोगी बनकर चुनाव में बूथ स्तर तक सफलता हासिल करनी है। बैठक में सांसद रामजी लाल सुमन, बाबू सिंह कुशवाहा, देवेश शाक्य सहित राष्ट्रीय सचिव राजेन्द्र चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल, वरिष्ठ नेता संजय लाठर, रामऔतार सैनी व आरएस कुशवाहा मौजूद रहे।  

इस जिले में पुलिस महकमे में हड़कंप! 78 पुलिसकर्मियों की नई पोस्टिंग, 29 दरोगा भी शामिल

सुलतानपुर  उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले में पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल हुआ है। सुलतानपुर पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने विभाग में व्यापक स्तर पर स्थानांतरण किए हैं। इस फेरबदल में 29 दरोगा समेत 78 पुलिसकर्मियों को नई तैनाती मिली। एसपी ने ट्रांसफर के आदेश का तत्काल पालन कराने का निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस कर्मचारी नई तैनाती स्थल पर रिपोर्ट करने को कहा है। सुलतानपुर पुलिस लाइन से 29 उपनिरीक्षकों (दरोगा) को जिले के विभिन्न थानों में भेजा गया है। इनमें कोतवाली नगर, लम्भुआ थाना, अखंडनगर थाना, कादीपुर समेत कई थाने शामिल हैं। स्थानांतरित किए गए अधिकारियों में सुनील कुमार, मेवालाल भारती, नंदलाल, विनोद मिश्र, शिव बहादुर सिंह समेत कई वरिष्ठ उपनिरीक्षक और उपनिरीक्षक शामिल हैं। इसके साथ ही 27 दीवान (हेड कांस्टेबल) और 22 आरक्षियों (सिपाही) को भी विभिन्न थानों में नई तैनाती दी गई है। पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने ट्रांसफर कर मुख्य आरक्षी शाहिद खान को थाना लम्भुआ, रंजीत सिंह रावत को थाना सन्मुआ और शाहनवाज अहमद को थाना चौदा भेजा दिया है। इसके साथ ही लक्ष्मीराम और राजेंद्र प्रताप सिंह को शिवगढ़ थाने में तैनात किया गया है। वहीं पुलिस कोतवाली देहात में रुद्रमणि यादव और शिवशंकर, थाना कोठनगर में महेंद्र सिंह, फतेहपुर में रंजीत कुमार की तैनाती की गई है। बंधुआकला थाने में मो. फरहान खान, राघवेंद्र सिंह और हवलदार राम को भेजा गया है। सभी स्थानांतरित पुलिसकर्मियों को तत्काल नई तैनाती स्थल पर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें अनुपालन आख्या पुलिस अधीक्षक के गोपनीय कार्यालय में जमा करनी होगी।  

अखिलेश यादव की रणनीति: 2027 चुनाव में तीन जिलों को देंगे प्राथमिकता, खास घोषणा पत्र की तैयारी

लखनऊ 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी पीडीए को अभी एकजुट करने में लग गई है। इस बीच गुरुवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को भाजपा की साजिशों के प्रति सावधान रहने को कहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार में आगरा, हाथरस एवं मथुरा के विकास के लिए तमाम योजनाएं शुरू की गई थी, जो भाजपा सरकार में अब बर्बाद हो गई हैं। समाजवादी पार्टी का 2027 के चुनावों में इन तीनों जिलों के लिए अलग घोषणा पत्र होगा। जिसमें नई विकास योजनाओं की घोषणा होगी। गुरुवार को प्रदेश कार्यालय पर आगरा, मथुरा और हाथरस जिलों के पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र के विरुद्ध चुनावों में धांधली की योजना बनाने की रणनीति पर काम करने में जुट गई है। जबकि जनता 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने का मन बना चुकी है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का लक्ष्य सामाजिक न्याय के राज की स्थापना करना है। जातीय जनगणना से समाज के सभी वर्गों को उनकी संख्या के आधार पर हक और सम्मान मिल सकेगा। पीडीए पंचायतों से समाज में जाग्रति हुई है और लोगों को उसकी ताकत का एहसास भी हुआ है। पीडीए की ताकत से भाजपा घबड़ाई हुई है। उसे चुनाव में हार का डर दिखने लगा है। सपा प्रमुख ने कहा कि मतदाता सूची में कोई गड़बड़ी न हो, इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। वोट बनवाने, वोट डलवाने के साथ इस पर भी निगाह रखनी है कि अपने लोगों को वोट कटने न पाए। भाजपा मतदाता सूची में हेरफेर करके और मतदान में धांधली के जरिए लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं की पवित्रता को नष्ट करके सत्ता हासिल करने की साज़िश करती है। आगरा, मथुरा इंटरनेशनल सिटी है। इसलिए उसकी विशेष स्थिति भी है। अंतरर्राष्ट्रीय पर्यटन में भी उसकी प्रमुखता से गणना होती है। मथुरा भी विश्व स्तर पर जाना पहचाना नाम है। भगवान कृष्ण का जन्म स्थान है। वहां की पवित्रता बनाए रखना है। भाजपा तो सिर्फ सत्ता का दुरुपयोग कर मथुरा की जनता को गुमराह कर रही है जबकि सच्चाई यह है कि मथुरा में विकास कार्य सपा सरकार में ही हुए थे। भाजपा सरकार पर भी साधा निशाना अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में कानून व्यवस्था ही नहीं, शिक्षा-स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बहुत गिरावट है। महंगाई कम नहीं हो रही हैं नौजवानों को नौकरियां नहीं मिल रही है। महिलाएं-बच्चियां असुरक्षित हैं। अपराधी बेलगाम हैं और भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। जनता त्रस्त है। लोग परिवर्तन चाहते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि एकजुट होकर परस्पर सहयोगी बनकर चुनाव में बूथ स्तर तक सफलता हासिल करनी है। भाजपा ने लूट की इंतिहा कर दी है। भ्रष्टाचार चरम पर है। लोग किसी भी तरह भाजपा सरकार से छुटकारा पाने के लिए व्याकुल हैं। जनता की खुशहाली तभी मिलेगी जब भाजपा जाएगी, समाजवादी सरकार आएगी। छात्र, नौजवान, व्यापारी, किसान खुशहाल होगा और बहन-बेटियों सुरक्षित होंगी।  

ट्रेड शो में मिलेगा सीखने का मौका, यूपी में एक्सपर्ट्स देंगे व्यावसायिक अनुभव का सत्र

लखनऊ  यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 में सिर्फ उत्पादों और निवेश का ही नहीं, बल्कि नॉलेज सेशन के जरिए प्रदेश सरकार के विजन पर भी फोकस होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए स्टार्टअप, आईटी, इंश्योरेंस, फाइनेंस मैनेजमेंट, मेडिकल हेल्थ, ई-कॉमर्स और स्किल डेवलपमेंट जैसे अहम विषयों पर विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे। योगी सरकार ने इसे युवाओं, उद्यमियों और निवेशकों के लिए फ्यूचर-रेडी प्लेटफॉर्म बनाने की तैयारी की है। यूपीआईटीएस 2025 के शेड्यूल के अनुसार 25 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह ट्रेड शो का शुभारंभ करेंगे। उसी दिन शाम 3 बजे से रात 8 बजे तक बी2सी विजिटर्स के लिए शो ओपन रहेगा। 26 से 29 सितंबर तक प्रतिदिन दोपहर 11 बजे से 3 बजे तक बी2बी मीटिंग्स और शाम 3 से 8 बजे तक बी2सी विजिटर्स के लिए आयोजन होगा। युवाओं और निवेशकों को मिलेगा लाभ नॉलेज सेशन की शुरुआत 26 सितंबर से होगी जो 28 तक जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने हमेशा कहा है कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने में ज्ञान, नवाचार और तकनीक की अहम भूमिका होगी। योगी सरकार ने इन नॉलेज सेशन और वर्कशॉप्स को उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना है। इससे स्टार्टअप्स, उद्यमियों और निवेशकों को नए अवसर मिलेंगे और यूपी की प्रगति को गति मिलेगी। स्टार्टअप और आईटी सेक्टर पर चर्चा 26 सितंबर को सुबह 11.30 से 12.30 बजे तक एकेटीयू का सत्र होगा, जिसका विषय होगा – वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी में स्टार्टअप इकोसिस्टम का योगदान। इसके बाद दोपहर एक बजे से दो बजे तक आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, यूपी-यूपीएलसी का सत्र होगा, जो प्रदेश में आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री की ग्रोथ और डेवलपमेंट पर केंद्रित रहेगा। स्वास्थ्य और वित्त पर गहन विमर्श 26 सितंबर को ही 3 से 4 बजे तक मेडिकल हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर विभाग वायरल हेपेटाइटिस और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना पर वर्कशॉप करेगा। शाम 4.30 से 5 बजे तक आईआरडीएआई और एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस नॉन-लाइफ एवं हेल्थ इंश्योरेंस पर अवेयरनेस सेशन आयोजित करेंगे। 5 बजे से 6 बजे तक वित्त विभाग का सत्र होगा, जिसमें प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना शामिल होंगे, जबकि 6 से 6.30 बजे तक लाइफ इंश्योरेंस पर अवेयरनेस सेशन होगा। शहरी विकास और ई-कॉमर्स पर होगी बात 27 सितंबर को 11.30 से 12.30 बजे तक अर्बन डेवलपमेंट का सत्र होगा। इसमें नगर विकास मंत्री एके शर्मा मुख्य अतिथि होंगे। दोपहर एक से दो बजे तक मेडिकल हेल्थ पर दोबारा वर्कशॉप होगी। 3 से 4 बजे तक एफआईईओ ई-कॉमर्स पर सेशन करेगा, जिसका विषय होगा द न्यू फ्रंटियर फॉर इंडियन एक्सपोर्ट्स। शाम 4 से 6 बजे तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी योजना सीएम युवा के तहत यूनिवर्सिटी के साथ एमओयू एक्सचेंज प्रोग्राम होगा। इसके अतिरिक्त, शाम 6 बजे से खादी पर फैशन शो आयोजित किया जाएगा। इंडस्ट्री-एकेडमिया और समापन समारोह 28 सितंबर को 11.30 से 12.30 बजे तक जीबीयू (गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय) इंडस्ट्री-एकेडमिया टाईअप फॉर स्किल डेवलपमेंट विषय पर सत्र आयोजित करेगा। 29 सितंबर को वैलेडिक्ट्री और अवार्ड्स से शो का समापन होगा।

एआई की जांच में सामने आई यूपी मतदाता सूची की त्रुटियां, डुप्लीकेट वोटर्स का सत्यापन तेज

ज्ञानपुर  चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआइआर) के विरोध चल ही रहा है कि यूपी में भी मतदाता सूची में तमाम गड़बड़ियां सामने आने लगी है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचस्थानीय मतदाता सूची की आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) से जांच कराई तो प्रदेश के हर जिले में डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम सामने आए। भदोही जिले में 10.93 लाख मतदाताओं में से 2.34 लाख मतदाता ऐसे मिले हैं जिनका मतदाता सूची में एक ही नाम दो स्थानों पर है। इन मतदाताओं का 29 सितंबर तक सत्यापन होना है। इसके लिए 701 बूथ लेबल आफिसर (बीएलओ) गांव-गांव वहां की मतदाता सूची से मतदाताओं का सत्यापन कर रहे हैं।   निर्वाचन आयोग ने इस कार्यक्रम को संशोधन, विलोपन और परिवर्धन का नाम दिया है। डुप्लीकेट मतदाता का नाम एक स्थान से कटेगा वहीं नाम में कोई गलती है तो वह संशोधन होगा। जबकि मृतक, शादी शुदा लड़कियों का नाम विलोपन यानि काटा जाएगा। जबकि एक जनवरी 2025 को 18 साल आयु पूर्ण करने वालों का नाम सूची में जोड़ा जाएगा। 2026 में होने वाले पंचायत चुनाव को निष्पक्ष के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य शुरू कर दिया है। आयोग ने एआइ की जांच में भदोही जिले के दो लाख 34 हजार 333 ऐसे मतदाताओं को पकड़ा है जिनके नाम दो स्थानों पर है। वर्तमान में जिले की 546 ग्राम पंचायतों में 10.93 लाख मतदाता हैं।   सत्यापन के दौरान एआइ की सूची ठीक निकली तो यह नाम कट जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग की सूची के मुताबिक औराई में सबसे अधिक 58452 और अभोली में सबसे कम 18781 डुप्लीकेट मतदाता हैं। जिले की 546 ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान का अगले वर्ष चुनाव होना है। इसमें जिला पंचायत के 26 जिला पंचायत सदस्य, छह ब्लाकों के 835 क्षेत्र पंचायत सदस्य और नौ हजार ग्राम पंचायत सदस्य हैं। बोले अध‍िकारी राज्य निर्वाचन आयोग से जिलों को भेजी गई सूची में दो लाख 34 हजार 333 डुप्लीकेट मतदाता मिले हैं। इनका बीएलओ के माध्यम से सत्यापन कराया कराया जा रहा है। सूची गलत मिली तो दो जगह से एक नाम हटाया जाएगा। – डीएस शुक्ल, उप निर्वाचन अधिकारी, पंचस्थानीय।   

कर्तव्य और कृतज्ञता पर योगी का विचार, कहा- यह सनातन धर्म का पहला संस्कार है

गोरखपुर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कर्ता के प्रति कृतज्ञता का भाव प्रकट करना सनातन धर्म का पहला संस्कार है। भारतीय मनीषा के ज्ञान दर्शन में इस बात को प्रतिष्ठित किया गया है कि जीवन में हमारे, समाज और राष्ट्र के प्रति जिस किसी ने योगदान दिया हो, उसके प्रति कृतज्ञता का भाव होना ही चाहिए। मुख्यमंत्री योगी युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज की 56वीं तथा राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की 11वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह के अंतिम दिन गुरुवार को महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने रामायणकाल में हनुमानजी और मैनाक पर्वत के बीच हुए संवाद के मुख्य उद्धरण ‘कृते च कर्तव्यम एषः धर्म सनातनः’ को समझाते हुए कहा कि यह भाव सनातन से ही मिलता है। सनातन की परंपरा में पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता का भाव व्यक्त करने के लिए आश्विन माह का पूरा कृष्ण पक्ष ही समर्पित किया गया है। गोरक्षपीठ में ब्रह्मलीन पूज्य महंतद्वय की पुण्य स्मृति में साप्ताहिक आयोजन भी कृतज्ञता ज्ञापन का ही आयाम है। मुख्यमंत्री योगी ने अपने दादागुरु ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ का स्मरण करते हुए कहा कि महंतद्वय समाज, राष्ट्र और लोक जीवन से जुड़े हर मुद्दे पर सनातन धर्म और भारत के हितों के प्रति प्रतिबद्ध रहे। महंत दिग्विजयनाथ जी ने सनातन धर्म, शिक्षा, सेवा और राष्ट्रीयता के जिन मूल्यों और आदर्शों को स्थापित किया, उन्हें महंत अवेद्यनाथ जी ने आत्मसात कर आगे बढ़ाया। इन मूल्यों और आदर्शों के लिए, देश और धर्म के लिए महंतद्वय आजीवन समर्पित रहे। दोनों ने सदैव देश और धर्म को प्राथमिकता दी। गोरक्षपीठ आज भी उनके बताए मार्ग का अनुसरण कर रहा है। उन्होंने कहा कि गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन महंतद्वय ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सभ्य समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला माना। महंत दिग्विजयनाथ जी ने इसी ध्येय से देश की गुलामी के कालखंड में ही 1932 में महाराणा प्रताप जैसे वीर योद्धा के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की थी। 1932 में पहली संस्था खुली और फिर यह श्रृंखला बढ़ती गई। गोरखपुर में जब पहले विश्वविद्यालय की स्थापना की बात आई तो उन्होंने महाराणा प्रताप महाविद्यालय और महाराणा प्रताप महिला विद्यालय दान में देकर विश्वविद्यालय की स्थापना का शुभारंभ कराया। यह कार्य श्रेय के लिए नहीं था। उन्होंने महिला शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, आयुष शिक्षा सहित शिक्षा के हरेक क्षेत्र को आगे बढ़ाया। उनके बाद महंत अवेद्यनाथ जी ने भी इस सिलसिले को जारी रखा। उन्होंने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण में गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन महंतद्वय के अविस्मरणीय योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर निर्माण के यज्ञ का शुभारंभ महंत दिग्विजयनाथ जी ने किया था। उनके बाद 1983 से लेकर जीवनपर्यंत महंत अवेद्यनाथ मंदिर निर्माण के लिए संघर्षरत रहे। ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ समाज को तोड़ने वाली ताकतों से चिंतित रहे। उन्होंने आजीवन सामाजिक समरसता को आगे बढ़ाया।  

भारत और मॉरीशस ने लिया बड़ा आर्थिक कदम, काशी में हुई समझौता से डॉलर की पकड़ कमजोर

वाराणसी मॉरीशस के साथ भारत की काशी में द्वि‍पक्षीय बैठक में एक अहम फैसला स्‍थानीय मुद्रा में कारोबार रहा है। इस फैसले के बाद अब वैश्‍व‍ि‍क कारोबार में आपसी मुद्रा में ही लेन देन शुरू होगा। इसकी वजह से अब दोनों देशों के कारोबार में डालर का वर्चस्‍व टूट गया है।  बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में भारत-मारीशस के बीच द्विपक्षीय वार्ता ने देश- दुनिया को कई बड़े संदेश दिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत-मारीशस के संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि भारत और मारीशस सिर्फ भागीदार नहीं, बल्कि एक परिवार हैं। पिछले साल मारीशस में यूपीआइ और रुपे कार्ड लांच किए गए थे। अब हम लोकल करेंसी में व्यापार को सक्षम करने की दिशा में काम करेंगे।   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी होटल ताज में गुरुवार को भारत-मारीशस के बीच द्विपक्षीय वार्ता को संबोधित कर रहे थे। कहा कि ये मेरे लिए गर्व का विषय है कि मुझे अपने संसदीय क्षेत्र में आपका स्वागत करने का अवसर मिल रहा है। चिर काल से काशी भारत की सभ्यता और सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक रही है। इसके अलावा दोनों देशों में कारोबार के साथ ही रुपे कार्ड ही नहीं बल्‍क‍ि यूपीआई का भी प्रयोग शुरू हो चुका है। इसकी वजह से दोनों देशों के बीच डालर में कारोबार का वर्चस्‍व अब टूट चुका है।    हमारी संस्कृति और संस्कार, सदियों पहले भारत से मारीशस पहुंचे और वहां की जीवन-धारा में रच-बस गए। काशी में मां गंगा के अविरल प्रवाह की तरह भारतीय संस्कृति का सतत प्रवाह मारीशस को समृद्ध करता रहा है। यह केवल औपचारिक नहीं बल्कि एक आत्मिक मिलन है। मार्च में मुझे मारीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल होने का सौभाग्य मिला था।मारीशस भारत की पड़ोसी प्रथम नीति और विजन महासागर का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। मार्च में मुझे मारीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल होने का सौभाग्य मिला। उस समय हमने अपने संबंधों को उन्नत रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया।   वोस्ट्रो अकाउंट खोलने से म‍िलेगी सुव‍िधा दो देशों के बीच आपसी मुद्रा में लेन देन के ल‍िए भारतीय रिजर्व बैंक ने रुपये में वोस्ट्रो अकाउंट खोलने से जुड़े नियमों में भी इसी वर्ष बदलाव किया है। इस कड़ी में बैंकों को अब बिना क‍िसी पूर्व अनुमति के विदेशी बैंकों के लिए विशेष रुपये का वोस्ट्रो अकाउंट खोलने की अनुमति म‍िल चुकी है। वोस्ट्रो अकाउंट एक घरेलू बैंक द्वारा विदेशी बैंक के लिए खोला गया खाता होता है। यह खाता घरेलू बैंक की मुद्रा में ही शाम‍िल होता है। रिजर्व बैंक की पूर्वानुमति से विदेशी बैंकों के विशेष रुपया वोस्ट्रो अकाउंट खोलने की अनुमति देने के बाद दोनों देशों के स्‍थानीय मुद्रा में लेन देन सहज हो सकेगा। वोस्ट्रो अकाउंट खोलने के लिए आरबीआई की मंजूरी लेने की आवश्यकता को खत्म करने का फैसला लेने के साथ ही डालर का वर्चस्‍व टूटना शुरू हो चुका है। विदेशी बैंकों में विशेष रुपया वोस्ट्रो अकाउंट खोल सकने की प्रक्र‍िया में अब काफी तेजी आएगी। दरअसल वोस्ट्रो अकाउंट एक प्रकार का बैंक खाता है जो एक घरेलू बैंक किसी विदेशी बैंक की ओर से, लोकल करेंसी में कारोबार अथवा लेन देन की अनुमत‍ि रखता है। एक विदेशी बैंक फंड के लिए मध्यस्थ के रूप में काम करता है।