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किसकी मेहंदी में पहुंचीं थीं जया किशोरी?, मेहंदी लगाए नजर आईं, तेजी से तस्वीर हो रही वायरल

नई दिल्ली  जया किशोरी एक प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर और कथावाचक हैं, जो अपने वीडियोस के जरिए सोशल मीडिया पर भी खूब लोकप्रिय हैं। सोशल मीडिया पर हाल ही में जया किशोरी की एक तस्वीर तेजी से वायरल हुई, जिसमें वह मेहंदी लगवाती नजर आ रही हैं। फोटो देखते ही कई लोगों ने यह मान लिया कि शायद जया किशोरी की शादी हो रही है। हालांकि यह अनुमान बिल्कुल गलत साबित हुआ। यह मेहंदी समारोह जरूर था, लेकिन किसी और का और जया किशोरी सिर्फ गेस्ट के तौर पर शामिल हुई थीं। किसकी मेहंदी में पहुंचीं थीं जया किशोरी? यह तस्वीर कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय की मेहंदी सेरेमनी की है। वे प्रसिद्ध कथावाचक कृष्णचंद शास्त्री ठाकुर के बेटे हैं। इस समारोह में कई अतिथि पहुंचे थे, जिनमें जया किशोरी भी शामिल थीं। उन्होंने भी मेहंदी लगवाई, जिसकी तस्वीर अब सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही है। जया किशोरी की मेहंदी डिजाइन क्यों बनी चर्चा का विषय? फोटो में देखा जा सकता है कि मेहंदी आर्टिस्ट जया किशोरी की हथेली के मध्य में एक खूबसूरत गोल फूल जैसा डिजाइन बना रही हैं। यह डिजाइन मंडला पैटर्न पर आधारित है, जिसमें बीच में छोटा सा सर्कल और उसके चारों ओर पंखुड़ियों जैसी बारीक आकृतियां बनाई गई हैं। हल्की अरबीक स्टाइल की रेखाएं और छोटे-छोटे डॉट्स इस मेहंदी को बेहद सरल, सुघड़ और आकर्षक बनाते हैं।

राउज एवेन्यू कोर्ट का सोनिया गांधी को नोटिस, 1980 वोटर लिस्ट में बिना नागरिकता नाम जोड़ने का सवाल

नई दिल्ली दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को नोटिस जारी किया है। यह मामला 1980 की मतदाता सूची में उनके नाम के कथित अनधिकृत रूप से जुड़ा होने को लेकर है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि यह र्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और जालसाजी का मामला हो सकता है। अदालत 6 जनवरी 2026 को मामले पर अगली सुनावाई करेगी। यह विवाद 1980 के मतदाता पंजीकरण से जुड़ा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि सोनिया गांधी का नाम 1980 में नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र की वोटर लिस्ट में दर्ज किया गया था, जबकि उन्होंने भारतीय नागरिकता अप्रैल 1983 में प्राप्त की थी। उनका यह भी कहना है कि 1982 में उनका नाम हटाया गया और 1983 में नागरिकता के बाद फिर जोड़ा गया, जोकि संदिग्ध है। कोर्ट ने सोनिया गांधी को भेजा नोटिस यह विवाद दशकों पुराना है लेकिन हाल ही में फिर से सुर्खियों में आया है। याचिकाकर्ता विकास त्रिपाठी ने सितंबर 2025 में मजिस्ट्रेट कोर्ट में शिकायत दर्ज की थी, जिसमें सोनिया गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और जांच की मांग की गई थी। मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया ने 11 सितंबर को इस शिकायत को खारिज कर दिया था। लेकिन इसके बाद विकास त्रिपाठी ने रिवीजन पिटीशन दाखिल की। इसपर दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सुनवाई करते हुए सोनिया गांधी और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई जनवरी में होगी। ये है मामला याचिकाकर्ता विकास त्रिपाठी के अनुसार, सोनिया गांधी का नाम नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र की 1980 की मतदाता सूची में शामिल किया गया था। लेकिन उन्होंने 30 अप्रैल 1983 को भारतीय नागरिकता प्राप्त की थी। इस याचिका में सवाल किया गया है कि जब नागरिकता तीन साल बाद मिली तो 1980 में उनका नाम वोटर लिस्ट में कैसे शामिल हुआ। याचिकाकर्ता विकास त्रिपाठी का कहना है कि किसी गैर-नागरिक का नाम वोटर लिस्ट में शामिल करना अपराध है और इस मामले की जांच की जाए कि क्या इसके लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया गया था। इस मामले में उन्होंने जालसाजी की आशंका भी जताई है।  

रोड रेज का खौफनाक अंजाम: साइड देने को लेकर विवाद में DTC चालक की बेरहमी से हत्या

नई दिल्ली  दिल्ली के अमन विहार इलाके में शनिवार रात करीब 11:20 बजे लोगों के समूह ने एक DTC बस ड्राइवर को इतना बुरी तरह पीटा कि उसकी मौत हो गई। बताया जाता है कि डीटीसी बस ड्राइवर का शादी समारोह में आए एक अल्टो कार चालक से साइड देने को लेकर कहासुनी हो गई। इसके बाद अल्टो कार चालक ने अपने साथियों को बुला लिया। इन लोगों ने बस ड्राइवर को इतना बुरी तरह पीटा कि उसकी मौत हो गई।   प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात को करीब 11:20 बजे एक बारात सड़क से गुजर रही थी। इसी दौरान डीटीसी बस ड्राइवर विकास वाहन लेकर गुजर रहा था। बारात के कारण संकरी सड़क पर रास्ता देने को लेकर बस ड्राइवर की कार चालक से कहासुनी हो गई। इसके बाद हालात तब बिगड़ गए जब कार ड्राइवर ने अपने रिश्तेदारों को भी मौके पर बुला लिया। देखते ही देखते बवाल बढ़ गया। कार ड्राइवर के गुट ने डीटीसी बस ड्राइवर विकास पर हमला बोल दिया। सभी बस ड्राइवर को बुरी तरह पीटने लगे। एक राहगीर सूरज ने बीच बचाव की कोशिश की तो भीड़ ने उस पर भी हमला कर दिया। उपद्रवी गुट के हमले में बस ड्राइवर विकास और राहगीर सूरज दोनों घायल हो गए। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में विकास की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि उसे शनिवार रात करीब 11:20 बजे एक बारात के पास झगड़े की खबर मिली। कॉल अमन विहार थाने में रजिस्टर की गई। स्थानीय पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने पाया कि संकरी सड़क पर रास्ता देने को लेकर डीटीसी बस ड्राइवर और कार चालक में झगड़ा हुआ था। कार चालक के गुट ने बस ड्राइवर की बेरहमी से पिटाई की। हमलावरों ने बीच बचाव करने वाले को भी पीट दिया। दोनों को एसजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से बाद में DTC ड्राइवर को सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया। बीच-बचाव करने वाले एक राहगीर सूरज को भी चोटें आईं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। एक आरोपी राहुल को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी फरार हैं। उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। कुल 4 आरोपियों की पहचान की गई है। कंडक्टर उमेश के बयान के आधार पर केस दर्ज किया गया है।  

‘बर्बाद करके ही छोड़ेंगे?’ दिल्ली में 95 मोहल्ला क्लीनिक बंद होने से भड़की AAP

नई दिल्ली  दिल्ली में 200 मोहल्ला क्लीनिक बंद होने के बाद 95 और पर ताला लगने वाला है। दिल्ली सरकार के इस फैसले के बाद से आम आदमी पार्टी भड़क गई। पार्टी ने एक्स पर लिखा कि रेखा गुप्ता सरकार दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था को बर्बाद करके ही दम लेगी। इसके अलावा पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मेट्रो स्टेशनों और मॉल्स में प्रीमियम शराब के शोरूम खोलने की योजना है और राजधानी में मोहल्ला क्लीनिक बंद कर दिए जाएंगे। आम आदमी पार्टी ने रेखा गुप्ता सरकार पर हमला करते हुए लिखा कि रेखा गुप्ता सरकार दिल्ली की शानदार स्वास्थ्य व्यवस्था को बर्बाद करके ही दम लेगी। वह अभी तक 200 से ज्यादा मोहल्ला क्लीनिक बंद कर चुकी है और अब 95 और बंद करने जा रही है। BJP सरकार नहीं चाहती है कि किसी को भी मुफ्त इलाज और दवा मिले। जिससे लोग प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के लिए जाएं और बीजेपी के चहेते स्वास्थ्य माफियाओं को फायदा पहुंचे। आम आदमी पार्टी (AAP) ने शुक्रवार को आरोप लगाया था कि बीजेपी के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार अरविंद केजरीवाल सरकार के समय बने 95 और मोहल्ला क्लिनिकों को बंद करने जा रही है, जबकि मेट्रो स्टेशनों और मॉल्स में प्रीमियम शराब के शोरूम खोलने की योजना बनाई जा रही है। AAP की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सवाल किया कि अब वे मरीज कहां इलाज और दवाएं लेने जाएंगे जो इन क्लिनिकों पर निर्भर थे। भारद्वाज ने दावा किया, "सरकार ने पहले किराए की जगह पर चल रहे क्लिनिक बंद किए, फिर वे जो अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं के एक किलोमीटर के दायरे में थे, और बाद में 1.6 किलोमीटर के दायरे में आने वाले क्लिनिक बंद किए, जो यह दिखाता है कि उनका इरादा मोहल्ला क्लिनिकों को पूरी तरह खत्म करना है। वहीं, दूसरी ओर मॉल्स और मेट्रो स्टेशनों पर बड़े, आकर्षक शराब शोरूम को बढ़ावा दिया जा रहा है।" उन्होंने आगे कहा, "सरकार को शराब पीने वालों की चिंता है। वे चाहते हैं कि शराब की दुकानें और शोरूम हर जगह, यहाँ तक कि हर मेट्रो स्टेशन और मॉल में दिखाई दें। शराब पीने वालों को कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए। लेकिन गरीब और बुजुर्ग लोग जो मोहल्ला क्लिनिकों से नियमित रूप से शुगर, मधुमेह, हृदय रोग और रक्तचाप की दवाएँ लेते थे, उन्हें अब दवा के लिए किलोमीटरों तक पैदल चलकर दूर जाना पड़ेगा। जबकि शराब, मेट्रो स्टेशन पर ही उपलब्ध होनी चाहिए। यह कैसी सरकार है? यह अपने लोगों का दर्द क्यों नहीं समझती?"  

जहरीली हवा + कड़ाके की ठंड: दिल्ली की सांसें थमीं, AQI फिर खतरे के स्तर पर

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ठंड के कहर के साथ-साथ प्रदूषण की मार भी जारी है। बीता दिन शनिवार (6 दिसंबर) भी दिल्लीवासियों के लिए बेहद प्रदूषित रहा जहां 24 घंटे का औसत AQI 330 दर्ज किया गया जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। केंद्र और राज्य सरकारों के तमाम प्रयासों के बावजूद राजधानी पिछले डेढ़ महीने से ज़हरीली हवा की गिरफ़्त से बाहर नहीं निकल पाई है। CPCB के समीर ऐप के अनुसार दिल्ली के 40 में से 31 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज हुआ। मुंडका में AQI 387 और नेहरू नगर में 369 तक पहुंच गया। शनिवार सुबह 9 बजे तक भी औसत AQI 335 बना रहा। शनिवार शाम को दिल्ली-NCR की हवा में PM10 का स्तर 275.7 और PM2.5 का स्तर 157.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा जो मानक से करीब तीन गुना ज़्यादा है। 14 अक्टूबर के बाद एक भी दिन ऐसा नहीं रहा जब AQI 200 से नीचे आया हो। अगले 3-4 दिन सुधार के आसार नहीं वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली का अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों तक AQI इसी खराब स्तर के आसपास बना रहेगा। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक रविवार सुबह हल्की धुंध का अनुमान है और आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा। सरकारी एजेंसियों का कहना है कि प्रदूषण को कम करने के लिए बारिश या तेज़ हवा ही चाहिए लेकिन फिलहाल ऐसी किसी मौसमी गतिविधि की संभावना कम है। सेहत पर बढ़ता सीधा खतरा राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण का सीधा असर लोगों की सेहत पर दिख रहा है। सबसे अधिक समस्या अस्थमा मरीजों और बुजुर्गों को हो रही है। लोगों में आंखों में जलन, संक्रमण, गले में खराश, खांसी और दर्द की शिकायत बढ़ रही है। फेफड़ों पर बुरा असर पड़ रहा है और लोगों में थकान, घबराहट, सिरदर्द जैसे लक्षण भी बढ़े हैं। ठंड का सितम भी जारी प्रदूषण के साथ-साथ दिल्ली के लोगों को ठंड का सितम भी झेलना पड़ रहा है। न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस पर बना हुआ है जबकि अधिकतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। पहाड़ों में बर्फबारी जारी रहने के कारण इसका असर मैदानी इलाकों में देखा जा रहा है। 10 से 12 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं ने शहर की सिहरन और बढ़ा दी है। वहीं मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए शीतलहर के लिए अलर्ट भी जारी कर दिया है।  

HTLS मंच से रेखा गुप्ता का संदेश: प्रदूषण पर तेजी से हो रहा काम, समाधान भी जल्द

नई दिल्ली  दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में पलूशन और स्मॉग है लेकिन यह आज ही है ऐसा नहीं है। यह एक वर्षों से चली आ रही समस्या है। इसमें कई सारे फैक्टर काम करते हैं। इसको बढ़ाने में परिवहन, ओपन बर्निंग, डस्ट तमाम फैक्टर काम करते हैं। ऐसा नहीं है कि कुछ जादू की छड़ी घूमने से झटके में पलूशन खत्म हो जाने वाला है। पलूशन खत्म करना एक रेगुलर प्रॉसेस है। सीएम रेखा गुप्ता समिट 2025 में बोल रही थीं। उनसे पूछा गया कि दिल्ली से पलूशन कब खत्म होगा। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में पलूशन एक लिगेसी प्रॉब्लम है। यह बरसों बरस से चली आ रही समस्या है। दिल्ली में पलूशन बढ़ने की कई वजहें हैं। सीएम ने आगे कहा कि दिल्ली एक बड़ा शहर है जिसकी आबादी लगातार बढ़ रही है। इसी तरह पहले जो ट्रैफिक हुआ करता था आज यह उसके कई गुना ज्यादा है। पहले जितनी गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन हुआ करता था आज उससे तीन गुना ज्यादा हुआ करता है। ये सारी स्थितियां लगातार चल रही हैं। पलूशन में कोई एक इनपुट काम नहीं करता है। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि इसमें ओपन बर्निंग भी काम करती है। इसमें डस्ट भी काम करती है। इसमें ट्रैफिक भी काम करता है। इस तरह मिलकर एक बड़ी समस्या के रूप में पलूशन बन जाता है। ऐसा भी नहीं कि आज कोई जादू की छड़ी घूम जाने से यह समस्या खत्म हो जाने वाली है। पलूशन को खत्म करने की एक सतत प्रक्रिया है। आप इस दिशा में आज कुछ करते हैं, कल उससे ज्यादा ताकत से इस पर काम करते हैं। इस तरह एक प्रक्रिया है। समिट में बोलते हुए दिल्ली की CM रेखा गुप्ता ने कहा कि इस तरह से बीते 10 महीनों में हमारी सरकार ने वो तमाम कदम उठाए जो जरूरी थे। हमने पलूशन खत्म करने की दिशा में वो तमाम काम किए जो पिछली सरकारों ने नहीं किए। शायद इसीलिए यह लिगेसी प्रॉब्लम के तौर पर यह समस्या आज भी हमारे सामने है। अन्यथा यह खत्म हो गई होती। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस सरकारों के जमाने में भी ऐसे ही पलूशन होता था।

14 एनर्जी स्टेशनों के साथ तैयार हो रहा भारत का सबसे लंबा ई-हाईवे दिल्ली-गुरुग्राम-जयपुर

नई दिल्ली देश में पहली बार सोलर, पवन, थर्मल और हाइड्रोजन स्रोतों से बिजली उत्पन्न कर ई-वाहनों को चार्ज करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए नेशनल हाईवे फॉर ईवी (NHEV) 3जी एनर्जी स्टेशन स्थापित करेगा। यह पहल दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम करने में मददगार साबित होगी और साथ ही बिजली की बचत भी सुनिश्चित करेगी। गुरुग्राम के ग्वाल पहाड़ी स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी (NISE) में शुक्रवार को एनएचईवी वर्किंग कमेटी की सातवीं बैठक आयोजित होगी। इस बैठक में दिल्ली-गुरुग्राम-जयपुर और दिल्ली-फरीदाबाद-आगरा कॉरिडोर पर पहले चरण में 14 अत्याधुनिक 3जी एनर्जी स्टेशनों का अंतिम रोडमैप तैयार किया जाएगा। इन चार्जिंग स्टेशनों पर 200 से 500 किलोवॉट तक के अल्ट्रा-फास्ट चार्जर लगाए जाएंगे, जिससे कोई भी इलेक्ट्रिक वाहन केवल 30 मिनट में 100 से 200 किलोमीटर तक चलने के लिए चार्ज हो सकेगा। नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से संचालित होने के कारण प्रत्येक स्टेशन से सालाना लगभग 8,000 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम होगा। तीन हजार 200 किलोवॉट क्षमता वाले हाइब्रिड सर्विस हब सोलर, पवन, थर्मल और हाइड्रोजन माइक्रो-इलेक्ट्रोलाइज़र से संचालित होंगे। भविष्य में इन्हें पूरी तरह हाइड्रोजन आधारित तकनीक में बदला जाएगा। दिल्ली-जयपुर और दिल्ली-आगरा को जोड़ने वाले विश्व के सबसे बड़े ईवी कॉरिडोर के निर्माण के लिए शुक्रवार की बैठक में विस्तृत योजना तैयार की जाएगी।  अभिजीत सिन्हा, निदेशक, एनएचईवी एनएचईवी का उद्देश्य देश के लगभग 5,000 किलोमीटर लंबे हाईवे को इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए उपयुक्त बनाना है। पहले चरण में यह पहल दिल्ली-गुरुग्राम-जयपुर और दिल्ली-फरीदाबाद-आगरा हाईवे पर शुरू की जाएगी। इस कदम से यात्रियों को यात्रा में आसानी और सुविधा प्राप्त होगी। दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए 5 ट्रक हब बनेंगे दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम करने के लिए एनएचईवी पांच बड़े इलेक्ट्रिक ट्रक चार्जिंग हब भी स्थापित करेगा। ये नए हब गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, नोएडा और गाजियाबाद में बनाए जाएंगे। वर्तमान में रोजाना लगभग 15,000 डीजल ट्रक राजधानी में प्रवेश करते हैं, जो वायु प्रदूषण का बड़ा कारण हैं। नई चार्जिंग सुविधाओं की मदद से 24 घंटे में करीब 10,000 इलेक्ट्रिक ट्रकों को चार्ज किया जा सकेगा। इससे डीजल ट्रकों का प्रवेश धीरे-धीरे कम होगा और दिल्ली की वायु गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार आएगा। इस पहल से नागरिकों को प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद है। गुरुग्राम होकर गुजरेगा विश्व का सबसे लंबा ई-हाईवे: वर्तमान में जर्मनी के बर्लिन में 109 किमी लंबा ई-हाईवे है। देश का पहला ई-हाईवे दिल्ली के इंडिया गेट से जयपुर के अलबर्ट पिंटो हॉल तक घोषित किया गया है। लगभग 280 किमी लंबा यह हाईवे पूरी तरह तैयार होने के बाद विश्व का सबसे लंबा ई-हाईवे बन जाएगा। पहले इसका प्रारंभिक बिंदु गुरुग्राम था, जिसे बाद में इंडिया गेट तक बढ़ाया गया। दिल्ली-गुरुग्राम-जयपुर और फिर दिल्ली-आगरा कॉरिडोर के पूरा होने पर यह हाईवे लगभग 500 किमी लंबा हो जाएगा। 3 प्वाइंट में समझें 3G चार्जिंग स्टेशन ग्रीन एनर्जी: ये चार्जिंग स्टेशन 100% नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) से संचालित होंगे। इसमें सोलर पैनल, पवन टरबाइन, हाइड्रोजन और स्टोरेज बैटरी से पावर जनरेट की जाएगी, और कोई ग्रिड कनेक्शन नहीं होगा। प्रत्येक स्टेशन से सालाना लगभग 8,000 टन CO₂ उत्सर्जन बचाया जा सकेगा, जिससे हाईवे पर चलने वाली ईवी वास्तविक रूप से शून्य उत्सर्जन (Zero Emission) वाली होंगी। यह भारत का पहला ऐसा प्रोजेक्ट है जो थर्मल पावर को पूरी तरह बायपास करेगा। गिगानटिक क्षमता: इस पहल के तहत 3.2 मेगावॉट क्षमता वाले विशाल चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। एक ही स्थान पर 60-120 kW फास्ट चार्जर, ट्रक और बस के लिए 600 kW पैंटोग्राफ, वायरलेस चार्जिंग पैड, बैटरी स्वैप सिस्टम और हाइड्रोजन डिस्पेंसर जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। चार 800 kWh के सब-स्टेशन मिलाकर कुल 3,200 kWh बिजली उत्पन्न की जाएगी, जिससे एक साथ लगभग 300 कारें या 50 ट्रक-बसे चार्ज हो सकेंगी। जेनरेशन नेक्स्ट: ये चार्जिंग स्टेशन 5G नेटवर्क, AI आधारित लोड मैनेजमेंट और जियो रूट प्लानिंग से लैस होंगे। वाहन अपने आप यह जानकारी देगा कि अगला 3G स्टेशन कहां है, कितनी चार्जिंग बची है और कितनी देर रुकना है। भविष्य में, 2047 तक इन स्टेशनों को 6.4 मेगावॉट क्षमता वाले 5G स्टेशन में अपग्रेड किया जाएगा। पर्यटन और लॉजिस्टिक्स को बूस्ट: यह प्रोजेक्ट भारत सरकार के ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस (EODB) पायलट का हिस्सा है, जो नेशनल हाईवे को ई-हाईवे (NHEV) में बदलने पर केंद्रित है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस पहल से इलेक्ट्रिक टैक्सी और टूरिस्ट बसों की संख्या बढ़ेगी। वर्तमान में अधिकांश लोग पेट्रोल-डीजल वाहन ही चुनते हैं क्योंकि चार्जिंग स्टेशन न मिलने का डर रहता है। अब हर 50 किमी पर चार्जिंग उपलब्ध होने से लोग EV से निश्चिंत होकर यात्रा कर सकेंगे। इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स कंपनियां भी इलेक्ट्रिक ट्रक चलाने की तैयारी कर रही हैं।

कोर्ट में AI का इस्तेमाल अभी नीतिगत दायरे से बाहर, कानून मंत्री का बड़ा खुलासा

नई दिल्ली  केंद्र सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा में बताया कि न्यायपालिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग को लेकर अभी तक कोई औपचारिक नीति या दिशानिर्देश तैयार नहीं किए गए हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक क्षेत्र में एआई के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशने के लिए एक एआई कमेटी बनाई है, लेकिन सभी एआई-आधारित समाधान अभी नियंत्रित पायलट चरण में ही हैं। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि न्यायपालिका फिलहाल केवल उन्हीं क्षेत्रों में एआई का उपयोग कर रही है, जिन्हें ई-कोर्ट फेज-3 की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा, "न्यायपालिका एआई को अपनाने में कई बड़ी चुनौतियों को ध्यान में रख रही है, जैसे एल्गोरिद्म में पक्षपात का खतरा, भाषा और अनुवाद संबंधी समस्याएं, डेटा गोपनीयता और सुरक्षा और एआई द्वारा तैयार सामग्री की मैनुअल जांच की आवश्यकता।" मेघवाल ने बताया कि ई-कमेटी की अध्यक्ष, सुप्रीम कोर्ट जज की निगरानी में छह हाई कोर्ट जजों और तकनीकी विशेषज्ञों वाली एक सब-कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी सुरक्षित कनेक्टिविटी, डेटा संरक्षण, प्रमाणीकरण व्यवस्था और ई-कोर्ट परियोजना के तहत मौजूद डिजिटल ढांचे की मजबूती का आकलन कर रही है। कानून मंत्री ने बताया कि न्यायिक अनुसंधान में मदद के लिए कानूनी अनुसंधान विश्लेषण सहायक (एलईजीआरएए) नाम का एआई टूल विकसित किया गया है। यह जजों को कानूनी दस्तावेजों और निर्णयों के विश्लेषण में सहायता करता है। इसके अलावा डिजिटल कोर्ट 2.1 नाम का एक और एआई आधारित प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है। यह जजों और न्यायिक अधिकारियों के लिए केस से जुड़ी सभी जानकारी एक ही विंडो में उपलब्ध कराता है। इस सिस्टम में एएसआर-श्रुति (वॉयस-टू-टेक्स्ट) और पाणिनी (अनुवाद) जैसी सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं, जिससे आदेश और फैसलों की डिक्टेशन आसान होती है। उन्होंने बताया कि अब तक पायलट फेज में इन एआई समाधानों में किसी तरह की सिस्टमैटिक बायस या गलत सामग्री जैसी समस्या सामने नहीं आई है। मेघवाल ने बताया कि हाल के दिनों में अदालतों में मॉर्फ्ड या फर्जी डिजिटल सामग्री जमा कराए जाने के मामलों में वृद्धि हुई है। न्यायपालिका ने इसे गंभीर खतरे के रूप में पहचाना है, क्योंकि यह न सिर्फ न्यायिक प्रक्रिया बल्कि सार्वजनिक धारणा को भी प्रभावित कर सकता है। उन्होंने जानकारी दी कि ऐसे मामलों में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई होती है, जैसे पहचान की चोरी (66सी), कंप्यूटर संसाधन का उपयोग कर धोखाधड़ी (66डी), अश्लील या आपत्तिजनक सामग्री (67, 67ए, 67बी) का प्रकाशन या प्रसारण। इसी तरह भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराएं भी इन अपराधों पर लागू होती हैं।

इंडिगो का बड़ा फ्लाइट कैंसिलेशन: दिल्ली से सभी उड़ानें रद्द, 550 फ्लाइट एक दिन में कैंसल

नई दिल्ली  देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के परिचालन में व्यवधान लगातार चौथे दिन भी जारी है। जानकारी के मुताबिक इंडिगो ने शुक्रवार को दिल्ली और देश के अन्य एयरपोर्ट्स से कम से कम 550 उड़ानें रद्द कर दी हैं। इसके चलते एयरपोर्ट्स पर अफरा-तफरी का माहौल है। कई यात्रियों ने असुविधा के साथ ही सामान गायब होने की भी शिकायतें की हैं। इससे पहले गुरुवार को 550 से ज्यादा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द कर दिया गया था। दिल्ली एयरपोर्ट के अधिकरियों के मुताबिक यहां से उड़ान भरने वाली 135 और आने वाली 90 उड़ानों को रद्द किया गया है। बेंगलुरु एयरपोर्ट से संचालित होने वाली कम से कम 102 उड़ानों को रद्द किया गाय है। वहीं हैदराबाद से 92 फ्लाइट्स को कैंसल कर दिया गाय है। अब तक चार दिनों में 1000 से ज्यादा फ्लाइट कैंसल हो चुकी हैं। मुंबई एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली 53 और यहां आने वाली 51 फ्लाइट्स को कैंसल किया गया है। इस तरह मुंबई एयरपोर्ट से संचालिन होने वाली कुल 104 उड़ानें रद्द हो गई हैं। इंडिगो हाल के दिनों में चालक दल की भारी किल्लत का सामना कर रहा है। दरअसल उड़ान ड्यूटी की सीमा तय करने वाले नए एफडीटीएल नियम लागू होने के बाद से ही एयरलाइन चालक दल की कमी का सामना कर रही है। नए नियमों के तहत पायलटों के लिए साप्ताहिक विश्राम समय बढ़ाया गया है और रात में लैंडिंग की संख्या सीमित की गई है ताकि उड़ान सुरक्षा को मजबूत किया जा सके। बड़ी संख्या में पायलट्स अनिवार्य रेस्ट पीरियड के चलते फ्लाइट नहीं ले जा पा रहे हैं। इंडिगो ने डीजीसीए को बताया है कि 8 दिसंबर से विमानों का संचालन कम कर दिया जाएगा। उम्मीद है कि 10 फरवरी से संचालन स्थिर हो जाए। इंडिगो ने डीजीसीए से एफडीटीएल के नियमें रात्रिकालीन संचालन से जुड़े कुछ बदलावों को लेकर 10 फरवरी तक छूट की मांग की है। इंडिगो का कहना है कि एफडीएल नियमों के लागू होने की वजह से उन्हें ज्यादा पायलट्स की जरूरत है। एफडीटीएल नियमों के तहत साप्ताहिक आराम के घंटों को 36 से बढ़ाकर 48 घंटे कर दिया गया है। इसे अलावा एक पायलट हफ्तेभऱ में दो से ज्यादा नाइट लैंडिंग नहीं कर सकता है। केवल दो ही लगातार नाइट ड्यूटी लगाई जा सकती हैं। इंडिगो का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक उड़ानों की संख्या में कमी करनी पड़ेगी। एयरलाइन ने यात्रियों से असुविधा के लिए माफी मांगी है। इंडिगो ने कहा है कि विमानों के संचालन को पटरी पर लाने में समय लगेगा। ऐसे में आने वाले समय के लिए भी यात्रियों को तैयार रहना है। घर से निकलने से पहले वे फ्लाइट का शेड्यूल जरूर चेक करें। केंद्रीय मंत्री की हाई लेवल बैठक सिविल एविएशन मिनिस्टर के राममोहन नायडू ने गुरुवार को हालात का जायजा लेने के लिए उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की थी। उन्होंने इंडिगो को किराया बढ़ाने को लेकर भी चेतावनी दी। केंद्रीय मंत्री ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और डीजीसीए को हालात पर नजर रखने का निर्देश दिया है। इसके अलावा एयरपोर्ट्स पर फंसे यात्रियों की मदद का आश्वासन दिया है।  

राजघाट पर श्रद्धांजलि, फिर मोदी से मुलाकात: भारत दौरे पर पुतिन का अहम दिन

नई दिल्ली  भारत यात्रा पर आए रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन ने शुक्रवार सुबह राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। पुतिन ने बापू की समाधि पर सिर झुकाया और परिक्रमा की। उन्होंने एक पुष्प चक्र चढ़ाया और बापू के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट की। उन्होंने राजघाट पर रखी स्मारिका में भी दस्तखत किए। इसके बाद राष्ट्रपति भवन में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। यहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पुतिन सीधे हैदराबाद हाउस पहुंचे जहां दोनों के बीच अहम द्विपक्षीय वार्ता होनी है। हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी ने कहा, आपके स्वागत करने का मौका मिला है। कल से ही डेलिगेशन कई बैठकों में व्यस्त रहें। आपकी यात्रा बहुत ही ऐतिहासिक है। 2001 में जब आपने कार्यभार संभाला था तभी दोनों देशों के बीच संबंधों की एक मजबूत नींव रखी गई थी। यूक्रेन को लेकर पुतिन से क्या बोली पीएम मोदी वार्ता शुरू होने से पहले पीएम मोदी ने कहा, 'मैं मानता हूं कि 2001 में आपने जो भूमिका अदा की, एक विजिनरी लीडर कैसे सोचता है और संबंधों को कहां तक पहुंचा सकता है। इसका एक उत्तम उदाहरण भारत और रूस के संबंध हैं। यूक्रेन संकट के बाद हमारी लगातार चर्चा होती रही है।आपने इस विषय पर हमें अवगत भी कराया है। सबका कल्याण शांति के मार्ग पर है। हम सबको मिलकर शांति का रास्ता तलाशना चाहिए। पिछले दिनों से जो प्रयास चल रहे हैं, उससे हमें विश्वास है कि विश्व एक बार फिर शांति के रास्ते पर लौटेगा।' पीएम मोदी ने कहा, पिछले दिनों विश्व समुदाय के नेताओं से मेरी बात हुई है। मैंने हमेशा कहा है कि भारत न्यूट्रल नहीं है। भारत का पक्ष है और वह है शांति का है। हम शांति के पक्ष का समर्थन करते हैं और हर प्रयास के लिए कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। हमें विश्वास है कि विश्व बहुत जल्दी चिंतामुक्त हो जाएगा। मुझे पूरा भरोसा है कि हम आज जिन विषयों पर चर्चा करने वाले हैं, उससे दोनों देशों के संबंध नई ऊंचाई को प्राप्त करेंगे। व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यूक्रेन के मुद्दे पर ध्यान देने के लिए शुक्रिया कहा।