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मैट्रिक-इंटर फेल और छूटे छात्रों को बड़ा मौका, संपूरक व इंप्रूवमेंट परीक्षा के लिए आवेदन शुरू

 रांची झारखंड एकेडमिक काउंसिल राज्य में पहली बार मैट्रिक और इंटर की विशेष परीक्षा लेगी. जैक ने साल 2026 की इंप्रूवमेंट और कंपार्टमेंटल परीक्षा को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी कर दिया है. जैक द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि मैट्रिक और इंटर परीक्षा 2026 उत्तीर्ण/अनुत्तीर्ण होने वाले और परीक्षा में आवेदन पत्र जमा करने से वंचित रह गए विद्यार्थियों के लिए संपूरक, समुन्नत और विशेष परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है. JAC वेबसाइट से करें आवेदन परीक्षा में शामिल होने के लिए विद्यार्थी जैक के वेबसाइट www.jac.jharkhand.gov.in के माध्यम से आवेदन जमा कर सकते हैं. जैक द्वारा पूर्व में निर्गत यूजर आइडी और पासवर्ड के माध्यम से आवेदन जमा होगा. इंप्रूवमेंट परीक्षा में शामिल होने के लिए विषय की बाध्यता नहीं है. विद्यार्थी चाहे तो सभी विषयों या फिर जिस विषय के अंक से संतुष्ट नहीं हैं, उसकी परीक्षा दे सकते हैं. क्यों ली जा रही है विशेष परीक्षा? साल 2026 की मैट्रिक-इंटर की कुछ परीक्षा के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर स्कूली खेलकूद प्रतियोगिता चल रही थी. मिली प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ विद्यार्थी अंडर 17 और अंडर 19 की राष्ट्रीय फुटबॉल, हॉकी टीम के लिए चयनित हुए थे. इस कारण वे परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए थे. स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ले जैक को ऐसे विद्यार्थियों के लिए विशेष परीक्षा लेने का निर्देश दिया था. विभाग के निर्देश के अनुरूप जैक द्वारा विशेष परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है. मैट्रिक में 20 हजार परीक्षार्थी असफल वर्ष 2026 की मैट्रिक की परीक्षा में लगभग 20 हजार विद्यार्थी असफल हुए थे. वहीं लगभग 1800 ऐसे विद्यार्थी थे जो आवेदन जमा करने के बाद परीक्षा में शामिल नहीं हो पाये थे. वहीं इंटर की परीक्षा में लगभग 26 हजार विद्यार्थी असफल हुए थे. इंटर में विज्ञान संकाय में सबसे अधिक लगभग 15 हजार परीक्षार्थी असफल हुए थे. आज से मैट्रिक और 25 जून से जमा होगा इंटर का फॉर्म मैट्रिक के परीक्षार्थी बिना विलंब शुल्क के 22 जून से 3 जुलाई तक और विलंब शुल्क के साथ 4 से 10 जुलाई तक आवेदन जमा कर सकते हैं. वहीं इंटर के परीक्षार्थी बिना विलंब शुल्क के 25 जून से सात जुलाई तक और विलंब शुल्क के साथ 8 से 13 जुलाई तक आवेदन जमा कर सकते हैं.

बारिश और तेज हवाओं से बदलेगा मौसम, कई जिलों में वज्रपात की चेतावनी

रांची  झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक आसमान में बादल छाये रहने, हल्की से मध्यम वर्षा तथा गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है. मौसम विभाग ने 27 जून तक झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. पंजाब से बिहार तक एक टर्फ सक्रिय है. झारखंड से तटीय आंध्र प्रदेश तक एक अन्य टर्फ भी बना हुआ है, जिससे राज्य में नमी बढ़ रही है. विभाग ने कहा है कि झारखंड, बिहार और ओडिशा के कुछ और हिस्सों में 23 जून के आसपास मॉनसून के आगे बढ़ने की संभावना है. दो से तीन डिग्री गिर सकता है पारा मौसम विभाग के अनुसार 25 जून तक राज्य में अधिकांश स्थानों पर बादल छाये रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. 22 और 23 जून के दौरान अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है. इसके बाद तापमान में फिर दो से तीन डिग्री की वृद्धि होने की संभावना जताई गई है. गुमला में सबसे ज्यादा बारिश हुई पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश हुई. सबसे अधिक बारिश चैनपुर (गुमला जिला) में 40.2 मिलीमीटर रिकॉर्ड की गई. इसके अलावा रांची में 35.6 मिलीमीटर, बोकारो में 35.5 मिलीमीटर और नामकुम में 23.5 मिलीमीटर बारिश हुई. आज तेज हवा और वज्रपात का अलर्ट 22 जून को दक्षिणी (कोल्हान) और निकटवर्ती मध्य (राजधानी और आसपास) जिलों में तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है. 23 से 27 जून तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक, वज्रपात और 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना बनी रहेगी.

यात्रियों की जेब पर बढ़ा बोझ, तय किराये से अधिक वसूली पर डीटीओ सख्त

पटना राजधानी पटना में ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की मनमानी से यात्रियों की भारी फजीहत हो रही है। इन चालकों ने बिना किसी सरकारी आदेश के किराये में अचानक बढ़ोतरी कर दी है। ऑटो और ई-रिक्शा चालक मनमाने ढंग से यात्रियों से पैसे वसूल रहे हैं। यह बात सामने आने के बाद अब डीटीओ ने चालकों पर ऐक्शन लेने की बात कही है। अभी हालत यह है कि बोरिंग रोड से राजापुर के बीच कई जगहों पर निर्धारित किराया सात रुपये है, लेकिन पिछले एक सप्ताह से ऑटो और ई-रिक्शा चालक यात्रियों से 10 रुपये वसूल रहे हैं। इसी तरह पटना जंक्शन से कंकड़बाग का तय किराया 15 रुपये है, जबकि चालक 20 रुपये तक ले रहे हैं। वहीं बेली रोड से गोला रोड तक का किराया 30 रुपये निर्धारित है, लेकिन कई चालक 35 रुपये वसूल रहे हैं। अधिक किराया वसूले जाने को लेकर आए दिन यात्रियों और चालकों के बीच कहासुनी हो रही है। कई मामलों में जिला परिवहन अधिकारियों के औचक निरीक्षण के दौरान यात्रियों ने इसकी शिकायत भी की है। बता दें कि सीएनजी कीमतों में बढ़ोतरी के बाद ऑटो चालक संघ ने किराया बढ़ाने की मांग को लेकर परिवहन सचिव को पत्र भेजा है। हालांकि, अभी तक परिवहन विभाग की ओर से किराया बढ़ाने की अनुमति नहीं दी गई है। नियमानुसार परिवहन विभाग की स्वीकृति मिलने के बाद ही पटना के प्रमंडलीय आयुक्त किराये में संशोधन का आदेश जारी कर सकते हैं। इसके बावजूद शहर के कई रूटों पर ऑटो और ई-रिक्शा चालक मनमाने तरीके से तीन से पांच रुपये अतिरिक्त वसूल रहे हैं। कई मामलों में अतिरिक्त किराया देने से इनकार करने पर यात्रियों के साथ विवाद भी हो रहा है। पटना के डीटीओ उपेंद्र कुमार पाल ने कहा कि राजधानी पटना समेत पूरे जिले में ऑटो और ई-रिक्शा के किराये में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। ऐसे में कोई भी चालक निर्धारित किराये से अधिक राशि नहीं वसूल सकता। इस संबंध में शिकायतें मिल रही हैं। जांच के दौरान दोषी पाए जाने पर संबंधित चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वाहन पर किराया प्रदर्शित करना अनिवार्य पटना जिला परिवहन कार्यालय के अनुसार जब भी किराये में आधिकारिक रूप से बढ़ोतरी की जाएगी, इसकी सार्वजनिक सूचना जारी की जाएगी। इसके बाद सभी ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को अपने वाहन पर रूटवार किराया सूची प्रदर्शित करनी होगी, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कई रूटों पर चालक खुले पैसे (खुदरा) नहीं होने का हवाला देकर यात्रियों को एक-दो रुपये कम वापस करते हैं। इसका अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी यात्रियों को उठाना पड़ता है।

जलवायु परिवर्तन का गहरा असर: बिहार में घट रही बारिश, बढ़ रहा तापमान

पटना बिहार सहित देश भर में जलवायु परिवर्तन का गंभीर असर अब साफ तौर पर दिखने लगा है, जिससे मौसम का स्वाभाविक तेवर पूरी तरह बिगड़ चुका है और ऋतुओं का स्वरूप बेरंग हो रहा है। मौसम विभाग ने पिछले दो दशकों में तेजी से बदले इस पर्यावरण संकट के कारणों का एक विशेष अध्ययन करने का फैसला लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, बिहार सहित देश भर में बारिश की गतिविधियां लगातार कम हो रही हैं और मानसून की चाल बुरी तरह बाधित हुई है। इस वजह से न केवल बारिश के दिनों में हीट वेव की स्थिति बन रही है, बल्कि सालभर के कुल वर्षापात (Rainfall) के आंकड़े भी साल-दर-साल लगातार घटते जा रहे हैं, जो कृषि प्रधान बिहार के लिए एक खतरे की बड़ी घंटी है। पिछले दो दशकों में 13 साल सूखा जैसे हालात आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 20 साल में बिहार के भीतर ऐसे 13 मौके आए हैं जब मानसून अवधि में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। आंकड़ों को देखें तो वर्ष 2025 में 31%, 2024 में 20%, 2023 में 23%, 2022 में 31% और 2018 में 25% कम वर्षा हुई थी, जबकि इस साल भी अब तक सूबे में 41% बारिश की भारी कमी बनी हुई है। जलवायु विशेषज्ञ प्रो. डॉ. प्रधान पार्थसारथी के अनुसार, बिहार में सावन और भादो के महीने में होने वाली पारंपरिक धीमी और लगातार बारिश, जिसे स्थानीय भाषा में 'झपसी' कहा जाता था, वह पिछले डेढ़ दशक से पूरी तरह गायब हो चुकी है। इस झपसी से न केवल धान की फसलों को प्रचुर लाभ मिलता था, बल्कि वातावरण का तापमान भी नियंत्रित रहता था, लेकिन अब नई पीढ़ी इस अनमोल मौसमी घटना से पूरी तरह वंचित हो चुकी है। देश के अलग-अलग केंद्रों को सौंपी गई जिम्मेदारी मौसम विभाग की इस विशेष योजना के तहत देश के विभिन्न प्रमुख केंद्रों को अध्ययन की अलग-अलग कमान सौंपी गई है। इसके तहत चंडीगढ़ केंद्र पश्चिमी विक्षोभ, अहमदाबाद हीट वेव व कोल्ड वेव, भोपाल मानसून के प्रसार, भुवनेश्वर ट्रॉपिकल साइक्लोन और जयपुर केंद्र डेजर्ट मेट्रोलॉजी पर अध्ययन करेगा, जबकि हैदराबाद को समेकित शहरी मौसम प्रणाली की जिम्मेदारी मिली है। गौरतलब है कि भारत में साल 1901 से 1930 की तुलना में 2015 से 2024 के बीच औसत तापमान में 0.9 डिग्री सेल्सियस की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों के कारण हरित क्षेत्र में कमी, वज्रपात की अप्रत्याशित घटनाएं, शहरी बाढ़, ग्राउन्ड वाटर पर असर पड़ रहा है, जिसे रोकने के लिए अब यह वैज्ञानिक अध्ययन बेहद मील का पत्थर साबित होगा।

पंकज त्रिपाठी के परिवार पर हमला! भाई पर धारदार हथियार से वार, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

गोपालगंज  बिहार के गोपालगंज से बड़ी खबर सामने आई. बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी के भाई बिजेंद्र नाथ तिवारी पर धारदार हथियार से हमला किया गया. हमले में बिजेंद्र नाथ तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना AIIMS रेफर कर दिया. इलाके में सनसनी फैल गई।  घटना जिले के माधोपुर थाना क्षेत्र के बेलसंड गांव की बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार, घटना के पीछे पुरानी रंजिश को वजह माना जा रहा है. बताया जा रहा है कि पड़ोस के कुछ लोगों ने विवाद के दौरान उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया. हमले के बाद इलाके में तनाव का माहौल है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।  बिजेंद्र नाथ तिवारी की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है उन्हें पटना स्थित AIIMS रेफर किया गया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पंकज त्रिपाठी के भाई पर माधोपुर थाना क्षेत्र के बेलसंड गांव में यह हमला किया गया है। इस हमले के बाद वहां तनाव का भी माहौल है। कहा जा रहा है कि पुलिस ने इस मामले में आरोपियों को पकड़ने के लिए स्पेशल टीम का गठन किया है। यह टीम हमले के आरोपियों की धर-पकड़ के लिए छापेमारी भी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा जा रहा है कि बिजेंद्र नाथ तिवारी पर उनके पड़ोस में रहने वाले लोगों ने ही पुरानी रंजिश में हमले की वारदात को अंजाम दिया। हमले के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। हालांकि, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। बताया जा रहा है कि फिलहाल पुलिस ने आरोपियों की पहचान भी कर ली है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। पुलिस ने पंकज त्रिपाठी के परिजनों और घर के आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की है। एक मशहूर अभिनेता के भाई पर इस हमले के पीछे पुरानी रंजिश की बात कही जा रही है लेकिन अभी हमले के वजहों को लेकर पुलिसिया तफ्तीश जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही इस जानलेवा हमले की असली वजह सामने आ पाएगी। पंकज त्रिपाठी का पैतृक गांव गोपालगंज का बेलसंड है। पंकज त्रिपाठी में कभी-कभी अपने गांव में आते रहते हैं। न्यूज एजेंसी IANS ने एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में अस्पताल के अंदर चिकित्सक बिजेंद्र नाथ तिवारी का इलाज करते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो गोपालगंज के मॉडल अस्पताल का है। अस्पताल में कुछ लोगों की भीड़ भी नजर आ रही है। पटना AIIMS में चल रहा इलाज पुलिस ने कुछ संदिग्धों की पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया. आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है. फिलहाल घायल बिजेंद्र नाथ तिवारी का पटना AIIMS में इलाज चल रहा है. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा कर रही है।   

डीएमसी मॉल में आम प्रदर्शनी, लोगों ने खरीदा नहीं सिर्फ फोटो खींचे

धनबाद  धनबाद के डीएमसी माल में आमोत्सव लगा हुआ है। बहुत अधिक नहीं लेकिन 10 स्टाल लगे थे। इन्हीं में एक स्टाल पर बोर्ड टंगा था इसे छुना मना है। बोर्ड देख लोग आते, कीमत पूछते और फिर आम को उठाने के लिए जैसे ही आगे बढ़ते तभी एक भारी आवाज आती। इसे मत छुओ यह मियांजाकी है। कीमत तीन लाख रुपये प्रति किलो। यानी एक आम की कीमत भी 1200 से 1500 रुपये। धनबाद में पहली बार आमोत्सव का आयोजन हुआ और उसमें भी मियांजाकी, खरीदने की हिम्मत किसी में नहीं थी, लेकिन देखने और उसकी तस्वीर लेने का तांता लगा हुआ था। मियांजाकी का यह क्रेज यहां देखने को मिला। जापान का यह आम धनबाद के लिए बहुत खास बना हुआ है। मां धरती फाउंडेशन की ओर से इसकी खेती धनबाद में की जा रही है। फाउंडेशन की ओर से इसे पहली बार धनबाद के बाजार में उतारा गया है। जेएसएलपीएस की ओर से आयोजित किया गया आमोत्सव धनबाद में ग्रामीण विकास शाखा और झारखंड स्टेट लाइवलीहुड सोसाइटी की ओर से पहली बार आयोजित किए गए आमोत्सव में जिले के ग्रामीण इलाकों से आए किसानों ने अपने आमों को यहां प्रदर्शित किया और उसकी बिक्री भी की। आमोत्सव का उद्घाटन उपायुक्त आदित्य रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार और उपविकास आयुक्त सन्नी राज ने संयुक्त रूप से किया। उपायुक्त रंजन ने बताया कि इस आयोजन का मकसद धनबाद के आम की बागवानी से जुड़े किसानों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि धनबाद में अभी बहुत अधिक मात्रा में आम की पैदावार नहीं हो रही है, लेकिन योजना है कि मनरेगा के तहत पांच एकड़ में आम के पौधे लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि धनबाद के आम को अन्य प्रदेशों में भी भेजने की योजना है। इसके अलावा धनबाद के बाजारों को सुदृढ़ भी किया जाएगा। टुंडी में आम्रपाली की खेती टुंडी के मछियारी पंचायत से आई अनीता मरांडी ने बताया कि इस बार आम्रपाली आम बहुत अच्छे हुए हैं। सबसे अधिक भीड़ भी उनके ही स्टाल पर रही। उन्होंने बताया कि टुंडी में आम की सामूहिक खेती की गई है। इस बार बरसात में और अधिक पौधे लगाने की योजना है। उन्होंने बताया कि जो पैदावार हो रही है, उसकी खपत धनबाद में ही है।  

10 साल की सेवा का मिला फल, कर्मचारियों का अधिकारी बनने का सपना हुआ पूरा

पटना  बिहार के राजस्व कर्मचारियों का अधिकारी बनने का सपना पूरा हो रहा है। अब वे अधिकारी बनने लगे हैं। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग (Bihar Revenue and Land Reforms Department) ने पहले चरण में बिहार राजस्व कर्मचारी संवर्ग (क्षेत्रीय अराजपत्रित) के अधीन कार्यरत छह राजस्व कर्मचारियों को बिहार राजस्व सेवा संवर्ग केअधीन राजस्व अधिकारी एवं समकक्ष ग्रेड में पदस्थापित कर दिया है। इन्न्हें उच्च वेतनमान (वेतन स्तर-7) दिया गया है। इनमें कुमार ललन सिंह को औरंगाबाद, राजेश पासवान, उमेश प्रसाद, अवधेश साह, मंजेश कुमार ईश्वर एवं संगीता लोमस को बेगूसराय पदस्‍था‍पित किया गया है। कर्मचारियों एवं अमीन की पदस्‍थापना का हुआ था न‍िर्णय इससे पहले राजस्व कर्मचारियों एवं अमीनों को क्रमश: सहायक राजस्व अधिकारी और सहायक राजस्व अधिकारी (तकनीकी) के पद पर पदस्थापित करने का निर्णय हुआ था। विभाग इसे भी लागू कर रहा है। राजस्व कर्मचारियों की राजस्व अधिकारियों के पद पर प्रोन्नति का प्रविधान पहले से हैं। बिहार राजस्व सेवा के 25 प्रतिशत पद राजस्व कर्मचारियों की पदोन्नति से भरे जाते हैं। शर्त का करना होगा पालन इसके लिए 10 साल की बेदाग सेवा और सीमित परीक्षा उत्तीर्ण होने की शर्त है। लेकिन, यह व्यवस्था नियमित नहीं है। 10 साल की सेवा पूरी कर चुके सैंकड़ों राजस्व कर्मचारी प्रोन्नति के आधार पर राजस्व अधिकारी बनने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। पिछले दिनों राजस्व कर्मचारियों के लंबे आंदोलन के बाद विभाग की सक्रियता बढ़ी है। अब प्रोन्नति देने का सिलसिला शुरू हो गया है। चरणबद्ध रूप से प्रोन्‍नत‍ि की प्रक्र‍िया पूरी जाएगी। इंतजार की घड़ी समाप्‍त होने लगी है।

NGT में पेश रिपोर्ट: बिहार के जल और दूध में यूरेनियम का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं

पटना बिहार में स्तनपान कराने वाली महिलाओं के दूध में यूरेनियम की मौजूदगी को लेकर पिछले दिनों मीडिया में आई खबरों पर अब देश की सबसे बड़ी परमाणु संस्था ने पूरी तरह विराम लगा दिया है। भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बार्क) ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के सामने एक रिपोर्ट पेश करते हुए साफ किया है कि बिहार में मां के दूध में यूरेनियम मिलने का कोई भी वैज्ञानिक संदर्भ या पुख्ता आधार नहीं है। प्राप्त आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, देश भर में करीब 98 फीसदी सतही और ग्राउंड वाटर में यूरेनियम की जो प्राकृतिक मौजूदगी है, वह पूरी तरह से तय सुरक्षा सीमा के भीतर है और इससे इंसानी स्वास्थ्य को कोई खतरा नहीं है। बार्क ने स्पष्ट किया कि चुनिंदा और भ्रामक तरीके से पेश की गई खबरों के कारण जनता, खासकर बच्चों को दूध पिलाने वाली माताओं के मन में बेवजह चिंता पैदा हो गई थी। शोधकर्ताओं का दावा केवल अनुमान पर आधारित एनजीटी प्रमुख जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव, विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल वेल और अफरोज अहमद की पीठ के सामने दाखिल इस रिपोर्ट में बार्क ने उन सभी दावों को खारिज कर दिया, जिनमें बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरे की बात कही जा रही थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि बिहार और पंजाब के कुछ इलाकों के ग्राउंड वाटर में यूरेनियम को लेकर शोधकर्ताओं द्वारा किए गए दावे केवल उनके व्यक्तिगत ओवर्व्यू और चुनिंदा व्याख्याओं पर आधारित हैं। बार्क ने यह भी स्पष्ट किया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने ब्रेस्ट मिल्क में यूरेनियम की मात्रा को लेकर कोई भी सुरक्षित या थ्रेशोल्ड लिमिट तय नहीं की है। हालांकि, जांच के दौरान 83 फीसदी नमूनों में सल्फेट, क्लोराइड, नाइट्रेट, फ्लोराइड, टीडीएस, एल्कलिनिटी और हार्डनेस की मात्रा तय सीमा से काफी अधिक पाई गई है। न्यूक्लियर पावर प्लांट की वजह से नहीं है पानी में यूरेनियम वैज्ञानिकों ने इस रिपोर्ट में एक और बड़े भ्रम को दूर करते हुए साफ किया कि ग्राउंड वाटर में यूरेनियम की मौजूदगी का देश के किसी भी न्यूक्लियर पावर प्लांट, फ्यूल साइकिल फैसिलिटी या अन्य रेडियोलॉजिकल इंस्टॉलेशन के संचालन से कोई संबंध नहीं है। परमाणु खनिज अन्वेषण एवं अनुसंधान निदेशालय जैसी राष्ट्रीय संस्थाओं की वैज्ञानिक जांचों से यह पुष्टि हुई है कि कुछ इलाकों में यूरेनियम की अधिक मात्रा पूरी तरह से प्राकृतिक भूवैज्ञानिक स्थितियों के कारण है, न कि किसी मानवीय या परमाणु गतिविधि की वजह से। देश भर के आंकड़े बताते हैं कि लगभग 98 प्रतिशत ग्राउंड वाटर नमूने परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (AERB) द्वारा तय किए गए पीने के पानी की 60 माइक्रोग्राम प्रति लीटर की सुरक्षित सीमा के भीतर हैं, इसलिए आम लोगों के लिए किसी भी प्रकार की रेडियोधर्मी या रासायनिक चिंता की कोई बात नहीं है।

रांची से गढ़वा तक योग का उत्साह, अधिकारियों और आमजन ने दिया स्वास्थ्य का संदेश

रांची अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार 21 जून को झारखंड के विभिन्न जिलों में योग की धूम देखने को मिली. राज्य के विभिन्न जिलों में जिला प्रशासन, सरकारी संस्थानों, शैक्षणिक परिसरों, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए गए. लोगों ने योग कर स्वस्थ, निरोग और संतुलित जीवन का संदेश दिया. कई जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, स्टूडेंट्स, जवानों और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. रांची में मनाया गया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रांची के ऑक्सीजन पार्क में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने विवेकानंद युथ फाउंडेशन और आरसी डिफेंस एकेडमी के बच्चों के साथ योग किया. इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के अध्यक्ष शशांक राज सहित कई सम्मानित कार्यकर्ता उपस्थित रहे. परेड मैदान में योग का कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2026 के अवसर पर नवीन पुलिस केंद्र, रांची के परेड मैदान में योग का कार्यक्रम आयोजित किया गया. जिसका संचालन परिचारी रविशंकर सिंह यातायात रांची के द्वारा किया गया जिसमें परिचारी प्रवर-प्रथम, सह पदाधिकार एसोसिएशन, रांची के अध्यक्ष और सभी परिचारी गण और पुलिसकर्मी उपस्थित रहे एवं योग किया. गोड्डा में भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया योगाभ्यास अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर हनवारा मंडल के भाजपा कार्यकर्ताओं ने नयानगर में सामूहिक योगाभ्यास कर लोगों को स्वस्थ जीवन का संदेश दिया. कार्यक्रम हनवारा मंडल प्रभारी पप्पू ठाकुर एवं वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता केशरी यादव के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया. इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष संतोष कुमार गुप्ता, उपाध्यक्ष पिताम्बर शर्मा, महामंत्री नरोत्तम ठाकुर, मीडिया सह प्रभारी प्रभाकर पोद्दार, लौगाय पंचायत संयोजक जयप्रकाश पासवान, नयानगर पंचायत संयोजक सम्पति यादव और परशुराम शर्मा सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया. गढ़वा में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की धूम गढ़वा जिले में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम स्थानीय फुटबॉल स्टेडियम, गढ़वा में सुबह 5:30 बजे से आयोजित किया गया, जहां ‘स्वस्थ और निरोग समाज’ के संकल्प के साथ हजारों लोगों ने एक साथ योगाभ्यास किया. कार्यक्रम की अगुवाई उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने की. मुख्य समारोह में जिला प्रशासन के अधिकारियों, कर्मचारियों, सीआरपीएफ 172 बटालियन के जवानों, पतंजलि और जिला योग समिति के सदस्यों, विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों और भारी संख्या में आम नागरिकों ने हिस्सा लिया. समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर है, जो तन, मन और आत्मा के बीच संतुलन का सबसे सशक्त माध्यम है. राजनगर में योग शिविर, स्वस्थ जीवन का दिया संदेश सरायकेला खरसावां जिला में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में रविवार को राज्य संपोषित प्लस टू उच्च विद्यालय राजनगर परिसर में ‘सामंजस्य एवं शांति के लिए योग’ विषय पर योग शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. कार्यक्रम में गायत्री परिवार के जिला समन्वयक श्याम नारायण शर्मा, प्रखंड समन्वयक पिंटु राउत, दिवाकर गोप, डॉ. रमेश कुमार एवं अमरजी ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया. गिरिडीह के झंडा मैदान में जिला प्रशासन का योग शिविर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को गिरिडीह शहर के झंडा मैदान में जिला प्रशासन के द्वारा जिला स्तरीय योग शिविर का आयोजन किया गया. पतंजलि योग समिति एवं भारत स्वाभिमान न्यास के सहयोग से आयोजित शिविर में डीसी रामनिवास यादव, एसपी डॉ. बिमल कुमार समेत तमाम वरीय अधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया. बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने भी योगाभ्यास किया. शिविर में योग प्रशिक्षकों ने कॉमन योग प्रोटोकॉल के तहत ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, कपालभाति और प्राणायाम का अभ्यास कराया. डीसी रामनिवास यादव और एसपी डॉ. बिमल कुमार ने अधिकारियों-कर्मियों के साथ योग किया. दुमका में भी योगाभ्यास योग दिवस पर दुमका जिले के रानीश्वर प्रखंड मुख्यालय में बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा और सीओ शादां नुसरत के साथ कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की बच्चियों , शिक्षक-शिक्षिकाएं और प्रखंड व अंचल के कर्मचारी ने भी योगाभ्यास किया.

नए नियम लागू: रेलवे में बिना लाइसेंस फेरी और गलत यात्रा पर सख्त कार्रवाई

 रांची  रेलवे में बिना टिकट और नियम तोड़कर यात्रा करने वालों पर अब पहले से अधिक सख्ती होगी। रेल मंत्रालय की ओर से जारी गजट अधिसूचना के बाद ‘जन विश्वास अधिनियम’ के तहत रेलवे से जुड़े कई दंड प्रविधानों में बड़ा बदलाव किया गया है। नए नियम 19 जून से पूरे देश में लागू हो गए हैं। सबसे बड़ा बदलाव बिना टिकट यात्रा करने वालों के लिए किया गया है। अब बिना वैध टिकट या पास के सफर करने पर यात्रियों को कम से कम 500 रुपये जुर्माना देना होगा। पहले यह न्यूनतम राशि 250 रुपये थी। रेलवे ने गलत टिकट, कम दूरी का टिकट लेकर लंबी दूरी तय करने तथा गलत श्रेणी में यात्रा करने पर भी न्यूनतम दंड 500 रुपये कर दिया है। रेलवे के अनुसार, किसी दूसरे व्यक्ति के टिकट पर यात्रा करने पर अब टिकट जब्त कर लिया जाएगा और किराये के साथ न्यूनतम 500 रुपये दंड वसूला जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य रेलवे को होने वाली राजस्व हानि रोकना और यात्रियों में नियम पालन की आदत विकसित करना है। नए प्रविधानों में रेलवे परिसरों में अनुशासनहीनता और अवैध गतिविधियों पर भी शिकंजा कसा गया है। बिना लाइसेंस फेरी या सामान बेचने पर अब सीधे 2000 रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा। दोबारा पकड़े जाने पर यह राशि 5000 रुपये तक पहुंच सकती है। रेलवे परिसर में भीख मांगने वालों को अब सीधे परिसर से हटाने का प्रविधान किया गया है। महिला आरक्षित कोच में प्रवेश करने वाले पुरुष यात्रियों पर 2500 रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, आरक्षित सीट खाली नहीं करने पर 2000 रुपये तक दंड देना पड़ सकता है। रेलवे परिसर में धूम्रपान करने वालों पर अब 2000 रुपये जुर्माना लगाने के साथ टिकट भी रद किया जा सकता है। रेलवे संपत्ति या यात्री सुविधाओं को नुकसान पहुंचाने पर 1000 रुपये से 5000 रुपये तक दंड तय किया गया है। प्रतिबंधित यात्री क्षेत्रों में अनधिकृत प्रवेश करने पर मौके पर ही 500 रुपये जुर्माना वसूला जाएगा। नशे की हालत में यात्रियों को परेशान करने वालों पर 1000 रुपये तक जुर्माना या सामुदायिक सेवा की सजा का प्रविधान रखा गया है। खतरनाक और ज्वलनशील सामान लेकर यात्रा करने वालों पर रेलवे ने सबसे कड़ा प्रविधान लागू किया है। ऐसे मामलों में न्यूनतम 10000 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा और यात्री को ट्रेन से उतारने की कार्रवाई भी की जाएगी। रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि गजट अधिसूचना जारी होते ही सभी नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो चुके हैं। आने वाले दिनों में टिकट जांच अभियान और अधिक तेज किए जाएंगे। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे वैध टिकट और सही श्रेणी में ही यात्रा करें, अन्यथा जांच के दौरान कड़ी कार्रवाई और बढ़ा हुआ जुर्माना देना पड़ सकता है।