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भारत गौरव यात्रा ट्रेन जालंधर से होकर जाएगी पुरी और अयोध्या, पठानकोट से होगी शुरुआत

चंडीगढ़  पंजाब से भारत दर्शन के लिए स्पेशन ट्रेन रवाना होगी। इसकी जानकारी जालंधर में रेलवे अधिकारी ठाकुर सिंह नेगी ने बताया कि ये ट्रेन पठानकोट से चलेगी और पुरी-अयोध्या होते हुए कई धार्मिक स्थलों की यात्रा करवाएगी। नेगी ने बताया कि रेलवे का टूरिज्म विभाग इस बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक यात्रा कर सकते हैं। इसके लिए खान-पान और ठहरने से लेकर घुमाने तक की सुविधा रेलवे की तरफ से होगी। ठाकुर सिंह नेगी ने बताया कि तीर्थ यात्रा 23 मई 2026 को पठानकोट कैंट स्टेशन से रवाना होगी और 2 जून 2026 को वापसी के साथ संपन्न होगी। इसके लिए रेलवे ने अमृतसर, जालंधर सिटी, लुधियाना, चंडीगढ़, अंबाला कैंट, कुरुक्षेत्र, पानीपत और हजरत निजामुद्दीन सहित कई बोर्डिंग और डिबोर्डिंग पॉइंट बनाए हैं। इससे यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में बनाए गए बोर्डिंग पॉइंट रेलवे अधिकारी ठाकुर सिंह नेगी ने बताया कि भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम ने भारत गौरव पर्यटक ट्रेन के माध्यम से आध्यात्मिक रूप से समृद्ध पुरी, गंगासागर और अयोध्या धाम यात्रा की घोषणा की है। 10 रातें और 11 दिनों के दौरान पुरी, कोलकाता, गया, वाराणसी और अयोध्या धाम जैसे देश के पवित्र स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। इस यात्रा के लिए पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न स्टेशनों पर बोर्डिंग और डिबोर्डिंग पॉइंट बनाए गए हैं। चाय-नाश्ता, दोपहर और रात के भोजन की व्यवस्था IRCTC ने इस यात्रा को 2 श्रेणियों में बांटा है, जिसमें स्टैंडर्ड क्लास का किराया 28,270 और कम्फर्ट क्लास का किराया 32,440 प्रति व्यक्ति निर्धारित किया गया है। इस पैकेज में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। 3AC कन्फर्म ट्रेन टिकट, चाय-नाश्ता, दोपहर और रात का भोजन, ठहरने के लिए आरामदायक आवास और स्थानीय दर्शनीय स्थलों की यात्रा के लिए बसों की सुविधा शामिल है। टूर के दौरान ट्रेन में मौजूद रहेगी मेडिकल टीम ठाकुर सिंह नेगी ने बताया कि पूरी यात्रा के दौरान टूर एस्कॉर्ट, हाउसकीपिंग, सुरक्षा और पैरामेडिकल स्टाफ की टीम भी मौजूद रहेगी। IRCTC ने जानकारी दी है कि इस लोकप्रिय पैकेज में अब केवल कुछ ही सीटें शेष बची हैं, ऐसे में इच्छुक यात्री आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन नंबर 0172-4645795, 7888831633 पर संपर्क कर अपनी बुकिंग कर सकते हैं।

‘पेटी क्राइम’ पर सख्ती का असर: Punjab Police की कार्रवाई से गैंगस्टर नेटवर्क कमजोर

चंडीगढ़. पंजाब में पेटी क्राइम पर सख्त कार्रवाई ने गैंग्स्टर नेटवर्क की जड़ों को हिला दिया है। छोटे अपराधों के जरिए होने वाली गैंग्स्टरों की भर्ती पर ब्रेक लगने से राज्य में संगठित अपराध में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। पंजाब पुलिस के गैंग्स्टरों पर वार अभियान के तहत की गई कार्रवाई ने न केवल बड़े गैंग्स्टरों बल्कि उनके पूरे नेटवर्क को प्रभावित किया है, जिससे अपराध का ग्राफ तेजी से नीचे आया है। आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान के शुरू होने के तीन महीनों के भीतर ही गैंगस्टर से जुड़े हत्या के मामलों में 100 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई है। जनवरी में जहां चार मामले सामने आए थे, वहीं मार्च तक यह संख्या शून्य हो गई। इसी तरह गैंग्स्टर से जुड़ी फायरिंग घटनाओं में भी भारी कमी आई है। जनवरी में 29 घटनाएं दर्ज की गई थीं, जो 20 अप्रैल तक घटकर केवल नौ रह गई, यानी करीब 69 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। रंगदारी के मामलों में भी कमी देखी गई है। जनवरी में 110 मामलों के मुकाबले मार्च में 98 मामले दर्ज हुए, जो लगभग 10.9 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है। समग्र विश्लेषण में रंगदारी के मामलों में करीब 11 प्रतिशत की कमी सामने आई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पेटी क्राइम लंबे समय से गैंग्स्टर नेटवर्क के लिए भर्ती का प्रमुख जरिया बना हुआ था। छोटे-छोटे अपराधों में शामिल युवाओं को गैंग्स्टर गिरोह अपने साथ जोड़ लेते थे, जिससे उनका नेटवर्क लगातार मजबूत होता था। गैंग्स्टरों पर वार अभियान के तहत ऐसे ही तत्वों पर सख्ती से कार्रवाई कर इस भर्ती चेन को तोड़ा गया है। इस अभियान के तहत शुरू की गई टोल-फ्री एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन 93946-93946 भी अहम भूमिका निभा रही है। अब अधिक संख्या में लोग रंगदारी और धमकी से जुड़ी काल्स की जानकारी पुलिस तक पहुंचा रहे हैं, जिससे समय रहते कार्रवाई संभव हो रही है। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि यह अभियान सिर्फ बड़े नामों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा पंजाब पुलिस ने न केवल अपराध दर को नियंत्रित किया है, बल्कि लोगों का भरोसा भी जीता है। रिकार्ड खुद इस बात की गवाही देते हैं कि अपराध सिंडिकेट को तोड़ने के लिए व्यापक कार्रवाई की गई है। यह शुरुआत है और हम इन गैंग्स्टरों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहे हैं ताकि उनका पूरी तरह सफाया किया जा सके। डीजीपी ने कहा छोटे अपराधों में शामिल लोग गैंगस्टरों के लिए आसान भर्ती बनते थे। ऐसे तत्वों पर कार्रवाई कर हमने उनके नेटवर्क को बाधित किया है और राज्य में अपराध के प्रति जीरो टालरेंस नीति को और मजबूत किया है। अभियान का असर पूरे राज्य में देखने को मिला है, जिसमें शहरों के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्र भी शामिल हैं। आंकड़े यह संकेत देते हैं कि संगठित अपराध में आई कमी से गैंग्स्टरों की नई भर्ती पर असर पड़ा है और आने वाले समय में अपराध में और गिरावट की संभावना बढ़ी है।

लुधियाना में 20 करोड़ की क्रिप्टो धोखाधड़ी, 76 फर्जी बैंक खातों में पैसे जमा करने के आरोप, पंजाब का सबसे बड़ा साइबर स्कैम

लुधियाना में 20 करोड़ की क्रिप्टो धोखाधड़ी, उद्योगपति से 15 बैंकों के 76 फर्जी खातों में जमा कराए पैसे लुधियाना में 20 करोड़ की क्रिप्टो धोखाधड़ी, 76 फर्जी बैंक खातों में पैसे जमा करने के आरोप, पंजाब का सबसे बड़ा साइबर स्कैम लुधियाना में उद्योगपति से 20 करोड़ की क्रिप्टो धोखाधड़ी, 15 बैंकों के 76 फर्जी खातों का खुलासा, पंजाब का सबसे बड़ा साइबर स्कैम लुधियाना पंजाब में साइबर अपराधियों ने अब तक की सबसे बड़ी डिजिटल ठगी को अंजाम दिया है। लुधियाना के एक प्रमुख उद्योगपति जगदीप सिंघल को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर करीब 19.84 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया है। पंजाब पुलिस के साइबर क्राइम डिवीजन ने इस मामले में केस दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच में सामने आया है कि ठगों ने महज 9 महीनों के भीतर 15 अलग-अलग बैंकों के 76 फर्जी (म्यूल) खातों में यह भारी-भरकम राशि ट्रांसफर करवाई। रिटायर्ड आईजी चहल की तरह ही ठगी का तरीका पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस धोखाधड़ी का तरीका (मोडस ऑपरेंडी) ठीक वैसा ही है, जैसा पिछले साल दिसंबर में रिटायर्ड आईजी अमर सिंह चहल के साथ हुआ था। आईजी चहल से भी इसी तरह 8.10 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। इस मामले में भी ठगों ने एक विश्वसनीय ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की फर्जी वेबसाइट बनाई और एक नकली डिजिटल डैशबोर्ड तैयार किया। इस डैशबोर्ड पर पीड़ित को रोजाना का व्यापार और भारी मुनाफा दिखाया जाता था, ताकि उसे और अधिक निवेश करने के लिए उकसाया जा सके। 9 महीनों में 76 बैंक खातों में भेजी गई रकम एफआईआर के अनुसार, उद्योगपति जगदीप सिंघल के साथ यह खेल 15 मई 2025 से 20 नवंबर 2025 के बीच खेला गया। हैरान करने वाली बात यह है कि 17 से 20 नवंबर के बीच मात्र चार दिनों में पीड़ित ने इन खातों में 5 करोड़ रुपये से अधिक जमा कर दिए। ठगी के पैसों का बैंकिंग रूट: जांच में पता चला है कि आरोपियों ने दिल्ली, मुंबई, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब और बेंगलुरु में फैले 76 'म्यूल' बैंक खातों के जरिए पैसा रूट किया। ये खाते आईडीएफसी, आईसीआईसीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, एक्सिस बैंक और बंधन बैंक जैसे 15 प्रमुख बैंकों में खोले गए थे। किस बैंक में कितना पैसा हुआ ट्रांसफर? जालसाजों के नेटवर्क की गहराई का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने किस तरह अलग-अलग बैंकों का इस्तेमाल किया:     IDFC बैंक: 19 खातों में 5,14,50,000 रुपये।     ICICI बैंक: 15 खातों में 5,23,80,000 रुपये।     बैंक ऑफ बड़ौदा: 13 खातों में 3,39,00,000 रुपये।     एक्सिस बैंक: 8 खातों में 1,88,00,000 रुपये।     बंधन बैंक: 8 खातों में 1,17,00,000 रुपये। इसके अलावा इंडियन बैंक, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, यस बैंक, एचडीएफसी और कोटक महिंद्रा जैसे बैंकों का भी इस्तेमाल लाखों रुपये ट्रांसफर करने के लिए किया गया। 'अनामिका रॉय' बनकर जाल में फंसाया पीड़ित जगदीप सिंघल को सबसे पहले फेसबुक के जरिए लालच दिया गया और बाद में व्हाट्सएप पर 'अनामिका रॉय' नामक महिला ने उनसे संपर्क किया। खुद को क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज की कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताकर उसने सिंघल का भरोसा जीता। सिंघल ने पुलिस को बताया, "शुरुआत में मैंने 15 मई 2025 को 1 लाख रुपये का निवेश किया था। फर्जी प्लेटफॉर्म पर मेरा निवेश बढ़कर 4.3 मिलियन डॉलर (करीब 36 करोड़ रुपये) दिखने लगा, जिससे मुझे लगा कि पैसा सुरक्षित है और मुनाफे में है।" तकनीक की कम जानकारी का उठाया फायदा शिकायतकर्ता ने बताया कि वरिष्ठ नागरिक होने और तकनीकी जानकारी कम होने के कारण वह यह नहीं समझ सके कि वेबसाइट असली एक्सचेंज की हूबहू नकल थी। जब उन्होंने पैसा निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने 'टैक्स लायबिलिटी' और 'ग्रीन चैनल' शुल्क के नाम पर करोड़ों रुपये और ऐंठ लिए। पुलिस के अनुसार, इस पूरे सिंडिकेट को चलाने के लिए कई फर्जी सिम कार्ड और डिजिटल पहचान का इस्तेमाल किया गया है। साइबर सेल अब उन संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही है जहां से ये खाते संचालित किए जा रहे थे।    

पंजाब में खेतों में गेहूं के अवशेष जलाने के 44 मामले दर्ज, हवा हुई जहरीली, मंडी गोबिंदगढ़ का AQI गंभीर

पंजाब में फिर धधके खेत, गेहूं के अवशेष जलाने के 44 मामले दर्ज, मंडी गोबिंदगढ़ का AQI खराब पंजाब में खेतों में गेहूं के अवशेष जलाने के 44 मामले दर्ज, हवा हुई जहरीली, मंडी गोबिंदगढ़ का AQI गंभीर पंजाब में गेहूं के अवशेष जलाने के 44 मामले, हवा की गुणवत्ता हुई खराब, मंडी गोबिंदगढ़ का AQI खतरनाक स्तर पर अमृतसर  पंजाब सरकार के दावों के विपरीत सूबे में एक बार फिर से खेत धधकने लगे हैं। इस सीजन में अब तक गेहूं के अवशेष जलाने के 44 मामले दर्ज हो चुके हैं। अगली फसल के लिए खेतों को तैयार करने के लिए किसान अवशेष जला रहे हैं जिससे सूबे में प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। मंगलवार को मंडी गोबिंदगढ़ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 202 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में रहा। वहीं पटियाला, बठिंडा व अमृतसर का एक्यूआई यलो जोन में दर्ज किया गया। बठिंडा का एक्यूआई 155, अमृतसर का 135 और पटियाला का एक्यूआई 106 दर्ज हुआ।  पीपीसीबी के अधिकारियों के मुताबिक विभिन्न विभागों के कर्मचारी व अधिकारी फील्ड में जाकर किसानों को लगातार फसल अवशेष जलाने के नुकसान बता रहे हैं। सख्ती बरतते हुए कार्रवाई भी की जा रही है। अब निगरानी को और सख्त किया जाएगा। खेतों में गेहूं के अवशेष जलाने के मामलों की सेटेलाइट के जरिये 1 अप्रैल से निगरानी शुरू की गई है, जो 30 मई तक चलेगी। सोमवार को इससे संबंधित 14 मामले दर्ज हुए।  एसबीएस नगर में ही आठ, मुक्तसर में छह, फिरोजपुर व कपूरथला में पांच-पांच, बरनाला, गुरदासपुर व पटियाला में तीन-तीन, बठिंडा, फरीदकोट, फाजिल्का, होशियारपुर, मानसा, संगरूर और मालेरकोटला में एक-एक और जालंधर व लुधियाना में दो-दो मामले सामने आए हैं। साल 2025 में इस समय अवधि के दौरान 87 और 2024 में 49 मामले आए थे। यहां गौरतलब है कि पंजाब में तकरीबन 34 लाख हेक्टेयर रकबे पर गेहूं की बुवाई की गई है और इससे करीब 205 लाख टन भूसा निकलता है। चार मामलों में 20 हजार रुपये जुर्माना पंजाब में खेतों में आग लगाने के मामलों पर रोक लगाने के लिए पीपीसीबी एक्शन में आ गया है। पीपीसीबी ने अब तक चार मामलों में 20 हजार रुपये का जुर्माना किया है, जबकि एक मामले में सेक्शन 223 बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। तीन मामलों में रेड एंट्री की गई हैं। रेड एंट्री का मतलब है कि संबंधित किसान अपनी जमीन न तो बेच पाएंगे और न ही गिरवी रख पाएंगे। बीते दो साल में हाॅट स्पाॅट रहे जिले  जिला            2024       2025 अमृतसर        1015       1102 गुरदासपुर       1335        856 लुधियाना        841         640 फिरोजपुर        919         743 मोगा             788         863 बठिंडा           651         651 तरनतारन        589         700 कपूरथला       514          529   

सुखजिंदर रंधावा का आरोप: पंजाब में गैंगस्टरवाद के लिए भाजपा जिम्मेदार

पंजाब में गैंगस्टरवाद के लिए  भाजपा जिम्मेदार', सुखजिंदर रंधावा का केंद्र और राज्य सरकार पर हमला सुखजिंदर रंधावा का आरोप: पंजाब में गैंगस्टरवाद के लिए  भाजपा  जिम्मेदार सुखजिंदर रंधावा ने केंद्र और राज्य सरकार पर किया हमला, कहा- पंजाब में गैंगस्टरवाद के लिए  भाजपा जिम्मेदार चंडीगढ़  पूर्व उपमुख्यमंत्री और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने गैंग्सटरों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र की भाजपा  को दोषी ठहराया है। रंधावा ने कहा कि पंजाब की स्थिति इतनी अच्छी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में जितने भी मेन गैंग्सटर हैं, उनमें से तकरीबन भाजपा शासित राज्यों से हैं। वहीं से वह पंजाब में वारदातें अंजाम देते हैं। पंजाब पुलिस को वह चैलेंज देते हैं कि वह पता लगा लें इन सभी गैंग्सटरों के फोन पंजाब में 24X7 चलते हैं। रंधावा ने कहा कि पंजाब की स्थिति संतोषजनक नहीं है और राज्य में सक्रिय अधिकांश बड़े गैंगस्टर भाजपा शासित राज्यों से संचालित हो रहे हैं, जहां से वे पंजाब में अपराधों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने पंजाब पुलिस को चुनौती दी कि वे जांच कर साबित करें कि इन गैंगस्टरों के मोबाइल फोन 24 घंटे पंजाब में सक्रिय रहते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इन पर काबू पाने में फेल साबित हो रही है। सावरमती जेल में बंद लारेंस बिश्नोई को लेकर कोर्ट से आदेश निकलवा दिया जाता है कि इस जेल के बाहर उसे कोई इंटेरोगेट नहीं कर सकता है। ऐसे में सवाल यह खड़ा होता है कि बिश्नोई से कोई और राज्य या राज्य की पुलिस पूछताछ ही नहीं सकती है। उन्होंने पंजाब कैबिनेट मंत्री रहे लालजीत सिंह भुल्लर के दबाव में आकर आत्महत्या करने वाले अधिकारी रंधावा के मामले में देश के गृहमंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि शाह ने कहा था कि कांग्रेस सांसद लिखकर दें तो वह इस केस की जांच सीबीआइ को सौंप देंगे, लेकिन लिखने के बावजूद उन्होंने भी कोई एक्शन नहीं लिया।

पंजाब में भीषण गर्मी, तापमान 42 डिग्री तक पहुंचा, फरीदकोट रहा सबसे गर्म, हीट वेव के लिए यलो अलर्ट

पंजाब में गर्मी का सितम, पारा 42 डिग्री पार, दो दिन के लिए हीट वेव का यलो अलर्ट; फरीदकोट रहा सबसे गर्म पंजाब में भीषण गर्मी, तापमान 42 डिग्री तक पहुंचा, फरीदकोट रहा सबसे गर्म, हीट वेव के लिए यलो अलर्ट पंजाब में गर्मी ने बढ़ाई मुश्किलें, पारा 42 डिग्री पार, दो दिन के लिए हीट वेव का यलो अलर्ट जारी, फरीदकोट सबसे गर्म फरीदकोट लुधियाना। पंजाब में बुधवार को कई जिलों में दिनभर लू चली। अप्रैल में ही मई की गर्मी का अहसास हुआ। फरीदकोट व बठिंडा पंजाब में सबसे गर्म रहे। फरीदकोट में अधिकतम तापमान 42.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बठिंडा में 42.8 डिग्री रहा। दोनों जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। सीजन में पहली बार किसी जिले में अधिकतम तापमान इतना ऊपर आया। वहीं लुधियाना में अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री, पटियाला में 40.4, रूपनगर में 40.1 डिग्री रहा। इन जिलों में भी तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार वीरवार को मौसम गर्म रहेगा। लू से राहत रहेगी, लेकिन 24 व 25 को कई जिलों में लू चलेगी। 26 अप्रैल से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से पंजाब में मौसम बदलेगा। 28 अप्रैल तक पंजाब में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलने और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। कुछ जिलों में सामान्य से मध्यम वर्षा भी हो सकती है। इसके बाद पंजाब में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा जिसके असर से मौसम के मिजाज बिगड़ेंगे। विभाग ने 26 अप्रैल से तीन दिनों के लिए पंजाब में यलो अलट जारी किया है। इस दौरान पंजाब में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और बारिश पड़ने की संभावना है। पंजाब में 42.9 डिग्री के तापमान के साथ फरीदकोट सबसे गर्म रहा। अमृतसर का अधिकतम पारा 39.0 डिग्री, लुधियाना का 40.0 डिग्री, पटियाला का 40.4 डिग्री, पठानकोट का 38.2 डिग्री, बठिंडा का 41.0 डिग्री, फाजिल्का का 39.5 डिग्री, होशियारपुर का 37.8 डिग्री और रूपनगर का 40.1 डिग्री दर्ज किया गया।

बेअदबी कानून को लेकर हाईकोर्ट में दायर की गई चुनौती, उम्रकैद और राष्ट्रपति की मंजूरी पर कानूनी सवाल

बेअदबी कानून पर कानूनी विवाद: हाईकोर्ट में चुनौती, उम्रकैद और राष्ट्रपति की मंजूरी पर उठे सवाल बेअदबी कानून को लेकर हाईकोर्ट में दायर की गई चुनौती, उम्रकैद और राष्ट्रपति की मंजूरी पर कानूनी सवाल बेअदबी कानून में उम्रकैद और राष्ट्रपति की मंजूरी पर सवाल, हाईकोर्ट में चुनौती दायर चंडीगढ़  पंजाब सरकार द्वारा लागू किए गए जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026 को लेकर कानूनी विवाद गहरा गया है। इस कानून को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। जालंधर निवासी सिमरनजीत सिंह ने जनहित याचिका दाखिल कर इसे असांविधानिक घोषित करने और रद्द करने की मांग की है।  याचिका में कहा गया है कि यह कानून संविधान की मूल भावना और स्थापित आपराधिक न्याय प्रणाली के विपरीत है। खासतौर पर इसके दंडात्मक प्रावधानों और प्रक्रिया को लेकर गंभीर आपत्तियां जताई गई हैं। याचिकाकर्ता का तर्क है कि अधिनियम समवर्ती सूची के विषयों को प्रभावित करता है और मौजूदा आपराधिक कानूनों, विशेषकर भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों से टकराव पैदा करता है। याचिका में यह भी कहा गया है कि ऐसे मामलों में संविधान के अनुच्छेद 254(2) के तहत राष्ट्रपति की मंजूरी आवश्यक होती है, जबकि इस अधिनियम को केवल राज्यपाल की सहमति से लागू कर दिया गया। इसे गंभीर संवैधानिक त्रुटि बताया गया है। धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत को कमजोर करने का आरोप अधिनियम पर धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत को कमजोर करने का आरोप भी लगाया गया है। याचिकाकर्ता के अनुसार, इसमें केवल एक धार्मिक ग्रंथ को विशेष सुरक्षा देते हुए कठोर दंड का प्रावधान किया गया है, जबकि अन्य धर्मों के ग्रंथों को शामिल नहीं किया गया, जो समानता के अधिकार का उल्लंघन है। सबसे ज्यादा विवाद अधिनियम की धारा 5(3) को लेकर सामने आया है, जिसमें बेअदबी की साजिश जैसे अपराध के लिए उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान किया गया है। याचिका में इसे अनुपातहीन और मनमाना बताया गया है, क्योंकि इस तरह के अपराध में प्रत्यक्ष हिंसा शामिल नहीं होती। इसके अलावा बेअदबी की परिभाषा को अत्यधिक व्यापक बताते हुए कहा गया है कि इसमें शब्दों, संकेतों और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों को शामिल किया गया है, जिससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है। याचिका में अधिनियम के क्रियान्वयन पर तत्काल रोक लगाने की मांग भी की गई है। दलील दी गई है कि यदि बाद में यह कानून असांविधानिक करार दिया जाता है, तो इसके तहत शुरू हुई आपराधिक कार्यवाहियां नागरिकों को अपूरणीय नुकसान पहुंचा सकती हैं। फिलहाल याचिका हाई कोर्ट की रजिस्ट्री में दाखिल हो चुकी है और जल्द ही इसके सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होने की संभावना है।    

हाईकोर्ट का कड़ा कदम: चंडीगढ़ के जज को आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने पर किया सस्पेंड

चंडीगढ़  पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ में तैनात एक जज को उनकी कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के मामले में सस्पेंड कर दिया है। जज को न सिर्फ सस्पेंड किया गया है, बल्कि उन्हें तुरंत प्रभाव से ट्रांसफर कर हरियाणा भी भेज दिया है। सस्पेंशन के दौरान वह हरियाणा के उसी जिले में रहेंगे। चीफ जस्टिस की ओर से जारी इस आर्डर में कहा गया कि उन्हें पता लगा है कि कुछ दिनों से एक जज की आपत्तिजनक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रही है। इसलिए हाईकोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए जज को ही निलंबित कर दिया। खास बात यह है कि यह वही जज हैं, जिनकी आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उनसे डेढ़ करोड़ की रंगदारी मांगी जा रही थी। इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत भी दी थी, पुलिस ने रोहतक के एक वकील मोहित वर्मा को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एफआइआर दर्ज की। इससे पहले जज ने पुलिस को शिकायत दी थी कि कुछ समय पहले उनका मोबाइल खो गया था, जिसमें उनके परिवार की तस्वीरें, वीडियो और स्क्रीन रिकार्डिंग थीं। जज का कहना था कि आरोपित ने उनकी वीडियो एडिट या मैनिपुलेट कर उसकी छवि खराब करने की कोशिश की है। आरोप था कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई थी जानकारी के अनुसार 18 फरवरी 2026 को जज को एक अज्ञात नंबर से काल और वाट्सएप पर एक वीडियो मिला। जज का आरोप है कि क्लिप में उनकी आपत्तिजनक वीडियो थी। उनका आरोप था कि उस वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई थी। पुलिस ने जांच शुरू कर दी और रोहतक के वकील मोहित वर्मा को 11 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस को उससे दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए थे।

Crop Diversity पर जोर: पंजाब में स्थापित होगा बासमती राइस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य में बासमती चावल के लिए एक हाई लेवल ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य क्रॉप डायवर्सिटी को बढ़ावा देना, किसानों की आय में वृद्धि करना और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को कम करना है। मुख्यमंत्री नीदरलैंड दौरे पर गए हैं, जहां उन्होंने कृषि और उद्योग क्षेत्र की एडवांस टेक्नोलॉजी को करीब से देखा और समझा। उन्होंने कहा कि पंजाब के किसानों ने देशहित में लंबे समय तक अपनी उपजाऊ जमीन और जल संसाधनों का अधिक उपयोग किया है, लेकिन अब गेहूं-धान के चक्र से बाहर निकलना समय की मांग है। इस दिशा में क्रॉप डायवर्सिटी को बड़े स्तर पर बढ़ावा देना जरूरी है और इसमें नीदरलैंड महत्वपूर्ण सहयोगी साबित हो सकता है। मुख्यमंत्री ने रॉटरडैम में LT Foods की फैसिलिटी का दौरा किया, जहां उन्हें कंपनी के ग्लोबल प्रेजेंस और किसानों के साथ उसके मजबूत संबंधों के बारे में पता चला। उन्होंने सस्टेनेबल फार्मिंग पर जोर देते हुए कहा कि इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के मुताबिक उत्पादन के लिए कीटनाशकों के उपयोग में कमी लाना और बासमती चावल को वैश्विक बाजार में बढ़ावा देना आवश्यक है। कंपनी ने पंजाब में बासमती के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने और कम कीटनाशक उपयोग वाली खेती को बढ़ावा देने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने डच कंपनियों और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के बीच रिसर्च और सहयोग को मजबूत करने की वकालत की। उन्होंने कहा कि घटते मुनाफे के कारण खेती अब कम लाभकारी हो गई है, जिससे किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह केंद्र बासमती चावल का उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय में सुधार करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में अहम भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही उन्होंने आल्समीयर स्थित विश्व के सबसे बड़े फूल बाजार का दौरा कर डच मॉडल को पंजाब में अपनाने की इच्छा भी जताई, जिससे कृषि वैल्यू चेन मजबूत होगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नीदरलैंड सरकार के कृषि, मत्स्य पालन, खाद्य सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय के साथ बैठक में तकनीक आधारित खेती को बढ़ावा देने के लिए सहयोग पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पंजाब ऑटोमेशन, एआई, ड्रोन और डेटा आधारित क्रॉप मैनेजमेंट जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए तैयार है। ग्रीनहाउस खेती को भी उच्च मूल्य वाली फसलों के लिए उपयुक्त बताते हुए उन्होंने इसके विस्तार पर जोर दिया। मुख्यमंत्री मान ने डच कंपनियों को पंजाब में निवेश के लिए आमंत्रित किया और राज्य की औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति-2026 तथा फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल जैसी पहल की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पंजाब निवेश के लिए तेजी से उभरता हुआ केंद्र बन रहा है। अंत में, भगवंत सिंह मान ने तकनीक आधारित, टिकाऊ और वैश्विक स्तर पर एकीकृत कृषि एवं औद्योगिक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

Ludhiana Bomb Threat: स्कूलों को मिला धमकी भरा ईमेल, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

लुधियाना. लुधियाना के स्कूलों को एक बार फिर से बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल जारी हुआ है। फिलहाल चार स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इनमें स्प्रिंग डेल पब्लिक स्कूल, पौदार इंटरनेशनल स्कूल, मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल, बीआरएस नगर का डीएवी पब्लिक स्कूल शामिल है। धमकी भरा ई-मेल जारी होने के बाद स्कूलों ने अभिभावकों के ग्रुपस में जानकारी शेयर की और पुलिस प्रशासन को भी सूचित कर दिया। स्प्रिंग डेल स्कूल ने तो बच्चों की छुट्टी कर दी। फिलहाल स्कूल में पुलिस की ओर से चैकिंग चल रही है। इससे पहले भी मिल चुकी है धमकी इससे पहले 10 मार्च को भी लुधियाना के कुछ स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, जिससे हड़कंप मच गया था। सुबह करीब 7 बजे ई-मेल के जरिए सीबीएसई से संबंधित 3 स्कूलों को धमकी भरा संदेश मिला था, जिसमें स्कूल परिसर में बम होने की बात कही गई थी। धमकी भरा मेल मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की टीमें मौके पर पहुंच गईं थी और स्कूल परिसरों की गहन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया था। गत दिवस वीरवार की सुबह सबसे पहली मेल शेरपुर स्थित सिप्रंग डेल पब्लिक स्कूल में आई। स्कूल की आधिकारिक मेल पर मेल आई कि 23 से चौबीस तारीख के बीच में स्कूल के अंदर ब्लास्ट होगा। इसके अलावा उसने मेल में बाकी के तीन स्कूलों के नाम भी दिए है और रेलवे ट्रैक के बारे में भी जानकारी दी है कि जहां धमाका करने की धमकी दी है। स्कूल प्रशासन ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस के उच्चाधिकारियों को दी। जिसके बाद स्कूल में आनन फानन में छुट्टी कर दी गई और बच्चों के परिवार वालों को सूचना भेज दी कि वह जल्द से जल्द बच्चों को ले जाए। स्कूल में भगदड़ मच गई कि आखिर ऐसा क्या हुआ है कि स्कूल की तरफ से एक दम से छुट्टी कर दी गई। इसी दौरान पुलिस की टीम भी वहां आ गई तो लोगों को पता चला कि स्कूल में बम रखे जाने की धमकी है। बम स्कवायड की टीमों के साथ साथ पुलिस टीम पहुंची। स्कूल का कोना कोना छान मारा गया, लेकिन कुछ नहीं मिला। इसके अलावा पुलिस की टीमें बाकी के तीन स्कूलों में भी चेकिंग करने में लगी है और सिप्रंग डेल पब्लिक स्कूल और उसके आस-पास का एरिया भी जांचा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धमकी के बाद चेकिंग की गई थी। मगर कुछ नहीं मिला है। बाकी चेक किया जा रहा है कि मेल कहां से आई थी और मेल भेजने वाला कौन है।