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एमपी पुलिस ट्रेनिंग में ‘दक्षिणामूर्ति स्तोत्र’ का पाठ, नए आदेश से हुआ सियासी विवाद

भोपाल  मध्य प्रदेश के पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों में अब दिन की शुरुआत 'श्री दक्षिणामूर्ति स्तोत्र' के पाठ से की जाएगी। पुलिस प्रशिक्षण विंग के इस नए आदेश के बाद प्रदेशभर में एक नय सियासी बवाल खड़ा हो गया है। विपक्ष ने इसे सरकारी संस्थानों की निष्पक्षता से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं, जबकि सत्तारूढ़ भाजपा इसे भारतीय सांस्कृतिक और परंपरा का हिस्सा बताकर आदेश का बचाव कर रही है। आपको बता दें कि, पुलिस प्रशिक्षण विंग के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राजा बाबू सिंह ने प्रदेश के सभी पुलिस प्रशिक्षण स्कूलों (PTS) को निर्देश जारी किया है, जिसमें हर रोज के प्रशिक्षण की शुरुआत से पहले परिसर में लगे लाउडस्पीकर पर 'श्री दक्षिणामूर्ति स्तोत्र' बजाने साथ ही, उसका पाठ करने के आदेश दिए हैं। ताकि प्रशिक्षक और भर्ती दोनों इसे सुन सकें। एडीजी ने बताया आदेश का कारण एडीजी ने कहा कि दक्षिणामूर्ति को ज्ञान और विवेक का प्रतीक माना जाता है। उनके मुताबिक, एक पुलिस अधिकारी के लिए सिर्फ जानकारी होना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे विवेक, संवेदनशीलता और सहानुभूति भी होनी चाहिए। उनका मानना है कि, स्तोत्र के जरिए प्रशिक्षुओं में नैतिक स्पष्टता और जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी। पहले भी दिया जा चुका ऐसा ही निर्देश ये पहली बार नहीं, जब पुलिस प्रशिक्षण में धार्मिक या दार्शनिक ग्रंथों को शामिल किया गया है। पिछले साल भी विभाग ने 8 पुलिस प्रशिक्षण स्कूलों में रात के ध्यान सत्र से पहले भागवद गीता का एक अध्याय पढ़ने का सुझाव दिया था। इससे पहले प्रशिक्षुओं को राम चरितमानस के दोहे पढ़ने के लिए भी कहा गया था। अधिकारियों का कहना था कि इससे करीब 4 हजार प्रशिक्षुओं में अनुशासन और नैतिक सोच को बढ़ावा मिलेगा। कांग्रेस ने उठाए सवाल नए आदेश के बाद कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। पार्टी के प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि कानून व्यवस्था संभालने वाली संस्थाओं को पूरी तरह तटस्थ होना चाहिए और किसी एक आस्था से जुड़ी परंपरा को बढ़ावा देना ठीक नहीं है। भाजपा ने किया पलटवार वहीं, दूसरी तरफ भाजपा एडीजी की इस पहल के बचाव में नजर आई। पार्टी के प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा कि गीता या दक्षिणामूर्ति स्तोत्र जैसे ग्रंथ सांप्रदायिक नहीं बल्कि ज्ञान, अनुशासन और कर्तव्य की शिक्षाएं देते हैं। उनके मुताबिक, इन्हें सांप्रदायिक बताना भारत की सभ्यतागत परंपरा को न समझने जैसा है। अधिकारियों का तर्क पुलिस विभाग के कुछ अधिकारियों का कहना है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में पहले से ही योग, ध्यान और मानसिक अनुशासन शामिल हैं और यह पहल उसी का हिस्सा है। उनका दावा है कि, इसका उद्देश्य धार्मिक अभ्यास लागू करना नहीं, बल्कि नैतिक सोच और संवेदनशीलता को मजबूत करना है। हालांकि, इस निर्देश के बाद एक बार फिर मध्य प्रदेश की पुलिस ट्रेनिंग व्यवस्था सियासी बहस के केंद्र में आ गई है, जहां सांस्कृतिक परंपरा और संस्थागत तटस्थता को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है।

महाकाल के दर्शन के लिए पहुंची उल्का गुप्ता, किंजल दवे समेत कई सितारे, केरला स्टोरी-2 एक्ट्रेस भी मौजूद

उज्जैन  बुधवार सुबह प्रसिद्ध टीवी और फिल्म अभिनेत्री उल्का गुप्ता, गुजराती सिंगर किंजल दवे, साउथ फिल्म एक्ट्रेस मोनल गज्जर और पूर्व क्रिकेटर सुनील जोशी महाकाल मंदिर पहुंचे। सभी ने तड़के भस्म आरती में शामिल होकर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया। सभी श्रद्धालु सुबह करीब 4 बजे मंदिर पहुंचे और नंदी हॉल में बैठकर करीब 2 घंटे तक भस्म आरती में शामिल रहे। इस दौरान वे भगवान महाकाल का जाप करते नजर आए। नंदी जी का पूजन कर कान में अपनी मनोकामना भी कही। आरती के बाद सभी ने भगवान महाकाल के दर्शन कर जल अर्पित किया और मंदिर समिति की ओर से उनका सम्मान भी किया गया। “शब्दों में बयां नहीं कर सकती अनुभव” उल्का गुप्ता ने कहा कि महाकाल के दर्शन कर वह खुद को धन्य महसूस कर रही हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर के अंदर का माहौल इतना दिव्य था कि दो घंटे कैसे बीत गए, पता ही नहीं चला। उन्होंने कहा कि शिवलिंग का श्रृंगार और जल अर्पण को इतने करीब से देखना अद्भुत अनुभव रहा। भस्म आरती के दौरान का माहौल, गूंजते मंत्र और तालियों की आवाज ने उन्हें रोमांचित कर दिया। उनके अनुसार, हर शिव भक्त को जीवन में एक बार इस अनुभव को जरूर करना चाहिए।

मध्य प्रदेश में 3 चक्रवात सक्रिय, 7 जिलों में बारिश, 11 जिलों में अलर्ट; ओले पड़ने की आशंका

भोपाल मध्य प्रदेश के आसमान पर इस समय तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन मंडरा रहे हैं, जिसके प्रभाव से अप्रैल के महीने में मानसून जैसा नजारा दिख रहा है. बुधवार को भोपाल, उज्जैन और रायसेन समेत 7 जिलों में झमाझम बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में ओले गिर सकते हैं।  ओलावृष्टि और आंधी का 'डबल अटैक' मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर और टीकमगढ़ में ओले गिरने का प्रबल अनुमान है. इसके अलावा, ग्वालियर-चंबल संभाग और विंध्य क्षेत्र के 18 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।  IMD (मौसम केंद्र), भोपाल ने ग्वालियर, भिंड, मुरैना, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर समेत 18 जिलों में बारिश होने का अलर्ट है, वहीं दतिया, निवाड़ी, छतरपुर और टीकमगढ़ में ओले गिरने का अनुमान जताया है। इससे पहले मंगलवार को भिंड, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, गुना, अशोक नगर, टीकमगढ़, सतना के चित्रकूट और रीवा में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहा। कहीं, तेज आंधी चली तो कहीं बारिश का दौर जारी रहा। शिवपुरी, दतिया, धार, पीथमपुर और झाबुआ में तेज बारिश हुई। वहीं रतलाम में धूल भरी हवाएं चलीं। हवा की रफ्तार: प्रदेश के कुछ हिस्सों में आंधी की रफ्तार 40 से 60 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है।  नया सिस्टम: 11 अप्रैल को एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है, जिससे अप्रैल के दूसरे सप्ताह में भी गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं।  11 अप्रैल को नया सिस्टम मौसम विभाग की मानें तो 11 अप्रैल को उत्तर-पश्चिमी हिस्से में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव होगा, जिसका असर प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। तेज आंधी भी चलेगी मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में तेज आंधी भी चलेगी। कुछ जिलों में इसकी अधिकतम रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रहेगी। बाकी में 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलेगी। मौसम का मिजाज दोपहर बाद ही बदलेगा। भोपाल में 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ साल से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है। 20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था। 17-18 अप्रैल को तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस रहा था। भीषण गर्मी का इतिहास और वर्तमान मध्य प्रदेश में अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा आमतौर पर झुलसाने वाली गर्मी के लिए जाना जाता है।  ग्वालियर में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है. भोपाल का रिकॉर्ड 29 अप्रैल 1996 को 44.4 डिग्री रहा था. हालांकि, पिछले कुछ वर्षों से 'क्लाइमेट चेंज' के कारण अप्रैल में बारिश का ट्रेंड बढ़ा है. साल 2013 और 2023 में भी अप्रैल के दौरान भारी बारिश दर्ज की गई थी।  इन जिलों में बारिश का अलर्ट: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, इटारसी और शिवपुरी। 

नारायण साईं का तलाक और 2 करोड़ की एलिमनी: 18 साल बाद खुली असलियत

इंदौर  मध्यप्रदेश के इंदौर में फैमिली कोर्ट ने नारायण साईं और उनकी पत्नी जानकी के बीच लंबे समय से चल रहे वैवाहिक विवाद में तलाक को मंजूरी दे दी है।कोर्ट ने नारायण साईं को पत्नी को 2 करोड़ रुपए स्थायी भरण-पोषण (एलुमनी) देने का आदेश दिया है। यह मामला करीब आठ साल तक कोर्ट में चला। कोर्ट ने 2 अप्रैल को फैसला सुरक्षित रखने के बाद आदेश पारित किया था, जिसकी जानकारी मंगलवार को पीड़िता के वकील अनुराग गोयल ने दी। बता दें कि नारायण सांई अभी दुष्कर्म के एक मामले में सूरत जेल में बंद है। 24 मार्च को ही उसे इंदौर की फैमिली कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था। 2008 में शादी, 2013 से अलग रह रहे थे याचिका के मुताबिक, जानकी और नारायण साईं की शादी 2008 में हुई थी, लेकिन 2013 से दोनों अलग रह रहे हैं। पत्नी ने पति पर परित्याग का आरोप लगाया और कहा कि लंबे समय से उनके बीच वैवाहिक संबंध नहीं हैं। 5 करोड़ मांगे, कोर्ट ने 2 करोड़ तय किए याचिका में नारायण साईं पर अन्य महिलाओं से संबंध होने के आरोप लगाए गए। साथ ही सूरत की अदालत में दुष्कर्म मामले में सुनाई गई सजा का भी उल्लेख किया गया। पत्नी ने 5 करोड़ रुपए एलुमनी की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 2 करोड़ रुपए देने का आदेश दिया। 50 लाख भरण-पोषण बकाया धारा 125 सीआरपीसी के तहत पहले 50 हजार रुपए प्रतिमाह भरण-पोषण तय किया गया था, लेकिन यह नियमित रूप से नहीं दिया गया। वकील के मुताबिक, करीब 50 लाख रुपए बकाया हैं, जिसकी वसूली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हाई कोर्ट में चुनौती की संभावना जानकारी के अनुसार, इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। संपत्ति के सत्यापन को लेकर इंदौर कलेक्टर को निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक पूरी जानकारी कोर्ट में पेश नहीं हो सकी है। करीब आठ साल तक चली इस कानूनी लड़ाई के बाद 2 अप्रैल 2026 को फैमिली कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया. अदालत ने न सिर्फ दोनों के बीच तलाक को मंजूरी दी, बल्कि यह भी आदेश दिया कि नारायण साईं तीन महीने के भीतर जानकी को 2 करोड़ रुपये बतौर स्थायी गुजारा भत्ता (परमानेंट एलिमनी) दे।  कोर्ट ने पिछले आठ वर्षों तक मेंटेनेंस न दिए जाने को भी गंभीरता से लिया. सुनवाई के दौरान मार्च 2026 में नारायण साईं को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया और बयान दर्ज किया गया. इसके बाद अदालत ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अंतिम फैसला सुनाया. 2008 में शुरू हुआ यह रिश्ता अब 2026 में कानूनी तौर पर खत्म हो चुका है।  यौन शोषण केस में आजीवन कारावास नारायण साईं को सूरत की दो बहनों के साथ रेप के मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई थी। साल 2013 में सूरत की दो बहनों ने केस दर्ज कराया था। छोटी बहन ने नारायण साईं के खिलाफ यौन शोषण का मामला दर्ज कराया था, जबकि बड़ी बहन ने उसके पिता आसाराम के खिलाफ शिकायत की थी। छोटी बहन के आरोप के अनुसार, नारायण साईं ने 2002 से 2005 के बीच उसके साथ कई बार रेप किया था। पीड़िता आसाराम के आश्रम की 'सेविका' थी। उसने सूरत के जहांगीरपुरा आश्रम, गांभोई आश्रम, पटना आश्रम, काठमांडू आश्रम और मध्य प्रदेश के मेघनगर आश्रम ले जाकर रेप करने का आरोप लगाया था।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री की ऑस्ट्रेलिया यात्रा, संसद में भारतीय संस्कृति और विश्व शांति पर देंगे संबोधन

कैनबरा बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र शास्त्री 8 अप्रैल को ऑस्ट्रेलिया के आठ दिवसीय दौरे पर रवाना हो रहे हैं. 8 से 15 अप्रैल तक चलने वाले इस दौरे में वे ऑस्ट्रेलिया के अलग-अलग शहरों में धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. इस बार उनका यह दौरा खास इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि वे अंतरराष्ट्रीय मंचों से सनातन धर्म का संदेश देने वाले हैं।  इस दौरे का सबसे अहम पड़ाव ऑस्ट्रेलियाई संसद में उनका संबोधन रहेगा. करीब दो घंटे के इस कार्यक्रम में वे सांसदों और अन्य अतिथियों को “अहिंसा परमो धर्म:” का महत्व समझाएंगे. आयोजकों के मुताबिक, यह पहला मौका होगा जब वे ऑस्ट्रेलिया की संसद में इस तरह से अपना विचार रखेंगे, जिसे एक बड़े वैश्विक मंच के रूप में देखा जा रहा है।  कैनबरा में आज संसद हॉल में होगा सत्संग ऑस्ट्रेलिया की संसद (पार्लियामेंट ऑफ ऑस्ट्रेलिया) में सत्संग करेंगे संबोधन भी करेंगे। यह संबोधन दोपहर 1:30 बजे होगा। राजधानी कैनबरा में आज बागेश्वर धाम सरकार पहली बार संसद हॉल में सत्संग करने जा रहे हैं। उनका यह खास सेशन कैनबरा में रहने भक्तों ने आयोजित किया है। संसद के इस हॉल में आयोजित होने वाला यह प्रवचन कार्यक्रम विश्व शांति, विश्व बंधुत्व और भारतीय आध्यात्म के नाम पर केंद्रित होगा। इस आयोजन में ऑस्ट्रेलियाई संसद से जुड़े प्रतिनिधि और अनेक इंडो ऑस्ट्रेलियाई अतिथि शामिल होंगे। सिडनी में 13 अप्रैल को करेंगे हनुमान कथा बागेश्वर धाम सरकार की ऑस्ट्रेलिया यात्रा का सबसे ऐतिहासिक आयोजन सिडनी में होगा। पंडित शास्त्री यहां 13 अप्रैल को पहुंचेंगे। इसी दिन सिडनी के हार्बर बीच पर एक समुद्री जहाज में भारतीय भक्तों की ओर से भजन क्लबिंग का आयोजन किया गया है। इस भजन क्लबिंग में धीरेंद्र शास्त्री भी शामिल होंगे। 14 अप्रैल को साउथ पार्लियामेंट में सत्र को करेंगे संबोधित बागेश्वर धाम सरकार 14 अप्रैल को सिडनी में स्थित साउथ पार्लियामेंट में आयोजित किए गए एक विशेष सत्र को भी संबोधित करेंगे। यहां ऑस्ट्रेलियाई राज्य व्यवस्था से जुड़े राजनेता और अनेक मतों से जुड़े धर्म एवं आध्यात्मिक हस्तियों के बीच उनका संबोधन और वैचारिक आदान प्रदान होगा। यहां बागेश्वर धाम सरकार विश्व के हालातों और वर्तमान चुनौतियों से दुनिया को बचाने के लिए भारतीय संस्कृति के अमूल्य सूत्रों पर चर्चा करेंगे। कार्यक्रम में शामिल होंगे कई गणमान्य लोग इस आयोजन में ऑस्ट्रेलियाई संसद से जुड़े प्रतिनिधि, इंडो-ऑस्ट्रेलियाई समाज के गणमान्य अतिथि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। यह आयोजन केवल प्रवचन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संस्कृतियों के संगम और आध्यात्मिक संवाद का एक अनूठा उदाहरण बनेगा। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की यह पूरी यात्रा केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों को विश्वभर में स्थापित करने का एक सशक्त प्रयास है। इस अभियान के जरिए दिए जा रहे संदेश मानवता को जोड़ने और विश्व में शांति स्थापित करने की दिशा में नई प्रेरणा दे रहे हैं। सिडनी में 3 दिन का विशेष कार्यक्रम ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े और प्रमुख शहर सिडनी में उनका तीन दिन का विशेष कार्यक्रम तय किया गया है. यहां होने वाले आयोजनों में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोगों के साथ-साथ ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की भी भागीदारी रहेगी. कार्यक्रमों को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।  क्रूज पर होगी कथा दौरे की एक और खास बात यह है कि सिडनी ओपेरा हाउस में किसी भारतीय आध्यात्मिक गुरु का यह पहला कार्यक्रम होगा. इसके अलावा एक क्रूज पर कथा का आयोजन किया जाएगा, जहां वे श्रद्धालुओं को संबोधित करेंगे और उसी दौरान ऑस्ट्रेलियाई मीडिया से बातचीत भी करेंगे।  जयपुर के मूल निवासी करवा रहे कथा का आयोजन सिडनी के इन सभी कार्यक्रमों का आयोजन जयपुर के मूल निवासी और ऑस्ट्रेलिया में व्यवसाय कर रहे एनआरआई प्रवीण शर्मा द्वारा किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इस बार के कार्यक्रमों को लेकर सिर्फ भारतीय समुदाय ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों में भी काफी उत्साह है. एक दर्जन से ज्यादा देशों से श्रद्धालु और अनुयायी इन आयोजनों में शामिल होने के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंच रहे हैं।  राजस्थान के 21 लोगों सहित भारत से 100 से ज्यादा लोग इस धार्मिक यात्रा का हिस्सा बनेंगे।  ऑस्ट्रेलिया की संसद में देंगे संदेश आचार्य धीरेंद्र शास्त्री के ऑस्ट्रेलिया टूर की यजमान टीम की सदस्य रितिका शर्मा और मोना शर्मा के मुताबिक धीरेंद्र शास्त्री का यह तीसरा ऑस्ट्रेलिया दौरा है. इस दौरान वह ऑस्ट्रेलिया की संसद और ओपेरा हाउस से दुनिया भर को अहिंसा और शांति का संदेश दे सकते हैं।  टीम के सदस्य पहले ही पहुंच चुके ऑस्ट्रेलिया एनआरआई प्रवीण शर्मा के मुताबिक धीरेंद्र शास्त्री की टीम के तमाम सदस्य कई दिनों पहले ही ऑस्ट्रेलिया पहुंच चुके हैं. वहां की संसद में पहली बार उनका संबोधन होगा. इस मौके पर विभिन्न पंथों के कई दूसरे धर्मगुरु भी मौजूद रहेंगे. उनके कार्यक्रमों को लेकर सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 

नई रेल लाइन का 800 मीटर ट्रैक तैयार, जुलाई से शुरू होगी सेवा, कई गांवों को मिलेगी कनेक्टिविटी

इंदौर  इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत बहुप्रतीक्षित टीही टनल का काम अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर और धार विधायक नीना वर्मा ने निर्माणाधीन टनल में करीब 70 फीट नीचे उतरकर कार्यों का जायजा लिया। दोनों जनप्रतिनिधियों ने सुरंग के भीतर पहुंचकर निर्माण की गुणवत्ता और प्रगति का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश देते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग है, जिसे तय समयसीमा में पूरा करना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न करने पर विशेष जोर दिया। अधिकारियों ने दावा किया है कि आगामी जून-जुलाई तक टनल का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही इंदौर से धार के बीच सीधा रेल संचालन शुरू होने की संभावना है। हाल ही में पीथमपुर से धार के बीच टॉवर वैगन इंजन के माध्यम से सफल परीक्षण भी किया जा चुका है। टनल में युद्धस्तर पर चल रहा काम रेलवे अधिकारियों के अनुसार करीब 3 किमी लंबी टीही टनल में तेजी से कार्य जारी है। अब तक लगभग 800 मीटर हिस्से में ट्रैक और पटरी बिछाने का काम पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य भी तेज गति से प्रगति पर है। फिनिशिंग और अन्य तकनीकी कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बुनियादी ढांचे को मिल रही मजबूती केंद्र सरकार की पहल पर क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। टीही टनल और इंदौर-दाहोद रेल परियोजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है जो आने वाले समय में पूरे मालवा-निमाड़ क्षेत्र के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। कनेक्टिविटी से विकास को रफ्तार राज्यमंत्री ठाकुर ने कहा कि इंदौर-धार रेल लाइन शुरू होने से क्षेत्र में आवागमन आसान होगा और व्यापार-उद्योग को नई गति मिलेगी। यह परियोजना न केवल यात्रियों के लिए राहत लेकर आएगी, बल्कि रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर भी खोलेगी। परियोजना की मुख्य विशेषताएं लंबाई और मार्ग: कुल लंबाई 204.76 किमी (183 किमी मप्र में, 22 किमी गुजरात में)। मार्ग: इंदौर-टीही-पीथमपुर-सागौर- गुणावद-धार-दाहोद। वर्तमान स्थिति : इंदौर-टीही (21 किमी) तक काम पूरा हो चुका है। टीही-धार के बीच 2.9 किमी लंबी सुरंग का काम पूरा हो चुका है, ट्रैक बिछाने की प्रक्रिया में है। रेलवे स्टेशन (धार) निर्माण अंतिम चरण में है। तकनीकी प्रगति: सागौर-धार खंड में ट्रैक बिछाने के लिए मशीन का उपयोग किया जा रहा है। फायदे: इस लाइन के शुरू होने से इंदौर और मुंबई के बीच की दूरी लगभग 55 किमी. कम हो जाएगी।

बारूद की गंध की जगह अपने भविष्य विकास गढने लगे हैं

रायपुर बारूद की गंध की जगह अपने भविष्य विकास गढने लगे हैं छत्तीसगढ़ शासन की नक्सली पुनर्वास नीति केवल शस्त्र छोड़ने का अभियान नहीं, बल्कि भटकते युवाओं के जीवन में नई रोशनी लाने का माध्यम बन गई है। जहां कभी बारूद की गंध थी, वहां अब विकास की सड़कें पहुंच रही हैं। भय और आतंक को छोड़कर हुनर अपना रहे ये युवा आज छत्तीसगढ़ के बदलते स्वरूप के प्रतीक बन गए हैं।           राज्य शासन की नीति का मुख्य केंद्र केवल आत्मसमर्पण तक सीमित न रहकर, युवाओं को आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्यधारा में मजबूती से स्थापित करना है। इसी कड़ी में दंतेवाड़ा जिला प्रशासन द्वारा लिवलीहुड कॉलेज में आत्मसमर्पित युवक-युवतियों के लिए स्वरोजगार आधारित विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। विनाश से विकास तक का सफर इस परिवर्तन की एक जीती-जागती मिसाल हैं 27 वर्षीय विनोद कुरसम। बीजापुर जिले के सुदूर बीहड़ गांव कोकेरा के रहने वाले विनोद का बचपन अभावों और भय के साये में बीता। शिक्षा की कमी विनोद केवल पांचवीं तक पढ़ सके, क्योंकि उनके गांव के स्कूल को माओवादियों ने बारूद से उड़ा दिया था। बुनियादी सुविधाओं (सड़क, बिजली, शिक्षा) से कटे कोकेरा गांव में 15-16 साल पहले नक्सलियों ने पैर पसारे। विनोद को कम उम्र में ही बाल संगठन में झोंक दिया गया और बाद में वे चौरपल्ली आरपीसी जनताना सरकार के कमांडर बना दिए गए। परिवर्तन का संकल्प विनोद स्वीकार करते हैं कि असामाजिक गतिविधियों में उनके जीवन के कीमती 16 वर्ष व्यर्थ ही व्यतीत हो गए। लेकिन शासन की विकास योजनाओं और पुनर्वास नीति ने उनकी सोच बदल दी। 15 जनवरी 2026 को विनोद ने अपने 30 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर नई शुरुआत का फैसला किया।जब जागो तब सवेरा। विनोद कुरसम ने कहा कि मैं अपने बच्चों को वह जीवन नहीं देना चाहता जो मैंने जिया। मैं उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाना चाहता हूँ।  आत्मनिर्भरता की नई उड़ान           आज विनोद दंतेवाड़ा के लिवलीहुड कॉलेज में इलेक्ट्रीशियन का ट्रेड सीख रहे हैं। उनके चेहरे की मुस्कान उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाती है। उनके परिवार में माता-पिता, पत्नी और तीन बेटे (बबलू, कांत और निलेष) हैं। उनका बड़ा बेटा वर्तमान में बालक आश्रम बरदेली में कक्षा 7 वीं का छात्र है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद विनोद अपने गांव के पास ही बिजली के उपकरणों की मरम्मत का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। विनोद की कहानी शासन की नीतियों की एक असाधारण सफलता है।

800 मीटर का ट्रैक तैयार, जुलाई से नई रेल लाइन का संचालन, कई गांवों को मिलेगा कनेक्टिविटी

इंदौर  इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत बहुप्रतीक्षित टीही टनल का काम अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर और धार विधायक नीना वर्मा ने निर्माणाधीन टनल में करीब 70 फीट नीचे उतरकर कार्यों का जायजा लिया। दोनों जनप्रतिनिधियों ने सुरंग के भीतर पहुंचकर निर्माण की गुणवत्ता और प्रगति का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश देते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग है, जिसे तय समयसीमा में पूरा करना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न करने पर विशेष जोर दिया। अधिकारियों ने दावा किया है कि आगामी जून-जुलाई तक टनल का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही इंदौर से धार के बीच सीधा रेल संचालन शुरू होने की संभावना है। हाल ही में पीथमपुर से धार के बीच टॉवर वैगन इंजन के माध्यम से सफल परीक्षण भी किया जा चुका है। टनल में युद्धस्तर पर चल रहा काम रेलवे अधिकारियों के अनुसार करीब 3 किमी लंबी टीही टनल में तेजी से कार्य जारी है। अब तक लगभग 800 मीटर हिस्से में ट्रैक और पटरी बिछाने का काम पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य भी तेज गति से प्रगति पर है। फिनिशिंग और अन्य तकनीकी कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बुनियादी ढांचे को मिल रही मजबूती केंद्र सरकार की पहल पर क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। टीही टनल और इंदौर-दाहोद रेल परियोजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है जो आने वाले समय में पूरे मालवा-निमाड़ क्षेत्र के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। कनेक्टिविटी से विकास को रफ्तार राज्यमंत्री ठाकुर ने कहा कि इंदौर-धार रेल लाइन शुरू होने से क्षेत्र में आवागमन आसान होगा और व्यापार-उद्योग को नई गति मिलेगी। यह परियोजना न केवल यात्रियों के लिए राहत लेकर आएगी, बल्कि रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर भी खोलेगी। परियोजना की मुख्य विशेषताएं लंबाई और मार्ग: कुल लंबाई 204.76 किमी (183 किमी मप्र में, 22 किमी गुजरात में)। मार्ग: इंदौर-टीही-पीथमपुर-सागौर- गुणावद-धार-दाहोद। वर्तमान स्थिति : इंदौर-टीही (21 किमी) तक काम पूरा हो चुका है। टीही-धार के बीच 2.9 किमी लंबी सुरंग का काम पूरा हो चुका है, ट्रैक बिछाने की प्रक्रिया में है। रेलवे स्टेशन (धार) निर्माण अंतिम चरण में है। तकनीकी प्रगति: सागौर-धार खंड में ट्रैक बिछाने के लिए मशीन का उपयोग किया जा रहा है। फायदे: इस लाइन के शुरू होने से इंदौर और मुंबई के बीच की दूरी लगभग 55 किमी. कम हो जाएगी।

नई रेल लाइन से प्रदेश में बढ़ेगी 32 एक्स्ट्रा ट्रेनों की संचालन क्षमता

उज्जैन  उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ को देखते हुए रेलवे भी तैयारी कर रहा है। रेलवे इंदौर से उज्जैन के बीच कई सुविधाएं देगा, जिससे सिंहस्थ में ज्यादा से ज्यादा ट्रेनें चलाई जा सकेंगी। नई लाइनों के साथ रेलवे बायपास लाइन भी बनाएगा, जिससे ट्रेनें इंजन बदले बिना मुड़ सकेंगी। इंदौर-उज्जैन के बीच ऑटोमेटिक सिग्नल भी लगेंगे, जिससे ट्रेन यात्रा सुरक्षित हो सकेगी। रेलवे रतलाम मंडल के प्रमुख स्टेशनों इंदौर, डॉ. अंबेडकर नगर (महू), लक्ष्मीबाई नगर और उज्जैन पर कोचिंग एवं टर्मिनल विकास कार्य चल रहे हैं। ये स्टेशन मालवा क्षेत्र के प्रमुख यात्री, धार्मिक और पर्यटन केंद्र है। इंदौर और उज्जैन के आसपास के स्टेशनों को भी संवारा जाएगा। इंदौर-उज्जैन क्षेत्र में 7 नई पिट लाइनें और 16 नई स्टेबलिंग लाइनों की सुविधाएं जुटाई जाएंगी, जिससे प्रतिदिन 21 प्राइमरी मेंटेनेंस और 11 प्लेटफॉर्म रिटर्न ट्रेनों सहित 32 अतिरिक्त ट्रेनों की संचालन क्षमता विकसित होगी। इंदौर स्टेशन: नया बन रहा स्टेशन वर्तमान में इंदौर स्टेशन से प्रतिदिन लगभग 57 जोड़ी ट्रेनें संचालित होती है, जिसमें 41 जोड़ी ओरिजिनेट/टर्मिनेट होती है। यहां 6 प्लेटफॉर्म और 5 पिट लाइनें उपलब्ध 6 है। स्टेशन का पुनर्विकास प्रगति पर है, जो यात्री सुविधा, अतिरिक्त ट्रेनों की दृष्टि से भी उपयोगी साबित होंगे। लक्ष्मीबाई नगर: 7 स्टेबलिंग लाइनें बनेंगी लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन में वर्तमान में 4 स्टेबलिंग लाइन, 3 प्लेटफॉर्म तथा 1 शंटिंग नेक उपलब्ध हैं। यहां दो अतिरिक्त प्लेटफार्म निर्माण का कार्य प्रगति पर हैं। यहां एक कोचिंग मेंटेनेंस डिपो बनाया जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत 259 करोड़ रुपए है। 5 नई पिट लाइनें, 7 स्टेबलिंग लाइनें और सिक कोच लाइनें निर्मित होंगी। इससे प्रतिदिन 15 प्राइमरी मेंटेनेंस ट्रेनों की देखरेख संभव होगी। यह सैटेलाइट टर्मिनल के रूप में विकसित होगा। इसके साथ ही लक्ष्मी बाई नगर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य भी किया जा रहा, जिसके अंतर्गत अत्याधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ नया स्टेशन भवन, नए प्लेटफार्म, कवर शेड, फुट ओवर ब्रिज, लिफ्ट/एस्केलेटर आदि लगाने के कार्य किया जाना है। जल्द ही नई लाइनें भी डाली जाएंगी उज्जैन सिंहस्थ का यात्री दबाव इंदौर पर भी रहेगा। स्टेशन निर्माण के साथ नई लाइनें डाली जाएंगी ताकि नई ट्रेनें भी चलाई जा सके। इस कार्य से आने वाले समय में यात्रियों और नई ट्रेनों के संचालन में काफी फायदा मिल सकेगा। – शंकर लालवानी, सांसद डॉ. अंबेडकर नगर (महू): 2 नई पिट लाइन बनेगी वर्तमान में यहां 4 प्लेटफार्म एवं 3 पिट लाइन उपलब्ध हैं, किंतु प्लेटफार्म की लंबाई, ओएचई एवं प्लेटफार्म कनेक्टिविटी का कार्य प्रगति पर है। इसके बाद यह स्टेशन अधिक गाड़ियों के संचालन के लिए सक्षम हो जाएगा। वर्तमान में इस स्टेशन से 15 जोड़ी नियमित एवं 2 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इस स्टेशन को समेकित कोचिंग डिपो के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसके पहले चरण में 2 नई पिट लाइनों का कार्य जो लगभग 94 करोड़ की लागत से किया जाएगा। इससे 6 ट्रेनों की मेंटेनेंस क्षमता बढ़ेगी। उज्जैन जंक्शन: 9 स्टेबलिंग लाइन बनेगी उज्जैन धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र है, वहां आगामी सिंहस्थ 2028 को देखते हुए 9 नई स्टेबलिंग/होल्डिंग लाइनों की योजना बनाई गई है। इससे लगभग 11 प्लेटफॉर्म रिटर्न ट्रेनों को खड़ा करने और टर्मिनेट करने की क्षमता विकसित होगी।

नए वित्तीय वर्ष में इंटरनेट सेवाओं में हो सकती है परेशानी, 100, 200, 500 रुपये के नए नोट होंगे बाजार में

नर्मदापुरम अमरीका और ईरान के बीच चल रहे तनाव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है, लेकिन भारत में करंसी पेपर बनाने वाली नर्मदापुरम स्थित प्रतिभूति कागज कारखाना (एसपीएम) ने उत्पादन बढ़ाकर स्थिति संभालने का संकेत दिया है। एसपीएम ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक करंसी पेपर तैयार किया है, जिससे जल्द ही 100, 200 और 500 रुपए के नए नोट बाजार में उपलब्ध हो सकेंगे। इससे आमजन और व्यापारियों को लेनदेन में सुविधा मिलेगी। एसपीएम देश का प्रमुख करंसी पेपर कारखाना है, जहां नोटों के लिए कागज तैयार किया जाता है। 7 मीट्रिक टन करंसी पेपर तैयार पहले भी किल्लत के समय यहां 10 और 20 रुपए के नोटों के लिए कागज तैयार किया था। अब 100, 200 और 500 रुपए के नोटों के लिए कागज का उत्पादन किया गया है। एसपीएम ने 31 मार्च 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच 7 मीट्रिक टन करंसी पेपर तैयार किया है, जबकि लक्ष्य 6 मीट्रिक टन का था। प्रबंधन और कर्मचारियों के बेहतर तालमेल से यह संभव हुआ। नए वित्तीय वर्ष के लिए उत्पादन जारी है। इंटरनेट सेवाएं प्रभावित होने की आशंका के बीच नकद लेनदेन में ये नए नोट सहायक होंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, 500 रुपए के नोट के बाद सबसे अधिक उपयोग 100 रुपए के नोट का होता है। इसके बाद 200 रुपए के नोट का स्थान आता है। इसी कारण एटीएम में 500, 100 रुपए के नोट अधिक रखे जाते हैं। अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती प्रतिभूति कागज कारखाना एसपीएम देश की महत्वपूर्ण इकाई है। इसी कारखाने ने 1000 रुपए के नोट का कागज तैयार किया था। साथ ही पासपोर्ट पेपर, स्टांप पेपर निर्माण में भी आत्मनिर्भरता का आधार बना है। प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच बेहतर तालमेल है। कारखाना हर स्थिति में काम करने में सक्षम है। वित्तीय वर्ष में लक्ष्य से अधिक 7 मीट्रिक टन करंसी पेपर का उत्पादन किया है।- संजय भवसार, उप महाप्रबंधक (पीआरओ), एसपीएम नर्मदापुरम बाजार में 500 और 100 रुपए के नोटों का सबसे अधिक उपयोग होता है। एटीएम में भी इनकी पर्याप्त उपलब्धता जरूरी है।– रमेश बाघेला, लीड बैंक मैनेजर, सेंट्रल बैंक, नर्मदापुरम बाजार में 50 फीसदी लेनदेन डिजिटल होता है, बाजार मेंनए नोट आने से आमजन और व्यापारियों को सुविधा मिलेगी।- महेंद्र चौकेसे अध्यक्ष, किराना व्यापारी संघ, नर्मदापुरम जानिए जरूर प्वॉइंट्स वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा असर एसपीएम) ने उत्पादन बढ़ाकर स्थिति संभालने का दिया संकेत जल्द ही 100, 200 और 500 रुपए के नए नोट बाजार में होंगे 7 मीट्रिक टन करंसी पेपर तैयार