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दुर्ग में तांत्रिक ने युवती का अपहरण कर रेप करने वाला आरोपी गिरफ्तार

दुर्ग. जिले में युवती से रेप करने वाला तांत्रिक 2 महीने बाद पकड़ाया है। आरोपी हेमंत अग्रवाल (41) खुद को तांत्रिक बताकर परिवार के संपर्क में आया था। उसने समस्याएं दूर करने का दावा किया और युवती को अपने प्रभाव में ले लिया। शादी का झूठा भरोसा देकर वह युवती को पत्नी की तरह साथ रखने लगा और उससे रेप करता था। मामला जामुल थाना क्षेत्र का है। 19 नवंबर 2025 को आरोपी दिनदहाड़े युवती को घर से उठाकर ले गया था। 21 नवंबर को पुलिस ने दोनों को बरामद किया, लेकिन आरोपी थाने से फरार हो गया था। 13 जनवरी 2026 को आरोपी बलौदाबाजार जिले के बारनवापारा में दूसरे बैगा-तांत्रिक से मिलने पहुंचा पुलिस के जाल में फंस गया। पूरे मामले की जड़ भी तंत्र-मंत्र ही है। पीड़िता के अनुसार आरोपी खुद को तांत्रिक बताकर परिवार के संपर्क में आया था। उसने समस्याएं दूर करने का दावा किया और धीरे-धीरे युवती को अपने प्रभाव में ले लिया। शादी का झूठा भरोसा देकर वह युवती को पत्नी की तरह साथ रखने लगा और उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। आरोपी ने युवती के अश्लील वीडियो बनाए और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर लंबे समय तक शोषण किया। उसने आर्य समाज में युवती की मर्जी के बिना जबरन शादी करवाई। इस दौरान युवती दो-तीन बार गर्भवती हुई, लेकिन आरोपी ने दबाव डालकर जबरन गर्भपात कराया। 19 नवंबर 2025 को आरोपी दिनदहाड़े युवती को घर से उठाकर कोंडागांव और दंतेवाड़ा ले गया, फिर रायपुर पहुंचा। 21 नवंबर को पुलिस ने दोनों को बरामद किया, लेकिन भिलाई-3 थाने से आरोपी मौका पाकर फरार हो गया था। दो महीने की फरारी के बाद अब वही तंत्र-मंत्र, जिस पर आरोपी खुद भरोसा करता था, उसकी गिरफ्तारी का कारण बना। आरोपी अमलेश्वर का रहने वाला है। जामुल थाना में अपराध क्रमांक 918/2025 धारा 85, 115(2), 64(2)(एम), 138, 351(3), 89 बीएनएस के तहत मामला दर्ज है। तंत्र-मंत्र की दुनिया में उलझा फरार तांत्रिक आखिरकार अपने ही जैसे दूसरे बैगा-तांत्रिक से मिलने की वजह से पुलिस के जाल में फंस गया। दुर्ग जिले के जामुल थाना क्षेत्र के अपहरण, दुष्कर्म और धोखाधड़ी के सनसनीखेज मामले में आरोपी हेमंत अग्रवाल (41) की गिरफ्तारी का सबसे अहम एंगल यही रहा कि वह अपनी फरारी के दौरान बारनवापारा के जंगलों में दूसरे बैगा-तांत्रिक से मिलने गया, और यही उसकी सबसे बड़ी चूक साबित हुई। पुलिस ने आरोपी को बलौदाबाजार जिले के गीतपुरी इलाके से गिरफ्तार किया, जहां वह नाम बदलकर छिपा हुआ था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी का पैदल जुलूस निकाला और उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। फरारी के दौरान आरोपी लगातार अपनी पहचान और ठिकाने बदल रहा था। मोबाइल फोन अधिकतर बंद रखता था, ताकि पुलिस उसे ट्रेस न कर सके। इसी बीच वह बारनवापारा के जंगलों में रहने वाले एक दूसरे बैगा-तांत्रिक से मिलने और दवा लेने गया। पुलिस को इसी गतिविधि का इनपुट मिला। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने उड़ीसा, बारनवापारा और बलौदाबाजार इलाके में उसकी तलाश में भटकती रही। दो पुलिसकर्मी लगातार कई दिनों तक एक ही लोकेशन पर सिविल ड्रेस में निगरानी करते रहे। पुलिस को पता था कि बैगा-तांत्रिक से मिलने के बाद आरोपी वापस जरूर लौटेगा। बारनवापारा के एक इलाके में दूसरे तांत्रिक से मिलने का इनपुट छोटा था, लेकिन पुलिस के लिए निर्णायक साबित हुआ। जामुल थाना पुलिस ने अंदाजा लगाया कि आरोपी जंगल से लौटकर गीतपुरी बलौदाबाजार जरूर आएगा। इसी इंतजार में पुलिस के जवान कई दिनों तक उसका इंतजार करते रहे। आखिरकार वह गीतपुरी आया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नए अध्यक्ष के लिए उमेश और सिंहदेव के नाम की चर्चा

रायपुर. कांग्रेस आलाकमान छत्तीसगढ़ में जल्द ही नए अध्यक्ष नियुक्त करने जा रही है, नए अध्यक्ष के लिए दो नामों की चर्चा हो रही है, जिसमें उमेश पटेल और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव का नाम है। कांग्रेस पार्टी के दिल्ली के अंदरूनी सूत्र ने पोस्ट में लिखा, कांग्रेस नेतृत्व कई राज्यों के अध्यक्ष बदलने की तैयारी में है। छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष दीपक बैज को भी बदला जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खेमे से उम्मीदवार उमेश पटेल हैं तो वही दूसरे खेमें की तरफ़ से टीएस बाबा चाहते हैं कि उन्हें राज्य की कमान मिले।हाल ही में उमेश पटेल दिल्ली भी आए थे। मीडिया ने जब इन दोनों नेताओं से छग कांग्रेस में नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर सवाल किया तो दोनों नेताओं ने कहा, पार्टी जो जिम्मेदारी देगी निर्वाहन करने तैयार है। उमेश पटेल को लेकर क्या कहते है छग कांग्रेस के कार्यकर्ता छग कांग्रेस के कार्यकर्ता का कहना है कि अब पार्टी के सदस्यों को युवा नेता की जरूरत है, सभी चाहते है कि साफ़ छवि के नेता प्रदेश का नेतृत्व संभाले और पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी को ख़त्म कर विपक्षी पार्टी बीजेपी के खिलाफ तगड़ी रणनीति बनाए। ताकि पार्टी आने वाले विस चुनाव में जीत हासिल कर बिना विवाद-गुटबाजी के सरकार बनाए। टीएस बाबा पर क्या राय? टीएस बाबा के बयान से पार्टी में हमेशा खलबली मची रहती है, हालाँकि टीएस बाबा भी अपनी तगड़ी रणनीति को लेकर जाने जाते है, रमन की जब 15 साल तक सरकार थी तब टीएस बाबा सक्रिय रहे, रमन के कार्यकाल के दौरान टीएस बाबा और भूपेश की जोड़ी खूब जमती रही, लेकिन जब साल 2018 में कांग्रेस पार्टी ने सरक़ार बनाई तब से गुटबाजी शुरू हो गई, जो आज तक जारी है। मीडिया के सामने सिंहदेव ढ़ाई-ढ़ाई साल वाले कमेंटमेंट को बयां करते रहते है।

हॉस्टल मेस में खराब खाना बांटने पर घासीदास यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स ने कुलपति निवास घेरा

बिलासपुर. न्यायधानी बिलासपुर में स्थित गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी आए दिन चर्चा में रहती है। पिछले कुछ समय से यूनिवर्सिटी में कुछ ऐसे मामले हुए हैं, जिसकी हर तरफ चर्चा होती रही है। वहीं वहीं एक बार फिर से गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में छात्रों ने हंगामा किया है। इतना ही नहीं हंगामा करने वाले छात्रों ने कुलपति के निवास को घेर दिया और जमकर नारेबाजी की। अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार, गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के आंबेडकर हॉस्टल के छात्रों ने देर रात कुलपति निवास का घेराव कर दिया और जमकर नारेबाजी की। छात्रों ने हॉस्टल मेस की बदहाल व्यवस्था को लेकर ये प्रदर्शन किया। छात्र खानें की ख़राब क्वालिटी से नाराज है। छात्र लगातार मांग कर रहे हैं कि, खाने की क्वालिटी ठीक की जाए, लेकिन उनकी मांगो पर ध्यान नहीं दिया जा रहा था। इन्ही सब से आक्रोशित छात्रों ने बीती रात कुपलपाती निवास का घेराव कर दिया। आपकी जानकरी के लिए बता दें कि, हाल ही में, तात्या भील बॉयज़ हॉस्टल के मेस में नाश्ता लेने गए बीटेक छात्र हर्ष अग्रवाल पर रसोइए द्वारा चाकू से हमले की कोशिश का मामला सामने आया था। रसोइए का हाथ में चाकू लेकर छात्र को दौड़ाते हुए सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। नाश्ते का समय समाप्त होने के बाद नाश्ता मांगने को लेकर छात्र और मेस कर्मियों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। आरोप है कि मेस में काम करने वाले दीपेंद्र और दीपक केवट ने छात्र के साथ मारपीट की और चाकू लेकर उसे दौड़ाने लगे।

पत्र लिखकर सुझाव देना सरकार के खिलाफ नाराजगी नहीं : MP बृजमोहन अग्रवाल

रायपुर. मौजूदा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बीते कुछ दिनों से सरकार से उनकी नाराजगी को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश की है। मंगलवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री ने रायपुर के विकास को लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल और रायपुर के चारों विधायकों के साथ गहन मंथन किया। बैठक के बाद सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सरकार को बार-बार पत्र लिखने और नाराजगी के सवाल पर मौन तोड़ते हुए कहा कि वे सरकार के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि ऐसे सुझाव देते हैं, जिन पर अमल कर सरकार और बेहतर काम कर सके। बृजमोहन अग्रवाल ने विपक्ष पर करारा कटाक्ष करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में विपक्ष बंटा हुआ और कमजोर है। विपक्ष जनहित के मुद्दे उठाने में असफल रहा है, इसलिए उन्हें ही अपनी सरकार को सही दिशा दिखाने के लिए पत्र लिखने पड़ रहे हैं। हालांकि, दूसरी ओर कांग्रेस नेता अब भी यह दोहरा रहे हैं कि बृजमोहन अग्रवाल समेत भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को अपनी ही सरकार पर भरोसा नहीं है। यह भी जगजाहिर है कि 2023 में सत्ता में आने के बाद से मौजूदा सरकार को लेकर सीनियर विधायक और पूर्व मंत्री जैसे राजेश मूणत, अजय चंद्राकर, अमर अग्रवाल और बृजमोहन अग्रवाल के नाराज होने की चर्चाएं सामने आती रही हैं। खुद बृजमोहन अग्रवाल बीते दो वर्षों में अलग-अलग मुद्दों पर अपनी ही सरकार को आठ बार पत्र लिख चुके है।

नक्सलवाद से वापसी: 29 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर हिंसा छोड़ने का लिया निर्णय

सुकमा  नक्सल प्रभावित क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए दरभा एवं केरलापाल एरिया कमेटी में सक्रिय रहे 29 नक्सलियों ने एसपी किरण चव्हाण, एएसपी रोहित शाह और सीआरपीएफ 74वीं बटालियन के कमांडेंट हिमांशु पांडे के समक्ष आत्मसमर्पण किया। गोगुंडा क्षेत्र में सुरक्षा कैंप की स्थापना के बाद नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगा है। लगातार बढ़ी सुरक्षा मौजूदगी, विकास कार्यों में तेजी और शासन की पुनर्वास नीति ने नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया है। आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली लंबे समय से दरभा और केरलापाल एरिया कमेटी के अंतर्गत सक्रिय थे और विभिन्न नक्सली गतिविधियों में शामिल रहे हैं। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने कहा कि सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति नक्सलियों को हिंसा छोड़कर सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान कर रही है। एएसपी रोहित शाह ने बताया कि क्षेत्र में शांति और विकास सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा बलों की कार्रवाई के साथ-साथ संवाद और विश्वास निर्माण पर भी जोर दिया जा रहा है।सीआरपीएफ 74वीं बटालियन के कमांडेंट हिमांशु पांडे ने कहा कि गोगुंडा में कैंप की स्थापना से क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है, जिससे आम नागरिकों में विश्वास बढ़ा है और नक्सलियों का प्रभाव कमजोर पड़ा है।

मकर संक्रांति पर राजिम त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाकर महादेव का किया जलाभिषेक

गरियाबंद. छत्तीसगढ़ में आज मकर संक्रांति उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है। गरियाबंद जिले के राजिम के त्रिवेणी संगम में सुबह भक्तों ने स्नान कर पूजा पाठ किया। कड़ाके की ठंड के बावजूद लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई। दीप दान कर भगवान कुलेश्वर नाथ और राजीव लोचन का जलाभिषेक किया। बुधवार (14 जनवरी) को मकर संक्राति पर प्रदेश भर के अलग-अलग जिलों में खास आयोजन होंगे। इस अवसर रायपुर के कई जगहों पर पतंगबाजी कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। वहीं मंदिरों में दीपोत्सव और विशेष भोग की व्यवस्था की गई है। भिलाई के जयंती स्टेडियम के पास स्थित हेलीपेड ग्राउंड में सबसे बड़ा पतंग महोत्सव आयोजित किया गया है। पुलिस प्रशासन द्वारा आयोजित पतंगबाजी उत्सव आज खास आकर्षण रहेगा। जिसमें शहर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। पुलिस इस दौरान लोगों को यातायात नियमों का पालन करने और जागरूकता फैलाने की भी सलाह देगी।

गुटखा किंग पर छत्तीसगढ़ जीएसटी ने लगाया तीन सौ करोड़ का जुर्माना

दुर्ग. छत्तीसगढ़ जीएसटी ने दुर्ग के गुटखा किंग गुरमुख जुमनानी पर 317 करोड़ की पेनल्टी लगाई है. जुमनानी बीते 5 वर्षों से सितार नाम का गुटखा बनाकर पूरे राज्य में बेच रहे थे. तंबाखू युक्त गुटखा सितार पूरी तरह से प्रतिबंधित है. इस वजह से विभाग गुरमुख जुमनानी ने पांच वर्षों की गणना करके टैक्स और पैनल्टी की राशि तय की है. जीएसटी विभाग के अधिकारी ने बताया गुटखे का पूरा धंधा प्लानिंग के तहत था. गोदाम के लिए गुरमुख के पिता लोगों से रेंट एग्रीमेंट करते थे. इसी स्थान पर गुटखे की पैकिंग होती थी. इसके बाद बोरे में भरकर गुटखा दुकानों तक सप्लाई किया जाता था. जांच में टीम ने कई पुराने एग्रीमेंट से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए हैं. गुरमुख के सितार गुटखे की कीमत बाजार में 2 रुपए थी. गुटखे का फॉर्मूला बनाने वाले दीपक पांडे ने बताया कि 1 मिनट में 250 गुटखे के पैकेट मशीन से तैयार किए जाते थे. एक दिन में 50 बोरा गुटखा मार्केट में खपाया जाता था. महीने में सिर्फ 18 दिन ही मजदूर काम करते थे. जानकारी के मुताबिक, गुरमुख के जोरातराई और गनियारी स्थित फैक्ट्री पर जुलाई 2025 में जीएसटी विभाग ने छापा मारा था. तब पता चला कि दोनों फैक्ट्री में सिर्फ पैकिंग होती है. गुटखे का रॉ मटेरियल उसके बेटे सागर की राजनांदगांव स्थित कोमल फूड नाम की फैक्ट्री में तैयार किया जाता है. बाद में टीम ने उस फैक्ट्री में छानबीन की. जो मजदूर गनियारी और जोरातराई में काम करते मिले थे, वही कोमल फूड में मिले.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का ऐलान: रायपुर को मेट्रो सिटी के रूप में किया जाएगा विकसित

रायपुर : रायपुर को मेट्रो सिटी के रूप में विकसित करेगी सरकार: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बढ़ते शहरीकरण के अनुरूप विकास कार्यों और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े अधोसंरचनाओं को समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश रायपुर शहर विकास के रोडमैप पर हुई व्यापक चर्चा: रेल्वे,नगर निगम एवं लोक निर्माण विभाग बेहतर समन्वय कर विकास कार्य की गति में लाए तेजी रायपुर शहर एवं आसपास स्थित क्षेत्रो के समग्र विकास को लेकर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कनेक्टिविटी,शिक्षा,स्वास्थ्य,रोजगार, सड़क, पेयजल, बिजली और संचार जैसी मूलभूत सुविधाओं पर विशेष फोकस रायपुर रायपुर शहर के विकास में धन की कोई कमी आड़े नहीं आएगी। राज्य सरकार जनादेश और जनभावना के अनुरूप रायपुर को मेट्रो सिटी की तर्ज पर विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहाँ सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं की आधुनिक और सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव  साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में रायपुर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों के समग्र विकास को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नगरीय निकायों को अधोसंरचना विकास के लिए पूर्व की तुलना में ढाई गुना अधिक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे राजधानी क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध विकास कार्य संभव हो सके। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण रायपुर में यातायात, आवास, जल आपूर्ति और सार्वजनिक सेवाओं पर दबाव बढ़ रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों स्तरों पर ठोस और व्यावहारिक योजना बनाकर कार्य करने की आवश्यकता है, ताकि शहर की जरूरतों को आने वाले दशकों तक पूरा किया जा सके। मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि रायपुर का समग्र विकास तभी संभव है जब नगर निगम, रेलवे और लोक निर्माण विभाग आपसी समन्वय के साथ योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा बताए गए जमीनी मुद्दों और आवश्यकताओं को प्राथमिकता के साथ कार्ययोजनाओं में शामिल किया जाए। बैठक में शहर के ड्रेनेज सिस्टम की स्थिति, प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिक्रमण, निगम द्वारा निर्मित व्यवसायिक परिसरों में खाली दुकानों के पुनः विक्रय, स्वास्थ्य अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण तथा मेकाहारा मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं के उन्नयन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने, पेयजल आपूर्ति, जल शोधन संयंत्रों, सीवरेज नेटवर्क, खेल मैदानों के संरक्षण तथा झुग्गी-झोपड़ी पुनर्विकास योजनाओं की प्रगति की भी गहन समीक्षा की गई, ताकि शहरी जीवन की गुणवत्ता में वास्तविक सुधार लाया जा सके। मुख्यमंत्री साय ने भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अंडरग्राउंड विद्युत लाइनें, नए सड़क मार्ग, फ्लाईओवर, सार्वजनिक भवनों तथा स्टेडियमों के निर्माण जैसे प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स के सम्बन्ध में भी निर्देश दिए।  मुख्यमंत्री साय ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र मुख्य सचिव कार्यालय को भेजे जाएँ और बुनियादी अधोसंरचना से जुड़े कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए, ताकि रायपुर को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और नागरिक-अनुकूल राजधानी के रूप में विकसित किया जा सके। बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, वित्त ओ.पी. चौधरी एवं कौशल उन्नयन मंत्री खुशवंत साहेब, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी सहित पुरंदर मिश्रा, राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, इंद्र कुमार साहू, रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह तथा वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को मिले दो सम्मान

रायपुर : वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार में दो सम्मान रायपुर छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को वर्ष 2025–26 के मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार में दो प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए हैं। विभाग को यह सम्मान अपनी दो महत्वपूर्ण और नवाचार आधारित पहल FDS 2.0 (ई-कुबेर डिजिटल पेमेंट सिस्टम) तथा वन्यजीव (हाथी) ट्रैकिंग एवं अलर्ट प्रणाली के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए दिया गया है। FDS 2.0 (eKuber डिजिटल पेमेंट सिस्टम) भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता और तेजी FDS 2.0 एक आधुनिक डिजिटल भुगतान प्रणाली है, जिसके माध्यम से वन विभाग की सभी वित्तीय गतिविधियाँ ई-कुबेर प्लेटफ़ॉर्म से सीधे जुड़ी हैं। इस व्यवस्था से भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल हो गई है, पारदर्शिता बढ़ी है। मानवीय त्रुटियों की संभावना कम हुई है तथा कार्यों, योजनाओं और कर्मचारियों के भुगतान में गति आई है। इस नवाचार से विभाग के प्रशासनिक कार्यों में दक्षता बढ़ी है और आम नागरिकों से जुड़े भुगतान संबंधी कार्य भी सरल और समयबद्ध हुए हैं। वन्यजीव (हाथी) ट्रैकिंग एवं अलर्ट प्रणाली मानव–हाथी संघर्ष में राहत वन विभाग द्वारा विकसित यह प्रणाली आधुनिक तकनीक पर आधारित है, जिसके माध्यम से हाथियों की गतिविधियों की वास्तविक समय में निगरानी की जाती है। इस पहल के माध्यम से वन क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को समय पर अलर्ट भेजा जाता है, ग्रामीणों को संभावित खतरे से पहले ही सूचना मिल जाती है,मानव– हाथी संघर्ष कम हुआ है, वन्यजीव संरक्षण और ग्रामीण सुरक्षा दोनों को मजबूत सहारा मिला है। यह प्रणाली विभाग के वन्यजीव प्रबंधन को अधिक वैज्ञानिक, सुरक्षित और जनहितकारी बनाती है। नेतृत्व और टीमवर्क का परिणाम इन दोनों उपलब्धियों के पीछे विभागीय नेतृत्व की महत्त्वपूर्ण भूमिका रही। वन मंत्री केदार कश्यप ने इस उपलब्धि के लिए सभी विभागीय अधिकारियों को बधाई दी है। गौरतलब है कि एसीएस श्रीमती ऋचा शर्मा,पीसीसीएफ एवं होएफएफ श्रीनिवास राव, पीसीसीएफ (वाइल्डलाइफ़) अरुण पांडे, तथा अधिकारीगण श्रीमती शालिनी, श्रीमती सतोविषा और वरुण का मार्गदर्शन, नवाचार को प्रोत्साहन और कार्य निष्पादन पर विशेष ध्यान प्रशंसनीय रहा। विभाग की पूरी टीम ने मिलकर इन पहलों को सफलतापूर्वक लागू किया, जिसके परिणामस्वरूप विभाग को दो महत्वपूर्ण सम्मान प्राप्त हुए हैं। सुशासन और नवाचार को नई दिशा मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार के ये सम्मान दर्शाते हैं कि वन विभाग पारदर्शी शासन, तकनीक-आधारित समाधान, नागरिक–केंद्रित सेवा तथा प्रभावी वन्यजीव प्रबंधन की दिशा में निरंतर प्रगति कर रहा है। यह उपलब्धि विभाग की उस प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती है, जिसके माध्यम से वह राज्य में सुशासन, नवाचार और सार्वजनिक हित को प्राथमिकता देता है।

रायपुर में आईपीएल आयोजन की पहल: मुख्यमंत्री साय को आरसीबी का विशेष आमंत्रण

रायपुर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की ओर से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को टीम का आधिकारिक जर्सी भेंट कर रायपुर में प्रस्तावित आईपीएल मैच के आयोजन के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया। इस अवसर पर आरसीबी के वाइस प्रेसिडेंट राजेश मेनन तथा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के संयुक्त सचिव प्रभतेज सिंह भाटिया उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों से युवाओं में खेल के प्रति उत्साह बढ़ेगा, खेल अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी और राज्य को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल और युवा प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के लिए हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह प्रस्ताव रायपुर को एक उभरते हुए स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।