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बैंक्वेट हॉल के बेसमेंट में चल रहा था मौत का खेल, 5 घंटे चली छापेमारी के बाद अवैध ओटी और प्रसव कक्ष सील

 पलामू पलामू जिले में अवैध रूप से चल रहे क्लिनिक के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. नावाजयपुर थाना क्षेत्र स्थित बिंदा बैंक्वेट हॉल के बेसमेंट में संचालित एक अवैध क्लिनिक को सील कर दिया गया. यह कार्रवाई सीआईडी की रिपोर्ट के आधार पर की गयी. जिला उपायुक्त समीरा एस के निर्देश पर संबंधित अधिकारियों की टीम ने छापेमारी कर पूरे क्लिनिक को बंद कराया. पांच घंटे चली छापेमारी, कई चौंकाने वाले खुलासे प्रशासनिक टीम ने करीब पांच घंटे तक क्लिनिक में सघन जांच अभियान चलाया. इस दौरान कई आपत्तिजनक और चौंकाने वाले तथ्य सामने आये. क्लिनिक के भीतर एक अस्थायी ऑपरेशन थिएटर और प्रसव कक्ष पाया गया, जहां अवैध तरीके से सर्जरी और डिलीवरी करायी जाती थी. जांच में कई प्रतिबंधित दवाएं भी बरामद की गयीं, जो बिना अनुमति के इस्तेमाल की जा रही थीं. बिना डिग्री चला रहा था क्लिनिक जांच में सामने आया कि पंडवा निवासी सेवक मेहता इस क्लिनिक का संचालन कर रहा था, जबकि उसके पास किसी प्रकार की मेडिकल डिग्री नहीं है. इसके बावजूद वह वर्षों से मरीजों का इलाज कर रहा था और गंभीर मामलों में ऑपरेशन तक कर देता था. यह खुलासा बेहद गंभीर है, क्योंकि इससे गरीब मरीजों की जान को लगातार खतरा बना हुआ था. एलोपैथिक दवाओं का अवैध भंडारण छापेमारी के दौरान एक कमरे में बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दवाओं का भंडार भी मिला. जबकि क्लिनिक के बाहर “दिशा आरोग्य धाम जयपुर आयुर्वेद संस्थान” लिखा हुआ था. इससे स्पष्ट होता है कि मरीजों को भ्रमित कर इलाज किया जा रहा था. इसके अलावा डॉक्टर के ओपीडी कक्ष से गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट भी बरामद हुए, जो नियमों के उल्लंघन को दर्शाते हैं. कर्मचारियों ने किया बड़ा खुलासा मौके पर मौजूद दो अस्पताल कर्मियों से पूछताछ में यह सामने आया कि सेवक मेहता ने कभी मेडिकल की पढ़ाई नहीं की है. इसके बावजूद वह खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों का इलाज करता था. यह भी पता चला कि क्लिनिक में नियमित रूप से प्रसव और अन्य सर्जिकल प्रक्रियाएं की जाती थीं. अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई इस कार्रवाई में पाटन बीडीओ सह सीओ डॉ अमित कुमार झा, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अमित कुमार आजाद और नावाजयपुर थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार मेहता सहित कई अधिकारी मौजूद रहे. सभी की देखरेख में क्लिनिक को सील किया गया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की गयी. बार-बार सामने आ रहे ऐसे मामले पलामू जिले में अवैध क्लिनिक का यह कोई पहला मामला नहीं है. जिला प्रशासन लगातार ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद कई क्लिनिक नाम बदलकर फिर से संचालित होने लगते हैं. यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करती है. गरीब मरीजों की जान से खिलवाड़ सबसे चिंताजनक बात यह है कि ऐसे अवैध क्लिनिकों में गरीब और अनजान मरीज इलाज के लिए जाते हैं, जहां उनकी जान जोखिम में डाल दी जाती है. बिना प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा ऑपरेशन और प्रसव कराना गंभीर लापरवाही है, जिससे कई बार जानलेवा परिणाम सामने आते हैं. कुल मिलाकर, इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह उजागर किया है कि जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि लोगों की जान के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो सके.

सोनारडीह मामले के बाद एक्शन में धनबाद एसडीएम, आधा दर्जन ठिकानों पर छापेमारी कर अवैध मुहाने भरने के दिए निर्देश

धनबाद धनबाद में सोनारडीह भूधसान के बाद प्रशासन अवैध कोयला खनन के खिलाफ सख्त हो गया है. एसडीएम लोकेश बारंगे के नेतृत्व में कई स्थानों पर छापेमारी कर कोयला और वाहनों की जब्ती की गई और अवैध खनन पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए.  झारखंड के धनबाद में सोनारडीह भूधसान मामले धनबाद एसडीएम (सदर अनुमंडल दंडाधिकारी) लोकेश बारंगे के नेतृत्व में अवैध कोयला खनन और संबंधित गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की गई. अभियान में कौन कौन थे शामिल इस अभियान में माइनिंग अधिकारी, बाघमारा अंचल अधिकारी गिरजनंद किस्कू, बीसीसीएल कतरास क्षेत्र के महाप्रबंधक सुधाकर प्रसाद, उमंग ठक्कर, अशोक कुमार, प्रेम शर्मा, कतरास थाना प्रभारी प्रवीण कुमार, तेतुलमारी थाना प्रभारी विवेक चौधरी और अन्य पुलिस बल शामिल थे. कई स्थानों पर छापेमारी, कोयला और वाहन जब्त धनबाद एसडीएम ने गजली टांड, रामकनाली के सूर्य मंदिर और तेतुलमारी के खास सिजुआ सहित आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर कोयला और वाहन जब्त करने के आदेश दिए. उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अवैध मुहाने को भराई करवाकर फोटो और वीडियो सहित रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए. एसडीएम श्री बारंगे ने कहा कि 100 प्रतिशत कार्रवाई होनी चाहिए.

चाईबासा-खरसावां मुख्य पथ से उद्यान कॉलेज तक की सड़क होगी चकाचक, विधायक की पहल पर मिली स्वीकृति

खूंटपानी झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के खूंटपानी क्षेत्र में उद्यान महाविद्यालय तक जाने वाली जर्जर सड़क का जल्दी ही कायाकल्प होगा. चाईबासा-खरसावां मुख्य पथ स्थित जानुमबेडा गांव से उद्यान महाविद्यालय तक जाने वाली सड़क को पीसीसी पथ में कन्वर्ट किया जाएगा. इसके लिए 3 करोड़ 91 लाख 31 हजार 800 रुपये की स्वीकृति दी गई है. यह निर्माण कार्य डीएमएफटी फंड से कराया जाएगा और अगले नौ माह में सड़क बनकर तैयार हो जाएगी. सड़क निर्माण को लेकर पहल विधायक दशरथ गागराई ने 10 मार्च को विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शून्यकाल में उठाया था. स्वीकृति मिलने के बाद उन्होंने सरकार के प्रति आभार जताया है. जर्जर सड़क से लोगों को होती है परेशानी जानुमबेड़ा से उद्यान कॉलेज तक जाने वाली यह सड़क पिछले 15 वर्षों से जर्जर स्थिति में है. सड़क की पिच उखड़ चुकी है और जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं. बारिश में जलभराव और अन्य मौसम में उड़ती धूल के कारण राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. इस कारण अक्सर दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं और आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचना भी कठिन हो जाता है. उद्यान महाविद्यालय का महत्व खूंटपानी के बिंज में स्थित यह उद्यान महाविद्यालय 18 अक्टूबर 2012 को बिरसा कृषि विश्वविद्यालय का अंगीभूत कॉलेज बना था. यह राज्य का एकमात्र उद्यान महाविद्यालय है, जहां शिक्षा के साथ-साथ किसानों के लिए शोध, प्रशिक्षण और प्रदर्शन कार्य भी होते हैं.  

आम्रेश्वर धाम में छऊ नृत्य ने बांधा समां, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित महिला मंडली ने दी प्रस्तुति

खूंटी बाबा आम्रेश्वर धाम में आयोजित मंडा महोत्सव का समापन आज यानी 3 अप्रैल शुक्रवार को भव्य झूलन कार्यक्रम के साथ हुआ. इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे क्षेत्र में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला. छऊ नृत्य ने बांधा समां समापन से एक दिन पूर्व 2 अप्रैल गुरुवार की रात आयोजित जागरण कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के पुरुलिया (बोंगाबारी) से आई राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित उस्ताद सुनीता महतो की महिला मंडली तथा चिरकाडीह, पुरुलिया की उस्ताद ममता महतो की महिला मंडली द्वारा भव्य छऊ नृत्य प्रस्तुत किया गया. छऊ नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. आसपास के गांवों से पहुंचे हजारों महिला-पुरुष पूरी रात कार्यक्रम का आनंद लेते रहे. झूलन कार्यक्रम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ शुक्रवार को सुबह लगभग 10 बजे झूलन कार्यक्रम प्रारंभ हुआ, जिसमें भगतों को बारी-बारी से झुलाया गया. इस दौरान श्रद्धा के फूल लेने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा परिसर भक्तिमय माहौल से गूंज उठा. बेहतर व्यवस्था से शांतिपूर्ण संपन्न हुआ मेला मेला परिसर में व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंडा मेला समिति के महामंत्री सहित सभी सदस्य और बड़ी संख्या में स्वयंसेवक तैनात रहे. उनके प्रयास से भीड़ नियंत्रित रही और किसी भी श्रद्धालु को कोई असुविधा नहीं हुई. इस प्रकार मंडा महोत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हो गया  

चिराग पासवान का बड़ा बयान, बिहार में जल्द होगा एनडीए के मुख्यमंत्री उम्मीदवार का फैसला

  वैशाली महोत्सव के समापन समारोह में पहुंचे केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बंगाल में जिस तरह एसआईआर (SIR) कार्य में लगे कर्मचारियों को बंधक बनाया गया है, वह वहां की सरकार की तानाशाही को दर्शाता है। चिराग ने दावा किया कि आगामी चुनाव में पश्चिम बंगाल में डबल इंजन की सरकार बनेगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच वाली सरकार वहां स्थापित होगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं, और यह तभी संभव है जब बिहार भी विकसित होगा। ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम राज्य के विकास को गति देने में प्रेरणा देते हैं। इधर, बिहार में मुख्यमंत्री के चेहरे की घोषणा को लेकर पूछे गए सवाल पर चिराग पासवान ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के भीतर इस पर चर्चा जारी है और बहुत जल्द मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी जाएगी। वैशाली महोत्सव के समापन समारोह में पहुंचे थे चिराग पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने वैशाली महोत्सव के सफल आयोजन के लिए आयोजकों, कलाकारों और अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों से चले इस कार्यक्रम में देश-विदेश से आए कलाकारों ने बिहार और वैशाली का नाम रोशन किया है, जो सराहनीय है। दरअसल, चिराग पासवान वैशाली महोत्सव के समापन समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। समापन समारोह में प्रसिद्ध कलाकार अनुप जाटोला की प्रस्तुति आयोजित की गई, जिसे सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। वहीं, वैशाली के जिलाधिकारी ने स्वागत भाषण देकर कार्यक्रम का समापन किया।  

विवेका पहलवान की पहली पुण्यतिथि पर नदावां में अंतरराष्ट्रीय रण, अनंत सिंह ने पूरी की महादंगल की तैयारियां

बाढ़ बिहार केसरी विवेकानंद सिंह उर्फ विवेका पहलवान की पहली पुण्यतिथि के मौके पर आयोजित होने वाले विराट अंतरराष्ट्रीय कुश्ती महादंगल की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह दंगल नदावां गांव में आयोजित हो रहा है, जहां कई दशक बाद पारंपरिक कुश्ती की फिर से शुरुआत हो रही है। इस आयोजन को लेकर पूरे इलाके में उत्साह का माहौल है। मोकामा के विधायक अनंत सिंह लगातार तैयारियों का जायजा लेते रहे। लगभग दो कट्ठा जमीन में भव्य अखाड़ा तैयार किया गया है। नदावां गांव के प्रवेश द्वार पर ही पार्किंग की व्यवस्था की गई है। गांव के मुख्य गेट से अंदर आते ही कार्यक्रम स्थल बनाया गया है। वहीं, आने वाले लोगों के लिए अनंत सिंह के घर के पास खाने की विशेष व्यवस्था की गई है। तीन देशों के पहलवान लेंगे हिस्सा इस महादंगल में भारत समेत तीन देशों के पहलवान हिस्सा लेंगे। ईरान से हामिद, इरफान और जलाल जैसे नामी पहलवान पहुंच रहे हैं, वहीं जॉर्जिया से टेड्डू पहलवान भी हिस्सा लेंगे। इसके अलावा दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और महाराष्ट्र के कई चर्चित पहलवान भी इस दंगल में अपनी ताकत दिखाएंगे। पहलवानों के रहने और खाने का भी पूरा इंतजाम किया गया है। विवेका पहलवान की दिनचर्या थी मिसाल अरविंद पहलवान ने बताया कि विवेका पहलवान की दिनचर्या बेहद खास थी। वह रात 8 बजे भोजन कर सो जाते थे और सोते समय अपने पास 5 से 6 लीटर दूध रखते थे, जिसे वह रात भर में पी जाते थे। वे सिर्फ दो रोटी खाते थे, लेकिन आधा से एक किलो सब्जी जरूर लेते थे। उनकी कसरत भी जबरदस्त थी, एक बार में 8 हजार दंड-बैठक और 2 हजार डिप्स लगाते थे। रात में बादाम का हलवा खाते थे और फिर रोज 10 किलोमीटर दौड़ लगाते थे। इसके बाद अखाड़े में बादाम का शरबत पीकर कुश्ती लड़ते थे। पारंपरिक तरीके से तैयार हुआ अखाड़ा अरविंद पहलवान ने बताया कि अखाड़ा पूरी तरह तैयार है। करीब दो कट्ठा जमीन में बने इस अखाड़े में 4 क्विंटल तेल (25 टीन), 1 क्विंटल हल्दी, गुलाब की पंखुड़ी और नीम के पत्ते मिलाए गए हैं। गुलाब की पत्तियां आसपास के ठाकुरबाड़ी और बाजार से लाई गई हैं, जबकि नीम के पत्ते गांव के बगीचे से लाकर मिट्टी में मिलाए गए हैं। अखाड़े के चारों ओर हाईमास्ट लाइट लगाई गई है, ताकि रात में भी दर्शक दंगल का आनंद ले सकें। साथ ही पूरे अखाड़े को घेराबंदी कर गेंदा के फूलों से सजाया गया है। स्टेज और वीवीआईपी व्यवस्था भी खास अखाड़े के सामने एक बड़ा स्टेज बनाया गया है और उस तक जाने के लिए अलग रास्ता रखा गया है। नेताओं और वीवीआईपी के सवाल पर अरविंद पहलवान ने कहा कि “हमारे लिए हमारे विधायक अनंत सिंह ही सब कुछ हैं।” लाखों लोगों के लिए भव्य भोजन व्यवस्था आयोजन में आने वाले लोगों के लिए बड़े पैमाने पर खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। गुरुवार शाम को आए लोगों को खीर खिलाई गई। दंगल के दिन सुबह से ही चावल, दाल, सब्जी और दही का भोज शुरू हो जाएगा, जो दंगल खत्म होने तक चलता रहेगा। लक्ष्मण जी ने बताया कि लाखों लोगों के लिए भोजन तैयार किया गया है, जिसमें करीब 200 क्विंटल चावल मंगवाया गया है। रहने की भी पूरी व्यवस्था दूर-दराज से आने वाले लोगों के लिए गांव में रहने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा बाढ़ के होटलों में भी कमरे बुक कराए गए हैं। आयोजकों का कहना है कि जो भी लोग आएंगे, वे या तो कुश्ती लड़ेंगे या फिर इस ऐतिहासिक दंगल का आनंद लेंगे और उनकी सेवा के लिए पूरी टीम तैयार है।  

बिजली ऑफिस के चक्करों से मिलेगी मुक्ति, रक्सौल में हर सोमवार और शुक्रवार को दर्ज करा सकेंगे अपनी समस्याएं

रक्सौल रक्सौल जिले में लोगों की बिजली बिल से जुड़ी समस्याएं सिर्फ तीन दिनों में ही निपटा दिए जायेंगे. इसके लिए कैंप लगाया जाएगा, जहां कंज्यूमर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे. कैंप सुबह के 11 बजे से दोपहर के 2 बजे तक आयोजित किया जाएगा.  बिजली बिल से जुड़ी काफी समस्याएं लोगों को झेलनी पड़ रही है. इस बीच रक्सौल जिले में नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) ने खास पहल की है. इसके साथ ही कंज्यूमर्स की समस्या के समाधान के लिए कैंप लगाए जाने का फैसला लिया है. कंज्यूमर्स के लिए यह कैंप सुबह के 11 बजे से दोपहर के 2 बजे तक आयोजित किया जाएगा. हफ्ते में 2 दिन लगाए जायेंगे कैंप जानकारी के मुताबिक, हफ्ते में दो दिन सोमवार और शुक्रवार को कैंप लगाए जायेंगे. इसके बाद तय समय पर कंज्यूमर्स कैंप में पहुंच कर अपनी-अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे. रक्सौल विद्युत प्रमंडल के सभी ऑफिसों में अप्रैल महीने से यह सुविधा कंज्यूमर्स के लिए शुरू की गई है. इस कैंप का उद्देश्य बिजली बिल से जुड़ी गलतियों या फिर शिकायतों को जल्द से जल्द का निपटारा करना है. ये सभी शिकायतें करा सकेंगे दर्ज इलेक्ट्रिकल एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की माने तो, कैंप में नया कनेक्शन, बिजली बिल में सुधार, स्मार्ट प्री-पेड मीटर, ‘पीएम सूर्य घर योजना’ से जुड़े एप्लीकेशन समेत कई अन्य मामलों से जुड़ी शिकायतें कंज्यूमर्स दर्ज करा सकते हैं. खास बात यह भी है कि सिर्फ 3 दिनों में ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा. लेकिन कुछ ऐसे मामले, जिसके लिए किसी जगह पर जाकर जांच करने की जरुरत होगी, वैसे मामलों में तीन दिन से ज्यादा का समय लग सकता है. लोगों से की गई ये अपील जानकारी के मुताबिक, कैंप से जुड़ी प्रोग्रेस रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी. ऐसे में स्थानीय लोगों से कैंप में आने और शिकातय दर्ज कराने की अपील की है. इससे कंज्यूमर्स को भी यह फायदा हो सकेगा कि उन्हें बार-बार ऑफिस का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा. साथ ही राजस्व वसूली में भी तेजी आ सकती है.

डीडीसी का बड़ा एक्शन,घोषी नगर पंचायत की निविदा रद्द, कार्यपालक पदाधिकारी से मांगा जवाब

जहानाबाद जहानाबाद जिले में सैरात (हाट-बाजार) की बंदोबस्ती को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। “माल महाराज के, मिर्जा खेले होली” वाली कहावत यहां चरितार्थ होती नजर आ रही है, जहां एक ही जमीन पर नगर पंचायत और जिला परिषद दोनों ने बंदोबस्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी। इस पूरे मामले ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है और दोनों निकायों के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। एक ही जमीन पर दो-दो बंदोबस्ती मामला घोषी नगर पंचायत का है, जहां जिला परिषद जहानाबाद की सैरात की जमीन पर नगर पंचायत द्वारा भी निविदा निकालकर बंदोबस्ती कर दी गई। वहीं, जिला परिषद पहले से ही उसी सैरात की बंदोबस्ती के लिए प्रक्रिया चला रहा था। ऐसे में एक ही जमीन पर दो अलग-अलग बंदोबस्ती होने से स्थिति असाधारण हो गई और विवाद गहरा गया। DDC प्रीति एक्शन मोड में मामला सामने आते ही जिला परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी और उप विकास आयुक्त (DDC) डॉ. प्रीति एक्शन मोड में आ गईं। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए नगर पंचायत घोषी द्वारा की गई बंदोबस्ती को तत्काल प्रभाव से रद्द करने का आदेश जारी कर दिया। साथ ही, 24 घंटे के भीतर नगर पंचायत घोषी के कार्यपालक पदाधिकारी से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। जिला परिषद की जमीन पर वर्षों से लग रहा सैरात जानकारी के मुताबिक, घोषी नगर पंचायत मुख्यालय में जिला परिषद की खतियानी जमीन पर कई वर्षों से सैरात लगता आ रहा है। हर साल की तरह इस वित्तीय वर्ष में भी जिला परिषद ने विधिवत विज्ञापन निकालकर बंदोबस्ती की प्रक्रिया शुरू की थी। लेकिन इसी बीच नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी ने भी उसी जमीन पर सैरात के लिए निविदा जारी कर दी, जिसे नियमों के खिलाफ बताया जा रहा है। कानून क्या कहता है? जिला परिषद के अधिकारियों का कहना है कि बिहार नगर पालिका अधिनियम 2007 की धारा 100 के अनुसार, जिला परिषद की परिसंपत्ति नगर निगम, नगर परिषद या नगर पंचायत के अधीन नहीं होती। इसका साफ मतलब है कि जिला परिषद की स्वामित्व वाली जमीन पर नगर निकाय किसी भी तरह का बाजार या सैरात की बंदोबस्ती नहीं कर सकते। वहीं, नगर पंचायत घोषी के मुख्य पार्षद का कहना है कि नगर पंचायत क्षेत्र के अंदर जो भी खाली जमीन है, वह नगर पंचायत की मानी जाती है और इस संबंध में पहले से आदेश भी जारी है।  

स्प्रिट पीने से मची चीख-पुकार,4 की मौत, SHO सस्पेंड और चौकीदार गिरफ्तार

मोहतिहारी मोतिहारी रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के बालगंगा गांव में जहरीली स्प्रिट (शराब) पीने से लोगों की मौत का सिलसिला लगातार जारी है। कल एक व्यक्ति की मौत हुई थी, वहीं दो अन्य गंभीर रूप से बीमार हो गए थे। इसके अलावा एक व्यक्ति की आंखों की रोशनी चले जाने की खबर ने इलाके में हड़कंप मचा दिया। मृतकों की संख्या बढ़ी, कई लोग अभी भी बीमार मिली जानकारी के अनुसार, मृतकों की संख्या दो से बढ़कर चार हो गई है। कल जहरीली शराब पीने से चंदू की मौत हुई थी। वहीं आज सुबह तुरकौलिया थाना क्षेत्र के शंकर सरैया परसौना निवासी प्रमोद यादव, परीक्षण मांझी और हीरालाल महतो की मौत हो गई। उनका इलाज शहर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। सूत्रों के अनुसार, अभी भी कई लोग ऐसे हैं जो जहरीली शराब पीने से बीमार हैं और चोरी-चुपके इलाज करा रहे हैं। बताया जा रहा है कि गांव के कुछ लोगों ने शराब समझकर स्प्रिट का सेवन कर लिया। सेवन के कुछ ही देर बाद सभी की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों ने उन्हें तत्काल स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान अबतक दो लोगों की मौत हो चुकी है। अभी अन्य कई पीड़ितों का इलाज जारी है। आंखों की रोशनी प्रभावित, मामले की गंभीरता बढ़ी डॉक्टरों के अनुसार, इस जहरीली शराब के सेवन से पहले आंखों की रोशनी प्रभावित होती है। इससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। फिलहाल चिकित्सकों की निगरानी में सभी घायलों का इलाज किया जा रहा है। गांव में भय और आक्रोश, अवैध शराब पर सवाल घटना के बाद पूरे गांव में भय और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब और स्प्रिट का कारोबार चल रहा है, लेकिन इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। साथ ही अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर राज्य में लागू शराबबंदी कानून और उसकी प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चौकीदार भरत रॉय को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तुरकौलिया थाना के SHO उमाशंकर मांझी को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। वहीं, रघुनाथपुर में हुई हत्या के मामले में भी केस दर्ज कर लिया गया है. हीरालाल भगत के परिजनों के आवेदन पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।  

सरायकेला के कोमाय क्षेत्र में विकास की जगी नई उम्मीद, पगडंडियों के सहारे बांदूबेडा और लोटाबुरु पहुंचे विधायक

 सरायकेला सरायकेला-खरसावां जिले के कुचाई प्रखंड के सीमावर्ती और दुर्गम कोमाय के बांदूबेडा और लोटाबुरु टोला में विकास की नई उम्मीद जगी है. घने जंगलों और पहाड़ियों से घिरे इस क्षेत्र में पहुंचना बेहद कठिन है. इन गांवों के लोग सड़क, पानी, शिक्षा और चिकित्सा जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं. गुरुवार को सरायकेला-खरसावां के विधायक दशरथ गागराई ने बाइक से इन गांवों का दौरा किया और रोलाहातु पंचायत के इस पहाड़ी क्षेत्र में जनचौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया. बांदूबेडा और लोटाबुरु गांव के लोगों ने अपनी समस्याएं बिंदुवार रखीं, जिन पर विधायक ने समाधान का भरोसा दिया. ग्रामीणों ने मुख्य रुप से सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा के साथ साथ आजीविका के लिये पहल करने का आग्रह किया. ग्रामीणों का कहना है कि इन सड़कों के बनने से पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और उनकी रोजमर्रा की परेशानियां काफी हद तक कम हो जाएंगी. 15 किलोमीटर बाइक चलाकर पहुंचे विधायक गांव के लोगों से बात करते विधायक दशरथ गागराई इस जनचौपाल की खास बात यह रही कि विधायक दशरथ गागराई को गांव तक पहुंचने के लिए चक्रधरपुर (पश्चिमी सिंहभूम जिला) के टोकलो समेत घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहे लांजी (चक्रधरपुर) होते हुए करीब 15 किलोमीटर बाइक से चलना पड़ा. लुदूबेडा से आगे कोई पक्की सड़क नहीं है. जंगलों के बीच बनी पगडंडियों के सहारे ही गांव तक पहुंचा जा सकता है. यहां भी थोड़ी की असावधानी से बड़ी दुर्घटना घट सकती है. ग्रामीणों ने श्रमदान से रास्ता बनाया है, लेकिन बारिश के दिनों में हालात बेहद खराब हो जाते हैं. सड़क बनेगी तो खुलेगा विकास का रास्ता मोटरसाइकिल से दौरा करते विधायक दशरथ गागराई जनचौपाल के दौरान विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि बांदूबेडा और लोटाबुरु टोला तक सड़क निर्माण की दिशा में पहल करने की बात कही, ताकि लोगों को आवागमन में सुविधा मिले. बेहतर कनेक्टिविटी से ही शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र के गांवों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जा रहा है. क्षेत्र में रोड कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में काम हो रहा है. सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं: दशरथ गागराई विधायक दशरक दशरथ गागराई ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग के लोगों तक पहुंचे. सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ आम लोगों तक पहुंचाया जा रहा है. गागराई ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सुलभ तरीके से लोगों तक पहुंचे, ऐसी व्यवस्था की जा रही है. ग्रामीण जागरूक होकर योजनाओं का लाभ उठाएं. बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे ग्रामीण दुर्गम रास्तों पर मोटरसाइकिल चलाते विधायक दशरथ गागराई ग्रामीणों ने जनचौपाल में कई गंभीर समस्याएं उठाईं. उन्होंने बताया कि सड़क नहीं होने के कारण गांव में चापाकल तक नहीं लगाया जा सका है. लोग पहाड़ी के नीचे स्थित डाड़ी चुआ का पानी पीने को मजबूर हैं. स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी बेहद खराब है. एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती. किसी के बीमार होने पर मरीज को खटिया पर लादकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है, जिससे कई बार स्थिति गंभीर हो जाती है. संचार और शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित जंगल-झाड़ी में मोटरसाइकिल चलाते विधायक दशरथ गागराई ग्रामीणों ने बताया कि गांव में संचार व्यवस्था पूरी तरह बाधित है. शिक्षा की स्थिति भी चिंताजनक है. गांव में स्कूल नहीं है बच्चों को पढ़ाई के लिए करीब सात किमी दूर पास के गांव के स्कूल में जाना होता है. इस कारण कई बच्चे तो स्कूल ही नहीं जाते है. ग्रामीणों ने इन समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की. कभी नक्सल प्रभावित रहा क्षेत्र, अब विकास की उम्मीद कोमाय का यह क्षेत्र कभी घोर नक्सल प्रभावित इलाका माना जाता था. लोग लांजी या फिर उससे आगे जाने से भी करराते थे. हालांकि अब नक्सल गतिविधियों में कमी आई है और क्षेत्र धीरे-धीरे विकास की मुख्य धारा से जुड़ रहा है. जनचौपाल से जगी नई उम्मीद विधायक के इस दौरे और जनचौपाल के बाद ग्रामीणों में उम्मीद की नई किरण जगी है. उन्हें विश्वास है कि उनकी समस्याओं का समाधान होगा और आने वाले समय में उनका गांव भी विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ेगा. इस मौके पर बासंती गागराई, मुखिया सतरी सांगा, धर्मेंद्र सिंह मुंडा, मुन्ना सोय, राम सोय, भरत सिंह मुंडा, राहुल सोय, करम सिंह मुंडा, गोबरा मुंडा, कल्याण कांडिर, जोसेफ टुटू, भोंज सांगा, मरियम सांगा, ग्रेस पुरती, एतवा हस्सा, नाजीर सोय, जीवन कांडिर, बीरसा कांडिर, जोन मुंडा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे.