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बोकारो-हजारीबाग में डिजिटल सेंधमारी, रिटायर्ड कर्मियों के नाम पर फर्जी भुगतान

रांची  झारखंड के बोकारो, हजारीबाग और चाईबासा जिलों में पुलिसकर्मियों के वेतन के नाम पर करोड़ों की अवैध निकासी ने पुलिस महकमे को हिला कर रख दिया है। सीआइडी की विशेष जांच टीम (SIT) की तफ्तीश में जो खुलासे हो रहे हैं, वे चौंकाने वाले हैं। ऐसे हुआ 'डिजिटल सेंधमारी' का खेल जांच में सामने आया है कि इस पूरे महाघोटाले की धुरी 'ओटीपी' (OTP) और अधिकारियों का अपने अधीनस्थों पर अंधविश्वास रहा है। एसआइटी के अनुसार, पुलिसकर्मियों के वेतन निर्माण के लिए एक विशेष पोर्टल का उपयोग होता है, जिसमें जिले के स्वीकृत बल का पूरा डेटाबेस होता है। स पोर्टल पर किसी भी तरह के बदलाव- जैसे जन्मतिथि सुधारना या बैंक खाता नंबर बदलना। इसके लिए संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) के रजिस्टर्ड मोबाइल पर एक ओटीपी आता है। कमजोर कड़ी बना दिया सुरक्षा चक्र को घोटालेबाजों ने इसी सुरक्षा चक्र को सबसे कमजोर कड़ी बना दिया। जांच में पाया गया कि जिले के डीडीओ (आमतौर पर डीएसपी स्तर के अधिकारी) अन्य पुलिसिंग कार्यों में व्यस्त रहते थे। बार-बार ओटीपी बताने के झंझट से बचने के लिए उन्होंने अपना मोबाइल और मास्टर लॉग-इन का एक्सेस लेखापालों (Accountants) को दे दिया। इसी भरोसे का फायदा उठाकर लेखापालों ने पूरा सिस्टम हैक कर लिया। रिटायर्ड कर्मी बन गए 'कमाऊ पूत' धोखाधड़ी का तरीका बेहद शातिर था। लेखापालों ने उन पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया जो रिटायर हो चुके थे।         जन्मतिथि में हेरफेर: मास्टर लॉगइन के जरिए रिटायर्ड कर्मियों की उम्र कागजों में 2 से 4 साल कम कर दी गई ताकि वे रिकॉर्ड में कार्यरत दिखें।         खाता नंबर का खेल: पोर्टल पर संबंधित कर्मी के मूल खाते की जगह लेखापाल ने अपने रिश्तेदारों और करीबियों के बैंक खाते फीड कर दिए।         दोहरा लाभ: हैरान करने वाली बात यह है कि एक तरफ वह कर्मी अपने मूल दस्तावेजों पर पेंशन ले रहा था, वहीं दूसरी तरफ उसके फर्जी वर्किंग रिकॉर्ड के आधार पर वेतन की राशि सीधे घोटालेबाजों के खातों में जा रही थी। एसआइटी की रडार पर विश्वासघात बोकारो के गिरफ्तार लेखापाल कौशल कुमार पांडेय और हजारीबाग के शंभू कुमार से पूछताछ में इस मॉडस ऑपेरंडी (काम करने का तरीका) की पुष्टि हुई है। एसआइटी अब इस बिंदु पर जांच कर रही है कि क्या डीडीओ सिर्फ लापरवाह थे या फिर इस बंदरबांट में उनकी भी कोई गुप्त हिस्सेदारी थी। फिलहाल, प्रथम दृष्ट्या यह भारी विश्वासघात का मामला प्रतीत हो रहा है, जिसने सरकारी खजाने को करोड़ों का चूना लगाया है। जांच टीम सच्‍चाई को खंगालने में जुटी हुई है।  

केंदुआ में नया गोफ बनने से धनबाद-बोकारो मार्ग बंद, प्रशासन अलर्ट

धनबाद  कोयलांचल में जारी भारी बारिश ने एक बार फिर तबाही के संकेत दे दिए हैं। केंदुआ थाना अंतर्गत धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग पर बुधवार को एक बार फिर भीषण भू-धंसान (गोफ) हो गया। लगातार दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के बीच पूर्व में बने गोफ के ठीक बगल में एक नया विशाल गड्ढा बन गया है। इस गोफ में बारिश का पानी तेजी से समा रहा है, जिससे भूमिगत आग धधकने और गोफ का दायरा बढ़ने की आशंका प्रबल हो गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मुख्य मार्ग को दोनों ओर से बैरिकेडिंग कर पूरी तरह बंद कर दिया है। महाप्रबंधक जीसी साहा ने कहा कि राजपूत बस्ती, पुराना जीएम बांग्ला एवं इसके आसपास के क्षेत्र में दरारें बढ़ रही है और खतरा बढ़ता जा रहा है। मालूम हो कि धनबाद बोकारो मुख्य सड़क से आवागमन 15 दिनों से ठप है यातायात, बढ़ी मुश्किलें ज्ञात हो कि यह मार्ग पिछले 15 दिनों से बंद है और वाहनों को अन्य रास्तों से डायवर्ट किया गया है। नए भू-धंसान ने रही-सही कसर भी पूरी कर दी है, जिससे राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों की कमर टूट गई है। सड़क के अस्तित्व पर आए इस संकट ने धनबाद और बोकारो के बीच के संपर्क को पूरी तरह जोखिम में डाल दिया है। यह वीडियो भी देखें आक्रोश: प्रशासन और बीसीसीएल पर लापरवाही का आरोप बार-बार हो रही इन घटनाओं से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। जनप्रतिनिधियों ने इसके लिए जिला प्रशासन और बीसीसीएल (BCCL) प्रबंधन को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। भाजपा विधायक राज सिन्हा, भाकपा माले के अरुप चटर्जी और आजसू नेता मंटू महतो समेत कई संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि अविलंब सड़क की मरम्मत और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। नेताओं का कहना है कि प्रबंधन सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है, जबकि आम जनता की जान जोखिम में है। खौफनाक इतिहास: गैस रिसाव से हो चुकी है मौतें     केंदुआ का यह इलाका लंबे समय से 'डेथ जोन' बना हुआ है।     15 अप्रैल: इसी स्थान पर सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया था।     पिछले साल 31 नवंबर: भूमिगत खदान में विस्फोट के बाद जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का रिसाव हुआ था, जिसकी चपेट में आने से तीन लोगों की जान चली गई थी। बीसीसीएल की चेतावनी: खाली करें इलाका बीसीसीएल प्रबंधन ने स्थिति को अनियंत्रित बताते हुए कहा है कि बारिश के कारण मिट्टी धंसने की प्रक्रिया तेज हो गई है। प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित क्षेत्र के पास रहना किसी बड़े हादसे को दावत देना है। अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की हिदायत दी है।     प्रबंधन और प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा जनता भुगत रही है। पहले गैस रिसाव से मौतें हुईं और अब पूरी सड़क पाताल में समाने को है। अगर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो हम चुप नहीं बैठेंगे। कृष्णा राउत, पार्षद प्रतिनिधि

रांची हाईकोर्ट सख्त: कस्टडी में मौत केस में जेल रिकॉर्ड न देने पर नाराजगी

 रांची  हाई कोर्ट के जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की अदालत में हिरासत में कथित यातना और मौत के मामले में दाखिल याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से जेल से युवक के स्वास्थ्य संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा। कहा गया कि जेल अधीक्षक के सेवानिवृत्त होने के कारण युवक के स्वास्थ्य से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो सका है। उसे मंगवाने के लिए समय चाहिए। इस पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते करते हुए मौखिक कहा कि दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए बहाना नहीं बनाएं। अगर दस्तावेज ही प्रस्तुत करना था तो आज क्यों नहीं किया गया? अदालत ने 5 मई तक हर हाल में दस्तावेज पेश करने को कहा है। यदि दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया तो जेल आइजी और गृह सचिव को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना पड़ेगा। मामले में सीजेएम पलामू ने मृतक युवक के खिलाफ दर्ज केस का मूल रिकॉर्ड प्रस्तुत किया गया। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष यह बात सामने आई थी कि युवक को रिमांड पर लेने के लिए पलामू सीजेएम कोर्ट के यहां अस्पताल का प्रमाण पत्र दिया गया था उसमें कस्टडी के लिए फिट लिखा हुआ था, जिसके आधार पर पुलिस ने उसे रिमांड पर लिया था। लेकिन सरकार के शपथ पत्र में छह मार्च 2025 को युवक का एक अन्य फिटनेस से संबंधित कागजात है, जिसमें युवक को घायल बताया गया है। कोर्ट ने इसको गंभीरता से लिया और सीजेएम पलामू से युवक के केस का मूल रिकार्ड मांगा था। प्रार्थी की ओर से अदालत को बताया था कि एक मार्च 2025 को युवक महफूज अहमद को नवाबाजार में पुलिस पकड़ कर ले गई थी। हिरासत में लेकर उसके साथ मारपीट की गई। बाद में उसके खिलाफ पांकी थाना में केस दर्ज कर सीजेएम कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया। उस दौरान सीजेएम कोर्ट में पुलिस ने अस्पताल का एक सर्टिफिकेट भी प्रस्तुत किया था ,जिसमें युवक के घायल होने के बाद भी उसे फिट फार कस्टडी बताया गया था।

पेड़ और पोल गिरने से जनजीवन प्रभावित, बिजली-ट्रेन सेवाएं बाधित

 पटना बिहार में बुधवार रात और गुरुवार की आई आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने व्यापक तबाही मचाई। मुजफ्फरपुर, मधुबनी, पूर्वी-पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, समस्तीपुर और दरभंगा, हाजीपुर, छपरा, हाजीपुर और बेगूसराय में 13 लोगों की मौत हो गई। अलग-अलग हादसों में दर्जनभर से अधिक घायल हुए हैं। पेड़, बिजली के पोल और तार गिरने से शहर से गांव तक पूरी रात बिजली आपूर्ति बाधित रही। सड़कों पर पेड़ गिरने से घंटों आवागमन प्रभावित हुआ। कई रेलखंडों पर ट्रेनों का परिचालन भी प्रभावित रहा। आम और लीची की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। बेगूसराय के रतनपुर थाना के मियाचक गाछीटोल में नवनिर्मित भवन के तीसरे तल्ले से गिरी दीवार में दबने से एक युवक की मौत हो गई। वहीं हाजीपुर के सदर थाना क्षेत्र स्थित सुभई दक्षिणी टोला में पेड़ गिरने से छह वर्षीय बच्चे की मौत। मढ़ौरा के गौरा थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। उधर, गुरुवार की सुबह वज्रपात से औरंगाबाद जिले के माली थाना क्षेत्र के गम्हरिया गांव में आई बारात में दूल्हे के चाचा 50 वर्षीय अक्षय राम की मौत हो गई। मधुबनी जिले के बाबूबरही के परसा गांव में ठनका गिरने से छह लोग घायल हो गए। घोघरडीहा के नौवाबाखर पंचायत के धावघट गांव में बरगद का पेड़ फूस के घर पर गिर गया। इससे घर में मौजूद 55 वर्षीय कलावती देवी की दबकर मौत हो गई। जिरौल नवटोली में बुजुर्ग महिला पंची देवी की ठनका की चपेट में आने से मौत हो गई। पश्चिम चंपारण के बैरिया प्रखंड में दो लोगों की मौत हो गई। मलाही बलुआ निवासी 25 वर्षीय युवक की पेड़ से दबकर जान चली गई, जबकि एक अन्य युवक की ई-रिक्शा पलटने से मौत हो गई। दरभंगा में पेड़ गिरने से एक महिला की मौत हो गई। केवटी प्रखंड के रैयाम गांव में 52 वर्षीय महिला पेड़ के नीचे दब गई। मुजफ्फरपुर के सरैया नगर पंचायत के वार्ड 12 में बरगद का पेड़ घर पर गिरने से बुजुर्ग महिला फूलमती देवी की मौत हो गई। समस्तीपुर के दलसिंहसराय में घर पर पेड़ गिरने से 50 वर्षीय घाटो सहनी की मौत हो गई। समस्तीपुर के साथ पूर्वी चंपारण के कई क्षेत्रों में पेड़, पोल और तार गिरने से आवागमन प्रभावित रहा। कुछ जगहों पर ओलावृष्टि से आम और लीची की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। सीतामढ़ी में आंधी, बारिश और वज्रपात से भारी नुकसान हुआ। चोरौत और परसौनी में वज्रपात से घरों में आग लग गई। कई प्रखंडों में पेड़ गिरने से सड़कें जाम रहीं, जिससे आवागमन बाधित हुआ। अधिकांश इलाकों में रातभर बिजली आपूर्ति बाधित रही। आम-लीची व अन्य फसलों को व्यापक नुकसान बारिश से हरी सब्जी, मिर्च, मूंग और गन्ना फसल को कुछ लाभ भी हुआ है, लेकिन ओलावृष्टि और तेज हवा से आम, लीची, गेहूं और मक्का की फसलों को व्यापक क्षति पहुंची है। किसानों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है। प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही है।

डीएम को कॉल कर मांगी थी धमकी भरी कार्रवाई, नागेश्वर कॉलोनी से आरोपी गिरफ्तार

पटना 2022 में पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश के नाम से तत्कालीन डीजीपी एसके सिंघल को फोन करके झांसा देने वाला अभिषेक अग्रवाल फिर से सुर्खियों में है। चार साल बाद उसे बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स की टीम ने पटना के कोतवाली थाना इलाके से गिरफ्तार किया है। इस बार आरोप लगा है कि अभिषेक लंबे समय से प्रवर्तन निदेशालय का फर्जी अधिकारी बनकर पटना समेत कई जिलों के लोगों को फर्जी कॉल कर ठगी कर रहा था। वह अपना शिकार सरकार कर्मचारियों को भी बना रहा था। इस मामले को लेकर 28 अप्रैल को भोजपुर के नवादा थाना में एक प्राथमिकी दर्ज की गई। 27 अप्रैल को डीएम को फर्जी ईडी अधिकारी बनकर किया था कॉल पुलिस ने वैज्ञानिक अनुसंधान किया तो कॉल करने वाले का टॉवर लोकेशन पटना के नागेश्वर कॉलोनी का मिला। इसके बाद भोजपुर पुलिस ने एसटीएफ की मदद से छापेमारी की तो आरेपी अभिषेक अग्रवाल पकड़ा गया। एसटीएफ ने उसे नवादा थाने की पुलिस को सुपुर्द कर दिया है। उसके खिलाफ आर्थिक अपराध इका, पटना के खाजेकलां में भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस की मानें तो अभिषेक अग्रवाल फर्जी अधिकारी बनकर प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को कॉल करता था। 27 अप्रैल को उसने जब डीएम तनय सुल्तानिया को फर्जी ईडी अधिकारी बनकर कॉल किया तो डीएम कार्यालय की ओर से नवादा थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई। इसके बाद पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच में जुटी और आरोपी अभिषेक अग्रवाल को गिरफ्तार किया। 2022 में पटना हाईकोर्ट के जज के नाम से तत्कालीन डीजीपी को किया था कॉल वर्ष 2022 में टाइल्स व्यवसायी अभिषेक अग्रवाल ने पटना हाई कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस संजय करोल के नाम से तत्कालीन डीजीपी एसके सिंघल को कॉल किया था। उसने एक केस में गया के पूर्व एसएसपी आदित्य कुमार के हित में फैसला देने का दबाव बनाया था। एसके सिंघल के आदेश पर अभिषेक अग्रवाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 353, 387, 149, 420, 467, 468, 120 (बी) तथा आई टी एक्ट की धारा 66 (सी), 66 (डी) के अंतर्गत आर्थिक अपराध थाना (पटना) कांड संख्या 33/2022 दर्ज किया गया था। आर्थिक अपराध इकाई भी इसकी जांच कर रही थी। जांच में पता चला कि अभिषेक के संबंध के बिहार के कई आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के साथ। वह आसानी से अधिकारियों के साथ घुल मिल जाता था। उसकी कई तस्वीरे भी अधिकारियों के साथ सामने आई। डीजीपी को जज बनकर कॉल करने के आरोप में वह जेल भी गया था। इसके बाद कोर्ट ने उसे जमानत दे दी। 

पावापुरी से युवती गिरफ्तार, प्रेमजाल में फंसाकर युवक का कराया गया अपहरण

नालंदा बिहार के पावापुरी(नालंदा) से पुलिस ने एक ऐसी युवती को गिरफ्तार किया है जो हूस्न का जाल फैलाकर युवाओं को फंसाती है और फिर अगवा करवाकर फिरौती वसूलती है। पुलिस ने युवती को गिरफ्तार कर कर लिया है। अब गिरोह के अन्य बदमाशों की तलाश की जा रही है। युवती सोशल मीडिया के माध्यम से दोस्ती और प्यार के बहाने युवाओं को हनीट्रैप करती है। बुधवार को शेखपुरा जिले के शेखोपुरसराय थाना क्षेत्र के पांची गांव निवासी सागर रविदास के पुत्र विक्रम कुमार के अपहरण का मामला चर्चा में रहा था। पुलिस ने अपहृत को बरामद कर लिया है। एक युवती को गिरफ्तार किया गया है। उसकी पहचान पावापुरी ओपी क्षेत्र के चोरसुआ गांव निवासी रामधीन की पुत्री संध्या कुमारी के रूप में की गयी है। उससे पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। संध्या ने बताया कि उसने सोशल मीडिया के माध्यम से युवक से दोस्ती की। धीरे धीरे उसे प्यार का पाठ पढ़ाने लगी। युवक जब उसकी जाल में फंस गया तो उसे धोखे से पावापुरी बुलाया और अपने दोस्तों की मदद से उसका अपहरण कर लिया। उसके बाद गैंग ने युवक के परिजनों से छह लाख रुपये फिरौती की मांग की। बार बार फोन करने पर पिता ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने कांड दर्ज करके कार्रवाई की तो यह चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। ग्रामीणों की मानें तो मंगलवार की रात से ही पुलिस कार्रवाई में जुटी थी। हालांकि, नालंदा पुलिस ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि पुलिस को बुधवार की रात सूचना मिली। इसके बाद कार्रवाई की गयी। पुलिस मात्र छह घंटे में अपहृत को बरामद करने का दावा भी कर रही है। राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने प्रेस बयान जारी कर बताया कि बुधवार की रात पावापुरी ओपी को फोन से अपहरण और छह लाख फिरौती मांगने की सूचना मिली। उनके निर्देश पर स्थानीय पुलिस व डीआईयू की टीम कार्रवाई में जुट गयी। अपहरणकर्ताओं ने दोबारा की फिरौती की मांग अपहरणकर्ताओं ने दोबारा युवक के पिता को फोन कर फिरौती की मांग की। पुलिस ने लोकेशन के आधार पर पावापुरी फ्लाईओवर के पास से अपहृत युवक को बरामद किया। हालांकि, अपहरणकर्ता भाग निकले। अपहृत से पूछताछ में पता चला कि वह संध्या से सोशल मीडिया के माध्यम से बात करता था। इसके बाद संध्या से पूछताछ की गयी। उसने बताया कि उसके ब्यॉयफ्रेंड मानपुर थाना क्षेत्र के तेतरावां गांव निवासी राजा गोप ने अपने सहयोगी चोरसुआ गांव निवासी सोनू उर्फ नट्टू व अन्य की मदद से युवक का अपहरण किया।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की डीएम-एसपी बैठक, सुशासन और पारदर्शिता पर जोर

 पटना मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि राज्य में कानून का राज हर हाल में कायम रहेगा। क्राइम, करप्शन और कम्युनिलिज्म से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से साफ तौर पर कहा कि किसी भी आपराधिक या हत्या की घटना में दोषियों को 48 घंटे के अंदर गिरफ्तार करें। 12 से 13 दिनों के अंदर ऐसी सख्त कार्रवाई हो, जो लोगों को दिखे। लोगों के बीच सुशासन की अवधारणा स्थापित करनी है। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को पटना के अधिवेशन भवन में सभी डीएम-एसपी के साथ अपनी पहली बैठक में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की और कई अहम निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने नई सरकार की प्राथमिकताएं बतायीं। बैठक में मुख्य सचिव और डीजी समेत प्रशासन और पुलिस के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को दो टूक कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाएं। कानून और योजनाएं को जमीन पर ठीक ढंग से लागू करें। अपराधी किसी तरह का दुस्साहस न करें, इसको लेकर मुस्तैदी से कार्य करें। अधिकारियों से दो-टूक कहा कि लटकाने भटकाने की प्रवृत्ति नहीं रखें, बल्कि जनता के सहयोगी की भूमिका में रहें। पुलिस दीदी कॉन्सेप्ट को बेहतर ढंग से क्रियान्वित करें। बच्चियां सुरक्षित स्कूल आएं-जाएं, इसे सुनिश्चित करें। डीएम-एसपी जनता से मिलें मुख्यमंत्री ने सभी डीएम-एसपी को निर्देश दिया कि वे अपने कार्यालय में निश्चित रूप से सुबह 10 से दिन में एक बजे तक बैठकर लोगों से मिलें। उनकी समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने कहा, आप जितने लोगों से मिलेंगे, जिले के बारे में उतनी अधिक जानकारी होगी और क्षेत्र का विकास करने में सुविधा होगी। पंचायतों में महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को अधिकारी ‘सहयोग शिविर’ लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान 30 दिनों के अंदर करें। घुसपैठिये बाहर किए जाएंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में हमलोगों की सरकार ने जाति आधारित गणना कराई थी। अब जनगणना का कार्य केंद्र सरकार के द्वारा कराया जा रहा है उसमें सभी हाऊस होल्ड को ठीक से चिह्नित करें। कौन कहां से आया है, यहां का निवासी कैसे है, इन सब चीजों की जानकारी प्राप्त करें। किसी भी धर्म के लोग हों, वे भारत के निवासी हैं तो उन्हें सुविधाएं मिलेंगी। वहीं, किसी भी धर्म के हों, अगर घुसपैठिया है तो उन्हें बिहार से बाहर किया जाएगा। हर जिले में 50 डेस्टिनेशन स्पॉट मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों में कम-से-कम 50 डेस्टिनेशन स्पॉट को चिह्नित कर उसे और विकसित करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में कई अप्रासंगिक कानूनों को रद्द किया गया। प्रशासन को पारदर्शी एवं सुलभ बनाया गया है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में पिछले 20 वर्षों में बिहार विकास के पथ पर आगे बढ़ा है। कानून-व्यवस्था, बिजली, सड़क सहित सभी क्षेत्रों में प्रगति हुई। राज्य में सुशासन स्थापित रहने से इसका लाभ राज्यवासियों को मिला है। शराबबंदी को सफल करें सम्राट चौधरी ने कहा कि पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने शराबबंदी कानून लागू किया है। शराबबंदी पूरी तरह सफल हो, इसको लेकर बेहतर ढंग से कार्य करें। शराब बेचनेवालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर इस अवैध धंधे को ध्वस्त करें। शराब और मादक पदार्थों की तस्करी में पुलिस और प्रशासन के जो लोग संरक्षण प्रदान कर रहे हैं, उन्हें चिह्नित कर सख्त कार्रवाई करें। प्रखंड, अंचल और थाना का सीएम कार्यालय प्रतिदिन रियल मॉनीटरिंग करेगा। प्रखंड, अंचल और थाने में सीसीटीवी कैमरे अवश्य लगाएं। मुख्यमंत्री के निर्देश ● क्राइम, करप्शन और कम्युनिलिज्म से कोई समझौता नहीं ● बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा पर कोताही नहीं होनी चाहिए ● दोषियों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर 48 घंटे के अंदर गिरफ्तार करें ● अपराधी किसी तरह का दुस्साहस न करें, इसको लेकर पुलिस मुस्तैद रहे ● पंचायतों में माह के पहले और तीसरे मंगलवार को सहयोग शिविर लगेगा सीएम का बयान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक अगर अच्छा काम करते हैं तो जनप्रतिनिधियों के पास लोगों की समस्याओं से जुड़े मामले कम आते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि सभी अधिकारी संवेदनशीलता, तत्परता और पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ जनसेवा सुनिश्चित करेंगे। -सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री

पटना समेत 20 जिलों में तेज बारिश, कई जगह 70 मिमी तक वर्षा दर्ज

 पटना बिहार के अलग-अलग भागों में पांच दिनों तक मेघ गर्जन, वज्रपात संग आंधी-बारिश होगी। 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में तीन डिग्री तक की गिरावट से मौसम सामान्य रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पटना सहित राज्य के ज्यादातर भागों में तेज हवा के साथ बारिश का पूर्वानुमान है। आज सूर्योदय का वक्त 05:15 AM बजे है, जबकि सूर्यास्त शाम 06:26 PM बजे होगा। वातावरण में नमी का स्तर 47 % है, वहीं वायुमंडलीय दबाव 1008 के स्तर पर है। आंधी-बारिश के बाद गुरुवार को पटना सहित बिहार के 20 जिलों के अधिकतम तापमान में भारी कमी आई है। पटना में अधिकतम पारा 29.7 डिग्री और न्यूनतम 19.7 डिग्री रहा। पटना में कुल 25.1 मिमी वर्षा दर्ज हुई। सुपौल के परपतगंज में 72.6 मिमी, पूर्णिया में 60.2 मिमी, मधुबनी के लखनपुर में 58 मिमी , बक्सर में 54.4 मिमी, पूर्णिया के श्रीनगर में 52.8 मिमी, अररिया के सिकटी में 52.2 मिमी, मधुबनी के झंझारपुर में 50 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस बीच, कृषि विभाग ने जिलों से राज्य भर में हुई आंधी-बारिश से फसल, फल-सब्जी के नुकसान की रिपोर्ट मांगी है। आंधी-बारिश से सब्जियों की फसल को क्षति पटना जिले में बुधवार की रात आई आंधी और बारिश से आम और सब्जियों की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। आंधी से लौकी, तरोई, करेला, परवल जैसी सब्जियों के लत्तर टूट गए हैं। कुछ जगहों पर लत्तर चढ़ाने वाली रस्सियां और चार्ली टूटने-बिखरने से तैयार फसल को नुकसान पहुंचा है। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक प्रवीण कुमार द्विवेदी बताते हैं कि तेज बारिश से खेत में पानी लगने से भी नुकसान हुआ है। खीरा, ककड़ी, नेनुआ, झिंगुनी में पानी लगने से पीलापन की शिकायत हो सकती है। खीरा और तरबूज की फसल को भी नुकसान हुआ है। दूसरी तरफ रबी की फसल कटने के बाद खेतों में जमा भूसा 50 किलोमीटर की आई तेज आंधी में उड़ गई। इससे मवेशियों के भोजन जमा करने वाले किसानों को क्षति हुई। आम की डालियां टूटीं, लीची को भी नुकसान कृषि वैज्ञानिक पीके द्विवेदी बताते हैं कि तेज आंधी और बारिश के कारण आम और लीची को भी हानि पहुंची है। आम की डालियां टूट गई हैं। डालियों पर लटके अधपके आम भी काफी मात्रा में टूट कर गिर गये हैं। लीची का पौधा आम की तुलना में सख्त होने के बावजूद टूटे हैं। आंशिक रूप से मकई की बाहरी दीवार के पौधे गिर गए है। जानवरों की शेड, छपरी उड़ गई है। पटना जिला कृषक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार बताते हैं कि पटना जिला में टमाटर की 90 प्रतिशत फसल खेत से निकल चुकी है। बची हुई 10 प्रतिशत फसल को बीते बुधवार की रात हुई बारिश और आंधी से उसकी गुणवत्ता प्रभावित होगी।

झारखंड: सरायकेला में 43°C तापमान, स्वास्थ्य सेवाएं हुईं प्रभावित

 सरायकेला सरायकेला-खरसावां जिले में बढ़ते तापमान और लू की मार ने स्वास्थ्य सेवाओं को हांफने पर मजबूर कर दिया है। सरायकेला के सदर अस्पताल व प्रखंडों के स्वास्थ्य केंद्रों में डायरिया, उल्टी, लूज मोशन और हीटस्ट्रोक से ग्रस्त मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सदर अस्पातल में प्रत्येक दिन डायरिया, बुखार व हीटस्ट्रोक से पीड़ित पांच से छह मरीजों को प्रतिदिन सदर अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है सरायकेला सदर अस्पताल के ओपीडी में रोजाना 230 से 260 के करीब मरीज पहुंचते हैं लेकिन गर्मी के कारण रोजाना 300 से अधिक मरीज यहां पहुंच रहे हैं। यहां 50 से 60 मरीज कमजोरी, चक्कर और डिहाइड्रेशन की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। यही हाल पूरे जिले के अस्पतालों का है। जहां मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। गर्मी के कारण पानी की कमी से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन हो रहा है। यह मौसमी बीमारी का प्रकोप है, जो गंदे पानी, प्रदूषित भोजन और अत्यधिक गर्मी से जुड़ा है। जिले का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है, जिससे ग्रामीण इलाकों में स्थिति गंभीर है। लू लगने के प्रमुख लक्षण     तेज बुखार: शरीर का तापमान अचानक 103-104°F या उससे ऊपर होना।     त्वचा में बदलाव: त्वचा का बहुत गर्म, लाल और शुष्क (रूखा) हो जाना, पसीना आना बंद हो जाना।     सिरदर्द और चक्कर: तेज सिरदर्द और कमजोरी के साथ चक्कर आना।     उल्टी और जी मिचलाना: लगातार जी मिचलाना या उल्टी होना।     तेज धड़कन और सांस: दिल की धड़कन तेज होना और सांस लेने में तकलीफ।     मांसपेशियों में ऐंठन: शरीर में अकड़न या जकड़न महसूस होना।     गर्मी के कारण हीटस्ट्रोक के मरीजों में इजाफा हुआ है। इस मौसम में ताजे फल जैसे तरबूज, खीरा, नींबू-पानी और छाछ को आहार में शामिल करें। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप से पूरी तरह परहेज करें। हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें, सिर पर टोपी या छाता इस्तेमाल करें। –

तारीखों के पीछे सियासी रणनीति: सम्राट चौधरी कैबिनेट विस्तार और बंगाल चुनाव का कनेक्शन

पटना  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का मतदान खत्म होते ही बिहार के लोगों का फोकस मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की 15 दिन पुरानी सरकार के कैबिनेट विस्तार पर आ गया है। बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पहले सीएम बने सम्राट चौधरी ने जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के दो उप-मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव के साथ 15 अप्रैल को शपथ ली थी। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की नई सरकार के पूरी तरह गठन के लिए बंगाल चुनाव के खत्म होने का इंतजार चल रहा था। ऐतिहासिक 92 फीसदी से ऊपर वोटिंग के साथ दो चरण में बंगाल का चुनाव खत्म हो चुका है। अब चर्चा है कि सम्राट चौधरी कैबिनेट का विस्तार 3 मई या 6 मई को हो सकता है। सम्राट कैबिनेट के विस्तार के लिए 3 मई और 6 मई की अटकल को भी बंगाल चुनाव से ही जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व बंगाल से चुनाव की आंतरिक रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, जिसमें चुनाव नतीजों में पार्टी के संभावित प्रदर्शन का अनुमान होगा। बंगाल चुनाव की इंटरनल रिपोर्ट में अगर हर हाल में भाजपा की जीत का भरोसा जताया गया होगा तो पार्टी नतीजों के बाद 6 मई को बिहार कैबिनेट का विस्तार करवा सकती है। लेकिन, अगर बंगाल से आई रिपोर्ट में भाजपा की जीत को लेकर कोई किंतु-परंतु जैसी आशंका होगी तो पार्टी की कोशिश होगी कि सम्राट चौधरी कैबिनेट का विस्तार चुनाव नतीजों से पहले ही 3 मई को निबटा लिया जाए। बिहार में सीएम समेत 36 नेता मंत्री बन सकते हैं। सम्राट चौधरी कैबिनेट में भाजपा से ज्यादा होंगे जदयू के मंत्री, बड़े मंत्रालय भी मिलेंगे? सम्राट चौधरी की सरकार बनने के बाद से ही कैबिनेट में भाजपा और जदयू के मंत्रियों की संख्या को लेकर भी अटकलों का दौर चल रहा है। पूर्व सीएम नीतीश कुमार की कैबिनेट में भाजपा के मंत्रियों की संख्या जदयू से ज्यादा थी। जदयू के नेताओं का कहना है कि सम्राट चौधरी की सरकार में मॉडल वही रहेगा। यानी भाजपा का सीएम है तो जदयू के मंत्रियों की संख्या ज्यादा होगी। मंत्रालय बंटवारे में भी नीतीश के फॉर्मूले से चले तो जदयू को कई बडे़ मंत्रालय भी मिल सकते हैं। सम्राट सरकार में सीएम और दोनों डिप्टी सीएम के अलावा भाजपा के 14 और जदयू के 15 नेता मंत्री बन सकते हैं। सम्राट चौधरी कैबिनेट में 36 के 36 मंत्री पद नहीं भरे जाएंगे नीतीश कुमार की ही तरह सम्राट चौधरी कैबिनेट में 36 के 36 पद भरने के बदले 1-2 मंत्रियों की जगह बनाकर रख सकते हैं, ताकि भविष्य में दूसरे दलों में तोड़-फोड़ की जरूरत पड़े तो डील के लिए ऑफर का इंतजाम रहे। सरकार में 1-2 मंत्रियों की जगह खाली हो तो उसकी बदौलत सामने वाली पार्टी के कुछ विधायकों को अपने वश में करना आसान हो जाता है। भाजपा और जदयू दोनों अपने कोटे से कम से कम 1-1 पद खाली रख सकती है। पिछली सरकार में जदयू के ज्यादातर मंत्री फिर से जगह पाएंगे। भाजपा के भी ज्यादातर मंत्री फिर से आएंगे, लेकिन नीतीश मिश्रा, कृष्ण ऋषि, नीरज सिंह बबलू जैसे कुछ पुराने मंत्री फिर से सरकार में आ सकते हैं। सम्राट चौधरी की सरकार में पूर्व डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा को क्या मिलेगा? सीएम सम्राट और डिप्टी सीएम विजय और बिजेंद्र को छोड़कर नीतीश कैबिनेट में मंत्री रहे सारे नेता फिलहाल पूर्व मंत्री बने हुए हैं। नीतीश की अगुवाई वाली सरकारों में मंत्री रहे ज्यादातर नेता इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि उनको फिर मौका मिलेगा या नहीं और मिला तो मंत्रालय पुराना रहेगा या बदल जाएगा। इन पूर्व मंत्रियों में सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा की हो रही है, जिन्हें पहली किस्त में सरकार में जगह नहीं मिल पाई। सोशल मीडिया पर इसे लेकर पॉजिटिव और नेगेटिव चीजों की भरमार लगी है। विजय सिन्हा को मंत्री बनाया जाएगा, इस पर संशय नहीं है, लेकिन पुराने मंत्रालय ही मिलेंगे या और बड़ा मंत्रालय मिलेगा, इस पर अटकलबाजी चल रही है। नीतीश सरकार में विजय कुमार सिन्हा के पास राजस्व और भूमि सुधार, खनन और भूतत्व के अलावा भाजपा के अध्यक्ष बने नितिन नबीन के इस्तीफे के बाद से नगर विकास और आवास विभाग भी था। राजस्व और भूमि सुधार में विजय का तेवर भरा रूप दिख रहा था। चर्चा है कि उन्हें पथ निर्माण विभाग का मंत्री बनाया जा सकता है, जो पिछली सरकार में नितिन नबीन के बाद दिलीप जायसवाल को मिला था। सम्राट चौधरी सरकार में दीपक कुशवाहा का क्या होगा, चिराग और मांझी बदलेंगे मंत्री? चिराग पासवान की लोजपा-आर, जीतनराम मांझी की हम और उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो को पहले की तरह कैबिनेट में 2-1-1 मंत्री मिलेंगे, यह मोटा-माटी तय दिख रहा है। जीतनराम मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन और उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश कुशवाहा फिर से मंत्री बनेंगे, यह भी तय दिख रहा है। चिराग पासवान भी अपने दोनों पुराने मंत्री संजय पासवान और संजय सिंह को रिपीट करेंगे, इसकी प्रबल संभावना है।