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250 गांवों तक पहुँची बस सुविधा, मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का दिखा असर

रायपुर राज्य शासन द्वारा ग्रामीण अंचलों में लोगों को सस्ती और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के लिए ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना’ लागू की गई है। योजना का प्रथम चरण बस्तर और सरगुजा संभाग के जिलों में शुरू किया गया है। अब तक 34 चयनित मार्गों में से 33 बसों का संचालन प्रारंभ हो चुका है, जिससे कुल 250 नए गाँवों को पहली बार बस सुविधा मिली है। परिवहन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य ऐसे ग्रामों को जनपद मुख्यालय, तहसील, नगरीय क्षेत्र और जिला मुख्यालय से जोड़ना है, जहाँ पहले बस सुविधा नहीं थी। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा, रोजगार के अवसर और आपसी संपर्क में बढ़ोतरी मिली है, जिससे ग्राम विकास को नई दिशा मिल रही है। परिवहन सचिव  एस. प्रकाश ने बताया कि राज्य शासन द्वारा बस संचालकों को प्रोत्साहन के रूप में प्रथम वर्ष में 26 रूपए, द्वितीय वर्ष में 24 रूपए तथा तृतीय वर्ष में 22 प्रति किलोमीटर की वित्तीय सहायता दी जा रही है। इसके साथ ही बस संचालकों को मासिक कर से 3 वर्ष तक की पूर्ण छूट दी जाएगी। उन्होंने बताया कि बस मार्गों का चयन जिला स्तरीय समिति की अनुशंसा पर राज्य स्तरीय समिति द्वारा किया जाता है। चयनित मार्गों पर निविदा प्रक्रिया के माध्यम से सबसे कम वित्तीय दर देने वाले आवेदक को बस संचालन की अनुमति दी जाती है, जिसके बाद परमिट जारी किया जाता है। इस योजना के तहत सुकमा जिले में छह, नारायणपुर में 4, जगदलपुर में 1, कोंडागांव में 3, कांकेर में 5, दंतेवाड़ा में 1, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 2, सूरजपुर में 2, कोरिया में 3, जशपुर में 4 और बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में 2 बस का संचालन किया जा रहा है। साथ ही, 9 नए मार्गों पर बस संचालन के लिए परमिट जारी करने की प्रक्रिया जारी है। उल्लेखनीय है कि विगत 5 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने जगदलपुर में इस योजना की शुरुआत करते हुए बसों को हरी झंडी दिखाई। पहले चरण में यह योजना आदिवासी बहुल बस्तर और सरगुजा संभागों के गांवों को कवर करेगी और 34 बसों के जरिए 34 मार्गों पर सेवाएं शुरू की जाएंगी जो 11 जिलों के 250 गांवों को जोड़ेंगी।

रायपुर: मुख्यमंत्री के निर्देशों पर तत्काल कार्रवाई हो सुनिश्चित – मुख्य सचिव विकास शील

रायपुर मुख्य सचिव  विकास शील ने कहा कि कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय द्वारा दिए गए निर्देशों पर त्वरित और प्रभावी अमल सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी विभागीय सचिवों को सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सहित अन्य प्राथमिक क्षेत्रों के लिए ठोस एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव आज मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में विभिन्न विभागों के भारसाधक सचिवों के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना में शामिल विभागों के एक्शन प्लान्स की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन कार्यों का शिलान्यास किया जा चुका है, उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण कर लोकार्पण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव  रजत कुमार ने प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना तथा जेम पोर्टल के माध्यम से शासकीय विभागों में की जा रही खरीदी की प्रक्रिया पर प्रस्तुतीकरण दिया। इसी प्रकार, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. रवि मित्तल ने जनसम्पर्क विभाग द्वारा शासन की योजनाओं के प्रचार-प्रसार से संबंधित गतिविधियों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह एवं जेल  मनोज कुमार पिंगुआ, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अपर मुख्य सचिव मती ऋचा शर्मा, आदिम जाति तथा अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव मती निहारिका बारिक सहित सभी विभागों के सचिव उपस्थित थे।

रायपुर: नवा रायपुर में निवेश एवं विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित

रायपुर : नवा रायपुर में निवेश और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओ.पी. चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक रायपुर नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में आज वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओ.पी. चौधरी की अध्यक्षता में निवेश, अधोसंरचना विकास और जनसुविधाओं से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में मंत्री  चौधरी ने अधिकारियों से शहर के योजनाबद्ध और तीव्र विकास पर विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि नवा रायपुर का संतुलित, आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि चल रही परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए, ताकि नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें। उन्होंने बताया कि विकास कार्यों में गति लाने के लिए इस वर्ष राज्य शासन के बजट अंतर्गत पूंजीगत व्यय का लक्ष्य 1000 करोड़ रुपए रखा गया है। सभी इस लक्ष्य को गुणवत्तापूर्वक पूरा करने के लिए समर्पण भाव से कार्य करें। मंत्री  चौधरी ने यह भी निर्देश दिए कि शासकीय एवं निजी संस्थानों तथा बिल्डर्स को आवंटित भूमि पर हो रहे निर्माण कार्यों को समन्वयपूर्वक और शीघ्र गति से पूरा किया जाए, ताकि नवा रायपुर के इंफ्रास्ट्रक्चर को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके। बैठक में निवेश को प्रोत्साहन देने, पर्यावरण संरक्षण, अधोसंरचना विकास और शहरी जनसुविधाओं के उन्नयन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर प्राधिकरण के चेयरमैन  अंकित आनंद, मुख्य कार्यपालन अधिकारी  चंदन कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री ने बस्तर ओलंपिक की तैयारियों की समीक्षा की

रायपुर : बस्तर ओलंपिक के व्यापक और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए विकासखंड स्तरीय आयोजनों पर दें विशेष ध्यान:  अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने बस्तर ओलंपिक की तैयारियों की समीक्षा की खेल मैदानों की उपलब्धता, उनकी मैपिंग, भोजन, यातायात, आवास, प्राथमिक चिकित्सा, निर्णायकों एवं रेफरियों की व्यवस्था के लिए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने के दिए निर्देश अब तक 2.72 लाख खिलाड़ियों का पंजीयन, 20 अक्टूबर तक करा सकते हैं पंजीयन रायपुर बस्तर ओलंपिक-2025 की तैयारियाँ अब अंतिम चरण में हैं। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने आज वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों तथा बस्तर संभाग के सभी जिला खेल अधिकारियों की बैठक लेकर इसकी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित बैठक में बस्तर ओलंपिक के व्यापक और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए विकासखंड स्तरीय आयोजनों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने खेल मैदानों की उपलब्धता, उनकी मैपिंग, भोजन, यातायात, आवास, प्राथमिक चिकित्सा, निर्णायकों एवं रेफरियों की व्यवस्था के लिए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करने को कहा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव  यशवंत कुमार और संचालक मती तनूजा सलाम भी समीक्षा बैठक में उपस्थित थीं। बस्तर संभाग के सभी जिला खेल अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री  साव ने बैठक में बस्तर ओलंपिक की पंजीयन प्रक्रिया एवं व्यापक प्रचार-प्रसार की समीक्षा की। उन्होंने ग्राम स्तर से लेकर जिला स्तर तक प्रचार-प्रसार की योजनाओंकृजैसे दीवार लेखन, मशाल यात्रा, पोस्टर, बैनर, पैंपलेट वितरण, हाट-बाज़ारों में प्रचार इत्यादि की जानकारी ली। उन्होंने इसे और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बस्तर ओलंपिक के लिए अब तक 2 लाख 72 हजार से अधिक प्रतिभागियों का पंजीयन हो चुका है। 20 अक्टूबर तक पंजीयन कराया जा सकता है। इस पर  साव ने प्रत्येक विकासखण्ड में पंजीयन की स्थिति की समीक्षा कर जिन क्षेत्रों में पंजीयन कम हैं, वहां विशेष अभियान चलाकर ज्यादा से ज्यादा पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने महिलाओं की तुलना में पुरुष प्रतिभागियों के कम पंजीयन को देखते हुए जिला खेल अधिकारियों को पुरुषों की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा।  साव ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि बस्तर ओलंपिक अब केवल क्षेत्रीय आयोजन नहीं रह गया है, बल्कि इसकी ख्याति पूरे देश में फैल चुकी है। अतः इसे राष्ट्रीय महत्व का आयोजन मानते हुए विकासखंड से लेकर संभाग स्तर तक उच्च गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ आयोजित किया जाए। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर के निर्णायकों की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को प्रेरणा स्रोत के रूप में आमंत्रित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने 25 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 5 नवंबर तक होने वाले विकासखंड स्तरीय आयोजनों के लिए सभी जिलों को समय पूर्व संपूर्ण तैयारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने फुटबॉल, हॉकी, वॉलीबॉल जैसे खेलों में पंजीयन बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने तथा खेल विभाग से प्राप्त बजट के अतिरिक्त जिला कलेक्टरों के सहयोग से सीएसआर निधि से वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति करने को कहा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की उप संचालक मती रश्मि ठाकुर तथा खेल अधिकारी  गिरीश शुक्ला भी बैठक में मौजूद थे।

दिवाली पर घर लौटना बना चुनौती, ट्रेनों में लंबी वेटिंग, सीट के लिए मारामारी

कोरबा  दिवाली से पहले यात्री ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई है। स्लीपर व एसी बोगी में सफर के लिए सीटें नहीं मिल रही है। प्रतीक्षा सूची लंबी गई है। यही स्थिति छठ महापर्व तक बनी हुई है। इस कारण पर्व पर घर जाने को लेकर यात्रियों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। त्योहारी सीजन से पहले यात्री ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई है। लंबी दूरी की ट्रेनों में सीटें खाली नहीं है।  यात्रियों में सीटें कंफर्म होने का इंतजार ऐसे में जिले के सार्वजनिक व निजी कंपनियों में कार्यरत अधिकारी व कर्मचारियों को दिवाली व छठ महापर्व पर घर जाने के लिए आरक्षित टिकट के लिए जद्दोजहद करना पड़ रहा है। आरक्षित टिकट काउंटर में भी यात्रियों की लंबी कतार लग रही है। सबसे अधिक वेटिंग बिहार, यूपी, झारखंड, दिल्ली, कोलकाता, महाराष्ट्र, गुजरात सहित अन्य क्षेत्रों के प्रांतों की ओर जाने वाली ट्रेनों में है। बिहार की ओर जाने वाली यात्री ट्रेनों की प्रतीक्षा सूची 150 से अधिक हो गई है। वहीं छठ महापर्व के तीन से चार दिनों के भीतर भी आरक्षित टिकट नहीं मिल रही है। यात्रियों को मजबूरी में प्रतीक्षा सूची लेकर कन्फर्म होने का इंतजार करना पड़ रहा है। जिले के विभिन्न सार्वजनिक व निजी कंपनी व संस्थानों में विभिन्न प्रांतों के लोग कार्यरत हैं। त्योहारी सीजन में ट्रेनों में भीड़ का फायदा ट्रेवल्स एजेंसियां उठा रही हैं। समय और स्थिति अनुसार यात्रियों से निर्धारित किराया से 500 रुपए से एक हजार रुपए तक अधिक ले रही हैं। साथ ही आरक्षित टिकट देने का दावा कर रहे हैं। इस कारण यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। मजबूरी में उन्हें अधिक रुपए देना पड़ रहा है। बिहार और उत्तर प्रदेश जाने वाली बसों में यात्रियों की भीड़  इसी माह छठ महापर्व है। लेकिन इसके पहले ही रेल गाड़ियों में आरक्षित सीटें नहीं मिल रही हैं। इससे पर्व में घर जाने वाले लोग परेशान हैं। लोग अभी से अपनी व्यवस्था देख रहे हैं। छठ से तीन चार दिन पहले घर जाने के लिए लोग कोरबा बस स्टैंड भी पहुंच रहे हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर जाने वाली बसों में अपना सीट पहले से आरक्षित करवा रहे हैं। इसके लिए बसों के एजेंट से सपर्क कर रहे हैं। पूजा स्पेशल ट्रेनों में जगह मिलनी मुश्किल इधर, रेलवे बोर्ड दिवाली और छठ महापर्व पर पूजा स्पेशल ट्रेनों को चलाने जा रहा है। इसमें से कुछ रेल गाड़ियां बिलासपुर- रायपुर होकर होकर गुजरेंगी।

बड़ी खबर: छत्तीसगढ़ में 32 लाख राशन कार्ड निरस्त, ये काम करने पर ही राशन मिलेगा

रायपुर छत्तीसगढ़ में अब 32 लाख राशन कार्ड धारकों को राशन नहीं मिलेगा. राज्य सरकार ने इन हितग्राहियों का राशन कार्ड निरस्त कर दिया है. खाद्य विभाग के सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने कहा, पिछले एक सालों से ये लोग राशन लेने नहीं आ रहे हैं न ही इन लोगों ने केवाईसी हुई है. KYC होने पर फिर से राशन दिया जाएगा. उन्होंने कहा, प्रदेश में लगभग 95 लाख राशन कार्डधारी परिवार हैं. 2 करोड़ 73 लाख राशन हितग्राही हैं, जिसमें से 32 लाख लोगों का राशन कार्ड सस्पेंड किया गया है. नवंबर से नहीं मिलेगा राशन छत्तीसगढ़ में लंबे समय से राशन कार्ड धारकों को E-KYC कराने के लिए कहा जा रहा है. खाद्य विभाग ने फर्जी हितग्राहियों को हटाने के लिए E-KYC कराना अनिवार्य कर दिया है. इसके बावजूद अब तक प्रदेश के 32 लाख हितग्राहियों ने E-KYC नहीं कराया है. ऐसे में माना जा रहा है कि इनमें से ज्यादातर राशन कार्ड फर्जी हो सकते हैं. ऐसे फर्जी हितग्राहियों पर नकेल कसने के लिए 31 अक्टूबर से पहले जो लोग E-KYC नहीं कराएंगे उन्हें नवंबर से मुफ्त राशन का लाभ नहीं मिलेगा. बेहद आसान है E-KYC की प्रक्रिया बता दें कि E-KYC कराना कोई मुश्किल प्रक्रिया नहीं है. अगर एक राशन कार्ड में चार सदस्य हैं और उन्हें अपने कार्ड का E-KYC कराना है तो सभी सदस्यों को अपना आधार कार्ड लेकर अपने क्षेत्र की राशन दुकान में जाना होगा. वहां आधार कार्ड की प्रारंभिक जांच के साथ उनके बायोमेट्रिक की जांच की जाएगी. जैसे ही बायोमेट्रिक के दौरान मिलान हो जाएगा, वैसे ही E-KYC की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी. जनता से राशन छीना जा रहा, ये पूरी तरह षड्यंत्र : कांग्रेस छत्तीसगढ़ में 32 लाख राशन कार्ड निरस्त किए जाने के मामले में कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, नवंबर से करीब 32 लाख परिवारों को राशन नहीं मिलेगा. सरकार का कहना है कि इन परिवारों ने केवाईसी नहीं करवाई है. यह जिम्मेदारी सरकार, खाद्य विभाग या राशन दुकान संचालक किसकी है? सरकार बदलने के बाद खाद्य मंत्री और मुख्यमंत्री ने अपने फोटो राशन कार्ड में लगवाए थे. उस वक्त सभी से आधार कार्ड मांगा गया था, यानी केवाईसी पहले ही हो चुकी थी. अब दोबारा केवाईसी के नाम पर जनता से राशन छीना जा रहा है, जो पूरी तरह षड्यंत्र है.

बिलासपुर मंडल ने भारतीय रेल में बनाया नया रिकॉर्ड, 195 दिनों में 100 मिलियन टन माल लोड

रायपुर/बिलासपुर  दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल ने यह साबित कर दिया है कि वह भारतीय रेल की रीढ़ है. मंडल ने मात्र 195 दिनों में 100 मिलियन टन माल ढुलाई का अभूतपूर्व लक्ष्य हासिल कर भारतीय रेल के इतिहास में नया कीर्तिमान स्थापित किया है. इससे पहले यह रिकॉर्ड धनबाद मंडल (डीएचएन डिविजन) के नाम था, जिसने 197 दिनों में यह उपलब्धि प्राप्त की थी, जबकि बिलासपुर मंडल का स्वयं का पिछला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 203 दिनों में 100 मिलियन टन माल ढुलाई का था जिसे विगत वित्तीय वर्ष में किया गया था. मगर इस वर्ष बिलासपुर मंडल ने सबसे तेज गति से 100 मिलियन टन माल लोडिंग पूरी कर देश का प्रथम मंडल बनने का गौरव अर्जित किया. इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर मंडल रेल प्रबंधक राजमल खोईवाल ने पूरे मंडल के रेल कर्मयोगी, लोको पायलटों, कॉमर्शियल एवं ऑपरेटिंग स्टाफ सहित सभी सहयोगी विभागों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता हमारी टीम भावना, समर्पण और सतत प्रयासों का परिणाम है. हम इसी ऊर्जा के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में अपना योगदान जारी रखेंगे. नियत्रंण कक्ष में कर्मियों ने काटा केक इस उपलब्धि के अवसर पर मंडल नियंत्रण कक्ष के सभाकक्ष में मंडल रेल प्रबंधक राजमल खोईवाल की उपस्थिति में कर्मचारियों द्वारा केक काटकर प्रसन्नता व्यक्त की गई. मंडल रेल प्रबंधक द्वारा अपने सभी कर्मचारियों एवं अधिकारियों को इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएँ दी गई एवं बेहतर कार्य के लिए प्रोत्साहित किया गया.

जनगणना की तैयारी तेज़: छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में प्री-टेस्ट का काम शुरू

रायपुर नगर निगम रायपुर के जोन क्रमांक 10 के अंतर्गत आने वाले वार्ड क्रमांक 25 डॉ. राजेन्द्र प्रसाद वार्ड को छत्तीसगढ़ में जनगणना के लिए नगरीय क्षेत्र में प्री टेस्ट जनगणना पूर्व परीक्षण के लिए चयनित किया गया है। यह चयन भारत सरकार गृह मंत्रालय जनगणना कार्य निदेशालय के आदेशानुसार किया गया है। नगर निगम जोन 10 के राजस्व विभाग और नगर निवेश विभाग की टीम वार्ड क्रमांक 52 क्षेत्र में स्थित सभी लगभग 8000 जनगणना भवनों में भवन संख्या डालने और भवनों को सूचीबध्द करने का काम प्रारंभ कर दी है। रायपुर नगर निगम के आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम जोन 10 के जोन कमिश्नर विवेकानंद दुबे के नेतृत्व एवं नोडल अधिकारी सहायक अभियंता योगेश यदु, सहायक नोडल अधिकारी जोन सहायक राजस्व अधिकारी गौरीशंकर साहू की उपस्थिति में काम किया जा रहा है। रायपुर नगर निगम ने जोन 10 के डॉ. राजेन्द्र प्रसाद वार्ड क्रमांक 52 क्षेत्र की सभी रहवासी जनता से प्री टेस्ट जनगणना पूर्व परीक्षण के कार्य में टीम को सहयोग देने की अपील की है। भारत सरकार गृह मंत्रालय जनगणना कार्य निदेशालय के आदेशानुसार जनगणना निदेशक ने प्रदेश में जनगणना के लिए नगरीय क्षेत्र में प्री टेस्ट जनगणना पूर्व परीक्षण के लिए 17 अक्टूबर 2025 को जनगणना निदेशालय में आवश्यक बैठक बुलाई है।

विश्व मानक दिवस पर मुख्यमंत्री साय ने दिलाई गुणवत्ता शपथ, कहा — हर क्षेत्र में पारदर्शिता, उपभोक्ता अधिकार और नवाचार सर्वोपरि

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जीवन के हर क्षेत्र में मानकों का पालन पारदर्शिता, गुणवत्ता और उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा वस्तुओं को मानक चिन्ह प्रदान कर उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की जा रही है और इसके माध्यम से मिलावट व नकली वस्तुओं के कारोबार पर प्रभावी रोक लगी है। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में विश्व मानक दिवस के अवसर पर आयोजित मानक महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने उपस्थित जनों को गुणवत्ता शपथ दिलाते हुए मानकीकृत उत्पादों को बढ़ावा देने और बीआईएस के प्रयासों में भागीदारी निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मानकों की स्थापना में विशेष योगदान देने वाले मानक क्लबों, संस्थाओं और मेंटर्स का सम्मान किया। उन्होंने भारतीय मानक ब्यूरो के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था देशभर में गुणवत्ता की संस्कृति विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक समय था जब सोने जैसी धातुओं की शुद्धता का पता लगाना कठिन था, लेकिन आज हर उपभोक्ता बीआईएस हॉलमार्क देखकर ही आभूषण खरीदता है। बीआईएस का हॉलमार्क अब उपभोक्ता भरोसे का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने बताया कि बीआईएस द्वारा बोतलबंद पानी, हेलमेट, खिलौने, गहनों से लेकर करीब 22 हजार वस्तुओं को मानक चिन्ह प्रदान किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं के बीच मानक चिन्हों के प्रति जागरूकता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को बढ़ावा मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने में मानकों की अहम भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों की गुणवत्ता और मानकीकरण के कारण आज देश के गांव और कस्बों में बने उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान बना रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने उपस्थित जनों से मानक चिन्हों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि “विकसित भारत का संकल्प उपभोक्ता अधिकारों की मजबूती से ही पूरा होगा।” उन्होंने कहा कि गुणवत्ता ही आत्मनिर्भर भारत की वास्तविक पहचान है। कार्यक्रम में खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने कहा कि विश्व मानक दिवस का उद्देश्य उपभोक्ताओं और समाज में मानकीकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह हमारे वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों के प्रयासों को सराहने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि देश तेजी से विकास कर रहा है और गुणवत्ता सुधार अब केवल नीति नहीं, बल्कि एक संकल्प बन चुका है। श्री बघेल ने कहा कि “जागो ग्राहक जागो” का संदेश उपभोक्ताओं को सजग और जागरूक रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे इस कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान को समाज में आगे बढ़ाएं, ताकि उपभोक्ता संरक्षण और अधिक सशक्त हो सके। भारतीय मानक ब्यूरो रायपुर शाखा कार्यालय के निदेशक श्री एस. के. गुप्ता ने कहा कि बीआईएस का प्रत्येक मानक उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा को समर्पित है। उन्होंने बताया कि उत्पाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और ब्यूरो इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। श्री गुप्ता ने ब्यूरो द्वारा संचालित गतिविधियों और विभिन्न उत्पादों के मानकीकरण की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीआईएस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश में निर्मित हर उत्पाद वैश्विक गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरे। मुख्यमंत्री ने मानक महोत्सव में विभिन्न स्टालों का किया अवलोकन विश्व मानक दिवस के अवसर पर आयोजित मानक महोत्सव में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) तथा अन्य संस्थानों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने मानक स्थापना से जुड़ी गतिविधियों और संस्थाओं की कार्यप्रणाली की जानकारी ली और उनके प्रयासों की सराहना की। सिपेट रायपुर के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि संस्था प्रदेश के युवाओं को लघु एवं दीर्घकालीन कौशल प्रशिक्षण प्रदान करती है, साथ ही उद्योगों को गुणवत्ता परामर्श और तकनीकी सलाह भी उपलब्ध कराती है। मुख्यमंत्री ने सिपेट की पहल की सराहना की और इसे उद्योग-शिक्षा समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। बीआईएस की रायपुर शाखा द्वारा लगाए गए स्टॉल में उपभोक्ता जागरूकता संबंधी गतिविधियों की जानकारी दी गई। प्रतिनिधियों ने बताया कि बीआईएस केयर ऐप के माध्यम से उपभोक्ता स्वयं आईएसआई, एचयूआईडी और हॉलमार्क युक्त आभूषणों की प्रमाणिकता जांच सकते हैं। ऐप के जरिए उत्पाद की गुणवत्ता से संबंधित शिकायतें दर्ज करने और आईएसआई मुहर के दुरुपयोग की सूचना देने की सुविधा भी उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने इस पहल को उपभोक्ता सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया। शैक्षणिक संस्थानों के नवाचारी स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र मानक महोत्सव में स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा लगाए गए नवाचार आधारित स्टॉल सभी के आकर्षण का केंद्र बने। मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित नवाचारों का अवलोकन किया और उनके रचनात्मक प्रयासों की सराहना की। गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल बिरकोनी के विद्यार्थियों ने रक्तचाप जांचने की मशीन और मिट्टी की नमी मापने की मशीन तैयार की। पंडित आर. डी. तिवारी गवर्नमेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल के छात्रों ने “एक्सप्लोरर रोबोट” प्रस्तुत किया, जो अंधेरे और दुर्गम स्थानों में रास्ता खोजने में सक्षम है। यह रोबोट खदानों और औद्योगिक स्थलों पर उपयोगी सिद्ध हो सकता है। वहीं गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल अंडा के विद्यार्थियों ने स्मार्ट ट्रेन का मॉडल तैयार किया, जो विशेष रूप से दिव्यांगजनों के लिए उपयोगी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों से चर्चा की, उनके नवाचारी कार्यों की जानकारी ली और उनकी रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा —“युवाओं की सोच में जब गुणवत्ता और नवाचार जुड़ता है, तभी भारत विकसित राष्ट्र बनने की ओर तेजी से अग्रसर होता है।” मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुणवत्ता सिर्फ उद्योग या उत्पादन तक सीमित नहीं, बल्कि यह जीवन के हर पहलू का संस्कार बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि “मानक केवल नियम नहीं, राष्ट्र निर्माण की रीढ़ हैं।” मुख्यमंत्री ने अधिकारियों, संस्थाओं और विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे “क्वालिटी को क्वांटिटी से पहले रखें” और छत्तीसगढ़ को मानकीकरण, नवाचार और पारदर्शिता में देश का अग्रणी राज्य बनाएं। उन्होंने कहा —“जब हर नागरिक गुणवत्ता को अपना धर्म समझेगा, तभी सच्चे अर्थों में विकसित भारत का स्वप्न साकार होगा।” … Read more

पीड़िता के बयान और सहमति को देखते हुए हाईकोर्ट ने CAF जवान को बरी किया

बस्तर छत्तीसगढ़ के बस्तर में रेप के आरोप में 10 साल की सजा काट रहे सीएएफ के जवान रूपेश कुमार पुरी को हाईकोर्ट ने बरी कर दिया है। न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी की एकलपीठ ने कहा कि यह मामला प्रेम संबंध का है, झूठे विवाह वादे पर आधारित दुष्कर्म का नहीं। अदालत ने फास्ट ट्रैक कोर्ट जगदलपुर द्वारा 2022 में सुनाई गई सजा को रद्द कर दिया। कोर्ट ने क्या कहा.. हाईकोर्ट ने माना कि पीड़िता बालिग थी और लंबे समय तक अपनी मर्जी से आरोपी के साथ रही। दोनों के बीच बने शारीरिक संबंध आपसी सहमति से थे। अदालत ने कहा कि जब तक यह साबित न हो कि आरोपी ने शुरू से ही शादी का इरादा नहीं रखा था, तब तक ऐसे मामले को दुष्कर्म नहीं कहा जा सकता।   मामला कैसे शुरू हुआ साल 2020 में पीड़िता ने जवान रूपेश कुमार पुरी पर शादी का झांसा देकर रेप करने का आरोप लगाया था। कहा गया कि जवान ने उसे दो महीने तक घर में रखकर यौन शोषण किया और बाद में शादी से इनकार कर दिया। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने रूपेश को 10 साल की सजा और 10 हजार रुपए जुर्माना लगाया था। क्या कहा बचाव पक्ष ने.. रूपेश के वकील ने दलील दी कि दोनों के बीच 2013 से प्रेम संबंध थे और पीड़िता अपनी मर्जी से आरोपी के घर गई थी। एफआईआर परिजनों के दबाव में दर्ज कराई गई। अदालत ने पाया कि पीड़िता ने खुद आरोपी को फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी और दोनों के बीच लंबे समय तक बातचीत होती रही। हाईकोर्ट का फैसला सभी सबूतों और बयानों की समीक्षा के बाद अदालत ने कहा कि यह मामला जबरन शोषण का नहीं, बल्कि प्रेम और सहमति का है। मेडिकल और एफएसएल रिपोर्ट में रेप के ठोस सबूत नहीं मिले। पीड़िता खुद आरोपी के घर गई और कई बार उसके साथ संबंध बनाए, जिसमें खुद युवती की भी मर्जी दिखी। इस आधार पर कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का निर्णय रद्द करते हुए रूपेश कुमार पुरी को सभी आरोपों से बरी कर दिया।