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राज्य ग्राम्य विकास संस्थान में विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी

लखनऊ उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन में दीन दयाल उपाध्याय ग्राम्य विकास संस्थान बख्शी का तालाब, लखनऊ में विभिन्न सरकारी, अर्धसरकारी  विभाग /संस्थाओ के अधिकारियों व कर्मचारियों व  रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण देकर उन्हें और अधिक दक्ष व सक्षम बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, बख्शी का तालाब, लखनऊ द्वारा महानिदेशक संस्थान  श्री एल० वेंकटेश्वर लू के संरक्षण व  प्र0अपर निदेशक सुबोध दीक्षित के मार्ग निर्देशन में संस्थान प्रांगण में विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 18- 22 अगस्त, तक   भारत सरकार के लगभग 18 मंत्रालयों के 77 सहायक अनुभाग अधिकारियों हेतु, " विलेज अटैचमेंट कार्यक्रम " विषयक पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम,  18-20 अगस्त,2025 की अवधि में, ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यक्रम के अन्तर्गत, सम्बन्धित प्रतिभागियों हेतु, " लोक- ओ एस पर आन लाइन ट्रांजैक्शन विषयक " प्रशिक्षण कार्यक्रम, दिनांक 18-20 अगस्त, 2025 तक , क्षेत्रीय/जिला प्रशिक्षण केन्द्रों के अधिकारियों/ कर्मचारियों हेतु, " राज्य स्तरीय ई-आफिस ट्रेनिंग मैनेजमेंट, मानव सम्पदा एवं जेम पोर्टल विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम " दिनांक 18-20 अगस्त,2025 की अवधि में, विभिन्न विभागों के सम्बन्धित अधिकारियों हेतु, " ग्राम पंचायत विकास योजनाओं में आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं जलवायु परिवर्तन – जलवायु जनित आपदाओं के अनुकूलन का समावेशीकरण " विषयक राज्य स्तरीय तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा दिनांक 20-22 अगस्त 2025 की अवधि में, आई सी डी एस, स्वास्थ्य, ग्राम्य विकास तथा पंचायतीराज विभाग के क्षेत्र पंचायत व ग्राम पंचायत स्तरीय कर्मचारियों हेतु, " पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता आधारित सहभागी कार्यक्रम" विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।        महानिदेशक संस्थान एल० वेंकटेश्वर लू की अध्यक्षता में आज उपर्युक्त पांच प्रशिक्षण कार्यक्रमों में से तीन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का समापन समारोह, राज्य स्तरीय प्रबुद्ध अतिथि वार्ताकारों यथा – डा० किशन वीर सिंह शाक्य, प्रख्यात शिक्षाविद् एवं पूर्व वरिष्ठ सदस्य लोक सेवा आयोग उ०प्र० तथा संयुक्त सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग उ०प्र० शासन की गरिमामई उपस्थिति में आयोजित किया गया।         डा० किशन वीर सिंह शाक्य द्वारा जातक कथाओं व पंचतंत्र की कथाओं के माध्यम से प्रासंगिक उदाहरणों को उद्धृत करते हुए प्रतिभागी अधिकारियों/कर्मचारियों को अभिप्रेरित किया। सूचना प्रौद्योगिकी के विषय में मुख्य रूप से अर्जुन देव भारती , संयुक्त सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग उ०प्र० शासन द्वारा साइबर सिक्योरिटी प्लान के विषय में विस्तार से बताया गया।        अध्यक्षीय उद्बोधन के अन्तर्गत महानिदेशक संस्थान श्री एल० वेंकटेश्वर लू द्वारा प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि हम लोग जहां पर भी हैं और चाहे जिस पद पर कार्यरत हैं, तो अपनी सीमाओं और दायित्वों का ज्ञान होना आवश्यक है। हम सम्पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी के साथ तभी कार्य कर सकते हैं, जब हम मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ होंगे। इसलिए आवश्यक यह है कि शारीरिक प्रबंधन हमारा प्राकृतिक रूप से अनुकूल हो , तभी मानसिक प्रबंधन अत्यधिक सक्षम होगा। ऋषि मुनियों की परम्पराओं का भी उल्लेख किया। कहा कि विकसित राष्ट्र बनाने के उद्देश्य से हम सभी को आदर्श कर्मयोगी बनने की आवश्यकता है।        कार्यक्रम का संचालन डा० नवीन कुमार सिन्हा द्वारा किया गया तथा संस्थान के उप निदेशक डा० बी एल मौर्य द्वारा सभी को  धन्यवाद ज्ञापित किया गया।   आयोजन एवं प्रबंधन के दृष्टिगत संस्थान की उप निदेशक सरिता गुप्ता, सहायक निदेशक डॉ राजकिशोर यादव, डा० सीमा राठौर, डा० सत्येन्द्र कुमार गुप्ता, डा० विनीता रावत, डा० शिवबचन सिंह यादव, डा० अल्का शर्मा, सहायक निदेशक संजय कुमार, सहायक निदेशक डा० वरूण चतुर्वेदी, आपदा प्रबंधन सलाहकार कुमार दीपक, उपेन्द्र कुमार दूबे , मो० शाहरूख तथा मोहम्मद शहंशाह का उल्लेखनीय योगदान रहा है।

स्वयं सहायता समूहो ने हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने के लिए दो करोड़ झण्डे तैयार करने मे किया योगदान

स्वयं सहायता समूहो ने हर घर तिरंगा अभियान को  सफल बनाने के लिए दो करोड़ झण्डे तैयार करने मे किया योगदान लखनऊ उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन मे हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने व  स्वयं  सहायता समूहो  की दीदियो की आमदनी बढ़ाने के लिए समूहो की दीदियो को झण्डा तैयार करने की बड़ी जिम्मेदारी दी गयी थी, जिसका बखूबी निर्वहन किया गया। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस अभियान के अंतर्गत राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को कुल 2 करोड़ झण्डो को तैयार कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके अंतर्गत 75 जनपदों में 2 करोड़ तिरंगों का निर्माण सफलतापूर्वक किया गया है, इसके लिए कुल 40 करोड़ रुपये की धनराशि जनपदों में वितरित की जानी है, जिसमें से महिला समूहों को लगभग 10 करोड़ रुपये की आय प्राप्त होगी। यह न केवल उनके लिए आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनेगा, बल्कि उन्हें दीर्घकालिक रूप से आजीविका अर्जित करने में भी सहायता करेगा। यह पहल न केवल राष्ट्रीय गौरव को प्रबल करने वाली सिद्ध हुई, बल्कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम रही। SHG की सामूहिक भागीदारी ने हर घर तिरंगा अभियान को जनपद स्तर पर सफलतापूर्वक क्रियान्वित करने में अहम भूमिका निभाई। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक श्रीमती दीपा रंजन ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत विभिन्न जनपदों की महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को सक्रिय रूप से जोड़ा गया। जिलास्तर पर SHG की महिलाओं द्वारा तिरंगा सिलाई का कार्य किया गया, जिससे उन्हें आजीविका के अवसर प्राप्त हुए और समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित हुई।

यात्रियों पर नई पाबंदी: अब रेलवे स्टेशन पर भी लागू होंगे एयरपोर्ट रूल्स, भारी सामान ले जाना पड़ेगा महंगा

 लखनऊ क्या आपने कभी सोचा था कि रेलवे स्टेशन पर भी एयरपोर्ट जैसी सख्ती देखने को मिलेगी? अब यह हकीकत बनने जा रही है. भारतीय रेलवे यात्रियों के लगेज को लेकर नए नियम लागू करने की तैयारी में है. पहले भी वजन और साइज को लेकर नियम मौजूद थे, लेकिन उन्हें उतनी सख्ती से लागू नहीं किया जाता था. अब हालात बदलने वाले हैं. स्टेशन पर प्रवेश से पहले यात्रियों को अपने बैग का वजन इलेक्ट्रॉनिक मशीन पर कराना होगा. अगर बैग तय सीमा से ज्यादा भारी निकला या साइज बहुत बड़ा हुआ—तो सीधा अतिरिक्त चार्ज या जुर्माना देना पड़ेगा. किन स्टेशनों से होगी शुरुआत? रेलवे ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर उत्तर रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे के कुछ बड़े स्टेशनों को चुना है.     लखनऊ चारबाग     प्रयागराज जंक्शन     बनारस     कानपुर सेंट्रल     अलीगढ़     मिर्जापुर     गोविंदपुरी     इटावा इन जगहों पर इलेक्ट्रॉनिक लगेज मशीनें लगाई जा रही हैं. नियम साफ है- प्लेटफॉर्म पर वही यात्री जाएंगे जिनके बैग सीमा के अंदर होंगे. चलिए नियमों को आसान भाषा में समझते हैं: बेसिक नियम: हर बैग पर यात्री का नाम और पता साफ लिखा होना चाहिए. बैग मजबूती से पैक होना चाहिए, वरना रेलवे जिम्मेदारी से बच सकता है. अगर चाहते हैं कि लगेज उसी ट्रेन से जाए, तो डिपार्चर से कम से कम 30 मिनट पहले बुकिंग ऑफिस में जमा करना होगा. मुफ्त अलाउंस: हर क्लास के हिसाब से सामान की मुफ्त सीमा तय है. 5–12 साल के बच्चों को आधा अलाउंस मिलता है. ज्यादा वजन पर सामान्य रेट से 1.5 गुना चार्ज लगेगा. अगर बैग बिना बुकिंग पकड़ा गया, तो 6 गुना जुर्माना देना पड़ेगा (न्यूनतम ₹50). भारी या बड़े सामान: 100 किलो से ज्यादा या तय साइज़ से बड़ा सामान “बल्की” कहलाएगा. ऐसे सामान पर डबल रेट का सरचार्ज लगेगा. इसे सिर्फ ब्रेक वैन में भेजा जा सकता है. मना किए गए सामान: विस्फोटक, ज्वलनशील पदार्थ, गैस सिलेंडर, बदबूदार या खतरनाक चीजें बिल्कुल मना हैं. पर्सनल लगेज: ट्रंक या सूटकेस का माप 100x60x25 सेमी से ज्यादा नहीं होना चाहिए. AC 3-टियर और चेयर कार में यह सीमा और भी कम है. बिजनेस का सामान “पर्सनल लगेज” के नाम पर नहीं ले जा सकते. ऑक्सीजन सिलेंडर: मरीज मेडिकल सर्टिफिकेट के साथ ऑक्सीजन सिलेंडर मुफ्त ले जा सकते हैं. चोरी या नुकसान: चोरी होने पर FIR फॉर्म भरकर तुरंत शिकायत की जा सकती है. अगर सामान पहले से डिक्लेयर नहीं किया गया, तो रेलवे की जिम्मेदारी सिर्फ ₹100/किलो तक होगी. पालतू जानवर: कुत्तों को ब्रेक वैन या तय नियमों के हिसाब से ले जाया जा सकता है. AC फर्स्ट क्लास में तभी ले जाएंगे, जब बाकी यात्री राजी हों. गलत पाए जाने पर 6 गुना पेनल्टी. अतिरिक्त वजन: सीमा से ज्यादा लेकिन बुकिंग के साथ 1.5 गुना रेट. बिना बुकिंग पकड़े जाने पर 6 गुना रेट. साइकिल और स्कूटर: इन पर फ्री अलाउंस नहीं है. इन्हें अलग से बुक कर चार्ज देना होगा. भारतीय रेलवे अब सफर को और अनुशासित बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. यानी अगर आप ट्रेन पकड़ने जा रहे हैं, तो सिर्फ टिकट ही नहीं, बैग का वजन और साइज भी आपके पासपोर्ट की तरह चेक होगा.

टाइम-लैप्स और पांच साल की मेहनत: राम मंदिर निर्माण पर बनेगी विशेष डॉक्यूमेंट्री

अयोध्या  उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बन रहा भव्य राम मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार, मंदिर निर्माण का अधिकांश कार्य अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा. दिसंबर तक शेष काम भी समाप्त कर दिया जाएगा. इसके साथ ही जनवरी में होने वाले भव्य उद्घाटन के लिए तैयारियां तेजी से चल रही हैं. राम मंदिर निर्माण की यह ऐतिहासिक यात्रा करीब पांच साल की रही है. खास बात यह है कि इस पूरे निर्माण कार्य को पांच टाइम-लैप्स कैमरों के माध्यम से लगातार रिकॉर्ड किया जा रहा है. खुदाई से लेकर सॉइल टेस्टिंग और चरणबद्ध निर्माण की यह पूरी कहानी भविष्य में डॉक्यूमेंट्री के रूप में दुनिया के सामने लाई जाएगी. ट्रस्ट ने इस रिकॉर्डिंग को बौद्धिक संपदा घोषित किया है और इसे कुछ शर्तों के साथ सीबीआरआई (रुड़की) को सौंपा जाएगा. डॉक्यूमेंट्री का उद्देश्य आगे की पीढ़ियों को यह दिखाना है कि कैसे तकनीकी विशेषज्ञता, वास्तुशिल्पी विशेषताएं और श्रमिकों का समर्पण मिलकर इस भव्य धरोहर को साकार कर पाया. मंदिर की पवित्रता और मूल स्वरूप को बनाए रखना ट्रस्ट की प्राथमिकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए सजावट और अन्य तकनीकी काम किए जा रहे हैं. मंदिर परिसर में फसाड लाइटिंग पर विशेष जोर दिया जा रहा है. अनुमानित 8 से 10 करोड़ रुपये की लागत से इस लाइटिंग का काम होगा. तीन प्रमुख कंपनियों ने प्रजेंटेशन दी है और चयन प्रक्रिया अंतिम दौर में है. रात के समय इन लाइट्स से मंदिर की अद्भुत नक्काशी और वास्तुकला और भी भव्य दिखाई देगी. इसके साथ ही मंदिर की कलात्मकता को और विशेष बनाने के लिए थ्री-डी म्यूरल्स लगाए जा रहे हैं. कुल 90 म्यूरल्स में से 85 अयोध्या पहुंच चुके हैं. इनमें से 70 से अधिक को मंदिर की दीवारों पर स्थापित कर दिया गया है. शेष म्यूरल्स लगाने का काम 15 सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा. राम मंदिर न सिर्फ आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह भारतीय शिल्प, संस्कृति और इंजीनियरिंग का भी उदाहरण बनेगा. नृपेंद्र ने बताया कि सुबह 9:30 बजे तीन कंपनियों की ओर से फसाड लाइटिंग का प्रजेंटेशन किया गया। इसमें हाइब्रिड मॉडल, प्रोजेक्टर और लीनियर लाइटिंग जैसे विकल्प प्रस्तुत किए गए। अंतिम चयन के बाद इस पूरी व्यवस्था पर लगभग आठ से 10 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। इस लाइटिंग से रात में भी मंदिर की अद्भुत नक्काशी झलकेगी। थ्री डी म्यूरल के निर्माण में एक माह की हुई देरी उन्होंने बताया कि राम मंदिर के लोअर प्लिंथ में लगने वाले 90 म्यूरल्स में से 85 तैयार होकर अयोध्या पहुंच चुके हैं। इनमें से 70 से अधिक लगाए भी जा चुके हैं। थ्री डी मूर्तियों के निर्माण में तकरीबन 15 से 30 दिन की देरी दर्ज की गई है। यह काम अब 15 सितंबर तक पूरा होने की उम्मीद है।  दिसंबर तक सभी काम पूरा कर लेने का लक्ष्य निर्माण समिति के अध्यक्ष ने बताया कि समीक्षा के दौरान अस्थायी मंदिर और शहीदों की स्मृति में लगाए गए ग्रेनाइट पिलर के स्वरूप पर भी विस्तार से विचार किया गया। ट्रस्ट का स्पष्ट मत है कि मंदिर की पवित्रता और मूल स्वरूप पर किसी भी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। निर्माण कार्य की रफ्तार को देखते हुए अनुमान है कि अक्तूबर के अंत तक अधिकांश काम पूरे हो जाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि दिसंबर तक शेष काम भी लक्ष्य के अनुसार पूरा कर लिया जाएगा। अयोध्या राम मंदिर; शेषावतार और परकोटा के 6 मंदिरों के दर्शन कर सकेंगे श्रद्धालु, 15 अक्टूबर से व्यवस्था लागू   राम मंदिर परिसर में सभी 6 मंदिरों के साथ सप्त मंडप, कुबेर टीला और शेषावतार मंदिर के दर्शन की व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू हो जाएगी. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक 9 सितंबर को आयोजित होगी, जिसमें एक नए ट्रस्टी के नाम को भी शामिल करने पर मुहर लग सकती है. ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि मंदिर निर्माण समिति की भी बैठक 7, 8 और 9 सितंबर को होगी. मंदिर निर्माण समिति की बैठक में इसके अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं. पूरी उम्मीद है कि मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्य इस वर्ष पूरे कर लिए जाएंगे. मंदिर निर्माण समिति की तीन दिवसीय बैठक के दूसरे दिन आगामी तैयारियों को देखते हुए निर्माण कार्य को पूरा करने और दर्शन व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर मंथन किया गया. लगभग 6 घंटे तक लगातार चल इस बैठक के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र टेस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि यह तय कर लिया गया है कि परकोटा के 6 मंदिर और शेषावतार मंदिर में दर्शन की व्यवस्था अक्टूबर माह से प्रारम्भ हो जाएगी. लेकिन सप्त मंडपम में दर्शन की व्यवस्था शुरू किए जाने पर विचार किया जा रहा है. राम मंदिर परिसर में निर्माण. हालांकि, इसके पहले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के लिए श्रद्धालुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने की व्यवस्था में सुरक्षा बड़ी चुनौती बन सकती है. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र टेस्ट की मानें तो दर्शन व्यवस्था प्रारंभ होने के बाद प्रतिदिन सुरक्षा के जवानों को परिसर में हर कोने की तलाशी न करनी पड़े, इसके लिए ट्रस्ट सुरक्षा एजेंसी के साथ अध्ययन कर रहा है. वृद्ध श्रद्धालुओं के लिए लगेंगी तीन लिफ्ट: राम मंदिर में आने वाले अतिरिक्त श्रद्धालुओं के लिए लिफ्ट की व्यवस्था भी सितंबर तक पूरा कर की ली जाएगी. ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि मंदिर में तीन लिफ्ट लगाई जानी हैं. इसमें उत्तर दिशा में दो और एक पश्चिम दिशा में होगी. अक्टूबर में इसे प्रारंभ कर दिया जाएगा. एक दिन में एक लाख श्रद्धालु करेंगे शू सेंटर का उपयोग: राम मंदिर में दर्शन करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को गर्मी में तेज धूप का जलना पैरों में बर्दाश्त नहीं हो पता इसके चलते अब आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के पास परकोटा के बाहर शू सेंटर का निर्माण कराया गया. चंपत राय ने बताया कि इसमें एक साथ लगभग 12000 से अधिक लोग एक साथ इसके अंदर अपने जूता और चप्पल को रख सकेंगे. एक दिन लगभग एक लाख श्रद्धालु इस सुविधा … Read more

BJP की रणनीति: हिंदुत्व एजेंडे को धार, OBC को साधने के लिए कल्याण सिंह की विरासत का सहारा

अलीगढ़ उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के बहाने बीजेपी मिशन-2027 का आगाज करने जा रही है. कल्याण सिंह की चौथी पुण्यतिथि पर गुरुवार को अलीगढ़ में बीजेपी एक बड़ा कार्यक्रम कर रही है, जिसमें सीएम योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित दोनों डिप्टी सीएम केशव मौर्य और बृजेश पाठक शिरकत करेंगे. इसके अलावा बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और प्रदेश के संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह शामिल होंगे. कल्याण सिंह की पुण्यतिथि को बीजेपी 'हिंदू गौरव दिवस' के रूप में मना रही है. इस तरह बीजेपी 2027 के चुनाव से पहले यूपी की सियासत में हिंदुत्व के एजेंडे को धार देने और सपा की पीडीए पॉलिटिक्स को काउंटर करने की कवायद में है. योगी सरकार के करीब दो दर्जन मंत्री गुरुवार को कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि देने अलीगढ़ पहुंचेंगे. इस दौरान सीएम योगी सहित बीजेपी के दिग्गज नेता अलीगढ़ में दो घंटे तक रहकर कल्याण सिंह के बहाने 2027 का एक तरह से पश्चिम यूपी में आगाज करेंगे. बीजेपी 2024 में पश्चिम यूपी की हारी हुई लोकसभा सीटों पर लोधी समुदाय के वोटरों को साधकर 2027 को फतह करने की रणनीति अपनाएगी. कल्याण सिंह के बहाने हिंदुत्व के एजेंडे को धार कल्याण सिंह की श्रद्धांजलि सभा में बीजेपी के दिग्गज नेताओं के अलीगढ़ पहुंचने के पीछे सियासी मकसद साफ है. कल्याण सिंह को हिंदुत्व की राजनीति करने वाले राम मंदिर आंदोलन का नायक माना जाता है. नब्बे के दशक में कल्याण सिंह बीजेपी के हिंदुत्व का चेहरा बनकर उभरे थे. कल्याण सिंह के यूपी सीएम रहते हुए 6 दिसंबर 1992 को कारसेवकों ने अयोध्या में बाबरी मस्जिद का विध्वंस किया था. कल्याण सिंह बीजेपी के इकलौते नेता थे, जो राम मंदिर के लिए जेल गए और अपनी सत्ता की बलि दे दी थी. इस तरह कल्याण सिंह की पहचान राम भक्त और हिंदुत्व की कट्टर छवि वाले नेता की रही, जिसे बीजेपी 2027 में भुनाने की कवायद में है. इसीलिए बीजेपी कल्याण सिंह की पुण्यतिथि को 'हिंदू गौरव दिवस' के रूप में मनाकर यूपी की सियासत में हिंदुत्व के एजेंडे को धार दे रही है. सपा के PDA का क्या काउंटर प्लान है? उत्तर प्रदेश में कल्याण सिंह के रूप में बीजेपी के पास एक ऐसा ऑलराउंडर चेहरा था, जिसके सहारे पार्टी ने जातीय समीकरण को मजबूत करने के साथ-साथ हिंदुत्व की आक्रामक राजनीति को धार दी थी. यही वजह है कि बीजेपी कल्याण सिंह की श्रद्धांजलि का कार्यक्रम ऐसे समय कर रही है, जब 2027 के चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज है. सपा-कांग्रेस मिलकर बीजेपी के खिलाफ ओबीसी-दलित पॉलिटिक्स का सियासी नैरेटिव सेट करने में जुटी हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव में ही सपा अपने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले और राहुल गांधी के संविधान और आरक्षण वाले दांव के ज़रिए बीजेपी को मात देने में सफल रही है. बीजेपी अब कल्याण सिंह के बहाने सपा की रणनीति को काउंटर करने की कवायद में जुटी है. पूजा पाल के साथ खड़े होकर बीजेपी ओबीसी के तहत पाल-गड़रिया और बघेल समुदाय को साधने का दांव चल रही है, तो कल्याण सिंह के बहाने लोध समुदाय को साधे रखने की रणनीति है. कल्याण सिंह ओबीसी समुदाय की लोध जाति से आते हैं. ओबीसी में पाल और लोध दोनों अहम जातियां हैं. इस तरह बीजेपी पाल और लोध समाज के ज़रिए सपा की पीडीए राजनीति में सेंधमारी का प्लान बना रही है. बीजेपी के सबसे बड़े ओबीसी चेहरे रहे बीजेपी अपने शुरुआती दौर में ऊंची जातियों की राजनीति वाली पार्टी की पहचान रखती थी और उसे ठाकुर, ब्राह्मण, बनियों की पार्टी कहा जाता था. बीजेपी की इस छवि को बदलने का काम कल्याण सिंह ने किया था. तब गुड गवर्नेंस के ज़रिए उन्होंने तमाम ओबीसी जातियों को जोड़कर मंडल वाली सियासत पर कमंडल का पानी फेर दिया था. कल्याण सिंह ओबीसी की लोध बिरादरी से थे और उत्तर प्रदेश में लोध समाज का वोट भी निर्णायक है. ओबीसी में एक और बड़ा वोट बैंक लोध जाति का है. कल्याण सिंह के चलते लोधी समुदाय बीजेपी का परंपरागत वोटर माना जाता है. कल्याण सिंह के पौत्र संदीप सिंह योगी सरकार में मंत्री हैं. यही नहीं बीजेपी ने लोधी समुदाय के नेताओं को राज्यसभा और विधायक बना रखा है, लेकिन 2027 की चुनावी तपिश के साथ पार्टी कल्याण सिंह के ज़रिए लोधी ही नहीं बल्कि गैर-यादव ओबीसी वोटों को सियासी संदेश देने की कवायद शुरू कर रही है, ताकि 2024 में हुए सियासी नुकसान की भरपाई कर सके. पिछले दिनों लोध समुदाय की बीजेपी से नाराजगी का सवाल उठा था. पश्चिम यूपी के किले को दुरुस्त करने में जुटी बीजेपी पहले से यूपी के जाट लैंड कहे जाने वाले पश्चिमी यूपी की मुजफ्फरनगर, कैराना, सहारनपुर, नगीना और मुरादाबाद जैसी सीटें 2024 में गंवा चुकी है. इसके अलावा लोधी समाज के प्रभाव वाली कासगंज, बदायूं, आंवला, संभल, मैनपुरी, रामपुर, हमीरपुर और कन्नौज जैसी सीट हार चुकी है. इसके अलावा फर्रुखाबाद और अलीगढ़ की सीट बहुत मुश्किल से जीती है. ऐसे में बीजेपी कल्याण सिंह के बहाने लोध प्रभाव वाले इलाके में अपनी सियासी जड़ें मजबूत करने का दांव चल रही है, क्योंकि ओबीसी वोटों को साधे बिना बीजेपी यूपी में सत्ता की हैट्रिक नहीं लगा पाएगी. यूपी में करीब 3 फीसदी लोधी समुदाय के लोग हैं, लेकिन बृज और पश्चिमी यूपी के कई जिलों में इनकी निर्णायक भूमिका है. यूपी के करीब 23 जिलों में लोध वोटरों का दबदबा है. रामपुर, ज्योतिबा फुले नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, महामायानगर, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, पीलीभीत, लखीमपुर, उन्नाव, शाहजहांपुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, इटावा, औरैया, कन्नौज, कानपुर, जालौन, झांसी, ललितपुर, हमीरपुर, महोबा ऐसे जिले हैं, जहां लोध वोट बैंक पांच से 10 फीसदी तक है. लोधी समुदाय ओबीसी की पहली जाति है, जो कल्याण सिंह के चलते बीजेपी के साथ जुड़ गई थी. बीजेपी अब कल्याण सिंह के निधन के बाद भी उसे अपने साथ पहले की तरह ही जोड़े रखना चाहती है. इसीलिए कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर सीएम योगी से लेकर बृजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य ही नहीं, बल्कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी पहुंच रहे हैं. उत्तर प्रदेश में OBC पॉलिटिक्स उत्तर प्रदेश की सियासत ओबीसी मतदाताओं के इर्द-गिर्द सिमट गई है, जिसके चलते कल्याण सिंह के बहाने बीजेपी की लोधी समुदाय के … Read more

हाईवे पर आफत: मथुरा में केमिकल टैंकर पलटते ही लगी भीषण आग, कई किलोमीटर तक दिखीं लपटें

मथुरा जिले के जयपुर बरेली हाईवे पर बुधवार सुबह एक केमिकल से भरा टैंकर मनोहरपुर गांव के पास बेकाबू होकर पलट गया। पलटने के बाद केमिकल से भरे टैंक फट गए। जिससे भीषण आग लग गई। धमाके की आवाज और आग की लपटे देखकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। टैंकर राया की ओर से नेशनल हाईवे की तरफ जा रहा था। लोगों ने दमकल विभाग को सूचना दी। इसके बाद दमकल की पांच गाड़ियां और रिफाइनरी की टीम में मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाने की कोशिश में जुटे एफएसओ किशन सिंह और फायरमैन शकीरा झुलस गए। लगातार भड़क रही आग दमकल अधिकारी ने बताया कि टैंकर में केमिकल भरा होने के कारण से आग लगातार भड़क रही है। उस पर काबू पाना बेहद मुश्किल हो रहा है। टैंकर में कुल चार टैंक थे। जिनमें से एक फट चुका है। जबकि बाकी टैंको में भी धमाका होने का खतरा बना हुआ है। आग को काबू में करने के लिए दमकल विभाग पुलिस और रिफाइनरी की टीम में लगातार प्रयास कर रही है। लेकिन हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि टैंकर पलटने और उसमें धमाका होने की आवाज कई किलोमीटर तक सुनाई दी। आग की लपटे और धुंआ दूर से ही दिखाई दे रहा था। अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और आग पर काबू पाने के लिए प्रयास किया जा रहे हैं। हादसे के चलते हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात है।

स्वयं सहायता समूहो ने हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने के लिए दो करोड़ झण्डे तैयार करने मे किया योगदान

  लखनऊ उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन मे हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने व  स्वयं  सहायता समूहो  की दीदियो की आमदनी बढ़ाने के लिए समूहो की दीदियो को झण्डा तैयार करने की बड़ी जिम्मेदारी दी गयी थी, जिसका बखूबी निर्वहन किया गया। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस अभियान के अंतर्गत राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को कुल 2 करोड़ झण्डो को तैयार कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके अंतर्गत 75 जनपदों में 2 करोड़ तिरंगों का निर्माण सफलतापूर्वक किया गया है, इसके लिए कुल 40 करोड़ रुपये की धनराशि जनपदों में वितरित की जानी है, जिसमें से महिला समूहों को लगभग 10 करोड़ रुपये की आय प्राप्त होगी। यह न केवल उनके लिए आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनेगा, बल्कि उन्हें दीर्घकालिक रूप से आजीविका अर्जित करने में भी सहायता करेगा। यह पहल न केवल राष्ट्रीय गौरव को प्रबल करने वाली सिद्ध हुई, बल्कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम रही। SHG की सामूहिक भागीदारी ने हर घर तिरंगा अभियान को जनपद स्तर पर सफलतापूर्वक क्रियान्वित करने में अहम भूमिका निभाई। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक श्रीमती दीपा रंजन ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत विभिन्न जनपदों की महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को सक्रिय रूप से जोड़ा गया। जिलास्तर पर SHG की महिलाओं द्वारा तिरंगा सिलाई का कार्य किया गया, जिससे उन्हें आजीविका के अवसर प्राप्त हुए और समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित हुई।

राज्य ग्राम्य विकास संस्थान में विभिन्न विषयों पर दिया जा रहा है प्रशिक्षण

लखनऊ उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन में दीन दयाल उपाध्याय ग्राम्य विकास संस्थान बख्शी का तालाब, लखनऊ में विभिन्न सरकारी, अर्धसरकारी  विभाग /संस्थाओ के अधिकारियों व कर्मचारियों व  रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण देकर उन्हें और अधिक दक्ष व सक्षम बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, बख्शी का तालाब, लखनऊ द्वारा महानिदेशक संस्थान एल० वेंकटेश्वर लू के संरक्षण व  प्र0अपर निदेशक सुबोध दीक्षित के मार्ग निर्देशन में संस्थान प्रांगण में विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 18- 22 अगस्त, तक   भारत सरकार के लगभग 18 मंत्रालयों के 77 सहायक अनुभाग अधिकारियों हेतु, " विलेज अटैचमेंट कार्यक्रम " विषयक पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम,  18-20 अगस्त,2025 की अवधि में, ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यक्रम के अन्तर्गत, सम्बन्धित प्रतिभागियों हेतु, " लोक- ओ एस पर आन लाइन ट्रांजैक्शन विषयक " प्रशिक्षण कार्यक्रम, दिनांक 18-20 अगस्त, 2025 तक , क्षेत्रीय/जिला प्रशिक्षण केन्द्रों के अधिकारियों/ कर्मचारियों हेतु, " राज्य स्तरीय ई-आफिस ट्रेनिंग मैनेजमेंट, मानव सम्पदा एवं जेम पोर्टल विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम " दिनांक 18-20 अगस्त,2025 की अवधि में, विभिन्न विभागों के सम्बन्धित अधिकारियों हेतु, " ग्राम पंचायत विकास योजनाओं में आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं जलवायु परिवर्तन – जलवायु जनित आपदाओं के अनुकूलन का समावेशीकरण " विषयक राज्य स्तरीय तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा दिनांक 20-22 अगस्त 2025 की अवधि में, आई सी डी एस, स्वास्थ्य, ग्राम्य विकास तथा पंचायतीराज विभाग के क्षेत्र पंचायत व ग्राम पंचायत स्तरीय कर्मचारियों हेतु, " पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता आधारित सहभागी कार्यक्रम" विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।        महानिदेशक संस्थान एल० वेंकटेश्वर लू की अध्यक्षता में आज उपर्युक्त पांच प्रशिक्षण कार्यक्रमों में से तीन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का समापन समारोह, राज्य स्तरीय प्रबुद्ध अतिथि वार्ताकारों यथा – डा० किशन वीर सिंह शाक्य, प्रख्यात शिक्षाविद् एवं पूर्व वरिष्ठ सदस्य लोक सेवा आयोग उ०प्र० तथा संयुक्त सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग उ०प्र० शासन की गरिमामई उपस्थिति में आयोजित किया गया।         डा० किशन वीर सिंह शाक्य द्वारा जातक कथाओं व पंचतंत्र की कथाओं के माध्यम से प्रासंगिक उदाहरणों को उद्धृत करते हुए प्रतिभागी अधिकारियों/कर्मचारियों को अभिप्रेरित किया। सूचना प्रौद्योगिकी के विषय में मुख्य रूप से अर्जुन देव भारती , संयुक्त सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग उ०प्र० शासन द्वारा साइबर सिक्योरिटी प्लान के विषय में विस्तार से बताया गया।        अध्यक्षीय उद्बोधन के अन्तर्गत महानिदेशक संस्थान एल० वेंकटेश्वर लू द्वारा प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि हम लोग जहां पर भी हैं और चाहे जिस पद पर कार्यरत हैं, तो अपनी सीमाओं और दायित्वों का ज्ञान होना आवश्यक है। हम सम्पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी के साथ तभी कार्य कर सकते हैं, जब हम मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ होंगे। इसलिए आवश्यक यह है कि शारीरिक प्रबंधन हमारा प्राकृतिक रूप से अनुकूल हो , तभी मानसिक प्रबंधन अत्यधिक सक्षम होगा। ऋषि मुनियों की परम्पराओं का भी उल्लेख किया। कहा कि विकसित राष्ट्र बनाने के उद्देश्य से हम सभी को आदर्श कर्मयोगी बनने की आवश्यकता है।        कार्यक्रम का संचालन डा० नवीन कुमार सिन्हा द्वारा किया गया तथा संस्थान के उप निदेशक डा० बी एल मौर्य द्वारा सभी को  धन्यवाद ज्ञापित किया गया।  आयोजन एवं प्रबंधन के दृष्टिगत संस्थान की उप निदेशक सरिता गुप्ता, सहायक निदेशक डॉ राजकिशोर यादव, डा० सीमा राठौर, डा० सत्येन्द्र कुमार गुप्ता, डा० विनीता रावत, डा० शिवबचन सिंह यादव, डा० अल्का शर्मा, सहायक निदेशक संजय कुमार, सहायक निदेशक डा० वरूण चतुर्वेदी, आपदा प्रबंधन सलाहकार कुमार दीपक, उपेन्द्र कुमार दूबे , मो० शाहरूख तथा मोहम्मद शहंशाह का उल्लेखनीय योगदान रहा है।

अन्नदाताओं के हित में सख्त हुई योगी सरकार, अब नहीं चलेगी खाद की काला बाजारी

लखनऊ योगी सरकार ने एक बार फिर साफ किया है कि प्रदेश में कहीं भी उर्वरकों की दिक्कत या कमी नहीं है. किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है. सरकार ने खाद के अनावश्यक भंडारण न करने की अपील की है. कृषि विभाग ने सभी 18 मंडलों में खाद की उपलब्धता व बिक्री की जानकारी दी. खरीफ सत्र 2024 में इस अवधि (18 अगस्त) तक 36.76 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री हुई थी, वहीं इस वर्ष अब तक 42.64 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री की जा चुकी है. कालाबाजारी करने वालों को कड़ी चेतावनी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों से अपील की कि खाद का भंडारण न करें. जितनी आवश्यकता है, उतना खाद लें, जब-जब आवश्यकता है, तब-तब खाद लें. हर जनपद में शिकायत प्रकोष्ठ है. किसी भी परेशानी की स्थिति में अवगत कराएं. मुख्यमंत्री ने उर्वरक की ओवररेटिंग, कालाबाजारी करने वालों को कड़ी चेतावनी भी दी है. उन्होंने जनपद में तैनात अधिकारियों को समय-समय पर निरीक्षण करने, किसानों से संवाद स्थापित करने और समस्याओं का निस्तारण करने का निर्देश दिया है. कृषि विभाग ने बताया कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है. इस साल अधिक हुआ खाद का वितरण प्रदेश में पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष अभी तक अधिक खाद वितरण किया जा चुका है. विगत वर्ष 27.25 लाख मीट्रिक टन यूरिया वितरण हुआ था, इस वर्ष अभी तक 31.62 लाख मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है. डीएपी 2024 में वितरण 5.28 लाख मीट्रिक टन का रहा, इस वर्ष यह बिक्री 5.38 लाख मीट्रिक टन हुई. एनपीके उर्वरक (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस व पोटेशियम मिश्रण) का वितरण विगत वर्ष 2.07 लाख मीट्रिक टन रहा, इस वर्ष 2.39 लाख मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है. एमओपी (म्यूरेट ऑफ पोटाश) 0.25 लाख मीट्रिक टन के सापेक्ष इस वर्ष 0.46 लाख मीट्रिक टन वितरित हुआ. वहीं एसएसपी (सिंगल सुपर फॉस्फेट) का वितरण 2024 में 1.91 लाख मीट्रिक टन रहा, इस वर्ष किसानों को 2.79 लाख मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है. खाद की उपलब्धता यूरियाः 18 अगस्त तक प्रदेश में 37.70 लाख मीट्रिक टन की उपलब्धता रही. इसमें से 31.62 लाख मीट्रिक टन की खरीद किसानों द्वारा की जा चुकी है. डीएपी: 18 अगस्त तक 9.25 लाख मी. टन की उपलब्धता रही, जिसमें से 5.38 लाख मी. टन की खरीद किसानों ने कर ली है. एनपीके: 18 अगस्त तक 5.40 लाख मी. टन की उपलब्धता रही. इसमें से 2.39 लाख मीट्रिक टन की खरीद किसानों ने कर ली. 4.37 लाख मीट्रिक टन अधिक यूरिया की बिक्री खरीफ फसलों की बुवाई का कार्य पूर्ण हो गया है. मुख्य फसल धान में टॉप-ड्रेसिंग के लिए प्रतिदिन औसतन 49564 मी.टन यूरिया की खपत-बिक्री हो रही है. गतवर्ष की तुलना में इस वर्ष 16.04% (मात्रा 4.37 लाख मी०टन) अधिक यूरिया उर्वरक की बिक्री हुई है.

योगी सरकार ने दी सभी 18 मंडलों में खाद की उपलब्धता व बिक्री की जानकारी

देश में कहीं भी उर्वरक की दिक्कत नहीं, कालाबाजारी पर योगी सरकार सख्त योगी सरकार ने दी सभी 18 मंडलों में खाद की उपलब्धता व बिक्री की जानकारी पहली अप्रैल से 18 अगस्त 2025 तक हुई 42.64 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री  पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 4.37 लाख मीट्रिक टन अधिक यूरिया की हुई बिक्री मुख्यमंत्री ने दिया निर्देश- जनपदों में निरंतर मॉनीटरिंग करें अधिकारी, किसानों को न हो परेशानी सीएम योगी ने किसानों से की अपील- भंडारण न करें, जब चाहें, आवश्यकतानुरूप लें खाद   लखनऊ  योगी सरकार ने एक बार फिर साफ किया है कि प्रदेश में कहीं भी उर्वरकों की दिक्कत या कमी नहीं है। किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। सरकार ने खाद के अनावश्यक भंडारण न करने की अपील की है। कृषि विभाग ने सभी 18 मंडलों में खाद की उपलब्धता व बिक्री की जानकारी दी। खरीफ सत्र 2024 में इस अवधि (18 अगस्त) तक 36.76 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री हुई थी, वहीं इस वर्ष अब तक 42.64 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री की जा चुकी है।  मुख्यमंत्री ने की किसानों से अपील  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों से अपील की कि खाद का भंडारण न करें। जितनी आवश्यकता है, उतना खाद लें, जब-जब आवश्यकता है, तब-तब खाद लें। हर जनपद में शिकायत प्रकोष्ठ है। किसी भी परेशानी की स्थिति में अवगत कराएं। मुख्यमंत्री ने उर्वरक की ओवररेटिंग, कालाबाजारी करने वालों को कड़ी चेतावनी भी दी है। उन्होंने जनपद में तैनात अधिकारियों को समय-समय पर निरीक्षण करने, किसानों से संवाद स्थापित करने और समस्याओं का निस्तारण करने का निर्देश दिया है। कृषि विभाग ने बताया कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है। पिछले वर्ष से अधिक हुआ खाद वितरण प्रदेश में पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष अभी तक अधिक खाद वितरण किया जा चुका है। विगत वर्ष 27.25 लाख मीट्रिक टन यूरिया वितरण हुआ था, इस वर्ष अभी तक 31.62 लाख मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है। डीएपी 2024 में वितरण 5.28 लाख मीट्रिक टन का रहा, इस वर्ष यह बिक्री 5.38 लाख मीट्रिक टन हुई। एनपीके उर्वरक (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस व पोटेशियम मिश्रण) का वितरण विगत वर्ष 2.07 लाख मीट्रिक टन रहा, इस वर्ष 2.39 लाख मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है। एमओपी (म्यूरेट ऑफ पोटाश) 0.25 लाख मीट्रिक टन के सापेक्ष इस वर्ष 0.46 लाख मीट्रिक टन वितरित हुआ। वहीं एसएसपी (सिंगल सुपर फॉस्फेट) का वितरण 2024 में 1.91 लाख मीट्रिक टन रहा, इस वर्ष किसानों को 2.79 लाख मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है। खाद की उपलब्धता यूरियाः 18 अगस्त तक प्रदेश में 37.70 लाख मीट्रिक टन की उपलब्धता रही। इसमें से 31.62 लाख मीट्रिक टन की खरीद किसानों द्वारा की जा चुकी है।  डीएपी: 18 अगस्त तक 9.25 लाख मी. टन की उपलब्धता रही, जिसमें से 5.38 लाख मी. टन की खरीद किसानों ने कर ली है।   एनपीके: 18 अगस्त तक 5.40 लाख मी०टन की उपलब्धता रही। इसमें से 2.39 लाख मीट्रिक टन की खरीद किसानों ने कर ली।  गत वर्ष की तुलना में 4.37 लाख मीट्रिक टन अधिक यूरिया की बिक्री खरीफ फसलों की बुवाई का कार्य पूर्ण हो गया है। मुख्य फसल धान में टॉप-ड्रेसिंग हेतु प्रतिदिन औसतन 49564 मी०टन यूरिया की खपत/बिक्री हो रही है। गतवर्ष की तुलना में इस वर्ष 16.04% (मात्रा 4.37 लाख मी०टन) अधिक यूरिया उर्वरक की बिक्री हुई है। बॉक्स  खाद उपलब्धता की सम्पूर्ण स्थिति (को-ऑपरेटिव स्टॉक और प्राइवेट स्टॉक) मंडल                  यूरिया           डीएपी         एनपीके                           सहारनपुर               18734         4577         3075 मेरठ                       39089       17195        8858 आगरा                    43824        28329       21502 अलीगढ़                 29597        18377       16464 बरेली                    41610         20790       28159 मुरादाबाद              46450         18159       27402 कानपुर                  52100         41168       30301 प्रयागराज               57212         21286       25580 झांसी                     28267        27164       16506   चित्रकूट                  25650          9110         3975 वाराणसी                43294         27689       14627 मीरजापुर                13626          7840         3804    आजमगढ़               34184         24481        9070 गोरखपुर                 34126         25756        15755 बस्ती                     12306        10439            4611 देवीपाटन               17955         18681          9017 लखनऊ                 41066         37964         36736 अयोध्या                28960          27997         25250 कुल-                  608049         387003     300693  नोटः यह आंकड़े खऱीफ सत्र 2025 में 18 अगस्त तक के हैं। यह मात्रा मीट्रिक टन में है।