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प्रदेश में एक अप्रैल से शुरू होगा स्कूल चलें हम अभियान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम, 4 अप्रैल तक चलने वाले इस अभियान में आयोजित होंगी विभिन्न गतिविधियां स्कूल शिक्षा विभाग ने अभियान की तैयारी को लेकर सभी जिलों के कलेक्टर्स व जिला शिक्षाधिकारियों को जारी किए दिशा-निर्देश भोपाल प्रदेश में नवीन शिक्षण सत्र वर्ष 2026-27 एक अप्रैल से शुरू होगा। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इसे "स्कूल चलें हम" अभियान के रूप में मनाया जाएगा। यह 4 अप्रैल तक चलेगा। अभियान में प्रदेश में 1 से 4 अप्रैल तक प्रतिदिन शालाओं में कार्यक्रम होंगे। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में सभी जिलों के कलेक्टर्स और जिला शिक्षा अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी जारी किये हैं। इस दौरान प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के नामांकन पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। प्रदेश में करीब 92 हजार सरकारी स्कूल हैं। इनमें प्रायमरी, मिडिल, हाई और हायर सैकेण्डरी स्कूल हैं। इन स्कूलों में लगभग 85 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। राज्य स्तरीय आयोजन "स्कूल चलें हम" अभियान का राज्य स्तरीय कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में होगा। कार्यक्रम के आयोजन को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा तैयारी भी शुरू कर दी गई है। जिला-शाला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम प्रदेश में जिले के प्रभारी मंत्री जिला स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम चयनित स्कूलों में होगा। कार्यक्रम में सांसद, विधायक एवं अन्य जन-प्रतिनिधि शामिल होंगे। उपस्थित छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें वितरित की जायेंगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने ऐसी व्यवस्था की है कि नये शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तकें मिल जायें। इस संबंध में विभाग द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी और मैदानी अमले को निर्देश भी जारी कर दिये गये हैं। ग्राम और बसाहट के शाला से बाहर रहे चिन्हित बच्चों का शाला में नामांकन कराया जायेगा। बच्चों के अभिभावकों का शाला स्तर पर स्वागत किया जायेगा। कक्षा 1 से 8 तक सभी शालाओं में एक अप्रैल को बालसभा का आयोजन किया जायेगा। इस दिन शालाओं में विशेष भोजन की व्यवस्था भी की गई है। भविष्य से भेंट कार्यक्रम "स्कूल चलें हम" अभियान के दूसरे दिन शालाओं में “भविष्य से भेंट’’ कार्यक्रम होगा। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध, प्रबुद्ध और सम्मानित व्यक्तियों को एक प्रेरक की भूमिका में विद्यार्थियों से भेंट के लिये आमंत्रित किया जायेगा। इसी दिन स्थानीय स्तर पर विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले खिलाड़ी, साहित्यकार, कलाकार, मीडिया, संचार मित्रों, पुलिस अधिकारी, राज्य शासन के अधिकारी को विशेष रूप से आमंत्रित किया जायेगा। आमंत्रित अतिथि उपस्थित बच्चों को पढ़ाई के महत्व और प्रेरणादायी कहानियां सुनाएंगे। इस दौरान सामाजिक संस्था एवं आमंत्रित व्यक्ति स्वेच्छा से विद्यार्थियों को शाला उपयोगी वस्तुएं भेंट कर सकेंगे। जिला कलेक्टर को जिले के प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को किसी एक शाला में जाकर एक कालखण्ड में बच्चों के साथ संवाद करने के लिये संवाद करने के भी निर्देश दिये गये हैं। सांस्कृतिक एवं खेल-कूद गतिविधियाँ "स्कूल चलें हम" अभियान के अंतर्गत 3 अप्रैल को शाला स्तर पर पालकों के साथ सांस्कृतिक एवं खेल-कूद की गतिविधियां आयोजित की जायेंगी। इसका उद्देश्य पालकों का विद्यालय से जोड़ना है। इसी दिन शाला में उपस्थित पालकों को शैक्षणिक स्टॉफ द्वारा राज्य सरकार की स्कूल शिक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जायेगी। पिछले शैक्षणिक सत्र में जिन विद्यार्थियों की 85 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति रही है, उनके पालकों को सभा में सम्मानित किया जायेगा। हार के आगे जीत "स्कूल चलें हम" अभियान के अंतर्गत 4 अप्रैल को ऐसे छात्रों को चिन्हित किया जायेगा, जो किन्हीं वजहों से कक्षोन्नति प्राप्त करने में असफल हो गये हैं। पालकों को इन बच्चों की आगे की पढ़ाई के लिये समझाइश दी जायेगी। उन्हें बताया जायेगा कि असफल होने के बाद भी लगातार प्रयास से अच्छा भविष्य तैयार किया जा सकता है। इसी दिन शाला प्रबंधन और विकास समिति की बैठक भी होगी। बैठक में नये शैक्षणिक सत्र में ऐसे बच्चों पर विशेष रूप से चर्चा की जायेगी, जिनका शालाओं में नामांकन नहीं हो पाया है। समिति के सदस्य अपने विद्यालयों में शत-प्रतिशत बच्चों के नामांकन की कोशिश करेंगे और वार्षिक कार्य-योजना बनाकर उसके क्रियान्वयन पर चर्चा करेंगे।  

पुरानी नलकूप सेवाओं को बंद कर नवीन जल प्रदाय प्रणाली से जुड़ें नगरीय निकाय : प्रबंध संचालक श्री भोंडवे

जल प्रदाय और सीवरेज परियोजनाओं की समीक्षा बैठक भोपाल नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा प्रदेश के विभिन्न अंचलों में संचालित विकास परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए आयुक्त सह प्रबंध संचालक श्री संकेत भोंडवे ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। होटल पलाश में योजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में श्री भोंडवे  ने 46 नगरों की जल प्रदाय योजनाओं और 3 नगरों की सीवरेज परियोजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति का सूक्ष्म विश्लेषण किया। श्री भोंडवे ने निर्देशित किया कि जिन नगरीय निकायों में नवीन जल प्रदाय व्यवस्था सुचारू रूप से प्रारंभ हो चुकी है, वहां पुराने नलकूपों (ट्यूबवेल) को तत्काल बंद किया जाए, जिससे भू-जल का संरक्षण सुनिश्चित हो सके। प्रबंध संचालक श्री भोंडवे ने स्मार्ट मीटरिंग और पर्यावरण संरक्षण पर  आधुनिक तकनीक के समावेश पर  कहा कि जल प्रबंधन में पारदर्शिता लाने के लिए लगाए जा रहे जल मीटरों में न्यूनतम 5 प्रतिशत 'स्मार्ट मीटर' स्थापित करना अनिवार्य होगा। उन्होंने जल शोधन संयंत्रों (WTP) और मलजल शोधन संयंत्रों (STP) के परिसर को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। श्री भोंडवे ने "माय लाइफ" (My Life) पोर्टल का उल्लेख करते हुए कहा कि आगामी मानसून के दौरान इन संयंत्रों के समीप सघन वृक्षारोपण किया जाए और इसकी शत-प्रतिशत प्रविष्टि पोर्टल पर सुनिश्चित की जाए। सुरक्षा मानकों और सुदृढ़ अधोसंरचना का संकल्प निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को सर्वोपरि बताते हुए श्री भोंडवे ने पाइपलाइन बिछाने के उपरांत किए जाने वाले 'रोड रेस्टोरेशन' (सड़क बहाली) के कार्यों पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बहाली के कार्य में गुणवत्ता की कमी पाई गई, तो संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने परियोजना प्रबंधकों को निर्देशित किया कि वे मुख्य नगर पालिका अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित करें। निर्माण स्थलों पर श्रमिकों की सुरक्षा, बैरिकेडिंग और यातायात डायवर्जन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करना अनिवार्य है। सामुदायिक सहभागिता और नियमित मॉनिटरिंग अतिरिक्त प्रबंध संचालक श्री दिव्यांक सिंह ने बैठक में परियोजनाओं की सफलता के लिए सामुदायिक गतिविधियों के विस्तार की आवश्यकता प्रतिपादित की। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं से जन-सामान्य को जोड़ने के लिए मुख्यालय स्तर पर एक प्रभावी पुनर्नीति तैयार की जानी चाहिए। मुख्य अभियंता श्री शैलेन्द्र शुक्ला ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। इस अवसर पर प्रमुख अभियंता श्री आनंद सिंह, विभिन्न जिलों के परियोजना प्रबंधक, परामर्शदाता फर्मों के विशेषज्ञ और संविदाकार संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन 10 और 15 अप्रैल से

वैश्विक हालातों के बीच कैबिनेट समिति ने की तैयारियों की समीक्षा भोपाल मध्यप्रदेश सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं की खरीदी को लेकर व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस संबंध में सोमवार को कैबिनेट समिति की एक उच्च स्तरीय बैठक वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से आयोजित की गई, जिसमें राज्य में गेहूँ उपार्जन व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि कैबिनेट समिति ने निर्णय लिया है कि इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और भोपाल संभाग में गेहूँ की खरीदी का कार्य 10 अप्रैल 2026 से प्रारंभ किया जाएगा। प्रदेश के शेष संभागों में उपार्जन कार्य 15 अप्रैल 2026 से शुरू होगा। सरकार ने सभी संबंधित विभागों को आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसमें खरीदी केंद्रों की स्थापना, भंडारण क्षमता, परिवहन व्यवस्था और भुगतान प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाना शामिल है। खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि बैठक में वैश्विक परिदृश्य, विशेष रूप से मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए खाद्यान्न आपूर्ति एवं भंडारण व्यवस्था पर विशेष चर्चा की गई। समिति ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों से गेहूँ खरीदी की प्रक्रिया को सुचारु, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संचालित किया जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर प्राप्त हो और भुगतान प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो। इसके लिए डिजिटल भुगतान प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने तथा निगरानी तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। बैठक में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, परिवहन एवं स्‍कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत तथा पशुपालन एवं डेयरी विभाग के स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री लखन पटेल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि समय पर और व्यवस्थित गेहूँ खरीदी से न केवल किसानों को लाभ मिलेगा, बल्कि प्रदेश में खाद्यान्न प्रबंधन भी सुदृढ़ होगा। इसके साथ ही, बदलते वैश्विक हालातों के बीच यह कदम राज्य की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव खाद्य श्रीमती रश्मि अरुण शमी, आयुक्त खाद्य कर्मवीर शर्मा और नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध संचालक अनुराग वर्मा भी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डिजिटल गवर्नेंस में मध्यप्रदेश को देश में दूसरा स्थान मिलने पर दी बधाई

सुशासन और जनहितैषी नीतियों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को मिली राष्ट्रीय मान्यता भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डिजिटल गवर्नेंस में मध्यप्रदेश के देश में दूसरा स्थान प्राप्त करने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे सद्प्रयासों को अब राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल रही है। यह उपलब्धि सुशासन, पारदर्शिता, जनहितैषी और नागरिक-केंद्रित नीतियों के प्रति हमारी सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस में मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सेवा वितरण मूल्यांकन के मानकों के अनुसार यह महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ने 1,752 ई-सेवाओं के साथ डिजिटल सेवाएं प्रदान करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल होकर पूरे देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह बेहद गर्व का विषय है कि प्रदेश में 59 अनिवार्य सेवाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है।  

जल संसाधन मंत्री सिलावट का बयान: प्रदेश में जल संवर्धन और जल संरक्षण के कार्यों को बढ़ाएं

प्रदेश में अधिक से अधिक हों जल संवर्धन और जल संरक्षण के कार्य : जल संसाधन मंत्री सिलावट जल गंगा संवर्धन अभियान संबंधी ली बैठक भोपाल जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत प्रदेश के गांव-गांव, नगर-नगर में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन संबंधी कार्य कराए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारी समाज के सभी वर्गों एवं आमजन के सहयोग से अपने-अपने क्षेत्र में वृहत रूप से जल संरक्षण और संवर्धन के कार्य कराएं और इस अभियान को पूरी तरह सफल बनाएं। प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान गत 19 मार्च से चलाया जा रहा है जो तीन माह तक चलेगा। जल संसाधन मंत्री सिलावट ने सोमवार को अपने निवास कार्यालय में जल गंगा संवर्धन अभियान संबंधी बैठक लेकर अभियान के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा की एवं आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव, जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा, अधीक्षण यंत्री पुष्पेन्द्र सिंह, श्रीमती हर्षा जैनवाल एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री सिलावट ने निर्देश दिए कि अभियान के अंतर्गत आगामी दिनों में कराए जाने वाले कार्यों की कछारवार विस्तृत रूप रेखा तैयार कर आगामी 3 दिवस में प्रस्तुत की जाए। अभियान के सम्बन्ध में समय-समय पर विभाग द्वारा जारी विस्तृत दिशा निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बैठक मैं बताया गया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जल संसाधन विभाग द्वारा मुख्य रूप से जल संग्रहण स्रोतों के रख-रखाव एवं मरम्मत के अनुरूप अपूर्ण कार्यां को पूर्ण करना, निर्मित तालाब की पाल पर मिट्टी के कटाव अथवा अतिवर्षा से क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में पुनः निर्माण किये जाने, तालाबों की पिचिंग, बोल्डर टो तथा घाट आदि के मरम्मत का कार्य, जल संरचनाओं के किनारों पर अतिक्रमण को रोकना, संपूर्ण नहर प्रणाली में घास, झाडी, छोटे पेड पोधे आदि की सफाई का कार्य एवं वृक्षारोपण, शहरी आबादी क्षेत्रों में प्रमुख नहरों का चिन्हाकंन व सीमांकन का कार्य, स्टाप डेम बैराज-वीयर के गेट इत्यादि की मरम्मत, बांध के फ्लस बार स्लूज बेल की मरम्मत तथा सफाई का कार्य, केचमेंट एरिया में अवरोध का चिन्हांकन कर उसे हटाना तथा अन्य आवश्यक तकनीकी कार्य आदि कराए जा रहे हैं। अधिकारियों को सभी कार्यों को पूर्ण गुणवत्ता के साथ कराए जाने के निर्देश दिए गए।  

अग्रवाल महासभा की सक्रिय महिला प्रदेश अध्यक्ष ने पद से दिया इस्तीफा

भोपाल.  मध्य प्रदेश अग्रवाल महिला महासभा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रश्मि अग्रवाल ने आज अपने पद से स्वेच्छा से इस्तीफा दे दिया है। यह निर्णय उन्होंने संगठन की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता एवं नियमावली के अनुपालन को लेकर लंबे समय से उत्पन्न हो रही गंभीर चिंताओं के मद्देनज़र लिया है। डॉ. अग्रवाल ने अपने वक्तव्य में कहा कि विगत एक वर्ष के दौरान उन्हें महासभा से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण जानकारियाँ अन्य सदस्यों के माध्यम से प्राप्त हुईं, जिनसे यह स्पष्ट हुआ कि संगठन में कई नियुक्तियाँ नियमावली के विरुद्ध की जा रही हैं। साथ ही, समय-समय पर आवश्यक बैठकों का एवं वार्षिक साधारण सभा आयोजन न होना एवं पदाधिकारियों को संगठन की आर्थिक गतिविधियों की जानकारी न दिया जाना अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सूचना के अधिकार के अंतर्गत प्राप्त जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश अग्रवाल महासभा द्वारा वर्ष 2013-14 के पश्चात रजिस्टर फॉर्ब और समिति कार्यालय भोपाल मध्य प्रदेश में धारा 27, 28 एवं 29 से संबंधित आवश्यक अभिलेख एवं सदस्यता सूची प्रस्तुत नहीं की गई है। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2022 एवं 2025 में संपन्न हुए चुनावों की भी कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि नियमानुसार यदि कोई संस्था तीन वर्षों तक धारा 27, 28 एवं 29 के अंतर्गत आवश्यक विवरण प्रस्तुत नहीं करती, तो उसे स्वतः निष्क्रिय माना जाता है। इन तथ्यों से वे गहरे रूप से आहत हुई हैं तथा उनकी भावनाओं को ठेस पहुँची है। इन्हीं परिस्थितियों से व्यथित होकर उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। उनके साथ लगभग 50 पदाधिकारियों ने भी स्वेच्छा से अपने पदों से त्यागपत्र प्रस्तुत किया है। डॉ. अग्रवाल ने आशा व्यक्त की कि भविष्य में संगठन पारदर्शिता, नियमों के पालन एवं सदस्यों के विश्वास को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करेगा।

CM यादव बोले: MSME इकाइयां औद्योगिक गतिविधियों का केंद्र और लाखों परिवारों का स्वावलंबन

एमएसएमई इकाइयां औद्योगिक गतिविधियों का प्रभावी केन्द्र और लाखों परिवारों के स्वावलंबन का हैं आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य सरकार प्रदेश के उद्यमियों को प्रोत्साहित करने उपलब्ध करा रही है सहयोग और मार्गदर्शन देश-दुनिया के सभी निवेशकों के लिए खुले हैं प्रदेश के दरवाजे देश के प्रमुख स्टार्टअप राज्य के रूप में स्थापित हो रहा है मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की एमएसएमई इकाइयों को 169 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित स्टार्टअप को अनुदान और उद्यमियों को प्रदान किए भू-आवंटन पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मंत्री काश्यप ने भेंट किया लघु उद्योग निगम के 8 करोड़ रूपए के अंतरिम लाभांश का चैक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, देश के सर्वाधिक सशक्त, आर्थिक रूप से सुदृढ़ और बेहतर वित्तीय प्रबंधन वाले प्रथम तीन राज्यों में से एक है। राज्य सरकार प्रदेश के उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए हरसंभव सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध करा रही है। देश-दुनिया के सभी निवेशकों के लिए प्रदेश के दरवाजे खुले हैं। हम उद्योग मित्र नीतियों और सहयोग की भावना के साथ उनके स्वागत के लिए तत्पर हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश भारतीय अर्थव्यवस्था में उद्योग हो या कृषि हर क्षेत्र में योगदान के लिए निरंतर सक्रिय है। एमएसएमई इकाइयां औद्योगिक गतिविधियों का प्रभावी केन्द्र होने के साथ लाखों परिवारों के स्वावलंबन का आधार भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को समर्थ एमएसएमई विकसित मध्यप्रदेश की थीम पर मुख्यमंत्री निवास में 257 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को उनके खाते में 169.57 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि सिंगल क्लिक से जारी कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टार्टअप को लगभग 28 लाख से अधिक की अनुदान राशि की प्रथम किश्त भी जारी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने लघु उद्योग निगम की ओर से 8 करोड़ रूपए के अंतरिम लाभांश का चैक भेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैतूल और आगर-मालवा के तीन उद्यमियों को औद्योगिक भूमि के लिए आवंटन-पत्र प्रदान किए और मुख्यमत्री उद्यम क्रांति योजना अंतर्गत हितलाभ वितरण भी किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का आयोजन महावीर जयंती के शुभ अवसर पर हो रहा है। यह भगवान महावीर के जनकल्याण और शुचिता के सिद्धांतों को साकार करने का भी प्रतीक है। प्रदेश में उद्योग-व्यापार गतिविधि और उद्यमिता प्रोत्साहित करने के लिए व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और गति सुनिश्चित करते हुए निरंतर नवाचार जारी हैं। राज्य सरकार उद्यमियों को लिए पूंजी, भूमि और व्यवस्थाओं में सरलता कर, उनकी प्रगति की राह को आसान बना रही है। विभाग द्वारा बड़ी राशि का सिंगल क्लिक से सीधे अंतरण व्यवस्था में सुगमता और स्पष्टता का परिचायक है। पूरे देश में मार्च क्लोजिंग का वातावरण है, ऐसे में राज्य सरकार द्वारा एमएसएमई इकाइयों और उद्यमियों को राशि और सुविधा उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह प्रदेश में नए संकल्पों के साथ नया वित्तीय वर्ष आरंभ करने का भी प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में ही भारत स्वयं को सुरक्षित महसूस करते हुए प्रगति पथ पर अग्रसर है। युद्ध के दोनों पक्ष भारत का सहयोग कर रहे हैं, यह प्रधानमंत्री मोदी की कुशल नीतियों से ही संभव है। जहां एक ओर विश्व के कई देशों में पेट्रोल-डीजल, गैस की उपलब्धता प्रभावित हो रही है, वहीं हमारे देश में प्रधानमंत्री मोदी ने इनके मूल्यों पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ने दिया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत समर्थ भी है और सक्षम भी। सभी क्षेत्रों में हो रही है प्रगति : मंत्री काश्यप सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनता के बीच सक्रिय होने के साथ प्रशासनिक दृष्टि से भी निरंतर गतिशील हैं। उनके व्यापक और स्पष्ट दृष्टिकोण के परिणाम स्वरूप प्रदेश उद्योग-व्यापार, कृषि, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने सहित सभी क्षेत्रों में प्रगति कर रहा है। प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में विभाग में डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्थाएं स्थापित की गई हैं। जिसके परिणामस्वरूप भूमि आवंटन प्रक्रिया को गति मिली है। प्रदेश के 25 औद्योगिक क्षेत्रों में विकास कार्य जारी हैं, साथ ही 6 नए औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित किए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में 7100 से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश, देश के प्रमुख स्टार्टअप राज्य के रूप में स्थापित हो रहा है। कार्यक्रम में एमएसएमई इकाई के संचालक, उद्यमी और बड़ी संख्या में स्टार्ट-अप्स मौजूद रहे।  

उमरिया खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने हेतु किसानों को विभिन्न आधुनिक कृषि यंत्रों पर सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकें। इसी क्रम में कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने ‘संकल्प से समाधान’ शिविर के दौरान ग्राम अमदरा निवासी किसान देवेंद्र महरा को ई-कृषि यंत्र सुपर सीडर की चाबी सौंपी। चाबी प्राप्त कर देवेंद्र महरा ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि उन्होंने पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया था। उन्होंने बताया कि सुपर सीडर सहित कुल 11 कृषि यंत्रों का पैकेज लगभग 22 लाख 90 हजार रुपये का है, जिस पर शासन द्वारा 9 लाख 12 हजार रुपये की सब्सिडी प्रदान की गई है। इस पैकेज में ट्रैक्टर, कल्टीवेटर, सुपर सीडर, थ्रेसर, रोटावेटर, रिपर एवं पावर वीडर सहित अन्य उपकरण शामिल हैं। देवेंद्र महरा ने बताया कि उन्होंने गांव में कस्टम हायरिंग सेंटर भी स्थापित किया है, जिसके माध्यम से अन्य किसानों को भी ये यंत्र किराये पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे किसानों को कम लागत में आधुनिक तकनीक का लाभ मिल रहा है और उत्पादन में वृद्धि हो रही है। उन्होंने इस योजना के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन एवं कृषि विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले- राजनीति में विनम्रता, मर्यादा और अनुशासन होना चाहिए

राजनीति में विनम्रता, मर्यादा और अनुशासन आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से राजनीति में आने वालों से लोकतांत्रिक मूल्य और व्यवस्थाएं होती हैं प्रभावित जनप्रतिनिधि का संवेदनशील, अध्ययनशील, तनाव प्रबंधन में दक्ष और जनहित के लिए समर्पित होना आवश्यक लोकतंत्र, भारतीय राजनैतिक व्यवस्था का नैसर्गिक गुण लोकतंत्र को सशक्त बनाने में युवा विधायकों की भूमिका महत्वपूर्ण : विधानसभा अध्यक्ष तोमर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवा विधायकों के दो दिवसीय सम्मेलन का किया शुभारंभ मध्यप्रदेश सहित राजस्थान और छत्तीसगढ़ के युवा विधायक हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राजनीति में विनम्रता, मर्यादा और अनुशासन आवश्यक है। वे ही इस क्षेत्र में सक्रिय और सफल हो सकते हैं, जिनमें जनसेवा और जनकल्याण की भावना हो। व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से राजनीति में आने वाले लोगों के कारण लोकतांत्रिक मूल्यों और व्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। जनप्रतिनिधियों के लिए जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील होना, अध्ययनशील होना, तनाव प्रबंधन में दक्ष होना और जनहित के लिए पूर्ण समर्पण से कार्य करना आवश्यक है। कोई समस्या आने पर जनप्रतिनिधि का व्यवहार और समस्या निराकरण के लिए उनका प्रबंधन कौशल, उनके व्यक्तित्व को दर्शाता है। सकारात्मक और समाज हित की गतिविधियों और विकास कार्यों के लिए हमें दलगत मतभेदों से ऊपर उठकर सोचना और कार्य करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मध्यप्रदेश विधानसभा में आयोजित युवा विधायकों के दो दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। विधानसभा के विधान परिषद हाल में हुआ कार्यक्रम वंदे मातरम के गान के साथ आरंभ हुआ। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार विशेष रूप से उपस्थित थे। सम्मेलन में राष्ट्रकुल संसदीय संघ (भारत क्षेत्र 6) के तीन राज्यों मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा राजस्थान के 45 वर्ष आयु तक के विधायक सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह मानना कि लोकतंत्र के विचार की उत्पत्ति पश्चिम से हुई थी, पूर्णत: सत्य नहीं है। लोकतंत्र, भारतीय राजनैतिक व्यवस्था का नैसर्गिक गुण है। भारतीय व्यवस्थाओं में सदैव से ही मत भिन्नता को सम्मान दिया गया है, राजनैतिक और धार्मिक व्यवस्थाओं में शास्त्रार्थ की परम्परा प्राचीन समय से रही है। भारत में विचारों की अभिव्यक्ति को सभी क्षेत्रों में सम्मान और महत्व प्रदान किया गया। भारत में ऐतिहासिक रूप से जुड़े लोकतंत्र के संस्कारों और मूल्यों का ही परिणाम है कि अंग्रेजों के जाने के बाद भी देश में लोकतंत्र पर आधारित व्यवस्थाएं सुगमता से संचालित होती रहीं। जबकि अन्य पड़ोसी देशों का हाल सबके सामने है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवा विधायकों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें हर स्थिति में सम भाव से रहने की प्रेरणा मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम से लेना चाहिए। जब उन्हें राजपाट सौंपा जाना था, तब उन्हें वनवास दे दिया गया। परंतु उन्होंने दोनों स्थितियों को समभाव से लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य सहित कई भारतीय शासकों के इतिहास से ज्ञात होता है कि उन्होंने कभी अपनी अगली पीढ़ी को राज सत्ता सौंपने का उपक्रम नहीं किया। राज्य के प्रबंधन में लगे लोगों ने ही उनके बाद व्यवस्थाएं संभाली। ऐसे महान शासकों का मानना था कि यदि अगली पीढ़ी में नेतृत्व क्षमता और राज सत्ता के प्रबंधन की दक्षता होगी, तो वे स्वयं इस दिशा में सक्रिय होंगे। इन भारतीय मूल्यों और परम्पराओं का वर्तमान में भी पालन होना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों और सत्ता से जुड़े लोगों का अपने परिवार को समय देना और उन्हें अच्छे संस्कार देना भी आवश्यक है। अच्छे संस्कारों के अभाव में अगली पीढ़ी द्वारा यश प्रभावित करने की संभावना बनी रहती है। जनप्रतिनिधियों को इस ओर से विशेष रूप से संवेदनशील और सतर्क रहना चाहिए। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में युवा जनप्रतिनिधियों की अहम जिम्मेदारी मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने में युवाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र किसी एक व्यक्ति, समुदाय या क्षेत्र की व्यवस्था नहीं, बल्कि नागरिकों की स्वतंत्रता, न्याय, समानता और बंधुता पर आधारित एक व्यापक व्यवस्था है। भारत का लोकतंत्र नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही मजबूत होता है। उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के 25 नवंबर 1949 के संविधान सभा के वक्तव्य का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसे लागू करने वाले लोग कितने प्रतिबद्ध और नैतिक हैं। तोमर ने कहा कि युवा विधायक लोकतंत्र में नागरिकों और शासन के बीच सेतु की भूमिका निभाते हैं। उनकी नई ऊर्जा, आधुनिक सोच और नवाचार की क्षमता शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक बदलाव ला सकती है। उन्होंने कहा कि युवा जनप्रतिनिधि सामाजिक कुरीतियों जैसे जातिवाद, नशाखोरी और लैंगिक भेदभाव के विरुद्ध समाज को जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उस सोच का उल्लेख किया जिसमें राजनीति में नई ऊर्जा और पारदर्शिता लाने के लिए बड़ी संख्या में युवाओं को राजनीति में आने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने के लिए चुनाव कानून (संशोधन) अधिनियम 2021 के माध्यम से मतदाता पंजीयन की प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाया गया है। तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा ने भी लोकतांत्रिक भागीदारी को बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। पहली बार निर्वाचित विधायकों की शून्यकाल सूचनाओं को प्राथमिकता देने तथा प्रश्नकाल से जुड़े उत्तरों की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने जैसे कदम लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाए गए हैं। उन्होंने युवा विधायकों से आह्वान किया कि वे संसदीय परंपराओं, नियमों और प्रक्रियाओं का गंभीर अध्ययन करें, सदन की कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी निभाएं तथा वरिष्ठ सदस्यों से मार्गदर्शन लेकर अपने ज्ञान और अनुभव को समृद्ध बनाएं। उन्होंने कहा कि अतीत के अनुभव और भविष्य की योजनाओं के बीच वर्तमान का सशक्त पुल युवा नेतृत्व ही बन सकता है। विधानसभा अध्यक्ष ने विश्वास व्यक्त किया कि युवा विधायक सम्मेलन में होने वाले विचार-विमर्श और संवाद लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करेंगे तथा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में नई ऊर्जा प्रदान करेंगे। जनता और … Read more

MP में 5 दिन आंधी-बारिश का मौसम, ग्वालियर-चंबल में ओले और भोपाल-जबलपुर में बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में मार्च के आखिरी दिनों में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। प्रदेश में सक्रिय हुए नए मौसम सिस्टम के चलते अब अगले 4 से 5 दिनों तक आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि का दौर बना रहेगा। रविवार को ग्वालियर सहित कई इलाकों में बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई, वहीं सोमवार से इसका असर और तेज होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के साथ-साथ पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से यह स्थिति बनी है. मौसम विभाग ने आज 30 मार्च से 2 अप्रैल तक पूरे प्रदेश के लिए अलर्ट जारी किया है. इस दौरान इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा समेत लगभग सभी संभागों में मौसम बदला रहेगा. हालांकि, इस आंधी-बारिश से लोगों को तपती गर्मी से राहत जरूर मिलेगी और दिन के तापमान में बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी. भट्टी की तरह तप रहें कई जिले पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश के कई शहर भट्टी की तरह तप रहे हैं. मंडला में रविवार को पारा सबसे ज्यादा 39.8 डिग्री दर्ज किया गया. जबकि नौगांव में 39 डिग्री और दतिया में पारा 38.4 डिग्री तक पहुँच गया. इसी तरह नर्मदापुरम में 38.3°, खरगोन-सतना में 38.2°, और खंडवा में 38.1° के साथ भीषण गर्मी का असर रहा. दिन में गर्मी से राहत मिलेगी आंधी-बारिश का दौर रहने की वजह से दिन के तापमान में गिरावट होगी। वर्तमान में अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान 38 डिग्री या इससे अधिक है। रविवार को मंडला में पारा सबसे ज्यादा 39.8 डिग्री रहा। मंडला, नौगांव में 39 डिग्री, दतिया में 38.4 डिग्री, नर्मदापुरम में 38.3 डिग्री, खरगोन-सतना में 38.2 डिग्री, खंडवा में 38.1 डिग्री, सिवनी, गुना-उमरिया में 38 डिग्री, टीकमगढ़ में 37.8 डिग्री, रतलाम-दमोह में 37.6 डिग्री, मलाजखंड में 37.5 डिग्री, रीवा, नरसिंहपुर-रायसेन में 37.4 डिग्री और छिंदवाड़ा में 37.2 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में 37.5 डिग्री, भोपाल में 36.6 डिग्री, इंदौर में 35.8 डिग्री, ग्वालियर में 38.2 डिग्री और उज्जैन में पारा 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मार्च में चौथी बार बदला मौसम मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। दूसरे पखवाड़े में बारिश शुरू हो गई। एक दौर लगातार 4 दिन तक रहा। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं, 17 जिलों में ओले भी गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुई हैं। अब तीसरा दौर 26-27 मार्च को रहा। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश हुई। सतना के चित्रकूट में आंधी चलने और बारिश होने की वजह से दीप सज्जा के कार्यक्रम पर असर पड़ा था। चौथी बार रविवार से मौसम ने फिर करवट बदली है। यह सिस्टम अप्रैल के पहले सप्ताह में भी असर दिखाएगा। फरवरी में 4 बार ओले गिरे इस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। 30 मार्च को कहां कहां होगी बारिश? प्रदेश में आज दतिया-भिंड में ओले का अलर्ट है.ग्वालियर, भोपाल, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, विदिशा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, जबलपुर, दमोह, कटनी, पन्ना, सतना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, गुना और अशोकनगर में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं. 31 मार्च को भीगेंगे एमपी के ये जिले ग्वालियर, जबलपुर, भोपाल, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, देवास, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, दमोह, कटनी, उमरिया, शहडोल, सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, रीवा, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी. 1 अप्रैल को आंधी-बारिश का अलर्ट भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, आगर-मालवा, शाजापुर, सीहोर, हरदा, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर में आंधी, बारिश का अलर्ट है. इस तरह रहा बड़े शहरों अधिकतम तापमान  भोपाल में 36.6°C इंदौर में 35.8°C जबलपुर में 37.5°C ग्वालियर में 38.2°C उज्जैन में 36.4°C बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान भोपाल में  22.2°C इंदौर में 22.4°C जबलपुर में 20.4°C ग्वालियर में 21.6°C उज्जैन में 22.0°C