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दवा दुकानदारों का देशव्यापी बंद, 8 लाख मेडिकल स्टोर रहेंगे बंद; ऑनलाइन बिक्री पर संग्राम

भोपाल  ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट व ड्रगिस्ट और मध्य प्रदेश केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर सभी प्राइवेट मेडिकल दुकानें बंद रहेंगे। हड़ताल की वजह से मरीजों को जरूरी दवाइयों के लिए परेशान होना पड़ सकता है, ऐसे में एक दिन पहले पर्याप्त डोज लेकर रख सकते हैं। दवा बाजार की हड़ताल में यहां मिलेगी दवाइयां इस हड़ताल में इमरजेंसी के लिए प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों की मेडिकल खुली रहेंगी। प्रदेशभर में संचालित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों पर भी दवाइयां मिलेंगी। जयारोग्य अस्पताल, जिला अस्पताल, प्राइवेट अस्पतालों की मेडिकल दुकानों को हड़ताल से दूर रखा गया है। देशभर में ऑनलाइन और ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म्स पर दवा बिक्री के विरोध में ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स ने 20 मई को देशव्यापी बंद का ऐलान किया है। संगठन का दावा है कि इस दौरान दिल्ली में करीब 15 हजार और देशभर में लगभग 7 से 8 लाख मेडिकल स्टोर बंद रह सकते हैं। हालांकि, आपातकालीन दवा सेवाएं जारी रखने की बात कही गई है। कारोबार हो रहा प्रभावित केंद्रीय औषधि मानक संगठन नियंत्रण (CDSCO) के सूत्रों का कहना है कि कई राज्य स्तरीय रिटेल फार्मेसी एसोसिएशनों ने इस हड़ताल से दूरी बना ली है और दवाओं की उपलब्धता सामान्य बनाए रखने का भरोसा दिया है। दिल्ली रिटेल डिस्ट्रीब्यूशन केमिस्ट अलायंस (RDCA) के अध्यक्ष संदीप नांगिया ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भारी छूट और तेज डिलीवरी देकर छोटे मेडिकल स्टोर्स के कारोबार को प्रभावित कर रहे हैं। दवा दुकानों की हड़ताल से कौन-कौन बाहर? हालांकि, सरकार से जुड़े सूत्रों ने कहा है कि इस हड़ताल का असर सीमित रहने की संभावना है, क्योंकि कई राज्य स्तरीय फार्मेसी एसोसिएशनों ने इसका समर्थन नहीं किया है. सूत्रों के मुताबिक, सभी बड़े फार्मेसी चेन, अस्पतालों के मेडिकल स्टोर, जन औषधि केंद्र और AMRIT फार्मेसी स्टोर मंगलवार को खुले रहेंगे।  सूत्रों ने बताया कि पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, केरल, छत्तीसगढ़, सिक्किम और लद्दाख समेत कई राज्यों के फार्मेसी संगठनों ने लिखित रूप से भरोसा दिया है कि वे हड़ताल में शामिल नहीं होंगे और दवाओं की सप्लाई सामान्य बनी रहेगी।  ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर बिक रही नकली दवाएं कोरोना काल में अधिसूचना जीआरएस 220 ई के जरिए नियमों को दरकिनार किया जा रहा है, जिसे तुरंत वापस ली जाए। अवैध रूप से ई-कॉर्पोरेट्स द्वारा बाजार में कब्जा किया जा रहा है। यह मूल्य निर्धारण में मनमानी कर रहे हैं, जिसे रोका जाना चाहिए। ऑनलाइन फार्मेसियों और प्लेटफार्मों पर मिलावटी या नकली दवाएं बेची जा रही हैं। इन्होंने हड़ताल से बनाई दूरी कई केमिस्ट असोसिएशन की ओर से 20 मई को प्रस्तावित भारत बंद और हड़ताल को लेकर दवा कारोबारियों के संगठन ऑल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट फेडरेशन (AICDF) ने खुद को इससे अलग कर लिया है। संगठन ने कहा कि इस बंद का समर्थन नहीं करेंगे। दावा है कि इससे अव्यवस्था बढ़ेगी और व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ेगा। AICDF के अध्यक्ष कैलाश गुप्ता ने बताया कि बंद बुलाने वाले ने संगठनों का उद्देश्य व्यापारियों के हितों की रक्षा से ज्यादा बाजार में दबाव बनाना प्रतीत होता है।

एमपी में खर्चों पर सख्ती, मोहन यादव ने निगम और मंडल अध्यक्षों को दिए बचत के निर्देश

भोपाल  मध्य प्रदेश में नवनियुक्त निगम, मंडल, बोर्ड, आयोग और प्राधिकरणों के नए अध्यक्ष और सदस्यों को ट्रेनिंग दी गई है। इस दौरान सभी नए पदाधिकारियों को सीएम मोहन यादव ने संबोधित किया है। उन्होंने कहा है कि अनेकता में एकता ही हमारी ताकत है। हम योग्यता का सम्मान करते हैं। साथ ही उन्होंने भाषा में सौम्यता रखने की ट्रेनिंग दी है। योग्यता के आधार पर दी गई है जिम्मेदारी सीएम मोहन यादव ने कहा कि हम योग्यता का सम्मान करना जानते हैं और इसीलिए योग्यता के आधार पर सभी को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक जीवन में नैतिकता और शुचिता बेहद जरूरी है। हमें अटल जी के आदर्शों पर चल कर इस देश और प्रदेश की सेवा करनी है। उन्होंने कहा कि भाषा में सौम्यता और निर्णय में दृढ़ता हो। आपकी यह नियुक्ति सिर्फ पद नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की सेवा का सुनहरा अवसर है। सेवा भावना से करें काम मोहन यादव ने कहा कि हमें परमेश्वर ने जनसेवा का अवसर दिया है इसीलिए सभी नवनियुक्त पदाधिकारी पूरी प्रशासनिक दक्षता, पूर्ण क्षमता, निष्ठा और सेवा भावना से काम करें। आप सब एमपी सरकार का अभिन्न अंग हैं। आपके काम से ही सरकार की समाज और नागरिकों में साख बनेगी। इसीलिए पहले अपने काम को अच्छी तरह से समझें, विभागीय नीतियों और नियमों का समुचित अध्ययन करें। अपने उपलब्ध संसाधनों का उत्कृष्ट नियोजन करें और बेहतर तालमेल एवं सामंजस्य से अपने कार्य दायित्व को अंजाम दें। आत्मानुशासन से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ना है उन्होंने कहा कि वित्तीय प्रबंधन एक बड़ी चुनौती होती है। इसीलिए अपने दायित्व के दायरे में रहकर आत्मानुशासन से हमें आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ना है। इसके लिए वित्तीय अनुशासन लाना, फिजूल खर्ची पर कड़ा अंकुश लगाना और नवाचारों के माध्यम से आय के नए स्रोत बनाना बेहद जरूरी है। नवनियुक्त पदाधिकारी अपने संस्थान के अधिकारियों के साथ टीम भावना से काम करें और अपने मितव्ययिता पूर्ण काम से ही अपनी पहचान बनाएं। उन्होंने कहा कि सरकार जो भी दायित्व दे, उसे हमें एक परिवार भाव और उदात्त कर्तव्य भाव से पूरा करना चाहिए। अनावश्यक चीजों से बचना है हमें सीएम मोहन यादव ने कहा कि सभी पदाधिकारी पूरी गरिमा से अपने दायित्वों को अंजाम दे। सोच-विचार कर ही अपने सहयोगी रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अनावश्यक प्रचार और अनावश्यक चीजों से भी बचना है। कदाचार पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। इसीलिए अपने संस्थान में किसी भी प्रकार के कदाचार को कतई बर्दाश्त न करें। ऐसे काम और ऐसे लोगों से भी दूरी बनाकर रखें, जिनसे आपकी गरिमा को ठेस पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि जनहित आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए। यह आपको आपसी समन्वय और टीम वर्क के मार्ग पर चलना है।  

तरबूज कांड पर बढ़ा हड़कंप, मौत के मामले में भोपाल तक सक्रिय हुई एजेंसियां

 भोपाल / श्योपुर मध्य प्रदेश के श्योपुर में तरबूज खाने के बाद ड्राइवर पिता की मौत और बेटे की तबियत बिगड़ने के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। मामला अब राजधानी भोपाल तक पहुंच गया है। शहर के खातौली तिराहे के पास किराये के मकान में किराये से रहने वाले इंद्र सिंह परिहार और उनके पुत्र विनोद परिहार की संदिग्ध परिस्थितियों में तबीयत बिगडने और कोटा रेफर के दौरान इंद्र सिंह की मौत के मामले में फिलहाल पुलिस जांच कर रही है। अब इस मामले में पशुपालन विभाग ने भी अपनी जांच शुरू कर दी है। रविवार को पशुपालन विभाग ने भी चार सदस्यीय टीम गठित कर पोल्ट्री फार्म से सेंपल लिए है। पशुपालन विभाग पहुंची पोल्ट्री फार्म, भोपाल भेजे सैंपल सुभाष बाबू दोहरे उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने बताया कि, तीन पशु चिकित्सक सहित चार सदस्यीय टीम गठित कर पोल्ट्री फार्म से सेंपल लिया गया है। टीम द्वारा लिए गए सेंपल को जांच हेतु भोपाल भी भेजा जा चुका है। जहां से जांच उपरांत आने वाले रिपोर्ट के आधार पर ही विधि अनुसार कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने बताया कि, गठित टीम पोल्ट्री फार्म की सतत निगरानी व देखरेख करेगी। सुभाष बाबू दोहरे ने बताया कि, टीम के सदस्य डॉ. सचिन उपाध्याय ने जानकारी दी है कि, यहां साफ-सफाई पाई गई है साथ ही मुर्गियों में भी ऐसे कोई लक्षण नहीं पाए गए जिससे किसी प्रकार की आशंका व्यक्त की जा सके। डॉक्टरों ने बताया था संभाविक कारण हालांकि इंद्र सिंह की मौत और विनोद की गंभीर हालत का वास्तविक कारण अभी सामने नहीं आया है, लेकिन आशंक व्यक्त की जा रही है कि कोई बर्ड संक्रमण भी हो सकता है, क्योंकि ये दोनों पोल्ट्री फार्म पर काम करते थे। वहीं दूसरी ओ किसी केमिकल का भी दुष्प्रभाव होने की आशंका व्यक्ति की जा रही है, लेकिन चिकित्सक साफ तौर पर रहे है कि तरबूज खाने से मौत होने जैसी स्थितियां कहीं से नजर नहीं आ रही है। वहीं पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में प्रारंभिक रूप से पाया गया है कि गला चोक होने से इंद्र सिंह की मौत हुई है। विनोद की हालत अभी स्थिर मृतक इंद्रसिंह के पुत्र विनोद का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है और आईसीयू में वेंटीलेटर पर है। दो दिन बाद भी हालत अभी स्थिर है। चिकित्सकों का कहना है कि विनोद की हालत पहले जैसी ही है। तरबूज खाने के बाद अचानक बिगड़ी तबियत बता दें कि, 15 मई शुक्रवार को सुबह 5 बजे इंद्र सिंह व उनके पुत्र विनोद की सुबह अचानक तबीयत खराब हो गई थी, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया था। लेकिन इंद्र सिंह की रेफर के दौरान मौत हो गई थी वहीं बेटा विनोद का उपचार अभी जारी है। बताया गया है कि, मृतक इंद्र सिंह अपने परिवार के साथ पोल्ट्री फार्म में काम करते थे। ऐसे में बर्ड संक्रमण की आशंकाओं के बीच इस मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। 

महिलाओं के सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस, मंत्री भूरिया ने योजनाओं की प्रगति पर की चर्चा

भोपाल महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में महिला सशक्तिकरण योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये गठित मंत्रि-परिषद समिति की बैठक हुई। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह उपस्थित थी। नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीतमी प्रतिमा बागरी बैठक में वर्चुवली शामिल हुईं। समिति द्वारा प्रमुख राज्य प्रवर्तित योजनाओं तथा महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त करने वर्तमान परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिकता एवं योजनाओं में अपेक्षित बदलाव पर विस्तृत चर्चा की गई।  

भोपाल के रिटायर्ड जज की बहू केस में सास का बड़ा बयान, ‘अलग कमरे में सोने लगी थी ट्विशा’

 भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रिटायर्ड जज की बहू ट्विशा शर्मा की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. कथित तौर पर ससुराल की प्रताड़ना की वजह से मौत के इस मामले में जहां एक तरफ पुलिस ने जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) बनाई है, वहीं हर दिन कई नए खुलासे सामने आ रहे हैं. बीते सोमवार को आरोपों में घिरी ट्विशा की सास ने मीडिया से बातचीत की. आरोपों में घिरी गिरबाला ने कहा कि मेरे बेटे समर्थ ट्विशा ने एक-दूसरे को पसंद किया था. सबसे पहले ट्विशा ही हमारे घर पर आई थी, उसके बाद उसके माता-पिता आए थे. उसके परिवार और हमारे परिवार में काफी अंतर था, फिर भी हमने शादी करवाई।  'दवा लेकर एक दो दिन ठीक रहती थी ट्विशा' उन्होंने कहा- वह बहुत कम उम्र में ही ग्लैमर वर्ल्ड में आ गई थी. उसका जाना हमारे लिए भी बहुत बड़ा झटका है. उसकी जो दवाई चल रही थी, उससे वह एक-दो दिन ठीक रहती थी, लेकिन फिर उसकी हालत पहले जैसी हो जाती थी. समर्थ कोर्ट में था, तभी ट्विशा ने उसे फोन कर बताया कि उसने MTP (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) पिल ले ली है।  'प्रेग्नेंट हुई तो उसने पिल खा ली' गिरबाला ने कहा -पहला बच्चा परिवार के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है, लेकिन उसने हमें एक पल की भी खुशी महसूस नहीं होने दी. 7 मई को उसने पिल्स ले ली थीं. मैं खुद उसका सिर गोद में लेकर बैठती थी. ट्विशा के पिता का व्यवहार अजीब रहता है. वह 20 साल तक उज्बेकिस्तान में फार्मा सेक्टर में रहे हैं और मुझे लगता है कि वह इसका संभावित स्रोत हो सकते हैं. मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है।  'समर्थ उसे देखकर लगातार रो रहा था' उन्होंने कहा-  ये लोग फौज की बात करते हैं, लेकिन हमारी तो पीढ़ियां सेना में रही हैं. मेरे पति ने देश के लिए अपनी जान दी है. मुझे जांच एजेंसियों पर भरोसा है. ऐसा नहीं है कि मुझे सिर्फ इसलिए जमानत मिल गई क्योंकि मैं जिला जज रह चुकी हूं. कोई आम इंसान भी होता, तो उसे भी जमानत मिल जाती. मेरे बेटे को भी बेल मिल जाती।  ट्विशा की मौत हुई तो समर्थ तो AIIMS में नंगे पैर, बिना चप्पल के दौड़ रहा था और ये लोग कह रहे हैं कि AIIMS में हमारी सेटिंग है. समर्थ उसे देखकर लगातार रो रहा था. ड्रग्स के आरोपों पर ट्विशा ने खुद स्वीकार किया था कि उसने भारी मात्रा में मारिजुआना का सेवन किया था. वह बार-बार ज़िद करती थी कि उसे बच्चा नहीं चाहिए था. डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी से ट्विशा का इलाज चल रहा था. दवाइयां उसे प्रेस्क्राइब की गई थीं, लेकिन उसने उन्हें लिया नहीं था।  'ट्विशा के पिता ने मेरे बेटे पर आरोप लगाए' गिरबाला ने बताया कि ट्विशा के पिता ने मेरे बेटे पर ड्रग्स लेने के आरोप लगाए थे, लेकिन वह झूठ था. बाद में उनके पिता ने मुझसे माफी भी मांगी थी. वह ड्रग्स नहीं लेता. ट्विशा के परिवार वाले उल्टा हमें मारने दौड़े और हमें पुलिस बुलानी पड़ी. उसी दिन मैंने अपनी सुरक्षा को लेकर पुलिस को पत्र लिखा था।  'ट्विशा और समर्थ में लड़ाई नहीं होती थी' उन्होंने कहा कि- ट्विशा और समर्थ के बीच कभी लड़ाई नहीं होती थी, लेकिन जब भी वह दिल्ली से लौटकर आती थी तो उसका व्यवहार बदल जाता था. MTP (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी) के बाद ट्विशा ने समर्थ से कहा था कि उसे स्पेस चाहिए और वह अलग कमरे में सोने लगी थी. ट्विशा कहती थी कि उसके परिवार ने उसे बहुत छोटी उम्र से ही ग्लैमर वर्ल्ड में डाल दिया था. वह 17 तारीख को दिल्ली गई थी, लेकिन वह घर नहीं गई और पूरी रात कहां रही, यह उसने नहीं बताया. उसने पहले भी ऐसा कुछ किया था, जिसकी वजह से उबर ने ट्विशा को ब्लैकलिस्ट कर रखा था।  बता दें कि  बीते 12 मई को छत के सरिये से फांसी पर लटकी मिली ट्विशा शर्मा के केस में रोज नई परतें खुल रही हैं. वहीं ट्विशा के माता पिता का इसे मर्डर बता रहे हैं। 

PM सूर्य घर योजना में डिजिटल पहल, ‘सोलर चाचा’ व्हाट्सऐप चैटबॉट और ‘मेरा सोलर-बड़ा होनहार’ अभियान लॉन्च

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत व्हाट्सऐप चैटबॉट सोलर चाचा एवं मेरा सोलर-बड़ा होनहार अभियान का हुआ शुभारंभ ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा विभाग के साथ मिलकर करें कार्य : ऊर्जा मंत्री तोमर बैंकर्स और वेंडर्स समन्वय पूर्वक कार्य करें : मंत्री शुक्ला भोपाल ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के साथ पर्यावरण संरक्षण के लिये सोलर एनर्जी का इस्तेमाल आज की महती आवश्यकता है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा विभाग के साथ मिलकर कार्य करने को कहा। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लिये महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस योजना के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये सभी बैंकर्स और सोलर एनर्जी सेक्टर में कार्य करने वाले वेंडर्स से समन्वय पूर्वक कार्य करने का आग्रह किया। ऊर्जा मंत्री तोमर और नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री शुक्ला कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित व्हाट्सपेए चेटबॉट, 'सोलर चाचा' और 'मेरा सोलर-बड़ा होनहार' प्रचार अभियान के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड एवं कॉउंसिल ऑफ एनर्जी एन्वायरमेंट एंड वॉटर (सीईईडब्ल्यू) के सहयोग से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत प्रारंभ किये गये चेटबॉट और प्रचार अभियान से निश्चित की जनता लाभान्वित होगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जितना अधिक प्रचार-प्रसार होगा उतना ज्यादा लाभ जनता को भी मिलेगा। इससे अप्रत्यक्ष रूप से पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी। मंत्री तोमर ने कहा कि प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ आम नागरिकों को आर्थिक लाभ पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों के उपयोग से अब योजना संबंधी जानकारी आमजन तक और अधिक सरलता एवं त्वरित रूप से पहुंचाई जा सकेगी। साथ ही ऊर्जा विभाग के माध्यम से सभी तरह की सोलर से जुड़े कार्य मे विभाग पूरी तत्परता के साथ सहयोग देगा। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की मंशानुसार प्रदेश के हर गाँव की हर छत पर सौर संयंत्र को स्थापित करने के समग्र प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास होगा कि बिजली के बिल को न्यूनतम किया जाये ताकि सौर एनर्जी का उपयोग करने वालों को अधिकतम आर्थिक लाभ मिल सके। मंत्री शुक्ला ने सभी बेंकर्स और वेंडर्स को प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मंशानुसार लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये तत्पर होकर कार्य करने का संकल्प लेने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि बेंकर्स और वेंडर्स के कार्यक्षेत्र में आने वाली समस्याओं का यथासंभव शीघ्रता से निराकरण किया जायेगा। मंत्री शुक्ला ने कहा कि प्रदेश तेजी से अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है तथा नागरिकों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध संचालक अमनबीर सिंह बैंस ने बेंकर्स और वेंडर्स से सीधे संवाद कर जिज्ञासाओं का समाधान किया। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति में समन्वित प्रयास किये जायेंगे। इसमें कोई कमी नहीं छोड़ी जायेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत अब तक 1,97,663 आवेदन प्राप्त हुए हैं तथा 1,25,291 सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। इनकी कुल क्षमता 469.39 मेगावाट है। भारत सरकार द्वारा इन स्थापनाओं के लिए अब तक 888.26 करोड़ रुपये का अनुदान प्रदान किया जा चुका है। कार्यक्रम में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले एजेंसियों को मंत्री तोमर और मंत्री शुक्ला ने मंच से सम्मानित कर प्रशस्ति पत्र प्रदान किये। उन्होंने वेंडर्स श्रेणी में मेसर्स सोलर स्क्वायर एनर्जी मेसर्स आरडी पावर एंड डेफा सॉल्यूशन प्रो. रूपेश राठौट मेसर्स एचएम सोलर एनर्जी सेटार्स शुभम सोलर सॉल्यूशन, मेसर्स भंडारी सोलट, मेसर्स सूर्यमटेक इंजीनियरिंग, मेसर्स ए जी सोलर मेसर्स ट्रायंगल एंटरप्राइजेज, मैसर्स कान्हा उठटपाइजेज, मेसर्स ग्रीन एटा सोलर सॉल्यूशंस मेसर्स ऑटोसिस इंदौर, मेसर्स महावीर मल्टी इंजीनियरिंग को सम्मानित किया। कार्यक्रम में बैंक श्रेणी में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब एण्ड सिंध बैंक और डिस्कॉम श्रेणी में मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के अधिकारियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में नवकरणीय ऊर्जा कार्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि, विद्युत वितरण कंपनियों के अधिकारी तथा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत कार्यरत पंजीकृत वेंडर्स उपस्थित रहे।  

आजीविका मिशन को लेकर मंत्री पटेल सख्त, बोले- योजनाओं के वित्तीय प्रबंधन में लाएं सुधार

आजीविका मिशन अंतर्गत योजनाओं का वित्तीय प्रबंधन करें बेहतर : मंत्री पटेल संविदा कर्मियों के लिए समान कार्य-समान वेतन का हो निर्धारण, पदों का करे युक्तियुक्तकरण राज्य आजीविका मिशन फोरम की शासी निकाय की बैठक में मंत्री पटेल ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश भोपाल  पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य आजीविका मिशन फोरम की शासी निकाय की बैठक ली और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में विगत बैठक के निर्णयों के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा करते हुए मंत्री पटेल ने आजीविका मिशन के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मियों के एचआर मैनुअल पर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग में 'समान कार्य के लिए समान वेतन' का निर्धारण किया जाए और आवश्यकतानुसार पदों का युक्तियुक्तकरण भी किया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने योजनाओं के बेहतर वित्तीय प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की बात कही, जिससे क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध रहे और विभाग की देयताएं (लायबिलिटी) कम हो सकें। बैठक में मंत्री पटेल ने जनोपयोगी सुविधाओं के लिए वन भूमि के उपयोग की अनुमति देने वाले नए वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप एफआरए लैंड डायवर्शन' की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस पारदर्शी, सुगम और त्वरित प्रक्रिया से वन भूमि पर रहने वाले अनुसूचित जनजाति के कृषकों और मजदूरों को बड़ी सुगमता होगी। इसके साथ ही, प्रदेश के 52 जिलों में स्थापित 85 आजीविका पुस्तकालयों की समीक्षा करते हुए उन्होंने इन केंद्रों पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से स्किल ट्रेनिंग देने पर जोर दिया। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें अंग्रेजी भाषा और अन्य आवश्यक कौशलों में प्रशिक्षित करने के लिए केंद्रीकृत वीसी के माध्यम से प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। मंत्री पटेल ने दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास योजना 2.0 के तहत वर्तमान बाजार की मांग के अनुसार स्किल्स की पहचान करने और स्किल गैप एनालिसिस के आधार पर ही नवीन परियोजनाओं के मूल्यांकन के लिए नई टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने योजना की सफलता की कहानियों को बुकलेट, फ्लेक्स और फिल्मों के माध्यम से व्यापक रूप से प्रचारित करने को कहा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने एमपीएसईडीसी के माध्यम से फंड फ्लो की डिजिटल मॉनिटरिंग के लिए बनाए जा रहे पोर्टल का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा करते हुए मंत्री पटेल ने कहा कि पुराने तालाबों के जीर्णोद्धार के लिए त्वरित कार्य करें। 5 हेक्टेयर से ऊपर के तालाबों की सूची तैयार करें और आवश्यकता के आधार पर अधूरे कार्यों को पूरा करें। 1 जुलाई से विकसित भारत – जी-राम-जी के तहत सभी निर्माण कार्य होने हैं इसलिए पूर्व से कार्य योजना तैयार रखें।इसमें विस्थापन के कारण शिफ्ट हुए परिवारों का विशेष ध्यान रखें और उन्हें इस योजना का लाभ मिले यह सुनिश्चित किया जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

स्वास्थ्य सुविधाओं में देरी नहीं चलेगी: उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

निर्माण कार्य पूर्ण होते ही शीघ्र प्रारंभ हों स्वास्थ्य सेवाएं : उप मुख्यमंत्री शुक्ल स्वास्थ्य अधोसंरचना परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत संचालित स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं में पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति की आवश्यकता है, उनके प्रस्ताव शीघ्र सक्षम स्तर पर भेजे जाएं। साथ ही जिन संस्थानों में निर्माण कार्य पूर्णता के निकट हैं, वहां मैनपावर, आवश्यक उपकरण एवं फर्नीचर की उपलब्धता प्राथमिकता से सुनिश्चित की जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं शीघ्र प्रारंभ की जा सकें। स्वास्थ्य अधोसंरचना कार्यों में निरंतर प्रगति बैठक में बताया गया कि 1 अप्रैल 2025 की स्थिति में विभिन्न योजनाओं अंतर्गत कुल 2841 कार्य स्वीकृत हैं, जिनमें से वर्ष 2025-26 में 1553 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं तथा 1178 कार्य वर्तमान में प्रगतिरत हैं। इसके अतिरिक्त 61 कार्य निविदा स्तर पर हैं। विभिन्न योजनाओं के तहत लगभग 2267 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है, जिसके विरुद्ध लगभग 1315 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सभी कार्यों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण करने तथा लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। निर्माण एजेंसी के कार्यों पर विशेष जोर कुल 1282 स्वीकृत कार्य में से 1177 कार्य प्रगतिरत हैं, 81 कार्य निविदा स्तर पर हैं। इन परियोजनाओं हेतु लगभग 1372 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है, जिसके विरुद्ध अब तक लगभग 546 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक लगभग 34 करोड़ रुपये का व्यय हुआ है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 15वें वित्त आयोग अंतर्गत कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति 15वें वित्त आयोग अंतर्गत स्वास्थ्य अधोसंरचना परियोजनाओं के तहत कुल 1940 इकाइयों हेतु लगभग 1361 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। इसके विरुद्ध लगभग 1150 करोड़ रुपये के अनुबंध संपादित किए जा चुके हैं और अब तक लगभग 877 करोड़ रुपये व्यय किए गए हैं। कुल वित्तीय प्रगति 76 प्रतिशत दर्ज की गई है। भवनविहीन उप स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। कुल 963 कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि 945 कार्य प्रगतिरत हैं। इसके अतिरिक्त 23 कार्य निविदा स्तर पर हैं। पीएम-अभिम योजना में 86 प्रतिशत से अधिक वित्तीय प्रगति पीएम-अभिम योजना अंतर्गत कुल 72 इकाइयों हेतु लगभग 76 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है, जिसके विरुद्ध लगभग 63 करोड़ रुपये के अनुबंध संपादित किए जा चुके हैं। अब तक लगभग 54 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं तथा कुल वित्तीय प्रगति 86 प्रतिशत दर्ज की गई है। इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लेबोरेट्री (IPHL) परियोजनाओं के अंतर्गत 51 इकाइयों में से 33 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 18 कार्य प्रगतिरत हैं। वहीं ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट्स अंतर्गत 23 इकाइयों में से 1 कार्य पूर्ण एवं 22 कार्य प्रगतिरत हैं। बैठक में अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अशोक बर्णवाल, आयुक्त धनराजू एस, एमडी एमपीपीएचसीएल मयंक अग्रवाल सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित थे।  

मध्य प्रदेश तंदूर बना! रिकॉर्ड तापमान से लोग बेहाल, इन जिलों में भीषण गर्मी की चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश में मई के तीसरे सप्ताह में आग बरसने लगी है. सोमवार को पूरा प्रदेश तप गया. यहां कई जिलों में पारा 46°C से ऊपर पहुंच गया. वहीं मंगलावर को भी मौसम बेहद गर्म रहने वाला है, जिससे स्थिति और बिगड़ने वाली है. सोमवार को खजुराहो सबसे गर्म रहा. यहां टेम्परेचर रिकॉर्ड दर्ज किया गया. वहीं आज मध्य प्रदेश के 30 जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है।  47 डिग्री के करीब पहुंचा पारा सोमवार को छतरपुर के खजुराहो में पारा 46.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जबकि नौगांव में 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. राजगढ़ में पारा 45.5 डिग्री सेल्सियस, रतलाम में तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस, खंडवा में 45.1 डिग्री सेल्सियस, शाजापुर, श्योपुर-मुरैना में 45 डिग्री सेल्सियस, दमोह-सतना में तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस, सागर में पारा 44.7 डिग्री सेल्सियस, गुना-रीवा में 44.5 डिग्री, रायसेन में 44.4 डिग्री, खरगोन में 44.2 डिग्री, धार में 44.1 डिग्री, टीकमगढ़ और मंडला में पारा 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।  वहीं राजधानी भोपाल में तापमान 44 डिग्री रिकॉर्ड किया गया. वहीं इंदौर में 44.3 डिग्री, ग्वालियर में 43.7 डिग्री, उज्जैन में 44 डिग्री और जबलपुर में तापमान 44.2 डिग्री सेल्सियस पारा रहा।  30 जिलों में लू का अलर्ट इस बीच मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के पांच जिलों में तीव्र लू की चेतावनी जारी की है, जबकि 30 जिलों में लू चलने का अलर्ट है. IMD के अनुसार, आज छतरपुर, दतिया, भिंड, टीकमगढ़ और निवाड़ी में तीव्र लू चलने की चेतावनी जारी की है. तो वहीं राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर समेत 30 से अधिक जिलों में लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है. जबकि 20 जिलों में तेज गर्मी का अलर्ट जारी किया गया है।  इन जिलों में हीट वेव का अलर्ट भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, नीमच, राजगढ़, शाजापुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, खंडवा, देवास, सीहोर, विदिशा, दमोह, पन्ना, गुना, अशोकनगर, रायसेन, नरसिंहपुर, सागर, शिवपुरी, श्योपुर और मुरैना में भी हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा जबलपुर, झाबुआ, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, आलीराजपुर, हरदा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, अनूपपुर, शहडोल, मंडला, डिंडौरी, उमरिया, कटनी, मैहर, रीवा, मऊगंज, सतना, सीधी और सिंगरौली में भीषण गर्मी का असर देखने को मिलेगा।  इन जिलों में लू का अलर्ट जारी मौसम विभाग के अनुसार, आज सोमवार को सूबे के ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सागर, जबलपुर, दमोह, छतरपुर, सतना, रीवा, रतलाम, मंदसौर, नीमच, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर समेत कई जिलों में लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि, संबंधित क्षेत्रों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से लेकर 44 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना जताई है। बड़े शहरों में तेज गर्मी बताया ये भी जा रहा है कि, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में भी भीषण गर्मी का असर देखने को मिल रहा है। हालांकि कुछ जिलों में लू का अलर्ट नहीं है, लेकिन वहां भी तेज धूप और गर्म हवाओं से लोग परेशान हैं। 16 शहरों में 43 डिग्री से ऊपर तापमान  प्रदेश के 16 शहरों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। राजगढ़ के बाद रतलाम में 44.8 डिग्री, खंडवा में 44.5 डिग्री, नौगांव और खजुराहो में 44.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। वहीं भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में भी तापमान 42 से 43 डिग्री के बीच बना रहा।मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और अधिक सतर्क रहने की सलाह दी है क्योंकि गर्मी का असर अभी कम होने की संभावना नहीं है।

भोजशाला में आज जश्न का माहौल, ऐतिहासिक निर्णय के बाद श्रद्धालु दीपक और आतिशबाजी से मनाएंगे उत्सव

धार  मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर MP हाईकोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद भगवामय हो गया है. 15 मई 2026 को आए फैसले में हाई कोर्ट ने आधिकारिक तौर पर भोजशाला को एक हिंदू मंदिर घोषित किया है, जिसके बाद से रोजाना नियमित रूप से श्रद्धालु भोजशाला पहुंच रहे हैं. चूंकि आज फैसले के बाद पहला मंगलवार है तो भोजशाला परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं, जिसके लिए प्रशासन ने सुरक्षा-व्यवस्था मजबूत की है।  ऐतिहासकि फैसले में हाई कोर्ट ने भोजशाला परिसर को एक हिंदू मंदिर करार दिया गौरतलब है मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने 15 मई, 2026 को सुनाए अपने ऐतिहासकि फैसले में भोजशाला परिसर को एक हिंदू मंदिर करार दिया था. हाई कोर्ट ने अपने 242 पन्नों के फैसले में साल 2003 के उस प्रशासनिक आदेश को पूरी तरह रद्द कर दिया, जिसके तहत शुक्रवार को मुस्लिमों को नमाज और मंगलवार को हिंदुओं को पूजा की सीमित अनुमति थी।  हाई कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में ASI की सर्वे रिपोर्ट को मुख्य आधार बनाया हाई कोर्ट ने मंदिर के पक्ष में सुनाए अपने ऐतिहासिक फैसले में ASI की सर्वे रिपोर्ट को मुख्य आधार बनाया. हाई कोर्ट का फैसला ASI की 98 दिनों के वैज्ञानिक और पुरातात्विक सर्वे पर आधारित है, जिसमें आधार पर कोर्ट ने भोजशाला परिसर को मंदिर करार दिया. कोर्ट ने माना कि ऐतिहासिक साक्ष्यों और एएसआई की वैज्ञानिक रिपोर्ट से यह सिद्ध होता है कि इस स्थान का धार्मिक चरित्र मां सरस्वती का मंदिर ही है।  11वीं शताब्दी में परमार राजवंश के प्रतापी राजा भोज ने की जशाला परिसर स्थापना उल्लेखनीय है ऐतिसाहसिक तथ्यों के मुताबिक 11वीं शताब्दी में परमार राजवंश के प्रतापी राजा भोज ने भोजशाला परिसर स्थापना की थी. मूल रूप से संस्कृत अध्ययन का एक प्रतिष्ठित केंद्र और विद्या की देवी मां सरस्वती (वाग्देवी) को समर्पित एक भव्य भोजशाला मंदिर है. साल 1875 में खुदाई के दौरान यहां से मां वाग्देवी की एक अत्यंत सुंदर ऐतिहासिक प्रतिमा मिली थी, जिसे तत्कालीन ब्रिटिश अधिकारी अपने साथ इंग्लैंड ले गए थे।