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झारखंड भर्ती घोटाल,166 गिरफ्तार, करोड़ों की उगाही का खुलासा

रांची झारखंड उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा (Jharkhand Excise Constable Recruitment Examination) पास कराने के नाम पर सॉल्वर गैंग ने अभ्यर्थियों से 10-10 लाख रुपये में डील की थी। इसके तहत हर अभ्यर्थी से एडवांस के तौर पर तीन लाख रुपये भी वसूले गए थे। साथ ही परीक्षा पास करने के बाद बाकी के सात लाख रुपये लिए जाने थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने सोमवार को रांची पुलिस की पूछताछ में यह खुलासा किया। पुलिस द्वारा पूछताछ के बाद रांची के तमाड़ से गिरफ्तार 164 आरोपियों समेत 166 को जेल भेज दिया गया। इस मामले में अब तक कुल 179 के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में यह बात भी सामने आई कि सॉल्वर गैंग ने 159 अभ्यर्थियों से तीन-तीन लाख रुपये के हिसाब से 4.77 करोड़ रुपये की उगाही की थी। इसके अलावा कई और अहम जानकारी सामने आई है। यह भी पता चला कि तमाड़ के रणगांव से सात किमी की दूरी पर स्थित अर्द्धनिर्मित नर्सिंग कॉलेज में अभ्यर्थियों को लाने के लिए गैंग ने वाहनों का भी इंतजाम किया था। इधर, पुलिस टीम सॉल्वर गैंग के अन्य गुर्गों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस को प्रश्न पत्र के उत्तर रटवाने की सूचना मिली थी बता दें कि, पुलिस को उत्पाद सिपाही परीक्षा के प्रश्न पत्र के उत्तर रटवाने की सूचना मिली थी, जिसके बाद रविवार सुबह रणगांव में छापेमारी कर गिरोह के 5 सदस्यों समेत 159 अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया था। इस दौरान डिजिटल समेत कई साक्ष्य मिले थे। हालांकि, बाद में जेएसएससी ने मीडिया को जानकारी दी थी कि प्रश्न पत्र के मिलान में कुछ प्रश्न ही आंशिक रूप से मिले। अर्द्धनिर्मित भवन के मालिक व ठेकेदार भी मिले हुए थे पुलिस जांच में सॉल्वर गैंग के साथ तमाड़ नर्सिंग कॉलेज का निर्माण कर रहे ठेकेदार और मालिक की मिलीभगत पाई गई है। आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि ठेकेदार ने अर्द्धनिर्मित नर्सिंग कॉलेज में अभ्यर्थियों के ठहरने व खाने-पीने की पूरी व्यवस्था की थी। इसके बदले गैंग के गुर्गों ने मोटी रकम भी दी थी। इसे लेकर एक महीने पहले ही ठेकेदार और गैंग में सौदा पक्का हुआ था। गिरफ्तार अभ्यर्थियों में 152 पुरुष, 7 महिलाएं इस मामले में अब तक 166 गिरफ्तार किए गए हैं। इनमें 152 पुरुष और सात महिला अभ्यर्थी समेत गैंग के सात गुर्गे हैं। गिरोह के सदस्यों में तीन बिहार के और झारखंड के रामगढ़ निवासी आशीष कुमार, योगेश प्रसाद, रांची के रमीज अंसारी, रांची के ही अपर हटिया निवासी इल्फाज खान शामिल हैं।

Sports Update: रांची को मिली बड़ी सौगात, अत्याधुनिक स्केटिंग स्टेडियम में जून में होगा राष्ट्रीय मुकाबला

रांची. झारखंड के स्केटिंग के खिलाड़ियों के लिए अच्छी खबर है। खेलगांव के वेलोड्राम स्टेडियम के बगल में ईस्ट जोन का पहला स्केटिंग रिंक (स्टेडियम) लगभग बन कर तैयार हो चुका है। इसमें बस रेलिंग लगाने और पेंट करने का काम बचा हुआ है। वर्तमान में स्केटिंग के खिलाड़ियों को या तो सड़क पर अभ्यास करना पड़ता था या फिर किसी स्कूल के कैंपस का सहारा लेना पड़ता था। वहीं इस स्केटिंग रिंक में खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलेंगी। इसके पहले फेज का काम पूरा हो चुका है। दूसरे फेज में इस स्केटिंग रिंक में रोलर हॉकी स्केट बोर्ड, पेवेलियन और गैलरी की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। खेलगांव में तैयार हो रहा है 4.15 करोड़ की लागत से स्केटिंग रिंक खेलगांव में चार करोड़ 15 लाख की लागत से इस स्केटिंग रिंक का निर्माण किया जा रहा है। पूरा स्टेडियम लगभग 12660.43 स्क्वायर फीट के क्षेत्र में तैयार किया गया है। जिसमें स्केटिंग रिंक, फ्री स्टाइल ग्राउंड सहित अंतरराष्ट्रीय स्तर की कई सुविधाएं होंगी। 2022 से इस रिंक को बनाने का काम शुरू किया गया है। लेकिन अभी तक केवल एक फेज का काम ही पूरा हो पाया है। जिसके तहत केवल स्केटिंग रिंक ही तैयार किया गया है। आने वाले समय में कई और सुविधाओं से इस पूरे स्टेडियम को लैस किया जायेगा। जिसके बाद इस स्टेडियम में एक साथ तीन इवेंट हो सकेंगे। संत जेवियर स्कूल में अभ्यास करते हैं खिलाड़ी वर्तमान में रांची जिला और आसपास के स्केटिंग के खिलाड़ी अभ्यास के लिए डोरंडा स्थित संत जेवियर स्कूल में जाते हैं।अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोच राजेश राम का कहना है कि इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम के शुरू होने के बाद खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखाने में समस्या नहीं होगी। क्योंकि स्कूल में अभ्यास करने के बाद जब ये खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए किसी स्टेडियम में शामिल होते हैं तो उनको समस्याओं का सामना करना पड़ता है।जिसमें स्टेडियम का फर्श से लेकर स्पीड तक शामिल है। पांच खिलाड़ियों से हुई थी स्केटिंग की शुरुआत, अभी हैं 450 खिलाड़ी झारखंड की राजधानी रांची में स्केटिंग खेल की शुरुआत 2007 में संत जेवियर स्कूल से हुई थी। उस समय इस इवेंट में मात्र पांच ही खिलाड़ी थे। स्केटिंग कोच सुमित कुमार की मेहनत से लगभग 25 वर्ष में राज्य में कुल 450 रजिस्टर्ड खिलाड़ी हो चुके हैं। वहीं इन खिलाड़ियों में कुल 67 ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पदक भी जीता है। इसमें राजेश राम, सुमंत, सोमनाथ मिंज, सुषमा टोप्पो, रवि रंजन और एलेक्स लकड़ा जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। स्केटिंग रिंग नहीं होने के कारण इन खिलाड़ियों को बेहतर अभ्यास के लिए दूसरे राज्य भी जाना पड़ता है। जून में मिली है राष्ट्रीय स्तर प्रतियोगिता की मेजबानी, 2000 खिलाड़ी होंगे शामिल रोलर स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ झारखंड को आगामी जून में राष्ट्रीय स्तर की रोलर स्केटिंग प्रतियोगिता की मेजबानी मिली है। इसमें पूरे देश से लगभग 2000 खिलाड़ी शामिल होंगे। एसोसिएशन के सचिव सुमित कुमार ने बताया कि इस आयोजन में देश भर के खिलाड़ी शामिल होंगे। अगर समय पर स्टेडियम में रेलिंग और पेंट हो जाता है तो यही पर आयोजन करवाया जायेगा। खेल विभाग को इसकी पूरी जानकारी प्रदान कर दी गयी है। जिसके बाद काम तेजी से हो रहा है। रोलर स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ झारखंड के सचिव सुमित कुमार कहते हैं- खेलगांव में तैयार हो रहा स्केटिंग रिंक यहां के स्केटिंग के खिलाड़ियों के लिए लाइफलाइन साबित होगा। वर्तमान में खिलाड़ी या तो स्कूल में स्केटिंग का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं या फिर रिंग रोड़ और मोरहाबादी की सड़कों पर। ये दोनों जगह खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए सही नहीं है। लेकिन उनके बाद कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। स्टेडियम पूरी तरह तैयार हो जाने पर खिलाड़ियों को कहीं और जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। क्या कहते हैं राष्ट्रीय स्तर के मेडलिस्ट खिलाड़ी स्कूल के ग्राउंड में अभ्यास करने में परेशानी होती है। ये ग्राउंड काफी छोटा है और जब हम राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोेगिता में जाते हैं तो इसका असर हमारी परफारमेंस पर पड़ता है। यदि हमें स्केटिंग रिंक मिल जायेगा तो हम राष्ट्रीय स्तर में बेहतर करने के साथ रिकार्ड भी बन सकते हैं। -आदित्य रंजन, ईस्ट जोन में स्वर्ण वर्तमान में हमें अभ्यास के लिए एक ही जगह मिलती है। वो है सेंट जेवियर स्कूल में एक जगह। ये काफी छोटी जगह है और यहां अभ्यास करने में परेशानी होती है। वहीं स्केटिंग रिंग के शुरू हो जाने पर हम प्रतिदिन बेहतर अभ्यास कर पायेंगे और झारखंड और देश के लिए मेडल भी जीत सकेंगे। -अबीर गुप्ता, स्टेट चैंपियन व ईस्ट जोन में रजत हमारे अभ्यास की शुरुआत इसी ग्राउंड से हुई है और यहीं से सीखकर हमने मेडल भी जीता है। लेकिन बेहतर अभ्यास के लिए रिंक होना जरूरी है। इससे हमारा स्पीड बेहतर होगा और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हम बेहतर रिजल्ट दे सकेंगे। -आरव प्रभात, ईस्ट जोन में स्वर्ण एक बेहतर स्टेडियम की जरूरत तो शुरुआती दौर से होता है। लेकिन हमारे पास कोई विकल्प नहीं है इसलिए यहां पर अभ्यास करना पड़ता है। हम कभी-कभी स्मार्ट सिटी की सड़कों पर भी अभ्यास करते हैं लेकिन वहां खतरा अधिक है। स्टेडियम मिल जाने से हमें कहीं और भटकना नहीं पड़ेगा। -हरीश कुमार, ईस्ट जोन में स्वर्ण

Bihar Raid Update: EOU का बड़ा एक्शन, SDPO के बाद इंस्पेक्टर के 5 ठिकानों पर छापेमारी

पटना/किशनगंज. किशनगंज एसडीपीओ के बाद आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने अब किशनगंज के नगर थाना अध्यक्ष इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार रंजन के ठिकानों पर छापेमारी की है। मंगलवार को ईओयू की टीम किशनगंज के इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार रंजन के पटना, छपरा और किशनगंज के पांच ठिकानों पर तलाशी ले रही है। आय से अधिक संपत्ति मामले में यह कार्रवाई की जा रही है। प्राथमिक जांच में इंस्पेक्टर के पास आय से एक करोड़ 70 लाख से अधिक संपत्ति की जानकारी मिली है। आर्थिक अपराध इकाई ने इनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला आर्थिक अपराध इकाई थाना कांड संख्या 05/2026 दर्ज किया है। सारण जिले में भेल्दी के पैगा में आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने इंस्‍पेक्‍टर के पैतृक आवास पर रेड किया है। वहां कागजातों की जांच-पड़ताल की जा रही है।   क‍िशनगंज में इंस्‍पेक्‍टर के आवास और चैंबर में छानबीन की जा रही है। नगर थाने से उनका आवाज करीब 50 मीटर की दूरी पर है। ईओयू की 6 सदस्‍यीय टीम 3 गाड़‍ि‍यों से पहुंची। पटना में रामकृष्‍णानगर में ईओयू की छापेमारी चल रही है। इससे कुछ दिनों पूर्व किशनगंज के एसडीपीओ गौतम कुमार भी ईओयू की रडार पर आए थे। उनकी करोड़ों की संपत्‍त‍ि का पता चला है। 

‘शांति, सत्य और विज्ञान’ थीम पर DRDO शो: युवाओं को मिलेगी आधुनिक रक्षा तकनीक की झलक

 मोतिहारी बिहार के मोतिहारी स्थित महात्मा गांधी प्रेक्षागृह में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) 15 से 18 अप्रैल तक एक विशाल प्रदर्शनी आयोजित कर रहा है. इस आयोजन का उद्घाटन रक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष और सांसद राधा मोहन सिंह करेंगे. इस प्रदर्शनी का मुख्य मकसद युवाओं को प्रेरित करना और देश की सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने वाली तकनीकों से रूबरू कराना है. प्रोग्राम की थीम 'शांति, सत्य और विज्ञान का संगम- सुरक्षित और आत्मनिर्भर भारत की ओर' रखी गई है. इसमें ब्रह्मोस, पृथ्वी, आकाश, प्रलय और अग्नि जैसी मिसाइलों के मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे. इसके साथ ही, मुख्य युद्धक टैंक अर्जुन, पिनाका रॉकेट सिस्टम और कई एडवांस राडार सिस्टमों को जनता के सामने पेश किया जाएगा. यह आयोजन भारत के 'आत्मनिर्भर भारत' विजन की दिशा में उठाए गए मजबूत कदमों को उजागर करेगा. अत्याधुनिक मिसाइल और आर्टिलरी सिस्टम प्रदर्शनी में डीआरडीओ द्वारा विकसित एडवांस रक्षा प्रणालियों की एक विस्तृत चेन दिखाई देगी. इनमें आकाश-एनजी (न्यू जेनरेशन) लॉन्चर, एंटी-सैटेलाइट (ए-सैट) मिसाइल और नाग एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल प्रमुख हैं. इसके अलावा, एडवांस टोएड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS) और मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (MPATGM) जैसे हथियारों के मॉडल भी आकर्षण का केंद्र होंगे. मैदान पर सेना की ताकत बढ़ाने वाले मेन बैटल टैंक अर्जुन (एमके-I और II) और इंडियन लाइट टैंक (ILT) के मॉडल्स भी यहां प्रदर्शित किए जाएंगे. तकनीक के क्षेत्र में एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) सिस्टम, उत्तम एईएसए रडार और ड्रोन डिटेक्शन रडार की क्षमताओं को भी दिखाया जाएगा. यह युवाओं को रक्षा क्षेत्र में हो रहे बदलावों की बारीकियां समझने का मौका देगा. प्रदर्शनी में कावेरी इंजन का रैपिड प्रोटोटाइप मॉडल, ऑटोमैटिक केमिकल एजेंट डिटेक्शन (ACADA) और होलोग्राफिक साइट जैसी तकनीकों को शामिल किया गया है. इसके अलावा ब्लास्ट प्रोटेक्शन सूट, बैलिस्टिक हेलमेट और नौसैनिक स्टील जैसी सामग्रियों का प्रदर्शन भी किया जाएगा.

बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव: नीतीश कुमार आज दे सकते हैं इस्तीफा

पटना  बिहार की राजनीति में मंगलवार का दिन बेहद अहम माना जा रहा है. बीते 20 साल से मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार आज अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं. वे अब राज्यसभा सांसद बन चुके हैं. इससे पहले उन्होंने अपनी अंतिम कैबिनेट बैठक बुलाई, जिसमें सरकार को भंग करने की सिफारिश की गई. दोपहर 3:15 बजे इस्तीफा देंगे सीएम जानकारी के मुताबिक, नीतीश कुमार दोपहर 3:15 बजे राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं. इसके साथ ही मौजूदा सरकार का कार्यकाल औपचारिक रूप से समाप्त हो जाएगा. कैबिनेट बैठक के बाद मंत्रियों की भावुक प्रतिक्रिया बैठक खत्म होने के बाद कई मंत्रियों ने इसे भावुक क्षण बताया. सभी ने नीतीश कुमार के लंबे कार्यकाल और उनके नेतृत्व की सराहना की. लखेंद्र पासवान बोले- बिहार को मजबूत बनाने का काम हुआ मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के लोगों का भरोसा जीता है और राज्य को सशक्त बनाने की दिशा में काम किया है. उन्होंने कहा कि आगे भी नई सरकार में उनकी भूमिका मार्गदर्शक के रूप में रहेगी. लेसी सिंह ने बताया भावुक और गौरव का पल मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि यह पल भावुक होने के साथ-साथ गौरव का भी है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जैसे नेता के साथ लंबे समय तक काम करना उनके लिए सम्मान की बात रही. रामकृपाल यादव हुए भावुक बैठक के बाद मंत्री रामकृपाल यादव भावुक नजर आए. उन्होंने कहा कि यह पूरे बिहार के लिए भावुक क्षण है. उन्होंने नीतीश कुमार के 20 साल के कार्यकाल को राज्य के विकास में महत्वपूर्ण बताया. बीजेपी विधायक बोले- बिहार के इतिहास में दर्ज होगा नाम बीजेपी विधायक विनोद नारायण झा ने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार के विकास में अहम भूमिका निभाई है. उन्होंने कहा कि उनका नाम बिहार के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा और वे आगे भी मार्गदर्शक की भूमिका में रहेंगे.

आज बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान करेंगे शिवराज सिंह चौहान, बैठक में होगी घोषणा

पटना  बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पहले मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान आज 3 बजे भाजपा विधायक दल की बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष और सीएम नीतीश कुमार कुछ देर में कैबिनेट की आखिरी बैठक के बाद राज्यपाल को इस्तीफा सौंप देंगे। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार का नेतृत्व पहली बार भाजपा करेगी। भाजपा विधायक दल की बैठक में सीएम के नाम का ऐलान होने के बाद शाम 4 बजे एनडीए विधायक दल की बैठक में गठबंधन के पांच दलों के विधायक उस नाम का अनुमोदन करेंगे। अभी जैसे जेडीयू विधायक दल के नेता नीतीश सीएम हैं, उसी तरह आगे भाजपा विधायक दल का नेता ही एनडीए विधायक दल का नेता और मुख्यमंत्री बनेगा। भाजपा और एनडीए से पहले जेडीयू के विधायक दल की बैठक 2 बजे नीतीश लेंगे। एनडीए विधायक दल की बैठक के बाद नया नेता यानी नए मुख्यमंत्री राजभवन जाकर नई सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। बुधवार की सुबह 11 बजे लोक भवन (राजभवन) में बीजेपी की अगुवाई में एनडीए की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होगा, जिसमें सीमित संख्या में पांच घटक दलों के मंत्री शपथ लेंगे। समारोह में दिल्ली से भाजपा और एनडीए दलों के बड़े नेता आ सकते हैं। नए सीएम को लेकर अटकलों का दौर चल रहा है, लेकिन खुली आंखों से जो राजनीतिक घटनाक्रम दिख रहा है और कल से जिस तरह भाजपा विधायक दल के मौजूदा नेता और उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आवास नई सरकार के गठन को लेकर बैठकों-मुलाकातों का केंद्र बना हुआ है, उससे यह संभावना प्रबल है कि सम्राट चौधरी ही बिहार के नए और अगले मुख्यमंत्री बनेंगे। सीएम पद के लिए नित्यानंद राय, विजय सिन्हा, जनक राम, रेणु देवी, दिलीप जायसवाल, संजय जायसवाल, मंगल पांडे जैसे कई नाम चर्चा में हैं। लेकिन भाजपा का फैसला शाम 3 बजे की बैठक में सामने आने तक कुछ तय रूप से नहीं कहा जा सकता। पांच महीने पहले सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा को भाजपा विधायक दल का नेता और उप-नेता चुना गया था। भाजपा के पास विकल्प है कि वो विधायक दल का नेता या उप-नेता ना बदले, लेकिन जदयू को सांसद नीतीश की जगह पर नया नेता चुनना ही होगा, जो विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य हो। इस लिहाज से जदयू की 2 बजे की बैठक भी बहुत महत्वपूर्ण है। जदयू में नीतीश के बाद नेता बनने की रेस में विजय कुमार चौधरी का नाम सबसे आगे है। नीतीश कुमार सीएम आवास से निकले, आंबेडकर जयंती समारोह बतौर मुख्यमंत्री आखिरी सार्वजनिक कार्यक्रम नीतीश कुमार बतौर सीएम अपने अंतिम सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री आवास से निकल गए। वो आंबेडकर जयंती समारोह में शामिल होने के बाद जब सीएम हाउस लौटेंगे तो अपनी कैबिनेट की आखिरी बैठक करेंगे। इसके बाद वो राजभवन जाकर इस्तीफा सौंप देंगे।  भाई वीरेंद्र ने कहा- सम्राट चौधरी सीएम बनते हैं तो हम बधाई देंगे राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा है कि अगर सम्राट चौधरी सीएम बनते हैं तो वो उनको बधाई देंगे। कुछ दिन पहले तेजस्वी यादव के करीबी नेता शक्ति सिंह यादव ने भी कहा था कि अगर सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बनते हैं तो राजद के कार्यकर्ता खुश ही होंगे। शक्ति यादव का तर्क था कि इससे साबित होगा कि राजद से निकले कार्यकर्ता दूसरे जगह जाकर भी सीएम बन सकते हैं। सम्राट चौधरी बिहार सीएम संकेत नंबर 08- राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा सम्राट के आवास गए एनडीए दलों के नेता और नीतीश के प्रधान सचिव दीपक कुमार के बाद कल शाम जब राज्यपाल के सचिव गोपाल मीणा भी सम्राट चौधरी के आवास पहुंच गए, तो यह अब तक के सारे संकेतों में सबसे मजबूत इशारा हो गया कि अगला सीएम कौन हो सकता है। कहा जा रहा है कि 15 अप्रैल को शपथ ग्रहण समारोह के बारे में चर्चा करने के लिए राज्यपाल के सचिव सम्राट से मिलने गए थे। सम्राट चौधरी बिहार सीएम संकेत नंबर 07- सीएम के प्रधान सचिव दीपक कुमार सम्राट के आवास गए एनडीए के नेताओं के बाद जब कल नीतीश कुमार के प्रधान सचिव दीपक कुमार भी सम्राट चौधरी से मिलने उनके आवास पहुंचे। दीपक कुमार ही सरकार की सारी प्रशासनिक व्यवस्था पर सीएम के लिए नजर रखते हैं। दीपक कुमार हर यात्रा और कार्यक्रम में सीएम के साथ और बिल्कुल पास खड़े दिख जाते हैं। दीपक कुमार का सम्राट चौधरी के आवास जाना भी अगली सरकार के नेता का मजबूत संकेत है। JDU इन 5 नेताओं पर लगा सकती है दांव डिप्टी सीएम की रेस में कौन आगे? सबकी निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि जेडीयू की ओर से उपमुख्यमंत्री कौन बनेगा. हाल ही में राजनीति में कदम रखने वाले नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का नाम इस पद के लिए सबसे चर्चा में है. हालांकि, सूत्रों के अनुसार निशांत फिलहाल इस जिम्मेदारी को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं, लेकिन उन्हें मनाने की कोशिशें जारी हैं. वहीं, दो उपमुख्यमंत्री होने की बात भी माने आ रही है. कुछ लोगों का मानना है कि नीतीश कुमार उपमुख्यमंत्री के मामले में चौका भी सकते हैं. वे निशांत के अलावा किसी अन्य नेता पर भी दाव लगा सकते हैं. इसके लिए 5 नाम सबसे प्रबल हैं. इनमें संजय झा, ललन सिंह, विजय चौधरी, अशोक चौधरी, विजेंद्र यादव शामिल हैं।      संजय झाः इन्हें नीतीश कुमार का करीबी माना जाता है. पार्टी के रणनीतिकार हैं. सवर्ण (ब्राह्मण) जाति से आते हैं. वे बीजेपी से जदयू में आए हैं. लिहाजा बीजेपी में भी उनकी अच्छी पकड़ है।      ललन सिंहः ये नीतीश कुमार के पुराने साथी और बेहद भरोसेमंद हैं. ललन सिंह भी सवर्ण यानि भूमिहार जाति से आते हैं. फिलहाल लोकसभा सांसद और केंद्र में मंत्री है. इनका पार्टी पर संगठन पर मजबूत पकड़ और लंबा प्रशासनिक व राजनीतिक अनुभव है।      विजय चौधरीः इन्हें नीतीश कुमार के साथ साये की तरह देखा जाता है. विधानसभा अध्यक्ष रह चुके हैं और नीतीश के संकटमोचक माने जाते हैं. फिलहाल राज्य सरकार में मंत्री हैं. सवर्ण जाति से आते हैं और भूमिहार है।      अशोक चौधरीः इन्हें नीतीश कुमार के मानस पुत्र माना जाता है. पासी … Read more

बिहार में आज तय होगा सत्ता का मालिक, लोकभवन सजा और तैयारियां पूरी

 पटना बिहार के लिए आज यानि मंगलवार का दिन बड़ा रहने वाला है. प्रदेश के मुखिया नीतीश कुमार इस्तीफा दे सकते हैं और साथ ही नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है. इस कड़ी में एनडीए (नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस) ने राजधानी पटना में विधयक दल की अहम बैठक बुलाई है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ऑब्जर्वर के तौर पर पहुंचेंगे।  14 अप्रैल को शाम 4 बजे पटना के विधानसभा भवन के सेंट्रल हॉल में एनडीए के सभी विधायक एक साथ बैठेंगे. इसे विधायक दल की बैठक कहते हैं. इसी बैठक में तय होगा कि एनडीए का नेता कौन होगा यानी बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा. जिस नेता को सबसे ज्यादा समर्थन मिलेगा उनके नाम पर सहमति बनेगी।  शपथ ग्रहण कब और कहां होगा? 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे पटना के लोकभवन में शपथ ग्रहण समारोह होगा. लोकभवन बिहार सरकार का एक बड़ा सरकारी भवन है जहां ऐसे बड़े कार्यक्रम होते हैं. वहां तैयारियां जोरों पर हैं और काम को आखिरी रूप दिया जा रहा है।  सम्राट चौधरी का नाम क्यों आया? सूत्रों के मुताबिक लोकभवन के अधिकारियों ने डिप्टी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों की जानकारी दी. इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि वो इस पूरी प्रक्रिया में एक अहम भूमिका में हैं।  नए मुख्यमंत्री का नाम अभी क्यों तय नहीं? यह सवाल सबके मन में है. एनडीए के गठबंधन में कई पार्टियां हैं और सभी की अपनी-अपनी पसंद होती है. इसीलिए पहले विधायक दल की बैठक होती है जहां सभी मिलकर एक नाम पर सहमति बनाते हैं. उसके बाद ही मुख्यमंत्री का चेहरा सामने आता है. कल की बैठक के बाद यह रहस्य खुल जाएगा।   

अनुराधा देवी के नेतृत्व में रसूलपुर पंचायत ने रचा विकास का मॉडल

रोहतास बिहार के रोहतास जिले की रसूलपुर ग्राम पंचायत ने महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण प्रशासन और सतत विकास के क्षेत्र में एक बेहतरीन मिसाल कायम की है। इस 9 हजार 876 की आबादी वाली पंचायत में लगभग 45 प्रतिशत महिलाएं हैं। मुखिया अनुराधा देवी के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व में इस पंचायत ने स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका, सुरक्षा और सामाजिक समावेश की कई अभूतपूर्व पहलें सफलतापूर्वक लागू की गई हैं। यहां वर्तमान में 16 आंगनवाड़ी केंद्र, 9 विद्यालय, 1 स्वास्थ्य केंद्र और एक पंचायत भवन संचालित हो रहे हैं। मुखिया अनुराधा देवी का स्पष्ट उद्देश्य है- महिला-केंद्रित शासन सुनिश्चित करना, स्वास्थ्य व पोषण में सुधार, बालिका शिक्षा को बढ़ावा, आजीविका के नए अवसर और एक सुरक्षित और सशक्त ग्राम पंचायत का निर्माण। मुखिया की कोशिशों ने पंचायत में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया है। यहां 216 गर्भवती महिलाओं का सफल पंजीकरण किया गया। सौ प्रतिशत प्रसवोत्तर जांच सुनिश्चित की गई और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दिया गया। परिणामस्वरूप मातृ मृत्यु दर मात्र 1 और शिशु मृत्यु दर केवल 2 रही। यहां नियमित पोषण दिवस का आयोजन, स्तनपान और सही पोषण संबंधी जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। शिक्षा और बालिका सशक्तिकरण अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्र-छात्राओं को शिक्षा में बेहतर करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुखिया अनुराधा देवी बताती हैं कि प्रति वर्ष दसवीं और बारहवीं में अच्छे अंक लाने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया जाता है। परिणामस्वरूप शिक्षा के प्रति लोगों का रवैया बदला है, लड़कियां इसमें खासकर अच्छा कर रही हैं। आर्थिक आजादी की ओर कदम इस पंचायत में 172 स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) सक्रिय हैं, जिनमें से 162 बैंक ऋण से जुड़ चुके हैं। महिलाओं को सिलाई, हस्तशिल्प और कंप्यूटर जैसे कौशल के प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। जीविका के माध्यम से एससी-एसटी की महिलाएं स्कूल ड्रेस सिलाई कर अच्छी आय कमा रही हैं। अब सैकड़ों महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो चुकी हैं और शासन प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी कर रही हैं। ग्राम स्तर पर समस्याओं का समाधान महिलाओं की सुरक्षा के लिए शक्ति सलाह केंद्र की स्थापना की गई है। दहेज, बाल विवाह और महिलाओं के विरुद्ध अपराधों से संबंधित मामलों को मुखिया अनुराधा देवी अपने स्तर पर या ग्राम कचहरी में सुलझाती हैं। उनका प्रयास रहता है कि मामले थाने तक न पहुंचें। मजबूत जागरूकता अभियान के कारण लिंग आधारित हिंसा में उल्लेखनीय कमी आई है। पंचायत ने 2 हजार 572 शौचालयों का निर्माण करवाया है। सभी घरों तक सड़क बनाई गई है। सौ एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं और आरओ आधारित पेयजल सुविधा भी उपलब्ध है। इसके साथ ही विधवा पेंशन के 143, वृद्धावस्था पेंशन के 149 और विकलांगता पेंशन के 67 लाभार्थियों को नियमित लाभ मिल रहा है। पात्र सभी लाभार्थियों को सौ प्रतिशत कवरेज देने का लक्ष्य रखा गया है। चुनौतियों से निपटने के लिए निकाले रास्ते मुखिया बताती हैं कि शुरुआत में महिलाओं की भागीदारी कम थी और सामाजिक रूढ़िवादी मानसिकता बाधा बन रही थी। नियमित जागरूकता अभियान, महिला सभाएं, क्षमता निर्माण प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं से समन्वय के माध्यम से इन चुनौतियों पर काबू पाया। आज महिलाओं की निर्णय लेने में सक्रिय भागीदारी बढ़ी है और अब वे विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आर्थिक स्वतंत्रता हासिल कर चुकी हैं। सूर्यकांत पाठक

ओपन जेलों की स्थिति पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार को रिपोर्ट देने का निर्देश

 रांची झारखंड हाईकोर्ट ने सूबे की ओपन जेलों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए बड़ा कदम उठाया है. सोमवार को कोर्ट ने जनहित याचिका में तब्दील स्वत: संज्ञान पर सुनवाई की. इस मामले को न्यायपालिका ने जनहित से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा मानते हुए व्यापक निगरानी का निर्देश दिया है. इसके लिए अदालत ने झारखंड सरकार को निर्देश दिया है कि गृह सचिव की अध्यक्षता में एक निगरानी समिति का गठन किया जाए. पीठ ने दिए सख्त निर्देश चीफ जस्टिस एमएस सौनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए. कोर्ट ने कहा कि ओपन जेलों की स्थिति सुधारने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाए. इस समिति की अध्यक्षता गृह सचिव करेंगे और इसमें कारा महानिदेशक तथा संबंधित जेल अधीक्षक को भी शामिल किया जा सकता है. स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का आदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक गठित समिति की प्रगति रिपोर्ट पेश की जाए. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले की अगली सुनवाई 11 जून 2026 को होगी. कोर्ट यह सुनिश्चित करना चाहता है कि ओपन जेलों में सुधार के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन जरूरी इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश भी शामिल हैं. सर्वोच्च अदालत ने देशभर की ओपन जेलों की मॉनिटरिंग के लिए गृह विभाग को कमेटी बनाने और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने का निर्देश दिया है. इसमें चिकित्सा सुविधा, जिम, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को सुधारने पर विशेष जोर दिया गया है. कैदियों के पुनर्वास पर फोकस ओपन जेलों का उद्देश्य कैदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को मजबूत करना है. ऐसे में वहां की सुविधाओं का बेहतर होना बेहद जरूरी है. हाईकोर्ट ने इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए इस मामले को गंभीरता से लिया है. पहले स्वत: संज्ञान, अब जनहित याचिका गौरतलब है कि झारखंड हाईकोर्ट ने 2 अप्रैल को इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया था. अब इसे जनहित याचिका में तब्दील कर दिया गया है, जिससे इस मुद्दे पर नियमित सुनवाई और निगरानी सुनिश्चित हो सके. सुधार की दिशा में अहम कदम हाईकोर्ट का यह कदम राज्य की जेल व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. यदि कोर्ट के निर्देशों का सही तरीके से पालन होता है, तो ओपन जेलों में रहने वाले कैदियों को बेहतर जीवन स्तर और पुनर्वास के अवसर मिल सकेंगे.

जमीन घोटाले में फंसे आईएएस विनय चौबे को बेल, शराब केस बना रुकावट

रांची  झारखंड के प्रशासनिक गलियारे से बड़ी खबर है। जमीन घोटाला मामले में आरोपी आईएएस विनय कुमार चौबे को देश की सर्वोच्च अदालत से जमानत मिल गई है। हालांकि कोर्ट का यह आदेश उनके लिए आधी राहत जैसा है, क्योंकि बेल मिलने के बावजूद वे फिलहाल सलाखों के पीछे ही रहेंगे। विनय चौबे के खिलाफ केवल एक ही मामला नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने हजारीबाग जमीन मामले में उन्हें बेल दी है, लेकिन वे एक अन्य बड़े घोटाले (शराब नीति से जुड़े मामले) में भी आरोपी हैं। तकनीकी तौर पर जब तक किसी व्यक्ति को उन सभी मामलों में जमानत नहीं मिल जाती जिनमें वह न्यायिक हिरासत में है, तब तक उसकी रिहाई मुमकिन नहीं होती। इसी कारण उन्हें अभी बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार (होटवार जेल) में ही वक्त बिताना होगा। कोर्ट की सख्त शर्तें: पासपोर्ट और गवाहों पर नजर सुप्रीम कोर्ट ने विनय चौबे को जमानत देते हुए कुछ कड़ी शर्तें लागू की हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि:     वे बिना पूर्व अनुमति के देश छोड़कर बाहर नहीं जा सकते।     मामले से जुड़े किसी भी गवाह से संपर्क करने या उन्हें डराने-धमकाने पर उनकी जमानत रद्द की जा सकती है।     जांच एजेंसी जब भी बुलाएगी, उन्हें सहयोग करना होगा। flashback: पद का दुरुपयोग और जमीन की हेराफेरी विनय कुमार चौबे पर लगे आरोपों की जड़ें उनके हजारीबाग में उपायुक्त (DC) रहने के कार्यकाल से जुड़ी हैं। यह मामला झारखंड के उस बड़े लैंड स्कैम का हिस्सा है जिसने पूरे राज्य की राजनीति को गरमा रखा है। 1. हजारीबाग जमीन घोटाला आरोप है कि हजारीबाग में डीसी पद पर तैनात रहते हुए विनय चौबे ने भू-माफियाओं के साथ साठगांठ की। उन पर प्रतिबंधित श्रेणी की सरकारी जमीनों (गैर-मजरूआ) के अवैध हस्तांतरण, म्यूटेशन और बिक्री में नियमों की अनदेखी करने का आरोप है। जांच एजेंसियों के अनुसार, फर्जी दस्तावेजों के जरिए कीमती जमीनों को निजी हाथों में सौंपने का खेल उनके कार्यकाल में बड़े पैमाने पर हुआ। 2. शराब घोटाले का साया जमीन के अलावा विनय चौबे झारखंड के बहुचर्चित 'शराब घोटाले' में भी मुख्य अभियुक्तों में से एक हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने उत्पाद विभाग के सचिव रहते हुए छत्तीसगढ़ की तर्ज पर झारखंड में शराब की नई नीति लागू कराई, जिससे सरकारी राजस्व को करोड़ों का नुकसान हुआ और चुनिंदा सिंडिकेट को फायदा पहुँचाया गया। इसी मामले की वजह से उनकी रिहाई अटकी हुई है। 3. रसूख से जेल तक का सफर झारखंड कैडर के 1999 बैच के आईएएस अधिकारी विनय चौबे सत्ता के बेहद करीब माने जाते थे। वे मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे। भ्रष्टाचार के इन गंभीर आरोपों और प्रवर्तन निदेशालय (ED) व एसीबी की कार्रवाई ने उनकी चमक कम कर दी और आखिरकार उन्हें जेल जाना पड़ा।