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देश की सर्वश्रेष्ठ 100 यूनिवर्सिटियों में पंजाब के 7 विश्वविद्यालयों ने बनाई जगह

चंडीगढ़. भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से ‘इंडिया रैंक 2024’ के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। देश की सर्वश्रेष्ठ 100 यूनिवर्सिटियों में से पंजाब की 7 यूनिवर्सिटियों ने जगह बनाई है। पंजाब के लिहाज से सबसे अच्छी रैंकिंग मोहाली के चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी को मिली है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की ऑल इंडिया रैकिंग 32 है। थापर इंस्टीच्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी, पटियाला की 43वीं और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, फगवाड़ा की 45वीं रैंक है। आईआईटी रोपड़ 48, पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ 60, इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ साइंस एंड रिसर्च, मोहाली 64 और पंजाब एग्रीकल्चर पीएयू, लुधियाना की 80वीं रैंक आई है। नए इनोवेशन में नहीं बनाई जगह  अलग-अलग श्रेणी में करवाए गए सर्वेक्षण में पंजाब की कोई भी यूनिवर्सिटी नए इनोवेशन में जगह नहीं बना सकी। जबकि मैनेजमेंट श्रेणी में भी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने 36वां स्थान हासिल किया। इस सर्वेक्षण में देश की 1374 इंडस्टीच्यूट ने हिस्सा लिया। इसी प्रकार सर्वेक्षण में देश की 439 सरकारी व प्राइवेट यूनिवर्सिटियों, इंजीनियरिंग के 1373, फार्मेसी के 439 और 1596 कालेजों ने हिस्सा लिया। पंजाब यूनिवर्सिटी 7वां स्थान प्राप्त किया देश की टॉप 50 फार्मेसी श्रेणी में चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी 7वां स्थान प्राप्त किया। जबकि नेशनल इंस्टीच्यूट आफ फार्मासूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च ने 9वां, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने 20वां और पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी ने 46वां स्थान हासिल किया। आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग श्रेणी में भी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने 13वां स्थान हासिल किया। जबकि चंडीगढ़ कालेज आफ आर्किटेक का रैंक 30वां रहा। पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ 5वां स्थान प्राप्त किया पंजाब की कोई भी यूनिर्टिसिटी कानूनी शिक्षा में स्थान नहीं बना सकी। देश की टॉप 50 मेडिकल श्रेणी में भी लुधियाना के डीएमसी ने 40वां स्थान प्राप्त किया। जबकि पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीच्यूट आफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआई) दूसरे और सरकारी मेडिकल कालेज एवं अस्पताल सेक्टर 32 ने 35वां स्थान प्राप्त किया। डेंटल में पंजाब का कोई भी कालेज स्थान बनाने में नाकामयाब रहा। जबकि टॉप स्टेट यूनिवर्सिटी पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ ने 5वां स्थान प्राप्त किया।

पंजाब में मुख्यमंत्री सेहत योजना में 65 लाख परिवारों को 10 लाख तक का मुफ्त इलाज

चंडीगढ़. पंजाब सरकार 15 जनवरी को मुख्यमंत्री सेहत योजना लागू करने जा रही है। सीएम भगवंत मान व आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल इस योजना की औपचारिक शुरुआत करेंगे। इसके तहत यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी पंजाब में हर परिवार का 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा करेगी। इसके लिए स्टेट हेल्थ एजेंसी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर संयम अग्रवाल और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मैथ्यू जॉर्ज ने एमओयू किया। माैके पर स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. बलबीर सिंह मौजूद रहे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्थ स्कीम के तहत पहले मिलने वाला पांच लाख रुपये का हेल्थ कवरेज, जो कुछ खास कैटेगरी तक ही सीमित था, उसे दोगुना कर दिया गया है। इसलिए नई स्कीम का मकसद पंजाब के सभी निवासियों जिसमें सरकारी कर्मचारी और पेंशनर शामिल हैं, के हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज देना है। मंत्री ने बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए आय सीमा या अन्य क्राइटेरिया नहीं है। सिर्फ आधार और वोटर आईडी का इस्तेमाल करके कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के जरिये रजिस्ट्रेशन को आसान बना दिया गया है। इसके बाद लाभार्थी को डेडिकेटेड एमएमएसवाई हेल्थ कार्ड मिलेंगे। उन्होंने कहा कि जल्द ही एक हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी। मंत्री के अनुसार कंपनी राज्य के सभी 65 लाख परिवारों को हर परिवार को एक-एक लाख रुपये का हेल्थ कवर देगी। एक लाख रुपये से 10 लाख रुपये के बीच की मेडिकल जरूरतों के लिए इंश्योरेंस स्टेट हेल्थ एजेंसी द्वारा ट्रस्ट के आधार पर दिया जाएगा। यह स्कीम इनोवेटिव हेल्थ बेनिफिट पैकेज (एमबीपी 2.2) को अपनाती है, जो 2000 से ज्यादा चुने हुए ट्रीटमेंट पैकेज के जरिये पूरी कवरेज पक्का करता है। 824 सूचीबद्ध अस्पताल देंगे सर्विस इस स्कीम के तहत, लाभार्थी 824 सूचीबद्ध अस्पतालों के एक मजबूत नेटवर्क का इस्तेमाल करके सेकेंडरी और टर्शियरी हेल्थकेयर सर्विस का फायदा उठा सकते हैं, जिसमें अभी 212 सरकारी हॉस्पिटल, केंद्र सरकार के आठ हॉस्पिटल और 600 से ज्यादा प्राइवेट हॉस्पिटल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस स्कीम के तहत लिस्टेड हॉस्पिटल की संख्या समय के साथ और बढ़ने की उम्मीद है।

पंजाब के CM मान आज 560 सब इंस्पेक्टरों को देंगे नियुक्ति पत्र

जालंधर. मुख्यमंत्री भगवंत मान शनिवार को जालंधर में नई भर्ती किए गए सब इंस्पेक्टरों को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। यह कार्यक्रम पीएपी कांप्लेक्स में होगा। मुख्यमंत्री शनिवार दोपहर जालंधर पहुंचेंगे। वह जिन 560 नव नियुक्त सब इंस्पेक्टरों को नियुक्ति सौंपने आ रहे हैं उनकी भर्ती की घोषणा नौ सितंबर 2021 को की गई थी। भर्ती परीक्षा सितंबर 2022 में हुई थी। नवंबर 2022 में फिजिकल टेस्ट और दस्तावेजों की जांच के बाद यह नाम चयनित हुए हैं। तकनीकी एवं सहायक सेवा वर्ग वाले सब इंस्पेक्टरों को अभी इंतजार करना पड़ेगा इस भर्ती प्रक्रिया के दौरान तकनीकी एवं सहायक सेवा वाले 267 सब इंस्पेक्टर भी चयनित किए गए हैं। मुख्यमंत्री जनरल ड्यूटी के 560 सब इंस्पेंक्टरों को नियुक्ति पत्र सौंप देंगे, लेकिन 267 तकनीकी एवं सहायक सेवा वर्ग वाले सब इंस्पेक्टरों को अभी थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान के जालंधर दौरे से राजनीतिक हलचल भी रहेगी। वह पीएपी कैंपस में पार्टी के नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान सांसद सुशील रिंकू और विधायक भी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री जालंधर में चल रहे विकास कार्यों पर डीसी और निगम कमिश्नर से रिपोर्ट ले सकते हैं। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं। पुलिस कमिश्नर कुलदीप चाहल ने कहा कि पुलिस की सुरक्षा चाक चौबंद है। हर तरफ निगरानी रखी जा रही है। पूरी नाकाबंदी करवाई जाएगी। सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही नहीं बर्दाश्त की जाएगी। वहीं नगर निगम ने शहर में मेन सड़कों की सफाई के लिए टीमें लगा रखी हैं। पीएपी चौक के आसपास भी व्यवस्था में सुधार किया जा रहा है।

सीएम मान के नेतृत्व में पंजाब को मिला ‘टॉप अचीवर’ पुरस्कार

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की उद्योग-समर्थक नीतियों को मान्यता देते हुए भारत सरकार ने आज व्यापार सुधार कार्य योजना (बी आर ए पी ) 2024 के अंतर्गत पंजाब को "टॉप अचीवर" पुरस्कार से सम्मानित किया है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में आयोजित समारोह के दौरान पंजाब सरकार को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया। उल्लेखनीय है कि पंजाब ने भारत के पाँच प्रमुख सुधार क्षेत्रों — व्यवसाय प्रारंभ , निर्माण परमिट प्राप्तकर्ता, निवेश आकर्षण, क्षेत्र-विशेष स्वास्थ्य सेवाएँ , और सेवा प्रबंधन— में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। भारत सरकार के उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डी पी आई आई टी ) ने पंजाब को "टॉप अचीवर" घोषित करते हुए उसकी पारदर्शी, कुशल और निवेशक-हितैषी व्यावसायिक नीतियों की सराहना की है। यह सम्मान राज्य में व्यवसाय करने में सुगमता के क्षेत्र में पंजाब की अग्रणी भूमिका की पुष्टि करता है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता के चलते पंजाब निरंतर औद्योगिक विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है। पारदर्शी शासन, उद्योग-हितैषी नीतियाँ और निवेश के अनुकूल वातावरण के कारण राज्य में लगातार निवेश आ रहा है। पंजाब के शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल ने औद्योगिक निवेश को बड़ी गति दी है। मार्च 2022 में मान सरकार के सत्ता में आने के बाद से अब तक राज्य को 1.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे लगभग 4.7 लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, ऑटो कंपोनेंट्स, हैंड टूल्स, साइकिल, आईटी और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति के कारण पंजाब आज अन्य राज्यों के लिए एक रोल मॉडल बन चुका है। राज्य सरकार की उद्योग-समर्थक नीतियों के परिणामस्वरूप पंजाब अब जापान, अमेरिका, जर्मनी, यू.के., यू.ए.ई., स्विट्ज़रलैंड, फ्रांस, और स्पेन जैसे विकसित देशों से भी निवेश आकर्षित कर रहा है। सरकार के ठोस प्रयासों से पंजाब न केवल भारत बल्कि विश्व के पसंदीदा निवेश स्थलों में तेजी से उभर रहा है। कारोबार करने में सुगमता के मामले में भी पंजाब अग्रणी स्थान पर है। इसके साथ ही, राज्य सरकार द्वारा आरंभ किया गया ‘फास्ट ट्रैक पंजाब पोर्टल’ भारत का सबसे उन्नत सिंगल-विंडो सिस्टम बन गया है, जो 150 से अधिक व्यावसायिक सेवाएँ ऑनलाइन प्रदान करता है और ऑफलाइन आवेदन की आवश्यकता को पूरी तरह समाप्त करता है। पंजाब की यह उपलब्धि राज्य की उद्योग-हितैषी सोच, प्रशासनिक दक्षता और निवेशक विश्वास का प्रतीक है।

पंजाब सरकार की नई नीति से खुश लोग, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं सेहत और शिक्षा की सकारात्मक तस्वीरें

चंडीगढ़  पंजाब में एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है – आम नागरिक खुद अपने मोबाइल से सरकारी योजनाओं की तस्वीरें खींचकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे है। यह कोई सरकारी प्रचार नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत है। हाल ही में आम आदमी पार्टी के एक कार्यकर्ता ने इंस्टाग्राम पर “सेहत-शिक्षा हॉस्पिटल” की तस्वीर डाली, जो तेजी से वायरल हो गई। इस पोस्ट के कैप्शन में लिखा था- “मान सरकार, ये रही सिर्फ सुलतां खालदार!” यह सिर्फ एक तस्वीर नहीं, बल्कि उस बदलाव की गवाही है जो पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार जमीन पर ला रही है।  असली बात यह है कि पंजाब सरकार ने शुरू से ही एक बात साफ कर दी थी – विकास का मतलब सिर्फ बड़ी-बड़ी इमारतें या हाईवे नहीं, बल्कि आम आदमी की रोजमर्रा की ज़रूरतें है। सेहत और शिक्षा – ये दो ऐसे स्तंभ है जिन पर किसी भी इंसान का पूरा जीवन टिका होता है। मान सरकार ने इसी फॉर्मूले को अपनाया और पूरी ताकत से इन दोनों क्षेत्रों में काम शुरू किया। नतीजा यह है कि आज पंजाब के गांव-गांव, शहर-शहर में लोग महसूस कर रहे है कि सरकार उनके लिए काम कर रही है, उनकी परवाह कर रही है।  सोशल मीडिया पर आ रही प्रतिक्रियाएं इस बात का सबूत है। एक यूजर ने लिखा, “पहली बार लग रहा है कि सरकार हमारे लिए है, न कि हम सरकार के लिए।” दूसरे ने कहा, “मोहल्ला क्लीनिक में मुफ्त इलाज मिलता है, दवाइयां मिलती है। पहले तो सोच भी नहीं सकते थे।” ये टिप्पणियां दिखाती है कि जनता ने मान सरकार के इरादों को समझ लिया है। लोग जानते हैं कि यह सरकार दिखावे की नहीं, बल्कि हकीकत में बदलाव लाने वाली है। जब आम आदमी खुद सरकार के काम की तारीफ करने लगे, तो समझ जाइए कि नीतियां सही दिशा में जा रही है। पंजाब भर में फैले सैकड़ों मोहल्ला क्लीनिक इस बदलाव की पहली कड़ी है। गरीब से गरीब इंसान को अब इलाज के लिए प्राइवेट अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। बुखार हो, दर्द हो या कोई छोटी-मोटी बीमारी – मोहल्ले में ही सुविधा मिल जाती है। इसके साथ ही, सरकारी अस्पतालों का कायाकल्प किया जा रहा है। जर्जर इमारतों की मरम्मत, नई मशीनें, साफ-सफाई, डॉक्टरों की नियुक्ति – हर स्तर पर काम हो रहा है। यह सब इसलिए क्योंकि मान सरकार का मानना है कि स्वस्थ नागरिक ही मजबूत पंजाब बना सकते हैं। शिक्षा के मोर्चे पर भी यही कहानी है। सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ रही है क्योंकि अब वहां भी प्राइवेट स्कूलों जैसी सुविधाएं मिलने लगी हैं। कमरों की मरम्मत, स्मार्ट क्लासरूम, खेल के मैदान, शौचालय – सब कुछ दुरुस्त किया जा रहा है। शिक्षकों की कमी पूरी की जा रही है। ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ जैसी योजनाओं से गरीब बच्चों को भी अच्छी शिक्षा का मौका मिल रहा है। यह सब दिखाता है कि सरकार का फोकस क्लियर है – हर बच्चे को शिक्षा, हर इंसान को सेहत। राजनीतिक विश्लेषक मानते है कि मान सरकार की यह रणनीति गेम-चेंजर साबित हो रही है। दूसरी सरकारें अक्सर बड़े प्रोजेक्ट्स की घोषणाएं करती हैं जो जमीन पर कभी उतरते नहीं। लेकिन यहां उल्टा हो रहा है – छोटे-छोटे लेकिन जरूरी काम हो रहे है, और लोग महसूस कर रहे है। जब एक मां को अपने बच्चे के लिए मुफ्त दवाई मिलती है, जब एक गरीब किसान के बेटे को सरकारी स्कूल में अच्छी शिक्षा मिलती है – तब विश्वास बनता है। और यही विश्वास आज पंजाब में दिख रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि जनता सब देख रही है, समझ रही है। सोशल मीडिया के जमाने में कोई काम छिपा नहीं रह सकता। लोग खुद मॉनिटर कर रहे है कि उनके इलाके में क्या हो रहा है। जब अच्छा काम होता है तो तारीफ करते है, जब कमी दिखती है तो आवाज उठाते है। यह स्वस्थ लोकतंत्र की निशानी है। और पंजाब सरकार इस परीक्षा में खरी उतर रही है क्योंकि उसका एजेंडा साफ है – जनता की भलाई। आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि यह तो बस शुरुआत है। आने वाले समय में सेहत और शिक्षा के क्षेत्र में और भी बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। लेकिन फिलहाल जो हो रहा है, वह काफी है लोगों को यकीन दिलाने के लिए कि यह सरकार उनकी है, उनके लिए है। जब एक आम कार्यकर्ता अपने इलाके के अस्पताल की तस्वीर गर्व से शेयर करता है, तो यह सिर्फ एक पोस्ट नहीं होती – यह उम्मीद का संदेश होता है। पंजाब की जनता ने मान सरकार को पहचान लिया है, और वह जानती है कि यह विकास हकीकत में हो रहा है।

Punjab News: बढ़ती नशाखोरी को रोकने प्रेगाबालिन कैप्सूल की बिक्री पर लगी रोक

इस दवाई की बिक्री पर लगी रोक, सख्त आदेश जारी कपूरथला. जिला मैजिस्ट्रेट अमित कुमार पांचाल ने इंडियन सिटिजनशिप प्रोटैक्शन कोड-2023 के सैक्शन 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए और सीनियर सुपरिटेंडैंट ऑफ पुलिस की मांग पर, कपूरथला जिले की सीमा के अंदर बिना लाइसेंस के प्रेगाबालिन कैप्सूल रखने, मंजूर मात्रा से ज्यादा रखने/बेचने, बिना बिल और रिकॉर्ड के खरीदने/बेचने पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। आदेशों में कहा गया है कि सुपरिटेंडैंट ने उनके ध्यान में लाया है कि अलग-अलग इंटेलिजेंस रिपोर्ट और नशा करने वालों से संपर्क करने पर पता चला है कि नशा करने वाले लोग बड़ी मात्रा में प्रेगाबालिन कैप्सूल का इस्तेमाल नशा करने के लिए कर रहे हैं। 

शहीद सैनिकों के परिवारों को पंजाब सरकार से बड़ी राहत, 10 परिवारों को मिले सरकारी नौकरी के अवसर

चंडीगढ़   वर्ष 2025 के दौरान पंजाब का रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग शहीद सैनिकों के परिवारों, पूर्व सैनिकों, विधवाओं तथा दिव्यांग सैनिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार तथा कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत के निर्देशों के तहत इस वर्ष रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग द्वारा पूर्व सैनिकों की भलाई के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। जिम्मेदारी निभा रही पंजाब सरकार इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए रक्षा सेवाएं कल्याण मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि पंजाब सरकार देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले राज्य के सैनिकों के परिवारों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को पूरी संवेदनशीलता और सम्मान के साथ निभा रही है। शहीद सैनिकों के आश्रितों को सरकारी नौकरी उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान 10 शहीद सैनिकों के आश्रितों को पंजाब सरकार के विभिन्न विभागों में सम्मान और कृतज्ञता की नीति के तहत सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। मंत्री ने कहा कि कारगिल दिवस के अवसर पर ऑपरेशन विजय के दौरान शहीद हुए 65 सैनिकों के परिजनों को सम्मानित कर उनकी शहादत और देश सेवा को स्मरण किया गया। राज्य सरकार के अहम कदम उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा शहीद सैनिकों के परिवारों और दिव्यांग सैनिकों को एक्स-ग्रेशिया अनुदान के रूप में 3.66 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। भगत ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष के दौरान शहीद सैनिकों के परिवारों, गैलेंट्री पुरस्कार विजेताओं तथा पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 63.22 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। कार्यालयों में 15-दिवसीय सहायता शिविर मंत्री ने कहा कि पूर्व सैनिकों और विधवाओं की पेंशन ‘स्पर्श’ पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी ढंग से जारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि पेंशन से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए पंजाब के सभी जिला रक्षा सेवाएं कार्यालयों में 15-दिवसीय सहायता शिविर भी लगाए गए हैं। सैनिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध सरकार इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 10 दिव्यांग सैनिकों को इलेक्ट्रिक तीन-पहिया स्कूटर वितरित किए गए हैं, ताकि उनकी आवाजाही और जीवन को सरल बनाया जा सके। मंत्री भगत ने दोहराया कि पंजाब सरकार शहीदों के परिवारों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में और भी नई योजनाएं लागू की जाएंगी।

Punjab News: मनरेगा में बदलाव के खिलाफ PM को AAP भेजेगी 10 लाख मजदूरों की चिट्ठी

चंडीगढ़. पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) ने मनरेगा कानून में संशोधन के​ खिलाफ अभिया शुरू किया है. पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि एक बार फिर AAP ने खुद को गरीबों और मजदूरों की सच्ची हितैषी साबित किया है. हमने राज्य के 10 लाख से अधिक मनरेगा मजदूर परिवारों की पीड़ा और मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए एक ऐतिहासिक पहल शुरू की है. केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) को विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G-RAM G) अधिनियम से बदल दिया है. उन्होंने कहा, 'पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मंगलवार को आम आदमी पार्टी के विधायक मनरेगा मजदूरों द्वारा लिखे गए लाखों पत्रों के साथ सदन में पहुंचे. इन पत्रों में उन मेहनतकश परिवारों का दर्द और संघर्ष दर्ज है, जो महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत काम कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं. इस दौरान मनरेगा मजदूर भी विधानसभा में मौजूद रहे, जिससे सदन में गरीबों की आवाज और मजबूत हुई.' आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने इन पत्रों को केवल विधानसभा तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इन्हें सीधे प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का फैसला किया है. सरकार का उद्देश्य केंद्र को जमीनी हकीकत से अवगत कराना और मनरेगा मजदूरों की समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित कराना है. पंजाब के मनरेगा मजदूर लंबे समय से कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं. मजदूरी के भुगतान में देरी सबसे बड़ी परेशानी है, जिससे गरीब परिवारों की आजीविका पर सीधा असर पड़ता है. उन्होंने कहा, 'कई इलाकों में मजदूरों को समय पर काम नहीं मिल पाता, जिससे बेरोजगारी बढ़ रही है. केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा फंड समय पर जारी न किए जाने के कारण योजना का क्रियान्वयन प्रभावित हो रहा है. आम आदमी पार्टी फाइलों में दबकर रह जाने वाली गरीबों की आवाज को सत्ता के शीर्ष तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है. यह पत्र अभियान केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की एक ठोस कोशिश है, ताकि मनरेगा फंड समय पर जारी हों और मजदूरों को उनका पूरा हक मिल सके.' आम आदमी पार्टी ने दोहराया है कि वह हमेशा गरीबों और मजदूरों के साथ खड़ी रही है और आगे भी उनके अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी.

Punjab News: नए साल पर पंजाब के सरकारी अस्पतालों में 200 सुरक्षा कर्मियों की होगी तैनाती

चंडीगढ. पंजाब के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन (पी.एच.एस.सी.) ने राज्य के सभी जिला अस्पतालों में 200 सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। यह फैसला पी.सी.एम.एस. एसोसिएशन द्वारा लंबे समय से डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे संघर्ष और पिछले वर्षों में अस्पतालों के भीतर हुई हिंसक घटनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। नए आदेशों के तहत यह तैनाती जनवरी 2026 से शुरू होगी, जिससे अस्पतालों में सुरक्षित कार्य वातावरण बनाने की कोशिश की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार इन सुरक्षा कर्मियों की भर्ती केवल ‘पैस्को’ (PESCO) एजेंसी के माध्यम से की जाएगी। जनवरी और फरवरी 2026 के पहले दो महीनों के लिए इनकी तनख्वाह का प्रबंध ई.आर.एफ. और अस्पतालों के यूजर चार्ज फंड से किया जाएगा। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि बठिंडा, श्री मुक्तसर साहिब, एस.बी.एस. नगर और माता कौशल्या अस्पताल पटियाला अपने स्तर पर यूजर चार्ज से भुगतान करेंगे। मार्च 2026 के बाद इन कर्मचारियों की तनख्वाह के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में विशेष प्रावधान करने की जिम्मेदारी निदेशक स्वास्थ्य सेवाओं के जे.सी.एफ.ए. को सौंपी गई है। जिला-वार विवरण के अनुसार लुधियाना को सबसे अधिक 12, जबकि अमृतसर, जालंधर, बठिंडा और पटियाला को 11-11 सुरक्षा गार्ड आवंटित किए गए हैं। अन्य जिलों में यह संख्या 7 से 9 के बीच रखी गई है। जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार यह सुरक्षा व्यवस्था तीन चरणों में उपलब्ध कराएगी। फिलहाल पहले चरण में जिला स्तर के अस्पतालों को सुरक्षा दी गई है, इसके बाद इसे ब्लॉक और कम्युनिटी हेल्थ सेंटरों तक बढ़ाया जाएगा। साल भर में डॉक्टरों से जुड़े 60 हिंसक मामले पंजाब के अस्पतालों में सुरक्षा की जरूरत क्यों पड़ी, इसका अंदाजा वर्ष 2024-25 के आंकड़ों से लगाया जा सकता है। इस दौरान राज्य के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और ड्यूटी स्टाफ के साथ करीब 60 बार हाथापाई और झगड़े की घटनाएं सामने आईं। इनमें से लगभग 20 गंभीर मामलों में पुलिस को एफआईआर दर्ज करनी पड़ी। इन घटनाओं के कारण मेडिकल स्टाफ में भय का माहौल था, जिसके चलते सितंबर 2024 में डॉक्टरों को हड़ताल जैसा कठोर कदम उठाना पड़ा था।

Punjab News: CM भगवंत मान ने नए साल की दी शुभकामनाएं

चंडीगढ़. नए साल 2026 की शुरुआत हो चुकी है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नए साल की शुभकामनाएं दी हैं। नए साल के मौके पर एक पोस्ट सांझा करते हुए उन्होंने कहा, “नए साल 2026 की आप सभी को हार्दिक बधाई। परमात्मा से प्रार्थना करते हैं कि आपका आने वाला वर्ष खुशियों और सफलता से भरा हो।” इसके साथ ही उन्होंने कहा, “हमने अपने कर्तव्य के रूप में बीते वर्ष 2025 में पंजाब के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, बच्चों को अच्छी शिक्षा और युवाओं को रोजगार प्रदान किया। पंजाब के माथे से नशा और भ्रष्टाचार जैसे कलंक मिटाने के लिए सख्त कार्रवाई की। इसी कड़ी में आने वाले नए साल में भी विकास कार्य इसी तरह जारी रहेंगे।” #HappyNewYear2026  स्वर्ण मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों में भक्तों का लगा तांता 1 जनवरी (आईएएनएस)। कड़ाके की ठंड के बावजूद, सैकड़ों श्रद्धालु गुरुवार सुबह नए साल का स्वागत करने के लिए पंजाब के अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर और आसपास के अन्य धार्मिक स्थलों पर पहुंचे। स्वर्ण मंदिर में प्रार्थना करने के लिए श्रद्धालु आधी रात से ही लाइन में लगे थे। मंदिर के बाहर गुरुवार सुबह लंबी लाइनें देखी गईं, जिसमें लोग 'हरमंदिर साहिब', यानी पवित्र स्थान, के अंदर प्रार्थना करने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। कई श्रद्धालुओं को गोल्डन टेंपल के पवित्र 'सरोवर' में डुबकी लगाते देखा गया। दिल्ली की एक श्रद्धालु कविता गुप्ता ने कहा कि नए साल के पहले दिन गोल्डन टेंपल में प्रार्थना करना हमारे लिए सच में सौभाग्य की बात है। भगवान करे 2026 प्रार्थनाओं के पूरे होने और लक्ष्यों की प्राप्ति से भरा हो। इसके अलावा, चंडीगढ़ के पास पंचकूला में स्थित माता मनसा देवी मंदिर में भी लोग प्रार्थना करने के लिए उमड़ पड़े। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी लोगों ने नए साल के मौके पर अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना की। पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने नए साल के मौके पर पंजाब और चंडीगढ़ के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी है। राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि नए साल का स्वागत हमेशा नई उम्मीद, आशा और आकांक्षाओं के साथ किया जाता है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ये आकांक्षाएं केवल जोश, दृढ़ संकल्प और समर्पण से किए गए सामूहिक प्रयासों से ही पूरी हो सकती हैं। इस मौके पर कटारिया ने लोगों से एक मजबूत, शांतिपूर्ण और एकजुट भारत बनाने के अपने संकल्प को दोहराने और देश की प्रगति और समृद्धि के लिए खुद को फिर से समर्पित करने का आह्वान किया। राज्यपाल ने शुभकामनाएं दीं और सभी को एक खुशहाल, स्वस्थ और समृद्ध नए साल की बधाई दी। पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने भी नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि सर्वशक्तिमान 2026 में पंजाबियों के सभी सपने पूरे करें। उन्होंने भगवान से प्रार्थना की कि दुनिया भर में रहने वाले सभी पंजाबियों को खुशी, शांति, सफलता और समृद्धि मिले। उन्होंने लोगों से अपने जीवन में नियमित रूप से व्यायाम करने का आग्रह किया ताकि वे स्वस्थ और तंदुरुस्त रहें। नए साल की शुभकामनाएं देते हुए, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रार्थना की कि सर्वशक्तिमान लोगों के जीवन को खुशी और सफलता से भर दे। एक्स पोस्ट में उन्होंने लिखा कि पिछले साल उनकी सरकार ने पंजाब के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, बच्चों के लिए अच्छी शिक्षा और युवाओं के लिए रोजगार प्रदान किया। उन्होंने कहा कि हमने पंजाब के माथे से ड्रग्स और भ्रष्टाचार जैसे कलंक को हटाने के लिए सख्त कार्रवाई की। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्य जारी रहेंगे।