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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय झारखंड के मांझाटोली में अंतरराज्यीय जन सांस्कृतिक समागम -कार्तिक जतरा में हुए शामिल

रायपुर  भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने  गुमला (झारखंड) में आयोजित अंतर्राज्यीय जन-सांस्कृतिक समागम ‘कार्तिक जतरा’ कार्यक्रम में जशपुर जिले की स्व-सहायता समूहों से जुड़ी जनजातीय महिलाओं के कार्यों, कौशल और आत्मनिर्भरता की प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से ‘जशक्राफ्ट’ से जुड़ी बहनों के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके द्वारा तैयार किए जा रहे आभूषण एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद महिला सशक्तिकरण के सशक्त उदाहरण हैं। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने जशपुर वनमंडल अंतर्गत वन प्रबंधन समिति शब्दमुंडा, ग्राम कोटानपानी के स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को जनजातीय सृजनशीलता, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक संरक्षण का प्रेरक प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयास न केवल आजीविका के साधन बढ़ाते हैं, बल्कि परंपरागत कला और हस्तशिल्प को नई पहचान भी दिलाते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  कहा कि जशपुर की जनजातीय मातृशक्ति, विशेषकर ‘जशक्राफ्ट’ से जुड़ी बहनों के कौशल और स्वावलंबन की प्रशंसा पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम कोटानपानी की स्व-सहायता समूह की बहनों द्वारा तैयार आभूषण एवं पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और महिलाओं की मेहनत व सृजनात्मकता के जीवंत प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति का यह स्नेहपूर्ण आशीर्वाद और प्रोत्साहन जनजातीय मातृशक्ति के आत्मविश्वास, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प तथा “वोकल फॉर लोकल” की भावना को और अधिक सशक्त करेगा। उन्होंने जशपुर की समस्त जनजातीय बहनों की ओर से राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान जनजातीय हस्तशिल्प, पारंपरिक लोककला तथा स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि दल ने जशपुर जिले की विशिष्ट शिल्प परंपरा और स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन कर जनजातीय सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को जनजातीय समुदायों की परंपराओं से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। अपनी जनजातीय विरासत और पहचान को सुरक्षित रखते हुए हमारे युवाओं को आधुनिक विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनजातीय समुदाय के सभी सदस्य अपनी धरोहर को संजोए रखते हुए प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह अत्यंत सौभाग्य की बात है कि  मांझाटोली (झारखंड) में अंतरराज्यीय जन सांस्कृतिक समागम – कार्तिक यात्रा  का आयोजन हुआ है। यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक विरासत का सम्मान है, बल्कि जनजातीय समाज को जोड़ने वाला सेतु भी है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए गर्व और आस्था दोनों का विषय है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संपूर्ण देश भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाता है।भगवान बिरसा मुंडा केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि जंगल, जल और जमीन की रक्षा के प्रतीक हैं। उनकी प्रेरणा ने आदिवासी समाज में आत्मगौरव की भावना को सशक्त किया है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंकजराज साहेब कार्तिक उरांव जैसे जननायकों ने भी शिक्षा, सामाजिक एकता और जनजातीय पहचान के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि एक समय था जब बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद ने विकास के रास्ते रोक रखे थे। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं वहां तक नहीं पहुंच पाती थीं लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट नीति के कारण अब स्थितियाँ बदल रही हैं। बस्तर में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं, सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हुई है और शासन व्यवस्था गांव-गांव तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। 400 से अधिक गांव नक्सली प्रभाव से मुक्त हो चुके हैं और लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगी है। आज उन इलाकों में सड़क, बिजली, पानी, राशन, चिकित्सा सुविधाएं और शिक्षा के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। बस्तर के लोग लंबे समय से शांति और विकास चाहते थे, और अब उनका यह सपना धरातल पर उतरता दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में भी राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह भी हर्ष का विषय है कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में ही झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों का गठन संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि आज इन राज्यों की जनता अपने अलग पहचान और तेज़ी से प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि तीनों राज्यों का यह सांस्कृतिक संगम आगे भी शांति, प्रगति और समृद्धि का संदेश देता रहेगा तथा नक्सलवाद पर निर्णायक विजय का अध्याय आने वाले समय में पूरा होगा।

महासमुंद : ग्राम खैरा, कोसरंगी एवं लभराखुर्द में ई-हियरिंग की सुविधा के संबंध में जागरूकता शिविर सम्पन्न

महासमुंद : ग्राम खैरा, कोसरंगी एवं लभराखुर्द में ई-हियरिंग की सुविधा के संबंध में जागरूकता शिविर सम्पन्न महासमुंद राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में जिला उपभोक्ता आयोग द्वारा आम उपभोक्ताओं को जागरूकता शिविर के माध्यम से ई-हियरिंग की सुविधा के संबंध में शिक्षित करने हेतु 12 दिसम्बर को ग्राम खैरा, कोसरंगी एवं लभराखुर्द में शिविर आयोजित किया गया। शिविर में जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष श्री गोपाल रंजन पाणिग्रही द्वारा उपस्थित महिला एवं पुरुषों के समक्ष ई-जागृति पोर्टल के संबंध में ई-फाईलिंग व ई-हियरिंग के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही उपभोक्ता के अधिकार व कर्तव्य के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान खैरा सरपंच श्री प्रांशु चंद्राकर, कोसरंगी सरपंच श्री सुरेश कुमार साहू एवं लभराखुर्द सरपंच श्री मयंक ध्रुव द्वारा संबंधित ग्राम के उपभोक्ताओं को वर्तमान संदर्भ में अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने के लिए सुझाव दिया गया। जिला उपभोक्ता आयोग सदस्य श्री गिरीश श्रीवास्तव के द्वारा उपभोक्ता कौन है व उपभोक्ता द्वारा किस प्रकार शिकायत किया जा सकता है व उपभोक्ताओं के अधिकार के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही आयोग के डी.एम.ए. श्री युवराज साहू द्वारा ई फाइलिंग के सबंध में तकनीकी सुझाव की जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि किस प्रकार घर बैठे अपने उपभोक्ता के शिकायत को न्यायालय तक पहुंचाया जा सकता है। ग्राम खैरा कार्यक्रम में ग्रामीण जन, पंचायत सचिव श्री मोती लाला मेहरा एवं ग्राम पंचायत कोसरंगी तथा लभराखुर्द में ग्राम पंचायत के सदस्यगण, ग्रामीण जन व कर्मचारी श्री सतीश मेनन देव प्रसाद ठाकुर उपस्थित थे।    

रायपुर: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने प्रदेश की स्वास्थ्य स्थिति की उच्च स्तरीय समीक्षा की

रायपुर : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने की प्रदेश की स्वास्थ्य स्थिति की उच्च स्तरीय समीक्षा स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आठ मेडिकल कॉलेजों के लिए केंद्र के समक्ष रखी पृथक अस्पताल स्थापित करने की माँग तेज़ सुधारों की राह पर छत्तीसगढ़ का स्वास्थ्य क्षेत्र, ‘मिशन मोड’ में TB मुक्त भारत करने निर्देश रायपुर स्वास्थ्य सेवाओं में तेज़ और प्रभावी सुधार की दिशा में केंद्र सरकार ने निर्णायक कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने बैठक में राज्यों को स्वास्थ्य क्षेत्र में मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि “टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य समयबद्ध रूप से प्राप्त किया जाएगा तथा जनभागीदारी आधारित मॉडल से स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर पर सुदृढ़ किया जाएगा।” बैठक के दौरान प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, सचिव स्वास्थ्य अमित कटारिया, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन रणबीर शर्मा व अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान नड्डा ने दवा विनियमन को कड़ा करने, निदान सुविधाओं का विस्तार करने, टेलीमेडिसिन व रोगी-केंद्रित देखभाल को बढ़ावा देने तथा जनभागीदारी को व्यापक रूप से सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देशभर में स्वास्थ्य परामर्श अभियान की शुरुआत की गई है, जिसके माध्यम से औषधि प्रबंधन, निदान सेवाओं और जनस्वास्थ्य पहलों को नई दिशा मिलेगी और इनका प्रभाव सीधे नागरिकों तक पहुँचेगा। केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि राज्यों के सभी रक्तकोष निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें तथा उनकी नियमित निगरानी व निरीक्षण को कठोर बनाया जाए। नि:शुल्क औषधि एवं निदान योजना के अंतर्गत अधिकतम जनसंख्या को लाभान्वित करने, खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम को प्राथमिकता देने और खाद्य एवं औषधि परीक्षण क्षमता को बढ़ाने के लिए राज्यों को ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। बैठक में क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम को तेज़ी से आगे बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए अधिक से अधिक निक्षय मित्र बनाने और उनके माध्यम से क्षय रोगियों के लिए पोषण एवं खाद्य सहायता उपलब्ध कराने पर बल दिया गया। नड्डा ने कहा कि जोखिमग्रस्त आबादी में एक्स-रे आधारित जाँच को तीव्र गति से पूर्ण कर समयबद्ध निदान सुनिश्चित किया जाएगा, वहीं सभी जिलों में डे-केयर कीमोथेरेपी सेवाएँ संचालित कर कैंसर उपचार को सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि मातृ मृत्यु दर (MMR), शिशु मृत्यु दर (IMR) एवं नवजात मृत्यु दर (NMR) में कमी लाने हेतु निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाए, जबकि गैर-संचारी रोगों की 100 प्रतिशत स्क्रीनिंग लक्ष्य आधारित तरीके से पूरी की जाए। इसी क्रम में कुष्ठ नियंत्रण के लिए प्रत्येक तिमाही सक्रिय रोगी खोज अभियान,  MMR और IMR पर उन्मुखीकरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा की कि TB कार्यक्रम को मज़बूत करने के लिए 146 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें राज्यों को उपलब्ध कराई जाएँगी। बैठक में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री द्वारा आठ मेडिकल कॉलेजों के लिए पृथक अस्पताल स्थापित करने की माँग भी केंद्र के समक्ष रखी गई । नड्डा ने छत्तीसगढ़ की प्रगति की सराहना करते हुए मानव संसाधन में अतिरिक्त सहयोग हेतु केंद्र के सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि सिंगल नोडल एजेंसी (SNA) प्रणाली ट्रस्ट मॉडल पर संचालित होती रहेगी, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों से खाद्य एवं औषधि नमूनों की जाँच बढ़ाई जाएगी और खाद्य सुरक्षा क्षमता विस्तार हेतु राज्य आवश्यक स्थान उपलब्ध कराएँगे, जिसके लिए केंद्र वित्तीय मदद प्रदान करेगा। विस्तृत चर्चा के पश्चात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि “केंद्र और राज्य की साझेदारी ही स्वास्थ्य सुधारों की आधारशिला है। हमारा लक्ष्य केवल सेवाओं का विस्तार नहीं, बल्कि परिणामों पर केंद्रित बदलाव है, ताकि अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचे।”

कांग्रेस में गुटबाजी का नया मामला, पूर्व CM के स्वागत से दूर रहे पूर्व डिप्टी CM और उनके समर्थक

अम्बिकापुर  पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सरगुजा प्रवास के दौरान एक बार फिर साफ गुटबाजी देखने को मिली है। इस नजारे के बाद एक फिर भूपेश बघेल और पूर्व डिप्टी सीएम TS सिंहदेव के बीच दूरियां सामने आ गई हैं।  दरअसल  छत्तीसगढ़ में सत्ता से बेदखल होने के बाद पहली बार जह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरगुजा संभाग के दौरे पर पहुंचे तो इन दोनों कांग्रेस नेताओं की गुटबाजी सामने आ गई। गुटबाजी को फिर मिली हवा बघेल सड़क मार्ग से उदयपुर और लखनपुर होते हुए अंबिकापुर पहुंचे, लेकिन उनके स्वागत में  पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और उनसे जुड़े कांग्रेस समर्थकों ने दूरी बनाए रखी औऱ कोई स्वागत में नहीं पहुंचा। जिसके बाद अटकलों और गुटबाजी को फिर हवा मिल गई और बातें की जाने लगी। पूर्व सीएम भूपेश बघेल के स्वागत में केवल  पूर्व मंत्री अमरजीत भगत और उनके समर्थक ही देखे गए।  वहीं मीडिया में कुछ भी कहने से भी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बचते देखा गया । बघेल का सरगुजा दौरा, कांग्रेस की गुटबाजी दरअसल उदयपुर और लखनपुर में  ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों पर पूर्व डिप्टी सीएम सिंहदेव समर्थकों का दबदबा माना जाता है। वैसे भी भूपेश बघेल और टीएस सिंह देव की अंदरुनी खींचतान को हर कोई जानता है। इसी के चलते पूर्व सीएम भूपेश बघेल के स्वागत के लिए सिंहदेव से जुड़ा कोई भी कांग्रेस नेता या कार्यकर्ता नजर नहीं आया। यही स्थिति अंबिकापुर में भी देखने को मिली।  स्वागत में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत से जुड़े कांग्रेस के लोग ही इस दौरान  सक्रिय दिखे। वैसे आपको बता दें कि  पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव इन दिनों सरगुजा में मौजूद नहीं हैं। जय और वीरू की जोड़ी में अनबन फिर बनी सुर्खियां आपको बता दें कि पूर्व सीए भूपेश बघेल सूरजपुर में कांग्रेस के जिला सम्मेलन में शिरकत करने आए हैं। इसमें जिले भर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया गया है, देखना होगा इस सम्मेलन में टीएस सिंह देव के समर्थकों का क्या रुख रहता है। लिहाजा इस स्वागत में भी एक बार फिर जय और वीरू की जोड़ी में अनबन सामने आ रही है।

गणेश कश्यप की प्रेरक यात्रा, विशेष स्कूल से सामान्य स्कूल तक; संवेदनशील शासन की पहल से संवरता भविष्य

रायपुर : संवेदनशील शासन की पहल से संवरता भविष्य विशेष स्कूल से सामान्य स्कूल तक गणेश कश्यप की प्रेरक यात्रा रायपुर जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम झुलन (पकरिया) निवासी 12 वर्षीय गणेश कश्यप का बचपन कठिन परिस्थितियों में बीता। बहु दिव्यांगता, अल्प मानसिक मंदता एवं सेरेब्रल पाल्सी (हेमीप्लेजिया) से ग्रसित गणेश के परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर थी। रोजी-रोटी के लिए माता-पिता को दूसरे प्रदेश में मजदूरी करने जाते थे, जिससे गणेश का नियमित रूप से स्कूल जाना संभव नहीं हो पा रहा था। नामांकन सामान्य स्कूल में था, पर प्रवासी जीवन ने उसकी शिक्षा को लगभग रोक दिया था। शासन की संवेदनशील सोच ने ऐसे समय में गणेश के जीवन को नई दिशा दी। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जांजगीर स्थित शासकीय बहु दिव्यांग गृह सह छात्रावास दिव्यांग बच्चों के लिए संबल बनकर सामने आया। यहां 50 बहु दिव्यांग बालकों को आवास, भोजन, विशेष शिक्षण एवं प्रशिक्षण की सुविधाएं पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।  विशेष स्कूल से सामान्य स्कूल तक गणेश कश्यप की प्रेरक यात्रा विशेष प्रशिक्षण से आत्मनिर्भरता की ओर कदम गणेश का इस छात्रावास में प्रवेश हुआ। छात्रावास में प्रवेश के बाद गणेश को विशेष शिक्षकों के मार्गदर्शन में शिक्षण के साथ-साथ सामाजिक व्यवहार, आत्मनिर्भरता और स्वयं के कार्य करने का प्रशिक्षण दिया गया। असामान्य व्यवहार में सुधार और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए गए। धीरे-धीरे गणेश में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट दिखाई देने लगे और उसकी सीखने की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ। मुख्यधारा में समावेशन की सफल मिसाल समाज कल्याण विभाग के उद्देश्य अनुसार दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना को साकार करते हुए गणेश को कक्षा 5वीं की परीक्षा सामान्य स्कूल से दिलाई गई। सत्र 2024-25 में गणेश ने सामान्य विद्यालय से कक्षा 5वीं की परीक्षा सफलता पूर्वक उत्तीर्ण की। यह उपलब्धि उसके लिए ही नहीं, बल्कि पूरे संस्थान के लिए गर्व का क्षण रही। आज गणेश शासकीय माध्यमिक शाला, पेण्ड्री में कक्षा 6वीं का नियमित छात्र है। वह पूरे आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई कर रहा है और परीक्षा देना उसे अच्छा लगता है। शिक्षक भी उसकी प्रगति से संतुष्ट हैं और उसके उज्ज्वल भविष्य को लेकर आशावान हैं। अपने बच्चे को सामान्य स्कूल में पढ़ते और आगे बढ़ते देखकर गणेश के माता-पिता अत्यंत प्रसन्न हैं। वे भावुक होकर समाज कल्याण विभाग और शासकीय बहु दिव्यांग गृह सह छात्रावास के प्रति आभार व्यक्त करते हैं, जिनके सहयोग से उनके बच्चे को नई पहचान और नया भविष्य मिला।

महासमुंद : सीईओ नंदनवार ने ली साप्ताहिक समय सीमा की बैठक

महासमुंद : सीईओ नंदनवार ने ली साप्ताहिक समय सीमा की बैठक लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के दिए निर्देश महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार ने आज समय-सीमा की बैठक लेकर संचालित कार्यक्रमों एवं शासकीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम, धान खरीदी की प्रगति, अवैध परिवहन नियंत्रण, ई-केवाईसी एवं आवास योजनाओं सहित अन्य विषयों पर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी, विभागीय जिलाधिकारी, जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ तथा वीसी के माध्यम से ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार ने प्रशासन गांव की ओर अभियान की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को शिविर में प्राप्त आवेदनों का समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत कार्य अनिवार्य रूप से जल्द से जल्द पूर्ण किए जाएं। जनपद सीईओ, आरईएस एवं पीडब्ल्यूडी विभाग को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। धान खरीदी व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सीईओ नंदनवार ने निर्देश दिए कि जिला नोडल अधिकारी प्रत्येक सप्ताह भौतिक सत्यापन अनिवार्य रूप से करें, विशेषकर शनिवार एवं रविवार को। जिन राइस मिलों का डीओ कट चुका है, वहां से उठाव सुनिश्चित किया जाए। धान उठाव को लेकर  निर्देश दिए कि मिलरों एवं परिवहन एजेंसियों के समन्वय से निर्धारित लक्ष्य के अनुसार नियमित एवं सुचारू उठाव सुनिश्चित किया जाए। उठाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही राइस मिल्स का भी पीवी ऐप के माध्यम से सत्यापन करने के निर्देश दिए गए। धान खरीदी में छोटे एवं सीमांत किसानों को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने राशन कार्ड ई-केवाईसी पर समीक्षा करते हुए कहा कि जिले में अब भी लंबित राशन कार्डों का ई-केवाईसी मिशन मोड में जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि राशन वितरण के दौरान लाभार्थियों को बुलाकर वहीं बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाए और मृत व अनुपलब्ध सदस्यों का विलोपन किया जाए। सीईओ ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत आवास स्वीकृति, निर्माण प्रगति, लंबित प्रकरण, प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय किश्त के भुगतान तथा जियो-टैगिंग की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। साथ ही उन्होंने अपार आईडी शिविर लगाने, शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा पीएम जनमन, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जन चौपाल, समय-सीमा पत्रक और राजस्व प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

रायपुर: छाती के दुर्लभ कैंसर का सफल ऑपरेशन, अम्बेडकर अस्पताल में बची 29 वर्षीय मरीज की जान

रायपुर : छाती के दुर्लभ कैंसर का सफल ऑपरेशन, अम्बेडकर अस्पताल रायपुर में बची मरीज की जान 29 वर्षीय युवक के मेडियास्टाइनल जर्म सेल ट्यूमर का सफल उपचार रायपुर पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के कैंसर सर्जरी विभाग ने चिकित्सा क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। कैंसर सर्जरी विभाग की टीम ने छाती के एक दुर्लभ एवं जटिल कैंसर; मेडियास्टाइनल जर्म सेल ट्यूमर का सफल ऑपरेशन कर एक बार फ़िर एक 29 वर्षीय पुरुष मरीज की जान बचाई। मरीज छाती में गांठ, सांस लेने में तकलीफ और लगातार दर्द की शिकायत के साथ अस्पताल पहुंचा था।   कैंसर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष गुप्ता ने केस की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि- पूर्व में मरीज का उपचार एम्स रायपुर के कैंसर विभाग में चल रहा था, जहां बायोप्सी जांच में मेडियास्टाइनल जर्म सेल ट्यूमर की पुष्टि हुई। प्रारंभिक जांच में छाती के बीच स्थित गांठ का आकार लगभग 13x18x16 सेंटीमीटर पाया गया, जो हृदय के समीप बड़ी रक्त नलियों से चिपकी हुई थी। उच्च जोखिम को देखते हुए एम्स रायपुर के चिकित्सकों ने पहले कीमोथेरेपी देने का निर्णय लिया। जनवरी 2025 से जून 2025 तक मरीज को छह चक्र (cycle) कीमोथेरेपी दी गई, जिससे गांठ का आकार घटकर 4x3x4 सेंटीमीटर रह गया। इसके बाद मरीज को एम्स रायपुर से रेफर कर डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के कैंसर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष गुप्ता के पास भेजा गया। डॉ. गुप्ता ने सभी जांच रिपोर्टों का गहन परीक्षण करने के बाद सर्जरी का निर्णय लिया। गांठ की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए हृदय सर्जरी विभागाध्यक्ष से परामर्श लिया गया तथा निश्चेतना विभाग से सर्जरी की फिटनेस प्राप्त की गई। लगभग 3 से 4 घंटे तक चली इस जटिल सर्जरी में गांठ को बाएं फेफड़े के एक हिस्से सहित अत्यंत निपुणता से निकाला गया।  सर्जरी पूरी तरह सफल रही और मरीज को कुछ दिनों के उपचार के बाद स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। उपचार के बाद मरीज समय- समय पर फॉलोअप के लिए चिकित्सालय आ रहा है।  इस जटिल ऑपरेशन में डॉ. आशुतोष गुप्ता, डॉ. के. के. साहू, डॉ. किशन सोनी, डॉ. गुंजन अग्रवाल, डॉ. सुश्रुत अग्रवाल, डॉ. समृद्ध, डॉ. लावण्या, डॉ. सोनम एवं डॉ. अनिल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।  मेडियास्टाइनल जर्म सेल ट्यूमर छाती के मध्य भाग में जर्म कोशिकाओं से उत्पन्न होने वाला दुर्लभ कैंसर है, जो सामान्यतः 20 से 40 वर्ष आयु वर्ग के पुरुषों में पाया जाता है। इसके प्रमुख लक्षणों में खांसी, सांस लेने में तकलीफ और छाती में दर्द शामिल हैं। इस कैंसर का उपचार कीमोथेरेपी एवं सर्जरी के माध्यम से किया जाता है, जिसमें सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट और रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट मिलकर कार्य करते हैं।  यदि इस कैंसर का समय रहते पता चल जाए और उचित उपचार किया जाए तो पांच वर्षीय सर्वाइवल रेट 90 प्रतिशत से अधिक होता है।

जगदलपुर: जिले की ग्राम पंचायतों में होगी चौपाल, कलेक्टर ने जारी किया निरीक्षण कैलेंडर

जगदलपुर : जिले के ग्राम पंचायतों में होगी चौपाल, कलेक्टर ने जारी किया जिले भर का निरीक्षण कैलेंडर जगदलपुर: जिले की ग्राम पंचायतों में होगी चौपाल, कलेक्टर ने जारी किया निरीक्षण कैलेंडर जगदलपुर जिले में ग्राम पंचायतों में चौपाल, कलेक्टर ने जारी किया निरीक्षण कैलेंडर 9 जनवरी को लोहण्डीगुड़ा से होगी शुरुआत जगदलपुर जिले में सुशासन को गांव-गांव तक पहुंचाने और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है। कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह के निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर श्री हरिस एस ने जिले के सभी जनपद पंचायतों के अन्तर्गत निरीक्षण की तिथियां निर्धारित करते हुए एक विस्तृत आदेश जारी किया है, जिसके तहत प्रशासन अब दफ्तरों से निकलकर सीधे ग्रामीणों के बीच चैपाल लगाएगा। इस अभियान की शुरुआत लोहण्डीगुड़ा जनपद पंचायत से होने जा रही है, जहां आगामी 9 जनवरी 2026 को प्रशासन का पहला पड़ाव होगा, जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से पूरे जिले को कवर किया जाएगा।         कलेक्टर द्वारा जारी किए गए कैलेंडर के अनुसार, लोहण्डीगुड़ा के बाद 30 जनवरी को दरभा, 20 फरवरी को बकावण्ड, 6 मार्च को बास्तानार, 25 मार्च को जगदलपुर, 10 अप्रैल को बस्तर और अंत में 30 अप्रैल 2026 को तोकापाल जनपद पंचायत में निरीक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस पूरी कवायद का उद्देश्य ग्राम स्तर पर चैपाल का आयोजन कर ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित करना है, साथ ही मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता और विकास कार्यों को सुनिश्चित करना है। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक अधिकारी सुबह 10 बजे गांवों में पहुंचकर स्कूल, आंगनबाड़ी, अस्पताल, राशन दुकान और निर्माण कार्यों का निरीक्षण करेंगे और फिर दोपहर 2 बजे पंचायत भवन में आयोजित चैपाल में ग्रामीणों की समस्याएं सुनेंगे।          इस अभियान की गंभीरता को देखते हुए सभी जिला और जनपद अधिकारियों को आदेश का सूक्ष्मता से अवलोकन करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को जांच के दौरान किन बिंदुओं पर फोकस करना है, इसके लिए एक विस्तृत निरीक्षण प्रपत्र पृथक से साझा किया जाएगा। अभियान के दौरान अधिकारी मध्यान्ह भोजन, पूरक पोषण आहार, जल जीवन मिशन, मनरेगा और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देंगे। दिन भर चले निरीक्षण और जनसंवाद के बाद उसी दिन शाम 4:30 बजे जनपद मुख्यालय में नोडल अधिकारी समीक्षा बैठक करेंगे, जिसमें पाई गई समस्याओं और ग्रामीणों से मिले फीडबैक पर चर्चा कर त्वरित निराकरण की रणनीति बनाई जाएगी। क्रमांक/1504/ अर्जुन

जंगल में दहशत: नीम की पत्तियां लेने गए ग्रामीण पर तेंदुए का हमला

डोंगरगढ़ डोंगरगढ़ थाना के मोहारा पुलिस चौकी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लोझरी में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जंगल से नीम की पत्तियां लेने गए एक ग्रामीण पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया. हमले में ग्रामीण केज़उ राम कंवर गंभीर रूप से घायल हो गया. तेंदुए के पंजों से सिर पर गहरी चोट आने के बाद परिजन और ग्रामीण उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगढ़ लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए उसे राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है. सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने का आरोप यह कोई पहली घटना नहीं है. डोंगरगढ़ वन परिक्षेत्र में बीते कुछ समय से तेंदुए की गतिविधियां लगातार सामने आती रही हैं. कुछ माह पूर्व इसी क्षेत्र में एक तेंदुए का शव भी संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था, इसके बाद भी जंगल से सटे गांवों में तेंदुए की मूवमेंट थमी नहीं, बल्कि धीरे-धीरे खतरा और बढ़ता चला गया. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि लोझरी, मोहारा, और आसपास के जंगलों में शाम ढलते ही तेंदुए की मौजूदगी महसूस की जाती है. मवेशियों के शिकार की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, लेकिन अब इंसानों पर हमला होना गंभीर चेतावनी माना जा रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार सूचना देने के बावजूद वन विभाग की ओर से स्थायी निगरानी या सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई. मौके पर पहुंची वन विभाग और पुलिस की टीम वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, जंगलों में भोजन की कमी, मानव गतिविधियों का बढ़ना और जंगल के भीतर अवैध आवाजाही तेंदुओं को आबादी की ओर खींच रही है. यही कारण है कि अब यह संघर्ष जानलेवा रूप ले रहा है. घटना के बाद वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची है. क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने, ट्रैप कैमरे लगाने और ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की जा रही है. वहीं ग्रामीणों ने मांग की है कि जब तक तेंदुए की मूवमेंट पूरी तरह नियंत्रित नहीं होती, तब तक जंगल में जाने पर प्रतिबंध और रात्रि गश्त अनिवार्य की जाए.डोंगरगढ़ क्षेत्र में यह घटना सिर्फ एक हमला नहीं, बल्कि वन्यजीव प्रबंधन और मानव सुरक्षा के बीच बढ़ते असंतुलन की गंभीर चेतावनी बनकर सामने आई है.

रायपुर : राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का आत्मीय स्वागत

रायपुर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के जशपुर आगमन पर आगडीह हवाई पट्टी में राज्यपाल श्री रमेन डेका, झारखंड के राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय  सहित अन्य मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और  प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया।