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सालभर बाद भाजपा-केंद्र संबंधों में नया अध्याय, उपमुख्यमंत्री साव ने बताया संवाद अहम

रायपुर प्रदेश भाजपा ने एक बार फिर कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनने और निराकरण को लेकर भाजपा कार्यालय (कुशाभाऊ ठाकरे परिसर) में ‘सहयोग केंद्र’ के संचालन करने का निर्णय लिया है. इसकी शुरुआत कल 6 अक्टूबर सोमवार से होगी. पहले दिन राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा दोपहर 2 से शाम 5 बजे के बीच कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनेंगे और निराकरण करेंगे. इसके लिए कार्यकर्ताओं को दोपहर 1 से 2 बजे के बीच पंजीयन कराना होगा. पूर्व अनुभव को देखते हुए इस बार भाजपा नेता सच्चिदानंद उपासने को सहयोग केंद्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है. संवाद और सहयोग हमारी प्राथमिकता : डिप्टी सीएम अरुण साव डिप्टी सीएम अरुण साव ने ठाकरे परिसर में सहयोग केंद्र की फिर से शुरूआत होने पर कहा कि कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और सहयोग हमारी प्राथमिकता है. हर मंत्री को पार्टी कार्यालय में बारी-बारी से बैठना होगा. उन्होंने बताया कि वह भी 14 अक्टूबर को पार्टी कार्यालय में बैठेंगे और कार्यकर्ताओं की बात सुनेंगे. पत्रकारों से चर्चा के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि राज्य के खनिज राजस्व में 25 सालों में 34 गुना की बढ़ोत्तरी की गई है. यह उपलब्धि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन का परिणाम है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ को विकसित प्रदेश बनाने के लिए संसाधनों के उपयोग के लिए समीक्षा की गई. नई औद्योगिक नीति से निवेश बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन दिया गया. साथ ही कृषि और युवाओं के कौशल विकास के लिए कार्य किया जा रहा है. उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग कोल्ड्रिफ कफ सिरफ के मामले को लेकर सचेत है. एहतियातन कदम उठाए जा रहे है. सरकार के संज्ञान में यह मामला है. उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रदेशों में जो कफ सिरफ की छत्तीसगढ़ में आपूर्ति नहीं है. इसलिए डरने की बात नहीं है. उल्लेखनीय हैं कि वर्ष 2023 में राज्य की सत्ता में चौथी बार भाजपा काबिज हुई. तब प्रदेश भाजपा ने कार्यकर्ताओं की समस्या सुनने और निराकरण करने के लिए मंत्रियों की सहयोग केंद्र में ड्यूटी लगाई. यह सहयोग केंद्र पहले लोकसभा और फिर नगरीय चुनाव की आचार संहिता के चलते प्रभावित हुआ, अततः अक्टूबर 2024 में इसे बंद कर दिया गया. करीब सालभर बाद फिर कार्यकर्ताओं की मांग पर यह सहयोग केंद्र शुरू किया जा रहा है. पहले चरण में पांच मंत्रियों की ड्यूटी लगाई है, इसमें 6 अक्टूबर को राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, 7 अक्टूबर को स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, 8 अक्टूबर को वन मंत्री केदार कश्यप, 9 अक्टूबर को तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और 10 अक्टूबर को खाद्य मंत्री दयालदास बघेल मौजूद रहेंगे.

विस्तारित होगा बिलासपुर एयरपोर्ट: CM साय और केंद्रीय मंत्री ने राजनाथ सिंह से की चर्चा

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट, चकरभाठा (बिलासपुर) के विस्तारीकरण से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा की. इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री और बिलासपुर के सांसद तोखन साहू भी शामिल रहे. बैठक के दौरान मुख्यमंत्री साय और केंद्रीय राज्य मंत्री साहू ने रक्षा मंत्रालय के अधीन लगभग 100 एकड़ भूमि राज्य सरकार को हस्तांतरित करने का अनुरोध किया, जिससे बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की दिशा में निर्णायक प्रगति हो सके. दोनों नेताओं ने बताया कि भूमि उपलब्ध होने पर एयरपोर्ट के विस्तार कार्य को प्राथमिकता के साथ प्रारंभ किया जाएगा, जिससे बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों में हवाई संपर्क, व्यापारिक गतिविधियों और औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी. यह क्षेत्र राज्य के मध्य भाग में स्थित होने के कारण भौगोलिक रूप से रणनीतिक महत्व रखता है. इस कारण से बिलासा देवी केंवट एयरपोर्ट का विकास न केवल यात्रियों की सुविधा, बल्कि प्रदेश की आर्थिक प्रगति और निवेश आकर्षण के लिए भी आवश्यक माना जा रहा है. बैठक में एयरपोर्ट परिसर के समीप ‘इंडस्ट्रियल पार्क’ विकसित करने की संभावनाओं पर भी सकारात्मक विमर्श हुआ, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का सृजन और उद्योगों के लिए बेहतर लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सके.

अद्भुत घटना: बालाजी भगवान गर्भगृह से आए बाहर, भक्तों के लिए तैयार अमृत खीर

रायपुर आश्विन माह की पूर्णिमा, यानी 6 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा धूमधाम से मनाई जाएगी. इस दिन चंद्रमा अपनी 16 कलाओं के साथ अमृत वर्षा करता है. मठ-मंदिरों और घरों में खीर बनाई जाएगी, बंगाली समाज में मां लक्ष्मी की विशेष पूजा होगी, और दूधाधारी मठ में भगवान बालाजी की सदियों पुरानी परंपरा निभाई जाएगी. दूधाधारी मठ में बालाजी की विशेष पूजा शरद पूर्णिमा पर दूधाधारी मठ में भगवान बालाजी को आधी रात गर्भगृह से बाहर लाया जाएगा. यह सदियों पुरानी परंपरा है, जिसमें भगवान को चांदी के सिंहासन पर विराजमान कर महंत रामसुंदर दास अनुष्ठान करेंगे. इसके बाद भक्तों को अमृत खीर का प्रसाद वितरित किया जाएगा. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार चंद्रमा का सप्तम भाव में होना और वृद्धि योग इस दिन को विशेष फलदायी बनाता है, हालांकि सर्दी और भावनात्मक समस्याओं से जूझ रहे लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. बंगाली समाज में मां लक्ष्मी की कोजागरी पूजा बंगाली समाज में शरद पूर्णिमा को मां लक्ष्मी की पूजा, जिसे कोजागरी पूजा भी कहते हैं, विशेष उत्साह के साथ की जाएगी. रायपुर की कालीबाड़ी चौक, पंडरी सिटी, शिवानंद नगर, माना कैंप, डब्ल्यूआरएस कॉलोनी, और गुढ़ियारी सहित कई कालीबाड़ियों में शाम 7:30 बजे से पूजा, पुष्पांजलि, भोग और आरती का आयोजन होगा. बंग समाज के लोग इस अवसर पर एकत्रित होकर मां लक्ष्मी का आशीर्वाद लेंगे. श्री महाकाल धाम में शिवामृत महोत्सव खारुन तट पर स्थित महाकाल धाम, अमलेश्वर में शरद पूर्णिमा पर शिवामृत महोत्सव का आयोजन होगा. सुबह 9 बजे से सहस्त्र पार्थिव शिवलिंग निर्माण, पूजन और वैदिक हवन के साथ उत्सव शुरू होगा. दिनभर रुद्राभिषेक और पूजन के बाद संध्या में भगवान महाकाल की महाआरती, भक्ति संध्या, जागरण और अखंड संकीर्तन होगा. इसके अलावा, गोपाल मंदिर में रास उत्सव और गिरिराज मंदिर में दो दिवसीय उत्सव मनाया जाएगा, जहां ठाकुरजी को श्वेत वस्त्र-आभूषणों से सजाया जाएगा और चंद्रमा की रोशनी में आरती की जाएगी.

दुर्ग में राशन कार्ड पर बड़ी कार्रवाई: संदिग्ध 53 हजार से ज्यादा नाम होंगे निरस्त

दुर्ग प्रदेश में फर्जी और अपात्र राशन कार्ड धारकों पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने बड़ी कार्यवाही शुरू कर दी है। विभाग ने 46 लाख से अधिक संदिग्ध राशन कार्डों का सत्यापन अभियान चलाया है, जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। कई कार्डधारक ऐसे मिले जिनकी मृत्यु हो चुकी है, तो कई प्रदेश छोड़कर बाहर जा चुके हैं। ऐसे मामलों में अब तक 53,234 सदस्यों के नाम राशन कार्ड से निरस्त किए जाने की तैयारी है। इनमें अकेले रायपुर जिले के 9,233 सदस्य शामिल हैं। पहले चरण में 1.93 लाख सदस्य हटाए जा चुके इससे पहले भी विभाग ने राज्यभर में 1 लाख 93 हजार 67 सदस्यों के नाम राशन कार्ड से हटाए थे। इनमें रायपुर जिले के 19,574 सदस्य शामिल थे। भौतिक सत्यापन में यह पाया गया कि इनमें अधिकांश सदस्य मृत हो चुके या अन्य राज्यों में बस चुके हैं। दरअसल, केंद्र सरकार ने सभी राशन कार्डधारकों को ई-केवाईसी कराने के निर्देश दिए थे। समय पर ई-केवाईसी न कराने वाले 46 लाख से अधिक लोगों को संदिग्ध सूची में डाल दिया गया था। इसके बावजूद कई संदिग्ध कार्डधारकों के नाम पर हर महीने खाद्यान्न उठाव जारी था। अब आय, टैक्स और जमीन के आधार पर होगी छंटनी विभाग अब अगला कदम उठाने की तैयारी में है। जिन परिवारों की वार्षिक आय 6 लाख रुपए से अधिक है, जो आयकर (इनकम टैक्स) जमा करते हैं, या जिनके पास 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि है, उनके नाम राशन कार्ड से हटाने की कार्यवाही शुरू की जाएगी। खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा ने बताया कि रायपुर जिले में पहले ही 19 हजार से अधिक सदस्यों के नाम निरस्त किए जा चुके हैं। शेष 9 हजार से अधिक सदस्यों के नाम हटाए जाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके बाद नियमानुसार अन्य अपात्रों की छंटनी जारी रहेगी। इतने-इतने नाम होंगे निरस्त (जिला अनुसार सूची) जिला    निरस्त होने वाले सदस्य रायपुर    9,233 बस्तर    4,879 बीजापुर    7 दंतेवाड़ा    2 कांकेर    1,923 कोंडागांव    735 नारायणपुर    180 सुकमा    58 बिलासपुर    3,000 गौरेला-पेंड्रा-मारवाही    1,005 जांजगीर    281 कोरबा    33 मुंगेली    114 रायगढ़    49 बालोद    879 बेमेतरा    1,248 दुर्ग    6,319 कवर्धा    1,773 राजनांदगांव    247 बलौदाबाजार    2,248 धमतरी    346 गरियाबंद    862 महासमुंद    2,722 बलरामपुर    3,044 जशपुर    6,007 कोरिया    2 सरगुजा    7,178 खैरागढ़    18 मोहला-मानपुर    995 सारंगढ़-बिलाईगढ़    717 मनेंद्रगढ़-चिरमिरी    1,240 अपात्रों पर विभाग की सख्ती जारी विभाग का कहना है कि सरकार का लक्ष्य वास्तविक गरीब और पात्र परिवारों तक सस्ते राशन की सुविधा पहुंचाना है। ऐसे में जिन लोगों के नाम अपात्र श्रेणी में पाए जा रहे हैं, उनके कार्ड निरस्त कर खाद्यान्न वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाया जा रहा है।  

दुर्ग पुलिस महकमे में बदलाव, 11 अफसरों के तबादले के साथ 7 पदस्थापना अपडेट

दुर्ग छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में रविवार देर रात सीनियर एसपी ने पुलिस विभाग में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की है। इस आदेश के तहत 5 थानों के टीआई और 2 पुलिस चौकियों के प्रभारी सहित कुल 11 पुलिस अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है। जारी आदेश के मुताबिक— जितेंद्र वर्मा बने भिलाई नगर टीआई रामेंद्र कुमार सिंह को जामुल थाना प्रभारी की जिम्मेदारी बसंत कुमार बघेल अमलेश्वर थाना प्रभारी नियुक्त प्रशांत मिश्रा अब वैशाली नगर टीआई राजेश मिश्रा को भेजा गया रक्षित केंद्र दुर्ग प्रकाशकांत को भी रक्षित केंद्र दुर्ग में पदस्थ किया गया अमित अंदानी बने पुलगांव थाना प्रभारी खेलन साहू को अंजोरा चौकी प्रभारी बनाया गया संतोष साहू साइबर सेल दुर्ग भेजे गए मनोज यादव को भिलाई-3 में पदस्थ किया गया आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। त्योहारी सीजन और कानून-व्यवस्था की तैयारियों को देखते हुए यह तबादले किए गए हैं। पुलिस विभाग का दावा है कि इस कदम से पुलिसिंग की कार्यकुशलता, बेहतर समन्वय और क्षेत्रीय नियंत्रण मजबूत होगा। दुर्ग जिले में यह फेरबदल सुरक्षा व्यवस्था और शांति बनाए रखने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

मछुआ समाज के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार – मुख्यमंत्री

रायपुर : सामाजिक विकास का मूलमंत्र है शिक्षा, शिक्षा के बिना है जीवन अधूरा – मुख्यमंत्री  साय मछुआ समाज के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार – मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय राष्ट्रीय मछुवारा जागरूकता सम्मेलन में हुए शामिल रायपुर शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। शिक्षा केवल नौकरी प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि सफल जीवन का मार्ग है। सामाजिक विकास का मूलमंत्र शिक्षा है। चाहे जीवन जीने की कला हो, व्यापार हो, कृषि हो या कोई अन्य क्षेत्र — हर क्षेत्र में सफलता के लिए शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है।मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित बलबीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय मछुवारा जागरूकता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि  हमारी सरकार प्रारंभ से ही राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। राज्य गठन के समय जहां केवल एक मेडिकल कॉलेज हुआ करता था, वहीं आज प्रदेश में लगभग 15 मेडिकल कॉलेज हो चुके हैं। इसी तरह हमने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थान जैसे आईआईटी, ट्रिपल-आईटी, आईआईएम, लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स और सिपेट जैसे संस्थान छत्तीसगढ़ में स्थापित किए हैं, जिनका लाभ राज्य के स्थानीय विद्यार्थियों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में नालंदा परिसर के निर्माण का कार्य चल रहा है, जिससे युवाओं को दिशा और अवसर दोनों मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समाज को संगठित होने की आवश्यकता है, क्योंकि संगठित समाज से ही राष्ट्र मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि नशाखोरी समाज के विकास में बाधक है और इस बुराई से दूर रहना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने समाज से नशा मुक्ति का संकल्प लेने की अपील की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार ने मत्स्य संपदा योजना प्रारंभ की, जो मछुआरों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में एक क्रांतिकारी कदम सिद्ध हुई है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में गंगरेल बांध ठेका प्रथा को समाप्त कर पुनः डुबान क्षेत्रों के किसानों को मत्स्य पालन की अनुमति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार मछुआ समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मत्स्य पालन के क्षेत्र में अनेक योजनाएँ प्रारंभ की गई हैं। प्रदेश का पहला एक्वा पार्क हसदेव बांगो जलाशय में लगभग ₹37 करोड़ की लागत से निर्मित किया जा रहा है। यह एक्वा पार्क मछली उत्पादन, प्रोसेसिंग, निर्यात और टूरिज़्म— इन चारों क्षेत्रों में नए अवसर सृजित करेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में यहाँ 800 केजों में मत्स्य पालन किया जा रहा है, जिससे अनेक पंचायतों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह हमारे मछुआ भाइयों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री  साय ने राष्ट्रीय मछुवारा संघ के सभी पदाधिकारियों और देशभर से पधारे मेहनतकश मछुआ भाइयों-बहनों को राष्ट्रीय सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी निषाद ने कहा कि निषाद समाज का गौरवशाली इतिहास और परंपरा रही है। हमारे इतिहास और परंपरा के बारे में नई पीढ़ी को बताना और सिखाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी ने सदैव निषाद समाज को अग्रणी स्थान दिया है। उन्होंने बताया कि जब अयोध्या में प्रभु  रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण किया गया, तब उसी के सामने सरयू नदी के तट पर निषाद राज मंदिर का निर्माण कर समाज को उचित सम्मान दिलाने का कार्य प्रधानमंत्री  मोदी ने किया है। इस हेतु निषाद समाज सदैव उनका ऋणी रहेगा। उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि निषाद समाज अत्यंत मेहनतकश और परिश्रमी समाज है। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति में निषाद समुदाय का योगदान अनुकरणीय है। इस अवसर पर विधायक  सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष  भरत मटियारा, सहित प्रदेश और अन्य राज्यों से आए समाज के पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

राज्य स्तरीय काव्य प्रतियोगिता में निधि, मीरा और अलीशा बनीं विजेता, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया पुरस्कृत

छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में आयोजित हुआ युवा कवि सम्मेलन राज्य स्तरीय काव्य प्रतियोगिता में निधि, मीरा और अलीशा बनीं विजेता, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया पुरस्कृत छत्तीसगढ़ प्रदेश स्तरीय काव्य पाठ प्रतियोगिता में उभरीं नई प्रतिभाएं, निधि, मीरा और अलीशा ने काव्य पाठ से बांधा समा एक हजार से अधिक प्रतिभागियों में से चयनित तीन युवा कवियों ने युवा कवि सम्मेलन में किया मंच साझा छत्तीसगढ़ के युवा कवियों की खोज में आयोजित हुई युवा काव्य पाठ प्रतियोगिता, भव्य कवि सम्मेलन के साथ हुई समाप्त रायपुर  प्रदेश भर के युवा कवियों को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राज्य स्तरीय काव्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया प्रदेश भर के 1038 युवा कवियों ने प्रतियोगिता में  सहभागिता की। संभाग स्तर पर चयनित प्रतिभागियों का  फाइनल मुकाबला शनिवार को रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में किया गया। प्रतियोगिता में बिलासपुर की निधि तिवारी ने प्रथम स्थान, बिलासपुर की ही मीरा मृदु ने द्वितीय तथा सरगुजा की अलीशा शेख ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। युवा कवि सम्मेलन में तीनों को क्रमशः 50 हजार, 30 हजार एवं 20 हजार रुपए की पुरस्कार राशि  सीएम साय एवं डिप्टी सीएम साव ने प्रदान की। छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि, पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग द्वारा हास्य कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी, उप मुख्यमंत्री अरुण साव जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस युवा कवि सम्मेलन में प्रीेतयोगिता में विजयी तीनों नवोदित कवियों को मंच पर सर्वप्रथम काव्य पाठ का अवसर दिया गया। अलीशा शेख ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि पर कविता प्रस्तुत की, मीरा मृदु ने मधुर स्वर में छत्तीसगढ़ महतारी और रामायण प्रसंग को नए काव्य रूप में पिरोया, जबकि निधि तिवारी ने समाज में व्याप्त कुरीतियों और बेटियों की पीड़ा पर प्रभावशाली रूपक कविता सुनाई। वरिष्ठ कवियों ने तीनों युवा कवियों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की भूमि प्रतिभा से परिपूर्ण है, जो राष्ट्रीय मंच पर भी अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार है। बता दें कि कवि सम्मेलन में देश के प्रख्यात कवि शशिकांत यादव, दिनेश बावरा, नीलोत्पल मृणाल, कवयित्री कविता तिवारी एवं मनु वैशाली ने अपनी भावपूर्ण कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सभागार कविताओं की विविध रसधाराओं से गूंज उठा। इस अवसर पर मंत्री श्री टंकराम वर्मा जी, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी, मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े जी, मंत्री श्री राजेश अग्रवाल जी, विधायक श्री मोतीलाल साहू जी, युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर जी, छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद के अध्यक्ष श्री शंशाक तिवारी जी, भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष श्री राहुल टिकरिहा जी, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा जी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल जी, छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज जी, लौह शिल्पकार  बोर्ड अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा जी एवं प्रदेश के युवा कवि उपस्थित रहे। …..    ……..

मोबाइल छोड़ने में नाकाम बच्चा? AIIMS की ये रणनीति कर सकती है मदद

रायपुर मोबाइल एडिक्शन के कारण हिंसक और असंतुलित व्यवहार करने वाले बच्चे अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। एम्स के मनोरोग विभाग में 5 से 6 सेशन थैरेपी और दवा के साथ पैरेंट्स के सहयोग से बच्चों में सकारात्मक बदलाव देखा जा रहा है। इससे न केवल माता-पिता को राहत मिली है, बल्कि स्कूल में सहपाठियों और शिक्षकों के बीच भी माहौल सुधरा है। एम्स मनोरोग विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 100 मरीजों का इलाज किया जाता है। इनमें से 8 से 10 बच्चे मोबाइल एडिक्शन, एंजाइटी और ऑटिज्म से संबंधित होते हैं। मोबाइल एडिक्शन के दौरान बच्चे सहपाठियों से मारपीट, गाली-गलौज और अन्य हिंसक व्यवहार करने लगते थे। विशेषज्ञों के अनुसार, केवल दवा ही पर्याप्त नहीं है। परिवार के सपोर्टिव व्यवहार और समय पर निगरानी से बच्चे बेहतर तरीके से ठीक हो पाते हैं। परिवारिक सहयोग के बिना दवा केवल शांत रखती है, लेकिन व्यवहार में सुधार नहीं ला पाती। इंडियन एसोसिएशन ऑफ पीडियाट्रिक्स ने कोरोनाकाल से पहले गाइडलाइन जारी की थी कि बच्चों की उम्र के अनुसार मोबाइल फोन उपयोग की सीमा तय करनी चाहिए। मनोरोग विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूल बदलने के बाद भी बच्चों का व्यवहार बदल सकता है। प्राइमरी क्लास के बच्चों को सीमित समय के लिए मोबाइल दिया जाता है, जबकि मिडिल और हाई स्कूल में उनके पास अधिक स्वतंत्रता होती है। इस प्रकार, मोबाइल एडिक्शन से प्रभावित बच्चों का सही इलाज, थैरेपी और परिवारिक सहयोग से व्यवहार में सुधार हो रहा है और वे सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं।

राज्य स्तरीय काव्य प्रतियोगिता में निधि, मीरा और अलीशा बनीं विजेता, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने किया पुरस्कृत

रायपुर. प्रदेश भर के युवा कवियों को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राज्य स्तरीय काव्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया प्रदेश भर के 1038 युवा कवियों ने प्रतियोगिता में  सहभागिता की। संभाग स्तर पर चयनित प्रतिभागियों का  फाइनल मुकाबला शनिवार को रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में किया गया। प्रतियोगिता में बिलासपुर की निधि तिवारी ने प्रथम स्थान, बिलासपुर की ही मीरा मृदु ने द्वितीय तथा सरगुजा की अलीशा शेख ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। युवा कवि सम्मेलन में तीनों को क्रमशः 50 हजार, 30 हजार एवं 20 हजार रुपए की पुरस्कार राशि  सीएम साय एवं डिप्टी सीएम साव ने प्रदान की। छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि, पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग द्वारा हास्य कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी, उप मुख्यमंत्री अरुण साव जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस युवा कवि सम्मेलन में प्रीेतयोगिता में विजयी तीनों नवोदित कवियों को मंच पर सर्वप्रथम काव्य पाठ का अवसर दिया गया। अलीशा शेख ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि पर कविता प्रस्तुत की, मीरा मृदु ने मधुर स्वर में छत्तीसगढ़ महतारी और रामायण प्रसंग को नए काव्य रूप में पिरोया, जबकि निधि तिवारी ने समाज में व्याप्त कुरीतियों और बेटियों की पीड़ा पर प्रभावशाली रूपक कविता सुनाई। वरिष्ठ कवियों ने तीनों युवा कवियों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की भूमि प्रतिभा से परिपूर्ण है, जो राष्ट्रीय मंच पर भी अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार है। बता दें कि कवि सम्मेलन में देश के प्रख्यात कवि शशिकांत यादव, दिनेश बावरा, नीलोत्पल मृणाल, कवयित्री कविता तिवारी एवं मनु वैशाली ने अपनी भावपूर्ण कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सभागार कविताओं की विविध रसधाराओं से गूंज उठा। इस अवसर पर मंत्री श्री टंकराम वर्मा जी, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी, मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े जी, मंत्री श्री राजेश अग्रवाल जी, विधायक श्री मोतीलाल साहू जी, युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर जी, छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद के अध्यक्ष श्री शंशाक तिवारी जी, भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष श्री राहुल टिकरिहा जी, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा जी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल जी, छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज जी, लौह शिल्पकार  बोर्ड अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा जी एवं प्रदेश के युवा कवि उपस्थित रहे।

मछुआ समाज के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री

रायपुर शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। शिक्षा केवल नौकरी प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि सफल जीवन का मार्ग है। सामाजिक विकास का मूलमंत्र शिक्षा है। चाहे जीवन जीने की कला हो, व्यापार हो, कृषि हो या कोई अन्य क्षेत्र — हर क्षेत्र में सफलता के लिए शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित बलबीर सिंह जुनेजा इनडोर स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय मछुवारा जागरूकता सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  हमारी सरकार प्रारंभ से ही राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। राज्य गठन के समय जहां केवल एक मेडिकल कॉलेज हुआ करता था, वहीं आज प्रदेश में लगभग 15 मेडिकल कॉलेज हो चुके हैं। इसी तरह हमने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थान जैसे आईआईटी, ट्रिपल-आईटी, आईआईएम, लॉ यूनिवर्सिटी, एम्स और सिपेट जैसे संस्थान छत्तीसगढ़ में स्थापित किए हैं, जिनका लाभ राज्य के स्थानीय विद्यार्थियों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में नालंदा परिसर के निर्माण का कार्य चल रहा है, जिससे युवाओं को दिशा और अवसर दोनों मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समाज को संगठित होने की आवश्यकता है, क्योंकि संगठित समाज से ही राष्ट्र मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि नशाखोरी समाज के विकास में बाधक है और इस बुराई से दूर रहना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने समाज से नशा मुक्ति का संकल्प लेने की अपील की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार ने मत्स्य संपदा योजना प्रारंभ की, जो मछुआरों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में एक क्रांतिकारी कदम सिद्ध हुई है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में गंगरेल बांध ठेका प्रथा को समाप्त कर पुनः डुबान क्षेत्रों के किसानों को मत्स्य पालन की अनुमति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार मछुआ समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। मत्स्य पालन के क्षेत्र में अनेक योजनाएँ प्रारंभ की गई हैं। प्रदेश का पहला एक्वा पार्क हसदेव बांगो जलाशय में लगभग ₹37 करोड़ की लागत से निर्मित किया जा रहा है। यह एक्वा पार्क मछली उत्पादन, प्रोसेसिंग, निर्यात और टूरिज़्म— इन चारों क्षेत्रों में नए अवसर सृजित करेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में यहाँ 800 केजों में मत्स्य पालन किया जा रहा है, जिससे अनेक पंचायतों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह हमारे मछुआ भाइयों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री  साय ने राष्ट्रीय मछुवारा संघ के सभी पदाधिकारियों और देशभर से पधारे मेहनतकश मछुआ भाइयों-बहनों को राष्ट्रीय सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी निषाद ने कहा कि निषाद समाज का गौरवशाली इतिहास और परंपरा रही है। हमारे इतिहास और परंपरा के बारे में नई पीढ़ी को बताना और सिखाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने सदैव निषाद समाज को अग्रणी स्थान दिया है। उन्होंने बताया कि जब अयोध्या में प्रभु रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण किया गया, तब उसी के सामने सरयू नदी के तट पर निषाद राज मंदिर का निर्माण कर समाज को उचित सम्मान दिलाने का कार्य प्रधानमंत्री श्री मोदी ने किया है। इस हेतु निषाद समाज सदैव उनका ऋणी रहेगा। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि निषाद समाज अत्यंत मेहनतकश और परिश्रमी समाज है। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति में निषाद समुदाय का योगदान अनुकरणीय है। इस अवसर पर विधायक सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा, सहित प्रदेश और अन्य राज्यों से आए समाज के पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।