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पंजाब में BJP को करारा झटका, दूसरे-तीसरे नंबर की बात दूर, ‘अन्य’ ने भी छोड़ा पीछे

चंडीगढ़  पंजाब में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए केवल सिंह ढिल्लों को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया था. पार्टी को उम्मीद थी कि नया चेहरा संगठन में नई ऊर्जा भरेगा और आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ेगा. लेकिन राजनीति में टाइमिंग कभी-कभी सबसे बड़ा संदेश बन जाती है. अध्यक्ष पद संभालने के महज 24 घंटे के भीतर नगर निकाय चुनाव के नतीजों ने भाजपा की उम्मीदों पर ठंडा पानी डाल दिया. पार्टी सिर्फ 52 सीटों पर सिमट गई. हालत इतनी खराब रही कि भाजपा न सिर्फ आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल से पीछे रही, बल्कि ‘अन्य’ उम्मीदवारों से भी पिछड़ गई. यह नतीजा साफ संकेत देता है कि पंजाब में भाजपा अभी भी जमीन तलाश रही है. किसान आंदोलन के बाद बनी दूरी, स्थानीय नेतृत्व की कमजोरी और क्षेत्रीय राजनीति की समझ की कमी पार्टी को लगातार भारी पड़ रही है. केवल सिंह ढिल्लों के सामने अब सिर्फ संगठन चलाने की नहीं, बल्कि पार्टी को राजनीतिक रूप से प्रासंगिक बनाए रखने की चुनौती भी है।  नगर निकाय चुनाव के नतीजे भाजपा के लिए सिर्फ हार नहीं, बल्कि चेतावनी की घंटी हैं. पंजाब जैसे राज्य में जहां क्षेत्रीय मुद्दे राष्ट्रीय विमर्श पर भारी पड़ते हैं, वहां भाजपा अभी तक मजबूत जनाधार नहीं बना पाई है. आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उसका संगठन गांव से शहर तक सक्रिय है. कांग्रेस अपनी पारंपरिक ताकत बचाने में सफल रही और अकाली दल भी भाजपा से आगे निकल गया. ऐसे में भाजपा के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सिर्फ चेहरा बदलने से हालात बदल जाएंगे? केवल सिंह ढिल्लों को अब बूथ स्तर से लेकर किसान और सिख समुदाय तक भरोसा बहाल करना होगा. वरना 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी और मुश्किल में फंस सकती है।  नया अध्यक्ष और तुरंत झटका: 2027 चुनाव की चुनौती     पंजाब निकाय चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति का मौजूदा मूड साफ कर दिया है. आम आदमी पार्टी ने 630 सीटें जीतकर अपना दबदबा कायम रखा. कांग्रेस 215 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही. शिरोमणि अकाली दल को 175 सीटें मिलीं. भाजपा सिर्फ 52 सीटों पर सिमट गई, जबकि अन्य उम्मीदवारों ने 214 सीटें जीत लीं. यह आंकड़ा भाजपा के लिए सबसे ज्यादा चिंता बढ़ाने वाला है. इसका मतलब है कि जनता स्थानीय स्तर पर निर्दलीय उम्मीदवारों पर भी भाजपा से ज्यादा भरोसा कर रही है.     राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा अभी भी पंजाब की सामाजिक और राजनीतिक संरचना को पूरी तरह समझ नहीं पाई है. राज्य में किसान आंदोलन का असर खत्म नहीं हुआ है. ग्रामीण इलाकों में भाजपा को लेकर नाराजगी अब भी दिखती है. इसके अलावा भाजपा के पास ऐसा बड़ा स्थानीय चेहरा भी नहीं है जो पूरे राज्य में पार्टी को मजबूती दे सके. केवल सिंह ढिल्लों के सामने यही सबसे बड़ी चुनौती होगी।  नया अध्यक्ष, लेकिन पुरानी मुश्किलें बरकरार केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने संदेश देने की कोशिश की कि पार्टी अब पंजाब में नई शुरुआत चाहती है. लेकिन संगठनात्मक बदलाव का असर तुरंत चुनावी नतीजों में नहीं दिखा. ढिल्लों को ऐसे समय कमान मिली है जब पार्टी लगातार कमजोर स्थिति में दिखाई दे रही है. उन्हें कार्यकर्ताओं में भरोसा लौटाने के साथ-साथ सिख समुदाय के बीच भी स्वीकार्यता बढ़ानी होगी।  AAP ने क्यों मारी बाजी? आम आदमी पार्टी की जीत के पीछे स्थानीय स्तर पर मजबूत नेटवर्क और भगवंत मान सरकार की योजनाओं को बड़ा कारण माना जा रहा है. पार्टी ने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पकड़ बनाए रखी. मुफ्त बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों ने AAP को फायदा पहुंचाया. यही वजह है कि नगर निकाय चुनाव में पार्टी ने एकतरफा बढ़त बना ली।  BJP की आगे की राह आसान नहीं भाजपा के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती खुद को चौथे स्थान से ऊपर लाना है. पार्टी को सिर्फ हिंदुत्व की राजनीति से आगे बढ़कर स्थानीय मुद्दों पर काम करना होगा. किसानों, बेरोजगारी, व्यापार और नशे जैसे मुद्दों पर ठोस रणनीति बनानी पड़ेगी. अगर भाजपा आने वाले समय में अकाली दल के साथ तालमेल बनाती है तो उसे कुछ फायदा मिल सकता है, लेकिन फिलहाल स्थिति मुश्किल दिखाई दे रही है।  केवल सिंह ढिल्लों के अध्यक्ष बनने के बावजूद BJP को इतना बड़ा झटका क्यों लगा? संगठन में बदलाव चुनावी सफलता की गारंटी नहीं होता. पंजाब में भाजपा की सबसे बड़ी समस्या कमजोर जनाधार और स्थानीय मुद्दों से दूरी है. किसान आंदोलन के बाद पार्टी की छवि प्रभावित हुई. केवल सिंह ढिल्लों को संगठन संभालने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला. ऐसे में चुनावी नतीजों पर तत्काल असर दिखना मुश्किल था।  क्या ये नतीजे 2027 विधानसभा चुनाव का संकेत हैं? नगर निकाय चुनाव को पूरी तरह विधानसभा चुनाव का ट्रेलर नहीं कहा जा सकता, लेकिन यह राजनीतिक माहौल जरूर दिखाता है. AAP की मजबूत स्थिति और भाजपा की कमजोरी साफ दिखाई दे रही है. अगर भाजपा अगले दो साल में संगठन और जनाधार मजबूत नहीं करती तो 2027 में भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।  पंजाब में BJP अपनी स्थिति कैसे सुधार सकती है? भाजपा को पंजाब में स्थानीय नेतृत्व को मजबूत करना होगा. किसान, युवा और व्यापारियों से जुड़ाव बढ़ाना जरूरी है. पार्टी को सिर्फ राष्ट्रीय मुद्दों के बजाय राज्य के खास मुद्दों पर फोकस करना होगा. सिख समुदाय के साथ संवाद बढ़ाना और बूथ स्तर पर संगठन खड़ा करना भी बेहद अहम होगा। 

कांग्रेस का धरना प्रदर्शन, मुक्तसर में वोटों की गिनती में गड़बड़ी का दावा

गिद्दड़बाहा. निकाय चुनावों की मतगणना के बीच गिद्दड़बाहा में नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने मतगणना प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने दावा किया है कि मतगणना के दौरान कई अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनसे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। राजा वड़िंग ने सामाजिक माध्यम पर जारी अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि जिस सरकार ने खुद को सबसे ईमानदार बताकर जनता से समर्थन मांगा था, उसी के शासन में लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान वाले दिन जिन मतदाताओं ने अंगूठे का निशान लगाकर मतदान किया था, उनकी एक भी वोट मतगणना में दिखाई नहीं दी। उनका कहना है कि ऐसे मतों के गायब होने की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कांग्रेस ने इससे भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मतगणना के दौरान ऐसे मतपत्रों को भी शामिल किया गया जिन पर न तो किसी अधिकारी के हस्ताक्षर थे और न ही आवश्यक क्रम संख्या अंकित थी। पार्टी का दावा है कि जाली हस्ताक्षरों वाले मतपत्रों की गिनती कर चुनावी धांधली को अंजाम दिया गया है। मतगणना केंद्र के बाहर बैठे कांग्रेसी इन आरोपों के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता मतगणना केंद्र के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और संबंधित वार्डों की दोबारा मतगणना कराई जाए। उनका कहना है कि जब तक पुनर्मतगणना नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। धरने पर मौजूद नेताओं ने कहा कि बिना हस्ताक्षर और क्रम संख्या वाले मतपत्रों को वैध मानकर गिनना चुनावी नियमों का उल्लंघन है। इससे मतदाताओं का भरोसा कमजोर होता है और लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। वीडियोग्राफी की समीक्षा की मांग उन्होंने प्रशासन से मांग की कि कथित रूप से गायब मतों की जांच कराई जाए और पूरे मामले की वीडियोग्राफी की समीक्षा की जाए। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। वहीं प्रशासन की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उल्लेखनीय है कि यह आरोप कांग्रेस द्वारा लगाए गए हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। अब सभी की नजर प्रशासन और चुनाव अधिकारियों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

विरोधियों की साजिश नाकाम! हमले के बावजूद चुनाव जीते जगदेव जग्गा

लुधियाना. निकाय चुनाव के नतीजों में रायकोट का वार्ड नंबर चार पूरे पंजाब में चर्चा का विषय बना रहा। चुनाव प्रचार के दौरान उम्मीदवार जगदेव सिंह जग्गा पर हुए कातिलाना हमले के कारण यह वार्ड लगातार सुर्खियों में था। अब मतगणना पूरी होने के बाद जनता ने अपने मतदान के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है। वार्ड नंबर चार से जगदेव सिंह जग्गा ने भारी मतों के अंतर से जीत दर्ज कर ली है। मतगणना के अनुसार जगदेव सिंह जग्गा को कुल 825 मत प्राप्त हुए। वहीं आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार को 374 मत मिले। शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार को केवल 19 मतों से संतोष करना पड़ा। इसके अलावा 14 मत अमान्य घोषित किए गए। चुनाव परिणाम सामने आते ही समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। जीत की घोषणा होते ही क्षेत्र में समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर खुशी का इजहार किया। कई स्थानों पर लोगों ने ढोल की थाप पर जश्न भी मनाया। चुनाव के दिन हुआ था हमला गौरतलब है कि चुनाव के दिन जगदेव सिंह जग्गा पर कातिलाना हमला हुआ था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हमले के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका उपचार जारी है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया था और वार्ड नंबर चार राज्यभर में चर्चा का केंद्र बन गया था। जगदेव को मिला लोगों का समर्थन स्थानीय लोगों का कहना है कि हमले की घटना के बाद क्षेत्र में जगदेव सिंह जग्गा के प्रति सहानुभूति की लहर देखने को मिली। बड़ी संख्या में लोगों ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर हमला माना और मतदान के दिन बड़ी संख्या में घरों से निकलकर वोट डाले। राजनीतिक जानकारों का भी मानना है कि इस घटना का असर चुनावी नतीजों पर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। वार्ड नंबर चार में मिली इस बड़ी जीत को केवल चुनावी सफलता नहीं बल्कि जनता के विश्वास और समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। परिणामों ने यह भी दिखाया कि क्षेत्र के मतदाताओं ने वोट के माध्यम से मजबूत संदेश देने का प्रयास किया है।

गर्मी से राहत लेकिन खतरा भी! पंजाब-चंडीगढ़ में आज आंधी, ओलावृष्टि और तेज बारिश का अलर्ट

पटियाला पंजाब में भीषण गर्मी से लोगों को आज राहत मिल सकती है। मौसम विभाग ने 24 घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी कर कहा है कि पंजाब में 80 किलोमीटर की रफ्तार से तूफान, ओले और भारी बारिश होगी।  इससे पहले गुरुवार को बठिंडा में कोर्ट में पेशी पर आए एक युवक की लू लगने से मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग अलग-अलग जगहों पर बेहोश होकर गिर पड़े।  मृतक की पहचान वरिंदर सिंह (24) निवासी गांव महिमा सरजा के रूप में हुई है। वह कोर्ट में पेशी पर आया था। वहीं माल रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास एक व्यक्ति अधिक कैप्सूल खाने के बाद गर्मी से बेहोश हो गया, जबकि रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भी दो यात्री चक्कर खाकर गिर पड़े। तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए पंजाब में रेड अलर्ट जारी कर दिया है। प्रदेश में 70 से 80 किलोमीटर की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान आएगा, गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। विभाग के मुताबिक शनिवार को ऑरेंज अलर्ट रहेगा और 50 से 60 किलोमीटर की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलेंगी।  फरीदकोट 45.4 डिग्री के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जबकि बठिंडा में 45.0, फाजिल्का में 43.0 और फिरोजपुर में 41.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के असर से पंजाब के तापमान में 2.1 डिग्री की गिरावट आई है, लेकिन रेड अलर्ट के चलते प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।  मौसम विभाग ने ओलावृष्टि से फसलों, वाहनों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें, जबकि आम लोगों से कहा गया है कि वे पेड़ों और बिजली लाइनों से दूर रहें और ओलावृष्टि होने पर सिर की रक्षा करें। चंडीगढ़ में भी अलर्ट भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे ट्राइसिटी के लोगों को अगले 48 घंटों में राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने 29 और 30 मई को तेज आंधी, गरज के साथ बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार इस दौरान 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं जबकि कुछ स्थानों पर हवाओं की गति 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है। वीरवार को शहर का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। 29 मई को आंशिक बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना है, जबकि 30 मई को मौसम और सुहावना हो सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक 31 मई और 1 जून को भी राहत बनी रहेगी। इन दिनों अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है, जो सामान्य से काफी कम होगा। हालांकि 2 जून से मौसम साफ होने के साथ तापमान दोबारा बढ़कर 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इधर, तेज हवाओं और धूल भरी आंधी का असर शहर की हवा की गुणवत्ता पर भी दिखाई देने लगा है। लंबे समय बाद चंडीगढ़ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) खराब श्रेणी में पहुंच गया। चंडीगढ़ पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी के अनुसार वीरवार को शहर का औसत एक्यूआई 131 दर्ज किया गया। मई माह में पहली बार एक्यूआई 100 के पार पहुंचा है। शहर के सेक्टर-22 में सबसे अधिक 154 एक्यूआई दर्ज किया गया, जबकि सेक्टर-25 में यह 108 रिकॉर्ड हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार तेज हवाओं के साथ वातावरण में धूल के महीन कण फैलने से प्रदूषण स्तर बढ़ा है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्थमा, एलर्जी और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों से सुबह और शाम के समय बाहर कम निकलने और मास्क का उपयोग करने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से कूड़ा और सूखी पत्तियां न जलाने की अपील की है ताकि प्रदूषण का स्तर और न बढ़े। मौसम विभाग का कहना है कि यदि धूल भरी हवाओं का असर जारी रहा तो आने वाले दिनों में एक्यूआई में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।  

Punjab Nikay Chunav Result: नगर निकाय चुनाव में AAP आगे, कांग्रेस और अकाली दल की बढ़ी चिंता

चंडीगढ़  पंजाब निकाय चुनाव 2026 के लिए डाले गए वोटों की गिनती जारी है। अभी तक के रुझानों में आम आदमी पार्टी सभी दलों पर भारी पड़ती दिख रही है। हालांकि अभी रुझान हैं। स्पष्ट परिणाम दोपहर 12 बजे तक आने की संभावना है। बता दें कि 26 मई को राज्य के 8 नगर निगम, 75 नगर काउंसिल और 21 नगर पंचायतों समेत कुल 104 निकायों के लिए मतदान हुआ था। चुनाव में बड़ी संख्या में मतदाताओं ने हिस्सा लेकर उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला ईवीएम में बंद कर दिया था। मतगणना के लिए राज्यभर में कुल 115 काउंटिंग सेंटर बनाए गए हैं। सभी केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। काउंटिंग सेंटरों के बाहर पुलिस बल तैनात है। पंजाब निकाय चुनाव के नतीजे राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और जिला प्रशासन की वेबसाइटों पर देखे जा सकेंगे। इसके अलावा विभिन्न समाचार वेबसाइटों और टीवी चैनलों पर भी लाइव अपडेट उपलब्ध रहेंगे। इन चुनावों को वर्ष 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है। ऐसे में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की नजर आज आने वाले नतीजों पर टिकी हुई है। अभी तक के रुझान | राजनीतिक पार्टी | सीटों की संख्या | | आम आदमी पार्टी (आप) | 150 | | शिरोमणि अकाली दल | 38 | | कांग्रेस | 39 | | निर्दलीय | 36 | | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) | 4 | लुधियाना निकाय चुनावों में ‘आप’ आगे लुधियाना जिले में नगर निकाय चुनावों की मतगणना के दौरान आम आदमी पार्टी (आप) कई क्षेत्रों में बढ़त बनाए हुए है। दोराहा में सभी 15 वार्डों पर चुनाव हुआ, लेकिन अभी किसी पार्टी को विजेता घोषित नहीं किया गया है। जगराओं के सभी 23 वार्डों में मुकाबला हुआ, जहां ‘आप’ तीन वार्डों में आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस एक और निर्दलीय उम्मीदवार एक वार्ड में बढ़त बनाए हुए हैं। खन्ना में कुल 33 वार्ड हैं। इनमें एक सीट निर्विरोध रही, जहां ‘आप’ को विजेता घोषित किया गया। बाकी 32 वार्डों में ‘आप’ 10 सीटों पर और कांग्रेस तीन सीटों पर आगे है। पायल में सभी 11 वार्डों पर चुनाव हुआ। यहां ‘आप’ एक वार्ड, कांग्रेस दो वार्ड, निर्दलीय एक वार्ड और शिरोमणि अकाली दल (SAD) एक वार्ड में बढ़त बनाए हुए हैं। रायकोट के 15 वार्डों में भी मुकाबला हुआ, जहां ‘आप’ एक वार्ड और कांग्रेस चार वार्डों में आगे चल रही है। समराला में 15 वार्डों में से तीन सीटें निर्विरोध रहीं, जहां ‘आप’ को विजेता घोषित किया गया। बाकी 12 वार्डों में ‘आप’ तीन, भाजपा एक, कांग्रेस एक और शिरोमणि अकाली दल पांच वार्डों में आगे है। जिला स्तर पर कुल 112 वार्डों में से चार निर्विरोध रहे, जबकि 108 वार्डों पर मुकाबला हुआ। इनमें ‘आप’ 18 वार्डों में बढ़त बनाए हुए है। भाजपा एक, कांग्रेस 11, निर्दलीय दो और शिरोमणि अकाली दल छह वार्डों में आगे चल रहे हैं।  रामदास में ‘आप’ की एकतरफा जीत, भुच्चो मंडी और कोठा गुरु के नतीजे घोषित पंजाब में नगर परिषद चुनावों के नतीजे लगातार सामने आ रहे हैं, जिनमें आम आदमी पार्टी (आप) ने शानदार प्रदर्शन किया है। अजनाला हलके के कस्बा रामदास नगर परिषद की कुल 11 वार्डों में से 10 पर ‘आप’ उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की, जबकि वार्ड नंबर 8 से शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार विजयी रहे। इस चुनाव में कांग्रेस और भाजपा अपना खाता खोलने में नाकाम रहीं। भुच्चो मंडी के नतीजों के अनुसार, वार्ड नंबर 1 से ‘आप’ के प्रिंसी गोलण, वार्ड नंबर 2 से शिरोमणि अकाली दल के नरदीप गर्ग और वार्ड नंबर 3 से निर्दलीय उम्मीदवार अंजली गर्ग विजयी रहीं। कोठा गुरु में वार्ड नंबर 1 से सुखजीत कौर (आप), वार्ड नंबर 2 से बूटा सिंह (आप) और वार्ड नंबर 3 से बलविंदर कौर (शिरोमणि अकाली दल) ने जीत हासिल की। इसके अलावा धूरी के अन्य वार्डों में वार्ड नंबर 13 से ‘आप’ की आशा लद्दड़ और वार्ड नंबर 7 से भी ‘आप’ उम्मीदवार विजयी रहे हैं।  बटाला, लहरा मुहब्बत, कोट ईसे खां और फाजिल्का के नए पार्षदों का ऐलान पंजाब में हुए नगर निगम और नगर परिषद चुनावों के नतीजों का सिलसिला जारी है। ताजा जानकारी के अनुसार: बटाला: नगर निगम के वार्ड नंबर 5 से आम आदमी पार्टी के भूपिंदर सिंह बाजवा विजयी रहे हैं। लहरा मुहब्बत: यहां हुई मतगणना में वार्ड नंबर 1 से जसवीर कौर (निर्दलीय), वार्ड 2 से गुरतेज सिंह (शिरोमणि अकाली दल), वार्ड 3 से राजप्रीत कौर (निर्दलीय), वार्ड 4 से मोहन लाल (निर्दलीय), वार्ड 5 से गुरमीत कौर (शिरोमणि अकाली दल) और वार्ड 6 से मेवा सिंह (शिरोमणि अकाली दल) विजयी रहे। कोट ईसे खां: वार्ड नंबर 6 से निर्दलीय उम्मीदवार अरुण सीकरी ने जीत हासिल की है। उन्होंने आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार बिट्टू मल्होत्रा को 116 वोटों के अंतर से हराया। फाजिल्का: नगर परिषद के घोषित 6 वार्डों के नतीजों में कांग्रेस ने 4 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि आम आदमी पार्टी और भाजपा को 1-1 सीट मिली है।  पंजाब नगर परिषद चुनाव: रामदास, भुच्चो मंडी और कोठा गुरु में AAP की भारी जीत पंजाब में नगर परिषद चुनाव की मतगणना जारी है, जिसमें आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया है। अजनाला कस्बे के रामदास नगर परिषद के कुल 11 वार्डों में से 10 वार्डों पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है, जबकि वार्ड नंबर 8 से शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार विजयी रहे। भुचो मंडी के नतीजों के अनुसार, वार्ड नंबर 1 से 'आप' के प्रिंस गोलन, वार्ड नंबर 2 से शिरोमणि अकाली दल के नरदीप गर्ग और वार्ड नंबर 3 से निर्दलीय उम्मीदवार अंजली गर्ग विजयी हुए हैं। कोठा गुरु के विजेताओं में वार्ड नंबर 1 से सुखजीत कौर ('आप'), वार्ड 2 से बूटा सिंह ('आप') और वार्ड 3 से बलविंदर कौर (शिरोमणि अकाली दल) शामिल हैं। इसके अलावा, धुरी के अन्य वार्डों में, वार्ड 13 से 'आप' की आशा लद्दर और वार्ड नंबर 7 से 'आप' के उम्मीदवार विजयी हुए हैं।  मलेरकोटला में कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना मलेरकोटला की तीन नगर निकायों के 61 वार्डों की मतगणना कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गई है। प्रशासन ने दावा किया है … Read more

Chandigarh में बड़ा बदलाव! अब ग्रुप हाउसिंग सोसायटी बनाकर बेचे जाएंगे फ्लैट

चंडीगढ़ चंडीगढ़ में अब लोग प्लॉट खरीदकर फेवरेट डिजाइन की कोठी नहीं बनवा सकेंगे। चंडीगढ़ प्रशासन अब शहर में प्लॉटेड डेवलपमेंट नहीं करेगा, यानी लोगों को प्लॉट नहीं बेचे जाएंगे। इसकी जगह अब केवल ग्रुप हाउसिंग यानी फ्लैट्स बनाने की परमिशन दी जाएगी। चंडीगढ़ प्रशासन ने संशोधित मास्टर प्लान में इसे शामिल करने का सुझाव दिया गया है। इससे सिटी की अब हॉरिजॉन्टल की जगह वर्टिकल ग्रोथ होगी। इतना ही नहीं, फेज-II के सेक्टरों में जो भी खाली प्लॉट क्लस्टर बचे हैं, उन्हें अब व्यक्तिगत प्लॉट के बजाय ग्रुप हाउसिंग के लिए फिर से प्लान किया जाएगा। इतना जरूर है कि 1 से 30 सेक्टर को छोड़कर ही मल्टीस्टोरी बिल्डिंग बन पाएंगी। ऐसा इसलिए क्योंकि यह एरिया हेरिटेज में शामिल है। इसके अलावा अब मिक्स्ड लैंड जमीन का एरिया भी बढ़ाया जाएगा। वहीं, पार्किंग की दिक्कत का भी हल निकालने की तैयारी है। कुल मिक्स्ड लैंड यूज क्षेत्र 252 एकड़ (0.89%) से बढ़कर 428 एकड़ (1.5%) हो गया है। जानिए, प्रशासन ने ये फैसला क्यों लिया चंडीगढ़ देश की आजादी के बाद बसा पहला प्लांड सिटी है। इसकी नींव 1952 में रखी गई थी। इसके बाद, 1 नवंबर 1966 को पंजाब के पुनर्गठन के समय इसे एक केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया और यह पंजाब व हरियाणा दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी बना। वर्ष 1976 में चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड गठित किया गया। लेकिन अब यह लगभग पूरी तरह बस गया है। साथ ही जमीन की कमी दिख रही है। इसी चीज को मद्देनजर रखते हुए संशोधित मास्टर प्लान में यह चीज शामिल की गई। फेज-II में सेक्टर-43 (सब-सिटी सेंटर) वाला एरिया आता है। यहां लगभग 78 एकड़ खाली क्षेत्र है, जिसे विकास मार्ग के साथ एकीकृत करते हुए मिश्रित भूमि उपयोग के तहत लाया गया है। फेज-II के विभिन्न सेक्टरों में कई खाली पॉकेट्स और बिना बिके खाली प्लॉटों के क्लस्टर होने का उल्लेख है। हालांकि इनका कोई एक विशिष्ट कुल क्षेत्रफल नहीं दिया गया है, लेकिन इन्हें अब व्यक्तिगत प्लॉट के बजाय ग्रुप हाउसिंग के लिए फिर से प्लान करने का निर्देश है। जानिए, इस फैसले के बाद किस तरह की इमारतें बनेंगी फेज-III के सेक्टरों में लगभग 146 एकड़ जमीन खाली पड़ी है, जिसे अब 4 से 6 मंजिला फ्लैटों वाले हाई-डेंसिटी हाउसिंग के लिए इस्तेमाल करने का प्रस्ताव है। फेज-III और बाहरी इलाके में व्यक्तिगत प्लॉटों का आवंटन पूरी तरह बंद (डिसकंटीन्यू) कर दिया गया है। यहां अब घनी आबादी वाले 4 से 6 मंजिला फ्लैट्स बनाए जाएंगे, ताकि ज्यादा लोगों को घर मिल सके। चंडीगढ़ प्रशासन ने के विभिन्न सेक्टरों में लगभग 215 एकड़ जमीन हाउसिंग बोर्ड दी है, जिसे अभी विकसित किया जाना बाकी है। गांव मलोया के पास 178 एकड़ जमीन आवासीय उपयोग के लिए प्रस्तावित है, जहां हाई-राइज इमारतें बनाने की योजना है। इंडस्ट्रियल एरिया में जोनिंग एरिया इंडस्ट्रियल एरिया फेज-I और फेज-II में जमीन के बेहतर उपयोग के लिए FAR (फ्लोर एरिया रेश्यो) बढ़ाकर 2.0 कर दिया गया है। साथ ही, ग्राउंड कवरेज 60% तय की गई है। 2 कनाल तक के प्लॉटों के लिए अधिकतम ऊंचाई 68 फीट 3 इंच निर्धारित की गई है। 2 कनाल (5 से 15 मरला) तक के प्लॉट मालिक अब ‘आर्किटेक्चरल कंट्रोल’ या ‘जोनिंग फ्रेमवर्क’ में से किसी एक विकल्प को चुन सकेंगे। हालांकि, यदि वे बढ़े हुए एफएआर 2.0 का लाभ लेना चाहते हैं, तो उन्हें जोनिंग फ्रेमवर्क अपनाना अनिवार्य होगा। अब औद्योगिक प्लॉटों के भीतर ही श्रमिकों, लेबर और सुरक्षा गार्डों के रहने के लिए हॉस्टल या डॉरमेट्री बनाने की अनुमति दी गई है। 1 एकड़ तक के प्लॉटों में यह सुविधा कुल स्वीकृत FAR का 5% तक और 1 एकड़ से बड़े प्लॉटों में 2.5% तक सीमित होगी। इन कमरों का उपयोग केवल मजदूरों के रहने के लिए किया जा सकेगा। इन्हें किराये या अन्य व्यावसायिक उपयोग के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। पार्किंग के संकट से बचाएगा यह फार्मूला लोगों को पार्किंग के संकट से बचाने के लिए अब स्टिल्ट पार्किंग बनाई जाएगी। फेज-II के सेक्टरों के लिए स्टिल्ट पार्किंग को इमारत की निर्धारित ऊंचाई से छूट दी गई है, ताकि परिसर के भीतर ही पार्किंग की सुविधा मिल सके। फेज-III और पेरिफेरी में इसे कुल ऊंचाई में गिना जाएगा। इंटिग्रेटेड रेजिडेंशियल हाउसिंग में कुल पार्किंग स्थान घरों के संचित फर्श क्षेत्रफल के कम से कम 30% के बराबर होना चाहिए। स्टिल्ट के नीचे पार्किंग के लिए 7 फीट 6 इंच की स्पष्ट ऊंचाई होनी चाहिए। इस क्षेत्र का उपयोग घरों की संख्या बढ़ाने या उप-विभाजन के लिए नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा कॉमर्शियल, इंडस्ट्रियल व अन्य एरिया के लिए भी प्लानिंग की गई है। इंडस्ट्रियल एरिया फेज-III के लगभग 60 एकड़ अविकसित क्षेत्र को अब ‘मिक्स्ड लैंड यूज’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत आवासीय, व्यावसायिक, संस्थागत और सांस्कृतिक गतिविधियों को शामिल किया जाएगा, ताकि क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।

29 मई को लुधियाना कोर्ट में कामकाज ठप, बार एसोसिएशन ने किया बहिष्कार का ऐलान

लुधियाना. जिला बार एसोसिएशन लुधियाना ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ASJ) जसपिंदर सिंह हायर के रिटायरमेंट के अवसर पर 29 मई 2026 को “नो वर्क डे” घोषित किया है। यह निर्णय बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी बैठक में प्रधान एडवोकेट विपिन सग्गर की अध्यक्षता में लिया गया। जारी नोटिस के अनुसार, जसपिंदर सिंह हायर 31 मई 2026 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनके सम्मान में जिला बार एसोसिएशन द्वारा 29 मई, शुक्रवार को दोपहर 12:30 बजे बार रूम में विशेष विदाई समारोह आयोजित किया जाएगा। बार एसोसिएशन ने सभी सदस्यों से सामूहिक निर्णय का पालन करने और समारोह में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। इसके साथ ही न्यायिक अधिकारियों, रेवेन्यू कोर्ट, कंज्यूमर कोर्ट, लोक अदालत, जुवेनाइल कोर्ट और लेबर कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि उक्त दिन वकीलों की अनुपस्थिति को देखते हुए किसी भी मामले में प्रतिकूल आदेश जारी न किए जाएं। बार एसोसिएशन के इस फैसले के चलते 29 मई को जिला अदालत परिसर में नियमित न्यायिक कार्य प्रभावित रहने की संभावना है।

प्रेग्नेंसी में तम्बाकू बना जानलेवा, PGI विशेषज्ञों ने दी गंभीर बीमारियों की चेतावनी

चंडीगढ़. गुटखा, खैनी और जर्दा जैसे धुआं रहित तंबाकू को लोग अक्सर सिगरेट से कम खतरनाक मानते हैं पर PGI चंडीगढ़ के डॉक्टरों ने इस संबंध में गंभीर चेतावनी दी है। PGI के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के मुताबिक गर्भावस्था के दौरान तंबाकू का सेवन न सिर्फ मां के लिए बल्कि गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए भी बहुत खतरनाक साबित हो सकता है। इससे बच्चे का वजन कम होना, समय से पहले जन्म और यहां तक ​​कि मृत बच्चे के जन्म का खतरा बढ़ जाता है। PGI के मुताबिक भारत में करीब 20 करोड़ लोग धुआं रहित तंबाकू का इस्तेमाल करते हैं। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी हैं। डॉक्टरों के मुताबिक गुटखा, खैनी, जर्दा, पान मसाला और नसवार जैसे उत्पाद सीधे शरीर में निकोटीन और जहरीले केमिकल पहुंचाते हैं, जिससे कैंसर, दिल की बीमारी और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। PGI स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के प्रो. सोनू गोयल ने बताया कि लोग अभी भी गुटखा और खैनी को सुरक्षित या 'नेचुरल' मानते हैं, जबकि यह पूरी तरह से गलत सोच है। उन्होंने कहा कि तंबाकू के पत्तों में निकोटीन, नाइट्रोसामाइन और कई ऐसे केमिकल होते हैं जो सीधे कैंसर से जुड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रेग्नेंसी के दौरान स्मोकलेस तंबाकू खाने से बच्चे को ऑक्सीजन और जरूरी न्यूट्रिएंट्स की सप्लाई पर असर पड़ता है। इससे बच्चा कमजोर हो सकता है या समय से पहले जन्म का खतरा बढ़ सकता है। कई मामलों में स्टिलबर्थ की संभावना भी बढ़ जाती है। डॉक्टरों के मुताबिक स्मोकलेस तंबाकू भारत में ओरल कैंसर के मामलों का एक बड़ा कारण बन गया है। एक इंटरनेशनल स्टडी के मुताबिक दुनिया में स्मोकलेस तंबाकू और सुपारी से जुड़े ओरल कैंसर के लगभग 70 प्रतिशत मामले भारत में होते हैं। धुआं रहित तंबाकू में करीब 4000 केमिकल पी.जी.आई. के मुताबिक स्मोकलेस तंबाकू सिर्फ मुंह को ही नुकसान नहीं पहुंचाता बल्कि पूरे शरीर पर असर डालता है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, दिल की बीमारी का खतरा बढ़ सकता है और स्ट्रोक की संभावना बढ़ सकती है। डॉक्टरों ने यह भी कहा कि कई लोग वजन बढ़ने के डर से तंबाकू नहीं छोड़ते, लेकिन यह डर काफी हद तक गलत है। रिसर्च के मुताबिक तंबाकू छोड़ने के बाद वजन में थोड़ी बढ़ोतरी होती है, जबकि तंबाकू का इस्तेमाल जारी रखने से कैंसर और दिल की बीमारी का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। PGI के एक्सपर्ट्स ने भी युवाओं और महिलाओं में बढ़ती तंबाकू की लत पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि छोटे पैक में मिलने वाले फ्लेवर्ड पान मसाला और गुटखा प्रोडक्ट्स तेजी से टीनएजर्स और युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक स्मोकलेस तंबाकू में करीब 4000 केमिकल्स पाए जाते हैं, जिनमें से कई सीधे कैंसर का कारण बनते हैं। इनमें आर्सेनिक, लेड, कैडमियम, फॉर्मेल्डिहाइड और रेडियोएक्टिव पोलोनियम-210 जैसे खतरनाक एलिमेंट्स शामिल हैं। PGI ने लोगों से तंबाकू छोड़ने के लिए सरकारी हेल्पलाइन और तंबाकू छोड़ने की सर्विस का इस्तेमाल करने की अपील की है। डॉक्टरों ने कहा कि समय पर तंबाकू छोड़ना कैंसर और दूसरी गंभीर बीमारियों से बचने का सबसे अच्छा तरीका है।

किसानों को साधने की बड़ी कोशिश! भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लो ने खेला ‘MSP कार्ड’

चंडीगढ़. भारतीय जनता पार्टी ने 2027 विधानसभा चुनावों से पहले बड़ा सियासी दांव खेलते हुए Kewal Singh Dhillon को पंजाब भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। पद संभालते ही केवल सिंह ढिल्लों ने दावा किया कि 2027 में पंजाब में भाजपा का कमल खिलेगा और राज्य में पार्टी की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि वह पंजाब में महाराजा रणजीत सिंह जैसा सुशासन और विकास वाला दौर वापस लाना चाहते हैं। नियुक्ति के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए ढिल्लों ने किसानों को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब के किसानों को केंद्र द्वारा सूचीबद्ध सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित करेगी। ढिल्लों ने कहा, “अगर Haryana में 21 फसलों पर MSP दी जा सकती है, तो पंजाब में क्यों नहीं?” उन्होंने कहा कि पार्टी किसानों के हितों को प्राथमिकता देगी और खेती से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से काम करेगी। उन्होंने कहा, “पंजाब थका जरूर है, लेकिन टूटा नहीं है। हम पंजाब को फिर से विकास की राह पर लाएंगे और इसे देश का नंबर-1 राज्य बनाएंगे।” ढिल्लों ने विपक्ष पर भी निशाना साधा इस दौरान केवल सिंह ढिल्लों ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन्हें न तो चुटकुले सुनाने आते हैं और न ही शेरो-शायरी करनी आती है। वह ड्रामेबाजी में नहीं बल्कि मेहनत और जमीनी स्तर पर काम करने में विश्वास रखते हैं। उनका कहना था कि उनका एकमात्र उद्देश्य पंजाब का विकास और राज्य को दोबारा खुशहाल बनाना है। ढिल्लों ने कहा कि आज पंजाब नशे, बेरोजगारी और गैंगस्टरवाद जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। राज्य की आर्थिक स्थिति भी बेहद खराब है और कर्ज लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब को विकास के रास्ते पर वापस लाने के लिए केवल भाषणों या दिखावे से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर मेहनत करनी होगी।

ट्रैफिक नियम तोड़े तो सीधे कटेगा चालान, जालंधर के 9 चौराहे अब हाईटेक निगरानी में

चंडीगढ़. जालंधर वासियों के लिए बेहद जरूरी खबर सामने आई है। यहां अब ट्रैफिक नियमों का उल्लघर करने वालों की खैर नहीं। बता दें कि 1 जून से जालंधर में 9 और चौराहों पर ई-चालान शुरू हो जाएंगे। इसके बाद ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर सीधा चालान कट जाएगा जिसका फोन पर मैसेज आ जाएगा। जिन 9 चौराहों पर अब ये कार्रवाई होगी उनमें मॉडल टाउन चौक, फुटबाल चौक, श्री गुरु रविदास चौक, भगवान वाल्मीकि चौक, चुनमुन चौक, डॉ. बी.आर. अम्बेडकर चौक, गुरु अमरदास चौक, वर्कशॉप चौक और कपूरथला चौक शामिल है।  गौरतलब है कि इससे पहले शहर के 4 मुख्य चौराहों जिनमें बी.एस.एफ. चौक, गुरु नानक मिशन चौक, पी.ए.पी चौक और बी.एस.सी. चौक शामिल है। वहीं पुलिस द्वारा लोगों से अपील की गई है कि वह ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करें।